Lokesh Sharma | Editor
Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
भिलाई। 70 साल के बुजुर्ग ने ढाई साल के बच्चे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बुजुर्ग पड़ोसी ने घर के अंदर खेलने से मना किया था, नहीं मनाने पर उसने हमला कर दिया। बच्चा की हालत गंभीर है। जिसे इलाज के लिए भर्ती किया गया है। घटना उतई थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग परदेसी देवांगन ग्राम जोरातराई का रहने वाला है।
शनिवार को ढाई साल का बच्चा बुजुर्ग के घर के अंदर खेल रहा था। ऐसे में उसने मना किया, लेकिन बच्चा नहीं माना। जिससे नाराज होकर बुजुर्ग से कुल्हाड़ी से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया।
घटना के बाद परिजन बच्चे को तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, मासूम की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना से परिवार में भारी आक्रोश है। सूचना मिलते ही उतई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी बुजुर्ग परदेसी देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने गुस्से में आकर यह हमला किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सूरजपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सुतिया नाला के पास एक तेज रफ्तार पिकअप ने दो बाइक सवारों को चपेट में ले लिया. हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. इसके अलावा दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं. गंभीर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है.
मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. घटना से आक्रोशित लोगों ने पिकअप चालक की पिटाई कर दी, जिसके बाद वह भीड़ को चकमा देकर फरार हो गया. बताया जा रहा है कि पिकअप पहले जप्त अवैध धान लेकर लौट रहा था. पुलिस ने वाहन जप्त कर जांच शुरू कर दी है.
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप के निर्देशानुसार जनपद पंचायत तखतपुर की टीम ने ग्राम पंचायत मुरु में आवास पूर्णता को लेकर विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 142 आवास हितग्राहियों के घर-घर पहुँचकर अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों को शीघ्र शुरू करने और पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान में सीईओ जनपद पंचायत तखतपुर सत्यव्रत तिवारी के नेतृत्व में जनपद की पूरी टीम दिनभर ग्राम मुरु में उपस्थित रही। निरीक्षण के दौरान हितग्राहियों को शासन की मंशा से अवगत कराते हुए समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर जनपद सदस्य दिलीप ध्रुव, सरपंच ललिता पटेल सहित डीईओ, पीओ, एजीपीओ, उपअभियंता, एडीईओ, तकनीकी सहायक, उपसरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, वार्ड पंच, आवास मित्र, मेट, महिला स्व-सहायता समूह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों को शीघ्र पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को आवास सुविधा उपलब्ध कराना है।
जांजगीर-चांपा । जिले में 11, 12 एवं 13 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज शासकीय हाई स्कूल मैदान जांजगीर का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ऐतिहासिक विष्णु मंदिर परिसर का अवलोकन करते हुए मंदिर परिसर में आकर्षक लाइटिंग एवं साज-सज्जा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान महोत्सव स्थल में विभिन्न विभागों एवं निजी संस्थाओं द्वारा लगाए जाने वाले स्टॉल किसानों की आवश्यकता एवं हित को ध्यान में रखते हुए लगाए जाएं। उन्होंने कृषि आधारित योजनाओं, आधुनिक तकनीकों, बीज, उर्वरक, जैविक खेती, पशुपालन एवं उद्यानिकी से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने कहा। साथ ही किसानों को नई कृषि तकनीक, आधुनिक उपकरण, ड्रोन तकनीक सिंचाई के नवाचार एवं उन्नत बीजों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने मंच, स्टॉल व्यवस्था, साउंड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, बेरिकेटिंग, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले में वीबी जी रामजी योजना के अंतर्गत ग्रामीण श्रमिकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में योजना के तहत डबरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, सड़क, जल संरक्षण एवं अन्य श्रम आधारित कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। योजना के तहत आयोजित प्रचार-प्रसार एवं संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि यह योजना ग्रामीण भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी, समय पर मजदूरी भुगतान एवं स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कार्यक्रम में बताया गया कि वीबी जी रामजी योजना, पूर्व की मनरेगा योजना का विस्तार करते हुए ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार, बेहतर आय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। समयबद्ध मजदूरी भुगतान से श्रमिकों का शासन पर विश्वास बढ़ा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरकोनी में कार्यक्रम अधिकारी द्वारा आईआईसी गतिविधि के माध्यम से वीबी जी रामजी योजना के बारे में ग्रामीणों, जॉब कार्ड धारी परिवारों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत यदि समय अवधि में भुगतान नहीं होता है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित राशि प्रदान की जाती है। इससे मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। वीबी जी राम जी योजना के माध्यम से जिले के गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे कृषि उत्पादन, जलस्तर सुधार और ग्रामीण अधोसंरचना को बल मिलेगा। इससे पलायन में कमी आएगी तथा महिलाओं एवं युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
जांजगीर-चांपा । संचालनालय महिला एवं बाल विकास, इन्द्रावती भवन नवा रायपुर, अटल नगर के निर्देशानुसार जिले में 10 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन किया जाना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि उक्त आयोजन हेतु प्राप्त कुल 141 आवेदनों की प्रारंभिक पात्रता सूची तैयार की गई है।
सूची के अनुसार यदि किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को किसी भी जोड़े की पात्रता, आयु या अन्य वैधानिक तथ्यों के संबंध में कोई आपत्ति हो, तो वे 09 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे तक साक्ष्यों सहित लिखित आवेदन कार्यालयीन समय में कार्यालय कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला जांजगीर-चांपा में स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रारंभिक सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in तथा कार्यालय के सूचना पटल पर कर सकते है।
बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति
रायपुर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।
जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा । सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव – राज्यपाल श्री रमेन डेका
राज्यपाल श्री रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।
राज्यपाल डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।
बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।
अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।
नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।
जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।
युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।
बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।
कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में गरिमामय आगमन हुआ। वे यहां के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम का शुभारंभ करने पहुंची हैं। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुर्मू का राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और वन मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव और महापौर संजय पांडे ने भी राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए स्वागत किया। इस दौरान कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत किया।
रायपुर : शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया।
बास्तानार के युवाओं द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि ‘दंडामी माड़िया’ (बाइसन हॉर्न माड़िया) जनजाति की परंपराओं, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज था। जैसे ही नर्तक दल मंच पर उतरा, उनकी विशिष्ट वेशभूषा ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया। पुरुष नर्तकों के सिर पर सजे गौर के सींगों वाले मुकुट, जिन्हें कौड़ियों और मोरपंखों से अलंकृत किया गया था, बस्तर की वन्य संस्कृति तथा गौर पशु के प्रति आदिवासी समाज के गहरे सम्मान और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त कर रहे थे। वहीं पारंपरिक साड़ियों और आभूषणों से सुसज्जित महिला नर्तकियों ने जब अपने हाथों में थमी ‘तिरूडुडी’ (लोहे की छड़ी) को भूमि पर पटकते हुए ताल दी, तो एक अद्भुत, गूंजती और लयबद्ध ध्वनि ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नृत्य के दौरान पुरुष नर्तकों ने गले में टंगे भारी ‘मांदरी’ (ढोल) को बजाते हुए जंगली भैंसे की आक्रामक, चंचल और ऊर्जावान मुद्राओं की प्रभावशाली नकल प्रस्तुत की। यह दृश्य दर्शकों को ऐसा अनुभव करा रहा था, मानो वे जंगल के सजीव और प्राकृतिक परिवेश के प्रत्यक्ष साक्षी बन गए हों। उल्लास और आनंद से परिपूर्ण इस नृत्य में माड़िया जनजाति की शिकार-परंपरा, साहस और अदम्य ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती रही। गोलाकार घेरे में थिरकते युवक और उनके कदम से कदम मिलाती युवतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी बस्तर ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पूरी निष्ठा और गर्व के साथ संजोकर रखा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में बास्तानार के कलाकारों द्वारा दी गई यह सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुति न केवल बस्तर पण्डुम की भव्य सफलता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने बस्तर की लोक-कला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय पटल पर पुनः प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।
विभागीय स्टाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक विवाह, भूमि पूजन-लोकार्पण सहित विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन
महोत्सव की रुप-रेखा एवं तैयारियों के संबंध में कलेक्टर-एसपी ने ली बैठक
अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा
गौरेला पेंड्रा मरवाही : जीपीएम जिले की स्थापना दिवस पर 10 फरवरी को आयोजित हो रहे जिला स्तरीय अरपा महोत्सव में मुख्यमंत्री विषणु देव साय मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री के दो दिवसीय जिला प्रवास पर आगमन और अरपा महोत्सव की रुप-रेखा तथा तैयारियों के संबंध में कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने जिला अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में सुरक्षा व्यवस्था सहित महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की गई और विभिन्न विभागों को दायित्व सौंपे गए। बैठक में विभागीय स्टॉलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बच्चों के मनोरंजन के लिए मेला, झूला, फूड जोन आदि लगाने पर चर्चा की गई। अरपा महोत्सव हर साल की तरह इस वर्ष भी मल्टी परपज स्कूल मैदान पेण्ड्रा में आयोजित होगा।
कलेक्टर ने बताया कि अरपा महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह किया जाएगा। साथ ही विभिन्न विकास कार्यो का भूमि पूजन एवं लोकार्पण तथा हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत सामग्री एवं सहायता राशि का चेक वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा जिला चिकित्सालय भवन के लिए भूमि पूजन, चिकित्सालय परिसर में वृक्षा रोपण, टीबी मुक्त 51 पंचायतों और बाल विवाह मुक्त 71 पंचायतों और गौरेला एवं पेण्ड्रा 2 नगरीय निकायों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने और गरिमामय अरपा महोत्सव आयोजन के लिए दिशा निर्देश दिए। बैठक के बाद कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमण्डलाधिकारी, जिला पंचायत सीईओ सहित जिला अधिकारियों ने महोत्सव स्थल पंहुच कर तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने महोत्सव स्थल के समीप बने हेलीपैड का भी अवलोकन किया। उन्होंने पार्किंग, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, चलित शौचालय सहित संपूर्ण तैयारियों के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए
सूरजपुर : केन्द्र सरकार की योजना नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड्स एंड एडिबल ऑयल के अंतर्गत जिला सूरजपुर में एक नग तेल निकालने की मशीन (ऑयल एक्सट्रेक्शन यूनिट) स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित यूनिट की क्षमता 10 टन होगी। योजना के तहत ऑयल एक्सट्रेक्शन यूनिट की स्थापना पर लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक प्रदान किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ), बीज उत्पादक सहकारी समितियां, सहकारी एवं निजी उद्योग आवेदन करने के लिए पात्र होंगे। इच्छुक संस्थाएं निर्धारित आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर 09 फरवरी 2026 को अपरान्ह 5:00 बजे तक स्पीड पोस्ट अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से रुचि की अभिव्यक्ति सहित आवेदन कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) को भेज सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया एवं योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी कलेक्टर कार्यालय तथा उप संचालक कृषि कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के प्रभावी अनुपालन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 14 बैंकों को अंतिम पैनल (फाइनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया है।
रेरा अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ रेरा द्वारा 03 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को अस्थायी पैनल (प्रोविजनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया गया था। निर्धारित प्रक्रियाओं, आवश्यक शर्तों एवं मापदंडों की पूर्ति के उपरांत अब इनमें से 14 बैंकों को अंतिम पैनल में सम्मिलित किया गया है।
अंतिम पैनल में शामिल बैंकों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा यूको बैंक शामिल हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेरा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित पृथक रेरा खाते केवल उन्हीं बैंकों में संचालित किए जाएं, जो रेरा नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हों। इससे परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में अनुशासन स्थापित होगा, निधियों के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा घर खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने कहा कि रेरा के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैंकों के अंतिम पैनल में शामिल होने से परियोजना खातों की निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे घर खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र अधिक व्यवस्थित एवं विश्वसनीय बनेगा।
छत्तीसगढ़ रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं भरोसेमंद बनाने के लिए इस प्रकार की पहलें भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने जारी किए आदेश
सभी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालयों के साथ ही प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा की जाएगी कार्यों की सीधी मॉनिटरिंग
रायपुर : राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण में तेजी लाने लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 कार्यों के लिए 299 करोड़ रुपए के निविदा को मंजूरी दी गई है। वहीं 10 सड़कों के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने निविदा मंजूरी तथा प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश भी जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने तथा छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार निर्माण कार्यों एवं निविदाओं को स्वीकृति दी जा रही हैं। कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालयों के साथ ही प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के लिए आम नागरिक भी निर्माण के दौरान कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग द्वारा रायपुर जिले में साढ़े 5 किमी लंबाई के फरफौदा-गुखेरा मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूीकरण के लिए पुल-पुलिया निर्माण सहित 11 करोड़ चार लाख रुपए तथा साढ़े 5 किमी लंबाई के चंदखुरी-जावा-मोंहदी मार्ग में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण के लिए 13 करोड़ 34 लाख रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हथबंद से सिमगा मार्ग में मुंबई-हावड़ा रेलवे लाइन पर रिंगनी लेवल क्रासिंग पर रेलवे ओव्हर ब्रिज के निर्माण के लिए 40 करोड़ 72 लाख रुपए तथा 2.84 किमी लंबाई के ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक टू-लेन सी.सी. मार्ग के निर्माण के लिए 25 करोड़ 98 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के पल्ली-छोटेडोंगर-ओरछा मार्ग में किमी 13 से किमी 22 तक 10 किमी लंबाई में तथा किमी 23 से किमी 31 तक 9 किमी लंबाई में सीमेंट-कांक्रीट सड़क व पुलिया मजबूतीकरण के लिए क्रमशः 28 करोड़ 2 लाख रुपए तथा 26 करोड़ रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। नवा रायपुर के सेक्टर-18 में निर्माणाधीन लोकभवन (राजभवन), लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों के निवास, मुख्यमंत्री निवास, मंत्रीगणों के निवास एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निवास के शेष कार्यों, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग, एकॉस्टिक, पेनेलिंग वर्क एवं विद्युतीकरण कार्यों के लिए 71 करोड़ 23 लाख रुपए तथा सेक्टर-19 में माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य, वाटर सप्लाई, सेनेटरी फिटिंग एवं विद्युतीकरण के लिए 36 करोड़ 30 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।
विभाग ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बेला उदगी से बनसुकली मार्ग पर बनास नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 10 करोड़ 18 लाख रुपए, जशपुर में जशपुर-सन्ना मार्ग पर घेरड़ेवा नाला पर उच्च स्तरीय पुल व पहुंच मार्ग के लिए 7 करोड़ 27 लाख रुपए, बलरामपुर-रामानुजगंज के नरसिंहपुर से मरकाडांड मार्ग पर महान नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 9 करोड़ 88 लाख रुपए, धमतरी जिले में राजनांदगांव-गुण्डरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई (रा.मा.क्र.-23) के किमी 88/2 से किमी 107/2 तक 20 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 11 करोड़ 82 लाख रुपए तथा महासमुंद में ग्राम सिरबोड़ा से पलसापाली के मध्य पलसापी नाला (सुरंगी नाला) पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 96 लाख रुपए के निविदा को मंजूरी प्रदान की है।
7 जिलों की 10 सड़कों के लिए 116 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति
लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल धमतरी जिले के दुधावा-मुरूमसिल्ली-बनरौद मार्ग के किमी 30/6 से किमी 44/2 तक 13.80 किमी लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामर नवीनीकरण के लिए 21 करोड़ 79 लाख रुपए, नगरी-दुधावा-नगरी-बासीन (राज्य मार्ग क्रं.-6) के किमी 47 से किमी 55 तक 8 किमी लंबाई के उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 19 करोड़ 40 लाख रुपए तथा लोक निर्माण विभाग के कुरूद उपसंभाग में 5 किमी लंबाई के पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकुदा-टिपानी-सेमरा (बी) टू-लेन मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूीकरण के लिए 15 करोड़ 34 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।
विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के गैंदाटोला-छुरिया-खोभा मार्ग के किमी 17 से किमी 21 तक 5.025 किमी लंबाई के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 6 करोड़ 96 लाख रुपए, कोण्डागांव जिले में कोण्डागांव-अमरावती-एरला राज्य मार्ग के किमी 32 से किमी 41/2-4 तक 8.7 किमी में मजबूतीकरण व पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण के लिए 7 करोड़ 15 लाख रुपए तथा कांकेर के राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग के किमी 145/10 (मेढ़की) निब्रा नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 12 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर जिले में 8.675 किमी लंबाई के केनसरी से मुकुंदपुर पहुंच मार्ग के लिए 19 करोड़ 5 लाख रुपए, जशपुर में भेलवा से खाडुंग नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 80 लाख रुपए, कांकेर के इच्छापुर-घोटिया मार्ग पर दूध नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 53 लाख रुपए तथा बलरामपुर-रामानुजगंज में साढ़े 3 किमी लंबाई के राजपुर-कुसमी मुख्य मार्ग से खरकोना होते हुए अमेरा मार्ग के लिए 9 करोड़ 30 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
जगदलपुर। दंतेवाड़ा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य स्वागत हुआ, सीएम साय ने कहा, छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर राष्ट्रपति का हार्दिक स्वागत…मां दंतेश्वरी की पावन, ऐतिहासिक एवं आस्था से परिपूर्ण धरती पर भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन है। आपका यह आगमन बस्तर अंचल सहित समस्त छत्तीसगढ़ के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का क्षण है। आदिवासी संस्कृति, परंपरा और समृद्ध विरासत से सुसज्जित इस पावन क्षेत्र में आपकी गरिमामयी उपस्थिति प्रदेश के विकास, जनजातीय अस्मिता और नई संभावनाओं को और अधिक सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आपका सादर अभिनंदन एवं हार्दिक स्वागत।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम हैं। पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है। राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं को नजदीक से देखेंगी। आयोजन स्थल पर विशाल और भव्य मंच तैयार किया गया है। मंच और परिसर को आदिवासी कला, पारंपरिक प्रतीकों, रंगों से संवारा गया है। जिससे बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रूप में पेश किया जा सके।
भिलाईनगर। तीन दिनों के बाद भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने गुरुवार की देर शाम लगभग 66 लाख 1 रुपए का भुगतान पेट्रोल पंप संचालक पर कर दिया है. इसके बाद से निगम की थमी सभी गाड़ियों को पेट्रोल डीजल देना शुरू हो गया है. 1.30 करोड रुपए की राशि अब भी उधारी है. वाहन शाखा के कार्यपालन अभियंता वेशराम सिन्हा व इंजीनियर शशिकांत वर्मा के नेतृत्व में सभी गाड़ियों को डीजल पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है.
इन्हीं इंजीनियरों के माध्यम से बिलों के भुगतान के लिए भिलाई निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के पास फाइल आती है. सूत्रों की मानें तो डीजल देने के मामले में आयुक्त ने गड़बड़ियों को पकड़ लिया है. इसके चलते ही भुगतान को लेकर आयुक्त ने फाइलों को रोका था. मिली जानकारी मुताबिक, ऐसी गाड़ियों में डीजल एवं पेट्रोल डाले जाने की शिकायत मिल रही थी कि जो गाड़ी शहर में चल नहीं रही है. वैसे गाड़ियों के नाम में डीजल की राशि का भुगतान कागजों में कराया जा रहा है.
दुर्ग। जिले के छावनी थाना क्षेत्र में पशु क्रूरता का एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने घरेलू मवेशी को लोहे के हथौड़े से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 5 फरवरी 2026 को छावनी थाना क्षेत्र के जलेबी चौक के पास सुंदर नगर नाला क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने घरेलू पशु के साथ अमानवीय क्रूरता की है। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस को पशु मृत अवस्था में मिला। शुरुआती जांच में पता चला कि पशु को लोहे के हथौड़े से बुरी तरह पीटा गया था।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध क्रमांक 81/2026 दर्ज किया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 325(3) बीएनएस और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान बाबूराव उर्फ पण्डू (55) के रूप में की, जो दुर्ग के छावनी का निवासी है। पुलिस ने 6 फरवरी 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का हथौड़ा भी मौके से जब्त कर लिया है, जिसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के सामने पेश किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
रायपुर। राजधानी रायपुर के श्रीराम बिजनेस पार्क में आयोजित मध्य भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल मेले रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के ‘राडा ऑटो एक्सपो-26’ में अब तक के सर्वाधिक 57,435 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें साढ़े 34 हजार से ज्यादा दोपहिया, साढ़े सोलह हजार कार और ट्रक, बस, ऑटो, छोटे-बड़े मालवाहक, लोडर समेत 6052 अन्य वाहनों की बिक्री हुई। राडा ऑटो एक्सपो में 3000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ और राज्य सरकार के खाते में करोड़ों रुपए का राजस्व पहुंचा। राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्डतोड़ बिक्री के लिए राडा के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार को धन्यवाद दिया है।
इस संबंध में जानकारी के मुताबिक राडा द्वारा 9वें राडा ऑटो एक्सपो का आयोजन राजधानी के श्रीराम बिजनेस पार्क में किया गया। इस ऑटो एक्सपो के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने आजीवन रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी थी। इसका जबर्दस्त प्रतिसाद मिला। लोगों ने जमकर खरीदारी की और बिक्री का नया रिकॉर्ड बना है। राडा के पदाधिकारियों ने बताया कि 8वें राडा ऑटो एक्सपो में 29000 वाहनों की बिक्री हुई थी। इससे सरकार को 800 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई थी।
साढ़े 16 हजार कार, 34,881 दोपहिया की बिक्री राडा के पदाधिकरियों ने बताया कि उन्हें प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 57435 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें 34,881 दोपहिया की बिक्री हुई। एक्सपो में बिके कारों की संख्या 16502 है और बस, ट्रक, तिपहिया समेत 6052 अन्य वाहन बिके हैं। पेट्रोल से चलने वाली बाइक के साथ ही ईवी दोपहियों की भी खरीदी की है। राडा एक्सपो में हुआ 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बिजनेस राडा ऑटो एक्सपो के गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक इस बार 3 हजार करोड़ से ज्यादा के वाहन बिके हैं। इस बिक्री से सरकार के खाते में करोड़ों रुपए का राजस्व पहुंचा है। इस बार शासन की ओर से यातायात सुरक्षा अंशदान का भी प्रावधान किया गया था। उसमें भी 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि गई है।
राजनांदगांव। जिला अस्पताल की लापरवाही से प्रसूता की मौत मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी को हटा दिया है। उनकी जगह रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र को सिविल सर्जन का चार्ज दिया है। डॉ. महेंद्र को सिविल सर्जन का भौतिक सहित वित्तीय चार्ज भी दे दिया गया है। वहीं जारी आदेश में कार्रवाई को प्रशासनिक और हॉस्पिटल में चिकित्सीय कसावट के लिए बताया गया है। शुक्रवार शाम कलेक्टर ने आदेश जारी किया। बता दें कि 1 फरवरी को कंचनबाग निवासी 27 वर्षीय करुणा बांसफोड़ को डिलीवरी के लिए मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में दाखिल किया गया था, जहां नॉर्मल डिलीवरी के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जिसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां प्रसूता करुणा बांसफोड़ की मौत हो गई।
प्रसूता की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में इलाज में देरी की गई। अनदेखी के चलते करुणा की नॉर्मल डिलीवरी हो गई। जिससे उसकी हालत और बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। कलेक्टर ने दिया था जांच व कार्रवाई का आश्वासन प्रसूता की मौत के बाद परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने लिखित शिकायत कर जांच की मांग की । जिसके बाद कलेक्टर जितेंद्र यादव ने पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई। सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक जांच में प्रसूता के इलाज में हास्पिटल प्रबंधन की ओर से लापरवाही उजागर हुई है। जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी।
’कार्य आयोजना आधारित वानिकी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश’
बलौदाबाजार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुश्रवण मूल्यांकन) एवं प्रभारी रायपुर वृत्त कौशलेन्द्र सिंह ने गुरुवार को वनमंडल बलौदाबाजार अंतर्गत संचालित विभिन्न वानिकी कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देवपुर परिक्षेत्र में चल रहे एससीआई कूप एवं बांस कूप के कार्यों का अवलोकन किया तथा मौके पर कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं कार्य आयोजना के अनुरूप क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कार्य आयोजना आधारित वानिकी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा मैदानी स्तर पर वैज्ञानिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिये।
सोनाखान परिक्षेत्र अंतर्गत कराए गए कूप मार्किंग कार्य एवं अन्य विभागीय कार्यों का आरडीएफ में भ्रमण कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य आयोजना के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न कार्यों को विभिन्न तकनीकी मानकों के अनुरूप संपादित किया जाना है, इस संबंध में अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन दिये।उन्होंने विशेष रूप से बांस वर्किंग कूप में बांस विदोहन से संबंधित तकनीकी बारीकियों को विस्तारपूर्वक समझाया तथा एससीआई एवं आईडब्ल्यू सी वर्किंग सर्किल अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की उपयोगिता, प्रक्रिया एवं दीर्घकालिक प्रभावों पर प्रकाश डाला।
इस दौरान डीएफओ गणवीर धम्मशील,प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक गुलशन साहू, अभिनव शर्मा,उपवनमंडल कसडोल अंतर्गत पदस्थ समस्त प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
महासमुंद, जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु फरवरी 2026 से 100 दिवसीय विशेष अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया जाएगा। यह अभियान संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी-2030) के अनुरूप जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
पंचायती राज संस्थाओं द्वारा स्वस्थ गांव की परिकल्पना को साकार करने हेतु ग्राम स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उप-स्वास्थ्य केंद्र, मितानिन एवं स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चन्द्राकर तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे के मार्गदर्शन में जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
विगत वर्ष 2024 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले की 278 ग्राम पंचायतों को भारत सरकार द्वारा टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा प्रदान किया गया था। यह उपलब्धि जिला प्रशासन द्वारा संचालित टीबी मुक्त महासमुंद अभियान की सफलता का परिणाम रही है। वर्ष 2025 में भी टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिसके क्रम में फरवरी 2026 से यह विशेष 100 दिवसीय अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी विभागों को जोड़ा जाएगा तथा उनकी भूमिका निर्धारित की जाएगी।
सांसद महासमुंद द्वारा जिला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर भ्रमण कर समीक्षा की जाएगी तथा सांसद निधि से उपचाररत टीबी मरीजों को सहायता प्रदान करने हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिले की कमजोर आबादी जैसे बाहरी बस्तियों, झुग्गी क्षेत्रों, आदिवासी क्षेत्रों एवं उच्च जोखिम वाले कार्यरत समूहों की पहचान कर लाइन लिस्ट तैयार की जाएगी तथा निक्षय शिविरों के माध्यम से मोबाइल डायग्नोस्टिक द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा। आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर संभावित टीबी मरीजों का निःशुल्क डिजिटल एक्स-रे एवं संदिग्ध मरीजों की नॉट जांच की जाएगी। निजी चिकित्सालयों को शत-प्रतिशत टीबी मरीजों की अधिसूचना प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही जन जागरूकता अभियान चलाकर जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की जाएगी कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लें, उन्हें फूड बास्केट उपलब्ध कराएं तथा उनके परिवारजनों की भी सहायता करें। सभी मितानिनों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक सप्ताह उपचाररत टीबी मरीजों के घर जाकर उनकी नियमित निगरानी करें तथा विभागीय सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उच्च जोखिम वाले चिन्हांकित ग्रामों में समस्त आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। टीबी से होने वाली मृत्यु के मामलों में डेथ ऑडिट कर मृत्यु दर में कमी लाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
टीबी मुक्त पंचायत वर्ष 2025 के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों द्वारा दावा प्रस्तुत किया गया है, जिनका मान्य संकेतकों के आधार पर जिला स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। इसकी सतत निगरानी राज्य एवं केंद्र स्तर से की जा रही है। सत्यापन उपरांत चयनित टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को 24 मार्च 2026 को विश्व क्षय दिवस के अवसर पर कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाएंगे।