• धर्म स्थल में चोरी की योजना फेल, आरोपी अब सात साल जेल में रहेंगे

    भिंड
    विशेष न्यायाधीश डकैती क्षेत्र क्रमांक-1 मनोज कुमार तिवारी के न्यायालय ने सोमवार को डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए पांच आरोपितों को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष का कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार घटना 23 मई 2019 की है।

    पुलिसकर्मियों ने छिपकर आरोपियों की बातचीत सुनी
    रात लगभग 11 बजे थाना रौन के प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को मुखबिर से सूचना मिली कि बहादुरपुरा और बघेली के बीच स्थित एक ट्यूबवेल पर 4-5 व्यक्ति छिपे हुए हैं। वे कालिका माता मंदिर पर डकैती डालने की योजना बना रहे हैं। सूचना की पुष्टि करने थाना प्रभारी फोर्स मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने छिपकर आरोपितों की बातचीत सुनी। वे आपस में चर्चा कर रहे थे कि मंदिर में रहने वाले पुजारी के पास काफी माल होगा और उसी रात वहां डकैती डालनी है।
     
    घेराबंदी कर पांचों आरोपी गिरफ्तार
    बातचीत सुनने के बाद थाना प्रभारी ने पुलिस फोर्स के साथ चारों ओर से घेराबंदी कर पांचों आरोपितों को मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस ने सुखपाल सिंह उर्फ सुक्कू से 12 बोर की दुनाली बंदूक, 2 कारतूस, राघवेंद्र सिंह उर्फ कन्हैया से 12 बोर की अधिया, एक कारतूस, अतुल सिंह से 315 बोर का कट्टा, एक कारतूस, शैलेंद्र सिंह से 12 बोर की दुनाली बंदूक, 2 कारतूस, पूरन सिंह से 12 बोर की बंदूक, 2 कारतूस जब्त किए।

    न्यायालय में 8 गवाह पेश किए
    पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। साथ ही प्रकरण न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में 8 गवाह पेश किए। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल आठ साक्षियों को न्यायालय में परीक्षित कराया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित सुखपाल सिंह उर्फ सुक्कू, राघवेंद्र सिंह उर्फ कन्हैया, अतुल सिंह, तीनों निवासी ग्राम बहादुरपुरा थाना रौन, शैलेंद्र सिंह और पूरन सिंह निवासी तखत की गढ़िया जिला भिंड को सात-सात साल की सजा सुनाते हुए 25-25 जुर्माना किया है।

     

  • MP में धार्मिक तनाव की झलक: मुस्लिम युवती और उसके साथ रहे युवक पर हुई सरेआम हमला, आरोपी हिरासत में

    सिवनी
    रास्ता रोककर युवक से सरेआम मारपीट करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने छह आरोपितों को गिरफ्तार कर 29 सितंबर सोमवार को न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार एक अन्य आरोपित की तलाश की जा रही है। मारपीट की घटना 27 सितंबर की दोपहर की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार बुर्का पहनी युवती के साथ बस स्टैंड से पैदल जा रहे युवक को कुछ युवक ने रोक लिया। बाद में युवक से मारपीट की गई। मामले की शिकायत पीड़ित ने 28 सितंबर को कोतवाली थाना में दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने सात आरोपितों पर धारा 126(2),296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस का अपराध दर्ज कर छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
     
    युवक से की गई मारपीट
    कोतवाली थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने बताया कि छपारा नांदियाकला निवासी अमन साहू कालेज से टीसी लेकर अपने दोस्त अंकित साहू के साथ बस स्टैंड के पास मेडिकल स्टोर से दवाई लेने पैदल जा रहा था। तभी रास्ते में पड़ोस गांव निवासी बहन की सहेली मिलने पर वह उससे बातचीत करने लगा। इसी बीच छोटी पुलिस लाइन निवासी असीम बैग ने अपनी बाइक से आकर दोनों का रास्ता रोककर पूछा तो किस लड़की के साथ घूम रहा है। इस दौरान गंदी-गंदी गालियां दी गई, जिसका विरोध करने पर असीम बैग और उसके दोस्तों अब्दुल मुजाहिद, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद हस्सान खान, नसीम, साकिब व नोमान ने हाथ-मुक्का से मारपीट की गई।

    आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश
    शिकायत पर कार्रवाई करते पुलिस ने छह आरोपितों मुजाहिद पुत्र मुजीब बैग (19) भगतसिंह वार्ड, आदिल पुत्र नूर मोहम्मद (19) हड्डी गोदाम, साकिब पुत्र यूनुस खान (21) पिंजारी मोहल्ला, मोहम्मद नसीम उर्फ अनीस पुत्र शेख रमजान (40) केजीएन कालोनी, मोहम्मद हस्सान पुत्र नूर मोहम्मद (19) भगतसिंह वार्ड, असीम पुत्र अलीम मिर्जा (18) छोटी पुलिस लाइन निवासी को गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर दिया है। एक फरार आरोपित नोमान की तलाश की जा रही है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
    इस घटना का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा है कि अवैध गतिविधियों व शहर में गुंडागर्दी कर अशांति फैलाने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी किशोर बामनकर, एसआई दयाराम शरणागत, एएसआई दिनेश रघुवंशी, जसवंत ठाकुर, आरक्षक अमित रघुवंशी, अजेन्द्र पाल, प्रतीक बघेल, सिध्दार्थ दुबे, दिलीप उइके व आरक्षक चालक इरफान शामिल रहे।

  • रायपुर: हिंदी पखवाड़े में झलकी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी

     रायपुर

    इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, रायपुर में हिंदी पखवाड़े के अवसर पर विविध साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राजभाषा हिंदी प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार महाविद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, एनईपी समन्वयक डॉ. एस. बी. वेरुलकर, प्लेसमेंट सेल एवं एन.इ.पी. सारथी  सुश्री अनुष्का चौरसिया के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

        कार्यक्रम के अंतर्गत “नशा मुक्त भारत” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता तथा “विकसित भारत 2047 के निर्माण में हिंदी की भूमिका” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। महाविद्यालय के 155 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल और सामाजिक चेतना का परिचय दिया।
        
        चित्रकला प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति को लेकर सारगर्भित संदेश प्रस्तुत कर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और उसकी भूमिका पर सशक्त तर्क रखते हुए विकसित भारत 2047 के परिकल्पना में इसकी महत्ता को स्पष्ट किया।

        विद्यार्थियों की सक्रिय और ऊर्जावान भागीदारी इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत यह आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना और संवाद कौशल को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर चयनित विद्यार्थियों को दिनांक 30 सितंबर, 2025 को आयोजित हिंदी पखवाड़ा के समापन दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा।

  • ‘मंदिर के बाहर प्रसाद बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात’ — साध्वी प्रज्ञा के बयान पर विरोध और चर्चा.

    भोपाल
    पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का एक बयान सुर्खियों में है। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यक्रम में मंदिरों के पास प्रसाद बेचने वालों पर नजर रखने को कहा है। कहा कि अगर कोई गैर हिंदू प्रसाद बेचता दिखे तो उसकी जितनी पिटाई कर सकते हो पिटाई करो फिर शासन के हवाले करो।

    भोपाल की पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को अपने एक बयान से विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के एक कार्यक्रम में हिंदू श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे ग्रुप बनाकर जांच करें कि मंदिरों के आसपास कौन प्रसाद बेच रहा है। अगर प्रसाद बेचने वाला हिंदू नहीं हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें।

    प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि अगर आपको कोई गैर-हिंदू प्रसाद बेचता हुआ मिले तो उसकी जितनी पिटाई कर सकते हो करो और फिर शासन के हवाले कर दो। उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धालुओं को गैर-हिंदू विक्रेताओं से प्रसाद खरीदने से मना कर देना चाहिए और उन्हें इसे बेचने या मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

    उन्होंने घरों को हथियारबंद करने की बात दोहराते हुए कहा कि हां, मैंने कहा था कि आपको अपने घरों में हथियार रखने चाहिए। मैंने आग्रह किया कि हथियार धारदार रखे जाएं ताकि परिवार अपनी रक्षा कर सकें। उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन आपके घर की दहलीज पार करे तो उसे दो टुकड़े कर दो।

    उन्होंने आगे कहा कि जब हमारी बेटियों और बहनों को उनके घरों से उठाया जाता है, उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करके सड़क पर बिखेर दिए जाते हैं, तो हमें बहुत पीड़ा होती है। इस पीड़ा को दूर करने के लिए जब दुश्मन आपके घर की दहलीज लांघने की कोशिश करे तो आपको उन्हें बीच से काट देना चाहिए। दुर्गा वाहिनी का काम हर घर में एक दुर्गा तैयार करना है। हर घर में हथियार रखने का आह्वान करना है। हम हर घर में नियम और कानून का पालन करते हैं, क्योंकि यह देश हमारा है। प्रज्ञा ठाकुर ने अपने भाषण में राष्ट्रवादी विषयों का हवाला दिया। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने राष्ट्र की सांस्कृतिक परंपराओं को विफल बताया।

  • वृद्धजन दिवस रहेगा समर्पित वरिष्ठ नागरिकों के समावेशी भविष्य को सशक्त बनाने पर: मंत्री कुशवाहा

    अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर होंगे विविध कार्यक्रम

    भोपाल 

    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि इस वर्ष एक अक्टूबर, अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस "समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना" विषय पर केन्द्रित रहेगा। एक अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालायों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें समावेशी भविष्य के निर्माण में सशक्त पहचान दिलाना है।

    मंत्री  कुशवाहा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के आयोजन से प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही समाज में उनके अनुभव और मार्गदर्शन की उपयोगिता को भी पुनः रेखांकित किया जाएगा। यह आयोजन प्रदेश की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें बुजुर्गों को समाज की धरोहर मानते हुए उन्हें सम्मान और सहयोग प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मती सोनाली वायगणकर ने बताया कि कार्यक्रम की थीम “समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना” निर्धारित की गई है। जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद-सत्र एवं जनजागरूकता गतिविधियां होंगी। इन आयोजनों का मुख्य फोकस यह रहेगा कि वृद्धजन केवल परिवार और समाज के अनुभव का आधार ही नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

    जिलास्तर पर शतायु सम्मान

    विशेष आकर्षण के रूप में प्रत्येक जिले में ‘शतायु सम्मान’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 100 वर्ष या उससे अधिक आयु पूर्ण कर चुके वृद्धजनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से राज्य सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देना है। सभी जिला कलेक्टर और विभाग के जिला अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रमों का स्वरूप स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के अनुरूप होंगे और प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

     

  • सफलता की कहानी: किशोरी अमृत सरोवर बना खुशहाली का स्रोत

    20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प,  सिंचाई और मछलीपालन से बदल रही है ग्रामीणों की जिंदगी

    रायपुर
    कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम किशोरी में मिशन अमृत सरोवर के तहत नवीनीकृत हुआ तालाब आज ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे रहा है। कभी अनुपयोगी हो चुका यह तालाब अब ग्रामीणों के लिए दैनिक निस्तार, पशुओं के पेयजल, खेती-बाड़ी और आजीविका संवर्धन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।

    20 साल पुराने तालाब का कायाकल्प
    ग्राम पंचायत किशोरी में लगभग 20 वर्ष पुराना तालाब लंबे समय तक उपेक्षा के कारण अनुपयोगी हो गया था। वित्तीय वर्ष 2022- 23 में पंचायत के प्रस्ताव पर इसे मिशन अमृत सरोवर के तहत पुनर्जीवित किया गया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कर इसकी जलभराव क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 10 हजार घनमीटर कर दिया गया।

    18 एकड़ खेतों में पहुंचा पानी
    तालाब के पुनरुद्धार से आसपास के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। किसान मनोज रक्सेल और अरविन्द सिंह की तीन-तीन एकड़, जबकि सुरेन्द्र, लक्ष्मण, वीरेन्द्र और आनंद की दो-दो एकड़ से ज्यादा भूमि अब सिंचित हो रही है। इसके अलावा जगबली यादव की लगभग सवा एकड़ ज़मीन भी इस सरोवर से सींची जा रही है। किसानों ने बताया कि अब वे खरीफ के साथ रबी की फसलें भी लेने लगे हैं, जिससे उनकी आमदनी में सुधार हुआ है।

    महिलाओं की कमाई 75 हजार रुपए
    ग्राम पंचायत ने अमृत सरोवर को आजीविका संवर्धन के रूप में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को लीज पर उपलब्ध कराया है। जय मां महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस तालाब से बीते ग्रीष्म में 75 हजार रुपये की मछली बेचकर लाभ कमाया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सोनकुंवर और सचिव श्रीमती जीराबाई ने बताया कि इस साल लगभग तीन लाख रुपए के मछली उत्पादन की उम्मीद है। यह पहल महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय का जरिया और पोषण संवर्धन का साधन बन रही है।

    खुशहाली का प्रतीक बना अमृत सरोवर
    किशोरी ग्राम पंचायत का यह अमृत सरोवर आज केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि और महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके जीवन में स्थायी परिवर्तन दिखाई दे रहा है।

  • भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

    कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसला

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।

    कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।

    यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।

    प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।

  • मोहगांव हाई स्कूल को मिले नए शिक्षक, अंग्रेजी, गणित और कला विषयों में हुई नियुक्तियां

    रायपुर : मोहगांव हाई स्कूल में अंग्रेजी, गणित एवं कला विषय के शिक्षकों की पदस्थापना

    स्कूल में लौटी शिक्षा की रौनक, बढी शिक्षा की गुणवत्ता

    रायपुर

    विद्यालय में एक शिक्षकीय विद्यालय या शिक्षकों की नियुक्ति न होने के कारण प्रारंभ से ही यह संस्था शिक्षकविहीन स्थिति में संचालित हो रही थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अभिभावकों की चिंता और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में बाधा को लेकर ग्रामीणजनों में निराशा व्याप्त थी। शिक्षा विभाग द्वारा इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत्  विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों को पदस्थ किए गए हैं, जिससे स्कूल में शिक्षा की रौनक बढी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।

          महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मोहगांव की स्थापना वर्ष 2022 में विद्यार्थियों को माध्यमिक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। किंतु युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत् तीन व्याख्याता अंग्रेजी, गणित एवं कला विषय के लिए इस विद्यालय में पदस्थ किए गए हैं। इन विषयों की अत्यधिक आवश्यकता थी क्योंकि ये विद्यार्थी के समग्र बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्री देवेंद्र चंद्राकर, शैलेन्द्र ठाकुर, रामसिंह नाग व विज्ञान सहायक भूपेंद्र जसपाल शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियाँ पुनः गति पकड़ने लगी हैं। अब नियमित रूप से कक्षाएँ संचालित हो रही हैं और विद्यार्थी पूरे उत्साह एवं रुचि के साथ अध्ययन में भाग ले रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

        विद्यालय में व्याख्याताओं की पदस्थापना से न केवल बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से प्रारंभ हुई है, बल्कि ग्राम मोहगांव सहित आस-पास के क्षेत्रों के पालकों एवं ग्रामीणजनों में भी प्रसन्नता की लहर है। बच्चों के भविष्य को लेकर अब उनमें आश्वस्ति का भाव है। ग्राम के नागरिकों ने शासन एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह निर्णय दूरस्थ ग्रामीण अंचल में शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि इसी तरह अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी विद्यालय में शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
        क्षेत्र के जनपद सदस्य भूपेंद्र मोंटू दीवान, सरपंच नरेन्द्र दीवान व एसएमसी अध्यक्ष डॉ. चेतन साहू ने प्रसनता व्यक्त करते कहा कि शिक्षा विभाग की यह पहल शिक्षा सबके लिए के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी बच्चे को केवल संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न होना पड़े।

  • महासमुन्द : ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए डेस्कटाॅप पब्लिशिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर

    महासमुन्द

    बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जिले के ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए कम्प्यूटर में डेस्कटाॅप पब्लिशिंग में निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 45 दिनों का रहेगा। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 3 अक्टूबर 2025 तक पंजीयन करा सकते है। प्रशिक्षण हेतु आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड को 2-2 छायाप्रति, अंकसूची न्यूनतम 12 वीं उत्तीर्ण एक छायाप्रति एवं पासपोट साईज की 5 फोटो शामिल है। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थी द्वारा बड़ौदा आरसेटी बरोण्डा बाजार में उपस्थित होकर या कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर +91-79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर +91-83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नम्बर +91-91310-65767 पर सम्पर्क कर पंजीयन कराया जा सकता है। सम्पर्क करने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है।  

     

  • CM साय ने संत बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में की शिरकत, रायपुर में हुआ आयोजन

    CM साय ने संत बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में की शिरकत, रायपुर में हुआ आयोजन

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने  गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    गोदड़ीवाला धाम पहुंचे मुख्यमंत्री

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा – “यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”

    मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि  गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।

    संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान राम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान राम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान राम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान राम को आज भी अपना भांजा मानते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान राम के दर्शन कराने हेतु ‘ रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए।

    बरसी महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  नन्द कुमार साहू, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष  अनिल थौरानी,  ललित जयसिंह,  चंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर्षक रंग-बिरंगे पक्षियों को आत्मीयता के साथ किया दुलार

    पशु-पक्षी हमारे पर्यावरणीय तंत्र का भी हैं अभिन्न हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वन्य जीव संपदा से लगातार समृद्ध हो रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने इंदौर के प्राणी संग्रहालय का किया अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर्षक रंग-बिरंगे पक्षियों को आत्मीयता के साथ किया दुलार
    इंदौर 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशु-पक्षी केवल चिड़ियाघरों की शोभा नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरणीय तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके प्रति संवेदनशील होना हर नागरिक का कर्त्तव्य है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे पक्षियों और जानवरों के प्रति प्रेम और करुणा का व्यवहार करें। मुख्यमंत्री ने यह संदेश भी दिया कि मानवीय संवेदनशीलता ही प्रकृति और समाज के बीच संतुलन बनाए रख सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की सुबह इंदौर के प्राणी संग्रहालय पहुंचे। यहाँ उनका पशु-पक्षियों के प्रति लगाव देखने को मिला। उन्होंने वन्य प्राणियों का अवलोकन किया और आकर्षक रंग-बिरंगे पक्षियों को आत्मीयता के साथ दुलार भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वन्य जीव संपदा के दृष्टिकोण से लगातार समृद्ध हो रहा है। श्योपुर जिले के कूनो में चीतों के आने के बाद इंदौर के प्राणी संग्रहालय में शिमोगा के जू से दो जोड़ी बायसन का आगमन हुआ है। प्राणी संग्रहालय में नए मेहमानों के आगमन पर उन्होंने इंदौरवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु-पक्षियों के साथ जुड़ाव हमें प्रकृति के और करीब लाता है। उनका संरक्षण और संवर्धन समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों को मध्यप्रदेश का वातावरण अनुकूल लग रहा है, जिससे वे अपना वंश बढ़ा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के प्राणी संग्रहालय में पहले आए ज़ेब्रा की देखरेख उत्कृष्ट स्तर पर हुई, जिससे ज़ेब्रा ने यहां सफलतापूर्वक वंश वृद्धि की। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इंदौर के प्राणी संग्रहालय को और बड़ी सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राणी संग्रहालय स्थित "पक्षी विहार" सहित बायसन एवं शतुरमुर्ग के बाड़े, स्नेक एक्वेरियम में किंग कोबरा का अवलोकन कर विभिन्न प्रजातियों की जानकारी भी ली।

    इस अवसर पर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि टाइगर ब्रीडिंग एवं एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर के जू को शिमोगा के जू से रुद्र, तुलसी, कल्कि और ताप्ती नाम के 4 जंगली भैंसे "बायसन" प्राप्त हुए हैं। इसके बदले इंदौर ने शिमोगा जू को एक टाइगर दिया है। बायसन के साथ ही इंदौर को शुतुरमुर्ग के दो जोड़े भी मिले हैं। इंदौर जू के परिवार में 8 एग्ज़ॉटिक एनिमल हाल ही में जुड़े हैं। यह न केवल इंदौर शहर के लिए बल्कि प्रदेशवासियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही सेंट्रल इंडिया का सबसे आकर्षक एक्वेरियम यहां स्थापित किया जाएगा।

    इस दौरान जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव, विधायकगण  रमेश मेंदोला,  महेंद्र हार्डिया,  मधु वर्मा तथा  गोलू शुक्ला,  सुमित मिश्रा, अपर आयुक्त नगर निगम  रोहित सिसोनिया, एमआईसी मेंबर  नंदकिशोर पहाड़िया एवं प्राणी संग्रहालय प्रभारी डॉ. उत्तम यादव सहित अनेक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • उत्तर बस्तर कांकेर में शांति समिति की बैठक, दशहरा और प्रतिमा विसर्जन को लेकर बनाए गए रणनीति

    उतर बस्तर कांकेर : प्रतिमा विसर्जन एवं दशहरा उत्सव के आयोजन को लेकर शांति समिति की बैठक हुई

    कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की गई अपील

    उतर बस्तर कांकेर
    नवरात्रि पर्व उपरांत मॉ दुर्गा का प्रतिमा विसर्जन तथा दशहरा पर्व के सफल आयोजन को लेकर आज जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक तथा अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुमार कुर्रे उपस्थित थे।

    जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज दोपहर आहूत बैठक में मूर्ति विसर्जन के स्थल चयन एवं रूट चार्ट की जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर ने सभी आयोजन समिति के पदाधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग उच्चतम न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मापदंड अनुसार किए जाने के बारे जानकारी दी। बैठक में एडिशनल एसपी श्री दिनेश कुमार सिन्हा ने बताया कि शहर में इस दौरान पुलिस के उच्चाधिकारियों की तैनाती चिन्हांकित चौक-चौराहों पर की जाएगी तथा छोटे-बड़े वाहनों के आवागमन हेतु रूट चार्ट एवं वाहन पार्किंग का निर्धारण प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके अलावा मूर्ति विसर्जन के दौरान विद्युत विभाग, परिवहन, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के परस्पर सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने सुझाव देते हुए नगर की ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप मूर्ति विसर्जन और दशहरा उत्सव आयोजित करने के संबंध में चर्चा की। शहर के विभिन्न मार्गों में बारिश के दौरान बन चुके गड्ढों की फिलिंग कराने कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया। एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा ने डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने के लिए दुर्गोत्सव समितियों को निर्धारित प्रारूप में अनुमति लेने की बात कही तथा नियमों का पालन करने पर जोर दिया। बताया गया कि रावण पुतला दहन कांकेर शहर के शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान और मेलाभाठा में किया जाएगा। पुतला दहन निर्धारित समयानुसार सम्पन्न कराने की समझाइश आयोजकों को दी गई। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न आयोजन समिति के पदाधिकारी, पार्षदगण तथा वरिष्ठ नागरिकगण मौजूद थे।

  • कवर्धा के गन्ना किसानों को सरकार का तोहफ़ा, रायपुर में हुआ ऐतिहासिक निर्णय

     रायपुर

    मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।
        
        कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।

             यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500 -13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।

              प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।

  • रायपुर को मिला नया तोहफ़ा, मुख्यमंत्री साय ने स्वीकृत किया 1.65 करोड़ की लागत वाला विश्राम गृह

    सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह

    रायपुर को मिला नया तोहफ़ा, मुख्यमंत्री साय ने स्वीकृत किया 1.65 करोड़ की लागत वाला विश्राम गृह

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी। 

    गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी।

    मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल
    यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा की ग
    ई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।

  • रायपुर में धार्मिक दर्शन योजना शुरू, उम्र के आधार पर तय होगी राशि—300 से 500 रुपए तक

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में श्रीरामलला दर्शन योजना की तर्ज पर आम जनता को रायपुर के आसपास के धार्मिक स्थलों का दर्शन कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू होगी। यह टूर एक दिन का होगा और इसमें पर्यटकों से बहुत कम राशि ली जाएगी। इसमें उनके नाश्ता, भोजन, वाहन आदि की व्यवस्था रहेगी।

    पर्यटन बढ़ाने को सीएम जन पर्यटन योजना

    इसके अलावा रायपुर दर्शन टूर भी होगा। इसमें आसपास के पर्यटक स्थल ले जाया जाएगा। वहीं रायपुर-जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर-सिरपुर-बारनवापारा सर्किट टूर भी कराया जाएगा। इसके लिए  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में पर्यटन विभाग और आईआरसीटीसी के बीच एक एमओयू हुआ है। 

    दरअसल, पर्यटन मंत्री ने राजधानी में %सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस% का शुभारंभ किया। इसके तहत मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना के लिए एमओयू हुआ। इसमें 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए 300 रुपए और 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 500 रुपए की राशि ली जाएगी। इस टूर की शुरुआत और समापन रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। इस टूर का पंजीयन आईआरसीटीसी या फिर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की वेबसाइट से होगा।

    अंतरराष्ट्रीय रोड शो भी

    इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के बीच भी एक एमओयू हुआ। इसके तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोड शो तथा छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाएगा। इससे देश और विदेश में भी छत्तीसगढ़ की उपस्थिति दर्ज हो सकेगी।

    यह है प्रस्तावित टूर

    1- रायपुर सिटी टूर

    2- रायपुर सिटी धार्मिक टूर

    3- रायपुर-जगदलपुर सर्किट टूर

    4- रायपुर-सिरपुर-बारनवापारा सर्किट टूर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना शुरू की जाएगी। इससे पर्यटकों को सस्ती और अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए आईआरसीटीसी के साथ एमओयू किया गया है। फिक्की के साथ भी एमओयू होने से छत्तीसगढ़ की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो सकेगी।

  • रैगिंग के चलते बदनाम मध्यप्रदेश, UGC की रिपोर्ट और हेल्पलाइन डेटा ने दिखाई चिंताजनक स्थिति

    भोपाल 

     एतिहासिक धरोहर और संस्कृति वाला राज्य मध्य प्रदेश लगातार तीन सालों से रैगिंग के मामले में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. ना मुंबई ना दिल्ली ना बैंगलोर बल्कि भारत के इस दूसरे सबसे बड़े राज्य मध्य प्रदेश में रैंगिग के मामलों में कोई कमी दर्ज नहीं की गई है. वर्तमान में यहां औसतन हर चौथे दिन रैगिंग की एक शिकायत यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज हुई है. इस मामले में मेडिकल कॉलेज जबलपुर, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं का नाम शामिल है. 

    रैगिंग के मामलों में इन राज्यों को पीछे किया एमपी
    अगर आप ये सोच रहे कि पूरे देश में रैगिंग के मामले में कौन सा राज्य नंबर वन है तो इसका जवाब है उत्तर प्रदेश. यूपी की यूनिवर्सिटी रैगिंग के मामले में नंबर वन है वहीं मध्य प्रदेश लगातार दूसरे नंबर पर टिका हुआ है. इस लिस्ट में बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के संस्थानों के भी नाम शामिल है. 

    रैगिंग के मामले भोपाल, रतलाम समेत प्रदेश के कई तकनीकी कॉलेजों से आ रहे हैं। कई बार विद्यार्थियों के आगे आने पर रैगिंग सामने आती है। कई बार कॉलेजों में ही दबा दिया जाता है, लेकिन यूजीसी हेल्पलाइन के आंकड़ों ने स्थिति बयां कर दी है।

    रैगिंग के मामलों में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय एंटीरैगिंग हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के मुताबिक सितंबर तक देश से 510 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 140 शिकायतों के साथ उत्तरप्रदेश पहले नंबर पर है। 84 शिकायतों के साथ बिहार दूसरे और 82 शिकायतों के साथ मध्यप्रदेश तीसरे नंबर पर है। मप्र में 13 शिकायतें अकेले सितंबर में ही आईं हैं।

    एमपी के किन संस्थानों ने रैगिंग के ज्यादा मामले
    1 जनवरी 2025 से अब तक पूरे देश से रैगिंग के 789 शिकायत दर्ज हुई है. इसमें यूपी से 124 मध्य प्रदेश में 81, बिहार में 79, पश्चिम बंगाल में 66 और महाराष्ट्र में 49. वहीं मध्य प्रदेश के इन टॉप 5 संस्थाओं से रैगिंग केस ज्यादा सामने आए हैं. इनमें मेडिकल कॉलेज जबलपुर में 23, आरजीपीवी भोपाल में 14, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी भोपाल4, खुशीलाल आयुर्वेद कॉलेज 3 और NLIU से 2 केस शामिल है. 

    एमपी के संस्थानों में रैगिंग पर लगाम कब
    कॉलेज रैगिंग के अंतर्गत जारी हुए आंकड़े साफ तौर पर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की लापरवाही को उजागर करते हैं. यूनिवर्सिटी प्रबंधक की ओर से हर बार इस दिशा में कार्य करने की बात कही जाती है लेकिन साल दर साल बढ़ते आंकड़े प्रबंधकों के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है. एक दशक पहले के सर्वे को गौर से देखा जाए तो 10 साल पहले भी एमपी रैगिंग के मामले में टॉप 5 राज्यों में शमिल था. अब सवाल ये है कि आखिर कब तक कॉलेज स्टूडेंट रैगिंग का शिकार होते रहेंगे..आखिर कब तक वे ये प्रताड़ना झेलते रहेंगे और कब तक कॉलेज प्रबंधक अपने दावों पर अमल करेंगे. 

    सितंबर में मप्र में दर्ज प्रमुख घटनाएं

    – 1 सितंबर: खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल में जूनियर से दूसरी बार मारपीट।

    – 3 सितंबर: एम्स भोपाल में जूनियर छात्र से दुर्व्यवहार।

    – 3 सितंबर: जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में झगड़ा।

    – 4 सितंबर: जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग में विवाद।

    – 5 सितंबर: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में सीनियर छात्राओं ने किया दुर्व्यवहार।

    – 8 सितंबर: जीवाजी विवि ग्वालियर में जूनियर से रैगिंग।

    – 8 सितंबर: पीपुल्स मेडिकल यूनिवर्सिटी भोपाल में जूनियर से दुर्व्यवहार किय गया।

    – 9 सितंबर: एनएलआइयू भोपाल में जूनियर को मेंडोरा ले जाकर पीटा।

    – 9 सितंबर: श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जबलपुर में जूनियर से विवाद।

    – 10 सितंबर: आरजीपीवी भोपाल, छात्रों से दुर्व्यवहार।

    – 11 सितंबर: केंद्रीय विवि सागर में छात्रों से मारपीट।

    – 15-16 सितंबर: आरजीपीवी में दो बार नकाबपोश सीनियरों ने जूनियर से मारपीट की।

    कागजों में ही सख्ती

    राज्य सरकार और विवि प्रशासन ने एंटी-रैगिंग कमेटी व हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं बना रखी हैं। इसके बाद भी शिकायतों से साफ है कि जमीन पर सब ठीक नहीं। विशेषज्ञों का कहना है, कॉलेजों में कागज पर सब पुता है, लेकिन हकीकत में जूनियर-सीनियर की निगरानी की व्यवस्था लचर है।

  • जगदलपुर : कलेक्टोरेट में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

    जगदलपुर

    स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान और स्वस्थ मां दिवस के अवसर पर बुधवार को जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट परिसर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान की थीम स्वस्थ नारी सशक्त परिवार रखी गई है, जो इस बात पर जोर देती है कि यदि महिलाएँ स्वस्थ होंगी, तभी परिवार और समाज सशक्त हो सकेगा।

           शिविर में आई महिलाओं ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई और अनुभवी चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी लिया। इस दौरान महिलाओं में विशेष रूप से रक्तचाप, शुगर और हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई, ताकि उनमें पोषण और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का समय पर पता चल सके। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर हीरा गवर्ना सहित अन्य महिला कर्मचारियों ने भी स्वास्थ्य जांच करवाया। यह आयोजन भारत सरकार के सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक कर रहा है।

  • भोपाल-इंदौर में बारिश का अनुमान, मध्यप्रदेश में दशहरे पर अलर्ट, तवा डैम के गेट खोले गए

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में जहां एक ओर मानसून विदाई की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय होने से अगले 24 घंटों में प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।1 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इसको लेकर रावण दहन समितियां तैयारियों में जुट गई हैं ताकि बारिश के चलते पुतलों को नुकसान न पहुंचे।मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।

    कई जिलों में हुई बारिश
    रविवार को नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। बैतूल, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर और सिवनी जैसे जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम में भी जलस्तर बढ़ने के चलते इसके पांच गेट खोल दिए गए हैं।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लोकल सिस्टम की वजह से कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश हो सकती है। ऐसे में दशहरा उत्सव समिति रावण के पुतलों को बचाने के लिए उपाय कर रही हैं।

    इससे पहले रविवार को धार के मनावर और बड़वानी के सेंधवा में पानी गिरा। सेंधवा में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां एक कच्चा मकान भी गिर गया। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के पांच गेट खोले गए।

    नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर, सिवनी में भी पानी गिरा।

    12 जिलों से विदा हो चुका है मानसून
    प्रदेश के 12 जिलों  ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और शाजापुर से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों में भी मानसून लौटने लगा है। हालांकि नया सिस्टम बनने से इसकी पूरी विदाई की प्रक्रिया थोड़ी देर से पूरी हो सकती है।

    गुना सबसे अधिक भीगा, ये जिले रहे सूखे
    16 जून को प्रदेश में दस्तक देने वाले मानसून ने अब तक औसतन 45 इंच बारिश दी है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.2 इंच है। यानी अब तक प्रदेश में 122% बारिश हो चुकी है।अब तक सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में दर्ज की गई है यहां कुल 65.5 इंच पानी गिरा है। वहीं मंडला और रायसेन में 62 इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। इसके विपरीत, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं। 

    इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई।

    दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है।

    ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

    सबसे ज्यादा बारिश वाले 49 में से भोपाल संभाग के 5, इंदौर के 8, जबलपुर के 8, ग्वालियर के 5, सागर के 6, उज्जैन के 4, चंबल के सभी 3, शहडोल के 3, रीवा के 5 और नर्मदापुरम संभाग के 3 जिले शामिल हैं।

    एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड…

    भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 4 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था।

    इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

    इंदौर में सितंबर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश इंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है, जो साल 1954 में बना था। वहीं, 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है।

    इस महीने इंदौर में औसत 8 दिन बारिश होती है, लेकिन इस बार 15 या इससे अधिक दिन तक बारिश हो सकती है।

    ग्वालियर में वर्ष 1990 में गिरा था 25 इंच पानी ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की औसत बारिश करीब 6 इंच है, लेकिन पिछले तीन साल से इससे अधिक बारिश हो रही है।

    ग्वालियर में इस बार अगस्त में ही बारिश का कोटा पूरा हो गया। ऐसे में सितंबर में जितनी भी बारिश होगी, वह बोनस की तरह ही रहेगी।

    जबलपुर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड सितंबर महीने में जबलपुर में भी मानसून जमकर बरसता है। 20 सितंबर 1926 को जबलपुर में 24 घंटे के अंदर साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। वहीं, पूरे महीने में 32 इंच बारिश साल 1926 में ही हो चुकी है।

    यहां महीने में औसत 10 दिन बारिश होती है। वहीं, सामान्य बारिश साढ़े 8 इंच है। पिछले 3 साल से सामान्य से ज्यादा पानी गिर रहा है।

    उज्जैन में 1981 में पूरे मानसून का कोटा हो गया था फुल उज्जैन की सामान्य बारिश 34.81 इंच है, लेकिन वर्ष 1961 में सितंबर की बारिश ने ही पूरे सीजन की बारिश का कोटा फुल कर दिया था। इस महीने 1089 मिमी यानी करीब 43 इंच पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक साढ़े 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 सितंबर 1961 को बना था।

    सितंबर महीने में उज्जैन की सामान्य बारिश पौने 7 इंच है, लेकिन पिछले दो साल से 12 इंच से ज्यादा बारिश हो रही है। इस महीने औसत 7 दिन बारिश होती है।

  • रिवाइज बजट मिलने के बाद सिवनी में सड़क चौड़ीकरण का काम जल्द शुरू, टेंडर प्रक्रिया पर तेजी

    सिवनी 

    सिवनी शहर के भीतर सड़क चौड़ीकरण का कार्य तीन से चार माह बाद ही शुरु हो पाएगा। हालांकि शासन की तरफ से रिवाइज बजट स्वीकृत कर दिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरु होगी। जिसके बाद शहर के भीतर मुख्य मार्ग की सुरत बदलेगी। वहीं यातायात सिग्नल भी सुधरेगी।

    सड़कों का होगा चौड़ीकरण, लगेंगे 3 महीने

    बता दें कि, नगर पालिका चौक से लेकर छिंदवाड़ा चौक तक सड़क की चौड़ाई कम होने एवं लगातार अतिक्रमण बढ़ने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं चौक चौराहे पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल भी वर्षों से बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में मनमर्जी से लोग वाहन को चौराहे से लेकर निकल जाते हैं। इससे कई बार जाम की स्थिति निर्मित होती है। वहीं बेतरतीब वाहन चलाने से लोग घायल भी हो रहे हैं और कई बार तो लड़ाई-झगड़े तक की नौबत आ रही है। शाम के समय हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं।

    लाखों रुपए की लागत से चौराहों पर लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल वर्षों से धूल खा रहे हैं। नगर पालिका चौराहे जैसे व्यस्ततम इलाके का ट्रैफिक सिग्नल भी बंद है। इसके अलावा छिंदवाड़ा चौक, कचहरी चौक सहित अन्य जगह ट्रैफिक सिग्नल की यही स्थिति है। वर्ष 2020 के अक्टूबर माह में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सात दिनों के भीतर नगर के ट्रैफिक सिग्नलों को शुरु करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हुआ।

    पांच चौराहे पर लगा था यातायात सिग्नल

    नगर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वर्ष 2013-14 में नगर पालिका ने लाखों रुपये की लागत से कचहरी चौक, नगर पालिका चौक, छिंदवाड़ा चौक, सर्किट हाउस चौक, बाहुबली चौक में ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। हालांकि कुछ ही दिनों में सिग्नल बंद हो गए। इसके बाद जिम्मेदारों ने सुधारने को लेकर जहमत नहीं उठाई। बड़ी बात यह है कि क जगह लगे ट्रैफिक सिग्नल के पो भी गायब हो गए हैं। पुलिस कंट्रो रूम, सर्किट हाउस एवं बाहुबल चौक के तरफ लगे सिग्नल के पो गायब हैं।

    लगेगा तीन माह से अधिक समय

    एमपीआरडीसी द्वारा शहर के भीतरी हिस्से में नगझर से सीलादेही तक फोरलेन का काम कराया जा रहा है। विभाग ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर दोबारा प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे मंजूर कर लिया गया है। टेंडर की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। सड़क चौड़ीकरण के बाद ही सिग्नल का भी सुधार कार्य होगा या फिर नए सिग्नल लगेंगे।

    दरअसल वर्ष 2022 में नगर पालिका परिषद ने बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल को सुधारने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। 22 लाख 56 हजार रुपए से सिग्नलों को सुधारने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। इस बीच एमपीआरडीसी ने नगर पालिका को पत्र लिखकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद ही सिग्नल का सुधार कार्य करने का आग्रह किया था। तब से मामला ठंडे बस्ते में है।

  • नटेरन में दशहरा उत्सव में रावण पूजा, राम-रावण सेना के बीच रंगारंग पत्थर युद्ध

    विदिशा

    विजयादशमी पर्व (Dussehra) में अब केवल तीन दिन शेष है। शहर से लेकर गांव तक बड़े आयोजनों को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। देश भर में जहां दशहरा पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाता है। वहीं जिले के नटेरन तहसील पूजा की जाती है।

    दूसरी ओर वर्षों में स्थित रावण गांव में रावण बाबा की पुरानी परंपरा के अनुसार आनंदपुर क्षेत्र के कालादेव गांव में राम-रावण सेना के बीच पत्थर युद्ध होगा। विदिशा शहर में जैन कॉलेज मैदान में बड़े मेले का आयोजन होगा। मेले में 35 फीट के रावण के पुतला का दहन किया जाएगा। राम-रावण दृश्य का मंचन भी किया जाएगा।

    यहां रावण की होती है पूजा

    नटेरन के रावण गांव में लंकापति रावण की पूजा की परंपरा है। मान्यता है कि गांव के पास स्थित बूधों की पहाड़ी में प्राचीन काल में एक दानव रहा करता था। स्थानीय निवासी उससे परेशान थे। रावण ने इस दानव का वध कर ग्रामीणों की रक्षा की थी। इसके बाद से गांव के लोग रावण को रावण बाबा के नाम से बुलाते है। दशहरा पर जहां पूरे देश में रावण का पुतला दहन किया जाता है। वहीं इस गांव में रावण बाबा की पूजा की जाती है। गांव में करीब 40 वर्ष पहले मंदिर का निर्माण कराया गया, जहां आराम की मुद्रा में लेटे हुए रावण की 8 फीट की लंबी प्रतिमा है। दशहरा पर्व पर मंदिर में भंडारा का आयोजन भी होता है।

    मंदिर के पुजारी सुमित तिवारी ने बताया कि आयोजन को लेकर मंदिर में तैयारी शुरू कर दी गई है। ग्रामीण संतोष धाकड़ बताते है कि रावण बाबा के प्रति पूरा गांव श्रद्धाभाव रखता है। सभी शुभ कार्यों में उन्हें पहला निमंत्रण दिया जाता है। बच्चों के जन्म पर सबसे पहले रावण बाबा के ही दर्शन कराए जाते हैं। गांव के युवा भी हाथों पर जय लंकेश का टैटू बनवाते हैं। गांव के घरो व वाहनों में भी जय लंकेश लिखा देखने को मिलता है। 

    राम व रावण सेना में पत्थर मार युद्ध

    आनंदपुर क्षेत्र के पास ग्राम कालादेव में भी रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाता है। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार इस बार भी कालादेव गांव में राम व रावण सेना के बीच पत्थर मार युद्ध (Patthar Maar Yudh) का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीणों की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। मान्यता के अनुरूप पत्थर मार युद्ध में गोफन से पत्थर राम सेना पर फेंके जाते हैं। गांव के सरपंच प्रतिनिधि रामेश्वर शर्मा ने बताया कि नवदुर्गा के प्रारंभ से ही कालादेव में रामलीला का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाता है। दशहरे पर रामलीला के अंतिम दिन राम-रावण सेना के बीच युद्ध होता है। दशहरे के दिन हजारों दर्शकों के सामने यह पत्थर युद्ध होता है। इसमें दशहरे मैदान के बीच में राम दल का ध्वज गाड़ा जाता है।

    उससे करीब 200 मीटर दूरी पर रावण सेना में भील व बंजारा समूह के लोग शामिल होकर गोफान से पत्थर मारने के लिए तैयार खड़े रहते हैं। राम सेना के रूप में कालादेव के स्थानीय निवासी होते हैं, जो ध्वज से लगभग 200 मीटर दूर खड़े रहते हैं। वे राम की जय-जयकार करते हुए जब ध्वज की परिक्रमा करते हैं। तभी रावण सेना के लोग गोफान से पत्थर मारते हैं। राम सेना ध्वज का तीन चक्कर लगाती है। दूसरी ओर रावण सेना उन पर पत्थर बरसाती रहती है। ध्वज के तीन चक्कर पूरे होने के बाद रावण वध होता है। इसके बाद भगवान राम का राजतिलक किया जाता है।