Lokesh Sharma | Editor
Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर रामानुजगंज जिले के अंतर्गत दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.69 करोड़ की राशि स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यो में विकासखण्ड-रामचंद्रपुर की रामानुजगंज शहर के कन्हर एनीकट के जीर्णोद्धार व घाट निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 11 लाख 87 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। योजना के निर्माण से भू-जल संवर्धन निस्तारी एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसी तरह से विकासखण्ड-रामचंद्रपुर की गिरवानी नदी एनीकट योजना के निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 57 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना से जल संवर्धन निस्तारी, पेयजल एवं आवागमन के साथ किसानों द्वारा स्वयं के साधनो से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों को कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई हैं।
जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
त्री की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता
राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की होगी स्थापना
प्रदेश में नवाचार, स्टार्ट-अप और कौशल आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का अष्टम सत्र सोमवार 23 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक आयोजित है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने विधानसभा प्रश्नों, ध्यानाकर्षण सूचनाओं, स्थगन प्रस्तावों की जानकारी समय-सीमा में भेजने के लिए अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों को बिना पूर्व अनुमति के अवकाश एवं मुख्यालय से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए है।
सभी कार्यालय एवं जिला प्रमुखों को अपने कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर, उनके नाम, पदनाम, दूरभाष नंबर एवं मोबाईल नंबर की जानकारी कार्यालय कलेक्टर राजनांदगांव को तत्काल प्रेषित करने कहा गया है। कार्यालयीन दिवसों के अतिरिक्त अवकाश के दिनों में कार्यालय में पर्याप्त लिपिक एवं भृत्य की ड्यूटी लगाने कहा गया है।
राजनांदगांव । राजनांदगांव नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक-3 मोतीपुर में निवासरत मधु वर्मा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस दिखाया। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो बेटियों के पालन-पोषण के लिए वे एक निजी स्कूल में रसोइये के रूप में कार्य करते हुए परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। किराए के मकान में रहने के दौरान आर्थिक तंगी उनके जीवन का हिस्सा रही। मधु बताती हैं कि स्कूल में छुट्टी के दिनों में आय कम हो जाती थी, जिससे किराया देने की चिंता बनी रहती थी।
उन्हें हमेशा यह डर बना रहता था कि कहीं समय पर किराया न देने पर मकान मालिक घर खाली करने के लिए न कह दे। ऐसे हालात में वे अक्सर अपने सपनों के घर की कल्पना ही कर पाती थीं। इस बीच उनकी बड़ी बेटी सुजाता एक निजी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत हुई। मां-बेटी ने मिलकर थोड़े-थोड़े पैसे बचाए और एक छोटा सा भूखंड खरीदा। मधु वर्मा ने बताया कि जमीन लेने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवेदन किया। कुछ ही दिनों में उनके आवास निर्माण की स्वीकृति मिल गई।
स्वीकृति मिलने के बाद पूरे परिवार ने उत्साह के साथ अपने सपनों का घर बनाने की शुरूआत की। वास्तुविद के कुशल मार्गदर्शन में जल्द ही एक सुंदर, सर्वसुविधायुक्त और आकर्षक घर का निर्माण पूरा हो गया। आज मधु वर्मा ने बताया कि वे टाइल्स से सजे अपने पक्के घर में रहते हुए गर्व और संतोष का अनुभव करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। अपने सपनों का घर मिलने पर वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।
राजनांदगांव । मछली पालन विभाग द्वारा नगर पालिक निगम राजनांदगांव अंतर्गत आने वाले पुष्पवाटिका में नवनिर्मित फिश एक्वेरियम भवन के संचालन के लिए 16 फरवरी 2026 दोपहर 2 बजे तक रूचि की अभिव्यक्ति अंतर्गत निर्धारित प्रारूप में मुहरबंद आवेदन आमंत्रित किया गया है। फिश एक्वेरियम भवन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराना एवं अपने घरों में एक्वेरियम टैंक स्थापित करना तथा मछली पालन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
फिश एक्वेरियम भवन के संचालन के लिए इच्छुक प्रतिष्ठित, अनुभवी एवं वित्तीय रूप से सक्षम एजेंसी, संस्थान, किसान उत्पादक संगठन, फर्म, कंपनी, व्यक्ति निर्धारित नियम एवं शर्तों के अधीन निर्धारित तिथि तक आवेदन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हंै। अभिरूचि प्रस्ताव को 16 फरवरी 2026 को ही दोपहर 3 बजे आवेदनकर्ताओं के समक्ष कार्यालय परिसर में खोला जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय सहायक संचालक मछली पालन राजनांदगांव के सूचना पटल का अवलोकन कर सकते हंै।
राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। खनि अधिकारी सुश्री ज्योति मिश्रा ने बताया कि खनिज विभाग की टीम ने जांच के दौरान अवैध खनिज परिवहन करने पर 7 प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। खनिज विभाग द्वारा ग्राम सुरगी में मरूम के अवैध खनन एवं परिवहन करते हुए जेसीबी सीजी 08 ए एम 2117 और हाईवा सीजी 08 बीएफ 1708 जप्त किया गया। इसी तरह ग्राम भंवरमरा आक्सीजोन में अवैध रेत परिवहन करते हुए ट्रेक्टर सोल्ड स्वराज और ट्रैक्टर इंजन लोडर क्रमांक सीजी 24 पी 7496 जप्त किया गया। ग्राम पारागांवकला में अवैध रेत परिवहन करते हुए ट्रैक्टर सोल्ड मैसी और ट्रैक्टर सोल्ड स्वराज राफटर सहित जप्त किया गया। जप्त वाहनों को संबंधित क्षेत्र के थानों में कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया गया है।
राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर राजनांदगांव में केस वर्कर के 1 पद एवं बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के 1 पद पर सेवा प्रदाताओं की पदपूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। इच्छुक एवं योग्य आवेदक 10 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव पिन कोड 491441 में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
राजनांदगांव । केन्द्र सरकार की रैंप योजना अंतर्गत बुनकर केन्द्र लखोली में हथकरघा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों हेतु सेक्टर स्पेसिफिक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार तथा राज्य शासन की उद्यमिता प्रोत्साहन पहल के तहत सीएसआईडीसी रायपुर के मार्गदर्शन में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 महिला उद्यमी शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं चुनौतियों की जानकारी ली गई। इसके पश्चात मास्टर ट्रेनर द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन के माध्यम से संस्थागत ढांचे, अनुभवों एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। दूसरे दिन केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी प्रावधानों, ईडीपी प्रशिक्षण, कौशल विकास, मार्केटिंग रणनीतियों तथा उद्यम पंजीयन की आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस आयात-निर्यात की रणनीति, विभागीय समन्वय तथा भविष्य की मांगों के अनुरूप साड़ी, सूट, कुर्ता, सहित अन्य रेडीमेड वस्त्रों के निर्माण पर केंद्रित रहा। जिससे बुनकरों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सके।
इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के प्रबंधक प्रणय बघेल ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ, ऋण प्रणाली, सब्सिडी, वर्किंग कैपिटल एवं प्रस्तुति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। पूर्व संचालित ईडीपी लीप बैच के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पारूल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक लोकेश सिन्हा एवं तुषार साहू की सक्रिय भूमिका रही। समापन अवसर पर चॉइस कंसलेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई मुस्लिम व्यक्ति अपनी संपत्ति का एक तिहाई से अधिक हिस्सा वसीयत के जरिए किसी को नहीं दे सकता। जब तक कि बाकी वैध वारिस अपनी सहमति न दें। हाईकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम कानून में वारिसों के अधिकारों की सुरक्षा एक मूल सिद्धांत है। यह फैसला कोरबा जिले से जुड़े एक मामले में आया है। जहां एक विधवा को उसके पति की संपत्ति में हिस्सा देने से निचली अदालतों ने इनकार कर दिया था।
दरअसल, 64 साल की जैबुननिशा ने अपने पति अब्दुल सत्तार लोधिया की जायदाद पर हक मांगते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी। उन्होंने कोरबा के द्वितीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने उनके केस को 2015 और 2016 में खारिज कर दिया था। जैबुननिशा के पति की 2004 में मौत हो गई थी। जिसके बाद भतीजे मोहम्मद सिकंदर ने एक वसीयत पेश की, जिसमें दावा किया गया कि सारी जायदाद उसे मिलेगी। सिकंदर ने खुद को ‘’पालक बेटा’ बताया था। जैबुननिशा ने इस वसीयत को फर्जी बताया और कहा कि यह उनकी सहमति के बिना बनाई गई थी।
जैबुननिशा ने पहले निचली अदालतों में मुकदमा दायर किया था, लेकिन दोनों अदालतों ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालतों के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि निचली अदालतें विधवा के वैध कानूनी अधिकार की रक्षा करने में असफल रही थी।हाईकोर्ट ने मुस्लिम लॉ के सेक्शन 117 और 118 का हवाला देते हुए कहा कि वसीयत के जरिए जायदाद देने की एक सीमा है। मुस्लिम व्यक्ति अपनी जायदाद का सिर्फ एक तिहाई हिस्सा ही वसीयत कर सकता है। अगर इससे ज्यादा जायदाद वसीयत की जाती है, या किसी वारिस को दी जाती है, तो उसके लिए बाकी वारिसों की सहमति जरूरी है।
जस्टिस बीडी गुरु ने यह भी कहा कि निचली अदालतों ने गलती की कि उन्होंने विधवा पर वसीयत को गलत साबित करने का बोझ डाल दिया। असल में यह सिकंदर की जिम्मेदारी थी कि वह साबित करे कि जैबुननिशा ने पति की मौत के बाद अपनी मर्जी से और पूरी समझदारी से वसीयत के लिए सहमति दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ चुप रहने या केस दायर करने में देरी करने को रजामंदी नहीं माना जा सकता। इस मामले में कोई भी गवाह यह साबित नहीं कर पाया कि जैबुननिशा ने पूरी जायदाद वसीयत करने की इजाजत दी थी।
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सूरजपुर जिले की दो जलाशय योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 61 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-ओड़गी की बसनारा जलाशय का मरम्मत (जीर्णोद्वार) कार्य के लिए एक करोड 26 लाख 66 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्यो के पूर्ण हो जाने से रूपांकित सिंचाई क्षमता 60 हेक्टेयर के विरूद्ध 30 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।
इसी तरह विकासखण्ड प्रतापपुर की पहिया जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 34 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से 100 हेक्टेयर खरीफ एवं 30 हेक्टेयर रबी सहित कुल 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
भिलाईनगर। रामनगर उच्चस्तरीय जलागार में पानी भरने हेतु मुख्य राइजिंग पाइप लाइन से इंटरकनेक्शन का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना है. इस सुधार कार्य के कारण 11 फरवरी को जलप्रदाय व्यवस्था प्रभावित रहेगी. कार्य प्रारंभ 10 फरवरी को प्रातः 9 बजे से होगा. कार्य के दौरान 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र ड्ब्ल्यूटीपी सुबह से कार्य पूर्ण होने तक बंद रहेगा. मुख्य सुधार कार्य के कारण 11 फरवरी को संबंधित क्षेत्रों में आंशिक रूप से जलप्रदाय प्रभावित रहेगा. प्रभावित होने वाले क्षेत्र उच्च स्तरीय जलागार खुर्सीपार, छावनी, गौतम नगर एवं वैशाली नगर है. संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से निगम ने अपील की है कि वे आवश्यकतानुसार पानी का भंडारण पूर्व में ही कर लें.
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की पहचान अब धीरे-धीरे एक नए रूप में उभर रही है। जिस बस्तर को लंबे समय तक माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता था, वही बस्तर अब अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और आत्मविश्वास के लिए देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है। इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है ‘बस्तर पंडुम’, जिसका आयोजन 7 से 9 फरवरी के बीच बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर पंडुम’ का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।” इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी ‘बस्तर पंडुम’ में शामिल हुए और उन्होंने इसे बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “वामपंथी उग्रवादियों के भय और हिंसा से बाहर निकलकर बस्तर अपनी संस्कृति और धरोहरों को आगे बढ़ा रहा है और विकसित भारत का ब्रांड एंबेसडर बन रहा है। आज जगदलपुर (छत्तीसगढ़) के ‘बस्तर पंडुम’ में जनजातीय बहनों-भाइयों को पुरस्कार वितरित कर उनसे संवाद किया।”
उन्होंने कहा, “नक्सलियों ने जिस बस्तर को सदियों तक आईईडी और बारूदों के अंधकार में झोंक रखा था, मोदी जी के नेतृत्व में वहां की कला, संस्कृति, खान-पान और विरासत वैश्विक पहचान पा रही है। जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ में जनजातीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।” उन्होंने आगे कहा, “कैसे एक सरकार नेक इरादे, नेक मंशा और मजबूत नीति व स्पष्ट नीयत से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर सकती है, ‘बस्तर पंडुम’ में हंसता-खेलता बस्तर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद से विकासवाद की उस यात्रा का प्रत्यक्ष साक्षी है।”
मनेन्द्रगढ़. जनकपुर से रतनपुर स्थित महामाया मंदिर जा रही एक दुर्गा बस मंगलवार को हादसे का शिकार हो गई. बस पोड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नागपुर रेलवे स्टेशन के पास सड़क किनारे गड्ढे में जा घुसी. हादसे के वक्त बस में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे करीब 54 जोड़े सवार थे. हादसे में बस में बैठे सभी यात्री घायल हो गए. घायलों को तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के जान गंवाने की सूचना नहीं है, हालांकि कई जोड़ों को गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है.
जानकारी के अनुसार, घटना पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर चौकी की है. बस तेज रफ्तार में थी और नागपुर रेलवे स्टेशन के पास संतुलन बिगड़ने से सड़क किनारे गड्ढे में उतर गई. हादसे के बाद बस चालक और कंडक्टर मौके से गायब हो गए, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना और नागपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चालक-कंडक्टर की तलाश की जा रही है. इस हादसे ने प्रशासनिक तैयारियों और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
दुर्ग। जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसएसपी विजय अग्रवाल ने पुलिस कंट्रोल रूम में थाना प्रभारियों औक राजपत्रित अधिकारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। क्राइम मीटिंग में जांच की गुणवत्ता, लंबित मामलों की स्थिति, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, प्रशासनिक अनुशासन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान एसएसपी विजय अग्रवाल ने अधिकारियों को 16 बिंदुओं पर काम करने के निर्देश दिए। गंभीर और संवेदनशील अपराधों में त्वरित, निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
क्राइम मीटिंग में एसएसपी ने आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों, फरार वारंटियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। अवैध हथियार, मादक पदार्थ, जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में थाना प्रभारियों को प्रतिदिन थाना गणना उपस्थित सुनिश्चित करने, स्थानीय जन-शिकायतों का त्वरित निराकरण करने, गंभीर अपराधों की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में थाना प्रभारी स्वयं एफआईआर दर्ज करेंगे। सभी आरक्षकों के लिए A-B नोटबुक संधारण अनिवार्य किया गया, जिसका साप्ताहिक निरीक्षण थाना प्रभारी करेंगे। रात्रिकालीन गश्त के प्वाइंट बढ़ाने, थाना मुख्यालय में रात्रि मुकाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
रायपुर। सीएम विष्णु देव साय आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य स्तरीय विवाह कार्यक्रम से प्रदेशभर के 6 हजार 412 से अधिक जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह में बंधने वाले नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। मुख्यमंत्री साय स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ का भी शुभारंभ करेंगे। अभियान के प्रथम चरण में छह माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को कवर किया जाएगा।
बता दें कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में हिंदू रीति से 6,281, मुस्लिम रीति से 3, ईसाई रीति से 113, बौद्ध रीति से 5 और बैगा समुदाय के 10 जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे। इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से होगी, जिसमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं सुकमा जिले शामिल हैं। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
बैकुंठपुर। जिले में रहने वाली नाबालिग ने तोरवा क्षेत्र में रहने वाले अपने रिश्तेदार घर पर फांसी लगा ली। सुबह स्वजन जब अपने काम में व्यस्त थे तभी किशोरी ने अपनी ही चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगाई। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि किशोरी अपने प्रेमी के पास दिल्ली चली गई थी। स्वजन उसे किसी तरह समझाकर घर लाए थे। इसके बाद उसके प्रेमी ने दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी जानकारी मिलने के दूसरे दिन ही किशोरी ने भी आत्मघाती कदम उठा लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सीएसपी गगन कुमार(आइपीएस) ने बताया कि बैकुंठपुर जिले में रहने वाली 16 साल कि किशोरी ने तोरवा में रहने वाली अपनी बुआ के घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया है।पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि नाबालिग कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ दिल्ली चली गई। स्वजन ने उसकी तलाश की। उसे दिल्ली से खोजकर स्वजन शहर ले आए। नाबालिग को घर लेकर जाने के बजाए उसे तोरवा में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर पर थे। पूछताछ में पता चला है कि नाबालिग के प्रेमी ने रविवार को दिल्ली में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जशपुर। जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार सतत निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। सहायक खनि अधिकारी जशपुर ने बताया कि ईब नदी में रेत चोरी और अवैध खदान के संबंध में प्राप्त शिकायत की जांच 09 फरवरी 2026 को की गई। जांच के दौरान ईब नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर भण्डारित की गई कुल 960 घनमीटर रेत को अभय कन्स्ट्रक्शन, जशपुर से जप्त किया गया। इस मामले में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वैध एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु फरसाबहार क्षेत्र में दाईजबहार एवं खारीबहार रेत खदान घोषित कर उनके ऑनलाइन आबंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। ताकि निर्माण कार्यों के लिए वैध रूप से रेत की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। खनिज अधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी जिले के समस्त क्षेत्रों में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण से संबंधित मामलों की नियमित जांच की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अवैध खनन की जानकारी मिलने पर प्रशासन को सूचित करें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
वाहन चालक द्वारा प्रस्तुत ट्रांजिट पास आम की लकड़ी के परिवहन हेतु जारी पाया गया, जो कि फॉरेस्ट ऑफिसर, पेंड्रूथी सेक्शन, विशाखापट्टनम रेंज द्वारा निर्गत था। ट्रांजिट पास के अनुसार वाहन में आम चिरान 300 नग (3.12 घनमीटर) परिवहन किया जाना दर्शाया गया था। संदेह के आधार पर वाहन की गहन जाँच करने पर यह पाया गया कि आम चिरान के नीचे 1.85 घनमीटर सागौन चिरान को योजनाबद्ध रूप से छिपाकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।
यह कृत्य भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। उक्त अवैध सागौन चिरान सहित वाहन को अंतर्राज्यीय वनोपज जाँच नाका टेमरी में विधिवत जब्त किया गया। इस संबंध में वन अपराध क्रमांक 22663/05 दिनांक 09.02.2026 पंजीबद्ध कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। अवैध सागौन परिवहन में प्रयुक्त वाहन को राजसात किए जाने की प्रक्रिया जारी है।
दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में चोरी के एक गंभीर प्रकरण में जब्त सोने की ज्वेलरी का गबन करने के आरोप में बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक मोनिका सोनी गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी महिला आरक्षक के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. दरअसल, कुछ साल पहले दुर्ग की मोहन नगर पुलिस ने चोरी के एक मामले में करीब 79 ग्राम सोने की ज्वेलरी जब्त कर आरक्षक विवेचक मोनीका गुप्ता की अभिरक्षा में रखवाई गई थी.
लेकिन कुछ समय बाद यह ज्वेलरी गायब पाई गई. जांच के दौरान थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेह महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता पर गया. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच की गई. तो यह स्पष्ट हुआ कि सोने के जेवरों का गबन मोनिका गुप्ता ने ही किया था. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. बता दें कि मोनिका गुप्ता पहले भी विवादों में रह चुकी है. पुलिस विभाग ने विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था.