गौरेला पेंड्रा मरवाही
श्रमिकों के कल्याण एवं विकास के लिए श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण के लिए 6 से 31 अक्टूबर की अवधि में जिले के चिन्हित 10 ग्राम पंचायतों में मोबाइल शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 11 से शाम 4 बजे तक लगेगा। श्रमिक पंजीयन-नवीनीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता, राशन कार्ड, नॉमिनी का आधार कार्ड एवं प्रथम दो बच्चों का आधार कार्ड की मूल प्रति एवं मोबाइल ओटीपी के साथ हितग्राही को शिविर में स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चुकतीपानी में 6 अक्टूबर को, आमाडांड़ में 8 अक्टूबर को, बगड़ी में 9 अक्टूबर को, देवरगांव में 13 अक्टूबर को, बचरवार में 14 अक्टूबर को, भदौरा में 15 अक्टूबर को, भर्रीडांड़ में 16 अक्टूबर को, धनौली में 17 अक्टूबर को, तरईगांव में 30 अक्टूबर को और भस्कुरा में 31 अक्टूबर को मोबाइल शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
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गौरेला पेंड्रा मरवाही : श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण के लिए चिन्हित 10 पंचायतों में 6 अक्टूबर से लगेगा मोबाइल शिविर
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रायपुर : प्रदेश में अब तक 1138.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर
छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1138.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1562.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 527.2 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1028.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 919.4 मि.मी., गरियाबंद में 1096.7 मि.मी., महासमुंद में 952.0 मि.मी. और धमतरी में 1056.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1131.0 मि.मी., मुंगेली में 1110.9 मि.मी., रायगढ़ में 1334.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1074.0़ मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1350.9 मि.मी., सक्ती में 1240.8 मि.मी., कोरबा में 1117.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1038.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 884.8 मि.मी., कबीरधाम में 805.4 मि.मी., राजनांदगांव में 974.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1415.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 874.1 मि.मी. और बालोद में 1251.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 760.2 मि.मी., सूरजपुर में 1142.1 मि.मी., बलरामपुर में 1519.3 मि.मी., जशपुर में 1056.5 मि.मी., कोरिया में 1195.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1075.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1524.7 कोंडागांव जिले में 1097.5 मि.मी., कांकेर में 1318.9 मि.मी., नारायणपुर में 1391.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1552.3 मि.मी., और सुकमा जिले में 1203.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
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जगदलपुर : प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता
जगदलपुर
कलेक्टर हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित दो परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत् तहसील करपावण्ड ग्राम कोलावल निवासी कुमारी खिरमनी की मृत्यु पानी में डूबने से पिता सुदर्शन और ग्राम गारेंगा निवासी सावित्री नागे की मृत्यु सांप काटने से माता मती नीरा नागे प्रत्येक को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
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लाल साड़ी, तिलक और कलावा पहनकर आएं: लव जिहाद पर मंत्री गौतम टेटवाल का बयान बना सियासी मुद्दा
उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने अजीबो गरीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद वाले भी दुर्गा पंडाल में आ सकते हैं। शर्त है कि वह गंगा मैया और गाय को गो माता मानें, साथ ही तिलक लगाकर,पत्नी के साथ लाल साड़ी पहनकर,कलावा बांधकर,मंगलसूत्र और मांग भर कर और एक सनातनी की तरह बनकर आएं। इसके साथ उन्होंने चेतवानी दी कि दुर्गा पंडाल में आएं,लेकिन किसी बहू-बेटी,बहन को गलत निगाह से देखा तो उसे छोड़ेंगे नहीं। उसकी जगह जेल में होगी। उनका यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
शाजापुर जिले के सारंगपुर में त्रिपोलिया बाजार स्थित अम्बे माता मंदिर से भैंसवा माता बिजासन धाम के लिए चुनरी यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में मध्य प्रदेश शासन के तकनीकी कौशल विकास मंत्री और उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल शामिल हुए। इस दौरान भक्तों ने लगभग 21 किलोमीटर पैदल चलकर माता के दरबार में 51 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की। इस दौरान पूरे मार्ग पर मंत्री पैदल चलकर मां भैंसवा बिजासन के दरबार पहुंचे। यात्रा में नगर और आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल थे। चुनरी यात्रा का मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
लव जिहाद को लेकर बोले गौतम टेटवाल
एमपी के मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देखते हुए हमारे समाज के बहनों-भाइयों को समझाना होगा,उनसे भी मेरा निवेदन है। लव जिहाद वाले भी आएं, वह भी दर्शन करें,वह भी गरबा करें, उनकी पत्नी को लेकर आएं, लाल साड़ी पहनें, मंगलसूत्र पहन कर आएं, मांग भर कर आएं, कलावा पहन कर आएं, माथे पर तिलक लगाएं और बिजासन मैया का जयकारा करें। वो हमारे साथ आ सकते हैं।
गो माता और गंगा को मैया माने
गौतम टेटवाल ने आगे हा कि एक बार गंगा मैया को, गो माता को माता मानें, हमारे दरवाजे सबके लिए खुले हैं। मां का दरबार सबके लिए खुला है। आइए। जनेऊ पहन के शिखा रख के ,भगवा पहन के, गंगा जी में स्नान करने के बाद आपका स्वागत है। सनातनी बनकर आए। हम तो आपको सनातनी बनाना चाहते हैं।
हिंदू उत्सव समिति और आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा प्रतिवर्ष नवरात्रि के अवसर पर निकाली जाती है। इस वर्ष 51 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर नगर वासियों ने सुख-समृद्धि की कामना की। भैंसवा माता बिजासन धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधिविधान से पूजा-अर्चना की और चुनरी अर्पित की। मंदिर प्रांगण में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिसमें श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली और समाज की उन्नति की कामना की।
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रायपुर : जांजगीर-चांपा की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 4.5 करोड़ स्वीकृत
रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जांजगीर-चांपा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए चार करोड़ 5 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए है। स्वीकृत इन योजनाओं में विकासखण्ड बलोदा के अंतर्गत जर्वेे जलाशय के कार्यों के लिए एक करोड़ 35 लाख 94 हजार रूपए तथा ठड़गाबहरा जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 69 लाख 57 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। सिंचाई योजनाओं के कार्य पूरा कराने के लिए जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता हसदेव कछार, जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
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रायपुर : राज्यपाल डेका से हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर चॉवला ने की सौजन्य भेंट
रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर त्रिलोचन चॉवला ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को संस्थान के प्रमुख कमलेश डी. पटेल (दाजी) द्वारा जैन तीर्थंकरों पर लिखी पुस्तक भेंट की। राज्यपाल डेका ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज निर्माण की दिशा में ऐसे प्रयास अनुकरणीय हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे।
भेंट के दौरान चॉवला ने छत्तीसगढ़ में संस्थान द्वारा संचालित आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश मंत नशामुक्ति अभियान के लिए संस्थान की कार्ययोजना से भी अवगत कराया।
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इंदौर की यातायात पुलिस ट्रैफिक ही नहीं संभालती, लोगों की जान भी बचाती है…
इंदौर
इंदौर में बेतरतीब यातायात और जवानों द्वारा चालानी कार्रवाई और अवैध वसूली की खबरें तो आए दिन सामने आती ही हैं, लेकिन कुछ यातायात जवान ऐसे भी हैं जो अपना मूल कर्त्तव्य तो निभाते ही हैं, साथ ही समय-समय पर मानवीयता का परिचय देने से भी नहीं चूकते… ऐसा ही एक मामला नवलखा चौराहे का सामने आया, जब यातायात आरक्षक 1622 सुरेन्द्रसिंह गुर्जर बीच सड़क पर खड़ी एक लोडिंग रिक्शा को हटवाने के लिए चालक के पास पहुंचे… जब उसे वाहन रास्ते में से हटाने को कहा तो विजय नगर चालक ने गुर्जर से कहा – ''सर मुझे बचा लीजिए, मैंने जहर खा लिया है…'' इस पर आरक्षक ने तुरंत सब इंस्पेक्टर संत बहादुर सहित महिला आरक्षक ज्योति, भूली रडार, आरक्षक शैलेन्द्र त्यागी को ना सिर्फ इसकी जानकारी दी, बल्कि एक वैन को रूकवाते हुए उसे तुरंत एमवायएच तक भी ले गए और उसका तुरंत इलाज शुरू करवाया… बताया जाता है कि लोडिंग चालक का उसकी पत्नी से विवाद चल रहा है, जिस वजह से उसने यह कदम उठाया… लेकिन यातायात आरक्षक सुरेन्द्रसिंह गुर्जर और उनकी टीम की तत्परता से ऑटो चालक बच गया और उसका इलाज एमवाय अस्पताल में जारी है तथा उसका मोबाइल संयोगितागंज थाने में जमा है और पुलिस मामले की जांच में भी जुटी है..! -
इंदौर प्राणी संग्रहालय में बढ़ी वन्य संपदा, मुख्यमंत्री यादव ने देखे शिमोगा से आए जंगली भैंस
इंदौर
इंदौर के प्राणी संग्रहालय में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कर्नाटक के शिमोगा प्राणी संग्रहालय से चार जंगली भैंस (बायसन) इंदौर और शुतुरमुर्ग आए। इसके बदले वहां एक टायगर भेजा गया है। सोमवार सुबह नए मेहमानों को देखने मुख्यमंत्री मोहन यादव प्राणी संग्रहालय पहुंचे। वे पक्षीघर भी गए और पक्षियों को दाने खिलाए। इसके बाद वे भोपाल रवाना हुए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव रात को उज्जैन से लता अलंकरण समारोह में शामिल होने के लिए उज्जैन से सड़क मार्ग से इंदौर आए थे। रात को उन्हे भोपाल जाना था, लेकिन उन्होंने इंदौर में रुकने का फैसला लिया। वे कनकेश्वरी देवी गरबा स्थल पहुंचे। तब तक टीम इंडिया क्रिकेट मैच जीत चुकी थी। वहां शामिल लोगों के साथ उन्होंने जीत का जश्न मनाया।
इसके बाद वे रेसीडेंसी कोठी पहुंचे। सुबह उन्होंने कोठी पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और फिर प्राणी संग्रहालय पहुंचे। वहां चल रहे कामों का जायजा लिया। उन्हें अफसरों ने बताया कि आधुनिक फिए एक्वेरियम का निर्माण शुरू किया जा चुका है। डेढ़ साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा। आधे घंटे रुकने के बाद वे भोपाल के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने चार माह पहले किंग कोबरा को इंदौर चिडि़याघर में बने सांपघर में छोड़ा था।जिराफ भी आएंगे प्राणी संग्रहालय
इंदौर के प्राणी संग्रहालय में जल्दी ही वन्यप्रेमी जिराफ को भी देख सकेंगे। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर जू में पहले आए जेब्रा की देखरेख उत्कृष्ट स्तर पर हुई।इस कारण अब इंदौर जू जिराफ प्राप्त करने की पात्रता हासिल कर चुका है। यह नया मेहमान भी चार माह के भीतर इंदौर आ जाएगा।महापौर ने कहा कि जेब्रा की बेहतरीन देखभाल और सफल प्रजनन के कारण इंदौर जू ने जिराफ प्राप्त करने की पात्रता हासिल कर ली है। आने वाले समय में शहरवासी जिराफ का दीदार कर सकेंगे। साथ ही, उन्होंने बताया कि जल्द ही इंदौर जू में मध्य भारत का सबसे आकर्षक एक्वेरियम स्थापित होगा, जो शहर और प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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IIT इंदौर को मिलेगा वर्ल्ड क्लास रूप, 624 करोड़ से बनेंगे आधुनिक लैब, रिसर्च सेंटर और छात्रावास
इंदौर
देश में प्रौद्योगिकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी इंदौर समेत देश के 8 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में विस्तार परियोजनाओं का वर्चुअली शिलान्यास किया है। इस पहल के तहत आईआईटी इंदौर को 624.57 करोड़ रुपये की क्षमता विस्तार एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजना की सौगात मिली है। इसका उद्देश्य संस्थान को विश्वस्तरीय बनाना है।
प्रौद्योगिकी शिक्षा में नए युग का सूत्रपात : मुख्यमंत्री
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी इंदौर को मिली इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है "केंद्र सरकार का यह कदम अब प्रदेश में प्रौद्योगिकीय शिक्षा में एक नए युग का सूत्रपात करेगा। इससे हमारे युवाओं को अध्ययन, शोध एवं नवाचार करने के लिए व्यापक और बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।"विश्वस्तरीय बनेंगी सुविधाएं
आईआईटी इंदौर में इस विस्तार परियोजना को उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन एवं फंडिंग एजेंसी (HEFA) द्वारा तीसरे चरण के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:1. अत्याधुनिक शैक्षणिक भवन: 374.38 करोड़ रुपये
2. आवासीय परिसर एवं अन्य सुविधाएं: 123.15 करोड़ रुपये
3. उन्नत उपकरण: 27.04 करोड़ रुपयेइनके अलावा, एक औद्योगिकीय अनुसंधान पार्क, डिजाइन विभाग, विद्यार्थी गतिविधि केंद्र, व्याख्यान कक्ष परिसर और एक आगंतुक छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।
लैब विस्तार के लिए 100 करोड़ अतिरिक्त
मुख्य परियोजना के अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आईआईटी इंदौर की लैब को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी मंजूर की है। इस राशि का उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में जटिल प्रयोगों और डेटा विश्लेषण के लिए उच्च-स्तरीय एवं अत्याधुनिक उपकरण खरीदने में किया जाएगा। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, "आधारभूत संरचना में इस विकास से न केवल हमारा शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों को नवाचार, सहयोग और समग्र विकास के लिए एक विश्वस्तरीय परिवेश भी मिलेगा।" -
भोपाल एम्स में आधुनिक जांच प्रणाली शुरू, सैकड़ों बीमारियों की जांच एक मशीन से संभव
भोपाल
एम्स भोपाल में अब मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल के जैव रसायन विभाग में कोबास प्रो एडवांस्ड इंटीग्रेटेड क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री एनालाइज़र के जरिए जांच प्रक्रिया को और ज्यादा आधुनिक व तेज बना दिया गया है। यह मशीन प्रति घंटे 2,000 से अधिक टेस्ट करने की क्षमता रखती है, जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को समय पर और सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी। लगभग 3 करोड़ की लागत वाली यह मशीन मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार स्थापित की गई है। यह एम्स भोपाल को न सिर्फ प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी तकनीकी रूप से अग्रणी बनाती है।
ये सभी जांचें एक ही मशीन से संभव
– ब्लड शुगर (डायबिटीज)
– लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
-किडनी फंक्शन टेस्ट (RFT)
-हार्ट प्रॉफाइल
-थायरॉयड और अन्य हार्मोन
-विटामिन्स और कैंसर मार्कर्स
-यह मशीन 230 से ज्यादा प्रकार की जांचें करने में सक्षम है।तकनीकी दक्षता और भरोसेमंद रिपोर्टिंग
कोबास प्रो मशीन एक पूरी तरह से एकीकृत, ऑटोमेटेड जैव रसायन विश्लेषक है जो न सिर्फ तेज़ परिणाम देती है, बल्कि उसकी रिपोर्टिंग में सटीकता भी बनी रहती है। मरीजों को कम समय में भरोसेमंद परिणाम मिलना एम्स भोपाल की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देगा।स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार
जांच प्रक्रिया तेज़ और सहज होगी।
रिपोर्ट वितरण में काफी तेजी आएगी।
मरीजों को कम समय में इलाज की शुरुआत मिल सकेगी।जांच की सटीकता और गति दोनों में बेहद प्रभावशाली
जैव रसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कोबास प्रो ई-800 एक पूरी तरह से एकीकृत, अत्याधुनिक क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री एनालाइज़र है। यह मशीन जांच की सटीकता और गति दोनों में बेहद प्रभावशाली है। अब मरीजों को रिपोर्ट के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और डॉक्टरों को भी समय पर सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे इलाज में देरी नहीं होगी।मरीजों के लिए एक बड़ी राहत
डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि एम्स भोपाल में शुरू की गई यह अत्याधुनिक जांच सुविधा मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है। इससे जहां जांच की गति बढ़ेगी, वहीं इलाज में भी देरी नहीं होगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि सरकारी अस्पतालों की क्षमता और भरोसे को भी मजबूत करेगी। -
प्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालय यूजीसी की डिफॉल्टर लिस्ट में, सख्ती से हटाए वेबसाइट की अनदेखी
भोपाल
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने प्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों को डिफॉल्टर की श्रेणी में शामिल किया है। इसमें तीन निजी विवि भोपाल के हैं।यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि निजी विश्वविद्यालयों को तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज समय-सीमा के भीतर जमा करने थे, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कई विश्वविद्यालयों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की।इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आयोग ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूजीसी का कहना है कि निजी विश्वविद्यालयों को हर साल तय फार्मेट में प्रमाणित दस्तावेज जमा करना होता है।
इसमें दाखिले से संबंधित विवरण, डिग्री की मान्यता, शैक्षणिक गतिविधियां और फैकल्टी की स्थिति शामिल होती है, लेकिन इन विश्वविद्यालयों ने ऐसा नही किया।
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइटों की जांच की। पाया गया कि कई विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट को समय पर अपडेट नहीं कर रहे हैं।
वहां पाठ्यक्रम, मान्यता, फैकल्टी, फीस संरचना और प्रशासनिक विवरण उपलब्ध नहीं थे। यूजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय अब भी नियमों का पालन नहीं करते, तो उनके खिलाफ बड़ी कार्यवाही की जाएगी।
इसमें विश्वविद्यालय की मान्यता निरस्त करने से लेकर प्रवेश प्रक्रिया रोकने तक के कदम उठाए जा सकते हैं। इससे निजी विश्वविद्यालयों में हड़कंप मच गया है। कई विवि अब जल्दबाजी में अपनी वेबसाइट और दस्तावेज अपडेट करने की तैयारी में जुट गए हैं।
सूची में इन विश्वविद्यालयों का नाम
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी भोपाल
जेएनसीटी प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भोपाल
शुभम यूनिवर्सिटी भोपाल
एलएन विद्यापीठ यूनिवर्सिटी इंदौर
मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी सीहोर
आर्यावर्त यूनिवर्सिटी सीहोर
डॉ. प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी शिवपुरी
ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी सागर
महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय जबलपुर
महाकौशल यूनिवर्सिटी जबलपुर -
मोहन सरकार का नया आदेश: झूठी शिकायत करने वालों पर पड़ेगी सख्त कार्रवाई, बनेगी ब्लैक लिस्ट
भोपाल
मध्य प्रदेश में CM हेल्पलाइन को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है. इस शिकायत निवारण मंच पर लगातार फर्जी और भ्रामक कॉल्स की शिकायतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं.दरअसल, कुछ समय पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में पाया कि इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन कई लोग इसका दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें दर्ज कर रहे हैं और ब्लैकमेलिंग की कोशिश कर रहे हैं. इससे वास्तविक जरूरतमंदों की शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं हो पाता और सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ता है.
इसके बाद सीएम हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर फर्जी, आदतन झूठी और ब्लैकमेलिंग करने वाले शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार करने को कहा. इस सूची में शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, शिकायतों की संख्या और उनके बारे में टिप्पणी अनिवार्य होगी.
इसका मतलब है कि हेल्पलाइन का दुरुपयोग करने वालों और ब्लैकमेलिंग की मंशा से कॉल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सभी जिलों से नियमित रूप से ऐसी शिकायतों की रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि इस प्रवृत्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.
अधिकारी अपनी टिप्पणी के साथ भेजेंगे जानकारी
इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है। -
मछली गैंग का ड्रग तस्कर बादल: पुलिस से छुपाने के लिए राज्यवार कोडिंग से करता था डील
भोपाल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित ड्रग्स कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली का बादल मछली गैंग का सबसे बड़ा ड्रग सप्लायर है। पुलिस के बचने के लिए अलग अलग राज्यों के खास कोड के जरिए डील होती थी।यासीन के अंशुल और बादल के चैट्स मिले
यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल से चेट्स भी क्राइम ब्रांच को मिले हैं। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुए हैं। इन तमाम बातों का खुलासा यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश चालान से हुआ है।चालान में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों की काल डिटेल्स क्राइम ब्रांच ने निकाली हैं। बीते 6 महीने के भीतर इन सभी आरोपियों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है।दरअसल विशाल उर्फ बादल अरोरा मछली गैंग को सबसे अधिक ड्रग्स खपाता था। यासीन मछली का करीबी अंशुल भूरी नाइजीरियन गुर्गे के संपर्क रहता था। यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल के चैट्स भी क्राइम ब्रांच पुलिस को मिले है। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजक्शन भी हुए है। यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ।यह था मामला
भोपाल में ड्रग्स तस्करों के गिरोह की धरपकड़ के बाद नशे के कारोबार और यौन शोषण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया था। यह नेटवर्क हिंदू लड़कियों के दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है।
आशू और सैफउद्दीन भोपाल में यासीन मछली के सबसे बड़े पैडलर थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
यासीन के मेमोरेंडम में चौंकाने वाले खुलासे
यासीन ने अपने मेमोरेंडम में बताया है कि वो अंशुल उर्फ भूरी ड्रग्स की खेंप लाने के लिए भेजा करता था। अंशुल ड्रग्स विशाल उर्फ सावन अरेरा निवासी दिल्ली से लाता था। पूरी डील सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही कन्फर्म होती थीं। अंशुल का साथी अमन था जो ड्रग्स को लाने में उसकी मदद किया करता था।
पुलिस को यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं। विशाल इस मामले में फरार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन मछली, शाहवर मछली, अंशुल, बेंचामत (नाइजीरियन), ओविन्ना (नाइजीरियन), अमन, लारिब उर्फ बच्चा, शाकिर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इनके खिलाफ 6 अक्टूबर को आरोप तय करने पर बहस होगी।
इन आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
ड्रग्स केस में आरोपी डॉ. रहमान मलिक, मोनिस, उमेर पट्टी, विशाल और सनव्वर अभी फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
आरोपी सनव्वर के भाई को ड्रग्स तस्करी में बनाया आरोपी
पुलिस को आरोपी सनव्वर की तलाश थी। सनव्वर अपने भाई शाकिर के घर पर छिपा था। पुलिस जब उसकी तलाश में शाकिर के घर पहुंची, तो सनव्वर वहां से उनको भागता दिखा था, पीछा करने के बाद भी वह चकमा देने में कामयाब हो गया था।
जिसके बाद पुलिस ने शाकिर के खिलाफ आरोपी को संरक्षण देने के लिए मामला दर्ज किया। इसके बाद आगे की जांच में शाकिर का कनेक्शन ड्रग्स के साथ पुलिस को मिला। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया है।
अलग-अलग राज्यों में होती थी डील
पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी बादल ड्रग्स की डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में अंशुल को दिया करता था। जिसमें प्रमुख तौर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। सावन मूल रूप से पंजाब का ही रहने वाला है।
एमडी ड्रग्स मामला:मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश
राजधानी के चर्चित ड्रग्स मामले में यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इसमें खुलासा हुआ है कि यासीन और अन्य आरोपियों के बीच ड्रग्स सप्लाई को लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन मिले हैं।
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माँ बनकर समाज सेवा: अनाथ बेटियों की जिंदगी बदल रही ये प्रेरणादायक कहानी
कटनी
डॉ. स्नेह चौधरी ने पति डॉ. समीर चौधरी के साथ 2005 से समाज सेवा का ऐसा काम शुरू किया है जो हर किसी के दिल को छू जाता है। जिन बेटियों का कोई नहीं होता, उनके लिए डॉ. स्नेह ने मां का काम करना शुरू किया। उनकी देखरेख में बेटियां पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट, नौकरी, शादी और पूरी देखभाल पा रही हैं। इस कार्य में उनके पति डॉ. समीर चौधरी का भी विशेष सहयोग है। हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन में वर्तमान में 26 बेटियों को आश्रय मिला हुआ है। यहां उन्हें माता-पिता के स्नेह जैसी देखभाल, शिक्षा और जीवन के हर अवसर की सुविधा दी जा रही है। डॉ. स्नेह और डॉ. समीर चौधरी का यह प्रयास अनाथ बेटियों की जिंदगी में आशा की किरण बन गया है। उनके प्रयास ने कटनी में समाज सेवा का एक मार्मिक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है, जो हर किसी के लिए सीख और प्रेरणा बन सकता है।
अनाथ बेटियों की सुरक्षा का बीड़ा उठायाडॉ. स्नेह चौधरी ने बताया कि उनकी समाज सेवा की शुरुआत एक ऐसे मामले से हुई, जब एमजीएम अस्पताल में एक गंभीर हालत में बेटी आई थी, जिसका परिवार उसे रखने को तैयार नहीं था। नाना-नानी रख पाने में असमर्थ थे। बेटी को जबलपुर के अनाथालय में भेजा गया, लेकिन वहां रखने से मना कर दिया गया। समाजसेवियों की मदद से वह कटनी वापस आई और इसी बेटी की देखभाल ने डॉ. स्नेह और डॉ. समीर को लिटिल स्टार फाउंडेशन शुरू करने की प्रेरणा दी।
शुरुआत में एक परिवार की मदद से बेटी की देखभाल शुरू की गई। गायत्री नगर में किराये का मकान लेकर डॉक्टर दंपत्ति ने वहां बेटी की देखभाल सुनिश्चित की। धीरे-धीरे इस प्रयास में और बेटियां जुड़ती गईं और संख्या 30 तक पहुंच गई। कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने मदद का आश्वासन दिया और बाद में फाउंडेशन की नींव पड़ी। बेटियों के लिए साढ़े 3 एकड़ जमीन कलेक्टर एम. सैल्वेद्रम ने दिलवाई। इसके बाद कलेक्टर अशोक सिंह, विकास नरवाल और समाजसेवकों की मदद से सेंटर का निर्माण कराया गया। अब तक 600 बेटियों को आश्रय और शिक्षा दी जा चुकी है।
बेटियों को मिल रही नई जिंदगी
सेंटर में बेटियों को पढ़ाई के साथ कढ़ाई, बुनाई, हॉर्स राइडिंग और स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी करवाए जाते हैं। हॉर्स राइडिंग में 7 बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन कर नौकरी भी हासिल की है। अब तक सेंटर में 7 बेटियों की शादी, 22 बेटियों को गोद दिलाया जा चुका है। देश-विदेश से लोग बेटियों को गोद ले चुके हैं। सेंटर में बेटियों को सभी सुविधाएं दी जाती हैं और डॉक्टर दंपत्ति उन्हें माता-पिता की तरह स्नेह व सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। -
रायगढ़ बना स्मार्ट सुविधाओं का केंद्र, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया विकास का खाका
छट घाट निर्माण के लिए 15 लाख रूपए की घोषणा
58 लाख रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन
रायपुर
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा है कि रायगढ़ में आम नागरिकों के लिए शहरी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। हमारा लक्ष्य रायगढ़ को सुंदर और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।
वित्त मंत्री चौधरी ने आज रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 41 तुर्कूमुड़ा में 48.44 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड एवं 10 लाख रुपए की लागत से शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर संतोषी मंदिर के पास छठ घाट निर्माण हेतु 15 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा भी की।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ संभाग मुख्यालय से बाहर पहला जिला है जहां प्रयास विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। यहां इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ जैसे विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवायी जा रही है। राष्ट्रीय स्तर के लाईब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराने नालंदा परिसर की स्थापना की जा रही। जहां युवा विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी आसानी से कर पायेंगे। इसी इसी प्रकार संगीत महाविद्यालय, ऑक्सीजोन जैसे अन्य प्रोजेक्ट पर भी कार्य प्रारंभ हो चुका है।
वित्त मंत्री चौधरी ने आगे कहा कि किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के मान से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। किसानों को दो साल का बोनस दिया गया। इसी तरह रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना में रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या, काशी सहित अन्य तीर्थाे का दर्शन कर चुके है। राज्य सरकार के गठन के बाद बड़ी संख्या में आवास निर्माण को स्वीकृति दी गई है और इनका कार्य तेजी से जारी है। इससे गरीब परिवारों का पक्का मकान का सपना साकार हो रहा है। इस अवसर पर रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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लता मंगेशकर की सुरमयी विरासत ने भारतीय संगीत को दिलाई नई पहचान: डॉ. यादव
भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वरों से भारतीय संगीत को दी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से किया अलंकृत
अंकित तिवारी एवं दल ने दी सुरमयी प्रस्तुतियांइंदौर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की सांस्कृतिक धरती पर आज गीत-संगीत के आयोजित अद्भुत, भव्य एवं गरिमामय समारोह में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से विभूषित किया। यह आयोजन संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन इंदौर के सहयोग से हुआ।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न लता मंगेशकर ने अपने स्वर से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। उनके नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान अद्वितीय है। यह उन कलाकारों के योगदान को नमन है, जिन्होंने गीत-संगीत के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि आज हम विश्व प्रसिद्ध गायक सोनू निगम को सम्मानित कर गौरांवित हो रहे हैं। सोनू निगम के आने से ऐसा लग रहा है जैसे अमावस की रात में पूनम का चांद आया है। उन्होंने कहा कि आज हम गर्वित है कि संगीत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इंदौर की संगीत परंपरा अद्वितीय है।
पार्श्व गायक सोनू निगम ने भावुक स्वर में कहा कि लता जी हमारे लिए केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि संगीत की जीती-जागती परंपरा रही हैं। इस सम्मान को पाकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ। यह पल मेरे जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि जिस लता मंगेशकर अलंकरण समारोह में प्रस्तुति देने के लिए मैं 30 वर्ष पूर्व इंदौर आया था, उसी सम्मान समारोह में मुझे आज यह सम्मान मिलना बेहद गौरव का विषय है।
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए अत्यंत गौरव का है, क्योंकि संगीत जगत की महान हस्ती भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म दिवस है और उसी दिन हम यह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान संगीत जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लता जी के नाम पर सम्मान प्रदान करना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। लता जी ने भारतीय संस्कृति और संगीत को विश्व स्तर पर स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा समारोह में वर्ष 2025 का राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान सुप्रतिष्ठित पार्श्व गायक सोनू निगम (मुंबई) को प्रदान किया गया। अलंकरण के पश्चात संगीत संध्या का आयोजन हुआ जिसमें लोकप्रिय पार्श्व गायक अंकित तिवारी एवं उनके दल ने एक से बढ़कर एक मधुर प्रस्तुतियां दीं और श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संचालक संस्कृति एस.पी. नामदेव ने प्रशस्ति पत्र का वाचन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। साथ ही लता मंगेशकर के जीवन पर केन्द्रित चित्र लतिका का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, विधायक महेन्द्र हार्डिया, सु उषा ठाकुर, मती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक जीतू जिराती, सुमित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
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सिंहस्थ आयोजन से संबंधित निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण किए जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
दुनिया देखेगी सिंहस्थ-2028 का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सिंहस्थ आयोजन से संबंधित निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण किए जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन
उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजनउज्जैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान महाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे।
इस अवसर पर विधायक सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है।
इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास
कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, सभापती मती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष मती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, संजय अग्रवाल, रुप पमनानी, विशाल राजौरिया, जगदीश पांचाल, ओम जैन, आनंद खिची, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।
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‘मन की बात’ के 126वें संस्करण में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर में किया श्रवण
सीएम विष्णु देव साय ने रायपुर में सुनी प्रधानमंत्री मोदी की 'मन की बात' की 126वीं कड़ी
‘मन की बात’ के 126वें संस्करण में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर में किया श्रवण
‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, प्रेरित करने, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का माध्यम : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा नवाचार और बेहतर कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की शुभकामनाएँ भी दीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ीमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शक्ति उपासना के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की दो बहादुर बेटियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा की ‘नाविका सागर परिक्रमा’ का उल्लेख किया। दोनों अधिकारियों ने 47 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा 238 दिनों में पूरी की और दुनिया के सबसे सुदूर स्थान ‘नीमो प्वाइंट’ पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी दरों में हुई कटौती से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर वाहनों, कृषि उपकरणों और मशीनों तक में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हैं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं लेते, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक कारीगर की मेहनत और एक उद्यमी के सपनों को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और हम सभी को खादी के वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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स्वदेशी अभियान ही भारत की मजबूती की नींव है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संदेश
स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
स्वदेशी अभियान ही भारत की मजबूती की नींव है – उप मुख्यमंत्री शुक्ल का संदेश
भोपाल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देकर ही भारत को सशक्त बनाया जा सकता है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से जहां एक ओर हमारा पैसा हमारे देश में रहेगा वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को उनके उत्पाद का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि रीवा में गत 5 वर्षों से आयोजित हो रहे कला उत्सव में स्थानीय हस्तशिल्प, लोककला और परंपराओं को बढ़ावा मिल रहा है जिससे यह आयोजन न सिर्फ शॉपिंग फेस्टिवल है बल्कि एक सामाजिक आंदोलन भी है जो शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और लोक संस्कृति को प्रोत्साहित करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आह्वान है कि स्वदेशी अपनाओ राष्ट्र भक्त कहलाओ।
रीवा लक्ष्मी एजुकेशन एवं ट्रेनिंग समिति द्वारा कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में कला उत्सव मेले में ड्रेस, ज्वेलरी, होमडेकोर, गिफ्टस एवं हस्तशिल्प आदि वस्तुएँ प्रदर्शित की गयी। इस आयोजन के माध्यम से 100 से अधिक महिला उद्यमियों, कलाकारों और कारीगारों को आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक पहचान मिली। संस्था के अध्यक्ष राजेन्द्र वास्तव ने बताया कि गत 5 वर्षों में इस आयोजन ने रीवा सहित पूरे विन्ध्य में अपनी पहचान बनाई है। सचिव सोनाली वास्तव ने बताया कि इस चैरिटेवल एग्जिविशन से प्राप्त आय अंकुर पाठशाला के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की नि:शुल्क शिक्षा पर खर्च की जायेगी। सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वच्छ भारत, स्वच्छ रीवा अभियान के तहत कला उत्सव का आयोजन का लक्ष्य महिला सशक्तीकरण व स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देना है। अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित रहे।
चुनरी यात्रा में हुए शामिल
नवरात्रि के पावन पर्व पर रीवा में आयोजित चुनरी यात्रा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल शामिल हुए। अखिल भारतीय ब्राम्हण महासभा द्वारा जनकल्याण एवं धार्मिक सदभाव के उद्देश्य से 51 मीटर की भव्य चुनरी यात्रा कोठी कम्पाउंड के शंकर जी के मंदिर से प्रारंभ होकर रानी तालाब में माँ कालिका के मंदिर में समाप्त हुई। यात्रा में शामिल भक्तों ने माँ जगत जननी के चरणों में सामूहिक रूप से चुनरी अर्पित की। उप मुख्यमंत्री ने मनकामेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की तथा कन्या पूजन किया।
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पद्म प्राप्त विभूतियों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
रायपुर : जीएसटी रिफॉर्म्स से आर्थिक क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक बदलाव- मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री जीएसटी 2.0 रिफॉर्म्स धन्यवाद मोदी जी कार्यक्रम में हुए शामिल
पद्म प्राप्त विभूतियों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित जीएसटी 2.0 रिफॉर्म्स "धन्यवाद मोदी जी" कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म्स से आर्थिक क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। जीएसटी दरों में कटौती से 140 करोड़ देशवासियों के जीवन में खुशी आई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के पद्म सम्मान प्राप्त विभूतियों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन व्यापार प्रकोष्ठ, आर्थिक प्रकोष्ठ और व्यवसायी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में किया गया था। रायपुर संभाग के छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भी आयोजन उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी रिफॉर्म्स का निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिया गया ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार ऐसे निर्णय हुए हैं जिनके बारे में यह कहा जाता था कि ये कभी नहीं हो सकते। चाहे वह धारा 370 हटाना हो या ट्रिपल तलाक बिल लाने का निर्णय। इसी कड़ी में जीएसटी रिफॉर्म्स लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं लोगों के बीच जाकर जीएसटी दरों में कटौती से मिले लाभ की जानकारी ले रहा हूँ। पिछले दिनों जब मैं दैनिक जरूरत का सामान खरीद रहे लोगों से मिलने एक मार्ट में गया तो वहां मुझे गृहणियों ने बताया कि इन सुधारों से हमारे किचन के बजट में कमी आई है। जब मुझे गृहणियां प्रत्येक वस्तु के कम हुए दाम बता रही थीं तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। इन सुधारों से किसानों को बड़ी राहत मिली है। मैं ट्रेक्टर शोरूम भी गया जहां मुझे पता चला कि ट्रैक्टर के दाम में 65 हजार से 1 लाख रुपये की कमी आयी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रदेश के व्यापारियों का बड़ा योगदान होगा। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को निवेशकों द्वारा बहुत पसन्द किया जा रहा है। अभी मैंने जापान और कोरिया की यात्रा की जहां इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम भी हुए। एशिया महाद्वीप के कई निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश में रुचि दिखाई है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो जीएसटी सुधार किए हैं वे ‘न भूतो न भविष्यति’ हैं। यह कदम आम आदमी को ताकतवर बना रहा है। जहां एक ओर दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमत कम होने से लोगों को लाभ मिल रहा है तो वहीं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। जीएसटी रिफॉर्म्स को लेकर जनता की ओर से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया आ रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए पद्म प्राप्त विभूतियों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें जॉन मार्टिन नेल्सन, डॉ राधेश्याम बारले, मती उषा बारले, डॉ पुखराज बाफना, मती फुलबासन बाई यादव, मती शमशाद बेगम, डॉ भारती बंधु, अनुज शर्मा, मदन सिंह चौहान, सु सबा अंजुम, अजय कुमार मंडावी, हेमचन्द मांझी, पंडी राम, जागेश्वर यादव, राजेन्द्र प्रसाद, राजेश चौहान, सु नीता डुमरे शामिल रहे।
इस अवसर पर सांसद मती रूपकुमारी चौधरी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय वास्तव, सीजीएमएससीएल के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी, अखिलेश सोनी, चंद सुंदरानी, लाभचंद बाफना, यशवंत जैन, नवीन मार्कण्डेय, रमेश ठाकुर, जयंती पटेल, मती हर्षिता पांडेय, अजय भसीन सहित रायपुर संभाग के छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी उपस्थित थे।