• सीएम की घोषणा: पंचायतों को वित्तीय मदद और 2026 कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पंचायतों और ग्रामीण विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में पंचायतों को जितनी शक्ति है, वह बड़े पदधारकों के पास भी नहीं है और प्रत्येक सरपंच अपनी पंचायत के लिए बड़ा योगदान दे सकता है।

    मुख्यमंत्री ने पंचायतों के लिए कई घोषणाएं कीं। इसमें प्रत्येक पंचायत के लिए 50,000 रुपए की राशि प्रदान करने की बात कही। साथ ही कहा कि वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया जाएगा और कृषि उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सरकार के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मेडिकल और एग्रीकल्चर कॉलेजों की स्थापना भी तेजी से की गई है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने हर गांव के अंदर शांति धाम के निर्माण के लिए भी आवश्यक राशि देने का आश्वासन दिया।

    भोपाल के जंबूरी मैदान पर सरपंचों के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सरपंच सम्मेलन का आयोजन हुआ। सीएम ने कहा कि एक बात समझ लो कोई सचिव अगर काम नहीं करेगा तो उसे हटा देंगे। सचिव-सहायक सचिव इनकी क्या औकात?

    आपको लगता है कि सरपंच के मामले में कोई दिक्कत आ रही है और सरकार ने कोई निर्णय किया है तो उसे ठीक करने का काम हमारा है। जब भी सरकार के स्तर पर कोई निर्णय होगा तो उसके क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी तो उसे हल करने का काम सरकार का है।

    सीएम ने कहा कि इतना बड़े देश में प्रधानमंत्री मोदी ने 10-11 सालों में न जाने कितनी चीजों की चिंता की। इसलिए हमारे देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर हमको भरोसा है। जब लाल सलाम को आखिरी सलाम हो रहा है तो ये कहां लगेंगे जो भी होंगे सब ठिकाने लगेंगे। ये देश को पूरा भरोसा है।

    दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए रखा मौन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों के लिए 2 मिनट का मौन रखवाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कल की घटना को भूलना नहीं है।

    हमारे देश की प्रगति और बढ़ने वाले कदम दुनिया में अलग प्रकार से निकल रहे हैं। ऐसे में दुश्मन भी पता नहीं, कितने प्रकार से प्रयास करते हैं। इस मामले में गृह मंत्री जी पूरी जानकारी देंगे।

    मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए बम धमाकों में दिवंगतों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा है और देश की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    आपके पास जो पावर वो बडे़ पद वालों को भी नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके जो विषय आए हैं उनके लिए हमारी सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। जब सरपंच के सामने बैठेंगे तो सचिव, रोजगार सहायक को भी आना ही चाहिए,इनके बिना बात थोड़े बनती है।

    त्रिस्तरीय शासन प्रणाली में जो प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री हमको दिखते हैं। आपको जो पावर हैं वो पावर तो बडे़-बडे़ पद वालों को भी नहीं हैं। एक सरपंच जो कर सकता है वो कोई नहीं कर सकता।

    एक पंचायत के हर घर की गिनती पंचायत और सरपंच के पास रहती है। हमारे इतने बडे़ प्रदेश में बड़ी आबादी गांवों में रहती है अगर प्रदेश की तस्वीर, तकदीर बदलने का काम आपके बिना नहीं हो सकता।

    24 नवंबर को होगी त्रिस्तरीय पंचायतों की कॉन्फ्रेंस सीएम ने कहा- पिछले बार 23-24 और 25 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत के अधिकारियों का कार्यक्रम हुआ था। इस बार 24-25 और 26 नवंबर को भोपाल में कॉन्फ्रेंस होने वाली है। उसमें कुछ बातें मैं भी जोड़ना चाहता हूं। जैसे शहरीकरण बढ़ रहा है तो पंचायत और आसपास लगी नगरीय निकाय के बीच कई बार टकराव होता है।

    जब नगरीय निकाय होता है उनके पास पार्षद, सीएमओ होते हैं बहुत सारी चीजें होती हैं। पंचायत में सचिव और सहायक सचिव ही होते हैं। ऐसा कोई समाधान निकले की हमारी पंचायत भी जिंदा रहे और वो विकास का काम भी बंद न हो। इसका मैकेनिज्म बनाने की जरूरत है।

    पंचायतें नया गांव बसाएं, सरकार साथ है सीएम ने कहा- विदिशा में उदाहरण है कि आवासीय व्यवस्था में खुद की प्लानिंग से नया गांव बसाया। इसमें क्या परेशानी है उन कामों को भी किया जा सकता है।

     

  • दिल्ली धमाके पर CM की सख्त प्रतिक्रिया, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

    भोपाल
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक गंभीर हमले की घटना पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ऐसी किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बयान के दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे।

    दोषियों को सख्त चेतावनी

    मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सरकार हमेशा से सख्त रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।

    दिल्ली ब्लास्ट पर सीएम मोहन यादव की कड़ी प्रतिक्रिया, बोले- 'दोषी बख्शे नहीं जाएंगे', बताया गृह मंत्री हर पल की ले रहे जानकारी, जांच जारी

        “ऐसी घटना करने वाले भारत सरकार द्वारा न पहले कभी बख़्शे गए हैं और ना कभी बख़्शे जाएंगे, भारत सरकार की कार्रवाई हमेशा तगड़ी रही है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

    सीएम यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी घटना से निपटने में पूरी तरह सक्षम और तैयार है।

    गृह मंत्रालय कर रहा है जांच

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी जांच सीधे गृह मंत्रालय की निगरानी में हो रही है। उन्होंने कहा कि माननीय गृह मंत्री स्वयं इस मामले को देख रहे हैं।

    डॉ. यादव ने कहा, “जो कुछ भी हुआ माननीय गृहमंत्री जी उसकी जांच कर रहे हैं और सारी बातें विस्तार से प्रेस में बताने वाले भी हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद गृह मंत्री खुद मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।

    हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “हम हमले में जान गंवाने वालों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

  • मध्यप्रदेश में सुरक्षा चेतावनी: महाकाल मंदिर और प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट

    भोपाल
     देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम को लाल किले के पास चलती कार में विस्फोट के बाद एमपी में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों और तीर्थ स्थलों सहित सेना से जुड़े शहरों में विशेष अहतियात बरती जा रही है। पूरे एमपी में रेलवे स्टेशनों, बस स्टेंड, पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पुलस चैकिंग की जा रही है।

    जानकारी अनुसार दिल्ली कार धमाके के बाद एमपी सहित देश के कई प्रदेशों में अलर्ट जारी किया गया है। एमपी में हाई अलर्ट दिया गया है। इसके तहत विशेष रूप से उज्जैन, ग्वालियर, इंदौर भोपाल, जबलपुर, सागर सहित अन्य शहरों और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। रेलवे जंगशन व बस स्टेंडों पर भी विशेष चैकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उज्जैन में जगह-जगह चैकिंग, महाकाल मंदिर की सुरक्षा बढ़ाई

    जानकारी अनुसार मप्र के प्रमुख धार्मिक स्थल उज्जैन में महाकाल मंदिर की सुरक्षा बड़ा दी गई है। मंदिर के आसपास के इलाके में पुलिस और डॉग स्क्वायड दुकानों, होटलों में विशेष सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति और सामान की जांच की जा रही है। उज्जैन शहर व आसपास के इलाके में जगह-जगह प्रमुख चौराहों पर चैकिंग लगाकर वाहनों की पड़ताल पुलिस कर रही है। उज्जैन एसपी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष जांच अभियान के निर्देश दिए गए हैं।

    महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था सख्त

    उज्जैन में महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बम और डॉग स्क्वॉड की टीमें लगातार मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही हैं। मंदिर के पास स्थित होटलों और लॉजों में ठहरे यात्रियों की जानकारी ली जा रही है। पुलिस ने वाहनों की चेकिंग भी की है।

    जबलपुर और अन्य जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता

    जबलपुर में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। यहां मुख्य रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल और आश्रय स्थलों पर देर रात तक जांच अभियान चला। बाहर से आने वाले यात्रियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की गई। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Team) रातभर सर्च ऑपरेशन में जुटा रहा।
    जबलपुर रेलवे स्टेशन।

    भोपाल समेत सभी स्टेशनों पर भी जांच प्रदेश में भोपाल, इंदौर, इटारसी समेत सभी प्रमुख स्टेशनों पर जीआरपी पुलिस ने सर्चिंग की। डॉग स्क्वॉड की मदद से यात्रियों के सामान की जांच की गई।

    बता दें कि दिल्ली में लाल किले के पास कार में जोरदार धमाका हुआ है। ब्लास्ट में 8 लोगों की मौत हो गई है। 24 लोग घायल हैं।

    सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

    दिल्ली ब्लास्ट की घटना पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में नागरिकों की मौत का समाचार अत्यंत दुखद है। सीएम ने दिवंगतों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और बाबा महाकाल से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    इंदौर में भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। राजवाड़ा और सुभाष मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बम डिस्पोजल स्क्वॉड (Bomb Disposal Squad) और पुलिस बल तैनात किया गया है। 56 दुकान क्षेत्र में भी पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान चलाया।

    राजवाड़ा क्षेत्र में भी चेकिंग शुरू

    जानकारी अनुसार इंदौर के राजवाड़ा सहित अन्य इलाकों में प्रमुख चौराहों पर विशेष रूप से वाहनों की चैकिंग की जा रही है। प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति और वाहन को रोककर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने इंदौर के रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड, प्रमुख बाजारों और हवाई अड्डा के आसपाास विशेष चेकिंग शुरू कर दी है। 

  • लाड़ली बहना अब देवी सुभद्रा योजना, जल्द आएगी आधिकारिक घोषणा

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश सरकार लोकप्रिय लाड़ली बहना योजना का नाम बदलने पर विचार कर रही है जानकारी के अनुसार, सरकार अब इस योजना को ‘देवी सुभद्रा योजना’ के नाम से लागू करने जा रही है। अधिकारियों ने नाम परिवर्तन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है और जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसकी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। यह घोषणा 12 नवंबर को सिवनी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में होने की संभावना है, जहां मुख्यमंत्री योजना की राशि भी हितग्राहियों के खातों में राशि स्थानांतरित करेंगे। इस अवसर पर लाभार्थी महिलाओं के खातों में 1250 के स्थान पर 1500 की राशि जमा की जाएगी, जिसमें 250 की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जा रही है। इस बढ़ोतरी से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1793 करोड़ 75 लाख रुपए के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। पूरे वर्ष का संभावित व्यय 20,450 करोड़ 99 लाख रुपए रहेगा। मध्य प्रदेश में अभी 1.26 करोड़ लाडली बहने हैं। अभी तक लाडली बहनों को 44 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई है। 

    श्रीकृष्ण और बलराम की बहन थी सुभद्रा
    सरकार का कहना है कि योजना का नया नाम देवी सुभद्रा के सम्मान में रखा जा रहा है, जो भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की बहन थीं। देवी सुभद्रा का विवाह अर्जुन से हुआ था और उनके पुत्र अभिमन्यु महाभारत के प्रसिद्ध योद्धा थे। देवी सुभद्रा को योगमाया के रूप में भी पूजनीय माना जाता है।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू की गई अन्य योजनाओं के नामों में भी बदलाव पर विचार कर रही है। हाल ही में ‘सीएम राइज स्कूल’ का नाम बदलकर ‘सांदीपनि स्कूल’ किया गया था। अब लाड़ली बहना योजना के नाम परिवर्तन के बाद अन्य योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी।

    महिलाओं के लिए बीमा योजना की तैयारी
    इसके साथ ही सरकार लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए बीमा योजना लाने की तैयारी कर रही है। इस बीमा योजना के तहत महिलाओं से नाममात्र का अंशदान लिया जाएगा और बाकी राशि सरकार वहन करेगी। इस योजना में स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को भी शामिल किए जाने की योजना है ताकि महिलाओं को संपूर्ण सुरक्षा मिल सके।  लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।  योजना की शुरुआत मार्च 2023 में 1000 रुपए की मासिक सहायता से हुई थी, जिसे सितंबर 2023 में बढ़ाकर 1250 रुपए किया गया था। अब 250 रुपए की और वृद्धि के साथ 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे।  

    मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए नवंबर का महीना खास है, क्योंकि इस महीने से उन्हें बढ़ी हुई किस्त मिलेगी. यह योजना 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी. पहले महिलाओं के खाते में 1000 आते थे. अब हर महिला को सरकार की ओर से हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे. नवंबर 2025 से यह दूसरी बार है जब बढ़ी हुई राशि दी जा रही है, जो आगे भी जारी रहेगी. मध्यप्रदेश सरकार ने सोमवार को लाडली बहना योजना के तहत मासिक मदद को 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने को मंजूरी दी है.

    12 नवंबर को महिलाओं के खाते में आएगा पैसा

    एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना की 1.26 करोड़ से ज्यादा महिला लाभार्थियों को इस महीने से बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू होगी. इसके लिए सरकार को 1793.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा. अब 2025-26 में योजना का कुल अनुमानित व्यय बढ़कर 20,450.99 करोड़ रुपये हो गया है. मुख्यमंत्री यादव 12 नवंबर को सिवनी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान बढ़ी हुई राशि का वितरण शुरू करेंगे.

    सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में लाड़ली बहना योजना की मासिक सहायता 1,250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने को मंजूरी दी गई. मुख्यमंत्री यादव ने 12 अक्टूबर को श्योपुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि भाई दूज और दिवाली पर महिलाओं के लिए खुशखबरी आएगी, क्योंकि योजना की राशि बढ़ाई जाएगी.

  • मुरैना में सख्त प्रशासन, धड़ाधड़ कॉल और सस्पेंडमेंट से कर्मचारियों में हड़कंप

    मुरैना 

     कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने  ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है. बिल्कुल फिल्म नायक की तरह, कलेक्ट्रेट से ही वीडियो कॉल के जरिए पंचायत भवनों की लाइव उपस्थिति चेकिंग शुरू की गई. सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने पर 8 पटवारी और 4 सचिव सहित 13 शासकीय कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया.

    अनुपस्थित रहने पर 13 सरकारी कर्मचारियों पर गिरी गाज

    कलेक्टर द्वारा सभी कर्मचारी को समय पर मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद सरकारी कर्मचारी समय पर मुख्यालय नहीं पहुंच रहे थे. जिसके बाद सोमवार को जिला अधिकारी ने कर्मचारियों को वीडियो कॉल किये, जिसमें 8 पटवारी और 5 सचिव सहित कुल 13 लोग मुख्यालय पर मौजूद नहीं थे. कलेक्टर ने बिना कोई बहाना सुने 13 सरकारी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया. साथ ही विकासखंड मुख्यालय पर अटैच करने के निर्देश भी जारी किए. इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है.

    दोपहर तक नहीं पहुंचे पंचायत भवन

    मुरैना में  प्रशासनिक मोर्चे पर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी को अनिल कपूर की फिल्म 'नायक' की याद दिला दी. कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में से ही पंचायत भवनों पर अचानक वीडियो कॉलिंग के द्वारा उपस्थिति चेकिंग शुरू कर दी. एक-एक कर कई कर्मचारियों को कॉल लगाया. इस दौरान कई कर्मचारी पंचायत भवन पर अनुपस्थि पाए गए. जिससे कलेक्टर पूरी तरह नायक मोड में आ गए. उन्होंने तत्काल 13 को सस्पेंड के आदेश सुना दिए. इस कार्रवाई से जिलेभर में हड़कंप मचा हुआ है.

    निजी कामों में व्यस्त पाए गए कर्मचारी

    जानकारी के अनुसार, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने सरकारी योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पटवारियों को प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक पंचायत भवन में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं हल करने के निर्देश दिए हैं. इसी प्रकार पंचायत सचिव/जीआरएस को सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पंचायत भवन में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने के निर्देश दिये हैं.

    जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    कर्मचारी उनके आदेश का अनुपालन ठीक तरह से कर रहे है या नहीं, इसकी वस्तुस्थिति जानने के लिए सोमवार की दोपहर उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनपद सीईओ और तहसीलदारों की बैठक ली. इस बैठक में उन्होंने सीईओ व तहसीलदारों के जरिये पटवारी और पंचायत सचिव/जीआरएस से वीडियो कॉन्फ्रेंस के से बातचीत की. बातचीत के दौरान पता चला कि कार्यालय समय में कोई पटवारी अपने घर के निजी कार्यों में व्यस्त हैं, तो कोई बाजार में खरीददारी कर रहा है. ऐसी ही स्थिति पंचायत सचिव-जीआरएस की पाई गई.

    कलेक्टर लोकेश कुमार ने बताया कि "वीडियो कॉल के माध्यम से पटवारी और सचिवों की लोकेशन चेक किया था, क्योंकि उनको पंचायत भवन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्या समाधान के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 13 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है."

    निलंबन सूची में शामिल पटवारियों के नाम

        सुजान सिंह गुर्जर (बानमौर)
        समल मनोरथ पाठक (पोरसा)
        अजय गुर्जर (मुरैना ग्रामीण)
        शिवराज तोमर (मुरैना शहर)
        मयंक यादव (अंबाह)
        सोनू जादौन (सबलगढ़)
        दुर्गेश शर्मा (कैलारस)
        संजीव तिवारी (जौरा)

    निलंबित पंचायत सचिव/जीआरएस

        नरेश सिंह तोमर, ग्राम पंचायत कोटरा
        हाकिम जाटव, ग्राम पंचायत बर्रेड
        सौरभ सिकरवार, जीआरएस (ग्रामीण संसाधन सहायक)
        रामरूप कुशवाह, ग्राम पंचायत सुनावली
        नरेश, ग्राम पंचायत ककरारी

  • पन्ना में हीरा खदानों का खजाना: 79 हीरे नीलामी के लिए तैयार

    पन्ना
     मध्य प्रदेश की हीरा नगरी पन्ना लोगों को रंक से राजा बनाने की पहचान रखती है. यहां आए दिन मजदूर-किसान और जिसने खदान ली हो, उसे हीरे मिलते रहते हैं. जिन लोगों को यह हीरे मिलते हैं, वे हीरा कार्यालय में जमा करते हैं. जिसके बाद जब हीरों की निलामी होती है, तो उसके पैसे हीरा मिलने वाले लोगों को दिए जाते हैं. पन्ना में हीरा कार्यालय सन 1961 में खुला था. तब से लगातार यहां पर शासकीय रूप से हीरे जमा होते हैं. उनकी सरकार द्वारा व्यवस्थित नीलामी कराई जाती है और 12% टैक्स काटकर बाकी राशि हीरा पाने वाले के खाते में ट्रांसफर की जाती है.

    यहां होती है हीरों की नीलामी

    सन 1961 से लेकर अभी तक यहां पर हीरों की लगातार नीलामी होती आ रही है. हीरा कार्यालय पहले कलेक्ट्रेट भवन, महेंद्र भवन में संचालित होता था. 2017 में नए कलेक्ट भवन बन जाने के कारण यह हीरा कार्यालय वहां पर शिफ्ट हो गया है. 27 अक्टूबर 2025 को नया हीरा कार्यालय बन गया है. हालांकि वहां पर अभी ये शिफ्ट नहीं हुआ है. नए कलेक्ट भवन में ही संचालित हो रहा है. यहां पर शासन द्वारा शासकीय रकवा हीरा खदान के लिए खोले गए हैं.

    जिन पर शासन स्तर पर पट्टा बनाया जाता है. इन्हीं खदानों को उथली हीरे की खदान बोला जाता है. निजी खेत खदान भी होती है, जहां पर लोग अपने खेतों में हीरे की खदान खोदते हैं. जिन लोगों को हीरा मिलता है, वे सभी लोग उसे हीरा कार्यालय में जमा कराते हैं. इन्हीं हीरो की नीलामी शासन स्तर पर होती है. जिसमें देश के कोने-कोने से हीरा व्यापारी पन्ना पहुंचते हैं और हीरे की नीलामी में हिस्सा लेते हैं. जो हीरा उन्हें पसंद आता है, उसे वह खरीद लेते हैं.

    पिछली नीलामी में 3 करोड़ की हुई थी बिक्री

    पिछली वर्ष हीरे की नीलामी 4 दिसंबर से 6 दिसंबर 2024 तक चली थी. यह नीलामी तीन दिनों की थी. जिसमें देश के कोने-कोने से हीरा व्यापारी यहां पर पहुंचे थे. इस नीलामी में मुख्य आकर्षण का केंद्र 32 कैरेट और 19 कैरेट का हीरा था. जो अच्छी कीमत में बिके थे. इस नीलामी में करीब 3 करोड़ रुपए के हीरे की बिक्री हुई थे.

    अभी तक इतने हीरे हुए जमा

    पिछली नीलामी दिनांक 6 दिसंबर 2024 के बाद से आज दिनांक 10 दिसंबर 2025 तक हीरा कार्यालय में कुल 79 नग हीरे जमा हुए हैं. जिनका वजन 142.84 कैरेट है. इसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र 17.11 कैरेट का हीरा है. जो प्रकाश कुशवाहा निवासी नयापुरवा को दिनांक 17 दिसंबर 2024 को मिला था. यह हीरा इस वर्ष जमा हुए हीरों में सबसे बड़ा है. पिछली नीलामी में भी कुछ हीरे बच गए थे, जो नीलाम नहीं हो सके थे, उनकी संख्या करीब 40 है.

    रामेश्वर जाटव लिपिक हीरा कार्यालय पन्ना ने बताया कि "अभी तक कुल 79 नग हीरे जमा हुए हैं. पिछले वर्ष नीलामी में 40 नग हीरे शेष बचे थे. आगामी जल्द होने वाली नीलामी में इन सभी हीरो को बिक्री के लिए रखा जाएगा."

  • FAR के जरिए मिलेगा मुआवजा, आवेदन प्रक्रिया शुरू, बिल्डर को बेचने की सुविधा 10 साल तक

     ग्वालियर

    शहर में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों के लिए जिनकी दुकानें और मकान तोड़े गए थे, उन्हें छह साल के लंबे इंतजार के बाद अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने इन प्रभावितों को मुआवजा के रूप में फ्लोर एरिया रेशो (FAR) देने की कवायद शुरू कर दी है। किला गेट, सेवा नगर, हजीरा, मुरार नदी और एलिवेटेड रोड के निर्माण में बाधा बनी संपत्तियों को तोड़ने के समय मुआवजा के रूप में टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट) या एफएआर देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह मामला वर्षों से लंबित था।

    क्या है एफएआर (FAR) का नियम

    टीएंडसीपी के अफसरों के अनुसार, सरकार ने वर्ष 2018 में टीडीआर नियम बनाए थे। इसके तहत, यदि किसी सरकारी योजना के लिए लोगों की निजी जमीन, मकान या भवन लिया जाता है, तो उन्हें बढ़ा हुआ फ्लोर एरिया रेशो (FAR) दिया जाता है। भवन स्वामी इस एफएआर को किसी बिल्डर या अन्य व्यक्ति को बेच सकते हैं। एफएआर का अनुपात जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन कीमत के आधार पर तय किया जाता है।

    टीएंडसीपी ने अब शुरू की प्रक्रिया

    अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) ने इस दिशा में कदम उठाया है। टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक केके कुशवाह ने नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, हाउसिंग बोर्ड सहित सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि यदि उन्होंने किसी की निजी जमीन या मकान को निर्माण कार्य में लिया है, तो वे संबंधित स्वामियों से आवेदन लेकर उन्हें भेजें। प्रभावित लोग टीडीआर या एफएआर के लिए टीएंडसीपी की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुशवाह ने बताया कि एफएआर करीब 6 से 7 महीने में संबंधित को मिल जाता है और यह दस साल के लिए वैलिड रहता है।

    इन क्षेत्रों के लोग होंगे लाभान्वित

    इस कवायद से ग्वालियरशहर के 400 से अधिक संपत्ति स्वामी लाभान्वित होंगे, जिनमें प्रमुख रूप से किला गेट से सेवा नगर और हजीरा तक के 281 संपत्ति स्वामी, मुरार मरघट रोड के 72, और एलिवेटेड रोड फेज-1 व फेज-2 के करीब 143 संपत्ति स्वामी शामिल हैं।

  • ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग शुरू, ग्वालियर डबरा में महिला जवानों को मिल रही खास शिक्षा

     डबरा

     देश की सीमाओं की सुरक्षा अब आधुनिक ड्रोन सिस्टम से सुसज्जित महिला जवानों के हाथों में होगी। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इस विशेष टीम को 'दुर्गा ड्रोन वाहिनी' नाम दिया है। इसके लिए देश का पहला 'स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर' बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में शुरू किया है, जहां महिला जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर का उद्घाटन 2 सितंबर 2025 को बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने किया था। यह भारत में बीएसएफ का अपनी तरह का पहला व्यवस्थित स्कूल है, जहां ड्रोन वॉरियर्स और ड्रोन कमांडो तैयार किए जाएंगे।

    पंजाब फ्रंटियर का पहला बैच

    वर्तमान में, पंजाब फ्रंटियर की 30 महिला जवानों का पहला बैच 6 सप्ताह की ट्रेनिंग ले रहा है। इन्हें ड्रोन हमलों से निपटने, ड्रोन के माध्यम से हमला करने के टिप्स, ड्रोन उड़ाने, नियंत्रित करने और निगरानी मिशनों के लिए डेटा एकत्रित करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    ग्वालियर के डबरा स्थित बीएसएफ अकादमी ने ड्रोन ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें इन प्रशिक्षित महिला जवानों ने ड्रोन वॉर को लेकर डैमो दिया। इसमें लोकेशन का पता लगाना, हमला कर लौटना और कंट्रोल रूम से प्लान तैयार करना जैसे इवेंट शामिल थे।

    महिलाएं कमांड भूमिका का पालन अच्छी तरह करती हैं- डॉ. शमशेर सिंह

    बीएसएफ अकादमी के निदेशक डॉ. शमशेर सिंह ने बताया कि महिला प्रहरियों को प्रशिक्षित करने के पीछे उनका यह मानना है कि महिलाओं में धैर्य, आत्मविश्वास, सटीक निशाना लगाने के साथ ही वे कमांड भूमिका का अच्छी तरह से पालन करती हैं। डॉ. सिंह ने जोर दिया कि वर्तमान में युद्ध और बॉर्डर सुरक्षा में ड्रोन टेक्नोलॉजी के बिना काम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में ड्रोन से निगरानी रखना, दुश्मन के ड्रोन को गिराना और ऑपरेशन लॉन्च करना आदि काम होंगे।

    प्राथमिक इलाज पहुंचाने में भी सहायक

    निदेशक ने बताया कि ड्रोन केवल हमला करने या निगरानी के लिए ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति में प्राथमिक इलाज पहुंचाने में भी सहायक होंगे, खासकर उन दुर्गम स्थानों पर जहां घायल जवान तक तुरंत पहुंचना संभव नहीं होता। यह प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 'दुर्गा ड्रोन वाहिनी' की ये महिला जवान हर परिस्थिति में सीमाओं पर देश विरोधी दुश्मनों से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।

  • मध्यप्रदेश में बड़ी राहत: दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को मिला 1.80 करोड़ का भुगतान

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का 16-31 अक्टूबर तक का बकाया वेतन जारी कर दिया। इससे 2,500 से अधिक कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर है, जिनका लगभग 1.80 करोड़ रुपए का वेतन नए अटेंडेंस सिस्टम लागू होने के कारण रुका हुआ था।

    नए अटेंडेंस सिस्टम से हुई थी देरी

    नगर निगम में हाल ही में लागू किए गए नए अटेंडेंस सिस्टम के कारण कर्मचारियों के वेतन में देरी हुई थी। इससे पहले सात नवंबर को निगम प्रशासन ने 1-15 अक्टूबर का वेतन जारी किया था, लेकिन बाकी बकाया राशि न मिलने से कर्मचारी असंतोष जता रहे थे।

    कर्मचारियों ने कियाथा प्रदर्शन

    कर्मचारियों ने इससे पहले माता मंदिर मुख्यालय के सामने जमा होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। सफाई कर्मचारियों की नाराजगी इतनी अधिक थी कि उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर कचरा वाहन नहीं चलाए, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। निगमायुक्त संस्कृति जैन के हस्तक्षेप के बाद ही सफाई कार्य फिर से शुरू हो सका था। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि 16-31 अक्टूबर का वेतन 10-11 नवंबर को जारी किया जाएगा। प्रशासन ने अपना वादा निभाते हुए 10 नवंबर को ही वेतन जारी कर दिया।

  • दिल्ली धमाके की साजिश नाकाम, भोपाल और ब्यावरा के युवक हिरासत में

     भोपाल 

    दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम को चलती कार में हुए धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया। दिल्ली पुलिस ने इससे पहले 8 सितंबर को ब्यावरा (राजगढ़) से कामरान और 16 अक्टूबर 2025 को भोपाल से पकड़ा था। 

    सीरिया से मिला था ब्लास्ट का आदेश

    भोपाल के निशातपुरा इलाके से 20 साल के अदनान को संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया। वह सीरिया में बैठे ISIS कमांडर के सीधे संपर्क में था और वहीं से उसे दिल्ली में धमाका करने का संदेश मिला।

    अदनान इंडस रीजेंसी कॉलोनी, मकान नंबर ए-46 में रहता है। उसके पिता गुलफाम, एक प्रतिष्ठित कंपनी में अकाउंटेंट हैं। अदनान ने 12वीं में 97% अंक हासिल किए थे, इसलिए पिता ने उसे सीए की तैयारी कराई।

    पड़ोसियों के अनुसार अदनान फिटनेस पर ध्यान देता था और ज्यादातर समय अपने कमरे में बिताता था। उसने डार्क एप्स, टेलीग्राम और IMO के जरिए सीरिया में बैठे ISIS कमांडर के कहने पर धमाका करने की तैयारी शुरू की।

    अदनान ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हथियार जुटाए और धार्मिक कट्टरपंथ से जुड़ी पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए।

    अदनान हक्कानी का अनुयायी

    पूछताछ में अदनान ने कबूला कि वह रोज 8-10 घंटे तक लैपटॉप और फोन पर काम करता था। वह खुद को भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी सिराजुद्दीन हक्कानी का अनुयायी मानता है।

    लखनऊ FSL रिपोर्ट के अनुसार, अदनान ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की फोटो पर उर्दू में 'काफिर' लिखी थी और 2024 में फिल्म “हमारे 12” के विरोध में पोस्ट साझा की थी। वह “खिलजी” नाम से इंस्टाग्राम चला रहा था।

    आईएसआईएस हैंडलर अबू से संपर्क

    दिल्ली की स्पेशल सेल ने 16 अक्टूबर को मोहम्मद अदनान उर्फ अबू मुहरिब नामक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में भोपाल के अदनान का नाम सामने आया। दोनों आईएसआईएस हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी से जुड़े थे।

    अदनान को पुलिस ने उसके घर से धार्मिक किताबों और लैपटॉप के साथ गिरफ्तार किया। उसने इंस्टाग्राम पर फेक आईडी भी बनाई थी।

    कामरान भी आईएसआईएस के लिए काम करता था

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजगढ़ के ब्यावरा से इस्लामिक स्टेट्स ऑफ ईराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़े आतंकी को 8 सितंबर को गिरफ्तार किया। आतंकी का नाम कामरान कुरैशी बताया गया है।

    IED बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद

    दिल्ली दिल्ली पुलिस ने कामरान की गिरफ्तारी के बाद बताया था कि अशरफ दानिश भारत से टेरर मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहा था। रांची में उसके ठिकाने से एक देसी पिस्टल, कारतूस, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर जैसे रसायन, कॉपर शीट, बॉल बेयरिंग, स्ट्रिप वायर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, लैपटॉप, मोबाइल फोन और कैश मिला। कामरान इसी के संपर्क में था और दिल्ली में धमाके की प्लानिंग में जुटा था।

    सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती करते थे आरोपी

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि पकड़े गए संदिग्ध भारत में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे। वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें अपने नेटवर्क में भर्ती करने के लिए करते थे।

    टेरर ग्रुप सांप्रदायिक नफरत फैलाने और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने के मकसद से कई ऑनलाइन ग्रुप भी चलाता था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसी केस में अगस्त 2024 में रांची से डॉ. इश्तियाक को पकड़ा था।

     

  • मध्यप्रदेश के खंडवा में युवा ने अपनाया सनातन धर्म, महादेवगढ़ मंदिर की सुरक्षा में योगदान

    खंडवा
     मध्य प्रदेश के खंडवा शहर स्थित महादेवगढ़ मंदिर में एक और मुस्लिम युवक ने सनातन के प्रति प्रेम दिखाते हुए घर वापसी की। आमिर से अंगद बने युवक ने कहा कि मैं महादेव का चौकीदार बनना पसंद करता हूं। अब वह मंदिर की चौकीदारी करेगा।

    सनातन धर्म में वापसी

    जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कोटवाड़ा निवासी आमिर खान पेशे से चौकीदार है। आमिर ने मंदिर पहुंचकर पुजारी से सनातन धर्म में वापसी की प्रार्थना की। इसके बाद मंदिर समिति के संचालक अशोक पालीवाल ने उसकी भावना का सम्मान करते हुए तत्काल आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं।

     

  • सीजन की सर्दी का प्रहार: भोपाल-इंदौर में अलर्ट, जबलपुर और राजगढ़ में तापमान बेहद गिरा

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत में ही कड़ाके की ठंड ने लोगों को कंपा दिया है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई शहरों में तापमान हिमाचल और उत्तराखंड के हिल स्टेशनों से भी नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर समेत 14 जिलों में कोल्ड वेव (शीतलहर) का अलर्ट जारी किया है।

    पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश पर साफ दिख रहा है। राजधानी भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि इंदौर में 7.9 डिग्री तक लुढ़क गया। तुलना करें तो शिमला में पारा 8.8 डिग्री, मसूरी में 8.6 डिग्री और देहरादून में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। यानी, इंदौर इन हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडा हो गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से आ रही ठंडी हवाओं का असर मंगलवार से और बढ़ेगा। शाजापुर, सीहोर, बैतूल, छतरपुर, पन्ना और रीवा-सतना आदि जिलों में भी शीतलहर चलने की आशंका है। आज भोपाल, राजगढ़ और इंदौर में तीव्र शीतलहर चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक फिलहाल ग्वालियर संभाग में तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई है, क्योंकि इस दिशा से अभी उत्तर की बर्फीली हवाएं नहीं पहुंची हैं।

    जैसे ही ये हवाएं आएंगी, तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि वर्तमान में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिसके कारण प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, एमपी के उत्तरी हिस्से में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इसकी वजह से उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं पूरे प्रदेश में सर्दी बढ़ा रही हैं। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव, जबकि शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, मंडला, रीवा, शहडोल जैसे जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है।

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी जिलों में भी पारा रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। शहडोल का कल्याणपुर इस समय सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 7.2 डिग्री तक पहुंच गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड का सीजन ज्यादा लंबा चलेगा। सामान्यत: नवंबर के अंत से जनवरी तक तेज सर्दी रहती है, लेकिन इस बार हिमालयी क्षेत्रों में जल्दी एक्टिव हुए विक्षोभ के कारण नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही ठिठुरन शुरू हो गई है। अनुमान है कि इस बार सर्दी 80 से 85 दिन तक चल सकती है।

    एमपी के शहरों में शिमला जैसी ठंड रविवार को बड़े शहरों में भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री, इंदौर में 7.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में ही शिमला में पारा 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, जितना शिमला में रात का तापमान था, उतना भोपाल में भी रहा। वहीं, इंदौर में पारा 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस हिसाब से देहरादून (11.7 डिग्री), मसूरी (8.6 डिग्री) और शिमला (8.8 डिग्री) इंदौर से पीछे रहे।

    इस बार ज्यादा दिन तक पड़ेगी तेज सर्दी मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया- पहाड़ों की बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस वजह से ही पारे में खासी गिरावट हुई है। आम तौर पर प्रदेश में तेज सर्दी का असर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होता है, जो जनवरी के आखिरी तक रहता है, लेकिन इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया।

    यदि वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐसे ही एक्टिव रहते हैं तो प्रदेश में तेज सर्दी 75 दिन की बजाय 80 से 85 दिन तक रह सकती है।

    इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है, जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था।

    दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। सोमवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।

  • शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में सामने आया सच: भोपाल की मॉडल खुशबू गर्भवती थीं और बच्चेदानी की नली फटी थी

    भोपाल
    मॉडल खुशबू वर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 वर्षीय मॉडल गर्भवती थी और उसकी फैलोपियन ट्यूब (गर्भाशय नली) पंक्चर हो गई थी, जिससे प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन के चलते मौत होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में मॉडल का बॉयफ्रेंड कासिम पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। कासिम और खुशबू पिछले डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में थे। कासिम ने खुद को निर्दोष बताया है, जबकि खुशबू के परिजनों ने उस पर मारपीट का आरोप लगाया है।

    प्रेग्नेंट थी मॉडल खुशबू वर्मा
    खुशबू वर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वह गर्भवती थी और उसकी बच्चेदानी की नली फट गई थी। यह प्रेग्नेंसी से जुड़ी जटिलता के कारण हुई मौत का मामला हो सकता है। पुलिस इस मामले में मॉडल के बॉयफ्रेंड कासिम से पूछताछ कर रही है, जो फिलहाल हिरासत में है। कासिम और खुशबू पिछले डेढ़ साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।

    'गर्भ में पल रहा बच्चा मेरा'
    कासिम ने पुलिस को बताया कि खुशबू के गर्भ में उसका ही बच्चा था। उन्होंने एक-दूसरे को दो साल से जानने की बात कही है। उनकी मुलाकात एक लाउंज में हुई थी और फिर सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू हुई। 16 महीने पहले उन्होंने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया और लिव-इन में रहने लगे। कासिम ने यह भी कहा कि वे जल्द ही शादी करने वाले थे और उन्होंने हाल ही में अपने परिजनों को इस बारे में सूचित किया था।

    दो महीने पहले विवाद का खुलासा
    कासिम ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसने खुशबू के साथ कभी मारपीट नहीं की और न ही उसके साथ किसी तरह का गलत बर्ताव किया। हालांकि, खुशबू की बड़ी बहन काजल अहिरवार ने पुलिस को बताया कि दो महीने पहले लटेरी में रहने वाले कासिम के एक दोस्त की पत्नी से खुशबू का विवाद हुआ था, तब कासिम ने ही खुशबू से मारपीट की थी।

    डेढ़ महीने से फ्लैट में लगा था ताला
    खुशबू और कासिम भानपुर मल्टी में साथ रह रहे थे, लेकिन करीब डेढ़ महीने से उनके फ्लैट में ताला लगा हुआ था। इसका कारण यह था कि कासिम शराब तस्करी के मामले में जेल चला गया था। जेल से आने के बाद दोनों फिर से साथ रहने लगे थे। खुशबू की मां ने पुलिस को बताया कि दोनों उज्जैन से भोपाल आ रहे थे, तभी रास्ते में बेटी की तबीयत बिगड़ गई। कासिम उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन बेटी को बेसुध देखकर वह भाग गया। मां ने इंसाफ की गुहार लगाई है और बेटी की हत्या करने वाले को सख्त सजा देने की मांग की है।

    खुशबू ने बीच में छोड़ दी पढ़ाई
    पुलिस के अनुसार, खुशबू बीए फर्स्ट ईयर के बाद पढ़ाई छोड़ चुकी थी और तीन साल से भोपाल में रह रही थी। उसने कई लोकल ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग की थी और पार्ट टाइम जॉब करके अपना खर्च चलाती थी। वह अपनी मां से हमेशा बहुत आगे जाने की बात करती थी। डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन के कारण मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन शरीर पर चोटों की पुष्टि नहीं हुई है। कासिम से पूछताछ की जा रही है।

    अस्पताल छोड़कर भाग गया कासिम

    मॉडल के परिवार वालों ने उसके दोस्त कासिम पर हत्या क आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि मुस्लिम बॉयफ्रेंड कासिम उसे अस्पताल में छोडकऱ भाग गया। अस्पताल इंदौर रोड स्थित भैंसाखेड़ी में है। परिजनों का आरोप है कि खुशबू के प्राइवेट पार्ट, कंधे और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। उसकी हत्या की गई है।
    डॉक्टरों ने दी पुलिस को सूचना

    डॉक्टरों ने जांच के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार को पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस ने ही परिवार को सूचना दी। शरीर पर भी चोट के निशान

    डीसीपी बोले- शॉर्ट पीएम में चोट की पुष्टि नहीं डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन के कारण मौत की पुष्टि हुई। शरीर पर चोटों की पुष्टि नहीं हुई है। कासिम से पूछताछ की जा रही है।

    एमपी में 283 लव जिहाद के मामले दर्ज एमपी विधानसभा के पिछले सत्र में एक सवाल के जवाब में दी गई जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत 283 मामले दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े जनवरी 2020 से 15 जुलाई 2024 तक के हैं।

    सबसे अधिक मामले इंदौर और भोपाल में आए हैं। इंदौर में 74 और भोपाल में 33 मामले दर्ज हुए हैं। खंडवा और उज्जैन में 12-12 मामले दर्ज हुए हैं। छतरपुर में 11 मामले दर्ज हैं।

    बता दें इस कानून के तहत दोषियों को 10 साल तक की जेल और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

     

  • रायपुर से नई पहल: छत्तीसगढ़ के आईटीआई कॉलेजों में बड़ा बदलाव, 10,000 युवाओं को मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा

    रायपुर : अब छत्तीसगढ़ में हर साल 10,000 युवा सीखेंगे आधुनिक तकनीक, आईटीआई कॉलेजों में आएगा बड़ा बदलाव

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गुजरात के NAMTECH कॉलेज का किया दौरा

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहाँ की शिक्षण पद्धति, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और तकनीकी सुविधाएँ ध्यानपूर्वक देखीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और यह जाना कि वे किस प्रकार प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।

    मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि अब राज्य के आईटीआई कॉलेजों को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य कौशल भी विकसित कर सकें।

    NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री  साय को अवगत कराया कि गुजरात में उन्होंने एक ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। वहाँ के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार सहयोग करने के इच्छुक हैं, ताकि राज्य के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ एक कॉलेज नई तकनीक में दक्ष हो और वही ज्ञान अन्य कॉलेजों तक पहुँचाए। यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू होने से हर वर्ष लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों की गहराई से समझ विकसित कर सकेंगे। इस प्रकार उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। छत्तीसगढ़ अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव  एस. भारतीदासन तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अचानक पहुंचे सुकमा के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती

    रायपुर : नक्सल लीडरों के परिजनों से मुलाकात कर उपमुख्यमंत्री ने की पुनर्वास की अपील

    नक्सली लीडरों की माताओं ने अपने बच्चों से की अपील अब हथियार छोड़ लौटें समाज में और समाज के बीच रहकर करें विकास

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अचानक पहुंचे सुकमा के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती

    हिड़मा और बारसे देवा के परिजनों से मिलकर पुनर्वास का किया जा रहा प्रयास

    रायपुर

    उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा आज अचानक सुकमा जिले के कोंटा विकासखण्ड के अतिसंवेदनशील ग्राम पूर्वर्ती पहुंचे। जहां उन्होंने गांव में जनचौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में समस्त ग्रामवासी और पूर्वर्ती से संबंध रखने वाले नक्सल लीडर माड़वी हिड़मा एवं बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए। जिसमें माड़वी हिड़मा की माता मती माड़वी पुंजी तथा बारसे देवा की माता मती बारसे सिंगे भी शामिल थीं। उनके साथ बारसे देवा के परिवार से चाचा बारसे ढुंगा, भाई बारसे भीमा, बारसे सन्ना, बारसे आमता, बारसे सीमडा, भतीजा बारसे मड़का, बारसे हिड़मा, बहु बारसे जोगी एवं माड़‌वी हिड़मा के परिजनों में चाचा माड़वी देवा, माड़वी सोमा, चाची माड़वी सुक्‌की, भाई माड़वी हड़मा, माड़वी मासे, बहु माड़‌वी मंगली भी उपस्थित रहे।

    इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात की और गांव में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। जहां ग्रामीणों ने बताया कि पहले यहां ना तो सड़क थी ना ही कोई आधारभूत व्यवस्था और बारिश के दिनों में तो गांव एक टापू बन जाता था ना तो कोई आ सकता था ना जा सकता था। नियद नेल्ला नार योजना से अब गांव में रोड आ गयी है राशन, दवाइयां, खाद अब ग्राम में ही मिल जाता है। उपमुख्यमंत्री ने सभी के साथ मुलाकात कर उनके साथ उनके साथ खाना खाया और उन्हें उपहार भी दिए और उनके द्वारा की गई मांगों को पूरा करने हेतु अधिकारियों को निर्देश भी दिए।

    नक्सल लीडरों के परिजनों से भी उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आत्मीय मुलाकात कर उनके माता पिता से आशीर्वाद लिया। जहां उनकी माताओं मती माड़वी पुंजी तथा मती बारसे सिंगे ने बताया कि वे बड़े गैर जिम्मेदाराना तरीके से सब कुछ छोड़ कर जंगल में हथियार लेकर भटक रहे हैं। उन्होंने अपने बच्चों से अपील करते हुए कहा कि परिवार, गाँव, समाज को छोड़कर जंगल में हथियार लेकर भटकने से किसी का भला नहीं हो रहा है। अपने हथियार छोड़कर पुनर्वास का रास्ता चुनो और समाज, परिवार, परिजनों के बीच रहकर विकास एवं सबके हित के लिए कार्य करें। उनकी माताओं ने भी वीडियो जारी कर अपने बेटों को पुनर्वास करने की अपील की है।

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने परिजनों से कहा कि उनका प्रयास है कि सभी भटके युवा हथियार छोड़ पुनर्वास कर लेते हैं तो शासन उनका ख्याल रखेगी और समाज के बीच रहकर अहिंसक तरीके से मुख्यधारा में शामिल होकर वे क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर सकते हैं। क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए सभी के साथ की आवश्यकता है। ये युवा शक्ति क्षेत्र के विकास की नींव बन सकते हैं।

    उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री शर्मा एवं पूरे शासन-प्रशासन द्वारा क्षेत्र की शांति के लिए हिड़मा और बारसे देवा के साथ दक्षिण बस्तर के भटके युवाओं के पुनर्वास के लिए भी सतत प्रयास किया जा रहा है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने पूर्वर्ती में स्थापित 150 वीं बटालियन के कैंप में जाकर नक्सल मोर्चे पर कार्य करने वाले केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों एवं पुलिस के जवानों से मुलाकात की और उनका प्रोत्साहन किया एवं नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। शर्मा ने कहा कि बस्तर अंचल के प्रत्येक जवान का पराक्रम, त्याग और समर्पण राज्य तथा देश की अमूल्य धरोहर है। उनकी वीरता ने इस क्षेत्र की शांति और विकास की नई दिशा दी है। उन्होंने कैंप परिसर का निरीक्षण कर जवानों से सुरक्षा व्यवस्था, क्षेत्र की परिस्थिति एवं चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जवानों को सुरक्षा के साथ लोगों के कल्याण और सुरक्षा के लिए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर सुकमा देवेश ध्रुव, पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चौहान तथा पूर्वर्ती के ग्रामीण उपस्थित थे।

  • मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से भेंट के लिए रायपुर पहुंचीं महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी

    रायपुर : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने की मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब से सौजन्य भेंट

    गुरु खुशवंत साहेब ने शाल, फल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब जी  से आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ सु आकांक्षा सत्यवंशी ने उनके नवीन आवास नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की।

    भेंट के दौरान आकांक्षा सत्यवंशी ने गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना कर गुरु खुशवंत साहेब को फल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गुरु खुशवंत साहेब ने भी परंपरानुसार शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आकांक्षा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्वकप जीत में उनके अमूल्य योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने परिश्रम, लगन और निष्ठा से यह सिद्ध किया है कि यदि प्रतिभा को अवसर मिले तो वह विश्व मंच पर भी छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन कर सकती है। वे न केवल छत्तीसगढ़ की बेटी हैं, बल्कि सतनामी समाज की भी गौरव हैं। उन्होंने आगे कहा कि  आकांक्षा जैसी बेटियाँ छत्तीसगढ़ की नई दिशा और समाज की प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देती हैं कि समर्पण और शिक्षा के बल पर हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है। सतनामी समाज और छत्तीसगढ़ की हर बेटी में असीम ऊर्जा और प्रतिभा है, हमें उन्हें अवसर, सम्मान और मंच देना होगा ताकि वे विश्व स्तर पर समाज और प्रदेश का गौरव बढ़ा सकें।

    गुरु खुशवंत साहेब ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल एवं युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेल अकादमियों, खेल विज्ञान केंद्रों और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इस अवसर पर मंत्री एवं गुरु खुशवंत साहेब ने आकांक्षा सत्यवंशी से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों से प्रदेश के खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दें, जिससे राज्य और समाज दोनों का नाम गौरवान्वित हो। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी ने आकांक्षा सत्यवंशी जी को छत्तीसगढ़ सरकार, सतनामी समाज और प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • रायपुर: जनजातीय समुदाय के उत्थान हेतु सामूहिक प्रयास जरूरी — मंत्री रामविचार नेताम

    रायपुर : जनजातीय गौरव के लिए हम सबक को मिलकर काम करना होगा: मंत्री  रामविचार नेताम

    'जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

    रायपुर

    आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम  नवा रायपुर अटल नगर स्थित आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में जनजातीय समाज का गौरवशाली ऐतिहासिक, सामाजिक एवं अध्यात्मिक योगदान’’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। 

    आदिम जाति विकास मंत्री  नेताम ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत काफी समृद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है। इस वर्ष बिरसा मुण्डा जी के 150वीं वर्ष पूर्ण होने पर 15 से 20 नवंबर तक जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा चल रहा है। 15 नवंबर को सभी जिलों सहित आश्रम-छात्रावासों में वृहद रूप से जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर जनजातीय नृत्य, गीत-संगीत, लोक कला, वाद-विवाद, भाषण, पेंटिंग सहित विविध आयामों पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ की धरती अंबिकापुर में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से विजेताओं, कलाकारों और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। 

    आदिम जाति कल्याण मंत्री  नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती अंबिकापुर में जनजातीय समाज के ही सर्वोच्च पद पर स्थापित राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आ रही है। यह हम सब के लिए गौरव की बात है। हमें कार्यक्रम में संवेदनशीलता के साथ सहभागी बनते हुए कार्यक्रम को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि विरासत से प्रेरणा लेने से विकास के लिए नयी दिशा भी बनती है। उन्होंने कहा कि विरासत के स्वतंत्रता आंदोलन, अध्यात्म और संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक विकास में योगदान को स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली नयी पीढ़ियों को पुरखों के योगदान से अवगत कराएं ताकि उनसे प्रेरणा ले ओर सही दिशा में भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से जनजातीय बाहुल्य गांवों का कायाकल्प किया जा रहा है। कार्यशाला को अध्यक्ष स्थानीय स्वास्थ्य एवं औषधीय पादप बोर्ड  विकास मरकाम, अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग  रूपसिंह मण्डावी तथा मुख्य वक्ता  रामाधार कश्यप ने भी संबोधित किया। 

    आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख संिचव  सोनमणि बोरा ने कार्यशाला में कहा कि विभाग जनजातीय गौरव एवं अस्मिता के संरक्षण हेतु दस्तावेजीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ ही नयी पहल करते हुए समय-सीमा निर्धारित कर छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वही सुदूर अंचल में निवासरत जनजाति परिवारों एवं उस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास की दिशा में तत्परता से काम कर रही है। यह भी गौरव का विषय है कि हाल ही में 01 नवम्बर को राज्योत्सव के मौके पर देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के करकमलों द्वारा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह संग्रहालय का उद्घाटन हुआ है। स्वागत भाषण टीआरटीआई की संचालक मती हीना अनिमेश नेताम ने दिया और आभार प्रदर्शन आयुक्त डॉ. सारंश मित्तर ने किया।

    कार्यशाला में सभी जिलों के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास, वनवासी कल्याण समिति, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया आह्वान: डिजिटल सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाएं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान दें

    रायपुर : डिजिटल सुरक्षा को जनआंदोलन बनाएं, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ें- मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब

     रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन संस्था के ऑडिटोरियम में किया गया। संगोष्ठी का विषय था- “साइबर और डिजिटल सुरक्षा, डिजिटल युग में चुनौतियाँ और अवसर।”

     डिजिटल युग में सजगता और कौशल ही सुरक्षा की कुंजी -मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब

    प्रदेश के मंत्री, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि डिजिटल युग में हमारा व्यवहार भी डिजिटल हो गया है, इसलिए डिजिटल सुरक्षा अब हमारी जिम्मेदारी बन गई है। हमें तकनीक का उपयोग समझदारी, संवेदनशीलता और सुरक्षा के साथ करना होगा।  उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य का अपना ‘नवा अंजोर 2047 विज़न डॉक्यूमेंट’ जारी किया गया है, जो राज्य को नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप है। 

    हमारे युवा नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें

    गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञान, विज्ञान, कौशल और तकनीक के बल पर राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं। अब समय है कि हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। मंत्री ने छात्राओं को आह्वान किया कि वे साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों की बारीकियों को समझें। उन्होंने कहा भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के युवा इस क्रांति के हिस्सेदार बनें। 

    भारत का बैंकिंग सिस्टम विश्व में सबसे मजबूत

    उन्होंने डिजिटल ट्रांजैक्शन के संदर्भ में सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम आज विश्व का सबसे मजबूत सिस्टम है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी हमारी है। हर व्यक्ति को डिजिटल साक्षर और साइबर जागरूक बनना चाहिए। कार्यक्रम की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जागरूक, कुशल और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। यह पहल ‘सुरक्षित डिजिटल छत्तीसगढ़’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    तकनीकी शिक्षा के नए आयामों पर चर्चा- डॉ. एम. एल. अग्रवाल

    विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. एम. एल. अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय छ.ग., ने अपने वक्तव्य में तकनीकी शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार सीजीआईटी संस्थानों की शुरुआत की गई है और तीन नए संस्थान प्रस्तावित हैं, जो युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

    विशेषज्ञों के व्याख्यान से समृद्ध हुए तकनीकी सत्र

    संगोष्ठी के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. डॉ. नरेश नागवानी (एनआईटी रायपुर) ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर जानकारी दी और डिजिटल सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध टूल्स की जानकारी साझा की। द्वितीय सत्र में प्रो. डॉ. संजय कुमार (पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) ने डिजिटल युग में उभरती चुनौतियों एवं उनके समाधान पर व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम में 150 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता, राष्ट्रीय स्तर के 18 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु संस्था की प्राचार्य डॉ. वर्षा चौरसिया ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं आयोजन टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया।

  • बीएलओ ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को दिया ईएफ फॉर्म, रायपुर में हुई सौजन्य भेंट

    रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल को बीएलओ ने सौंपा ईएफ फॉर्म

    रायपुर
    भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत आज रतनपुर क्षेत्र के भाग संख्या 134 के बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ चौथ कुमार पटेल द्वारा  स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल को Enumeration form  (गणना पत्रक ) प्रदान किया गया।

     इस अवसर पर मंत्री जायसवाल ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाले इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतंत्र में उसकी सशक्त भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे समय रहते मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ें, सुधार कराएं या आवश्यक परिवर्तन करवाएं ताकि आगामी चुनावों में वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

    बीएलओ द्वारा ईएफ फॉर्म प्रदान किए जाने का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों को मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि इस अभियान के प्रति जन जागरूकता बढ़े और कोई भी योग्य नागरिक का नाम छूटे नहीं तथा कोई भी अयोग्य व्यक्ति का नाम जुड़े नहीं । इस दौरान बीएलओ ने मतदाता सूची अद्यतन की प्रक्रिया, ऑनलाइन सुविधा और नए पंजीकरण के लिए उपलब्ध पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

    उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और घर-घर जाकर नागरिकों से संपर्क कर रहे हैं ताकि शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।
    स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने इस पहल को “सशक्त लोकतंत्र का आधार” बताते हुए कहा कि एक मत भी देश की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों को प्रेरित किया कि वे अपने आस-पास के लोगों को भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रेरित करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बीएलओ ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत पात्र मतदाताओं को उनके घरों तक फॉर्म पहुँचाए जा रहे हैं तथा बूथ स्तर पर सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं। वहीं ई-मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को भी अधिक सरल बनाया गया है ताकि युवा मतदाता और नए पंजीकरणकर्ता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकें। रतनपुर क्षेत्र में चल रहे इस अभियान के तहत जनजागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नुक्कड़ संवाद, पोस्टर प्रदर्शन और विद्यालय स्तर पर “मतदाता बने युवा” थीम पर कार्यक्रम शामिल हैं।  Enumeration form (गणना पत्रक ) वितरण का यह चरण जिले के लिए एक उदाहरण बन गया है जहाँ जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।

  • मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, कुल लागत 11.82 करोड़ रुपए

    रायपुर

    बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बस्तर विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों—खण्डसरा, पखनाकोंगेरा, कोटगढ़ और तुरपुरा-1 में कुल 11 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में सिंचाई, जलसंसाधन, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं, जो आने वाले समय में ग्रामीण जीवन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

    जलसंसाधन, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं का हो रहा है विकास

    मंत्री  कश्यप ने खण्डसरा ग्राम पंचायत में कोटगढ़ नाला पर एनिकट निर्माण और ग्रामीण जलापूर्ति सुधार योजना का भूमिपूजन किया, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 298.50 लाख रुपए है। इसी प्रकार पखनाकोंगेरा में मावली माता मंदिर के पास एनिकट निर्माण तथा जल संरक्षण संबंधी कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिनकी लागत लगभग 298.71 लाख रुपए निर्धारित की गई है। कोटगढ़ ग्राम पंचायत में राजेपारा मार्ग एवं नाली निर्माण कार्यों के साथ-साथ जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण की योजनाओं का शुभारंभ हुआ, जबकि तुरपुरा-1 में हाई स्कूल के सामने पुलिया निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जिनकी कुल लागत लगभग 5.30 लाख रुपए है।

    प्रगति की नई पहचान बना बस्तर

    वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि ये योजनाएँ न केवल ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करेंगी, बल्कि कृषि, रोजगार और जल संरक्षण को भी नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रगति की नई पहचान बन चुका है। सरकार का उद्देश्य हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुँचाना है ताकि कोई भी क्षेत्र पिछड़ा न रह जाए।

    जनता स्वयं इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी उठाएं

     कश्यप ने ग्रामीणों से इन विकास कार्यों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि जब जनता स्वयं इन योजनाओं की जिम्मेदारी उठाएगी, तभी विकास का सच्चा उद्देश्य पूरा होगा। इस अवसर पर जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।