• जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई

    शासकीय कामकाज में बढ़ी पारदर्शिता: बेहतर परफ़ॉर्म करने वाले अधिकारियों की हुई सराहना, अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार करने के निर्देश

    पूंजीगत व्यय और शासकीय कामकाज के क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा

    मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों के लिए 01 दिसंबर से लागू होगी बायोमैट्रिक अटेंडेंस

    गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों में लाएँ तेजी, सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर ज़ोर

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में  विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने उच्च स्तरीय बैठक में पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण तथा गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। शेष विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को “अटल निर्माण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।

    उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के सभी कार्य जनता के हित से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समय पर पूरा करना आवश्यक है। जिन विभागों का व्यय पिछले वर्ष की तुलना में कम है, वे इसके कारणों की पहचान कर तत्काल सुधार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, ऐसे में आगामी दो महीनों का सदुपयोग करते हुए निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी करें।

    जनता की समस्याओं को धैर्य से सुनें अधिकारी
    मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।

    मंत्रालय के कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस
    मुख्यमंत्री श्री साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुँचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।

    मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

  • बस्तर में केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन से पहले तैयारियों की समीक्षा, उप मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

    समयपूर्व सभी तैयारियाँ एवं व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    रायपुर,

    उप मुख्यमंत्री एवं बस्तर जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 04 अक्टूबर को होने वाले बस्तर प्रवास कार्यक्रम की तैयारियों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक तैयारियाँ एवं व्यवस्थाएँ समय से पहले पूरी कर ली जाएँ ताकि कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।

    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सिरहासार भवन और लालबाग स्थित कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों की बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

    इस अवसर पर सांसद बस्तर महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, महापौर संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। वहीं प्रशासनिक स्तर पर कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

  • थाना अयोध्यानगर जोन-2 पुलिस की आनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह पर बडी कार्यवाही, नगदी सहित लगभग 50 लाख रुपये का मसरुका जब्त

    आरोपियो पकडे ना जाये इसलिये कार और रेसिडेंसियल मल्टी में सेटअप लगाकर कराते थे बेटिंग।

     

    पुलिस की पकड से बचने के लिये फर्जी एकाउंट, फर्जी सिम का इस्तेमाल कर करते थे ट्रांजेक्सन तथा व्हाट्सएप से कांटेक्ट।

    पुलिस ने कराये लगभग 15 लाख रुपये आनलाईन फ्रीज ।

    कम समय में बड़ा पैसा कमाने का लालच ने बना दिया ऑनलाइन सटोरी आरोपी ।

    भोपाल

     नगरीय क्षेत्र भोपाल में हाल ही में चल रहे एशिया कप क्रिकेट के ऊपर ऑनलाइन सट्टा खिलवाने वाले गिरोह पर सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही करने हेतु पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र (IPS) एवं अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (IPS) द्वारा निर्देश दिये थे ।

            उक्त दिशा निर्देशों के तारतम्य में एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (IPS) द्वारा आनलाईन गेबलिंग, बेटिंग तथा क्रिकेट सट्टा चलाने वाले गिरोह का पता कर उन पर सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया, जिसके पालन में अति. पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (IPS) के मार्गदर्शन व नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे सहित गठित टीम ने शातिर आनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले गिरोह का पर्दाफास कर आनलाईन क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले गिरोह से मौके पर आरोपियों से नगदी 3.54 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त 02 कार जिसमें जगह बदल बदल कर सट्टा संचालित कर रहे थे, तथा वारदात में उपयोग किये गये 05 लेपटाप, 40 स्मार्टफोन, 80सिमकार्ड, 180 एटीएम कार्ड्स, केस काउंटिंग मशीन, वाइफाई राउटर, तथा लगभग 1.5 करोड के हिसाब किताब की जानकारी रजिस्टर तथा अन्य इलेक्ट्रानिक गेजेट्स सहित लगभग 50  लाख रुपये का मशरूका बरामद करते हुये आरोपियों द्वारा उपयोग किये जा रहे खातों में लगभग 15 लाख रुपये फ्रीज करने में भी सफलता अर्जीत की ।

    घटना का विवरण-
    हाल ही के दिनों में क्रिकेट के अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट एशिया कप टूर्नामेंट मैच के दौरान मैच पर ऑनलाईन सट्टा खिलाने वाले गिरोह सक्रिय होने की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व मार्गदर्शन में मुखबीर तंत्र सक्रिय किये गये जिनकी सूचना पर मीनाल क्षेत्र में कार में आनलाईन सट्टा संचालन कर रहे दो आरोपियों को मोबाइल, लेपटाप , फर्जी एकाउंट के एटीएम कार्ड तथा कुछ नगदी सहित पकडा गया जिनसे पुछताछ में उनके द्वारा बडे रुप में काल सेंटर (बुक) संचालित करना भी स्वीकार किया जिनकी निशादेही पर भोजपुर रोड स्थित आरआरजी टाउनशिप मल्टी में रेसिडेंसियल फ्लेट में संचालित ऑनलाइन सट्टे के काल सेंटर(बुक) पर रैड की गई जहां अन्य 05 आरोपी बुक संचालित करते हुये मिले जिनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बडी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड्स, एटीएम कार्ड्स, लेपटाप, नेटवर्किंग डिवाइसेस, नगदी, केश काउंटिंग मशीन इत्यादि जब्त किये गये। आरोपियों का कृत्य संगठित रुप से आनलाईन बेटिंग/सट्टा संचालित करना पाया जाने पर आरोपियों के विरुद्ध अप.क्र. 415/25 धारा 4क सट्टा एक्ट, 112(2) बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुछताछ में आरोपियों ने टेलीग्राम के माध्यम से आनलाइन सट्टे का पैनल प्राप्त कर फर्जी सिम, फर्जी खाते प्राप्त कर उनके माध्यम से बुक संचालित करना तथा लाभ अर्जित करना बताया। प्रकरण में आरोपियों के कब्जे से नगदी कुल 3,54,000/- रुपये, 02 कार ( हुंडई अलकज़ार एवं आई '10),  40 मोबाइल , 80 सिम कार्ड्स,  177 एटीएम कार्ड्स, 5 लैपटॉप, राउटर वाई फाई, 180 बैंक खातें, करेंसी काउंटिंग मशीन, एकाउंट स्कैनर काउंटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस तथा लगभग 1.5 करोड रुपये के हिसाब किताब के रजिस्टर, इत्यादि जब्त किये गये। जब्त मसरुका का कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। प्रकरण में आरोपियो से प्राप्त फर्जी खातों के एटीएम को ब्लाक कर लगभग 15 लाख रुपये फ्रीज कराये गये है।

    – आरोपियों द्वारा इंस्टाग्राम एडवर्टाइजमेंट के माध्यम से टेलीग्राम पर ऑनलाइन स्पोर्ट गेमिंग  गैम्बलिंग एप पैनल महादेव जैसे बैटिंग ऐप के बारे में ट्रेनिंग लेकर यूएसडीटी एवं इंडियन करेंसी में भुगतान कर अज्ञात लोगों से रुद्र डायमंड वेबसाइट पोर्टल पैनल का एक्सेस लेकर देश भर से लोगों को उक्त बैटिंग साइट पर आईडी प्रोवाइड कर लगातार क्रिकेट मैच तथा अन्य प्रतियोगिता के मैचों पर बैटिंग करवाकर लाखों का ट्रांजैक्शन किया जाता रहा।

    – आरोपी ग्राहकों से विभिन्न फर्जी एकाउंट्स में पैसे डलवाकर उन्हें बैटिंग प्वाइंट उपलब्ध कराते थे तथा उनकी पहचान उजागर न हो, इसलिए व्हाट्सऐप के माध्यम से आपस में कनेक्टेड होते थे।  इस अपराध में आरोपी एक-दूसरे से अपनी पहचान छुपाकर चीजों का आदान प्रदान करते थे। ताकि कोई भी बीच में पकड़ा जाए तो वह दूसरे तक पुलिस को न पहुंचा सके।

    – उक्त पकड़े गए सातों आरोपी में वेबसाइट पोर्टल पैनल पर बैटिंग संचालित कर पैसों का बड़े रूप में ट्रांजैक्शन का हिसाब भी डायरी में मिला है।

    – आरोपीगण, कॉल सेन्टर पर सेटअप फैलाकर बैटिंग ऑनलाइन सट्टा खिलाने के साथ-साथ कार से शहर की विभिन्न क्षेत्रों में जगह बदलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलवाते थे जिसे पुलिस के द्वारा मीनाल के आस-पास से पकड़कर सख्ती से पूछताछ करने पर आरआरजी कैंपस भोजपुर रोड में चला रहे कॉल सेन्टर पर रैड कर वहां से अन्य पांच आरोपियों को लैपटॉप और अनगिनत मोबाइल और एटीएम कार्ड्स सहित पकड़ा गया ।

    – पूर्व में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म महादेव एप को बैन कर दिया गया है जिसके बाद उसी के जैसे बनाये गये यह रुद्र ऐप के पैनल पर हर प्रकार की ऑनलाइन गैंबलिंग बैटिंग कराई जाती है। जिसका उपयोग आरोपीगण कर रहे थे।

    जब्त सामग्री- नगदी 3,54,000/- रुपये, 02 कार ( हुंडई अलकज़ार एवं आई 10),  40 मोबाइल , 80 सिम कार्ड्स,  177 एटीएम कार्ड्स, 5 लैपटॉप, राउटर वाई फाई, 180 बैंक खातें, करेंसी काउंटिंग मशीन, एकाउंट स्कैनर काउंटर व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस तथा लगभग 1.5 करोड रुपये के हिसाब किताब के रजिस्टर, इत्यादि कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये का मसरुका

    – लगभग 50 एटीएम ब्लाक कर उनमें लगभग 15 लाख रुपये फ्रीज कराये गये।

    नाम आरोपीगण –
    01. अरुण वर्मा पिता खिलेश्वर राव वर्मा उम्र 28 साल निवासी ग्राम कुशमी थाना पलारी जिला बालोदा बाजार छत्तीसगढ़

    02. डिगेश्वर प्रसाद वर्मा पुत्र राम प्यारे वर्मा उम्र 33 साल निवासी ग्राम खैरी थाना bhatapara जिला बालोदा बाजार छत्तीसगढ़

    03. दिव्यांशु पवार पुत्र कैलाश पवार उम्र 26 वर्ष, चंदनगाव छिंदवाड़ा

    04. गोपी मणिकपुरी पुत्र रघुनाथ दास मणिकपुरी उम्र 23 साल निवासी ग्राम  तिल्ला वार्ड नंबर 3 थाना तिल्ला जिला रायपुर

    05. अंकित दास पिता सोहन दास उम्र 23 साल निवासी वार्ड नंबर 07 रावल मार्केट अमलई जिला शहडोल

    06. तरुण वर्मा पिता परशुराम वर्मा उम्र 24 साल निवासी ग्राम तुलसी नेवरा थाना तिल्ला जिला रायपुर छत्तीसगढ़

    07. सुनील वर्मा पुत्र लेखराम वर्मा उम्र 35 साल निवासी ग्राम पलारी बस स्टैंड के पीछे वार्ड नंबर 13 थाना पलारी जिला बलौदा बाजार छत्तीसगढ़।

     

    सराहनीय भूमिका –  सहायक पुलिस आयुक्त श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे), थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, सउनि. मनोज कछवाह, प्रआर 1177 अमित व्यास, प्रआर 3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रुपेश सिंह जादौन, प्र.आर. 316 भागवत कुशवाह, प्र.आर. 1616 राजेन्द्र राजपूत, प्रआर  2307 दिनेश मिश्रा, आर. 3040 अजय कुमार,  आर. 3514 राजेश अनोटिया, म.प्र.आर 1706 रोशनी जैन, आर. 4548 मनमोहन, आर. 3581 सतीष यादव, आर 1055 प्रदीप दामले, आर 3615 राजेन्द्र साहू, टेकनिकल सेल – आर. 3457 भूपेन्द्र उईके, म.आर.3877 पल्लवी शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।

  • सरकारी नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी, 860 नई सीटें स्वीकृत; BMHRC कॉलेज बिना प्राचार्य के चलने का आरोप

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश से नर्सिंग की पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार को बीएमएचआरसी समेत 4 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई है। जिसके साथ अब गवर्नमेंट बीएससी नर्सिंग की सीटें 515 से बढ़कर 860 हो गई हैं। 

    आरोप – बिना प्राचार्य के चल रहा कॉलेज एनएसयूआई ने बीएमएचआरसी को मान्यता देने पर सवाल खड़े किए हैं। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, जिनमें भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) का नर्सिंग कॉलेज प्रमुख है।

    नियमानुसार किसी भी नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य एवं उप-प्राचार्य का होना अनिवार्य है, लेकिन बीएमएचआरसी का कॉलेज लंबे समय से बिना प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य के भरोसे संचालित हो रहा है। इतना ही नहीं, उप-प्राचार्य प्रभा गजपाल की पदोन्नति भी नियम विरुद्ध की गई है। उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर से सीधे उप-प्राचार्य बना दिया गया, जो कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के विरुद्ध है।

    परमार ने कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज को डिफिशिएंट कैटेगरी में रखा गया। यहां पोषण प्रयोगशाला, एवी सहायता प्रयोगशाला और उन्नत कौशल प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं। सभी प्रयोगशालाओं में आवश्यक सामग्री और उपकरणों की कमी है। 8 कक्षाओं के बजाय केवल 4 कक्षाएं ही संचालित हैं। जीएनएम कार्यक्रम को बीएससी कार्यक्रम में अपग्रेड कर दिया गया है, लेकिन स्टाफ को अपग्रेड नहीं किया गया।

    पक्ष – हमने सारे फॉर्मेट पूरे किए मामले में बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल प्रभा गजपाल ने कहा कि उन्हें इस विषय पर कोई भी आधिकारिक जानकारी देने से पहले संस्थान की डायरेक्टर डॉ. मनीषा श्रीवास्तव से अनुमति लेनी होगी। अभी यह जरूर बता सकती हूं कि हमने मान्यता के लिए जरूरी सभी फॉर्मेट पूरे किए हैं। यही वजह है कि हमें मान्यता दी गई।

    इन 4 सरकारी कॉलेजों को बुधवार को मिली मान्यता

        भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी)
        शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मेडिकल कॉलेज जबलपुर
        शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, ग्वालियर
        शासकीय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जबलपुर

    मंगलवार तक सिर्फ इन 4 कॉलेजों के पास थी मान्यता

        गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएमसी भोपाल
        गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, इंदौर
        गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जीएम हॉस्पिटल रीवा
        गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, उज्जैन

    8 सरकारी कॉलेजों में 860 सीटें इस साल 8 सरकारी कॉलेजों में 860 बीएससी नर्सिंग की सीटें हैं। जिनमें से 232 सीटें अनरिजर्व कैटेगरी की हैं। इस कैटेगरी में सैनिक, पीएच, एफएफ, आंगनवाड़ी/आशा वर्कर और गवर्नमेंट एनएम कोटा की सीटें हटा दें तो सिर्फ 195 सीटें शेष बचती हैं। जिनमें उन कैंडिडेट्स को एडमिशन मिल सकता है, जो न किसी कैटेगरी और न ही किसी कोटे के लिए एलिजिबल हैं।

    393 कॉलेजों ने इस साल किया आवेदन 2025-26 सत्र के लिए कुल 33 नए नर्सिंग कॉलेज और 360 पुराने कॉलेजों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था। इनमें लगभग 21 शासकीय कॉलेज शामिल थे। इसके उलट निजी कॉलेजों के मामले में बड़ी संख्या में अनुमति दी गई। जीएनएम नर्सिंग के 231 और बीएससी नर्सिंग के 188 निजी कॉलेजों को मान्यता मिल गई।

     

  • समर्थन मूल्य योजना के तहत धान, ज्वार और बाजरा के पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर

    समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन हेतु पंजीयन 10 अक्टूबर तक

    किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री  राजपूत

    भोपाल

    खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो चुका है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1255 पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं।

    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है।

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोट पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा।

    सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

    उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता

    किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।

    सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन हेतु पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।

    आधार नंबर का वेरिफिकेशन

    पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।

    किसानों को करें एसएमएस

    विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

     

  • शक्ति पर्व में अमरकंटक बिजलीघर का दमदार प्रदर्शन, सीएम यादव बोले – यही है आत्मनिर्भर ऊर्जा का प्रतीक

    69 वर्ष के इतिहास में पहली बार 365 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का बना रिकार्ड

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है।

    मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।

     ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री  तोमर

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है।

    95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ

    अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की।

    ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

    किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया।

    पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता

    मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।

     

  • श्रद्धा और शक्ति के उत्सव में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने किया कन्या पूजन

    रायपुर

    नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा और आसपास के माँ दुर्गा मंदिरों व पंडालों में पहुंचें। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री ने महाआरती में भाग लिया, श्रृंगार सामग्री अर्पित की और सेवा मंडली के साथ माता सेवा की।

    उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने काली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, चंडी मंदिर, परमेश्वरी मंदिर और ठाकुरपारा, कुम्हारपारा, राजमहल चौक, भोरमदेव रोड एवं सकरहा घाट में स्थापित दुर्गा पंडालों का दर्शन किया। उपमुख्यमंत्री ने दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं से भेंटकर नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने छीरपानी कॉलोनी, माँ विंध्यवासिनी मंदिर, महामाया मंदिर और जनपद पंचायत कार्यालय के पास स्थित पंडालों में भी मां दुर्गा के दर्शन किए और बच्चों की खेल प्रतियोगिता में भाग लिया।

    उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने वीर सावरकर सभागार, कवर्धा में आयोजित कन्या पूजन एवं भोजन कार्यक्रम में भी भाग लेकर बालिकाओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन नवरात्रि पर्व की आत्मा है और यह नारी शक्ति, मातृशक्ति एवं बालिकाओं के प्रति आदर-सम्मान का प्रतीक है। समाज में स्त्रियों का सम्मान और सशक्तिकरण ही वास्तविक प्रगति का मार्ग है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का पर्व है, जो हमें माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना कर सकारात्मक प्रेरणा देता है। उपवास, साधना, कन्या पूजन और सामूहिक भक्ति समाज में भाईचारा, सद्भाव और सेवा का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने सभी से नवरात्रि पर्व को श्रद्धा, भक्ति और आपसी सद्भाव के साथ मनाने की अपील की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की।

    इस अवसर पर  शर्मा ने सांसद  संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती गणपत सुषमा बघेल और जिला पंचायत सभापति  रामकुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • 53 फर्जी 100-रुपये नोटों के साथ दो किशोरों की गिरफ्तारी

    कांकेर

    नकली नोट खपाने की फिराक में घूम रहे दो नाबालिगों को कांकेर पुलिस ने पकड़ा है। इनके पास से 100-100 रुपए के कुल 53 जाली नोट बरामद किया गया। पुलिस ने कांकेर थाना में मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया।

    पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर को सूचना मिली थी कि दो युवक दुकानों में नकली नोट देकर सामान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईके एलीसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मोहसिन खान के निर्देशन में कांकेर पुलिस की टीम ने रेड कार्रवाई की।

    तलाशी के दौरान एक बालक के लोवर की जेब से 18 जाली नोट और दूसरे के जींस से 28 जाली नोट बरामद हुए। बाद में मेमोरण्डम के आधार पर 07 नोट और मिले। इस तरह कुल 53 नकली नोट जब्त किए गए। दोनों नाबालिगों के खिलाफ थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 358/2025 दर्ज कर धारा 179, 180, 305, 331(4) बीएनएस के तहत मामला कायम किया गया। दोनों को आज न्यायालय में पेश किया गया।

  • राज्यपाल ने विजयादशमी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

    भोपाल

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा है कि विजयादशमी हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है। यह अन्याय पर न्याय, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक और शौर्य की उपासक है। विजयादशमी त्यौहार भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और त्याग से हम सबको जीवन में धैर्य, संयम और सदाचार का पालन कर चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की कामना की है।

     

  • हेलमेट नियम में बदलाव: अब पुलिसकर्मियों पर भी लागू होगा, सख्त दंड के साथ लाइसेंस रद्द होने का खतरा

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, नियम ना मानने वालों पर बड़ी सख्ती की तैयारी की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश सरकार ने हेलमेट लगाने का नियम सभी के लिए कड़ाई से पालन करना होगा। फिर भले ही वो आमजन हो या पुलिस, सभी को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा। पुलिस विभाग की ओर से इसके आदेश जारी किए गए हैं।

    मध्य प्रदेश में अब सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी या निजी काम के दौरान दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने वालों पर न केवल चालानी कार्रवाई होगी बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निरस्ती भी की जाएगी।  पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कई बार पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों में गंभीर चोटें आने के साथ कई मौतें भी हो चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है।

    राजधानी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हर पुलिसकर्मी को हेलमेट लगाना जरूरी होगा। नियम की अवहेलना करने पर चालानी कार्रवाई को की ही जाएगी। साथ ही साथ, ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।

    सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश

    बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं.

    30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश

    राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

    हेलमेट पर सख्ती 

    कार्रवाई के बावजूद भी अगर कोई पुलिसकर्मी हेलमेट लगाए बिना टू-व्हीलर वाहन चलाते पाए जाते हैं तो ऐसे पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आपको बता दें कि, नियम का कड़ाई से पालन इसलिए भी नहीं हो पा रहा है क्योकि, कई बार देखा गया है कि, कुद पुलिसकर्मी ही वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं लगाए होते। ऐसे में आमजन के बीच ये भावना उत्पन्न होती है अगर हम हेलमेट नहीं लगाते तो चालानी कार्रवाई होती है और अगर पुलिस हेलमेट न लगाए तो कोई कारर्वाई नहीं। लोगों में बन रही ऐसी भावना से ना सिर्फ लोगों में नियम के प्रति गंभीरता नहीं दिख रही थी तो वहीं पुलिस विभाग की किरकिरी तक हो रही थी।

    सभी जिलों के एसपी को जारी किया आदेश

    बता दें कि पीटीआरआई पुलिस मुख्यालय भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मो. शाहिद अबसार द्वारा यह आदेश सभी जिलों के एसपी को भेजा गया है. इसमें स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि कोई दो पहिया वाहन चालक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई के साथ लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. अतिरिक्त पुलिस महाननिदेशक ने हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में अधीनस्थ अधिकारियों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं.

    30 जुलाई को जारी हुआ था बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश

    राजधानी भोपाल और इंदौर में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने का आदेश खत्म होने के बाद ही पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया है. बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं का आदेश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो सितंबर 29 तक के लिए था. नए आदेश के जारी नहीं होने की वजह से शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर लोगों को बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जाने लगा है. लेकिन अब हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

  • हीरे की नगरी पन्ना में फिर चमकी किस्मत, मजदूर को मिला 4 कैरेट का कीमती हीरा

    पन्ना
     पन्ना जिले में एक बार फिर यह कहावत सच साबित हुई कि यहां की धरती किसी को भी रंक से राजा बना सकती है। पन्ना शहर से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेरा माता के दर्शन कर लौट रहे एक मजदूर को सड़क किनारे जैम्स क्वालिटी का 4.04 कैरेट का हीरा पड़ा हुआ मिला। इस हीरे की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

    ​रहूंनिया गुर्जर निवासी गोविंद सिंह आदिवासी (59 वर्ष) रोज की तरह सुबह खेरा माता के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय उन्हें सड़क किनारे एक चमचमाता पत्थर दिखा, जिसे जिज्ञासावश उठाकर वह घर ले आए। परिवार को दिखाने पर उन्हें यह हीरे जैसा लगा, जिसके बाद वे इसे लेकर हीरा कार्यालय पहुंचे। हीरा पारखी अनुपम सिंह ने जब पत्थर की जांच की, तो वह 4.04 कैरेट का जेम्स क्वालिटी का हीरा निकला। ​गोविंद सिंह और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा।

    नीलामी के पैसों से घर बनवाएंगे गोविंद

    गोविंद सिंह ने बताया कि वे सब्जी की खेती करते हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे माता रानी से प्रार्थना कर रहे थे कि वे ट्रैक्टर खरीद सकें। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी से मिलने वाले पैसों से वे पहले अपना अधूरा मकान बनवाएंगे और अगर अच्छी रकम मिली तो ट्रैक्टर भी खरीदेंगे। हीरो पार्क की अनुपम सिंह ने बताया कि यह जैम्स क्वालिटी का हीरा है जिसकी मार्केट में अच्छी डिमांड होती है इस हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा।

     

  • इतिहास और बलिदान की मिसाल: गुरु बालक दास पर बनी फिल्म की तारीफें, छत्तीसगढ़ में टैक्स

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में पिछले कई समय से सिर्फ प्रेम और हास्य पृष्ठभूमि पर तो कई तरह की फिल्में लोग बनाते हैं. लेकिन कुछ लोगों ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ओर रूख कर लिया है. दरअसल, सतनामी फिल्म प्रोडक्शन रायपुर ने बहुचर्चित छत्तीसगढ़ की पहली ऐतिहासिक फिल्म ‘बलिदानी राजा गुरु बालक दास’ बनाई है. जिसकी यहां जमकर तारीफ हो रही है. इसके अलावा इस ऐतिहासिक फिल्म को छत्तीसगढ़ में टेक्स फ्री कर दिया गया है.

    बता दें कि बीते दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी में स्थित अंबुजा मॉल के सिनेमाघर में छत्तीसगढ़ी फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” को देखने पहुंचे थे. यहां सीएम साय ने घोषणा करते हुए कहा कि फिल्म “बलिदानी राजा गुरु बालकदास” को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक दर्शक इस प्रेरणादायी गाथा को देख सकें और अपने इतिहास और विरासत से जुड़ सकें.

     आज विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी के साथ बलिदानी राजा गुरु बालकदास जी के जीवन पर बनी ऐतिहासिक फिल्म 'बलिदानी राजा गुरु बालकदास' को सिनेमा हॉल में देखा।

    गुरु घासीदास के द्वितीय सुपुत्र, महान प्रतापी राजा वीर बलिदानी गुरु बालकदास के जीवन दर्शन व शौर्य पर आधारित इस फिल्म में गुरुजी के बचपन से लेकर उनके बलिदान होने तक के सभी प्रसंगों को बखूबी दिखाया गया है. छ.ग. के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह और गुरु बालकदास की आपसी मित्रता से छ.ग. के सर्वसमाज के लोगों को अपने हक, अधिकार और स्वाभिमान को जगाने के लिए दिए योगदान का भी फिल्मांकन किया गया है. फिल्म के निर्देशक अमीर पति और संवाद किस कुर्रे ने का है. फिल्म को बनाने में लगभग तीन वर्ष लगे हैं, जिसकी शूटिंग भण्डारपुरी, नया रायपुर, न्यू राजेंद्र नगर, अमलेश्वर, ओडिशा और हैदराबाद में की गई है.

    फिल्म में टाइटल सॉन्ग सहित कुल चार गाने हैं, जिसके गीतकार धन्नु पवन महानंद और सिंगर अनुराग शर्मा, सुनील सोनी, कंचन जोशी व डॉ. देवेश डहरिया ने अपने मधुर स्वर में गीत गाया है. इस फिल्म में गुरु बालकदास की भूमिका ओम त्रिपाठी, गुरु आगरदास की भूमिका मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, शहीद वीर नारायण सिंह की भूमिका पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और पंडित सूत्रधार की भूमिका पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने निभाई है.

     

  • अब घर बैठे बनाएं ड्राइविंग लाइसेंस, परिवहन विभाग ने फेसलेस सेवाओं का विस्तार किया

    भोपाल 

    अब ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, ट्रांसफर सर्टिफिकेट या बैंक कर्ज अदा होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। परिवहन विभाग ने फेसलेस सर्विस एक्सटेंशन प्रोजेक्ट के तहत सेवाओं की संख्या 51 कर दी है।इसकी शुरुआत परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने की।

    कार्यक्रम में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, सचिव मनीष सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा मौजूद रहे। परिवहन मंत्री सिंह ने कार्यक्रम के दौरान राहवीर योजना के तहत घायलों की मदद करने वालों को सम्मानित किया गया।
    ऐसे ले सकेंगे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ

        आवेदन और स्वीकृति अब ‘वाहन’ और ’सारथी’ पोर्टल से।
        आवेदक के मोबाइल पर ओटीपी और आपत्तियों की सूचना मिलेगी।
        शादी, पार्टी या सीजनल बिजनेस के लिए बसों के अस्थाई परमिट ऑटो-अप्रूवल सिस्टम से मिलेंगे।
        वाहन कर जमा करना हो या अन्य राज्यों के वाहनों का टैक्स सब कुछ ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल से होगा।
        प्रदूषण जांच को पारदर्शी बनाने के लिए पीयूसी 2.0 सिस्टम लागू किया गया है।
        जल्द ही प्रदेश में ई-डिटेक्शन चालान प्रणाली लागू होगी। नियम उल्लंघन पर स्वत: चालान कटेगा।

    51 सेवाएं हुईं फेसलेस

    नई व्यवस्था में लर्निंग लाइसेंस, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पता-नाम बदलवाना, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, कंडक्टर लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट फिटनेस सर्टिफिकेट, कमर्शियल परमिट, अस्थाई परमिट जैसे काम ऑनलाइन होंगे। आवेदकों को सभी प्रमाणपत्र व दस्तावेज कोरियर के माध्यम से घर भेजे जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में फेसलेस सेवा की शुरुआत भोपाल से हुई है। विभाग जल्द ही इसे पहले प्रदेश के बड़े शहर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में लागू करेगा, इसके बाद पूरे प्रदेश में विस्तार होगा।

    मंत्री बोले- विभाग के कई पद खाली पड़े

    उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में कई पद खाली पद खाली पड़े हुए हैं। इन हालात में काम करना आसान नहीं है। यह विभाग प्रदेश के उन विभागों में गिना जाता है, जहां कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। आज भी केवल 1100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा पद पदोन्नति, रिटायरमेंट और अन्य कारणों से खाली पड़े हुए हैं।

    पहले लाइसेंस या वाहन पंजीयन जैसी साधारण सेवाओं के लिए लोगों को दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों और बिचौलियों का बोलबाला था। आने वाले समय में विभाग में 175 कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए जा रहे हैं।

  • जो सपने रह गये अधूरे, अब उन्हें मौका है पूरा करने का : संजय श्रीवास्तव

    रायपुर

    नागरिक आपूर्ति निगम मुख्यालय नवा रायपुर में पदस्थ श्री सत्यनारायण सूर्यवंशी (एजीएम) को 62 वर्ष की अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्त के अवसर पर भावभीनी बिदाई दी गई। यह समारोह दिनांक 30 सितम्बर 2025 को निगम के मुख्यालय नवा रायपुर स्थित सभा कक्ष में आयोजित किया गया। इस अवसर पर निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी कों शाल, श्रीफल देकर सम्मानित किया। निगम कि ओर से उन्हे स्मृति चिन्ह, उपहार भी भेट किये गये।

    अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने अपने उदबोधन में कहा की रिटायरमेंट एक ऐसा समय है जब एक व्यक्ति अपने जिदंगी के एक महत्वपूर्ण अध्याय को पूरा करके नये सफर की शुरूआत करता है। रिटायरमेंट का पल हर इंशान के जीवन का एक खास मोड़ होता है। यह एक भावनात्मक क्षण है।   श्री एस.एन. सूर्यवंशी ने निगम की प्रगति में लगभग 37 वर्षो तक निष्ठापूर्ण सेवा देकर निगम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होनें सेवानिवृत्त अधिकारी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद, एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दी।
        
    इस अवसर पर निगम मुख्यालय रायपुर से प्रभारी प्रबंध संचालक/कार्यपालन संचालक वित्त  राजेश कुमार सिसोदिया, कंपनी सचिव-संदीप अग्रवाल, एजीएम-श्रीमती हेलना तिग्गा, महेन्द्र साहू, एस.बी. खापर्डे, डिप्टी एजीएम-मनोज वर्मा, श्रीमती प्रज्ञा कदम, त्रिनाधा रेड्डी, मैनेजर-टीके यदु श्रीमती शिर्षा राव, एन.के. मिश्रा, कर्मचारी संघ के महामंत्री अमृतांशु शुक्ला के साथ-साथ किशन चेलक, रजीत जैन, दिवाकर राव कदम, केशर सिंह मरकाम, शशी शर्मा, मनहरण यादव, पुनित धुव्र एवं निगम मुख्यालय के समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

  • वृद्धजनों की सेवा और सम्मान के लिए समाज को होना होगा संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी हों संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन को किया नमन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजन की नि:स्वार्थ सेवा और सम्मान के लिए सभी प्रदेशवासियों से संकल्पित होने का आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवतुल्य वृद्धजन को नमन करते हुए कहा कि वृद्धजन किसी भी संस्कृति, राष्ट्र, समाज और परिवार के सशक्त आधार होते हैं, उनके विराट अनुभव, ज्ञान और संस्कार से युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा लेते रहना चाहिए।

    15 लाख 75 हजार वृद्धजन को प्रतिमाह उपलब्ध कराई जा रही है पेंशन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजन के मान-सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से राज्य के 15 लाख 75 हजार से अधिक वृद्धजन नियमित रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये राशि पेंशन के रूप में अंतरित की गई।

     

  • बस्तर दशहरा उत्सव में अद्भुत निशा जात्रा, देवी-देवताओं को प्रसन्न करने की सदियों पुरानी रस्म

    जगदलपुर

    बस्तर में तांत्रिक पूजा के जरिए देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए राजा कमलचंद भंजदेव ने देर रात निशा जात्रा की रस्म पूरी की. इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि दी गई.

    बस्तर दशहरा की इस अनूठी रस्म के जरिए बस्तर को बुरी प्रेत आत्माओं से बचाने की प्रार्थना की जाती है, अष्टमी और नवमी तिथि के बीच देर रात को यह रस्म निभाने की परंपरा 600 साल पुरानी है.

    इस रस्म के तहत देर रात को राजा कमलचंद भंजदेव के साथ बस्तर राज परिवार के प्रमुख सदस्य मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग पैदल चलकर अनुपमा चौक स्थित गुड़ी (मंदिर ) पहुंचे.

    मंदिर में तांत्रिक पूजा-अर्चना कर बस्तर के लोगों की खुशहाली और बस्तर को नकारात्मक शक्तियों से बचाने की प्रार्थना की गई. इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि दी गई.

  • मतदाता सूची अपग्रेड में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर ने किया निलंबित

    भोपाल 
    मतदाता सूची अपग्रेड करने के काम में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निलंबित कर दिया है। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। बीएलओ को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन सही जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। अब अन्य बीएलओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने 77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस दिए थे।

    बीएलओ पर कार्रवाई

    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण-2025) के तहत भोपाल में भी पुनरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत मतदाता सूची का अपडेशन नए तरीके से किया जा रहा है। जिसमें साल 2003 की मतदाता सूची से 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जो मतदाता 2003 की मतदाता सूची में थे। वह और उनके परिवार स्वतः ही 2025 की मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे। अन्य मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ डोर टू-डोर सर्वे के जरिए करेंगे। इस संबंध में समस्त मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज दिखाने के बाद ही उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसी काम में बीएलओ पर कार्रवाई की गई है।

    इन्हें किया निलंबित

    मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत बीएलओ शेरसिंह सिकरवार, विवेकानंद मुखर्जी, शंभू सिंह रघुवंशी और रोशनी प्रजापति पर कार्रवाई हुई है। साथ ही कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सिंह ने जिले के सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • राज्यपाल पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन

    राज्यपाल  पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन

    कन्याओं को उपहार प्रदान किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की

    भोपाल

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल महानवरात्रि पर्व पर राजभवन परिसर स्थित मंदिर में कन्या पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्याओं को तिलक लगाकर मिष्ठान और उपहार भेंट किए। राज्यपाल  पटेल ने माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की। प्रदेश और देश के विकास और निवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

    इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अरविंद पुरोहित, नियंत्रक हाउसहोल्ड मती शिल्पी दिवाकर सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।                                           

     

  • भीषण सड़क दुर्घटना में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की जान बची

    चिरमिरी

    छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी बुधवार को सड़क हादसे में बाल-बाल बचे. जन्मदिन के मौके पर वह आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चिरमिरी जा रहे थे. इसी दौरान उनकी कार एक ट्रक से जा भिड़ी. गनीमत रही कि कार में सवार मंत्री जायसवाल और जवान सुरक्षित रहे.

    जानकारी के मुताबिक, मंत्री जायसवाल अपने जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने चिरमिरी जा रहे थे. इसी दौरान चिरमिरी के छठ घाट स्थित मंगलम होटल के पास मंत्री की गाड़ी अचानक एक ट्रक से जा भिड़ी. हादसे में फॉर्च्यूनर कार क्षतिग्रस्त हो गई. तेज धमाके जैसी आवाज़ से कुछ क्षण के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन को मोड़ते वक्त अचानक सामने आए ट्रक से टक्कर हो गई. हादसे में गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है. हालांकि मंत्री के सुरक्षित रहने की खबर से समर्थकों और प्रदेशवासियों ने राहत की सांस ली. मंत्री जायसवाल हादसे के बाद अपने निर्धारित दौरे पर आगे बढ़ गए.

  • MP में बारिश का नया ट्रेंड: अगले 4 दिन रहेगा अलर्ट, अक्टूबर में मौसम में उतार-चढ़ाव

    भोपाल 

    वर्षाकाल का सीजन भले ही 30 सितंबर को खत्म हो गया हो, लेकिन चक्रवाती संरचना के कारण मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत 10 जिलों में पानी गिरा। बैतूल में एक घंटे में आधा इंच से अधिक बारिश हुई। प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की मानें तो 4 अक्टूबर तक एमपी में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं इसके बाद तेज बारिश(Heavy Rain) हो सकती है। विदाई से पहले झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।

    वहीं, अब तक 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून लौट जाएगा। इस बार सितंबर में भी बारिश का कोटा पूरा हो गया। औसत 45.2 इंच पानी गिरा, जो सामान्य बारिश 37.3 इंच के मुकाबले 7.8 इंच अधिक है।

    अब बात अक्टूबर महीने की। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। ग्वालियर में पारा रिकॉर्ड 39 डिग्री तक पहुंच चुका है तो भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ बारिश भी हुई है।

    भोपाल-ग्वालियर समेत 10 जिलों में बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। बैतूल में डेढ़ इंच पानी गिर गया। बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच, दतिया में आधा इंच से ज्यादा और ग्वालियर में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, जबलपुर, सागर, डिंडौरी, मुरैना में भी बूंदाबांदी हुई।

    पन्ना में आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे रूप सिंह यादव (40) की मौत हो गई। वह बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे छिपा था। भाई बुध सिंह यादव ने बताया कि रूप सिंह एक हाथ से दिव्यांग था। उसने शादी नहीं की थी। भैंसों को चराकर अपना भरण-पोषण करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था।

    12 जिलों से विदा हो चुका मानसून अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है।

    बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है।

    गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। यहां 65.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं।

    शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिर चुका है।

    इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया।

    दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है।

    बैरागढ़ में कम, अरेरा हिल्स में

    इस बार शहर में मानसून आगमन के बाद जून और जुलाई माह में अच्छी बारिश(Heavy Rain) हुई थी, लेकिन अगस्त और सितंबर में कम बारिश हुई। पिछले 122 दिनों में शहर में बैरागढ़ में 1022.2 मिमी बारिश हुई है, हांलाकि अरेरा हिल्स में 1200 मिमी से अधिक बारिश हुई है। लेकिन शहर का कोटा बैरागढ़ में हुई बारिश के आधार पर भी है। इस लिहाज से इस साल सामान्य से 2 इंच कम बारिश इस बार सीजन में हुई है। पूरे मानसूनी सीजन में बारिश 1075.2 मिमी होना चाहिए।

    मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में भोपाल में 32.6°C डिग्री, इंदौर में 32.8°C डिग्री, ग्वालियर में 35.6°C डिग्री, उज्जैन में 31.0°C डिग्री और जबलपुर में 33°C डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    बारिश होने के के कारण कई शहरों में दिन के तापमान में थोड़ी कमी दर्ज की गई। पचमढ़ी में दिन का तापमान 25.4 डिग्री तक आ गया। पृथ्वीपुर में 37.0 डिग्री, ग्वालियर में 35.6 डिग्री, खजुराहो में 35.2 डिग्री, श्योपुर में 35.0 डिग्री और सतना में 33.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस पृथ्वीपुर में दर्ज किया गया।

    मध्यप्रदेश का मानसून मीटर

    मध्यप्रदेश में इन दिनों कहीं-कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश की औसत वार्षिक बारिश 37.2 इंच है, जबकि इस सीजन में अब तक 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह कुल लक्ष्य को पार कर चुका है यानी अबतक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

    बता दें कि एमपी में अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इसका मतलब है कि इस समय तक 7.8 इंच ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, पिछले मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।

    मध्यप्रदेश के 41 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया शामिल हैं। कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा 150 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है, जबकि श्योपुर में 213 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

    मंगलवार को MP के बिछिया में 42.8 मिमी, ग्वालियर में 30.4 मिमी, मोहनगढ़ में 30.0 मिमी, रामनगर में 18.4 मिमी, भैंसदेही में 18.0 मिमी और कोलारस में 14.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।