• रायपुर: उद्योग मंत्री ने कोरबा के लिए 4.92 करोड़ की विकास परियोजनाओं की घोषणा की

    रायपुर : उद्योग मंत्री ने कोरबावासियों को दी 4.92 करोड़ रूपए के विकास कार्याें की सौगात

    विभिन्न वार्डाे में होगे सड़क, नाली, कलवर्ट आदि के निर्माण कार्य, तो वहीं वरिष्ठजनों को मिला उनका अपना सियान सदन

    रायपुर

    उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम केरबा क्षेत्रांतर्गत विभिन्न वार्डाे को 4.92 करोड़ रूपये के विकास कार्याे की सौगात प्रदान की। इस सौगात से निगम के विकास कार्याे को गति मिली है, जिसके तहत सड़क, नाली, कलवर्ट आदि के निर्माण कार्य विभिन्न वार्डाे में किए जाएंगे, तो वहीं दूसरी ओर वार्ड क्र. 13 में वरिष्ठजनों को उनका अपना सियान सदन भी प्राप्त हुआ है। 

    उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा अंतर्गत न्यू अमरैयापारा एवं कोसाबाड़ी जोनांतर्गत सिंगापुर में 04 करोड़ 82 लाख रूपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्याे का भूमिपूजन बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, जबकि कार्यक्रम में सभापति  नूतन सिंह ठाकुर,  गोपाल मोदी, वरिष्ठ पार्षद  नरेन्द्र देवांगन सहित मेयर इन काउंसिल के सदस्यों, पार्षदों व जनप्रतिनिधियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की, वहीं उद्योग मंत्री  देवांगन द्वारा वार्ड क्र. 13 में 10 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित सियान सदन का लोकार्पण भी किया गया। 

    इस अवसर पर उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनता जनार्दन का आशीर्वाद, प्यार व स्नेह मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, मैं आभारी हूॅं कि कोरबा की जनता ने मुझे सदैव अपना प्यार, स्नेह व आशीर्वाद दिया है, उन्होने कहा कि जहां तक कोरबा के विकास की बात है, तो देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी व लोकप्रिय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आशीर्वाद तथा उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव के सहयोग से कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, यहां पर बरसों से व्याप्त समस्याएं दूर हो रही हैं, जिसके साक्षी हम सब हैं। उन्होने कहा कि विगत डेढ़ वर्षाे के कार्यकाल में कोरबा नगर निगम क्षेत्र में 700 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। विकास कार्याे हेतु जब भी जितनी राशि की मांग की जाती है, मुख्यमंत्री  साय के द्वारा तत्काल स्वीकृत प्रदान की जाती है, उन्होने कहा कि कोरबा नगर निगम के सभी 67 वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य हो रहे हैं, आगे भी लगातार होंगे, यह मैं विश्वास दिलाता है।

     इस मौके पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत और  गोपाल मोदी ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

    वरिष्ठजनों को मिला सियान सदन

    उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अधोसंरचना मद से स्वीकृत व 10 लाख रूपये की लागत से नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 13 में सियान सदन का निर्माण कराया गया है, आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने उक्त सियान सदन का लोकार्पण किया तथा भवन को वरिष्ठजनों की सेवा में समर्पित किया।

    इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने वार्ड क्र. 14 में 10 लाख रूपये की लागत से भव्य शेड निर्माण की घोषणा की तथा इस पर त्वरित कार्यवाही किए जाने के निर्देश अधिकारियां के दिए। इसके साथ ही उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विकास कार्याे का भूमिपूजन आज सम्पन्न हुआ है, वे कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं तथा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए तेजी से कार्य करते हुए समयसीमा में कार्य पूर्ण हो, यह सुनिश्चित कराएं। 

    कार्यक्रम के दौरान निगम के सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद  नरेन्द्र देवांगन, एम.आई.सी सदस्य अजय प्रभा टीकम राठौर, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

  • महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की फिजियोथेरेपिस्ट ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, खेलों में छत्तीसगढ़ की भूमिका पर हुई चर्चा

    रायपुर : वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री

    रायपुर

    “छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।”यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा कीं।

    मुख्यमंत्री  साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में छत्तीसगढ़ की बेटी के शामिल होने से प्रदेशवासियों को यह महसूस हुआ कि हम सभी इस जीत में सहभागी हैं।”इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आकांक्षा सत्यवंशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि “आपने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को प्रेरित करेगी।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि और भी युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अलंकरण सम्मान को पुनः प्रारंभ कर रही है। साथ ही, ओलंपिक में शामिल होने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूर अंचलों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

    फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है। मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई।” उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सक्रिय खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही।“मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही।”

    आकांक्षा ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता — बस ज़रूरत है निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की।”

    इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ रोचक यादें साझा कीं।

    नियमित दिनचर्या, संयमित खानपान और योग — फिट रहने का मंत्र

    फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के साथ महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री हमेशा कहते हंत कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, और यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। फिटनेस को लेकर उनकी सीख हर किसी को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।"

    आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से उनके फिटनेस का रहस्य पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा —
    “हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। उनकी सक्रियता, ऊर्जा और अनुशासन से हम सीखते हैं। संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या ही फिट रहने का मेरा मंत्र है।”

    उल्लखेनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ टीम के साथ रहीं और खिलाड़ियों की फिटनेस व मानसिक मजबूती को बनाए  रखने में अहम योगदान दिया।आकांक्षा सत्यवंशी ने बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट, भारतीय टीम का हिस्सा बनकर खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
    इस उपलब्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री  साय ने आकांक्षा को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

    दुर्ग में जन्मी आकांक्षा का परिवार रायपुर में निवासरत है, जबकि उनका पैतृक गांव कवर्धा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और फिजियोथेरेपी में बैचलर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की, जबकि मास्टर्स डिग्री कटक से प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव खेल और फिजियो साइंस के प्रति स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा था।

    साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। केवल छह वर्षों के छोटे से सफर में उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म के बल पर राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई। साल 2022 में उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ वर्ल्ड कप अभियान में शामिल किया गया।इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट, रिकवरी सेशन, मानसिक दृढ़ता और ऊर्जा संतुलन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

  • बीजापुर में नक्सल उन्मूलन और विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिए आवश्यक निर्देश

    रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बीजापुर में नक्सल उन्मूलन एवं अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों की ली समीक्षा

    सुरक्षा कैम्पों से बढ़ा विश्वास, विकास की रफ्तार में आई तेजी – उपमुख्यमंत्री

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने अपने बीजापुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज इन्द्रावती सभाकक्ष में नक्सल उन्मूलन एवं अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने नक्सल उन्मूलन की गतिविधियों, नवस्थापित सुरक्षा कैम्पों की स्थिति, उनके संचालन से आए सकारात्मक सामाजिक बदलावों तथा उन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

    सुरक्षा कैम्पों से बदली स्थिति

    बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने पिछले दो वर्षों में नक्सली गतिविधियों में आई कमी, पुनर्वासन करने वाले युवाओं की संख्या, गिरफ्तारियाँ, आईईडी बरामदगी, तथा हथियारों की जब्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के बाद दूरस्थ इलाकों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ी है और आम जनता में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

    विकास योजनाओं की समीक्षा

    उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, पेयजल और संचार सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की।
    कलेक्टर  संबित मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के बाद 166 गांव अब “नियद नेल्ला नार योजना” में शामिल किए गए हैं, जिसके तहत सभी बुनियादी सुविधाएं और शासन की योजनाएं पहुंचाने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर बल

     शर्मा ने भैरमगढ़ ब्लॉक के नदी पार सात गांवों में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप की सराहना की और कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्द्रावती नदी किनारे बसे पंचायतों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए मोटर बोट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक गांव में आशा एवं मितानिन कार्यकर्ता की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए।

    वनाधिकार एवं योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर

    उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत चिन्हांकित सभी गांवों में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पत्र प्रत्येक पात्र हितग्राही को जल्द प्रदान किए जाएं। इसके लिए पूर्व में स्थापित सुरक्षा कैम्पों वाले सभी गांवों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर वितरण सुनिश्चित करने को कहा।

    महिला समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में पहल

     शर्मा ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन पर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने महुआ, टोरा, इमली, चिरौंजी जैसी स्थानीय वनोपजों का वैज्ञानिक संग्रहण एवं प्रसंस्करण कर वैल्यू एडिशन आधारित आयवृद्धि मॉडल लागू करने के निर्देश दिए।

    इस बैठक में बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर  संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ  रंगानाथन रामाकृष्णन वाय., सीईओ जिला पंचायत मती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व  संदीप बलगा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • घोषणा के अनुरूप सड़कों का नवीनीकरण: कारीआम-बसंतपुर और गौरेला-वेंकटनगर मार्ग पर जारी बीटी पेच रिपेयर कार्य

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव की घोषणा के अनुरूप गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कारीआम-बसंतपुर मार्ग, जो कि जिला मुख्यालय एवं बिलासपुर आवागमन का मुख्य मार्ग है और गौरेला-वेंकटनगर मार्ग मध्य प्रदेश की सीमा से लगा हुआ अंतरराज्यीय मार्ग है। दोनों मार्गों पर बी.टी. पेच रिपेयर का कार्य तेजी से चल रहा है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग पेंड्रा संभाग पेंड्रारोड द्वारा किया जा रहा है।         

                 विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि उक्त  दोनों मार्गों में यातायात घनत्व अधिक होने के कारण मार्ग जर्जर हो गया है। जिससे मार्ग में बार-बार डब्ल्यू.एम.एम. पेच से मरम्मत कार्य करना पड़ता है। वर्तमान में मार्ग की पूरी चौड़ाई में डब्ल्यू.एम.एम. 150 एम.एम. मोटाई, बी.एम. 50 एम.एम. मोटाई और एम.एस.एस. 20 एम.एम. मोटाई में पेच रिपेयर के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने ने बताया कि चिन्हाकित मार्गों का मरम्मत 31 दिसम्बर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री श्री अरुण साव ने 10 अक्टूबर 2025 को घोषणा की थी कि वर्षा ऋतु के पश्चात सड़कों के रख-रखाव एवं मरम्मत का कार्य शीघ्र ही तेजी से किया जाएगा।

  • डिण्डोरी जिले में मेगा हेल्थ कैम्प, जनजातीय समुदाय को मिला मुफ्त उपचार और परामर्श

    डिण्डोरी जिले में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 7170 जनजातीय लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार डिंडोरी जिले में रविवार 9 नवम्बर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर, 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक चल रहे विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रशासन द्वारा वृहद जनकल्याणकारी एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बरगाँव, शहपुरा में किया गया। प्रशासन द्वारा 364 पंचायतों से 20 बस एवं 300 से ज़्यादा वाहनों से निःशुल्क जनजातीय वर्ग के लोगों को शिविर स्थल तक लाया गया। शिविर में 20 पंजीयन काउंटर में 60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिसमे पंजीयन से लेकर चिकित्सक तक पहुँचाना एवं दवाई वितरण तक हितग्राही का सहयोग किया गया।

    शिविर में प्रशासन ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज, सुखसागर मेडिकल कॉलेज, अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज रीवा एवं ज़िला डिंडोरी से शासकीय एवं निजी 236 चिकित्सक एवं 500 से अधिक स्टाफ नर्स की टीम को आमंत्रित किया। विशेष रूप से हृदय रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, अस्थि रोग, दंत रोग तथा एक्स-रे एवं अन्य जांच सेवाओं के विशेषज्ञ चिकित्सक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनके साथ बाल रोग, त्वचा रोग, मानसिक स्वास्थ्य, शल्य चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और आयुष चिकित्सा से संबंधित डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से सेवाएँ दीं।

    शिविर के माध्यम से 7170 जनजातीय भाई-बहनों ने स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जनजाति वर्ग के 1734 हितग्राही की  सिकल सेल एनीमिया की जाँच, 986 की एक्स-रे, 1230 के नेत्र परीक्षण उपरांत 738 चश्मे वितरण, रक्त जांच, दंत परीक्षण एवं 2195 हितग्राहियों की आयुष जाँच जैसी अनेक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।

    शिविर परिसर में विभिन्न विभागों के सेवा एवं सूचना शिविर भी लगाए गए — जिनमें महिला एवं बाल विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जनपद पंचायत, राजस्व, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित कई विभागों ने सहभागिता की। नागरिकों के लिए आधार अद्यतन, ई-केवाईसी, यूडीआईडी प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी कार्य, पात्रता जाँच तथा विभिन्न योजनाओं के आवेदन जैसी सुविधाएँ भी एक ही स्थान पर प्रदान की गईं।

    शिविर में दिव्यांगजन न्यायालय का आयोजन भी किया गया, जिसमें पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही 482 दिव्यांगजनो को 201 दिव्यांग प्रमाण पत्र और 1856 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इसके लिए प्रशासन ने पिछले 15 दिवस से जनपद स्तर पर आयोजित दिव्यांग शिविर के माध्यम से दिव्यांगनों को चिह्नांकित किया एवं प्रमाण पत्र एवं किट उपकरण आदि भी वितरण किए। दिव्यांग कोर्ट के माध्यम से दिव्यांगजनो के क्लेम का निराकरण किया गया।

    जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह पूरा अभियान 15 नवम्बर, भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह के साथ संपन्न होगा।” इस अवसर पर शहपुरा के विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे

  • रफ्तार और रोमांच का संगम: रायपुर में सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप, सीएम विष्णु देव साय बने युवाओं की प्रेरणा

    रायपुर : राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का रोमांच रायपुर में : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बढ़ाया युवाओं का हौसला

    जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय

    रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में युवाओं के जोश और ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन

    रायपुर

    राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में आज रोमांच, ऊर्जा और साहस से भरपूर राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित  करते हुए कहा कि यह आयोजन खेल  युवा शक्ति, अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी का उत्सव है। देशभर से आए 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बना दिया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि जैसे रजत जयंती महोत्सव के दौरान एयरोबेटिक शो ने आसमान में देशभक्ति का जोश जगाया, वैसे ही यह सुपरक्रॉस चैंपियनशिप ज़मीन पर युवाओं के जुनून को नई उड़ान दे रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पाठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स टूरिज़्म और मोटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे सुरक्षित रेस करें, अपने कौशल का प्रदर्शन करें और दर्शक जिम्मेदारी के साथ इस खेल का आनंद लें।

    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु  खुशवंत साहेब, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्ज्वल दीपक, अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

  • धान खरीदी सीज़न की तैयारी पूरी, 15 नवंबर से खुलेगी खरीदी केंद्रों की शुरुआत

    धमतरी,

     छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया 15 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। जिले के किसान इस तैयारी में जुट गए हैं। मौसम खुलते ही खेतों में कटाई का दौर तेज हो गया है और किसान खुले आसमान के नीचे फसल सुखाने में लगे हुए हैं, ताकि बिक्री के समय किसी प्रकार की नमी की समस्या न रहे।

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की घोषणा के साथ ही प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। जिले में लगभग 100 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी। किसानों के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया इस सप्ताह से शुरू हो सकती है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार टोकन तुहर हाथ पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से टोकन वितरण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विकसित ‘टोकन तुहर हाथ’ एंड्रॉइड एप के माध्यम से किसान अपनी सुविधा के अनुसार खरीदी केंद्र व तिथि का चयन कर सकेंगे। इस एप में पंजीकृत किसानों को उनकी भूमि, बैंक खाता, समिति की जानकारी और खरीदी की नवीनतम स्थिति से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध होगी। किसान इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

    जानकारी के अनुसार विभाग ने टोकन वितरण की श्रेणियां तय कर दी हैं। सीमांत कृषक (दो एकड़ तक) को अधिकतम एक टोकन, लघु कृषक (दो से 10 एकड़) को अधिकतम दो टोकन तथा दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक) को अधिकतम तीन टोकन जारी किए जाएंगे। नया टोकन रविवार से शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे से शाम पांच बजे तक बनाया जा सकेगा। प्रत्येक ग्राम के लिए टोकन की मात्रा क्विंटल में दर्ज की जाएगी। टोकन जारी करने के लिए किसान का आधार सत्यापन और बैंक शाखा की पुष्टि अनिवार्य होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का बैंक विवरण सत्यापित नहीं होगा, उन्हें टोकन जारी नहीं किया जा सकेगा। धान खरीदी प्रारंभ होने की घोषणा के साथ ही किसानों में उत्साह का माहौल है। अधिकांश किसानों ने खेतों से फसल काटकर सुखाना शुरू कर दिया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार खरीदी व्यवस्था को और पारदर्शी व सुचारू बनाने के लिए डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।

     

  • ठंड का कहर लौटेगा छत्तीसगढ़ में, अगले 48 घंटे में गिर सकता है पारा 3 डिग्री तक

    रायपुर

    राज्य में ठंडी हवा का असर होने लगा है. उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में तापमान में खासी गिरावट के बाद शीतलहर चलने की संभावना है. इधर पिछले चौबीस घंटे में शहर के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की कमी आई है. अगले दो से तीन दिन तक शहर में ठंड बढ़ने की संभावना बनी हुई है. पिछले चौबीस घंटे में राजद्य में सबसे कम तापमान 11 डिग्री के करीब अंबिकापुर का दर्ज किया गया.

    नवंबर के दूसरे सप्ताह में राज्य में ठंड की शुरुआत हो चुकी है. इस बार उत्तर-पूर्व से आने वाली शुष्क हवा के असर से  तापमान में गिरावट होने लगा है. इसके साथ वातावरण में मौजूद नमी में हुई गिरावट से मौसम रूखा होने लगा है. हवा की दिशा में बदलाव होने की वजह से न्यूनतम तापमान में आने वाली कमी से पिछले दो तीन दिन से बढ़ती ठंड महसूस हो रही है.

    पिछले चौबीस घंटे में तो राज्य के न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आई है. अंबिकापुर का पारा जो 13 डिग्री से अधिक था वह गिरकर 11 डिग्री से नीचे चला गया. रायपुर का न्यूनतम तापमान 20 से 18 डिग्री के करीब पहुंचा गया. मौसम विभाग ने तापमान में आ रही गिरावट को ध्यान में रखते हुए अगले दो से तीन दिनों में राज्य की उत्तरी सीमा के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की संभावना जताई गई है.

    रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
    राजधानी रायपुर में आज मौसम विभाग ने आसमान मुख्यत: साफ रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

  • अब फास्टैग भी नहीं? NHAI की नई हाईटेक सर्विस से बिना रुके कटेगा टोल

    ग्वालियर 
    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने देशभर के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब हाइवे पर बार-बार टोल देने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। एनएचएआइ ने ‘वार्षिक फास्टैग सर्विस’ शुरू की है, जिसके तहत महज 3000 रुपए में सालभर में 200 बार टोल क्रॉस करने की सुविधा मिलेगी। इस नई स्कीम से ग्वालियर और आसपास के चार प्रमुख टोल प्लाजा – मेहरा, पनिहार, बरेठा और छौंदा – जुड़ गए हैं।

    यह सुविधा विशेष रूप से गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए है। इस ‘वार्षिक फास्टैग पास’ का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिकों को एनएचएआइ की ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस प्रकार, अब किसी भी सरकारी दफ्तर या एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सारा काम मोबाइल से ही संभव है। एनएचएआइ ने यह स्कीम देशभर के सभी 1150 टोल प्लाजा पर 15 अगस्त 2025 से लागू कर दी है।

    ग्वालियर के ये टोल प्लाजा हुए शामिल
    छौंदा टोल प्लाजा (ग्वालियर-मुरैना मार्ग): एकल यात्रा शुल्क 100 रुपए। सामान्य स्थिति में 30 बार टोल क्रॉस करने पर 3000 रुपए खर्च होते हैं।

    बरेठा टोल प्लाजा (ग्वालियर-भिंड मार्ग): एकल यात्रा शुल्क 75 रुपए। सामान्य स्थिति में 40 बार टोल क्रॉस करने पर 3000 रुपए खर्च होते हैं।

    मेहरा टोल प्लाजा (ग्वालियर-आगरा/झांसी मार्ग): एकल यात्रा शुल्क 100 रुपए। सामान्य स्थिति में 30 बार टोल क्रॉस करने पर 3000 रुपए खर्च।
     
    पनिहार टोल प्लाजा (ग्वालियर-शिवपुरी मार्ग): एकल यात्रा शुल्क 120 रुपए। सामान्य स्थिति में 25 बार टोल क्रॉस करने पर 3000 रुपए खर्च।

    कैसे करें एक्टिवेट
    ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप डाउनलोड करें, वाहन नंबर और फास्टैग को ऐप में रजिस्टर करें, Annual FASTag Pass विकल्प चुनें और 3000 रुपए का भुगतान करें। इसके बाद एक्टिवेशन हो जाएगा। एनएचएआइ के मैनेजर प्रशांत मीणा ने बताया, वार्षिक फास्टैग योजना ग्वालियर के चारों प्रमुख टोल प्लाजा से जुड़ चुकी है। वाहन मालिकों को अब कोई पेपरवर्क नहीं करना होगा, सब कुछ ऑनलाइन रहेगा। इससे हाईवे ट्रैफिक में तेजी आएगी और लोगों का समय व पैसा दोनों बचेंगे।

  • एमपी पुलिस भर्ती 2025: SI और Subedar के लिए आवेदन की आज लास्ट डेट, जानें कैसे करें Apply

    भोपाल
    मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में नौकरी की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) और सूबेदार के कुल 500 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि कल, 10 नवंबर 2025 निर्धारित की गई है। जो उम्मीदवार अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे तुरंत मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर या डायरेक्ट लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    कौन कर सकता है आवेदन?
    इस भर्ती के लिए ग्रेजुएट (स्नातक) अभ्यर्थी पात्र हैं। उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएशन पूरा होना आवश्यक है।
    आयु सीमा: सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 33 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 38 वर्ष निर्धारित है।
    आयु की गणना 10 नवंबर 2025 को आधार मानकर की जाएगी।
    आरक्षित वर्ग को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

    आवेदन प्रक्रिया
    1. उम्मीदवार esb.mp.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
    2. होम पेज पर हिंदी या अंग्रेजी भाषा का चयन करें।
    3. “Online Form – Subedar & Sub-Inspector Recruitment Test For Police H.Q., Home (Police) – 2025 Start From” लिंक पर क्लिक करें।
    4. मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करें।
    5. लॉग इन कर शेष डिटेल भरें और आवेदन फॉर्म को पूरा करें।
    6. निर्धारित फीस जमा करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।

    फीस का विवरण
    जनरल वर्ग एवं अन्य राज्यों के उम्मीदवार: ₹500
    OBC, SC, ST उम्मीदवार: ₹250
    इसके अलावा ₹60 पोर्टल शुल्क अतिरिक्त देना होगा।
    (ध्यान रखें, बिना फीस जमा किए आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।)

    महत्वपूर्ण सलाह
    अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए आज ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

  • ग्रीन एनर्जी हब की ओर कदम: मध्यप्रदेश में बढ़ रहा निवेश, खुल रहे नए अवसर

    भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। मध्यप्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन और वर्ष 2070 तक ‘नेट ज़ीरो कार्बन फुटप्रिंट’ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश ने बीते 12 वर्षों में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 19 गुना वृद्धि की है। मध्यप्रदेश की कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता में आज 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हरित ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त हो रहा है। यह अभूतपूर्व उपलब्धि राज्य की ऊर्जा नीति, तकनीकी नवाचारों और निवेशक-हितैषी दृष्टिकोण का परिणाम है।

    ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक प्रगति
    राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में शामिल है। राज्य की नीति प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘स्वच्छ ऊर्जा – आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार कर रही है।

    अभूतपूर्व निवेश और रोजगार सृजन
    जीआईएस–भोपाल के दौरान प्रदेश की ‘टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक’ रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी ने देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। इस नीति के कारण अब तक ₹5.72 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है, जिससे 1.46 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे। अवाडा एनर्जी, एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर, एनएसएल रिन्यूएबल पॉवर, टोरेंट पॉवर और जिंदल इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां प्रदेश में व्यापक निवेश करने जा रही है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस-भोपाल का शुभारंभ करते हुए कहा था कि देश के ऊर्जा क्षेत्र में पिछले दशक में जबरदस्त प्रगति हुई है। उन्होंने इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश की भूमिका की सराहना करते हुए कहा था कि राज्य की कुल 31 हजार मेगावाट विद्युत क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है।

    हरित ऊर्जा के नए केंद्र है रीवा और ओंकारेश्वर
    रीवा सोलर पार्क ने देश में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में नये मानदंड स्थापित किये हैं। यह देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा पार्कों में से एक है और यहाँ से दिल्ली मेट्रो को भी बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसी क्रम में ओंकारेश्वर में देश का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट (278 मेगावाट) स्थापित किया गया है। इससे जलाशयों के उपयोग से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि हाल ही में मुरैना में स्थापित ‘सोलर प्लस बैटरी स्टोरेज’ परियोजना ने एक नया इतिहास रचा है। यहाँ केवल ₹2.70 प्रति यूनिट की दर से 24 घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध होगी। यह परियोजना भारत में ‘राउंड-द-क्लॉक ग्रीन पॉवर सप्लाई’ की दिशा में पहला बड़ा कदम है, जो कोयला आधारित संयंत्रों के समतुल्य ‘पीक-ऑवर्स’ में बिजली आपूर्ति करने में सक्षम है।

    सांची बना प्रदेश का पहला सौर शहर
    राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सांची को मध्यप्रदेश का पहला सौर शहर घोषित किया गया है। यह परियोजना ‘नेट ज़ीरो कार्बन सिद्धांत’ पर आधारित होगी, अर्थात जितनी ऊर्जा का उपभोग होगा, उतनी ही हरित ऊर्जा का उत्पादन भी किया जाएगा। यह पहल प्रदेश के साथ पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगी।

    नर्मदापुरम में ऊर्जा उपकरण निर्माण का केंद्र
    नर्मदापुरम जिले में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों और पॉवर उपकरणों के लिए समर्पित निर्माण क्षेत्र डेडिकेटेड मैन्यूफैक्चरिगं जोन) विकसित किया जा रहा है। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।

    वर्ष 2030 तक 20 गीगावाट हरित ऊर्जा का लक्ष्य
    वर्तमान में मध्यप्रदेश में 5 प्रमुख सौर परियोजनाएँ कार्यरत हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 20 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है।

    नीतिगत सुधार और तकनीकी नवाचार
    मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ‘टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक’ रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इसमें सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को आकर्षक और अनुकूल अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। कुसुम-सी योजना के अंतर्गत लगभग 18,000 मेगावाट क्षमता के लिए निविदाएँ प्राप्त हुई हैं, जिनमें किसानों, एमएसएमई और निजी डेवलपर्स ने व्यापक भागीदारी की है। इस योजना में किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये 100% फीडर सोलरीकरण का प्रावधान किया गया है।

    पंप हाइड्रो और बायोफ्यूल परियोजनाओं को बढ़ावा
    मध्यप्रदेश में पंप हाइड्रो परियोजनाओं और बायोफ्यूल परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अब तक 14 हजार 850 मेगावाट क्षमता की पंप हाइड्रो परियोजनाओं के लिए आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 8 हजार 450 मेगावाट परियोजनाओं का पंजीयन हो चुका है। इसी प्रकार, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और बायोमास पैलेट परियोजनाओं के लिए प्रतिदिन 6 हजार 500 टन से अधिक क्षमता की परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं।

     

  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बड़ा बदलाव: 8 नगर निगमों में ई-बस सेवा शुरू होने की तैयारी

    केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने दी मंजूरी

    भोपाल 
    प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में डीजल ईंधन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये सार्वजनिक परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के 8 नगर निगमों में 972 पीएम ई-बस सेवा को मंजूरी दी है। यह बसें शीघ्र संचालित हों, इसके लिये नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो और चार्जिंग से जुड़े सभी अधोसंरचना कार्य तेजी से किये जा रहे हैं।

    प्रदेश में बस डिपो अधोसंरचना निर्माण के लिये संबंधित नगरीय निकायों को केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि प्रदाय की जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में चार्जिंग पाइंट अधोसंरचना निर्माण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा 100 प्रतिशत राशि प्रदाय की जा रही है।

    नगरीय निकायों में स्वीकृत पीएम ई-बसें
    केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने जिन नगर निगमों में ई-बसों की मंजूरी दी है, इनमें भोपाल में 195, इंदौर में 270, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 200, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें शामिल हैं। नगरीय निकायों में ई-बस सेवा का संचालन जल्द शुरू हो, इसके लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने संबंधित निकायों को बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से जुड़े अधोसंरचना के सभी कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं।

     

  • कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई: विन्ध्य में एटीआर-72 की पहली उड़ान रवाना

    भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब कहते थे कि वह दिन भी अब दूर नहीं जब हमारे देश के 'हवाई चप्पल वाले लोग भी हवाई जहाज में उड़ान भरेंगे' तब विरोधी इसे महज जुमला कहकर बात हवा में उड़ा देते थे। ऐसे लोगों को आज रीवा आकर देखना चाहिए कि सपना किस तरह यथार्थ के धरातल पर उतरकर चरितार्थ होता है। आज का दिन कई पीढ़ियों की परिकल्पना और सपने को यथार्थ में परिवर्तित होने का दिन है जब एटीआर 72 वायुयान दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। उड्डयन विभाग के हमारे केन्द्रीय मंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, विन्ध्य के सांसद, विधायक गण व नागरिक विन्ध्य के विकास के इस मंगलाचरण के साक्षी होंगे। हम यहीं रुकने वाले नहीं है शीघ्र ही इंदौर से वायुमार्ग से जुड़ने वाले हैं। अगले चरण में मुंबई, पुने, बेंगलुरु जैसे शहरों से सभी इसी एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। हमसे मीडिया के लोग पूछते हैं कि इसके आगे और क्या? मेरा जवाब है एयरबस, सिर्फ 500 मीटर का रनवे और बढ़ा देंगे।

    प्रधानमंत्री जी ने रीवा में हवाई सेवा के विस्तार के लिए जिस तरह से अपनी रुचि प्रदर्शित की है उसके लिए हम विन्ध्यवासी उनके प्रति चिर ऋणी रहेंगे। 9 सितंबर 2024 को डीजीसीए ने रीवा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान के लिए लायसेंस जारी किया था। 20 अक्टूबर 2024 को माननीय प्रधानमंत्री जी ने रीवा एयर पोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया इसके साथ ही रीव- दिल्ली और रीवा -इंदौर के लिए हवाई उड़ान का पथ प्रशस्त हुआ। इस के लिये इंडिगो और एलायंस एयर को प्रस्ताव भेजा गया। आज का दिन इसी प्रयत्न का प्रतिफल है। हमारे तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह जी चौहान रीवा में 15 फरवरी 2023 को हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही रीवा भविष्य में उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयर ट्रैफिक डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा की यात्रा पर चल पड़ा।

    दो वर्ष पूर्व इंदौर में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट में विश्वभर के उद्यमियों के बीच तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने सगर्व यह घोषणा की थी कि हम मध्यप्रदेश का छठवे हवाईअड्डे को निर्मित और विकसित करने जा रहे हैं। उनकी इस घोषणा ने दुनियाभर के उन उद्योगपतियों के ध्यान को आकृष्ट किया जो यहाँ पावर व माइनिंग सेक्टर, वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, फूड प्रोसेसिंग इन्डस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए यह अवसरों का दरवाजा खोलने वाला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि रीवा का हवाईअड्डा चरणबद्ध तरीके से विकसित होने की प्रक्रिया में है। पाँच साल के भीतर ही रीवा का हवाईअड्डा बोइंग की लैंडिंग और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बनकर तैय्यार रहेगा।

    देश में श्री मोदी जी और प्रदेश में श्री मोहन यादव जी के कुशल और फलदायी नेतृत्व के अनुभव को देखते हुए मैं यह विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि अगले पाँच वर्षों के भीतर यह सब पूर्णरूपेण यथार्थ के धरातल पर उतर जाएगा। विन्ध्य की आशाओं के केन्द्र रीवा के विकास का श्रेष्ठ व उन्नत दौर है जो स्वतंत्रता के अमृतकाल में प्रारंभ हो रहा है। मैं जब कहता हूँ कि अब रीवा मध्यप्रदेश के ही नहीं देश के समुन्नत और श्रेष्ठ महानगरों की श्रेणी में कदमताल मिलाकर चल पड़ा है तो इसके पीछे ठोस आधार है। 1956 तक रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी रहा है और तब इसकी हैसियत भोपाल, लखनऊ, पटना और भुवनेश्वर जैसे शहरों के समकक्ष थी। कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेषवश रीवा से एक प्रदेश की राजधानी का गौरव छीन लिया। 1956 से 2004 तक यह उपेक्षित और अभिशप्त पड़ा रहा। विन्ध्य में आज जो प्राकृतिक संसाधन हैं वो कल भी थे। आम नागरिकों में विकास की ललक और अपेक्षाएं कल भी वैसी ही थीं। केन्द्र में अटलजी और उसके बाद मोदीजी की नेतृत्व की व प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने आहत और उपेक्षित विन्ध्यवासियों की पीड़ा और भावनाओं को समझा। आज यह क्षेत्र कई मामलों देश में अग्रगण्य है।

    जब मैं कहता हूँ कि रीवा एयरपोर्ट उत्तरमध्य भारत का सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट होगा तो मेरी दृष्टि के सामने सिंगरौली का पावर काम्प्लेक्स उभरकर सामने आता है। सिंगरौली में थर्मल प्लांटस में 20,000 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन होता है। देश का यह सबसे बड़ा पावर काम्प्लेक्स है। रीवा से सिंगरौली तक विश्वस्तरीय सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होकर पूर्णता के करीब है। जो यात्री पाँच घंटे में बनारस पहुँचते थे वे दो घंटे में रीवा एयरपोर्ट के लाउंज में होंगे। विन्ध्य की 29 बड़ी औद्योगिक इकाईयां 225 किमी की परिधि में फैली हैं और प्रायः सभी नेशनल हाइवेज से जुड़ी हैं। अपने रीवा का हाइवेज जंक्शन पहले ही विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक इकाइयों के अधिकारियों के लिए रीवा एयरपोर्ट कितनी बड़ी सहूलियत बनने जा रहा है यह अब उनसे ही पूछ सकते हैं। विन्ध्य की वाइल्डलाइफ टूरिज्म का विश्व में स्थान है। यहाँ का सफेद बाघ दुनियाभर के चिड़ियाघरों में दहाड़ रहा है। टीवी में दिखने वाला हर दूसरा बाघ या तो बांधवगढ़ का है या कि पन्ना का। पर्यटकों के लिए यह कितना आसान हो जाएगा। रीवा में 750 मेगावाट का सोलर पावर काम्प्लेक्स एशिया के बड़े पावर प्रोडक्शन यूनिट में शामिल है। रीवा में खूबसूरत जल प्रपातों की श्रृंखला है। भगवान राम का तपोवन चित्रकूट और माँ शारदा के धाम मैहर कौन नहीं आना चाहेगा।

    बाणसागर का वृस्तित जल प्रक्षेत्र और उसके द्वीप विकसित होने पर हनुवंतिया के आकर्षण से आगे का प्राकृतिक सौंदर्य प्रस्तुत करेंगे। अपना विन्ध्य पावर हब की तरह सीमेंट का भी प्रोडक्शन काम्प्लेक्स है। 

  • कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

    रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर श्रीमती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं।

    मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है।

    श्री जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

    कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना

    महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

  • प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

    अपनी रसोई को आयुर्वेद से जुड़ी सामग्रियों से पुनः समृद्ध करने की आवश्यकता

    मंत्री परमार ने "कर्तव्यवीर सम्मान एवं स्थापना दिवस समारोह" में विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया

    भोपाल 
    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में मध्यप्रदेश, रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण एवं भारत केंद्रित शिक्षा की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् ही भारत का मूल दृष्टिकोण है। हमारा भाव है कि विश्व एक परिवार है, विश्व कभी बाजार नहीं हो सकता है। इसी भाव से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड के भीषण संकटकाल में, विभिन्न देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई थी।

    यह बात मंत्री श्री परमार ने रविवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित गांधी भवन में, मीणा समाज शक्ति संगठन द्वारा आयोजित सामाजिक "कर्तव्यवीर सम्मान एवं स्थापना दिवस समारोह" में सहभागिता कर कही। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मीणा समाज, प्रकृति के सर्वाधिक निकट प्रकृति पूजक समाज है। उन्होंने संगठन के 17वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी और मीणा समाज की विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया।

    मंत्री श्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता, भारत की परम्परा, सभ्यता एवं विरासत है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति एवं प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों जल, सूर्य एवं वृक्ष आदि के संरक्षण के लिए कृतज्ञता के भाव से श्रद्धा रूप में परम्परा एवं मान्यता स्थापित की थीं। श्री परमार ने कहा कि यह पूर्वजों द्वारा स्थापित पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित ज्ञान है। हमें प्रकृति के संरक्षण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

    मंत्री श्री परमार ने सभी से युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में स्वस्थ रहने की दृष्टि से प्लास्टिक मुक्त सामाजिक परिवेश के संकल्प में सहभागी बनने की अपील की। श्री परमार ने कृषि एवं दुग्ध उत्पादन में रासायनिक उत्पादों के कम से कम उपयोग करते हुए, जैविक खेती एवं शुद्धता की ओर बढ़ने के लिए भी आह्वान किया।

    मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत की गृहणियों की रसोई में कोई तराजू नहीं होता है, गृहिणियों को भोजन निर्माण के लिए किसी संस्थान में अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं होती है। भारतीय गृहिणियों में रसोई प्रबंधन का उत्कृष्ट कौशल, नैसर्गिक एवं पारम्परिक रूप से विद्यमान है। भारत की रसोई, विश्वमंच पर प्रबंधन का उत्कृष्ट आदर्श एवं श्रेष्ठ उदाहरण है। श्री परमार ने कहा कि भारतीय रसोई, आयुर्वेद का केंद्र हुआ करती थी, पुनः हमें अपनी रसोई को आयुर्वेद से जुड़ी सामग्रियों से समृद्ध करने की आवश्यकता है।

    मंत्री श्री परमार ने कहा कि हम सभी की सहभागिता से, अपने पूर्वजों के ज्ञान के आधार पर पुनः विश्वमंच पर सिरमौर राष्ट्र का पुनर्निर्माण होगा। इसके लिए स्वाभिमान के साथ हर क्षेत्र में अपने परिश्रम और तप से आगे बढ़कर, विश्वमंच पर अपनी मातृभूमि का परचम लहराना होगा। अपनी गौरवशाली सभ्यता, भाषा, इतिहास, ज्ञान और विज्ञान के आधार पर, हम सभी की सहभागिता से भारत पुनः "विश्वगुरु" बनेगा। भारत अपने पुरुषार्थ से, वर्ष 2047 तक ऊर्जा एवं खाद्यान्न के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर होगा और विश्व के अन्य देशों की पूर्ति में सामर्थ्यवान देश बनेगा।

    इस अवसर पर सबलगढ़ विधायक श्रीमति सरला बिजेंद्र रावत, राजस्थान से पधारी समाज सेविका एवं मिस इंडिया (2019) सुश्री जया मीणा, सहायक पुलिस आयुक्त जहांगीराबाद (भोपाल) सुश्री सुरभि मीणा, सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर श्री नीरज मीणा एवं संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राम घुनावत सहित समाज के वरिष्ठजन, संगठन के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं सामाजिक बंधु-भगिनी एवं युवा उपस्थित थे। 

  • योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग की मुहिम, हर विवाह का होगा पंजीयन

    सामूहिक विवाह में कार्यक्रम स्थल पर ही प्रमाण-पत्र देने का सुझाव

    भोपाल
    देव उठनी एकादशी के साथ ही विवाहों का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। विवाहों के शत-प्रतिशत पंजीयन के लिये प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किये गये हैं। यह योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग की एक सराहनीय पहल है। इससे विवाहों का शत-प्रतिशत पंजीयन हो सकेगा, जिससे भविष्य में दंपत्ति को कानूनी अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विवाह रजिस्ट्रेशन नियम 2008 के अनुसार राज्य के भीतर भारत के नागरिकों के बीच किसी भी विधि या रुढि़ के अधीन सत्यापित किये गये विवाह का पंजीयन किया जाता है। विवाहों का पंजीयन नहीं होने पर विशेष तौर पर महिलाओं को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पति की मृत्यु के बाद उनको मिलने वाले स्वत्वों के भुगतान आदि में परेशानी होती है।

    आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री विकास मिश्रा ने बताया है कि विवाह पंजीयन के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने हेतु प्रदेश के समस्त कलेक्टरों का ध्यान आकृष्ट किया गया है। जिलों में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना एवं अन्य सामूहिक विवाहों में कार्यक्रम स्थल पर ही विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किये जाने का सुझाव दिया गया है।

    आयुक्त श्री मिश्रा ने सामूहिक विवाह कराने वाली सभी संस्थाओं से जागरूकता बढ़ाने मुहिम में बढ़-चढकर हिस्सा लेने की अपील की है। स्थानीय निकायों, सार्वजनिक स्थलों, शादी हॉल और मैरिज गार्डन में अनिवार्य रूप से विवाह पंजीयन करवाने संबंधी होर्डिंग लगाने के निर्देश जारी किये गये हैं।

     

  • मां की चीखों ने खोला राज: ढाई साल से बुजुर्ग को कमरे में बंद कर रखा था, पड़ोसी की हिम्मत से बची जान

    भोपाल
    भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के कल्पना नगर में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग मां को उसके ही बेटे और बेटी ने पिछले ढाई साल से घर के एक कमरे में बंद कर रखा था। जब पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी का दिल दहला दिया।

    पुलिस मौके पर पहुंची तो सच सामने आया
    कमरे में गंदगी और अंधेरा पसरा था और जमीन पर पड़ी वह मां बेहद कमजोर और असहाय हालत में मिलीं। कई महीनों से उन्हें किसी ने देखा नहीं था। पड़ोसियों को जब यह बात खटकने लगी, तो उन्होंने साहस दिखाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो सच सामने आया।
     
    दोनों बच्चे मानसिक रूप से कमजोर हैं
    महिला के पति का कई साल पहले निधन हो चुका है। वे अपने बेटे अजय सैनी और बेटी सोनाक्षी सैनी के साथ रहती थीं। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे मानसिक रूप से कमजोर हैं। इसी कारण उन्होंने मां को कमरे में बंद कर दिया और उनकी सही देखभाल भी नहीं कर पा रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस कानूनी कार्रवाई से पहले स्थिति का मूल्यांकन कर रही है और महिला की आगे की देखभाल के लिए सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है।

    फिलहाल किसी पर कार्रवाई नहीं
    पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग महिला के बेटे-बेटी की मानसिक स्थिति को देखते हुए फिलहाल किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है। बुजुर्ग महिला की देखभाल और इलाज के लिए पुलिस द्वारा सामाजिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है, जिससे कि उन्हें उचित सहायता मिल सके। 

  • रीवा सड़क हादसा: परिवार की खुशियां उजड़ी, दो मासूमों समेत चार की जान गई, ड्राइवर मौके से भागा

    रीवा
    जिला मुख्यालय तकरीबन 60 किलोमीटर दूर स्थित जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत तेंदुआ मोड़ के समीप एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को ठोकर मार दी। ठोकर इतनी तेज थी की बाइक सवार चार लोग 200 मीटर दूर जा गिरे। मौके पर ही चारों की मौत हो गई। जब तक स्कॉर्पियो चालक मौके से फरार हो पाता स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। हालांकि, भीड़ का फायदा उठाकर वाहन चालक मौके से फरार होने में सफल रहा।

    चालक की तलाश शुरू
    पुलिस ने चारों मृतकों का पंचनामा दर्ज कर शव पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैंग भेज दिया है। उक्त वाहन मालिक के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए मांगना एसडीओपी प्रतिभा शर्मा में जानकारी देते हुए बताया कि रविवार की शान तकरीबन 4:30 बजे तेंदुआ मोड़ के समीप स्कॉर्पियो तेज रफ्तार से सामने की ओर से आ रही बाइक को ठोकर मार दी।
     
    चारों मृतक उत्तर प्रदेश के है
    गुप्त दुर्घटना में जहां चार लोगों की मौत हो गई है वही मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिला अंतर्गत 12 तहसील के हर्रा गांव के रूप में की गई है। मृतकों का नाम रामनरेश साकेत, रुचि साकेत, रंजना साकेत और कमलेश सिंह है। सभी निवासी हारा के रूप में पहचाने गए हैं। उक्त दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई है। स्कॉर्पियो मलिक के विरुद्ध मामला पंजीबद कर चालक की तलाश की जा रही है। – शैलेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक रीवा

  • जनजातीय अंचल में शिक्षा और सम्मान बढ़ाने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री विजयवर्गीय

    धार जिले के बाग में कर्त्तव्यबोध कार्यक्रम

    भोपाल 
    नगरीय प्रशासन एवं आवास एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार ने जनजातीय अंचल के क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिये ठोस प्रयास किये हैं। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल, पाठ्य पुस्तकें और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की है। इन सब प्रयासों से अब जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाएँ उभर कर सामने आ रही हैं। मंत्री श्री विजयवर्गीय रविवार को धार जिले के में कर्त्तव्यबोध कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों को सम्मान प्रदान किया है, जो पहले कभी नहीं मिला। टंट्या मामा, बिरसा मुण्डा और भीमा नायक जैसे महापुरुषों के योगदान और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आदिवासी समाज अपनी परम्पराओं, संस्कृति और सरल स्वभाव को बनाये रखते हुए अपने महानायकों के पदचिन्हों पर आगे बढ़े और गर्व से कहे कि वे इन महापुरुषों के वंशज है। कार्यक्रम को सांसद श्री सुमेर सिंह सोलंकी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बाल पोथी का विमोचन किया। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा दे चुके सैनिकों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले नागरिकों का सम्मान किया गया, जो अब उच्च पदों पर सेवाएँ दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।

    नवीन विद्युत उप केन्द्र का लोकार्पण
    प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कुक्षी तहसील के ग्राम अखाड़ा में रविवार को 33/11 के.व्ही. विद्युत केन्द्र का लोकार्पण किया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को सतत बनाये रखने के लिये आरडीएसएस योजना में राशि उपलब्ध करायी है। योजना के कारण देश का कोई घर या खेत अब विद्युत आपूर्ति से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस क्षेत्र में 2 और विद्युत उप केन्द्र शीघ्र निर्मित किये जायेंगे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2004 में प्रदेश में विद्युत उत्पादन 4000 मेगावॉट हुआ करता था, जो अब बढ़कर 24 हजार मेगावॉट तक पहुँच गया है। धार जिले में 126 करोड़ रुपये की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उप केन्द्र की लगातार स्थापना की जा रही है। 

  • ज़मीन की गुहार: आदिवासी महिला ने पैर पकड़ कर मांगी मदद, तहसीलदार कार में बैठ कर चले गए

    श्योपुर
    एक ओर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव हर महीने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की समस्याओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनकर तत्काल निराकरण के निर्देश देते हैं। वहीं श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा भी हर मंगलवार को तीन-चार घंटे तक जनसुनवाई कर आमजन की तकलीफें गंभीरता से सुनते हैं, लेकिन इसी जिले में कराहल तहसील कार्यालय पर शनिवार को ऐसा दृश्य सामने आया जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए।

    अपनी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जे से परेशान दिव्यांग आदिवासी महिला सावित्री बाई अपने बेटे की बहू के साथ तहसील पहुंची और तहसीलदार रोशनी शेख के पैरों पर गिरकर न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि शिकायत किए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सावित्री बाई तहसीलदार से रोते हुए कहती दिख रही हैं, मैडम, हमारी जमीन बचा लीजिए, नहीं तो मैं अपनी जान दे दूंगी।

    महिलाओं का कहना है कि तहसीलदार ने ठोस आश्वासन देने के बजाय गाड़ी में बैठकर कार्यालय से निकलना उचित समझा। यह रवैया उस समय सवालों के घेरे में है जब राज्य शासन और जिला प्रशासन दोनों ही जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    तहसीलदार ने अब संबंधित राजस्व निरीक्षक व पटवारी को जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर तहसील स्तर पर ऐसी बेरुखी रही तो समाधान ऑनलाइन और जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों का असर जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाएगा। इस मामले को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने संज्ञान लिया है। तहसीलदार से जवाब तलब किया है।