• नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने किया 33/11 के.वी. सब स्टेशन का लोकार्पण

     

    भोपाल

    नगरीय प्रशासन मंत्री एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने धार जिले के बाग के अखाड़ा में रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम आरडीएसएस अंतर्गत नए 33/11केवी सब स्टेशन का लोकार्पण किया। उन्होंने प्रदेश शासन को किसानों, ग्रामीणों समेत सभी वर्ग के लिए कल्याणकारी सरकार निरूपित किया। इस अवसर पर धार जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मईड़ा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

    मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के धार अधीक्षण यंत्री  आशीष आचार्य ने बताया कि करीब पौने तीन करोड़ की लागत के इस नए सब स्टेशन से अखाड़ा, महेशरा, सिरपानी, पिपरियापानी, डिलवानी समेत करीब 7 ग्रामों एवं अन्य फलियों के बिजली उपभोक्ताओ को फायदा मिलेगा। इस नए सब स्टेशन से आपूर्ति के बाद बाग सब स्टेशन पर लोड घटेगा। उन्होंने बताया कि धार जिले में आडीएएस अंतर्गत प्रत्येक बिजली संभाग में सब स्टेशन, केबल, ट्रांसफार्मर, पोल, कंडक्टर इत्यादि के कार्य बड़ी संख्या में हो रहे हैं।

  • राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर रीवा को मिलेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्वविद्यालय स्टेडियम रीवा में आयोजित स्व. भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बड़े आयोजनों का केन्द्र बनता जा रहा है। समाजसेवी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में रीवावासियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लगातार 10वें वर्ष में सफलतापूर्वक आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाने का अवसर मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रीवा में सैनिक स्कूलों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। हमने कुछ दिनों पहले ही नौ सेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का नागरिक अभिनंदन किया था। रीवा में 6 से 9 नवम्बर तक अखिल भारतीय साहित्य परिषद का अधिवेशन भी आयोजित किया गया।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेरे पूज्य पिताजी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल से ही मुझे जनसेवा और समाज सेवा के संस्कार मिले हैं। उनके आशीर्वाद से ही मुझे जन-कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करने की शक्ति मिलती है। पूज्य पिताजी से मिले संस्कार, गौमाता और आमजनों से मिला आशीर्वाद सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन रीवा ही नहीं पूरे विन्ध्य के लिए ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। आज से रीवा से दिल्ली के लिए 72 सीटर हवाई सेवा शुरू हो गई है। यह हवाई सेवा विन्ध्य के विकास की बड़ी छलांग साबित होगी।

    उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रंद्धाजलि दी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। प्रतियोगिता 10 से 16 नवम्बर तक राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर रीवा नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय,  राजगोपाल मिश्रा चारी,   सतीश सिंह,  प्रकाश सोनी,  गौरव पाण्डेय,  अखिलेश शुक्ला,   अरूण मिश्रा तथा स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • राशि बढ़ी तो खुशी से झूमीं लाड़ली बहनें

     

    भोपाल

    खुशियां लेकर आई खबर ने ग्वालियर जिले की लाड़ली बहनों का भी उत्साह बढ़ा दिया है। रोजमर्रा के काम में जुटीं महिलाओं को जब पता चला कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लाड़ली बहना की मासिक सहायता राशि 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए करने का निर्णय लिया गया है तो सभी महिलायें खुशी से झूम उठीं।

    ग्वालियर जिले के ग्राम धनेली निवासी श्रीमती प्रीति मौर्य का कहना है कि लाड़ली बहना योजना हमारे लिये बड़ा सहारा है। हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहायता राशि बढ़ाकर इस सहारे को आज और मजबूत कर दिया है। इसी तरह ग्राम भदरौली निवासी श्रीमती मोनी बोलीं कि लाड़ली बहना से मुझे सिर्फ धनराशि ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास भी मिल रहा है, जिसे मुख्यमंत्री भैया ने आज और बढ़ा दिया है।

          ग्वालियर शहर के छप्पर वाला पुल क्षेत्र की निवासी श्रीमती नर्मदा कुशवाह के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। वे बोलीं कि अब हम अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में और सहूलियत हो गई है। आरोन ग्राम में रह रहीं श्रीमती पूजा भी काफी खुश थीं , उनका कहना था कि मुख्यमंत्री भैया ने महिलाओं के स्वावलम्बन की चिंता की है। इसी प्रकार ग्वालियर शहर की निवासी श्रीमती पूजा शुक्ला बोलीं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज हमारी खुशियों में और इजाफा कर दिया है।

    घर में होने जा रही शादी की खरीददारी करने बाजार के लिये निकलीं सरोज, रेखा, कृष्णा व उर्वशी आपस में बतिया रहीं थीं कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेटी, बहू और माँ सहित सभी महिलाओं के मान-सम्मान और जरूरतों का पूरा ध्यान रख रहे हैं।

    ग्वालियर जिले में लगभग 3 लाख 5 हजार 600 से अधिक महिलायें “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” से जुड़ी हैं। नवम्बर माह से अब जिले की सभी लाड़ली बहनों के खातों में 1500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से कुल मिलाकर 45 करोड़ 25 लाख रूपए से अधिक धनराशि पहुँचेगी।

  • सरकार का बड़ा फैसला: मध्य प्रदेश में शत-प्रतिशत विवाह पंजीयन के निर्देश जारी

    सागर 

     शादी के शत प्रतिशत पंजीयन को लेकर अब सरकार विभिन्न प्रकार की पहल करने जा रही है. राज्य सरकार के योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे इंतजाम किए जाएं, जिससे हर साल होने वाले विवाहों का शत प्रतिशत पंजीयन हो सके. इसके लिए कई तरह के सुझाव भी दिए गए हैं. हालांकि, कलेक्टर को अपने स्तर पर ऐसी व्यवस्था करने को कहा गया है, जिससे शत प्रतिशत विवाह पंजीयन का लक्ष्य पूरा हो सके.

    विवाह पंजीयन के लिए दिशा निर्देश

    इन निर्देशों के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में मौके पर ही विवाह पंजीयन किया जाए. इसके अलावा मैरिज गार्डन और शादी घरों में अनिवार्य रूप से विवाह पंजीयन के लिए दिशा निर्देश जारी किए जाए और प्रचार प्रसार भी किया जाए.

    पति की मौत के बाद परेशानियां

    देवउठनी एकादशी के बाद से ही शादियों का सिलसिला शुरू हो गया है. योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग ने विवाह पंजीयन का महत्व लोगों को बताने के लिए शत प्रतिशत विवाह पंजीयन कराने पर जोर दिया है. इस काम को पूरा करने के लिए सभी कलेक्टर को दिशा निर्देश जारी किए हैं.

    विभाग का कहना है कि विवाह पंजीयन से दंपत्ति को कानूनी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा. मध्य प्रदेश विवाह रजिस्ट्रेशन नियम 2008 के तहत राज्य के भीतर भारत के नागरिकों के बीच किसी भी विधि के अधीन किये गये विवाह का पंजीयन किया जाता है. विवाह पंजीयन नहीं होने पर महिलाओं को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पति की मृत्यु के बाद उनको मिलने वाले हक और अधिकार और अन्य भुगतान में परेशानी होती है.

    सामूहिक विवाह सम्मेलन में तत्काल पंजीयन

    आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के आयुक्त विकास मिश्रा का कहना है कि "विवाह पंजीयन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने पर सभी कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया गया है. इनमें आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान, मुख्यमंत्री निकाह एवं सामूहिक विवाहों में कार्यक्रम स्थल पर ही विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने की व्यवस्था की जाए."

    इसके अलावा सामूहिक विवाह कराने वाली संस्थाओं को प्रचार प्रसार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. विवाह पंजीयन की जागरूकता और अनिवार्यता को लोगों तक पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्थल, मैरिज गार्डन और शादी घरों में ऐसी व्यवस्था किया जाए, जिससे लोग तत्काल विवाह पंजीयन कराएं. मैरिज गार्डन संचालकों के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी कराए जाएं कि वो तत्काल विवाह पंजीयन के लिए प्रेरित करने के साथ मदद करें.

  • पीएम मोदी के साक्षी बनने जा रहे ध्वजारोहण समारोह के लिए अयोध्या में भव्य इंतजाम, 5000 कमरे और टेंट सिटी

    अयोध्या 
     भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य आयोजन की साक्षी बनने जा रही है. 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था कर रहा है. 5 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में संपन्न होगा.

    इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रस्ट की ओर से अब तक 6000 से अधिक लोगों को निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं. इन अतिथियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए शहर में लगभग 5000 से ज्यादा कमरे तैयार किए गए हैं. इनमें से 1600 कमरे राम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष रूप से बुक किए हैं, ताकि मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां करीब ढाई हजार लोगों के ठहरने की उच्च स्तरीय व्यवस्था होगी.

    6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था
    कार्यक्रम के दिन 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था की गई है. हर अतिथि को सुव्यवस्थित ढंग से नाश्ता, भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, अयोध्या में बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात और पार्किंग की विशेष योजना भी तैयार की गई है. शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा ताकि कोई जाम या असुविधा न हो.

    मंदिर ट्रस्ट ने की अतिथियों से ये अपील
    राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी आमंत्रित अतिथियों से आग्रह किया है कि वे 24 नवंबर की शाम तक अयोध्या पहुंच जाएं, जिससे अगले दिन के मुख्य कार्यक्रम में उन्हें कोई दिक्कत न हो. अतिथियों का प्रवेश मंदिर के मुख्य दर्शन मार्ग से कराया जाएगा और उनके बैठने की व्यवस्था मंदिर परिसर के परकोटे के कोर्टयार्ड में की जाएगी. ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. पूरी अयोध्या को इस अवसर पर सजाया-संवारा जा रहा है, और पूरे देश की निगाहें 25 नवंबर के इस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हुई हैं.

  • मुख्य सचिव जैन बोले – स्थानीय जनजातीय समुदाय का सशक्तिकरण हो लक्ष्य

    भोपाल

    जनजातीय गौरव दिवस 2025 धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा 150वीं जयंती समापन वर्ष के कार्यक्रम में स्थानीय जनजाति समुदाय के सशक्तिकरण के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सोमवार को मंत्रालय में 15 नवम्बर को होने वाले जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। राज्य स्तरीय समारोह जबलपुर और आलीराजपुर में आयोजित होंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्मिलित होंगे।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिलों, विकासखंडो में स्थानीय कार्यक्रमों के साथ ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं में गौरव दिवस आयोजित किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जबलपुर के कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल होंगे। मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के साथ ही अन्य जनजातीय नायकों के सम्मान में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार राष्ट्रीय एवं राज्यस्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकारों, जनजातीय मुखियाओं, मेधावी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों के सम्मान के साथ हितग्राहियों को लाभ वितरण होगा।

    राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अलावा जिला स्तरीय और स्थानीय कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन तथा लोकार्पण भी होगा। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि जनजातीय हितग्राहियों से संबंधित समस्त विभागों की योजनाओं तथा नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई जाए। आयुष्मान योजना और सिकल सेल एनीमिया के कार्ड वितरण के अतिरिक्त आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जन-मन एवं धरती आबा अभियान के तहत गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएं। आयोजनों में जनजातीय क्रॉफ्ट व्यंजन एवं लोकगीत लोक-कलाओं, जनजातीय महानायकों के जीवन चरित्र से संबंधित नाटिकाओं का मंचन होगा।

    मुख्य सचिव श्री जैन ने संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास को हितग्राही मूलक कार्यक्रमों के लाभ, भूमि-पूजन, लोकार्पण, जनजातीय महानायकों की प्रतिभाओं, पूजा स्थलों, देव-स्थान आदि पर सम्मान एवं सभा आयोजित करने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग सिकल सेल एनीमिया पर केंद्रित स्वास्थ शिविर और मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रदर्शन करेगा। स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थी मूलक विभिन्न कार्यक्रम करेगा। वन, महिला एवं बाल विकास, खेल एवं युवा कल्यण और नगरीय प्रशासन विभाग भी जनजातीय समुदाय से जुड़ी योजनाओं पर फोकस कार्यक्रम करेगा।

    जनजातीय कार्य विभाग को कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्थानीय और जिला स्तरीय कार्यकमों के आयोजन कार्य योजना अनुरूप हो। जिला कलेक्टर्स से प्रतिदिन रिपोर्ट आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए है। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा ने संपूर्ण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने पिछले 10 दिनों से जारी विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि मध्यप्रदेश गतिविधियों को आयोजन में देश में दूसरे स्थान पर है। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव भी उपस्थित थे।

  • उच्च शिक्षा विभाग की पहल: 38 संस्थानों को NIRF रैंकिंग में भागीदारी के लिए तैयार किया जाएगा

    प्रदेश के 38 उच्च शिक्षण संस्थानों को एनआईआरएफ की प्रक्रिया में शामिल होने प्रशिक्षित करेगा उच्च विभाग

    प्रति मंगलवार आनलाइन दिया जाएगा प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा विभाग की पहल

    भोपाल 

    प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों एनआईआरएफ से मिलने वाले अंक के लिए आवेदन कर सके, इसके लिए प्रदेश के 38 उच्च शिक्षण संस्थानों (विश्वविद्यालय-महाविद्यालय) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उच्च शिक्षण  संस्थानों को यह प्रशिक्षण प्रति मंगलवार ऑनलाइन दिया जाएगा, जो पांच सप्ताह तक चलेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए बकायदा कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। प्रशिक्षण के लिए चयनित महाविद्यालयों को एनआईआरएफ के बारे में विशेषज्ञों द्वारा अवगत कराया जाएगा। साथ ही उसके मापदंड भी बताए जाएंगे। प्रति मंगलवार को होने वाले इस प्रशिक्षण में अलग अलग विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    क्या है एनआईआरएफ

    भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के माध्यम से उच्च शिक्षा संस्थानों को उनकी गुणवत्ता और प्रदर्शन के आधार पर रैंक करने की एक प्रक्रिया है। यह देश भर के संस्थानों को रैंकिंग प्रदान करने के लिए एक पद्धति का उपयोग करता है। साथ ही विभिन्न मापदंडों जैसे शिक्षण, सीखने और संसाधन, अनुसंधान, स्नातक परिणाम,  समावेशिता और सहकर्मी धारणा के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन करता है।

    इन गतिविधियों के बारे में दिया जाएगा प्रशिक्षण

        फैकल्टी मेंबर एवं विद्यार्थियों कोगुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और नवाचार में संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित करना।

        शैक्षणिक संस्थाओं को औद्योगिक संस्थानों के साथ जोड़ने एवं ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए प्रोत्साहित करना।

        प्रकाशन, पेटेंट और वित्तपोषित परियोजनाओं के माध्यम से अनुसंधान के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करनासाक्ष्य एवं परिणाम आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देना।

     

  • खनिज-उद्योग गतिविधियों, धार्मिक स्थल और नेशनल पार्क सबके लिए वरदान होगी यह विमान सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार मुख्यमंत्री ने रीवा-नई दिल्ली विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को वी.सी. से किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने एविएशन क्षेत्र में पूरे देश में अग्रणी स्थिति बनाई है। रीवा-दिल्ली-रीवा विमान सेवा से विंध्य क्षेत्र के विकास के आज से नए द्वार खुल रहे हैं। एक समय जिस क्षेत्र में रेल नहीं मिलती थी, आज वहां से विमान सेवा आरंभ हो रही है। पहले रीवा से दिल्ली जाने में करीब 15 घंटे का समय लगता था, लेकिन अब यह दूरी बड़ी आसानी से लगभग 2 घंटे में तय होगी। विंध्य वाले भी गर्व से कह सकेंगे कि अब दिल्ली दूर नहीं है। विंध्य क्षेत्र, पूरे देश का प्रमुख औद्योगिक और धार्मिक केंद्र है। खनिज संपदा और उद्योगों से समृद्ध यह क्षेत्र, माँ शारदा धाम मैहर और चित्रकूट की आस्था से भी जुड़ा है। विमान सेवा से बांधवगढ़ नेशनल पार्क, पन्ना नेशनल पार्क, खजुराहो और अमरकंटक से भी कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह विमान सेवा खनिज-उद्योग गतिविधियों, धार्मिक स्थल और नेशनल पार्क सबके लिए वरदान सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रीवा से नई दिल्ली विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    देवतालाब के भोलेनाथ और चित्रकूट के भगवान श्रीराम का स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के शुभारंभ में देवतालाब के भोलेनाथ स्वयं-भू महामृत्युंजय शिवजी और चित्रकूट के भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए कहा कि माँ शारदा भवानी की कृपा से विंध्य को यह सौगात मिली है, यह पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि विंध्य जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़कर प्रदेश की प्रगति को नई उड़ान देने के लिए सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पिछले साल ही रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए बिजली की गति से काम करते हुए आज रीवा-दिल्ली के बीच हवाई सेवा शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने रीवा को प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

    प्रदेश में चिकित्सा और पर्यटन के‍लिए हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता का प्रभावी नेतृत्व होने के बाद भी विंध्य क्षेत्र में लंबे समय तक रेल सुविधाओं का अभाव रहा। यह सर्वविदित है कि सुदृढ़ परिवहन किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। आज शुरू हो रही रीवा-दिल्ली विमान सेवा उसी दिशा में प्रदेश का एक सुदृढ़ कदम है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा का चिकित्सा और पर्यटन के लिए विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा जैसी अभिनव पहल ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता में नई मिसाल कायम की है। यह सेवा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए वरदान है।

    मध्यप्रदेश विमानन क्षेत्र में तेजी से कर रहा है प्रगति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जो विमानन क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। राज्य सरकार स्पष्ट विजन के साथ हर 150 किलोमीटर पर एक वाणिज्यिक हवाई अड्डा, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपेड उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। पिछले 2 वर्षों में रीवा, सतना और दतिया 3 नए एयरपोर्ट शुरू हुए। इसके पहले 68 वर्षों में केवल 5 एयरपोर्ट विकसित हुए थे। आज प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियाँ तथा 220 हेलीपेड मौजूद हैं। जल्द ही उज्जैन और शिवपुरी में 2 नए एयरपोर्ट विकसित होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की है।

    अलायंस एयर संचालित करेगा रीवा-दिल्ली विमान सेवा

    रीवा-दिल्ली हवाई सेवामध्यप्रदेश विमानन नीति-2025 के अंतर्गत VGF प्रावधानों से वित्त पोषित है। यह हवाई सेवा अलायंस एयर द्वारा संचालित की जाएगी। रीवा हवाई अड्डे का उद्घाटन वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। यह अब 3C-IFR श्रेणी के हवाई अड्डों में शामिल है, जिससे रात्रिकालीन विमान संचालन भी संभव हो सकेगा। विमानन विभाग ने प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर अलायंस एयर को रीवा-दिल्ली हवाई सेवा के संचालन के लिए लेटर ऑफ अवार्ड सौंपा था। यह नई हवाई सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। रीवा में आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, श्री गणेश सिंह, श्री राजेश मिश्रा, विधायक श्री गिरीश गौतम, श्री नागेन्द्र सिंह, श्री नरेन्द्र प्रजापति, श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, श्री विक्रम सिंह, श्रीमती रीति पाठक, अध्यक्ष नगर निगम रीवा श्री व्यंकटेश पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल उपस्थित थीं।

     

  • एसआईआर को निर्देशित किया गया, कार्यों में गंभीरता और प्राथमिकता दिखाने को कहा

    एसआईआर का कार्य गंभीरता और प्राथमिकता के साथ करें

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  संजीव कुमार झा ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एसआईआर कार्य की प्रगति की समीक्षा की, दिए आवश्यक दिशा निर्देश

    भोपाल 

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र  संजीव कुमार झा ने सोमवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक निर्वाचन सदन, भोपाल में हुई। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने कहा कि समस्त सुपरवाईजरर्स, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारीगण अपने बीएलओ से बात करें और मैपिंग तथा एन्यूमरेशन फार्म का वितरण कार्य सम्पन्न कराएं। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही ना की जाए। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से स्वयं और समस्त बीएलओ फील्ड पर मौजूद रहे। प्रत्येक बीएलओ के कार्य की दिन में 3 बार समीक्षा करें और प्रगति से अवगत कराएं। स्वयं भी फील्ड में रहें और जहां कार्य की प्रगति कम हो, वहां स्वयं जाकर बीएलओ से कार्य कराएं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने एन्यूमरेशन फार्म वितरण की जानकारी प्राप्त कर कहा कि शत प्रतिशत मतदाताओं तक समय पर फार्म पहुंचाना सुनिश्चित करें। काम की गति बढ़ाएं। निर्वाचन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी तत्परता से बीएलओ एप में अपडेट करें। सभी अधिकारी एसआईआर के कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ करें। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  रामप्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  संजय वास्तव,  राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • भोपाल का नाम बदलने पर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने BJP की नीयत पर उठाए सवाल

    भोपाल 
    भाजपा सांसद आलोक शर्मा की राजधानी भोपाल का नाम बदलने की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश में सियासी घमासान शुरु हो गया है। कांग्रेस ने भोपाल परिवर्तन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे महज एक राजनीतिक शिगूफा बताया है और आरोप लगाए हैं कि सरकार ऐसे बेकार के मुद्दों को छोड़कर विकास के कार्य की ओर ध्यान दें।

    कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने कहा कि आलोक शर्मा जी भोपाल का नाम वैसे भी गड्डों के शहर के नाम से विख्यात हो चुका है। 90 degree के नाम से विख्यात हो चुका है। आज भोपाल शहर की जो दुर्दशा है वह किसी से छुपी नहीं है। लेकिन आप सिर्फ नाम बदलने की सियासत कर रहे हैं, राजनीति कर रहे हैं। हिंदू मुस्लिम को बांटने का काम कर रहे हैं। नाम बदलना है आपका double engine की सरकार है बदल दीजिए लेकिन काम तो करिए। भोपाल जिस तरीके से आज जूझ रहा है- सांस लेना मुश्किल हो गया है, पॉल्यूशन बढ़ गया है, अपराध बढ़ रहे हैं। इन सब पर आपका मुंह नहीं खुलता है लेकिन नाम बदलने पर खुलता है।

    बता दें कि भोपाल शहर का नाम महान राजा भोज के नाम पर रखने की तैयारी शुरू हो गई है। सांसद आलोक शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि वे भोपाल का नाम राजा भोजपाल करने का प्रस्ताव संगठन और सरकार के समक्ष रखेंगे।

    सांसद ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब राजा भोज की देन है, इसलिए शहर का नाम भी उन्हीं के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को पहले नगर निगम से पारित कराया जाएगा, फिर राज्य सरकार और अंत में केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। आलोक शर्मा ने कहा—मैं लोकसभा में भोपाल की आवाज़ को दमदारी से रखूंगा और शहर के गौरवशाली इतिहास को उसका असली सम्मान दिलाऊंगा।

  • विकास संवाद: डिप्टी सीएम विजय शर्मा पहुंचे हिड़मा के गांव, कहा – अब बस्तर विकास की राह पर

    बीजापुर

    प्रदेश के गृहमंत्री व उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इन दिनों बस्तर संभाग के दौरे पर हैं। वे संभाग के सभी जिलों का दौरे कर नक्सल उन्मूलन विषयों पर पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कर फीडबैक ले रहे हैं।

    उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा रविवार को दो दिवसीय दौरे पर बीजापुर पहुंचे। सोमवार को बीजापुर कलेक्टर सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही डिप्टी सीएम चॉपर से बीजापुर व सुकमा जिले के बॉर्डर व कुख्यात नक्सली लीडर हिड़मा के गांव पूर्ववर्ती पहुंचे और ग्रामीणों से सीधी बात की।

    इस दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य गांव के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। डिप्टी सीएम ने कहा, बस्तर संभाग को नक्सल मुक्त बनाना है और देश में सर्वोच्च स्थान की ओर ले जाना है। इसके लिए हम सबको, समाज को आगे आकर कार्य करना है। इस दौरान बस्तर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर, एसपी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सिंचाई सुविधाओं का विस्तार ही प्रदेश के समग्र विकास का है आधार

     

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश एक बार भी इतिहास बनाने जा रहा है। प्रदेश का हरदा जिला जल्द ही शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हरदा जिले में शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रगति पर है। करीब 756.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से हरदा जिले के 39 हजार 976 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी। बीते 16 महीनों में इसका 42 प्रतिशत से अधिक काम  पूरा हो चुका है। इस परियोजना से हरदा जिले की तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी पहुंचेगा। इससे जिले के वे सभी किसान भी लाभान्वित होंगे जो अब तक कमांड एरिया के गांव में कोई योजना न होने के कारण सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर हरदा प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ हेक्टेयर कृषि रकबे को सिंचित बनाना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है और हम इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से लागे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की 268वीं, नर्मदा नियंत्रण मंडल की 85वीं और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के गवर्निंग बोर्ड की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में नर्मदा घाटी प्राधिकरण एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल द्वारा प्रस्तावित सभी परियोजना प्रस्तावों एवं उनके उपबंधों का अनुमोदन किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की सिंचाई परियोजनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाएं हर हाल में तय समय-सीमा में ही पूरी की जाएं। समय-सीमा में वृद्धि न की जाए। मुख्यमंत्री ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कंपनी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के बारे में कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एशियन और इंटरनेशनल मौद्रिक संस्थाओं से उच्च स्तर का समन्वय किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़े सभी प्रकार के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। विभागीय वरिष्ठ अधिकारी केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ सतत् समन्वय करें और प्रदेश के तय लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फोकस्ड होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य श्रेणी के निर्माण कार्य अनिवार्यत: दिसंबर 2027 तक पूर्ण हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पड़ौसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी-लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए, ताकि मध्यप्रदेश के किसानों को अधिकतम जलराशि का लाभ मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक एवं परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनियों के सीएसआर फंड से भी सहयोग लिया जाए।

    जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बीते 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों के जनजातीय अंचलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं पर शासन द्वारा कुल 6,640 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इससे इन तीन जिलों के लगभग 600 गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का यह विस्तार प्रदेश के समग्र विकास का आधार बनेगा।

    अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल एलाईनमेंट के मध्य मिट्टी स्थिरीकरण के लिए केमिकल/कोल ग्राउटिंग मात्राओं की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शेष काम मात्र सवा 2 महीने में पूरा हो जाएगा। यह परियोजना 31 जनवरी 2026 तक पूरी कर ली जाएगी, इससे पूरा क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बन जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से लेस करने के लिए इसे पार्वती, कालीसिंध और चंबल राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट और मंदाकिनी नदी में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की संयुक्त सिंचाई परियोजना के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से में आने वाले जल का पूरा लाभ सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था में सुनिश्चित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि बड़नगर, नीमच और जावद सहित अन्य क्षेत्रीय सिंचाई परियोजनाओं को मिलाकर करीब 12,000 करोड़ रुपये के परियोजना प्रस्ताव केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय को भेज दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस संयुक्त परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) मांगी है। डीपीआर स्वीकृत होने पर यह संयुक्त परियोजना केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक परियोजना का हिस्सा बनेगी। उन्होंने बताया कि ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए भी महाराष्ट्र सरकार से लगातार समन्वय किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह फाइनल स्टेज पर है। आईएसपी- कालीसिंध उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का भी 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम 31 दिसम्बर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। डही उद्वहन माईक्रो सिंचाई परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष काम 30 जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि नर्मदा नियंत्रण मंडल के अधीन सेंधवा (बड़वानी) माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम भी तेजी से जारी है। इससे बड़वानी जिले के 29 गावों की 9 हजार 855 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई होगी। इसी तरह बड़वानी जिले में ही निवाली उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम पूरा होने पर करीब 92 गांवों की 33 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित की जाएगी। माँ रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना- जिला देवास से बारना परियोजना के अंतिम छोर (टेल एण्ड एरिया) तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा।

    बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH का भ्रमण

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात के गांधीनगर स्थित NAMTECH का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहाँ की शिक्षण पद्धति, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और तकनीकी सुविधाएँ ध्यानपूर्वक देखीं। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और यह जाना कि वे किस प्रकार प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अब राज्य के आईटीआई कॉलेजों को इस तरह विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाएँ शुरू की जाएंगी, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य कौशल भी विकसित कर सकें।

    NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि गुजरात में उन्होंने एक ऐसा मॉडल अपनाया है, जिसके अंतर्गत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। वहाँ के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी प्रकार सहयोग करने के इच्छुक हैं, ताकि राज्य के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ एक कॉलेज नई तकनीक में दक्ष हो और वही ज्ञान अन्य कॉलेजों तक पहुँचाए। यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में लागू होने से हर वर्ष लगभग 10,000 से अधिक युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त होगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों की गहराई से समझ विकसित कर सकेंगे। इस प्रकार उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। छत्तीसगढ़ अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है, जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • किसानों के खातों में 13 नवम्बर को भावांतर योजना के अंतर्गत जारी की जाएगी राशि

    भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर 15 नवम्बर को जबलपुर और आलीराजपुर में होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने भावांतर योजना के बेहतर मॉडल रेट और समाधान योजना से मिली राहत के लिए दी बधाई

    किसानों के खातों में 13 नवम्बर को भावांतर योजना के अंतर्गत जारी की जाएगी राशि

    केवड़िया गुजरात में जारी भारत पर्व में 11 नवम्बर को होगी मध्यप्रदेश की प्रस्तुति

    जिलों के गौरव दिवस मनाने के संबंध में दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में भावांतर योजना के अंतर्गत मॉडल रेट से किसानों को हुए लाभ और समाधान योजना से बिजली उपभोक्ताओं को मिली राहत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि 13 नवंबर को देवास से किसानों के खातों में भावांतर योजना के अंतर्गत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर 15 नवंबर को मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के संबंध में बताया‍ कि जबलपुर और आलीराजपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का दल सहभागिता करेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई प्रभावी आत्म समर्पण नीति के परिणामस्वरूप महिला नक्सली सुनीता द्वारा किया गया आत्मसमर्पण मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा वर्ल्ड कप 2025 जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि टीम में छतरपुर जिले के घुवारा की तेज गेंदबाज क्रिकेटर क्रांति गौड ने देश-दुनिया में मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। क्रिकेटर सु क्रांति का भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जबलपुर में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 1 से 5 दिसम्बर तक 16वीं विधानसभा का सप्तम सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 4 कार्य दिवस होंगे। उन्होंने जिलों के गौरव दिवस मनाने के लिए आवश्यक तैयारी करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज के न्यूतनम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की गई है। प्रदेश में 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। भावांतर योजना के अंतर्गत जारी मॉडल रेट से किसानों में भारी उत्साह है, शासन का आभार प्रकट करने के लिए किसान संगठन आभार यात्राएं आयोजित करने के इच्छुक हैं। उत्साह के इस प्रकटीकरण में जिला प्रशासन किसान संगठनों का हरसंभव सहयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी कारणवश बिजली बिल नहीं भर पाने वाले 90 लाख से अधिक नागरिकों को समाधान योजना के अंतर्गत लाभ होगा। इस योजना में तीन माह या उससे अधिक समय से बिल बकाया रखने वाले घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने मंत्रीगण से समाधान योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आहवान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के समापन अवसर पर 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस भव्यता से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जनजातीय नायकों पर केन्द्रित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी और विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन और शिलान्यास भी होंगे। जनजातीय बहुल जिलों और‍ विकासखंडों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की श्रृंखलाओं का आयोजन होगा। गौरव दिवस कार्यक्रमों में जनजातीय समुदायों के उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं और जनजातीय समुदाय के प्रगतिशील किसानों के सम्मान के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और महानायकों के जीवन तथा योगदान पर निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। इन आयोजनों में लोक-गीतों, लोक कलाओं के प्रदर्शन के साथ जनजातीय समुदायों के व्यंजनों की भी व्यवस्था की जाए। कार्यक्रमों में सम्मानीय जनजातीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के केवड़िया में जारी भारत पर्व में 11 नवंबर को मध्यप्रदेश दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें 75 कलाकारों द्वारा प्रदेश के पौराणिक-ऐतिहासिक गौरव तथा कला-संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1 नवंबर को लांझी बालाघाट में महिला नक्सली सुनीता द्वारा हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया। इस नक्सली पर 14 लाख रूपए का ईनाम घोषित था। प्रदेश सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के सहयोग से चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के परिणामस्वरूप यह संभव हुआ। राज्य सरकार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 31 मार्च 2026 तक नक्सल गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा पहली बार विश्व कप जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली छतरपुर के घुवारा की तेज गेंदबाज सु क्रांति गौड़ को राज्य सरकार ने एक करोड़ रूपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग और रोजगार वर्ष को सार्थक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर स्तर पर प्रयास किए गए हैं। सभी जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के गौरव दिवस मनाने के संबंध में भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

  • मुख्यमंत्री ने किया शंकर पांडे की पुस्तक छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक’’ का विमोचन

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे की पुस्तक छत्तीसगढ़ अतीत से अब तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ के अतीत को समेटने के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री  साय को श्री पांडे ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर केंद्रित यह उनकी 6वीं पुस्तक है जिसमें छत्तीसगढ़ के महापुरुषों, पर्यटन स्थल, प्राचीन इतिहास, राज-परिवार, मंदिरों के इतिहास से सम्बंधित जानकारियां संकलित की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तक में छत्तीसगढ़ के कई अनछुए पहलुओं सहित राज्य के सभी मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख राजनीतिक घटनाओं, राजनेताओं व साहित्यकारों का भी उल्लेख है। इस अवसर पर  प्रियंका कौशल, विशाल यादव सहित स्नेहा पांडे तथा मास्टर अंश पांडे भी उपस्थित थे।

  • दुर्घटना से दहला इलाका: वरिष्ठ कांग्रेस नेता की आग में झुलसकर मौत

    भानुप्रतापपुर

    पूर्व जनपद सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुसऊ राम दुग्गा की जलने से मौत हो गई. आशंका जताई जा रही है कि उन्हें हार्टअटैक आया होगा, जिसके बाद तड़पने से पास में जल रहे अलाव से बिस्तर में आग लगी गई, जिससे बिस्तर में ही उनकी मौत हो गई.

    जानकारी के अनुसार, पुसऊ राम दुग्गा को बीती रात सीने में दर्द महसूस होने पर उन्होंने परिजनों से मालिश करवाई थी. रात में ठंड से बचाव के लिए बिस्तर के समीप अलाव जलाया गया था. देर रात अचानक घर में सामान जलने की आवाज आने पर अन्य कमरों में सो रहे परिजन मृतक के कमरे में पहुंचे.

    सामने जो नजारा देखने को मिला उससे सबके होश उड़ गए. पुसऊ राम पूरी तरह से जल चुके थे, और मौत भी हो चुकी थी. परिजनों ने कमरे में लगी आग को आनन-फानन में बुझाया, और उसके बाद शव को कमरे से बाहर निकालकर भानुप्रतापपुर पुलिस को सूचना दी. मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा.

    पुसऊ राम दुग्गा के परिजनों के अलावा जिले में कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता की मौत पर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पुसऊ राम दुग्गा की मौत कांग्रेस पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है.

  • बंदूक की गूंज से फलों और फूलों की महक तक का सफर

    बस्तर में साग-सब्जी, फलों की खेती से चमत्कारिक बदलाव

            रायपुर,

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नक्सल उन्मूलन की नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं ने बस्तर में विकास की नई इबारत लिख दी है। बस्तर के किसानों ने पारंपरिक धान, सरसों की खेती के साथ-साथ अब साग-सब्जी, फल, फूल की खेती से भी फायदा लेना शुरू कर दिया है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज की जगह फलों और फूलों की खुशनुमा महक बिखर रही है। बस्तर में यह बदलाव कोई संयोग नहीं, बल्कि मेहनत, नवाचार और दूरदर्शिता का परिणाम है। वर्ष 2001-02 में सब्जियों की खेती महज 1,839 हेक्टेयर में सिमटी थी और उत्पादन केवल 18,543 मीट्रिक टन था। आज वही इसमें लगातार वृद्धि हुई है जिसका परिणाम है की अब सब्जियों का रकबा 12,340 हेक्टेयर चुका है और उत्पादन 1.90 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है।

        बस्तर विश्व पटल पर एक ऐसा नाम जो कभी नक्सल की काली छाया और पिछड़ेपन की गहरी खाई में डूबा माना जाता था, आज वह बस्तर कृषि के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। छत्तीसगढ़ के इस आदिवासी बहुल इलाके में अब पारम्परिक खेती के स्थान पर टमाटर और मिर्च की खेती न केवल आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के बाजारों तक अपनी पहुंच भी बना रही है। अब बस्तर की मिट्टी में ड्रैगन फ्रूट की लालिमा, अमरूद की मिठास, चकोतरा की ताजगी, पपीते का रस और मिर्च की तीखापन खेतों में लहलहा रहे हैं। वे फल एवं मसाले जो कभी यहां उत्पादित नहीं हुए अनुकूल वातावरण और वैज्ञानिक सलाह से विकास की नई गाथा लिख रहे हैं।

        बस्तर में फलों की बगिया 643 हेक्टेयर से बढ़कर 14,420 हेक्टेयर तक पहुंच गई है एवं उत्पादन 4,457 मीट्रिक टन से बढ़कर 64,712 मीट्रिक टन हो गया। यहां के किसानों द्वारा राज्य निर्माण के पूर्व कभी व्यापारिक स्तर पर फूलों की खेती नहीं की गयी थी आज वहां 207 हेक्टेयर में 13 सौ मीट्रिक टन फूलों का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार मसाले इस क्षेत्र में सीमित मात्रा में उत्पादित होते थे अब 11 सौ  हेक्टेयर से 9,327 मीट्रिक टन मसालों का उत्पादन यहां हो रहा है। औषधीय एवं सुगंधित पौधे जो कभी सीमित मात्रा में होते थे उनका भी किसानों द्वारा 66 सौ मीट्रिक टन से अधिक का उत्पादन किया जा रहा है।
     
          इस हरित क्रांति में शासन की योजनाओं एवं आधुनिक तकनीक से आमूल चूल परिवर्तन दिखाई दिए हैं। एक ओर जहां किसानों को रियायती दरों पर आदान समाग्री प्राप्त हुई है वहीं शेडनेट योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागबानी मिशन से किसानों का उद्यानिकी फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। जिसका मुख्य कारण लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और सहायतासे है। जिससे किसानों ने लाभ लेकर जिले में 3.80 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस लगाए गए हैं, करीब 19 हजार वर्गमीटर में पॉली हाउस, शेडनेट द्वारा 1.47 लाख वर्गमीटर में हाईब्रिड बीज भी तैयार किए जा रहे हैं जिनके लिए उन्हें शासन द्वारा अनुदान भी प्राप्त हुआ है।जगदलपुर के आसना में प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग यूनिट भी स्थापित है जो रोग-मुक्त पौधे न्यूनतम कीमत पर किसानों को मुहैय्या करवा रहे हैं।

            सिंचाई के क्षेत्र में भी लगभग 3.5 हजार हेक्टेयर में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम बिछाकर पानी की हर बूंद को सोना बनाया जा रहा है। ऑयल पाम योजना के तहत 735 हेक्टेयर में 499 किसानों द्वारा आधुनिक तरीकों से पाम की खेती की जा रही है वहीं बास्तानार में 58.64 हेक्टेयर में विशेष रूप से कॉफी एवं 20 हेक्टेयर में ड्रैगन फ्रूट की कृषि की जा रही है।

        बस्तर की यह यात्रा आंकड़ों से कहीं आगे है, यह उन सैकड़ों किसानों की मुस्कान है, जो कभी बादलों के रहम पर जीते थे और आज तकनीक, प्रशिक्षण और सरकार की योजनाओं के सहारे अपने सपने बुन रहे हैं। माओवादियों की बंदूकें अब खामोश हैं, और खेतों में नई फसलें गुनगुना रही है। बस्तर के लोग अब आजीविका के समुचित साधनों के जरिए जीवन-यापन को बेहतर करने सहित खिलखिला रह रहे हैं।

  • खेल प्रतियोगिता में शामिल होने जा रहीं छात्राएं हादसे का शिकार, 7 घायल

    गौरेला-पेंड्रा मरवाही

    पेंड्रा थाना क्षेत्र के अड़भार मुख्य सड़क मार्ग पर तेज रफ्तार ऑटो पलटने से 6-7 स्कूली छात्राएं घायल हो गईं। छात्राएं खेलकूद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पेंड्रा जा रही थीं। हादसे में दो छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

    जानकारी के अनुसार, छात्राओं से भरी ऑटो सड़क पर अचानक मवेशी से टकरा गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल दो छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य घायल छात्राओं को इलाज के बाद सुरक्षित घर भेज दिया गया।

    स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने खेल प्रबंधन की लापरवाही पर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि खेल आयोजनों में छात्राओं को ऑटो में भर-भर कर लाया जा रहा है, जबकि जिले में खेल प्रबंधन की ओर से छात्राओं को भेजने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। वहीं हादसे की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।

  • लोन रिकवरी में गड़बड़ी का खुलासा: फाइनेंस कंपनी के छह कर्मचारियों ने की रकम की हेराफेरी, भेजे गए जेल

    दुर्ग

    ग्राहकों से वसूली गई 85 लाख रुपए की बड़ी रकम का गबन करने वाले ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक की दुर्ग शाखा के छह कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मामले में 10 संग्रह कर्मचारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध किया गया है.

    जानकारी के अनुसार, ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक की दुर्ग शाखा के संग्रह कर्मचारियों ने ग्राहकों को लोन में दी गई रकम की वसूली करने के बाद खुद के उपयोग के लिए खर्च कर लिया. मामले में ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख पुलगांव थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसमें बताया गया कि ग्राम चन्द्रखुरी निवासी हिरन बाई साहू अन्य 239 ग्राहकों से ईसाफ बैंक के लोन के रूप में सम्पूर्ण धनराशि लगभग 85 लाख रुपए ली गई थी. लेकिन वो रकम ईसाफ बैंक में जमा नहीं की गई.

    ऋण लेने वाले ग्राहकों से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि वे रकम जमा कर चुके हैं. बैंक के रकम को संग्रह कर्मचारियों ने स्वयं के निजी उपयोग में कर लिया है. आरोपियों ने 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के मध्य कुल 84,98,940 रुपए खर्च कर गबन किया. प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलगांव थाना में अप.क्र. 546/2025, थारा 420, 409, 120-बी भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया.

    जांच के दौरान पाया गया कि बैंक में काम करने वाले संग्रह कर्मचारी 240 ग्राहकों को दी गई लोन की राशि लगभग 85 लाख रुपए ग्राहकों से एकत्रित कर बैंक में जमा नहीं कर धोखाधड़ी किया है.

    प्रकरण के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें लोरमी, जिला मुंगेली निवासी टीकाराम पाटले (35 वर्ष), बसना जिला महासमुंद निवासी आकाश नायक (30 वर्ष), उरला, जिला दुर्ग निवासी ओम प्रकाश कोसरे (21 वर्ष), दल्लीराजहरा जिला बालोद निवासी आर्या गोस्वामी (25 वर्ष), आदित्य नगर, जिला दुर्ग निवासी रेशमा वर्मा (25 वर्ष) और कोसा नगर, सुपेला निवासी अंकिता पासवान (22 वर्ष) शामिल हैं. अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी शीघ्र की जाएगी.

  • मुख्यमंत्री साय और मुख्यमंत्री पटेल की सौजन्य मुलाकात, साझा किए विकास के अनुभव

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की. इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं.

    मुख्यमंत्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की.

    इस पर मुख्यमंत्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री साय को शुभकामनाएँ दीं. दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की.