• राज्य निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों का हुआ नेत्र परीक्षण

    भोपाल
    राज्य निर्वाचन आयोग में गत दिनों नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में नेत्र चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र चावला की टीम ने राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारी-कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण कर उन्हें उचित सलाह एवं मार्गदर्शन दिया। शिविर में आयोग के लगभग 80 कर्मचारियों का नेत्र परीक्षण किया गया।

     

  • कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

    बीजापुर

    कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।

    नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।

    सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।

    कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।

  • सीएम ने की घोषणा- दिवाली बाद 1250 की जगह मिलेंगे 1500 रूपए हर माह, लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी

    भोपाल  
    1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। अक्टूबर में योजना की 29वीं किस्त जारी की जाएगी । इसके तहत प्रत्येक लाड़ली बहन के खाते में 1250 रूपए पहुंचेंगे। इसी के साथ राशि में भी 250 रुपए की वृद्धि की जाएगी और भाईदूज से बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलना शुरू हो जाएंगे।इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की है।बता दे कि मोहन सरकार ने 12 सितंबर को 1.26 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में 28वीं किश्त के लिए 1541 करोड़ और 31 लाख से अधिक बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ जारी कर किए गए थे ।योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 41 हजार करोड़ की राशि लाड़ली बहनों को दी जा चुकी है।

    भाई दूज से लाड़ली बहनों को मिलेंगे 1500 हर माह
    शनिवार को एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। अगले तीन साल में 2028 तक 3000 रुपए बहनों के खाते में भेजने का लक्ष्य है। उम्मीद है कि नवंबर में मिलने वाली किस्त में 250 रुपए इजाफा कर 1500 रूपए दिए जा सकते है, क्योंकि 20-21 अक्टूबर को दिवाली है और 23 अक्टूबर को भाईदूज है, ऐसे में नंवबर की किस्त में बढ़ी हुई राशि का लाभ मिल सकता है।

    वर्तमान में लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250 रू
        लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।
        इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।
        इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।
        लाड़ली बहनों को जून 2023 से अगस्त 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 27 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 41 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।
        इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया।

    लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र
        महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।
        जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।
        अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।
        जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।
        जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।
        जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो।

    लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम
        लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
        वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
        क्लिक करें।
        दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
        कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
        मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
        ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

  • आमजनों से अभद्रता अस्वीकार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार निलंबित

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता के साथ संवेदना, सहानुभूति और मददगार के रूप में व्यवहार करना लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है। लोक सेवकों द्वारा आमजनों से अभद्रता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन से अभद्र व्यवहार और बेहद अशिष्ट शब्दावली का प्रयोग करने पर मऊगंज जिले के प्रभारी तहसीलदार श्री वीरेन्द्र कुमार पटेल को निलंबित किया गया है। 

    उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में प्रभारी तहसीलदार श्री पटेल द्वारा एक व्यक्ति से किए गए अशोभनीय कृत्य के संदर्भ में यह कार्यवाही की गई है। मऊगंज जिले के कलेक्टर द्वारा प्रभारी तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा के प्रतिवेदन पर कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद द्वारा प्रभारी तहसीलदार, तहसील मऊगंज श्री पटेल को कदाचरण के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी विश्व नदी दिवस की शुभकामनाएं

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्व नदी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियां मात्र जलधारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और समृद्धि की अमिट पहचान हैं। भारतीय संस्कृति में नदियों को मां का स्थान दिया गया है। जिस तरह मां अपने बच्चों का पालनपोषण करती है, उसी तरह नदियां भी धरती को पोषण देती हैं, खेतों को सींचती हैं और सबके जीवन को संवारती हैं।

    उन्होंने कहा कि विश्व नदी दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि नदियां केवल प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक जीवनरेखा भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से अपील करते हुए कहा कि आइए, इस अवसर पर हम यह संकल्प लें कि नदियों की स्वच्छता, संरक्षण और सतत प्रवाह सुनिश्चित करें, जिससे हमारी नदियां सदानीरा बनी रहें।

  • तारिखों की लंबी लाइन को तोड़ते हुए, एमपी हाई कोर्ट दे रहा है तुरंत न्याय

    जबलपुर

    हाई कोर्ट को चार लाख 82 हजार 627 कुल लंबित मुकदमों के बोझ से निजात दिलाने युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। इस अभियान के अंतर्गत निरंतर दूसरे शनिवार को 8 विशेष पीठों ने 296 प्रकरणों का निराकरण करने का आदर्श प्रस्तुत किया। 8 विशेष पीठों ने जमानत अर्जियों को सुना। शेष दो नियमित पीठों के समक्ष सर्विस व अवमानना के प्रकरण सुने गए।

    दरअसल, हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के निर्देश पर इन विशेष पीठों का गठन किया गया है। शनिवार को आठ विशेष पीठों ने 866 जमानत के मामलों पर सुनवाई की। इनमें से से 296 मामले निराकृत कर दिए गए। वहीं, सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई कर रही दोनों बेंचों ने 41 मामलों का निराकरण किया। इस तरह एक दिन में ही 337 लंबित मामलों का पटाक्षेप कर दिया गया। जबकि पहले शनिवार को आठ विशेष बेंच में 864 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 350 प्रकरणों का निराकरण किया गया था।

    इन जजों ने सुनी जमानत अर्जियां

    जज – कुल आवेदन सुने – निराकृत

    न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा – 115 – 55

    न्यायमूर्ति एमएस भट्टी – 149- 51

    न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल- 138 – 33

    न्यायमूर्ति दीपक खोत – 126 – 33

    न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी – 103 – 33

    न्यायमूर्ति रामकुमार चौबे – 84- 32

    न्यायमूर्ति रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन- 48- 14

    न्यायमूर्ति बीपी शर्मा – 102 – 45

    सर्विस मैटर्स के लिए बैठी ये बेंच

    जस्टिस डीडी बंसल- 92 – 04

    जस्टिस विवेक जैन- 109- 37

    कुल मामलों पर सुनवाई – 866

    निराकृत मामले – 337

    द्रुतगति से बढ़ रहे लंबित मामलों को गंभीरता से लिया गया

    हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन व सचिव परितोष त्रिवेदी के अनुसार उन्होंने मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा को बताया था कि मुख्यपीठ में इस वर्ष दायर की गई व लंबित जमानत अर्जियों का आंकड़ा तीन हजार के पास पहुंच गया है। सर्विस मैटर्स का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसको लेकर वकीलों में पिछले कुछ समय से असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था।

    इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सचदेवा ने द्रुतगति से बढ़ रहे लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए नवीन व्यवस्था दे दी। विगत 20 सितंबर को जमानत के मामलों के लिए आठ विशेष बेंच गठित की थीं। इस बार दो बेंच सर्विस मैटर्स के लिए भी बैठीं। जैन ने कहा कि हाई कोर्ट की यह पहल सराहनीय है। इससे बड़ी संख्या में पक्षकारों को राहत मिली। सामान्य कार्य दिवसों की तरह इनमें पक्षकार, वकील, कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे।

    एक वर्ष में 50 हजार केस निपटाने का लक्ष्य
    उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चार लाख 82 हजार 627 केस लंबित हैं। इसमें 2,86,172 मामले सिविल और 1,96,455 क्रिमिनल के हैं। कुल क्रिमिनल मामलों में शून्य से 10 साल पुराने 1,34,524 केस, 11 से 25 साल पुराने 59,424 केस और 25 साल से भी ज्यादा पुराने केसों की संख्या 2,507 है। हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में तीन हजार मामले अकेले जमानत अर्जियों से जुड़े हैं, जो महीनों से लंबित हैं।

    भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की तीनों पीठों में कुल 53 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या है, कार्यरत 43 हैं। अनुमान है कि 10 जजों की स्पेशल बेंच एक साल में 30 से 50 हजार से अधिक मामलों का निपटारा कर सकती है। सभी बेंचें एमसीआरसी यानी क्रिमिनल मामलों, आदेश, एडमिशन और अंतिम सुनवाई पर विचारण करेंगी।

  • भारी वर्षा के कारण गंगरेल बांध में जलस्तर वृद्धि, तटीय गांवों में सतर्कता जरूरी

    महासमुंद

    रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का जलभराव स्तर लगातार वर्षा के कारण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार रात 8 बजे की स्थिति में बांध का जलभराव 94.82 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसमें 17,356 क्यूसेक पानी की आवक रही। इस दौरान सिंचाई हेतु 3,700 क्यूसेक एवं महानदी नदी में 4,026 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

     ज्ञात है कि शनिवार सुबह 11 बजे तक बांध का जलभराव 94 प्रतिशत हो चुका था। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के चलते लगभग 15,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए पानी की आवक 25,000 क्यूसेक तक पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जलस्तर नियंत्रित करने हेतु बांध से प्रति घंटे लगभग 4,000 क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़े जाने की संभावना व्यक्त की गई थी।

    महासमुंद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे ने जानकारी दी कि महानदी नदी के किनारे बसे ग्रामवासियों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही, उच्च अधिकारियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु सूचित कर दिया गया है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की अपील की है।

  • इको टूरिज्म साइट 2025 का मिला राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

     पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिला पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिलानैसर्गिक खूबसूरती और पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को इको टूरिज्म साइट 2025 का राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान रायपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी को प्रदान किया।

     पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिला
        यह पुरस्कार जिले की सबसे ऊंची पर्वत चोटी राजमेरगढ़ पर्यटन क्षेत्र में पर्यावरणीय पर्यटन विकास के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया गया है। राजमेरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सांस्कृतिक महत्व के कारण प्रदेश के इको-टूरिज्म मानचित्र पर एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है।

        कलेक्टर मंडावी ने बताया कि यह सम्मान जिलेवासियों, पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजमेरगढ़ को मॉडल ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में यह उपलब्धि बड़ी प्रेरणा बनेगी। जिले को मिला यह पुरस्कार न केवल जीपीएम के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सतत् एवं जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में एक मिसाल भी है। पर्यटन मंत्री और कलेक्टर ने जिलेवासियों को इस सम्मान के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

  • प्रदेश की बारिश: 1136.6 मिमी औसत वर्षा के आंकड़े सामने

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1136.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1559.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 522.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1024.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 917.6 मि.मी., गरियाबंद में 1092.3 मि.मी., महासमुंद में 946.0 मि.मी. और धमतरी में 1054.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1130.5 मि.मी., मुंगेली में 1110.9 मि.मी., रायगढ़ में 1334.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1074.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1350.7 मि.मी., सक्ती में 1240.5 मि.मी., कोरबा में 1117.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1038.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 883.1 मि.मी., कबीरधाम में 799.1 मि.मी., राजनांदगांव में 972.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1415.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 852.0 मि.मी. और बालोद में 1246.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 759.7 मि.मी., सूरजपुर में 1141.4 मि.मी., बलरामपुर में 1516.1 मि.मी., जशपुर में 1054.7 मि.मी., कोरिया में 1193.5 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1074.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1524.7 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1097.3 मि.मी., कांकेर में 1318.8 मि.मी., नारायणपुर में 1391.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1552.3 मि.मी. और सुकमा में 1203.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • एमपी सरकार का बड़ा कदम: कर्मचारियों के छुट्टियों के नियम होंगे बदलने, कमेटी ने शुरू की समीक्षा

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाले अवकाश की व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव होने वाला है। राज्य सरकार ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। यह समिति सरकारी विभागों, निगम-मंडलों और अन्य संस्थाओं में वर्तमान में लागू सार्वजनिक, सामान्य और ऐच्छिक अवकाशों का विस्तार से अध्ययन करेगी। अध्ययन के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी और उसी के आधार पर भविष्य में अवकाश की नई सूची तय की जाएगी। सरकार का मानना है कि समय के साथ कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो गई है ताकि इसे व्यावहारिक और संतुलित बनाया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने दिए थे संकेत
    करीब एक माह पहले गणेश चतुर्थी से पहले आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि प्रदेश में कर्मचारियों को दिए जाने वाले सभी प्रकार के अवकाशों की नई समीक्षा की जाएं।
     
    तीनों कैटेगरी का फिर से निर्धारण
    इसमें सामान्य अवकाश, अर्जित अवकाश और ऐच्छिक अवकाश तीनों कैटेगरी को शामिल किया जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से त्यौहारों के दिनों की छुट्टियों पर भी विचार किया जाए। उसी बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि गणेश चतुर्थी को प्रदेश में सामान्य अवकाश घोषित किया जाए।

    समिति का किया गया गठन
    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति का काम है कि वह प्रदेश में छुट्टियों की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करें और अपनी सिफारिशें सरकार को दें।

    इस बार अन्य विभाग भी शामिल
    पहले यह जिम्मेदारी केवल सामान्य प्रशासन विभाग पर ही होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने फैसला किया है कि अन्य अहम विभागों को भी इसमें शामिल किया जाए ताकि अवकाश की सूची पर एक संतुलित और सर्वसम्मत राय सामने आ सके।

    धार्मिक आधार पर भी होगी समीक्षा
    नई समिति यह भी देखेगी कि अलग-अलग वर्गों और धर्मों से जुड़े त्योहारों को ध्यान में रखकर अवकाश किस प्रकार तय किए जाएं। माना जा रहा है कि दीपावली, नवरात्र, ईद और क्रिसमस जैसे बड़े त्यौहारों पर सामान्य अवकाश बनाए रखने के साथ-साथ अन्य त्यौहारों की भी समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी समुदाय या वर्ग के साथ पक्षपात न हो और सभी को बराबरी से अवसर मिले।

    कौन हैं समिति में शामिल अधिकारी
    गठित समिति में चार विभागों के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसमें समिति के समन्वयक की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को दी गई है। यह जिम्मेदारी इस समय संजय कुमार शुक्ल निभा रहे हैं। इसके अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और राजस्व विभाग से प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल को समिति का सदस्य बनाया गया है।

    पहले सामान्य प्रशासन विभाग की थी जिम्मेदारी
    अब तक अवकाशों की घोषणा और समीक्षा का काम केवल सामान्य प्रशासन विभाग तक सीमित रहता था। वहीं इस बार सरकार ने निर्णय लिया है कि इस प्रक्रिया में अन्य महत्वपूर्ण विभागों की भागीदारी भी होगी। इससे निर्णय अधिक व्यापक और पारदर्शी हो सकेगा। साथ ही अवकाशों की सूची तय करने में सभी पहलुओं पर संतुलित विचार किया जा सकेगा।

    नहीं रहेगी जरुरत से ज्यादा छुट्टियां
    राज्य सरकार चाहती है कि कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियां न तो जरूरत से ज्यादा हों और न ही इतनी कम कि त्यौहारों और व्यक्तिगत अवसरों पर उन्हें परेशानी हो। संतुलित व्यवस्था से न केवल कर्मचारी संतुष्ट होंगे बल्कि विभागों की कार्यक्षमता भी प्रभावित नहीं होगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार इस पर अंतिम निर्णय लेगी और संभावना है कि आने वाले समय में प्रदेश के कर्मचारियों को एक नई अवकाश नीति देखने को मिलेगी।

  • मध्य प्रदेश प्रशासनिक बदलाव: 18 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर, निधि सिंह अपर श्रम आयुक्त नियुक्त

    भोपाल

    प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के आठ अधिकारियों के बाद 18 आइएएस अधिकारियों के तबादले शनिवार देर रात कर दिए। इसमें अधिकतर अधिकारियों को जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी पदस्थ किया गया है। संयुक्त आयुक्त भू अभिलेख एवं बंदोबस्त ग्वालियर निधि सिंह अब अपर श्रम आयुक्त इंदौर होंगी। वहीं, सृष्टि देशमुख गौड़ा को अपर कलेक्टर खंडवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सतना संजना जैन को अपर कलेक्टर मैहर बनाया है।

    संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के उपसचिव जगदीश कुमार गोमे को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली, अपर मिशन संचालक राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल हरसिमरनप्रीत कौर को कटनी, अंजली जोसेफ जोनाथन उप सचिव तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार को हरदा, सोजान सिंह रावत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नर्मदापुरम को ग्वालियर, हिमांशु जैन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवपुरी को नर्मदापुरम, अपर कलेक्टर जबलपुर सर्जना यादव को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीहोर, वैशाली जैन अनुविभागीय अधिकारी हुजूर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा अपर कलेक्टर रतलाम, दिव्यांशु चौधरी अनुविभागीय अधिकारी डबरा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा अपर कलेक्टर डिंडौरी।

    सृजन वर्मा अनुविभागीय अधिकारी सिंगरौली को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा अपर कलेक्टर बुरहानपुर, अर्चना कुमारी अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा अपर कलेक्टर अनूपपुर, शिवम प्रजापति अनुविभागीय अधिकारी पुनासा खंडवा को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत।

    अपर कलेक्टर शहडोल सौम्या आनंद सहायक कलेक्टर शहडोल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तथा अपर कलेक्टर श्योपुर, आकिप खान सहायक कलेक्टर मंडला को अनुविभागीय अधिकारी पिपरिया नर्मदापुरम, पंकज वर्मा सहायक कलेक्टर जिला सिवनी को अनुविभागीय अधिकारी पुनासा खंडवा और सपना अनुराग जैन अपर कलेक्टर बुरहानपुर को अपर संचालक नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर प्रदेश किया गया है।

  • मुख्यमंत्री साय ने कहा- ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का माध्यम

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा नवाचार और बेहतर कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की शुभकामनाएँ भी दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शक्ति उपासना के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की दो बहादुर बेटियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा की ‘नाविका सागर परिक्रमा’ का उल्लेख किया। दोनों अधिकारियों ने 47 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा 238 दिनों में पूरी की और दुनिया के सबसे सुदूर स्थान ‘नीमो प्वाइंट’ पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी दरों में हुई कटौती से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर वाहनों, कृषि उपकरणों और मशीनों तक में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हैं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं लेते, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक कारीगर की मेहनत और एक उद्यमी के सपनों को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और हम सभी को खादी के वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।

    इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

  • नक्सली दंपति और अर्बन नक्सली का रहस्य खुला, रायपुर में हुई गिरफ्तारी

    रायपुर

    रायपुर के बाद कोरबा से स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने नक्सली रामा इचा को गिरफ्तार किया है. वह कोयला खदान में काम करता है और कई मजदूर संगठनों से जुड़ा हुआ है. नक्सली रामा का कनेक्शन चंगोराभाठा में पकड़े गए जग्गू कुरसम उर्फ रमेश और उनकी पत्नी कमला कुरसम से है.

    लगातार ठिकाना बदल रहा था जग्गू
    जग्गू और उसके संपर्क में रहने वाले लोग लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे. तीन माह से अधिक समय तक वे किसी एक जगह नहीं रहते थे. काम छोड़कर वे वापस बस्तर चले जाते और वहां से आकर नया ठिकाना ढूंढते थे. उसने कई बड़े नक्सलियों को रायपुर के झुग्गी इलाकों में ठहराया और उनकी मदद की है.

    वह लगातार दोनों के संपर्क में था और कई बार उनसे मिलने रायपुर भी आया है. जग्गू भी अपनी पत्नी के साथ उनसे मिलने कोरबा गया है. इनके बीच पैसों का भी लेन-देन हुआ है. एसआईए ने शनिवार शाम रामा को बिलासपुर एनआईए कोर्ट में पेश किया. वहां से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है. तकनीकी जांच के बाद दो और लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है.

    चंगोराभाठा से नक्सल दंपति गिरफ्तार
    एसआईबी, एसआईए और डीडी नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 23 सितंबर की रात चंगोराभाठा में छापा मारकर एक दंपति को गिरफ्तार किया गया. इनकी पहचान भैरंगढ़ डिवीजनल कमेटी मेंबर (डीवीसी) जग्गू कुरसम उर्फ रमेश (28) और उनकी पत्नी एरिया कमेटी मेंबर कमला कुरसम के रूप में हुई है. दोनों सक्रिय नक्सली हैं और पिछले तीन-चार साल से रायपुर में रह रहे हैं.

    गार्ड से लेकर मजदूरी तक रहा जग्गू
    प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि जग्गू ने कुछ मकानों में सुरक्षा गार्ड का काम किया है. वह कुछ समय पोल्ट्री फार्म में भी काम कर चुका है. इसके बाद वह निर्माणाधीन मकानों और भवनों में काम करने लगा. वह लगातार अपना काम और ठिकाना बदलता रहा. वह चंगोराभाठा, रायपुरा, अम्लेश्वर, बीरगांव, उरकुरा और सिलतरा इलाकों में भी रहा. उसका मूवमेंट भिलाई, बिलासपुर और कोरबा तक फैला हुआ है. उसके संपर्क में शहर में रहने वाले कई लोग हैं. पुलिस ने छह लोगों की पहचान की है, जिसमें से एक को कोरबा से गिरफ्तार किया गया है.

  • धार्मिक स्थल पर नहीं चलेगी अवैध पार्किंग, प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम

    डोंगरगढ़

     नवरात्र मेले की भीड़ में मां बमलेश्वरी धाम पहुंचे श्रद्धालुओं की जेब पर डाका डालने वालों की अब खैर नहीं. डोंगरगढ़ में कुछ पार्किंग संचालक भक्तों से तय शुल्क से ज्यादा वसूली कर रहे थे. शिकायतें लगातार बढ़ीं तो प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया.

    एसडीएम एम. भार्गव और मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद भोई ने शनिवार देर शाम औचक निरीक्षण कर हकीकत का खुलासा किया. कई जगह भक्तों से ओवर रेट वसूला जा रहा था. एक पार्किंग स्थल पर तो हाल और भी शर्मनाक था—न रेट लिस्ट, न सीसीटीवी कैमरा.

    कार्रवाई के दौरान संचालकों पर जुर्माना लगाते हुए शोकॉज नोटिस जारी किया गया. अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि मां के दरबार में आए श्रद्धालुओं को ठगने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद भोई ने कहा “निरीक्षण में शिकायतें सही पाई गई हैं. दोषी पार्किंग संचालकों पर जुर्माना लगाया गया है. नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई होगी.”

    आस्था के इस महापर्व में जहां लाखों भक्त मां बमलेश्वरी के चरणों में माथा टेक रहे हैं, वहीं श्रद्धालुओं की लूट पर गिरी यह गाज पार्किंग माफिया के लिए कड़ा सबक बन गई है.

  • BSP माइंस हादसा: मधुमक्खियों ने किया हमला, कर्मचारियों की हालत गंभीर

    बालोद

    दल्ली राजहरा बीएसपी माइंस में रविवार सुबह मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. ड्यूटी पर पहुंचे कई कर्मचारी घायल हो गए हैं. जिन्हें इलाज के लिए बीएसपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

    जानकारी के मुताबिक, भिलाई स्टील प्लांट की खदान में जनरल शिफ्ट के कर्मचारी आज सुबह जैसे ही माइंस गेट के पास पहुंचे. मधुमक्खियों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया. घटना के बाद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. मधुमक्खियों के हमले में 11 कमर्चारी घायल हुए हैं.

    अस्पताल में इलाज जारी
    सभी घायल कर्मचारियों को दल्ली राजहरा स्थित बीएसपी अस्पताल लाया गया. जहां डॉक्टर्स की निगरानी में घायलों का इलाज जारी है.

  • पुलिस का सायबर अपराध पर प्रहार, म्यूल अकाउंट से जुड़े तीन आरोपी हिरासत में

    दुर्ग

    छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने साइबर क्राइम पर शिकंजा कसते हुए म्यूल अकाउंट का उपयोग कर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम जमा करने के लिए किया था. इन खातों में कुल 99,700 रुपये, 4,36,200 रुपये और 98,000 रुपये की ठगी की राशि जमा की गई थी.

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 26 सितंबर को समन्वय पोर्टल से म्यूल अकाउंट से जुड़े इन मामलों की जानकारी मिलने पर एसीसीयू और थाना सुपेला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की.

        पहले मामले में, गनेश्वर दास मानिकपुरी (25 वर्ष), निवासी कॉन्ट्रेक्टर कॉलोनी सुपेला ने बैंक ऑफ इंडिया, सुपेला शाखा में खाता खोलकर साइबर ठगी से प्राप्त 99,700 रुपये अपने खाते में जमा किए. आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.
        दूसरे मामले में, अमनदीप सिंह (19 वर्ष), निवासी जवाहर नगर ने अपने बैंक खाते में 4,36,200 रुपये ठगी की रकम जमा की. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
        तीसरे मामले में, विवेक अवचट (24 वर्ष), निवासी नेहरू भवन सुपेला ने 98,000 रुपये की ठगी की रकम अपने खाते में जमा की. आरोपी को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया.

    दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर क्राइम में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. लगातार चल रहे अभियान के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

  • रायपुर कलेक्ट्रेट में बड़ा हादसा: गिरती छत से मची हड़कंप

    रायपुर

     राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया. यहां कक्ष क्रमांक 8 में छत भरभराकर गिर गई. मलबे में कई सरकारी फाइलें दब गई हैं. हालांकि छुट्टी का दिन होने के कारण कमरे में कर्मचारी मौजूद नहीं थे, जिससे जनहानि होने से टल गई.

    जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर में आंग्ल अभिलेख कोष्ठ के कक्ष की छत अचानक ढह गई. छुट्टी का दिन होने से कमरे में कोई कर्मचारी या आम जनता मौजूद नहीं थे, जिस कारण बड़ी घटना होने से बच गई. हालांकि छत के मलबे में कमरे में रखी सरकारी फाइलें मलबे और धूल में दब गईं.

    बताया जा रहा है कि रायपुर कलेक्ट्रेट लंबे समय से मरम्मत नहीं होने की वजह से कमजोर हो चुका है. ऐसे में यहां रोजाना काम करने वाले सरकारी कर्मचारी और आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.

  • सुरक्षा बलों की कार्रवाई सफल: सीतानदी मुठभेड़ में दो उच्च कमांडर मारे गए, तीन शव बरामद

    कांकेर

    कांकेर जिले के तिरयारपानी और छिंदखड़क के जंगलों में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में जवानों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बालों ने मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। इसमें एक महिला और दो पुरुष नक्सली शामिल है। तीनों का शव बरामद कर लिया गया है। तीनों नक्सलियों के ऊपर 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    कांकेर एसएसपी आई के एसलिसेला ने बताया कि कांकेर जिला गारियाबंद जिला DRG के साथ BSF जवानों की संयुक्त टीम आज सुबह नक्सल आपरेशन के लिए निकली हुई थी। तिरयारपानी के जंगलों में नक्सलियों से जवानों के साथ मुठभेड़ हो गया। इलाके में जब सर्च आपरेशन चलाया गया। मौके से तीन नक्सलियों का शव बरामद हुआ है।

    तीनों नक्सलियों के ऊपर 14 लाख रुपये का इनाम घोषित
    जिसकी पहचान राजेश उर्फ राकेश हेमला, एसीएम, नगरी एरिया कमेटी/गोबरा एलओएस कमाण्डर पांच लाख का इनाम घोषित था। दूसरा नक्सली सरवन मडकम उर्फ विश्वनाथ उर्फ बुधराम पुनेम एसीएम, सीतानदी/रावस समन्वय एरिया कमेटी- सचिव जिसके ऊपर आठ लाख रुपये का इनाम और तीसरी महिला नक्सली बसंती कुंजाम उर्फ हिडमें पीएम, समन्वय/प्रोटेक्शन टीम मैनपुर-नुआपाड़ा सदस्य जिसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। मौके से एक नग एसएलआर, एक नग 303 रायफल, एक नग 12 बोर बरामद और अन्य नक्सल सामाग्री बरामद हुआ है।

    यह क्षेत्र नक्सलियों का ट्रांजिट रूट
    कांकेर एसएसपी आई के एलिसेला ने बताया कि यह क्षेत्र में काफी साल बाद नक्सल मूमेंट देखने को मिला है। यह क्षेत्र नक्सलियों का ट्रांजिट रूट रहा है, जहां से अक्सर बड़े नक्सली आना-जाना करते है। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन मौसम के बावजूद बस्तर में तैनात पुलिस, सुरक्षा बल भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप और बस्तरवासियों की आकांक्षाओं के अनुरूप  जनजीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं।

    पुलिस महानिरीक्षक ने माओवादी कैडरों से अपील की कि वे यह यथार्थ स्वीकार करें कि माओवाद समाप्ति के कगार पर है। अब समय आ गया है कि वे हिंसा का मार्ग त्याग कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए मुख्यधारा से जुड़ें। यदि वे अवैध और हिंसक गतिविधियाँ जारी रखते हैं, तो उन्हें कठोर परिणाम भुगतने होंगे।

  • 8.6 करोड़ की संपत्ति जब्त, ED ने लाल चंदन तस्कर अब्दुल जाफर पर शिकंजा कसा

    रायपुर

    लाल चंदन लकड़ी की अंतरराष्ट्रीय तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तस्कर अब्दुल जाफर पर शिकंजा कसा है. आरोपी अब्दुल जाफर की 8.6 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली है. आरोपी ने तस्करी से प्राप्त अवैध पैसे से यह संपत्ति खरीदी थी. जांच में सामने आया कि आरोपी ने 2016 में रायपुर के एक गोदाम में 576 लाल चंदन के लट्ठे छिपाकर रखे थे, जिनका कुल वजन 11 टन था.

    इन लट्ठों को रायपुर से दुबई भेजने की तैयारी की जा रही थी. राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) को सूचना मिली कि जाफर दुबई में लाल चंदन की तस्करी कर रहा है. सूचना के आधार पर डीआरआई की टीम ने 2 अक्टूबर 2016 को नागपुर में एक कंटेनर रोका. कंटेनर में 1,324 लाल चंदन के लड्डे (14 टन) स्पंज आयरन के नीचे छिपाकर रखे गए थे.

    नागपुर की कार्रवाई के बाद 4 अक्टूबर 2016 को रायपुर के गोदाम में छापा मारा गया, जिसमें छिपाए गए लाल चंदन के लट्ठों को जब्त किया गया. इसके बाद अब्दुल जाफर को गिरफ्तार किया गया, जो फिलहाल रायपुर जेल में बंद है.

  • इंद्रावती में खतरनाक छलांग, SDRF जवानों की सर्तकता से युवक सुरक्षित

    जगदलपुर

    नशे में धुत युवक ने इंद्रावती नदी के बड़े पुल से छलांग लगा दी. मौके पर मौजूद एसडीआरएफ के जवानों ने युवक को डूबने से बचाया.

    घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जिसमें नदी में कूदने वाले युवक की पहचान सोरगांव निवासी जदूराम बघेल के रूप में हुई है. युवक को महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां युवक की हालत खतरे से बाहर बताई गई है.