• हातोद से इंदौर तक ट्रैक्टर मार्च: किसानों की बड़ी आवाज़ ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के खिलाफ

    इंदौर
    इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित 48 किमी लंबे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के खिलाफ किसानों का विरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर सड़क निर्माण के लिए नहीं देंगे। पहले चरण में कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद अब किसान सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को हातोद से इंदौर के कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। इसमें एक हजार से अधिक ट्रैक्टर शामिल होंगे। किसान कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे और योजना को स्थगित करने की मांग करेंगे।
     
    इस सड़क का निर्माण 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए किया जाना है, लेकिन स्थानीय किसान इसका विरोध कर रहे हैं। सड़क निर्माण के कारण कई किसानों की पूरी जमीन जा रही है और इसके बदले मिलने वाले मुआवजे में आसपास के दस किमी में कहीं भी जमीन नहीं मिल रही है। मुआवजा गाइडलाइन के अनुसार दोगुना दिया जाएगा, जबकि बाजार भाव पांच गुना तक पहुंच चुका है।

    किसान नेता बबलू जाधव और कैलाश सोनगरा का कहना है कि सरकार बिना किसी आकलन और सर्वे के योजना लागू कर देती है, जिससे प्रदेश के अन्नदाता के साथ अन्याय हो रहा है। इस विरोध को लेकर किसान अब ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय ले चुके हैं, जिसमें इंदौर और उज्जैन जिले के सभी प्रभावित किसानों के अलावा अन्य किसान भी शामिल होंगे।

    इंदौर जिले के 20 गांव प्रभावित
    इस परियोजना से इंदौर की सांवेर और हातोद तहसीलों के करीब 20 गांव और उज्जैन जिले के आठ गांव प्रभावित हो रहे हैं। कुल 188 हेक्टेयर उपजाऊ जमीन इस सड़क में जाएगी। कहीं पूरी जमीन छिन रही है तो कहीं बीचों-बीच से सड़क गुजरेगी, जिससे किसान पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। कांकरिया के किसान वीरेंद्र चौहान का कहना है कि सरकार द्वारा तय मुआवजा बाजार भाव से बेहद कम है। ऐसे में न तो जमीन के बदले जमीन मिल पाएगी और न ही किसान अपनी जीविका सुरक्षित रख पाएंगे।

    पहले से कई मार्ग, उन्हें करें चौड़ा
    यह सड़क इंदौर के पितृपर्वत से निकलकर उज्जैन बायपास चिंतामन गणेश तक जाएगी। सरकार इसे सिंहस्थ के लिए उपयोगी बता रही है, लेकिन किसान इसका विरोध कर रहे हैं। रतनखेड़ी के राहुल पटेल और मगरखेड़ी के लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उज्जैन जाने के लिए पहले से कई मार्ग हैं, जिन्हें चौड़ा किया जाना चाहिए। इससे किसानों की जमीन भी बच जाएगी।

    गांव-गांव में जुटा रहे जनसमर्थन
    बीते रविवार को किसानों की बैठक रतनखेड़ी में आयोजित हुई थी। इसमें ट्रैक्टर रैली निकालने का निर्णय लिया गया। अब रैली की तैयारी को लेकर किसानों ने गांव-गांव संपर्क और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। आठ अक्टूबर को सड़कों पर उतरने और अपनी जमीन बचाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है।

    अन्य मांगें भी शामिल
    रैली में किसान ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का विरोध करने के साथ ही अपनी फसलों की समस्याओं को भी सामने रखेंगे। किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि किसान सोयाबीन की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, भावांतर योजना को स्थगित करने और प्याज के दाम बढ़ाने की मांग का ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपेंगे।

  • भरतपुर (कटनी) में बच्चों संग नहाने गए दो सगे भाइयों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत

    कटनी
    रीठी थाना अंतर्गत भरतपुर गांव में बच्चों के साथ नहाने गए दो सगे भाइयों का तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना से दशहरा पर्व के दिन गांव में मातम छा गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। जानकारी के अनुसार छोटा बरहटा रीठी निवासी सुशील पटेल के बेटे शिवांश लोधी 8 साल और देवांश लोधी 10 साल दशहरा पर अपने मामा के गांव भरतपुर गए हुए थे।

    लगभग 11 बजे दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ गांव के बाराती तालाब में नहाने गए थे और गहरे पानी में जाने से दोनों डूब गए। आसपास के लोगों को बच्चों ने घटना की जानकारी दी।

    इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और दोनों बच्चों की तालाब में खोजबीन की गई और पुलिस को भी सूचना दी गई। ग्रामीणों की मदद से तालाब में एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को खोज लिया गया और स्वजनों उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी लेकर पहुंचे।
     
    यहां दोनों को चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बरेहटा गांव में मातम छा गया तो वहीं हृदय विदारक घटना से भरतपुर में भी मातम छाया रहा। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं और मामले की जांच कर रही है।

  • अंबिकापुर हत्याकांड: महिला कर्मचारी की बेरहमी से हत्या, आरोपी ने चाकू से किए ताबड़तोड़ वार

    अंबिकापुर
    अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित श्री कृपा फ्यूल्स पेट्रोल पंप में गुरुवार की सुबह महिला कर्मचारी की चाकू से गोद-गोद कर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपित को लोगों ने पकड़ पुलिस को सौंप दिया है। बीच-बचाव कर रहे पेट्रोल पंप का एक कर्मचारी भी घायल हुआ है। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ पाया गया है।

    बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम मगाजी शाहपुर निवासी भारती टोप्पो, अंबिकापुर के रिंग रोड चोपड़ापारा स्थित कृपा फ्यूल्स में सेल्स गर्ल का काम करती थी। गुरुवार सुबह वह अन्य कर्मचारियों के साथ काम पर लगी थी। सुबह लगभग पौने बारह बजे मोटरसाइकिल से एक युवक पेट्रोल पंप में पहुंचा। महिला कर्मचारी के नजदीक ही उसने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की। महिला कर्मचारी कुछ समझ पाती इसके पहले ही युवक ने अपने पास रखे चाकू से उस पर वार करने का प्रयास किया।
     
    जान बचाने के लिए भागती रही
    युवती वहां से भागी तो आरोपित ने चाकू लेकर उसे पेट्रोल पंप परिसर में ही दौड़ाना शुरू कर दिया। युवती भागने का प्रयास करती रही लेकिन आरोपित ने चाकू से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। एक के बाद एक चाकू के वार को सहते हुए युवती भागती रही। समूचे परिसर में खून के छींटे गिरते रहे। बीच-बचाव कर रहे संतोष नामक कर्मचारी पर भी युवक ने चाकू से हमला किया।

    इसी बीच एक चाकू युवती के सीने से पीठ की ओर घुस गया। युवती वहीं औंधे मुंह गिर पड़ी। इसके बाद भी आरोपित ने उस पर चाकू से कई प्रहार किए। चाकू के करीब 40 वार के कारण युवती बेहोश हो गई। तब तक हो हल्ला मच गया। नजदीक में ही दुकान संचालित करने वाले गुरुदेव सिंह ने आरोपित को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपित ने उसका भी गला दबाने की कोशिश की।

    एयरगन से उसने फायर भी किया। आरोपित ने अपने पास एक लोहे का रॉड भी रखी थी। घटना के बाद आरोपित वहां से तेजी से गली के रास्ते भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वो उन्हें भी डराने लगा। चोपडापारा में रहने वाले ठेकेदार अरुण सिंह किरना ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपित को धर दबोचा।

    उसी रास्ते से एक कार में पुलिस अधिकारी गुजर रहे थे। ठेकेदार ने उसी कार में आरोपित को बैठाकर गांधीनगर थाने पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पहुंची। घटनास्थल पर आरोपित की मोटरसाइकिल, बैग, चश्मा, चप्पल बरामद किया गया है। युवती को नजदीक के मिशन अस्पताल ले जाया गया था,जहां उसकी मौत हो गई।

    प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण
    प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपित योगेंद्र पैकरा, मूलतः मगाजी कुसमी का रहने वाला है। वह पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल पंप में आ रहा था। युवती से उसका प्रेम संबंध था। संबंधों में दरार आ जाने के कारण उसने घटना का अंजाम दिया। पकड़ में आने के बाद वह बोल रहा था कि युवती को उसने काफी समझाया था, लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी।

    दो दिन पहले उसका मोबाइल भी तोड़ दिया था, इसके बाद भी उसने किसी दूसरे युवक से बातचीत जारी रखा थी। उसने यह भी बोला कि युवती तो अब नहीं रही और उसका जीवन भी बर्बाद हो गया। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए स्पष्ट है कि आरोपित पूरी तैयारी के साथ हत्या की नीयत से ही पेट्रोल पंप पहुंचा था।

  • बेटियों की सुरक्षा फेल: मध्य प्रदेश में भ्रूण और शिशु हत्या के मामलों में देश में अव्वल, NCRB रिपोर्ट

    भोपाल
    भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, भ्रूण हत्या रोकने के तमाम प्रयास के बाद भी मध्य प्रदेश की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। भ्रूण हत्या, शिशु हत्या और माता-पिता द्वारा बच्चों को छोड़ने के मामले में देश में अव्वल राज्य मध्य प्रदेश है। NCRB की वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में उक्त तीन प्रकृति के 196 मामले सामने आए हैं।

    दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर UP
    दूसरे नंबर पर 156 प्रकरणों के साथ महाराष्ट्र और तीसरे नंबर पर 112 प्रकरणों के साथ उत्तर प्रदेश है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात के कानूनी प्रविधानों को लेकर उचित जानकारी का अभाव और बच्चे के लिंग को लेकर सामाजिक दबाव इसकी बड़ी वजह है। एक समय था जब मध्य प्रदेश में शिशु लिंगानुपात 912 पर आ गया था। जानकारों ने इसकी वजह भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात को बताया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'लाड़ली लक्ष्मी' योजना प्रारंभ की। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' सहित बेटियों के हित में कई योजनाएं प्रारंभ की गई, जिससे लोग उन्हें बोझ न मानें। इसके बाद भी प्रदेश का शिशु लिंगानुपात 917 है। यानी, प्रति हजार बेटों पर 917 बेटियां ही पैदा हो रही हैं, जबकि प्राकृतिक तौर पर यह आंकड़ा 950 से ऊपर होना चाहिए।

    बच्चों की हत्या के सर्वाधिक मामले में MP को मिला ये स्थान
    छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या NCRB की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रदेश में वर्ष 2023 में छह वर्ष से कम उम्र के 28 बच्चों की हत्या कर दी गई। हत्या के सर्वाधिक मामले में मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर रहा। हत्यारों ने 1832 लोगों की जान ले ली, जिसमें 706 मामलों में विवाद के कारण हत्या की गई। 121 प्रकरणों में हत्या का कारण प्रेम प्रसंग और 103 में संपत्ति का विवाद रहा है। प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की सर्वाधिक 227 घटनाएं उत्तर प्रदेश, 144 गुजरात और 138 महाराष्ट्र में हुईं। मध्य प्रदेश में 30-45 आयु वर्ग के 666 लोगों की हत्या हुई।

    दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश को मिला स्थान
    ए्ससी के साथ दुष्कर्म के 560 मामले, देश में तीसरे नंबर पर एसटी के विरुद्ध सर्वाधिक अपराध के मामले में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर तो है ही अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की बच्चियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं में भी प्रदेश तीसरे नंबर पर है। वर्ष 2023 में 560 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 176 में पीड़िता नाबालिग थीं।

  • माता की मूर्ति विसर्जन यात्रा में बवाल, मुस्लिम युवकों ने किया पथराव

    बुरहानपुर
    नेपानगर थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव में गुरुवार को पूरी तरह शांति बनी रही। लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में शांति पूर्ण तरीके से माता की मूर्तियों का विसर्जन किया। पुलिस ने मूर्ति विसर्जन जुलूस पर पथराव करने के आरोप में गांव के दस लोगों पर छह धाराओं में केस दर्ज किया है। इनमें से तीन को नेपानगर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    बता दें कि बुधवार शाम जवारा और माता मूर्ति विसर्जन के दौरान लाउड स्पीकर बजाने को लेकर धर्म विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया था, जिससे दुर्गोत्सव समित के एक पदाधिकारी का सिर फूट गया था। मां दुर्गा की छोटी मूर्ति खंडित हो गई थी। इसके बाद विहिप बजरंग दल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नावरा पुलिस चौकी का घेराव कर दिया था।
     
    सूचना मिलने पर नेपा विधायक मंजू दादू, कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार सहित अन्य पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे थे। भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण रात करीब एक बजे तक गांव छावनी में तब्दील था। मामला शांत होने के बाद भी कुछ पुलिस कर्मियों को गांव में अब भी तैनात किया गया है।

    इन लोगों पर दर्ज हुआ मामला
        नेपानगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी इरफान खान, लड्डू खान, शाकिर गुलाब, मुख्तयार लियाक़त, जलील रमजान, खालिक मोहम्मद, इलियास इशाक, अकील खान, हमिद हुसैन, सोएब सभी निवासी नयाखेड़ा के खिलाफ धारा 190, 191(2), 296, 299, 351(3) और 115(2) के तहत केस दर्ज किया है।

    रात में कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रामीणों को समझाइश देकर जवारों का विसर्जन कराया गया। खंडित मूर्ति को गुरुवार को प्रशासन के मौजूदगी में विसर्जित किया गया। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार का कहना है कि शांति भंग करने वाले आरोपितों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

    नदीम किराना के पास हुई घटना
        मुख्य शिकायतकर्ता मुकेश कीर ने पुलिस को बताया कि दोपहर बाद जैसे ही माता की मूर्ति और जवारे नदीम किराना दुकान के पास पहुंचे, इरफान खान ने गालियां देते हुए लाउड स्पीकर बंद करने के लिए कहा। मना करने पर उसने पत्थर चलाना शुरू कर दिया।
        उसके बाद उसने समाज के अन्य लोगों को बुला लिया और सभी ने पथराव शुरू कर दिया। आरोपियों ने उसके पिता ओमप्रकाश कीर से भी मारपीट की। इस दौरान दीपेश चौहान, शंकर चौहान सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

  • उज्जैन में दर्दनाक हादसा, 12 वर्षीय बच्चे ने ट्रैक्टर चालू किया, नदी में डूबे 7 लोग

    उज्जैन
    उज्जैन जिले में इंगोरिया के पास देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक ट्रैक्टर ट्राली चंबल नदी में गिर गई। हादसे में 8 लोग पानी में डूब गए। इनमें से 7 लोगों को बचा लिया गया और एक लापता है। घायल 4 लोगों को गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने बताया कि इंगोरिया के पास कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्राली में देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। वहां एक 12 वर्ष के बच्चे ने गलती से ट्रैक्टर की चाबी घुमा दी।

    इससे ट्रैक्टर चालू हो गया और आगे बढ़ गया, जिससे ट्रैक्टर नदी में गिर गया। इस दौरान ट्रैक्टर में सवार लोग भी पानी में गिर गए। तत्काल 7 लोगों को बचा लिया गया। एक व्यक्ति का लापता बताया जा रहा है, जिसकी खोजबीन जारी है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों के साथ बचाव अभियान में जुटी हुई है। 4 घायलों को गौतमपुरा अस्पताल ले जाया गया।
     
    सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे में घायल हुए कुछ लोगों को इलाज के लिए गौतमपुरा अस्पताल भेजा गया है। तीन लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। जानकारी के मुताबिक इंगोरिया के पास ये लोग देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी हुई थी, इसी दौरान एक बच्चे ने ट्रैक्टर की चाबी घुमाकर उसे स्टार्ट कर लिया। इसके बाद ट्रैक्टर दौड़ पर और ट्राली सहित नदी में डूब गया।

     

  • रोजगार की अलख जगाते गांधी सेवा आश्रम: 1278 परिवारों के जीवन में आया बदलाव

    मुरैना
    जौरा स्थित गांधी सेवा आश्रम में 53 साल पहले महात्मा गांधी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने बंदूकें डालकर आत्मसमर्पण किया था। यह आश्रम अब गांधीवादी विचारों की अलख ही नहीं जगा रहा, बल्कि मुरैना से लेकर दूसरे प्रांतों के गरीब परिवारों को रोजगार भी दे रहा है। चंबल से लेकर उत्तराखंड, बिहार और असम तक 1278 परिवारों को तीन दशक से भी ज्यादा समय से कुटीर उद्योगों से जोड़कर रोजी-रोटी मुहैया करवा रहा है।

    कहां-कहां मिला लोगों को रोजगार
    आश्रम जौरा से लेकर मुरैना और आसपास के क्षेत्रों में 1130 परिवारों को साढ़े तीन दशक से रोजगार दे रहा है। इनमें 325 परिवार सूत कताई व खादी की बुनाई का काम कर रहे हैं। 805 परिवार मधुमक्खी पालन से आजीविका चला रहे हैं। इनके अलावा रोजगार की यह मुहिम उत्तराखंड में 50 परिवारों का भरण पोषण कर रही है। उत्तराखंड में यह परिवार कालीन बुनाई व अगरबत्ती बनाने का काम करते हैं। असम के 50 परिवार साड़ी, चादर व साफी बनाने का काम करते हैं, वहीं बिहार में गांधी सेवा आश्रम से जुड़कर 48 परिवार दौरी (बांस की टोकरी) बनाने का काम करते हैं।

    एक चक्की से शुरू हुआ रोजगार का चक्का
    आश्रम में सबसे पहले आटा चक्की लगाई गई थी। रोजगार की यह चक्की ऐसी चली कि गांधी सेवा आश्रम में आज खादी बनाने से लेकर सरसों तेल, मधुमक्खी पालन से शहद, केंचुआ खाद, स्वदेशी साबुन आदि सामान बनाए जा रहे हैं। यहां बनने वाले उत्पाद खादी ग्रामोद्योग, मप्र की जेलों में, पुलिस महकमे को, पुणे के प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र, उज्जैन के बाल आश्रम सहित कई जगहों पर सप्लाई होते हैं।

    जिनकी बंदूक उगलती थी आग, वो बना रहे केंचुआ खाद
    आश्रम में काम करने वाले पूर्व दस्यु बहादुर सिंह कुशवाह माधौसिंह-हरिविलास गैंग के सबसे भरोसेमंद सदस्य थे। यह पूर्व दस्यु अब यहां केंचुआ खाद बनाने का प्रशिक्षण देकर किसानों को खाद बनाना सिखा रहा है। इसी तरह पूर्व दस्यु सोनेराम भी आश्रम से जुड़कर बागवानी का काम कर रहे हैं। आश्रम प्रबंधक प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों को गांधीवादी विचारों से जोड़ने के साथ गरीब परिवारों को कुटीर उद्योगों के जरिए रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। आश्रम का प्रयास देश के अन्य राज्यों से भी धीरे-धीरे जुड़ रहा है।

    27 सितंबर 1970 को बना था गांधी सेवा आश्रम
    गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव के प्रयासों से 14 अप्रैल 1972 को समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण और उनकी पत्नी प्रभावती देवी की मौजूदगी में गांधीजी की तस्वीर के सामने 654 डकैतों ने आत्मसमर्पण किया था। जौरा में जिस जगह पर डकैतों ने आत्मसमर्पण किया, वहां 27 सितंबर 1970 को गांधी सेवा आश्रम बना था।

  • शहडोल के फुटबॉल सितारे जर्मनी के लिए रवाना, सीएम मोहन यादव ने दी शुभकामनाएँ

    शहडोल
    शहडोल जिले के विचारपुर गांव जिसे मिनी ब्राज़ील कहा जाने लगा है वहां के पांच फुटबॉल खिलाड़ी और एक कोच जर्मनी रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिले। यह खिलाड़ी और कोच जर्मन में 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक फुटबॉल खेल की बारीकियां सीखेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर की 'मिनी ब्राजील' फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षण न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
     
    मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनके प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विचारपुर की फुटबॉल टीम शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी प्रदेश की असाधारण खेल प्रतिभा का परिचायक हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपने कौशल और समर्पण से देश और प्रदेश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन करें।

    विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के इस विशेष अवसर के लिए विचारपुर से कुल पांच खिलाड़ी और एक महिला प्रशिक्षक का चयन किया गया है। इनमें लक्ष्मी सहीस (प्रशिक्षक, 31 वर्ष),सानिया कुशवाहा (खिलाड़ी, 14 वर्ष),सुहानी कोल (खिलाड़ी, 15 वर्ष),प्रीतम कुमार (खिलाड़ी, 14 वर्ष) वीरेंद्र बैगा (खिलाड़ी, 16 वर्ष),मनीष घसिया (खिलाड़ी, 16 वर्ष) के नाम शामिल हैं।

    प्रधानमंत्री से मिली वैश्विक पहचान
    विचारपुर की फुटबॉल टीम को यह पहचान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 जुलाई 2023 को मन की बात कार्यक्रम में मिली थी। प्रधानमंत्री ने विचारपुर को ‘मिनी ब्राजील’ के रूप में उल्लेखित किया था। इसके बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 ने विचारपुर के पांच खिलाड़ियों और एक प्रशिक्षक को 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया गया है।

  • CM साय ने कहा- केंद्र की मदद से होगा राज्य का सर्वांगीण विकास, 3,462 करोड़ की राशि से खुलेगा नए अवसरों का मार्ग

    रायपुर

     केंद्र सरकार ने राज्यों को कर हस्तांतरण की राशि जारी की है। इसमें छत्तीसगढ़ को 3,462 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सबसे ज्यादा 10,219 करोड़ रुपये बिहार को दिए गए, जबकि सबसे कम राशि 392 करोड़ रुपये गोवा को मिली है। मध्य प्रदेश को 7,976 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया है। इसपर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है।

    सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार। इस पावन अवसर पर, यह आवंटन वास्तव में मोदी सरकार की ओर से राज्य की जनता के लिए एक उल्लेखनीय उपहार है। यह महत्वपूर्ण राशि वित्तीय संसाधनों को और सुदृढ़ करेगी, विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगी और कल्याणकारी पहलों को बढ़ावा देगी। हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार छत्तीसगढ़ में निरंतर प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    राज्य के विकास में इस पैसे का होगा अहम योगदान : तोखन साहू
    वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है, जो हमने कहा था वही किया। राज्य के विकास में इस पैसे का अहम योगदान होगा। पहले GST कम किया गया, अब GST राशि वापस की गई है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार किया है और हम विकास कर रहे हैं।

    यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा : ओपी चौधरी
    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राज्यों को अग्रिम कर अंशदान के रूप में ₹1,01,603 करोड़ जारी किये हैं। इसमें से छत्तीसगढ़ को ₹3,462 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह सहयोग राज्य में विकास की गति को और तीव्र करेगा, जनकल्याणकारी योजनाओं को सशक्त बनाएगा और पावन पर्व-त्योहारों के इस समय में नवआशा और समृद्धि का संचार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार एंव अभिनंदन।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में किया शस्त्र पूजन शक्ति स्वरूपा मां काली की पूजा अर्चना और वाहनों की विधि-विधान से की पूजा

    मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सुरक्षा स्टॉफ सहित अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विजयादशमी पर्व की मंगलकामनाएं

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वस्त्र धोती कुर्ता धारण कर, शक्ति स्वरूपा मां काली की विधि-विधान से पूजा अर्चना की तथा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने शक्ति-साहस और विजय के प्रतीक के रूप में शस्त्रों का पूजन किया तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री समीर यादव का तिलक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के वाहनों की पूजन भी की। मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारियों सहित मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ समस्त अधिकारियों और स्टाफ शस्त्र पूजन में सहभागी बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को प्रसाद स्वरूप मिष्ठान खिलाकर दशहरे की मंगलकामनाएं और बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना के बाद प्रदेशवासियों के लिए संदेश दिया। उन्होंने प्रभु श्रीराम तथा महिषासुर मर्दिनी मां जगदम्बा का स्मरण करते हुए कहा कि यह महापर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर यही कामना है कि सब पर प्रभु कृपा बनी रहे और हमसे सदैव सभी का मंगल ही मंगल हो।

    शस्त्र पूजा के लिए समत्व भवन में हुई विशेष साज-सज्जा
    समत्व भवन में शस्त्र पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई। पूजा स्थल पर लगे बैकड्राप पर प्रभु श्रीराम की धनुर्धर मुद्रा व भयाक्रांत रावण के चित्र और ''या देवी सर्व भूतेषू मातृ रूपेण संस्थिता-नमस्तस्यै-नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:'' मंत्र के माध्यम से शक्ति के स्वरूप की आरधना का अंकन किया गया था। "शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे-शास्त्र चिंता प्रवर्तते" अर्थात शस्त्र से रक्षित राष्ट्र ही शास्त्र चिंतन के माध्यम से समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है, की पंक्ति शस्त्र पूजा का महत्व अभिव्यक्त कर रही थी। पुलिस द्वारा उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक शस्त्र पूजन के लिए रखे गए थे। मुख्यमंत्री निवास में हुई शस्त्र पूजा में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • राज्यपाल पटेल ने राजभवन में किया शस्त्र पूजन

    विजयादशमी पर्व की दीं शुभकामनाएं

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी के अवसर पर राजभवन में विभिन्न शस्त्रों की विधिवत पूजा की। राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन के वाहनों का भी पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • गांधी जी के जीवन आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल, गांधी भवन में पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल
    विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का किया सम्मान

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि हम सभी के लिए गांधी जी का जीवन महान आदर्श है। उनके आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। हमारे गौरवशाली इतिहास के महानायकों और आदर्श चरित्रों के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखते हुए अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

    राज्यपाल श्री पटेल, गांधी जयंती के अवसर पर गांधी भवन सभागृह में आयोजित पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपस्थितजन को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती एवं विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जहाँ एक ओर गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और नैतिकता के बल पर हमें आजादी दिलाई और पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया। वहीं आज के ही दिन जन्मे श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और "जय जवान, जय किसान" का मंत्र आज भी देश की प्रेरणा है। उनका जीवन सच्चे जनसेवक का आदर्श उदाहरण है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा की बच्चे देश का भविष्य है। विकसित भारत के कर्णधार है। उन्हें अपने आचार और व्यवहार को हमेशा उच्च स्तर का बनाएं रखना चाहिए। विजयादशमी पर्व के संदेश और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की आत्मनिर्भता और स्वदेशी विचारधारा को अपनाकर स्वदेशी अभियान को सफल बनाने का आहवान किया।

    राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाई और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गांधी स्मृति स्थल पर आदरांजलि अर्पित की। गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने गांधी सप्ताह अंतर्गत “आओ जानें गांधी” प्रतियोगिता के विभिन्न श्रेणियों के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता श्री रघु ठाकुर और पद्मश्री श्री विजय दत्त श्रीधर ने गांधी दर्शन पर व्याख्यान दिया। स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में धर्मगुरू, गांधीवादी चिंतक, स्कूली बच्चें और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल का गांधी न्यास भवन के पदाधिकारियों ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।

     

  • शॉकिंग दृश्य Bhopal दशहरा: आयोजकों की आंखों के सामने रावण पुतला जलाकर भागे युवक-युवतियां

    भोपाल
    भोपाल के बाग मुगालिया इलाके में दशहरे से पहले एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सुबह करीब 6 बजे कुछ अज्ञात युवक-युवती कार से मैदान में पहुंचे और नशे की हालत में रावण के पुतले को आग के हवाले कर फरार हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों और आयोजनकर्ताओं में हड़कंप मच गया, क्योंकि रावण दहन का कार्यक्रम शाम को भारी भीड़ के बीच होना था।

    घटना की जानकारी मिलते ही समिति सदस्यों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक रावण का पुतला पूरी तरह जल चुका था। चश्मदीदों के अनुसार, युवकों की हरकतें संदिग्ध थीं और वे तुरंत मौके से भाग निकले। मिसरोद थाना प्रभारी संदीप पवार ने बताया कि आरोपित बिना नंबर की कार से आए थे, उनकी तलाश की जा रही है!

     

  • राज्यपाल पटेल ने राजभवन के प्रवेश द्वार के सुदृढ़ीकरण कार्य का किया लोकार्पण

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने फीता काटकर प्रवेश द्वार का लोकार्पण कर निरीक्षण भी किया।

    इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरविंद पुरोहित,लोक निर्माण विभागके मुख्य अभियंता श्री संजय मस्के,अधीक्षण यंत्रीश्री एच.एस. जैसवाल, कार्यकारी अभियंताश्री राकेश निगम, एस.डी.ओ. श्री एल.के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

     

  • छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला: ED तैयारी में, आबकारी अधिकारियों से लगातार पूछताछ

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

    दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है.

    आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत
    बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है.

    इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन
    आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

  • रियासत काल की परंपरा: देर रात 901 ज्योति कलशों का विसर्जन, रेल ट्रैक पर रुक गई ट्रेनें

    डोंगरगढ़

    शारदीय नवरात्र के समापन पर मां बम्लेश्वरी मंदिर से देर रात एक भव्य शोभायात्रा निकली। इस शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर ज्योति कलश लिए मां की जयकारों के साथ आगे बढ़ी। कुल 901 प्रज्वलित कलशों का महावीर तालाब में विसर्जन किया गया। यह अनूठा दृश्य देखने के लिए हजारों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचे और तालाब किनारे आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

    डोंगरगढ़ की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहर भी मानी जाती है। विसर्जन यात्रा मंदिर से शुरू होकर छिन्नमस्तिका मंदिर होते हुए रेलवे ट्रैक पार कर मां शीतला मंदिर पहुंची। यहां मां शीतला और मां बम्लेश्वरी के माई ज्योत का मिलन करवाया गया, जो इस पूरे अनुष्ठान की विशेषता है।

    सबसे खास और अनोखी परंपरा यह है कि इस विसर्जन यात्रा के मार्ग में मुंबई–हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन आती है। विसर्जन के दौरान रेल यातायात पूरी तरह थम जाता है। भारतीय रेलवे दोनों ओर से आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जाता है। लगभग तीन से चार घंटे तक इस व्यस्त रेलखंड पर मेगा ब्लॉक रहता है। आस्था और परंपरा के इस संगम के आगे आज भी रेलों के पहिए रुक जाते हैं। इस परंपरा की नींव रियासत काल में रखी गई थी।

    रियासत काल से चली आ रही परंपरा
    खैरागढ़ के तत्कालीन शासक राजा लाल उमराव सिंह ने 21 अगस्त 1883 को ब्रिटिश सरकार और बंगाल-नागपुर रेलवे के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत रेल लाइन निर्माण के लिए जमीन और न्यायिक अधिकार सौंपे गए। इस समझौते के दस्तावेज (deeds) में डोंगरगढ़ का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। बताया जाता है कि राजा लाल उमराव सिंह ने जमीन देने के साथ ही डोंगरगढ़ स्टेशन में रेलों के ठहराव और नवरात्र के समय ज्योति विसर्जन यात्रा के लिए रेल पटरियों पर ब्लॉक देने की शर्त भी रखी थी। इसी परंपरा का असर आज भी जीवित है, जब रेलवे नवरात्र की इस परंपरा के सम्मान में ट्रेनों को रोक देता है। डोंगरगढ़ की नवरात्रि का यह विसर्जन सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि इतिहास, परंपरा और आस्था का ऐसा संगम है, जिसने देशभर के श्रद्धालुओं को दशकों से अपनी ओर आकर्षित किया है।

  • बागेश्वर धाम से बड़ी खबर: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीआईपी मुलाकातों पर लगाया रोक

    छतरपुर
    बागेश्वर धाम गढ़ा में नवरात्र साधना के समापन पर बड़ा निर्णय लिया गया है। बागेश्वर महाराज के गुरु सन्यासी बाबा ने साधना के दौरान आदेश दिया कि अब बागेश्वर धाम पर आने वाले वीआईपी से मुलाकात नहीं की जाएगी। महाराज जी केवल उन श्रद्धालुओं से मिलेंगे जो सच्चे भक्त बनकर बिना किसी सिफारिश के धाम पर दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। नवरात्र की नौ दिवसीय साधना पूर्ण होने के बाद दशमी के दिन बागेश्वर महाराज ने बुंदेलखंड की गंगा कही जाने वाली केन नदी में पहुंचकर व्रत का समापन किया। इस अवसर पर बनारस से आए आचार्यों द्वारा वेद मंत्रों के साथ व्रत पूर्ण कराया गया।
     
    गरीबों की पीड़ा अनसुनी रह जाती है
    इसके पश्चात धाम पर आयोजित दिव्य दरबार में महाराज ने भक्तों को साधना का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि साधना के दौरान 11 लाख बार पंचमुखी हनुमान नाम का जप और माता रानी की आराधना कर उसे अपने आराध्य बागेश्वर बालाजी के चरणों में समर्पित किया। महाराज ने भक्तों को बताया कि साधना के दौरान उनके गुरु सन्यासी बाबा ने डांटते हुए कहा कि वीआईपी और वीवीआईपी मुलाकातों के कारण गरीब, असहाय और दूर-दराज से किराया उठाकर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की पीड़ा अनसुनी रह जाती है।

    यही भक्त निराश होकर लौटते हैं, गुरु ने आदेश दिया कि अब से बागेश्वर धाम पर प्रोटोकॉल और सिफारिश वाले वीआईपी और वीवीआईपी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। यदि वे आते हैं तो उन्हें अलग से समय दिया जाएगा, लेकिन पहले अवसर गरीब, असहाय, मरीज और सच्चे श्रद्धालुओं को ही मिलेगा। महाराज ने कहा कि कुटिया में साधना के दौरान हमने प्रण लिया कि गुरु जी की आज्ञा अब कभी नहीं टाली जाएगी।

    दिव्य दरबार में सुनेंगे अर्जियां
    बागेश्वर महाराज ने कहा की कि अब पहले की भांति दिव्य दरबार में बागेश्वर बालाजी की आज्ञा से भक्तों की अर्जियां सुनी जाएंगी और पर्चे बनाए जाएंगे। साथ पूर्व की ही भांति शाम को मरीजों के दर्शन के समय श्रद्धालुओं को सिद्ध अभिमंत्रित भभूति भी प्रदान की जाएगी। महाराज ने कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक गुरुवार को नई नियमावली के तहत भक्तों से मुलाकात कर मंदिर प्रांगण से ही सिद्ध भभूति का वितरण किया जाएगा।

  • डॉ. यादव की विजयादशमी बधाई: मुख्यमंत्री ने साझा किया उत्सव का महत्व

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महापर्व विजयादशमी की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पावन पर्व हमें 'यतो धर्मस्ततो जयः' का स्मरण कराकर सदैव धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की अथाह प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए संकल्पित होने का आहवान किया है।

     

  • मालवा मिल और पाटनीपुरा चौराहा कनेक्शन आज से बहाल, शहरवासियों के लिए बड़ी राहत

    इंदौर
    छह माह के इंतजार के बाद मालवा मिल और पाटनीपुरा चौराहा के बीच निर्माणधीन ब्रिज अंतत: बनकर तैयार हो गया। गुरुवार को इसे लोकार्पित कर दिया जाएगा। ब्रिज से आवागमन शुरू होने से करीब सवा लाख लोगों को सीधा-सीधा लाभ मिलेगा। यह रास्ता बंद होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा था। 6 करोड़ की लागत से तैयार यह नया ब्रिज 30 मीटर चौड़ा और 21 मीटर लंबा है।

    30 मार्च 2025 को ब्रिज निर्माण शुरू करते वक्त दावा किया गया था कि नया ब्रिज 100 दिन में तैयार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कभी अतिक्रमणकारियों के न्यायालय पहुंचने की वजह से तो कभी ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण में देरी होती रही। इस दौरान एक दुर्घटना भी हुई जिसमें एक व्यक्ति को जान गंवानी पड़ा। उधर शहर के मौजूदा ब्रिज और फ्लाइओवर की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। रखरखाव के आभाव में कहीं गड्ढों से वाहन चालक परेशान हैं तो कहीं ब्रिज पर निकल आए सरियों की वजह से हादसों का भय वाहन चालकों को बना रहता है।
     
    जाम से मिलेगी मुक्ति
    मालवा मिल चौराहा-पाटनीपुरा चौराहा के बीच बना ब्रिज करीब 100 वर्ष पुराना था और जीर्ण-शीर्ण हो गया था। यह ब्रिज सिर्फ 40 फीट चौड़ा था। इस कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। सड़क चौड़ीकरण के दौरान भी इस ब्रिज को नया बनाने की मांग की जा रही थी। नया ब्रिज 30 मीटर चौड़ा होने की वजह से यहां जाम की स्थिति नहीं बनेगी।

    लगभग 17 वर्ष पुराने भंडारी ब्रिज का लोकार्पण 11 अगस्त 2008 को हुआ था। 1548 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ब्रिज रखरखाव के अभाव में दम तोड़ने लगा है। कई जगह सरिए नजर आने लगे हैं। खास बात यह है कि इस ब्रिज पर दोनों ओर सात-सात फीट चौड़े फुटपाथ हैं। फुटपाथ सहित ब्रिज की चौड़ाई महज 18 मीटर है। इस वजह से इस ब्रिज पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन कभी कोई सुधार काम होते हुए नजर नहीं आता। लगातार शिकायतों के बाद अब नगर निगम फुटपाथ की चौड़ाई कम करने और ब्रिज पर सुधार कार्य करवाने की बात कर रहा है। आशंका इस बात की भी है कि समय रहते इस ब्रिज पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसकी हालत ज्यादा बिगड़ जाएगी।

    तीन इमली ब्रिज : हिचकोले खाते वाहन, कई-कई फीट चौड़े गड्ढे
    तीन इमली ब्रिज के निर्माण को एक दशक से भी कम समय हुआ है, लेकिन इसकी हालत खराब है। इसकी एक ओर की सड़क धंस रही है, लेकिन जिम्मेदारों के पास रखरखाव का समय नहीं है। कई फीट चौड़े गड्ढों की यजह से दुर्घटना का भय बना रहता है। इस ब्रिज पर 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही होती है, बावजूद इसके न किसी को रखरखाव की चिंता है न यातायात व्यवस्था सुधारने की।

    तेजाजी नगर ब्रिज : गड्ढों से बड़े वाहन तक पलट जाते हैं
    इस ब्रिज के निर्माण को भी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं जो वाहन चालकों को डराते हैं। ये गड्ढे सिर्फ डराते ही नहीं बल्कि वाहनों को पलटाने तक में सक्षम हैं। पिछले दिनों ही गड्ढों की वजह से एक टैंकर पलट गया था। ब्रिज की विशेषता यह है कि इस ब्रिज के ठीक बीचो-बीच चौड़ी नालियां हैं। इन नालियों में वाहनों के पहिए फंस जाते हैं। छोटी-मोटी दुर्घटनाएं तो रोजाना होती ही हैं। रखरखाव के अभाव में यह ब्रिज भी दम तोड़ने लगा है।

  • इंदौर में रावण और लंका का जबरदस्त दहन, दशहरा 2025 का मुख्य आकर्षण

    इंदौर
    त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सत्य की शक्ति ने जब रावण के दंभ का अंत किया तो चहुंओर विजय पताका फहरा उठी थी। वही परंपरा आज एक बार फिर देखने को मिलेगी जब बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। शहर में विजयदशमी के अवसर पर दशहरा मैदान, चिमनबाग, विजय नगर, तिलक नगर, छावनी स्नेहलतागंज में भव्य आयोजन होंगे।

    दशहरा मैदान पर 111 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है और यहां 250 फीट लंबी लंका का निर्माण भी चल रहा है। यहां शाम सात बजे दहन होगा। शोभायात्रा प्रताप चौराहा से निकलकर दशहरा मैदान तक जाएगी, जिसमें राम और हनुमान के वेश में युवा शामिल होंगे। चिमनबाग में रात आठ बजे 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। विजय नगर में 61 फीट ऊंचा पुतला रात नौ बजे जलाया जाएगा।
     
    दशहरा मैदान पर रावण के 111 फीट ऊंचा पुतले और 250 फीट लंबी लंका का दहन विजयादशमी की शाम को होगा। दशहरा महोत्सव समिति के संयोजक सत्यनारायण सलवाड़िया ने बताया कि पुतला लालू लाहोरिया, मनोज आर्या, प्रवीण हरगांवकर और मनोज तोमर की टीम ने बनाया है। प्रारंभ में इसका निर्माण रामबाग स्थित गणेश कॉलोनी में किया था। शोभायात्रा में राम व हनुमान के वेश में युवा शामिल होंगे।

    शहर की सबसे पुरानी दशहरा महोत्सव समिति पिछले 50 वर्षों से हर वर्ष पुतला दहन कर रही है। समिति में पूर्व पार्षद सुरेश मिंडा, नारायणसिंह यादव, प्रह्लाद शर्मा, अरुण माहेश्वरी और जितेंद्र रावरिया भी शामिल हैं। विजय नगर रावण दहन समिति द्वारा विजय नगर चौराहे के पास रात नौ बजे पुतला दहन किया जाएगा। आयोजनकर्ता दीपेश यादव, अंकित यादव, प्रकाश खेतान ने बताया कि पुतला दहन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला द्वारा किया जाएगा।