• पेंटर शिवकुमार निराला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया विशिष्ट ‘राजनीतिक मानचित्र’

    मुख्यमंत्री ने की सराहना, रचनात्मक प्रतिभा का किया सम्मान

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर श्री शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया।

    श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “श्री शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।

  • बीजापुर ऑपरेशन में सुरक्षाबलों की निर्णायक कार्रवाई: 6 नक्सली मारे गए, CM साय ने कहा– नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार की शुरुआत

    रायपुर

    बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान छह नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और नक्सल गतिविधियों को संचालित कर रहा था। सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी सराहना व्यक्त की है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं। इसमें आठ लाख रुपये का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है। जिसके न्यूट्रलाइज होने से इस क्षेत्र में फैले माओवादी आतंक के एक लंबे अध्याय का अंत हुआ है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा – यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है। लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में यह कार्रवाई एक निर्णायक पड़ाव है।

    उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ इस मिशन को पूरे समर्पण और प्रतिबद्धता से आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।

  • हमारी सरकार ने योजना की शुरुआत करने के 15 दिन में ही निभाया अपना वादा: मुख्यमंत्री

    किसानों के लिए सम्मान और समृद्धि का प्रतीक बनी भावान्तर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने 1.33 लाख से अधिक किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए भावांतर राशि अंतरित की

    हमारी सरकार ने योजना की शुरुआत करने के 15 दिन में ही निभाया अपना वादा

    भावांतर योजना में पंजीकृत किसान 15 जनवरी तक मंडियों में विक्रय कर सकेंगे सोयाबीन

    देवास जिले में विकास के लिए 183.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन, हितलाभ भी किये वितरित

    कृषि यंत्रों एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    एक दिसम्बर को भव्य रूप में मनाएंगे गीता जयंती

    जहां देवियों का वास है, वही है देवास

    देवास

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर भुगतान, अन्नदाता के उत्थान का पर्याय है। अन्नदाता को दी गई एमएसपी की गारंटी की पूर्ति करते हुए सोयाबीन भावांतर योजना में 1 लाख 33 हजार किसानों के खाते में 233 करोड रुपए की राशि अंतरित की गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि हमने जो कहा उसे कर दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित की जा रही है। मध्यप्रदेश किसानों को उपज का उचित लाभ दिलवाने के लिए भावान्तर योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। पिछले साल सोयाबीन का भाव 4800 रुपए था, इस बार किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ देकर 5300 रुपए से अधिक कीमत पर सोयाबीन खरीदा जा रहा है। भावान्तर योजना के लिए प्रदेश में 9 लाख से अधिक किसानों ने सोयाबीन बेचने के लिए पंजीयन किया। आज 1.33 लाख किसानों के खाते में राशि भेजी गई है। हमारी सरकार ने योजना की शुरुआत करने के 15 दिन में ही किसानों से किया वादा पूरा किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को देवास से प्रदेश के 1.33 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना के अंतर्गत 233 करोड़ रुपए की राशि अंतरित करने के बाद विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कर कन्या-पूजन भी किया। वंदे मातरम के गान ने वातावरण को देशभक्ति की भावना का संचार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 183.25 करोड़ लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही हितग्राहियों को जैविक खेती, कृषि यंत्र एवं पीएमएफएमई सहित विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि यंत्रों एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने वाली प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया।

    220 से अधिक मुख्य और 80 उप मंडियों में की जा रही खरीदी : सारी प्रक्रिया ई-मंडी पोर्टल पर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना पंजीकृत किसान 15 जनवरी तक अपनी सोयाबीन मंडियों में बेच सकेंगे। पूरे प्रदेश में 220 से अधिक मुख्य मंडियों और 80 उप मंडियों में खरीदी की जा रही है। रेट पारदर्शी तरीके से तय हो रहे हैं, सारी प्रक्रिया ई-मंडी पोर्टल पर है, किसान का डाटा अपने आप दिख रहा है, पैसा सीधे ऑनलाइन खाते में पहुंचने की व्यवस्था की गई है और हर कदम पर रियल टाइम एंट्री और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए भावांतर कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है। भावांतर योजना लागू होने से फसल बेचने में किसानों को होने वाली कई परेशानियां दूर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक दिसंबर को गीता जयंती भी पूरी भव्यता के साथ मनाई जाएगी। प्रदेश के नगरों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे।

    नरवाई की समस्या के निदान के लिए लगाए जा रहे हैं कम्प्रेस्ट बायो गैस प्लांट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए धरती पुत्र किसान और सीमा पर जवान, दोनों समान सम्मान का भाव रखते हैं। धरती पुत्र किसानों से देश की विशेष पहचान बनी है। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार खेती के साथ-साथ गोपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए पंजीयन कराएं और 4 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान का लाभ उठाएं। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। योजना में अगर कोई किसान 40 लाख रूपए लागत का डेयरी व्यवसाय शुरू करता है तो राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए नरवाई की समस्या खत्म करने की दिशा में कदम उठाते हुए प्रदेश में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शुभारंभ किया गया है।

    बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सनातन संस्कृति का गौरव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार 12 नवम्बर को लाड़ली बहनों को जारी बढ़ी हुई राशि का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों और किसानों को लगातार सौगातें मिल रही हैं। बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सनातन संस्कृति का गौरव है। भारत दुनिया का एक मात्र देश है, जो मातृ सत्ता को स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि जहां देवियों का वास है, वही देवास है। उन्होंने देवास स्थित नोट प्रेस का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के नोट दुनिया में भारत का मान बढ़ाते हैं। भले ही नोट अर्थव्यवस्था को गति देते हों, लेकिन सोयाबीन, कपास और गेहूं का उत्पादन देश की अर्थव्यवस्था को आधार प्रदान करता है। कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान देश में महत्वपूर्ण है।

    राज्य सरकार ने मोटे अनाज 'अन्न' पर दिया बोनस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मोटा अनाज 'अन्न' खरीदने के लिए मंडला, बालाघाट, जबलपुर सहित 11 जिलों के लिए किसानों को कोदो-कुटकी पर 1000 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया है। धान और गेहूं उत्पादक किसानों को भी बोनस का लाभ मिला है, चरणबद्ध रूप से गेहूं की कीमतें बढ़ाई जा रही है। संकल्प पत्र में किये वादे को पूरा करते हुए लाड़ली बहना योजना में बहनों के लिए भी राशि बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी गई है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रत्येक 7 दिन में प्रदेशवासियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेश में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार को पिछले दिनों भारत सरकार की ओर से 4 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

    देवास जिले में भावान्तर योजना के लिए सबसे अधिक हुआ पंजीयन

    कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश किसानों के लिए भावान्तर योजना संचालित करने वाला देश का इकलौता राज्य है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में किसान हितैषी सरकार है।

    मुख्यमंत्री का किसान मोर्चा और नागरिकों ने किया स्वागत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के देवास पहुँचने पर रोड-शो में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और किसानों सहित नागरिकों ने भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन करते हुए किसानों को भावांतर योजना में मिले लाभ की बधाई दी।

    कार्यक्रम को सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने भी संबोधित किया। विधायक मती गायत्री राजे पंवार ने कहा कि देवास जिले में भावान्तर योजना के लिए सबसे अधिक पंजीयन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों, युवाओं और महिलाओं को अनेक सौगातें मिल रही हैं। गरीब कल्याण के लिए भी राज्य सरकर सदैव तत्पर है। कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश सोनकर, विधायक मनोज चौधरी विधायक मुरली भंवरा, महापौर मती गीता अग्रवाल, किसान संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में अन्नदाता भाई और लाड़ली बहनें उपस्थित रही।

     

     

  • छत्तीसगढ़ बनेगा ट्रायबल गेम्स 2025 का मेज़बान, रायपुर-बस्तर में होगा आयोजन

    जगदलपुर
     छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार इतिहास रचा जाएगा। भारत सरकार के भारतीय खेल प्राधिकरण, नई दिल्ली ने आगामी खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स 2025 की मेजबानी का जिम्मा छत्तीसगढ़ राज्य को सौंपा है। यह आयोजन जनजातीय गौरव, संस्कृति और खेल प्रतिभा का अनोखा संगम होगा।

    खेलो इंडिया निरीक्षण दल ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान जगदलपुर के धरमपुरा खेल परिसर और इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम का निरीक्षण किया तथा इन स्थलों को तीरंदाजी, एथलेटिक्स और मलखंभ खेलों के आयोजन के लिए चिन्हित किया। इस अवसर पर उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ममता ओझा (डायरेक्टर, खेलो इंडिया दिल्ली), श्रीनिवास मालेकार (उप संचालक), गोपाल कंदपाल, आदित्य ब्रम्हे, राज्य खेल संचालक तनुजा सलाम,तथा स्थानीय खेल अधिकारी गिरीश शुक्ल, टीएन रेड्डी, सुनील पिल्ले, कोटेश्वर नायडू और प्रदीप साहू उपस्थित रहे।

    तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा से दल को कराया गया अवगत
    निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर एवं सहायक संचालक (खेल एवं युवा कल्याण) ऋषिकेश तिवारी ने बस्तर जिले की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा से दल को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि, दोनों मैदानों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, ताकि खिलाड़ियों को उत्कृष्ट माहौल मिल सके। राज्य खेल संचालक तनुजा सलाम ने कहा- यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। हम इस अवसर को राज्य की खेल पहचान और जनजातीय गौरव को नई दिशा देने वाले पर्व के रूप में मनाएंगे।

    खेलों के माध्यम से जनजातीय गौरव को नई पहचान
    खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स 2025 का आयोजन जनजातीय गौरव वर्ष (15 नवम्बर 2024 – 15 नवम्बर 2025) के अंतर्गत किया जा रहा है। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 1200 आदिवासी खिलाड़ी भाग लेंगे। खेलो इंडिया योजना के इस नए संस्करण का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को राष्ट्रीय मंच देना, उनकी संस्कृति, परंपरा और खेल प्रतिभा को विश्वपटल पर पहचान दिलाना है। रायपुर और बस्तर दो प्रमुख आयोजन स्थल होंगे, जिनमें बस्तर का चयन अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल राज्य, बल्कि देश के जनजातीय अंचलों में खेल क्रांति का संचार होगा।

     

  • डॉ. यादव का बयान: समाज के परिचय सम्मेलन से मजबूत होंगे पारिवारिक संस्कार और सामाजिक एकता

    समाज के परिचय सम्मेलन, पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने गुजराती सेन समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन को वर्चुअली किया संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि समाज द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन और अधिवेशन पारिवारिक मूल्यों, समाज की परंपराओं एवं संस्कृति को बनाए रखने में सहायक होते हैं। सेन समाज की पहचान श्रम, सेवा और संस्कार से रही है। संत शिरोमणि सेन महाराज की प्रेरणा बताती है कि कर्म ही पूजा और सेवा ही सच्चा धर्म है। गुजराती सेन समाज प्रदेश के विकास में इसी भावना से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन जीवन साथी खोजने के साथ ही, अलग-अलग परिवारों के बीच नए रिश्ते संजोने का भी अवसर है। यह सम्मेलन सामाजिक सुरक्षा, पारदर्शी संवाद और पारिवारिक विश्वास को मजबूत करने वाला सामूहिक उपक्रम है। समाज के ऐसे समागमों से हमें अपने शिल्प और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री निवास में सेन समाज की पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मध्यप्रदेश गुजराती सेन समाज के उज्जैन में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन और परिचय सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज बंधुओं को राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ऐसे समागमों में व्यवस्था की जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू योजनाओं से समाज में बड़े पैमाने पर सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने लाड़ली बहना योजना और सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य शासन सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश गुजराती सेन समाज के प्रदेश संरक्षक भरत भाटी, युवा प्रदेशाध्यक्ष बालकृष्ण वर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी गौरीशंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जितेन्द्र सेन सारोला सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे।

     

     

  • पुरानी बसें बाहर, नई बसों में सुरक्षा बढ़ाई: ड्राइवर-कंडक्टर नशा नहीं करेंगे, नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई

    इंदौर
     मुंबई से इंदौर आ रही बस में युवती से हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्त हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने  बस आपरेटरों की बैठक लेकर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसें किसी भी स्थिति में सड़कों पर नहीं चलेगी।

    आरटीओ 15 साल से पहले ही बस संचालकों को नोटिस जारी कर सूचित करेंगे और ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन और परमिट जारी नहीं होगा। बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन, जीपीएस, लाइटिंग के साथ ही स्टाफ के लिए यूनिफार्म जरूरी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ऑपरेटरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    बसों में यात्रियों के लिए पूरी सुविधाएं और सुरक्षा रखी जाए

    कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुई बस ऑपरेटरों की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए कि बस संचालन के दौरान किसी यात्री को असुविधा या असुरक्षा महसूस नहीं होना चाहिए। बसों में यात्रियों के लिए पूरी सुविधाएं और सुरक्षा रखी जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ड्राइवर, कंडक्टर या अन्य स्टाफ नशे का सेवन नहीं करेंगे, यूनिफार्म में रहेंगे और यात्रियों से शालीन व्यवहार करेंगे।

    सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई होगी

    सुरक्षा मानकों की अनदेखी, वाहन फिटनेस में लापरवाही या यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की स्थिति में बस ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंदौर में असुरक्षित और अनुशासनहीन बस संचालन अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तथा प्रमुख बस ऑपरेटर मौजूद रहे।

    महिलाओं व दिव्यांगों के लिए आरक्षित होगी सीट

    बसों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए सीटें आरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। सीट नंबर 11 से 16 तक महिलाओं के लिए और दरवाजे के पास की दो सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित होंगी। चालक के पीछे वाली पहली सीट नवजात शिशु की माता के लिए होगी, जिसे तीन ओर से पर्दों से आच्छादित रखा जाएगा। सभी बसों में दोनों ओर अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। विंडस्क्रीन पर वाहन की बीमा, फिटनेस, परमिट आदि की जानकारी लाल रंग से अंकित की जाए।

    बस स्टाप का होगा सर्वे

    बैठक में बस आपरेटरों ने स्टेज कैरेज वाली बसों के लिए भी सीटी बस की तरह बस स्टाप बनाने की मांग की। बस ऑपरेटरों ने कहा कि एमवाय, पिपलियाहाना, मूसाखेड़ी, तीन इमली, तेजाजी नगर आदि क्षेत्रों में स्टाप बनाए, ताकि यात्रियों को सुविधा हो सके। बसें इन्हीं स्थान पर रुकेंगी और सड़क पर यातायात दबाव भी नहीं होगा। कलेक्टर ने इससे सहमत होते हुए सर्वे कराकर स्थान चिन्हित करने की बात कही।

  • ठंडी हवाओं से कांपा छत्तीसगढ़: रायपुर में शीतलहर का असर तेज़, जारी हुआ अलर्ट

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, पेण्ड्रारोड, राजनांदगांव, दुर्ग शीत लहर की चपेट में है. उत्तर से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. मौसम विभाग ने आज उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में शीत लहर चलने की संभावना जताई है.

    पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान जगदलपुर में 30.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इसी के साथ ही सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.

    इन इलाकों में शीतलहर की चेतावनी

    प्रदेश के जशपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और कोरबा में एक दो पॉकेट में शीत लहर चलने की संभावना है.

    मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि प्रदेश में उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है. इसके कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है. सरगुजा संभाग और उससे लगे जिले, राजनांदगांव और दुर्ग जिलों में एक दो पैकेट्स में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी. वहीं 17 नवंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ में ठंड से कुछ राहत मिलने की सम्भावना बन रही है. प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने की संभावना है. इसके अलावा अगले एक सप्ताह तक वर्षा की सम्भावना नहीं है.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

    राजधानी रायपुर मैं आज आकाश साफ रहने की संभावना बताई गई है. वही अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

  • शैक्षणिक यात्रा के तहत केकड़िया में छात्राओं ने समझा ग्रामीण जीवन का सार

    ज्ञान पर्यटन में छात्राओं ने जाना ग्रामीण जीवन का सार

    गीतांजलि सरकारी कन्या महाविद्यालय की केकड़िया (भोपाल) में शैक्षणिक यात्रा

    भोपाल

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित “ज्ञान पर्यटन” श्रृंखला के अंतर्गत गीतांजलि सरकारी कन्या महाविद्यालय, भोपाल की छात्राओं ने केकड़िया (भोपाल) में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड  शिव शेखर शुक्ला के मार्गदर्शन में कराए जा रहे इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं में सांस्कृतिक जागरूकता, ग्रामीण परंपराओं से जुड़ाव, तथा सतत कृषि पद्धतियों (Sustainable Agricultural Practices) की समझ विकसित करना था। यह भ्रमण “ज्ञान पर्यटन” श्रृंखला का चौथा कार्यक्रम था। 

    जनजातीय संस्कृति से आत्मीय परिचय

    भ्रमण की शुरुआत पारंपरिक विधि से हुई, जहां छात्राओं का स्वागत स्थानीय जनजातीय समुदाय की महिलाओं ने गीत और नृत्य के साथ किया। इसके बाद छात्राओं ने स्थानीय हाट बाजार का भ्रमण किया, जहां उन्होंने जनजातीय जीवनशैली की गहराइयों को नजदीक से समझा। उन्होंने पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों (चोमड़ी), जनजातीय चिकित्सा पद्धतियों, स्थानीय कृषि उत्पादों, जैविक वस्तुओं, अनाज, गृह उपयोगी सामग्री और पारंपरिक हथियारों जैसे धनुष-बाणों का भी अवलोकन किया। इस अनुभव ने उन्हें यह समझने का अवसर दिया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परंपरागत कौशल और हस्तकला किस प्रकार आज भी जीवंत हैं। इस यात्रा में कुल 49 छात्राएं सम्मिलित हुईं, उनके साथ डॉ. अनीता देभरतार और डॉ. मधु त्रिवेदी मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहीं।

    सीख और सहभागिता से भरी सक्रिय दिनचर्या

    यह भ्रमण सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन वुमन (STDW) परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षित सु वाणी राजपूत के निर्देशन में हुआ। छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने ट्रैकिंग, कुंभारकला (पॉटरी), बैलगाड़ी सवारी और स्थानीय खेलों व तीरंदाजी जैसी पारंपरिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण जीवन की सरलता और आत्मनिर्भरता का अनुभव किया। साथ ही उन्होंने फार्म टू प्लेट की अवधारणा को समझते हुए यह देखा कि किस प्रकार खेत से लेकर थाली तक भोजन की यात्रा होती है। छात्राओं ने सतत कृषि संबंधी प्रक्रियाओं जैसे फसल चक्र (Crop Rotation), ड्रिप सिंचाई तकनीक और पोषण खेती (Nutritional Farming) का व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त किया। दोपहर के भोजन में उन्हें ग्रामीण स्वाद का अनुभव कराते हुए मक्के की रोटी, कढ़ी, भाजी, टमाटर की चटनी, दाल और चावल जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिन्हें स्थानीय महिलाओं ने तैयार किया था।

    संस्कृति और आस्था का संगम

    भ्रमण के अंतिम चरण में छात्राओं ने सामासगढ़ जैन मंदिर का दर्शन दिये, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, छात्राओं ने लोकगीतों और नृत्य के माध्यम से जनजातीय कलाकारों के साथ सहभागिता की और चाय-नाश्ते के दौरान अपने अनुभव साझा किए।

    साझे प्रयासों से सफल हुआ “ज्ञान पर्यटन”

    यात्रा के सफल आयोजन में विलेज वॉयस के राजेश साहू, केकड़िया के स्थानीय समन्वयक  फतेह सिंह, तथा टूरिज्म बोर्ड की कौशल शाखा टीम का विशेष योगदान रहा। इस शैक्षणिक भ्रमण ने छात्राओं में स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कृषि ज्ञान और जनजातीय जीवनशैली के प्रति गहरी समझ और संवेदनशीलता विकसित की, जिससे वे न केवल पर्यटन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना के स्तर पर भी अधिक सशक्त बनीं। संचालन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की कौशल शाखा के अंतर्गत संचालक (कौशल) डॉ. डी.पी. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इससे पूर्व इसी श्रृंखला में बीएसएस कॉलेज का खारी (सीहोर) भ्रमण, बीएसएस कॉलेज का कोटरा (राजगढ़) भ्रमण, और नर्मदा पी.एम.सी.ओ.ई. कॉलेज का छेड़का (नर्मदापुरम) भ्रमण सफलतापूर्वक हो चुके हैं।

     

  • उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: कर्मचारी नगर विद्युत उपकेंद्र की क्षमता बढ़ी

    दुर्ग
    छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड दुर्ग क्षेत्र ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत जवाहर नगर जोन के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र(सबस्टेशन) कर्मचारी नगर की क्षमता मंे महत्वपूर्ण वृद्धि की है। उपकेंद्र में 65.99 लाख रुपये की लागत से 3.15 एमवीए का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिसे 12 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।

    इस अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के लगने से उपकेंद्र की कुल क्षमता 10 एमवीए से बढ़कर 13.15 एमवीए हो गई है। उक्त कार्य उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 4000 उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
    छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने बताया कि पूर्व में सबस्टेशन में स्थापित 05 एमवीए के दोनों ट्रांसफार्मर अक्सर ओवरलोड हो जाते थे, जिसके कारण लो वोल्टेज और लोड षेडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से अब इन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी और विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

    क्षमता वृद्धि से आईएचएसडीपी कॉलोनी, जयंती नगर, साईं नगर, सिकोला भाटा, सिकोला बस्ती, मुखर्जी नगर, प्रेम नगर, विजय नगर, मोहन नगर, करहीडीह एवं रांका के लगभग 4000 उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। श्री खंडेलवाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए अधीक्षण अभियंता षहर वृत्त श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद, कार्यपालन अभियंता एस.के.रॉय एवं श्री आर.के.दानी सहित सहायक अभियंताओं श्रीमती मोनिका नायर, श्रीमती रुचि सैलेट, श्री राजेन्द्र गिरी गोस्वामी, श्री ढालेश्वर साहू एवं श्री महेन्द्र कुमार साहू तथा उनकी पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं।

  • गुना को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार, जल संचय में बेहतरीन काम के लिए राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

    जल संचय के क्षेत्र में श्रेष्ठ पहल पर गुना नगरीय निकाय को मिला पुरस्कार

    राष्ट्रपति करेंगी 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में गुना को पुरस्कृत

    भोपाल

    गुना नगरीय निकाय को जल संचय के क्षेत्र में जन भागीदारी के साथ श्रेष्ठ कार्य करने पर देश की चयनित 50 नगरीय निकाय में स्थान मिला है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवम्बर को नई दिल्ली में गुना नगरीय निकाय को पुरस्कृत करेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोडवें ने गुना नगर पालिका परिषद एवं उनकी टीम को श्रेष्ठ नगरीय निकायों की श्रेणी में चयन होने पर बधाई दी है।

    लक्ष्य से अधिक तैयार की गई पुनर्भरण जल संरचनाएँ

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने देश में जनभागीदारी से जल संचय की बेहतर पहल के लिये प्रशासन तंत्र में हर स्तर पर पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की थी। गुना नगर पालिका परिषद ने जल संचय के लिये कार्ययोजना बनाकर नगरीय क्षेत्र में 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जिया टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड किये। यह तय लक्ष्य से अधिक है। इसी के साथ गुना शहरी क्षेत्र में उपलब्ध कुंओं का भी जीर्णोद्वार कर उनका पुनर्जीवन का कार्य किया गया।

    दल का गठन

    गुना नगर पालिका ने जल संचय के कार्य को करने के लिये दल का गठन किया था। गठित दल ने इस वर्ष मई माह के दौरान शासकीय और निजी परिसर, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास और मल्टी स्टोरी बिल्डिंगस, निजी कॉलोनियाँ, कुंआ और बावड़ी का सर्वे कराया। सर्वे रिपोर्ट के बाद जनभागीदारी से 2 हजार 231 रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को तैयार किये गये और पहले से उपलब्ध सिस्टम की मरम्मत सुनिश्चित की गई।

     

  • नवीन तालाब बना गांव की जीवनधारा

    राधारमण नगर के ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

    रायपुर,

    ग्राम पंचायत सोनवर्षा के ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीणों के लिए नया तालाब किसी वरदान से कम नहीं है। कभी जहां गर्मियों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को मीलों पैदल चलना पड़ता था, वहीं आज यह तालाब ग्रामीणों की प्यास बुझाने के साथ-साथ खेती और आजीविका का आधार बन चुका है। यह परिवर्तन संभव हुआ है महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कराए गए नवीन तालाब निर्माण कार्य से, जिसकी लागत 12.80 लाख रुपए रही।

    जल संकट से जूझते गांव में जल जीवन का नया अध्याय
    राधारमणनगर गांव लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या से गुजर रहा था। यहां का भूमिगत जल स्तर लगभग 450 फीट से नीचे चला गया था, जिससे हैंडपंप सूख जाते थे और गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था। ऐसे में ग्राम पंचायत सोनवर्षा द्वारा खदान के पास जल संरक्षण और संचयन के उद्देश्य से नया तालाब बनवाया गया। यह तालाब अब वर्षा जल को सुरक्षित रखता है और साल भर ग्रामीणों के उपयोग के लिए जल उपलब्ध कराता है।

    तकनीकी दृष्टि से मजबूत निर्माण – हर बूंद का संरक्षण
    तालाब निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके बांध की चौड़ाई और ऊंचाई को इस तरह मापा गया कि वर्षा का पानी सुरक्षित रूप से जमा रहे और बांध को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, तालाब की गहराई को अधिक रखा गया ताकि जल लंबे समय तक टिक सके। कार्य का क्रियान्वयन पूरी तरह महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन में किया गया, जिससे न केवल जल संरक्षण हुआ बल्कि निर्माण के दौरान ग्रामीणों को रोजगार भी मिला।

    परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर
    तालाब निर्माण के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां खेत सूख जाते थे और फसलें मुरझा जाती थीं, वहीं अब तालाब के आसपास की जमीन में नमी बनी रहती है। इससे खेतों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों के चेहरों पर अब संतोष की मुस्कान है क्योंकि उनकी मेहनत अब फसल के रूप में रंग ला रही है।

    आजीविका का नया साधन – मछली पालन से बढ़ी आय
    तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीणों को नई आय का स्रोत भी प्रदान किया है। ग्राम राधारमणनगर के ग्रामीण बाबू सिंह, जीत नारायण (जॉब कार्ड नं. 001/29) तथा श्री एक्का प्रसाद और रविशंकर (जॉब कार्ड नं. 001/79) ने मिलकर तालाब में 3000 मछली बीज छोड़े हैं। इन ग्रामीणों द्वारा तालाब का नियमित रूप से रखरखाव किया जा रहा है। मछली पालन से उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही, तालाब का पानी अब सिंचाई के लिए भी उपयोग में लाया जा रहा है, जिससे खेतों में सालभर हरियाली बनी रहती है।

    ग्रामीणों की जुबान – अब पानी की नहीं कोई कमी
    ग्राम के निवासी श्री बाबू सिंह कहते हैं कि पहले गर्मियों में हमें पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। तालाब बनने से अब न केवल पीने और निस्तार का पानी मिलता है बल्कि खेतों की सिंचाई भी आसानी से हो जाती है। मछली पालन से हमें अतिरिक्त आमदनी का साधन मिला है। यह तालाब हमारे लिए अमृत सरोवर से कम नहीं।

    स्थायी विकास की मिसाल बना राधारमण नगर
    आज सोनवर्षा-राधारमण नगर गांव का यह तालाब जल संरक्षण, संचयन और आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बन गया है। इस कार्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि सामूहिक प्रयास और तकनीकी समझदारी के साथ योजनाओं को क्रियान्वित किया जाए, तो किसी भी क्षेत्र में जल संकट जैसी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। ग्राम पंचायत सोनवर्षा का यह प्रयास मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बन चुका है, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

    हर बूंद में समाई उम्मीद
    राधारमण नगर का यह नवीन तालाब सिर्फ पानी का भंडार नहीं, बल्कि गांव की खुशहाली का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल जल संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि रोजगार, कृषि और मछली पालन के माध्यम से ग्रामीणों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह कहानी बताती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो हर बूंद से बदलाव संभव है, और यही तालाब उस परिवर्तन का साक्षी है जिसने गांव को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर किया है।

  • यात्रियों के लिए जरूरी खबर: छत्तीसगढ़ में 3 ट्रेनें रद्द, 2 के समय में बदलाव

     बिलासपुर

    छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत बिलासपुर–झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है. इसके चलते सारागांव स्टेशन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा, जिसकी वजह से 13 से 17 नवंबर तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा.

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी की है.

    प्रभावित रहने वाली ट्रेनें:

        68738/68737 बिलासपुर–रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.
        68736 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू पैसेंजर 13 से 16 नवंबर तक रद्द रहेगी.
        68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर 14 से 17 नवंबर तक रद्द रहेगी.
        68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू अब केवल बिलासपुर तक ही चलेगी.
        68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू का परिचालन बिलासपुर से शुरू होगा.

    रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले समय सारिणी और ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें.

  • खुशबू मामले में बड़ा खुलासा: कासिम ने बदली पहचान, बुर्का वाली फोटो के जरिए फंसाया मॉडल, मौत का मामला गंभीर

    भोपाल
       भोपाल में मॉडल खुशबू अहिरवार की मौत के बाद परिवार सदमे में है. खुशबू की मौत के बाद सामने आई पुलिस जांच, परिजनों के गंभीर आरोप और आरोपी कासिम अहमद की गिरफ्तारी के बाद कई बातें सामने आई हैं. कासिम जब खुशबू से मिला था, तो राहुल बनकर मिला था. खुशबू को जब असलियत पता चली तो वह दूर रहने लगी. कासिम जेल गया और जब बाहर आया तो फिर खुशबू के संपर्क में आ गया. उसने खुशबू पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला था. खुशबू के आधार कार्ड पर बुर्के वाली तस्वीर भी सामने आई है.

    दरअसल, 9 नवंबर की रात खुशबू अहिरवार की अचानक मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वह प्रेग्नेंट थी और उसकी फैलोपियन ट्यूब फटने से इंटर्नल ब्लीडिंग हुई, जिससे उसकी मौत हुई. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि खुशबू की ट्यूब फटने की वजह मेडिकल थी या किसी मारपीट का नतीजा. पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है और मृतका का विसरा जांच के लिए भेजा गया है.

     आधार कार्ड में अपडेट करवाई 'बुर्के वाली' फोटो, 'राहुल' बन कासिम ने खुशबू को फंसाया

    मॉडल खुशबू अहिरवार की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को पुलिस ने उसके बॉयफ्रेंड कासिम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि यह गिरफ्तारी मौत के मामले में नहीं, बल्कि खुशबू के साथ मारपीट करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के गंभीर आरोपों के तहत की गई है.

    इस मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कासिम ने खुशबू पर धर्म परिवर्तन का इतना दबाव बनाया कि उसने उसका आधार कार्ड भी अपडेट करवा दिया और उसमें खुशबू की बुर्के वाली फोटो लगवा दी थी.  

    झूठा नाम, मारपीट और धर्म परिवर्तन का दबाव
    खुशबू का अंतिम संस्कार करने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में कासिम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि कासिम ने खुशबू से दोस्ती करते समय अपना नाम 'राहुल' बताया था. जब खुशबू को उसके मुस्लिम होने का पता चला तो वह उससे अलग होना चाहती थी.

    खुशबू की बहन तारा बाई के मुताबिक, साल 2022 में खुशबू कॉलेज की पढ़ाई के लिए भोपाल आई थी और भानपुर मल्टी में किराए के मकान में रहती थी. पढ़ाई के साथ वह मॉडलिंग करने लगी थी, ताकि अपने खर्च निकाल सके. इसी दौरान उसकी मुलाकात राहुल नाम के युवक से हुई, जो बाद में असल में कासिम अहमद निकला. जब खुशबू को उसकी असली पहचान पता चली, तो उसने उससे रिश्ता खत्म करना चाहा, लेकिन कासिम ने उस पर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया.

    खुशबू के परिवार का दावा है कि जब उसने इनकार किया, तो कासिम ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी. खुशबू के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं. कासिम ने खुशबू का आधार कार्ड फोटो बदलवा दिया, जिसमें उसे बुर्का पहने दिखाया गया है. परिजनों का आरोप है कि यह कदम कासिम ने जानबूझकर उठाया. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसमें किसने और कब बदलाव किया.

    खुशबू की बहन तारा ने पुलिस को बताया कि 8 नवंबर की रात 11 बजे खुशबू ने उसे फोन किया था. फोन पर उसने कहा कि कासिम मुझे जबरदस्ती उज्जैन ले जा रहा है अपनी मां से मिलाने, मैं नहीं जाना चाहती. इसके कुछ ही देर बाद फोन कट गया. अगले दिन रात 10 बजे खुशबू की बड़ी बहन प्रीति अहिरवार का फोन आया कि खुशबू की बस में मौत हो गई है. प्रीति के मुताबिक, उज्जैन से लौटते वक्त बस में ही खुशबू दम तोड़ चुकी थी. परिवार जब भोपाल पहुंचा तो खुशबू का शव हमीदिया अस्पताल में था.

    परिजनों की शिकायत के आधार पर भोपाल पुलिस ने कासिम को गिरफ्तार कर लियाहै. पुलिस ने उस पर कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. इनमें धारा 296, 115(2), 351(2) (भारतीय न्याय संहिता – BNS), मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3/5, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(5)(क) शामिल है. कासिम की गिरफ्तारी खुशबू की मौत के मामले में नहीं, बल्कि मारपीट, धोखा और धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोपों में की गई है.

    कासिम ने आरोपों से किया इनकार

    पुलिस हिरासत में कासिम खुद को निर्दोष बता रहा है. वह पुलिस की कस्टडी में बोल रहा था कि मैंने खुशबू से मारपीट नहीं की, न दबाव बनाया. पुलिस हिरासत में कासिम ने मृतका खुशबू के परिजनों के सभी आरोपों से इनकार किया है. वहीं खुशबू के परिवार का कहना है कि कासिम ने उसे पीटा, था धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया.

    परिवार अब इस मामले में हत्या की जांच की मांग कर रहा है और इसे 'लव जिहाद' का मामला बता रहा है. वहीं, पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारण का पता विसरा रिपोर्ट आने के बाद चलेगा. क्या खुशबू की मौत वाकई एक मेडिकल कॉम्प्लिकेशन थी या फिर उसके साथ कुछ और हुआ? क्या आधार कार्ड में फोटो बदलवाने की कहानी धर्म परिवर्तन की बड़ी साजिश का हिस्सा थी? इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं.

    कासिम गिरफ्तार, आरोपों से इनकार
    पुलिस हिरासत में कासिम बार-बार यही बोल रहा है कि उसने खुशबू के साथ कभी मारपीट नहीं की. हालांकि, परिजनों के गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने कासिम के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 (धोखाधड़ी), 115(2), 351 (2), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)5(क) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है.

  • ABVP में नया अध्याय: रघुराज किशोर तिवारी बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेतृत्व में आए बदलाव

     रीवा 
    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष एजी कॉलेज रीवा के प्रोफसर रघुराज किशोर तिवारी को चुना गया है। यह पहला अवसर है जब विंध्य क्षेत्र से किसी को इस संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जैसे ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा हुई, उनके आवास पर बधाई देने वाले बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

    कृषि विज्ञान में पीएचडी हासिल

    जिले के सेमरिया क्षेत्र के कपसा के रहने वाले रघुराज किशोर बीते कई वर्षों से विद्यार्थी परिषद सहित अन्य कई संगठनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। शहर के माडल स्कूल से पढ़ाई करने के दौरान ही वे वर्ष 1987 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े। एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में वे कृषि महाविद्यालय रीवा के छात्र संघ के निर्वाचित अध्यक्ष और महाकौशल प्रांत के प्रदेश सचिव भी रहे। कृषि महाविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद यहीं अध्यापन कार्य भी वह कई वर्षों से करा रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से कृषि विज्ञान में पीएचडी भी हासिल की।

    रघुराज किशोर को मिले कई पुरस्कार

    एक शिक्षक के रूप में रघुराज किशोर को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार (2014) से सम्मानित किया गया था। प्रतिष्ठित त्रिभुवन विश्वविद्यालय नेपाल द्वारा विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार (2016) में प्राप्त हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 125 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, कृषि विज्ञान पर तीन पुस्तकें लिखी हैं, 50 से अधिक लघु शोध परियोजनाओं का मार्गदर्शन किया है और तीन डॉक्टरेट शोध प्रबंधों का पर्यवेक्षण किया है। प्रधान अन्वेषक के रूप में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान फिलीपींस में आयोजित एक संयुक्त अनुसंधान परियोजना में अपने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। इससे पहल विद्यार्थी परिषद में वे महाकौशल प्रांत अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (2006-09) के रूप में कार्यरत रहे हैं।
    शिक्षा नीति समिति के सदस्य भी रहे

    डॉ. रघुराज किशोर तिवारी मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्यान्वयन समिति के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय करने में उनका बड़ा योगदान रहा है। देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति मध्यप्रदेश में लागू हुई, इसमें शिक्षा विशेषज्ञों की मेहनत अहम रही है। इस टीम में रघुराज किशोर तिवारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान में वे कृषि छात्र गतिविधियों के प्रमुख सलाहकार और राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।

  • जबलपुर :ग्राम पंचायत सचिवों की करतूत पर कार्रवाई, NOC के लिए रिश्वत मांगते पकड़े गए

    बालाघाट
     लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत परसवाड़ा की ग्राम पंचायत खरपड़िया सचिव और ग्राम पंचायत उकवा के प्रभारी सचिव योगेश हिरवाने को ग्राम पंचायत उकवा के सामने में रोड पर अंकुश पिता संतोष चौकसे से 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा गया।

    लोकायुक्त टीम ने सचिव को गिरफ्तार कर बैहर ले जाया गया है। शिकायतकर्ता अंकुर चौकसे की माने तो शासन के द्वारा एक डिसमिल का पट्टा दिया गया है, जो आबादी जमीन का है। मेरे द्वारा भवन निर्माण किया जाना था जिसके लिए मैं ग्राम पंचायत उकवा से एनओसी मांगना चाह तो ग्राम पंचायत उकवा के प्रभारी सचिव योगेश हिरवाने के द्वारा मुझे 200000 लाख रुपये की मांग की गई थीं।

     

  • रतलाम में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर बदल गया तरीका, चालान नहीं, पुलिस के सामने देना होगा परीक्षा

    रतलाम 
     यातायात पुलिस रतलाम में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का चालान नहीं काट रही बल्कि सजा के तौर पर उनसे परीक्षा ले रही है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन शरू किया गया है. यहां ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को 20 प्रश्नों का एक प्रश्न पत्र थमा दिया जाता है. इस प्रश्न पत्र में ट्रैफिक अवेयरनेस को लेकर प्रश्न प्रतिभागियों से पूछे जाते हैं.

    पुलिस के सामने होती है परीक्षा

    प्रश्न पत्र हल करने के बाद इसका मूल्यांकन भी प्रतिभागी के सामने ही किया जाता है. प्रश्न का उत्तर गलत होता है तो उस बारे में प्रतिभागी को समझाइश और सही जानकारी भी दी जाती है. ट्रैफिक पुलिस की इस पहल को आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है. वहीं, इस बात की भी जानकारी मिल रही है कि लोग ट्रैफिक नियमों के बारे में कितने अवेयर हैं.

    चालान काटने की बजाए ज्ञान किया जा रहा चेक

    रतलाम में ट्रैफिक पुलिस ने रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर ये पहल शुरू की है. ट्रैफिक पुलिस के डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने बताया, '' इस पहल का उद्देश्य लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना है. इसके लिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों जिसमें तीन सवारी वाले, रॉन्ग साइड चलने वाले, लाइसेंस नहीं बनवाने वाले और हेलमेट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों का चालान नहीं काटते हुए यातायात नियमों के प्रति उनका ज्ञान चेक किया जाता है.''

    आसान सवालों का भी जवाब नहीं दे पाते लोग

    डीएसपी ट्रैफिक ने आगे कहा, '' आम लोगों को यातायात के नियमों की कितनी जानकारी है. यह जानना इस पहल का उद्देश्य है. 20 प्रश्नों के प्रश्न पत्र के मूल्यांकन से इसकी जानकारी मिलती है कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में कितनी जगरुकता है.'' डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि 20 सरल प्रश्नों के जवाब भी लोग नहीं दे पाते हैं. खासकर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने, सड़क पर लगे संकेत का मतलब समझने और दुर्घटना होने के समय क्या करना चाहिए इसकी सही जानकारी भी लोगों को नहीं है.

    यह मुहिम चलाकर रतलाम ट्रैफिक पुलिस द्वारा लोगों को यह मैसेज दिया जा रहा है कि ट्रैफिक नियमों की जानकारी रखना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. बहानेबाजी करने के बजाय देश का जिम्मेदार नागरिक बनना अधिक आवश्यक है.

  • 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार पंजीकरण हेतु बैठक 14 नवंबर को

    जगदलपुर

    जिले में 5 वर्ष तक आयु वर्ग के सभी बच्चों के आधार पंजीयन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए एक आवश्यक बैठक का आयोजन शुक्रवार 14 नवम्बर को दोपहर 2 बजे प्रेरणा हॉल में होगी, जहाँ पंजीकरण की वर्तमान स्थिति और भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और ऑपरेटरों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इसमें सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट के जिला प्रबंधक साथ ही सभी आधार ऑपरेटर और डाक विभाग के आधार ऑपरेटर शामिल होंगे।

  • साहस और सहनशक्ति का कमाल: रायपुर के साइक्लिस्टों ने रचा 600 किमी का इतिहास

    रायपुर

    शहर के साइक्लिंग प्रेमियों के लिए गर्व का मौका आया है. रायपुर रैंडोन्यूर्स से 2 साइकिलिस्ट- सीए दल्लू जैन और जगन मोहन रेड्डी ने 600 किलोमीटर की साइक्लिंग पूरी कर सुपर रैंडोन्यूर्स (एसआर) का खिताब हासिल किया है.

    रायपुर रैंडोन्यूर्स के संचालक दीपांशु जैन (‘द बाइसिकल हब’) ने बताया कि 8 नवंबर को आयोजित “बीआरएम 600” राइड में दोनों साइकिलिस्टों ने 39 घंटे में यात्रा पूरी की, जबकि अधिकतम समय सीमा 40 घंटे थी. यह आयोजन ‘ब्रेवेट डी रैंडोन्यूर्स मोंडियाक्स’ के अंतर्गत हुआ, जिसमें 200, 300, 400 और 600 किमी की राइड एक ही कैलेंडर वर्ष में निर्धारित समय में पूरी करने पर साइक्लिस्ट को सुपर रैंडोन्यूर्स का दर्जा मिलता है.

    600 किमी की इस साहसिक राइड का मार्ग रायपुर–सोहेला–रायपुर (400 किमी) और रायपुर–राजनांदगांव–रायपुर (200 किमी) तक फैला था. रातभर घने जंगलों, ठंडी हवाओं और अंधेरी सड़कों से गुजरते हुए दोनों साइकिल सवारों ने गजब का धैर्य और जज्बा दिखाया.

    राइड पूरी होने के बाद रायपुर मरीन ड्राइव पर शहर के सैकड़ों साइक्लिस्टों और परिजनों ने दोनों सुपर रैंडोन्यूर्स का फूलमाला और पुष्पगुच्छ से स्वागत किया. आयोजकों ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ व्यक्तिगत संकल्प का उदाहरण है, बल्कि प्रदेश में एंड्योरेंस साइक्लिंग संस्कृति को भी नई ऊर्जा देगी.

  • धर्म परिवर्तन के आरोप पर कार्रवाई: न्यायधानी में SECL कर्मचारी हिरासत में लिया गया

    बिलासपुर

    बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा है. प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया. पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है.

    दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे.

    आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं. हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई.

    हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

  • CG : पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम बिटिया के जीवन में मुख्यमंत्री ने भरी नई उम्मीद- अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं।
    आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया।

    मुख्यमंत्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”
    मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।