• मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी: लाड़ली बहना योजना का लाभ बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति

    आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण की पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति

    शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति

    खण्डवा की तहसील मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए 7 नवीन पदों की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है।

    मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा।

    आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

    संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अ‌द्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

    शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के उ‌द्देश्य से प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों ‌द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए रेस्को विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। यह दर डिस्कॉम की दरों से कम होना अपेक्षित हैं, जिससे शासकीय संस्थानों को बचत होगी। रेस्को मोड में शासकीय विभागों/ संस्थाओं के भवन पर विकासक इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिए सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफटॉप संयंत्र का रख-रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा।

    रेस्को परियोजना में ऊर्जा विकास निगम ‌द्वारा प्रत्येक जिले के समस्त शासकीय भवनों जिनकी विद्‌युत् संयोजन की कांट्रेक्ट क्षमता 20 किलोवाट या अधिक है, को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के लिए जिलेवार पृथक-पृथक निविदा का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद द्वारा पृथक-पृथक के स्थान पर एक ही निविदा संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। 20 किलोवाट कांट्रेक्ट क्षमता से कम के संयत्रों की स्थापना रेस्को व्यवस्था के माध्यम से की जायेगी। वन्य क्षेत्रों एवं ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में कैपेक्स मोड पर सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई।

    मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार भोपाल में 211 साइट्स पर कुल 15 हजार 695 किलोवॉट, बुरहानपूर में 14 साइट्स पर कुल 348 किलोवॉट, छिंदवाड़ा में 31 साइट्स पर कुल 1661 किलोवॉट, देवास में 14 साइट्स पर कुल 284 किलोवॉट, ग्वालियर में 97 साइट्स पर कुल 5267 किलोवॉट, इंदौर में 106 साइट्स पर कुल 3128 किलोवॉट, जबलपुर में 49 साइट्स पर कुल 1432 किलोवॉट, कटनी में 14 साइट्स पर कुल 383 किलोवॉट, खंडवा में 16 साइट्स पर कुल 311 किलोवॉट, मुरैना में 14 साइट्स पर कुल 364 किलोवॉट, रतलाम में 29 साइट्स पर कुल 1229 किलोवॉट, रीवा में 20 साइट्स पर कुल 535 किलोवॉट, सागर में 35 साइट्स पर कुल 847 किलोवॉट, सतना में 11 साइट्स पर कुल 444 किलोवॉट, सिंगरौली में 15 साइट्स पर कुल 413 किलोवॉट और उज्जैन में 24 साइट्स पर 714 किलोवॉट कि क्षमता वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे।

    मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए नवीन पदों की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा की मांधाता तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड श्रेणी का एक नवीन पद तथा अमले अतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद, इस तरह कुल 7 नवीन पदों के सृजन एवं अनुमानित वित्तीय भार 52 लाख 76 हजार रूपये प्रतिवर्ष की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गायन के साथ शुरू हुई।

     

     

  • ओवरब्रिज निर्माण में लापरवाही का आरोप, SDM ने दिए डिजाइन जांच के आदेश

    सीहोर

    सीहोर शहर में पुराने इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास रेलवे गेट क्रमांक-104 पर बन रहा ओवरब्रिज अब विवादों में है। जब इस अधूरे ब्रिज की तस्वीर ड्रोन कैमरे से ली गई, तो यह भोपाल की तरह 90 डिग्री के तीखे मोड़ में नजर आया। दृश्य देखकर स्थानीय नागरिकों में रोष फैल गया। उनका कहना है कि ब्रिज की डिजाइन में बदलाव कर मनमानी की गई है, जिससे अब दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है।

    28 करोड़ की लागत, पर अधूरी योजना
    जानकारी के अनुसार यह ओवरब्रिज 28 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। इसकी लंबाई 700 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर रखी गई है। इसके लिए 24 पिलर तैयार हो रहे हैं। दस मीटर ट्रैक के ऊपर 7.30 मीटर ऊंचाई तय की गई है। निर्माण शुरू होने के साथ ही तकनीकी खामियां उजागर होने लगीं। रहवासियों का कहना है कि अधिकारियों ने सर्वेक्षण किए बिना ही कार्य शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप अब ब्रिज की दिशा बदलनी पड़ी, जिससे यह 90 डिग्री एंगल का हो गया।

    दोनों तरफ एप्रोच रोड न बनने से गुस्सा
    यह ब्रिज शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर बन रहा है, जहां रोज हजारों वाहन और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। इसके बावजूद दोनों तरफ एप्रोच रोड नहीं बनाई जा रही। इस कारण लोग असुरक्षित रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों घनश्याम गुप्ता, मनोज गुजराती का कहना है कि हम विकास के खिलाफ नहीं, गलत डिजाइन के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वे लोकायुक्त, मानव अधिकार आयोग और आखिरकार हाई कोर्ट तक जाएंगे।

    डिजाइन में गंभीर खामियां, जिम्मेदारी तय नहीं
    ब्रिज के डिजाइन को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कई इंजीनियरिंग गलतियां हैं। जहां ब्रिज उतरता है, वह भूमि निजी स्वामित्व की है। इस गलती के कारण मजबूरन निर्माण एजेंसी को ब्रिज को मोड़ना पड़ा और सिर्फ एक ओर सर्विस रोड दी गई। यही कारण है कि अब यह ब्रिज प्रदेश का शायद पहला ऐसा लहराता ओवरब्रिज बन गया है, जो सुरक्षा की बजाय जोखिम का प्रतीक बन गया है।

    स्थानीय विरोध तेज, प्रशासन हरकत में
    जैसे-जैसे विरोध बढ़ा, वैसे-वैसे प्रशासन भी हरकत में आया। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि ब्रिज कारपोरेशन के ईई ए.आर. मोरे को जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है, जो भी त्रुटि मिलेगी, उसे सुधारा जाएगा। वहीं नागरिकों का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए।

    लोगों में रोष
    स्थानीय कांग्रेस नेताओं और रहवासियों ने कहा कि यह ब्रिज विकास की बजाय प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन गया है। जिस शहर से होकर सीएम का गृह जिला मार्ग निकलता है, वहां ऐसा अधूरा और खतरनाक ब्रिज बनना शर्मनाक है। लोगों का कहना है कि सीहोर में विकास की रफ्तार नहीं, दुर्घटनाओं की तैयारी चल रही है। अब हर आंख इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या यह 90 डिग्री का ब्रिज सीधा होगा या जनता का विरोध और बढ़ेगा।

  • रीवा को मिली नई सौगात: दिल्ली के लिए शुरू हुई हवाई सेवा, सीएम ने याद किए पुराने दिन

    रीवा 

    विंध्यवासियों का लंबे समय से इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। सोमवार से रीवा से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से वर्चुअली जुड़कर 72 सीटर विमान सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही रीवा अब सीधे राजधानी दिल्ली से हवाई मार्ग से जुड़ गया है। इसके पहले गत 28 अक्टूबर को रीवा एयरपोर्ट पर एटीआर-72 विमान का सफल ट्रायल हुआ था, जिसे रीवा के पायलट राघव मिश्रा ने उड़ाया था। ट्रायल की सफलता के बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई और नियमित उड़ानों का मार्ग प्रशस्त हो गया। जल्द ही इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा शुरू की जाएगी।

    पीएम मोदी ने संदेश प्रेषित कर दी शुभकामनाएं

    एयरपोर्ट पर आयोजित उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्र, सांसद गणेश सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक रीति पाठक, नरेन्द्र प्रजापति समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पत्र के माध्यम से रीवा वासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

    पहले यहां ट्रेन से सफर भी मुश्किल था : सीएम

    इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विंध्यवासियों को बधाई दी और कहा कि एक समय था जब विंध्य क्षेत्र में कोई हवाई की कल्पना भी नहीं करता था। यहां बड़े-बड़े नेता सीएम तक रहे, लेकिन रेल का सफर भी मुश्किल था। मैं अपनी बात करता हूं कि कभी रीवा ट्रेन से आने के लिए भी सोचना पड़ता था। लेकिन एक आज का दौर है कि रीवा वायु सेवा से पूरी तरह जुड़ चुका है।

    उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक क्षेत्र में तो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ही लेकिन इसके साथ ही मैहर, चित्रकूट, खजुराहो और अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थल से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। जल्द ही हेलीकॉप्टर की सुविधा भी प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले से ही एयर एम्बुलेंस की सुविधाएं प्रदेश भर में पहुंचाई जा रही हैं।

    'रीवा के विकास को पंख लगेंगे'

    डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि अब रीवा रीवा से दिल्ली के लिए उड़ान संचालित होगी। जिसकी हम कभी कल्पना किया करते थे। आज वह सपना साकार हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपना संदेश भेजकर रीवावासियों की खुशियों में चार चांद लगा दिए हैं। हम सब उनके इस संदेश और प्यार के लिए उनके आभारी हैं। रीवा एयरपोर्ट से अब यात्री मात्र दो घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। आम लोगों के साथ व्यापारियों को सुविधा मिलेगी और आने वाले समय में रीवा के विकास को पंख लगेंगे।

    उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि आज का दिन विंध्य के लिए ऐतिहासिक है। हवाई सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। रीवा के जलप्रपातों, मंदिरों और नेशनल पार्कों तक देश-विदेश के पर्यटक आसानी से पहुंच पाएंगे।उन्होंने बताया कि रीवा से दिल्ली और इंदौर की सीधी उड़ानें क्षेत्र के व्यापार को नई दिशा देंगी। पहले व्यापारियों को प्रयागराज या बनारस जाना पड़ता था, लेकिन अब डायरेक्ट कनेक्टिविटी से समय और संसाधन दोनों बचेंगे।

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि एक समय था जब विंध्य क्षेत्र में कोई हवाई की कल्पना भी नहीं करता था। यहां बड़े-बड़े नेता सीएम तक रहे लेकिन रेल का सफर भी मुश्किल था। मैं अपनी बात करता हूं कि कभी रीवा ट्रेन से आने के लिए भी सोचना पड़ता था। लेकिन एक आज का दौर है कि रीवा वायु सेवा से पूरी तरह जुड़ चुका है।

    यह औद्योगिक क्षेत्र में तो अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ही लेकिन इसके साथ ही मैहर, चित्रकूट, खजुराहो और अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थल से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। जल्द ही हेलीकॉप्टर की सुविधा भी प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पहले से ही एयर एम्बुलेंस की सुविधाएं प्रदेश भर में पहुंचाई जा रही हैं। मैं विंध्य क्षेत्र के सभी जन प्रतिनिधियों को भी बधाई देना चाहता हूं।

    एक नजर एयरपोर्ट के सफर पर

    रीवा एयरपोर्ट के विकास के साथ आज का दिन विन्ध्य के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हो गया है। विन्ध्यवासियों की हवाई सेवा का सपना तो पिछले साल ही पूरा हो गया था। अब 72 सीटर हवाई जहाज से सीधे नई दिल्ली जाने आने की सुविधा मिल गई। शीघ्र ही इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा शुरू होने वाली है। रीवा एयरपोर्ट का शिलान्यास गत 15 फरवरी 2023 को तत्कालयीन केन्द्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा तत्कालीयन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था।

     

    आज का दिन ऐतिहासिक : डिप्टी सीएम

    इस मौके पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। हवाई सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र में शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। रीवा के जलप्रपातों, मंदिरों और नेशनल पार्कों तक देश-विदेश के पर्यटक आसानी से पहुंच पाएंगे।उन्होंने बताया कि रीवा से दिल्ली और इंदौर की सीधी उड़ानें क्षेत्र के व्यापार को नई दिशा देंगी। पहले व्यापारियों को प्रयागराज या बनारस जाना पड़ता था, लेकिन अब डायरेक्ट कनेक्टिविटी से समय और संसाधन दोनों बचेंगे।

    रीवा एयरपोर्ट के विकास पर एक नजर

    रीवा एयरपोर्ट का शिलान्यास 15 फरवरी 2023 को तत्कालीन केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। इसके लिए 65 एकड़ मौजूदा हवाई पट्टी के साथ 258 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2024 को वर्चुअली एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था, जिसके बाद रीवा से जबलपुर, भोपाल, खजुराहो और सिंगरौली के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरू हुई थी।

     

  • लगातार हत्याओं से कानून-व्यवस्था पर सवाल, नई वारदात के बाद एसएसपी की सख्त कार्रवाई

    दुर्ग

    दुर्ग जिले में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 10 दिनों में जिले में 5 हत्याओं की खबरें सामने आई हैं। इस तरह की वारदात से लोगों में दहशत का माहौल है। ताजा मामला बीती रात मोहन नगर थाना के शंकर नगर, गली नंबर 3 में हुआ, जहां युवक चुनचुन विश्वकर्मा की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वहीं जिले में लगातार बढ़ते अपराध के बीच एसएसपी ने एक्शन लेते हुए कोतवाली थाना प्रभारी तपेश्वर नेताम को लाइन अटैच कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार, रात लगभग 1 बजे मृतक चुनचुन विश्वकर्मा अपने घर में सो रहा था। तभी चार युवक उसके घर के बाहर आए और उसे आवाज देकर बुलाने लगे। थोड़ी देर बाद चुनचुन विश्वकर्मा अपने घर से बाहर निकला, तो चारों युवकों ने पहले गाली-गलौज करते हुए हाथापाई की। इसी बीच चार युवकों में से एक युवक ने अपने जेब से चाकू निकाला और उसके छाती और पेट पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया, जिससे खून से लथपथ होकर चुनचुन विश्वकर्मा वहीं गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिजन बाहर निकले, तब तक चारों आरोपी फरार हो चुके थे।

    परिजन घायल चुनचुन को तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मोहन नगर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव को मर्चुरी में रखवा दिया गया है।

    एसएसपी ने थाना प्रभारी को किया लाइन अटैच
    जिला में लगातार बढ़ते अपराध को देखते हुए एसएसपी दुर्ग ने कोतवाली थाना प्रभारी तपेश्वर नेताम को लाइन अटैच कर दिया और नवीन कुमार को नए थाना प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है।

  • मोहन सरकार के बड़े फैसले: लाड़ली बहना को मासिक 1500 रुपये, सोयाबीन भावांतर योजना के लिए 4036 रु./क्विंटल तय

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक ने इसे मंजूरी दे दी, मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक लाड़ली बहना के लिए हुए इस फैसले के अलावा भी कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी इसमें भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से जुड़े फैसले शामिल हैं।

    राजधानी भोपाल में आज मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई , बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उसके बाद मुख्यमंत्री की सहमति के बाद कई फैसलों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी, इसमें लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाना, बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रमों को प्रदेश में भव्य तरीके से मनाना, भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट को स्वीकृति देना शामिल है।

    इन फैसलों पर लगी कैबिनेट की मुहर 

        मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे। 12 नवंबर को सीएम डॉ मोहन यादव सिवनी से यह राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे।

        भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 4036 रुपये क्विंटल घोषित। 13 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे भावांतर योजना की राशि।

        देवास में आयोजित कार्यक्रम में सीएम डॉ मोहन यादव 1.32 लाख किसानों को 300 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से भुगतान करेंगे।

        15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती पूरे प्रदेश में गरिमापूर्ण  ढंग से मनाई जाएगी। जबलपुर और अलीराजपुर में होंगे राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम, पीएम मोदी जबलपुर के कार्यक्रम में लाइव जुड़ेंगे।

        सभी जिलों में जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

        खंडवा जिले में नया सिविल न्यायालय स्थापित होगा।

    इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी 

        ओंकारेश्वर एकात्म धाम परियोजना की संशोधित लागत 2,424 करोड़ रुपये स्वीकृत, 108 फीट ऊँची आदि शंकराचार्य प्रतिमा तैयार।

        रेस्को सोलर योजना के तहत सभी शासकीय भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जाएगी।

        मुख्यमंत्री ने महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ को 1 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की।

        प्रदेश में बिजली बिल समाधान योजना जारी, उपभोक्ता 30 दिसंबर तक बिलों की विसंगतियां सुधार सकते हैं।

  • MP: वक्फ बोर्ड ने सिहाड़ा गांव पर किया दावा, ग्रामीणों ने जताया अपना हक

     खंडवा
     मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित पूरे सिहाड़ा गांव की जमीन को वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी संपत्ति बताने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हम यहां बरसों से रह रहे हैं। हमारी पुरखों की जमीन को कोई कैसे अपनी बता सकता है। कुछ लोग भोपाल जाकर सरकार के संज्ञान में भी इस मामले को लाएंगे। इस बीच, मन्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से मिले नोटिस का जवाब देने के लिए सरपंच प्रतिनिधि भोपाल रवाना हो गए हैं।

    सोमवार को ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होकर सप्रमाण जवाब दाखिल करना है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब ग्राम पंचायत ने स्थानीय दरगाह के पास अतिक्रमण और तार फेंसिंग हटाने का नोटिस दिया था। कमेटी ने नोटिस का जवाब देने के बजाय भोपाल वक्फ बोर्ड में शिकायत कर दी। वक्फ बोर्ड द्वारा आनन-फानन में दुर्भावनावश पूरे गांव का खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.0500 हेक्टेयर जमीन को अपनी संपत्ति बताने से ग्रामीणों में हड़कंप है।

    न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से मिले नोटिस के बाद सिहाड़ा ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच कोकिला बाई के प्रतिनिधि हेमंत चौहान अधिवक्ता के साथ सोमवार को भोपाल में नोटिस का जवाब देंगे। चौहान ने बताया कि वक्फ बोर्ड के झूठे दावे के खिलाफ जवाब के साथ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।
    गांव नहीं दरगाह की जमीन का है विवाद

    जिला वक्फ बोर्ड के सचिव रियाज खान ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा दरगाह की जमीन को अपनी बता कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद इस जमीन को लेकर है, पूरे गांव की जमीन को लेकर पंचायत लोगों को गुमराह कर रही है।
    दरगाह कमेटी को अतिक्रमण हटाने का नोटिस

        न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल से प्रशासन को अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। ग्राम पंचायत सिहाड़ा द्वारा इस संबंध में अवगत करवाया गया है। स्वामित्व योजना में ड्रोन सर्वे के रिकार्ड में खुली जमीन शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। ग्राम पंचायत के आवेदन पर दरगाह के पास खाली जमीन से दरगाह कमेटी को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया है। -महादेव राठौड़, तहसीलदार (ग्रामीण) खंडवा

    ग्रामीण बोले

        नरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव की आबादी जमीन पर वक्फ बोर्ड का दावा समझ से परे है। हमारे पूर्वज यहां के मालगुजार रहे हैं। करीब 500 साल से हम पीढ़ी-दर-पीढ़ी यहां निवासरत हैं। इसके लिए हर संभव लड़ाई लड़ी जाएगी।
        लखन मालाकार ने कहा कि वक्फ बोर्ड की मनमानी नहीं चलने देंगे। यहां हिंदू -मुस्लिम परिवार मिलकर बरसों से रह रहे हैं। गांव और सरकारी जमीन को अपनी बताने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए।
        किसान रोहित मालाकार ने बताया कि गांव सिहाड़ा में हमारे बाप -दादाओं की संपत्ति शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। वक्फ बोर्ड इसे कैसे अपनी बात सकता है। हमारे पास दस्तावेज है।
        सावन राजपाली का कहना है कि खसरा क्रमांक 781 में पूरा सिहाड़ा गांव दर्ज है। हमारी संपत्ति भी इसी में है। इसका शासन को टैक्स भी जमा कर रहे हैं। शासन-प्रशासन को वस्तु स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।

     

  • MP सरकार ने जारी किए निर्देश: फेस अटेंडेंस से पकड़े जाएंगे फर्जी कर्मचारी, डेटा होगा ट्रैक

    भोपाल 

    नगर निकायों में हजारों फर्जी कर्मचारियों का मामला गर्माया है। इसके मद्देनजर शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी 413 नगर निकायों को नई फेस अटेंडेंस प्रणाली लागू होने के बाद स्टाफ स्ट्रेंथ और वेतन व्यय का विस्तृत डेटा तीन दिन के भीतर पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    भोपाल निगम में मिले 3000 फर्जी कर्मचारी

    हालांकि, अनियमितताएं पहले ही सामने आ चुकी हैं।भोपाल नगर निगम में अकेले 3000 से अधिक फर्जी या संदिग्ध कर्मचारी पाए गए। यूएडी के रिकॉर्ड के अनुसार बीएमसी में 19,854 पंजीकृत कर्मचारी हैं, जबकि निगम का दावा है कि उसके पास लगभग 16,000 वास्तविक कर्मचारी हैं।

    तीन दिन में जमा करना होगा डेटा

    विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर नगर निगमों के आयुक्तों और नगर परिषदों के मुख्य नगर अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपने को कहा है कि आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (एईबीएएस) रजिस्ट्रेशन के बाद रोल से कितने कर्मचारियों की संख्या कम हुई है और इससे मासिक वेतन व्यय में कितनी बचत हो रही है। निर्धारित फॉर्मेट में यह डेटा तीन दिन में जमा करना होगा।
    एमपी में करीब 1.39 लाख नगर निगम कर्मचारी रजिस्टर्ड

    यूएडी के मुताबिक, पूरे एमपी में करीब 1.39 लाख नगर निगम कर्मचारियों ने नई आधार-आधारित फेस रिकग्निशन अटेंडेंस प्रणाली के तहत पंजीकरण कराया है। इस सिस्टम में जीपीएस-सक्षम तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो कार्यालय स्थल के 30-मीटर दायरे में उपस्थिति सत्यापित करती है। 31 अक्टूबर को पंजीकरण की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है।

    इन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद

    पहल के तीसरे चरण में आदतन देर से आने वाले या अटेंडेंस रेकॉर्ड करने में विफल रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होने की उम्मीद है। इस डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को निगम के कामकाज में दक्षता और जवाबदेही में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम मान रहा है।

    -वरुण अवस्थी, अपर आयुक्त, निगम

  • AIIMS में मरीजों के लिए राहत: लंबी लाइन खत्म, डिजिटल पेमेंट सुविधा जल्द शुरू

    भोपाल 

     एम्स में मरीजों को अब शुल्क जमा कराने के लिए बिलिंग काउंटर की लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। एम्स प्रबंधन ने एक डिजिटल नवाचार की घोषणा की है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक स्मार्ट कार्ड आधारित भुगतान सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह कदम मरीजों और उनके परिजनों को हो रही दिक्कतों से बड़ी राहत देगा।

    शुरु होगा डिसेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम

    वर्तमान में मरीजों को जांच, टेस्ट या अन्य सेवाओं का भुगतान करने के लिए बार-बार बिलिंग काउंटर तक जाना पड़ता है। एम्स प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर पेमेंट सिस्टम पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड हो जाएगा। अस्पताल के प्रत्येक विभाग में स्कैनर लगाए जाएंगे, जहां मरीज तुरंत कार्ड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल के बड़े परिसर में बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी।

    एसबीआइ संभाल रहा जिम्मेदारी

    इस अत्याधुनिक स्मार्ट कार्ड प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सौंपी गई है। एसबीआई की टीम वर्तमान में कार्ड निर्माण और स्कैनर सेटअप का अंतिम ट्रायल करने की तैयारी में है। सफल परीक्षण के बाद यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी।

    इस स्मार्ट कार्ड में मरीज से जुड़ी पूरी मेडिकल जानकारी सुरक्षित रहेगी। किसी भी यूनिट में कार्ड स्कैन करते ही उसका विवरण कंप्यूटर पर खुल जाएगा। उपचार के दौरान मरीज कार्ड के माध्यम से तुरंत भुगतान कर सकेगा, जिससे नकद लेनदेन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और पूरा प्रोसेस तेज हो जाएगा।- संदेश कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स

     

  • सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खबर, भावांतर योजना में मॉडल रेट 4036 रु./क्विंटल घोषित

    भावांतर योजना में आज 4036 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी

    भोपाल

        भावांतर योजना 2025 अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज भी 10 नवंबर को 4036 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।

          मॉडल रेट में लगातार 2 दिनों से वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी हुआ था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए और 9 नवंबर को 4036 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ।

  • भोपाल में कायस्थ महासभा ने मनाया दीपावली मिलन और चित्रांश परिवार मासिक बैठक समारोह

    भोपाल 

    अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मध्य भारत प्रांत भोपाल एवं जिला ईकाई भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मलीन माननीय कैलाश सारंग जी की प्रेरणा से आज भोपाल के नेवरी मंदिर स्थित चित्रगुप्त धाम में
    चित्रांश परिवार मासिक बैठक एवं दीपावली मिलन – प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी उपस्थितजनों को दीपावली-मिलन कार्यक्रम में बधाई देते हुए कहा कि  इस प्रकार के आयोजन व्यक्ति को समाज से जोड़ने का बेहतर माध्यम हैं, लेकिन इन आयोजन में अगर अपने परिवार-बच्चों के साथ अगर सभी आयेंगे तो हमारे बच्चों को भी उत्कृष्ठ संस्कार प्राप्त होंगे और इससे  जब समाज मजबूत होगा तो देश ओर राष्ट्र भी मजबूत ओर एकजुट होगा तथा इस प्रकार के आयोजनों की सार्थकता सिद्ध होगी।

    आरम्भ में भगवान चित्रगुप्त जी की सामूहिक आरती के उपरांत प्रदेशाध्यक्ष श्री सुनील श्रीवास्तव ने आयोजन की रूपरेखा बताई एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री अजय श्रीवास्तव नीलू ने संगठन को एकजुट करने का आव्हान किया। कार्यक्रम में 12 वी और 10 वी में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया।

    आभार प्रदर्शन जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र श्रीवास्तव ने किया ।  आयोजन में श्री अजात शत्रु श्रीवास्तव भोपाल कमिश्नर रिटायर्ड, श्री पंकज कुलश्रेष्ठ, श्री बृजेश श्रीवास्तव, श्री राजकुमार श्रीवास्तव, श्री अनिल श्रीवास्तव, श्री दिनेश सक्सेना, श्री डी.के.श्रीवास्तव, श्री चंद्रेश सक्सेना, श्री व्योम खरे, श्री अमोल सक्सेना, श्री सौरभ-हर्ष कुलश्रेष्ठ, मीना-अरूण श्रीवास्तव, राशि सक्सेना सहित अनेक सामाजिक एवं गणमान्यजन उपस्थित हुए।

     

  • राजा रघुवंशी हत्या मामले में नया धमाका, भाई विपिन ने बताया हत्या का असली कारण

    इंदौर
     इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में अब एक नया अध्याय शुरू हो गया है. इस सनसनीखेज मामले में मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने अपनी अगली कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है. इस बार मोर्चा संभाला है राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने, जो अब आरोपियों सोनम और राज के खिलाफ कोर्ट में निर्णायक बयान देने के लिए तैयार हैं.

    विपिन रघुवंशी आज इंदौर से शिलॉन्ग (मेघालय) के लिए रवाना हो गए हैं, जहां यह केस चल रहा है. 11 नवंबर की सुबह शिलॉन्ग कोर्ट में उनके अहम बयान दर्ज किए जाएंगे. परिवार को उम्मीद है कि विपिन का बयान केस को एक मजबूत आधार देगा और आरोपियों को सख्त सज़ा मिल सकेगी.

    भाई का आरोप हत्या का मोटिव सिर्फ हवस
    शिलॉन्ग रवाना होने से पहले, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने एक सनसनीखेज और भावनात्मक बयान दिया है. उनका गुस्सा और दर्द उनके शब्दों में साफ झलक रहा था. विपिन रघुवंशी ने सीधे तौर पर मृतक की पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राज पर क्रूर आरोप लगाते हुए कहा कि विपिन रघुवंशी का बयान “सोनम और राज ने अपनी हवस मिटाने के लिए राजा को मार डाला.

    उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्मम मर्डर का सिर्फ एक ही मोटिव था हवस. विपिन का यह बयान पूरे मामले को एक भावनात्मक और स्पष्ट दिशा देता है. परिवार का मानना है कि हत्या का पूरा षड्यंत्र राजा की संपत्ति या किसी अन्य कारण से नहीं, बल्कि सोनम और राज के बीच के अवैध संबंध और वासना के कारण रचा गया था.

    इंदौर से शिलॉन्ग, 11 नवंबर को होगा अहम बयान
    विपिन रघुवंशी अब अपने भाई को न्याय दिलाने की उम्मीद में इंदौर से शिलॉन्ग पहुंच चुके हैं. विपिन रघुवंशी आज (10 नवंबर) इंदौर से शिलॉन्ग के लिए रवाना हुए. 11 नवंबर की सुबह शिलॉन्ग कोर्ट में विपिन के बयान दर्ज किए जाएंगे.

    विपिन का बयान इस हाई प्रोफाइल केस में अभियोजन पक्ष (Prosecution) के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है. परिवार को उम्मीद है कि वह कोर्ट के सामने सभी तथ्य मजबूती से रखेंगे ताकि साज़िश का पर्दाफ़ाश हो सके. यह हनीमून मर्डर केस एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है, और सभी की निगाहें 11 नवंबर को शिलॉन्ग कोर्ट में होने वाली इस अहम कार्यवाही पर टिकी हुई हैं.

  • MP में शीतलहर: भोपाल, इंदौर-उज्जैन में ठंड बढ़ी, राजगढ़ में तापमान गिरा 8°C से नीचे, 20 जिलों में ठंड बढ़ेगी

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर बढ़ गया है। 20 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर शामिल हैं। उत्तरी हवाओं के असर से तापमान तेजी से गिरा है, भोपाल में 10 साल का और इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा क्रमशः 8°C और 7°C दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर भी दिख रहा है। राजधानी और अन्य शहरों में कंपकंपी वाली ठिठुरन महसूस हो रही है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में भी तापमान गिरा है। अगले 2 दिन शीतलहर की संभावना बनी हुई है।

    आज यहां रहेगा हशीतलहर असर
    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल जिलों में शीतलहर असर दिखाएगी।

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। इससे उत्तरी हवाएं सीधे एमपी में आ रही है। इस वजह से उत्तरी हिस्से के जिलों में शीतलहर असर है। पिछले 2 दिन में भोपाल, राजगढ़, सीहोर, इंदौर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि रीवा, शहडोल और जबलपुर में भी शीतलहर चली।

    सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल में शीतलहर का अलर्ट है।

     इंदौर में 25 साल, भोपाल में 10 साल की सबसे सर्द रात
    शनिवार और रविवार की रातों ने कई शहरों में नया ठंडा इतिहास लिख दिया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज हुआ, जो पिछले 10 वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा गिरा-यह नवंबर महीने में पिछले 25 साल की सबसे ठंडी रात रही। यहां नवंबर का सर्वकालिक रिकॉर्ड वर्ष 1938 का है, जब तापमान 5.6 डिग्री पहुंचा था। राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री रहा और यह लगातार चौथी रात रही जब शहर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। उज्जैन में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री दर्ज हुआ।

    सीहोर, उमरिया और रीवा में भी पारा 10 डिग्री से नीचे
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़का है। दिलचस्प रूप से पचमढ़ी में अन्य शहरों की तुलना में ठंड कम रही और यहां न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सीहोर में 8.5 डिग्री, उमरिया में 9.5 डिग्री, मलाजखंड में 9.6 डिग्री और रीवा में 9.9 डिग्री दर्ज हुआ। छिंदवाड़ा 10°, नौगांव 10.5°, मंडला 10.6°, बैतूल 10.8°, गुना,दमोह,शिवपुरी 11°, सागर 11.5°, धार 11.6°, टीकमगढ़, सतना 11.8°, रतलाम 12.2°, दतिया 12.5°, श्योपुर 12.6°, खजुराहो 13°, खंडवा,सीधी,नरसिंहपुर 13.4°, नर्मदापुरम 13.7° और खरगोन 14.2° दर्ज किया गया।

    इंदौर में 25 तो भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में रिकॉर्ड ठंड रही। पारा 10 डिग्री के नीचे आ गया। भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है।

    इंदौर में पारा 7 डिग्री रहा। यहां पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है। जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। इंदौर के साथ राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया।

    लगातार चौथी रात राजगढ़ में पारा सबसे कम रहा। ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान लुढ़का है। उज्जैन में 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में तापमान 9.8 डिग्री रहा।

    आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा बढ़ेगा
    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ लिया है। आने वाले दिनों में कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है, साथ ही हल्का कोहरा भी नजर आने लगा है।दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा और अनुमान है कि पारे में गिरावट का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

    उमरिया, बैतूल, रीवा भी सबसे ठंडे पिछले तीन दिन से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में ही तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी हिस्से में भी पारा लुढ़क रहा है। रविवार-सोमवार की रात में उमरिया में 8.5 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट)-रीवा में 9.1 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री तापमान रहा।

    इसी तरह मंडला में 10.1 डिग्री, गुना-शिवपुरी में 11 डिग्री, दमोह-सतना में 11.2 डिग्री, सीधी में 11.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 11.5 डिग्री, दतिया में 11.6 डिग्री, रतलाम में 12 डिग्री, धार में 12.1 डिग्री, सागर में 12.6 डिग्री, खजुराहो में 13 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पचमढ़ी में इन सभी शहरों से ज्यादा 14.2 डिग्री रहा।

    इसलिए बढ़ा ठंड का असर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है। मौसम विभाग का मानना है कि नवंबर में पहले ही दौर में तेज ठंड शुरू हो गई है, जो अब लगातार रहेगी। अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और अल सुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं, सुबह हल्का कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा।

    दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। रविवार को ज्यादातर शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट होने की संभावना है।

    पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

    वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

    अब जानिए, पूरे नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा।

    ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

     

  • बाबा महाकाल दर्शन पर गईं दिव्या दत्ता, नंदी जी के कानों में कही अपनी मनोकामना

    उज्जैन 

    प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने आज श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातः कालीन दद्योदक आरती में सम्मिलित होकर भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन का लाभ प्राप्त किया। इस दौरान वे बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आई उन्होंने बाबा महाकाल की आरती देखी और नंदी जी के कानों में अपनी मनोकामना भी कहीं।

    महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि फिल्म अभिनेत्री दिव्या दत्ता बाबा महाकाल की अनन्य भक्त हैं जो कि आज बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंची थीं। दिव्या ने नंदी हॉल से बाबा महाकाल की आरती देखी और उसके बाद वह जैसे बाबा महाकाल की भक्ति में लीन हो गईं। आरती के दौरान कभी वह आंख बंद कर ध्यान लगाती दिखाई दीं तो कभी तालियां बजाकर आरती के हर क्षण का आनंद लेती देखी गईं। आरती के बाद आपने बाबा महाकाल का पूजन अर्चन और दर्शन किए इसके साथ ही नंदी जी के कानों में अपनी मनोकामना भी कहीं। अभिनेत्री दिव्या दत्ता द्वारा श्री कोटेश्वर महादेव जी का भी पूजन किया गया। यह पूजन पुजारी अर्पित गुरु द्वारा संपन्न करवाया गया।

    आरती में लगा जैसे बाबा महाकाल के बिल्कुल करीब हूं
    बाबा महाकाल की आरती में शामिल होने और दर्शन करने के बाद अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि बाबा महाकाल के दरबार में आते ही एक पॉजिटिव एनर्जी मिली। जब मेने बाबा महाकाल के दर्शन किए तो ऐसा लगा मानो जैसे मैं बाबा महाकाल के बिल्कुल करीब हूं। आज बाबा महाकाल के जो अद्भुत दर्शन हुए और जिस प्रकार से यह आरती हुई उसने मेरे दिल को छू लिया। आज मेरी आत्मा तृप्त हो गई इस प्रकार के दर्शन करवाने के लिए श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति और यहां सेवा कर रहे हैं सभी लोगों का धन्यवाद। आपने बताया कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि महाकाल लोक में होने वाले लाइट एंड साउंड में मेरी आवाज है। इस आवाज के माध्यम से मैं भी बाबा महाकाल को नमन करती हूं और इस बात के लिए मैं अपने आप को धन्य मानती हूं कि भले ही आवाज के माध्यम से लेकिन मैं भी इस मंदिर का हिस्सा हूं। बाबा महाकाल के दर्शन कर दिल से खुश हूं जय श्री महाकाल।

    दिव्या जिसे मिला सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
    दिव्या दत्ता  एक भारतीय अभिनेत्री हैं। उन्होंने मुख्यतः हिंदी और पंजाबी सिनेमा में काम किया है और उन्हें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और फ़िल्मफ़ेयर ओटीटी पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिले हैं। दत्ता ने 1994 में फिल्म इश्क में जीना इश्क में मरना से हिंदी सिनेमा में शुरुआत की, जिसके बाद उन्होंने 1995 में ड्रामा वीरगति में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने 1999 की पंजाबी फिल्म शहीद-ए-मोहब्बत बूटा सिंह में अपने सिख पति से अलग हुई एक मुस्लिम पत्नी ज़ैनब की मुख्य भूमिका निभाकर ध्यान आकर्षित किया, जो 1947 के भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। दत्ता ने रोमांटिक ड्रामा वीर-ज़ारा (2004), कॉमेडी वेलकम टू सज्जनपुर ( 2008), ड्रामा दिल्ली -6 (2009), स्टेनली का डब्बा (2011) और हीरोइन (2012), और थ्रिलर बदलापुर (2015) में अपनी सहायक भूमिकाओं के लिए और अधिक ध्यान आकर्षित किया । सामाजिक नाटक इरादा (2017) में उनकी भूमिका के लिए, दत्ता को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टेलीविज़न में उन्होंने धारावाहिक संविधान (2014) में पूर्णिमा बनर्जी की भूमिका निभाई। थ्रिलर सीरीज़ स्पेशल ओपीएस (2020) में अपने प्रदर्शन के लिए उन्हें फिल्मफेयर ओटीटी पुरस्कार मिला। उन्होंने द स्टार्स इन माई स्काई  नामक एक पुस्तक भी लिखी हैं।

     

  • पुराने भोपाल मार्केट में लगी आग, करोड़ों की संपत्ति राख

     भोपाल
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ओल्ड टिंबर मार्केट (लकड़ी मार्केट) में सोमवार देर रात भीषण आग लग गई, जो इतनी भयावह थी कि पूरे चार घंटे तक धधकती रही. आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. टिंबर मार्केट से कुछ ही दूरी पर रेल ट्रैक होने के कारण इस अग्निकांड की संवेदनशीलता और अधिक थी. अगर आग रेल ट्रैक के पास तक फैल जाती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी या रेल यातायात प्रभावित हो सकता था. 

    टिंबर मार्केट में आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. भोपाल नगर निगम, भापाल फायर सर्विस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के कुल 40 से ज्यादा फायर टेंडर्स ने मिलकर आग पर काबू पाया. फायर फाइटर्स ने चार घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया. टिंबर मार्केट में सैकड़ों टन लकड़ी और उससे बने सामान जलकर खाक हो गए. टिंबर व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. 

    इलाके में कई टिंबर मिलें, आरा मशीनें और भारी मात्रा में लकड़ी का स्टॉक होने के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. जांच जारी है. भोपाल टिंबर मार्केट के ठीक पीछे से दिल्ली-चेन्नई रेलवे ट्रैक गुजरता है, जो देश की सबसे महत्वपूर्ण रेलवे लाइनों में से एक है. आग की घटना से रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन आसपास के इलाके में धुएं और गर्मी का असर जरूर महसूस किया गया. फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन ने व्यापारियों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

    भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आग लगने की इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है और लेकिन कुछ लकड़ी व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है. भोपाल में पात्रा पुल के पास स्थित ओल्ड टिंबर मार्केट एक व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है, जहां लकड़ी के फर्नीचर और अन्य सामान बनते हैं. यहां आरा मशीनें हैं और लकड़ी के गोडाउन बने हैं. रविवार शाम करीब 7:30 बजे ऐसे ही एक लकड़ी के गोदाम से आग लगी, जो देखते ही देखते आसपास के कुछ गोदामों और आरा मशीनों को अपनी चनेट में ले किया. जिला प्रशासन के मुताबिक आग की इस घटना में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.

    48 साल बाद शिफ्टिंग तय… पर डेवलपमेंट कछुआ चाल से यह टिंबर मार्केट करीब 48 साल पुराना है। धीरे-धीरे इस मार्केट के आसपास रहवासी इलाके बस गए। आरा मशीनों में हर साल आग की बड़ी घटनाओं को देखते हुए मेट्रो के बहाने इन्हें करीब 30 किलोमीटर दूर परवलिया के छोटा रातीबड़ में शिफ्ट करने का प्रोजेक्ट बना।

    इससे पहले आरा मशीनों को शिफ्ट करने के लिए करीब 50 बार प्रशासन स्तर पर चर्चाएं हो चुकी थीं। 8 लोकेशन देखी गईं। लंबी जद्दोजहद के बाद छोटा रातीबड़ में 18 एकड़ जमीन अलॉट की गई। यहां पर पानी, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के लिए मेट्रो कॉरपोरेशन ने साढ़े 5 करोड़ रुपए भी दे दिए। शुरुआती कुछ महीनों तक तो टेंडर की प्रक्रिया के बीच ही फाइल दौड़ती रही। जब काम की शुरुआत हुई तो वह कछुए की चाल जैसा चल रहा है।

    फिलहाल यहां पानी की टंकी और सड़क का बेस बन रहा है। इस काम को सितंबर तक पूरा करने का टारगेट था, लेकिन इसकी रफ्तार देखते हुए कहा जा सकता है कि अभी भी कम से कम छह महीने लगेंगे। ऐसे में शहर के बीच में बड़ा खतरा बरकरार रहेगा।

    सबसे पहले 2007 में उठी थी शिफ्टिंग की बात इन आरा मशीनों को छोटा रातीबड़ से पहले कबाड़खाना, ऐशबाग स्टेडियम के पास, गोविंदपुरा से लेकर ट्रांसपोर्ट नगर और चांदपुर में शिफ्ट करने के प्रयास हुए थे, लेकिन बात नहीं बन सकी। करीब दो साल पहले पहली बार आरा मशीन संचालकों को नोटिस जारी कर छोटा रातीबड़ में शिफ्ट होने का ऑप्शन दिया गया। कहा गया कि वे शिफ्ट नहीं होंगे तो हटा दिया जाएगा।

    इसके बाद सभी संचालकों ने लिखित में दिया था कि वे शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। जमीन जिला उद्योग केंद्र को दी गई थी। फिर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MESE) ने टेंडर कॉल किए थे।

    आरा मशीनों की शिफ्टिंग के बारे में सबसे पहले साल 2007 में बात हुई थी। यानी इस मुद्दे को उठे ही 18 साल बीत चुके हैं।

    आरा मशीनों की वजह से ही अटका मेट्रो का दूसरा फेज भोपाल में मेट्रो की ऑरेंज लाइन, एम्स से करोंद के बीच 14.99 किमी में बन रही है। एम्स से सुभाषनगर (6.22 किमी) के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम पूरा हो गया है और मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है।

    इसी लाइन के दूसरे फेज सुभाषनगर से करोंद (8.77 किमी) तक का काम आरा मशीनों की वजह से अटका हुआ है। दरअसल, मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए कुल 108 में से 46 मशीनें पहले शिफ्ट होंगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से अंडरग्राउंड रूट का काम प्रभावित हो रहा है।

    आग लगने के बाद अब जल्दी शिफ्टिंग का दावा इस मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आरा मशीनों की शिफ्टिंग जल्द करने का दावा किया है। रविवार रात आग लगने की घटना के बाद वे भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया- छोटा रातीबड़ में जमीन डेवलप की जा रही है। जल्द ही काम पूरा करेंगे और फिर वहां टिंबर मार्केट को शिफ्ट कर देंगे।

     

  • ‘हैप्पी पंजाबी’ की आड़ में अपराध, इरफान ने पीटा और ब्लैकमेल किया, पीड़िता के साथ गंभीर अत्याचार

    इंदौर

    इंदौर के विवादित जिहादी हैप्पी अली उर्फ हैप्पी पंजाबी उर्फ इरफान अली के खिलाफ 21 वर्षीय युवती ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए रेप, ब्लैकमेलिंग और जबरन गर्भपात का केस दर्ज कराया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने अपनी असल पहचान छिपाई, नौकरी का झांसा देकर उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया, फिर फोटो/वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। जिसके बाद जबरन शारीरिक संबंध बनाते रहा। यहां तक कि धार्मिक दबाव डाला गया। कलमा याद न करने वह उसे खूब पीटता था।

    मामले में पीड़िता ने करणी सेना की मदद ली। शिकायत पर विजयनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
    पीड़िता की आपबीती

    शिकायत के अनुसार पीड़िता मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है, उसने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह निपानिया में किराये के मकान में रहती है और मेकअप आर्टिस्ट का काम करती थी, मेरी मुलाकात मई 2023 में इरफान अली उर्फ हैप्पी अली से हुई थी, उसने अपना नाम उस समय “हैप्पी पंजाबी” बताया था। हैप्पी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर मुझे होटल में बुलाया और वहां कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश कर दिया। जब मैं सुबह उठी तो मेरे शरीर पर कोई कपड़े नहीं थे। तब मुझे पता चला कि हैप्पी ने मेरे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए विरोध किया तो जिहादी हैप्पी बोला तेरे अश्लील फोटो-वीडियो भी बनाये है।
    फोटो-वीडियो दिखाकर ब्लैकमेलिंग

    जिसके बाद से ही आरोपी मुझे डरा धमकाकर बार-बार ब्लैकमेल कर मेरे किराये के कमरे पर आता रहा और फोटो-वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल कर शारीरिक संबंध बनाता रहा। 2024 में हैप्पी मुझे कहीं लेकर जा रहा था। इसी दौरान उसका विजयनगर क्षेत्र में ऑटो चालक से झगड़ा हुआ था, तब मुझे पता चला कि वह हैप्पी पंजाबी नही बल्कि इरफान अली हैं। विरोध किया तो बोला मैं मुस्लिम हूं, तुझे भी मुसलमान बनना पड़ेगा।

    विजयनगर में ऑटो चालक से हुए विवाद के बाद में अपने घर राजस्थान चली गई। जनवरी 2025 में फिर से इंदौर आई तो हैप्पी मुझे फिर से संबंध बनाने और धर्म परिवर्तन का दबाव और ब्लैकमेल कर शारीरिक संबंध बनाने लगा। उसकी हरकतों के कारण में फिर से राजस्थान चली गई। इंदौर फिर आई तो परेशान ब्लैकमेल कर देवास ले गया वहां से जैसे तैसे कर इंदौर आई और घटना परिजनों को बताई। जिहादी हैप्पी अली ने मेरे साथ आखिरी बार अक्टूबर 2025 मे जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए हैं। एक दिन वह मुझे घर पर छोडकर कही गया तो मैं वहां से भागकर इंदौर आ गई। लोकलाज के डर से मैने अभी तक हैप्पी के खिलाफ रिपोर्ट नही किया था। मामले में पुलिस ने हैप्पी अली पर दुष्कर्म , ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण का दबाव सहित अन्य धारा में केस किया है।
    बार बार दुष्कर्म, फिर गर्भपात

    पीड़िता के मुताबिक, जून माह में मैं वापस इंदौर आई तो उसी माह के आसपास आरोपी मुझे देवास ले गया और वहां एक एकांत फ्लैट में बंद कर मेरे साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिस कारण मैं गर्भवती हुई, फिर मुझे कोई दवा देकर जबरन गर्भपात करवा दिया गया, जिससे मेरी सेहत खराब हो गई। पीड़िता के मुताबिक हैप्पी अली मुझे सिगरेट से दागता था, मारपीट करता था, जिससे मुझे सिर पर चोट और हाथ पर कट के निशान भी है।
    कलमा याद नही होने पर पीटता था

    पीड़िता ने दर्ज रिपोर्ट में यह भी बताया कि हैप्पी अली मुझे धर्म परिवर्तन कर निकाह का कहता। मुझे कलमा एवं मुस्लिम दुआ याद करवाता था। मुस्लिम दुआ याद नही होने पर मुझसे मारपीट करता था। मुझसे रोजे रखवाता था एवं मुझे बुर्का पहनने को कहता था। मैं मना करती थी तो कहता था तू मुझे जानती नहीं है, ज्यादा समझदार बनी तो मैं तुझे जान से खत्म कर दूंगा।
    ड्रग्स पार्टी

    जानकारी के मुताबिक, हैप्पी अली ड्रग्स की बड़ी पार्टियों का आयोजन इंदौर में बड़े पैमाने पर करता है और हैप्पी अली पर 15 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। उस पर जिला बदर , रासुका भी लग चुकी है। सूत्रों से जानकारी लगी है कि आरोपी अश्लील वीडियो बनाकर मासूम लड़कियों को ब्लैकमेल करने का काम भी करता है। 

  • स्टेट हैंगर से नई विमान सेवा का मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

    रायपुर,

     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद विमानतल परिसर, माना कैम्प के समीप स्टेट हैंगर के नियमित परिचालन का शुभारंभ किया। शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय अपने गुजरात प्रवास हेतु इसी हैंगर से रवाना हुए।

    स्टेट हैंगर के प्रारम्भ होने से राज्य में विशेष विमान द्वारा वीवीआईपी आगमन एवं प्रस्थान की व्यवस्थाएँ अब और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित हो जाएगी। इस पहल से एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आम यात्रियों को होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी।

    उल्लेखनीय है कि स्टेट हैंगर का निर्माण वर्ष 2012 में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगभग 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया था। तथापि, इसके परिचालन के लिए आवश्यक डीजीसीए (DGCA) और बीसीएएस (BCAS) की विभिन्न अनुमतियाँ हाल ही में 31 अक्टूबर 2025 को प्राप्त हुईं है। अनुमतियां मिलने के पश्चात अब हैंगर का नियमित परिचालन आरम्भ किया गया है।

    नवनिर्मित स्टेट हैंगर को टैक्सी वे ‘E’ के माध्यम से एयरपोर्ट रनवे से जोड़ा गया है, जिससे वीवीआईपी मूवमेंट अधिक सुगमता से हो सकेगा और एयरपोर्ट परिसर के भीतर अलग व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    राज्य शासन के स्वामित्व वाले विमान एवं हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए भी यह नया स्टेट हैंगर उपयोग में लाया जाएगा। इससे अब एयरपोर्ट परिसर के भीतर स्थित किराए के स्टेट हैंगर पर निर्भरता समाप्त होगी।

    इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, माना कैम्प नगर पंचायत अध्यक्ष संजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के उप सचिव सूरज साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी घोषणा: रतनपुर में बनेगा 100 बिस्तर अस्पताल और आधुनिक सामुदायिक भवन

    रायपुर : कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

    रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अटल वास्तव, मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर मती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

    मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है।

    जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना

    महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

  • एमपी कैबिनेट आज करेगी निर्णय, ‘लाड़ली बहना योजना’ के 1500 रुपए की मंजूरी और किस्त की तारीख घोषित

    भोपाल 

    .  लाड़ली बहना को अगली किस्त 1500 रुपए देने पर सोमवार को कैबिनेट में मुहर लगेगी। साथ ही सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल की अनिवार्यता के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है। अभी मप्र में 1.26 करोड़ लाड़ली बहना को हर माह 1250 रुपए मिलते हैं। सीएम ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपए करने की घोषणा की है।

    एमपी सीएम सिवनी में राज्यस्तरीय मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हितलाभ वितरण कार्यक्रम से 12 नवंबर को बहनों के खाते में 30वीं किस्त के 1500 रुपए ट्रांसफर करेंगे। बता दें कि, बहनों केा बढ़ी हुई राशि इसी माह से दी जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव गुजरात के केवड़िया प्रवास पर रहेंगे। इसलिए सोमवार को कैबिनेट होगी।

    रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा का शुभारंभ

     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा संचालन का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। रीवा से दिल्ली के लिए यह नई हवाई सेवा शुरू होगी, जिससे विंध्यवासियों को सीधे दिल्ली यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रीवा से इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा जल्द शुरू होने जा रही है।

    कैबिनेट इस प्रस्ताव को हरी झंडी देने के साथ ही प्रदेश की लाभार्थी महिलाओं के खातों में हर महीने 250 रुपये अतिरिक्त आएंगे। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने अक्टूबर में महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त भेजी गई थी। योजना की 30वीं किस्त 12 नवंबर को जारी की जा सकती है।

    विंध्य को हवाई सेवा की सौगात

    आज विंध्यवासियों के लिए एक बड़ा दिन है, क्योंकि रीवा से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह करीब 11:35 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस 72-सीटर उड़ान सेवा का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। इस सेवा के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के लोगों को देश की राजधानी तक पहुंचने के लिए एक तेज और सुगम विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, भविष्य में रीवा से इंदौर के लिए भी 72-सीटर हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।

  • सीएम विष्णु देव साय का वक्तव्य – मजबूत शिक्षा व्यवस्था से ही बनता है सशक्त राष्ट्र

    रायपुर : शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री  साय

    बालोद जिले के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार है। इसलिए हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षित और ज्ञानवान बनाएं। मुख्यमंत्री  साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।

    मुख्यमंत्री  साय ने सर्वप्रथम शाकंभरी माता, भगवान राम, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं मती सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कोसरिया मरार समाज को धरती माता की सेवा करने वाला मेहनतकश समाज बताते हुए समाज के कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की।

    मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव को समाज का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वजातीय जनों के बीच मेल-मिलाप और एकता को भी प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल अनावश्यक खर्च को रोकते हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबके को आर्थिक संबल भी प्रदान करते हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने समाज एवं राष्ट्र के विकास में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल शासकीय सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने समाज के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की समुचित शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने नशा को समाज की अवनति का प्रमुख कारण बताते हुए समाज के लोगों से नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सभी समाजों की प्रगति ही छत्तीसगढ़ राज्य एवं देश की प्रगति का आधार है। मरार समाज की उन्नति में ही प्रदेश की उन्नति निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज का यह आयोजन निश्चित रूप से कोसरिया मरार समाज की एकता और प्रगति को नई दिशा देगा।  साय ने कहा कि मरार समाज खेती-किसानी और सब्ज़ी उत्पादन के माध्यम से न केवल समाज के सभी वर्गों की सेवा कर रहा है, बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी कर रही है। साथ ही राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।  इसके अतिरिक्त राज्य में पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि हेतु भी ठोस व्यवस्था की गई है।

    मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा प्रकाशित युवक-युवती परिचय माला पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने शाकंभरी महोत्सव के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में परिणय-सूत्र में बंधने वाले नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सुखी एवं सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं।

    समारोह में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक मती संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष  यज्ञदत्त शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख उपस्थित थे।

  • मध्यप्रदेश में बढ़ी ठिठुरन: आज से तेज़ कोल्ड वेव, इन जिलों को रहे सावधान

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले 10 दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ने लगी है। मौसम विभाग की माने तो पिछले 25 साल में ऐसा पहली बार है, जब नवंबर की शुरुआत में ही यहां कई इलाकों में शीतलहर चलने लगी है। आलम ये है कि, प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा पहुंचा। राजगढ़ जिले में पमचढ़ी से भी ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा की वजह से अचानक ठंडक बढ़ गई है। उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश आ रही हैं, जिससे नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में पिछले 25 साल में पहली बार है कि, नवंबर माह के शुरुआत में ही शीतलहर चल गई हो। शनिवार रात को प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इनमें राजगढ़ में सबसे ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    कई शहरों में कोल्ड वेव
    इसके अलावा कई शहरों में कोल्ड वेव का भी असर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, सतना और रीवा में दिन में ठंडी हवाएं चली।
     
    इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट
    जबकि, आज रविवार को भी इन जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पन्ना जिले में भी कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा। वहीं, कल सोमवार (10 नवंबर) को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, रीवा, पन्ना, सतना, छतरपुर और टीकमगढ़ में शीतलहर चलने का अलर्ट है।