• मंत्री कुशवाह का ऐलान: बिहार मॉडल अपनाकर प्रदेश में मखाना खेती को बढ़ावा

    बिहार की तर्ज पर प्रदेश में मखाना खेती को किया जाएगा प्रोत्साहित : मंत्री  कुशवाह

    प्रदेश के चार जिलें में पायलट प्रोजेक्ट लागू

    भोपाल 

    उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भी बिहार की तर्ज पर मखाना की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी में मखाना खेती क्षेत्र विस्तार को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है। मंत्री  कुशवाह ने इन जिलों के किसानों को योजना से जुड़ने की अपील की है।

    मंत्री  कुशवाह ने कहा कि मखाने का उत्पादन भी सिंघाड़ा की तरह छोटे-छोटे तालाबों में किया जाता है। बिहार में मखाना उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है मखाने के बीज को फल का स्वरूप प्रदान करने के लिए छोटी-छोटी उत्पादन ईकाइयाँ भी लगाई जाती है, मखाने की भारत सहित अरब और यूरोप के देशों में काफी मांग रहती है। उल्लेखनीय है कि मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार द्वारा मखाना बोर्ड का गठन भी किया गया है। मध्यप्रदेश की जलवायु भी मखाना के उत्पादन के लिए अनुकूल है। इसलिए प्रदेश के किसानों को इस ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है।

    आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण  अरविन्द दुबे ने बताया कि प्रदेश के 4 जिलों नर्मदापुरम, बालाघाट, छिंदवाड़ा एवं सिवनी जिले में 150 हैक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर 45 लाख रूपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। मखाना उत्पादन करने वाले कृषकों को 75 हजार प्रति हैक्टेयर या लागत का 40 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के 99 कृषकों ने ऑनलाइन आवदेन किया जा चुका है।

     

  • चारों श्रेणियों में अव्वल रहा छत्तीसगढ़ — उद्योग संगम में दिखा सुधार और विकास का नया मॉडल

    DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया।

    यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। सुशासन, पारदर्शिता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर छत्तीसगढ़ ने खुद को सुधार और विकास का नया मॉडल बना दिया है।

    राज्य ने BRAP के तहत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  और इज ऑफ लिविंग को सशक्त बनाने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों में सबसे बड़ी पहल रही ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया। इस कदम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे और सहयोग का नया पुल बनाया है। अब कारोबार में अनावश्यक डर या जटिलता की जगह पारदर्शिता और सहजता ने ले ली है।

    इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की — यह कदम छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं बल्कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है।

    राज्य सरकार ने कई और सुधारों को धरातल पर उतारा है — जैसे दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति, फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा। इन सभी कदमों ने मिलकर राज्य में उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है।

    इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु  सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ अब भारत के आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सुधारों का असर निवेश माहौल पर साफ दिख रहा है। बीते दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि निवेशक छत्तीसगढ़ की नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ निर्णय प्रणाली पर पूरा भरोसा करते हैं।

    यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए नए युग की शुरुआत है — ऐसा छत्तीसगढ़ जो विकास की दिशा तय कर रहा है, अवसरों को गढ़ रहा है और सबके लिए प्रगतिशील भविष्य की नींव रख रहा है।"छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।  छत्तीसगढ़ अब इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  से आगे बढ़कर इज ऑफ लिविंग का भी प्रतीक बन चुका है – जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

  • समाधान योजना में मुरैना शहर के श्री रामस्‍वरूप का हुआ 07 लाख 54 हजार से अधिक का सरचार्ज माफ

    एकमुश्‍त बकाया बिल जमा करने पर 13 लाख, 216 रूपए में से केवल 5 लाख 45 हजार 920 रूपए हुए जमा
    समाधान योजना में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन
    14 करोड़ 29 लाख मूल राशि हुई जमा, 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज हुआ माफ

    भोपाल 
    मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्‍वालियर क्षेत्र के मुरैना शहर जोन के उपभोक्‍ता श्री राम स्‍वरूप उस समय अचरज में पड़ गए जब वे बकाया बिल जमा करने गए तो उनका साढ़े सात लाख रूपए से अधिक का सरचार्ज माफ कर दिया गया। उनका कुल बकाया बिल 13 लाख 216 रूपए था, उन्‍हें समाधान योजना में केवल 05 लाख 45 हजार 920 रूपए जमा करने पड़े। उन्‍होंने तत्काल बकाया बिल जमा किया और अपने घर की बिजली सप्‍लाई बहाल करवा ली है। अब वह बेहद खुश हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे अनेक बकायादार उपभोक्‍ता हैं, जिन्‍होंने 8 दिन पहले शुरू हुई समाधान योजना का लाभ लिया और फायदा उठाया है।

    मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 14 करोड़ 29 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है।

    मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025- 26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है।

    समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में
    समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के लिये portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा शीघ्र ही मिलने लगेगी। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

     

  • छत्तीसगढ़िया स्वाद से महक उठा केवड़िया:एकता नगर में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति की गूंज

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का किया अवलोकन 

    रायपुर
    गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।”

    छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान: मुख्यमंत्री ने भी लिया छत्तीसगढ़िया व्यंजनों का स्वाद
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री श्री साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम श्री वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे।

    हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

  • पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा का संपूर्ण जीवन जनसेवा और उच्च आदर्शों को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की जयंती पर विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित की

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा की जयंती पर मंगलवार को विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री सुंदरलाल पटवा ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, संगठन के विस्तार और उच्च आदर्शों को समर्पित कर दिया। सादगी, शुचिता एवं त्याग की त्रिवेणी से परिष्कृत श्री पटवा का प्रेरणादायक व्यक्तित्व सदैव प्रदेशवासियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में श्री पटवा की प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता का लाभ सभी को मिला। उनके द्वारा दी गई प्रधानमंत्री सड़क की सौगात ने देश के ग्रामीणों को विशेष रूप से लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करने की परम्परा आरंभ करने के लिए उनकी सराहना की।

    पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन महत्वपूर्ण

    मॉडल स्कूल टी.टी. नगर में विद्यार्थियों से किया गया संवाद

    भोपाल 
    मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर, भोपाल में मंगलवार को बच्चों को पढ़ाई के साथ उनमें व्यावसायिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ कॅरियर विकल्पों, वैश्विक शैक्षणिक अवसरों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गयी। विषय-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया।

    कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि कॅरियर केवल विषय चयन नहीं, बल्कि आत्मचेतना, क्षमता और अवसरों की समझ पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक संभावनाओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि कॅरियर जागरूकता भविष्य का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सही दिशा तीनों से समर्थ बनाना है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिये वास्तविक अवसरों और चुनौतियों का परिचय कराती हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और नेशनल-इंटरनेशनल शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।

    स्टॉलों पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्प, प्रवेश प्रक्रियाएँ, स्कॉलरशिप अवसर, इमर्जिंग कॅरियर फील्ड्स और कम्पेटिटिव एक्जाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गयी। विद्यालय की काउंसल द्वारा तैयार किये गये कॅरियर आधारित मॉडल्स, चार्ट्स, पोस्टर्स एवं इंटरेक्टिव आकर्षण का केन्द्र रहे। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेथ्स, बॉयोलॉजी, वाणिज्य, मानविकी के साथ सायबर सिक्यूरिटी, डिफेंस सर्विसेस, एविएशन, क्रिएटिव ऑर्ट्स और डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे।

    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इण्डिया की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों ने ऑर्ट एण्ड क्रॉफ्ट, माटीकला, पेंटिंग, ज्वेलरी डिजाइन, हेण्डीक्रॉफ्ट और एन्त्रप्रेन्योरशिप जैसे कौशल आधारित स्टॉल लगाये। इन स्टॉलों में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।

     

  • छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस समारोह में NACHA बे एरिया चैप्टर की भागीदारी, अमेरिका में उत्सव

    रायपुर : छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने विदेश में बिखेरा रंग

    अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में NACHA बे एरिया चैप्टर बना सहभागी

    प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    रायपुर

    अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक-कला ने विदेश की भूमि पर अपनी विशेष छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम में NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य को समर्पित एक आकर्षक स्टॉल लगाया, जिसमें राज्य के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक आभूषणों का सुंदर प्रदर्शन किया गया। इस स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और हस्तशिल्प की विविधता को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन, जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया।

    छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने विदेश में बिखेरा रंग

    NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और लोक परंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपने मूल राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस आयोजन ने उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में  स्थापित कर रहे हैं।

  • वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क से आरंभ यूनिटी मार्च में बड़ी संख्या में युवा हुए शामिल

    सरदार पटेल ने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने अनेकों रियासतों  को एक करते हुए अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया। आजादी के समय सरदार पटेल ने पाकिस्तान की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश को सुरक्षित रखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सरदार पटेल की रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से उनके गौरवशाली कार्यों का स्मरण करने के लिए प्रदेश में यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर "एक भारत-आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य के साथ भोपाल- सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले जा रहे यूनिटी मार्च को वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क में संबोधित कर रहे थे।

    देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में छोड़े गए तिरंगे बैलून
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में कटहल और आम के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में तिरंगे बैलून छोड़े। सामूहिक समवेत स्वर में वंदे मातरम का गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च को रवाना किया। यूनिटी मार्च में 2 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। 

    सरदार पटेल के प्रयासों से भोपाल सहित कई रियासतें अखंड भारत का बनीं हिस्सा: सांसद श्री आलोक शर्मा
    सांसद श्री आलोक शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 3 दिवसीय यूनिटी मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया जा रहा है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। भारत 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया था लेकिन भोपाल सहित जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद इन रियासतों को अखंड भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका रहीं। उन्होंने बताया‍ कि यह रैली बैरसिया और सीहोर में भी आयोजित की जाएगी।

    अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए गतिविधियां जारी
    वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश को एक करने का कार्य किया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बना है। हमारी सरकार द्वारा सरदार पटेल के अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित श्री रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। 

  • शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये लगेंगे शिविर

    अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की विभागीय स्तर पर होगी नियमित समीक्षा
    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से की चर्चा

    भोपाल 
    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये शिविर लगाये जायेंगे। यह शिविर संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर लगाये जायेंगे। समस्याओं के निराकरण के लिये संबंधित अधिकारी त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। लगाये गये शिविरों की राज्य स्तर पर भी समीक्षा की जायेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने यह बात मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारियों से चर्चा के दौरान कही। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये संवेदनशील है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में 4 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें अतिथि शिक्षक भी शामिल हैं।

    अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में होगी त्वरित कार्यवाही
    मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में दिवंगत शिक्षकों के परिवार के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में त्वरित कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति के समय प्रशिक्षण, डीएड एवं बीएड की अनिवार्यता को समय अवधि निश्चित करते हुए संतोषजनक रास्ता निकाला जायेगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये निचले स्तर के शिक्षकों को शामिल करते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। इसमें शिक्षक संघों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में शिक्षकों को चतुर्थ समयमान और क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने संबंधी बिन्दु पर भी चर्चा की गयी। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश यादव और आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री भरत पटेल मौजूद थे। इन प्रतिनिधियों ने भी शिक्षकों के कल्याण संबंधी सुझाव दिये।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय के सिचुएशन रूम से कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी की पड़ताल

    जिला कलेक्टरों से वर्चुअली प्राप्त की जानकारी
    दिल्ली विस्फोट को दृष्टिगत रखते हुए सावधानी एवं सतर्कता बनाए रखने के निर्देश

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के संदर्भ में मंगलवार को मंत्रालय के सिचुएशन रूम से जिला कलेक्टरों से कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक स्थलों, भीड़ भरे इलाकों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ाई जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही यह ध्यान भी रखा जाए कि आमजन और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

    पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद प्रदेश में किए गए सतर्कता के उपायों और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। सिचुएशन रूम में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • म.प्र. को दो श्रेणियों में मिले पुरस्कार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

    "जल संचय-जन भागीदारी" में भी अग्रणी स्थान
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर को प्रदान करेंगी पुरस्कार

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की। मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है, जबकि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर 2025 को पुरस्कार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरस्कृत जिलों को बधाई दी है। "जल संचय-जन भागीदारी" पहल में भी वेस्टर्न-जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ को मिला। श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुनाजिले को प्रथम रैंक मिला। ज़िलों में श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है।

    उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं — सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति।

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी।

    वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार का शुभारंभ 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर किया गया था। कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी समीक्षा और मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। चयनित आवेदनों का परीक्षण केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किया गया। अंतिम रिपोर्टों के आधार पर वर्ष 2024 के 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं का चयन किया गया।

    राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य देश में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान करना और सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। ये पुरस्कार जल के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जल के सर्वोत्तम उपयोग के प्रयासों को अपनाने के लिये प्रेरित करते हैं। यह पहल सभी लोगों और संगठनों के लिए जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और जन सहभागिता को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है।

    जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र
    जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को तथा श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना को, ज़िलों में श्रेणी तीन में दूसरी रैंक में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है।

    इस पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है। जिलों को न्यूनतम 10,000 कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण एवं संचयन संरचनाएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है, जबकि देशभर के नगर निगमों के लिए यह संख्या 10,000 निर्धारित की गई है। इन संरचनाओं में वर्षा जल संचयन (रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) के अलावा झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन भी शामिल है।

    शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सशक्त करने के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। नगरीय निकायों को कम-से-कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें तीन सर्वश्रेष्ठ राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक नगरीय स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर-सरकारी संगठन, दो परोपकारी व्यक्ति और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।

     

  • राज्यपाल पटेल ने गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय राजपीपला का किया भ्रमण

    भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन, छात्रावास पहुंचे

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला के भगवान बिरसा मुंड़ा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा भी मौजूद थी।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की आवास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के स्वरूप और विकास के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। राज्यपाल श्री पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़- मां के नाम” अभियान के तहत पौध-रोपण किया। राज्यपाल के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

    राज्यपाल श्री पटेल को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जनजातीय कला, विरासत, संस्कृति, औषधीय प्रणालियों, भाषा और साहित्य का संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली, व्यापक सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान दें सके। कुलपति डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों जैसे मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल आधारित शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और पी.एच.डी. तक के शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। 

    बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 मे हुई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से गुजरात और विकासशील क्षेत्रों की जनजातीय आबादी के संदर्भ में परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना है। विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों के तीव्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी, कौशल-आधारित, व्यावसायिक, प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक मूल्य प्रणालियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा, भाषा, औषधीय प्रथाओं, रीति-रिवाजों, वन-आधारित आर्थिक गतिविधियों, वनस्पतियों, जीवों, और जनजातीय क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए शिक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध है।

     

  • कानूनी मोर्चा गर्म: अभिषेक बनर्जी ने MP हाईकोर्ट में ठोकी दस्तक

    जबलपुर
    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। मामला नवंबर 2020 में कोलकाता में आयोजित एक सभा में दिए गए बयान से जुड़ा है। अभिषेक बनर्जी ने उस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था। इस बयान को लेकर आकाश विजयवर्गीय ने 2021 में मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

    एक मई, 2021 से इस प्रकरण की सुनवाई भोपाल की एमपीएमएलए कोर्ट में चल रही है, लेकिन बताया गया है कि अभिषेक बनर्जी अब तक किसी भी पेशी में हाजिर नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 11 अगस्त और 26 अगस्त 2025 की तारीखों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

    अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने अंतरिम राहत के मुद्दे पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित कर लिया।

  • वर्ष 2026- कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंबूरी मैदान में सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को किया संबोधित
    दिल्ली विस्फोट के मृतकों की आत्मा की शांति के लिए सम्मेलन में रखा गया दो मिनिट का मौन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायतराज व्यवस्था में सरपंच के पास पर्याप्त शक्तियां हैं। सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊंचाइयों पर लेकर जा सकते हैं। सरपंचों के माध्यम से ही प्रदेश में ग्राम विकास का कारवां चल रहा है। ग्राम स्तर पर सभी कल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों का क्रियान्वयन पंचायतों के माध्यम से ही हो रहा है। पंचायत व्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से पंचायतों को 25 लाख रूपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि अंतरित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगरीय‍निकायों के समान पंचायतों में भी विकास योजनाएं बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। पंचायतों को गांव के विकास की योजना बनाने के लिये सक्षम बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों की कॉन्फ्रेंस आगामी 24 से 26 नंवबर को होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जंबूरी मैदान पर आयोजित सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सरपंच संघों के प्रतिनिधियों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।

    देश को प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह की क्षमता पर है भरोसा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में हुए कार विस्फोट को अत्यंत दु:खद बताया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की क्षमता पर भरोसा है। भारत सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद को समूल नष्ट करने के लिए अभियान छेड़ रखा है।

    पंचायतों को मिलेंगे कार्यालय और सामुदायिक भवन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने तीनों स्तर के पंचायत संस्थान के लिए कार्यालय और गांवों के लिए सामुदायिक भवन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। इस अनुक्रम में प्रदेश की पंचायतों के लिए 2472 अटल पंचायत भवन, 1037 सामुदायिक भवन, 106 जनपद पंचायत भवन तथा 5 जिला पंचायत भवन स्वीकृत किए हैं। गांव के शांति धाम भी व्यवस्थित रूप से विकसित हों, इस उद्देश्य से दिसम्बर 2026 तक सभी शांति धाम अतिक्रमण से मुक्त कर उनके पहुंच मार्ग बनाने और आवश्यक फेंसिंग और पौधरोपण कार्य के निर्देश दिए गए हैं। सुदृढ़ पंचायत राजव्यवस्था के माध्यम से आत्मनिर्भर पंचायत व समृद्ध मध्यप्रदेश के पथ पर राज्य सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से अग्रसर है।

    युवाओं को उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। वर्ष-2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया जाएगा।कृषि उत्पादों के निर्माण के लिए कृषि और खाद्यान्न आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पंचायतों के माध्यम से लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और रोजगार उद्योग स्थापित करने के लिए भी गतिविधियां जारी हैं। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सब्जी और अन्य फसलों के लिए खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां खोली जा रही हैं। युवाओं को उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि किसानों को हर फसल का उचित दाम मिले।

    श्रीराम वन गमन पथ विकसित करने की प्रक्रिया में पंचायत प्रतिनिधियों को जोड़ा जाएगा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पंचायत प्रतिनिधि भगवान श्रीराम से संबंधित प्रत्येक स्थान की जानकारी उपलब्ध कराएं। इन्हें श्रीराम वन गमन पथ विकसित करने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को भी राज्य सरकार तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। पंचायतें अपने पारंपरिक कार्य करते हुए शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और उद्योग के कार्यों को भी प्रमुखता से करें। गांवों में किसानों को गोपालन और पशुपालन के लिए प्रेरित करें, जिससे मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।

    नदियों के उद्गम स्थलों का बेहतर रखरखाव करें पंचायत प्रतिनिधि – मंत्री श्री पटेल
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने पंचायत प्रतिनिधियों की मांग पर 25 लाख रूपए तक के कार्यों का अधिकार सरपंचों को देने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पंचायतें देश का सबसे अच्छा और सबसे बड़ा रिकॉर्ड रूम बन सकती हैं। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिन पंचायतों में नदियां के उद्गम स्थल मौजूद हैं, वहां के सरपंच अपनी कार्य योजना में उद्गम स्थल के बेहतर रखरखाव संबंधी कार्यों को शामिल करें। ऐसी पंचायतें जहाँ की आबादी 5000 से अधिक होगी, वहां 2 सामुदायिक भवन स्वीकृत किए जाएंगे। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों के विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष और प्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ

    आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार पटेल की भूमिका रही सबसे महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सरदार पटेल ने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ
    वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क से आरंभ यूनिटी मार्च में बड़ी संख्या में युवा हुए शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने अनेकों रियासतों  को एक करते हुए अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया। आजादी के समय सरदार पटेल ने पाकिस्तान की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश को सुरक्षित रखा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सरदार पटेल की रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से उनके गौरवशाली कार्यों का स्मरण करने के लिए प्रदेश में यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर "एक भारत-आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य के साथ भोपाल- सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले जा रहे यूनिटी मार्च को वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क में संबोधित कर रहे थे।

    देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में छोड़े गए तिरंगे बैलून

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में कटहल और आम के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में तिरंगे बैलून छोड़े। सामूहिक समवेत स्वर में वंदे मातरम का गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च को रवाना किया। यूनिटी मार्च में 2 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। 

    सरदार पटेल के प्रयासों से भोपाल सहित कई रियासतें अखंड भारत का बनीं हिस्सा: सांसद  आलोक शर्मा

    सांसद  आलोक शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 3 दिवसीय यूनिटी मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया जा रहा है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। भारत 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया था लेकिन भोपाल सहित जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद इन रियासतों को अखंड भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका रहीं। उन्होंने बताया‍ कि यह रैली बैरसिया और सीहोर में भी आयोजित की जाएगी।

    अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए गतिविधियां जारी

    वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश को एक करने का कार्य किया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बना है। हमारी सरकार द्वारा सरदार पटेल के अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में भोपाल महापौर मती मालती राय, विधायक  भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद  आलोक संजर, पूर्व विधायक  ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी सहित  रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। 

  • कोरिया : अवैध धान परिवहन पर होगी सतत निगरानी

    कोरिया : जिले में नशे के खिलाफ समन्वित मुहिम तेज़

    कोरिया : कानून व्यवस्था व एनकार्ड जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न

    कोरिया : अवैध धान परिवहन पर होगी सतत निगरानी

    कोरिया 
    जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा एवं आगामी कार्ययोजना तय करने हेतु आज नार्काे को-आर्डिनेशन सेंटर (एनकार्ड) मकैनिजम के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक तथा जिले में कानून व्यवस्था पर भी कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे की संयुक्त अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई।

    मेडिकल स्टोरों की करें औचक निरीक्षण
    कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बैठक में कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर चल रही नशा विरोधी गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर प्रभावी और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करे। उन्होंने ड्रग्स नियंत्रण और मेडिकल स्टोरों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश देते हुए प्रतिबंधित दवाइयों तथा सिरप की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।

    लगातार पेट्रोलिंग करें
    कलेक्टर ने विद्यालयों, महाविद्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्ति संदेश वाले पोस्टर, जागरूकता रैली और परामर्श कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारियों को लगातार पेट्रोलिंग कर संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

    मुसाफिर रजिस्टर पर समुचित जानकारी दर्ज हो
    कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे ने संयुक्त रूप से जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि अन्य जिले व राज्यों से आने वाले लोगों की जानकारी रखी जाए। उन्हें कोटवार, ग्राम सचिव से सतत सम्पर्क कर फेरीवाले, साड़ी, बर्तन, प्लास्टिक के समान आदि बेचने वालों की ‘मुसाफिर रजिस्टर‘ में समुचित जानकारी दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

    धर्मांतरण को बढ़ावा देने पर होगी कार्यवाही
    उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में धर्मांतरण को बढ़ावा देने जैसे कृत्य करने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों से कहा कि किसी भी समुदाय या वर्गों के द्वारा समाज, धर्म के खिलाफ ऐसी कोई कृत्य करने की जानकारी मिलते ही तत्काल परीक्षण कर कार्यवाही सुनिश्चित करें।

    नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर स्तर पर होगी कार्यवाही
    पुलिस अधीक्षक श्री कुर्रे ने कहा कि जिले में अवैध शराब, गांजा तथा ड्रग्स की बिक्री और तस्करी पर लगातार कड़ी कार्रवाई चल रही है। उन्होंने बताया कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस हर स्तर पर सक्रिय है और इस अभियान में नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

    अवैध धान की रोकथाम पर सख्ती
    बैठक में आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने चेक पोस्ट ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करने और अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने निर्देश दिए। श्री कुर्रे ने कहा कि अन्य जिले और अन्य राज्यों से धान की आवक को सख्ती से रोका जाएगा। पट्रोलिंग टीम लगातार नजर रखेंगे, संवेदनशील केन्द्रों और चेक पोस्ट पर अवैध धान परिवहन पर कार्यवाही की जाएगी।

    सड़क दुर्घटना को रोकने हेलमेट आवश्यक
    साथ ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोटरसाइकिल चालकों को हेलमेट पहनने हेतु प्रेरित करने तथा पेट्रोल पम्पों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, श्री डी.डी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, बैकुंठपुर एसडीएम श्री उमेश कुमार पटेल, सोनहत एसडीएम श्री अंशुल वर्मा, डीएसपी श्री श्याम मधुकर, श्री राजेश साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे।

  • रायपुर: फसल सुरक्षा के लिए जैव नियंत्रकों का प्रयोग जरूरी, किसानों को दी सलाह

    रायपुर : फसलों में बीमारियों के नियंत्रण के लिए जैव नियंत्रकों का उपयोग करें : डॉ. चंदेल

    कृषि विश्वविद्यालय में जैव-एजेंटों के मास मल्टीप्लीकेशन पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण संपन्न

    रायपुर

    कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में “जैवनियंत्रण एजेंट्स के व्यापक प्रसार (Mass Multiplication of Biocontrol Agents)” पर हैंड्स-ऑनट्रेनिंग का आयोजन छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CGCOST) रायपुर के वित्तीय सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने छात्रों को कृषि के बदलते स्वरूप और जैविक उपायों के महत्व से अवगत कराया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को जैविक कीट नियंत्रण के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। डॉ. चंदेल ने कहा कि हमें ब्राज़ील के उदाहरण से सीखना चाहिए, जहाँ मच्छरों के नियंत्रण के लिए जैव नियंत्रण एजेंट्स का सफल उपयोग किया गया है। उन्होंने रासायनिक पदार्थों के उपयोग को कम करने और सामुदायिक स्तर पर जैविक नियंत्रण के उपाय अपनाने का आह्वान किया। 

    कार्यशाला में डॉ. संजय शर्मा अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने कहा कि आज की कृषि पूरी तरह बाजार-केन्द्रित हो चुकी है, और जैव नियंत्रण एजेंट्स उद्यमिता (entrepreneurship) के लिए एक  उत्कृष्ट मंच साबित हो सकते हैं। डॉ. आरती गुहे अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे आज अर्जित किए गए ज्ञान को आगे साझा करने के माध्यम बनें, ताकि यह जानकारी समाज के अन्य सदस्यों तक पहुँच सके। छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CGCOST) के प्रतिनिधि डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे शोध एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन बार-बार किया जाना चाहिए, जिससे छात्रों के साथ-साथ कृषक समुदाय को भी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। कार्यक्रम में डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं भी मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के 20 विभिन्न महाविद्यालयों से 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों के लिए न केवल एक शैक्षणिक अनुभव रहा, बल्कि टिकाऊ कृषि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम भी साबित हुआ।

    प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों में देश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने व्याख्यान दिए। डॉ. ऋचा वार्ष्णेय (वैज्ञानिक, एन बी ए आई आर, बेंगलुरु), डॉ. विशाल सिंह सोमवंशी (आई एआर आई), और डॉ. विनोद निर्मलकर, कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, बिलासपुर ने जैव-एजेंटों के मास मल्टीप्लीकेशन और कृषि में उनके महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्यावहारिक सत्र रहा, जहाँ छात्रों को जैव नियंत्रण प्रयोगशाला (Biocontrol Laboratory) में ले जाया गया। वहां उन्हें जैव-एजेंटों के बड़े पैमाने पर गुणनकी विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन (hands on demonstration) दिया गया। कार्यक्रम का सफल आयोजन संयोजक डॉ. बी. पी. कतलम और आयोजन सचिव डॉ. योगेश मेश्राम के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. गजेंद्र चंद्राकर, डॉ. सोनाली देवले, डॉ. विकास सिंह, और डॉ. राजेश कुमार एक्का ने कार्यक्रम के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर कीट विज्ञान विभाग के शोध छात्र भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • अंबिकापुर की युवा मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी नेशनल प्रतियोगिता में करेंगे प्रदर्शन, जम्मू-कश्मीर पहुंचीं

    रायपुर : मार्शल आर्ट्स नेशनल प्रतियोगिता के लिए अंबिकापुर की बेटियाँ जम्मू-कश्मीर रवाना

    पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने दी दस-दस हजार की सहायता, कहा: बेटियाँ करेंगी प्रदेश का मान ऊँचा

    रायपुर

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर की मार्शल आर्ट्स की उभरती हुई खिलाड़ियों कुमारी निशा वैद एवं कुमारी संगीता सिंह से अपने निवास कार्यालय में सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। दोनों खिलाड़ी आगामी नेशनल मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु जम्मू-कश्मीर प्रस्थान कर रही हैं।

        मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि निशा और संगीता जैसी होनहार बेटियाँ प्रदेश की खेल प्रतिभा का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने पूर्व में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए हैं और अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर छत्तीसगढ़ एवं अंबिकापुर का नाम रोशन करेंगी।

        उन्होंने खिलाड़ी बेटियों को प्रोत्साहित करते हुए दस-दस हजार रू. की आर्थिक सहायता प्रदान की तथा भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। मंत्री अग्रवाल ने माँ महामाया से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दोनों खिलाड़ियों को सफलता का आशीर्वाद दें ताकि वे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश को गौरवान्वित करें।

  • खाद्य मंत्री ने दिये एनसीसीएफ के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई एवं ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश

    मिलिंग कार्य में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी : खाद्य मंत्री  राजपूत

    धान परिवहन कार्य में लगे वाहनों पर लगेगा जीपीएस: खाद्य मंत्री  राजपूत

    खाद्य मंत्री ने दिये एनसीसीएफ के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई एवं ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश

    भोपाल

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने सख्त निर्देश दिये हैं कि मिलर्स धान मिलिंग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरते।मिलिंग कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जायेगी। मिलिंग कार्य के दौरान कोई भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई जायेगी तो संबंधित जिला प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ भी दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। खाद्य मंत्री  राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के मिलर्स के साथ आयोजित बैठक में विपणन वर्ष 2025-26 की मिलिंग नीति के प्रारूप पर चर्चा कर रहे थे।

    बैठक में शहडोल उमरिया क्षेत्र के मिलर्स द्वारा एनसीसीएफ के प्रभारी एवं कर्मचारियों के कार्य व्यवहार पर विरोध जताये जाने के कारण खाद्य मंत्री  राजपूत ने एनसीसीएफ के प्रभारी एवं संबंधित जिले के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य को दिये।

    मंत्री  राजपूत ने कहा कि अन्तर जिला मिलिंग एवं धान के परिवहन के लिये किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विपणन वर्ष 2025-26 में जिन ट्रकों से धान परिवहन होगा उन पर जीपीएस ट्रेकर अनिवार्य रूप से लगाते हुए उक्त वाहनों का सत्यापन परिवहन सेवा पोर्टल से कराया जाये। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि यदि कोई ट्रक बिना जीपीएस पाया जायेगा, तो संबंधित धान प्रदाय करने वाले कर्मचारी एवं परिवहनकर्ता तथा संबंधित मिलर्स के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

    गोदामों की भंडारण क्षमता का निरीक्षण करे अधिकारी

    खाद्य मंत्री  राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वो समय पर मिलर्स के गोदामों की वास्तविक भंडारण क्षमता की पड़ताल करने के साथ इस वर्ष धान मिलिंग के लिये अनुबंध करने वाले मिलर्स के साथ उनके गोदाम, मिल का निरीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा आवश्यक रूप से कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि मिलर्स द्वारा बताये गये गोदाम की स्थिति एवं उसकी क्षमता पर्यप्त नहीं होती है, इसलिये अधिकारी पड़ताल में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। खाद्य मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिये कि इस विपणन वर्ष 2025-26 में जो मिलर्स गुणवत्तायुक्त अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें गत वर्ष की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक मात्रा में धान देने के प्रावधान किये जाए, जिससे उनकी मिलिंग क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके।

    तय समय सीमा में पूर्ण करें मिलिंग कार्य

    खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि सभी मिलर्स द्वारा इस बार धान मिलिंग का कार्य भारत सरकार द्वारा जून 2026 की तय की गई समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने दिसम्बर 2025 से ही पूरी मिलिंग प्रक्रिया की सतत् निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश नान के प्रबंध संचालक को दिये। इसके साथ ही उन्होंने निगम मुख्यालय पर प्रत्येक 15 दिवस में क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला प्रबंधक की बैठक कर प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये।

    मिलर्स को समय पर भुगतान करने के दिये निर्देश

    मिलर्स द्वारा उपार्जन एवं मिलिंग का भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव मती रश्मि अरूण शमी ने नान के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा को समय पर मिलर्स के भुगतान करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि नियमित रूप से भुगतान कार्य की समीक्षा अनिवार्य रूप से करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य मती रश्मि अरूण समी ने मिलिंग के लिये उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान उठाव कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि धान उठाव के उपयोग में आने वाले वाहनों के रजिस्टेशन प्रक्रिया का टेस्ट रन करें। बैठक में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान एमडी नागरिक आपूर्ति विभाग  अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • आदि सेवा केन्द्रों में जनजातीय गौरव दिवस 2025 की पहली जनसुनवाई 13 नवंबर को

     अम्बिकापुर 

    जनजातीय गौरव वर्ष (जेजेजीवी) के तहत 13 नवम्बर 2025 को आदि सेवा केन्द्रों (एएसके) में पहली जनसुनवाई आयोजित किया जाना है। कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने सर्व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। जिसमें विकास प्राथमिकताओं पर समुदाय की प्रतिक्रिया आकांक्षाओं को सुनना तथा पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान और अन्य जनजातीय केंद्रित योजनाओं के स्थानीय कार्यान्वयन की समीक्षा करना।पंचायती राज संस्था के सदस्यों, स्वयं सहायता समूहों युवा क्लबों, आदि कर्मयोगी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं की पूर्ण सामुदायिक भागीदारी को सुगम बनाना। प्रत्येक आदि सेवा केन्द्र में भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी स्वतंत्रता नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करना और उनका आयोजन करना। प्रत्येक जनसुनवाई की कार्यवाही तस्वीरें और मुख्य परिणाम जेजेजीवी पोर्टल पर इस लिंक पर अपलोड किये जायेंगे   
    https://adiprasaran.tribal.gov.in/ JJGV पोर्टल पर पंजीकरण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अनुसार। सभी आदि सेवा केन्द्र (एएसके) 14 नवम्बर 2025 तक पोर्टल पर गतिविधि विवरण अनिवार्यत अपलोड कर प्रतिवेदन प्रेषित करने कहा गया है। 13 नवम्बर 2025 को होने वाली जनसुनवाई 15 नवम्बर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा और राष्ट्रीय समारोह के लिये एक पूर्व कार्यक्रम के रूप में कार्य करेगी। जिससे प्रत्येक आदि सेवा केंद्रों को “गौरव विकास और सम्मान“ की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए एक जीवन्त सामुदायिक केन्द्र के रूप में सक्रिय करने में मदद मिले। गतिविधियों को समस्त आदि सेवा केंद्रों में मिशन मोड में संचालित किए जाने निर्देशित किया गया है।