• ग्वालियर-झांसी मार्ग पर बड़ा सड़क हादसा, ट्रैक्टर-फॉर्च्यूनर भिड़ंत में 5 की जान गई

    ग्वालियर

    ग्वालियर-झांसी हाईवे पर सुबह 6.30 बजे भीषण हादसा हो गया। मालवा कॉलेज के ठीक सामने रेत से भरे ट्रैक्टर में एक फॉर्च्यूनर कार जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि फॉर्च्यूनर में सवार पाँच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

    हादसे में मृत लोगों के नाम क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, राज पुरोहित, कौशल सिंह भदौरिया, आदित्य उर्फ राम जादौन और अभिमन्यु सिंह तोमर हैं। यह सभी ग्वालियर के ही रहने वाले हैं, छात्र हैं। क्षितिज के पिता उमेश बिल्डर हैं, गाड़ी इसके पिता की ही थी। क्षितिज ही गाड़ी चला रहा था।

    जानकारी के मुताबिक फॉर्च्यूनर (एमपी 07 सीजी 9006) झांसी की ओर से आ रही थी। मालवा कॉलेज के सामने जैसे ही गाड़ी गुजरी, मोड़ से रेत से भरा ट्रैक्टर निकला। फॉर्च्यूनर तेज रफ्तार में थी, जिससे चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया और वाहन ट्रैक्टर ट्रॉली में घुस गया। कार का आधा हिस्सा ट्रॉली के नीचे चला गया और पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। शव ट्रैक्टर ट्रॉली और कार के बीच फंसे हुए थे। कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कटर से गाड़ी काटकर शवों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया।

    पुलिस ने क्या कहा
    एसएसपी, धर्मवीर सिंह ने कहा कि "झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत मलवा कॉलेज के सामने बड़ा हादसा हुआ है। पाँच लोगों की मौत हुई है। मौके पर फोर्स भेजी है।"

  • प्रशासनिक लापरवाही पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: टाइपिंग गलती से युवक जेल, कलेक्टर को भरना होगा जुर्माना

    जबलपुर

    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के 26 वर्षीय सुशांत बैस ने कहा कि एक लिपिकीय त्रुटि के कारण मुझे एक साल से ज्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी गलत हिरासत इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण बन गई है कि कैसे एक नौकरशाही का जाल किसी की ज़िंदगी को उलट-पुलट कर सकता है।

    सुशांत को पिछले साल चार सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था और इस साल नौ सितंबर को हाई कोर्ट द्वारा उनकी रिहाई के आदेश के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। हाई कोर्ट ने ज़िला कलेक्टर को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया और उन्हें सुशांत को दो लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। लेकिन यह राहत उनके लिए कोई सांत्वना नहीं है।

    पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थी
    26 वर्षीय सुशांत का कहना है कि एक साल तक चली इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। मेरी बेटी अनाया का जन्म 13 मार्च को हुआ था। मैंने उसे पहली बार घर लौटने के बाद ही देखा था। उन्होंने यह याद करते हुए कि कैसे उनकी पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थीं और उनके माता-पिता ने एक ऐसा मुकदमा लड़ने के लिए पैसे उधार लिए थे जिसे वे समझ नहीं पा रहे थे।

    अनाया ने अपने पहले कदम तब रखे जब मैं जेल में था। कोई व्यवस्था, कोई पैसा मुझे वह समय वापस नहीं दिला सकता। अपनी गिरफ्तारी से बमुश्किल कुछ महीने पहले ही शादी करने वाले सुशांत कहते हैं कि इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। अब, इस गलत तरीके से कैद किए जाने के कारण मेरी नौकरी की संभावना भी खत्म हो गई हैं।

    कोर्ट ने अपनाया गंभीर रूख
    सुशांत को जेल में डालने वाला कोई अपराध नहीं था, बल्कि अधिकारियों ने शुरुआत में इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान टाइपिंग की गलती बताकर टाल दिया था। शहडोल के ज़िला कलेक्टर केदार सिंह ने एक एनएसए निरोध आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वास्तविक अभियुक्त नीरजकांत द्विवेदी के बजाय सुशांत का नाम था। न्यायालय ने युवक को हुई मानसिक प्रताड़ना पर गंभीर रुख़ अपनाया।

    न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य सरकार की भी खिंचाई की और कहा कि वह निरोध आदेश को मंज़ूरी देने से पहले उसकी जांच-पड़ताल करने में विफल रही।

  • CDV खतरे पर रोक: चीतों और बाघों की सुरक्षा हेतु कुत्तों के टीकाकरण की शुरूआत

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में चीता और बाघ सुरक्षित रहें, इसके लिए श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क और पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र व इसके बाहर बेसहारा श्वानों को टीके लगाए जाएंगे। दरअसल, कूनो में चीतों और पन्ना में बाघों को कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) का संक्रमण होने की आशंका जताई गई थी। जिसके बाद वन विभाग ने चीतों और बाघों को इस संक्रमण से बचाने के लिए श्वानों के टीकाकरण का निर्णय लिया।

    पिछले वर्ष भी श्वानों को टीके लगाए गए थे। दरअसल, सीडीवी तेजी से फैलने वाला वायरस है जिससे प्रभावित वन्य प्राणी की मौत भी हो सकती है। यह प्रभावित प्राणी के श्वसन, पाचन और नर्वस सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करता है। पूर्व में श्वानों के खून के नमूनों में सीडीवी और रैबीज के लक्षण मिल चुके हैं। इन श्वानों के वन्य प्राणियों के संपर्क में आने के बाद यह वायरस फैल सकता है।

    पहले भी मिल चुके बाघ और तेंदुए में सीडीवी के लक्षण
    वर्ष 2015 में पन्ना में मृत बाघ के शरीर के सैंपल इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आइवीआरआइ) बरेली भेजे गए थे। जांच में बाघ में सीडीवी होने की पुष्टि हुई थी। उस समय भी पार्क प्रबंधन ने बाघों के खून की जांच की थी और 1200 श्वानों का टीकाकरण हुआ था। वर्ष 2024 में छतरपुर में एक बाघ और एक तेंदुए में सीडीवी के लक्षण मिले थे। संजय टाइगर रिजर्व भेजे गए बाघ में भी रैबीज वायरस पाया गया था।

    सीडीवी संक्रमण न फैले
    चीता व बाघों में सीडीवी संक्रमण न फैले, इसके लिए यहां श्वानों का टीकाकरण किया जाएगा। – सुभरंजन सेन, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मप्र वन

    यह होता है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस
    सीडीवी गंभीर वायरल संक्रमण है जो कुत्तों, फेरेट्स, रैकून और लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है। यह श्वसन, जठरांत्र और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है। यह मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। सीडीवी सीधे संपर्क से फैलता है, जैसे संक्रमित जानवरों से हवा में निकली बूंदों के माध्यम से।

    यह संक्रमित स्राव (जैसे नाक से स्राव, मूत्र और मल) या भोजन और पानी के दूषित होने से भी फैल सकता है। इससे दस्त और उल्टी, आंखों और नाक से गाढ़ा पीला स्राव, खांसी, सिर का झुकना या लड़खड़ाना जैसे गंभीर लक्षण देखने को मिलते हैं।

  • ट्रैक्टर-ट्राली दुर्घटना में कई घायल, 7 की हालत गंभीर, रायसेन जिले में घटना

    रायसेन

    मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज-बेगमगंज मार्ग पर शनिवार रात में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठकर दर्शन के लिए जा रहे तीर्थयात्री घायल हो गए। हादसा इंडियन गैस एजेंसी के समीप उस वक्त हुआ जब मोदकपुर गांव से करीब 40 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर सागर जिले के बंडा क्षेत्र के नोनिया गांव स्थित कुएं के दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने ट्रॉली को सीधी टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि यात्रियों से भरी ट्रॉली मौके पर पलट गई। हादसे में ट्रॉली में सवार 24 यात्री घायल हो गए। इनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। कार में सवार चार लोगों में से तीन मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सवार लोग शराब के नशे में थे। गंभीर रूप से घायल गेंदालाल अहिरवार निवासी सिंगपुर गांव, गैरतगंज तहसील को प्राथमिक उपचार के बाद सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

    घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सुल्तानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से 25 घायलों को बेहतर उपचार के लिए सागर रेफर किया गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • ठेला चलाने वाले ने महिला को संस्था में निवेश का लालच दे कर की लाखों की ठगी

    रायपुर

    सब्जी विक्रेता बनकर भरोसा जीतने के बाद अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी राजू बाघ के खिलाफ टिकरापारा पुलिस ने धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय पीड़िता पुष्पा नामदेव उर्फ डॉली नामदेव की शिकायत पर यह एफआइआर दर्ज की गई है।

    संस्था में निवेश का दिया लालच
    साल 2024 में पीड़िता की पहचान मोती नगर सामुदायिक भवन के पास सब्जी का ठेला लगाने वाले आरोपी राजू बाघ से हुई। आरोपी ने खुद को अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति नामक संस्था का संचालक बताते हुए पीड़िता को यह बताया कि संस्था स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार देती है और प्रॉफिट कमाकर सदस्यों में बांटती है। राजू बाघ के झांसे में आकर पीड़िता संस्था की सदस्य बन गई और मार्च–अप्रैल 2024 में आरोपी के फोन-पे नंबर पर एक लाख रुपये जमा किए।

    इकरारनामा बनवाकर भी नहीं लौटाए रुपये
    दिसंबर 2024 में दोनों के बीच लेनदेन को लेकर लिखित इकरारनामा भी हुआ, जिसमें आरोपी ने 5,40,000 रुपये वापस देने की बात मानी। लेकिन आरोपी ने अब तक राशि नहीं लौटाई।

    आरोपी ने महिला को जान से मारने की दी धमकी
    रकम मांगने पर राजू बाघ ने पीड़िता को अश्लील गाली-गलौज दी और कहा कि पैसा नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। कोर्ट जाने पर उठवा दूंगा और रायपुर में कहीं भी रहोगी तो जान से मरवा दूंगा। आरोपी द्वारा अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह समिति में सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने के नाम पर ठगने की जानकारी सामने आई है।

  • ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही का मामला: हाईकोर्ट ने अस्पताल के खिलाफ जांच के दिए आदेश

    बिलासपुर

    ईएसआईसी योजना के तहत उपचार करा रही एक गरीब महिला के साथ हुई गंभीर चिकित्सीय लापरवाही को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने बिलासपुर के लालचंदानी अस्पताल और आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में किए गए गलत घुटने के ऑपरेशन को लेकर पूर्व गठित जांच समिति की रिपोर्ट को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समिति न तो नियमों के तहत गठित थी और न ही इसकी प्रक्रिया वैध थी। कलेक्टर को अब नई उच्चस्तरीय समिति बनाकर चार माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    ईएसआईसी योजना के तहत दयालबंद निवासी शोभा शर्मा का उपचार पहले लालचंदानी अस्पताल में शुरू हुआ। बाद में उन्हें ऑपरेशन के लिए आरबी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भेजा गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने बाएं घुटने की जगह गलती से दाएं घुटने का ऑपरेशन कर दिया। इस गंभीर भूल पर आपत्ति जताए जाने के बाद बिना पूरी तैयारी और आवश्यक जांच के जल्दबाजी में बाएं घुटने का भी ऑपरेशन कर दिया गया।

    चलने-फिरने में असमर्थ हो गई
    दोनों ऑपरेशनों के बाद भी उनकी समस्या खत्म नहीं हुई और स्थिति बिगड़ती गई, जिससे वे सामान्य चलने-फिरने और काम करने में असमर्थ हो गईं। इस मामले की शिकायत पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसने दोनों अस्पतालों को क्लीन चिट दे दी। हाई कोर्ट ने पाया कि यह समिति न तो विधिपूर्वक गठित थी और न ही इसका अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर स्तर का अधिकारी था, जो नियम 18 में अनिवार्य है।

    चार महीने में जांच पूरी करने को कहा
    कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वह नई उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन करें और चार माह में जांच पूरी करें। पीड़िता ने अदालत को बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण न्याय की लड़ाई लड़ना संभव नहीं था, लेकिन प्रो बोनो कानूनी सहायता मिलने से वे कोर्ट तक पहुंच सकीं। चिकित्सीय लापरवाही के कारण वे आज भी सामान्य दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं।

  • कोहरे के कारण रेलवे सेवा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द और मार्ग परिवर्तित

    रायपुर

    कोहरे के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को रद कर दिया है और कुछ ट्रेनों के मार्ग परवर्तित कर दिए हैं। इसमें सबसे ज्यादा सारनाथ एक्सप्रेस को एक दिसंबर से 15 फरवरी 2026 तक 76 दिनों के लिए रद किया गया है। यह ट्रेन लगभग ढाई महीने तक दोनों दिशाओं से प्रभावित रहेगी।

    इसी तरह साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटानगर इतवारी और उत्कल एक्सप्रेस प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि रेल यात्री अपनी यात्रा से पहले रद ट्रेनों की पूरी जानकारी ले लें, ताकि वो अन्य वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।

    ये ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर रद रहेंगी
    कोहरे के कारण उत्तर और बिहार की ओर जाने वाली कुछ अन्य महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनें भी इन 76 दिनों के दौरान अलग-अलग तारीखों पर रद रहेंगी।

        15159 सारनाथ एक्सप्रेस (दुर्ग-छपरा):
        दिसंबर: 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31
        जनवरी: 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31
        फरवरी: 2, 4, 7, 9, 11, 14
        15160 सारनाथ एक्सप्रेस (छपरा-दुर्ग):
        दिसंबर: 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30
        जनवरी: 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29
        फरवरी: 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15
        18109-18110 टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस
        18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।
        18175-18176 हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया एक्सप्रेस 18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।
        68029-68030 राउरकेला-झारसुगुड़ा-राउरकेला मेमू ट्रेन 18, 22, 25, 29 नवंबर और 2, 6, 9, 13 व 16 दिसंबर को रद रहेंगी।
        13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 21, 28 नवंबर व 5 और 12 दिसंबर को रद रहेगी।
        13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 22, 29 नवंबर व 6 व 13 दिसंबर को रद रहेगी।
        18125-18126 राउरकेला-पुरी-राउरकेला एक्सप्रेस 22, 29 नवंबर, 6 व 13 दिसंबर को रद रहेगी।
        18107 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस 18, 25 नवंबर और 9 व 16 दिसंबर को रद रहेगी।
        18108 जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस 19, 25 नवंबर व 10 व 17 दिसंबर को रद रहेगी।

    बदले रूट से चलेंगी ये ट्रेनें
    18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेसः 21, 28 नवंबर फिर 5 और 12 दिसंबर को ईब से झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी से कटक होकर चलेगी।
    18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्सप्रेसः 25 नवंबर फिर 8 व 15 दिसंबर को कटक से संबलपुर सिटी, झारसुगुड़ा से ईब होकर चलेगी।
    13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेसः 17, 24 नवंबर फिर 1, 8 व 15 दिसंबर को यह ट्रेन झारखंड के कांड्रा से सीनी होकर चलेगी। ये तीनों ट्रेनों टाटानगर नहीं जाएंगी।

  • कचरा फेंकने वालों के लिए अलर्ट: रायगढ़ में CCTV से अब जुर्माना भी लगेगा

    रायगढ़

    रायगढ़ शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरे अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वच्छता की निगरानी भी कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने सड़क किनारे कचरा फेंकने वालों पर नियंत्रण पाने के लिए यह पहल की है। इसके तहत नगर निगम इन कैमरों के फुटेज के आधार पर कचरा फेंकने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगा रहा है।

    हाल ही में आलोक सिटी माल और होटल एकार्ड प्रीमियम जैसे प्रतिष्ठानों सहित एक व्यक्ति को कैमरे द्वारा पकड़े जाने पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ा है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि शहर के विभिन्न मार्गों पर कचरा फेंका जा रहा था। इसे रोकने के लिए समझाइश दी गई और कई स्थानों पर रंगोली, गमले और गार्बेज फ्री केंद्र बनाए गए। इसके बावजूद लोग सड़क पर कचरा फेंकना नहीं छोड़ रहे थे।

    इस समस्या के समाधान के लिए सीसीटीवी फुटेज का उपयोग कर कचरा फेंकने वालों की पहचान की गई है। इस पहल के तहत बुधवार से अब तक तीन व्यक्तियों से कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। आयुक्त ने कहा कि शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब नगर निगम प्रशासन इन कैमरों का उपयोग स्वच्छता की निगरानी में भी कर रहा है।

    स्वच्छता सर्वेक्षण में लंबी छलांग
    भारत सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में तीन लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायगढ़ को 56वां स्थान मिला है। यह पिछले साल की तुलना में एक सुधार है, जिसमें शहर को 95वां स्थान मिला था। रैंकिंग में बेहतर नंबर की वजह नगर निगम का सफाई व्यवस्था पर बेहतर काम करना, चौक-चौराहों की रंगाई-पुताई के साथ कई आकर्षक कलात्मक कार्यों से स्वच्छता का संदेश देना रहा।

     

  • सुकमा मुठभेड़ में माओवादी स्नाइपर स्पेशलिस्ट सहित तीन ढेर

    सुकमा

     सुकमा जिले के भेज्जी–चिंतागुफा सीमावर्ती तुमालपाड़ जंगल में रविवार सुबह डीआरजी (जिला रिजर्व गर्द) टीम और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 15 लाख के इनामी तीन माओवादियों को मार गिराया है। इनमें कुख्यात जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर स्पेशलिस्ट माड़वी देवा भी शामिल है। मुठभेड़ स्थल से 303 राइफल, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर्स) और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है।

    मारे गए माओवादियों के नाम माड़वी देवा जो जनमिलिसिया कमांडर स्नाइपर स्पेशलिस्ट एरिया कमेटी सदस्य था। पोड़ियम गंगी, सीएनएम कमांडर और सोड़ी गंगी, किस्टाराम की एरिया कमेटी सदस्य (इंचार्ज सचिव) है। 9 जून को आईईडी की चपेट में आने से एएसपी आकाश राव शहीद हो गए थे, आज मुठभेड़ में मारा गया माड़वी देवा उस घटना का मास्टर माइंड था। खबर की पुष्टि करते हुए एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि जवान मौके पर मौजूद है और हम उनके संपर्क में है।

    जानकारी के मुताबिक जिले के चिंतागुफा और भेज्जी थानाक्षेत्र के कारीगुंडम इलाके में आज सुबह डीआरजी जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बताया जाता है कि जवान जब सर्चिंग करते हुए उस इलाके में पहुंचे तो घात लगाए बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया उधर जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कारवाई की।

    इस मुठभेड़ में एसीएम रैंक के तीन नक्सली मारे जाने की खबर है और हथियार भी बरामद हुए। फिलहाल मुठभेड़ रुक गई है और जवान इलाके को सर्चिंग कर रहे है। जैसे ही जवान वापस लौटेंगे तब पूरी जानकारी मिल पाएगी।

    कुल 450 माओवादी मारे गए

    मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) द्वारा व्यापक सर्चिंग की जा रही है। बस्तर रेंज के आइजीपी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर में माओवाद अब अंतिम चरण में है और पिछले दो वर्ष में विभिन्न स्तरों के कुल 450 माओवादी मारे जाने ने संगठन की कमजोरी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि अब माओवादी कैडरों के पास हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

    बीजापुर में मारे गए थे 6 माओवादी

    सुकमा और बीजापुर दोनों जिलों में पिछले एक सप्ताह में लगातार मुठभेड़ हुई हैं। पिछले मंगलवार को बीजापुर में छह माओवादी मारे गए थे। पिछले दो साल में बस्तर संभाग में 447 माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें कई बड़े कैडर और शीर्ष रैंक के नेता भी शामिल हैं। लगातार कार्रवाई से माओवादियों की गतिविधियों पर बड़ी रोक लगी है और संगठन पर दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

  • इंदौर में कार चोरी की वारदात: चोरों ने रहवासी संघ उपाध्यक्ष को कुचला, मामले की जांच जारी

    इंदौर

    अन्नपूर्णा एसीपी(ACP) कार्यालय से मात्र 200 मीटर दूर शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे बदमाशों ने बिल्डर की कार चुरा ली। रहवासी संघ उपाध्यक्ष ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की, मगर टक्कर मारकर भाग गए। फिर चौराहा पर भी स्कूटर सवारों को चपेट में लिया और कार लेकर फरार हो गए।

    चोरों ने दोबारा रिवर्स लेकर रौंदने का प्रयास किया
    घटना क्रांति कृपलानी नगर की है। रहवासी राजेंद्र सचदेवा के अनुसार बिल्डर कमल परियानी की कार घर के बाहर खड़ी थी। तभी दो बदमाशों ने लाक खोला व कार स्टार्ट कर ली। जीपीएस का नोटिफिकेशन मिलने पर कमल चौंके और पत्नी को सूचना दी। रहवासी संघ उपाध्यक्ष अशोक सचदेवा को भी अलर्ट कर दिया।

    स्कूटर सवारों को रौंदने का प्रयास
    वहीं बेखौफ बदमाशों में चाणक्यपुरी चौराहा पर भी एक घटना को अंजाम दिया। राजेंद्र सचदेवा के अनुसार, बदमाश चाणक्यपुरी चौराहा पहुंचे और दो स्कूटर सवारों को टक्कर मार दी। कार में जीपीएस था। आरोपित केसरबाग रोड, चोइथराम सब्जी मंडी से तिलकनगर पहुंच गए। आगे जाकर कार लावारिस छोड़ दी और फरार हो गए। अन्नपूर्णा पुलिस ने अभी केस दर्ज नहीं किया है।

  • SIR प्रोसेस के बीच क्या है आपके सवाल? समझिए सबसे आसान एक्सप्लेनेशन

    एसआईआर के दौरान मन में उठने वाले सवालों के समझिए आसान जवाब

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में चल रही है मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया

    भोपाल
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। 4 नवंबर से बीएलओ मतदाताओं के घर घर जाकर गणना पत्रक का वितरण कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर मतदाताओं के मन में कई सवालों को लेकर असमंजस की स्थिति भी है। जानिए मतदाताओं के मन में उठने वाले सवालों का आसान जवाब

    सवाल और उनके जवाब

    प्रश्न 1- क्या गणना अवधि में गणना पत्रक के साथ कोई दस्तावेज निर्वाचक से लेना है ?

    उत्तर – गणना अवधि में बीएलओ द्वारा कोई दस्तावेज निर्वाचन से प्राप्त नहीं किया जाएगा।

    प्रश्न 2 – यदि कोई निर्वाचक अपना फार्म किन्हीं कारणों से प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसको निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए क्या विकल्प हैं?

    उत्तर-   ऐसे व्यक्ति प्रारूप 6 में घोषणा पत्र के साथ अपना आवेदन नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं।

    प्रश्न 3 अजिन निर्वाचकों का गणना फार्म प्राप्त नहीं होगा उनका नाम प्रारूप निर्वाचक नामावली में सम्मिलित होगा या नहीं तथा इसकी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी या नहीं?

    उत्तर  जिन निर्वाचकों का गणना पत्रक प्राप्त नहीं होगा उन्हें एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेड/ रिपीटेड के रूप में बीएलओ द्वारा पड़ोसी से जांच कर चिंहांकित कर सूचीबद्ध किया जाएगा तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाइट पर प्रारूप निर्वाचक नामावली प्रकाशन के समय ही प्रदर्शित किया जाएगा। बीएलओ यह सूची अनिवार्यत: बनाएंगे तथा बीएलओ एप पर भी इसकी प्रविष्टि करेंगे।

    प्रश्न 4 क्या घर-घर जाकर गणना के समय कोई भी नए इलेक्टर के रूप में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है?

    उत्तर – हां कर सकता है उसे प्रारूप 6 के साथ घोषणा फॉर्म भरना होगा।

    प्रश्न 5 1 अप्रैल 1 जुलाई तथा 1 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि में अग्रिम आवेदन प्राप्त किया जा सकते हैं ?

    उत्तर -हां

    प्रश्न 6 गणना अवधि में बीएलओ के मुख्य कार्य क्या हैं?

    उत्तर -गणना पत्रकों का वितरण -पूर्व एसआईआर से लिंकिंग का कार्य

                        भरे हुए प्रपत्रों के संग्रहण का कार्य

                        गणना पत्रक पर पिछले एस आई आर मतदाता सूची से सत्यापन का कार्य

                        बीएलओ एप में गणना पत्रक से प्रविष्टि का कार्य

                        एब्सेंट/ शिफ्टेड / डेथ/ रिपीटेड अंकित करने का कार्य

                        समस्त भरे हुए गणना पत्रक एआरओ को सौंपने का कार्य।

    प्रश्न 7 बीएलओ गणना प्रपत्र में कितनी प्रति में प्राप्त करेगा?

    उत्तर-   बीएलओ गणना प्रपत्र दो प्रतियों में निर्वाचक  को प्रदान करेगा जिसकी एक प्रति प्राप्त करते हुए दूसरी प्रति पर निर्वाचक को पावती देगा अर्थात एक प्रति बीएलओ के पास तथा एक प्रति निर्वाचक के पास रहेगी।

    प्रश्न 8 यदि किसी निर्वाचक द्वारा ऑनलाइन गणना पत्रक प्रस्तुत किया है तो उसका वेरिफिकेशन कौन करेगा?

    उत्तर -निर्वाचन द्वारा भरे गए ऑनलाइन गणना पत्रक सीधे बीएलओ ऐप में लिंकिंग सहित प्रदर्शित होते हैं अतः बीएलओ द्वारा घर-घर विजिट के दौरान उसका सत्यापन अंकित किया जाएगा।

    प्रश्न 9 बीएलओ पूर्व एसआईआर की निर्वाचक नामावली से लिंकिंग के अतिरिक्त भी अन्य दस्तावेजों की घर-घर जांच विजिट के दौरान करेंगे?

    उत्तर -नहीं केवल पूर्व एस आई आर के निर्वाचक नामावली से जांच कर सत्यापन करना है।

    प्रश्न 10 -क्या घर-घर गणना विजिट के दौरान कोई नोटिस दिया जाना है?

    उत्तर -गणना विजिट के  दौरान कोई नोटिस नहीं दिया जाना है।

    प्रश्न 11-किसी निर्वाचक की मृत्यु हो गयी है तो क्या उसका मृत्यु प्रमाण पत्र परिवार से ले सकते हैं?

    उत्तर -हां।

    प्रश्न 12 किसी निर्वाचक का नाम पूर्व की एसआईआर की मतदाता सूची में है अथवा नहीं है तो उसका प्रपत्र में लिंकिंग किस प्रकार अंकित की जाएगी?

    उत्तर -1 पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण उपलब्ध होने पर तीसरी सारणी के बाएं भाग "एसआईआर  की मतदाता सूची में मतदाता का विवरण" में चाहा गया विवरण अंकित किया जाएगा इसमें प्रविष्टि वही होगी जो पूर्व एस आई आर की नामावली में अंकित है।

     2- यदि निर्वाचक का नाम पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में अंकित नहीं है तथा उसके पिता /माता /दादा/ दादी जो पूर्व एस आई आर की निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो का विवरण पूर्व की एस आई आर की निर्वाचक की नामावली में अंकित किया जाएगा।

    प्रश्न 13 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तो उसका हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फार्म प्राप्त किया जाना है या अथवा नहीं ?

    उत्तर -किसी भी निर्वाचन का हस्ताक्षर/ अंगूठे के निशान वाला फॉर्म अनिवार्यतः प्राप्त किया जाना है ।संवीक्षा की कार्यवाही प्रारूप प्रकाशन के उपरांत की जाएगी।

    प्रश्न 14 -किसी निर्वाचक द्वारा अपूर्ण फॉर्म भरा जाता है या लिंकिंग की जानकारी सत्यापित नहीं होती है तथा फार्म प्राप्त होने पर क्या प्रविष्टि प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी?

    उत्तर -हां प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल होगी।

  • MP में कृषि क्रांति: किसानों को अब नहीं लगानी पड़ेगी लाइन, खाद पहुंचेगी सीधे घर

    विदिशा
    ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अब किसानों को एक और सुविधा मिलने जा रही है। खाद की बुकिंग के दौरान ही किसान अब होम डिलीवरी के लिए भी बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान से न्यूनतम किराया लिया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल डबल लॉक केन्द्र के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांव तक उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा के अलावा शाजापुर और जबलपुर इन तीन जिलों में होम डिलीवरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए डबल लॉक केन्द्रों के पांच किलोमीटर क्षेत्र के गांवों को चिहिंत किया जा रहा है जहां यह सुविधा शुरू की जानी है। यह सुविधा शुरू होने से छोटे सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन नहीं होते। उन्हें फिलहाल किराये से वाहन करके खाद अपने गांव तक ले लाना पड़ता हैं।
     
    किसानों को मिलेगी महंगे किराए से मुक्ति
    कई बार वाहन नहीं मिलने से भी उन्हें परेशान होना पड़ता है या वाहन चालक को मनमाफिक किराया देना पड़ता है। वर्तमान में पांच किलोमीटर दूर तक खाद की बोरियां पहुंचाने के लिए ऑटो चालक 500 रुपये तक किराया वसूलते हैं। यदि किसी सीमांत किसान को कम खाद ले जाना है तो उन्हें किराया भाड़ा महंगा पड़ जाता है। योजना लागू होने से इन सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। वहीं उनके समय की भी बचत होगी।

    योजना सफल रही तो हो सकती है प्रदेश में लागू
    फिलहाल प्रदेश के तीनों जिलों के एक-एक केन्द्र पर योजना शुरू करने की तैयारी चल रही है। विदिशा मुख्यालय पर रामलीला मैदान के पास स्थित डबल लॉक केन्द्र के आसपास आठ गांव चिन्हित किए गए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा और योजना सफल रही हो आगे इसे प्रदेश भर में लागू किया जा सकता है। कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक केएस खपेड़िया का कहना है कि हमने फिलहाल एक केन्द्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांव चिंहित कर भेज दिए हैं। जल्दी ही योजना शुरू की जा सकती है।

  • MP में धान चोरी नाकाम: किसान की सूझबूझ से आरोपी दबोचा, पहुंचा जेल

    बहादुरपुर
    थाना क्षेत्र के गीलारोपा गांव में एक युवक धान की चोरी करते हुए पकड़ाया है। जिसे पुलिस ने 151 की क़ायमी कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि गीलारोपा निवासी श्रीराम पटेल बड़े किसान हैं। उनकी जमीन में करीब एक हजार क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है। यह धान किसान के घर के आगे मैदान में फैलाकर सूखने के लिए करीब पंद्रह से रखी है।

    बीते कुछ दिनों से धान के ढेरियों में से चोरी का संदेह किसान को हो रहा था। ऐसे में किसान ने बीते शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे लगवाए। शाम को टेक्नीशियन कैमरे लगा कर गया। रात में एक युवक आया और धान की ढेरियों में से बोरियां भर कर ले गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। किसान ने सुबह कैमरे चेक किए तो यह घटना दिखाई दी।
     
    एक ही दिन में किसान का चोरी हुआ डेढ़ दो क्विंटल धान
    युवक की पहचान प्रीतम पुत्र रामकिशन अहिरवार उम्र 25 वर्ष निवासी गीलारोपा के तौर पर हुई, जिसे किसान और उसके परिजन पकड़ कर पुलिस थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक पर 151 कायम कर मुंगावली एसडीएम कार्यालय भेजा। जहां से युवक को जेल भेज दिया गया है। किसान का कहना है कि शुक्रवार रात को करीब डेढ़ दो क्विंटल धान चोरी हुई है। उन्हें शक है कि युवक लगातार धान चोरी कर रहा था, जिससे और पूछताछ होनी चाहिए।

  • 266 करोड़ की केशकाल बाइपास सड़क दिल्ली में अटकी

    रायपुर

    बस्तर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले नेशनल हाईवे क्रमांक 30 में केशकाल घाट के विकल्प के रूप में 266 करोड रुपए की लागत से बनने वाली फोरलेन सड़क 7 साल बाद भी अधूरी पड़ी है. इस परियोजना को बनाने के लिए राजमार्ग विभाग को स्क्रीनिंग कमेटी नई दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार है. इधर केशकाल घाट में लगने वाले जाम से प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग परेशान हो रहे हैं.

    11.38 किमी लंबी फोरलेन युक्त बाइपास सड़क को बनाने का कार्य 7 साल पहले शुरू किया गया था, किंतु ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया, इसलिए कार्य अधूरा पड़ा है. बताया गया कि वर्ष 1918 में केशकाल घाट के चौथे मोड़ से लेकर सिंघनपुर की तरफ 11.38 किमी लंबी बाइपास सड़क बनाने का ठेका राजमार्ग विभाग ने मुंबई की वालेचा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था. उसने अपना यह कार्य चेन्नई की किसी श्रीराम कंट्रक्शन को दे दिया था. करीब ढाई किमी लंबा अर्थवर्क करने के बाद यह कंपनी कारोबार समेटकर भाग गई है. तब से बाइपास का निर्माण अधूरा पड़ा है.

    6 महीने पहले भेजी गई है फाइल
    बताया गया कि 266 करोड रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबी बाईपास सड़क को फोर लाइन करना है. इस मार्ग में दो बड़े पुल और सात मध्यम पुल का निर्माण भी किया जाना है. पूरी फॉर्मेलिटी करने के बाद रिपोर्ट नईदिल्ली स्थित स्क्रीनिंग कमेटी को भेजी गई है. बताया गया की 6 महीने पहले भेजी गई इस रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है इसलिए बाईपास निर्माण शुरू नहीं हो पाया है.

    20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही
    इधर केशकाल घाट में लगातार जाम लगने की वजह से हजारों लोग परेशान हो रहे हैं बताया गया कि प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग केशकाल घाट होकर आना-जाना करते हैं इसलिए नेशनल हाईवे क्रमांक 30 को बस्तर की जीवन रेखा कहा जाता है. इस संदर्भ में बस्तर का नागरिकों का कहना है कि बाईपास निर्माण के लिए भी बड़े आंदोलन की दरकार है.

    6.97 करोड से संवर रही बस्तर की सड़क
    केशकाल नगरवासियों द्वारा आंदोलन और चक्का जाम करने के बाद अब राजमार्ग विभाग ने केशकाल की सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. इसके लिए 6 कार्य तेजी से जारी है. इस संदर्भ में लोगों का कहना है कि शासन को लोगों की समस्या नजर क्यों नहीं आती. हर बार सरकार को जगाने के लिए जनआंदोलन जरूरी हो गया है.

  • MP सरकार का बड़ा फैसला: विधायकों को 5 करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे, दोगुनी हुई विकास निधि

    भोपाल
    पुल, पुलिया, आंगनवाड़ी, पंचायत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन या फिर अन्य अधोसंरचना से जुड़े छोटे-मोटे कामों के लिए विधायकों को सरकार का मुंह नहीं देखना होगा। वे विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन निधि (विधायक निधि) से ही यह काम करा सकेंगे। सरकार विधायक निधि दोगुनी करने की तैयारी में है। इसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों की तरह 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जा सकता है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा विधायक दल की बैठक में परामर्श के बाद यह निर्णय लिया जाएगा।

    विधायक निधि बढ़ाने की हुई थी मांग
    प्रदेश में विधायकों को अभी क्षेत्र विकास के लिए ढाई करोड़ की निधि मिलती है। 75 लाख रुपये स्वेच्छानुदान के अलग से दिए जाते हैं। क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से यह राशि अपर्याप्त है। ऐसे में विधायकों ने निधि को पांच करोड़ और स्वेच्छानुदान को बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की मांग की है। विधानसभा के मानसून सत्र में भी उन्होंने विधायक निधि बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिति बनाकर विचार करने का आश्वासन दिया था। संसदीय कार्य विभाग ने समिति को अन्य राज्यों में विकास निधि संबंधी रिपोर्ट दी है, जिसका अध्ययन करने के बाद सदस्यों से राय ली जाएगी।
     
    पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने की प्राथमिकता
    सूत्रों का कहना है कि राशि पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष करने पर समिति में सहमति बनी है। विधायक से पूछकर क्षेत्र में 15 करोड़ रुपये के काम सरकार ने निर्वाचन क्षेत्र विकास के लिए विधायक को 15 करोड़ रुपये तक के काम कराने का अवसर दिया है। इसके लिए विजन डाक्टूमेंट तैयार कराए गए हैं। इस आधार पर विकास कार्यों को हरी झंडी दी जा रही है। दरअसल, सरकार की प्राथमिकता पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने की है। विजन डाक्टूमेंट में भी अधोसंरचना विकास के काम पर जोर अधिक है। 

  • धार भोजशाला विवाद: वसंत पंचमी और जुमे की नमाज़ एक साथ, प्रशासन ने शुरू की चर्चा

    धार
    ऐतिहासिक भोजशाला में आगामी 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को जुमे की नमाज वाला दिन होने और उसी दिन वसंत पंचमी का उत्सव मनाए जाने के कारण प्रशासन के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। वजह यह है कि वसंत पंचमी मनाने की वजह के कारण हिंदू समाज की ओर से उस दिन नमाज की अनुमति न दिए जाने की मांग की जा रही है।

    हालांकि इस पर अभी प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन इसको लेकर अनिश्चय की स्थिति के बीच इस बारे में शनिवार को धार पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार सभी की आस्था का सम्मान करती है, इसलिए निर्णय भी सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
     
    किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। समस्या के समाधान के लिए सभी लोग मिलकर चर्चा करेंगे और सौहार्दपूर्ण निर्णय लेंगे। मीडियाकर्मियों ने वर्ष 2006 की स्थिति का हवाला देते हुए विजयवर्गीय से यह भी पूछा कि तब भी वह प्रभारी मंत्री थे और शुक्रवार तथा बसंत पंचमी एक साथ आई थी।

    अब जबकि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार है, ऐसे में भोजशाला से जुड़े मुद्दे का समाधान क्यों नहीं हो पाया? इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसी समस्याओं का निराकरण एक दिन में नहीं होता। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लंदन प्रवास के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। मुझे विश्वास है कि एक दिन समस्या का निराकरण होगा।

    गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन आ रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) के आदेशानुसार, सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू समाज को भोजशाला में पूजन और हवन की अनुमति रहती है। वहीं, हर शुक्रवार की तरह मुस्लिम समुदाय जुमे की नमाज़ अदा करता है।

    ऐसे में एक ही दिन पूजा और नमाज़ दोनों होने के कारण स्थिति को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। इधर, 18 नवंबर को सकल हिंदू समाज बसंत पंचमी के अवसर पर अखंड पूजन की अनुमति को लेकर ज्ञापन सौंपेगा। 

  • मध्य प्रदेश में ठंड की मार कम होगी, लेकिन चुनिंदा जिलों में जारी रहेगा शीतलहर का असर

    भोपाल
    वर्तमान में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पर बना पश्चिमी विक्षोभ भी आगे बढ़ गया है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, हवा के रुख में कुछ बदलाव होने से शनिवार से ठंड से मामूली राहत मिलना शुरू हो सकती है। हालांकि कुछ शहरों में शीतलहर का प्रभाव अभी बना रह सकता है।

    तीन दिन बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, शुक्रवार को भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगांव एवं शिवपुरी में शीतलहर का और इंदौर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा। रात का सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान शिवपुरी में रिकॉर्ड किया गया। दिन का सबसे अधिक 30.8 तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
     
    तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है
    मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक, अभी तीन दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। उसके बाद रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।

    हालांकि राजस्थान पर एक प्रति चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से हवाओं का रुख उत्तरी होने के साथ ही बीच-बीच में पूर्वी भी होने लगा है। इसके चलते शनिवार से कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने लगेगी। दो दिन बाद हवाओं का रुख पूर्वी होने की भी संभावना है। इसके चलते रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

  • हवा और पर्यावरण सुधार की पहल: निकायों को सौंपा गया पौध-रोपण रोडमैप तैयार करने का आदेश

    भोपाल 
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को वर्ष 2026 में किये जाने वाले व्यापक पौध-रोपण अभियान की तैयारी और इससे जुड़ी कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास ने निकायों से कार्य-योजना दिसम्बर-2025 तक पूर्ण करने के लिये भी कहा है। प्रदेश में वर्ष 2025 में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकायों द्वारा करीब 36 लाख पौधों का रोपण किया गया है। निकायों को लगाये गये पौधों की सुरक्षा में सजगता बरतने को भी कहा गया है।

    नगरीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि नगरीय निकाय अपने क्षेत्रों में हितधारकों की बैठक और कार्यशाला आयोजित कर वर्ष 2026 के पौध-रोपण लक्ष्यों का पहले आकलन करें और उसके अनुसार रणनीति बनायें। निकायों को यह भी सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है कि कुल लक्ष्य में से शेष पौध-रोपण का कार्य निकायों द्वारा अपने संसाधनों से करना होगा। निकाय सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लान, ओवरहेड टैंक के आसपास की भूमि, सड़कों के दोनों ओर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल एवं शासकीय परिसरों की बाउण्ड्रीयुक्त भूमि, नदियों, नालों, तालाबों, डैम एवं नहरों के किनारों के साथ मुक्तिधाम और खेल मैदानों के आसपास का क्षेत्र चिन्हित करने के लिये कहा गया है। शहरी क्षेत्र में पौधों की उपलब्धता के लिये उद्यानिकी एवं वन विभाग की नजदीकी नर्सरियों से अभी से सम्पर्क किया जाये। पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पौधों के क्रय के लिये बजट के इंतजाम का प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाये।

    नगरीय क्षेत्र में अधिकतम हरियाली बढ़ाने के लिये जामुन, अर्जुन, देशी बबूल, बड़े वृक्षों जैसे पीपल, बरगद, आम, महुआ, इमली आदि प्रजातियों के पौधे को प्राथमिकता दी जाये। बीज छिड़काव के लिये उत्तम व्यवस्था की जाये। संचालनालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि वर्ष 2026 के पौध-रोपण कार्य की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवम्बर माह से ही साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी। निर्देश में यह भी कहा गया है कि शहरी क्षेत्र के कुछ भवनों में बाउण्ड्री-वॉल नहीं होती है, वहाँ मेहंदी की बाउण्ड्री-वॉल सुरक्षा के हिसाब से लगाने के प्रस्ताव भी तैयार किये जायें। इससे परिसर में सुरक्षा के साथ हरियाली का भी विस्तार होगा।

    जल संरक्षण को बढ़ावा देना
    नगरीय निकायों से कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2026 के पौध-रोपण के साथ जल संरक्षण से संबंधित प्रस्ताव भी तैयार किये जायें। इन दोनों उपायों से शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ पर्यावरण सुधार में बेहतर कार्य हो सकेगा।

  • न्याय की मिसाल: 8 रुपये के लिए लड़ी तीन साल की लड़ाई, मिला 15 हजार का मुआवज़ा

    भोपाल
    अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से आठ रुपये अधिक लेना डी-मार्ट को भारी पड़ गया। भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-2 ने इसे अनुचित व्यापार बताते हुए 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। उपभोक्ता ने इस आठ रुपये के लिए तीन साल की कानूनी लड़ाई लड़ी। आयोग ने अपने फैसले में कहा है कि स्टोर पैकेट पर लिखी एमआरपी से अधिक कीमत नहीं वसूल सकता। दुकानदार का दायित्व है कि वह बिल में उत्पाद की एमआरपी एवं डिस्काउंट को स्पष्ट रूप से अंकित करे।

    कोलार रोड निवासी विवेक शर्मा ने 13 अप्रैल 2022 को डी मार्ट से खरीदी की थी। कुल चार हजार 235 रुपये के सामान में एक अंडरगारमेंट भी था। घर आकर जब उन्होंने सामान और बिल का मिलान किया तो पता चला कि अंडरमारमेंट पर एमआरपी केवल 200 रुपये अंकित है, जबकि बिल में उसका मूल्य 208 रुपये बताया गया है। उन्होंने डीमार्ट से शिकायत की तो स्टोर ने उन्हें आठ रुपये लौटाने से मना कर दिया। उसके बाद शर्मा ने आयोग में याचिका लगाई।
     
    सुनवाई के दौरान डीमार्ट का तर्क था कि जो उत्पाद दिया गया, वह पुरानी पैकिंग थी। खरीदी वाले दिन उस अंडरगारमेंट की एमआरपी 260 रुपये था, जिसमें डिस्काउंट कर उसे 208 रुपये में दिया गया। आयोग का कहना था कि स्टोर ऐसा नहीं कर सकता। पैकेट पर 200 रुपया एमआरपी अंकित है तो वह किसी भी स्थिति में उससे अधिक कीमत नहीं वसूल सकता। दुकानदार का यह दायित्व है कि वे बिल में उत्पाद की एमआरपी एवं डिस्काउंट को स्पष्ट रूप से अंकित करें। ऐसा ना कर डीमार्ट ने सेवा में कमी की है। यह अनुचित व्यापार की श्रेणी में आता है।

    कोर्ट का ग्राहक को 15 हजार देने का आदेश
    आयोग ने डीमार्ट को आदेशित किया कि वे उपभोक्ता को दो माह के अंदर नौ प्रतिशत ब्याज के साथ 15 हजार रुपये अदा करे। बाक्स अपने अधिकारों प्रति जागरूक हो जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरीबाला सिंह ने बताया कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। कभी भी किसी शापिंग काम्पलेक्स से खरीददारी करें तो घर पर बिल का मिलान जरूर करें। अगर गड़बड़ी मिले तो बेखटके उपभोक्ता आयोग का दरवाजा जरूर खटखटाएं।

  • सालों से निष्क्रिय बैंक अकाउंट में मिली बड़ी रकम, 3.88 लाख पाकर झूम उठे दिव्यांग प्रेमचंद

    ग्वालियर
    रामबाग कॉलोनी शिंदे की छावनी निवासी दिव्यांग प्रेमचंद उमरैया के नाम से उनके माता पिता ने मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते में रकम जमा की थी। खाते के बारे में तो प्रेमचंद को पता था, लेकिन उसमें कितनी रकम है, यह उन्हें नहीं मालूम था। पिछले 15-16 साल से यह खाता निष्क्रिय था। बैंक ने दिव्यांग प्रेमचंद को आपकी पूंजी आपका अधिकार अभियान के तहत कलेक्ट्रेट में लगाए गए शिविर में बुलाया और तीन लाख 88 हजार रुपये उनके खाते में ट्रांसफर किए तो वो खुशी से झूम उठे।

    लीड बैंक मैनेजर व आरबीआई के एजीएम विश्वजीत ने उन्हें राशि देने का प्रमाण-पत्र दिया। इसी तरह शिविर में जो भी उपभोक्ता आए, उन्हें उनकी अनक्लेम्ड राशि वापस की गई। साथ ही जिन प्रकरणों में कुछ बाधाएं थीं, उन्हें आगामी कुछ दिनों में हल करने का बैंक प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया। हालांकि शिविर में उतने उपभोक्ता नहीं आए, जितने आने की उम्मीद थी। बता दें कि जिले के विभिन्न बैंकों में इस समय करीब दो लाख 77 हजार 336 खातों में लगभग 125 करोड़ रुपये की राशि अनक्लेम्ड के रूप में दर्ज है।
     
    जिनका निधन हुआ, उनके स्वजन भी क्लेम कर सकते हैं
    यह राशि वह है जो लोगों के विभिन्न खातों में हैं या फिर उन लोगों की है जिनका निधन हो चुका है। इस राशि को बैंक ने होल्ड कर लिया है। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने लोगों को न केवल अपने निष्क्रिय व भूले हुए खाते से राशि को क्लेम करने का मौका दिया है बल्कि जिन खाता धारकों का निधन हो चुका है, उनके स्वजन को भी राशि को क्लेम करने का अवसर दिया है।

    शिविर में 201.65 लाख के प्रकरणों का निपटारा
    शिविर में अनक्लेम्ड एसेट्स से जुड़े कुल 95 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। विभिन्न बैंक शाखाओं ने 201.65 लाख रुपये के प्रकरणों का समाधान किया। 11 हितग्राहियों को 124.34 लाख रुपये के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। शिविर का आयोजन अग्रणी बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ग्वालियर द्वारा किया गया।

    अधिक से अधिक राशि लौटाने का प्रयास है
        आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान तो अक्टूबर माह से चल रहा है, लेकिन शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों को मौके पर हल कर अनक्लेम्ड राशि को वापस लौटाना है। शिविर में अधिक लोगों के न आने की पीछे की वजह यह है कि कुछ लोगों के खातों में राशि कम है तो वे ध्यान नहीं दे रहे। बड़ी संख्या में ऐसे भी खाते हो सकते हैं जिनके उपभोक्ताओं का निधन हो चुका है, साथ ही परिवार में भी इन खातों की राशि क्लेम करने वाला नहीं है। हालांकि आरबीआई व वित्त मंत्रालय का प्रयास है कि अधिक अधिक राशि को क्लेम करवाकर उनके हकदारों को वापस की जाए। यह अभियान अभी जारी रहेगा। -विश्वजीत, एजीएम, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया।

    बैंकों के अलग-अलग काउंटर लगे
        शिविर में बैंकों ने अपने अलग-अलग काउंटर लगाए थे, जो तुरंत मौके पर दस्तावेज लेकर दावा फार्म भरवाकर राशि को वापस कर रहे थे।
        शिविर में बीमा, म्यूचुअल फंड, पेंशन या शेयर डिविडेंड की राशि के लिए भी काउंटर लगा था। लेकिन इन काउंटर पर कोई भी दावा करने नहीं आया।