• दर्दनाक हादसा: इंदौर में मोबाइल चार्ज करते वक्त करंट लगने से मासूम बच्ची की मौत

    इंदौर
    हीरानगर थाना अंतर्गत एक बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई। बच्ची मोबाइल चार्ज करने की कोशिश कर रही थी। तार में कट होने से करंट लग गया। पुलिस के अनुसार घटना ग्राम भांगिया की है। सात वर्षीय गंगा की करंट लगने से मौत हुई है। मूलत: ललितपुर (उप्र) निवासी गंगा के पिता बबलू ईंट भट्टे पर काम करते है। टापरी बनाकर भांगिया में ही परिवार रहता है। गंगा ने मोबाइल चार्ज करने के लिए होल्डर लगाया था। तार में कट लगने के कारण वह करंट की चपेट में आ गई।
     
    दूसरी कक्षा की छात्रा की आकस्मिक मृत्यु
    इसके साथ ही कट्ठीवाड़ा के विकासखंड के ग्राम काबरी सेल में स्थित कन्या छात्रावास में कक्षा दूसरी की छात्रा की शनिवार सुबह आकस्मिक मृत्यु हो गई। खबर मिलते ही विधायक ने छात्रावास का दौरा किया और प्रशासन पर असंवेदनशीलता और घोर लापरवाही का आरोप लगाया। खंड शिक्षा अधिकारी शंकर जाटव ने बताया कि कन्या छात्रावास काबरीसेल की कक्षा दूसरी की छात्रा कृतिका बघेल सुबह नाश्ते के बाद खेल रही थी, अचानक उल्टी होने के बाद बेसुध हो गई।

    अधीक्षिका ने खंड मुख्यालय पर सूचना दी, किंतु कुछ ही देर में बालिका की मृत्यु हो गई। आलीराजपुर के लक्ष्मणी क्षेत्र में रहने वाली बालिका के साथ उसकी बड़ी बहन भी वहीं पढ़ती है। उसके अनुसार छात्रा को पूर्व में कोई परेशानी नहीं थी।

    मौके पर पहुंची क्षेत्रीय विधायक सेना पटेल ने बच्ची की मौत के लिए प्रशासन पर आदिवादियों के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि क्या यही आदिवासी गौरव है। मुख्यमंत्री ऊपरी चमक दमक दिखाने में जुटे है वहीं उनकी नाक के नीचे उनका प्रशासन भ्रष्ट्राचार और लापरवाही, संवेदनहीनता के साथ मासूम बच्चियों की जान के साथ खिलवाड़ करते जा रहा है। आदिवासी बच्चियों के स्वास्थ्य के साथ बार बार होते खिलवाड़ के चलते उनकी जान तक चली जाती है और किसी पर भी कोई कार्यवाही नहीं होती।

  • शामगढ़ में बिजली व्यवस्था मजबूत: 40 MVA अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगा, क्षमता बढ़ी

    भोपाल 
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मंदसौर जिले की पारेषण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण करते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 केवी सबस्टेशन शामगढ़ में एक 40 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर इसे ऊर्जीकृत किया है। इससे सब-स्टेशन में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफॉर्मर की उपलब्धता के साथ-साथ शामगढ़ तहसील क्षेत्र के 21 हजार विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। इस ट्रांसफॉर्मर से सब-स्टेशन की क्षमता 40 एमवीए से बढ़कर अब 80 एमवीए हो गयी है।

    मंदसौर जिले की पारेषण क्षमता में वृद्धि
    एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता वाय. आर. मांडलेकर ने बताया कि इससे मंदसौर जिले के चंदवासा, शामगढ़ तथा लिफ्ट इरीगेशन फीडर के साथ 17000 घरेलू, 4000 सिंचाई एवं 3 हाई टेंशन उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। मंदसौर जिले में एमपी ट्रांसको के कुल 12 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब-स्टेशन हैं, जिनकी कुल क्षमता 2559 एमवीए से बढ़कर 2599 एमवीए की हो गई है।

     

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पन्ना डायमंड को ब्रांड बनाने की तैयारी, CM डॉ. यादव का बयान

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हीरा नगरी 'पन्ना जिले' के हीरे को भारत सरकार द्वारा जीआई (ज्योग्रोफिकल इंडिकेशन) टैग मिलना सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इससे पन्ना डायमंड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा और पन्ना के युवाओं तथा कारीगरों को स्थानीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे। पन्ना जिले के हीरे सर्टिफाइड और प्रीमियम प्राकृतिक उत्पाद के रूप में विश्व बाजार में उपलब्ध होंगे और पन्ना के इन प्राकृतिक हीरों को ही पन्ना डायमंड के नाम से बेचा जा सकेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

     

  • ऊर्जा मंत्री तोमर ने जनसुनवाई में किया समस्याओं का निराकरण

    भोपाल 
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान समस्याओं का त्वरित निराकरण किया। उन्होंने कहा कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। इसकी पूर्ति के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं का समाधान निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश दिये।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने जनसुनवाई में आई जरुरतमंद महिलाओं को तत्काल राशन दिलाने के निर्देश के साथ ही वृद्धजनों की वृद्धावस्था पेंशन तथा मुफ्त इलाज के लिये आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने की योजना बनाई है। इस दिशा में सरकार सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने दोहराया कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विकास का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना ही शासन की प्राथमिकता है।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने आहवान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाएंगे और एक नया स्वस्थ, हरा-भरा, नशा मुक्त समाज बनाएंगे।

     

  • कूनो में प्रकृति, रोमांच और संस्कृति का उत्सव: कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट के द्वितीय संस्करण का भव्य शुभारंभ

    संस्कृति, प्रकृति और रोमांच का अनूठा संगम है "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट": राज्य मंत्री श्री लोधी
    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल; इको-टूरिज्म और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
    ऑल सीजन लग्जरी टेंट सिटी में जंगल सफारी के साथ-साथ थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, योग व ध्यान सत्र, विलेज टूर और वेलनेस गतिविधियों का आनंद

    भोपाल
    मध्यप्रदेश की धरती, जिसे 70 वर्षों बाद चीतों की वापसी का गौरव प्राप्त हुआ है, अब प्रकृति, रोमांच और संस्कृति के एक अनूठे उत्सव का साक्षी बन रही है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के सुरम्य वातावरण में 14 नवंबर 2025 को "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट" के द्वितीय संस्करण का भव्य आगाज़ हुआ। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट" का उद्देश्य पर्यटन, वन्यजीव और संस्कृति का एक ऐसा अनूठा संगम प्रस्तुत करना है, जो पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय हो। यह आयोजन वैश्विक मानचित्र पर चीतों के घर कूनो को एक प्रमुख 'सस्टेनेबल टूरिज्म' गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा और स्थानीय कला, शिल्प व व्यंजनों को भी एक वैश्विक मंच प्रदान कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को मज़बूत करेगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित उत्सव का औपचारिक शुभारंभ सहरिया विकास अभिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्री सीताराम आदिवासी ने दीप प्रज्वलित कर किया। 

    'कूनो' बनेगा इको-टूरिज़्म का राष्ट्रीय गंतव्य
    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला ने इस आयोजन को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, वन्यजीव संरक्षण और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर सराही जा रही चीता पुनर्वास परियोजना का उत्सव भी है। हमारा उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ना, स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर देना और मध्य प्रदेश को इको-टूरिज़्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है।

    प्रकृति की गोद में अविस्मरणीय अनुभव
    इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित यह फॉरेस्ट रिट्रीट आगंतुकों के लिए अनुभवों का एक खजाना लेकर आया है। कूनो के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच 25 लग्ज़री ऑल सीजन ग्लैंपिंग टेंट स्थापित किए गए हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति की गोद में रहने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। इस रिट्रीट में जंगल सफारी के साथ-साथ थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, योग व ध्यान सत्र, विलेज टूर और वेलनेस गतिविधियों को भी सम्मिलित किया गया है।

    सांस्कृतिक संध्या ने मोहा मन
    उद्घाटन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक बधाई नृत्य ने भगवान राम और कृष्ण के जन्म प्रसंगों को जीवंत किया, वहीं बुंदेलखंड के प्रसिद्ध नौरता नृत्य ने प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं से परिचय कराया। इन प्रस्तुतियों के साथ ही, उत्सव में स्थानीय हस्तकला और जनजातीय कला का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जो पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति से गहराई से जोड़ेगा। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

  • महापुरूषों के स्मरण से मन में देश प्रेम की भावना जागृत होती है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    कन्या महाविद्यालय में आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह में शामिल हुए

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महापुरूषों के स्मरण से मन में देशप्रेम की भावना जागृत होती है। महापुरूषों की जयंती मनाने का उद्देश्य है कि उनके जीवन चरित्र का आत्मावलोकन किया जाए। श्री शुक्ल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रीवा में आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह में शामिल हुए

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबका सिर गर्व से ऊंचा करने वाला दिन है क्योंकि आज वीर नायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुण्डा ने अपने जीवनकाल के मात्र 25 वर्षों में आजादी की लड़ाई में जो अहम भूमिका निभाई थी, जिसके फलस्वरूप हम सब आज खुले में सांस ले रहे हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों ने देश को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भगवान बिरसा मुण्डा एवं स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरूषों के आदर्श जीवन को आत्मसात करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर ही देश को विश्वगुरू बनाया जा सकता है। उन्होंने युवा वर्ग से आह्वान किया कि महापुरूषों के आदर्श जीवन के संस्कार अपने जीवन में उतारें और अपने साथ अपने परिवार व समाज के लिए परोपकार के कार्य करें।

    उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से समाज में व्याप्त विकृतियों, नशे तथा मानवीय अवगुणों के विरूद्ध लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित रीवा के साथ क्लीन रीवा व ग्रीन रीवा बनाने में सहभागी बनने का आह्वान भी किया। स्वागत उद्बोधन प्राचार्य श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने दिया। उप मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन चरित्र पर आधारित निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष गौसंवर्धन बोर्ड राजेश पाण्डेय, केके गर्ग, महाविद्यालय के कार्यालय प्रभारी पुनीत मिश्रा सहित प्राध्यापक तथा छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरोज गोस्वामी ने किया।

  • उप मुख्यमंत्री ने सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का किया निरीक्षण

    प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से किया संवाद

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कन्या महाविद्यालय रीवा परिसर में गोकुलदास एक्सपोर्ट द्वारा दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि आप सब प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अवसर उपलब्ध कराया जाए। सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में निर्धन वर्ग की लड़कियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर लड़कियाँ अतंर्राष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को बताया गया कि अभी तक केन्द्र से 30 प्रशिक्षण प्राप्त कर बालिकाओं को बैंगलोर में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रीवा से बैंगलोर जाना आसान हो जाएगा। आगामी 22 दिसम्बर से रीवा से इंदौर के लिए वायु सेवा प्रारंभ हो जाएगी और इंदौर से लोगों को सीधे बैंगलोर की कनेक्टिंग फ्लाइट मिल सकेगी।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से अधिक से अधिक लड़कियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगी तो गोकुलदास कंपनी की इकाई रीवा में स्थापित करने के प्रयास होंगे। प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षणार्थियों को आवास व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी यूके तिवारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी के कपड़े पूरे विश्व में निर्यात किए जाते हैं, जहाँ रीवा से प्रशिक्षण प्राप्त कर 30 लड़कियों को रोजगार के अवसर मिले हैं। निरीक्षण के समय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, गौसंवर्धन बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, केके गर्ग सहित प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी बालिकाएं उपस्थित रहीं।

  • देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज सबसे आगे रहा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    उप मुख्यमंत्री ने कोल सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण

    भोपाल 
    भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में रीवा में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रीवा जिले में कोल भवन परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज हमेशा आगे रहा है। गुलामी की जंजीर में जकड़े हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुण्डा का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्हें 'धरती आबा' कहा गया। वह हमारे प्रेरणास्रोत हैं। देश उनकी 150वीं जयंती धूमधाम से मनाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे महापुरूष प्रेरणास्रोत हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से ही हम स्वतंत्रता प्राप्त कर खुले में सांस ले पा रहे हैं। आदिवासी समाज ने शौर्य और पराक्रम का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जल, जमीन और जंगल के बिना भारत की कल्पना असंभव है। देश में यदि जंगल बचा है तो वह सिर्फ आदिवासी समाज के कारण ही बचा है। आदिवासी समाज के हमारे भाई गंगा नदी के समान पवित्र और निश्छल हैं। उनमें वीरता के साथ धैर्यशीलता भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के लोगों को जमीन का पट्टा देने तथा पक्के मकान बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पूरा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में कोल समाज के लिए समर्पित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण हुआ।

    जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि गुरूओं व बड़ों के आशीर्वाद से ही व्यक्ति आगे बढ़ता है। कोल सामुदायिक भवन की जो सौगात उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल द्वारा मिली है, उसे समाज के लोग हमेशा याद रखेंगे। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि आदिवासी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। आदिवासी समाज जल, जंगल व जमीन के लिए ही जीता है। विधायक व्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि आज हम ऐसे महापुरूष को याद कर रहे हैं जिन्होंने बिना संसाधन के अपनी अस्मिता की पहचान को बनाए रखने का कार्य किया तथा भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि कोल समाज अपनी संस्कृति व इतिहास को बचाए हुए है। शासन के सहयोग से समाज के लोगों के विकास के कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 93.49 लाख रुपए से निर्मित कोल सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने जनजातीय देवी-देवताओं का पूजन कर जनजातीय धर्मगुरूओं का सम्मान किया। कार्यक्रम में आदिवासी लोकनृत्य एवं अन्य आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ हुईं। जिला स्तरीय आयोजन में गौरव रथयात्रा का समापन हुआ और ग्राम उत्कर्ष योजना से निर्मित आवासों के गृह प्रवेश के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। आयोजन में हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन जिला संयोजक कमलेश्वर सिंह द्वारा किया गया।

     

  • किसानों की आय में बढ़ोतरी की उम्मीद, सोयाबीन का मॉडल रेट 4225 रुपये घोषित

    भोपाल
    भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए शनिवार 15 नवंबर को 4225 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।

    सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए और 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।

     

  • कोनी में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: मुख्यमंत्री ने नए संभागायुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर के कोनी क्षेत्र में नवीन संभागायुक्त कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण अरपा नदी के तट पर लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त कार्यालय भवन में बेसमेंट सहित भूतल तथा प्रथम तल का निर्माण किया गया है। प्रत्येक तल का निर्माण क्षेत्र 1620 वर्गमीटर है। भूतल में 10 कक्ष और एक विशाल हॉल निर्मित किए गए हैं। इसी प्रकार प्रथम तल में 12 कक्ष, एक हॉल और अलग से प्रसाधन की व्यवस्था की गई है। भवन में संभागायुक्त एवं अपर आयुक्त के कक्ष, न्यायालय कक्ष, बैठक कक्ष तथा उपायुक्त (राजस्व), विकास, लेखा अधिकारी के कार्यालय कक्षों के साथ पृथक स्टाफ रूम भी शामिल हैं। नए भवन में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुविधाओं का भी समुचित ध्यान रखा गया है।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्रीअरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • स्टेडियम में इतिहास का सम्मान: मुख्यमंत्री ने की राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा स्थापित

    बिलासपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़  भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी। 

    वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया। 
       इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव,  विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला,  महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • खरीदी केन्द्रों में किसानों को फूल-माला पहनाकर किया गया स्वागत

    पहले दिन किसानों से 188 केंद्रों में 18639 क्विंटल धान की हुई खरीदी

    उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा की मौजूदगी में हुआ श्रीगणेश

    खाद्य मंत्री श्री बघेल ने चंदरपुर और कृषि मंत्री श्री नेताम ने डौरा-कोचली में की खरीदी की शुरुआत

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी के लिए सम्पूर्ण चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए इस साल राज्य में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने हेतु माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश में 18639 क्विंटल धान की खरीदी की गई।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए निष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। किसानों की किसी भी प्रकार की असुविधा को रोकने के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाते हुए तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत की गई हैं।

    धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रिगणों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया।

    इसी प्रकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुँचकर किसानों का आत्मीय स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।

    सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके, समय पर भुगतान पाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सम्मानजनक हो। आज प्रदेशभर में जिस उत्साह और विश्वास के साथ किसानों ने खरीदी केंद्रों का रुख किया, वह छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। आगामी दिनों में खरीदी प्रक्रिया और अधिक सुगमता के साथ चले, इसके लिए सभी जिला प्रशासन सतर्क और प्रतिबद्ध हैं। 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का ध्येय केवल धान खरीदना नहीं, बल्कि किसान के श्रम का सम्मान सुनिश्चित करना है और यही भावना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।

  • प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एससी विभाग की महत्वपूर्ण बैठक, मुख्य आतिथ्य में शामिल हुए भगवती प्रसाद चौधरी

    भोपाल 
    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी के मुख्य आतिथ्य में आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में अनुसूचित जाति विभाग की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

    बैठक में पार्टी संगठन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की भूमिका, महत्व तथा उनकी सक्रिय भागीदारी पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रथम आगमन पर श्री चौधरी का कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी ने किया स्वागत मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद चौधरी ने संगठन की मजबूती और अनुसूचित जाति वर्ग पर हो रहे अन्याय एवं उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि— “पार्टी आज चुनौतियों और संघर्ष के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हम सभी को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा और अपने हक–अधिकार की लड़ाई पूरी शक्ति से लड़नी होगी।”

    मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि— “आने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठित और सक्रिय होने की आवश्यकता है। अनुसूचित जाति वर्ग प्रदेश में संगठन और सत्ता को मजबूती देने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमें जनता के अधिकारों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानी है।” श्री चौधरी के प्रथम आगमन पर अजा विभाग के कांग्रेस पदाधिकारियो ने उनका प्रदेश कांग्रेस कमेटी में स्वागत किया।

    बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता समस्त विभाग एवं प्रकोष्ठों के प्रभारी डॉक्टर महेंद्र सिंह चौहान, पूर्व महापौर दीपचंद यादव, हेमंत नरवरिया, विक्रम चौधरी, रवि वर्मा, हिरदेश किरार सहित सभी पदाधिकारियों ने अपने सुझाव प्रभारी के समक्ष रखे और संगठन की मजबूती हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

    अंत में प्रभारी भगवती प्रसाद चौधरी ने उपस्थित पदाधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि— “कांग्रेस पार्टी सदैव अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकार, सम्मान और भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है, और संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसका हक और सम्मान अवश्य मिलेगा।” इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी,  विभाग के पदाधिकारी मुकेश बंसल, सुनील बोरासी, रमेश बकोरिया दीपू बलुआ, अनिल… नीरज चांडाले, आदि उपस्थित थे।

  • राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिला के मालगांव खरीदी केन्द्र में पूजा अर्चना कर धान खरीदी का किया शुभारंभ

    रायपुर,

    राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्र मालगांव पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं विक्रय के लिए किसान द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार पूजा अर्चना कर धान खरीदी की शुरूआत की। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, सीईओ हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित महेश जैन, सतीश लाटिया, बृजेश चौहान भी उपस्थित थे। धान खरीदी केन्द्र मालगांव में कृषक तीजूराम उसेण्डी के धान की तौल कराकर खरीदी कार्य की शुरूआत की गई।

    उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 149 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं तथा धान खरीदी केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खरीदी केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर ली गई है तथा बारदाना भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

     

  • सुरक्षा बलों की कार्रवाई रंग लाई: शीर्ष कमांडर समेत 8 नक्सली हुए आत्मसमर्पण

    मुलुगु

    नक्सल संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है. जहां तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रीय दो शीर्ष माओवादी नेताओं सहित कुल 8 नक्सलियों के वारंगल पुलिस के सामने सरेंडर किया है.

    मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी नक्सली दो दिन पहले ही गुपचुप तरीके से सरेंडर हो चुके हैं और सोमवार को इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है. आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ा नाम कोय्यादी संबय्या उर्फ आज़ाद, बीकेएसआर डिवीजन कमेटी सचिव का है.

    आजाद कई दशकों से माओवादी संगठन में प्रमुख रणनीतिक भूमिका निभा रहे थे. इसके अलावा अब्बास नारायण उर्फ़ रमेश, जो तकनिकी टीम के प्रभारी ने भी सरेंडर किया है. रमेश रामागुंडम इलाके में लंबे समय से सक्रीय था। इसके अलावा भी जय लाल (SZCM) 25 लाख और माडवी भीमे( DVCM) 08 लाख ने ये दंपती ने विजयवाडा में आत्मसमर्पण किया.

     

  • स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल, मंत्री नेताम ने किया प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ

    आवासीय सुविधा के साथ मिला स्वरोजगार का बेहतर अवसर

    रायपुर,

    कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने आज बलरामपुर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी), संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र (जीआरसी) तथा समुदाय प्रबंधित ट्रेनिंग सेंटर (सीएमसीटी) का उद्घाटन किया। मंत्री नेताम ने केंद्र के  प्रशिक्षण कक्षों, शयनकक्ष, भोजनकक्ष, रसोईकक्ष का बारीकी से अवलोकन किया और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।

    मंत्री नेताम ने उद्वघाटन कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि सेंट्रल बैंक द्वारा संचालित आरसेटी एक ऐसा प्रशिक्षण केंद्र है जहाँ गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले सभी बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक एवं कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के पश्चात बैंक से लिंकेज कराते हुए प्रशिक्षार्थियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा जाएगा।
    मंत्री ने कहा कि यह शुभारंभ विशेष अवसर पर किया जा रहा है, क्योंकि आज धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय सुविधा के साथ प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षार्थियों को सीखने में कोई बाधा न आए। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करें और सीखे हुए कौशल का उपयोग करते हुए अपने रोजगार को व्यावसायिक रूप से विस्तार दें। उन्होंने जीआरसी केंद्र की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से जेंडर असमानता, कुपोषण, लैंगिक हिसा, घरेलू हिंसा जैसे मुद्दे तथा विभिन्न समस्याओं के समाधान महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर किए जाएंगे।

    समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विभिन्न प्रशिक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। मंत्री नेताम ने सभी से आग्रह किया कि वे स्वयं प्रशिक्षण से जुड़ें और अधिक से अधिक लोगों को भी इससे जोड़ें। कार्यक्रम के अंत में मंत्री नेताम ने 10 चयनित व्यक्तियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, बीमा सखी प्रशिक्षण सहित अन्य कौशलों के प्रमाण पत्र वितरित किया।

    इस दौरान रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, पिछड़ा जाति आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कृषि समिति अध्यक्ष बद्री यादव, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम, नरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण  मौजूद थे।

    ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (आरसेटी)
    सेण्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा संचालित एक प्रशिक्षण केन्द्र है, जहाँ 60 से अधिक प्रकार के स्वरोजगार मूलक प्रशिक्षण जैसे ब्यूटीपार्लर, फास्ट फूड मेकिंग, सिलाई, मुर्गीपालन, मधुमक्खीपालन, मशरूम उत्पादन, आदि प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं।
    सभी प्रशिक्षण बेरोजगारों को केंद्र से जोड़कर उन्हें तकनीक देते हुए रोजगार से जोड़ने हेतु आयोजित किए जाते हैं। यहाँ होने वाले समस्त प्रशिक्षण आवासीय युवतियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे।

    संगवारी जेंडर संसाधन केन्द्र
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी समस्त स्व-सहायता समूह की महिलाओं हेतु जेंडर जागरूकता, स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता एवं घरेलू हिंसा, महिला प्रताड़ना जैसे मुद्दों पर महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस के माध्यम से निराकरण हेतु कार्य किया जाएगा।

    समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत होने वाले विभिन्न आवासीय प्रशिक्षणों हेतु आवासीय प्रशिक्षण भवन की व्यवस्था की गई है
    इस प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन संकुल स्तरीय संगठन द्वारा किया जाता है, जिसमें एनआरएलएम के क्षेत्र एवं समूह सदस्यों के क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

     

  • मुख्यमंत्री साय ने किया भगवान बिरसा मुंडा का स्मरण: जनजातीय गौरव दिवस पर पहुंचे बस्तर

    रायपुर

    धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में विभिन्न जनजातीय समाज के प्रमुखों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री का पारंपरिक सिहाड़ी माला, पगड़ी (साफा) और एक विशाल गजमाला भेंट कर सम्मान किया गया, जिसने पूरे आयोजन में सांस्कृतिक उल्लास भर दिया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिटी ग्राउंड, जगदलपुर में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री ने जनजातीय उत्थान और सम्मान के लिए उठाए गए ऐतिहासिक राष्ट्रीय कदमों का स्मरण करते हुए कहा कि जनजातीय कल्याण की दिशा में तीन बड़े मील के पत्थर रखे गए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व को याद किया, जिनके कार्यकाल में ही आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों का गठन किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे जनजातीय पहचान को सम्मान देने और उनके त्वरित विकास की दिशा में युगांतरकारी निर्णय बताया। इसके अतिरिक्त, वाजपेयी जी ने ही जनजातीय हितों की रक्षा और विकास हेतु एक अलग ‘जनजातीय कार्य मंत्रालय’ का गठन किया। मुख्यमंत्री साय ने देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित कर पूरे राष्ट्र में जनजातीय नायकों के सम्मान की एक ऐतिहासिक परंपरा स्थापित की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिवासी समुदाय के ‘धरती आबा’ के नाम से पूजनीय बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और स्थानीय शोषकों के खिलाफ एक अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात किया था, जिसे इतिहास में ‘उलगुलान’ के नाम से जाना जाता है।

    उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ (सामुदायिक स्वामित्व) भूमि अधिकारों को छीनने और अत्यधिक लगान थोपने का विरोध प्रारंभ कर दिया था। बिरसा एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में एकता, स्वाभिमान और आत्म-सम्मान की अद्भुत चेतना जागृत हुई। भारत सरकार ने उनके राष्ट्र एवं समाज को दिए योगदान को सम्मानित करते हुए उनके जन्मदिन 15 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार इसी संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ जनजातीय समुदाय के उत्थान की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

    कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और सामाजिक सुधारों से प्रेरणा लेने का आव्हान युवाओं एवं भावी पीढ़ी से किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और सतत संवर्धन को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

    कार्यक्रम में जगदलपुर के विधायक किरण देव ने बस्तर अंचल के जनजातीय समुदाय के क्रांतिकारी जननायक शहीद गुंडाधुर, डेबरीधुर, गेंदसिंह आदि के संघर्षों एवं योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने आजादी की लड़ाई और बस्तर के जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अद्भुत त्याग किया। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की एकजुटता और उत्थान के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहे।

    कार्यक्रम को जगदलपुर विधायक किरण देव तथा जनजातीय गौरव समाज के संभागीय अध्यक्ष तुलूराम कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टरहरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के गणमान्यजन और नागरिक उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने आलीराजपुर को दी 200 करोड़ लागत के 156 विकास कार्यों की सौगात

    प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव पुन: प्रतिष्ठा के साथ हो रहा है स्थापित
    आलीराजपुर जनजातीय संस्कृति और स्वाभिमान की है भूमि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस पर आलीराजपुर में आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन हमारे लिए दीवाली और होली की ही तरह है। भारत माता के अमर सपूत स्वाभिमान और स्वराज के प्रतीक, जनजातीय अस्मिता के संरक्षक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। पांचवें जनजातीय गौरव दिवस पर चारों दिशाओं में भारत अपने जनजातीय नायकों की स्मृतियों को पूज रहा है। जनजातियों के पराक्रम और परिश्रम से सजी आलीराजपुर की पावन मिट्टी में आजादी की लड़ाई के 2 अमर योद्धा शहीद छीतु किराड़ और शहीद चंद्रशेखर आजाद ने जन्म लिया है। शहीद छीतु किराड़ ने 1857 के संग्राम में जनजातीय शक्ति को संगठित कर अंग्रेजों को नाकों चने चबवा दिए। भगवान बिरसा मुंडा और अमर शहीद छीतु किराड़ की प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त होना परम सौभाग्य की बात है। जनजातीय संस्कृति से समृद्ध आलीराजपुर क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। जनजातीय गौरव दिवस पर जनजातीय कल्याण के लिए आलीराजपुर को 250 करोड़ रूपए की लागत से 156 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। जनजातीय भाई-बहनों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के 156 कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और वंदे मातरम् के समवेत गायन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बिरसा मुंडा और शहीद छीतु किराड़ की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आलीराजपुर पहुंचने पर जनजातीय भाई-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया।

    राजा आलिया के नाम पर आलीराजपुर होने से मिली जिले को उचित पहचान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजों ने देशवासियों पर अत्याचार और कत्लेआम किए। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को साथ लेकर सशस्त्र विद्रोह कर अंग्रेजों को चुनौती दी। उन्होंने नशा मुक्ति और गौमाता के संरक्षण के लिए भी अभियान चलाया। टंट्या मामा, अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और शहीद छीतु किराड़ ने मध्यप्रदेश की धरती से आजादी के अभियान को आगे बढ़ाया। आजादी के दीवानों का स्मरण कर हम सब गौरवान्वित अनुभव करते हैं। छीतु किराड़ इस धरती के पराक्रम का प्रतीक थे। उन्होंने अंग्रेजों के शोषण और जबरन लगान के खिलाफ साहसिक विरोध किया। अकाल के समय अंग्रेजों के गोदामों से अनाज निकालकर जरूरतमंद परिवारों को बांटा। देश की आजादी में जनजातीय अंचल के नायकों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद जनजातीय नायकों को वह सम्मान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जनजातीय गौरव अपनी प्रतिष्ठा के साथ पुन: स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर जनजातीय संस्कृति और स्वाभिमान की भूमि है। राजा आलिया इस क्षेत्र के स्वाभिमान, नेतृत्व और जनजातीय गौरव के प्रतीक थे।

    विकास और जनकल्याण के लिए हमारी भावना और संकल्प स्पष्ट
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आज हर पात्र जरूरतमंद परिवार को पक्के मकान मिल रहे हैं। लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर हर महीने रक्षाबंधन और भाईदूज मनाई जा रही है। अब बहनों को 1500 रुपए महीने मिलने लगे हैं। विकास और जनकल्याण के लिए हमारी भावना और संकल्प स्पष्ट है। माताएं-बहनें अपनी परवाह न करते हुए पूरे परिवार के भरण-पोषण का ध्यान रखती हैं। बहनें, लाड़ली बहना योजना के पैसों से परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बच्चों की फीस भर रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार भी किसानों को अलग से मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 6 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ दे रही है। यह उनके परिश्रम का सम्मान है। प्रदेश के किसानों को भावान्तर योजना के माध्यम से सोयाबीन का उचित दाम मिल रहा है। पात्र किसानों को 15 दिन के अंदर राशि भेज दी गई है। राज्य सरकार गेहूं भी 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी से सिंचाई सुविधा मिलने से जिले के 170 गाँव लाभान्वित होंगे और हीरा तराशने के उद्योग स्थापित होने से क्षेत्र में नए रोजागार के अवसर सृजित हो रहे है।

    पीले मोजैक से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को 45 करोड़ रूपए का मुआवजा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में मनरेगा से बनने वाले 20-20 कुओं को परीक्षण के बाद बिजली आपूर्ति से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले में पीले मोजैक से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को 45 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 11 करोड़ रूपए की अधिक से लागत से निर्मित पलास पानी तालाब और मसनी बैराज, 6 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल, 3 सांदीपनि विद्यालय, 12 जनजातीय सीनियर छात्रावास, 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और 2 सामूहिक स्वास्थ्य केन्द्र, बालक/बालिका छात्रावास एवं स्कूल भवन, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र और आई.पी.एच.एल लैब शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रूपए लागत के 51 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया।

    आलीराजपुर को मिली विकास की अनेक सौगातें : मंत्री श्री नागर
    अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आलीराजपुर जिला निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। आलीराजपुर 150 से अधिक गांवों को सिंचाई के लिए अब नर्मदा मैया का पानी मिल रहा है। आलीराजपुर को विकास की अनेक सौगातें मिली हैं। कपिलधारा योजना के अंतर्गत जिले में 50 हजार से अधिक कुएं बने हैं। इनसे सिंचाई का रकबा बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कृषि प्रधान आलीराजपुर जिले में विद्युत व्यवस्था के विस्तार की आवश्यकता बताई। मंत्री श्री नागर ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर है। वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने संकल्पों के बल पर अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी। आज हमारी युवा पीढ़ी को उनके कार्यों और आदर्शों का अनुसरण करने की आवश्यकता है।

    हितग्राहियों को किया हितलाभ वितरण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की बीसी सखी सुप्रिया निवासी नरगांव सोंडवा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वे नाव चलाकर नदी पार करते हुए गाँव–गाँव पहुँचकर बैंकिंग लेन-देन की सुविधा उपलब्ध कराती हैं, जिससे गाँव के बुजुर्गों और ग्रामीणों को बैंक तक जाने की परेशानी से राहत मिलती है। इसी प्रकार जिले के 179 स्व-सहायता समूहों को 3 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया, प्रधानमंत्री कुसुम योजना अंतर्गत नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए चंद्रशेखर आजाद नगर की सुनयना डावर को 3 करोड़ 15 लाख रुपये के हितलाभ से सम्मानित किया गया।

    प्रदर्शनी का अवलोकन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जनजातीय नायकों के बलिदान को दर्शाने वाली प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण आहार तथा मोटे अनाज के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाली प्रदर्शनी लगाई। एम.पी. डे–राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े स्थानीय उत्पाद जैसे तुमड़ा, बोहणी, गलसन माला, तीर-कमान और रोज़गार आधारित सामग्री का आकर्षक प्रदर्शन किया। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग ने जोबट में निर्मित पंजादरी एवं ब्लॉक प्रिंट उत्पाद प्रदर्शित किए। आयुष विभाग की प्रदर्शनी में विभिन्न आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ शामिल थीं, जबकि कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने ग्रीन खाद तथा फूड प्रोसेसिंग यूनिट से संबंधित उत्पाद प्रदर्शित किए।

    कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद श्रीमती अनीता चौहान, पूर्व मंत्री श्रीमती रंजना बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरीबाई खरत, संभाग आयुक्‍त इंदौर डॉ. सुदाम खाड़े, इंदौर आईजी श्री अनुराग, जिला कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनजातीय भाई-बहन उपस्थित रहें।

  • भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर महासमुंद में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन

    प्रधानमंत्री मोदी  वर्चुअली जुड़े, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

    रायपुर,

    महासमुंद जिला पंचायत सभाकक्ष में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा से वर्चुअली शामिल हुए और दो बहुउद्देशीय केंद्रों का शुभारंभ एवं 13 छात्रावासों का शिलान्यास किया।

    मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
    मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक संपत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित जनजातीय समाज के प्रमुख उपस्थित थे।

    बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत— मंत्री साहेब
    अपने संबोधन में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अल्पायु में ही बड़ा आंदोलन खड़ा किया, जिसकी प्रेरणा आज भी जनजातीय समाज को दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय की सराहना की।

    जनप्रतिनिधियों ने बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया
    महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि यह दिवस आदिवासी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। वहीं बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष सामाजिक, सांस्कृतिक और अस्तित्व की रक्षा का महाआंदोलन था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समाज की उन्नति के लिए लगातार कार्य जारी हैं।

    प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं और हितग्राहियों का सम्मान
    कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पीएम जनमन अंतर्गत 5 हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी सौंपी गई।महिला स्व सहायता समूहों को चक्रीय एवं सामुदायिक निवेश निधि के चेक तथा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी तरह डेयरी फॉर्म स्थापना हेतु 2 लाभार्थियों को सहायता राशि एवंस्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    जिले में जनजातीय विकास के व्यापक कार्य— कलेक्टर लंगेह
    कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास हेतु पिछले एक वर्ष में—3025 आधार कार्ड, 1887 आयुष्मान कार्ड, 2102 बैंक खाते, 3099 राशन कार्ड और 1380 सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाए गए।

    पीएम जनमन के तहत 678 आवास, 26 सड़कें, पेयजल, विद्युत और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाएँ दी गईं। धरती आबा कार्यक्रम के तहत 308 गांवों में ग्रामीणों द्वारा विलेज एक्शन प्लान तैयार किया गया।

    विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण, समूहों के कार्यों की सराहना
    कार्यक्रम से पूर्व मंत्री एवं विधायकगणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्व सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना की गई तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।

     बड़ी संख्या में हुई जनभागीदारी
    कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के प्रमुख, विभिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ और स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

     

  • धान खरीदी की रफ्तार पर सवाल: PCC चीफ ने सरकार को घेरा, कहा—किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं

     

    रायपुर

     छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज 15 नवंबर से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। हालांकि खरीदी के पहले ही दिन व्यवस्थाएँ पूरी तरह पटरी पर नहीं दिखीं। PACS कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई खरीदी केंद्रों पर कामकाज ठप रहा। कई केंद्रों में मशीनें बंद रहीं, किसान लाइन में खड़े रहे, मगर खरीदी शुरू नहीं हो सकी। इस स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को आड़े हाथों लिया।

    दीपक बैज ने कहा कि सरकार की चुप्पी और लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। “धान खरीदी केंद्रों में सन्नाटा है। कर्मचारी हड़ताल पर हैं और किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे। सरकार को तुरंत कर्मचारियों से संवाद करना चाहिए। कांग्रेस हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के साथ है और धान खरीदी की स्थिति पर पूरी निगरानी कर रही है।

    आदिवासी गौरव जनजाति दिवस पर भाजपा बड़े कार्यक्रम आयोजित कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने वाले हैं। इसी बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भाजपा पर “आदिवासी विरोधी मानसिकता” का आरोप लगाया।

    बैज ने कहा कि आज बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरा आदिवासी समाज उनके संघर्ष और योगदान को याद कर रहा है। उन्होंने कहा, “बीजेपी आदिवासी दिवस का विरोध करती रही है। आज दिखावे के कार्यक्रमों से आदिवासियों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। जल, जंगल और जमीन को लगातार बेचा जा रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।”

    कांग्रेस द्वारा आयोजित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बैठक में PCC चीफ दीपक बैज ने बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।

    बैज ने कहा, “बिहार में आए चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और मंत्रियों के प्रति गहरा आक्रोश था, फिर भी नतीजे बिलकुल उलटे आए। कई जगह लोगों को वोटिंग से रोका गया और कई मतदाताओं की जगह किसी और ने वोट डाल दिए—ऐसी शिकायतें आम रहीं।”

    उन्होंने कहा कि यह स्थिति “चुनाव आयोग और भाजपा के गठजोड़” का संकेत देती है। बैठक में बीएलओ को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिला अध्यक्षों ने भी भाग लिया और तय किया गया कि आने वाले दिनों में जिले, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि मतदाता सूची (SIR) से जुड़े कार्यों में लोगों की अधिक प्रभावी सहायता की जा सके।