• उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने व्हाइट टाइगर सफारी का किया भ्रमण

    केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली से वन्य प्राणियों के आदन-प्रदान के संबंध में ली जानकारी

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी एण्ड जू मुकुंदपुर का भ्रमण कर वन्य प्राणियों के लिये वाडों से निर्माण की प्रगति तथा जू की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने वाक इन एवियरी रेप्टाइल हाउस का निरीक्षण किया।

    उप मुख्यमंत्री ने जू के नवीन मास्टर प्लान के लेआउट, टाइगर ब्राीडिंग सेंटर के डीपीआर के अनुसार केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली से अनुमोदन एवं वन्य प्राणियों के आदन-प्रदान के संबंध में समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के वन समिति के सभापति हरीशकांत त्रिपाठी, वन मण्डलाधिकारी मयंक चांदीवाल सहित जू के डायरेक्टर उपस्थित रहे।

     

  • सियासी संग्राम तेज: कांग्रेस का किसानों के मुद्दे पर धरना, BJP सरकार घिरी

    श्योपुर
    बेमौसम बारिश से जिले में सैकड़ों हेक्टेयर फसलें चौपट हो गई हैं। फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग को लेकर किसान कांग्रेस ने जिला मुख्यालय के पटेल चौक पर धरना शुरू किया। इस दौरान विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि किसानों की हालत बेहद गंभीर है, कई जगहों पर धान, सोयाबीन, मूंग, उड़द और मूंगफली जैसी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
     
    धरने को संबोधित करते हुए विधायक जंडेल ने कहा, "आपदा के समय सरकार को किसानों के बीच पहुंचना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला अब तक श्योपुर नहीं पहुंचे हैं, जबकि किसानों की स्थिति देखने के लिए उनका आना जरूरी था। जंडेल ने घोषणा की कि जो व्यक्ति प्रभारी मंत्री को श्योपुर लेकर आएगा, उसे वे स्वयं 11000 का इनाम देंगे।"
     
    विधायक ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और जब तक मुआवजे की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, धरना जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान का सर्वे शीघ्र पूरा कर प्रभावित किसानों को राहत राशि प्रदान की जाए। धरने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों की उपस्थिति रही, जिन्होंने शीघ्र सहायता की मांग की।

  • अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

    विगत 2 दिनों में 75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त

    भोपाल
    पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, खेती एवं वितरण के विरुद्ध निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। “नशा मुक्ति अभियान” के अंतर्गत पिछले 48 घंटों में विभिन्न जिलों की पुलिस ने प्रभावी कार्यवाही करते हुए उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित की हैं। अब तक कुल ₹75 लाख से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ, वाहन एवं उपकरण जब्त कर अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    प्रमुख कार्रवाइयाँ
    खरगोन पुलिस

    चैनपुर थाना क्षेत्र में अवैध गांजा खेती पर बड़ी कार्रवाई करते हुए NDPS एक्ट के तहत दो प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। खेतों से 190 गांजे के पौधे (397 किग्रा, अनुमानित कीमत ₹20 लाख) जब्त किए गए।

    रीवा पुलिस
    “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत दो अलग-अलग कार्रवाइयों में नशीली कफ सिरप एवं गांजा तस्करी का खुलासा किया गया। चोरहटा थाना पुलिस ने Maruti Zen कार से 557 शीशियाँ कोडीन युक्त कफ सिरप, कुल ₹4.12 लाख का मशरूका जब्त किया।दूसरी कार्रवाई में Innova कार से 105.980 किग्रा गांजा (कीमत ₹21.20 लाख) बरामद कर कुल ₹41.20 लाख का मशरूका जब्त किया गया तथा एक आरोपी गिरफ्तार हुआ।

    सीधी पुलिस
    “प्रहार 2.0” अभियान के तहत नशीली कफ सिरप, गांजा एवं अवैध शराब सहित ₹2.20 लाख का माल जब्त किया गया। चौकी खड्डी पुलिस ने 20 शीशियाँ Onrex कफ सिरप जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा मोटरसाइकिल व मोबाइल सहित कुल ₹1.03 लाख का मशरूका जब्त किया।

    सतना पुलिस
    नागौद थाना क्षेत्र में खेत में अवैध रूप से गांजा उगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 18 पौधे (7.820 किग्रा, कीमत ₹78,200) जब्त किए गए।

    शिवपुरी पुलिस
    करैरा थाना पुलिस ने आरोपी मेघराज परिहार को गिरफ्तार कर 25.6 किग्रा अनुमानित कीमत लगभग ₹2.60 लाख गांजे के पौधे बरामद किए।

    मंदसौर पुलिस
    थाना नारायणगढ़ ने अंतरजिला तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जाए जा रहे 150 किग्रा डोडाचूरा (कीमत ₹3 लाख) जब्त किया।

    क्राइम ब्रांच भोपाल
    एक गांजा तस्कर को अभिरक्षा में लेकर 4.040 किग्रा गांजा (कीमत ₹1 लाख) जब्त किया गया।

    छतरपुर पुलिस
    “नशा मुक्ति अभियान” के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई कर ढाई लीटर नशीला सिरप एवं 70 टैबलेट जब्त किए तथा दो आरोपियों को NDPS एवं ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। मध्यप्रदेश पुलिस समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करने हेतु सतत अभियान चला रही है। नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में मादक पदार्थों की आपूर्ति, अवैध खेती एवं तस्करी पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए हर स्तर पर कठोर और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

     

  • जनजातीय युवाओं को मिल रही भरपूर शैक्षणिक सुविधाएं

    विभिन्न विभागों ने केंद्र को भेजे प्रस्ताव, विकास कार्य निरंतर जारी

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न विभागों द्वारा विशेष प्रयास किया जा रहे हैं। कौशल भारत मिशन के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा कौशल विकास विभाग द्वारा बैतूल जिले में तीन विकासखण्डों भैंसदेही, आठनेर, बैतूल एवं झाबुआ के राणापुर में शासकीय आईटीआई स्थापित करने के लिए केन्द्र को प्रस्ताव भेजे हैं।

    महिला एवं बाल विकास विभाग ने 135 नए आंगनवाड़ी केन्द्रों का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। इसके अलावा 2468 सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों को अपडेट करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। पर्यटन विभाग द्वारा स्वदेश दर्शन योजना में 14 गांवों में 86 ट्राइबल होमस्टे बनाने के लिए नए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

    राज्य सरकार के सुनियोजित प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2022 में मंडला देश का पहला 100% साक्षर जनजाति जिला बन गया था। न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोगाम के अंतर्गत 47 लाख 58 हजार लोगों को साक्षर बनाया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में साक्षरता का स्तर सुधारने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य शासन ने पिछले 10 सालों में जनजातीय परिवार के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए विशेष ध्यान दिया है। पिछले 10 सालों में 2596.90 करोड रुपए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के रूप में 18 लाख 48 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को दिए गए। इसी प्रकार 55 विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय अध्ययन के लिए विदेश भेजने के लिए 18.55 करोड रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई।

    जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शालाओं, माध्यमिक शालाओं, हाई स्कूल, उच्चतर माध्यमिक, सांदीपनि ने विद्यालयों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिषद, आदर्श आवासीय विद्यालय, आश्रम एवं क्रीड़ा परिसर मिलकर 27 हजार 886 संस्थाएं हैं, जिनमें 22 लाख 18 हजार विद्यार्थी हैं। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थाओं का कक्षा 10वीं एवं 12वीं का औसत परीक्षा परिणाम क्रमश: 83.92 प्रतिशत और 78.72% है।

    महाविद्यालय स्तर पर छात्रावास में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को आवास किराया प्रतिपूर्ति आवास सहायता योजना में की जा रही। राष्ट्रीय संस्थानों जैसे एम्स, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम में प्रवेश लेने पर 25 से 50 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

    निरंतर विकास
    पीएम जनमन योजना में 9 विभागों की योजनाओं को जनजातीय बहुल जिलों में क्रियान्वित किया जा रहा है। हितग्राही मूलक योजनाओ में 100% लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई। आधार कार्ड, जन धन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान कल्याण निधि और राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 21 जिलों के दूरस्थ गांवों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों के लिए 16 जिलों में 106 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। ऊर्जा विभाग द्वारा 26 हजार से ज्यादा घरों में बिजली उपलब्ध कराने का काम पूरा हो गया है और 2000 से ज्यादा घरों में सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई गई है।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 1058 जनजातीय बहुल बसाहटों के लिए 2271 किलोमीटर सड़क बनाने का काम चल रहा है। इसके अलावा 1 लाख 78 हजार से ज्यादा पक्का घर दिए गए हैं। हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत 83 हजार घरों में नल से जल पहुंच गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 23 जनजाति बहुत जिलों में 704 आंगनवाड़ियां स्वीकृत की गई है। वन विभाग के सहयोग से 83 वन धन विकास केंद्र संचालित है। विभिन्न स्तरों पर बहु उद्देशीय केन्द्रों का निर्माण चल रहा है। दूरस्थ गांव में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए 145 टॉवर की स्थापना का काम प्रगति पर है।

    धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान में विभिन्न विभागों के सहयोग से जनजाति समुदाय के कल्याण के काम संचालित है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 62 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। सिकल सेल के उपचार के लिए इंदौर और भोपाल में दो केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। आयुष विभाग द्वारा जनजातीय छात्रावास में 157 पोषण वाटिका स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए 21 हजार से ज्यादा वन अधिकार पट्टाधारकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने की कार्य योजना बनाई गई।

    वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून के लिए के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है। वन गांव को राजस्व गांव में बदलने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में 925 वन ग्राम वन विभाग के प्रबंधन और नियंत्रण में है। जनजाति समुदाय के हित में 827 वन ग्रामों को राजस्व गांव में बदलने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 792 को राजस्व गांव में परिवर्तन किया जा चुका है और 789 ग्रामों का गजट नोटिफिकेशन कर दिया गया है।

     

  • घर में बड़ा हादसा: फ्रिज ब्लास्ट से बच्चा बुरी तरह झुलसा, डॉक्टरों की टीम ने बचाई जान

    जबलपुर
    बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल जबलपुर के चिकित्सकों की टीम ने बम ब्लास्ट में कटनी के 14 साल के एक बच्चे के क्षत विक्षत हो चुके जबड़े की जटिल सर्जरी करने में न सिर्फ बड़ी सफलता हासिल की बल्कि जिन्दगी और मौत के बीच झूल रहे बच्चे को जीवनदान भी दिया। अस्पताल के योग्य और कुशल चिकित्सकों की टीम ने एक अलग तरह के भयावह एवं चुनौतीपूर्ण केस की सर्जरी कर असंभव को भी संभव कर दिखाया। इस जटिलतम केस की सफल सर्जरी करके बड़ेरिया मेट्रो प्राइम अस्पताल के डॉक्टर्स ने इतिहास रच दिया।

    5 घंटे तक सर्जरी कर हड्डियों को जोड़ा
    यह ऑपरेशन बेहद ही दुर्लभ था क्योंकि मरीज के जबड़े की 100 से ज्यादा हड्डियां टूट चुकी थीं, जिन्हें जोड़ना आसान नहीं था, इसके अलावा बच्चे को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी लेकिन अस्पताल के योग्य और कुशल चिकित्सकों की टीम ने इस जटिलतम केस को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए सर्जरी प्लान की और 5 घंटे तक लगातार सर्जरी कर जबड़े की 100 से अधिक टूटी हुई हड्डियों को जोड़ा गया और बच्चे का चेहरा लगभग पहले जैसा बना दिया गया। संभवतः यह जबलपुर का पहला ऐसा चुनौती भरा केस था जिसमें डॉक्टर्स ने सफलता प्राप्त की है। यह सफलता हॉस्पिटल की उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा और डॉक्टरों की उत्कृष्ट कुशलता का प्रमाण है।
     
    सांस लेने का रास्ता बनाया गया
    ऑपरेशन के बाद बच्चे का चेहरा प्लास्टिक सर्जरी के द्वारा लगभग विस्फोट के पहले जैसा ही हो गया है और बच्चे का चेहरा देखकर यह प्रतीत नहीं होता कि उसका चेहरा इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत हुआ था चुकी बम विस्फोट से पूरा चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था अथा बच्चे को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसलिए नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. राहुल चतुर्वेदी द्वारा गले से छेद करके पहले सांस लेने का रास्ता बनाया गया, फिर इस जटिल ऑपरेशन को किया गया।

    बच्चे को नया जीवन मिला
    दरअसल, कटनी के 14 वर्षीय बालक का चेहरा बम विस्फोट की वजह से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी वजह से उसका पूरा चेहरा फट गया और सांस लेना मुश्किल हो गया । उसे कटनी से तत्काल बड़ेरिया मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल जबलपुर लाया गया, जहां चिकित्सको की अथक मेहनत से बच्चे को नया जीवन मिला और उसका चेहरा फिर से पहले जैसा हो गया है।

  • 25 साल बाद संपत्ति नीति में बड़ा परिवर्तन, सरकार ने नई गाइडलाइन दी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्तियों के गाइडलाइन निर्धारण संबंधी नियमों में बड़ा सुधार करते हुए नए नियम जारी किए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जमीन गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में बड़ा बदलाव किया गया है. इससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब आसान होगी. वहीं, भ्रम, विसंगतियां व अतिरिक्त शुल्क भी समाप्त होंगे, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी. पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जमीन के गाइडलाइन मूल्य निर्धारण संबंधी वर्तमान नियम अत्यंत जटिल तथा विरोधाभासी हैं तथा सामान्यजन की समझ से बाहर हैं. इसके कारण आम लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इन नियमों को सरल, संक्षिप्त तथा व्यक्तिनिरपेक्ष बनाया जाए.

    बताया गया है कि गाइडलाइन दरों की गणना इन नियमों के अनुसार की जाती है, जैसे मुख्य  मार्ग की दूरी क्या होगी, कौन से तल में होने पर कितना वैल्यूएशन होगा, किन-किन परिस्थितियों में कितने कितने मूल्य बढ़ेंगे आदि. इन नियमों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय बाजार मूल्य का आकलन किया जाता है. गाइडलाइन दरों के निर्धारण संबंधी ये नियम वर्ष 2000 से बने हुए थे तथा इनमें कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं हुआ था.

    बताया गया है कि गाइडलाइन दरों की गणना इन नियमों के अनुसार की जाती है, जैसे मुख्य मार्ग की दूरी क्या होगी, कौन से तल में होने पर कितना वैल्यूएशन होगा, किन-किन परिस्थितियों में कितने कितने मूल्य बढ़ेंगे आदि. इन नियमों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री के समय बाजार मूल्य का आकलन किया जाता है. गाइडलाइन दरों के निर्धारण संबंधी ये नियम वर्ष 2000 से बने हुए थे तथा इनमें कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं हुआ था. वर्तमान नियमों में कई विसंगतियां थीं, जिसके कारण संपत्ति के बाजार मूल्य की वास्तविक और तार्किक रूप से गणना नहीं हो पाती थी. जैसे मुख्य मार्ग के आधार पर गाइडलाइन दरों की गणना का प्रावधान था, लेकिन इस पूरी गाइडलाइन में कहीं भी मुख्य मार्ग को परिभाषित नहीं किया गया था. मुख्यमंत्री व पंजीयन मंत्री के निर्देश पर गाइडलाइन संबंधी नियमों के पुनरीक्षण के लिए उद्देश्य निर्धारित किया गया था कि इन नियमों को सरल व संक्षिप्त और जनहितैषी बनाया जाए. साथ ही इसमें मानवीय हस्तक्षेप को कम करते हुए प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर द्वारा स्वमेव लागू होने लायक प्रावधान तैयार किए जाएं. इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए नए जारी बाजार मूल्य गणना संबंधी उपबंध 2025 में कई मुख्य प्रावधान किए गए हैं.

    पूर्व प्रचलित उपबंध में 77 प्रकार के निर्धारण प्रावधान थे, जिन्हें घटाकर अब गणना संबंधी केवल 14 प्रावधान रखे गए हैं, जिन्हें समझना आम जनता के लिए बेहद आसान होगा. पूर्व उपबंध में नगरीय निकायों तथा इनमें कृषि, नजूल, डायवर्टेड- प्रत्येक अलग-अलग प्रकार की भूमि के लिए अलग-अलग प्रकार की गणना के प्रावधान थे. अब इन्हें युक्तिसंगत बनाते हुए एक ही प्रकार का प्रावधान किया गया है. सभी वर्ग के नगरों व भूमि के लिए अब हेक्टेयर दर की सीमा 0.14 हेक्टेयर कर दी गई है. निर्मित संरचनाओं के लिए केवल 8 दरें रखी गई हैं. कृषि, डायवर्टेड, नजूल एवं आबादी भूमि के लिए अब एक समान मूल्यांकन मानक लागू होगा, जिससे डायवर्टेड व नजूल भूमि होने मात्र से संपत्ति के बाजार मूल्य नहीं बढ़ेंगे तथा भ्रम व त्रुटियों की संभावना समाप्त होगी. दो फसली भूमि होने पर 25 प्रतिशत वृद्धि, गैर परंपरागत फसलों पर 25 प्रतिशत वृद्धि, नलकूप ट्यूबवेल होने पर उसकी अलग कीमत, बाउंड्रीवाल व फ्लिंट होने पर उसकी अलग कीमत वृद्धि करने जैसे प्रावधानों को हटा दिया गया है. इसका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता को होगा. नए नियम में यह प्रावधान किया गया है कि जब कोई नया मोहल्ला, कॉलोनी या परियोजना विकसित हो तो उसके लिए विशेष रूप से गाइडलाइन दर का निर्धारण किया जाएगा.

    जमीन की सरकारी कीमतों में वृद्धि का प्रस्ताव लटका
    प्रदेश में अचल संपत्ति व जमीन की नई कलेक्टर गाइडलाइन दरें बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल लटक गया है. पंजीयन विभाग ने 8 महीने पहले जमीन की गाइडलाइन दर में वृद्धि करने की प्रक्रिया शुरू की थी, वह लटकी हुई है. जबकि अचल संपत्ति व जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर तैयार करने के लिए सर्वे हो चुका है. जिला समितियों द्वारा गाइडलाइन दर में डेढ़ से दो गुना तक वृद्धि प्रस्तावित है. निर्णय नहीं होने के कारण वर्तमान में 7 साल पुरानी गाइडलाइन दरें ही लागू हैं.

  • छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन के उत्पादन में 3,500 करोड़ रुपये का हो रहा निवेश

    सीबीडीए द्वारा बायोफ्यूल एक्सपो तथा सेमीनार का आयोजन

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी रायपुर में बायोफ्यूल एण्ड बायो एनर्जी एक्सपो का आयोजन 7 से 9 नवंबर तक स्थानीय श्रीराम बिजेनस पार्क में किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल रोडमैप विजन 2024-29 पर आयोजित सेमीनार में बायोफ्यूल तकनीक पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री सुमित सरकार ने छत्तीसगढ़ की जैव ईंधन रोडमैप की चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को बायोफ्यूल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की पहल की जा रही है।

     सीईओ श्री सुमित सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निजी कंपनियों ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के अनुरूप, लगभग 3,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। गेल और बीपीसीएल जैसी ओजीएमसी ने विभिन्न यूएलबी में 8 एमएसडब्ल्यू/बायोमास आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओएनजीसी ग्रीन और एचपीसीएल ग्रीन वर्तमान में सीबीजी उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए विभिन्न स्थानों का सर्वेक्षण कर रही हैं।

     राज्य में चावल, मक्का और चने के अवशेषों का उपयोग करके बायोएथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस बनाने के लिए फीडस्टॉक-आधारित परीक्षण किया जा रहा हैं। इसके साथ ही कृषि अपशिष्ट को सब्सट्रेट के रूप में उपयोग करके एंजाइम उत्पादन परीक्षण और नए माइक्रोबियल स्ट्रेन का संवर्धन हो रहा है। उन्होंने बताया कि बायो-विमानन ईंधन के क्षेत्र में सीबीडीए अब बायोमास-आधारित हाइड्रोजन के उत्पादन की तैयारी कर रहा है, जिसका उपयोग बाद में हाइड्रोप्रोसेस्ड एस्टर और फैटी एसिड तकनीक के माध्यम से एसएएफ उत्पादन के लिए किया जाएगा।

    छत्तीसगढ़ में अधिशेष चावल को प्राथमिक फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए पहले ही एक मानक संचालन प्रक्रिया विकसित कर ली है। हाल ही में, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के सहयोग से, सीबीडीए बायोफ्यूल कॉम्प्लेक्स स्थल, ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में एक वैकल्पिक फीडस्टॉक स्थापित करने के लिए चुकंदर की खेती पर परीक्षण शुरू किया है। अगला कदम इथेनॉल उत्पादन के लिए इसकी क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे भारत के 20 प्रतिशत मिश्रण लक्ष्य और उससे आगे की उपलब्धि में सहायता मिलेगी, जिससे इस पहल की निरंतर सफलता सुनिश्चित होगी।

    इस सेमीनार में गैल के सीजीएम श्री मोहम्मद नजीब कुरैशी और डीजीएम जितेन्द्र पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के पाइप लाईन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। बीपीसीएल के डीजीएम श्री संजय ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में कम्प्रेस बायोगैस की संभावनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज के डीजीएम श्री सुशील वर्मा ने धान से कम्प्रेस बायोगैस उत्पादन के बारे में जानकारी दी।

      इसी प्रकार आरईवीवाय के इन्वारमेंटल साल्यूशन प्रा.लि. के फाउंडर डायरेक्टर डॉ. वनिता प्रसाद ने बायोगेस प्लांट के संचालन, एट्रीएम इनोवेशन प्रा.लि. पुणे के डायरेक्टर श्री राजेश दाते ने एनोरोबिक काम्पोस्टिंग सिस्टम, इंग्रोटेक एक्वा इंजीनियर्स प्रा.लि. संबलपुर के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुकांत कुमार मेहेर ने एसटीपी प्लांट से कम्प्रेस बायोगैस की उत्पादन की संभावनाओं और एईसी एग्रीटेक प्रा.लि. के सीईओ श्री जितेन्द्र नारायण ने कम्प्रेस बायोगैस पॉलिसी, प्रोक्योरमेंट और प्राइसिंग के बारे में जानकारी दी।

  • 6 दिन में ही 8163 उपभोक्ताओं ने लिया योजना का लाभ कम्पनियों के खाते में कुल 11 करोड़ 15 लाख मूल राशि हुई जमा

    भोपाल 
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई समाधान योजना 2025-26 को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। अब तक 6 दिनों में ही 8163 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। इनका 6 करोड़ 11 लाख रुपए सरचार्ज माफ हुआ है। उन्होंने ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा कर क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के तहत हुए निर्माण एवं विकास कार्यों की भी जानकारी दी।

    मंत्री श्री तोमर ने कहा कि तीन माह से अधिक के विलम्बित बिल के भुगतान पर मध्य प्रदेश सरकार ने सरचार्ज में भारी छूट देने का फैसला लिया है। इस फैसले के क्रियान्वयन के लिये समाधान योजना 2025-26 विगत 3 नवम्बर से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। यह योजना दो चरणों में है। पहला चरण 3 नवम्बर से 31 दिसम्बर 2025 में 60 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जा रहा है। इसी प्रकार दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक है, जिसमें में 50 से 90 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। योजना में दो प्रकार के भुगतान विकल्प दिये गये हैं। एकमुश्त भुगतान पर अधिकतम छूट रहेगी। 6 किश्तों में भुगतान की आसान सुविधा उपलब्ध करायी गई है। इस योजना में घरेलू , गैर घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इस योजना में पंजीकरण के लिये न्यूनतम भुगतान के लिये घरेलू उपभोक्ताओं पर बकाया राशि का 10 प्रतिशत एवं गैर घरेलू औद्योगिक उपभोक्ताओं पर बकाया राशि का 25 प्रतिशत राशि जमा कराने का प्रावधान है।

    मंत्री श्री तोमर ने बताया कि समाधान योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्द्र या मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर विजिट करें अथवा कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि समाधान योजना 2025-26 में मध्य प्रदेश के 91 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। जिन पर बकाया मूल राशि 8353.99 करोड़ रुपए है, एवं सरचार्ज की राशि 3812.75 करोड़ है, जो कि माफ़ी योग्य है, यह भुगतान करने के तरीके एवं समयावधि पर निर्भर करती है।

    ऊर्जा मंत्री ने बताया कि 3 नवंबर से 8 नवंबर 2025 तक प्रदेश के कुल 8163 उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है, जिनकी कुल 6 करोड़ 11 लाख की सरचार्ज राशि माफ़ की जा चुकी है एवं वितरण कम्पनियों को कुल 11 करोड़ 15 लाख की बकाया राशि प्राप्त हुई है। मध्यप्रदेश में तीन बिजली वितरण कंपनियां हैं, इसमें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 10 करोड़ 31 लाख की बकाया राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र वितरण कंपनी ने 45 लाख एवं पश्चिम क्षेत्र ने 84 लाख की राशि वसूल की है।

    ऊर्जा मंत्री ने ग्वालियर रीजन की जानकारी देते हुए बताया कि समाधान योजना के अंतर्गत लगभग 18 लाख उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इनमें से 03 नवम्बर से अब तक 2484 उपभोक्ताओं ने लाभ ले लिया है। उन्होने बताया गया कि ग्वालियर जिले में 2 लाख 97 हजार उपभोक्ता इस योजना से लाभाविंत होंगे और अब तक 460 उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लेकर 1 करोड़ 7 लाख रूपये से भी अधिक राशि जमा कर 57 लाख रूपये सरचार्ज की छूट प्राप्त की है।

    मंत्री श्री तोमर ने कहा है कि लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता जल्दी आएं जल्दी पाएं का फार्मूला अपनाएं। प्रथम चरण में एकमुश्त बकाया राशि जमा कर 100 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठाएं। इसके लिए आप अन्य उपभोक्ताओं को भी प्रेरित करें जिससे समाधान योजना 2025-26 का ज्यादा से ज्यादा बकायदार उपभोक्ता लाभ उठा सकें।

    निर्माण एवं विकास कार्यों की दी जानकारी
    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने ग्वालियर शहर में आर.डी.एस.एस. (रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अन्तर्गत निर्माणधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर शहर में तारागंज में नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र 2 करोड़ 92 लाख की लागत से तैयार किया जा रहा है, इससे तारागंज, सिकन्दरकम्पू, समाधिया कॉलोनी, आपागंज और आसपास के लगभग 6 हजार से भी अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सप्लाई मिल पायेगी। 33 के.व्ही लाईन के इन्टरकनेक्शन एवं बाईफरकेशन के लगभग 10 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, जिनकी लागत 7 करोड़ 30 लाख रूपये है। ग्वालियर शहर में ही 11 के.व्ही. लाईन के इन्टरकनेक्शन और बाईफरकेशन के लगभग 41 कार्य लगभग 6 करोड़ 67 लाख की सहायता से सम्पन्न कराये जा रहे हैं। श्री तोमर ने बताया कि ग्वालियर शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदुढ करने के लिये 26 करोड़ की लागत से विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त 355 नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा रहे है, इसके अलावा शहर की कुछ इलाकों में उच्चक्षमता की केबिल बिछायी जा रही है, जिसकी लागत 2 करोड़ है।

    मंत्री श्री तोमर ने एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर शहर में लगभग 42 लाख 66 हजार की लागत से 33 के.व्ही. लाईनों को विस्तार किया जा रहा है, इसी प्रकार 2 करोड़ 53 लाख की सहायता से 11 के.व्ही. लाईनों का विस्तार किया जा रहा है और एक उपकेन्द्र पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 39 लाख की सहायता से की जा रही है।

    मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्वालियर रीजन के 8 जिलों में 2025 की तुलना यदि 2020 से की जाये तो पिछले पांच वर्ष में ग्वालियर रीजन के अन्तर्गत 105 नवीन 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन बनाये गये हैं, 683 कि.मी. नवीन 33 के.व्ही. लाईन एवं 2 हजार 110 कि.मी. लम्बी 11 के.व्ही. लाईन बिछायी गई है। उन्होंने आरडीएसएस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में 455 करोड़ रूपये की सहायता से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 490 कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 383 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन के कार्य किये जा रहे है। इसी तरह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत 455 करोड़ रूपये की सहायता से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 491 कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 384 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य किये जा रहे हैं।

    मंत्री श्री तोमर ने बताया कि वर्ष 2020 की स्थिति में ग्वालियर चंबल संभाग में कुल 55 ई.एच.टी सब स्टेशन स्थापति थे एवं कुल ई.एच.टी (अति उच्चदाब) लाईन की लम्बाई 4938 कि.मी. थी इसके बाद 11 नये सबस्टेशन स्थपित किये गये एवं 4 सबस्टेशन निर्माणधीन है। इसी तरह 2020 के बाद 776 कि.मी. ई. एच.टी लाईन स्थापित की गई एवं वर्तमान में 661 किमी लाईन का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ग्वालियर जिले की बात की जाये तो वर्ष 2020 की स्थिति में कुल 11 ई.एच.टी सब स्टेशन स्थापति थे एवं कुल ई.एच.टी लाईन की लम्बाई 999 कि.मी. थी इसके बाद 1 नया सबस्टेशन स्थपित किया गया एवं 1 सबस्टेशन निर्माणधीन है। इसी तरह 2020 के बाद 198 कि.मी. ई.एच.टी लाईन स्थापित की गई एवं वर्तमान में 82 किमी लाईन का कार्य चल रहा है।

  • मध्यप्रदेश पुलिस का जुआ फड़़ो पर लगातार शिकंजा

    एक सप्ताह में लगभग 35 लाख से अधिक का मशरूका जब्त

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जुआ, सट्टा एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान के तहत 1 नवम्बर 2025 से अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में जुओं की फड़़ पर छापामार कार्रवाही कर कुल 35 लाख 70 हजार से अधिक का मशरूका जप्त किया गया है। इन कार्रवाही में 87 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

    दमोह पुलिस की सराहनीय कार्यवाही
    थाना कोतवाली दमोह पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में दिनांक 3 नवम्बर 2025 की रात्रि में बड़ी कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना के आधार पर निरीक्षक थाना प्रभारी कोतवाली मनीष कुमार के नेतृत्व में शहर में जुआ खेल रहे 10 जुआरियों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 लाख 93 हजार 100 नगद राशि, 52 ताश के पत्ते, 11 मोबाइल फोन, 5 स्कूटी तथा 1 कार सहित कुल ₹23,18,100 का मशरूका जप्त किया। साथ ही एक अन्‍य कार्रवाही में 07 जुआरियों को पकड़कर 2 लाख 3 हजार रूपए नगद जब्‍त किए।

    मंदसौर (थाना कोतवाली): पुलिस द्वारा मंडीगेट के पास अवैध रूप से जुआ खेलते हुए 08 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपियों से ₹4,76,300 नगद जप्त किया गया। कार्रवाई तीन थानों एवं नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें 30 से अधिक पुलिस कर्मियों ने सहभागिता की।

    सतना (थाना उचेहरा): मुर्गी फार्म में रेड कर 12 जुआरी गिरफ्तार, 3 हजार 950 रूपए नगद बरामद।
    शिवपुरी (थाना दिनारा): 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹7,750 नगद एवं ताश की गड्डी जप्त। शिवपुरी (थाना सतनवाड़ा): 6 जुआरी पकड़े गए, 11 हजार 400 रूपए एवं ताश की गड्डी जप्त।
    अनूपपुर (थाना रामनगर): दो जुआ फड़ों पर छापेमारी, 12 आरोपी गिरफ्तार, 7.20 लीटर अवैध शराब बरामद।
    छतरपुर (थाना बिजावर): दो स्थानों पर छापा, 12 जुआरी गिरफ्तार, 72 हजार रूपए नगद, 6 दोपहिया वाहन सहित कुल 4 लाख रूपए की संपत्ति जब्त।
    छिंदवाड़ा (चौकी सिंगोड़ी थाना अमरवाड़ा): 9 आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख 150 रूपए नगद और ताश के पत्ते बरामद।
    सागर (थाना रहली): 3 आरोपी पकड़े गए, 1 हजार 400 रूपए नगद, मोबाइल एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 91 हजार 400 रूपए की संपत्ति जब्त। इसी तरह सतना जिले के ही मैंहर-अमरपाटन में 4 आरोपी गिरफ्तार, 21 हजार 835 रूपए नगद एवं 3 एंड्रायड मोबाइल जब्त।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे इन सतत अभियानों का उद्देश्य समाज में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना एवं जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस की ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी निरंतर जारी रहेंगी ताकि समाज में शांति, सुरक्षा और अनुशासन की भावना बनी रहे।

     

  • मुख्यमंत्री बोले – खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य

    रायपुर,

    “छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।”यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा कीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में छत्तीसगढ़ की बेटी के शामिल होने से प्रदेशवासियों को यह महसूस हुआ कि हम सभी इस जीत में सहभागी हैं।”इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आकांक्षा सत्यवंशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि “आपने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को प्रेरित करेगी।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि और भी युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अलंकरण सम्मान को पुनः प्रारंभ कर रही है। साथ ही, ओलंपिक में शामिल होने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूर अंचलों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

    फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है। मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई।” उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सक्रिय खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही।“मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही।”

    आकांक्षा ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता — बस ज़रूरत है निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की।”

    इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ रोचक यादें साझा कीं।

    नियमित दिनचर्या, संयमित खानपान और योग — फिट रहने का मंत्र

    फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री हमेशा कहते हैं कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, और यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। फिटनेस को लेकर उनकी सीख हर किसी को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।"

    आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से उनके फिटनेस का रहस्य पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा —
    “हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। उनकी सक्रियता, ऊर्जा और अनुशासन से हम सीखते हैं। संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या ही फिट रहने का मेरा मंत्र है।”

    उल्लखेनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ टीम के साथ रहीं और खिलाड़ियों की फिटनेस व मानसिक मजबूती को बनाए  रखने में अहम योगदान दिया।आकांक्षा सत्यवंशी ने बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट, भारतीय टीम का हिस्सा बनकर खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
    इस उपलब्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

    दुर्ग में जन्मी आकांक्षा का परिवार रायपुर में निवासरत है, जबकि उनका पैतृक गांव कवर्धा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और फिजियोथेरेपी में बैचलर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की, जबकि मास्टर्स डिग्री कटक से प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव खेल और फिजियो साइंस के प्रति स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा था।

    साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। केवल छह वर्षों के छोटे से सफर में उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म के बल पर राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई। साल 2022 में उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ वर्ल्ड कप अभियान में शामिल किया गया।इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट, रिकवरी सेशन, मानसिक दृढ़ता और ऊर्जा संतुलन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में माता जानकी के दर्शन कर की पूजा-अर्चना

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बिहार के सीतामढ़ी में माँ जानकी की जन्म स्थली पुनौरा धाम के मंदिर में जानकी मैया के दर्शन कर पूजा अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में जानकी मैया की आरती कर आसमान भी किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंदिर परिसर में पुजारियों एवं स्थानीय श्रद्धालुओं ने पारम्परिक तरीके से पगड़ी पहनाकर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की और कहा कि माता जानकी की यह जन्म स्थली (पुनौरा धाम) भारतीय संस्कृति, आस्था और स्थापत्य कला का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि माता जानकी समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं। उनके चरणों में मध्यप्रदेश की जनता की की ओर से प्रणाम कर सभी के मंगल की कामना करता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन पर मंदिर परिसर में बडी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। सभी ने माता जानकी का जयघोष किया।

    पुनौरा धाम में दर्शन-पूजन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता जानकी की जन्म स्थली के दर्शन का सौभाग्य मिला है। यह स्थान भगवान श्रीराम के रामराज्य का समय, माता सीता से स्वयंवर तथा विवाह के बाद इस स्थान से अयोध्या जाने का स्मरण कराता है। हमें भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा मिलती है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अयोध्या में हिंदु-मुस्लिम सभी भाईयों ने मिलकर श्री राम का भव्य मंदिर बनवाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में धार्मिक पर्यटन को कैसे बढ़ाया जा सकता है, यह हमने काशी, अयोध्या, प्रयागराज और उज्जैन में भी देखा है। बाबा महाकाल के महालोक से हर वर्ग का कल्याण हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सीतामढ़ी में जनकपुरी धाम के निर्माण के लिए राशि मंजूर की है, इससे पूरा क्षेत्र और बिहार सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध होते हुए स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार की धरती सम्राट अशोक के काल से सदैव लोगों को आकर्षित करती रही है। इसी धरती पर भगवान श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब ने भव्य सूर्य मंदिर बनाया था। बिहार और मध्यप्रदेश का संबंध हर कालखंड में प्रगाढ़ रहा है। दोनों ही राज्यों में डबल इंजन की सरकार गरीब, किसान, युवा और नारी सहित हर वर्ग का कल्यााण करते हुए आगे बढ़ रही है।

     

  • नसबंदी कैंप में लापरवाही का आरोप, महिलाओं की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में अफरा-तफरी

    दुर्ग
    दुर्ग जिला अस्पताल में शनिवार को नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा सर्जरी के दौरान दी गई किसी दवा के रिएक्शन से हुआ। फिलहाल दवा के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जानकारी के पूजा यादव (27), निवासी बजरंग नगर दुर्ग, नसबंदी ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन के दौरान उसे अचानक झटके आने लगे और शरीर में अकड़न महसूस हुई। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
     
    वहीं सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30) ने उसी दिन सुबह सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद जब उसकी नसबंदी की जा रही थी, तभी उसे भी झटके आने लगे और शाम तक उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि किरण पूरी तरह स्वस्थ थी और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ना सभी के लिए सदमे जैसा था। पूजा यादव के दो छोटे बच्चे हैं, जबकि किरण यादव का नवजात शिशु है।

    दवाओं पर संदेह
    सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज के अनुसार पूजा यादव को नसबंदी के दौरान बुपीवाकेन 3 एमएल, मिडान 1 एमजी, और 2 आरएल (रिंगर लैक्टेट) दिया गया था। वहीं किरण यादव को बुपीवाकेन 2.2 एमएल, ऑक्सीटोसीन 10 आईयू, 2 आरएल और 1 डीएनएस दिया गया था। आंशका कि इन दवाओं में से किसी एक के रिएक्शन से दोनों की तबीयत बिगड़ी।

    नौ सर्जरी हुईं, दो में हादसा
    शनिवार को मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गई। इनमें पूजा की केवल नसबंदी थी, जबकि किरण की सिजेरियन के साथ नसबंदी की गई। बाकी सात महिलाओं की सर्जरी सामान्य रही। ऑपरेशन टीम में डॉ. उज्जवला देवांगन, डॉ. विनीता ध्रुवे, डॉ. रिंपल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. पूजा वर्मा (एनेस्थेटिस्ट) शामिल थी।

    दवा का सैंपल लेकर जांच को भेजा

    सिविल सर्जन डॉ. मिंज ने बताया कि सर्जरी के दौरान दोनों महिलाओं को झटके और अकड़न की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद उपयोग की गई दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • ‘छत्तीसगढ़ की निर्भया’ केस में नया मोड़: हाई कोर्ट ने कहा, आरोपी को बरी करना दुर्भाग्यपूर्ण

    बिलासपुर

    चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस बीडी गुरु की डीबी ने एक जघन्य यौन और हत्या के अपराध में आरोपी को पाक्सो एक्ट में बरी करने और शासन की ओर से अपील नहीं किए जाने के मामले में गंभीर टिप्पणी की है।

    कोर्टने टिप्पणी में कहा है कि इस बैकग्राउंड में हम यह नोट करने के लिए मजबूर हैं कि ट्रायल कोर्ट ने भारी मेडिकल और परिस्थितिजन्य सबूतों के बावजूद अपीलकर्ता को आइपीसी की धारा 363, 364, 376(3) के साथ पाक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत गंभीर आरोपों से बरी करके गलती की है। यह वाकई दुर्भाग्यपूण है।

    हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, राज्य की अपील की अनुपस्थिति मेडिकल सबूतों की गंभीरता या बच्चे के खिलाफ किए गए अपराध की गंभीरता को कम नहीं करती है। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता है कि पीड़ित का अपहरण किया गया था। सबसे बर्बर तरीके से यौन उत्पीड़न किया गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।

    हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को ठहराया गलत

    संबंधित प्रविधानों के तहत दोषसिद्धि न देना उन मामलों में सबूतों की गलत समझ को दर्शाता है। ऐसे मामले में जहां पीड़िता का रेप किया गया हो और उसे मार दिया गया हो, अगर ट्रायल कोर्ट को पीड़िता पर सेक्शुअल असाल्ट के पक्के सबूत मिलते हैं तो वह दुष्कर्म होने की बात को नज़रअंदाज नहीं कर सकता। ट्रायल कोर्ट आरोपी को सिर्फ हत्या के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता।

    यह है मामला

    जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र निवासी नवीं कक्षा की छात्रा 28 फरवरी 2022 की रात को सोई थी। मां की रात को नींद खुली तो देखा कि बेटी बिस्तर में नहीं है। पिता ने एक मार्च 2022 को जैजैपुर थाना में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी नाबालिग बेटी को किसी ने अपहरण कर लिया है। तीन मार्च 2022 को उसकी लाश गांव के तालाब में मिली। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया एवं गांव में कैंप कर पूछताछ की।

    ग्रामीणों से पूछताछ में पुलिस को आरोपी के संबंध में सुराग मिला। पुलिस ने आरोपी जवाहर को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया। सक्ती न्यायालय ने आरोपी को धारा 302 और 201 के अंतर्गत अपराध के लिए दोषी ठहराया है। हाई कोर्ट ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए उसे नाबालिग से बर्बर तरीके से यौन अपराध कर हत्या के मामले में पाक्सो एक्ट के तहत सजा नहीं सुनने पर उक्त टिप्पणी की है।

    लिखवाया सुसाइड नोट

    नाबालिग से लिखवाया सुसाइड नोट जांच के दौरान यह पता चला कि मृतक और आरोपी लगभग आठ महीने से प्रेम प्रसंग में थे। मृतक ने कथित तौर पर कहा कि वह उसके बिना नहीं रह सकती और मर जाएगी, तो आरोपी ने उसे 28 फरवरी को अपने घर बुलाया जब वहां कोई नहीं था।

    उसने कथित तौर पर उसे मारने की साजिश रची और उससे एक सुसाइड नोट लिखने को कहा, यह कहते हुए कि वे दोनों भाग जाएंगे और आत्महत्या कर लेंगे। 28 फरवरी की रात एक बजे आरोपी पीड़िता अपनी बाइक से तालाब के पास ले गया। जहां उसने नाबालिग की हत्या कर दी।

    हत्या से पहले किया दुष्कर्म

    मौत से पहले आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती यौन हमला किया गया था। डॉक्टरों ने साफ तौर पर राय दी है कि पीड़ित के प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर चोटें आई थीं। खून भी बह रहा था।

  • ‘महतारी वंदन’ योजना: महिलाओं के लिए जरूरी सूचना — तय समय में कराएं e-KYC, वरना रुकेगी किस्त

    बिलासपुर

    राज्य सरकार की महत्वकांक्षी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य में पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये मिलते हैं। लेकिन इस योजना की लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाला पैसा बंद हो सकता है, क्योंकि प्रदेश में 4.18 लाख महिलाओं ने अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है। यदि उन्होंने जल्द ही अपना केवाईसी नहीं कराया, तो योजना की 20वीं किस्त उनके खाते में नहीं आएगी।

    बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों में ऐसी बहुत महिलाएं हैं, जिन्होंने अबतक अपना केवाईसी नहीं कराया है। बिलासपुर जिले में भी महतारी वंदन योजना से लाभांवित लगभग 10 हजार महिलाओ ने अपना ई केवायसी नहीं करवाया है। यदि उन्होंने जल्द ही अपना केवाईसी नहीं कराया, तो उन्हें महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त से वंचित होना पड़ सकता हैं।

    राज्य शासन ने निर्देश जारी कर जिन महिलाओं का आधार एक्सपायरी हो चुका है, उनका आधार अपडेट करवा कर ई केवायसी करने का आदेश दिया हैं। ऐसा न करने पर उन्हें योजना के तहत मिलने वाली 1,000 मासिक किस्त से वंचित होना पड़ सकता है।

    ई-केवाईसी कराना आवश्यक
    जिले में महतारी वंदन योजना के 4 लाख 20 हजार महिला हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा हैं। योजना के तहत दस हजार महिलाएं ऐसी हैं, जिनका आधार कार्ड विवरण अपडेट नहीं हुआ है या एक्सपायर हो चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से आधार कार्ड के हर दस साल में अपडेट होने की अनिवार्यता के कारण उत्पन्न हुई है।

    आधार कार्ड के नियमित अपडेट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हितग्राही वास्तव में जीवित है या नहीं, उसने अपना निवास स्थान मकान, जिला या राज्य तो नहीं बदल लिया है, या उसके विवरण में कोई अन्य महत्वपूर्ण बदलाव तो नहीं हुआ है।अधिकारी इसे एक प्रकार का जीवन प्रमाण बताते हैं, जो सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और सही लाभार्थी तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक है।

    आंगनबाड़ी केंद्र जाकर जल्द कराएं केवाईसी
    जिन 10 हजार महिलाओं का केवाईसी अपडेट नहीं है, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर प्रक्रिया पूरी करवानी होगी। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन महिलाओं का आधार विवरण अमान्य पाया जाएगा, उनका भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।

    महतारी वंदन योजना क्या हैं
    महतारी वंदन योजना की मुख्य उद्देश्य राज्य की विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हैं। पात्र विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1,000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। यह राशि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य, पोषण और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग करती है।

  • इज्तिमा की तैयारी चरम पर: 150 ट्रेनें बंद, 5000 जवान संभालेंगे मोर्चा

    भोपाल,

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 14 से 17 नवंबर तक होने जा रहे 78वें आलमी तबलीगी इज्तिमा की तैयारियां जोरों पर हैं। ईटखेड़ी (घासीपुरा) में होने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको देखते हुए पुलिस, रेलवे और प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम
    भोपाल रेलवे स्टेशन से लेकर नादरा बस स्टैंड तक सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। करीब 850 पुलिसकर्मी, आरपीएफ, जीआरपी और थाना पुलिस के जवान लगातार ड्यूटी पर रहेंगे। डायल-112 की गाड़ियां पूरे क्षेत्र में गश्त करेंगी। प्लेटफॉर्म, स्टेशन परिसर और इज्तिमा स्थल पर अतिरिक्त पुलिस चौकियां बनाई जा रही हैं ताकि हर स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।

    इज्तिमा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए 150 से ज्यादा ट्रेनों के कोच बंद रखे जाएंगे। रेलवे ने बिना आरक्षण वाले यात्रियों के लिए मोबाइल टिकट वैन की व्यवस्था की है। इज्तिमा स्थल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। आम नागरिकों के लिए वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो।

    फायर टीम और वालंटियर्स की तैनाती
    इज्तिमा स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दमकल दलों की विशेष टीम तैनात की जाएगी। साथ ही प्रति शिफ्ट 500 वालंटियर्स ड्यूटी पर रहेंगे, जो श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश और आपात सहायता उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन ने अतिरिक्त 4,500 पुलिसकर्मियों की मांग की है, जिन्हें ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा निगरानी और व्यवस्था प्रबंधन में लगाया जाएगा।

    बैरिकेडिंग और निगरानी की सख्त व्यवस्था
    इज्तिमा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की जा रही है। सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। मुख्य मार्गों पर चेकिंग प्वाइंट बनाए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। छह प्रमुख मार्गों को इज्तिमा के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे।

    प्रशासन का लक्ष्य : श्रद्धा, शांति और अनुशासन
    प्रशासन और आयोजन समिति ने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि इज्तिमा का यह वार्षिक आयोजन पूरी शांति, अनुशासन और सौहार्द के साथ संपन्न हो। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और रेलवे ने मिलकर अस्थायी शौचालय, पानी, मेडिकल सहायता और सफाई की व्यवस्था की है।

        आयोजन तिथि : 14 से 17 नवंबर 2025
        स्थान : ईटखेड़ी (घासीपुरा), भोपाल
        ट्रेनें बंद : 150 से अधिक
        सुरक्षा बल : 850 पुलिसकर्मी + 4,500 अतिरिक्त जवान मांग पर
        फायर टीम : प्रति शिफ्ट 500 वालंटियर्स
        विशेष सुविधा : रेलवे स्टेशन पर मोबाइल टिकट वैन

    प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लक्ष्य यह है कि भोपाल का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बने, बल्कि अनुशासन और प्रबंधन की मिसाल भी पेश करे।

  • दवा लाइसेंस रद्द: कटारिया फार्मा को हाईकोर्ट में भी झटका, राहत की उम्मीद टूटी

    जबलपुर
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सीरप के मामले में कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक राजपाल कटारिया को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। दवा का लाइसेंस निरस्त किए जाने के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि अपील राज्य सरकार के समक्ष पेश की जाए। इस निर्देश के साथ अदालत ने याचिका का पटाक्षेप कर दिया।

    जबलपुर निवासी राजपाल कटारिया, कटारिया फार्मास्यूटिकल के संचालक हैं। उनकी ओर से हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि वे बीते कई सालों से दवाओं का थोक व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीसन फार्मा द्वारा निर्मित कोल्डड्रिफ कफ सीरप की आपूर्ति वे छिंदवाड़ा जिले में लंबे समय से कर रहे थे। याचिकाकर्ता ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले में उक्त कफ सीरप पीने से 25 मासूम बच्चों की मौत के बाद जबलपुर ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी ने 11 अक्टूबर को उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने यह याचिका दायर की थी।
     
    न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि इस अपील को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाए। याचिकाकर्ता ने लाइसेंस निरस्तीकरण के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की थी। राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुमित रघुवंशी ने अदालत को बताया कि ड्रग रूल्स, 1945 के नियम 66(2) के तहत लाइसेंस निरस्त होने की स्थिति में राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर करने का प्रविधान है।

  • साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की मुलाकात

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कल देर रात मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उप राज्यपाल सिन्हा ने साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट किया। साय ने सिन्हा का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

  • मध्य प्रदेश में बड़ी कार्रवाई — उपस्थिति प्रणाली का विरोध करने पर 5,000 से ज्यादा कर्मियों को हटाया गया

    भोपाल

     नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगर निकायों में पारदर्शिता, दक्षता और आर्थिक बचत के उद्देश्य से फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की है, लेकिन कुछ जगह कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। विभाग ने सख्ती दिखाते हुए ऐसे पांच हजार से अधिक कर्मचारियों का बर्खास्त किया है, जो आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में गैरहाजिर मिले हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। कहा कि फर्जी वेतन भुगतान और डीजल चोरी जैसी अनैतिक गतिविधियां रोकने में मदद मिल रही है। इससे विभाग के करोड़ों रुपए बचेंगे।

    आयुक्त भोंडवे ने बताया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति, समयपालन और कार्यकुशलता की रियलटाइम मानिटरिंग के साथ उनमें अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को बल मिल रहा है। कुछ जगह निगमकर्मी खासकर वाहन चालकों ने हड़ताल जैसे प्रयास किए हैं। हालांकि, अधिकांश सफाई कर्मी और अन्य कर्मचारी तकनीक आधारित नई व्यवस्था से संतुष्ट हैं। भारत सरकार भी इसकी प्रशंसा कर चुका है।

    संकेत भोंडवे ने बताया कि इस प्रणाली के लागू होने से फर्जी वेतन भुगतान की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। अब तक 5000 से अधिक गैरहाजिर या फर्जी नामों को ड्यूटी सूची से हटाया जा चुका है, जिससे आर्थिक बचत हो रही है। एईबीएएस (आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली) से शहरी विकास विभाग के प्रमुख व्यय मद वेतन, ऊर्जा और डीजल में व्यापक सुधार हो रहा है। डीजल चोरी पर भी रोक लग रही है। यह विभाग का तीसरा सबसे बड़ा व्यय मद रहा है।

    भोंडवे ने बताया कि यह पहल भविष्य में विकसित होने वाली ई-एचआरएमएस (इलेक्ट्रानिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली की आधारशिला भी बनेगी, इससे संपूर्ण मानव संसाधन प्रबंधन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही समय की पाबंदी और कार्य कुशलता के अलावा फर्जी वेतन से करोड़ों रुपये बचाएंगे। जिनके पास आधुनिक क्षमतापूर्ण मोबाइल नहीं है ऐसे स्वच्छताकर्मी की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सुपरवाइजर्स को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

  • धान खरीदी से पहले सक्रिय हुए बिचौलिए: जंगल में 143 बोरी छोड़कर भागे, पिकअप जब्त

    बलरामपुर

    छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की शुरुआत से पहले ही पड़ोसी राज्यों के बिचौलिए सक्रीय हो गए हैं. बलरामपुर के रामचंद्रपुर विकासखंड में पुलिस और राजस्व टीम कड़ी निगरानी कर रही है. इस कड़ी में अवैध धान परिवहन पर टीम ने शिकंजा कसा है. यूपी से आ रही पिकअप वाहन को अवैध धान परिवहन करते पकड़ा गया है. साथ ही जंगल से 143 बोरी धान जब्त किया गया है.

    अनुविभागीय अधिकारी ने जानकारी दी कि राजस्व, पुलिस के टीम द्वारा गस्ती के दौरान यूपी से आ रही 1 पिकअप वाहन अवैध धान परिवहन करते हुए जब्त किया गया. साथ ही प्रशासनिक टीम के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध परिवहन कर रहे दो अन्य पिकअप वाहन चालकों ने जंगल में धान को छोड़कर अन्यत्र दिशा मे चले गए. मौके पर मौजूद टीम ने धान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की.

    अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नेताम ने बताया कि जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध धान परिवहन किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि आगामी समय में भी रात के समय गश्त और तेज़ की जाएगी ताकि धान के अवैध परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.

  • पुरंदर मिश्रा का तीखा बयान: बृहस्पति सिंह कांग्रेस से खुश नहीं, तो बीजेपी का दामन थाम लें

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश में सियासत जारी है. इस बीच शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने कई गंभीर आरोप लगाए. उनके बयानों के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की. इस पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर बृहस्पत सिंह कांग्रेस में परेशान हैं, तो वे बीजेपी में शामिल हो जाएं. बीजेपी बड़े दिल वाली पार्टी है.

    रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि बृहस्पत सिंह कांग्रेस के पुराने आदिवासी नेता हैं. वे अपने मन की बात खुलकर बोल देते हैं. कांग्रेस का कल्चर हमेशा से आदिवासियों को अपमानित और बेइज्जत करने वाला रहा है. पहले भी कांग्रेस के आदिवासी नेता अमरजीत भगत का माइक छीना गया था और अब बृहस्पत सिंह को अपशब्द कहकर अपमानित किया जा रहा है.

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का अपमान उचित नहीं. इसलिए कांग्रेस न लोकसभा और न विधानसभा कहीं भी नहीं है, फिर भी वे घमंड कर रहे. अगर बृहस्पत सिंह कांग्रेस में परेशान हैं, तो बीजेपी में आ जाएं. हमारी पार्टी विशाल हृदय वाली है, समुद्र में एक लोटा पानी आए या चला जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है.

    बता दें कि शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने वीडियो जारी कर पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए. 5 से 7 लाख रुपए लेकर जिला अध्यक्ष की नियुक्ति का आरोप लगाया गया. इस संबंध में छत्तीसगढ़ सह प्रभारी जरिता लैतफलांग पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. वायरल वीडियो में पूर्व कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी शैलजा कुमारी ने भी पैसे लेकर टिकट वितरण किया था. इसके कारण कांग्रेस को सत्ता से हाथ धोना पड़ा.