• मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – नवरात्र सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का पर्व है

    उज्जैन में 121 स्थलों पर हुआ 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन
    ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में हुआ दर्ज
    उज्जैन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नवरात्र आस्था और परंपरा के उत्सव के साथ नारी शक्ति के सम्मान एवं सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है। उज्जैन में रविवार को 121 स्थानों पर 25 हजार से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया, जो एक रिकॉर्ड है। इसे ‘गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। उज्जैन की पावन धरा पर अर्जित हुई यह उपलब्धि भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं। कन्या पूजन का आयोजन लोकमान्य तिलक समिति द्वारा किया गया। समिति के संयोजक विधायक  अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि इस आयोजन की सफलता में नागरिकों का अहम योगदान है।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज, विधायक  सतीश मालवीय, महापौर  मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव,  संजय अग्रवाल,  राजेंद्र भारती,  शांतिलाल जैन,  दिनेश जाटवा उपस्थित रहे।

     

  • एमपी के अभिभावक खुश, प्राइवेट स्कूल फीस के लिए सरकार देगी 20 हजार रुपये सीधे खाते में

    भोपाल
    प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस चुकाना हर किसी के वश की बात नहीं है। कई नामी स्कूलों का सालाना अध्ययन शुल्क 1 लाख के पार जा चुका है। मामूली आमदनी वाले अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की सोच भी नहीं सकते। हालांकि ऐसे बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य सरकार आगे आई है। प्रदेश में निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस सरकार चुकाती है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। ऐसे 20 हजार से ज्यादा स्कूलों के बैंक खातों में राज्य सरकार बच्चों की फीस की राशि डालेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन विद्यालयों के खातों में फीस की राशि अंतरित करेंगे। हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को आयोजित कार्यक्रम में स्कूलों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 489 करोड़ रुपए डाले जाएंगे।
    बच्चों की वर्ष 2023-24 की फीस

    शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कुल 20 हजार 652 निजी स्कूलों को फीस की राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेशभर के 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खिरकिया के कार्यक्रम में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की फीस डालेंगे। यहां अनेक विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण भी करेंगे।

    बता दें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक कुल 3 हजार करोड़ रुपए की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है। प्राइवेट स्कूलों में वर्तमान में प्रदेशभर में करीब 8 लाख 50 हजार बच्चे नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

  • 8 स्पेशल ट्रेनें सिर्फ त्योहारों के लिए! 3 राज्यों में चलेगी और ये होगी टाइमिंग

    रतलाम 
    पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीज़न के दौरान स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट, बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी।

    ये रहेगी टाइमिंग
    ट्रेन नंबर 09095 बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक बुधवार को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 11 बजे चलेगी अगले दिन शाम 5:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। यह ट्रेन 1 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी। इस ट्रेन का रतलाम 8.30/8.40 आगमन/प्रस्थान होगा। इसी प्रकार, ट्रेन नंबर 09096 अयोध्या कैंट-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को अयोध्या कैंट से रात 9 बजे चलेगी और शनिवार सुबह 6 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी, रतलाम शाम 6 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन 2 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, दाहोद, मेघनगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ और बाराबंकी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे।

    बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना स्पेशल
    ट्रेन नंबर 09097 बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक रविवार को बांद्रा टर्मिनस से रात 9:50 बजे चलेगी और मंगलवार रात 12:30 बजे लुधियाना पहुंचेगी। सोमवार सुबह 7.25 ट्रेन रतलाम आएगी। यह 5 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी। ट्रेन नंबर 09098 लुधियाना-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक मंगलवार को लुधियाना से सुबह 4 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 10:20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। मंगलवार को रात 10.10 ट्रेन रतलाम आएगी। ट्रेन 7 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक चलेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, मथुरा, नई दिल्ली, पानीपत और अंबाला स्टेशनों पर रुकेगी।

    उधना-जयनगर स्पेशल
    ट्रेन नंबर 09151 उधना-जयनगर स्पेशल 30 सितंबर को उधना से सुबह 6:45 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:30 बजे जयनगर पहुंचेगी। रतलाम यह ट्रेन दोपहर 1 बजे आएगी। ट्रेन संया 09152 जयनगर-उधना स्पेशल 1 अक्टूबर को जयनगर से रात 11 बजे चलेगी और शुक्रवार शाम 5:45 बजे उधना पहुंचेगी। रतलाम सुबह 9.35 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, बीना, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी।

    बांद्रा टर्मिनस -सांगानेर सुपरफास्ट
    बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रात 3.40/3.50 आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन संया 09024 सांगानेर-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को सांगानेर से शाम 4:50 बजे चलेगी और अगले दिन 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी।

    ट्रेन का रतलाम रात 12.55/1.05 बजे आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों पर रुकेगी।

  • सीएम मोहन यादव ने बताया मंदिर का रहस्य, आरती में झूलने लगता है माता का झूला

    उज्जैन 
    एमपी में नवरात्र का उल्लास चरम पर है। जगह जगह कन्या पूजन और भोज आयोजित किए जा रहे हैं। उज्जैन में ऐसे ही एक कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट में कन्या पूजन किया। उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने 369 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर में नित्य होनेवाले एक चमत्कार का भी जिक्र किया। सीएम मोहन यादव ने बताया कि कैसे आरती के समय माता का झूला अपने आप झूलने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन पहुंचे और अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवरात्रि पर्व के अवसर पर कन्या पूजन भी किया। उज्जैन में 121 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर 25 हजार कन्याओं का पूजन किया गया।
     
    सायंकाल की आरती शुरु होते ही अपने आप झूलने लगता झूला
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर उज्जैन के प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2 हजार साल पुराने अतीत को याद करें तो हरसिद्धि माता का एक रूप यह भी है कि रात में उज्जैन में रहना और दिन में गुजरात में रहना। सीएम मोहन यादव ने मंदिर में होनेवाली अनूठी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि अद्भुत तो तब होता है जब सायंकाल की आरती शुरु होते ही झूला अपने आप झूलने लगता है। माता के यहां से निकल जाने का अहसास होता है। सुबह की आरती होते ही माता अपने आप आ जाती है, झूला फिर प्रारंभ हो जाता है।

    सीएम मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में कदम-कदम पर ऐसे ऐसे कई रहस्यों के साथ वास्ता आता है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • मध्यप्रदेश में कानून का हश्र: रक्षक ही बने अपराधी, डर से जनता की शिकायतें एजेंसियों तक नहीं पहुंच पा रही

    भोपाल
    पीड़ित पक्ष हो या आरोपित, उन्हें डर दिखाकर पुलिसकर्मी रुपये ऐंठ ले रहे हैं। इसी माह भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच के चार आरक्षकों को अधिकारियों के संज्ञान में बिना लाए आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई करने के संदिग्ध आचरण के चलते निलंबित किया गया है। प्रदेश भर में ऐसे कई मामले इस वर्ष सामने आ चुके हैं, जिनमें लोकायुक्त पुलिस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की ट्रेप कार्रवाई पुलिसवालों पर न के बराबर ही हो पा रही है।

    ज्यादा आ रहे रिश्वतखोरी के मामले
    सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित पक्ष तो दूर पीड़ित पक्ष भी पुलिस के डर से जांच एजेंसियों को शिकायत करने से बचता है। ऐसे में पुलिस को खुद अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत कर कार्रवाई करनी चाहिए। दोनों जांच एजेंसियों द्वारा किसी न किसी विभाग का औसतन एक कर्मचारी हर दिन रिश्वत लेते पकड़ा जा रहा है, लेकिन पुलिस के नाम मात्र के ही हैं। इंदौर में जरूर इसी माह एक उप निरीक्षक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा था। गौरतलब यह है कि पुलिस आयुक्त व्यवस्था वाले इंदौर और भोपाल शहर में घूसखोरी के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें रिश्वत की राशि भी एक लाख से अधिक रही। इसी तरह भोपाल में फर्जी काल सेंटर चलाने वाले से पांच लाख रुपये घूस लेने का मामला सामने आ चुका है।

    ये हैं दो मामले
    केस 1-
    भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में फर्जी काल सेंटर चल रहा था। सेंटर की कई शिकायतें आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद मामले को दबाने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। पहली किस्त में पांच लाख रुपये रिश्वत लेने-देने का सौदा तय हुआ। काल सेंटर संचालकों के साथ नरमी बरतने के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसके बाद टीआइ जितेंद्र गढ़वाल सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई।

    केस 2- जनवरी 2025 में उमरिया जिले के चंदिया थाने के प्रधान आरक्षक द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की थी। पुलिस ने पीड़ित का ट्रैक्टर पकड़ा था, जिसे छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि वह पहले 15 हजार रुपये घूस दे चुका था। इसके बाद पुलिसकर्मी ने 50 हजार रुपये और मांगे थे।
     
    पुलिसवालों की शिकायतें करने से डरते हैं लोग
    लोकायुक्त पुलिस के पूर्व डीजी अरुण गुर्टू ने कहा कि पुलिसवालों की शिकायतें करने से लोग डरते हैं। उन्हें लगता है कि किसी अधिकारी से शिकायत की तो पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं होगी, उल्टा उसे परेशान किया जाएगा। इसी कारण जांच एजेंसियों के पास शिकायतें नहीं पहुंचतीं और पुलिसकर्मी बचे रह जाते हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार खत्म करना है तो बहुत जरूरी है कि पुलिस सबसे पहले अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करें, जिससे रिश्वतखोरों को पकड़ा जा सके। सरकार का पहला काम प्रबंधन है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पालन और भ्रष्टाचार रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • पेंशन धारकों के लिए लाभदायक खबर: महंगाई राहत में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी

    रायपुर 
    त्योहारी सीजन में प्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनरों के लिए छत्तीसगढ़ से अच्छी खबर आई है। इन्हें दो प्रतिशत की दर से अधिक महंगाई राहत मिलेगी, यानी वृद्धि के बाद यह 55 प्रतिशत हो जाएगी। यद्यपि, यह जनवरी से नहीं, बल्कि सितंबर की पेंशन से मिलेगी। अक्टूबर में भुगतान बढ़ी हुई दर पर होगा। वित्त विभाग छत्तीसगढ़ से सहमति मिलने के बाद अब महंगाई राहत में वृद्धि के लिए प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष निर्णय के लिए रखेगा। प्रदेश में कर्मचारियों को एक जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि पेंशनरों को मार्च 2025 से 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दी जा रही है।

    छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाई महंगाई राहत
    इस दो प्रतिशत के अंतर का कारण वित्त विभाग छत्तीसगढ़ से प्राप्त सहमति को बताता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के तहत पेंशनर व परिवार पेंशनर को दी जाने वाली महंगाई राहत में वृद्धि का निर्णय दोनों राज्यों की सहमति से होता है।

    छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 12 मार्च 2025 को सातवें वेतनमान में तीन और छठवें वेतनमान में सात प्रतिशत महंगाई राहत बढ़ाने की सहमति दी। इसके आधार पर वृद्धि की गई। अब 53 प्रतिशत महंगाई राहत को दो प्रतिशत बढ़ाकर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बराबर करने की सहमति दी गई है। यह सितंबर की पेंशन से लागू होगी यानी अक्टूबर से भुगतान प्राप्त होगा। इसके आधार पर ही प्रस्ताव तैयार किया गया है।

    भेदभाव कर रही है सरकार
    पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आमोद सक्सेना का कहना है कि मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के अंतर्गत राज्य के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों को भी एक जनवरी 2006 से छठवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया था किंतु पेंशनरों को इसका लाभ एक सितंबर 2008 से दिया गया। 32 माह के एरियर का भुगतान आज तक नहीं किया गया। उधर, एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहा कि पेंशनरों के साथ भेदभाव कर आर्थिक हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है।

  • सुरक्षित डिजिटल भुगतान का युग शुरू: आज से ठगी और फ्रॉड पर सख्त रोक

    ग्वालियर
    आज से डिजिटल भुगतान करना और अधिक सुरक्षित होगा। क्योंकि आरबीआई ने डिजिटल भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है और बैक व वित्तीय संस्थानों को आरबीआई के इन निर्देशों का पालन एक अप्रैल तक करना है, क्योंकि एक अप्रैल को फिर से नई गाइडलाइन आएगी। नई गाइडलाइन से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और एप आदि भुगतान करने में अधिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही बैंक खाते से आटोमेटिग पैमेंट भी बिना खाता धारक से पूछे नहीं होगा। इनका सीधा असर उन ग्राहकों और व्यवसायों पर पड़ेगा जो सब्सक्रिप्शन-आधारित सेवाओं का उपयोग करते हैं जैसे ओटीअी प्लेटफार्म , म्यूजिक स्ट्रीमिंग या न्यूज ऐप्स। इसका मतलब है कि कोई भी ऐप या कंपनी आपकी अनुमति के बिना पैसे नहीं काट सकेगी।
     
    ऐसे काम करेगा नया सिस्टम
    बैंकों और पेमेंट गेटवे को अब हर रिकरिंग पेमेंट से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को नोटिफिकेशन भेजना होगा। इस नोटिफिकेशन में भुगतान की राशि, तारीख और जिस कंपनी को भुगतान किया जा रहा है उसकी जानकारी होगी। ग्राहक को इस नोटिफिकेशन पर अपनी मंजूरी देनी होगी। यदि ग्राहक मंजूरी नहीं देता है, तो भुगतान अपने आप नहीं होगा।

    ग्राहकों के लिए फायदे
    यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। पहले कई ऐप्स एक बार की अनुमति के बाद हर महीने पैसे काट लेते थे और कई बार ग्राहक को इसका पता भी नहीं चलता था। अब हर ट्रांजैक्शन से पहले मंजूरी अनिवार्य होगी, जिससे धोखाधड़ी की संभावना घटेगी और ग्राहक अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रख पाएंगे।

    व्यापारियों और बैंकों की चुनौती
    हालांकि यह कदम ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, लेकिन बैंकों और व्यापारियों के लिए इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्हें अपने सिस्टम को इस तरह अपडेट करना होगा कि वे समय पर नोटिफिकेशन भेज सकें और मंजूरी मिलने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया पूरी कर सकें। यदि कोई बैंक या कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उन पर आरबीआई की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है।

    क्या कहते हैं विशेषज्ञ
    हर डिजिटल भुगतान पर ओटीपी तो अभी भी मांगा जाता है। तभी भुगतान होता है। लेकिन नई गाइड लाइन से यह होगा कि आटोमेटिक पैमेंट भी बिना अनुमति के नहीं होंगे। क्योंकि अभी तक सबस्क्रप्सन आदि का भुगतान आटोमेटिक खाते से हो जाता है। कई बार तो उपभोक्ता को पता भी नहीं चलता। ऐसे में अब कोई भी भुगतान होगा तो उपभोक्ता के पास पहले नोटीफिकेशन आएगा। उसी पर हा या ना का आप्सन होगा। यानि बिना अनुमति के भुगतान नहीं होगा। – आशीष पारेख, सीए

  • अब अकेली महिला सुरक्षित! MP पुलिस की नई पहल, घर छोड़कर अकेले न रहें महिलाएँ

    सारंगपुर
    नवरात्र पर्व को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने सारंगपुर थाना क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसपी तोलानी ने क्षेत्र के विभिन्ना गरबा पंडालों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान राज्यमंत्री गौतम टेटवाल भी मौजूद रहे। सारंगपुर के राठी परिसर में आयोजित गरबा कार्यक्रम में एसपी तोलानी, पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री दीपक कुमार, एसडीएम रोहित बंहोरे, पचोर नप अध्यक्ष विकास करोडिया, नपा उपाध्यक्ष भावना निलेश वर्मा ने सपत्नि सामूहिक गरबा किया।

    त्योहार को शांति व सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं
    कार्यक्रम के दौरान पृथ्वीराज टेटवाल, एसडीओपीअ अरविंद सिंह, थाना प्रभारी आकांक्षा हाड़ा, मोहित राठी, शिशिर विजयवर्गीय, प्रफुल्ल विजयवर्गीय, मोहित गुप्ता, एसआई अमित त्यागी, बीएस भूरिया, रवि शर्मा, शिव दांगी आदि उपस्थित थे। एसपी ने गरबा आयोजकों को दिए निर्देश एसपी ने कार्यक्रम के दौरान आयोजकों को समय सीमा और तय मापदंडों का पालन करते हुए गरबा कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। त्योहार को शांति व सौहार्दपूर्ण माहौल मनाने को कहा। पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण व यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
     
    युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद
    नवरात्र में दुर्गा पंडालों में देवी मां की आराधना और गरबे का आयोजन चल रहा है। गरबा आयोजनों में पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी मुस्तैद हो गई है। शहर के सभी प्रमुख गरबा पंडालों और मंदिरों में हाईटेक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थलों के आसपास पुलिस कैमरे से निगरानी रखे हुए है। संदिग्ध सामग्री, हथियार प्रतिबंधित होंगे पुलिस अधीक्षक तोलानी ने गरबा डांडिया का आयोजन कर रहीं संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के दौरान यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी व्यक्ति आयोजन स्थल पर संदिग्ध सामग्री, आपत्तिजनक वस्तु या किसी भी प्रकार का हथियार लेकर न आए और न ही उनका प्रयोग या प्रदर्शन किया जाए। इसके साथ ही, बिजली व लाइटिंग के दौरान शॉर्ट सर्किंट से आगजनी की घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त विद्युत सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया जाए।

    सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों तैनात किए
    साथ ही गरबा-डांडिया पंडाल स्थल पर विद्युत वायरिंग की रोजाना जांच कराकर व्यवस्था सुचारु रखी जाए। एसपी ने राज्यमंत्री टेटवाल से बातचीत करके विभिन्न जानकारियां एकत्रित की और यह सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे है। वही पुलिस एसडीओपी अरविंद सिंह ने गरबा आयोजन स्थलों के आसपास सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों तैनात किए है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देर रात सड़क पर अकेली दिखने वाली महिलाओं को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। इस दौरान संदिग्ध वाहनों की चेकिंग भी की गई, ताकि सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। बता दें की नवरात्र पर्व पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके।

    बढ़ाई पेट्रोलिंग, बनी रहेगी चौकसी
    चर्चा के दौरान एसपी तोलानी ने बताया कि रोजाना होने वाली पेट्रोलिंग व्यवस्था बड़ा कर, नवरात्र पर्व में शहर की बहन और बेटियां सुरक्षित रहें और पूजा-पाठ को निःसंकोच होकर कर सकें। इसके लिए का पहरा बना हुआ है। शहर के गली से लेकर चौक चौराहे तक गश्त करती रही। टीआई ने खुद मोर्चा संभाला है। ताकि नगर की महिलाएं अपने घर से निकलकर सुरक्षित मंदिर पहुंचे कर पूजा पाठ करें। इसके लिए रोजाना पुलिस गश्त जारी रखी जा रही है।
     
    यातायात पर विशेष ध्यान
    एसपी ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर, प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया है। इससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पडेगा और पूजा पंडालों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्ना नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि पुलिस की इस सक्रियता ने शहरवासियों में सुरक्षा का अहसास बढाया है, जिससे नवरात्रि पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्ना हो सके। ताकि बहन-बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस करें पुलिस ने शहर के देवी पंडाल, प्रमुख चौराहा समेत अन्य चौक चौराहों पर गश्त कर लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया। टीआई हाडा ने कहा कि जनता में सुरक्षा का एहसास कराने के लिए गश्त व्यवस्था को बढाया है। नवरात्र पर्व में नगर की बहन बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके, इसके लिए पुलिस सदैव सुरक्षा में तत्पर है।

  • खजुराहो स्टेशन का हाल: यात्रियों ने रेल मंत्री को बताया गंदगी और खराब सीटों की समस्या

    ग्वालियर
    लक्जरी और आरामदायक ट्रेन के रूप में पहचान रखने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं से यात्री नाराज हैं। ट्रेन के चेयर कार में गंदगी से लेकर सीटों की स्थिति पर यात्रियों को जमकर आपत्ति है और वे इसकी शिकायत रेल मंत्री से ऑनलाइन माध्यमों से कर रहे हैं।

    शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग
    शनिवार को हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-5 कोच में यात्रा कर रहे यात्री प्रशांत माथुर ने ट्रेन में तमाम कमियां गिनाते हुए रेल मंत्री एक्स पर शिकायत दर्ज कराई और रेल मंत्री से कार्रवाई की मांग की। प्रशांत माथुर ने ट्रेन नंबर 22470 हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार क्लास में आगरा कैंट से वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन झांसी तक सफर के लिए टिकट बुक कराया था। उन्हें कोच नंबर सी-5 में 14 नंबर सीट मिली थी।
     
    सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं
    शुक्रवार सुबह ट्रेन आगरा स्टेशन से चली तो वे अपनी सीट पर बैठ गए। उनका कहना था कि कोच की स्थिति गंदी थी, जबकि ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से ही रवाना हुई थी। जब प्रशांत माथुर ने आराम पाने के लिए सीट को पीछे की ओर झुकाना चाहा, तो सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं थी।

    प्रचार-प्रसार से हकीकत अलग
    इस पर उन्होंने रेलमंत्री से शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि ट्रेन में गंदे और पुराने कोच लगे हुए हैं, जबकि यात्रियों से लक्जरी सेवा का किराया वसूला जा रहा है। रेलवे द्वारा ट्रेन में सुविधाओं को लेकर जितना प्रचार-प्रसार किया जाता है, हकीकत उससे अलग है।

     

  • वन विहार में सकारात्मक बदलाव, अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश रहेगा निषेध

    पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का होगा संचालन
    प्रदूषण मुक्त होगा वन विहार

    भोपाल

    वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में सकारात्मक बदलाव करते हुए वन्य-प्राणियों के लिये शोररहित बनाने के लिये अब पर्यटकों के वाहनों का प्रवेश निषेध रहेगा। वन विहार को प्रदूषण मुक्त करने के लिये जल्द ही पर्यटकों के भ्रमण के लिये 40 गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू किया जायेगा। इन 40 गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट 'हाफ ऑन हाफ ऑफ' पद्धति से संचालन के लिये उपलब्ध रहेंगे, वहीं 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पर्यटकों के लिये पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिये बुकिंग पर उपलब्ध रहेंगे। इन गोल्फ कार्ट का संचालन वन विहार के दोनों गेटों से हर 10 मिनट पर निरंतर जारी रहेगा। ये कार्ट प्रत्येक ब्ल्यू प्वाइंट पर 30 सेकेंड से एक मिनट के लिये रुकेंगी। इससे पर्यटकों को स्वेच्छानुसार वन्य-प्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा।

    वन विहार में पैदल भ्रमण, किराये और स्वयं की साइकिल से भ्रमण के लिये शाकाहारी सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के लिये सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने के लिये पर्यटकों को विभिन्न रंग के पर्यावरण अनुकूल बैण्ड दिये जायेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

    वन विहार में पर्यटक वाहन पार्किंग के लिये निर्धारित न्यूनतम शुल्क पर विशेष व्यवस्था की गयी है। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिये प्रवेश द्वारा क्रमांक-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है और दो पहिया वाहनों की पार्किंग प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 पर रहेगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने भावांतर योजना शुरू करने पर किया आत्मीय स्वागत

    पुष्प-वर्षा कर दिया धन्यवाद

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का रविवार को उज्जैन में किसानों ने द्वारा आत्मीय स्वागत कर भावांतर योजना शुरू करने के लिए आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस लाइन उज्जैन हैलीपेड पहुँचने पर बड़ी संख्या में किसानों ने पुष्पमाला और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री का स्वागत करने किसान भाई "सोयाबीन भावांतर के लिए मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद" की तख्तियां लेकर हैलीपेड पहुँचे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों का अभिवादन करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की हितैषी सरकार है। किसानों के हित के लिए सरकार के पास राशि की कोई कमी नहीं है। किसान-कल्याण हमारी पहली प्राथमिकता में है। किसानों के लिए राज्य सरकार अनेक योजनाएं भी संचिालत कर रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिले इसके लिए भावांतर योजना शुरू की गई है। ऐसे किसान जिन्हें निर्धारित समर्थन मूल्य से कम दर मिली है। उसके अंतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा।

    स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में खरीदे खादी के कपड़े
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर घर स्वदेशी घर-घर स्वदेशी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए आहवान पर खादी ग्राम उद्योग मंडल द्वारा आयोजित की गई स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। भारतीय ज्ञानपीठ परिसर में आयोजित स्वदेशी मेला-प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं के लिए खादी के कुर्ते का कपड़ा खरीदा और अपने मोबाइल वॉलेट से भुगतान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खादी ग्रामोद्योग मंडल और भारतीय ज्ञानपीठ परिवार के द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों को प्रदेश में सभी जगह पर लगाया जाना चाहिए, जिससे जनता स्वदेशी अभियान को आगे बढ़ाये और और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक होकर उनका लाभ लें।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में माता काली और माता शक्ति का पूजन किया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शहर में बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में आयोजित नवदुर्गा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली कॉलोनी में माँ काली मंदिर में पूजा कर धूप अर्पित की। उन्होंने कहा कि यहां के आयोजन की परम्परा बहुत पुरानी और समृद्धशाली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि नगर में माँ शक्ति की पूजा कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। माता के आशीर्वाद से सिंहस्थ का आयोजन बहुत दिव्य होगा। उन्होंने सभी माता-बहनों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की मंगल कामनाएँ दी।

     

  • सिंहस्थ आयोजन से संबंधित निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण किए जाए

    मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन
    उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे।

    इस अवसर पर विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है।

    इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास

    कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापती श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री रुप पमनानी, श्री विशाल राजौरिया, श्री जगदीश पांचाल, श्री ओम जैन, श्री आनंद खिची, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यालयों के खातों में अंतरित करेंगे 489 करोड़ रुपये

    हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को होगा कार्यक्रम
    20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों के बैंक खातों में अंतरित होगी राशि

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 29 सितम्बर को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव साथ ही विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और इस राशि से जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे।

    शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीयविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।

     

  • बदलाव की ओर: ग्वालियर में सड़कों और ड्रेनेज सुधार के लिए उठेंगे ठोस कदम

    ग्वालियर

     शहर में अतिवर्षा के कारण सड़कों की स्थिति खराब है। वर्षा जल की निकासी नहीं होने के कारण डामर की सड़कें उधड़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण सामने आया है कि सड़कों के किनारे नाले-नालियों के अलावा ड्रेनेज का प्रविधान नहीं होने से यह स्थिति बनी है। नईदुनिया ने भी लगातार ये मुद्दा उठाया कि सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम का प्रविधान किया जाए, जिसके बाद निगम के जनकार्य विभाग ने कई कॉलोनियों में नई सड़कें स्वीकृत करने के साथ ही उन्हें ड्रेनेज का प्रविधान करना शुरू कर दिया है।

    व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी

    जो नए टेंडर भी अपलोड किए जा रहे हैं, उनमें ड्रेनेज का प्रविधान विशेष रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, वहां प्रयास किया जाएगा कि डामर की सड़कें तैयार नहीं की जाएं। वहां व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी। इसके अलावा जहां-जहां बिटुमिन की नई सड़कें बनाई जा रही हैं, वहां ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।

    इन स्थानों पर ड्रेनेज का प्रविधान

    वार्ड 30 एयरटेल ऑफिस रोड और नाली निर्माण।

    वार्ड 19 सूर्य विहार कॉलोनी में बिटुमिन रोड के किनारे सीसी ड्रेनेज।

    वार्ड 55 शिवाजी नगर में चौहान हाउस से सिकरवार हाउस तक और राकेश तोमर वाली गली में सीसी रोड और ड्रेनेज।

    वार्ड 62 पदमपुर खेरिया के पटेल मोहल्ला में सीसी रोड व ड्रेनेज।

    वार्ड 63 के ग्राम रुद्रपुर में सीसी रोड और ड्रेनेज।

    वार्ड 63 के ग्राम मालनपुर में सीसी रोड व ड्रेनेज।

    वार्ड 49 हारकोटासीर में सीसी रोड व ड्रेनेज निर्माण। (इसके अलावा लगभग 20 सड़कों के निर्माण में ड्रेनेज का प्रविधान कर टेंडर किए जा रहे हैं।)

    निगमायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिन में सड़कें चकाचक करने के निर्देश
    उधर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शनिवार को शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शीघ्र सड़कों पर काम प्रारंभ करें और 15 दिवस में शहर की सड़कें चकाचक दिखने लगें। जिन सड़कों के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उनमें अगले पांच दिवस में कार्य शुरू हो जाएं। साथ ही जो सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं और अनुबंध होना है, उसमें तत्काल अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराएं। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

    सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कई नई सड़कों को स्वीकृति देते समय ड्रेनेज का प्रविधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जहां हम ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, वहां डामर की सड़कें बनाई ही ना जाएं। वहां सीसी रोड या व्हाइट टापिंग कराई जाए। – संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम

  • नगरीय क्षेत्र में आदर्श सुविधा केंद्र खुलेंगे, 50 करोड़ रुपये के साथ काम का आगाज

    रायपुर

    केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। फर्स्ट फेज में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र शुरू किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने और पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की विशेष पहल पर ये केंद्र प्रदेश में खुलने जा रहे हैं।

    भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के तहत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर  के लिए यह राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

    नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश
    उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय और प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे। श्री साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है।

    सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर कार्य
    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों के माध्यम से ‘‘वन स्टेट – वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग में  सुधार सुनिश्चित करेगी।

    क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र?
    आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा।

    कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं?
    आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

  • विष्णु देव साय का सम्मान: अमर शहीद भगत सिंह को माल्यार्पित कर किया श्रद्धांजलि

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

    इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ग्राम जगदीशपुर में स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सबके समग्र विकास का ध्येय लेकर आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिलाओं के कल्याण एवं विकास के लिए पृथक-पृथक मिशन चलाये जा रहे हैं। सबका विकास हमारा संकल्प है और इस संकल्प की पूर्ति के लिए हम अपना हर वादा पूरा करके दिखायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में राज्य संरक्षित स्मारक समूह स्थल चमन महल में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड का स्थानीय स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ श्रवण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई और अपील की कि सभी अपने जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों का उपयोग करें और आयातित वस्तुओं की जगह देशी विकल्प अपनाएं। साथ ही पर्यावरण के प्रति सजग रहकर स्वदेशी और प्रकृति-अनूकूल उत्पादों का ही प्रयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नवरात्रि पर्व, दशहरा और दीपावली त्यौहारों की अग्रिम मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों में सिर्फ स्वदेशी और भारत में निर्मित वस्तुएं ही खरीदें। इससे हर घर में त्यौहार मनेगा। मुख्यमंत्री ने 'हर घर स्वदेशी और घर-घर स्वदेशी' का नारा उद्घोष करते हुए कहा कि सभी को स्वदेशी अपनाने के लिए संकल्पित कराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से ही हमारे सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसी से हमारे कुशल कारीगर, शिल्पकार और कुम्भकारों के घरों में भी दीपावली मनेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भावांतर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि वे 5 से 25 अक्टूबर तक पंजीयन करा लें। फिर 1 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 के दौरान बेची गई सोयाबीन की फसल पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी किसान की सोयाबीन की फसल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल पर नहीं बिकती, तो जितनी राशि में बिकी है और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सरकार किसान को देगी। इस प्रकार किसानों को सोयाबीन की फसल बेचने पर समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि ही मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार ग्राम जगदीशपुर आकर बेहद हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य का सदियों पुराना यह किला आज भी हमें उस गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल में लगाये गए स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। स्टॉल में मिट्टी के दिए, मिट्टी के तवे, कुल्हड़, मटके, करवा चौथ पूजन की सामग्री सहित मिट्टी से बने अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टॉल का अवलोकन कर मिट्टी के दिए, तवे और अन्य उत्पाद भी खरीदे और स्टॉल स्वामी को नगद भुगतान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा देकर एवं किश-मिश खिलाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भी गांव की तीन महिलाओं सुश्री विजयमाला, श्रीमती गीता बाई एवं श्रीमती फूलवती बाई को 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधा देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चमन महल परिसर में कदम्ब का पौधा लगाया।

    इससे पहले मन की बात के 126वें एपिसोड में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि इस बार त्यौहार सिर्फ स्वदेशी के साथ ही मनाएं। देशवासी वोकल फॉर लोकल को खरीदारी का मूल मंत्र बनाएं। जो देश में बन रहा है, वही स्वदेशी खरीदें। स्वदेशी वस्तुएं खरीद कर हम एक प्रकार से किसी कलाकार या कारीगर का सम्मान कर रहे होते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमर शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर इनका पुण्य स्मरण इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने अपनी शहादत से पूरे देश को आंदोलित किया था। उन्होंने कहा कि लताजी द्वारा गाया हुआ 'ज्योति कलश छलके' उनका सबसे पसंदीदा गीत है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि 11 साल में देश में खादी के प्रति आकर्षण काफी बढ़ा है। आने वाले 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती पर सभी देशवासी कम से कम एक खादी वस्त्र खरीदने का संकल्प अवश्य लें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत सरकार छठ पूजा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। कोलकाता की दुर्गा पूजा को इस सूची में पहले ही स्थान मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने नाव से अंटार्टिका भ्रमण पर गईं दो बहनों के अदम्य साहस की भी सराहना की। उन्होंने स्व. श्री भूपेन हजारिका और स्व. श्री जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी। मन की बात श्रवण कार्यक्रम में बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर सहित सर्वश्री तीरथ सिंह, राघेवन्द्र शर्मा, राहुल कोठारी, लक्ष्मी नारायण मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

     

  • आईआईटी इंदौर में 624.57 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना का हुआ शिलान्यास

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शनिवार को रखी आधारशिला
    जटिल प्रयोगों और डेटा विश्लेषण की एडवांस रिसर्च में इंदौर बनेगा सिरमौर

    भोपाल
    देश में प्रौद्योगिकी शिक्षा अब नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी अब नए क्षितिज की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडीसा से देश के 8 आईआईटी केन्द्रों में विस्तार परियोजना का वर्चुअली शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी इन्दौर भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आईआईटी इन्दौर में कुल 624.57 करोड़ रुपये की क्षमता विस्तार एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजना की आधारशिला रखी।

    प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में होगा नये युग का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी इन्दौर को दी गई इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का यह कदम अब प्रौद्योगिकीय शिक्षा में एक नये युग का सूत्रपात करेगा। इससे हमारे युवाओं को अध्ययन, शोध एवं नवाचार करने के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि आईआईटी इन्दौर में इस विस्तार परियोजना के लिए उच्चतर शिक्षा के प्रोत्साहन एवं फंडिंग हेतु अधिकृत वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) द्वारा तीसरे चरण के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। विस्तार परियोजना में मंजूर की गई राशि में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, आवासीय परिसरों, औद्योगिकीय अनुसंधान पार्क, डिजाइन विभाग, विद्यार्थी गतिविधि केंद्र, व्याख्यान कक्ष परिसर और आगंतुक छात्रावास के निर्माण के साथ अत्याधुनिक एवं उन्नत उपकरणों की खरीद एवं स्थापना भी शामिल है। इस विस्तार परियोजना में 374.38 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, 123.15 करोड़ रुपये से आवासीय सुविधाओं और सामान्य एवं उपयोगिता सेवाओं के निर्माण के साथ 27.04 करोड़ रुपये से उन्नत उपकरणों की खरीदी भी शामिल है।

    आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि आधारभूत संरचना में विकास से न केवल हमारा शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के नवाचार, सहयोग और समग्र विकास के लिए एक विश्वस्तरीय परिवेश भी तैयार होगा।

    इंदौर आईआईटी का होगा बहुआयामी तकनीकी विस्तार
    आईआईटी इंदौर की लैब को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को ही देश के 7 आईआईटी संस्थानों को यह राशि स्वीकृत की है। इंदौर के आईआईटी में एडवांस रिसर्च इक्विपमेंट बढ़ाने के लिए 100 करोड़ की लागत से लैब का विस्तार होगा। आईआईटी इंदौर के पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले उच्च-स्तरीय उपकरण शामिल होते हैं, जो जटिल प्रयोगों, डेटा विश्लेषण और अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इन उपकरणों का उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, और अन्य क्षेत्रों में होता है।

     

  • उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा- स्वदेशी अपनाओ अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्वदेशी अपनाओ अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस समय नवरात्रि चल रही है, दशहरा और दीपावली आने वाली है, हम सब का दायित्व है कि स्वदेशी अपनाएं  और भारत को समृद्ध बनाएं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने यह बात रविवार को भोपाल के लखेरापुरा मार्केट के दुकानदारों के बीच जाकर कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संलल्प है कि 2047 में हमारा देश विकसित राष्ट्र की श्रेणी में आए और हमारा भारत देश विश्व गुरू के रूप में स्थापित हो।

    दुकानदारों को दिलाया स्वदेशी का संकल्प
    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्वदेशी संकल्प पत्र स्वयं भरा और दुकानदारों एवं ग्राहकों से भी अपील की कि वे भी स्वदेशी सामग्री क्रय-विक्रय का संकल्प लें। श्री देवड़ा ने उपस्थित दुकानदारों एवं उपभोक्ताओं को सामूहिक रूप से स्वदेशी अपनाने की शपथ भी दिलाई।

    घटी जीएसटी मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार
    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने लखेरापुरा मार्केट में स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत स्थानीय व्यापारी बंधुओ से भेंट कर उन्हें अभियान के संबंध में जानकारी दी और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने ग्राहकों को भी जागरूक कर स्वदेशी वस्तुएं खरीदने वालों को प्रोत्साहित किया। स्वदेशी अपनाओ अभियान के तहत श्री देवड़ा ने कहा कि  "घटी जीएसटी मिला उपहार धन्यवाद मोदी सरकार" हम सभी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें। श्री देवड़ा ने लखेरापुरा मार्केट में दौरा कर दुकानों में स्वदेशी अपनाओं के स्लोगन लिखे पोस्टर चिपकाए और अपने विचार साझा किए।