• खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होगी धान खरीदी, तैयारियों के सम्बन्ध में की गई समीक्षा

    अम्बिकापुर : कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न

    राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होगी धान खरीदी, तैयारियों के सम्बन्ध में की गई समीक्षा

    लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को “यूनिटी मार्च“ का होगा आयोजन

    अम्बिकापुर 

    कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। महामहिम राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मु का 20 नवम्बर 2025 को अम्बिकापुर आगमन प्रस्तावित है। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण की स्थिति, सर्किट हाउस की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के प्रोटोकॉल के अनुसार सभी तैयारियां सुनिश्चित करें। गम्भीरता और सजगता के साथ कार्य हो, लापरवाही ना रहे। उन्होंने मजिस्ट्रियल ड्यूटी,  स्टॉल निर्माण, आमंत्रण कार्ड, पास वितरण, वीआईपी एवं वीवीआईपी हेतु समस्त व्यवस्था, आमजनों हेतु व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति एवं गणना प्रपत्र की वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र में दर्ज की जाने वाली प्रत्येक जानकारी त्रुटिरहित होनी चाहिए, जिससे मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध एवं अद्यतन तैयार हो सके।

    अधिकारी मॉनिटरिंग करें, किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही करें। इस दौरान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होने धान खरीदी की तैयारियों की जानकारी ली गई, कलेक्टर  भोसकर ने आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो, इसका ध्यान रहे। उन्होंने बारदाने, मॉइश्चराइजर मीटर, तौलमाप आदि की जानकारी ली। बैठक में जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर के अवसर पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर  भोसकर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार गरिमामयी ढंग से कार्यक्रम का आयोजन हो। इस हेतु समस्त तैयारियां समय सीमा में सुनिश्चित कर लें।  इस दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को आयोजित किए जाने वाले “यूनिटी मार्च” की तैयारियों पर चर्चा की गई।

    यह पदयात्रा राम मंदिर, अम्बिकापुर से प्रारंभ होकर मल्टीपरपज स्कूल एवं शासकीय विद्यालय असोला होते हुए परसा में संपन्न होगी। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी विभागों आपसी सहभागिता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर बिजली, पेयजल, स्वच्छता, अस्थायी शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा सभी व्यवस्था दुरुस्त करने निर्देशित किया। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर  सुनील नायक,  राम सिंह ठाकुर,  अमृत लाल ध्रुव, नगर निगम कमिश्नर  डी एन कश्यप सभी एसडीएम एवं  विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • लाड़ली बहनों को मिलेगा मासिक 1,500 रुपये, योजना के तहत अब तक 44,000 करोड़ से अधिक का वितरण

    लाड़ली बहनों को इस माह से मिलेंगे 1500 रूपये, अब तक 44 हजार करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रदेश में नारी सशक्तिकरण का अभियान द्रुतगति जारी है। प्रदेश की लाड़ली बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया हुआ वादा 12 नवम्बर 2025 को पूरा होने जा रहा है। एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी हुई राशि उनके खाते में अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में 1500 रूपये देने की शुरूआत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल पर प्रदेश की लाड़ली बहनों ने अपने भैया मोहन के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि वे ठीक उसी प्रकार हमारा ध्यान रख रहे हैं, जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा का ध्यान रखा था।

    प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को कुल 29 किस्तों में नियमित आर्थिक सहायता राशि का अंतरण किया गया है।

    रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।

    प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। योजना से महिलाएं न केवल अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं, बल्कि बैंकिंग में प्रणाली से भी सीधे जुड़ रही हैं।

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का सीधा लाभ मिल रहा है। योजना की अब तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250)  महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

    लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417 और जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 महिलाओं को लाभ मिला है। योजना के तहत बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, और मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 बहनों को लाभ मिला है। छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, और बेतुल में 2 लाख 71 हजार 474 लाभार्थी पंजीकृत हुई हैं।

    सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है। बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, तथा नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 लाभार्थी महिलाओं को योजना की राशि प्राप्त हुई है।

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की भावना को सशक्त किया है। महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, और छोटे व्यापार के लिए पूंजी के रूप में किया है।

    लाड़ली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है बल्कि परिवारिक निर्णयों में भी उनकी भूमिका को भी सुदृढ़ कर रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का व्यापक प्रभाव अब प्रदेश के हर कोने में देखा जा सकता है। गाँवों से लेकर शहरों तक महिलाएँ “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा रही हैं।

     

  • एमपी में शिक्षा में तकनीकी बढ़त, विद्यार्थियों के लिए खुलेंगी AVGC लैब्स

    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को मिलेगी ए. व्ही.जी.सी लैब की सौगात

    भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, धार और रतलाम के 8 शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित होंगी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं

    भोपाल

    प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परंपरागत कोर्स के साथ-साथ रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, धार, जबलपुर और रतलाम जिलों के 8 महाविद्यालयों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक्स, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (ए. व्ही.जी.सी) लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 4 प्रयोगशालाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से स्थापित की जा रही हैं। जबकि 4 लैब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बनाई जाएगी।

    अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग  अनुपम राजन ने बताया कि ये लैब उन शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित की जा रही हैं, जहां फाइन आर्ट्स विषय का अध्ययन संचालित है। ए. व्ही.जी.सी लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक डिजाइनिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे आधुनिक विषयों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। प्राथमिक तौर पर पहले इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में प्रारंभ किया जा रहा है।

    प्रत्येक लैब में करीब 90 लाख रुपये का आएगा खर्च

    प्रदेश के 8 शासकीय महाविद्यालयों में ए. व्ही.जी.सी स्थापित करने में लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसमें प्रति लैब लगभग 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

    इन महाविद्यालयों में स्थापित होगी ए. व्ही.जी.सी लैब्स

        शासकीय कमलाराजे कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, ग्वालियर

        शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इंदौर

        शासकीय हमीदिया आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय एवं सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय भोपाल

        शासकीय माधव आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, उज्जैन

        शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धार

        शासकीय एम.के.बी.आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, जबलपुर

        शासकीय कन्या महाविद्यालय, रतलाम

     

  • उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को भेंट की शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा, कहा हनुमान जी की हम पर सदैव रही कृपा

    रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं

    विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को भेंट की शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा, कहा हनुमान जी की हम पर सदैव रही कृपा

    आकांक्षा सत्यवंशी ने बताया फेसबुक पोस्ट से भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सफर

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट रहीं मती आकांक्षा सत्यवंशी एवं उनके परिजनों के साथ अपने निज निवास पर आत्मीय भेंट की और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उन्हें शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा भी भेंट किया। जिसपर आकांक्षा ने हर्ष पूर्वक अपने विश्वकप के फाइनल मैच में गदा से जुड़ा एक वाक्या शेयर करते हुए बताया कि वे भी हनुमान जी की भक्त हैं और आखरी मैच में खिलाड़ी राधा यादव और क्रांति गौड़ पूरे समय हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। फिर जब उनकी मैच खेलने की पारी आयी तो उन्होंने एक छोटा सा गदा मेरे हांथों में देकर उसे मैच के अंत तक पकड़े रहने को कहा था और भगवान हनुमान की कृपा हम पर बनी रही और हम विश्व विजेता बन गए।

    एम्स रायपुर की नौकरी का अवसर छोड़ बनीं महिला टीम की फिजियो

    इस अवसर पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अपने क्रिकेट से जुड़ने के सफर को साझा किया। कैसे एम्स रायपुर की पक्की नौकरी छोड़कर उन्होंने क्रिकेट टीम की फिजियो बनीं। उन्होंने बताया की प्रारंभिक पढ़ाई के बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज से फिजियोथेरेपी में स्नातक और कटक से स्नातकोत्तर किया। जिसके बाद उन्होंने कई न्यूरो सर्जन्स के साथ काम किया और उसी वक्त उन्होंने फेसबुक पर अपनी ट्रेवलिंग के शौक के साथ अपनी बक्केट विश लिस्ट शेयर की थी।

    उन्होंने कहा उन्हें नहीं पता था कि एक फेसबुक पोस्ट मेरी दुनिया बदल देगा। फेसबुक पोस्ट से मेरे घूमने के शौक को जानकर मेरी सीनियर ने मुझे छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम से जुड़ने का ऑफर दिया और उसी वक्त उनका चयन एम्स रायपुर के लिए भी हुआ था। घर में लोग स्थायी नौकरी के लिए मुझे एम्स जाने के लिए कहा पर माता-पिता और भाई ने उन्हें स्पोर्ट किया और उन्होंने स्थायी नौकरी छोड़ क्रिकेट के साथ अपनी यात्रा प्रारम्भ की एवं छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम की तीनों वर्गों को अपनी सेवाएं दी और उनके अच्छे काम ने उन्हें बीसीसीआई की नजर में ला दिया और सीधे सीनियर भारतीय महिला टीम के साथ उन्हें एक कार्यशाला में कार्य करने का मौका मिला और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं

    पहले कठिन होता था महिला का सफर करना, अब सभी का मिला साथ

    इस अवसर आकांक्षा ने बताया कि उन्हें घूमने का शौक है पहले महिलाओं का सफर करना बहुत कठिन होता था, अब मुझे घर वालों का साथ मिला और अब सब बदल गया है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब खेल हो या फाइटर प्लेन उड़ाना हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रहीं हैं। अब तो शासन में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

    बस्तर ओलंपिक में शामिल होने उपमुख्यमंत्री ने दिया न्योता

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा को वर्ल्ड कप विजय की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा की आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्रेरणादायी है। कवर्धा की बेटी का विश्व विजेता बनने में अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात है। इससे हमारे प्रदेश की बालिकाएं भी खेल के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित होंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में आपकी भूमिका ने हम सभी को गौरव दिलाया है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को सम्मान स्वरूप मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और पूरे परिवार के साथ स्वल्पाहार भी किया। फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने जीत की खुशी साझा करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस सफलता में योगदान दे पाई। उन्होंने अपने पति को अपना सहयोगी बताया। उपमुख्यमंत्री ने उन्हें बस्तर ओलंपिक में शामिल होकर प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने हेतु आमंत्रित भी किया।

    ओलंपिक में पदक दिलाएंगे बस्तर के युवा

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा की राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को निरंतर विस्तार दे रही है। हम राज्य की हर प्रतिभा को मंच देने के लिए कार्य कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से बस्तर की विलक्षण प्रतिभाएं आगे आ रहीं हैं। बस्तर के युवा आनुवांशिक रूप से खेलकूद और एथेलेटिक्स के लिए ढ़ले होते हैं। बस्तर ओलंपिक से अब हर गांव और हर विकासखण्ड से नई खेल प्रतिभाएं सामने आ रहीं हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बस्तर ओलंपिक से प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें अगले ओलंपिक के लिए तैयार करें और वे भारत को अगले ओलंपिक में पदक दिलाएंगे।

    आकांक्षा उपमुख्यमंत्री को डाइट के टिप्स में कहा खाएं छत्तीसगढ़िया साग

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें भात और साग खाना बहुत पसंद है। तो आकांक्षा ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों की विशेषता ही हमारी विभिन्न साग सब्जियों की भिन्नता है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को डाइट टिप्स देते हुए कहा कि आपको तो छत्तीसगढ़िया साग पसंद है वो खाना भी बहुत जरूरी है। रोज के भोजन में इसे करें शामिल।

  • सादगी और जनसेवा का उदाहरण: सीएम मोहन यादव बेटे की शादी में करेंगे सामूहिक विवाह सम्मेलन में

    भोपाल 

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करने जा रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह किसी भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का निर्णय लिया है। यह पहला अवसर होगा जब कोई मुख्यमंत्री अपने पुत्र का विवाह सामूहिक समारोह में संपन्न कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा अपने जीवन और कार्यशैली में सादगी को प्राथमिकता दी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पारिवारिक आयोजन को भी समाजहित से जोड़ा है। 

    जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव, डॉ. इशिता यादव के साथ सात फेरे लेंगे। इशिता, खरगोन जिले के किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। अभिमन्यु और इशिता की सगाई लगभग पांच महीने पहले भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। डॉ. अभिमन्यु ने भोपाल में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री निवास के बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहे।

    बेटे अभिमन्यु की शादी उज्जैन में

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तय किया है कि उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह 30 नवंबर को उज्जैन के होटल अथर्व में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगा। इस आयोजन में 21 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। मुख्यमंत्री के बेटे के विवाह का हिस्सा बनना इस सम्मेलन को प्रतीकात्मक रूप से और भी खास बना देगा। डॉ. अभिमन्यु का विवाह डॉ. इशिता यादव से होगा, जो खरगोन जिले के प्रख्यात किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। दोनों की सगाई इसी वर्ष, लगभग पांच महीने पहले, भोपाल के मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी।

    भिमन्यु की सादगी और आत्मनिर्भरता की कहानी

    मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव ने भोपाल में रहकर चिकित्सा शास्त्र की पढ़ाई पूरी की। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान मुख्यमंत्री निवास की बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहना चुना। उनका कहना था कि छात्र जीवन का असली अनुभव और अनुशासन हॉस्टल में ही मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी उस समय साफ कहा था कि – “मुख्यमंत्री निवास किसी विद्यार्थी के लिए नहीं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक कार्यों के लिए होता है। पढ़ाई की असली जगह कॉलेज और हॉस्टल हैं।” यह सोच दर्शाती है कि उन्होंने अपने बच्चों में भी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और ज़मीन से जुड़े रहने की सीख दी है।

    सादगी से भरा विवाह, समाज के लिए संदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने परिवारजनों को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अभिमन्यु की शादी सादगी से, बिना दिखावे के और सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही होगी। इस आयोजन में गरीब और सामान्य परिवारों की बेटियों की भी शादियां होंगी, जिससे यह समारोह समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक बन जाएगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि उच्च पद पर रहते हुए भी व्यक्ति अपनी जड़ों और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा रह सकता है।

    उज्जैन में मिथक तोड़कर पेश की थी नई सोच

    मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी सामाजिक परंपराओं में नई सोच के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सवाल उठा था कि महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री को रात्रि विश्राम नहीं करना चाहिए, क्योंकि वर्षों से यह एक प्रचलित मान्यता रही है। लेकिन मोहन यादव ने इस मान्यता को तोड़ते हुए कहा – “मैं महाकाल का भक्त और पुत्र हूं, मेरे लिए उज्जैन मेरा घर है, और महाकाल की नगरी में रुकना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उस रात उन्होंने उज्जैन में रात्रि विश्राम कर यह मिथक समाप्त किया और यह दिखाया कि श्रद्धा और कर्म के बीच कोई विरोध नहीं, बल्कि संतुलन संभव है।

    सादगी और परिवार की मर्यादा का उदाहरण

    मुख्यमंत्री मोहन यादव उन विरले नेताओं में से हैं जिनका परिवार कभी भी शासकीय आवास में स्थायी रूप से नहीं रहा। वे अपने परिवार को राजनीति से दूर रखते हैं और हमेशा आम जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर देते हैं। उनका मानना है कि नेता की पहचान उसके आचरण और सादगी से होती है, न कि उसके पद से। यही कारण है कि आज वे अपने बेटे की शादी भी समाज की बेटियों के साथ एक ही मंच पर करवा रहे हैं — यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि एक संदेश है – “समानता और सादगी का।”

    बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी समाजों के 20 जोड़े शामिल होंगे। इसमें मुख्यमंत्री की तरफ से ही सभी जोड़ों को गिफ्ट भी दिया जाएगा। बता दें मुख्यमंत्री समाज के लोगों को पहले से ही सादगी और सरल जीवन यापन करने के लिए प्रेरित करते आए हैं।  डॉ. मोहन यादव की पहचान हमेशा एक ऐसे जननेता के रूप में रही है जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को समान महत्व देते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका परिवार शासकीय आवास में शिफ्ट नहीं हुआ। वे अपने परिवार को सरकारी सुख-सुविधाओं से दूर रखते हैं।  

  • समर्थन मूल्य पर धान खरीद योजना 15 नवंबर से, किसानों के लिए सूचना आसान

    रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर

    अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर

    आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव मती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।

        प्रभारी सचिव मती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। मती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।

        बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

  • कोरिया : आंगनबाड़ी सहायिका के लिए दावा आपत्ति 13 नवम्बर तक आमंत्रित

    कोरिया 

    एकीकृत बाल विकास परियोजना बैकुंठपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका पद की पूर्ति हेतु मूल्यांकन समिति के द्वारा मूल्यांकन उपरांत अनन्तिम मूल्यांकन सूची जारी कर कार्यालय जनपद पंचायत बैकुंठपुर एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना बैकुंठपुर के सूचना पटल पर चश्या कर दी गई है। आंगनबाड़ी सहायिका, आंगनबाड़ी केन्द्र ठिहाईपारा, स्टेशनपारा, हरिजनपारा, डमहापारा, टेकमानपारा, घुटरीनाला, दाउनगुड़ा, कोदवारीडांड़, परसोत्तमपारा, बसोरपारा, उरांवपारा, सरईपारा, भखार, गाड़ाबुड़ा, गोंड़पारा, पिपरापारा, बांधपारा, बहेरापारा, उपरपारा, गौटियापारा, तेलईधार एवं देवानीबांध के रिक्त पदों पर  दावा आपत्ति के आवेदन पत्र प्राप्त करने हेतु 13 नवंबर 2025 तक नियत किया गया है। दावा आपत्ति के आवेदन पत्र कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना बैकुंठपुर में जमा की जावेगी। दावा आपत्ति के आवेदन पत्र अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय एवं दिवस में ही स्वीकार की जावेगी। निर्धारित तिथि एवं समय पश्चात् किसी प्रकार के दावा आपत्ति के आवेदन पत्र स्वीकार नहीं होगें।

  • अम्बिकापुर : ई-ऑफिस प्रणाली पर अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

    अम्बिकापुर
    जिले के समस्त विभागों एवं कार्यालयों में ई-ऑफिस के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के मास्टर ट्रेनर के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें समस्त विभागों के ई-ऑफिस संचालकों को सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को पेपरलैस करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान ई-ऑफिस के क्रियान्वयन एवं सुचारू रूप से सभी कार्यालयों में कार्य करने हेतु नोट-शीट, फाईल, डिजिटल साईन, ट्रांसफर आदि संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत विभिन्न प्लेटफार्म के विभिन्न कार्यों तथा उनके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ई-ऑफिस का परिचय एवं उपयोग, दस्तावेज़ तैयार करना, अनुमोदन प्रक्रिया, रिपोर्टिंग एवं फाइल ट्रैकिंग, सुरक्षा उपाय एवं गोपनीयता आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर रवि निषाद, विनोद देवांगन एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जियाउर रहमान, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

     

  • भावांतर योजना का ताज़ा रेट, किसानों के लिए 4056 रुपए प्रति क्विंटल

    भावांतर योजना में आज का मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी

    भोपाल

    भावांतर योजना 2025 अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 11 नवंबर को 4056 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था।

     

  • अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

    15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर

    अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की

    रायपुर

    आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।

        प्रभारी सचिव श्रीमती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। श्रीमती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।

        बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

  • पीएनबी में केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने डिजिटल पहल का अनावरण, पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा

    नई दिल्ली
     देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के दौरे के साथ बढ़ी हुई सतर्कता और पारदर्शिता की दिशा में, अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

    इस कार्यक्रम के तहत, "पीएनबी की विजिलेंस मैनुअल 2025" का 5वाँ संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका "पीएनबी विजिल" का सितंबर 2025 के अंक का अनावरण  किया गया। इस अवसर पर एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक (ईडी) श्री बिभु प्रसाद महापात्र, सीवीओ श्री राघवेंद्र कुमार, और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त, बैंक ने कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढाँचा (कर्मचारियों के लिए) और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।

    इस कार्यक्रम में सतर्कता योद्धाओं को भी सम्मानित किया गया, यह उन कर्मचारियों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देने के लिए किया गया जिन्होंने बैंक के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में असाधारण समर्पण का प्रदर्शन किया है।

    श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा: "हमारे समाज का कल्याण , हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन पंजाब नैशनल बैंक जैसे बैंकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन और वित्तपोषण से गहराई से जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य सतर्कता की ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। यह संस्कृति व्यक्ति, संगठन और समाज को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करती है, जिससे बैंक, अर्थव्यवस्था और अंततः राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है, क्योंकि हम 2047 तक 'विकसित भारत' की दिशा में काम कर रहे हैं।"

    श्री अशोक चंद्र, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी, ने कहा: "जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है l हम पर, सबसे बड़े बैंकों में से एक के रूप में, जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। हम सत्यनिष्ठा, नैतिकता, और पारदर्शिता पर आधारित गुणात्मक, सतत, और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सतर्कता, विशेष रूप से निवारक सतर्कता ( प्रिवेंटिव विजिलेंस ) , यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि प्रगति सुदृढ़ शासन और जवाबदेही के साथ जुड़ी रहे। इन मूल्यों से प्रेरित होकर, पीएनबी विश्वास और नैतिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए समर्पित है।"

    श्री राघवेंद्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), पीएनबी, ने कहा: "इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी की संस्कृति के निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने सतर्कता ढाँचे के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करके, हम न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वसनीयता बैंक के भीतर हर प्रक्रिया की आधारशिला बनी रहे।"

    पीएनबी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का अनुपालन सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक शासन के प्रति उसकी गहन प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 27 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और बहुतायत में ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने डिजिटल और मूलभूत पहलों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की। 11,000 एटीएम (ATMs), मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप बैंकिंग पर सतर्कता संदेशों को प्रदर्शित करने से लेकर 8,000 से अधिक ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान आयोजित करने तक, पीएनबी ने सत्यनिष्ठा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया। 

    विभिन्न प्रतियोगिताओं, वॉकथॉन और साइक्लोथॉन में कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी, साथ ही रक्तदान शिविरों के दौरान 4,300 यूनिट रक्त का संग्रह, सतर्कता और सेवा की भावना को दर्शाता है। सतर्कता संबंधी सभी शिकायतों में शून्य लंबित मामले, व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों और उत्तरदायी परिसंपत्ति प्रबंधन में बैंक की उपलब्धि, निवारक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर इसके ध्यान को और उजागर करती है। ये निरंतर प्रयास एक जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में पीएनबी की भूमिका की पुष्टि करता हैं, जो सत्यनिष्ठा की संस्कृति के निर्माण और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए समर्पित है। 

     

  • गुजरात के राजपीपला में बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय पहुंचे राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल  पटेल ने गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय राजपीपला का किया भ्रमण

    भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन, छात्रावास पहुंचे

    भोपाल
    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला के भगवान बिरसा मुंड़ा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा भी मौजूद थी।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की आवास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के स्वरूप और विकास के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। राज्यपाल  पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़- मां के नाम” अभियान के तहत पौध-रोपण किया। राज्यपाल के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

    राज्यपाल  पटेल को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जनजातीय कला, विरासत, संस्कृति, औषधीय प्रणालियों, भाषा और साहित्य का संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली, व्यापक सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान दें सके। कुलपति डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों जैसे मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल आधारित शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और पी.एच.डी. तक के शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है। 

    बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 मे हुई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से गुजरात और विकासशील क्षेत्रों की जनजातीय आबादी के संदर्भ में परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना है। विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों के तीव्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी, कौशल-आधारित, व्यावसायिक, प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक मूल्य प्रणालियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा, भाषा, औषधीय प्रथाओं, रीति-रिवाजों, वन-आधारित आर्थिक गतिविधियों, वनस्पतियों, जीवों, और जनजातीय क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए शिक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध है।

     

  • कलेक्टर लंगेह ने महासमुंद में बैठक, मतदाता सूची और धान खरीदी तैयारियों पर दिए निर्देश

    महासमुंद : कलेक्टर लंगेह ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक

    कलेक्टर ने की मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम व धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक निर्देश

    महासमुंद

    कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे से समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री घोषणा, मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए कलेक्टर विनय लंगेह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभाग के जिला अधिकारी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित वीसी के माध्यम से सभी ब्लॉक स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    कलेक्टर लंगेह ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बीएलओ गणना पत्रक के वितरण का कार्य सुनिश्चित करें। आगामी 2 दिनों में अधिकतम मतदाताओं तक गणना पत्रक पहुंच जाए। वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत मतदाताओं के पास गणना पत्रक का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने सभी एआरओ एवं ईआरओ को भरे हुए गणना और घोषणा पत्रों के डिजिटाइजेशन के कार्य को भी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सर्वप्रथम गणना पत्र वितरित किया जाए। तत्पश्चात उसके कलेक्शन सुनिश्चित किया जाए। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एवं जारी समय सारणी के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में बताए गए बिंदुओं के आधार पर निर्धारित समय 4 दिसम्बर तक घर-घर जाकर सत्यापन कार्य अंतर्गत पात्र मतदाताओं का गणना प्रपत्र में आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से भरकर संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र मतदाता को हटाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है।

    बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए सभी नोडल एवं प्रभारी अधिकारियों को कल सुबह 10 बजे ट्रायल रन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी आबंटित उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैय्या कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के सभी 16 चेक पोस्टों के माध्यम से ड्यूटीरत अधिकारियों को धान की आवक और अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए है। आवश्यकता पड़ने पर नए और दूसरे स्थानों पर भी चेक पोस्ट खोलने कहा है। कलेक्टर ने अवैध परिवहन करते वाहन पाए जाने पर तत्काल सीज कर प्रकरण दर्ज करने कहा है।

    उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए धान खरीदी नीति के 29 बिंदुओं की चेकलिस्ट के अनुसार सभी तैयारियां पूर्व से सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसानों की खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सहज बने, इसके लिए सीसीटीवी कैमरों को चालू स्थिति में रखा जाए तथा निगरानी टीमों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। खरीदी केंद्रों में आवश्यक संसाधन, तोल उपकरण, मिलान पर्ची व्यवस्था, ऑनलाइन एंट्री, और तौल-प्रक्रिया को समय पर पूर्णता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने केन्द्रों का निरीक्षण करने टोकन की जानकारी, स्टेकिंग आदि की जानकारी रखने के निर्देश दिए हैं।

    बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कलेक्टर कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर लंगेह ने विभिन्न शासकीय योजनाओं, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय सीमा पत्रक, राजस्व प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की तथा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त मांग एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें।

  • एमसीबी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

    एमसीबी : राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

    शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हेतु विद्यालयों का मूल्यांकन, शिक्षकों को मिली प्रेरणा 

    एमसीबी

    राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद  (SCERT रायपुर) की टीम द्वारा जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 07 नवम्बर से 10 नवम्बर 2025 तक जिला मुख्यालय में संचालित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, शिक्षकों की पेशेवर दक्षता वृद्धि तथा शैक्षणिक नवाचारों के प्रसार को बढ़ावा देना है।

    उद्घाटन सत्र
    कार्यशाला का उद्घाटन अपर कलेक्टर श्रीमती नर्मता डोंगरे एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी. मिरे द्वारा सरस्वती माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया।
    इस अवसर पर डॉ. विनोद पांडेय, एपीसी श्री सूर्याेदय सिंह तथा जिला नोडल अधिकारी श्रीमती खुशबू दास उपस्थित रहे एवं कार्यशाला के संचालन में उनका सराहनीय योगदान रहा।

    विद्यालयों का शैक्षणिक मूल्यांकन एवं समीक्षा
    कार्यशाला के दूसरे दिन (08 नवम्बर 2025) राज्य स्तरीय मेंटर्स एवं जिला  PLC ( Professional Learning Community) शिक्षकों को चार समूहों में विभाजित कर विभिन्न विद्यालयों का दौरा कराया गया।

    टीमों ने निम्न बिंदुओं पर विद्यालयों का विस्तृत मूल्यांकन किया –

    शिक्षण-पद्धति एवं छात्र अधिगम स्तर
    शिक्षण सामग्री का उपयोग एवं शिक्षण वातावरण
    विद्यालय अनुशासन एवं सामुदायिक भागीदारी
    नवीन शिक्षण पहलें एवं व्यावहारिक नवाचार

    राज्य के मेंटर्स के मार्गदर्शन में विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की धरातलीय स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान उत्कृष्ट शिक्षण उदाहरणों को साझा किया गया तथा शिक्षण में आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु रणनीतियाँ तैयार की गईं।

    शिक्षकों को मिली नई दिशा
    समीक्षा सत्र प्रेरक एवं संवादात्मक रहा, जिसमें शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, छात्र-केंद्रित पद्धति अपनाने, बच्चों की सीखने की गति पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यालय स्तर पर नवाचार लागू करने के लिए प्रेरित किया गया।
    कार्यशाला में  SCERT रायपुर की टीम, PLC शिक्षक गण एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रधान पाठक शामिल हुए।

    गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
    चार दिवसीय यह कार्यशाला जिले में शिक्षण की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल साबित हो रही है। इससे शिक्षकों में नवाचार, आत्म मूल्यांकन एवं शिक्षण-पद्धति सुधार की भावना को बल मिलेगा तथा बच्चों के अधिगम स्तर में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है। जिला स्तर पर इस प्रकार की कार्यशालाएं राज्य की शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

  • कोरिया : डिजिटल मार्केंटिंग व डिजिटल साक्षरता के लिए कार्यशाला का आयोजन 14 नवम्बर को

    कोरिया

    जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक ने जानकारी दी है कि रैम्प योजना के अन्तर्गत मार्केट तक पहुंच विभिन्न प्लेटफॉर्म व डिजिटल मार्केंटिंग व डिजिटल साक्षरता इंटरवेंशन के तहत ‘‘ई-मार्केटप्लेस एवं डिजिटल मार्केटिंग द्वारा एमएसएमइ के लिए बाजार विकास कार्यशाला हेतु जिला पंचायत सभाकक्ष बैंकुण्ठपुर में 14 नवम्बर को समय 11.00 बजे आयोजित है। इस कार्यशाला में जैम टीम रायपुर द्वारा जिला स्तरीय शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को विभागीय निविदा प्रक्रिया हेतु जैम पोर्टल पर क्रेता के रूप में ऑनबोडिंग, निविदा दस्तावेज तैयार करने एवं प्रकाशित करने, निविदा खोलने की प्रक्रिया आदि पर प्रशिक्षण दिया जाएगा एवं साथ ही एमएसएमइ को विक्रेता के रूप में पोर्टल पर प्रक्रिया, उत्पाद कैटलॉग बनाने, निविदा हेतु आवेदन करने आदि पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

  • गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में निभाएंगे अहम भूमिका – सीएम विष्णुदेव साय

    रायपुर : इन्वेस्टर कनेक्ट : अहमदाबाद में छत्तीसगढ़ को मिल बड़ा निवेश प्रस्ताव
    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

    रायपुर : इन्वेस्टर कनेक्ट : 33,000 करोड़ से अधिक के निवेश, 10,532 से अधिक रोजगार का खुला रास्ता

    गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में निभाएंगे अहम भूमिका – सीएम विष्णुदेव साय

    रायपुर

    अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को लगभग 33 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने थर्मल पावर प्लांट, ग्रीन स्टील मैन्युफैक्चरिंग, सोलर सेल, फार्मास्युटिकल उत्पाद और मेडिकल फूड सप्लीमेंट जैसे क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र (इन्वेस्टमेंट लेटर्स) सौंपे। छत्तीसगढ़ को प्राप्त निवेश प्रस्ताव से राज्य में 10,532 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 

    अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अहमदाबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उद्योगपतियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग, निवेश और नवाचार की धरती गुजरात में आकर वे बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के कण-कण में उद्यम बसा है, और दुनिया का कोई ऐसा कोना नहीं जहां गुजराती भाइयों की मौजूदगी न हो। उन्होंने कहा गुजरात और छत्तीसगढ़ मिलकर विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

    अहमदाबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम

     साय ने कहा कि गुजरात जिस तरह देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है, उसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास उद्यम है, तो छत्तीसगढ़ के पास ऊर्जा, खनिज, कुशल जनशक्ति और आकर्षक औद्योगिक नीति है जो निवेशकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते 22 महीनों में 350 से अधिक सुधार किए हैं, जिससे उद्योग लगाना आसान हुआ है। राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एनओसी अब त्वरित रूप से जारी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में उद्योगों को विशेष अनुदान और प्रोत्साहन दिए गए हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग लगाने पर अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

     साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कोयला उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और हाल ही में आयोजित एनर्जी समिट में ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य में थर्मल, हाइडल, सोलर और वन आधारित उद्योगों की बड़ी संभावनाएं हैं।

    उन्होंने बताया कि नवा रायपुर को आईटी और एआई डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं खुली हैं।

    कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक  विश्वेश कुमार एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे। 

    इन कंपनियों ने निवेश की घोषणा की
        
    1. लीजियम लाइफ साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी फार्मास्यूटिकल उत्पाद और मेडिकल फूड सप्लीमेंट्स बनाती है। कंपनी ने ₹101 करोड़ का निवेश प्रस्ताव रखा है, जिससे 750 रोजगार सृजित होंगे।

    2. टोरेंट पावर लिमिटेड, अहमदाबाद- कंपनी ने ₹22,900 करोड़ की लागत से 1600 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता को नई दिशा मिलेगी। इससे 5000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। 

    3. टोरेंट फार्मास्युटिकल लिमिटेड-  फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 200 करोड़ रुपये निवेश की योजना बताई है। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    4. ओनिक्स थ्री एनर्सोल प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और ग्रीन स्टील मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी। इसमें ₹9,000 करोड़ का निवेश और 4,082 रोजगार प्रस्तावित हैं।

    5. माला क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड, सूरत- यह कंपनी सोलर सेल (2GW क्षमता) निर्माण यूनिट लगाएगी। इसके लिए ₹700 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    6. मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना के लिए ₹300 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया गया है। यह स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।

    7. सफायर सेमीकॉम प्राइवेट लिमिटेड- यह कंपनी सेमी कन्डक्टर के निर्माण क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 120 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे 4000 रोजगार सृजन होगा।

  • ई-नीलामी के लिए तय हुई तिथि, रेत खदानों की बिक्री जल्द होगी शुरू

    रेत खदानों की ई-नीलामी की तारीख घोषित, निवेशकों की नजर अब प्रक्रिया पर

    ई-नीलामी के लिए तय हुई तिथि, रेत खदानों की बिक्री जल्द होगी शुरू

    एमसीबी

    सर्वसाधारण की जानकारी के लिए यह सूचित किया जाता है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित अधिसूचना क्रमांक 713, दिनांक 12 सितम्बर 2025 के तहत छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के अंतर्गत जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छ.ग.) में रेत खदानों की इलेक्ट्रॉनिक-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) के माध्यम से प्राप्त ऑनलाइन निविदाओं को खोलने की तिथि निर्धारित की गई है।

    निविदा खोलने की प्रक्रिया निम्नानुसार होगी – डांडहंसवाही-1 रेत खदान -13 नवम्बर 2025, प्रातः 10:00 बजे, मुर्किल-1 रेत खदान – 14 नवम्बर 2025, प्रातः 10:00 बजे, नेउर-1 रेत खदान – 20 नवम्बर 2025, प्रातः 10:00 बजे,सभी प्रक्रियाएं कलेक्टर सभाकक्ष, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में संपादित की जाएंगी।

  • कलेक्टर लंगेह के नेतृत्व में महासमुंद में SIR कार्यक्रम, मतदाता सूची अपडेट के लिए बीएलओ सक्रिय

    महासमुंद : जिले में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) जारी

    कलेक्टर  लंगेह के घर पहुंचे बी एल ओ

    महासमुंद

    जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य जारी है। 4 नवम्बर से प्रारंभ इस अभियान में बीएलओ घर घर मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। इसी क्रम में बी एल ओ योजना यादव एवं सरपंच आज सुबह कलेक्टर  विनय लंगेह के निवास पहुंचकर उन्हें गणना पत्र एवं घोषणा पत्र वितरित किए। इस दौरान टीम द्वारा आवश्यक जानकारी संकलित की गई। फार्म वितरण के दौरान ग्राम पंचायत मचेवा के सरपंच मती प्रमिला ध्रुव, उप सरपच जीतेंद्र साहू , किशोर ध्रुव, बी एल ओ योजना यादव, पंच शिव साहू मौजूद थे।

    ज्ञातव्य है कि महासमुंद जिले में 8 लाख 86 हजार 422 पंजीकृत मतदाता हैं। चारों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र और घोषणा प्रपत्र वितरित कर रहे हैं तथा आवश्यक दस्तावेज संकलित कर रहे हैं।

    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) मतदान केंद्र स्तर पर कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रों में बीएलओ सक्रियता से कार्यरत हैं। कलेक्टर ने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है।

  • छरछा जलाशय कार्यों के लिए वित्तीय मंजूरी, प्रदेश में जलसंरक्षण को बढ़ावा

    रायपुर : छरछा जलाशय योजना के कार्यों हेतु 3.31 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरिया जिले के विकासखण्ड-बैकुण्ठपुर की छरछा जलाशय योजना के बांध एवं नहर के नवीनीकरण एवं वाटर कोर्स के निर्माण कार्य हेतु तीन करोड़ 31 लाख 2 हजार रूपए स्वीकृत किए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • CM विष्णु देव साय के तहत छत्तीसगढ़ में विकास की पहल, कुनकुरी क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी

    रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास को मिल रही नई गति: वित्त विभाग से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख परियोजनाओं को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के अंतर्गत  विधानसभा कुनकुरी में विभिन्न परियोजनाओं के लिए वित्त विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति और सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है।

    वित्त विभाग ने तुमला से मेडर (ओडिशा सीमा) तक 12.80 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए ₹27.73 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के बन जाने से सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी सुधरेगी और व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

    इसी प्रकार, विकासखंड कांसाबेल की मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई योजना के लिए ₹79.38 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

    कुनकुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए वित्त विभाग ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण हेतु ₹359 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इससे आदिवासी अंचल के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

    साथ ही, विकासखंड फरसाबहार की कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए ₹16.17 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे सिंचाई और जल प्रबंधन की दिशा में क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ होगा।