• गांधी सागर बांध के नवीनीकरण के लिए 465 करोड़ स्वीकृत, दो साल में पूरा होगा जीर्णोद्धार कार्य

    मंदसौर 
     साठ के दशक में बने गांधी सागर बांध की 50 साल की उम्र पूरी हो गई है. अब राज्य सरकार ने इसका जीवन बढ़ाने की पहल शुरू कर दी है. सिंचाई की बड़ी परियोजनाओं के साथ ही बांध से अब मंदसौर और नीमच जिलों को पेयजल भी मिलने वाला है. बांध से जल छोड़े जाने के बाद यहां बिजली उत्पादन भी होता है. बांध में लगे टरबाइन पुराने होने और बांध की नींव की मजबूती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जीर्णोद्धार के लिए बजट की मंजूरी दी है.

    गांधी सागर बांध की उम्र 50 साल बढ़ जाएगी

    दो साल में पूरे होने वाले इस काम के बाद बांध की उम्र 50 साल और बढ़ जाएगी. बिजली उत्पादन भी पहले की तरह होने लगेगा. मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बने गांधी सागर बांध के जीर्णोद्धार को लेकर राज्य सरकार ने 465 करोड रुपए की मंजूरी दी है. बांध के निर्माण को 50 साल पूरे होने के बाद इसकी उम्र बढ़ाने की मंशा से सरकार ने जीर्णोद्धार और यहां हो रहे बिजली उत्पादन के संयंत्रों के नवीनीकरण का प्रोजेक्ट तैयार किया है. 1960 में तैयार हुए इस बांध का 2019 की बाढ़ में खतरा बढ़ गया था. हालांकि बांध की मजबूती के कारण यहां किसी भी तरह की खतरे की कोई बात नहीं है. उम्र और समय के हिसाब से सरकार ने बांध में लगे बिजली उत्पादन के टरबाइन को बदलने की तैयारी की है.

    मंदसौर और नीमच जिले के लिए पेयजल परियोजना

    मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से बहने वाली चंबल नदी पर बने इस बांध में करीब 65 किलोमीटर वर्ग किलोमीटर एरिया में जलभराव रहता है. राज्य सरकार ने मंदसौर और नीमच जिलों में सिंचाई की बड़ी परियोजनाओं के साथ ही दोनों जिलों में पेयजल परियोजना का भी आधार इसी डैम को माना है. दो जिलों की कृषि और पेयजल समस्या से निजात दिलाने वाले इस डैम के बांध को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.

    मंदसौर और नीमच जिले में बड़े प्रोजेक्ट

    मंदसौर जिले की सभी 8 और नीमच जिले की 5 तहसीलों में गांधी सागर बांध से पानी पहुंचाने के लिए बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं. जिन पर दो तिहाई काम पूरा हो चुका है. ऐसी स्थिति में इस बांध की उम्र बढ़ाई जानी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. राज्य सरकार द्वारा मंजूर किए गए इस प्रोजेक्ट के पूरा होने में 2 साल का समय पूरा लगेगा. इसके बाद यहां बांध में लगे 5 टरबाइन से रोजाना 115 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. साथ ही बांध से छोड़े जाने वाले पानी से राजस्थान के रावतभाटा और कोटा बैराज में पानी मिलने से वहां सिंचाई और बिजली उत्पादन भी हो सकेगा.

    पेयजल और सिंचाई के अलावा बिजली उत्पादन

    इसके बाद यहां से छूटने वाले पानी से फिर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिले श्योपुर, भिंड और मुरैना जिलों में किसानों को चंबल के पानी का लाभ मिल सकेगा. चरणबद्ध तरीके से छोड़े जाने वाले पानी और बिजली उत्पादन से मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों को दोहरा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है.

    मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने बताया "वर्ष 2019 की बाढ़ में अचानक लबालब भरे बांध से यहां लगे टरबाइन को आंशिक नुकसान हुआ था. इसे बदलने के लिए राज्य सरकार ने अब बड़ी पहल करते हुए करोड़ों रुपए की मंजूरी दी है. डैम के पानी का पेयजल और सिंचाई के अलावा बिजली उत्पादन में भी लाभ मिल सकेगा. गांधी सागर बांध के जीर्णोद्धार की इस पहल के बाद बांध की उम्र अगले 50 साल और बढ़ना तय माना जा रहा है."

     

  • भोपाल: दशहरा पर्व पर शाम 5 से रात 11 बजे तक रावण दहन, ट्रैफिक डायवर्जन का अलर्ट जारी

    भोपाल
     दशहरा पर्व के अवसर पर राजधानी में शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक 10 से अधिक स्थानों पर रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण शहर की अधिकतर सड़कों पर यातायात का काफी दबाव रहेगा। इस वजह से कार्यक्रम के दौरान कई मार्ग परिवर्तित किए जाएंगे। आयोजन स्थलों के आसपास पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।

    प्रमुख दशहरा स्थल

    टीटी नगर दशहरा मैदान, कोलार रोड, बंजारी दशहरा मैदान, छोला दशहरा मैदान, बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान, एमवीएम दशहरा मैदान, गोविंदपुरा भेल दशहरा मैदान, कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड दशहरा मैदान, बैरागढ़ दशहरा मैदान, जंबूरी दशहरा मैदान, सलैया दशहरा मैदान। उपरोक्त स्थानों के अतिरिक्त, लहारपुरा दशहरा मैदान, अशोका गार्डन दशहरा मैदान, कोहेफिजा दशहरा मैदान, गांधी नगर दशहरा मैदान, हाउंसिग बोर्ड दशहरा मैदान, अयोध्या नगर दशहरा मैदान, पांच नंबर बस स्टाप दशहरा मैदान,ओल्ड कैंपियन दशहरा, मैदान रानी अवंती बाई तिराहा त्रिलंगा रोड दशहरा मैदान आदि स्थानों पर भी रावण दहन का कार्यक्रम होगा।

    परिवर्तित एवं वैकल्पिक मार्ग इस तरह रहेंगे

        वाहन चालक टीटी नगर दशहरा मैदान के आसपास के मार्ग का उपयोग ना करते हुए बाणगंगा से रोशनपुरा, प्लेटिनम प्लाजा चौराहा से जवाहर चौक की ओर आ-जा सकेंगे।

        बंजारी चौराहा से दानिश हिल्स की ओर जाने वाले वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग ना करते हुए सर्वधर्म चौराहा से अमरनाथ कालोनी, दानिशहिल्स तक आवागमन कर सकेंगे।

        डी मार्ट चौराहा से मानसरोवर, मेडिकल कालेज चौराहा, दानिश कुंज चौराहा होकर चूनाभट्टी चौराहा व शाहपुरा की ओर आ-जा सकेंगे।

        बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान की पार्किंग रोड साइड होने से यातायात का अत्यधित दबाव हो जाता है। इस कारण वाहन चालक सुभाष स्कूल चौराहा से राजीव गांधी चौराहा तक आने-जाने से बचें। इसके स्थान पर राजीव गांधी चौराहा की ओर आने वाले वाहन चालक कोलार गेस्ट हाउस तिराहा से चूनाभट्टी चौराह, बाबा नगर/बंसल तिराहा, शाहपुरा, रानी अंवती बाई चौराहा, हनुमान मंदिर, साढ़े 10 नंबर चौराहा से आवागमन कर सकते हैं।

        अर्जुन नगर चौराहे से सुभाष स्कूल चौराहा, सात नंबर, ओल्ड कैंपियन से 10 नंबर की ओर आ-जा सकेंगे।

        एमवीएम के सामने से होकर लिलि टाकीज चौराहे की ओर जाने वाले वाहन चालक रोशनपुरा से बाणगंगा, खटलापुरा, पीएचक्यू गेट- दो, सातवीं वाहिनी के सामने से आ-जा सकेंगे।

        गोविंदपुरा भेल दशहरा मैदान के सामने यातायात का दबाव अधिक रहेगा इस कारण वैकल्पिक मार्ग एमपीनगर चेतक ब्रिज से अवधपुरी जाने वाले वाहन गोंविदपुरा टर्निंग से नर्मदा क्लब, कस्तूरबा स्कूल होकर अवधपुरी आ-जा सकेंगे। इसी प्रकार चेतक ब्रिज उतार से बायें मुड़कर सुभाष विश्रामगृह तिराहा से प्रभात चौराहा होकर रायसेन रोड, अवधपुरी आ-जा सकेंगे।

    बैरागढ़ दशहरा दहन के दौरान मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का ज्यादा दबाव रहेगा। भोपाल से सीहोर की ओर जाने-आने वाले वाहन चालक लालघाटी से गांधी नगर, मुबारकपुर जोड़, खजूरी बायपास फंदा वाले मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।

    यहां से निकलेगा विजय जुलूस

    श्री रामविजय रथ यात्रा गुरुवार को बांके बिहारी मंदिर (मारवाड़ी रोड) से शाम पांच बजे शुरू होगी। जो चिंतामन चौराहा, यूनानी सफाखाना, सुल्तानिया रोड, घोड़ा नक्कास, छोटे भैया चौराहा, नादरा बस स्टैंड, छोला रोड, अग्रवाल धर्मशाला होते हुए विजय भूमि छोला दशहरा मैदान तक जाएगी। इन स्थानों के निकटम मार्गों पर यातायात दबाव अधिक होने की संभावना हैं।

    भारी वाहन डायवर्सन

    दो अक्टूबर को दोपहर दो बजे से शहर में किसी भी प्रकार के अनुमति प्राप्त भारी वाहन खजूरी बायपास मुबारकपुर चौराहा नया बायपास लांबाखेड़ा, भानपुर, बेस्टप्राइज, करोंद चौराहा, लालघाटी, प्रभात पेट्रोल पंप चौराहा, जिंसी चौराहा, हबीबगंज नाका, मिसरोद 11 मील से शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आकस्मिक सेवा एंबुलेंस, फायरब्रिगेड के लिए सभी मार्ग खुले रहेंगे।

     

  • आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की शानदार पहल, प्राकृतिक पेंट बनाकर मिला नया आयाम

    आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पर्यावरण-संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र और महिला सशक्तिकरण संकल्प को प्रदेश की महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है। ग्वालियर की आजीविका मिशन से जुड़ीं महिलाओं ने बडी, पापड़, अगरबत्ती और अचार से भी आगे बढ़कर अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की अनूठी पहल कर महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    गोबर से प्राकृतिक पेंट

    ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड की खेड़ापति स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्यों ने एकजुट होकर गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का कार्य प्रारंभ किया। उनके द्वारा किए गए नवाचार को न केवल सराहा गया, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल भी मिला। उनका यह कार्य पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी एक अनुकरणीय पहल है।

    आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर एक अनोखी और सफल पहल की है। इस पहल से महिलाओं को न केवल अतिरिक्त आय का साधन मिला है बल्कि पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान हुआ है। यह पेंट गोबर से बनाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल का उपयोग नहीं होता। इस कारण यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और दीवारों को आकर्षक रंग भी प्रदान करता है। साथ ही मात्र 4 घंटे में दीवार पर लगा ये पेंट सूख भी जाता है।

    कलेक्टर मती रुचिका चौहान ने समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर तकनीकी प्रशिक्षण एवं विपणन (मार्केटिंग) में भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। जिले के भितरवार ब्लॉक के ग्राम करहिया में गठित खेड़ापति स्व-सहायता समूह के सक्रिय सदस्यों ने आजीविका मिशन के माध्यम से आत्मनिर्भर की सच्ची मिसाल पेश की है। प्राकृतिक पेंट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ पर्यावरण-अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है। और समूह की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

    समूह की सदस्य मती संध्या कहती हैं कि हम पहले केवल घर तक सीमित थे, लेकिन अब अपने हाथों से बने पेंट को बेचकर अच्छा मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिल रही है। प्राकृतिक पेंट बनाने की ट्रेनिंग से हमें नया हुनर मिला है। लोग हमारे पेंट की सराहना कर रहे हैं, जिससे हमें आगे और काम करने की प्रेरणा मिलती है। प्रशासन अब इस उत्पाद को सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में भी उपयोग हेतु बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है। यह पहल आने वाले दिनों में प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा बनेगी।

     

  • असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है विजयादशमी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी (दशहरा), महात्मा गांधी जयंती और भारत रत्न श्री लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें जीवन में नैतिकता, सदाचार और सत्यनिष्ठा को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सुख-समृद्धि लेकर आए।

    गांधी जी का सत्य, अहिंसा और सादगी का संदेश आज भी कर रहा है पथ-प्रदर्शन
    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि गांधी जी का सत्य, अहिंसा और सादगी का संदेश आज भी समाज का पथ-प्रदर्शन कर रहा है। स्वच्छता, ग्रामोदय और आत्मनिर्भरता के उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

    ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का सूत्र
    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देश को आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करता है। उनका सादा जीवन और उच्च विचार हम सबके लिए अनुकरणीय हैं।

     

  • स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये 2 अक्टूबर से विशेष अभियान

    विभाग लोक सेवा प्रबंधन को बनाया गया अभियान का नोडल

    भोपाल 
    प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और शासकीय कार्यालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये 2 अक्टूबर गांधी जंयती से 31 अक्टूबर 2025 तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने समस्त अपर मुख्य सचिव, विभागाध्यक्ष, संभाग आयुक्त, कलेक्टर और समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को पत्र जारी कर निर्देश दिये हैं। केन्द्र सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक स्पेशल कैम्पेन 5.0 चलाने का निर्णय लिया है।

    सेवा भाव और जवाबदेही को सुदृढ़ करना
    इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित प्रकरणों, फाइलों और अपीलों का त्वरित और पारदर्शी निपटारा, कार्यालयों में स्वच्छता, कचरे का निस्तारण तथा ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देना है। विशेष अभियान के माध्यम से अधिकारी-कर्मचारियों में सेवा भाव तथा जवाबदेही को सुदृढ़ करना है, जिससे योजनाओं और सेवाओं की सुगम और पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी योजनाओं से लाभान्वितों की संख्या में वृद्धि की जा सके। अभियान में स्वच्छता और ई-कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से स्वच्छ व हरित शासन व्यवस्था स्थापित होगी। इस अभियान में विभागों, अधीनस्थ कार्यालयों, स्वायत्त निकायों, निगम मंडल और आयोग को शामिल किया गया है।

    कार्यवाही के बिंदु
    विशेष अभियान में सभी सरकारी कार्यालयों में सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण, कार्यालय परिसरों की सफाई और अनावश्यक वस्तुओं का निस्तारण, शासन निर्देशों के तहत पुराने रिकार्ड का डिजिटलीकरण और विनिष्टिकरण, लंबित विधानसभा प्रश्न, आश्वासन, शून्य काल, लोक लेखा समिति प्रकरणों, मुख्यमंत्री मॉनिट, मुख्य सचिव मॉनिट के निराकरण में तेजी लाये जाने के लिये भी कहा गया है। सरकारी कार्यालयों में ई-कचरे को अधिकृत एजेंसी मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के माध्यम से निस्तारित किया जाएगा। सरकारी कार्यालयों के अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यस्थल को साफ और व्यवस्थित रखें, इसकी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जायेगी। शासकीय कार्यालयों में जनसुविधा में सुधार, वेटिंग एरिया में स्वच्छ वातावरण, पीने के पानी की सुविधा एवं इससे जुड़ी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जायेगा।

    लंबित प्रकरणों के लिये विशेष प्रयास
    निर्देशों में कहा गया है कि केन्द्र सरकार स्तर पर लंबित महत्वपूर्ण प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष प्रयास किये जायें। इसी के साथ राजस्व प्रकरणों, यातायात व सड़क सुरक्षा, सायबर अपराध के संबंधित जागरूकता बढ़ाने और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव को बताने के लिये बच्चों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाये। विशेष अभियान का मूल्यांकन एक नवम्बर 2025 को किया जायेगा। अभियान की मॉनिटरिंग के लिये लोक सेवा प्रबंधन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इस अभियान में जिन कार्यालयों में उत्कृष्ट कार्य हो, उन्हें प्रशस्ति-पत्र भी दिये जायेंगे। 

  • सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने वृद्धजन का किया सम्मान

    भोपाल
    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने बुधवार को ग्वालियर के जैन छात्रावास के श्री वीर सभागार में वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान ग्वालियर द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम में सहभागिता की। मंत्री श्री कुशवाहा ने कार्यक्रम को संबोधित किया एवं 26 वरिष्ठजन को शील्ड देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्थापक श्री भूपेन्द्र जैन, अध्यक्ष श्री एस.के. गुप्ता, श्री रितेश गुप्ता, सहित सम्मानित सभी वरिष्ठजन एवं नागरिक उपस्थित रहे।

     

  • लाहरपुर दशहरा मैदान में होगा नशासुर का पुतला दहन

    भोपाल 
    प्रदेश में चलाये जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर गांधी जयंती एवं विजयदशमी त्यौहार के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा 'नशासुर' का पुतला दहन शाम 7 बजे किया जायेगा। पुतला दहन लाहरपुर दशहरा मैदान बाग मुंगालिया एक्सटेंशन नर्मदापुरम रोड में होगा। 'नशासुर' पुतला दहन कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में नशे के प्रति जागरूकता लाना और नशा एक सामाजिक बुराई है, इसका संदेश देना है।

     

  • अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: प्रदेश के शहरी और ग्रामीण अंचलों में वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन

    भोपाल 
    अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण अंचलों में वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में शासकीय और अशासकीय संस्थाओं, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान शॉल, श्रीफल, स्मृति चिंह भेंट कर किया गया। एक सौ वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बुजुर्गों का विशेष रूप से "शतायु सम्मान" से सम्मानित किया गया।

    इसी कड़ी में इंदौर महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सम्मान समारोह आयोजित किए गये। इंदौर शहर में कल्याण मित्र समिति इंदौर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी ने 140 बुजुर्ग को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया, ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत कलारिया में श्री जगन चौधरी, ग्राम पंचायत पिवडाय में श्री कन्हैया लाल तोमर, ग्राम पंचायत माचला में श्रीमती अयोद्धया बाई, नगर निगम इंदौर क्षेत्र में श्रीमती चन्दु जैन को जिला प्रशासन के दल ने घर-घर जाकर सम्मानित किया।

    निवाड़ी जिला मुख्यालय कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड ने श्री रामराजा वृद्धाश्रम पहुँच कर वरिष्ठजन का सम्मान किया। उन्होंने आश्रम में रहने वाले वृद्धजन से वहाँ की व्यवास्थाओं, स्वास्थ्य और अन्य विषय पर चर्चा की।

    रायसेन जिला मुख्यालय पर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री प्रभुराम चौधरी, कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने महात्मा गांधी वृद्धाश्रम में वरिष्ठजन का सम्मान किया। उन्होंने वृद्धजनों के साथ भोजन भी किया।

    देवास जिले में बुजुर्गों के लिये नीबू रेस, कैरम और शतरंज प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। कार्यक्रम में 101 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर श्रीमती सौरभ बाई को भी विभागीय अधिकारियों द्वारा शॉल श्रीफल से सम्मानित किया गया।

    बड़वानी जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंत पटेल की अगवाई में अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन किया गया। अशोकनगर जिले में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज मनोरिया और अपर कलेक्टर श्री देवकीनंदन की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में 100 वर्ष से अधिक आयु पूर्ण कर चुकी 3 महिलाओं को शातायु सम्मान के रूप में एक हजार रूपये की नगद राशि शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

     

  • स्कूली मामलाः शिक्षक का बुरा बदतमीज़ी — महिला शिक्षक को मौत की धमकी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    चौरई
    छिंदवाड़ा जिले में चौरई विकासखंड के अंतर्गत हायर सेकेंडरी स्कूल बिंझावाड़ा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शिक्षा के मंदिर में शिक्षक ही एक दूसरे से लड़ते हुए दिख रहे हैं। एक पुरुष शिक्षक महिला शिक्षक को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
    घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शिक्षक महिला प्राचार्य को कह रहा है कि तुझे स्कूल के बाहर मारूंगा ,मर्डर कर दूंगा… ये शब्द चौरई विकासखंड के बींझावाडा में माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक द्वारा प्रभारी प्राचार्य कुसुम साहू को बोल रहा है।
     
    मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई
    प्राचार्य कुसुम साहू ने बताया कि मंगलवार को रोज शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बींझावाड़ा में पदस्थ शिक्षक जयप्रकाश व्हटवार के पास उन्होंने सूचना रजिस्टर में हस्ताक्षर करवाने रजिस्टर पहुंचवाया तो अचानक शिक्षक भड़क गए एवं अभद्रता करने लगे। प्रभारी प्राचार्य को जान से मारने की धमकी देते नजर आए। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।

  • 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के लिये नवनियुक्त अधिकारियों का प्रशिक्षण सत्र

    भोपाल 
    सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में आईबीपीएस के माध्यम से चयनित प्रदेश के 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के नवनियुक्त अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, प्रबंधक (प्रशासन/लेखा) एवं नोडल अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र का समापन करते हुए कहा कि आप सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि आपको अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के दौरान प्रदेश के सहकारी साख आंदोलन से जुड़े जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के त्रि-स्तरीय सहकारी ढांचे में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां अधिकारी के रूप में आपको ईश्वर ने प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले अंतिम छोर के व्यक्ति की सेवा का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि अपेक्स बैंक द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण के आधार पर यदि आप अपनी ऊर्जा, ज्ञान, कौशल और विवेक के साथ पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो जहां एक ओर आप जरूरतमंद लोगों की बेहतर सेवा कर पाएंगे, वहीं दूसरी ओर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण भी कर सकेंगे।

    मंत्री श्री सारंग ने श्री शिव खेड़ा, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, गौतम बुद्ध एवं अन्य दार्शनिकों के दृष्टांतों के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी कार्य नया नहीं होता, लेकिन किसी कार्य को नवाचार और कौशल के साथ संपन्न करना ही उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिलों में अच्छे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर आप स्वयं को सोने के समान चमकदार साबित करें।

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि पैक्स हमारी आधारशिला हैं, अतः इनकी कार्यप्रणाली का पूर्ण कंप्यूटरीकरण आपकी प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद व्यवसाय के विविधीकरण के लक्ष्य पर भी विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि पैक्स पर ही जिला बैंकों और अपेक्स बैंक की मजबूती निर्भर करती है।

    उन्होंने कहा कि सभी जिला बैंक वर्तमान में क्रेडिट, उर्वरक, उपार्जन एवं पीडीएस का कार्य कर रही हैं, किंतु प्रतिस्पर्धा के इस दौर में स्वयं को अधिक सशक्त बनाने के लिए व्यवसाय के अन्य क्षेत्रों पर भी ध्यान देना होगा। विशेषकर छोटे ऋण, कम ब्याज दरों पर, सरल शर्तों और आवश्यक कार्यालयीन औपचारिकताओं के साथ वितरित किए जाने चाहिए। साथ ही जिले में स्थित 54 विभागों के सभी अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर इस दिशा में कार्य करना होगा।

    कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री सारंग ने नवनियुक्त अधिकारियों को अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज, भोपाल में आयोजित 12 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

    इस अवसर पर अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता, ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य श्री पी.एस. तिवारी, श्री मनोज सिन्हा, श्रीमती अरुणा दुबे, श्री अरुण मिश्र, श्री के.टी. सज्जन, श्री अरविंद बौद्ध, श्री अरुण माथुर सहित अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पर्यावरण-संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र और महिला सशक्तिकरण संकल्प को प्रदेश की महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है। ग्वालियर की आजीविका मिशन से जुड़ीं महिलाओं ने बडी, पापड़, अगरबत्ती और अचार से भी आगे बढ़कर अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की अनूठी पहल कर महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    गोबर से प्राकृतिक पेंट
    ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड की खेड़ापति स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्यों ने एकजुट होकर गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का कार्य प्रारंभ किया। उनके द्वारा किए गए नवाचार को न केवल सराहा गया, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल भी मिला। उनका यह कार्य पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी एक अनुकरणीय पहल है।

    आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर एक अनोखी और सफल पहल की है। इस पहल से महिलाओं को न केवल अतिरिक्त आय का साधन मिला है बल्कि पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान हुआ है। यह पेंट गोबर से बनाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल का उपयोग नहीं होता। इस कारण यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और दीवारों को आकर्षक रंग भी प्रदान करता है। साथ ही मात्र 4 घंटे में दीवार पर लगा ये पेंट सूख भी जाता है।

    कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर तकनीकी प्रशिक्षण एवं विपणन (मार्केटिंग) में भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। जिले के भितरवार ब्लॉक के ग्राम करहिया में गठित खेड़ापति स्व-सहायता समूह के सक्रिय सदस्यों ने आजीविका मिशन के माध्यम से आत्मनिर्भर की सच्ची मिसाल पेश की है। प्राकृतिक पेंट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ पर्यावरण-अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है। और समूह की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

    समूह की सदस्य श्रीमती संध्या कहती हैं कि हम पहले केवल घर तक सीमित थे, लेकिन अब अपने हाथों से बने पेंट को बेचकर अच्छा मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिल रही है। प्राकृतिक पेंट बनाने की ट्रेनिंग से हमें नया हुनर मिला है। लोग हमारे पेंट की सराहना कर रहे हैं, जिससे हमें आगे और काम करने की प्रेरणा मिलती है। प्रशासन अब इस उत्पाद को सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में भी उपयोग हेतु बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है। यह पहल आने वाले दिनों में प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा बनेगी।

     

  • अक्टूबर में चलेगा स्वच्छता अभियान

    किसानों को ग्राम सभा में दी जायेगी भावांतर भुगतान योजना की जानकारी
    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक

    भोपाल
    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में बुधवार को भावांतर भुगतान योजना एवं 2 अक्टूबर से शुरू होंगे स्वच्छता अभियान संबंधी बैठक हुई। मुख्य सचिव ने कृषि तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भावांतर भुगतान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। स्वच्छता अभियान 2 से 31 अक्टूबर तक चलाया जाये। इसमें शासकीय कार्यालयों में रखे अनावश्यक और अनुपयोगी कबाड़ का निपटान करें। 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाये। जनता के लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाये।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सोयाबीन खरीफ भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत किसानों का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर 3 से 17 अक्टूबर तक होगा। पंजीयन PACS /CSC/ MP किसान ऐप के माध्यम से कराए जाएंगे। योजना अंतर्गत सोयाबीन विक्रय अवधि दिनांक 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी।

    प्रदेश में 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा में भावांतर योजना की जानकारी सचिव द्वारा दी जाएगी। 3 अक्टूबर, 2025 को सभी कृषि उपज मंडियों में होर्डिंग्स एवं पंजीयन केंद्र पर बैनर के माध्यम से योजना की जानकारी दी जाएगी। किसानों एवं व्यापारियों के Whatsapp ग्रुप पर SMS के माध्यम से पंजीयन की अनिवार्यता एवं अंतिम तिथि के बारे में जानकारी भेजी जाएगी।

    प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 3 से 5 अक्टूबर तक जिला कलेक्टर द्वारा सभी विधायक सांसद/किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजना की जानकारी दी जायेगी। बैठक के बाद स्थानीय मीडिया के साथ योजना के बारे में चर्चा, भावांतर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार, योजना में निहित लाभ की जानकारी एवं जन जागरण के लिए ट्रैक्टर रैली/मोटर साइकल रैली का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक कृषि उपज मंडी स्तर पर भारसाधक अधिकारी एवं मंडी सचिव द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान संगठन और व्यापारियों के साथ परिचर्चा की जायेगी।

    सभी मंडियों में 15 अक्टूबर, तक भावांतर सहायता डेस्क स्थापित किये जायेंगे। 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक कृषकों के Testimonial के 30-30 सैकेंड के वीडियो/विश्वसनीयता के कार्य और सम्पूर्ण योजना पर सतत निगरानी एवं नेतृत्त्व किया जायेंगे।

    प्रत्येक मंडी के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति, योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापारी के स्टॉक की उपलब्ध रियल टाइम जानकारी का समय-समय पर सत्यापन, मॉडल रेट की सतत निगरानी जिससे कि अनावश्यक गिरावट न हो और भावांतर योजना के तहत खरीदे गए सोयाबीन का भुगतान बैंक खातों में सुनिश्चित किया जायेगा।

    बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, किसान कल्याण और कृषि विकास सचिव श्री निशांत वरवड़े एवं आयुक्त मंडी बोर्ड श्री कुमार पुरूषोत्तम उपस्थित थे।

     

  • मंत्रियों ने दी प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर शुभकामनाएँ

    भोपाल
    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर शुभकामनाएँ दी हैं।

    मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा है कि असत्य पर सत्य की जीत का पर्व हम सबको सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मंत्री श्री सिंह ने अपने संदेश में कहा है कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। यह पर्व हमे सत्य और धर्म का अनुसरण करने का संदेश देता है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से विजयादशमी का पर्व सद्भावना और सौहार्दपूर्ण मनाये जाने की अपील की है।

     

  • MP में नूर मोहम्मद की करतूतें: धोखाधड़ी और मतांतरण का सबसे चौंकाने वाला मामला

    अमझेरा
    थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ धोखाधड़ी, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। मुस्लिम युवक ने फर्जी नाम से पहले युवती से दोस्ती की, फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में मतांतरण का दबाव बनाया। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर विभिन्न प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि वह अमझेरा बाजार करने आती थी, तभी नानाघाट निवासी नूर मोहम्मद पुत्र शहजाद खान ने अपनी पहचान छिपाकर गोलू नाम से उससे दोस्ती की। कुछ समय बाद आरोपित ने बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया और शादी करने का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपित उसे धमकाता रहा कि यदि उसने बात किसी को बताई तो जान से मार देगा।
     
    मतांतरण का बना रहा था दबाव
    पीड़िता के अनुसार आरोपित उसे धमकाते हुए कहता था कि तुझे मेरे साथ रहना है तो मेरा धर्म अपनाना होगा। जब युवती को आरोपित की असलियत और उसकी नीयत का पता चला तो उसने अपने स्वजन को पूरी घटना बताई और थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

    दुष्कर्म करने के बाद बताया अपना धर्म
    युवती आरोपित को हिंदू समझ रही थी। 29 सितंबर को आरोपित नूर युवती को बाइक पर बैठाकर बलेड़ी लेकर गया। इसके बाद बस से मांगोद लेकर जाने लगा, लेकिन युवती बस से उतर गई। इसके कुछ समय बाद दोबारा बस में बैठाया और धार आया। यहां इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित खेत पर लेकर गया, जहां उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। जब घर वालों को दुष्कर्म घटना बताने की बात कही, तो आरोपित ने युवती को जान से मारने की धमकी दी औ कहा मेरा नाम गोलू उर्फ नूर मोहम्मद है। अब तुझे मुझसे शादी करके मेरा धर्म अपनाना पड़ेगा। इसके बाद पुलिस ने युवती को आरोपित के चुंगल से छुड़ाया।

    आरोपित गिरफ्तार, जेल भेजा
    पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दुष्कर्म, अपहरण, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपित नूर मोहम्मद उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

  • उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

    सत्य की विजय का उत्सव धूमधाम से मनाए

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने विजयादशमी पर नागरिकों को बधाई एवं शुभकामकाएं दी है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने अपने संदेश में कहा है कि विजयादशमी का पर्व हमें शिक्षा देता है कि असत्य और अधर्म चाहे कितना भी प्रबल क्यों न हो, धर्म और सत्य की विजय निश्चित है। विजयादशमी का पर्व हमें शक्ति, साहस और धर्म के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि भगवान श्रीराम के महान आदर्शों पर चलकर ही भारत राष्ट्र महान बन सकेगा और पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि विजयादशमी भारत को महान राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराने का भी अवसर है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं को तिलक लगाकर, चुन्नी ओढ़ाकर स्नेह पूर्वक कराया भोज

    मुख्यमंत्री निवास में हुआ कन्या पूजन

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में कन्या-पूजन कर भोजन कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं का तिलक कर पांव पखारे। उन्होंने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं से संवाद कर उन्हें दुलार भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन के बाद कन्याओं को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसा और बड़े मनुहार से कन्याओं की रूचि के अनुरूप खीर, पूरी और मिष्ठान भी खिलाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या भोज के बाद सभी कन्याओं को उपहार देकर उनका शुभाशीष लिया।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले जर्मनी जाने वाले ग्राम विचारपुर के 5 फुटबॉल खिलाड़ी

    मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर भेंट की फुटबॉल किट

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर शहडोल जिले के मिनी ब्राजील के रूप में विख्यात ग्राम विचारपुर के 5 फुटबॉल खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। ये 5 फुटबॉल खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से अपनी महिला प्रशिक्षक के साथ जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफसी FC Ingolstadt 04 वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण के लिए जर्मनी जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह देश और प्रदेश के लिए कुछ कर दिखाने का मौका है। इस स्वर्णिम अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को फुटबॉल किट भेंट की। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षक सुश्री लक्ष्मी सहीस के नेतृत्व में कुमारी सानिया कुण्डे (14 वर्ष), कुमारी सुहानी कोल (15 वर्ष), प्रीतम कुमार (14 वर्ष), वीरेन्द्र बैगा (16 वर्ष) और श्री मनीष घसिया (16 वर्ष) प्रशिक्षण लेने जर्मनी जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फुटबॉल खिलाड़ियों की भेंट के दौरान प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश कुमार गुप्ता सहित खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- देश के आदर्श उदाहरण होंगे राष्ट्रीय उद्यानों के पास वन्य जीवों के लिए बनने वाले जू एंड रेस्क्यू सेंटर

    वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जारी रहेंगे हमारे प्रयास
    जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ लिए जा रहे निर्णय
    प्रदेश में बढ़ाई जा रही है चिड़ियाघरों की संख्या जीवनदायिनी माँ नर्मदा और सहायक तवा नदी में छोड़ेंगे मगरमच्छ
    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक सफारी वाहन और वन विहार के 40 से अधिक ई-व्हीकल किये लोकार्पित
    वन्यजीव संरक्षण के लिए कर्मचारियों एवं पर्यटन विकास समितियों को पुरस्कार प्रदान किए
    वन्यजीव-मानव सह-अस्तित्व पर केन्द्रित पुस्तक सहित गिद्धों के संरक्षण पर वार्षिक रिपोर्ट का किया विमोचन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्य जीव हमारी प्राकृतिक पूंजी हैं, जो जंगल और पर्यावरण की रोशनी हैं। मानव और वन्य जीवों का सहअस्तित्व ही प्रकृति के संतुलन का वास्तविक प्रतीक है। हम ‘जियो और जीने दो’ की भावना के साथ सबके जीवन विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। वन्य जीव हमारे लौकिक जगत की अलौकिक धरोहर हैं। ये केवल साधारण जीव नहीं हैं। वे प्रकृति की अद्वितीय रचनाएं हैं, जिनमें एक अद्भुत सौंदर्य, रहस्य और सामंजस्य छिपा है। उनका अस्तित्व मानव सभ्यता और प्रकृति के बीच गहरे संतुलन की जीवित विरासत है। वन्य जीवों की उपयोगिता, सुंदरता और पर्यावरणीय महत्व हमारी साधारण समझ से कहीं अधिक गहरे और दिव्य हैं। ये न केवल हमारे पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हैं,बल्कि हमें आध्यात्मिक आनंद, सौंदर्यबोध और जीवन की विविधता का अनुभव भी कराते हैं। इसलिए उनका संरक्षण केवल पारिस्थितिक आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह-2025का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक वाहन सफारी और वन विहार के 40 से अधिक पर्यटक वाहन (ई-व्हीकल्स) का लोकार्पण किया। साथ ही कार्यक्रम स्थल में भारत के वन्यजीव “उनका रहवास एवं आपसी संचार” विषय पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने वन और वन्य जीवों के प्रति जन जागरूकता प्रसार में योगदान देने वाले 9 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं 1 वन्य प्राणी रेस्क्यू दल को वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व्स में पर्यटन बढ़ने से प्राप्त आय में से वित्त वर्ष 2024-25 के लाभांश के रूप में प्रतीकात्मक रूप से 5 ईको विकास समितियों को पात्रतानुसार पुरस्कार राशि देकर पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने वन्यजीव-मानव सहअस्तित्व पर केन्द्रित एक पुस्तक एवं पोस्टर सहितगिद्धों के संरक्षण पर वन विभाग द्वारा तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वन और वन्य जीवों के मामले में देश में अव्वल है। प्रदेश में वनों की विविधता को बढ़ाने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने में वन्य जीव अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन, मध्यप्रदेश को पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनाता है। प्रदेश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। चीता, बाघ, घड़ियाल, गिद्ध मध्यप्रदेश की पहचान है। अब प्रदेश में कोबरा भी बसाया जा रहा है। प्रदेश में पर्यावरण-संरक्षण की दृष्टि से वन विभाग ने पर्यटकों के लिए उपलब्ध पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदला है। यह पर्यावरण-संरक्षण और ईको टूरिज्म डेवलपमेंट की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इसकी शुरुआत भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान से की गई है। आज सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए 40 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का लोकार्पण भी हुआ है, इससे यहां आने वाले पर्यटक बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए सफारी का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग द्वारा 636 ईको विकास समितियों को वन्यजीव पर्यटन विकास के लिए वन विकास निगम की ओर से 18करोड़ 74लाख रूपए से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा किप्रदेश में 11 राष्ट्रीय उद्यान, 25 वन्यजीव अभयारण्य, 9 टाइगर रिजर्व और एक कंजर्वेशन रिजर्व भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक भूमि वनों से आच्छादित है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में चीता मित्र, हाथी मित्र, ताप्ती संरक्षण रिजर्व जैसे अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। पिछले साल मध्यप्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या 13.81 लाख से अधिक रही है। दुनियाभर से पर्यटक, वन्यजीवों को देखने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर आ रहे हैं। राज्य सरकार वन्य संपदा की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और जबलपुर में दो नए चिड़ियाघर (जू) तेजी से आकार ले रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास जू एंड रेस्क्यू सेंटर विकसित किए जाएं, जिससे घायल जंगली जानवरों को समय पर निकटतम स्थान पर समुचित इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को एक ऐसा राज्य बनाएंगे, जहां हर प्रकार की वन संपदा की रक्षा करते हुए वन्यजीवों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाएं और देश में मध्यप्रदेश की अलग छवि निर्मित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ, चीता, घड़ियाल, मगरमच्छ और गिद्धों के संरक्षण में पहचान बना चुका है। जल, थल और नभचर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में चिड़ियाघरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। जीवनदायिनी मां नर्मदा और सहायक तवा नदी में जल्द ही मगरमच्छ छोड़े जाएंगे।

    वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में वन विभाग ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पर्यटन विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार किया जा रहा है। अब राज्य सरकार ने डीजल गाड़ियों को हटाकर अबपर्यटकों और पर्यावरण की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक वाहन संचालित करने का निर्णय लिया है। स्वागत उद्बोधन में पीसीसीएफ वाईल्ड लाइफ श्री शुभरंजन सेन ने कहा कि वन्य जीवों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक काम हो रहा है। इस मामले में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अंबाडे, एडिशनल पीसीसीएफ श्री एल. कृष्णमूर्ति सहितश्री राहुल कोठारी, वन एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, पर्यटक और स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुलसी का पौधा देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को कुमारी नुद्रा शुक्ला ने स्वयं बनाई गई पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने स्कूली विद्यार्थियों के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर वन्य जीवों के प्रति जागरूकता की प्रेरणा दी।

    अन्य राज्यों के लिए भी आदर्श उदाहरण बन रही है भावांतर योजना
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है। राज्य के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए पुन: भावांतर योजना लागू की गई, जिसके माध्यम से हमारा प्रयास है कि किसानों को सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिले। केंद्र सरकार ने इस वर्ष सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5328रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जो गत वर्ष के एमएसपी 4800 रुपए से528 रुपए अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सोयाबीन उत्पादक किसान 3 अक्टूबर से भावांतर योजना में उपज बेचने के लिए अपना पंजीयन कराएं और 24अक्टूबर से मंडियों में सोयाबीन बेचना प्रारंभ कर दें। यदि किसी किसान को एमएसपी से कम राशि में फसल बेचनी पड़े तो भी घबराएं नहीं, राज्य सरकार भावांतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित करेगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयादशमी की दी बधाई

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने जीवन में भी बुराई को दूर कर अच्छाइयां अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पर्व के अवसर पर प्रदेश में शांति और सौहार्द्र तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, की कामना की।

     

  • कजाकिस्तान में हुई 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में प्रदेश के खिलाड़ियों ने जीते 17 पदक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप के 9 पदक विजेता खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने इन सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से प्रोत्साहन स्वरूप इन सभी खिलाड़ियों को 10.81 लाख रूपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट में श्री ऐश्वर्य प्रताप सिंह (1 स्वर्ण, 1 रजत पदक), सुश्री आशी चौकसे (1 स्वर्ण पदक), श्री कुशाग्र सिंह राजावत (1 स्वर्ण पदक), श्री शमी उल्लाह खान (1 स्वर्ण पदक), सुश्री नीरू ढाडा (2 स्वर्ण पदक), सुश्री मानसी रघुवंशी (1 स्वर्ण, 1 रजत पदक), श्री ज्योतिरादित्य सिंह सिसोदिया (1 कांस्य पदक), श्री सैय्यद अहयान अली (1 कांस्य पदक) और श्री सूरज शर्मा (4 स्वर्ण, एक रजत) शामिल रहे।

    उल्लेखनीय है कि कजाकिस्तान में 16 से 30 अगस्त 2025 तक 16वीं एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप सम्पन्न हुई। इस चैम्पियनशिप में म.प्र. राज्य शूटिंग एकेडमी, भोपाल के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के दल में से 9 खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक अर्जित किए। इनमें 12 स्वर्ण पदक, 3 रजत पदक और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेताओं की भेंट के दौरान प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश कुमार गुप्ता सहित खेल विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।