• चेक क्लियरिंग का समय घटा, अब बैंक में सिर्फ 24 घंटे में निपटेंगे लेन-देन

    भोपाल
    बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब बैंकों में चेक क्लियर होने के लिए ग्राहकों को दो से तीन दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत चेक एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा। राजधानी में इसको लेकर प्रसन्नता है, उनका मानना है कि इसका लंबे समय से इंतजार था। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि तकनीकी सुधार और डिजिटलीकरण की बदौलत यह संभव हो पाया है। पहले चेक क्लियर होने में कई बार 48 से 72 घंटे तक का समय लग जाता था। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती थी बल्कि छोटे और बड़े व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता था। अब इस बदलाव के बाद ग्राहक उसी दिन अपने खाते में पैसा आते हुए आसानी से देख सकेंगे।
     
    व्यापारियों को मिलेगी अधिक सुविधा
    छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह कदम किसी राहत से कम नहीं है। व्यापारियों को अपने सप्लायर और ग्राहकों से भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार देरी होने से नकदी की समस्या खड़ी हो जाती थी। अब चेक उसी दिन क्लियर होने से उनका कैश फ्लो मजबूत होगा और कारोबार सुचारू रूप से चल सकेगा। भोपाल के कारोबारी भगत सिंह जाट ने बताया कि यह वाकई बहुत राहत देने वाला निर्णय है। पहले चेक क्लियर होने में समय लगता था और भुगतान अटक जाता था। अब हमें भरोसा रहेगा कि पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा। एक इवेंट मैनेजर ने बताया कि अब हमे आसानी से समय पर भुगतान मिल जाएगा। चेक देने वाले को भी पता होगा कि सेम डे में क्लियर होना है।

    निजी काम करने वाले लोकेश मौर्य ने कहा कि बच्चों की फीस या अन्य जरूरी खर्चों के लिए चेक क्लियर होने का इंतजार करना पड़ता था। अगर यह एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा तो बहुत आसानी होगी। साथ ही किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा और धोखाधड़ी होने की संभावना कम हो जाएगी।

  • राष्ट्रपिता और पूर्व प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री साय का नमन

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश की आज़ादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ निष्ठा और सत्याग्रह के मार्ग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांधी जी के विचार समाज को एक बेहतर दिशा देने में उपयोगी हैं और हम सबको उनसे प्रेरणा मिलती है।

    पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जय जवान जय किसान का का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी की निष्ठा और ईमानदारी हमेशा नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव  उपस्थित थे।

  • रायपुर की सात रंगीन रातें: रावण दहन के बड़े आयोजन, ड्रोन निगरानी के साथ

    रायपुर
    दशहरा और दुर्गा विसर्जन के मौके पर गुरुवार शाम को भारी भीड़ उमड़ेगी। शहर के छह से ज्यादा बड़े स्थलों पर रावण दहन और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, जिस कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने शाम चार बजे से रात दो बजे तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्णय लिया है। वहीं प्रमुख स्थलों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी।

    सबसे बड़ा आयोजन डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में
    शहर का सबसे बड़ा रावण दहन कार्यक्रम डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगा। यहां लगभग 20 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। इस आयोजन में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसी तरह भाठागांव से मठपारा चौक तक का इलाका भी मुख्य आयोजन स्थल रहेगा। पुलिस का अनुमान है कि इन दोनों स्थानों पर ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहेगा।
     
    अन्य स्थानों पर भी भीड़
    शंकर नगर चौक, रांवाभाठा बीरगांव, बीटीआइ मैदान शंकर नगर, सप्रे शाला मैदान, समता कालोनी और दलदल सिवनी में भी बड़े पैमाने पर रावण दहन का आयोजन होगा। सभी जगहों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

    यातायात में इस प्रकार किया है बदलाव
    ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों पर डायवर्जन की व्यवस्था की है। जिन सड़कों से आयोजन स्थल जुड़ते हैं, वहां शाम 4 बजे के बाद केवल कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भारी वाहनों का प्रवेश आयोजन समाप्त होने के एक घंटे बाद तक प्रतिबंधित रहेगा।

    ट्रैफिक पुलिस ने की तैयारी
    पुलिस का कहना है कि ओवरब्रिज के नीचे हर साल लंबा जाम लगता है। इस बार भीड़ को देखते हुए रावण दहन समाप्त होने के बाद भी ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। भनपुरी से आने वाले वाहनों को श्रीनगर और गुढ़ियारी की ओर डायवर्ट किया जाएगा, जबकि शहर से भनपुरी जाने वाले वाहन ओवरब्रिज से होकर जाएंगे।

    शहर में आने वाली गाड़ियों की होगी जांच
    1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। आईटीएमएस कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। शहर में आने वाली गाड़ियों की जांच होगी, संदेह होने पर गाड़ियों की डिक्की तक खोली जाएगी। तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट और रांग साइड चलने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। यह सख्ती रात दो बजे तक जारी रहेगी।

    महिला पुलिस-क्राइम ब्रांच की टीम भी अलर्ट
    शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिला पुलिस को सादी वर्दी में तैनात किया गया है। पाकेटमारों, लूट और चोरी की घटनाओं पर रोक के लिए विशेष स्क्वाड बनाया गया है। चाकू लेकर घूमने वालों और उपद्रवियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।

  • दुर्घटना में महिला की मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने जताया विरोध

    कोरबा

    कोरबा के पाली थाना क्षेत्र के चैतमा चौकी के पास एक सड़क दुर्घटना हुई है। एक अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कपोट गांव में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया।

    मृतक महिला की पहचान नवाडीह कपोट निवासी जमुना बाई पोर्ते के रूप में हुई है। परिजनों की माने तो रोज की तरह गुरुवार की सुबह घर से चाय नाश्ता कर गांव से लगे खेत को देखने के लिए जा रही थी इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।

    वहीं, चक्का जाम की सूचना पर कटघोरा थाना पाली थाना और चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जहां तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करा पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही।

  • बस्तर दशहरा 2025: मावली परघाव की परंपरा निभाई गई, मंदिर प्रांगण में देवियों का शानदार मिलन

    जगदलपुर

    विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की महत्वपूर्ण रस्म मावली परघाव देर रात जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुई। दो देवियों के मिलन का यह अद्वितीय आयोजन हर साल की तरह इस वर्ष भी धूमधाम से संपन्न हुआ। हालांकि बारिश ने इस वर्ष कुछ खलल डाला, लेकिन उसके बावजूद यह रस्म भव्यता के साथ निभाई गई।

    शक्तिपीठ दंतेवाड़ा से माता मावली की डोली और छत्र को परंपरा अनुसार जगदलपुर लाया गया, जहां बस्तर राजपरिवार के सदस्य और हजारों श्रद्धालुओं ने भव्य आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से देवी का स्वागत किया।

    नवरात्र की नवमी को होने वाली यह रस्म लगभग 600 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। मान्यता है कि यह परंपरा बस्तर रियासत के महाराजा रूद्र प्रताप सिंह के समय से शुरू हुई थी। मावली देवी मूलतः कर्नाटक के मलवल्य गांव की देवी हैं, जिन्हें छिंदक नागवंशीय शासकों ने बस्तर लाकर प्रतिष्ठित किया। बाद में चालुक्य राजा अन्नम देव ने उन्हें कुलदेवी के रूप में मान्यता दी और तभी से मावली परघाव की रस्म प्रारंभ हुई।

    इस दिन राजा, राजगुरु और पुजारी नंगे पांव राजमहल से मंदिर प्रांगण तक जाकर देवी की डोली का स्वागत करते हैं और दशहरे के समापन पर ससम्मान विदाई देते हैं।

  • दमकल और पुलिस न पहुंचे, स्थानीय लोगों ने खुद काबू पाया आग पर

    गौरेला पेंड्रा मरवाही

    पेंड्रा के रिहायशी इलाके में स्थित गल्ला गोदाम में आग लगने से हड़कंप मच गया। जिसके बाद आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर प्रयास कर आग पर चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद काबू पा लिया। पीड़ित गल्ला गोदाम मालिक का कहना है कि घटना के बाद वो दमकल विभाग के साथ पुलिस के पास भी मदद के लिए भी गए, पर कहीं से उन्हें मदद नही मिली। आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका जाहिर की जा रही है।।

    जानकारी के मुताबिक, पेंड्रा के लोहतरैया तालाब इलाके में आज सुबह करीब चार बजे के आसपास मोती चंद जैन के घर के पीछे बबलू गुप्ता के गोदाम में भीषण आग लग गई। घर वालों को आग लगने का अहसास हुआ तो बाहर निकलकर देखा तो गोदाम का हिस्सा जल रहा था। जिसके बाद आनन-फानन में पीड़ितों ने दमकल विभाग के साथ स्थानीय पुलिस थाने से भी मदद मांगी। पर वहां से भी पीड़ित लोगों को मदद नहीं मिली, जिसके बाद आसपास के लोगों की मदद से गोदाम में लगी आग पर चार घंटे बाद काबू पाया गया।

    आग से लाखों रुपयों का माल जलकर खाक हो गया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। वहीं, पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि दमकल विभाग ने गाड़ी की बैटरी न होने का कारण बताकर टाल दिया। हालांकि, सभी आसपास के लोग तत्काल आग बुझाने में जुट गए। जिसके चलते गोदाम के पास वाले रूम में रखी हुई दोना-पत्ता बनाने की मशीन आग की चपेट में नहीं आई और एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

    अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति किया सम्मान प्रकट

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य बापू 'राष्ट्रपिता' महात्मा गाँधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम उस युगपुरुष का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने सत्य, अहिंसा और करुणा के मंत्र से न केवल भारत वर्ष की चेतना जगाई, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता का नया मार्ग दिखाया। महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वराज, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचार वर्तमान में भी प्रेरणा-पुंज हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति सम्मान प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि शांति और अहिंसा के वैश्विक प्रतीत महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य को सम्मान देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री का किया स्मरण

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'जय जवान-जय किसान' के उद्घोषक, महान राष्ट्रभक्त, शुचिता, सरलता व दृढ़ता के प्रतिमान, 'भारत रत्न' से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने कार्यों से जो मूल्य एवं आदर्श स्थापित किए हैं, वे हर पीढ़ी को देश और समाज की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उनके कुशल और बुलंद नेतृत्व को देश सदा याद रखेगा।

     

  • नीति निर्धारण पर केंद्रित मुख्यमंत्री की विभागीय समीक्षा बैठक

    शासकीय कामकाज में बढ़ी पारदर्शिता: बेहतर परफ़ॉर्म करने वाले अधिकारियों की हुई सराहना, अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार करने के निर्देश

    पूंजीगत व्यय और शासकीय कामकाज के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा

    जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई

    मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 01 दिसंबर से लागू होगी बायोमैट्रिक अटेंडेंस

    गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों में लाएँ तेजी, सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर ज़ोर

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में  विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

    मुख्यमंत्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।

    उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।

    जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।

    मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस

    मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।

    मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।

    इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री साय बोले – वृद्धजनों के सम्मान और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    पुनर्वास उपकरणों की रिपेयरिंग के लिए रायपुर में शुरू होगा सर्विस सेंटर

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रायपुर में राज्य स्तरीय आयोजन

    बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। वृद्धजनों की देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझी जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए समर्पित योजनाओं को लगातार मजबूत बना रही है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित कृषि मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के राज्य स्तरीय आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में वृद्धजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए राज्य में सियान गुड़ी, प्रदेश के चार बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाने और दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों के रिपेयरिंग के लिए राजधानी रायपुर में सर्विस सेंटर बनाने की घोषणा की। श्री साय ने नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राज्यभर में जागरूकता हेतु 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी गई और स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।  

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वृद्धजन दिवस हमें अपने दायित्वों को याद दिलाने का अवसर है। मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। मैंने अपने गुरु के संस्कार और आदर्शों का हमेशा पालन किया है। श्री साय ने कहा कि हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज हमारे बुजुर्ग जिस अवस्था में है, कल हम सभी उसी अवस्था में होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय और अतिथियों ने जनता से अपील की कि वे वृद्धजनों का सम्मान करें और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि उनका जीवन और अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बन सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों के लिए संचालित पेंशन योजनाओं में 14 लाख से बुजुर्ग लाभान्वित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जा रही है तथा 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित हैं। विभागीय हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक 54 हजार से अधिक वरिष्ठजनों की समस्याओं का समाधान किया गया है।

    इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त विकास निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

    पर्यटन साथी पहल : जिला प्रशासन रायपुर और इज माय ट्रिप के बीच एमओयू
    कार्यक्रम में पर्यटन साथी पहल के लिए ईज़ माई ट्रिप और जिला प्रशासन के मध्य एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इस विशेष पहल के लिए जिला प्रशासन की टीम को बधाई दी और कहा कि युवाओं के लिए रोजगार नए अवसर खुलेंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन साथी पहल के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रति बैच 50 युवाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण तीन महीने में पूरा होगा।

  • प्रदेश के हर स्कूल में 86.97 लाख अपार आईडी जारी, वन नेशन-वन स्टूडेंट कार्यक्रम हुआ सफल

    भोपाल 
    प्रदेश में वन नेशन-वन स्टूडेंट योजना में अब तक 86 लाख 97 हजार अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) बनायी जा चुकी हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित एजेंसी को लक्षित छात्रों की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिये हैं।

    केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिये अपार आईडी बनाने के निर्देश दिये हैं। इस पहल से प्रत्येक विद्यार्थी को एक लाइफ टाइम अपार आईडी मिलेगी। इस व्यवस्था से विद्यार्थियों, स्कूलों और सरकारों के लिये पूर्व प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक शैक्षणिक प्रगति को ट्रेक करना आसान होगा। यदि विद्यार्थी स्कूल बदलता है, चाहे राज्य के भीतर या अन्य राज्य में, उसका सारा डेटा सिर्फ अपार आईडी साझा करने से उसके नये स्कूल में स्थानांतरित हो जायेगा। छात्रों को दस्तावेज या स्थानांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रदेश में नर्सरी से कक्षा-12 तक एक करोड़ 33 लाख 85 हजार विद्यार्थियों के अपार आईडी शिविर लगाये जा रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 65.2 प्रतिशत अपार आईडी बन चुकी हैं, जो राष्ट्रीय औसत 56 प्रतिशत से बेहतर स्थिति में हैं।

     

  • सीएम की पहल: वृद्धाश्रम और ‘सियान गुड़ी’ से प्रदेश के बुजुर्गों को मिलेगा बेहतर सहारा

    रायपुर

    सेवा पखवाड़ा 2025 के तहत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन आज रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वृद्धजनों के लिए कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से ‘सियान गुड़ी’ बनाई जाएगी, जो जगह-जगह स्थापित की जाएंगी। जिन वृद्धजनों को घर में ठीक से सुविधा नहीं मिल पाती, उन्हें सियान गुड़ी में सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    इसके साथ ही प्रदेश के चार बड़े शहरों में PPE मॉडल पर वृद्धाश्रम बनाए जाएंगे। रायपुर के अंदर भी एक विशेष सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां पर वृद्धजनों को जो भी चीजें सरकार मुहैया कराती है, उनका मरम्मत किया जाएगा। जब उन्हें फोन व्हीलचेयर दिया जाता है, वह खराब होता है तो उन्हें जगह-जगह भटकना पड़ता है। इस सेंटर के खुलने से उन्हें फायदा होगा।

  • सुरक्षा और तकनीक: SECR के 15 स्टेशनों में 298 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग योजना

    रायपुर

    संरक्षित रेल परिचालन को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में रेलवे बोर्ड द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है. इस स्वीकृति के तहत बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत शेष 15 पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित की जाएगी. इस कार्य पर लगभग 298.60 करोड़ की लागत आएगी. इन 15 स्टेशनों में बिश्रामपुर, कमलपुरग्राम, अंबिकापुर, मौहारी, हरद, पाराडोल, कोतमा, बिजुरी, करंजी, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, घुटकू, कलमीटार, लैंको एवं कुसमुंडा शामिल हैं.

    भारतीय रेल की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच के सफल क्रियान्वयन हेतु इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का समावेश अत्यंत आवश्यक है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली न केवल ट्रेन परिचालन को अधिक संरक्षित बनाएगी बल्कि यह कवच प्रणाली के साथ सीधे तौर पर एकीकृत होकर वास्तविक समय (रियल टाइम) डेटा साझा करने में सक्षम होगी. रेलवे बोर्ड द्वारा दी गई इस स्वीकृति के पश्चात बिलासपुर मंडल के इन 15 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और कवच प्रणाली का संयुक्त संचालन रेलवे संरक्षा मानकों को और मजबूत करेगा तथा यात्रियों को सुरक्षित एवं निर्बाध रेल यात्रा सुनिश्चित करेगा.

    इससे मिलने वाले प्रमुख लाभ

        ट्रेन संचालन की अधिक संरक्षा और दक्षता
        कवच प्रणाली के साथ सहज एकीकरण
        तेज ट्रेन नियंत्रण और आकस्मिक स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया
        सम्पूर्ण नेटवर्क की विश्वसनीयता और कायर्कुशलता में वृद्धि

  • सांसद खेल महोत्सव 2025: खेलों की धूम 15 से 19 नवंबर तक रायपुर में, MP ने किया आयोजन तैयारियों का निरीक्षण

    रायपुर

    नगर निगम क्षेत्र में 15 से 19 नवंबर 2025 तक रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर केन्द्र सरकार के खेल मंत्रालय के फिट इंडिया मुव्हमेंट को जनआंदोलन बनाने किया जाएगा. लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर नगर निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में पहुंचकर रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, नगर निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे की उपस्थिति में बैठक लेकर रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन की रूप रेखा की विस्तृत जानकारी देकर कहा कि रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोनो के सभी 70 वार्डो में नागरिको के बीच खेल का वातावरण बनें.

    लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद खेल महोत्सव में सम्मिलित होने क्यूआर बार कोड को स्कैन कर उसमें दिये गये खेल महोत्सव फार्म को भरवाकर अधिक से अधिक नागरिको को खेलो के प्रति प्रोत्साहित कर सम्मिलित करने कहा है. सांसद ने सभी जोन कमिश्नरो को जोन स्तर पर जोन अध्यक्ष पार्षदो सहित खेल संघो के पदाधिकारियों, खिलाडियो की बैठक लेकर आयोजन में अधिक से अधिक लोगो को जोडने कहा है. सांसद ने रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन को भव्य एवं सफल बनाकर इसमें सभी को जोडने जोन स्तर पर 3-4 स्थानो का चयन करने एवं लोगो को इसमें सम्मिलित 13 खेल विधाओ खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केट बॉल, रस्साकसी, भारोत्तोलन, कुश्ती, रोप स्पीकिंग, स्वीमिंग, शरीर सौष्ठव, शतरंज, फुगडी, गेड़ी की जानकारी देकर लोगों को अधिक से अधिक इसमें सम्मिलित करने प्रोत्साहित करने की अपील सभी वार्ड पार्षदो से की है.

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आयुक्त एवं जोन कमिश्नरो को इसमें रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के 15 से 19 नवंबर तक होने जा रहे रायपुर में आयोजन की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने सभी उद्यानो, वाचनालयो, स्कूल, कॉलेजो, दशहरा उत्सव आयोजन स्थलो, सभी क्लबो, निजी स्कूलो, निजी कॉलेजो, महिलाओ, पुरुषो, घर घर अभियान चलाकर इसे भव्य बनाने अपील की है.

    सांसद ने कहा कि नगर निगम रायपुर के प्रत्येक जोन में कम से कम 4 और 10 जोनों में 40 स्थल मैदान के रूप में चिन्हित कर उसमें रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जाना है. इसके लिए बैनर पोस्टर पाम्पलेट होर्डिंग के जरिए नागरिको को अधिक से अधिक जानकारी दी जानी है. सांसद ने 25 अक्टूबर से 25 नवंबर 2025 तक 1 माह रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन को भव्य बनाने व्यापक प्रचार प्रसार करने कहा है. ताकि रायपुर राजधानी शहर में नागरिको के मध्य खेलों के प्रति वातावरण सकारात्मक रूप से तैयार हो सकें और अधिक से अधिक लोग इसमें सम्मिलित हो सके. सभी विद्यार्थियों, युवाओं, छात्र-छात्राओ, पुरुषों, महिलाओं को इससे अवगत कराकर उन्हें महोत्सव में अधिकाधिक सम्मिलित होने आयोजन के फार्म भरने प्रोत्साहित किया जाना है.

    महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आज के मोबाईल डिजिटल युग में नगर निगम रायपुर के सभी 70 वार्ड पार्षद सौभाग्यशाली है कि उन्हें रायपुर नगर निगम की टीम बनाकर रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव में सम्मिलित होने का अवसर मिल रहा है. महापौर ने अपील की कि रायपुर नगर निगम की सभी महिला वार्ड पार्षद अपने वार्ड की रहवासी महिलाओ को आयोजन से अधिक से अधिक जोडे और उसके लिए बारकोड को स्कैन करवाकर फॉर्म भरवाकर आयोजन को भव्यता देने सहभागी बने. सभी पुरूष पार्षद पुरुषो को जानकारी अधिकाधिक दें और टीम तैयार कर उन्हें महोत्सव से अधिक से अधिक संख्या में जोड़े. इसके लिए डेढ़ माह के समय का सभी पार्षदगण पूर्ण सदूपयोग अपने वार्ड में करें जिससे आयोजन भव्य और सफल बने.

    सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने कहा कि शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानो में जोन के अधिकारी रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के रायपुर में 14 से 19 नवंबर तक के आयोजन की जानकारी जन-जन को देने बड़ी विज्ञापन होर्डिंग लगवाए. उन्हें स्कूल कालेजों के आस पास भी लगवाया जाए ताकि विद्यार्थी और युवा इसे देखकर जानकारी लेकर फार्म भरे. साथ ही अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित हो सके.

    ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि इस आयोजन में क्षेत्र की आमजनता को अधिक से अधिक जोड़ने के कार्य में निश्चित ही सभी पार्षदों को काफी आनंद आएगा, इससे महौल खेल में बनेगा. बड़े आकार के पोस्टर लगाकर पूरे राजधानी शहर में रायपुर में होने वाले आयोजन की जानकारी सभी राजधानीवासियों तक पहुंचाये.

    दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने कहा कि नगर निगम कमिश्नर, सभी पार्षदों और जोन कमिश्नर सुनिश्चित करें कि रायपुर लोकसभा सासंद खेल महोत्सव में 1 नवंबर 2025 से होने वाले राज्योत्सव आयोजन तक. इसमें सम्मिलित होने वाले खिलाड़ियो की विभिन्न खेलों की सूची तैयार हो जाए. महोत्सव को अधिकाधिक सफल बनाने विकेन्द्रीकरण प्रणाली से कार्य करे और सभी वार्ड पार्षद अपने वार्ड में खिलाड़ी युवाओ की टीम महोत्सव से उन्हे जोड़कर तैयार करें.

    उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन में सभी लोग अधिकाधिक संख्या में शामिल हो. सभी खूब खेलें और आगे बढ़े ऐसा संकल्प लेकर कार्य करें. रायपुर उत्तर विधायक ने नागरिको को विजयादशमी पर्व 2025, 2 अक्टूबर को रायपुर के डब्ल्यूआरएस मैदान और रावणभाठा मैदान में हो रहे भव्य दशहरा उत्सव आयोजन में परिजनो सहित आकर सम्मिलित होने की अपील की. आयोजन को लेकर एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा, पार्षद ट राजेश गुप्ता, जोन 5 अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त किए.

    जोन 5 जोन के अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर नगर निगम के 70 वार्डो में वार्ड पार्षदों को मूलभूत विकास कार्य करवाने के लिए हर वार्ड के लिए 50-50 लाख रू. देने की घोषणा की. साथ ही उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री अरूण साव से पहल कर मंच से करवाने के लिए हार्दिक धन्यवाद दिया. लोकसभा सांसद ने सभी 70 वार्ड पार्षदो को बधाई दी और आयुक्त सहित सभी जोन कमिश्नरो को वार्ड पार्षदों से समन्वय रखकर शीघ्र प्रत्येक वार्ड में मूलभूत विकास कार्य करवाने 50-50 लाख के प्रस्ताव तैयार करके शीघ्र नगरीय प्रशासन विभाग में भेजने निर्देशित किया. ताकि शीघ्र उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर राशि विकास करने वार्डों के लिए नगर निगम रायपुर को प्राप्त हो सके.

    आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि रायपुर लोकसभा सांसद के निर्देश पर रायपुर लोकसभा सांसद खेल महोत्सव के आयोजन हेतु नगर निगम रायपुर द्वारा विधानसभावार खिलाडियो का पंजीयन फार्म भरवाकर प्रारंभ करवा दिया गया है. अब तक महोत्सव रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 3250, रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 961, रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 624, रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 715 खिलाड़ियो का फार्म भरवाकर बारकोड क्यूआर कोड से पंजीयन किया जा चुका है. यह कार्य सांसद के निर्देशानुसार दीवाली पश्चात तेज गति से किया जायेगा एवं जिंगल्स के माध्यम से नगर निगम की सभी सफाई वाहनो में और होर्डिंग बैनर पोस्टर स्टीकर स्कूल कालेजो क्लबो वाचनालयो उद्यानो में एवं सार्वजनिक स्थलो पर लगाकर नागरिको को अधिक से अधिक अवगत कराकर उन्हें अधिक से अधिक संख्या में बार कोड से फार्म भरवाकर महोत्सव रजिस्ट्रेशन करवाने का कार्य प्राथमिकता के साथ सभी जोनो के माध्यम से किया जायेगा एवं जोन कमिश्नर जोन अध्यक्षो पार्षदो सहित खेल संघो की बैठक एक सप्ताह के भीतर लेकर उन्हें आयोजन की जानकारी देकर अधिक से अधिक खेल संघो पदाधिकारियों खिलाडियो को जोडने का कार्य सांसद के निर्देशानुसार प्राथमिकता से करवाएंगे.

  • पुराना और कमजोर मोरटक्का पुल भारी वाहनों के लिए फिर खुला, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

     खंडवा
     इंदौर-ऐदलाबाद नेशनल हाईवे पर मोरटक्का के नर्मदा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। इनमें 80 टन से अधिक वजनी भार वाहन भी शामिल हैं। जबकि पुल उम्रदराज होने और बीच के पिलर कमजोर होने से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) ने 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा रखा है। बताया जाता है कि यह स्थिति कलेक्टर खंडवा के एक आदेश के बाद बनी है।

    जिसमें कलेक्टर ने सावन माह में व्यावसायिक भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध हटाने की बात कही है, लेकिन आदेश की भाषा से उपजे संशय के कारण 20 टन से अधिक भार वाले वाहन भी बेरोकटोक निकल रहे हैं। इनसे नर्मदा पुल पर अनहोनी हो सकती है। जिससे खंडवा और बुरहानपुर का इंदौर से सीधा सड़क संपर्क बाधित हो जाएगा।

    जिले में नर्मदा नदी पर बना करीब 75 साल पुराना मोरटक्का पुल दो साल पहले नर्मदा में आई बाढ़ के कारण कमजोर हो गया था। एनएचएआइ ने एसजीआइटीएस इंदौर के विशेषज्ञों से इसकी जांच करवाई थी। जांच कमेटी में शामिल प्रोफेसर डा. विजय रोड़े, डा. एमके लघाटे, प्रोफेसर विवेक तिवारी ने मोरटक्का पुल का लोड टेस्टिंग कर बारीकी से जांच की थी।

    उनकी अनुशंसा पर इंदौर संभागायुक्त ने 20 टन से अधिक क्षमता वाले बी-कैटेगरी के भारी वाहनों की पुल से आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी। ऐसे में इंदौर से महाराष्ट्र जाने वाले भारी वाहनों को तेजाजी नगर (इंदौर) से देशगांव तक आवाजाही थम गई थी। इस आदेश के पालन के लिए मोरटक्का पुल के एक ओर खंडवा और दूसरी ओर खरगोन पुलिस द्वारा बेरियर लगाकर आदेश का पालन करवाया जा रहा था।

    पुलिस ने हटाई जांच चौकी

    23 सितंबर को कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा नर्मदा पुल से भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक को निरस्त करने पर पुल की सुरक्षा के लिए बने जांच प्वाइंट और नाकों को पुलिस ने हटा दिया है। पुल से हाईवे निर्माण के लिए 80 टन से अधिक वजनी हाइवा और डंपर गुजरने की मांग ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन लंबे समय से कर रहा था।

    इसके लिए चैंबर ऑफ कामर्स के माध्यम से कलेक्टर से प्रतिबंध हटवाने के प्रयास भी हुए, लेकिन एनएचएआई और संभागायुक्त के आदेश की वजह से कोई राहत नहीं मिल सकी थी। अब कलेक्टर के मौजूदा आदेश से ट्रांसपोटर्स की मुराद पूरी हो गई हैं। इधर जानकारों का कहना है कि 20 टन से अधिक वजन वाले वाहनों की आवाजाही पुल के लिए खतरनाक हो सकती है।

    खंडवा में बढ़ गए थे पेट्रोल-डीजल के दाम

    मोरटक्का पुल पर भारी वाहनों के प्रतिबंध से डीजल-पेट्रोल के टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी गई थी। इंदौर से आने वाले टैंकर धामनोद से घूमकर आने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों की मांग पर कंपनियों ने खंडवा और बुरहानपुर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए थे।

    इसे देखते हुए 18 मार्च 2024 को इंदौर के तत्कालीन कमिश्नर दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएचएआइ और पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की मौजूदगी में मोरटक्का पुल से 20 टन से ज्यादा वजन होने पर पुल से एक-एक कर टैंकर सुबह आठ बजे से पहले निकलने का समय भी निर्धारित किया था।

    बैठक में निर्णय के बाद दौड़ने लगे भारी वाहन

    एक सप्ताह पहले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के साथ कलेक्टर ऋषव गुप्ता के साथ चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी व ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें मोरटक्का स्थित नर्मदा नदी पर बने पुराने पुल को सभी वाहनों के लिए खोलने की मांग की गई थी। इस पर कलेक्टर खंडवा ने पुल को प्रतिबंध मुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से सभी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। वैसे बैठक में प्रतिबंध के बावजूद भी रात में 20 टन से अधिक वजनी वाहन सांठगांठ कर निकलने की बात उठी थी।

    20 टन से अधिक भारी वाहन प्रतिबंधित है

        नर्मदा पुल संकरा और कमजोर होने से मोरटक्का में नए पुल का निर्माण चल रहा है। पुराने पुल से 20 टन से अधिक भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। कलेक्टर ने आदेश को निरस्त किया है। पुल से 20 टन से भारी वाहन निकल रहे हैं तो मैं दिखवाता हूं। – आशुतोष सोनी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई खंडवा

    पहले निकला आदेश जानकारी में नहीं

        सावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर समस्त व्यावसायिक श्रेणी के भारी वाहनों की इंदौर से देशगांव तक आवाजाही पर रोक लगाई थी। इस आदेश को निरस्त किया है। पूर्व में नर्मदा पुल को लेकर जारी आदेश मेरी जानकारी में नहीं है।– ऋषव गुप्ता, कलेक्टर खंडवा

     

  • भोपाल-हैदराबाद हवाई संपर्क मजबूत, तिरुपति के लिए सीधी फ्लाइट अब भी नहीं

     भोपाल
     भोपाल से हैदराबाद तक अब दो सीधी उड़ानें हो गई हैं लेकिन तिरूपति तक एक भी उड़ान नहीं है। भोपाल से तिरूपति बालाजी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ट्रेन का सफर लंबा होने के कारण लंबे समय सीधी फ्लाइट की जरूरत महसूस की जा रही है।

    इंडिगो ने अपनी दूसरी हैदरबाद उड़ान एक अक्टूबर से पुन: प्रारंभ करने की घोषणा की है। अब यात्रियों को सुबह 7.20 बजे एवं रात्रि 9.20 बजे हैदराबाद के लिए उड़ान मिल सकेगी। दोनों उड़ानों का शेड्यूल पैसेंजर फ्रेंडली होने के कारण इसमें अच्छी बुकिंग हो रही है। इस रूट पर छह से सात हजार रूपये में बुकिंग हो रही है।

    अंतिम समय में किराया बढ़ भी जाता है। यदि इन दोनों उड़ानों में से किसी एक को हैदराबाद से होकर तिरूपति तक चलाया जाए तो यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकती है। हैदराबाद से तिरूपति तक का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा होता है। भोपाल से तिरूपति तक ट्रेन में करीब 24 घंटे लगते हैं।

    साऊथ कनेक्शन अब भी कमजोर

    भोपाल हैदराबाद एवं बेंगलुरू तक सीधी उड़ानें होने के बावजूद भोपाल का दक्षिण भारत तक हवाई कनेक्शन कमजोर है। चैन्नई एवं काच्चि जैसे शहरों तक लंबे समय से डायरेक्ट उड़ान नहीं है। यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से जाना पड़ता है। इसमें समय एवं धन अधिक खर्च होता है।

    हर साल तिरूपति दर्शन करने वाले भक्त अशोक हिमथानी का कहना है किएयरलाइंस कंपनियों को तिरूपति एवं चैन्नई तक सीधी उड़ान शुरू करना चाहिए। इसमें अच्छी बुकिंग मिल सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। हमने एयरलाइंस को स्लाट देने की पेशकश की है।

  • शुपालकों के लिए सुनहरा अवसर, दुग्ध समृद्धि अभियान का करें पूरा उपयोग: मंत्री पटेल

    पशुपालक दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान का लें पूरा लाभ : पशुपालन एवं डेयरी मंत्री  पटेल

    प्रदेश में 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओं से प्रारंभ होगा दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप प्रदेश के किसानों की पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से प्रदेश में 2 अक्टूबर से "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान'' प्रारंभ होगा। अभियान के अंतर्गत गाँव-गाँव पशुपालकों से व्यक्तिश: सम्पर्क किया जायेगा और उन्हें पशुओं में नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पोषण के संबंध में जागरूक किये जाने का आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जायेगा।

    पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि पशुपालक किसान बंधु इस अभियान का पूरा-पूरा लाभ लें. अभियान के अंतर्गत जब पशु चिकित्सा अधिकारी/मैत्री उनके घर आएं, तब पशुपालन के संबंध में उनकी जो भी समस्या हो उन्हें बताएं और समाधान प्राप्त करें।

    प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान" 3 चरणों में चलाया जायेगा। इसकी शुरूआत 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं से की जायेगी। अभियान का प्रथम चरण 9 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान में 10 या 10 से अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से व्यक्तिश: सम्पर्क किया जायेगा। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी/मैत्री द्वारा पशुपालकों से गृह भेंट की जायेगी और उन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जायेगा। साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जायेगी। इस कार्य के लिये मैत्री को प्रति पशुपालक 5 रुपये का मानदेय भी दिया जायेगा।

    "दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान" के द्वितीय चरण में 5 या अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों और तीसरे चरण में 5 या कम गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से सम्पर्क किया जायेगा। अभियान का उद्देश्य गोवंश का समुचित पालन पोषण और दुग्ध उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ाना है।

     

  • सराफा चौपाटी का भविष्य सस्पेंस में, त्योहारी सीजन के बाद होगी निर्णायक बैठक

    इंदौर 

    शहर की प्रसिद्ध रात्रिकालीन सराफा चौपाटी के नए स्वरूप को लेकर त्योहारी सीजन के बाद अहम बैठक होगी। इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारी महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर चौपाटी के भविष्य पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में दुकानों की संख्या, उनके स्थान और चौपाटी के समग्र प्रबंधन पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

    क्या है व्यापारियों की योजना?
    इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी के अनुसार, व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही महापौर से मिलेगा। उनकी प्रमुख मांग है कि सराफा चौपाटी में लगने वाली दुकानों की संख्या को 60 से 65 तक सीमित किया जाए। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया जाएगा कि सभी दुकानें सड़क के एक ही तरफ लगाई जाएं, ताकि आगंतुकों को घूमने-फिरने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। व्यापारियों का यह भी कहना है कि चौपाटी में केवल पारंपरिक और वर्षों से लग रही दुकानों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

    समिति की बैठक भी जल्द
    सराफा चौपाटी के सुचारू संचालन और प्रबंधन के लिए बनाई गई समिति की बैठक भी त्योहारी सीजन के बाद होने की संभावना है। यह समिति व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करेगी और चौपाटी के नए नियमों को अंतिम रूप देने में अपनी भूमिका निभाएगी। इस बैठक के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इंदौर की यह प्रसिद्ध चौपाटी भविष्य में किस स्वरूप में नजर आएगी। 

  • दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करें, अंतिम तारीख 31 अक्टूबर

    मुख्यमंत्री दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के आवेदन 31 अक्टूबर तक आमंत्रित

    स्पर्श पोर्टल पर कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

    भोपाल 

    दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये मुख्यमंत्री दिव्‍यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के मूलनिवासी दिव्यांगजन, जिनमें अस्थिबाधित द्वारा गत परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक तथा अन्य श्रेणी में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है उनसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये है। विद्यार्थी अपना आवेदन 31 अक्टूबर तक स्पर्श पोर्टल पर ऑनलाइन जमा कर सकते है।

    आवेदन पत्रों की जांच 15 नवम्बर तक होगी और अंतिम सूची का प्रकाशन 30 नवम्बर तक किया जाएगा। स्वीकृत आवेदन पत्रों में पात्रतानुसार छात्रों को लैपटॉप अथवा मोट्रेट ट्राइसाइकल, विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसम्बर 2025 को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वितरित की जायेगी।

    आयुक्त सामाजिक न्याय ने बताया की स्पर्श पोर्टल ओपन कर दिया गया है। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने जिले से अधिक से अधिक पात्र दिव्‍यांग छात्र/छात्राओं को योजना हेतु आवेदन करने के लिये प्रोत्‍साहित करें एवं जिला अधिकारी आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार निराकरण करना सुनिश्चित करें।

     

  • लाड़ली बहना योजना: अक्टूबर में कई खातों में नहीं आएंगे 1500 रुपये, जरूरी शर्तें पूरी नहीं होने से रोक

    भोपाल 

    अक्टूबर महीने में लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी की जाएगी। इस किस्त का इंतेजार प्रदेश की लाखों लाड़ली बहनों को है। इस बार की किस्त पहले जारी की गई किस्तों से बहुत खास भी है। क्योंकि इस बार मोहन सरकार पात्र लाड़ली बहनों को 1250 नहीं… ब्लकी 1500 रूपये ट्रांसफर करेगी। दिवाली-भाई दूज पर मिलने वाले इस सौगात की खबर ने महिलाओं की खुशी डबल कर दी है। लेकिन खुशखबरी देने वाली 'लाड़ली बहना योजना' ने प्रदेश की कई बहनों को बड़ा झटका भी दे दिया है। अक्टूबर में कई लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपये नहीं पहुंचेंगे। 29वीं किस्त(Ladli Behna Yojana 29th Installment) आने से पहले यहां जानें… आखिर क्यों नहीं मिलेंगे 1500 रुपये।

    लाड़ली बहना योजना से कट गए महिलाओं के नाम

    जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में ई-केवाईसी सत्यापन के नाम पर सैकड़ों लोगों की समग्र आईडी डिलीट कर दी गई। जबकी उनकी समग्र आईडी पूरी तरह से सत्यापित थी। ऐसे में उन महिलाओं की भी आईडी डिलीट की गई जो लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी थीं। इससे ये महिलाएं लाड़ली बहना योजना के लाभ से वंचित हो गई हैं। इस कारण अक्टूबर में इन लाड़ली बहनों के खाते में 1500 रुपये नहीं आएंगे। समग्र आईडी डिलीट होने का ताजा मामला सतना जिले से सामने आया है। वहीं सिंगरौली से भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

    इन महिलाओं को भी नहीं मिलेंगे योजना के पैसे

    इसके आलवा, उन लाड़ली बहनों को भी अक्टूबर में मिलने वाली 29वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा हो गई है। दरअसल, लाड़ली बहना योजना की पात्रता शर्तों के मुताबिक, दस्तावेज में जो महिलाएं 60 वर्ष से अधिक उम्र की हो गई है तो वे अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो जाती हैं। इसी वजह से जनवरी 2025 में बड़ी संख्या में महिलाएं योजना से बाहर हो गई थी क्योंकि आधार कार्ड में उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई थी। अगर आपके दस्तावेज में भी आपकी उम्र 60 साल से अधिक हो गई है तो, आप भी अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं।

    कई महिलाओं की राशि रोकी पर कारण नहीं बता रहे..

    जानकारी के मुताबिक, जून महीने तक प्रदेश की 2,76,439 महिलाओं के खाते में राशि आती रही लेकिन अगले ही महीने इन आंकड़ों में अंतर देखने को मिला। जुलाई में लाड़ली बहनों की संख्या घटकर 2,75,178 रह गई। इस तरह 1261 महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो गई। वहीं अगस्त महीने में जून की तुलना में 1390 महिलाओं को योजना की राशि नहीं मिली। ऐसा ही अंतर बीते महीनों में जारी किस्तों में देखने को मिला। इस मामले में महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी भी कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

    कब-कब खातें में आए पैसे

        पहली किस्त – 7 जून 2023
        दूसरी किस्त – 11 जुलाई 2023
        तीसरी किस्त – 10 अगस्त 2023
        चौथी किस्त – 11 सितंबर 2023
        6वीं किस्त – 10 नवंबर 2023
        7वीं किस्त – 10 दिसंबर 2023
        8वीं किस्त – 10 जनवरी 2024
        9वीं किस्त – 10 फरवरी 2024
        10वीं किस्त – 1 मार्च 2024
        11 वीं किस्त – 5 अप्रैल 2024
        12वीं किस्त – 4 मई 2024
        13वीं किस्त – 4 जून 2024
        14वीं किस्त – 5 जुलाई 2024
        15वीं किस्त – 10 अगस्त 2024
        16वीं किस्त – 9 सितंबर 2024
        17वीं किस्त – 5 अक्टूबर 2024
        18वीं किस्त -9 नवंबर 2024
        19वीं किस्त -11 दिसंबर 2024
        20वीं किस्त -12 जनवरी 2025
        21वीं किस्त – 10 फरवरी 2025
        22वीं किस्त – 8 मार्च 2025
        23वीं किस्त – 16 अप्रैल 2025
        24वीं किस्त – 15 मई 2025
        25वीं किस्त – 16 जून 2025
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