• मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 1 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-जू के विहार वीथिका में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पर्यटक वाहनों का लोकार्पण और भारत के वन्यजीव, "उनका रहवास एवं आपसी संचार" विषय पर केन्द्रित फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन कर वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार वितरित भी करेंगे। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्हीएन अंबाडे उपस्थित रहेंगे।

    वन्यजीव सप्ताह कार्यक्रम
    गुरूवार 2 अक्टूबर को पक्षी अवलोकन, जन जागरूकता के लिये सृजनात्मकता कार्यशाला, महाविद्यालयीन विद्यार्थी के लिये वाद-विवाद प्रतियोगिता और विद्यालयीन विद्यार्थी के लिये तात्कालिक कहानी प्रतियोगिता होगी। शुक्रवार 3 अक्टूबर को तितली अवलोकन, खजाने की खोज और मेंहदी /पॉम पेंटिंग प्रतियोगिता होगी। शनिवार 4 अक्टूबर को विशेष वंचित वर्ग/दिव्यांग बच्चों के लिये पक्षी अवलोकन, फोटोग्राफी, रंगोली और विद्यालयीन/महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये युवा संसद आयोजित की जायेगी। रविवार 5 अक्टूबर रन फॉर वाइल्ड लाइफ और शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता, सोमवार 6 अक्टूबर सभी के लिये पक्षी अवलोकन, रेस्क्यू, वन्यप्राणी संरक्षण तथा अनुश्रवण उपयोग वाले उपकरणों से संबंधित कार्यशाला, वाइल्ड लाइफ एवं नेचर एक्सपो, वाद-विवाद प्रतियोगिता, वॉक थ्रू क्विज कम एग्जिविशन और मंगलवार 7 अक्टूबर को टोडलर वॉक एवं फेस पेटिंग प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण के साथ समापन समारोह होगा।

     

  • खजुराहो में ओबेरॉय समूह आरंभ करेगा पांच सितारा राजगढ़ पैलेस होटल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शुभारंभ के लिए किया आमंत्रित

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खजुराहो के राजगढ़ पैलेस में ओबेरॉय समूह द्वारा द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस होटल आरंभ करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित होटल समूह द्वारा आरंभ किए जा रहे पांच सितारा लग्जरी होटल से प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। देश के साथ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी हमारी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर और वन्य प्राणी पर्यटन की ओर आकर्षित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास आये ओबेरॉय समूह के श्री अर्जुन ओबेरॉय तथा श्री शंकर से चर्चा के दौरान यह बात कही। अपर मुख्य सचिव पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओबेरॉय समूह के प्रतिनिधियों ने द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस होटल के शुभारंभ के लिए आमंत्रित किया।

    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा राजगढ़ पैलेस के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कर उसे पांच सितारा होटल के रूप में संचालित करने के लिए ओबेरॉय समूह को लीज पर दिया गया है। द ओबेरॉय राजगढ़ पैलेस चंद्रनगर के पास मानगढ़ और मनियागढ़ की पहाड़ियों के मध्य हर-भरे बगीचों के बीच स्थित है। बुन्देला राजवंश द्वारा निर्मित 350 साल पुराना यह महल भारतीय स्थापत्य और पारम्परिक बुंदेलखंड की विशेषताओं का मिश्रण है। द ओबेरॉय समूह द्वारा विकसित राजगढ़ पैलेस होटल में महलनुमा रेस्टोरेंट, भव्य बैंक्वेट हॉल सहित 66 भव्य कक्ष उपलब्ध हैं। यह कॉर्पोरेट आयोजनों, डेस्टीनेशन वेंडिग्स, सामाजिक समारोह आदि के लिए आदर्श स्थान के रूप में स्थापित होगा।

     

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को कुलगुरू नियुक्त किया

    मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल के होंगे कुलगुरू

    भोपाल
    राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय भोपाल का कुलगुरू प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को नियुक्त किया है। श्री गोविन्दराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, इंदौर (म.प्र.) के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मिलिन्द दत्तात्रेय दाण्डेकर को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 04 वर्ष की कालावधि या 70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिए कुलगुरु नियुक्त किया गया है। जारी आदेश के अनुसार इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम- 1 ए के अनुसार शासित होंगी।

     

  • हत्या के आरोपी को जनकपुर पुलिस ने 24 घटे के अंदर किया गिरफ्तार

    जनकपुर
    जनकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लाखनटोला में  दिनांक 29 सितंबर की सुबह रोड के किनारे युवक की लाश मिली थी। मृतक का नाम बृज कुमार यादव पिता जगजीवन यादव उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम पंचायत लाखनटोला के हरिजनपारा का था। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा जनकपुर पुलिस को दी गई।  इसके बाद जनकपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के पिता जगजीवन यादव जाति अहीर ने पुलिस को सूचना दी की इनका लड़का बृज कुमार यादव को कोई अज्ञात व्यक्ति ने धारदार कल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दिया है। जिसकी सूचना जनकपुर पुलिस द्वारा एसडीओपी भरतपुर और पुलिस अधीक्षक एमसी बी को दिया गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी जनकपुर एवं चौकी प्रभारी कवांरपुर कि पृथक पृथक टीम गठित कर विवेचन किए जाने एवं अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का आदेश दिया गया। जहांपलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध धारा 194 बीएनएसएस तथा अपराध धारा 103(1) बीएस का कायम कर विवेचना में लिया गया।

    जांच में एफएसएल टीम एवं डॉग स्कॉर्ट मौके पर उपस्थित रही। परिजनों एवं आम ग्रामीणों से बातचीत कर साक्ष्य एकत्र किए गए एवं आरोपी का पता तलाश करने का हर संभव प्रयास किया गया जिस पर घटना के 24 घंटे के अंदर ही आंधी कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना जनकपुर पुलिस कामयाब हो सकी। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 सितंबर 2025 को बृज कुमार पुरुषोत्तम ननकू बंटी तीर्थ और राजेश सभी मुर्गा खाने और शराब पीने का कार्यक्रम तरतोरा बांध के किनारे बनाए थे जहां रात्रि 8:00 बजे खाना पीना खाकर सभी अपने-अपने घर की ओर चल दिए। जहां पुरुषोत्तम बैगा अपनी मोटरसाइकिल में बृज कुमार को बैठक घर की ओर चल दिया। तभी रास्ते में पुरुषोत्तम बैगा ने बृज कुमार से बोला कि तुम लोग मेरे बाप दादा की जमीन में जबरन कब्जा कर लिए हो इसी बात पर नाराज होकर बृज कुमार यादव ने पुरुषोत्तम बैगा को मां बहन की गाली देने लगा। इसी बात पर नाराज होकर पुरुषोत्तम बैगा अपने घर के पास पहुंचकर 
    बृज कुमार यादव को अपने घर जाने के लिए कहां ।

    मगर बृज कुमार यादव घर ना जाकर लगातार गालियां देता रहा जिस पर पुरुषोत्तम बैगा अपने घर से टांगी लेकर आया और टांगी से तीन चार हमला बृज कुमार के ऊपर कर दिया। पुरुषोत्तम ने इतनी जोर से टांगी चलाया की टांगी का बेट टूटकर दूर फेका गया। इसके बाद पुरुषोत्तम ने बृज कुमार यादव के शव को घसीटकर रोड के दूसरी तरफ लगभग 30 मीटर दूर ले गया और अपनी मोटरसाइकिल को घर के अंदर परछी में खड़ा कर दिया। और घटना के समय पहने कपड़ा को घर के अंदर एक कमरे में छुपा दिया वही टांगी का टूटा हुआ बेट को दूसरे कमरे में छुपा कर जंगल की ओर चला गया।
    जहां जनकपुर पुलिस द्वारा गहन परिश्रम एवं लगातार दबिश देकर आरोपी पुरुषोत्तम बैगा को गिरफ्तार किया। घटना में उपयोग की गई टांगी का बेट , घटना के समय पहने आरोपी के कपड़े तथा आरोपीक मोटरसाइकिल को जप्त कर लिया गया है।

  • बालोद जिला बना देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला, सूरजपुर की 75 पंचायतें भी हुईं शामिल

    रायपुर
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को शुरू किए गए “बाल विवाह मुक्त भारत” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य का बालोद जिला पूरे देश का पहला जिला बन गया है, जिसे आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। बालोद जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 09 नगरीय निकायों को विधिवत प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।

    बालोद बना राष्ट्रीय उदाहरण
    विगत दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। दस्तावेजों के सत्यापन और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले के सभी पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त का दर्जा मिल गया है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ बालोद जिला पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन गया है। बालोद जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों और नगरीय निकायों को इस प्रयास में सक्रिय सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया।

    सूरजपुर की 75 ग्राम पंचायतें भी बाल विवाह मुक्त
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों से भी बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसे राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।

    बाल विवाह उन्मूलन केवल सरकारी अभियान नहीं, सामाजिक परिवर्तन का संकल्प – मुख्यमंत्री श्री साय
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमारा लक्ष्य है कि चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए। यह केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन जिलों में पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

    समाज और सरकार की साझेदारी से संभव हुआ बाल विवाह उन्मूलन: महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि बालोद की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सूरजपुर की उपलब्धि भी इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस अभियान में यूनिसेफ का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। संगठन ने तकनीकी सहयोग, जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी तंत्र को मजबूत करने में मदद की।

    छत्तीसगढ़ की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर एक मील का पत्थर माना जा रहा है। “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को गति देने में यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सामुदायिक भागीदारी और शिक्षा को केंद्र में रखकर काम किया जाए तो देश से बाल विवाह जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है।

    राज्य सरकार अब चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों को भी बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी कर रही है। 2028-29 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य न केवल राज्य, बल्कि देश को बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प के और निकट ले जाएगा।

  • अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस : रायपुर में 1 अक्टूबर को होगा राज्य स्तरीय आयोजन

    रायपुर 
    सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन 1 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे राजधानी रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े करेंगी।

    इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री इन्द्र कुमार साहू, श्री अनुज शर्मा तथा महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

    राज्य स्तरीय आयोजन में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके कल्याण, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा समाज में उनकी सक्रिय भूमिका को सशक्त करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, अनुभव साझा करने के सत्र, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं प्रेरक वार्ता का भी आयोजन होगा।

    जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वृद्धजन के योगदान को मान्यता देना, उन्हें सम्मानित करना और उनकी सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा और उनके अधिकारों एवं कल्याण से संबंधित जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा वृद्धजन कल्याण से जुड़ी नवीनतम सरकारी योजनाओं एवं पहलों की जानकारी भी साझा की जाएगी, जिससे समाज के वरिष्ठ नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

  • सोशल मीडिया स्कैम और कैंपस हंगामा: DAVV इंदौर में Gen-Z प्रोटेस्ट का रहस्य

    इंदौर
    इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय(DAVV) के आईईटी कैंपस में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीनियर छात्रों ने नेपाल में हुए आंदोलनों की तर्ज पर यहां Gen-Z स्टाइल में प्रोटेस्ट करने की तैयारी की थी। इसके लिए जूनियर छात्रों पर दवाब बनाकर उनसे फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनवाए गए और उन्हें विरोध से जुड़े पोस्ट व ट्वीट करने के निर्देश दिए गए। मामला सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच की और जूनियर छात्रों के बयानों में नेपाल जैसी तैयारी करने का जिक्र भी किया गया है।

    सीनियर छात्रों ने जूनियर्स की ली थी रैगिंग
    दरअसल करीब एक महीने पहले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के IET कैम्पस में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र की रैगिंग की थी, जिसके आधार पर जांच में तीन सीनियर छात्रों को हॉस्टल से बेदखल करने के साथ एक सेमेस्टर से बाहर किया गया था। जानकारी में सामने आया है कि इन्हीं छात्रों ने इस साजिश को रचा था। छात्रों द्वारा सीसीटीवी कैमरों के साथ तोड़फोड़ करने का मामला भी सामने आया है।

    होटल में बनाई गई थी आंदोलन की प्लानिंग
    विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 23 सितंबर को एक निजी होटल में बैठकर करके इस कथित आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी। इतना ही नहीं, 26 सितंबर को कैंपस के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और DVR तक गायब कर दिए गए। समिति का मानना है कि यह कदम आंदोलन की गतिविधियों को छिपाने के लिए उठाया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी ने छात्रों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की और उसे प्रॉक्टोरियल कमेटी को भेजा है।

    रैगिंग और आंदोलन पर क्या बोले कुलगुरू?
    इस मामले में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघल ने बताया, "कुछ सीनियर छात्रों पर पहले रैगिंग के मामले में जुर्माना और हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई हो चुकी थी। इन्हीं छात्रों ने आक्रोश में आकर जूनियर छात्रों को धमकाते हुए आंदोलन की योजना बनाई।"

    नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर, लेकिन…
    सिंघल के अनुसार, “रिपोर्ट में नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर किया गया है, लेकिन इसकी गहन जांच अभी जरूरी है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पूरे मामले की शिकायत भंवरकुआं थाने में आवेदन देकर की है। हालांकि, अभी तक नामजद एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

    व्यक्तिगत आक्रोश को आंदोलन का रूप देने की कोशिश
    देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के कुल गुरु राकेश सिंघल ने बताया, "यह मामला न केवल कैंपस की अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह सीनियर छात्रों ने व्यक्तिगत आक्रोश को आंदोलन का रूप देने की कोशिश की। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों स्तर पर जांच जारी है और दोषियों पर जल्द निर्णय आने की संभावना है।"

  • दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु उत्तर बस्तर कांकेर में कार्यपालिका दण्डाधिकारी की नियुक्ति

    उतर बस्तर कांकेर

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने विजयादशमी दशहरा पर्व पर रावण दहन पश्चात मॉ दुर्गा प्रतिमा, ज्योत कलश और जंवारा विसर्जन के अवसर पर यथोचित कानून एवं लोक शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए कार्यपालिक दण्डाधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।

    जारी आदेशानुसार आदर्श नगर, शीतलापारा, शिवनगर, भण्डारीपारा, संजय नगर, रामनगर, आमापारा, बीटीआई मार्ग की दुर्गा प्रतिमाओं एवं मरादेव तालाब मार्ग की झांकी शोभायात्रा सहित नरहरदेव हाईस्कूल खेल मैदान एवं अलबेलापारा तालाब विसर्जन स्थल के लिए नायब तहसीलदार कांकेर  अभिषेक देवांगन की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार सिंगारभाठ, बरदेभाठा, कोदाभाठ, लट्टीपारा, शांति नगर, एमजी वार्ड टिकरापारा, नया बस स्टैण्ड, मेलाभाठा के मॉ दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हेतु निकलने वाले झांकियों के साथ व मेलाभाठा में रावण दहन स्थल हेतु तहसीलदार कांकेर  पुष्पराज पात्र की ड्यूटी लगाई गई है। अलबेलापारा तालाब में विसर्जित होने वाली समस्त दुर्गा प्रतिमाओं, शोभा यात्रा के साथ पुराना बस स्टैण्ड, मस्जिद चौक, राजापारा, सुभाष वार्ड, सिंधी धर्मशाला मार्ग, मांझापारा आदि मुख्य मार्ग सहित कोमलदेव अस्पताल से मस्जिद चौक तक के लिए तहसीलदार सरोना  मोहित कुमार साहू तथा अलबेलापारा तालाब में विसर्जित होने वाली समस्त दुर्गा प्रतिमाओं, शोभा यात्रा के साथ घड़ी चौक, अलबेलापारा, सेन चौक, माहुरबंदपारा, जवाहर वार्ड, अन्नपूर्णापारा, ऊपर-नीचे रोड आदि मुख्य मार्ग सहित अलबेलापारा तालाब मस्जिद चौक के पास से कलेक्टर बंगला घड़ी चौक तक के लिए नायब तहसीलदार कांकेर मती दुर्गावती कूजूर और घड़ी चौक से गोविन्दपुर एवं मुख्य मार्ग रावण दहन एवं समारोह स्थल नरहरदेव हाईस्कूल खेल मैदान तक नायब तहसीलदार सरोना  संजय राय की ड्यूटी लगाई गई है।

    अपर कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी  अरूण कुमार वर्मा सम्पूर्ण कानून व्यवस्था के प्रभार पर रहेंगे।

  • जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक संपन्न

    एमसीबी : जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक हुई संपन्न, जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा

    एमसीबी 
    जिले में आयोजित  "जिला निवेश प्रोत्साहन समिति"  की प्रथम बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता एवं महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र टी. आर. कश्यप के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, वनमंडल अधिकारी, कार्यपालन यंत्री राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, उपसंचालक कृषि विभाग, श्रम पदाधिकारी, जिला खनिज अधिकारी एवं सहायक संचालक नगर ग्राम तथा निवेश मनेन्द्रगढ़ शामिल थे।

    बैठक की शुरुआत समिति के अध्यक्ष कलेक्टर के निर्देश से की गई। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा निर्धारित एजेंडा में औद्योगिक परियोजनाओं के लिये पहचाने गये औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटित करना, विद्युत शक्ति, जल स्त्रोतों तथा अन्य उपयोगिताओं की पहचान कर उनका आबंटन एवं सुविधापूर्वक उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रशासन से परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों के संबंध में अनुमोदन तथा श्रम कल्याण से संबंधित मामलों में अनुमोदन लेने जैसे मुद्दों पर समिति को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ शासन राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा 18 सितम्बर 2025 को जारी एजेंडा 1 से 13 तक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एजेंडा के अनुसार समिति के विभागीय सदस्यों से जिले में औद्योगिक विकास के लिये आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

    जिला पंचायत से औद्योगिक गतिविधियों में संलग्न स्वयंसहायता समूहों की जानकारी, वन विभाग से वनोपज एवं वनोपज प्रसंस्करण का विवरण, विद्युत विभाग से विद्युत उपलब्धता तथा निम्न दाब एवं उच्च दाब केन्द्रों की स्थापना से संबंधित जानकारी, जल संसाधन विभाग से जिले में स्थित जलाशयों की संरचना, जल भराव क्षेत्र तथा क्षमता का विवरण, लोक निर्माण विभाग से जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा अंतर्जिला सम्पर्क सड़क मार्गों की जानकारी, कृषि विभाग से क्षेत्रवार उत्पादकता एवं उत्पादन मात्रा सहित सिंचित व असिंचित क्षेत्र की जानकारी, खनिज विभाग से खनिज उत्पादन एवं गौण खनिज का विवरण तथा क्रेशर उद्योग की संभावनाओं की जानकारी, श्रम विभाग से श्रम कल्याण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने हेतु कहा गया।

    कलेक्टर ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के संबंध में औद्योगिक नीति पर चर्चा एवं मार्गदर्शन दिया तथा समिति के विभागीय सदस्यों को निर्देशित किया कि औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी एक सप्ताह के भीतर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को उपलब्ध कराई जाए। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा जारी एजेंडा में सिंगल विंडो सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा, जिला स्तर पर लंबित इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस की समीक्षा, लैण्ड बैंक हेतु भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, औद्योगिक भूमि हेतु लंबित संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा, शासकीय भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा, औद्योगिक विकास हेतु लंबित निजी भूमि अर्जन प्रकरणों की समीक्षा, जिले के विशिष्ट उत्पादों (ODOP) के निर्यात संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा, औद्योगिक नीति/नियमों में सुधार हेतु सुझाव, जिले में नवीन निवेश एवं स्टार्टअप की समीक्षा, विभागीय योजनाओं  PMEGP/ PMFME की समीक्षा, रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे के निकट भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, लैण्ड बैंक/औद्योगिक पार्क की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने संबंधी समीक्षा तथा एमओयू/अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आने वाली कठिनाइयों का जिला स्तर पर निराकरण हेतु समीक्षा शामिल रही।

    उक्त सभी एजेंडा पर चर्चा एवं समीक्षा की गई तथा उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने एजेंडा अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने हेतु सर्व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागीय समिति सदस्यों को समन्वय एवं सहयोग से कार्य करने हेतु कहा ताकि जिले में औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके। अंत में समिति के अध्यक्ष कलेक्टर की अनुमति से महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री टी. आर. कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया।

    इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, समस्त जनपद सीईओ के साथ अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।

  • भिंड में ट्रक और मोटरसाइकिलों की टक्कर, एक ही परिवार के कई सदस्यों समेत 5 की मौत

    भिंड
    मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार सुबह एक कैंटर-ट्रक के हाईवे पर दो मोटरसाइकिलों से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह घटना फूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास हुई।

    फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि टेढ़ी पुलिया के पास ट्रक और मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में एक महिला और एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और घटना की जांच जारी है।

     

  • एमसीबी में कलेक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, विभागीय कार्यों की प्रगति पर हुई चर्चा

    एमसीबी : कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में सभी विभागीय कार्यों का किया समीक्षा

    कलेक्टर ने 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की तैयारी एवं चल रहे रजत जयंती महोत्सव के बारे में दिए अहम दिशा निर्देश

    एमसीबी

    कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों की विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए विभागीय पत्रों, शिविरों के लंबित मुद्दों, डीएमएफ कार्यों की प्रगति और आगामी बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही जन शिकायतों, जनदर्शन, सीएम पोर्टल और पीएम पोर्टल की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने परसगढ़ी, अमृतधारा, चिरमिरी, खड़गवां और भरतपुर में उद्योग हेतु जमीन सर्वे के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत हेतु एस्टीमेट भेजने के लिए कहा गया है ।
    जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने जानकारी दी कि 02 अक्टूबर 2025 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं आश्रित ग्रामों में ग्रामसभा बैठक आयोजित होगी। इसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक ग्रामसभा में पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। और ग्राम सभा  कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु  Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।
    जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने आगे बताया कि ग्रामसभा की कार्यवाही के दौरान 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर GS NIRNAY ऐप एवं  GPDP पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। भारत सरकार के नए “सभासार पोर्टल” पर चयनित पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। सभी ग्राम सभाओं में आरआई की अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। जल जीवन मिशन, खाद्य, गिदावरी, धान खरीदी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिन किसानों का पंजीयन छूट गया है, उन्हें पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के 40 विभागों ने जीएसटी फाइल नहीं भरी है, इसलिए प्रत्येक माह समय पर जीएसटी फाइल अपडेट करने के निर्देश दिए गए है । महिला एवं बाल विकास विभाग के रिक्त पदों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। ई-ऑफिस की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागीय पत्रों का संधारण ई-ऑफिस पर अनिवार्य रूप से किया जाए। सहकारी समिति को निर्देशित किया गया कि केल्हारी में पाए गए 27 फर्जी वन अधिकार मान्यता पत्र धारकों को किसी भी प्रकार से टोकन और धान खरीदी की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि अब तक जिले में अब तक 55 रजत जयंती महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं। जिन विभागों में आयोजन हो चुका है और जिनका होना शेष है, इसकी जानकारी जिला पंचायत सीईओ को भेजने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पंचभूमि हेतु भूमि आवंटन, स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय शिक्षा नीति अंतर्गत  FLN कार्यक्रम तथा 6, 7 एवं 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसमें सभी जिला अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बीडीसी प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने को कहा गया। नवोदय विद्यालय का प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही प्राथमिक शालाओं को पीएम श्री स्कूल में तब्दील करने हेतु प्रस्ताव भेजने, जर्जर स्कूलों की मरम्मत, शौचालय और भवन निर्माण कार्यों के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत पंचायतों में आयोजित सभी कार्यक्रमों की अलग-अलग पीडीएफ फाइल तैयार करने को कहा गया है।  FRA 3/2 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें खड़गवां आयुष, लावलीहुड़ कॉलेज,  PHE,  मेंटल हॉस्पिटल, डीएम स्कूल और पोल्ट्री फार्म हेतु भूमि आवंटन एवं चल रहे कामों की समीक्षा की गई ।
    इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की जानकारी ली और सभी ग्राम पंचायतों को नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए। पंचायत भवनों की साफ-सफाई, श्रमवीर पंजीयन, जेम्स पोर्टल प्रशिक्षण, बैंक सखियों की बैंकों में नियमित उपस्थिति और बीसी सखियों को पंचायत भवनों में बैठने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने नाबार्ड प्रेजेंटेशन कराने, सीएम घोषणाओं के लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने,  BSNL  टावरों की स्थिति की जानकारी, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा की। वहीं अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं की सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।  DMF से स्वीकृत लंबित कार्यों में PWD के कार्य, कलेक्टर कार्यालय में शौचालय, रिकॉर्ड रूम, सेट निर्माण और साइकिल स्टैंड निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। बैठक में बीपीटी पंजीयन, वृक्षारोपण, केल्हारी व बहरासी में बैंक शाखाओं हेतु आवास एवं भूमि आवंटन, माड़ीसरई में सामुदायिक भवन, फिजियोथैरिपी हॉस्पिटल, अतिक्रमण हटाने, हॉस्टल निर्माण, पीएम जनमन, बैगा आवास निर्माण, असंगठित श्रमिक, हाईमास्ट लाइट सहित अन्य मुद्दों की भी समीक्षा हुई। वहीं खाद्य विभाग ने बताया कि अब तक जिले में 53,000 लोगों का राशन कार्ड ई-केवाईसी नहीं हो पाया है। इसकी अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2025 निर्धारित है। अगर समय पर ई-केवाईसी नहीं होने पर लाभार्थी राशन से वंचित हो जाएंगे। अब ई-केवाईसी सुविधा अब मोबाइल ऐप के माध्यम से घर पर भी उपलब्ध है। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन होने पर तत्काल कलेक्टर को सूचित करने के निर्देश दिए गए। मत्स्य पालन विभाग से विज वितरण, अमृत सरोवर की जानकारी और योजना एवं सांख्यिकी विभाग से 2025-26 के नगरीय निकायों के बजट की जानकारी ली गई।
    इस बैठक में पीएम जनमन आवास, ग्रामीण आजीविका मिशन, ई-कोष, आदि कर्मयोगी अभियान, श्रमवीरों का पंजीयन, रजत जयंती महोत्सव, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण आहार कार्यक्रम, हाट-बाजारों में दीवाल लेखन, कुपोषित बच्चों की जानकारी, ट्राइबल विभाग के कार्य, ई-ऑफिस, लंबित फाइलों के निपटान, पेंशन प्रकरण, आयुष विभाग हेतु भूमि आवंटन, 220 बेड के अस्पताल निर्माण, डंगौरा मेंटल हॉस्पिटल, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, सर्किट हाउस और जिला पंचायत भवन, लाइवलीहुड कॉलेज, रेलवे लाइन, वन विभाग, स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत तथा सड़क निर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। वहीं खड़गवां, भरतपुर और मनेंद्रगढ़ के आईटीआई कॉलेजों में ट्रेनर की कमी का समाधान शीघ्र निकालने, डीटीपी रजिस्ट्रेशन कराने, ऊर्जा विभाग, पीएम सूर्य घर, सीएससी, एनएच और वेटलैंड संरक्षण समिति की जानकारी भी ली गई।
    इस महत्वपूर्ण बैठक में एसडीएम लिंगराज सिदार, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, एसडीएम विजयेंद्र सारथी, एसडीएम शशि शेखर मिश्रा,समस्त जनपद सीईओ, समस्त नगर पंचायत सीएमओ, जिला अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • दिवाली से पहले बड़ी राहत: 5 लाख महिलाओं को मिला आवास योजना का लाभ, देखें पूरी लिस्ट

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों के लिए प्रदेश की सीएम मोहन यादव सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस योजना से जुड़ी महिलाओं को लाड़ली बहना आवास योजना के तहत आवास दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने ऐसी 5 लाख महिलाओं की सूची जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा, आवेदन कैसे करें, अपना नाम कैसे चेक करें और कैसे नाम जोड़वाएं।

    कौन कर सकता है आवेदन? 

    इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जो मध्यप्रदेश के निवासी हैं और जो कच्चे मकान में रह रही हैं। इसके अलावा, जो महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं प्राप्त कर पाईं, वे भी लाड़ली बहना आवास योजना का लाभ ले सकेंगी। योजना में पात्र महिलाएं वे हैं जिनके खातों में हर महीने 1250 रुपये की किस्त आती है।

    लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। मोहन सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो उसे न केवल सुरक्षा मिलेगी बल्कि उसका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। इससे वह आत्मनिर्भर बन सकेगी और अपनी स्थिति को सशक्त रूप से सुधार सकेगी।

    लाड़ली बहनों को मिलेगा पक्का मकान

    मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना की पात्र महिलाएं अब खुद के घर का सपना सच होते देख सकेंगी। सीएम मोहन यादव ने घोषणा की है कि सभी पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से पक्का घर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार लाड़ली बहनों को छत का आसरा देने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता देगी।

    जानें किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ?

    मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार पक्के घर के लिए आर्थिक सहायता राशि देने की इस योजना का लाभ उन महिलाओं को दे रही है, जो पहले से ही इस योजना (Ladli Behna Yojana) से जुड़ी हुई हैं। उनके खातों में हर महीने आने वाली किस्त के 1250 रुपए आते हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश का निवासी होना जरूरी है। जो कच्चे मकान में रह रही हैं या फिर जिन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिला हो, वे ही इस योजना का लाभ ले सकेंगी।

    आवेदन प्रक्रिया और नाम चेक करने का तरीका 

    आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। महिला को अपनी पात्रता की पुष्टि करने के लिए अपने गांव या नगर निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके अलावा, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने नाम की जांच कर सकती हैं और नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

    मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम

    इस योजना का नाम है लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana)। ये योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मोहन सरकार का ऐतिहासिक कदम है। सरकार का मानना है कि जब महिला के पास पक्का मकान होगा, तो वह सुरक्षा के साथ ही आत्मसम्मान भी महसूस करेगी। आत्मनिर्भरता में उसकी भागीदारी बढ़ेगी।

    बताया जा रहा है किमध्य प्रदेश की लाड़ली बहना आवास योजना (Ladli Behna Awas yojana) के लिए ग्रामीण सूची भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश की 5 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। जल्द ही अन्य महिलाओं के नाम की लिस्ट में इस आवास योजना के लिए जारी किए जाएंगे। ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके। पहले चरण के तहत पक्के मकानों का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है।

    हितग्राही महिलाएं अपना नाम आधिकारिक वेबसाइट cmladlibehnayojana.com पर जाकर चैक कर सकती हैं। इसके लिए लाभार्थी सूची (cmladlibehnamp.gov.in list) का विकल्प चुनें। इसके बाद ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा। अब बॉक्स में अपना नाम टाइप करें, पति का नाम और कैप्चा कोड को फिल करें। इस जानकारी को भरते ही लिस्ट आपके सामने होगी, आप देख सकेंगी की लाभार्थियों की सूची में आपका नाम है या नहीं।

    जिनके पास नहीं इंटरनेट या स्मार्ट फोन, उन्हें भी मिलेगा लाभ

    योजना का लाभ उन महिलाओं को भी मिल सकेगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या स्मार्ट फोन उपलब्ध नहीं है। अगर आप भी ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं, तो अपने गांव के जनसेवा केंद्र, पंचायत कार्यालय और ग्राम सचिवालय में जाकर लाभार्थी सूची की जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। वहां अधिकारी आपकी हर संभव मदद करेंगे।

    लिस्ट में नहीं नाम, तो करें ये काम

    अगर किसी महिला का नाम सूची (ladli behna awas yojana list) में नहीं आता है, जबकि उसने आवेदन दिया है, तो वह ग्राम पंचायत सचिव या जनसेवा केंद्र से संपर्क कर सकती है। इसके साथ ही आधिकारिक पोर्टल पर भी महिला सूची में अपना नाम देख सकती है। वह अपने द्वारा दिए गए आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ले सकती है।

  • उज्जैन कलेक्टर ने की शुरुआत, पूजा के दौरान फैली 27KM तक मदिरा की रहस्यमयी धारा

    उज्जैन
    उज्जैन में शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर आज सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई. कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सुबह 7.30 बजे चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत की. इसके बाद शासकीय अधिकारी व कोटवारों का दल शहर के विभिन्न स्थानों में स्थित 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में ढोल ढमाकों के साथ रवाना हुए.

    इस दौरान नगर के करीब 27 किलो मीटर लंबे नगर पूजा मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जा रही है. साथ ही पूड़ी, भजिए, गेहूं व चने की घुघरी अर्पित की जाएगी. मान्यता है ऐसा करने से नगर में मौजूद अतृप्त आत्माएं तृप्त होती हैं तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है. धर्मधानी उज्जैन में नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है.

    आजादी के बाद से नगर पूजा करा रही सरकार
    कालांतर में राजा महाराजा इस परंपरा का निर्वहन करते आए हैं. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरकार की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है. आज नगर पूजा का शुभारंभ चौबीस खंभा माता मंदिर से हुआ. मान्यता है कि यह प्राचीन उज्जैन का मुख्य द्वार है. इस द्वार के दोनों ओर माता महामाया व महालया विराजित है. इसीलिए आज सुबह सर्वप्रथम कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा ने यही से पूजन की शुरुआत की. इसके बाद शहर के अन्य देवी व भैरव मंदिरों में पूजा की जा रही है.

    मान्यता है कि देवी भैरव आदि अनादिकाल से इस नगर की सुरक्षा कर रहे हैं. उन्हीं के आशीर्वाद से प्रजाजन सुखी व संपन्न रहते हैं. देवताओं की कृपा सदा सर्वदा बनी रहे, इसलिए प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर राजा द्वारा देवी भैरव के पूजन की परंपरा है. आज सुबह चौबीस खंभा माता मंदिर से सुबह नगर पूजा की शुरुआत हुई. सुबह से शाम तक करीब 12 घंटे पूजा अर्चना का सिलसिला चलता है. रात 8 बजे गढ़कालिका माता मंदिर के समीप हांडी फोड़ भैरव मंदिर में पूजा अर्चना के साथ नगर पूजा संपन्न होती है.

    14 घंटे चलती है नगर पूजा
    उज्जैन में की जाने वाली ये नगर पूजा लगभग 14 घंटों में पूरी होती है. सुबह 7.30 बजे सबसे पहले देवी महामाया और महालया का शराब को भोग लगाने से ये पूजा शुरू होती है. 40 मंदिरों में पूजा करते-करते रात करीब 7.30 बजे इस पूजा का समापन होता है. नगर पूजा के अंतर्गत देवी और भैरव मंदिरों में शराब का भोग लगाते हैं और हनुमान मंदिरों के मंदिर में ध्वजा अर्पित की जाती है. 40 अलग-अलग मंदिरों में पूजा करने के बाद शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम हांडी फोड़ भैरव मंदिर पहुंचती है.

    यहां इस पूजा का समापन होता है और शराब से भरी मटकी फोड़ दी जाती है. इस पूजा के लिए आबकारी विभाग 31 बोतल शराब अपनी ओर से देता है. इस पूजा में सिंदूर, कुंकुम, अबीर, मेहंदी, चूड़ी, नारियल, चना, सिंघाड़ा, पूरी-भजिए, दूध, दही, इत्र आदि 40 तरह की चीजों का उपयोग किया जाता है.

  • लाखों की लागत से बने सामुदायिक के शौचालयों में कई साल से लटक रहे ताले

    जनकपुर 
    जनपदक्षेत्र मिली जानकारी के अनुसारभरतपुर में कई सामुदायिक शौचालय अपूर्ण हैं क्योंकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण तो हुआ है, लेकिन संचालन और रखरखाव की कमी है,जिससे कई शौचालय अनुपयोगी हैंभ्रष्टाचार के कारण भी निर्माण कार्य बाधित हुआ है, जिसके चलते शौचालयों में ताले लगे हैं एमसीबी जिला का है जहां अविभाजित कोरिया जिला अंतर्गत जनपद क्षेत्र भरतपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 53 सामुदायिक शौचालय की स्वीकृति दिनांक 8 दिसम्बर 2020 को मिली थी। जहां प्रति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की लागत 4 लाख 40 हजार रूपए थी। जिसमें 3 दुकान के साथ सामुदायिक शौचालय भी बनना था। जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत थी। 

    कागज़ों में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाकर राशि ख़र्च कर दिया गया। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। क्षेत्र के  लोगों ने बताया कि जहां जनपद क्षेत्र भरतपुर अंतर्गत लगभग 50 सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की सुविधा नहीं है क्योंकि किसी सामुदायिक शौचालय में पानी की टंकी नहीं लगाई गई। और बिना पानी के शौचालय का होना व्यर्थ है। जनकपुर,ककलेडी,मसर्रा,बेनीपुरा,चुटकी,तिलौली,चांटी, च्यूल, सेमरिया,जैंती,बरहोरी,फूलझर,कुवांरपुर,खमरौध , ,जुईली,घघरा , अक्तवार जैसे कई ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है।

    मुख्य कार्यपालन अधिकारी भरतपुर अजय सिंह राठौर का कहना है कि जांच करवाता हूं। निर्माण के समय जो सचिव ग्राम पंचायत पर पदस्थ थे उनसे जानकारी लेकर कार्य पूर्ण करवाने को कहा जाएगा।

  • मुख्यमंत्री साय रायपुर शहर के विभिन्न गरबा महोत्सव में हुए शामिल, मातारानी का दर्शन कर लिया आशीर्वाद

    रायपुर
     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नवरात्रि के पावन पर्व पर विगत रात्रि राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न गरबा समारोहों में शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दिया और हर तरफ़ उत्सव का उल्लास वातावरण में व्याप्त था।

    मुख्यमंत्री श्री साय भानपुरी स्थित श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, आशीर्वाद भवन में श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज द्वारा आयोजित "झणकारो 2025", इनडोर स्टेडियम में "रंगीलो रास 2025" तथा ओमाया पार्क में "रास गरबा उत्सव" में सम्मिलित हुए। इन आयोजनों में समाजजनों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक कच्छ पगड़ी पहनाकर और तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। गरबा की धुनों और रंगारंग माहौल में मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

    प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है तथा जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी रिफॉर्म लागू कर देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की है। यह सुधार न केवल व्यापार को सुगम बनाएगा बल्कि उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ भी देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘बचत उत्सव’ के माध्यम से आम नागरिकों की जेब में पैसों की उल्लेखनीय बचत हो रही है और यह अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रही है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से आह्वान किया कि जब भी बाजार जाएँ तो स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी को प्राथमिकता दें। स्वदेशी से न केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है बल्कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को अपनाना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है और यही देश की समृद्धि का आधार बनेगा।

    इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी,  विधायक श्री अनुज शर्मा, पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मंडल आयोग के अध्यक्ष सहित कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और श्री गुजराती लोहाणा महाजन समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • जगदलपुर : केंद्रीय जेल के बंदियों को दी गई स्वरोजगार संबंधी जानकारी

    जगदलपुर
    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर रजत महोत्सव के तहत विशेष कार्यक्रम के तौर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर द्वारा केन्द्रीय जेल जगदलपुर में सोमवार को बढ़ई, दर्जी, लोहारी, जूट बैग, मूर्तिकार, प्रिटिंग प्रेस का कार्य सीख रहे बंदियों को भविष्य में स्वरोजगार के क्षेत्र में स्वयं का कुछ व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। क्षेत्रीय व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री अजीत सुंदर बिलुंग के द्वारा योजनाओं की जानकारी देने सहित भविष्य में आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर समाज के विकास में चलने बंदियों को प्रेरित किया गया। इस दौरान केन्द्रीय जेल के अधिकारी-कर्मचारियों सहित उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

  • भोपाल में 1 अक्टूबर से नया वाटरप्रूफ रावण दहन सिस्टम, जलती रहेगी परंपरा बारिश के बावजूद

    भोपाल 

    विदाई के बीच इस सप्ताह मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश की एक और झड़ी लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। दक्षिणी हिस्से में ज्यादा असर रहेगा। फिलहाल हल्की बारिश का अलर्ट।  मध्यप्रदेश में इस बार बारिश के बीच रावण दहन होगा। नए सिस्टम की वजह से मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से वाटरप्रूफ पुतलों की डिमांड बढ़ गई है। भोपाल में सजे रावण के पुतलों की मंडी यानी, बाजार में वाटरप्रूफ पुतले की मांग की जा रही है।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले 4 दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश होने का अनुमान है। गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति भी बनी रही। पांचवें दिन से तेज बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इससे पहले सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। ग्वालियर से मानसून लौट गया है, लेकिन सोमवार को यहां 9 घंटे में सवा इंच पानी बरस गया। भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला, सागर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।

    साल 2022 में भी यही स्थिति बनी थी। भोपाल में पेट्रोल छिड़ककर पुतले जलाने पड़े थे। हालांकि, ग्वालियर-उज्जैन समेत प्रदेश के 12 जिलों से मानसून पूरी तरह से लौट चुका है, लेकिन 1 अक्टूबर से एक्टिव हो रहे नए सिस्टम का असर इन जिलों में भी देखने को मिल सकता है। पिछले 3 दिन से यहां हल्की बारिश हो रही है।

    इधर, लिंक रोड नंबर-2 पर ही वन विभाग का मुख्यालय भी है। इसके ठीक सामने रावण के पुतलों का बाजार सजा है। ऐसे में सोमवार दोपहर में बाजार हटाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कई कारीगर ऑफिस के बाहर पहुंचे और दुकान हटाने का विरोध करने लगे। पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया।

    बड़वानी जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर तलवाड़ा बुजुर्ग गांव के खेतों में बारिश का पानी घुस गया। स्थानीय किसान राकेश मुकाती ने कहा- तीन हेक्टेयर खेत में लगी भिंडी और मक्के की फसल खराब हो गई है। करीब 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ।

    वहीं, खरगोन में नमी की वजह से कपास की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मंडी में नीलामी एक सप्ताह के लिए रोक दी गई है। किसान अपने घरों में तो जिनिंग संचालक फैक्ट्री परिसर में कपास सुखा रहे हैं। केके फायबर्स के संचालक प्रितेश अग्रवाल ने कहा- जिनिंग फैक्ट्री में सूखने के लिए रखा 700 क्विंटल कपास गीला होकर बह गया। बारिश के कारण किसान खेतों से कपास की चुनाई नहीं करा पा रहे हैं। गीला कपास पौधों से टूटकर गिर रहा है। 

    भोपाल में 40 फीट तक ऊंचे पुतले भोपाल के बांसखेड़ी, तुलसी नगर, ईंटखेड़ी समेत कई स्थानों पर करीब 300 कारीगर पुतले तैयार कर रहे हैं। बाजार में 5 फीट से लेकर 40 फीट तक ऊंचे पुतले हैं। जिनकी कीमत 50 हजार रुपए तक है। शहर में छोटे-बड़े करीब 7 हजार पुतलों का दहन होगा।

    कारीगर वैदिक कुमार वंशकार ने बताया, बारिश की वजह से मार्केट धीमा है। अभी 10 से 12 ऑर्डर ही आए हैं। पिछले साल ज्यादा आए थे। वॉटरप्रूफ पुतले की डिमांड तो है, लेकिन उसकी लागत अधिक आती है। पुतलों पर प्लास्टिक पेंट भी कर रहे हैं। कारीगर प्रेम बंसल ने बताया, बारिश की वजह से पुतलों को सहेजना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि अब तक लोग पुतले लेकर नहीं गए हैं। दशहरे को सिर्फ 3 दिन बचे हैं। यदि बारिश होती है तो ज्यादा दिक्कतें होंगी।

    इस बार महंगे हैं पुतले कारीगर प्रेम ने बताया कि इस बार पुतले की लागत बढ़ी है। बांस, कपड़ा, धागा समेत अन्य सामग्री के रेट बढ़ गए हैं। जो पुतले हम ग्राहक को देते हैं, वे बिना पटाखों के होते हैं। यदि कोई पुतलों में पटाखे रखवाना चाहेंगे तो उसकी कीमत बढ़ जाएगी।

    दो साल से दशहरे पर बारिश का दौर बता दें कि 2022 में 5 अक्टूबर को दशहरा था। इस समय प्रदेश से मानसून की वापस हो रही थी। इस वजह से कई जिलों में तेज बारिश हुई थी। इससे मध्यप्रदेश में दशहरे पर रावण के पुतले को श्रीराम के बाण से पहले ही इंद्र के बाणों का सामना करना पड़ा था। बारिश की वजह से राजधानी में भी रावण के पुतले भीग गए थे। बांसखेड़ी इलाके में कारीगरों को पुतले बस स्टॉप में रखना पड़े थे। इससे उन्हें खासा नुकसान हुआ था।

    एक सप्ताह बाद से विदाई शुरू होगी नया सिस्टम बनने की वजह से प्रदेश में मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होगी। एक सप्ताह के बाद मानसून लौटने लगेगा। बता दें कि अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है।

    बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है।

    अब तक 122 प्रतिशत बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

  • बिहार से माखनलाल विश्वविद्यालय के छात्र गिरफ्तार, फर्जी खातों के मामले में जांच जारी

    भोपाल
     माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अमन कुमार को बिहार की मोतिहारी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अमन पिछले दो साल से फर्जी बैंक खातों का जाल फैला रहा था। उसने न सिर्फ बिहार के लोगों के नाम पर खाते खुलवाए बल्कि भोपाल में भी खाते खोले। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अमन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का छात्र था, लेकिन कम हाजिरी के चलते उसे छह महीने पहले ही विश्वविद्यालय से अलग कर दिया गया था।

     

  • ग्रामसभा में पंचायत की आय-व्यय एवं योजनाओं की प्रगति और मनरेगा कार्यों की होगी विशेष समीक्षा

    एमसीबी : जिले में 02 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में होगी ग्रामसभा का आयोजन

    ग्रामसभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्रामसभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के दिए निर्देश

    ग्रामसभा में पंचायत की आय-व्यय एवं  योजनाओं की प्रगति और मनरेगा कार्यों की होगी विशेष समीक्षा

    एमसीबी
    छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-6 के प्रावधान तथा शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 24 मार्च 2008 के निर्देशानुसार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में 02 अक्टूबर 2025 को ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित तिथियों 23 जनवरी, 14 अप्रैल, 20 अगस्त एवं 02 अक्टूबर के अतिरिक्त प्रतिवर्ष जून और नवम्बर माह में भी ग्रामसभा आयोजित की जाती है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने समय सीमा की बैठक के दौरान जानकारी दी कि 02 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक ग्राम सभा स्थल पर पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि ग्रामसभा कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु  Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष से जुड़े बिंदुओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।

    इस बार आयोजित होने वाली ग्रामसभा में ग्रामसभा की पूर्व बैठक में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी प्रतिवेदन, पंचायतों के विगत तिमाही आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, पिछली वर्ष की योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की स्थिति, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत रोजगार की मांग और उपलब्धता की समीक्षा तथा आगामी कार्यों की सूची का वाचन किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन, जरूरतमंद व्यक्तियों हेतु खाद्यान्न वितरण और लाभान्वितों की सूची का वाचन, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की जानकारी, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं चिकित्सकीय सुविधाओं पर चर्चा भी इस बैठक का हिस्सा होगी।

    ग्राम पंचायतों में कर अधिरोपण एवं संग्रहण को ऑनलाइन करने हेतु समर्थ पंचायत पोर्टल का उपयोग और वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु कर दर निर्धारण पर विचार, पंचायत पदाधिकारियों तथा अधिकारियों/कर्मचारियों से लेखा-हिसाब और बकाया राशि की जानकारी का वाचन, राज्य की सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु प्रभावी व्यवस्था, जनजागरूकता और संकल्प पारित करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) 1.0 परिणामों में सुधार के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और भागीदारी योजना को बढ़ावा देने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय प्रदर्शन डेटा भी साझा किया जाएगा।

    अन्य विभागीय एजेण्डा में एचआईवी के कारणों, बचाव उपायों और एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 की जानकारी, गर्भवती महिलाओं को एचआईवी एवं सिफलिस जांच हेतु प्रोत्साहित करने पर चर्चा होगी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु कृषकों के  Agristack Portal एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन से जुड़ी कार्यवाही, ग्रामवार धान के रकबा एवं कृषकवार डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी विवरण का पठन एवं पंचायत भवन में चस्पा कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह 2025, भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाने तथा सहकार से समृद्धि पहल की जानकारी और सहकारी समितियों की सदस्यता से अधिकतम संख्या में जुड़ने पर भी चर्चा होगी।

    ग्रामसभा में लिये गये निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर  "ग्राम सभा निर्णय" मोबाइल एप में अपलोड किया जाएगा। भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित  "समासार" पोर्टल का उपयोग कर जिले की न्यूनतम 10 पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। साथ ही ग्राम सभा की गतिविधियों को  Vibrant Gram Sabha Portal (https:@@meetingonline-gov-in)  एवं  GPDP  पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर, जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त विषय भी इस ग्राम सभा के एजेण्डा में शामिल किये जा सकेंगे।

  • उत्तर बस्तर में विकास कार्यों को मिले रफ्तार, कलेक्टर बोले – निर्माण कार्य समय पर हों पूरे

    उत्तर बस्तर कांकेर : बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करें : कलेक्टर

    समय-सीमा की बैठक लेकर लंबित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

    उत्तर बस्तर कांकेर

    कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक लेकर विभिन्न विभागों में लंबित, अपूर्ण एवं अप्रारंभ निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत स्वीकृत कार्यों का निर्माण अब तक अपूर्ण एवं लंबित होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इन्हें शीघ्रता से पूरा करने हेतु निर्देशित किया।
    जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे निर्माण कार्य जो काफी समय से लंबित हैं, उन्हें निरस्त करने की कार्यवाही तत्काल करें। उन्होंने आंगनबाड़ी भवन और पीडीएस सेंटर निर्माण कार्यों में भी उपरोक्तानुसार कार्यवाही करने हेतु संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा डीएमएफ मद के तहत निर्माण कार्यों की भी क्रमवार समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टैक और गिरदावरी की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आगामी 02 अक्टूबर को सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाली ग्रामसभा में गिरदावरी का वाचन रकबा सहित राजस्व अमलों की उपस्थिति में कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों द्वारा दी गई फसल का वास्तविक रकबे की जानकारी सभी को मिल सके।

    इस दौरान आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सभी संबंधित विभागों को शासन के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुए पोर्टल में ऑनलाइन एंट्री करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा ई-ऑफिस के माध्यम से सभी फाईलों को मूवमेंट स्वयं करने और अधीनस्थ कार्यालयों को इस आशय के निर्देश जारी करने के लिए कहा। इसी तरह उन्होंने एलडब्ल्यूई सर्वे, नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सर्वे, सामाजिक अंकेक्षण, पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा पोषण पुनर्वास केन्द्र की स्थिति और अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अलावा विभिन्न एजेण्डों की प्रगति की भी साप्ताहिक समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर द्वय  जितेन्द्र कुमार कुर्रे एवं  ए.एस. पैकरा सहित अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।