• वैश्विक स्तर पर सम्मान: DAVV और UGC-DAE के तीन वैज्ञानिक बने टॉप 2% रिसर्चर्स

    इंदौर 

    इंदौर ने एक बार फिर रिसर्च के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। देवी अहिल्या विवि की प्रो. अंजना जाजू, डॉ. मुकेशचंद्र शर्मा और UGC-DAE के डायरेक्टर डॉ. वसंत साठे को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका) और एल्सेवियर द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों चुना। 

    यह रैंकिंग वैज्ञानिकों के एच-इंडेक्स, शोध पत्रों की संख्या और प्रभाव के आधार पर तय होती है। इसमें कुल 22 विषयों और 174 उप-क्षेत्रों के वैज्ञानिकों का मूल्यांकन किया जाता है। इंदौर के तीनों वैज्ञानिक कंसोर्टियम फॉर साइंटिफिक रिसर्च से जुड़े हैं। देवी अहिल्या विवि के कुलपति प्रो. राकेश संघवी और UGC-DAE के डायरेक्टर प्रो. कौस्तुभ प्रियोलकर ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह इंदौर और भारत के लिए गौरव की बात है।

    इन रिसर्च के कारण सूची में आया नाम

    डॉ. अंजना जाजू को जल-संकट में फसलों की स्थिरता पर शोध के लिए लगातार छठे वर्ष यह सम्मान मिला है। डॉ. मुकेश शर्मा को फार्मेसी व फार्माकोलॉजी में योगदान के लिए लगातार चौथे साल वैश्विक मान्यता मिली है। डॉ. वसंत साठे ने रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के जरिए परमाणु स्तर पर कंपनों को मापने की नई तकनीक विकसित की है इसलिए उन्हें विश्व स्तरीय मान्यता मिली है।

    यह मान्यता एक समग्र स्कोर पर आधारित है, जो शोध प्रभाव का मूल्यांकन साइटेशन, H-इंडेक्स, सह-लेखक मानदंडों और 170 से अधिक वैज्ञानिक उप-शाखाओं में प्रकाशन के महत्व के आधार पर करता है।

    डॉ. अंजलि जाजू: लगातार छह वर्षों से वैश्विक रैंकिंग में
    DAVV के बायलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. अंजलि जाजू ने लगातार छठे वर्ष (2020–2025) इस सूची में अपनी जगह बनाई है। इसमें उनके निरंतर योगदान और वैश्विक वैज्ञानिक अनुसंधान में उत्कृष्टता साबित हुई है। उनका शोध पौध विज्ञान (Plant Sciences) के क्षेत्र में है, जो जलवायु-प्रतिरोधी कृषि पद्धतियों के विकास पर केंद्रित है, विशेष रूप से कम जल उपलब्धता में मक्का और गेहूं की खेती के तरीकों पर।

    उन्होंने माइक्रोप्लास्टिक के प्रभाव और सूक्ष्म जीवों के माध्यम से उनके अपघटन पर भी महत्वपूर्ण शोध किया है, जो वर्तमान में पर्यावरणीय चिंता का एक बड़ा विषय है। डॉ. जाजू की लगातार वैश्विक उपस्थिति उनके मौलिक और अनुप्रयुक्त पौध जीवविज्ञान (Plant Biology) में बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।

    डॉ. मुकेशचंद्र शर्मा: लगातार चौथे साल मान्यता

    देवी अहिल्या विवि के स्कूल ऑफ फार्मेसी के एसोसिएट प्रो. डॉ. मुकेशचंद्र शर्मा को भी क्लिनिकल मेडिसिन, फार्मेसी और फार्माकोलॉजी के क्षेत्रों की सूची में शामिल किया गया है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब डॉ. शर्मा ने यह सम्मान प्राप्त किया है।

    उनके शोध में Elsevier, Springer, Bentham Science और Taylor & Francis जैसी शीर्ष अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित 100 से अधिक शोध पत्र शामिल हैं। उनका काम हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर-रोधी दवाओं के विकास, जैव सामग्री (biomaterials) और कंप्यूटर से औषधि डिजाइन जैसे कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्रों को कवर करता है। उनका लगातार चयन फार्मास्युटिकल विज्ञान और अनुसंधान में उनके बढ़ते योगदान का प्रमाण है।

    डॉ. वसंत साठे: रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के माध्यम से पदार्थ विज्ञान को आगे बढ़ाया

    UCG-DAE कंसोर्टियम फॉर साइंटिफिक रिसर्च से जुड़े डॉ. वसंत साठे को लगातार दूसरे वर्ष विश्व के शीर्ष 2% शोधकर्ताओं की सूची में शामिल किया गया है। डॉ. साठे अपने रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में अग्रणी कार्य के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक नई विधि विकसित की है, जो 10⁻¹⁵ मीटर जितने सूक्ष्म परमाणु स्तर के संरचनात्मक परिवर्तनों को मापने में सक्षम है। यह खोज सघन पदार्थ भौतिकी (Condensed Matter Physics) में जटिल पदार्थों के गुणों को समझने की दिशा में नए आयाम खोलती है।

    DAVV परिसर स्थित यह UGC-DAE सेंटर, यूजीसी द्वारा वित्तपोषित एक राष्ट्रीय अनुसंधान सुविधा है, जो देशभर के वैज्ञानिकों को उन्नत प्रयोगशाला संसाधन उपलब्ध कराता है। डॉ. साठे की यह उपलब्धि इस केंद्र की अत्याधुनिक प्रायोगिक अनुसंधान क्षमता को और सशक्त बनाती है।

    कुलपति ने की सराहना

    कुलपति प्रो. राकेश सिंह ने इन वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने वाली है। यह मान्यता विवि की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करती है।

    UGC-DAE के डायरेक्टर प्रो. कौस्तुभ प्रयोलकर ने इस उपलब्धि को संस्थान की अनुसंधान संस्कृति, उत्कृष्टता और समर्पण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की वैश्विक मान्यता युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करती है कि वे महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक लक्ष्यों को प्राप्त करने और समाज व उद्योग में सार्थक योगदान देने की दिशा में काम करें।

  • बिहार चुनाव अपडेट: NDA की बढ़त पर CM मोहन यादव ने पीएम मोदी की नीतियों की सराहना की

    भोपाल 

    बिहार विधानसभा चुनाव के आ रहे नतीजों के बीच मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव का बयान सामने आया है.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के रुझान वास्तव में उत्साह वर्धन करने वाले है. यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने 2014 के बाद नए प्रकार की विकासपरक राजनीति का दौर देखा है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला. भाजपा ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई है. उसी सिलसिले को जारी रखते हुए तीसरी बार बिहार में फिर एनडीए सरकार की वापसी हो रही है. 

    सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती समय में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार यह बता रहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए की लहर चल रही है. तथाकथित कांग्रेस और उनके गठबंधन के दलों की जो कुव्यवस्थाएं हैं, उन्हें देखकर जनता अपना मन चुकी है और एनडीए के साथ विकास के साथ कदम से कम मिला करके आगे बढ़ना चाहती है. 

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जो रुझान आ रहे हैं वो उत्साहवर्धन भी है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नए प्रकार की विकास परख राजनीति 2014 से देखी है। एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रचंड जीत के साथ एनडीए ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई। राज्यों के चुनाव में बिहार भी उसी कड़ी में शामिल हो गया है। इसके पहले हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद अब बिहार में सामने आते परिणाम ये बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सुशासन की बयार चल रही है।

    सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तथाकथित कांग्रेस के गठबंधन की जो कुव्यवस्थाएं हैं, जनता का मन उससे टूट चुका है। एनडीए के साथ कदम से कदम मिलाकर के देश के विकास और सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने जो नीतियां लागू की हैं। ये सभी का मनोबल बढ़ाने वाली है। बिहार में बढ़ती जीत की ओर के लिए मैं प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष सहित एनडीए के सभी दलों को बधाई देता हूं।

    उन्होंने कहा कि जो रुझान आ रहे उसमें भाजपा नंबर एक पर है, दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल युनाइटेड है। कांग्रेस ने बिहार में आरजेडी को डुबाने का काम किया है। लोकतंत्र में जनता जो होती है उसका निर्णय सर्वोपरी होता है। जनता को निर्णय लेती है उसे शिरोधार्य करना चाहिए।
    सीएम इंदौर के गोपाल मंदिर में सरप्राइज विजिट पर पहुंचे

    सीएम ने इंदौर में कहा कि मैं खुद बिहार चुनाव में प्रचार करने के लिए गया था। कांग्रेस के सामने यह साफ हो गया है कि जमीन पर रहकर ही राजनीति करो, हवा में रहोगे, तो हवा में ही उछाल दिए जाओगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल देश के विकास बल्कि देश की सुरक्षा के लिए जो नीतियां लागू की है, वह वाकई हम सभी का मनोबल बढ़ाने वाली है. बिहार में जीत की ओर बढ़ते एनडीए गठबंधन के साथियों और प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान,जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को बधाई देना चाहता हूं. विजय होने वाले सभी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को भी बधाई. 

    सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है BJP

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा ने अपनी अलग पहचान बनाई है. भाजपा सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है. दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड है. जैसे हमने देखा है कि इस चुनाव में कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया है कांग्रेस के सबसे बड़े नेता ने समय से पहले ही चुनाव मैदान छोड़ दिया. उसी का परिणाम उनकी सहयोगी पार्टी को भुगतना पड़ा है. यह उनके लिए सोचने का समय है कि लोकतंत्र में जनता जो देती है, वही सही होता है और जनता के इस जनादेश को स्वीकार करते हैं. बिहार में विकास के लिए फिर एनडीए सरकार तैयार है.

  • 78वां तब्लीगी इज्तिमा भोपाल में, जीरो वेस्ट थीम और आधुनिक क्यूआर कोड व्यवस्था के साथ हुआ शुभारंभ

    भोपाल
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में शुक्रवार को फजिर की नमाज के साथ ही 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) शुरू हो गया। इस बार दुनिया का ये सबसे बड़ा आयोजन तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आया है। ऐसा पहली बार है कि इस धार्मिक सम्मेलन में क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी।

    इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज कहते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही इज्तिमा में शामिल होने की अनुमति दी जाती है।

    इस बार इज्तिमा का प्रबंधन पहले से ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित है। मुख्य पंडाल 120 एकड़ में, पार्किंग 350 एकड़ में बनाई गई है और पूरा आयोजन क्षेत्र करीब 600 एकड़ में फैला है।दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर इज्तिमा-स्थल तक हर जगह सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।आईजी अभय सिंह ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, इसलिए सुरक्षा, ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाओं के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।

    स्कैन करते ही खुल जाएगा इज्तिमा स्थल का डिजिटल नक्शा

    इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, इनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल हैं। ये रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमाअत किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात की गई हैं।

    आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी।
    12 लाख से अधिक जायरीनों के आने की संभावना

    चार दिवसीय यह मजहबी आयोजन आज शुक्रवार 14 नवंबर को फज्र की नमाज के साथ शुरू हो गया है। वहीं 17 नवंबर सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमाअतों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमाअतियों के आने की संभावना बताई जा रही है।

    रोजाना होंगी चार तकरीरें

    इज्तिमा में हर दिन चार तकरीरें होंगी- फज्र, जोहर, असर और मगरिब के बाद। बता दें वक्ताओं के नाम पहले से घोषित नहीं किए जाते। तकरीरों में दीनी संदेश, सामाजिक सुधार और उम्मत की बेहतरी से जुड़ी बातें रखी जाती हैं। कमेटी सदस्य डॉ. उमर हफीज़ ने बताया कि “हर तकरीर तय वक्त पर होगी और जायरीन इनसे सीधे जुड़ सकेंगे।”

    दिल्ली धमाके के बाद सख्त सुरक्षा

    दिल्ली धमाके के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जीआरपी ने पहली बार रेंडम BD & DS (Bomb Detection and Disposal Squad) चेकिंग शुरू की है। प्लेटफॉर्म, पार्किंग एरिया और मालखानों में रोजाना दो बार तलाशी ली जा रही है। बुधवार को टीम ने 250 से 300 वाहनों की जांच की।

    स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर HHMD (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और DFMD (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए गए हैं। जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया, “इज्तिमा के दौरान रोजाना दो बार अलग-अलग जगहों पर रेंडम चेकिंग होगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”

     

    जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण भी

    इस बार का इज्तिमा 'जीरो वेस्ट' थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के मुताबिक प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुएं आयोजन स्थल पर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को 'ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा' बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है।

    पहली बार पंचायतें भी सहयोगी

    इस सम्मेलन में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग भी की जाएगी।

    आज से बदले रहेंगे ये रास्ते, यहां जाने से बचें

    भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिवसीय आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग आयोजन में शामिल होंगे।

    सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। ऐसे में पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने के लिए आमजन को अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ेगा।

  • खेलों में समर्थन का संदेश: मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया

    रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया

    जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

    रायपुर

    मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

  • जनसुनवाई में सक्रिय मुख्यमंत्री: रायपुर में विष्णु देव साय ने मौके पर किए समाधान

    रायपुर : जनदर्शन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमजन की समस्याएँ सुनीं, मौके पर दिए त्वरित समाधान

    रायपुर

    मुख्यमंत्री निवास में  आयोजित जनदर्शन एक बार फिर लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना रहा। अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी समस्याएँ लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने हर एक आवेदक की बात ध्यान से सुनी और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

    पहली ही मुलाकात में रायपुर की 11 वर्षीय पूनम सभी का ध्यान खींच ले गई। सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही पूनम को मुख्यमंत्री ने विशेष विद्यालय में दाखिला और छात्रवृत्ति देने की घोषणा की।

    जनदर्शन के दौरान भिलाई के कलाकार अंकुश देवांगन अपनी अनोखी संगमरमर कला लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया की सबसे छोटी संगमरमर प्रतिमा भेंट की। फ्रेम में लगा माइक्रोस्कोपिक लेंस इस कलाकृति को और खास बनाता है। मुख्यमंत्री ने उनकी कला की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कलाकारों में अद्भुत प्रतिभा है।

    रायपुर के दिव्यांग युवक मनीष खुंटे भी अपनी बैटरी चालित स्कूटी से मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। कुछ दिन पहले ही उन्हें इसी जनदर्शन में स्कूटी स्वीकृत की गई थी। मनीष ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और उनके साथ सेल्फी भी ली। मनीष की मुस्कान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।

    खेल क्षेत्र से आए युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से सहायता की मांग रखी। वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के खिलाड़ियों ने स्वेच्छानुदान का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। खिलाड़ियों ने बताया कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

    इसी दौरान अभनपुर के दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी पिंटू साहू ने व्हीलचेयर और खेल सामग्री खरीदने के लिए सहायता मांगी। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही 90 हजार रुपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की। पिंटू ने कहा कि यह सहयोग उनके खेल करियर के लिए नई शुरुआत है।

    जनदर्शन में कई महिलाएँ, बुजुर्ग और किसान भी पहुंचे। आवास, स्वास्थ्य उपचार, सामाजिक सुरक्षा, छात्रवृत्ति और रोजगार से जुड़े आवेदन आए। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी आवेदक निराश न लौटे।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनदर्शन प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “हम कोशिश करते हैं कि अधिक से अधिक लोगों की समस्याएँ  सुनकर मौके पर ही उसका समाधान किया जाए।"

    जनदर्शन के समापन तक बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के त्वरित और व्यवहारिक समाधान से संतुष्ट दिखाई दिए। लोगों ने कहा कि यह व्यवस्था उन्हें सरकार से सीधे जुड़ने का विश्वास दिलाती है—जहाँ उनकी बात न सिर्फ सुनी जाती है, बल्कि उसी समय समाधान की दिशा में ठोस कदम भी उठाए जाते हैं। इससे आमजन में भरोसा, पारदर्शिता और सहभागिता की भावना और मजबूत हुई है।

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  • शीतला माता मंदिर में मंत्री यादव ने किया भूमिपूजन, विकास कार्यों की शुरुआत

    रायपुर : स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने किया शीतला माता मंदिर में विकास कार्यों का भूमिपूजन

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने  शीतला माता मंदिर में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पहले मंत्री  यादव ने माता शीतला मंदिर पहुंचकर माता का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर डोमशेड, मंच एवं अहाता निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की लागत से होने वाले कार्य का शुभारंभ किया।

        माता शीतला मंदिर जो वार्ड क्रमांक 09 और 05 के समीप स्थित है, आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केन्द्र माना जाता है। इस अवसर पर मंत्री  यादव ने कहा कि चण्डी माता मंदिर और शीतला माता मंदिर दुर्ग जिले की आस्था और शक्ति के प्रतीक हैं। माता शीतला के चरणों का जल यदि बच्चों पर छिड़का जाए, तो बीमारियां दूर होती हैं। मंत्री  यादव ने आगे कहा कि डोमशेड का निर्माण भव्य और दिव्य रूप में किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसकी सुंदरता और आस्था की भावना को अनुभव कर सकें। इस अवसर पर महापौर मती अलका बाघमार, पार्षद  निलेश अग्रवाल एवं  ज्ञानेश्वार ताम्रकार, सभापति  श्याम शर्मा, कार्यपालन अभियंता  जे.के. मेश्राम तथा अनुविभागीय अधिकारी  सी.के. सोने तथा  कमलेश फेकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व नागरिक गण उपस्थित थे।

  • अधिकारियों को मिला स्पष्ट निर्देश: आबकारी विभाग की बैठक में राजस्व लक्ष्य पर जोर

    रायपुर : आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश

    मदिरा दुकानों की सतत् जांच और मदिरा व अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार संलिप्त लोगों के विरूद्ध करें कठोर कार्रवाई 

    रायपुर
    आबकारी विभाग की सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. शंगीता ने आज नवा रायपुर स्थित कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों, उड़नदस्ता, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर सचिव सह आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 12,500 करोड़ रूपए के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए।

    सचिव सह आबकारी आयुक्त ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अक्टूबर माह तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए।

    सुश्री शंगीता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि इस बात का वह विशेष रूप से ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में कहीं भी निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर मदिरा का विक्रय न होने पाए। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

    सचिव सह आबकारी आयुक्त ने बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।

    सचिव सह आयुक्त ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

    राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा कर्मचारियों के पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विशेष सचिव आबकारी विभाग श्री देवेन्द्र सिंह भारद्वाज सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संभागीय व जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।

  • जनसेवा पर जोर: ‘शासन लोगों के द्वार’ कार्यक्रम में समाधान को दी गई प्राथमिकता

    रायपुर : शासन लोगों के द्वार : हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

    971 आवेदन प्राप्त, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मिला जनसमर्थन

    रायपुर

     

    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासन और प्रशासन अब लोगों के घर तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वे आज सूरजपुर जिले के ओड़गी जनपद अंतर्गत बिहारपुर के शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित कर रही थीं।

    971 आवेदन प्राप्त, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मिला जनसमर्थन

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि जनता की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं तभी सफल होंगी जब आम नागरिकों को उनका सीधा लाभ मिलेगा।

    971 आवेदन प्राप्त, जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में मिला जनसमर्थन

    कार्यक्रम में सूरजपुर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन एवं जिला पंचायत सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर में कुल 971 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई समस्याओं का स्थल पर ही निराकरण किया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जनदर्शन पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक आवेदन की स्थिति को अपडेट किया जाए।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और किसी भी समस्या या योजना से वंचित रहने की स्थिति में अपनी शिकायत पंजीकृत अवश्य करें।

    शिविर के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हितग्राहियों को श्रवण यंत्र, वाकिंग स्टिक, एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बच्चों के वजन मापने की मशीनें वितरित कीं। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य सिर्फ योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, जिला अधिकारीगण, और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • डेका की सलाह: प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और जैविक खेती की ओर बढ़ें कदम

    रायपुर : जल संरक्षण, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना आवश्यक :  डेका

    रायपुर

    प्राकृतिक और जैविक खेती आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग केवल उतना ही होना चाहिए जितना बिल्कुल जरूरी हो। किसानों में इस बात की जागरूकता लाना समय की मांग है।  जल संरक्षण के लिएअभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और तेज़ी से बढ़ेगा। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में उक्त विचार व्यक्त किए।

    संगोष्ठी का आयोजन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा किया गया जिसके उद्घाटन कार्यक्रम में  डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने की।

    राज्यपाल  डेका ने अपने संबोधन में कहा कि 1960 के दशक में जब देश खाद्यान्न संकट का सामना कर रहा था, तब हरित क्रांति ने बड़ी भूमिका निभाई। नए बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई और मशीनों के उपयोग से उत्पादन में  वृद्धि हुई, जो  उस समय देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी।

    उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अति हानिकारक होती है। आज रासायनिक खादों और माइक्रोप्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कई समस्याओं को जन्म दे रहा है। इसलिए जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना बेहद जरूरी है। इससे फसलों का मूल्य संवर्धन होगा और किसान बेहतर लाभ कमा सकेंगे।

    राज्यपाल ने कृषि के विद्यार्थियों से अपील की कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जैविक खेती को अपनाएं, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में जैविक खेती बड़ा व्यवसाय बन चुका है और इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है।

    अपने संबोधन में  डेका ने छत्तीसगढ़ में जल दोहन की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी वर्षा होने के बावजूद कई क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए डबरी निर्माण जैसे उपाय बढ़ाने होंगे। उन्होंने  कहा  कि पानी नहीं तो जीवन नहीं, इसलिए जल संरक्षण अनिवार्य है।

    संगोष्ठी में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्राकृतिक खेती को किस प्रकार व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से धरती विषैली हो रही है और कई तरह की बीमारियाँ बढ़ रही हैं। आने वाली पीढ़ी के हित में समय रहते बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती को बढ़ाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।

    कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया।

    कार्यक्रम में पद्म सु साबरमती सहित कई उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया। इसके पूर्व राज्यपाल  डेका ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया था।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, किसान, कृषि सखियाँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

  • निवेश और नवाचार पर फोकस: सीएम डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में की विशेष वार्ता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से की वन-टू-वन चर्चा

    नए निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक क्लस्टरों की स्थापना पर हुई बातचीत

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0' के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा की। इससे मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं, औद्योगिक क्लस्टरों, तकनीकी केंद्रों और नवाचार आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। वन-टू-वन में आईटी, ड्रोन, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, रक्षा, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, फिल्म टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश, भूमि आवंटन, नीति प्रोत्साहन और प्रशिक्षण सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मेजर जनरल गौतम महाजन, ब्रिगेडियर एम.एस. रंधावा, ब्रिगेडियर दीपक पुरी, कर्नल मनोजित सिन्हा, लेफ्टिनेंट कर्नल अरिजीत चंद्र सेन से मुलाक़ात की। इस दौरान राज्य सरकार और भारतीय सेना के मिलिट्री कॉलेज ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के बीच साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता रक्षा एवं नागरिक तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ कर मध्यप्रदेश को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एएनएसआर ग्लोबल के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक  विक्रम आहूजा से मध्यप्रदेश में नया "जीसीसी हब” स्थापित करने के संबंध में चर्चा की। बैठक में हब के लिए उपयुक्त स्थान, कार्यालय अवसंरचना, पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं भर्ती प्रोत्साहन, जीसीसी पॉलिसी और इंसेंटिव फ्रेमवर्क के तहत सहयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनंत टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के संस्थापक डॉ. सुब्बाराव पवुलुरी से मुलाक़ात की। इस दौरान डिफेंस क्लस्टर की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, भूमि आवंटन और अवसंरचना विकास पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वेना इंडिया के निदेशक  गौतम यादव एवं सह-निदेशक  पार्थ सेन गुप्ता से भी वन-टू-वन चर्चा की। प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी द्वारा इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पहले ही स्थापित किया जा चुका है। मध्यप्रदेश ग्लोबल कैपेबिलिटी नीति 2025 के तहत प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर जैसे शहरों में भविष्य के विस्तार पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से एमरॉल्ड इन्फ्राइस्पैट लिमिटेड के निदेशक  अनिल ज्ञानचंद भंसाली ने मुलाकात कर बिंदौरी (भोपाल) स्थित EMC-2 में पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। एमपी सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत विद्युत एवं गैर-विद्युत प्रोत्साहनों की मांग, भूमि आवंटन में छूट और राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।

    थॉमसन सेमीकंडक्टर्स प्रा. लि. के सीईओ डॉ. निवास अनंत ने बताया कि कंपनी प्रदेश में दो बड़ी परियोजनाओं में निवेश करना चाहती है, जिसमें पैकेजिंग-परीक्षण इकाई, ईवी बस और ट्रक मैन्युफैक्चरिंग इकाई शामिल हैं। भूमि आवंटन, पर्यावरण सहायता, ऊर्जा-जल आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ तथा पीएलआई, फेम, पीएम ई-ड्राइव जैसी योजनाओं के लाभ पर चर्चा हुई।

    बीवीजी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक  हनुमंत राव गायकवाड़ ने प्रदेश में वैश्विक ड्रोन एवं रोबोटिक्स क्लस्टर स्थापित करने की इच्छा जताई, जिसमें प्रशिक्षण, परीक्षण और अनुसंधान सुविधाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश ड्रोन नीति-2025 के अंतर्गत भूमि, बुनियादी ढांचा, पीएलआई लाभ और विनियामक सहयोग पर विचार हुआ। आर.डब्ल्यू.एस. मोराविया इंडिया प्रा. लि. के सेंटर हेड  विशाल डकोलिया ने बताया कि कंपनी ने इंदौर में अपनी जीसीसी सुविधा का निर्माण पूरा कर लिया है और अब उसका विस्तार करना चाहती है।

    लाइट एन लाइट ग्रुप के सैयद जावेद अली ने प्रदेश में आधुनिक फिल्म एवं शूटिंग उपकरण विनिर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। फिल्म पर्यटन नीति, जीएसटी एवं स्टाम्प ड्यूटी छूट, बिजली रियायत और सिंगल विंडो प्रणाली जैसे प्रोत्साहनों पर भी चर्चा हुई। सोलुजेनिक्स के डायरेक्टर  चंद्र कोठापु से निवेश प्रोत्साहनों और भोपाल-इंदौर में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की। सोरिंग एयरोटेक प्रा. लि. के प्रतिनिधि  दैविश जैन और डॉ. मनोज देशपांडे से ड्रोन क्लस्टर भूमि आवंटन, ड्रोन नीति-2025, स्टार्टअप नीति तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों के साथ स्किल डेवलपमेंट सहयोग पर चर्चा की गई। क्लिनीसप्लाइज लिमिटेड की निदेशक सु प्रेरीता बहेती और ऑपरेशनल हेड  अभिषेक वास्तव से भी चर्चा की।

    वन-टू-वन चर्चा ने निवेशकों में मध्यप्रदेश के प्रति विश्वास और उत्साह को नई गति दी है। प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ, पारदर्शी प्रक्रियाएँ और मजबूत बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए संकल्पित है। मध्यप्रदेश अब भारत का तकनीकी और औद्योगिकी हब बनकर उभर रहा है।

     

  • संवेदनशील policing का परिणाम: मध्यप्रदेश में रिश्तों में बढ़ा भरोसा और समझ

    मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील पहल — रिश्तों में लौटी मिठास और बढ़ा भरोसा

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ का “नवपहल अभियान” बने सामाजिक समरसता व महिला सुरक्षा के प्रतीक

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस आज जनसेवा के उस स्वरूप का परिचायक बन चुकी है, जहाँ कानून-व्यवस्था के साथ संवेदनशीलता, संवाद और सहयोग सर्वोपरि हैं। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिक–पुलिस संवाद, पारिवारिक समरसता और महिला सुरक्षा को लेकर निरंतर किए जा रहे प्रयास अब उल्लेखनीय परिणाम देने लगे हैं। प्रदेश के विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” पहल ने मध्यप्रदेश पुलिस को संवेदनशीलता, संवाद और महिला सुरक्षा की नई पहचान दी है। इन पहलों से पारिवारिक रिश्तों में विश्वास लौटा है और महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” — रिश्तों में लौटी मिठास

    विदिशा में प्रारंभ हुई “पुलिस पंचायत” पहल अब पारिवारिक विवादों के समाधान की मिसाल बन चुकी है। अब तक आयोजित 34 बैठकों में कुल 98 प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें से 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली इन पंचायतों में पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मतभेद एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों का संवाद, सहानुभूति और सामाजिक सहमति से निराकरण किया जाता है।

    पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में गठित पंचायत कोर कमेटी — डॉ. सचिन गर्ग, श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, श्री दिनेश वाजपेयी, श्री अजय टंडन, श्री अतुल शाह, श्री विनोद शाह एवं श्री पार्थ पित्तलिया सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    यह पहल न केवल विवादों के निपटारे तक सीमित रही, बल्कि इसने संवाद और सहानुभूति के माध्यम से टूटते रिश्तों को फिर जोड़ने का कार्य किया है। वर्षों से बिछड़े परिवार एक-दूसरे से मिले, वृद्ध जनों को उनका हक मिला और समाज में यह संदेश गया कि पुलिस जनता की हमदर्द और सहभागी है। “पुलिस पंचायत” ने यह साबित किया है कि संवाद से बढ़कर कोई न्याय नहीं — यह पहल कानूनी समाधान के साथ सामाजिक समरसता का पुल बन चुकी है।

    टीकमगढ़ की “नवपहल” – महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम

    टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में प्रारंभ “नवपहल” अभियान ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इस पहल से जिले में महिला अपराधों में लगभग 37% तक की कमी दर्ज की गई है।

    विशेष सुधार:

        शीलभंग: 21.3% कमी

        दहेज हत्या: 16.6% कमी

        दहेज प्रताड़ना: 50.5% कमी

        भ्रूण हत्या/गुप्त व्ययन: 42.8% कमी

    महिला सुरक्षा के लिए प्रमुख अभियान

    1. नीड अभियान: कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, 42.8% कमी

    2. परी अभियान: 55,309 बच्चियों को “गुड टच–बैड टच” की जानकारी

    3. भरोसा अभियान: 6,328 किशोरियों को आत्मरक्षा व विधिक प्रशिक्षण

    4. सहारा अभियान: 192 महिलाओं को आर्थिक व पारिवारिक सहायता

    5. आसरा अभियान: 64 वृद्ध महिलाओं को सहयोग

    6. परिवार जोड़ो अभियान: 72 परिवार टूटने से बचे, दहेज प्रताड़ना में 47.5% कमी

    इसके अलावा “मजनू अभियान” के अंतर्गत स्कूल–कॉलेजों के आस-पास असामाजिक तत्वों पर निगरानी से छेड़छाड़ के अपराधों में 22.3% की कमी दर्ज हुई है।

    इन अभियानों के माध्यम से महिला सुरक्षा, वन स्टॉप सहायता, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता से पुलिस और समाज के बीच नए भरोसे का रिश्ता बना है। महिला हेल्प डेस्क, संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया निगरानी और स्कूल–कॉलेज परिसरों में नियंत्रण गतिविधियाँ ने टीकमगढ़ पुलिस की छवि को समाज के प्रति समर्पित प्रहरी के रूप में स्थापित किया है।

    विदिशा की “पुलिस पंचायत” और टीकमगढ़ की “नवपहल” जैसी पहलें इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि “जनभरोसे की पुलिस” के रूप में नागरिकों के बीच संवाद, समझ और सेवा का सेतु बन रही है।

     

  • साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन में नया कदम: राज्य स्तरीय कार्यशाला में फिंगर प्रिंट मैनुअल 2025 लॉन्च

    राज्य स्तरीय अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ कार्यशाला में फिंगर प्रिंट मैनुअल 2025 का विमोचन

    अपराध अन्वेषण में नवाचार, वैज्ञानिक दक्षता और तकनीकी उत्कृष्टता पर जोर, अपराधियों की पहचान में आयेगी तेजी

    भोपाल
    राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय के तत्वावधान में 13 नवम्बर 2025 को पुलिस मुख्यालय के नवीन सभागार में प्रदेश के सभी जोन एवं जिलों में पदस्थ अंगुल चिन्ह विशेषज्ञों की राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अंगुल चिन्ह विशेषज्ञों के कार्य को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना रहा।

    इस कार्यशाला की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो,  जयदीप प्रसाद द्वारा की गई। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  जयदीप प्रसाद ने बताया कि मध्यप्रदेश, अंगुल चिन्ह संबंधी कार्यों में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) के माध्यम से अपराधियों की पहचान एवं अपराध अन्वेषण में राज्य का योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने सभी विशेषज्ञों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्य में तकनीकी नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यवसायिक दक्षता को प्राथमिकता दें, ताकि अपराधों की जांच और अपराधियों की पहचान में और अधिक तेजी लाई जा सके।

    कार्यशाला में केंद्रीय अंगुल चिन्ह ब्यूरो, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की निदेशक डॉ. मती एस. इंदिरा सुधा द्वारा अंगुल चिन्ह तकनीक के नवीनतम आयामों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। उन्होंने देशव्यापी अनुभव साझा करते हुए मध्यप्रदेश के अंगुल चिन्ह विशेषज्ञों को उन्नत तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

    इस अवसर पर “फिंगर प्रिंट मैनुअल 2025” का विमोचन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा किया गया। यह मैनुअल राज्य में अंगुल चिन्ह संबंधी कार्यों के लिए एक अद्यतन दिशा-निर्देश दस्तावेज के रूप में उपयोगी सिद्ध होगा।

    “फिंगर प्रिंट मैनुअल 2025” न केवल अपराध जांच की सटीकता और गति बढ़ाएगा, बल्कि मध्य प्रदेश पुलिस को वैज्ञानिक अन्वेषण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

    अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक विधियों के सशक्त उपयोग की दिशा में यह मैनुअल अंगुल चिन्ह विशेषज्ञों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शक एवं प्रशिक्षण साधन के रूप में कार्य करेगा। इसमें फील्ड कार्यप्रणाली, डिजिटल विश्लेषण, डेटा रिकॉर्डिंग और NAFIS प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश सम्मिलित हैं।

    कार्यशाला के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अंगुल चिन्ह विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें अपराध अन्वेषण के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और दक्षता की दिशा में कार्यरत रहने हेतु प्रेरित किया गया।

    इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, सु चैत्रा एन., सहायक पुलिस महानिरीक्षक, मती ऋचा चौबे, एवं संचालक अंगुल चिन्ह ब्यूरो,  मनोज सिंह राजपूत सहित राज्यभर से आए अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

     

  • ड्रग माफिया पर करारा प्रहार: खरगोन पुलिस ने पहाड़ों में मिली अवैध गांजा खेती का किया खुलासा

    नशे के विरूद्ध खरगोन पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई पहाड़ी क्षेत्र में अवैध गांजा की खेती का भंडाफोड़

    लगभग 1 करोड़ 78 लाख रुपए का 35.51 क्विंटल गांजे के पौधे जब्त

    भोपाल

    पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश  कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, खेती एवं वितरण के विरुद्ध निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध जारी धरपकड़ के तहत खरगोन पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने जिले के पहाड़ी और "नो नेटवर्क जोन" क्षेत्र में की जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए 3,200 गांजे के पौधे बरामद कर लगभग 35.51 क्विंटल (3,551 किलो) गांजा जब्‍त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 77 लाख 56 हजार 200 रुपये आंकी गई है। बरामद पौधों की ऊँचाई औसतन 5 से 7 फीट के बीच पाई गई। पुलिस टीम को गांजे के पौधों को उखाड़ने आदि में कई घंटे तक कठिन परिश्रम करना पड़ा। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में संचालित यह ऑपरेशन न केवल पुलिस की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि समाज से मादक पदार्थों की बुराई मिटाने के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करता है।

    पुलिस महानिरीक्षक इंदौर जोन  अनुराग एवं उप पुलिस महानिरीक्षक निमाड़ रेंज  सिद्धार्थ बहुगुणा के दिशा-निर्देशों में, पुलिस अधीक्षक खरगोन  रविन्द्र वर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खरगोन (ग्रामीण) मति शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन में जिलेभर में ऑपरेशन “प्रहार” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत चौकी हेलापडावा थाना चैनपुर पुलिस को यह सफलता मिली है।

    12 नवंबर 2025 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नवादीया फाल्या ग्राम टांडावाड़ी निवासी टिडीया अपने खेत के तीन अलग-अलग हिस्सों में बड़ी मात्रा में अवैध गांजे की खेती कर रहा है। सूचना पर एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। सुनियोजित कार्य योजना के तहत पुलिस टीम ने टिडीया के खेत पर दबिश दी। घर बंद मिलने पर आसपास तलाशी में खेत के तीन हिस्सों में भारी मात्रा में गांजे के पौधे लगे पाए गए। मौके पर उपस्थित टीम ने कुल 3200 गांजे के पौधे (तौल 3551 किलो 240 ग्राम) नियमानुसार जब्त किए। आरोपी टिडीया पिता दीतु जमरे के विरुद्ध थाना चैनपुर पर एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है।

    उल्‍लेखनीय है कि विगत 3 दिनों में मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विभिन्‍न जिलों में कार्रवाही कर 75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त कर अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। लगातार हो रही ये कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि प्रदेश में मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के विरुद्ध पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, टीम भावना और दृढ़ इच्छाशक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।

     

  • मंगुभाई पटेल बोले: केरला फेस्ट भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण

    केरला फेस्ट: सांस्कृतिक एकीकरण का शानदार प्रतीक — राज्यपाल मंगुभाई पटेल

    मंगुभाई पटेल बोले: केरला फेस्ट भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण

    मलयाली समुदाय का जड़ों से जुड़ाव प्रेरणादायी- विधानसभा अध्यक्ष  तोमर

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि “केरला फेस्ट” सांस्कृतिक एकीकरण और भाईचारे की भावना का जीवंत उदाहरण हैं। मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रदर्शन के अवसर के साथ ही केरल और मध्यप्रदेश के बीच समरसता का सशक्त सेतु है, जो मध्यप्रदेश को अपनी कर्म भूमि बनाने वाले मलयाली बहनों-भाइयों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव और हमारे देश की विविधता में एकता की भावना का सुंदर प्रतीक है।

    राज्यपाल  पटेल केरला फेस्ट सेकण्ड ऐडिशन के शुभारंभ कार्यक्रम में जन समुदाय को  स्थानीय दशहरा मैदान में गुरूवार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय का जड़ों से जुड़ाव अपनी भूमि संस्कृति और निष्ठा का आग्रह सभी के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय है। कार्यक्रम में सचिव जल संसाधन विकास  जॉन किंगस्ली भी मंचासीन थे।

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विकास में मलयाली समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक और सराहनीय रहा है। मलयाली समुदाय ने प्रशासन और सेवा क्षेत्र में भी अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी से प्रदेश मे विशिष्ट पहचान कायम की है। प्रदेश में डॉक्टर, नर्स और शिक्षक के रूप में अनुशासन, परिश्रम, शिक्षा और सेवा की उत्कृष्ट भावना के साथ असंख्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है। सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में उनकी सक्रिय भूमिका ने राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक विकास को नई दिशा दी है। मलयाली समुदाय ने सामाजिक और मानवता की सेवा में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रदेश के मलयाली समुदाय ने राज्य के विकास में योगदान के साथ ही अपने सांस्कृतिक मूल्यों को सहेज कर राज्य की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। समाज के साथ-साथ समग्र मानवता की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए युनाईटेड मलयाली एसोसिएशन को बधाई दी।

    विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मलयाली समुदाय कर्तव्यनिष्ठ समाज है इसीलिए साक्षरता और स्वच्छता में देश में अग्रणी है। समुदाय ने सेवा, समर्पण, रचनात्मक सृजनशीलता, सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्य क्षेत्र में कर्तव्य परायणता से विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी नेक नियति और कार्य संस्कृति ने सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश कॉडर के पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी के द्वारा भोपाल जहाँ नौकरी के लिए आने वाले लोग बस जाते हैं वैसे शहर में बसने के बजाए अपने केरल स्थित छोटे से घर में बसने के निर्णय की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मलयाली समुदाय का अपनी संस्कृति के प्रति समर्पण का ही प्रमाण केरल से इतनी दूर रहकर भी उन्होंने अपने जीवन मूल्यों और परंपराओं को जीवंत बनाएं रखा है।

    मुख्य महाप्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबाश कुमार सुबुदि ने कहा कि गोड्स ओन कन्ट्री के कलर्स और फ्लेवर का प्रतीक केरला फेस्ट है। उन्होंने कहा कि मलयाली समुदाय जहाँ भी जाता है अपने सांस्कृतिक जीवन मूल्यों को लेकर जाता है। वह भारत की विविधता में एकता के सच्चे राजदूत हैं। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया विकास में सहयोग के लिए सामुदायिक प्रगति और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ाने के हर गतिविधि को सदैव प्रोत्साहित करता है। 

    नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक मती सी. सरस्वती ने कहा कि मलयाली समुदाय सांस्कृतिक चेतना, प्राकृतिक सौंदर्य, कला, परंपरा, अनुशासन और सोहार्द्र के लिए प्रसिद्ध है। केरल के वस्त्र, व्यंजन, कलाओं ने भारत की सांस्कृति धरोहर को समृद्ध किया है। समुदाय अपनी जड़ो को किस प्रकार जीवंत रख सकता है केरला फेस्ट का आयोजन उसका प्रमाण है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड ने ग्रामीण कौशल, सृजनशीलता को बढ़ाने और स्व-सहायता समूहों के आत्म विश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए फेस्ट में 10 स्टाँलो को एस.एच.जी के लिए प्रायोजित किया है।

    युनाइटेड मलयाली एसोसिएशन के अध्यक्ष ओ.टी. जोसेफ ने स्वागत उद्बोधन में बताया की संस्था चार दशकों से संस्कृति संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका के क्षेत्रों में सहयोग के साथ ही मानवता की सेवा प्रयासों, विद्यालयों, आश्रय गृहों की मरम्मत, मोबाइल मर्च्युरी और अंत्येष्टी सहायता भी प्रदान करती है। आभार प्रदर्शन ऐसोसिएशन के उपाध्यक्ष  अनिल कुमार ने किया।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में मलयाली समुदाय की महिलाओं ने केरल के लोक नृत्य की प्रस्तुति दी। अतिथियों को केरल के सांस्कृतिक प्रतीक हाथी के मस्तक पर शोभित किए जाने वाले आभूषण नेट्टी-पट्टम स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। स्वागत पुष्प गुच्छ से किया गया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से शुभारंभ हुआ।     

     

  • जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 15 नवम्बर को जबलपुर में, मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल

    जबलपुर में होगा मुख्य कार्यक्रम
    जिला स्तर के कार्यक्रमों के लिए अतिथि हुए तय

    भोपाल 
    धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी। जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 15 नवम्बर को जबलपुर में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह शामिल होंगे।

    जिला स्तर के कार्यक्रमों में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा में, नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय धार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेलभिण्ड, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मासीहोर, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंहनरसिंहपुर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मण्डला, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषानामुरैना, महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया झाबुआ, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिहं राजपूत सागर, खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग रायसेन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहानअलीराजपुर, ऊर्जा श्री प्रद्युम्न सिंह तोमरमंत्री शिवपुरी, नवीन एवं नवकरणीय मंत्री ऊर्जा श्री राकेश शुक्लाअशोक नगर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यपरतलाम, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार आगर-मालवा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौरभोपाल, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व स्वतंत्र प्रभार श्री धर्मेद्र भाव सिंह लोधीदमोह, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दिलीप जायसवालअनूपपुर, कौशल विकास एवं रोजगार स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री गौतम टेटवालउज्जैन, पशुपालन एवं डेयरी स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री लखन सिंह पटेलविदिशा, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री नारायण सिंह पंवारराजगढ़ राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणश्री नरेन्द्र शिवाजी पटेलबैतूल, राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास श्रीमती प्रतिमा बागरीसतना, राज्यमंत्री वनएवं पर्यावरण श्री दिलीप अहिरवारछतरपुर एवंराज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंहसिगरौली में उपस्थित होंगी।

    सांसद श्री वी.डी. शर्मा कटनी, सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह शहडोल, सांसद श्रीमती संध्या राय दतिया, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल खण्डवा, सांसद श्रीमती भारती पारधी बालाघाट, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल खरगौन, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सीधी, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा मऊगंज, सांसद श्री विवेक 'बंटी' साहू छिन्दवाड़ा, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते सिवनी, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर श्योपुर, सांसद श्री सुधीर गुप्ता नीमच, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर मंदसौर, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी बड़वानी एवं सांसद श्रीमती माया नरोलिया पांढुर्णा में उपस्थित रहेंगी। साथ ही विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस बुरहानपुर, विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, विधायक सुश्री मीना सिंह मांडवे उमरिया, विधायक श्री हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, विधायक श्री ओमप्रकाश ध्रुवे डिंडौरी, विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी मैहर, विधायक श्री पन्नालाल शाक्य गुना, विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पंवार देवास, विधायक श्री अनिल जैन निवाड़ी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह हरदा में उपस्थित रहेंगे।

     

  • बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में स्विट्ज़रलैंड की कंपनी लगाएगी हाई-स्पीड रेल यूनिट

    उज्जैन 

    बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन भारतीय रेल की गति बढ़ाने का नया केंद्र बन सकती है। स्विट्जरलैंड की रेल ट्रैक टेक्नोलॉजी कंपनी स्विहैग एजी ने विक्रम उद्योगपुरी में अपनी यूनिट लगाने की मंशा जताई है। यूनिट लगने पर यहां ऐसे मॉडर्न उपकरण तैयार होंगे, जो कई देशों में हाई-स्पीड रेल, हैवी ड्यूटी ट्रेनें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में उपयोग किए जाते हैं। स्विस कंपनी स्विहैग एजी पहले चरण में 70 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव रखा है। विक्रमपुर उद्योगपुरी में 5 एकड़ जमीन मांगी है। हाल ही में कंपनी के सीईओ डेनियल डाहिन्डन, भारत में कंपनी के प्रतिनिधि चेतन शर्मा और हर्ष वाजपेयी ने विक्रम उद्योगपुरी सेकंड फेज का दौरा भी किया।

    एमपी में स्विस कंपनी आने से नजर आएगा बदलाव

    ● स्विहैग एजी रेल ट्रैक टेक्नोलॉजी में विश्व की अग्रणी कंपनियों में एक है। यह जर्मनी, ब्रिटेन और अमरीका में उत्पादन केंद्र संचालित करती है।

    ● कंपनी के उत्पाद रेलवे ट्रैक की सुरक्षा, टिकाऊपन और लागत-कुशलता बढ़ाने में इस्तेमाल होते हैं।

    ● इसके स्विच कंपोनेंट्स, रेल फास्टनिंग सिस्टम का उपयोग हाई-स्पीड रेल, हैवी-ड्यूटी नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में होता है।

    ● कंपनी के उत्पाद 40 देशों में उपयोग में हैं। ऐसे में उज्जैन आगे रेल उपकरणों का निर्यातक केंद्र बन सकता है

    कंपनी की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही

    स्विहैग इंडिया के लिए उपयुक्त भूमि का निरीक्षण कराया है। कंपनी प्रतिनिधियों को उज्जैनकी विशेषताएं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया है। कंपनी की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है।

    -राजेश राठौर, कार्यकारी निदेशक, मप्र औद्योगिक विकास

  • भोपाल-पचमढ़ी की दूरी अब मिनटों की, हेलीकॉप्टर सेवा से यात्रा सिर्फ 35 मिनट में

     पचमढ़ी 

     मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी के सैर करने वाले सैलानियों के लिए अच्छी खबर है। अब पचमढ़ी को हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है। सैलानियों को यह नई सौगात 20 नवबर से मिलने लगेगी। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है।
    बस 35 मिनट में पहुंच जाएंगे पचमढ़ी

    भोपाल से पचमढ़ी के पहुंचने के लिए अभी सड़क मार्ग है। इसमें सैलानियों को 6 से 7 घंटे का समय लगता है। हवाई सेवा शुरू होने से 6 घंटे का सफर महज 35 मिनट में पूरा हो जाएगा। कानूनी दांव पेंच में उलझी पचमढ़ी की हवाई पट्टी पर हेलीकाप्टर उतारने के लिए वीआईपी हेलीपैड को अपडेट कर दिया गया है।

    हेलिपैड के पास लगाए गए बेरिकेड्स

    लोक निर्माण विभाग ने हेलीपेड का रंग रोगन कर सुरक्षा के लिए चारों तरफ बेरिकेड्स लगा दिए गए हैं। अभी तक इस हेलीपैड का राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित देशभर से आने वाले अति विशिष्ट अतिथियों को लेकर आने वाले हेलीकॉप्टर लिए इस्तेमाल किया जाता है। अब इस पर सैलानियों को लाने वाले हेलीकॉप्टर को भी उतरा जाएगा। पर्यटन बोर्ड (mp tourism) की हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने के लिए विभागीय तैयारी हो गई है। यहां से वे सतपुडा टाइगर रिजर्व के (एसटीआर) के मढ़ई, नीमधान, चूरना तक सड़क यात्रा कर जा सकते हैं।
    कार से 4 और बस से 6 घंटे में होता है सफर पूरा

    भोपाल से पचमढ़ी की दूरी लगभग 211 किलोमीटर है। सड़क से पचमढ़ी आने के लिए सैलानियों को कार, टैक्सी से और यात्री बस से 6 घंटे का सफर करना पड़ता है। हेलीकॉप्टर सुविधा शुरु होने के बाद टूरिस्ट 35 मिनट में पचमढ़ी पहुंच जाएंगे।

    हेलीकॉप्टर सेवा का किराया निर्धारण होना बाकी

    भोपाल से पचमढ़ी तक हेलीकॉप्टर में सैलानियों को कितना किराया देना पड़ेगा। इसका निर्धारण होना बाकी है। इसके लिए एमपीटी व्यवस्थाएं कर रहा है। प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों की तरह पचमढ़ी आवागमन करने वाले सैलानियों से निर्धारित किराया लिया जाएगा।
    पर्यटन में होगा इजाफा

    भोपाल से पचमढ़ी के हेलीकॉप्टर सेवा शुरु की जा रही है। इसमें सैलानियों से कितना किराया लगेगा। इसका निर्धारण होना बाकी है। इस सुविधा से पचमढ़ी और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटन में इजाफा होगा। – एके श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक पर्यटन बोर्ड भोपाल

  • 12 लाख लोग इकट्ठा होंगे भोपाल में, 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा शुक्रवार से शुरू

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी स्थित घासीपुरा में आज  से शुरू हो रहा 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा (Ijtema 2025 Tablighi Jamaat) इस बार तकनीक और परंपरा का अनोखा संगम लेकर आ रहा है। दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम धार्मिक सम्मेलन में पहली बार क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इससे न केवल सेवादारों को अपनी जिम्मेदारी समझने में आसानी होगी, बल्कि आयोजन स्थल की संपूर्ण जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगी।

    इज्तिमा के प्रवक्ता उमर हफीज बताते हैं कि पहला आधिकारिक इज्तिमा 1947 में हुआ था, इसलिए यह 79वां आलमी इज्तिमा है, लेकिन कोरोना काल में साल 2020 में यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए यह 78वां आयोजन है। उमर हफीज बताते हैं विदेश से कोई जमात नहीं आती, बल्कि व्यक्तिगत रूप से लोग इस इज्तिमा में शामिल होने आते हैं। पहले उनका पुलिस वेरीफिकेशन होता है। इसके बाद ही समागम में शामिल होने की अनुमति दी जाती है।

    स्कैन करते ही इज्तिमा का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा

    इज्तिमा स्थल पर तीस हजार से अधिक वालेंटियर को विशेष क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र दिए गए हैं, जिनमें नगर निगम के पांच हजार और 25 हजार स्वयंसेवक शामिल रहेंगे, जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और इज्तिमा स्थल जाने वाले प्रमुख मार्गों पर तैनात किए गए हैं। इस कार्ड को स्कैन करते ही मोबाइल पर पूरा इज्तिमा परिसर का डिजिटल नक्शा खुल जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि कौन सी जमात किस क्षेत्र में ठहरी है, किस जगह जरूरी सामान, पानी या चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, सफाई या सुरक्षा से जुड़ी टीमें कहां-कहां तैनात हैं।

    आयोजन समिति के अनुसार, यह सिस्टम भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा और किसी भी आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में समय की बचत होगी। इस सुविधा से लोग परेशान होने से बचेंगे और उन्हें सटीक जानकारी मिल सकेगी।

    इज्तिमा में 12 लाख से अधिक लोगों के आने संभावना

    चार दिवसीय यह मजहबी समागम 14 नवंबर आज फजिर की नमाज के साथ आरंभ हुआ  और 17 नवंबर को सामूहिक दुआ के साथ संपन्न होगा। देशभर की जमातों और विदेशों से व्यक्तिगत रूप से आने वाले मुस्लिम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। दुआ के आखिरी दिन करीब 12 लाख जमातियों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    जीरो वेस्ट और ग्रीन थीम के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम

    इस बार का इज्तिमा ‘जीरो वेस्ट’ थीम पर आधारित है। प्रवक्ता उमर हफीज के अनुसार, प्लास्टिक और डिस्पोजल वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध है। नगर निगम और ग्राम पंचायतों के सहयोग से पूरे आयोजन को ‘ग्रीन एंड क्लीन इज्तिमा’ बनाने की योजना है। कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ सैयद इम्तियाज अली ने बताया कि इस बार उत्पन्न होने वाला कचरा 180 मीट्रिक टन से घटाकर 120 मीट्रिक टन तक सीमित रखने का लक्ष्य है।

    इस समागम में पहली बार इज्तिमा स्थल के आसपास की आठ ग्राम पंचायतें सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही है। वहीं दूसरी ओर वुजू में प्रतिदिन खर्च होने वाले 90 लाख लीटर पानी को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट और गंदे पानी का ट्रीटमेंट और रीसाइक्लिंग की जाएगी।

    इज्तिमा कल से, परिवर्तित रहेंगे कई मार्ग

    भोपाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ईंटखेड़ी के ग्राम घासीपुरा में 14 से 17 नवंबर तक चार दिनी आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होगा। इसमें देश के विभिन्न भागों से बडी संख्या में धर्मावलंबी सम्मलित होंगे, जो रेलवे स्टेशन, पुराने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यक्रम स्थल तक पहुचेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में शहर से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।

    सुबह छह बजे से पुराना शहर से इज्तिमा स्थल की ओर आवागमन करने वाले मार्गों जैसे-मुबारकपुर से पटेल नगर नया बायपास, गांधी नगर से अयोध्यानगर बायपास, रत्नागिरी, लाम्बाखेड़ा से करोंद भोपाल टाकीज, पीरगेट, मोती मस्जिद, रायल मार्केट, लालघाटी चौराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, अल्पना तिराहा, भारत टाकीज, बोगदापुल आदि क्षेत्रों में भारी संख्या में जनसमुदाय एवं वाहनों के सड़कों पर होने से अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा। आमजन से अनुरोध है कि पुराने शहर और इज्तिमा स्थल की ओर आने-जाने हेतु अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से आवागमन करने का मार्ग

    भोपाल से एयरपोर्ट जाने वाले वाहन वीआइपी रोड, लालघाटी होकर एयरपोर्ट की ओर आवागमन कर सकेंगे।

    भोपाल शहर से मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले वाहन रोशनपुरा, लिंक रोड -दो, बोर्ड आफिस, चेतक ब्रिज से प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड होकर प्लेटफार्म क्रमांक-एक की ओर आवागमन कर सकेंगे।
    शहर में यात्री बसों का डायवर्सन

        सागर, छतरपुर, दमोह, रायसेन, होशंगाबाद, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल की ओर से आने वाली बसें 11 मील, मिसरोद, आरआरएल तिराहा, हबीबगंज नाका, सांची दुग्ध संघ होते हुए आईएसबीटी बस स्टैंड की ओर आवागमन कर सकेंगे।

        विदिशा से आने वाली बसें सूखी सेवानिया, चौपड़ा बायपास, से भानपुर चौराहा भानपुर रोटरी पर समाप्त होंगी।

        बैरसिया से आने वाली बसें गोलखेडी से तारासेवनिया, परवलिया, मुबारकपुर बायपास, खजूरी बायपास से बैरागढ़ हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी।

     

  • सिवनी में बाघ प्रतिमा की धूम, अमेरिका के मोगली लैंड को पीछे छोड़कर बना रिकॉर्ड

    सिवनी
     मध्य प्रदेश के सिवनी पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में कबाड़ के जुगाड़ से दुनिया का सबसे बड़ा बाघ का स्टेच्यू बनाया है. जिसका अनावरण बुधवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने किया है. पेंच टाइगर रिजर्व का दावा है कि अब तक सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में थी लेकिन अब उससे बड़ी प्रतिमा कबाड़ के जुगाड़ से पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के द्वारा तैयार करवाई गई है.

    अमेरिका को पछाड़कर बनाया सबसे बड़ा बाघ का स्टेच्यू
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा पर्यटन गेट पर लोहे के कबाड़ से बनाई गई 40 फीट लंबी, 8 फीट चौड़ी और 17.5 फीट ऊंची बाघ की मूर्ति का अनावरण किया. पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार ने बताया कि ''इंटरनेट में उपलब्ध वर्ल्ड रिकार्ड एकेडमी के अनुसार दुनिया में सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति अब तक अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में है, जो 8 फिट ऊंची और 14 फिट लंबी है. जबकि इस लिहाज से अब सबसे बड़ी आकृति का तमगा हमारे पास है.''

    मिशन लाइफ के तीन सूत्रों पर बनाई गई आकृति
    पेंच टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश कुमार ने बताया कि, ''मिशन लाइफ के अंतर्गत पीएम द्वारा तीन आर (3R) सूत्रों, रिड्यूस (Reduce), रियूस (Ruse) एवं रिसाईकल (Recycle) के भावना के अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से दुनिया की सबसे बड़ी बाघ प्रतिमा का निर्माण किया गया है. जनवरी में लोहे के अनुपयोगी सामग्रियों जैसे पुरानी साइकिल, पाइप, जंग लगी लोहे की चादरें जैसी कई सामग्रियों से प्रतिमा का निर्माण प्रारम्भ किया गया था.

    मेक इन इंडिया के लोगों से मिली थी प्रेरणा
    पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि, ''प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया का प्रतीक चिन्ह एक शेर को बनाया था और वह सिंह भी लोहे के कबाड़ से बना डिजाइन था. उसी से प्रेरणा लेकर लोहे के स्‍क्रैप मटेरियल के इस बाघ की कलाकृति बनाने का प्लान किया गया था.''

    सामूहिक प्रयासों की मिसाल है मूर्ति
    पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि, जो कभी कबाड़ था, आज वही 40 फीट का बल, 17.5 फीट की गरिमा और 8 फीट के गर्व के रूप में खड़ा है. खवासा गेट पर स्थानीय कलाकारों के साथ ऋषभ कश्यप के नेतृत्व में और वनकर्मियों के सहयोग से तैयार, कबाड़ से निर्मित विशाल बाघ मात्र एक मूर्ति नहीं, यह सामूहिक प्रयास की शक्ति का प्रतीक है. जिस प्रकार लोहे के छोटे-छोटे टुकड़ों ने मिलकर इस विशाल बाघ को आकार दिया, उसी प्रकार स्थानीय समुदायों, वन विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों और नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर ही संरक्षण की महान कहानी रचते हैं.

    12 नवम्बर को मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अनावरित यह अद्भुत सृजन हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के लिए सच्चे मन से उठाया गया एक छोटा कदम भी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत बन सकता है.

  • Unified Pension Scheme: कुछ अधिकारियों ने ही चुना विकल्प, कर्मचारियों में उत्साह नहीं

    भोपाल
     भारत सरकार द्वारा लागू एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को लेकर मध्य प्रदेश के कर्मचारियों में कोई रुचि नहीं है। किसी भी संगठन ने इसे लेकर पहल नहीं की है। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों में भी कुछ ने ही इस विकल्प को चुना है। उधर, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। अब कर्मचारी सरकारी प्रतिभूति में सौ प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। इस योजना में चार लाख 60 हजार अधिकारी-कर्मचारी हैं।

    पुरानी पेंशन बहाली की मांग के बीच सरकार ने कर्मचारियों को साधने के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना के साथ-साथ एकीकृत पेंशन योजना का विकल्प कर्मचारियों को दिया है। भारत सरकार की इस योजना को लेकर अधिकारी-कर्मचारी उत्साहित नहीं हैं। प्रदेश में इसे लागू करने के लिए उच्च स्तरीय समिति तो गठित की गई पर इसकी बैठक ही नहीं हुई। दरअसल, अभी योजना को लेकर स्पष्टता नहीं है, जिसके कारण सरकार भी जल्दबाजी में नहीं है।

    लगातार किए जा रहे हैं संशोधन

    उधर, राष्ट्रीय पेंशन योजना में लगातार संशोधन किए जा रहे हैं। अब यह प्रविधान किया गया है कि जो कर्मचारी जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं वे सरकारी प्रतिभूति में सौ प्रतिशत तक निवेश कर सकते हैं। वहीं, म्यूचुअल फंड सहित अन्य व्यवस्थाओं में निवेश के लिए अधिकतम सीमा को 50 से बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है।

    योजना में कर्मचारी को यह अधिकार दिया गया है वो निवेश के लिए फंड मैनेजर का चयन कर सकते हैं। एक वर्ष में फंड चयन की सुविधा एक बार और निवेश पद्धति में परिवर्तन के लिए दो बार ही रहेगी।

    क्यों नहीं जुड़ रहे हैं लोग?

    हालांकि, यूपीएस में लंबी सर्विस ड्यूरेशन, मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन, टाइम से पहले रिटायरमेंट की सिचुएशन में लिमिटेड बेनिफिट्स, और फैमिली पेंशन के लिए लिमिटेड डेफिनिशन को लेकर डिससैटिस्फैक्शन की वजह से, 27 लाख सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज में से सिर्फ करीब 1% ने ही यूपीएस को चुना. सर्विस के दौरान डेथ होने पर मिलने वाले बेनिफिट्स की क्लैरिटी न होने, टैक्सेशन और यूपीएस अपनाने से पहले कॉस्ट वर्सेज बेनिफिट की चिंता से लोग इसे चुनने से बच रहे हैं. क्योंकि एक बार सलेक्ट करने पर इससे बाहर नहीं जाया सकता है. हालांकि, इसके लिए अभी हाल में ही सरकार ने वनटाइम वन वे स्विच का ऑप्शन दिया है, लेकिन उसकी अपनी सीमाएं हैं.

    UPS के लिए गवर्नमेंट के उठाए कदम

    जुलाई में, सेंटर ने मार्केट-लिंक्ड एनपीएस के तहत मिलने वाले इनकम टैक्स बेनिफिट्स को यूपीएस तक एक्सटेंड किया, जिसमें रिटायरमेंट पर 60% फंड की टैक्स-फ्री विड्रॉल शामिल है. इसने गवर्नमेंट एम्प्लॉई की डेथ, डिसएबिलिटी या डिसमिसल की सिचुएशन में ओपीएस के बेनिफिट्स को भी इंप्रूव किया. सेंटर ने यूपीएस के तहत एम्प्लॉइज को रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी का बेनिफिट भी दिया. इसने एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने की डेडलाइन को 30 जून से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया. पिछले हफ्ते, इसने यूपीएस से एनपीएस में वन-टाइम वन-वे स्विच फैसिलिटी स्टार्ट की. यूपीएस चुनने वाले कर्मचारी इसे रिटायरमेंट से एक साल पहले तक या वॉलंटरी रिटायरमेंट के केस में रिटायरमेंट डेट से तीन महीने पहले तक यूज कर सकते हैं.

    यूपीएस में फिस्कल इंप्लीकेशन

    यूपीएस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह गवर्नमेंट फाइनेंस पर गैरजरूरी कॉस्ट का असर न डाले. गारंटी एलिमेंट की वजह से एक्स्ट्रा एक्सपेंडिचर का अनुमान फाइनेंशियल ईयर 26 में सिर्फ 8,500 करोड़ रुपये था, जो टाइम के साथ ग्रैजुअली बढ़ेगा, क्योंकि सैलरी स्केल रिवाइज होते हैं और न्यू पीपल सर्विस में जॉइन करते हैं.

    हालांकि, कर्मचारियों के नंबर में न्यू एडिशन्स पर जनरल कंट्रोल से एक्सपेंसेस पर कंट्रोल रहने की उम्मीद है. चूंकि, 2036 के बाद लोग यूपीएस के तहत रिटायर होंगे और उनमें से कुछ के साथ-साथ फैमिली पेंशनर्स की भी डेथ हो सकती है. ऐसी स्थिति में उनकी पेंशन कैपिटल अमाउंट कर्मचारी के सक्सेसर्स को रिटर्न नहीं की जाएगी. इससे फ्यूचर में बजट पर ज्यादा डिपेंड हुए बिना पेंशन के लिए गवर्नमेंट के रिसोर्सेज को इंप्रूव करने में हेल्प मिलेगी. हर पे कमीशन के डिसीजन के बाद बेसिक पेंशन को रीसेट नहीं किया जाएगा, जैसा कि ओपीएस में होता था.