• राजस्व मंत्री वर्मा ने की सांसद खेल महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा

    सांसद खेल महोत्सव से ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगी उड़ान : मंत्री  वर्मा

    तीन स्तर पर 25 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक होंगी प्रतियोगिताएं, पारंपरिक खेल भी शामिल होंगे

    राजस्व मंत्री  वर्मा ने की सांसद खेल महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा

    भोपाल 
    राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न खेल और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इस कड़ी में सांसद खेल महोत्सव ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध करवाने का अहम कार्य करेगा। यह बात राजस्व मंत्री  वर्मा ने भोपाल स्थित मंत्रालय में 'सांसद खेल महोत्सव 2025' की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ये आयोजन विदिशा संसदीय क्षेत्र में युवाओं की खेलों के रुचि और सहभागिता को बढ़ाएगा। मंत्री  वर्मा ने बताया कि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री एवं विदिशा सांसद और  शिवराज सिंह चौहान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में इसका आयोजन होगा।

    मंत्री  वर्मा ने बताया कि इस खेल महोत्सव में विदिशा संसदीय क्षेत्र के निवासी ही पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी आवश्यक होगी। ऑफलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 17 सितम्बर है, जबकि ऑनलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितम्बर 2025 है। 25 अक्टूबर से 15 नवंबर तक ग्राम पंचायत स्तर, 5 दिसंबर से 12 दिसंबर तक विधानसभा स्तर और 15 दिसंबर से 25 दिसंबर तक संसदीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस आयोजन में कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, खो-खो, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स समेत पारंपरिक खेल भी शामिल होंगी।

    राजस्व मंत्री  वर्मा ने सभी नागरिकों से बढ़ चढ़कर इस आयोजन में हिस्सा लेने की अपील की है। आयोजन के लिए संसदीय क्षेत्र, जिला, विधानसभा और मंडल स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है जिसमें स्थानीय विधायक, जनपद अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, खेल शिक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हैं।

     

  • सेवा पर्व के दौरान पश्चिम मप्र में हजारों उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं

    भोपाल
    सेवा पर्व के दौरान पश्चिम मप्र में हजारों उपभोक्ता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े हैं। एक पखवाड़े के दौरान मालवा निमाड़ में 1000 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने यहां रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए हैं। अब तक 42 हजार स्थानों पर सोलर रूफ टॉप संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। पिछले वर्ष से लागू पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत मालवा निमाड़ में 24 हजार से ज्य़ादा उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर 180 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पर्यावरण संरक्षण, बिल में बचत और स्वयं के उपयोग की बिजली खुद तैयार करने की भावना के साथ हो रहे प्रेरक कार्य करने वाले उपभोक्ताओं को बधाई दी है।

    मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जारी सेवा पर्व में 15 जिलों में अभियान चलाकर व्यापक प्रचार प्रसार कर हजारों नए उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर से जोड़ा गया है। श्री सिंह ने बताया कि सेवा पर्व में पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना की व्यापक रूप से जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी दी गई। साथ ही वाहनों के माध्यम से दृश्य, श्रव्य प्रचार भी किया गया, ताकि योजना के लाभ एवं विशेषताओं को जन-जन तक व अंतिम छोर तक पहुंचाया जा सके। प्रबंध निदेशक ने बताया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मालवा निमाड़ में रूफ टॉप सोलर से जुड़ने वालों की कुल संख्या 42 हजार पार कर गई। कंपनी की कुल रूफ टॉप सोलर नेट मीटर क्षमता अब 300 मेगावॉट से ज्य़ादा हो गई है। कंपनी क्षेत्र में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से संबंद्ध उपभोक्ता 24 हजार से ज्यादा है। पीएम सूर्य़घर मुफ्त बिजली योजना में प्रति उपभोक्ता 78 हजार तक सब्सिडी दी जाती है, अब तक 180 करोड़ रूपए से ज्य़ादा की सब्सिडी दी जा चुकी है।

    इंदौर में सर्वाधिक 21500 उपभोक्ता
    म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि रूफ टॉप सोलर से सबसे ज्यादा उपभोक्ता इंदौर शहर सीमा अंतर्गत कुल 21500 जुड़ चुके हैं। इंदौर शहर सीमा में ही रूफ टॉप सोलर नेट मीटर योजना अंतर्गत कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 125 मेगावॉट के करीब है।

     

  • संभागीय बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए बिजली, सड़क और जल जीवन मिशन से जुड़े मुद्दे

    संभागीय बैठक से बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    सभी अधिकारी बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तत्परता से कार्यवाही करें- अपर मुख्य सचिव मती शमी
    संभागीय बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाए बिजली, सड़क और जल जीवन मिशन से जुड़े मुद्दे

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विशेष पहल पर संभागीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों से संभाग के सभी जिलों में बड़ी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है। ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के निर्माण तथा सिंचाई परियोजनाओं में गति आई है। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव बैठक में उठाए गए राज्य स्तर के मुद्दों पर विभागीय समन्वय बनाकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कठिनाईयों को दूर कराएं। संभागीय कमिश्नर जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करके भू अर्जन तथा अन्य बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करें। ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की है। ऊर्जा विभाग के अधिकारी फीडर सेपरेशन तथा अन्य कार्यों की कार्ययोजना और कार्यों की सूची विधायकों को उपलब्ध कराएं। सीधी तथा सिंगरौली जिले में पीपीपी मोड पर स्व वित्त पोषित गौशालाओं के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करें। विकास कार्यों की बाधाओं को अधिकारी समन्वय से दूर करें। वन भूमि में निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा अन्य मुद्दों पर लगातार प्रयास करें। नईगढ़ी माइक्रो तथा त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा कराएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की क्षेत्र में की गई घोषणाओं को पूरा कराने के लिए तत्परता से कार्यवाही करें।

    राज्यमंत्री ग्रामीण विकास मती राधा सिंह बगदरा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण शुरू कराने, बिजली की आपूर्ति में सुधार, चितरंगी में 132 केव्ही सब स्टेशन की स्थापना का सुझाव दिया। सांसद रीवा  जनार्दन मिश्र ने बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, आरडीएसएस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई, छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार, समूह नलजल योजना के निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा कराने तथा सोहागी घाट में सड़क सुधार का सुझाव दिया। सांसद सतना  गणेश सिंह ने सतना में 650 बिस्तर अस्पताल को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री जी और उप मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। सांसद ने भोपाल-सिंगरौली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में सतना को शामिल करने, टाइगर प्रोजेक्ट, मैहर के नवरात्रि मेले और चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन के लिए बजट आवंटन, खाद की आपूर्ति, टोंस बराज की जमीन किसानों को वापस करने तथा बरगी बांध परियोजना के संबंध में सुझाव दिए।

    सांसद सीधी डॉ. राजेश मिश्रा ने रेल परियोजना के लिए सीधी से सिंगरौली के बीच भू अर्जन तेजी से पूरा करने, सोन घड़ियाल अभ्यारण्य तथा बगदरा अभ्यारण्य को डिनोटिफाई करने, सीधी में ट्रांसफार्मर डिपो बनाने और सिंगरौली से सरई होकर कटनी तक फोरलेन सड़क निर्माण का सुझाव दिया। विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक ने देवसर में औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, गोंड़ सिंचाई परियोजना, बिजली व्यवस्था में सुधार तथा विधायक मैहर कांत चतुर्वेदी ने मॉडल नर्सरी के निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। विधायक देवतालाब  गिरीश गौतम ने गिरदावरी में सुधार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों को उपयुक्त स्थल में बनाने का सुझाव दिया। विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह ने डभौरा से सिरमौर तक सड़क में सुधार एवं त्योंथर फ्लो सिंचाई परियोजना की गुणवत्ता की जाँच का मुद्दा उठाया। विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, मझौली में सिविल अस्पताल निर्माण, तीन स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य शुरू कराने तथा खाद वितरण के संबंध में सुझाव दिए।

    विधायक सीधी मती रीति पाठक ने हर जिले में गौ अभ्यारण्य के निर्माण तथा मोहनिया से पिपरोहा मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता सुधार के सुझाव दिए। विधायक देवसर  राजेन्द्र मेश्राम तथा विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह ने गोंड़ सिंचाई परियोजना, सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण पूरा कराने, बरगवां से बैढ़न तक फोरलेन सड़क निर्माण, सरई में सौ बेड अस्पताल निर्माण एवं सिंगरौली में स्टेडियम निर्माण के संबंध में सुझाव दिए। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने लालगांव चौकी के थाने में उन्नयन तथा मुख्यमंत्री जी की घोषणाओं को पूरा करने का सुझाव दिया। विधायक मऊगंज  प्रदीप पटेल ने पुलिस बल में वृद्धि, आरडीएसएस योजना से फीडर सेपरेशन की जाँच, बिजली बिलों में सुधार, नलजल योजना, बिजली की आपूर्ति में सुधार तथा अदवा में सोलर प्लांट लगाने का सुझाव दिया। विधायक त्योंथर  सिद्धार्थ तिवारी राज ने फीडर सेपरेशन योजना से गलत स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने, त्योंथर में मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। विधायक चित्रकूट  सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने दौरी सागर बांध के लिए भू अर्जन, 6 नए बांधों का मंजूरी, बगदरा में गौ अभ्यारण्य की स्थापना, टोंस बराज से सिंचाई के लिए पानी देने तथा सतना से रीवा फोरलेन सड़क का अधूरा कार्य पूरा कराने एवं गुणवत्ता में सुधार का सुझाव दिया।

    कमिश्नर बीएस जामोद ने गत बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी। बैठक में पुनर्घनत्वीकरण योजना, रिक्त पदों की पूर्ति, सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए गए। बैठक में नगरीय विकास राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, महापौर रीवा  अजय मिश्र बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष रीवा मती नीता कोल, सतना  रामखेलावन कोल, संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संभागीय अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • इंदौर सराफा बाजार हाइलाइट्स: तेजी के बीच चांदी की डिलीवरी हुई अटकी

    इंदौर
    अंतरराष्ट्रीय बुलियन वायदा मार्केट में सोमवार को सप्ताह की शुरुआत चांदी में जोरदार तेजी के साथ हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 46.5 डालर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रही है। चांदी का यह 14 वर्ष में सबसे ऊंचा स्तर है। विदेशी बाजार के असर से भारतीय सराफा बाजार में भी चांदी में जोरदार उछाल देखा गया। सोमवार को इंदौर सराफा में चांदी चौरसा के भाव 2300 रुपये उछलकर 1,47000 रुपये प्रति किलो पहुंच गए। तेज होती चांदी को देखकर निवेशक भी आकर्षित हो रहे हैं।

    हाल ये है कि हाजिर में चांदी की डिलीवरी अब नहीं मिल रही है। नकद में चांदी खरीद पर अब व्यापारी दशहरे के बाद का समय दे रहे हैं। जानकार बता रहे हैं कि आयातकों को भी उम्मीद नहीं थी कि चांदी ऐसी तेजी पकड़ेगी और देशी निवेशक सोने की बजाय चांदी में पैसा लगाने में अधिक रुचि लेंगे।
     
    इसके चलते अब आयातकों के पास मांग के अनुरुप माल ही उपबलब्ध नहीं है। इसी तरह सोने में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोमवार को सोना 3770 डालर प्रति औंस के भाव पर पहुंच गया। दरअसल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और नरम पड़ रहे डालर के चलते विदेशी निवेशकों का रुझान सोने में बना हुआ है।चीन जैसे कुछ देशों की केंद्रीय बैंक भी सोना खरीद रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दवाओं पर टैरिफ लगाने से भी अंतरराष्ट्रीय अर्थजगत में अनिश्चितता बढ़ रही है जो सोने को बढ़ावा दे रही है।

    इंदौर के बंद भाव
    सोना केडबरी रवा नकद में 119000 सोना (आरटीजीएस) 117000, सोना 22 कैरेट 108000 रुपये प्रति दस ग्राम रहा। शनिवार को सोना 117400 रुपये पर बंद हुआ।
    चांदी चौरसा 147000, चांदी आरटीजीएस 145000 चांदी टंच 148000 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 1675 रुपये प्रति नग बिका। शनिवार को चांदी 144700 रुपये पर बंद हुई थी।।

  • स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है स्वास्थ्य जागरूकता — उप मुख्यमंत्री का संदेश

    स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है स्वास्थ्य जागरूकता — उप मुख्यमंत्री का संदेश

    सेवा पखवाड़ा के तहत आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में सिकल सेल
    एनीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया तभी होगी जब हम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। सेवा पखवाड़ा में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें महिलाएँ, बच्चे, किशोरी बालिकाएँ एवं अन्य लोग भी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें तथा स्वास्थ्य रीवा विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करें। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में किरण सेवा संस्थान के सहयोग से सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं टेस्टिंग शिविर का आयोजन किया गया।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक रक्तविकार है जिससे बीमारी होती है इसकी जांच के उपरांत इलाज आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किरण सेवा संस्थान बधाई की पात्र है जो इस क्षेत्र में सिकल सेल की जांच व उपचार का कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में सभी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांचकर आभा कार्ड बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये नियमित दिनचर्या में प्राणायम, योगासन, ध्यान करते हुए खानपान में सावधानी रखें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे राइट टू स्क्रीनिंग अभियान का लाभ लें व स्वास्थ्य की जांच करायें। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्युदर को कम करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में स्वस्थ व विकसित भारत एवं विकसित रीवा का संकल्प पूरा होगा। किरण सेवा संस्थान के डॉ. अभय मिश्रा ने शिविर की संक्षिप्त जानकारी दी। अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, प्राचार्य  आरएन तिवारी सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

     

  • आराधना और एकजुटता का पर्व है नवरात्रि — डॉ. यादव का आह्वान

    नवरात्रि पर्व मिलकर आराधना करने और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव में हुए शामिल

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें एक साथ मिलकर आराधना करने, मेलजोल और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम बनता है। यह पावन पर्व शक्ति-आराधना का पर्व है। यह अवसर इतिहास के गौरवशाली अध्याय का स्मरण करवाता है। नवरात्रि पर्व में मां जगदम्बा, भगवान कृष्ण के स्वरूप और देवी-देवताओं के रूप में हमारे कलाकार उत्साह और श्रद्धा का परिचय देते हैं। ऐसी अनुभूति होती है कि माँ भवानी साक्षात हमारे बीच आ गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दशहरा पर्व भगवान राम की असुरों पर विजय के साथ माँ जगदम्बा द्वारा महिषासुर का वध करने के उल्लास का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की रात्रि भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    वर्ष 2014 के बाद बदल गया है भारत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अलग पहचान बनाई है। जहां तक शौर्य की बात है अब कोई भी शत्रु भारत में आतंकवादी गतिविधि घटित करने की हिम्मत नहीं कर सकता। भारत, शत्रु को पाताल तक जाकर भी तलाश कर सकता है और शत्रु के घर में घुसकर उसे सबक सिखाने की क्षमता रखता है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का उदाहरण है कि भारत दुश्मन के किसी मंसूबे को सफल नहीं होने देगा। वर्ष 2014 के पहले का भारत बदल चुका है, अब कोई शत्रु भारत से बच नहीं सकता।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में भारत के समस्त देव स्थानों पर आनंद की वर्षा हो रही है। भारत में शौर्य प्रदर्शन और विकास के साथ कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। खेल क्षेत्र में की बात करें तो गत रविवार को हुए 20-20 एशिया कप मैच में भारत की विजय सभी भारतीयों का गर्व बढ़ाने का कारण बनी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजपाल गरबा महोत्सव का यह दूसरा वर्ष है। यहां नागरिकों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारी और गरबा महोत्सव के संयोजक  सुनील यादव के साथ अन्य पदाधिकारियों को गरबा महोत्सव को अभिनव स्वरूप देने की बधाई दी और सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निर्वहन के लिए अभिनंदन किया गया।

    कार्यक्रम में संयोजक  सुनील यादव,  रविंद्र यति,  विकास विरानी,  अमन यादव और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। गरबा महोत्सव के आखिरी दिन विशाल जनसमूह और कलाकार दल ने गरबा की आकर्षक प्रस्तुति दी।

     

  • मुख्यधारा से जुड़ने का फल: रायपुर में सोड़ी हुंगा को मिला आशियाना, पूरा हुआ वर्षों पुराना सपना

    रायपुर

    कभी नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे ग्राम पंचायत एलमागुंडा निवासी श्री सोड़ी हुंगा का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना आखिरकार पूरा हो गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृह विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’’ (विशेष परियोजना नियद नेल्लानार योजना) के अंतर्गत उनका नाम चयनित किया गया। कलेक्टर बीजापुर के मार्गदर्शन में आवास प्लस ऐप सर्वे और प्राथमिकता क्रम मं  लक्ष्य आवंटन के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ।

               पूर्व में नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे श्री हुंगा ने लगातार असुरक्षा और भय से जीवन व्यतीत किया। शासन-प्रशासन पर विश्वास जताते हुए उन्होंने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें प्रोत्साहन राशि और अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता से पक्का मकान मिला। एलमागुंडा ग्राम पंचायत दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है, जो जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। सीमित परिवहन सुविधाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्री हुंगा ने परिवार के सहयोग से अपने घर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया।

             प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राप्ति से श्री सोड़ी हुंगा ने भावुक होकर कहा कि पहले नक्सल गतिविधियों में जीवन हमेशा खतरे में रहता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

             प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और नियद नेल्ला नार योजना न केवल आवासीय सुविधा उपलब्ध करा रही है, बल्कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनका पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री सोड़ी हुंगा जैसे हितग्राहियों की सफलता की कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि योजनाएँ सही दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।

  • मप्र में जल्द होगी बड़ी सर्जरी, जंबो तबादला सूची में 12 कलेक्टरों के नाम शामिल होने का अनुमान

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश सरकार ने बीती शनिवार की देर रात 18 आइएएस और एसएएस के 8 अफसरों समेत 24 अधिकारियों के तबादले किए। एक जंबो सूची और आनी है। इसमें कई आइएएस अफसरों के नाम होंगे। चर्चा के अनुसार 12 से 15 कलेक्टरों पर गाज गिर सकती है। ये वे कलेक्टर होंगे, जिन्हें जिलों की कमान मिलने को दो से ढाई साल का आदर्श समय हो चुका है। बाकी ऐसे होंगे, जो पर्याप्त समय मिलने के बाद भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।

    हटाया जाना तय

    जिन कलेक्टरों की वजह से बार-बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, उन कलेक्टरों को हटाया जाना तय बताया जा रहा है। इनमें भिंड जैसे जिलों के कलेक्टर दायरे में आ सकते हैं। हालांकि प्रशासन के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि कलेक्टरों को कई बार घेरने के प्रयास भी होते है। कानूनी जवाब देने पर विवाद की स्थिति पैदा की जाती है।

    नहीं दिए बेहतर परिणाम

    लगभग यही बात मध्यप्रदेश आइएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी पूर्व में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलकर कह चुके हैं। उक्त सूची में मुख्यमंत्री कार्यालय के उन अधिकारियों के नाम भी होने की संभावना है, जिन्हें मौके देने के बावजूद बेहतर परिणाम नहीं दे पा रहे। इनमें दो आइएएस और इतने ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नाम होना बताया जा रहा है। इनकी जगह नए अफसरों को मौके दिए जा सकते हैं।

  • मध्यप्रदेश को मेट्रो कनेक्टिविटी का तोहफ़ा, इंदौर-पीथमपुर के बीच 30 किमी का मेट्रो ट्रैक, विस्तार की भी तैयारी

    इंदौर

     मेट्रो को रेडिसन चौराहे तक संचालित करने के लिए ट्रैक के बाद अब स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अफसर-ठेकेदारों की बैठक ली है। इस बीच इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रैक बनानेे के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है, टीम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर काम शुरू भी कर दिया है।

    सीएम ने की घोषणा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन (Indore Metro Rail) के संचालन की घोषणा की है। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो (Indore Metro Rail) का सर्वे करने वाली डीएमआरसी को करीब 2 करोड़ 70 लाख में सर्वे के साथ डीपीआर बनाने के लिए जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की टीम ने स्थानीय अफसरों के साथ तैयारी भी शुरू कर दी है।

    उज्जैन में अंडरग्राउंड ट्रैक नहीं

    इंदौर से उज्जैन के बीच भी डीएमआरसी का सर्वे हो चुका है, लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर व उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। उज्जैन में ट्रैक को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव था, लेकिन ज्यादा खर्च होने से शहर में एलिवेटेड ट्रैक का सुझाव दिया गया। जल्द ही संशोधन के बाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद डीपीआर की स्थिति बन सकती है।

    महू तक मेट्रो ले जाने पर विचार नहीं

    अफसरों के मुताबिक, इंदौर से पीथमपुर के बीच (Indore Metro Run Between Indore Pithampur) करीब 30 किमी लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से पीथमपुर अथवा एबी रोड राजेंद्रनगर से राऊ होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प के आधार पर सर्वे होगा। शुरुआती दौर में इंदौर से राऊ, महू होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प पर चर्चा हुई, लेकिन महू जाने के प्रस्ताव को फिलहाल छोड़ दिया गया है। महू जाने पर करीब 10 किमी अतिरिक्त ट्रैक बनता जिसे देखते हुए विकल्प को छोड़ा गया है। डीएमआरसी की टीम जल्द मैदानी सर्वे शुरू कर देगी।

    इंदौर मेट्रो का विस्तार जारी है, पहले फेज के शुभारंभ के बाद अब सेकंड फेज का ट्रायल

     इंदौर मेट्रो जहां अपनी रफ्तार से दौड़ रही है तो वहीं मेट्रो के अगले चरणों की रफ्तार भी तेज है. पहले फेज के बाद अब दूसरे फेज में मेट्रो ट्रेन दौड़ने को तैयार है. दीपावली तक मेट्रो शहर में एंट्री करेगी. शुक्रवार को मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सुपर कॉरिडोर से एम आर 10 रोड तक मेट्रो से सफर किया. मेट्रो रेल कंपनी की पूर्व घोषणा के मुताबिक दीपावली तक इंदौर मेट्रो अपने सेकंड फेज का काम पूर्ण करेगी.

    सेकंड फेज में रेडिसन चौराहे से मालवीय नगर

    दूसरे फेज के तहत इंदौर मेट्रो शहर के रेडिसन से होते हुए मालवीय नगर स्टेशन तक पहुंच जाएगी. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया गया. वर्तमान में मेट्रो का संचालन गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक 6 किलोमीटर का हो रहा है. शुक्रवार को मेट्रो कंपनी ने सुपर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया."

    17 किमी ट्रैक शुरू होते ही कमर्शियल रन

    दीपावली तक इंदौर मेट्रो का दायरा 4 किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा. इस तरह इंदौर मेट्रो 17 में से 10 किलोमीटर सफर प्रारम्भ होने की स्थिति मे पहुंच गई है. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "17 km का ट्रैक तैयार होने के बाद ही कमर्शियल रन प्रारंभ होगा." गौरतलब है करीब 1520 करोड़ के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार के दौरान हुआ था, जिसके पहले ट्रायल रन का शुभारंभ 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया था.

    अभी पिकनिक के तौर पर ही मेट्रो का आनंद

    इंदौर मेट्रो के शुभारंभ के दौरान सुपर कॉरिडोर के 6 स्टेशनों पर ट्रेन ने रन किया था. अब इसको सेकंड फेज में 11 किलोमीटर तक चलाया जाएगा. फिलहाल 6 स्टेशन के बीच ट्रेन में आम लोग सिर्फ पिकनिक की तरह ही सफर कर रहे हैं लेकिन सेकंड फेज के बाद लोग मेट्रो से सुपर करिडोर से लेकर रेडिसन होटल तक सुविधाजनक सफर कर पाएंगे.

    जून में हुए ट्रायल में क्या-क्या हुआ था

    इससे पहले जून में मेट्रो ट्रायल के दौरान ट्रैक के साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निरीक्षण किया गया था. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी के साथ सभी स्टेशनों के सिविल तथा सिस्टम संबंधी कार्यों का अवलोकन किया गया था. निरीक्षण के दौरान मुख्यत: स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्कलेटर, कंट्रोल रूम, विभिन्न सिस्टम रूम, टिकटिंग रूम, PEB/शेड इत्यादि निर्माण कार्यों के साथ-2 आंतरिक एवं बाहरी कार्यों को चेक किया था.

     

  • ‘नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान’… राहुल गांधी पोस्टर ने बढ़ाई हलचल

    भोपाल 
    देश में इन दिनों पोस्टर वॉर का सिलसिला जारी है। ‘I Love Mohammad’ पोस्टरों को लेकर मचे बवाल के बीच, मध्य प्रदेश से एक नया पोस्टर सामने आया है। इस पोस्टर में ‘I Love India’, ‘I Love Rahul Gandhi’, ‘जय बाबू जय भीम जय संविधान’ और ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ लिखा हुआ है। यह पोस्टर कहीं और नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाया गया है। इस पोस्टर को प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे ने लगवाया है।

    पोस्टर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अजय सिंह, और अरुण यादव की तस्वीरें भी शामिल हैं। देशभर में ‘I Love Mohammad’ पोस्टर के विवाद के बीच यह पोस्टर अब सोशल मीडिया और जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

     

  • विज्ञान मेला से प्रतिभाओं को मिलेगा आगे आने का मौका

    नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने 12वें विज्ञान मेला को किया संबोधित

    भोपाल 
    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार विज्ञान से जुड़ी प्रतिभाओं को अपने नवाचार के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र विकास की रफ्तार को और तेज करता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। विज्ञान मेला का आयोजन विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में लगाया गया था।

    मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं को केन्द्र और राज्य सरकार दोनों का सहयोग मिल रहा है। कोविड काल का जिक्र करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को कोविड की दवाई और वैक्सीन तैयार करने के लिये प्रोत्साहित किया था। इस प्रोत्साहन से कोविड की दवाई और वैक्सीन बनाकर भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का संदेश दिया था। कोविड की वैक्सीन न केवल देश के नागरिकों को लगाई गई बल्कि दुनिया के अनेक जरूरतमंद देशों को भी उपलब्ध कराई गई।

    रक्षा क्षेत्र में चल रहे हैं लगातार शोध
    मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में देश में लगातार शोध हो रहे हैं। रक्षा उपकरणों मामले में भारत काफी हद तक आत्मनिर्भर हुआ है। आयुर्वेद पद्धति की चर्चा करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश की प्राचीन परंपराओं ने दुनिया में अपनी साख बनाई है। आज अनेक देश आयुर्वेद को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जिलाइजर ने हमारी खेती की जमीन को काफी नुकसान पहुंचाया है। जरूरत इस बात की है कि हम जैविक और प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ें। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विद्यार्थियों को विज्ञान को रचनात्मक कामों में उपयोग करने की समझाइश दी। कार्यक्रम को वरिष्ठ वैज्ञानिक पूर्व निदेशक डॉ. शंकर विनायक नाखे ने भी संबोधित किया। समापन सत्र में निदेशक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रो. सुधीर भदौरिया, अध्यक्ष भोपाल विज्ञान मेला डॉ. अनिल कोठारी, अध्यक्ष मध्य भारत प्रांत विज्ञान भारती डॉ. अमोघ ने भी संबोधित किया। विज्ञान मेले में 350 से अधिक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किये गये। भोपाल की अनेक शिक्षण संस्थाओं ने विज्ञान से जुड़े स्टॉल लगाये। 

  • हरदा जिले के खिरकिया में विकास कार्यों की दी सौगातें

    बच्चों की बेहतर शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा है आरटीई
    मुख्यमंत्री ने शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत 8.45 लाख से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के 489 करोड़ रुपये निजी स्कूलों को किए अंतरित
    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की फीस दे रही है। राज्य सरकार ने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम से लाभान्वित निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को अगले सत्र से पाठ्यपुस्तकें और बैग उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की पहचान आज सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्य की बन चुकी है। राज्य सरकार ने संपूर्ण प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की है। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल, ड्रेस और किताबें मिल रही हैं। शाला में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी और 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनके बेहतर भविष्य की सुरक्षा है। बच्चे अपना भविष्य बनाते हुए देशभक्त नागरिक बनें, वे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनें, साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी भूमिका निभाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 72 किलोमीटर लम्बी आशापुर-हरदा सड़क निर्माण की घोषणा भी की। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जो कहा है, वो करके दिखाया है। किसानों कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की उपज पर 175 रुपए का बोनस उपलब्ध कराकर उन्हें गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य दिलाया गया है। अब भावांतर योजना लागू करते हुए प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक हर किसान को प्रति क्विंटल 5328 रूपये समर्थन मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार ने मूंग और धान उत्पादक किसानों को भी उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई भीषण विस्फोट दुर्घटना का स्मरण करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन ने उस कठिन परिस्थिति में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव राहत और बचाव उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए थे। अब राज्य सरकार ने बीमार और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की व्यवस्था आरंभ की है। कठिन परिस्थितियों में पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को त्वरित रूप मदद उपलब्ध कराने के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। गुरुजन के प्रयास और माताओं के आशीर्वाद से ही समाज का कल्याण हो सकता है। रामायणकाल में महर्षि विश्वामित्र की बालक राम को प्रभु श्रीराम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रसंग से हम मित्रता और आपसी संबंधों में एक दूसरे को सम्मान देने के महत्व से भी परिचित होते हैं। हमें प्रयास करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के इन प्रसंगों से प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने ब्रिटिश काल में सबसे कठिन परीक्षा आईसीएस में चयनित होकर अंग्रजों की नौकरी ठुकराई और उन्हें भारतीय मेधा से परिचित कराया।

    दो स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि के सांकेतिक चेक भेंट किये
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के निःशुल्क प्रवेशित 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिये प्रदेश के 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रूपये अंतरित किये। उन्होंने इस दौरान शांति निकेतन हायर सेकण्ड्री स्कूल छीपाबड को 62 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 4 लाख एक हजार 593 रूपये और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिरकिया को 59 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 3 लाख 61 हजार 979 रूपये के सांकेतिक चेक वितरित किये।

    केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, सुशासन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार और पारदर्शिता को प्रोत्साहित किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम समाज के कमजोर वर्ग के लिए वरदान की तरह है। इस योजना से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह देश और समाज की प्रगति का मार्ग है। शासकीय स्कूलों में अच्छे भवन बने हैं। बच्चों को पौष्टिक मध्यान भोजन मिल रहा है और उन्हें हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार के माध्यम से निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में 70 प्रतिशत विद्यार्थी किसान परिवार से आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा जिला सिंचाई से लेकर पेयजल, सड़क एवं बिजली सहित हर क्षेत्र में अग्रणी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम हर क्षेत्र में विकास करने के लिये कटिबद्ध है।

    विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिरकिया में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 1851.04 लाख रूपये के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 130.70 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले हाई स्कूल भवन कायदा में 4 क्लास रूम तथा 3 प्रयोगशाला, 404 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले महाविद्यालयीन बालक छात्रावास टिमरनी, 265 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही 5 एमव्हीए खामापड़वा उपकेन्द्र, 525.67 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नवीन जनपद पंचायत भवन टिमरनी तथा 525.67 लाख रूपये की लागत से बनने वाले नवीन जनपद पंचायत भवन खिरकिया का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 306.80 लाख रूपये से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र धनवाडा मय 1 जी टाइप और 1 एच टाइप आवास गृह तथा 266 लाख रूपये की लागत से निर्मित नवीन 33/11 केव्ही 5 एमव्हीए भवरास उप केन्द्र का लोकार्पण भी किया।

    जनजातीय कलाकारों ने किया आत्मीय स्वागत
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के हरदा आगमन पर जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक रीति-रिवाज़ों और लोक-संस्कृति के साथ आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक कलाकार को 5-5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।

    एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रौपा पौधा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री डी.डी. उइके, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल के साथ एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा लगाया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, विधायकी हरदा आर.के. दोगुने, पूर्व विधायक टिमरनी श्री संजय शाह, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और नागरिक मौजूद रहे।

  • 12वें भोपाल विज्ञान मेले में एम.पी. ट्रांसको को मिला प्रथम स्थान

    भोपाल
    विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत के तत्वावधान में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, स्थित ज्ञान विज्ञान भवन में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के स्टॉल को शासकीय वर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। विज्ञान मेले के समापन समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह पुरस्कार प्रदान किया। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एम.पी. ट्रांसको को इस सफलता पर बधाई दी है।

    नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों का हुआ प्रदर्शन
    26 सितंबर से प्रारंभ हुए इस मेले में एम.पी. ट्रांसको का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। स्टॉल में एम.पी. ट्रांसको द्वारा मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। इनमें चार्ज ट्रांसमिशन लाइन पर हॉटलाइन तकनीक और वेयर हेंड तकनीक से सुधार कार्य, गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जी.आई.एस.) तकनीक से संचालित एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के मॉडल सहित अनेक तकनीकी डिस्प्ले प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों और आगंतुको ने ट्रांसमिशन सिस्टम की बारीकियों को जिज्ञासा और उत्साह से समझा।

    शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने भी गत दिवस ट्रांसको के स्टॉल का अवलोकन कर ट्रांसमिशन सिस्टम में नई-नई तकनीकें और नवाचार के उपयोग को सराहनीय बताया था।

     

  • सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को हासिल हुई एनएबीएल की चार वर्ष की मान्यता

    भोपाल
    मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी (STPS) स्थि‍त कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्ट‍िंग एन्ड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीएल) से चार वर्षों की नवीन मान्यता हासिल हुई है। सारनी कोयला गुणवत्ता प्रयोगशाला को यह मान्यता आईएसओ/आईईसी 17025:2017 के मानकों के अनुरूप प्रदान की गई है। कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को यह मान्यता 5 सितंबर 2029 तक की अवधि के लिए दी गई है।

    मान्यता सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का प्रतीक
    मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने कहा कि सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल से चार वर्ष की मान्यता प्राप्त होना प्रयोगशाला की कोयला परीक्षण की सटीकता, विश्वसनीयता व पारदर्श‍िता का परिचायक है। एनएबीएल द्वारा कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला को मान्यता देने का कार्य कई चरणों में पूर्ण किया गया, जिसमें आन साइट सर्विलांस ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रि‍या शामिल थी। एनएबीएल द्वारा इसके अलावा प्रयोगशाला की कार्यप्रणालि‍यों, अभिलेखों और वहां पर कार्यरत कार्मिकों की क्षमता व कुशलता को परखा गया। इन समस्त मापदंडों में सारनी की कोयला प्रयोगशाला को सफलता मिली है।

    मानकों के अनुसार प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि
    अंतर्राष्ट्रीय मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की सारनी कोयला गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला की यह सफलता टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। इस मान्यता से अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार गुणवत्ता और क्षमता के प्रति प्रयोगशाला की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्ट‍ि होती है।

     

  • पांडुर्णा में ऊर्जीकृत हुआ 200 एम.व्ही.ए. का नया पावर ट्रांसफार्मर

     महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण को मिली फ्लेक्सिबिलिटी : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि महाराष्ट्र के कमलेश्वर से विद्युत आदान-प्रदान को और अधिक विश्वसनीय एवं लचीला बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 13 करोड़ 47 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि करते हुए एक नया 200 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से अब महाराष्ट्र से अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण के लिए 40 एम.व्ही.ए. अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही इस ट्रांसफार्मर के जरिए आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल के 400 केवी सबस्टेशन से भी अतिरिक्त बिजली प्राप्त की जा सकेगी। इससे बोरगांव और मुलताई सहित छिंदवाड़ा जिले को पर्याप्त एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    क्षमता बढकर हुई 360 एमव्हीए
    एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि पूर्व में पांडुर्णा 220 केवी सबस्टेशन पर 160 एम.व्ही.ए. क्षमता के दो पावर ट्रांसफार्मर स्थापित थे। उस व्यवस्था में महाराष्ट्र से विद्युत आदान-प्रदान में कभी-कभी दिक्कत आती थी, जिससे न तो मध्यप्रदेश को आवश्यकता अनुसार अधिक बिजली मिल पाती थी और न ही महाराष्ट्र को अतिरिक्त विद्युत दी जा सकती थी। इस कमी को दूर करने के लिए सबस्टेशन पर क्षमता वृद्धि की गई और अब नया 200 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। जिसे पांडुर्णा 220 के व्ही सब स्टेशन मे 220 केव्ही साइड की क्षमता बढ़कर 360 एम.व्ही.ए. हो गई है।

    इन क्षेत्रों को भी होगा लाभ
    पांडुर्णा में नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से बोरगांव 132 केवी सबस्टेशन, मुलताई 132 केवी सबस्टेशन तथा 220 केवी सबस्टेशन छिंदवाड़ा से जुड़े जिले के विभिन्न क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर पीजीसीआईएल बैतूल से भी अतिरिक्त विद्युत प्राप्त की जा सकेगी।

     

  • 5 लाख लोगों की शपथ बनी पोषण जनआंदोलन

    शाजापुर में ‘घर में पकायेंगे और घर का खायेंगे’ बना पोषण सूत्र

    भोपाल
    मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जनांदोलन में बदल दिया है। “घर में पकायेंगे – घर का खायेंगे” नवाचार के माध्यम से जिले ने पोषण, स्वास्थ्य और पारिवारिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए राज्य स्तर पर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए, बाजार के अस्वास्थ्यकर खाद्य विकल्पों से दूर रहने का जो संदेश शाजापुर ने दिया है, वह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। पोषण माह पर 17 सितम्बर को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें दाल बाटी चूरमा, मक्के की रोटी, ज्वार-बाजरे की रोटियां, सोयाबीन से बने उत्पाद, अंकुरित अनाज और गुड़-चना जैसे पौष्टिक विकल्पों को लोगों के सामने प्रस्तुत किया गया।

    5 लाख से अधिक लोगों ने ली शपथ
    जिलेभर में इस अभियान के अंतर्गत वृहद हस्ताक्षर और शपथ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर “घर का खाना – सबसे अच्छा खाना” का संकल्प लिया है। अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी, स्कूल शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

    बाहर के खाने से होने वाले नुकसान पर विशेष फोकस
    अभियान के दौरान फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के दुष्परिणामों पर विशेष रूप से जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अभियान कार्यकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है कि बाहर के खाने से बच्चों में मोटापा, मधुमेह, पोषण की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

    “पोषण भी, पढ़ाई भी” का संदेश
    अभियान को “पोषण भी, पढ़ाई भी” थीम से जोड़ा गया है। बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा का महत्व भी बताया जा रहा है। अभियान का एक लोकप्रिय नारा “दादी/नानी बताएंगी, पापा लाएंगे, मम्मी पकाएंगी, बच्चे खायेंगे” अब हर गांव और मोहल्ले में गूंज रहा है।

    संपूर्ण परिवार की भागीदारी
    कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बताया कि यह केवल पोषण अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक भागीदारी का उदाहरण है। “इस नवाचार ने यह साबित किया है कि यदि सही जागरूकता और समुदाय की भागीदारी हो, तो किसी भी योजना को जन आंदोलन में बदला जा सकता है।”

    सोशल मीडिया से भी जुड़ा जन-जागरूकता अभियान
    जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। छोटे वीडियो, स्लोगन, पोस्टर और रील्स के ज़रिए खासकर युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 

  • परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण

    परिवहन मंत्री श्री सिंह मंगलवार को करेंगे लोकार्पण

    भोपाल 
    परिवहन विभाग में फेसलेस सेवाओं का विस्तारीकरण का लोकार्पण मंगलवार 30 सितम्बर को दोपहर 03:00 बजे परिवहन स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह करेंगे। लोकार्पण समारोह क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कोकता, भोपाल में आयोजित किया गया है।

    फेसलेस सेवाओें का विस्तारीकरण का मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यावसायिक दक्षता के साथ सेवाओं का विस्तार करना है। कार्यक्रम में हेलमेट एवं राहवीर पुरस्कार वितरण, फेसलेस सेवाओं पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया जायेगा। कार्यक्रम में सचिव परिवहन विभाग एवं आयुक्त परिवहन भी मौजूद रहेंगे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोटेगांव पहुंचकर मंत्री पटेल की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

    शोकाकुल परिजन से मिलकर दी सांत्वना

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को नरंसिहपुर जिले के गोटेगांव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के निवास पहुंचे और उनकी पूज्य माताजी श्रीमती यशोदा पटेल के निधन पर गहन शोक संवेदना व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्रीमती यशोदा पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दुख की इस कठिन घड़ी में शोकाकुल पटेल परिवार से भेंटकर उन्हें सांत्वना दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत माताजी से पूर्व में भेंट हुई थी। किसी के भी जीवन में मां की कोई प्रतिपूर्ति नहीं हो सकती है। मंत्री श्री प्रहलाद एवं परिजनों ने माताजी की हर जरूरत का हमेशा ध्यान रखा। माताजी का आशीर्वाद सदैव हम सबको मिलता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से दु:ख की इस घड़ी में पटेल परिवार के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिवंगत माताजी सादा जीवन, उच्च विचार की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने धर्मपरायण और सात्विक जीवन जिया। उनके आचार-विचार हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

    इस दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, विधायक श्री महेन्द्र नागेश, वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलायम सिंह पटेल, श्री सरदार सिंह पटेल, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, कमिश्नर जबलपुर श्री धनंजय सिंह भदौरिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बावड़िया पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हरदा जिले के ग्राम बावड़िया में श्री राजेंद्र सिंह राजपूत के निवास पर पहुँचकर उनके पिता स्व. दयाराम राजपूत के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने और शोक संतप्त परिवार को दुख की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। इस दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री डी.डी. उइके, म.प्र. के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन विभाग मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, पूर्व विधायक टिमरनी श्री संजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

  • विशेषज्ञों ने साझा किए गुणवत्ता सुधार, इंडस्ट्री लिंक और डिजीटल ट्रांसफॉर्मेशन के अनुभव

    भोपाल
    कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने अपने वर्चुअल संदेश में कहा कि विभिन्न राज्यों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी हमारे मज़बूत स्किलिंग इकोसिस्टम की झलक है। उन्होंने एनसीवीईटी को बधाई देते हुए कहा कि अवार्डिंग बॉडीज और असेसमेंट एजेंसियों के लिए नए मानक तय किए गए हैं। योग्यताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यताओं के ढाँचे (NSQF) से जोड़ा गया है साथ ही प्रशिक्षकों व अवसरों के प्रशिक्षण की व्यवस्था को सशक्त बनाया गया है। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ये सुधार न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ा रहे हैं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स और जीवन कौशल के माध्यम से आधुनिक उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर भी खोल रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की पहल, जैसे संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क और राज्य कौशल विकास मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल विकास एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के सशक्तिकरण का मिशन है, जो विकासित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

    नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनसीवीईटी), भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा मध्यप्रदेश शासन के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग और संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल के सहयोग से सोमवार को सेंट्रल जोन के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग एवं अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वर्कशॉप का उद्देश्य कौशल विकास एवं प्रशिक्षण (VET) इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना, गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना और नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुरूप वोकेशनल एजुकेशन के एकीकरण को गति देना है।

    केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने वीडियो संदेश में कहा कि कौशल विकास केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय अनिवार्यता है और भारत के भविष्य को गति देने वाली ताकत है। उन्होंने एनसीवीईटी द्वारा आयोजित जोनल वर्कशॉप की श्रृंखला को सराहते हुए कहा कि ये प्लेटफॉर्म अवार्डिंग बॉडीज, उच्च शिक्षा संस्थानों, राज्य बोर्ड्स और स्किल मिशन्स को साझा अनुभव और दिशा प्रदान करते हैं। राज्यमंत्री श्री चौधरी ने नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क, NEP 2020 में स्किल्स के एकीकरण, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत नए जॉब रोल्स तथा Skilling for AI Readiness (SOAR) पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत को “भविष्य की स्किल राजधानी” बनाने के लिए हर युवा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा योग्य कौशल से लैस करना आवश्यक है।

    श्री विनीता अग्रवाल, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी ने कहा कि एनसीवीईटी राष्ट्रीय रेगुलेटर के रूप में गुणवत्ता मानकों की सुरक्षा और पहचान ढांचे की मजबूती पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को न केवल रोजगारपरक बल्कि युवाओं के लिए आकर्षक बनाने की आवश्यकता है। श्री नीना पाहुजा, कार्यकारी सदस्य, एनसीवीईटी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, जीवन कौशल, उद्योग सहयोग और एआई जैसी नई स्किल्स के एकीकरण पर बल दिया।

    तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने कहा कि कौशल विकास, कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण ही भारत की विकास यात्रा की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल से सशक्त करना न केवल देश की कार्यशक्ति को मजबूत बनाता है, बल्कि नवाचार, उत्पादकता और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करता है।

    तकनीकी सत्रों में एनसीवीईटी, एमएसडीई और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रक्रियागत सुधार, सामान्य लागत मानक, और केंद्र-राज्य स्किलिंग पहलों के समन्वय पर विस्तृत विचार साझा किए। पैनल चर्चाओं में शिक्षा और उद्योग के विशेषज्ञों ने वोकेशनल एजुकेशन को उच्च शिक्षा और सामान्य शिक्षा के साथ जोड़ने, नवाचार अपनाने और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में विचार प्रस्तुत किए। वर्कशॉप में सभी प्रतिभागियों ने इस संकल्प को दोहराया कि सरकार, नियामक संस्थाएं, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर केंद्रीय क्षेत्र में एक भविष्य कार्यबल तैयार करेंगे और भारत को वैश्विक कौशल शक्ति बनाने में सहयोग करेंगे।