• युवाओं पर देश को विश्वगुरू बनाने की महती जिम्मेदारी: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

    राज्यपाल अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल
    मानद उपाधियाँ ले. जनरल धीरेन्द्र सिंह कुशवाह और डॉ वाई.के. मिश्रा को

    भोपाल
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक देश को विश्वगुरू और आधुनिकतम विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। युवाओं पर देश को विश्वगुरू बनाने की महती जिम्मेदारी है। युवा अपनी प्रतिभा, लगन और देशभक्ति से इस संकल्प पूरा करने के लिए दृढ़-प्रतिज्ञ रहे।

    राज्यपाल श्री पटेल बुधवार को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के तेरहवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की। लेफ्टिनेंट जनरल धीरेन्द्र सिंह कुशवाह को डी. लिट तथा प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. युगल किशोर मिश्रा को डी.एस.ई. की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल श्री पटेल ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के नव निर्मित रिसर्च, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर का और विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का लोकार्पण किया।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि विद्यार्थी दीक्षांत शपथ को आत्मसात करें। उसका आजीवन अनुसरण करें। शिक्षक, विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान की शिक्षा देने के साथ ही भारतीयता के संस्कार और जीवन जीने की कला अवश्य सिखाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय द्वारा रामायण पीठ की स्थापना की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि पीठ रामायण पर शोध करने वाले विद्यार्थियों और विद्वानों को नए अवसर प्रदान करेगी।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में देश के प्राचीन ज्ञान और परंपराओं का आधुनिक विज्ञान के साथ समावेश किया गया है। इससे देश की शिक्षा प्रणाली को भारतीयता का मजबूत आधार मिला है। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कारों की शिक्षा मिल रही है। समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरदास ने कहा कि जात-पात और धर्म का भेद मिटाकर हम सब सच्चे मन से भारतीय बनकर भारत माँ की सेवा करें। भारत के प्राचीन दर्शन और शिक्षा के महान संस्कारों को आत्मसात करें।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के समक्ष विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह में अतिथियों को स्मृति चिन्ह तथा शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्री रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के आचार्यगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।                          

     

  • सुकमा में आत्मसमर्पित माओवादियों को मिला सम्मानजनक नया जीवन

    छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति से लौटी उम्मीदें

    75 को 5G स्मार्टफोन, 25 को मेसन किट का वितरण

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील और दूरदर्शी नक्सल पुनर्वास नीति ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के नक्सल पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

    आत्मसमर्पण करने वाल 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट
    इस क्रम में 75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन तथा 25 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव एवं पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।

    75 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अत्याधुनिक 5G स्मार्टफोन
    कार्यक्रम के दौरान 75 पुनर्वासित युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी M06 5G स्मार्टफोन प्रदान किए गए, जिनमें 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा तथा 5000 mAh फास्ट-चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन स्मार्टफोनों के माध्यम से युवा अब डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं तथा देश-दुनिया की जानकारी से सहजता से जुड़ सकेंगे।

    इसके साथ ही 25 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट प्रदान कर निर्माण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए कुशल श्रमशक्ति तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    आत्मसमर्पण करने वाले लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने संकल्पित
    जिला प्रशासन ने बताया कि नक्सल पुनर्वास को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए इसे आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक समावेशन से जोड़ा जा रहा है। 5G स्मार्टफोन के माध्यम से पुनर्वासित युवा अब ऑनलाइन प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों, छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार के नए अवसरों को समझने और अपनाने में सक्षम होंगे।आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लोगों स्वरोजगार के नए अवसरों उपलब्ध कराने सरकार संकल्पित है l 

    पुनर्वासित युवाओं ने साझा किए अनुभव
    पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा ने बताया कि वे लगभग 30 वर्षों तक डीवीसी सदस्य के रूप में संगठन से जुड़े रहे। पुनर्वास के बाद उन्हें बेहतर आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि वे राजमिस्त्री के साथ-साथ इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक का प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं।

    पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती ने बताया कि वे 24 वर्षों तक एसीएम सदस्य के रूप में नक्सल संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया और वर्तमान में राजमिस्त्री प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिला तथा बस्तर ओलंपिक की संभागस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त किया।

    डब्बमरका, सुकमा निवासी गंगा वेट्टी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मोबाइल और मेसन किट मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जंगल के जीवन की तुलना में वर्तमान जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक है। शिविर लगाकर उनका आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड बनाया गया तथा शासन की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है।

    सुकमा में की गई यह पहल इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ शासन की नीति केवल नक्सलवाद से मुकाबले तक सीमित नहीं है, बल्कि भटके हुए युवाओं को विश्वास, अवसर और सम्मान के साथ नया जीवन देने की ठोस कोशिश भी है। यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रख रहा है। इस अवसर पर जिले के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

    “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश बाबा गुरु घासीदास जी की अमर विरासत: सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध चेतना के अग्रदूत थे बाबा गुरु घासीदास जी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला ऐसा जीवन-दर्शन है, जो भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की मजबूत नींव रखता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की सुदृढ़ आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाते हुए नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की और जनमानस को आत्मसम्मान एवं मानवीय गरिमा का बोध कराया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय गुणों के विकास का मार्गदर्शक है। उनके विचार और आदर्श समय की कसौटी पर खरे उतरते हुए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द के साथ एक समृद्ध एवं समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राज्य स्तरीय ओपन फिटनेस रन का आमंत्रण

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में विधायक श्री मोतीलाल साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बलौदाबाजार जिले के ग्राम खरतोरा में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय ओपन फिटनेस रन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तथा आयोजन की प्रतीकात्मक टी-शर्ट भेंट की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं।

    प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना, पुलिस तथा सीमा सुरक्षा बल के जवानों को सम्मानित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में सतत रूप से समर्पित जवानों का सम्मान करना पूरे समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि फिटनेस, अनुशासन और देशभक्ति जैसे मूल्यों को एक मंच पर जोड़ने वाले ऐसे आयोजन स्वस्थ, सशक्त और जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • दो वर्ष की निरंतर सेवा, निरंतर विकास की दिशा में एक और पहल: मुख्यमंत्री साय ने कॉफी टेबल बुक्स का किया विमोचन

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवीन विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में “दो साल निरंतर सेवा,निरंतर विकास” की भावना को समर्पित छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाने वाली जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित आठ कॉफी टेबल बुक्स का विमोचन किया गया। 
    इनमें बस्तर दशहरा (हिन्दी), बस्तर दशहरा (अंग्रेजी),पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ (हिन्दी),पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ (अंग्रेजी), छत्तीसगढ़ के अतुल्य जलप्रपात (हिन्दी), छत्तीसगढ़ के अतुल्य जलप्रपात (अंग्रेजी),बैगा टैटू (हिन्दी) और बैगा टैटू (अंग्रेजी) शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये कॉफी टेबल बुक्स छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, ऐतिहासिक परंपराओं, आदिवासी कला और प्राकृतिक विरासत को देश-विदेश तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इसे राज्य की पहचान को सशक्त करने वाला सार्थक प्रयास बताया।

    इस अवसर पर जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव , महासमुन्द विधायक श्री योगेश्वर सिन्हा, जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, पूर्व विधायक श्री खिलावन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • सड़क सुरक्षा पर विशेष सतर्कता, परिवहन आयुक्त ने दिए कोहरे में सावधानी के निर्देश

    महासमुंद

    उत्तर भारत में यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे एवं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर घने कोहरे के कारण हुए भीषण सड़क हादसों में कई लोगों की जान चली गई है। इन दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कार्यालय परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा राज्यभर के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।

    एडवाइजरी में प्रदेश सहित महासमुंद जिले के समस्त यात्री बस संचालकों एवं व्यावसायिक वाहन चालकों से अपील की गई है कि घने कोहरे में वाहन चलाना अत्यंत जोखिम भरा होता है। कोहरे में वाहन चलाना मानो आंखों पर पट्टी बांधकर गाड़ी चलाने जैसा है, इसलिए विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य है। परिवहन आयुक्त द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कोहरे में वाहन चलाते समय गति कम रखें और हेडलाइट हमेशा चालू रखें। हेडलाइट को लो बीम मोड पर ही रखें, क्योंकि हाई बीम कोहरे में दृश्यता को और कम कर देती है। जिन वाहनों में फॉग लैंप उपलब्ध हैं, उन्हें अवश्य चालू करें। कोहरे में न केवल स्वयं को दिखाई देना जरूरी है, बल्कि दूसरों को दिखाई देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कोहरे के दौरान डिफॉस्टर एवं विंडस्क्रीन वाइपर का उपयोग करें, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा लेन अनुशासन का पालन करते हुए ओवरटेक करने से बचें। यदि परिस्थितियां अत्यधिक प्रतिकूल हों और वाहन चलाना संभव न हो, तो वाहन को सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर इंडिकेटर लाइट चालू रखें।

    जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग महासमुंद ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे जारी की गई एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और जन-जीवन सुरक्षित रह सके।

  • 18 दिसंबर को मदिरा दुकानें रहेंगी बंद, गुरु घासीदास जयंती पर लागू होगा शुष्क दिवस

    एमसीबी

    आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति के अंतर्गत जारी निर्देशों के पालन में गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर 18 दिसम्बर 2025 गुरुवार को जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में पूर्ण शुष्क दिवस घोषित किया गया है। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा 1 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है।

    आदेश के अनुसार आबकारी नीति की कण्डिका 22 की उपकण्डिका 22.1 के तहत गुरु घासीदास जयंती के दिन जिले की समस्त देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, कम्पोजिट मदिरा दुकानें, दुकानों से संलग्न सभी अहाते तथा एफ.एल.4 (क) अनुज्ञप्ति अंतर्गत संचालित व्यवसायिक क्लब पूर्णतः बंद रहेंगे। इस दिन किसी भी प्रकार का मदिरा विक्रय या परोसना प्रतिबंधित रहेगा।

    जिला प्रशासन ने संबंधित अनुज्ञप्तिधारकों एवं संचालकों को निर्देशित किया है कि शुष्क दिवस के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। गुरु घासीदास जयंती के पावन अवसर पर शांति, अनुशासन और सामाजिक मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

  • भूपेश सरकार की ताकतवर अफसर सौम्या चौरसिया कौन? हजारों करोड़ के घोटाले में फिर गिरफ्तारी

    रायपुर
     पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव और निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया को ईडी ने 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में फिर गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी ईडी ने उन्हें 2 दिसंबर 2022 को इसी मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह 822 दिन जेल में रहीं और 3 मार्च को जमानत पर रिहा हुईं। जमानत पर बाहर रहने के करीब 9 महीने बाद, मंगलवार को ईडी ने उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया है। अब उन्हें दोबारा रायपुर केंद्रीय जेल भेजा जाएगा। इस तरह सौम्या पर कुल 4364 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप है।

    पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी
    एजेंसी का दावा है कि रिटायर आईएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, चैतन्य बघेल, मनीष उपाध्याय और जयचंद कोसले की चैट रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर सौम्या को गिरफ्तार किया गया है। पिछली सरकार के दौरान पावरफुल अधिकारियों के आधा दर्जन व्हाट्सएप ग्रुप थे, जिनमें 'बिग बॉस', 'जय मां काली ग्रुप', 'पाल ग्रुप', 'डिस्कशन ग्रुप', 'जुगनू ग्रुप', 'अवतार' और 'मंथली ग्रुप' शामिल हैं। 'मंथली ग्रुप' में पैसों के लेन-देन का जिक्र मिलता है। इन्हीं ग्रुप्स में मिले चैट के आधार पर सौम्या के खिलाफ कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से जब्त डायरी में भी कोडवर्ड में इन लेन-देन का उल्लेख मिला है।

    4364 करोड़ के कुल घोटाले का आरोप
    सौम्या पर कुल 4364 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप है। इसमें 500 करोड़ रुपये के अवैध कोल लेवी केस में ईडी की गिरफ्तारी, 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी केस में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी, 575 करोड़ रुपये के डीएमएफ घोटाला में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी, और 49 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी शामिल है। अब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ईडी ने उन्हें फिर से गिरफ्तार किया है।

    3200 करोड़ का है घोटाला
    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। इस घोटाले में ईडी कई बड़े अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे भी शराब घोटाले के मामले में जेल में हैं। ईडी का दावा है कि कांग्रेस सरकार में नियमों से छेड़छाड़ कर करीब 3200 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया था।

    सौम्या चौरसिया भूपेश बघेल की करीबी
    सौम्या चौरसिया 2008 बैच की पीसीएस अधिकारी हैं। सौम्या चौरसिया का जन्म दुर्ग जिले के भिलाई में हुआ है। सौम्या चौरसिया, पेंड्रा, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और पाटन में एसडीएम रही हैं। भूपेश बघेल पाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। ऐसा कहा जाता है कि जब सौम्या चौरसिया पाटन की एसडीएम रहीं उस दौरान उनकी वर्किंग स्टाइल की चर्चा होती थी। भूपेश बघेल भी उनके वर्किंग स्टाइल से प्रभावित हुए थे।

    सीएमओ में थी बड़ी जिम्मेदारी
    सौम्या चौरसिया 2016 रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त थीं। छत्तीसगढ़ में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी और भूपेश बघेल राज्य के सीएम। भूपेश बघेल के सीएम बनने के बाद सौम्या चौरसिया मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ हुईं थी। उन्हें सीएमओ में उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। सौम्या चौरसिया का नाम कोल लेवी घोटाले में भी जुड़ा है। कोयला घोटाले में भी सौम्या चौरसिया जेल जा चुकी हैं।

    कौन हैं सौम्या चौरसिया?
    जांच एजेंसी का दावा है कि सौम्या 2008 बैच की डिप्टी कलेक्टर हैं। उनकी 17 साल की सेवा अवधि में शासन से उन्हें 89.19 लाख रुपये का वेतन मिला है, जबकि परिवार की कुल आय 2.51 करोड़ रुपये है। इसके बावजूद, उन्होंने 49.69 करोड़ रुपये की 45 बेनामी संपत्तियां खरीदीं, जो उनकी आय से 1872 प्रतिशत अधिक है। ईओडब्ल्यू ने सौम्या की 39 करोड़ रुपये की 29 संपत्तियां अटैच की हैं, जबकि ईडी ने 8 करोड़ रुपये की 16 अचल संपत्तियां अटैच की हैं।

    एफडी और निवेश भी मिले
    रिश्तेदारों की भी 8 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच हुई है। सौम्या, शांति देवी और ओम नारायण के नाम से इंडियन बैंक रायपुर में कुल 8.60 लाख रुपये की एफडी है। सौम्या और सौरभ के नाम पर डीएसपी म्युचुअल फंड और एचएसबीसी म्युचुअल फंड में कुल 57,308 रुपये का निवेश है। अनुराग चौरसिया ने निपोन इंडिया में 2,25,830 रुपये का निवेश किया है।

  • डॉ. बत्रा हेल्थकेयर का अत्याधुनिक क्लिनिक भोपाल में फिर शुरू, होम्योपैथिक और ब्यूटी सॉल्यूशंस के साथ

    भोपाल

    विश्व स्तर पर होम्योपैथिक क्लीनिकों के सबसे बड़े नेटवर्क के साथ भारत की अग्रणी कंपनी डॉ. बत्रा हेल्थकेयर ने भोपाल में अपने अत्याधुनिक क्लिनिक के पुनः शुभारंभ की घोषणा की है। यह क्लिनिक 100 से अधिक तीव्र और दीर्घकालिक बीमारियों के लिए साक्ष्य-आधारित होम्योपैथी उपचार के साथ-साथ सुरक्षित, गैर-आक्रामक और दुष्प्रभाव-रहित उन्नत अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाल और त्वचा सौंदर्य उपचार प्रदान करेगा। सभी उपचार प्रक्रियाएं और प्रोटोकॉल वैश्विक चिकित्सा मानकों के अनुरूप हैं। उद्घाटन समारोह में मंत्री सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन विश्वास सारंग और होम्योपैथिक कॉस्मेटोलॉजी एवं एस्थेटिक्स में फेलोशिप प्राप्त तथा डॉ. बत्राज® हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. अक्षय बत्रा उपस्थित थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, होम्योपैथी विश्व स्तर पर चिकित्सा की दूसरी सबसे बड़ी प्रणाली है, और भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग अपने स्वास्थ्य और कल्याण संबंधी जरूरतों के लिए इस पर निर्भर हैं। वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों से समर्थित डॉ. बत्राज® नाम होम्योपैथी का पर्याय है। पद्मश्री डॉ. मुकेश बत्रा द्वारा 1982 में एक रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा संस्थान के रूप में स्थापित, डॉ. बत्राज® हेल्थकेयर ने 91% की सफलता दर के साथ 15 लाख से अधिक रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है, जैसा कि अमेरिकी गुणवत्ता मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा प्रमाणित किया गया है। भोपाल क्लिनिक व्यक्तिगत, सुरक्षित और प्रभावी देखभाल के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

     

    डॉ. बत्रा भोपाल क्लिनिक विज्ञान-समर्थित उपचार प्रदान करेगा जो न केवल समस्या के मूल कारण का इलाज करते हैं बल्कि होम्योपैथी को उन्नत बाल और त्वचा सौंदर्य उपचारों के साथ मिलाकर तेजी से परिणाम भी देते हैं। इस पुनः लॉन्च के अवसर पर, डॉ. बत्राज® ने अपना नया डॉ. बत्राज® ज़ोडर्मा भी प्रदर्शित किया, नुकसान रहित, सुरक्षित और दुष्प्रभाव-मुक्त त्वचा सौंदर्य उपचार है, यह अपनी तरह का पहला त्वचा कायाकल्प उपचार है जो हाइपरपिग्मेंटेशन, बढ़ती उम्र के धब्बे, महीन रेखाएं आदि जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए होम्योपैथी और एक्सोसोम को संयोजित करता है। इस अभिनव उपचार से, मरीज़ मात्र 3 सत्रों में ही स्पष्ट परिणाम देख सकते हैं।

    बाल गिरने/झड़ने जैसी समस्याओं के लिए, डॉ. बत्राज® XOGEN एडवांस पेश करते हैं, जो भारत का पहला केश पुनर्जनन उपचार है और 10 बिलियन एक्सोसोम से युक्त है। यह उन्नत अंतरराष्ट्रीय उपचार एक शक्तिशाली एक्सोसोम-आधारित फॉर्मूलेशन का उपयोग करता है जो निष्क्रिय बालों के रोमों को सक्रिय करता है और जड़ों से बालों के पुनर्जनन को सक्षम बनाता है। यह अत्यधिक लक्षित उपचार पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयुक्त है और आनुवंशिक बाल झड़ने की समस्या का समाधान करने वाले उपलब्ध कुछ उपचारों में से एक है। 95%+ सफलता दर के साथ, रोगियों ने मात्र 4 सत्रों में ही स्पष्ट परिणाम देखे हैं।

    डॉ. बत्रा विभिन्न त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे सोरायसिस, विटिलिगो, एक्जिमा आदि के लिए अत्यधिक व्यक्तिगत और प्रभावी होम्योपैथिक उपचार भी प्रदान करता है। डॉ. बत्राज® हेल्थकेयर न्यूयू रेंज के त्वचा सौंदर्य उपचारों में त्वचा  का कसाव, चमक, साफ करना, कायाकल्प करना और लेजर हेयर रिमूवल शामिल हैं। ये सभी उपचार पूरी तरह से सुरक्षित, नुकसान रहित और बिना किसी दुष्प्रभाव के हैं। डॉ. बत्राज® ऑक्सीलंग (श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए), एलर्जोन (एलर्जी के लिए), बीफिट शुगरकंट्रोल (मधुमेह प्रबंधन के लिए), बीफिट वेट कंट्रोल (वजन घटाने के लिए), माइंडफिट (तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए) और पीसीओएस प्रबंधन कार्यक्रम जैसे अनुकूलित उपचार भी प्रदान करते हैं।

    क्लिनिक के पुनः शुभारंभ के अवसर पर मंत्री सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन   विश्वास सारंग ने कहा, “इस पुनः शुभारंभ का हिस्सा बनकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है। मैं डॉ. बत्राज® की टीम को भारत और विश्वभर में होम्योपैथिक उपचारों का अगुआ बनने और निरंतर तकनीकी प्रगति के साथ इसे और अधिक सशक्त बनाने के लिए बधाई देता हूं। मैं डॉ. बत्राज® के ' हीलिंग पीपुल, चेंजिंग लाइफ (लोगों का स्वास्थ्य सुधारना, जीवन बदलना)' के दृष्टिकोण से भी प्रभावित हूं, जो सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा विकल्प उपलब्ध कराता है। मुझे पूरा विश्वास है कि डॉ. बत्राज® की विशेषज्ञता और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण से भोपाल के लोगों को अत्यधिक लाभ होगा और उन्हें उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त होंगे।”

    होम्योपैथिक कॉस्मेटोलॉजी और एस्थेटिक्स में फेलोशिप प्राप्त  और डॉ. बत्रा हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. अक्षय बत्रा ने कहा, “हमें भोपाल में अपने क्लिनिक के पुनः शुभारंभ की घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह भारत भर में अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षित, प्रभावी और विश्व स्तरीय होम्योपैथिक देखभाल पहुँचाने के हमारे मिशन को और मजबूत करता है। डेढ़ दशक से अधिक समय से इस शहर की सेवा करते हुए, हम इस क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसी ही एक समस्या मध्य प्रदेश में वेक्टर जनित रोगों का बढ़ता प्रकोप है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अध्ययन के अनुसार, चिकनगुनिया के मामले 2024 में 3% से बढ़कर 2025 में 6% हो गए हैं। राज्य में भारत भर में दर्ज किए गए कुल डेंगू मामलों में 2% से अधिक का योगदान भी है। डॉ. बत्राज® में, हम होम्योपैथी के सर्वोत्तम तरीकों को अत्याधुनिक वैश्विक सौंदर्य तकनीकों के साथ एकीकृत करने के लिए निरंतर नवाचार कर रहे हैं। यह क्लिनिक न केवल भोपाल के रोगियों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि उन्हें बालों और त्वचा के लिए समग्र और दुष्प्रभाव-मुक्त उन्नत समाधान भी प्रदान करेगा।”

    डॉ. बत्राज® भोपाल क्लिनिक स्थित है: 11, अलंकार कॉम्प्लेक्स, दूसरी मंजिल, जोन-II, महाराणा प्रताप नगर, भोपाल, मध्य प्रदेश 462011।

  • चुनावी निगरानी होगी डिजिटल: प्रेक्षा ऐप से साझा होगी निकाय-पंचायत निर्वाचन जानकारी

    प्रेक्षक प्रेक्षा ऐप से देंगे नगरीय निकाय और पंचायत निर्वाचन संबंधी जानकारी

    भोपाल

    राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन के लिये नियुक्त प्रेक्षकों की सुविधा के लिये 'प्रेक्षा' ऐप बनाया गया है। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि इस मोबाइल ऐप में प्रेक्षकों को प्रतिवेदन भेजने, नियमों एवं निर्देशों को पढ़ने एवं निर्वाचन प्रक्रियाओं के प्रशिक्षण संबधी जानकारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस ऐप को और अधिक उपयोगी बनाने के लिये प्रेक्षकों से सुझाव भी मांगे गये हैं।

    मोबाइल ऐप में प्रेक्षकों द्वारा भेजी जाने वाली जानकारी का प्रारूप उपलब्ध है। इसमें से अधिकांश जानकारी हाँ/नहीं के रूप में दी जा सकेगी। कुछ बिन्दुओं में संक्षिप्त टीप लिखनी है। यह जानकारी एक क्लिक से राज्य निर्वाचन आयोग भेजी जा सकेगी।

     

  • महतारी वंदन योजना : बृजबाई कर रही है घर गृहस्थी के कार्यों में राशि का उपयोग

    महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल

    रायपुर,

    राज्य सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

    बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सकरी निवासी बृज बाई साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें अब तक 22 किश्तों में कुल 22,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग वे सब्जी-भाजी, राशन सहित अन्य घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। बृज बाई साहू ने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

    उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अब तक 22 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। हाल ही में 3 दिसंबर 2025 को मोहला-मानपुर जिले से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 22वीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई। बृजबाई ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

  • इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बढ़ा, रतलाम और शाजापुर की तहसीलें जोड़ी गईं, उज्जैन, देवास, धार शामिल

    इंदौर
     इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (IMR) के स्वरूप में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। चौथी बार किए गए इस विस्तार के बाद मेट्रोपॉलिटन रीजन का कुल क्षेत्रफल 9989.69 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 14550.29 वर्ग किलोमीटर हो गया है।

    यानी रीजन में लगभग 4560.6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का अतिरिक्त विस्तार किया गया है। यह निर्णय भविष्य की शहरी आवश्यकताओं, औद्योगिक विकास और बेहतर परिवहन नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
    पहली बार रतलाम की दो तहसीलें शामिल की गईं

    इस विस्तार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार दो तहसीलें और शाजापुर जिले की तीन तहसीलों को जोड़ा गया है। रतलाम जिले को इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल किया गया है। रतलाम जिले की दो तहसीलें रतलाम और रतलाम नगर को इस रीजन का हिस्सा बनाया गया है।

    शाजापुर जिले की तीन तहसीलें पहली बार जोड़ी गईं

    इसके अलावा शाजापुर जिले की तीन तहसीलों को भी पहली बार जोड़ा गया है, जिसे इस विस्तार का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। उज्जैन जिले की माकड़ोन तहसील को शामिल करने के साथ ही वहां की तीन तहसीलों के क्षेत्र का विस्तार किया गया है। वहीं देवास जिले की दो तहसीलें और धार जिले की एक तहसील के क्षेत्र में भी वृद्धि की गई है।

    धार जिले की बदनावर तहसील का क्षेत्र विशेष रूप से बढ़ाया गया है। बदनावर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री मित्रा टेक्सटाइल पार्क को मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल किए जाने से औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

    विस्तार के पश्चात पूरे क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा

    इस विस्तार के बाद इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल तहसीलों की संख्या 29 से बढ़कर 35 हो गई है। विस्तार के पश्चात पूरे क्षेत्र का सर्वे किया जाएगा और आगामी छह महीनों में रीजन की समग्र विकास योजना तैयार की जाएगी। यह योजना शहरी विकास, उद्योग, आवास और परिवहन के समन्वित विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का दायरा बढ़ा 

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह निर्णय बेहतर यातायात प्रबंधन, जनता की सुविधा और शहर की सुंदरता को ध्यान में रखकर लिया गया है. बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रस्तावित इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के 14 हजार वर्ग किलोमीटर तक किया जाएगा. इसमें इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों के हिस्से शामिल होंगे.

     

  • इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़े गए PM मोदी, CM साय ने दी शुभकामनाएं, बताया भारत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और अत्यंत गौरवशाली क्षण बताया है.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा, विश्व मंच पर भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरती भूमिका और प्रधानमंत्री मोदी नरेंद्र मोदी के सशक्त, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व को दर्शाता है.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक कूटनीति, विकास, शांति और सहयोग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छुई हैं. आज 140 करोड़ भारतीय अपने राष्ट्र को विश्व समुदाय के बीच और अधिक सम्मान, आदर और प्रभाव के साथ स्थापित होते देख गर्व का अनुभव कर रहे हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है और देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में विश्वास को और सुदृढ़ करता है.

  • किसानों की शक्ति प्रदर्शन: धान खरीदी केंद्र प्रभारियों की मनमानी के खिलाफ रैली, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

     पखांजूर

    कांकेर जिले के पखांजूर में किसानों ने बुधवार को धान खरीदी केंद्र प्रभारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. उन्होंने मनमानी का आरोप लगाते हुए बुधवार को गोंडवाना भवन से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली. जहां किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा. समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

    दरअसल, परेशान किसानों का कहना है कि पखांजूर धान खरीदी केंद्रों में प्रभारी मनमानी करते हैं. धान तौलाई के लिए 10 से 15 रुपये प्रति क्विंटल हमाली को देना पड़ता है. साथ ही प्रति क्विंटल 2 किलो से अधिक सूखती के नाम पर वसूली करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे कई किसान हैं जिनका वन भूमि पट्टे का पंजीयन नहीं हुआ है, जिसके चलते किसान अधिकारी के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं.

    किसी से 1.5 तो किसी से 2.5 किलों ली जा रही सूखती

    किसान सुखरंजन उसेंडी ने बताया कि परलकोट क्षेत्र के किसान धान खरीदी व्यवस्था से बेहद परेशान हैं. जब किसान धान बेचने खरीदी केंद्रों में जाते हैं, तो न तो समय पर टोकन कटता है और न ही पर्ची मिलती है. किसानों के साथ लगातार अनियमितताएं हो रही हैं. धान तौल में भी गड़बड़ी की जा रही है, जहां किसी का डेढ़ किलो तो किसी का दो से ढाई किलो तक सूखती ली जा रही है. जो किसान इसका विरोध करते हैं, उनका काम जानबूझकर रोका जा रहा है.

    उन्होंने आगे बताया कि कई किसानों का अब तक पंजीयन नहीं हुआ है, खासकर वन अधिकार पट्टा धारक आदिवासी किसानों का नाम सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं है. ऐसे में सवाल यह है कि इन किसानों का धान आखिर किस तरह और किस प्रक्रिया से खरीदा जाएगा. किसानों ने पहले ही कर्ज ले रखा है, लेकिन समय पर धान खरीदी नहीं होने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं. शासन ने 1 नवंबर से सुचारू खरीदी का आश्वासन दिया था, लेकिन आज 15 दिसंबर हो चुका है और किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है. इसी वजह से किसान रैली निकालकर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचा रहे हैं. अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. छोटे-बड़े सभी किसान, विशेषकर आदिवासी वन अधिकार पट्टा धारक किसान, इस व्यवस्था से आक्रोशित हैं.

    किसान बुधु राम ने कहा कि कोयलीबेड़ा ब्लॉक के सभी किसान एक जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. समय पर पर्ची नहीं कटने के कारण किसानों को बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. लंबे समय से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे किसान बेहद नाराज हैं. इसी आक्रोश के चलते आज रैली और प्रदर्शन किया गया.

    उग्र आंदोलन की चेतावनी

    आदिवासी समाज के अध्यक्ष सियाराम पुडो ने बताया कि धान खरीदी में हो रही लगातार अनियमितताओं के विरोध में किसान, मजदूर, सर्व आदिवासी संगठन और ओबीसी समाज के संयुक्त तत्वावधान में यह रैली निकाली गई. किसानों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि खरीदी की लिमिट नहीं बढ़ाई जा रही है और केंद्रों में सूखती  लेने के साथ-साथ किसानों से कहीं 10 रुपए तो कहीं 15 रुपए तक लिया जा रहा है. शासन से प्रति क्विंटल निर्धारित राशि मिलती है.

    उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से तहसीलदार को अवगत कराया है। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. आगे चलकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा। क्षेत्र के सभी वर्गों के किसान इस आंदोलन में शामिल है.

  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का आकर्षण: केवल 7 दिन फ्री एंट्री, जानें पूरी जानकारी

    उमरिया 
     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी की इच्छा रखने वालों के लिए गुड न्यूज है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 17 दिसंबर बुधवार से 1 सप्ताह के लिए टाइगर सफारी फ्री रहेगी. नेशनल पार्क के प्रबंधन ने ज्वालामुखी गेट से टाइगर सवारी के लिए प्रवेश निशुल्क कर दिया गया है. हालांकि, इसे लेकर कुछ नियम और शर्तें भी बताई गई हैं.

    ज्वालामुखी गेट में नो एंट्री फीस

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने पत्र जारी करते हुए बताया, '' पर्यटन व स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ज्वालामुखी बफर जोन के लिए ये फैसला लिया गया है. पार्क भ्रमण के लिए जिप्सी से प्रवेश पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. ये संपूर्ण जिप्सी के टिकट लेने पर प्रभाव प्रभावित होगा, ये सुविधा 17 दिसंबर से 23 दिसंबर एक सप्ताह तक सुबह और दोपहर पार्क भ्रमण पर प्रभावी रहेगी.

    हालांकि, जारी पत्र में उन्होंने ये भी कहा है कि जिप्सी और गाइड का शुल्क प्रचलित नियमानुसार देना होगा. ये सुविधा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी. इसके लिए टिकट काउंटर से संपर्क कर फ्री सेवा हासिल कर सकते हैं. साथ ही ये भी कहा गया है कि ये सुविधा सिर्फ ज्वालामुखी गेट के ऑफलाइन काउंटर से बुकिंग वाहनों के लिए उपलब्ध है.

    खास है बांधवगढ़ का ज्वालामुखी गेट

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ज्वालामुखी गेट बफर जोन में है और यहां पर मांसाहारी व शाकाहारी हर तरह के वन्य प्राणी देखने को मिलते हैं. इसके अलावा यहां प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य भी देखने को मिलता है. अगर आप भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने जाने वाले हैं, तो इस ऑफर का आनंद ले सकते हैं.

    बाघों का गढ़ है बांधवगढ़ नेशनल पार्क

    मध्य प्रदेश का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ कहा जाता है, और यहां पर काफी संख्या में बाघ पाए जाते हैं. इसके अलावा अब तो ये हाथियों के भी पर्यटन का बड़ा जोन बन चुका है. पिछले कुछ सालों से काफी संख्या में यहां हाथी भी स्थाई रूप से रह रहे हैं, और पर्यटकों के रोमांच का कारण बन रहे हैं. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर्स के अलावा कई तरह के शाकाहारी, मांसाहारी जीवों के साथ प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य भी देखने मिलता है. यहां अद्भुत वादियां, जंगल झरने, नदी तालाब और पुरातात्विक महत्व की चीजें भी देखने को मिलती हैं.

  • ED की कार्रवाई तेज: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया से जुड़े 115 करोड़, 3 दिन की कस्टडी की अर्जी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मांगी गई है। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं।

    बता दें कि ईडी ने सौम्या चौरसिया को मंगलवार को शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। घंटों चली पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बुधवार को उन्हें रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां बचाव पक्ष की ओर से हर्षवर्धन परघनिया और डॉ. सौरभ कुमार पांडे ने, जबकि ईडी की ओर से पक्ष रखा गया। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। ईडी ने सौम्या से पूछताछ के लिए विशेष अदालत से तीन दिन की रिमांड मांगी है।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

    3200 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच

    ईडी के अनुसार, यह मामला करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह तय की गईं कि कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही काम मिल सके।

    नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी का खेल

    जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने नोएडा की एक फर्म के माध्यम से नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई। इन्हीं नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा गया। चूंकि होलोग्राम फर्जी थे, इसलिए बिक्री का पूरा रिकॉर्ड शासन के सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाया और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इससे राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

    सौम्या चौरसिया तक पहुंची 115 करोड़ की रकम

    ईडी के रिमांड आवेदन में दावा किया गया है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 115 करोड़ रुपये लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से सौम्या चौरसिया तक पहुंचे। इसके अलावा, आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले की करीब 72 करोड़ रुपये की राशि हवाला के जरिए इधर-उधर की गई।

    कोयला घोटाले की डायरी से भी खुलासा

    ईडी ने यह भी बताया कि कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली एक डायरी में 43 करोड़ रुपये की ऐसी रकम का जिक्र है, जिसका संबंध शराब घोटाले से बताया जा रहा है। इस डायरी में अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नामों का भी उल्लेख है।

    साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई

    ईडी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण बंसल और केके श्रीवास्तव से मिली जानकारियों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी की गई है। ईडी के वकील सौरभ पांडे ने अदालत को बताया कि मामले में गहन पूछताछ जरूरी है, इसलिए रिमांड की मांग की गई है।

    पहले भी रह चुकी हैं जेल में

    गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले में भी प्रमुख आरोपियों में शामिल रही हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे।

    अब तक कई बड़े नाम गिरफ्तार

    शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

    अब सबकी निगाहें विशेष अदालत के फैसले और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि रिमांड मिलती है, तो जांच एजेंसी को उम्मीद है कि शराब और कोयला घोटाले के बीच कथित आर्थिक कड़ियों को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • संदिग्ध हालात में वन्यजीवों की मौत पर हाईकोर्ट की कड़ी कार्रवाई, पीसीसीएफ से रिपोर्ट तलब

    बिलासपुर

    छत्तीसगढ़ में हो रही जंगली जानवरों की संदिग्ध मौतों और अवैध शिकार की आशंका से जुड़े मामलों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने मीडिया में लगातार सामने आ रही खबरों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में की।

    मामले में कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यजीव वार्डन को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है।

    बता दें कि हाल के दिनों में प्रदेश में वन्यजीवों की मौत की कई घटनाएं सामने आई हैं। खैरागढ़-डोंगरगढ़ के बीच स्थित वन ग्राम बनबोड़ क्षेत्र में एक वयस्क तेंदुए की निर्मम हत्या कर दी गई। शिकारियों ने तेंदुए के पंजे, नाखून और जबड़े के दांत काटकर ले गए। इसके अलावा कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य अंतर्गत जामपानी क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से दो बाइसन की मौत हो गई। आशंका है कि शिकारियों ने करंट लगाकर बाइसन का शिकार किया। वहीं मोतीनपुर और बोटेसूर गांव के बीच जंगल में भी एक तेंदुए का शव मिला है।

  • इंदौर ने दिखाई नई राह: शहरी प्रबंधन में नवाचार, पर्यावरण और स्वच्छता पर ध्यान

    इंदौर
     स्वच्छता और नवाचार में देश को दिशा दिखाने वाला इंदौर अब शहरी प्रबंधन के नए अध्याय लिखने की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम ने कचरे को संसाधन में बदलने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं।

    शहर में जहां अब पुराने कपड़ों से धागा तैयार कर पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं मृत पशुओं को दफनाने की परंपरा को समाप्त कर उन्हें अत्याधुनिक संयंत्र में सम्मानजनक अग्निदाह की व्यवस्था की जा रही है।

    ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में आधुनिक फायर स्टेशन भी

    इसके साथ ही नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में एक आधुनिक फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं पीपीपी मोड पर स्थापित की जा रही हैं।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर इन नवाचारी परियोजनाओं का भूमिपूजन कर इंदौर को टिकाऊ, सुरक्षित और भविष्य के शहर के रूप में आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

    इस अवसर पर महापौर ने कहा कि इंदौर का ट्रेंचिंग ग्राउंड न केवल देश, बल्कि दुनिया में सबसे अधिक सर्च और अध्ययन किया जाने वाला स्थल बन चुका है। हमारे नवाचार ही हमारी असली ताकत हैं।

    इंदौर वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है

    अनुपयोगी कपड़ों से धागा बनाने, मृत पशुओं और मीट अपशिष्ट का पर्यावरण अनुकूल निपटान करने जैसे कार्य इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे।

    भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा बबलू, नंदकिशोर पहाड़िया, मनीष शर्मा मामा, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान 16 दिसंबर विजय दिवस के अवसर पर महापौर ने उपस्थित सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया।

    कचरे से संसाधन

    रोजाना 25 टन पुराने कपड़ों से बनेगा धागा नगर निगम ने शहर के सभी जोन क्षेत्र में थ्री-आर सेंटर स्थापित किए हैं। इन पर रोजाना बड़ी मात्रा में नागरिक पुराने कपड़े देते हैं।

    इसके अलावा नेकी की दीवार पर भी बड़ी मात्रा में अनुपयोगी कपड़े एकत्र होते हैं। इन पुराने कपड़ों से धागा बनाने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पीपीपी मोड पर पुराने कपड़ों से धागा बनाने का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

    पशु शवदाह स्थापित किया जा रहा

    दुर्गंध और प्रदूषण से भी मिलेगी राहत नगरीय सीमा में रोजाना करीब 50 पशुओं की मृत्यु होती है। इन पशुओं के शव को फिलहाल ट्रेंचिंग ग्राउंड लाकर दफनाया जाता है। इसके अलावा शहरभर से एकत्र होने वाले मीट अपशिष्ट को भी ट्रेंचिंग ग्राउंड लाया जाता है।

    यहां जमीन में गड्ढा कर अपशिष्ट को गाढ़ा जाता है। इससे उठने वाली बदबू से वायु प्रदूषण होता है। भूजल भी दूषित होता है। इससे बचने के लिए अब पीपीपी मोड पर पशुओं के शव के लिए शवदाह स्थापित किया जा रहा है।

    आग पर काबू अब मिनटों में

    देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में नया फायर स्टेशन शहर के पूर्वी क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में नया फायर स्टेशन विकसित करने जा रहा है।

    पालदा और नेमावर रोड क्षेत्र में पिछले दो दशक में बड़ी संख्या में रहवासी कॉलोनियां विकसित हुई हैं। हजारों की संख्या में लोग इन क्षेत्रों में रह रहे हैं। आग लगने की स्थिति में दमकलों को कई किमी दूर स्थित फायर स्टेशन से बुलाना पड़ता है। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर फायर स्टेशन विकसित होने से दमकलें कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच सकेंगी।

     

  • विधानसभा में अनुशासन भंग: ‘सत्यमेव जयते’ पोस्टर के साथ गर्भगृह प्रवेश, कांग्रेस विधायक निलंबित

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कांग्रेस के सभी विधायक ‘सत्यमेव जयते’ की तख्ती लेकर सदन में पहुंचे थे. विधायक नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे. सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई.

    सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. अजय चंद्राकर ने आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई. विपक्ष ने जाँच एजेंसियों के दुरूपयोग पर स्थगन लाया था. आसंदी ने विपक्ष के स्थगन को अग्राह्य किया.

    इसके साथ ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई. नारेबाजी करते हुए विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचे. विपक्षी सदस्य सत्यमेव जयते के साथ जाँच एजेंसियों का दुरूपयोग करना बंद करो, भारत माता की जय, महात्मा गांधी की जय का नारा लगाते हुए गर्भगृह में पहुँचे. गर्भगृह में पहुंचने पर विपक्षी सदस्य निलंबित किए गए.

  • आसंदी का कड़ा संदेश— विपक्ष का आचरण अनुचित, आगे फैसला उनके विवेक पर

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित होने पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने नाराजगी जताई. उन्होंने विपक्षी सदस्यों के अनुचित व्यवहार की निंदा की.

    स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के सीने पर पोस्टर लगाकर आने पर सत्तापक्ष के विधायकों की आपत्ति के बीच कहा कि लोक हित से जुड़े विषयों पर कार्यवाही को बाधित करना निंदनीय है. विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही के जानकार हैं, बावजूद उन्होंने जो किया वह अमर्यादित है, मैं आगे उनके विवेक पर छोड़ता हूं.