• रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रतनपुर महामाया मंदिर में नवरात्रि पर की पूजा अर्चना

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रतनपुर महामाया मंदिर में नवरात्रि पर की पूजा अर्चनामुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रतनपुर स्थित ऐतिहासिक महामाया मंदिर पहुँचकर मां महामाया का दर्शन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने मंदिर प्रांगण में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की और उन्हें नवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। 

    इस अवसर पर विधायक  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष  दीपक सिंह ठाकुर, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह सहित महामाया ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • टिकट बुकिंग आसान नहीं रहेगी! आज से होने वाला बदलाव जानें

    भोपाल
    आम रेल यात्रियों को आरक्षित टिकट आसानी से उपलब्ध कराने और दलालों द्वारा हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। अब 1 अक्टूबर से सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 15 मिनट के दौरान केवल आधार-प्रमाणित उपयोगकर्ता ही IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से आरक्षित टिकट बुक कर पाएंगे। इस व्यवस्था से आम जनता को शुरुआती समय में कन्फर्म टिकट मिलने की सुविधा सुनिश्चित होगी।

    एजेंटों पर रोक बरकरार
    रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों पर टिकट बुकिंग की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 10 मिनट तक अधिकृत एजेंटों पर पहले से लागू रोक भी जारी रहेगी। यानी एजेंट पहले दिन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में शुरुआती समय में शामिल नहीं हो पाएंगे।
     
    आम उपयोगकर्ताओं के हित में यह पहल
    भोपाल मंडल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि रेलवे की यह पहल आम उपयोगकर्ताओं के हित में है। इससे टिकट खरीदने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बिचौलियों या बेईमान पर रोक लगेगी। यात्रियों भी IRCTC आईडी को आधार से प्रमाणित कर लें, ताकि उन्हें इस सुविधा का लाभ आसानी से मिल सके।

  • हत्या के आरोपी को जनकपुर पुलिस ने 24 घटे के अंदर किया गिरफ्तार…

    जनकपुर
    जनकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लाखनटोला में  दिनांक 29 सितंबर की सुबह रोड के किनारे युवक की लाश मिली थी। मृतक का नाम बृज कुमार यादव पिता जगजीवन यादव उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत लाखनटोला के हरिजनपारा का था। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा जनकपुर पुलिस को दी गई। इसके बाद जनकपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के पिता जगजीवन यादव जाति अहीर ने पुलिस को सूचना दी की इनका लड़का बृज कुमार यादव को कोई अज्ञात व्यक्ति ने धारदार कल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दिया है। 
    जिसकी सूचना जनकपुर पुलिस द्वारा एसडीओपी भरतपुर और पुलिस अधीक्षक एमसी बी को दिया गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी जनकपुर एवं चौकी प्रभारी कवांरपुर कि पृथक पृथक टीम गठित कर विवेचन किए जाने एवं अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का आदेश दिया गया। जहांपलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध धारा 194 बीएनएसएस तथा अपराध धारा 103(1) बीएस का कायम कर विवेचना में लिया गया।

    जांच में एफएसएल टीम एवं डॉग स्कॉर्ट मौके पर उपस्थित रही। परिजनों एवं आम ग्रामीणों से बातचीत कर साक्ष्य एकत्र किए गए एवं आरोपी का पता तलाश करने का हर संभव प्रयास किया गया जिस पर घटना के 24 घंटे के अंदर ही आंधी कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना जनकपुर पुलिस कामयाब हो सकी।
    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 सितंबर 2025 को बृज कुमार पुरुषोत्तम ननकू बंटी तीर्थ और राजेश सभी मुर्गा खाने और शराब पीने का कार्यक्रम तरतोरा बांध के किनारे बनाए थे जहां रात्रि 8:00 बजे खाना पीना खाकर सभी अपने-अपने घर की ओर चल दिए। जहां पुरुषोत्तम बैगा अपनी मोटरसाइकिल में बृज कुमार को बैठक घर की ओर चल दिया। तभी रास्ते में पुरुषोत्तम बैगा ने बृज कुमार से बोला कि तुम लोग मेरे बाप दादा की जमीन में जबरन कब्जा कर लिए हो इसी बात पर नाराज होकर बृज कुमार यादव ने पुरुषोत्तम बैगा को मां बहन की गाली देने लगा। इसी बात पर नाराज होकर पुरुषोत्तम बैगा अपने घर के पास पहुंचकर बृज कुमार यादव को अपने घर जाने के लिए कहां । मगर बृज कुमार यादव घर ना जाकर लगातार गालियां देता रहा जिस पर पुरुषोत्तम बैगा अपने घर से टांगी लेकर आया और टांगी से तीन चार हमला बृज कुमार के ऊपर कर दिया। पुरुषोत्तम ने इतनी जोर से टांगी चलाया की टांगी का बेट टूटकर दूर फेका गया। इसके बाद पुरुषोत्तम ने बृज कुमार यादव के शव को घसीटकर रोड के दूसरी तरफ लगभग 30 मीटर दूर ले गया और अपनी मोटरसाइकिल को घर के अंदर परछी में खड़ा कर दिया। और घटना के समय पहने कपड़ा को घर के अंदर एक कमरे में छुपा दिया वही टांगी का टूटा हुआ बेट को दूसरे कमरे में छुपा कर जंगल की ओर चला गया।

    जहां जनकपुर पुलिस द्वारा गहन परिश्रम एवं लगातार दबिश देकर आरोपी पुरुषोत्तम बैगा को गिरफ्तार किया।
    घटना में उपयोग की गई टांगी का बेट , घटना के समय पहने आरोपी के कपड़े तथा आरोपीक मोटरसाइकिल को जप्त कर लिया गया है।

  • लाखों की लागत से बने सामुदायिक के शौचालयों में कई साल से लटक रहे ताले

    लाखों की लागत से बने सामुदायिक के शौचालयों में कई साल से लटक रहे ताले

    जनकपुर

    जनपद क्षेत्र मिली जानकारी के अनुसारभरतपुर में कई  सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण तो हुआ है, लेकिन संचालन और रखरखाव की कमी है,जिससे कई शौचालयअनुपयोगी हैंभ्रष्टाचार के कारण भी निर्माण कार्य बाधित हुआ है, जिसके चलते शौचालयों में ताले लगे हैं एमसीबी जिला का है जहां अविभाजित कोरिया जिला अंतर्गत जनपद क्षेत्र भरतपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 53 सामुदायिक शौचालय की स्वीकृति दिनांक 8 दिसम्बर 2020 को मिली थी। जहां प्रति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की लागत 4 लाख 40 हजार रूपए थी। जिसमें 3 दुकान के साथ सामुदायिक शौचालय भी बनना था। जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत थी। कागज़ों में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाकर राशि ख़र्च कर दिया गया। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्र के  लोगों ने बताया कि जहां जनपद क्षेत्र भरतपुर अंतर्गत लगभग 50 सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी नहीं लगाई गई। और बिना पानी के शौचालय का होना व्यर्थ है। जनकपुर,ककलेडी,मसर्रा,बेनीपुरा,चुटकी,तिलौली,चांटी, च्यूल, सेमरिया,जैंती,बरहोरी,फूलझर,कुवांरपुर,खमरौध , ,जुईली,घघरा , अक्तवार जैसे कई ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है।

    इनका कहना है

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी भरतपुर अजय सिंह राठौर का कहना है कि जांच करवाता हूं। निर्माण के समय जो सचिव ग्राम पंचायत पर पदस्थ थे उनसे जानकारी लेकर कार्य पूर्ण करवाने को कहा जाएगा।

  • भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे सेंटर पर 2 दिवसीय अफसर कॉन्फ्रेंस, विकास का रोडमैप होगा तैयार

    भोपाल 
     मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 7 और 8 अक्टबूर को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में कलेक्टर-कमिश्नर, एसपी, आईजी-डीआईजी के साथ पहली कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस कांफ्रेंस के आठ मुख्य बिंदु तय किए गए हैं। जिसके बार में मंत्रालय के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी जानकारी देंगे।

    दो दिन की बैठक में तैयार होगा रोडमैप

    जानकारी के मुताबिक, सीएम डॉ मोहन यादव इस कांफ्रेंस में अपनी प्राथमिकताएं देंगे। जिसमें साल भर का रोडमैप तैयार किया जाएगा और पैमाने पर परफॉर्मेंस मॉनिटर की जाएगी। इस कॉफ्रेंस में नगरीय निकायों के कमिश्नर और जिला पंचायत सीईओ को बुलाया जाएगा। बैठक में सभी के साथ ग्रुप डिस्कशन होगा। वहीं, आईएएस अफसरा और पुलिस विभाग के आला-अफसरों का भी एक सत्र होगा।

    किस मुद्दे पर कौन से विभाग का अफसर बोलेगा

    नगरीय प्रशासन विभाग की पीएम आवास योजना, अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन पर संजय दुबे जानकारी देंगे। गुड गवर्नेंस के राजस्व मामलों का निपटारा और डिजिटलाइजेशन, भूमि अधिग्रहण समेत कई अन्य मुद्दों पर संजय कुमार शुक्ला जानकारी देंगे। क्राउड मैनेजमेंट, रोड सेफ्टी, क्रिमिनल लॉ और एयर एंबुलेंस के मुद्दे पर शिवशेखर शुक्ला जानकारी देंगे। सिकल सेल, पोषण, अस्पताल के जुड़े मुद्दों पर संदीप यादव जानकारी देंगे।

    वहीं, स्किल डेवलपमेंट, एमएसएमई लोन स्कीम, उद्योगों को जमीन का आवंटन, पीएम गतिशक्ति, स्टार्टअप सहित दूसरे मामलों की जानकारी राघवेंद्र कुमार सिंह देंगे। खाद-बीज, नरवाई प्रबंध, प्राकृतिक खेती, सिंचाई की प्लानिंग, दूध उत्पादन सहित दूसरे मामलों की जानकारी अशोक वर्णवाल देंगे। एडमिशन और ड्रॉप आउट रेट, शिक्षा की गुणवत्ता समेत दूसरे मामलों की जानकारी देने का जिम्मा संजय गोयल पर है। पीएम जनमन, दजगुआ, पीएम आवास व स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), मनरेगा, आजीविका मिशन, पंचायती राज, ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, इको सेंसेटिव जोन समेत कई दूसरे मामलों की जानकारी दीपाली रस्तोगी देंगी। 

  • गजराज की निगरानी अब होगी हाईटेक! गज रक्षक ऐप में सायरन, नोटिफिकेशन और ऑफलाइन मोड जैसी सुविधाएं

    उमरिया
     बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ तो है ही, लेकिन पिछले कुछ सालों से ये हाथियों का भी गढ़ बन चुका है. हाथियों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है. हाथियों ने बांधवगढ़ को अपना स्थाई अड्डा बना लिया है. लगभग पूरे शहडोल संभाग में हाथियों की मूवमेंट देखने को मिलती है. साल भर वे धमाचौकड़ी मचाते नजर आते हैं. शहडोल, अनूपपुर, उमरिया सभी जिले हाथियों से प्रभावित हैं.

    हाथियों के मूवमेंट के दौरान अक्सर ही हाथी-मानव द्वंद की स्थिति बनती है. ऐसे में हाथियों के हर एक मूवमेंट के बारे में जानकारी के लिए अब इनकी निगरानी भी हाईटेक होने जा रही है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है, गज रक्षक अब हाथियों से करेगा रक्षा. इस पहल से हाथी-मानव संघर्ष को रोकने में मदद मिलेगी.

    क्या है गज रक्षक ऐप?

    गज रक्षक ऐप, जैसा नाम वैसा काम. हाथियों से रक्षा के लिए ये ऐप तैयार किया गया है. वैसे तो इस ऐप की लॉन्चिंग विश्व बाघ दिवस 29 अगस्त को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा की गई थी. इस मोबाइल एप्लिकेशन को वन विभाग मध्य प्रदेश, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट और कल्पवैग कंपनी के सहयोग से तैयार किया गया है. बांधवगढ़ में 26 से 29 सितंबर तक इस ऐप की ट्रेनिंग वनकर्मियों को दी जा चुकी है.

    गज रक्षक ऐप के फायदे

    गज रक्षक ऐप के फायदों के बारे में बताते हुए बांधवगढ़ के डायरेक्टर अनुपम सहाय ने कहा, "इस ऐप के माध्यम से हाथियों की रियल टाइम लोकेशन की जानकारी लगेगी. उनके मूवमेंट और व्यवहार की जानकारी भी ये ऐप उपलब्ध कराएगा. गांव के नजदीक हाथियों के आते ही इसके माध्यम से समय रहते अलर्ट मिल जाएगा, जिससे हाथी मानव द्वंद को रोकने में सहायता मिलेगी. इससे हाथियों की मॉनिटरिंग आसान होगी."

    मूवमेंट ट्रैक किया जा सकेगा

    खेतों में लगी फसल की जानकारी से लेकर हाथी जिन जगहों पर लगातार मूवमेंट करते हैं. उनके रोजमर्रा के स्थलों और विद्युत लाइन की जानकारी इकट्ठा करके रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. जिससे हाथी-मानव द्वंद को कम किया जा सकेगा. इसके अलावा हाथियों की करेंट लोकेशन मिलते ही स्थानीय जनसमुदाय को व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना देकर उन्हें सतर्क किया जा सकेगा.

    हाथियों के लिए हाईटेक ऐप

    गज रक्षक एक हाईटेक ऐप है, जिससे हाथियों की निगरानी डिजिटल तरीके से की जा सकेगी. इसमें एसएमएस अलर्ट, वॉइस कॉल, पुश नोटिफिकेशन, सायरन, और ऑफलाइन मोड जैसी सुविधाएं भी दी गई है, जो हाथियों की निगरानी में बहुत कारगर साबित हो सकती हैं. ऐप से हाथियों पर निगरानी रखने वाला व्यक्ति उनकी यथास्थिति के बारे में जानकारी साझा करेगा. साथ ही हाथियों की फोटो खींचकर और करंट लोकेशन ऐप पर अपलोड करेगा. साथ ही बताएगा कि हाथी अकेला विचरण कर रहा है या फिर झुंड में है. यह जानकारी हाथियों की करंट लोकेशन से 10 किलोमीटर के दायरे में ऐप यूजर्स को मिल जाएगी. इससे हाथी-मानव द्वंद को कम करने और हाथियों के संरक्षण में सहयोग मिलेगा.

    बांधवगढ़ सहित अन्य जिलों के वन स्टाफ को ट्रेनिंग

    गज रक्षक ऐप को लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ट्रेनिंग जारी है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास के कई जिलों के कर्मियों को ट्रेंड किया जा रहा है. खासकर उन इलाके के वनकर्मियों को जहां हाथियों का मूवमेंट अधिक रहता है. जैसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, संजय दुबरी टाइगर रिजर्व, नॉर्थ शहडोल, साउथ शहडोल, अनुपपुर, सीधी, सिंगरौली, सतना, उमरिया, डिंडोरी के वन कर्मचारियों को इस ऐप की ट्रेनिंग दी जाएगी.

    बांधवगढ़ में कितने हाथी

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्तमान में काफी संख्या में हाथी है. वैसे तो यहां पहले भी हाथी आते थे, लेकिन अब हाथियों ने इसे अपना स्थाई ठिकाना बना लिया है. साल 2018 में 40 हाथियों का एक झुंड आया था फिर वो वापस नहीं गया. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में स्थायी रूप से रहने लगा है. इन हाथियों की संख्या अब लगभग 60 से 65 तक पहुंच गई है, जो लगातार बढ़ती ही जा रही है. फसलों के समय में ये हाथी ग्रामीण इलाकों में भी कभी-कभी मूव करते हैं.

    हाथियों को बांधवगढ़ क्यों पसंद आया

    एक्सपर्ट बताते हैं "हाथी या फिर कोई भी वन्य प्राणी हो, वह वहीं रुकेगा जहां उसे पीने के लिए पर्याप्त पानी, खाने को भोजन मिले और रहने को सुरक्षित आवास मिले. जहां ये सुविधाएं मौजूद होती है, जंगली जानवर अपना बसेरा बना लेते हैं. हाथियों के लिए ये तीनों ही चीजें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आसानी से मिल रही है. इसलिए हाथियों के लिए यह जगह फेवरेट हो गई है. इसके अलावा वे वहां सुरक्षित भी महसूस करते हैं. "

    हाथियों का गढ़ बना शहडोल

    शहडोल संभाग जो आदिवासी बाहुल्य है. इसमें शहडोल, अनूपपुर, उमरिया सहित तीन जिले आते हैं. यहां जंगल बहुत घना है और प्राकृतिक संपदा से भरपूर है. यही वजह है कि इस इलाके में तरह-तरह के वन्य प्राणी और दुर्लभ पक्षी रहते हैं. फिलहाल ये तीनों जिले हाथियों के गढ़ बन चुके हैं. यहां साल भर हाथियों का मूवमेंट रहता है. ये जिले छत्तीसगढ़ राज्य से सटे हुए हैं. इस कारण वहां से भी हाथियों की मूवमेंट होती रहती है. 

  • इंदौर में मेट्रो ट्रायल रन जल्द, लेकिन यात्रियों को सफर के लिए 1 साल और इंतजार

    इंदौर 

    इंदौर में मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन अब तक 13 किलोमीटर का हो चुका है। कुल 17 किलोमीटर तक इसका ट्रायल रन रेडिसन चौराहे तक होगा। दीपावली के बाद यह ट्रायल किया जाएगा, लेकिन इसके संचालन में अभी समय लगेगा, क्योंकि मेट्रो के स्टेशन अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुए हैं।

    अफसरों की प्राथमिकता चंद्रगुप्त मौर्य प्रतिमा स्टेशन, सुखलिया ग्राम स्टेशन, विजय नगर और रेडिसन चौराहा स्टेशन बनाने की है। फरवरी तक इन स्टेशनों का काम समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अगले साल तक मेट्रो का संचालन 17 किलोमीटर हिस्से में किया जा सके। यहां तक मेट्रो के चलने के बाद यात्रियों के लिए भी सुविधा होगी। सुपर काॅरिडोर की आईटी कंपनी व काॅलेजों में पढ़ने वाले विजय नगर व आसपास के हिस्सो में रहते हैं।

    घट गई यात्री, एक फेरे में दस-पंद्रह यात्री

    फिलहाल मेट्रो का संचालन छह किलोमीटर हिस्से में हो रह है, लेकिन मेट्रो कार्पोरेशन को इससे आय नहीं हो रही है, क्योंकि एक बार के फेरे में दस से पंद्रह यात्री ही सफर कर रहे हैं। इस कारण अब मेट्रो ट्रेन के संचालन में फेरबदल भी किया गया है। चार माह पहले जब इंदौर में मेट्रो का संचालन शुरू हुआ था तो अधिकतम 25 हजार तक एक दिन में यात्रियों ने सफर किया था, लेकिन अब यात्रियों की संख्या 50 से 100 तक सिमट गई है। इस कारण मेट्रो के संचालन की लागत भी नहीं निकल पा रही है, जबकि मेट्रो के संचालन और स्टेशन पर 300 से ज्यादा कर्मचारियों का स्टाॅफ रखा गया है।

    दरअसल शहरवासी मेट्रो को देखने के लिए उसमे सफर कर रहे थे। अभी जिस हिस्से में मेट्रो का संचालन हो रहा है वहां न तो बसाहट है और न ही कोई औद्योगिक क्षेत्र। इस कारण वहां मेट्रो को वास्तविक यात्री नहीं मिल रहे है। अभी भी लोग जरुरत के बजाए शौकिया तौर पर मेट्रो के सफर का आनंद लेने जा रहे हैं।

    मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल

    इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।

    हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल दस जगह स्टेशनों का काम चल रहा है।

    मेट्रो ट्रेन का संचालन  फिलहाल छह किलोमीटर हिस्से में हो रहा है। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये है।

    20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री संवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई है। जिसे यात्री पकड़ कर सफर कर सकते है। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आतंरिक रुप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।

     

      

  • सरकारी कृषि कॉलेजों में यूजी सीटें खाली, जबलपुर और ग्वालियर में रजिस्ट्रेशन धीमा

    जबलपुर

    कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और ग्वालियर में यूजी की सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 18 सितंबर से चल रही है, जो आठ अक्टूबर तक चलेगी।प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) का रिजल्ट आने के बाद दोनों विवि के 17 सरकारी कालेजों की करीब 1472 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन इस बार एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की घटती संख्या ने दोनों विवि की चिंता बढ़ा दी है।

    दरअसल, पहली आनलाइन काउंसलिंग में 1472 सीटों के लिए सिर्फ 2715 विद्यार्थियों ने ही पंजीयन कराया है, जबकि 12 हजार 563 विद्यार्थी पीएटी परीक्षा में सफल रहे। इनमें नौ हजार 848 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने पीएटी उत्तीर्ण करने के बाद भी काउंसलिंग में भाग नहीं लिया।

    जबलपुर विवि के जानकार बताते हैं कि प्रदेश के अन्य निजी और आटोनामस कालेजों में बिना पीएटी के प्रवेश दिया जा रहा है। पीएटी उत्तीर्ण करने वाले अधिकांश विद्यार्थियों ने इन कालेजों में प्रवेश ले लिया है।

    20 और कॉलेजों में बिना पीएटी के प्रवेश

    जबलपुर के 12 और ग्वालियर के पांच कृषि कॉलेज हैं, जिनमें प्रवेश के लिए पीएटी परीक्षा अनिवार्य है। यह परीक्षा बीते कुछ वर्षों से लगातार विलंब से हो रही है। इस बार भी जुलाई में यह परीक्षा हुई, जबकि अन्य निजी और ऑटोनॉमस कॉलेजों में समय पर प्रवेश दे दिया गया।

    अब जल्द ही 20 पारंपरिक शासकीय कॉलेजों में एग्रीकल्चर सिलेबस शुरू करने की तैयारी हो रही है। ऐसे में 2026 में पीएटी में बैठने वालों की संख्या और कम हो जाएगी। पीएटी में शामिल होने वाली विद्यार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो 2024 में 17304 विद्यार्थियों ने प्री एग्रीकल्चर टेस्ट दिया था, जबकि 2025 में यह संख्या 12563 रही।

    सरकारी कॉलेज में इसलिए कम प्रवेश

    प्रदेश के कई निजी और पारंपरिक शिक्षा प्रदान करने वाले शासकीय कॉलेजों में अब कृषि में यूजी कराया जा रहा है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए पीएटी परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं। बिना पीएटी के सीधे प्रवेश दिया जा रहा है।

    जबलपुर और ग्वालियर कृषि विवि से संबद्ध सरकारी कॉलेजों में पीएटी परीक्षा में पास होने पर ही प्रवेश दिया जाता है। जबलपुर कृषि विवि में लगातार प्रोफेसरों की कमी हो रही है, लेकिन भर्ती नहीं हो रही। कृषि विवि का बजट न मिलने से भवन और अन्य शिक्षा संबंधित कार्यों में बाधा आ रही है।

    कृषि विवि की सीटों पर एक नजर जबलपुर कृषि विवि- जबलपुर- 77 रीवा- 77 टीकमगढ़- 77 गंजबसौदा- 77 वारासिवनी- 77 पवारखेड़ा- 77 खुरई सागर- 66 पन्ना- 66 पेमेंट सीट- 201 हार्टिकल्चर- 132 फारेस्ट्री- 28 एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग- 77

    ग्वालियर कृषि विवि से संबद्ध- ग्वालियर, इंदौर, सीहोर, खंडवा और मंदसौर की कुल 494 सीटें

  • नुनहाई का अनोखा दुर्गा उत्सव: मां का श्रृंगार 10 करोड़ के आभूषणों से, विदाई 5 करोड़ के चांदी रथ में

    जबलपुर
    नुनहाई की दुर्गा प्रतिमा का 10 करोड़ के जेवर से श्रृंगार किया गया है. जिस रथ में माता की विदाई होती है, वह 350 किलो चांदी का बना है, जिसकी बाजार में कीमत 5 करोड़ रुपए से ज्यादा है. जबलपुर के इस क्षेत्र में 157 सालों से दुर्गा उत्सव मनाया जा रहा है. नवरात्रि के दौरान सराफा का यह कारोबारी क्षेत्र 9 दिनों तक माता की भक्ति में डूब जाता है.

    157 सालों से बैठा रहे दुर्गा प्रतिमा

    जबलपुर में दुर्गा उत्सव का इतिहास 150 साल से अधिक पुराना है. सराफा इलाके में रहने वाले विनीत सोनी नुनहाई दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष हैं. विनीत बताते हैं कि उनकी दुर्गा उत्सव समिति ने पहली बार मां दुर्गा प्रतिमा की स्थापना 1867 में की थी. तब से यह सिलसिला रुका नहीं है, बीते 157 साल से इसी स्थान पर दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की जा रही है.

    देवरानी-जेठानी माता की प्रतिमा

    जबलपुर के सराफा इलाके में 2 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित होती हैं. एक सर्राफ की और दूसरी नुनहाई की. यह लगभग एक ही समय शुरू हुई थी. इन दोनों को ही नगर सेठानी कहा जाता है और दोनों में देवरानी-जेठानी का संबंध माना जाता है. इसकी वजह यह है कि सड़क के दोनों तरफ ये प्रतिमाएं बैठाई जा रही हैं. इन दोनों दुर्गा उत्सव की स्थापना लगभग 150 साल पहले ही हुई थी.

    बुंदेली शैली की प्रतिमा

    विनीत सोनी ने बताया "दुर्गा उत्सव में अलग-अलग किस्म की प्रतिमाएं रखी जाती हैं, लेकिन उनके नुनहाई वाली माता की प्रतिमा का स्वरूप कभी नहीं बदला. वे हमेशा ही बुंदेली शैली में ही बनाई गई. इस मूर्ति को भी पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही परिवार बनता चला आ रहा है."

    10 करोड़ के गहनों से श्रृंगार

    विनीत सोनी का कहना है कि माता के श्रृंगार में 1 किलो से ज्यादा सोने के गहने चढ़ाए जाते हैं. इसमें बुंदेली शैली के कई ऐसे आभूषण हैं जिनका चलन सालों पहले था. अब इन्हें कोई नहीं पहनता है, लेकिन हम आज भी उन्हीं आभूषणों से माता का श्रृंगार करते हैं. आज सोने के दाम 1 लाख रुपए तोला से ज्यादा है. ऐसी स्थिति में केवल माता का श्रृंगार ही 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के जेवर से होता है.

    5 करोड़ के रथ से मां की विदाई

    बात केवल श्रृंगार पर ही खत्म नहीं हो जाती. नुनहाई की माता की विदाई जिस रथ से होती है. उस रथ की कीमत 5 करोड़ रुपये है. इसे 350 किलो चांदी से बनाया गया है. आज चांदी 1 लाख 35 हजार रुपए किलो है, ऐसी स्थिति में इस रथ की कीमत 5 करोड़ रुपए हो जाती है. साल भर यह रथ सुरक्षा में रखा रहता है और अब इसे माता की विदाई के लिए तैयार किया जा रहा है.

    सुरक्षा में लगे 4 गनमैन

    यूं तो जिस स्थान पर इस पंडाल की स्थापना की जाती है. वह क्षेत्र सराफा में है. यहां सड़क छोटी है और आसानी से यहां से कोई भाग नहीं सकता, इसके बावजूद माता के पंडाल में सरकार की ओर से पूरे 9 दिन तक चार गनमैन तैनात रहते हैं.

    आस्था का केंद्र

    सराफा बाजार 9 दिनों तक लगभग बंद रहता है. दुकानदार दुकान खोलते जरूर हैं, लेकिन ज्यादातर समय वे दुर्गा उत्सव की व्यवस्थाओं में ही लगे रहते हैं. इस क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की बेटियां दुर्गा उत्सव में अपने ससुराल से मायके आती हैं. जबलपुर शहर का आम आदमी भी भारी भीड़ के बावजूद यहां दर्शन करने जरूर आता है. रजनी राजपूत ने बताया "यह प्रतिमा बेहद सुंदर है और जिस भावना से इस क्षेत्र के लोग देवी प्रतिमा की स्थापना करते हैं. वह भावना सभी को प्रभावित करती है."

    बड़ी कृपा है माता की

    इस क्षेत्र के लोग माता को अपनी बेटी मानते हैं, और इन्हें कंधे पर उठाकर लाते हैं और विदाई भी ऐसी होती है कि देखने वालों की आंखों में आंसू आ जाते हैं. पूरी सड़क पर फूल बिछा दिए जाते हैं और आसपास के हर घर में ऊपर से फूलों की बरसात होती है. 9 दिनों का यह त्यौहार इस कारोबारी इलाके को भक्ति से भर देता है. विनीत सोनी कहते हैं "माता की ही कृपा है कि इस क्षेत्र में लोग खुशी-खुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं."

     

  • 1 अक्टूबर से कूनो में चीता सफारी की शुरुआत, खुले जंगल में नजर आएंगे 16 चीते

    श्योपुर

     श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में आज एक अक्टूबर पर्यटक चीतों का रोमांच देख सकेंगे। इसी दिन से नेशनल पार्क में चीता सफारी की शुरुआत हो जाएगी। कूनो पार्क में बाड़ों के अतिरिक्त खुले जंगल में 16 चीते विचरण कर रहे हैं।

    कूनो और मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में कुल 27 चीते हैं। जिनमें भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। बता दें कि चीता पुनर्वास परियोजना के तहत 17 सितंबर 2022 को अपने जन्म दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद फरवरी 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाकर यहां छोड़े गए थे।

    वर्तमान में कूनो पार्क में 24 चीते हैं, जिसमें से आठ चीते और शावक बाड़े में हैं। शेष खुले जंगल में हैं जिनका दीदार पर्यटक कर सकेंगे। प्रदेश में चीतों के दूसरे रहवास मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य यहां से भेजे गए तीन चीते बाड़ों में हैं।

    पर्यटन विभाग पार्क खुलने के बाद यहां कूनो रिट्रीट के आयोजन की भी तैयारी कर रहा है, जिसमें पर्यटकों के लिए रहने व खान-पान सहित कई अतिरिक्त सुविधाएं होंगी।

    एक अक्टूबर से पर्यटक यहां पहुंचेंगे, इसलिए वन विभाग की ओर से कूनो नेशनल पार्क की वेबसाइट पर भी कूनो सफारी को हाइलाइट किया गया है। हेल्पडेस्क भी बनाई गई है, जिस पर चीतों को लेकर पर्यटकों की जिज्ञासा आ रही है।
    ऐसे कर सकते हैं बुकिंग

    कूनो नेशनल पार्क में चीतों समेत अन्य वन्य जीव भी देखने को मिलेंगे। इसके लिए कूनो नेशनल पार्क की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। छह लोगों के लिए कूनो में सफारी का शुल्क जिप्सी सहित 4,500 रुपये हैं, वहीं अगर आप अपने वाहन से जा रहे हैं तो 1,200 रुपये ही लगेंगे।

    पार्क के अहेरा गेट और पीपलवाड़ी गेट से कूनो सफारी के लिए जा सकते हैं। इसी क्षेत्र में चीतों को छोड़ा गया है। उत्तम कुमार शर्मा (सीसीएफ व फील्ड डायरेक्टर कूनो पार्क) के अनुसार, वर्जन कूनो में चीतों को देखने के लिए पर्यटक एक अक्टूबर से आ सकते हैं। प्रबंधन की ओर से तैयारियां की गई हैं।

    शुल्क कितना होगा?
    पर्यटन विभाग सफारी के शुभारंभ के साथ ही पर्यटकों के लिए कुनो रिट्रीट का भी आयोजन कर रहा है, जहां आवास, भोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. सफारी का एक निश्चित शुल्क भी है छह लोगों के लिए जिप्सी की सवारी का शुल्क ₹4,500 है, जबकि निजी वाहन से सफारी का शुल्क केवल ₹1,200 होगा.

    ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग
    पर्यटक वेबसाइट पर बुकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान की वेबसाइट पर जाना होगा. वन विभाग ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान की वेबसाइट पर कूनो सफारी को भी प्रदर्शित किया है. एक हेल्पडेस्क भी बनाया गया है. आप वहां से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. 

    सतपुड़ा के लिए इंतजार

    कोर जोन 10 अक्र्टूबर तक बंद रहेगा। तेज बारिश से मढ़ई, चूरना की सड़कें खराब हो गई हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया।

    ऐसे पहुंचें

    टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क (Tiger reserve in MP) पहुंचने नजदीकी एयरपोर्ट भोपाल, जबलपुर, बनारस, प्रयागराज, नागपुर हैं। रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम, शहडोल, सिवनी, दमोह, मंडला फोर्ट, त्यौहारी, मड़वास, नागपुर हैं।

    ये जानवर देख सकते हैं

    बाघ, चीते (कूनो में), तेंदुआ, हाथी, बायसन, चीतल, हिरण, बारहसिंघा, गौर, भालू, सांभर, चौसिंगा, चिंकारा के साथ ही विलुप्त प्रजाति के पक्षी भी।

    10 टाइगर रिजर्व

    – संजय दुबरी, सीधी

    – पन्ना, पन्ना, छतरपुर

    – सतपुड़ा, नर्मदापुरम

    – कान्हा, मंडला-बालाघाट

    – बांधवगढ़, शहडोल

    – पेंच, सिवनी-छिंदवाड़ा

    – वीरांगना दुर्गावती, दमोह

    – डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी), भोपाल सीहोर, रायसेन

    – माधव- शिवपुरी

    – नौरादेही- सागर

    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व

    उमरिया जिले के लगभग 1536 वर्ग किमी में फैला है। पार्क प्रबंधन ने सफारी टिकट दर में 10% और गाइड चार्ज में 65% की बढ़ोत्तरी की है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर है। निजी वाहन से पहुंच सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया है।

    कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला-बालाघाट

    जिले में लगभग 2,051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर और निकटतम रेलवे स्टेशन चिरईडोंगरी है।

    पेंच टाइगर रिजर्व

    कुछ हिस्सा महाराष्ट्र और कुछ मध्यप्रदेश के सिवनी, छिंदवाड़ा जिले से लगा है। यहां ब्लैक पैंथर आकर्षण का केंद्र होता है। हालांकि ये कभी-कभार ही दिखते हैं।

    प्रदेश के नेशनल पार्क

    -1- वन विहार, भोपाल

    -2- कूनो पालपुर, श्योपुर

    -3- माधव- शिवपुरी

    -4- कान्हा- मंडला से बालाघाट

    -5- बांधवगढ़ – उमरिया

    -6- सतपुड़ा – भोपाल

    -7- पेंच – सिवनी-छिंदवाड़ा

    -8- पन्ना – पन्ना

    -9- डायनासोर जीवाश्म पार्क – धार

    -10- रानी दुर्गावती- दमोह

    -11- संजय दुबरी- सीधी-सिंगरौली

    जंगल या टाइगर सफारी के लिए कैसे करें एडवांस बुकिंग

    इसके लिए आपको मध्य प्रदेश के वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://forest.mponline.gov.in/ पर जाना होगा या फिर आप अपने पसंदीदा टाइगर रिजर्व या नेशनल पार्क को चुनकर उसकी वेबसाइट पर एडवांस बुकिंग के लिए एप्लाई कर सकते हैं। 

  • परिवहन विभाग डिजिटल प्लेटफार्म से नागरिकों को दे बेहतर सेवाएँ : परिवहन मंत्री श्री सिंह

    फेसलेस सेवाओं के विस्तारीकरण का हुआ लोकार्पण

    भोपाल
    परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार नागरिकों को गुड गवर्नेंस में बगैर तकलीफ के सेवाएँ देना चाहती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग में ऑनलाइन एवं फेसलेस सेवाओं का विस्तार किया गया है। अब नागरिकों को कार्यालय आए बिना 51 प्रकार की सेवाएँ दी जायेंगी। इस व्यवस्था से विभाग की कार्य-प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिक दक्षता बढ़ेगी।

    परिवहन मंत्री श्री सिंह मंगलवार को भोपाल के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कोकता में फेसलेस सेवाओं के विस्तारीकरण के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राहवीर योजना में बालाघाट के श्री अंकित असाटी को पुरस्कृत किया। श्री असाटी ने बालाघाट में हुई सड़क दुर्घटना में तत्परता दिखाते हुए घायल राहगीर को समय पर अस्पताल पहुँचाने का श्रेष्ठ कार्य किया था। पुरस्कार स्वरूप 25 हजार रुपये की राशि उनके खाते में अंतरित की गयी। परिवहन मंत्री ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो पहिया चालकों को हेलमेट भी प्रदान किये।

    पासपोर्ट कार्यालय के समान परिवहन कार्यालय की होगी कार्य-प्रणाली
    श्री सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग की कार्य-प्रणाली को पासपोर्ट कार्यालय के समान बनाया जा रहा है। नागरिकों के ड्रायविंग लायसेंस एवं अन्य सुविधाएँ घर पहुँचाए जाने की सुविधा सुनिश्चित की जायेगी। परिवहन कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। नागरिकों को अब कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उन्हें आवश्यक दस्तावेजों की कमी की जानकारी भी ऑनलाइन दिये जाने की व्यवस्था होगी। किसी वजह से नागरिक को कार्यालय आना पड़ता हैं, तो इसकी नियमित समीक्षा डेशबोर्ड पर संबंधित परिवहन अधिकारी करेंगे।

    सचिव परिवहन श्री मनीष सिंह ने बताया कि सेवाओं के विस्तारीकरण से विभाग की छवि में और सुधार आयेगा। परिवहन आयुक्त श्री विवेक शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन सेवाओं के सुधार के लिये एआई तकनीक (ऑर्टीफिशियल एन्टेलीजेंस) का भी उपयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नागरिक सेवाओं में और सुधार के लिये पब्लिक फोरम पर आए सुझावों पर अमल किया जाएगा। । विभाग में सारथी एवं वाहन पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम को एनआईसी के श्री कमलेश्वर जोशी ने भी संबोधित किया कार्यक्रम में परिवहन कार्यालयों में नागरिक सेवाओं के सुधार पर केन्द्रित फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

     

  • स्वर्ण पदक जीतकर अवंतिका नामदेव ने किया शहडोल का नाम रोशन, अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिखाएंगी दम

    भोपाल 
    शहडोल की होनहार बेटी अवंतिका नामदेव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लगन, मेहनत और जुनून के सामने कोई भी मंज़िल दूर नहीं। ग्वालियर में आयोजित 69वीं शालेय राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अवंतिका ने स्वर्ण पदक जीतकर न केवल शहडोल संभाग को गौरवान्वित किया, बल्कि अब उनका चयन राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए भी हो गया है, जो आगामी अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में आयोजित होगी।

    अवंतिका, ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल शहडोल की कक्षा 10वीं की छात्रा हैं। पहली बार शहडोल संभाग की शिक्षा विभाग की टीम ने इस राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। अवंतिका ने अपने दमदार प्रदर्शन से प्रतियोगिता में अलग ही छाप छोड़ी। अपने आत्मविश्वास, फुर्ती और ताक़त के बल पर उन्होंने फाइनल बाउट में प्रतिद्वंदी को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया। राष्ट्रीय स्तर पर अब अवंतिका न सिर्फ शहडोल, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। 

  • आरडीएसएस अंतर्गत इंदौर संभाग का 43वां सब स्टेशन मठमठ में ऊर्जीकृत

    भोपाल
    शासन की महत्वपूर्ण रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत इंदौर संभाग का 43वां 33/11 केवी बिजली सब स्टेशन झाबुआ की पेटलावद तहसील के मठमठ में मंगलवार की शाम पूर्ण प्रोटोकाल के साथ ऊर्जीकृत किया गया। करीब 2.85 करोड़ की लागत एक इस सब स्टेशन से चार पंचायत क्षेत्रों ग्रामीण एवं कृषि क्षेत्र के हजारों उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। 

    मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि शासन द्वारा मनाए जा रहे सेवा पर्व के दौरान ऊर्जीकृत हुए इस महत्वपूर्ण मठमठ सब स्टेशन से वनवासी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। इस ग्रिड को मिलाकर झाबुआ बिजली सर्कल में पांच सब स्टेशन सेमलिया, रजला, रंभापुर, बड़ागुड़ा तैय़ार हुए है। झाबुआ के अलावा इंदौर जिले में 11, धार 4, खंडवा में 8, बड़वानी में 4, खरगोन में 5, बुरहानपुर में 6 सब स्टेशन तैयार होकर सेवारत हैं। प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि मठमठ के सब स्टेशन तैयार करने में झाबुआ के अधीक्षण यंत्री श्री डीएस राजपूत, कार्यपालन यंत्री श्री महेंद्र पंवार, श्री सुखदेव मंडलोई की सराहनीय भूमिका रही। 

  • प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिलों में करें विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जारी विकास गतिविधियों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिलों में समीक्षा करें। साथ ही जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करवायें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्टूबर माह में राज्य स्तर पर कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस में सभी मंत्रीगण, कमिश्नर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, संभागीय अधिकारी, आई.जी. सहित विभाग प्रमुख और सचिवालयीन अधिकारी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस से पहले सभी कमिश्नर और कलेक्टर आगामी वर्ष की विकास कार्ययोजना भी तैयार करें, जिससे प्रदेश के विकास को और अधिक गति प्रदान की जा सके। 

  • छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई स्मार्ट, नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू

    नवा रायपुर के अटल नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन

    छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय: नवा रायपुर में देश का पहला स्मार्ट पंजीयन कार्यालय आज से शुरू

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ बना नेशनल रोल मॉडल

    15 से 20 मिनट में पूरी होगी पंजीकरण प्रक्रिया, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से नागरिकों को मिलेगा आरामदायक अनुभव

    “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” मंत्र से साकार हुआ स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का सपना

    117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य

    मुफ्त वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले, हेल्पडेस्क और कैशलेस भुगतान जैसी बड़ी क्रांतियों से बदलेगा रजिस्ट्री का अनुभव

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और श्री स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    इस अवसर पर रायपुर की श्रीमती वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया।

    पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक
    यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे।

    आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव
    नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।

    117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
    छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है।

    उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं।

    वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।

  • रबी सीजन में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था

    किसान निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान करें

    भोपाल
    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, चंबल एवं ग्वालियर संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत कृषि उपभोक्ताओं को रबी सीजन में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति प्रदान करने के लिए अस्थाई कृषि पम्प कनेक्शन प्रदान करने की माकूल व्यवस्था की है।

    गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को राज्य शासन द्वारा दी जा रही सब्सिडी घटाने के बाद थ्री फेज तीन हॉर्स पावर के अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए तीन माह के लिये कुल राशि रू. 5 हजार 917, चार माह के लिये रू. 7 हजार 775 एवं पांच माह के लिये 9 हजार 634 रूपये देय होंगे तथा पांच हार्स पावर अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए तीन माह के लिये रू. 9 हजार 634, चार माह के लिये रू. 12 हजार 732 एवं पांच माह के लिये 15 हजार 831 रूपये तथा साढे सात से आठ हॉर्स पॉवर अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए तीन माह के लिये रू. 15 हजार 211, चार माह के लिये रू. 20 हजार 168 एवं पांच माह के लिये 25 हजार 125 रूपये देय होंगे। थ्री फेज दस हॉर्स पॉवर अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को तीन माह के लिये 18 हजार 929 रूपये, चाह माह के लिये 25 हजार 125 रूपये एवं पांच माह के लिये 31 हजार 321 रूपये देय होंगे।

    कंपनी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं के लिये अस्थाई पम्प कनेक्शन की दरें 8 अप्रैल 2025 से लागू हैं और उपभोक्ताओं को इन्हीं दरों पर अस्थाई पम्प कनेक्शन प्रदाय किये जा रहे हैं। कंपनी ने बताया है कि उचित रेटिंग का कैपेसिटर लगा होने पर कैपेसिटर सरचार्ज देय नहीं होगा एवं उपभोक्ताओं को अस्थाई पम्प कनेक्शन के लिये न्यूनतम तीन माह का अग्रिम भुगतान अनिवार्य होगा।

    कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अस्थाई कनेक्शन के लिये बिल राशि का भुगतान अधिकृत पीओएस मशीन के माध्यम से ही करें एवं भुगतान की रसीद अवश्य प्राप्त करें। साथ ही अस्थाई कृषि पंप कनेक्शन के परिसर (मौके) पर भुगतान रसीद की मूल अथवा छाया प्रति अवश्य रखी जाए, जिससे जांच के लिये मौके पर पहुंचे विद्युत कंपनी के अधिकारी/कर्मचारी को सत्यापन के लिये प्रस्तुत किया जा सके। अस्थाई कनेक्शनों की दरों के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता कंपनी के काल सेन्टर 1912, वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

     

  • मंत्री सारंग ने किया अशोका गार्डन दशहरा मैदान का निरीक्षण

    भोपाल 
    सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को आगामी 2 अक्टूबर को मनाए जाने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियों को लेकर अशोका गार्डन दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पुख्ता तैयारी करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि दशहरा केवल एक उत्सव नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की उस शाश्वत परंपरा का प्रतीक है, जिसमें धर्म की विजय और अधर्म का नाश होता है। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा, धर्म और सत्य के बल पर रावण जैसे अधर्म के प्रतीक का अंत किया। यह पर्व समाज को सदैव यह प्रेरणा देता है कि सत्य, न्याय और धर्म की ही अंत में विजय होती है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नरेला विधानसभा में दशहरा उत्सव पूर्ण हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जायेगा। पर्व को लेकर नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारी व्यापक तैयारियों में जुटे हुए हैं।

    सुरक्षित वातावरण एवं हर्ष और उल्लास के साथ होगा दशहरा उत्सव
    मंत्री श्री सारंग ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए नरेला विधानसभा के सभी दशहरा मैदानों पर पर्याप्त बैठक व्यवस्था की जा रही है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिये पार्किंग एवं आवागमन के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों के लिए पेयजल, चिकित्सा और अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी जिससे उत्सव पूर्ण सुरक्षित वातावरण में हो सके।

    अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा उत्सव
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि दशहरा उत्सव हमें स्मरण कराता है कि भारत की सनातन संस्कृति और हिंदुत्व की जड़ें धर्म, सदाचार और परोपकार में निहित हैं। रावण दहन केवल प्रतीकात्मक नहीं है बल्कि यह अहंकार, अन्याय और अधर्म के विनाश तथा धर्म, सत्य और करुणा की स्थापना का संदेश देता है।

     

  • Jyotiraditya Scindia की गैरमौजूदगी से बढ़ी चर्चा, पिता की पुण्यतिथि में क्यों नहीं आए?

    ग्वालियर
    पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia) की मंगलवार को 24वीं पुण्यतिथि थी। अम्मा महाराज की छत्री पर माधवराव सिंधिया की समाधि पर महल से जुड़े लोगों के साथ गिनती के भाजपा नेताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कांग्रेसियों ने भी छत्री जाने की बजाय महलगेट पर माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। शाम को छत्री में स्थित गोपाल मंदिर में हुई भजन संध्या में केवल प्रियदर्शनी राजे सिंधिया मौजूद थीं।

    सिंधिया की गैर मौजूदगी पर उठ रहे हैं सवाल
    कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैर मौजूदगी पर उनके विरोधी राजनीतिक चर्चाओं में सवाल उठा रहे हैं। हालांकि महल के जनसंपर्क कार्यालय का कहना है कि बुधवार को कैबिनेट की बैठक होने के कारण केंद्रीय मंत्री पुण्यतिथि पर नहीं आ पाए हैं। विजयादशमी पर शाम तक उनके नगर प्रवास पर आने की पूरी संभावना हैं, क्योंकि शाम तक उनका अधिकारिक कार्यक्रम जारी होना है। वैसे भी पुण्यतिथि परंपरागत रूप से सादगी के साथ मनाई जाती है और जन्मदिन पर अम्मा महाराज की छत्री में आयोजित कार्यक्रम में सभी को आमंत्रित किया जाता है।
     
    मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को स्मरण किया
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर टि्वट कर पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को स्मरण किया है। सिंधिया से जुड़े लोग पुण्यतिथि पर कई जनसेवा के कार्य आयोजित कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया का उत्तर प्रदेश में विमान हादसे में 24 वर्ष पूर्व निधन हो गया था। उस समय प्रदेश में दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। माधवराव सिंधिया के असमय निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को पुत्र केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संभाला। लगभग साढ़े छह वर्ष पूर्व सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद अम्मा महाराज की छत्री पर प्रदेश का भाजपा नेतृत्व भी माधवराव सिंधिया की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए आने लगा।

    कई लोगों ने बताया यह उनका निजी मामला
    जन्मोत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई बड़े नेता श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आते रहे हैं। समय के अनुसार वरिष्ठ नेतृत्व श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आता रहा है- पिता की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की गैर मौजूदगी पर राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। महल से जुड़े बाल खांडे का कहना है कि वैसे तो यह उनका निजी मामला है। पुण्यतिथि व जन्मोत्सव पर मुख्यमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेता समाधि पर आए हैं। समय के अनुसार परिवार का कोई न कोई सदस्य मौजूद रहता है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्वोत्तर के दौरे पर थे और बुधवार को कैबिनेट की बैठक भी है। समय के अनुसार वरिष्ठ नेतृत्व का श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए आना जाना रहा है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र यादव का कहना है कि पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री की गैरमौजूदगी उनका निजी मामला है। कांग्रेसियों ने महल गेट पर माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।

  • जिंदल स्टील ने आंगुल में नया 3 एमटीपीए बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF) चालू किया, इस्पात निर्माण क्षमता बढ़कर 9 एमटीपीए हुई

    जिंदल स्टील ने आंगुल में 3 एमटीपीए क्षमता वाला नया बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF) चालू किया है, जिससे कच्चे इस्पात निर्माण की क्षमता 6 एमटीपीए से बढ़कर 9 एमटीपीए हो गई है।
    ब्लास्ट फर्नेस-2 के साथ यह विस्तार हॉट मेटल और इस्पात निर्माण क्षमताओं को समन्वित करता है, जिससे डाउनस्ट्रीम उत्पादों में अधिक उत्पादन सुनिश्चित होगा।

    रायपुर 
    जिंदल स्टील ने आंगुल के एकीकृत इस्पात संयंत्र में 250 एमटी बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF) कन्वर्टर का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया है, जिससे 3 एमटीपीए की अतिरिक्त कच्चे इस्पात निर्माण क्षमता जुड़ गई है। पहले हीट (Heat) के सफल उत्पादन के साथ कंपनी की कुल क्षमता आंगुल में 6 एमटीपीए से बढ़कर 9 एमटीपीए हो गई है। इससे आंगुल को चालू वित्तीय वर्ष में 12 एमटीपीए क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के और करीब पहुँचा दिया है।

    ब्लास्ट फर्नेस-2 और BOF कन्वर्टर के समन्वित कमीशनिंग ने भारत की इस्पात आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। इस एकीकृत प्रवाह से डाउनस्ट्रीम मिलों को लगातार भारतीय इस्पात की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जो अवसंरचना, ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, तेल एवं गैस तथा रियल एस्टेट क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करेगा।

    “नया BOF अब चालू हो गया है और पहला हीट सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। इसके साथ, आंगुल ने इस्पात निर्माण में असली ताकत हासिल की है। यहां हम जो भी टन इस्पात बनाते हैं, वह भारत की अपनी क्षमता पर निर्भर रहने की ताकत को और मजबूत करता है,” जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने कहा।

    जिंदल स्टील के बारे में
    जिंदल स्टील भारत के प्रमुख एकीकृत इस्पात उत्पादकों में से एक है, जो अपने पैमाने, दक्षता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है। मजबूत माइन-टू-मेटल मॉडल पर आधारित, कंपनी कैप्टिव संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का उपयोग करते हुए उच्च-प्रदर्शन इस्पात समाधान प्रदान करती है। 12 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिंदल स्टील आंगुल, रायगढ़ और पतरातु में अत्याधुनिक संयंत्र संचालित करता है और भारत एवं अफ्रीका में रणनीतिक परिचालन बनाए रखता है। इसका विविध और भविष्य-उन्मुख उत्पाद पोर्टफोलियो अवसंरचना, निर्माण और विनिर्माण जैसे मुख्य क्षेत्रों को सशक्त बनाता है, जिससे मजबूती और सतत विकास के साथ प्रगति को गति मिलती है।

  • निवेश का नया हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नार्थ-ईस्ट को बनाया अगला पड़ाव

    गुवाहाटी इंटरैक्टिव सेशन में नार्थ-ईस्ट के राज्यों के उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का निवेश के लिए अगला पड़ाव नार्थ-ईस्ट के राज्य होंगे, जहां वे 5 अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज़ में उद्योग जगत और निवेशकों के साथ सीधे संवाद करेंगे। यह सेशन उत्तर–पूर्व के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों और नए सेक्टरों के निवेश को मध्यप्रदेश से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। फार्मास्यूटिकल, चाय, सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों के उद्योगपति इस मंच पर शामिल होंगे, जिससे दोनों क्षेत्रों में साझेदारी, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

    गुवाहाटी फार्मा उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां सन फार्मा, अल्केम और अजंता जैसी बड़ी इकाइयां सक्रिय हैं। इसके साथ ही सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। डिब्रूगढ़ में ऑईल इंडिया का मुख्यालय और भारत पेट्रो केमिकल लिमिटेड (बीपीसीएल) के प्रमुख प्रोजेक्ट हैं, तिनसुकिया चाय बागानों और लॉजिस्टिक्स का केंद्र है, जबकि जोरहाट चाय अनुसंधान और प्लांटेशन का केंद्र माना जाता है। शिवसागर और नाज़िरा में ONGC के प्रमुख ऐसेट हैं और नामरूप में असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड की गतिविधियां चल रही हैं।

    मध्यप्रदेश की निवेशक हितैषी नीतियां, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी उत्तर–पूर्व के इन उद्योगों के साथ जुड़कर निवेशकों को भरोसा और अवसर दोनों प्रदान करेंगी। गुवाहाटी के साथ–साथ डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, शिवसागर और नामरूप के प्रतिनिधि इस सेशन में शामिल होंगे। शिलांग, अगरतला, आइजोल, इंफाल और कोहिमा/दीमापुर जैसे अन्य उत्तर–पूर्वी राज्यों के उद्योगपति भी इस संवाद में शामिल होंगे।

    यह सेशन दोनों क्षेत्रों के उद्योगों के बीच साझेदारी, निवेश और भरोसे का मजबूत माध्यम मानते हैं। फार्मा, सीमेंट, पेट्रोकेमिकल्स, चाय उद्योग, पर्यटन और कृषि–प्रसंस्करण के क्षेत्रों में यह सहयोग नई संभावनाओं और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। मध्यप्रदेश में सुगम निवेश प्रक्रिया और पारदर्शी नीतियां उद्योगपतियों को आकर्षित करने में मदद करेंगी और राज्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश के लिए भरोसेमंद गंतव्य बनाएंगी।

    सेशन में उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश के औद्योगिक और निवेश अवसरों से सीधे जोड़ा जाएगा। यह संवाद न केवल उद्योगों के लिए अवसर खोलेगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के युवाओं और उद्यमियों के लिए विकास और साझेदारी की नई राह तैयार करेगा। गुवाहाटी का यह इंटरैक्टिव सेशन 5 अक्टूबर को रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के प्रमुख निर्णयकर्ता और निवेशक भाग लेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद और प्रगतिशील केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।