• विश्व रेबीज़ दिवस: सावधानी और टीकाकरण से रोकी जा सकती है 100% जानलेवा बीमारी

    अंबिकापुर

    रेबीज वायरस से होने वाली एक जानलेवा बीमारी है. ये ज़ूनोटिक बीमारियों में सबसे खतरनाक है, जो जानवर से मनुष्यों में फैलाती है. यह बीमारी कुत्ते के अलावा बिल्ली, लोमड़ी और सियार जैसे जानवरों के काटने से उनके लार के जरिए फैलती है. रेबीज बीमारी का उपचार संभव नहीं है इस बीमारी से 100% मौत हो जाती है, लेकिन टीका लगवाकर 100% बचा जा सकता है.

    रेबीज दिवस प्रत्येक वर्ष 28 सितंबर को मनाया जाता है. इस दिन प्रसिद्ध वैज्ञानिक लुई पॉस्टर की पुण्यतिथि है, और इस रेबीज वायरस के टीका की खोज उनके द्वारा किया गया था, इसलिए 28 सितंबर को मनाया जाता है. विश्व रेबीज दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है, ताकि रेबीज से हो रही मौत को कम किया जा सके.

    रेबीज के लक्षण
    पहले कुत्ते में फ्लू के जैसे लक्षण आते है, बाद में ये नर्वस सिस्टम के लक्षणों में बदल जाते है, लार बहता रहता है.
    मालिक का आदेश नहीं मानता है.
    खाना और पानी बंद कर देता है.
    सभी को काटने को दौड़ता है.

    बचाव
    कुत्ते को पशु चिकित्सक के सलाह से रेबीज का टीका लगवाए और प्रतिवर्ष बूस्टर टीका अवश्य लगवाएं.

    कुत्ता काट ले तो क्या करें
    -घाव को अच्छी तरह से कार्बोलिक सोप से धोकर लगभग १० मिनट तक बहते पानी से साफ़ करे
    – एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं
    -चिकित्सक की सलाह से टीकाकरण करवाये

    झाड़फूंक और अंधविश्वास से बचे
    – ये जानलेवा है, लेकिन अभी भी ग्रामीण इलाके में लोग इलाज न करवाकर झाड़-फूंक करवाते हैं, और अपनी जान गंवा बैठते हैं, इसलिए कुत्ता के काटने पर अपने पास के स्वास्थ्य केंद्र में जा कर इलाज और टीका लगवाएं.

    जिले में हर महीने दो सौ से ज्यादा केस
    पशुधन विकास विभाग में अतिरिक्त उप संचालक डॉ सीके मिश्रा बताते हैं कि विश्व में लगभग 60 हज़ार और भारतवर्ष में प्रतिवर्ष 20 हज़ार व्यक्ति की मृत्यु रेबीज बीमारी से हो रही है. वहीं बात करें अंबिकापुर की तो, हर महीने 200 से 300 कुत्ते के काटने के केस सामने आते हैं.

  • छात्रों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर में आएगा आधार अभियान का नया चरण

    दूसरे चरण में 26 लाख विद्यार्थियों के किये जायेंगे आधार अपडेट
    भोपाल 

    प्रदेश में 26 लाख विद्यार्थी अब तक अपने आधार में आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं करा पाए हैं। अपडेट विद्यार्थियों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर अनिवार्य होता है। आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होने के बाद ही विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को सहज रूप से मिल सकेगा।

    विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईएडीएआई) और स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 अगस्त 2025 को ‘विद्यार्थी के लिए "आधार, अब विद्यालय के द्वार" अभियान प्रारंभ किया था। अभियान के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन एवं अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब प्रदेश के सभी जिलों में एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण प्रारंभ किया जा रहा है। दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। साथ ही, ऐसे बड़े विद्यालयों का भी चयन किया गया है, जिनके आसपास अन्य विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

    यूआईएडीएआई और शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के आधार का बायोमेट्रिक स्टेटस देखने के लिये यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है। इसके माध्यम से विद्यालय आसानी से उन विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे जिनका अपडेट लंबित है।

    अभियान के सफल संचालन के लिए 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। इससे पूर्व यूआईएडीएआई आधार ऑपरेटरों को भी प्रशिक्षित कर चुका है।

    विद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त करें। सूची में शामिल विद्यार्थियों को पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में भी बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए प्रेरित करें।

     

  • तीन महीने में तय होगी सहायक अध्यापकों की पदोन्नति, हाईकोर्ट का शिक्षा विभाग को निर्देश

    ग्वालियर
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को उनकी पदोन्नति पर तीन माह में विचार करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी वास्तविक नियुक्ति तिथि (पांच और सात सितंबर 1998) से मानी जाएगी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर तीन माह के भीतर उनके प्रमोशन पर निर्णय लेना होगा। साथ ही सभी लक्षित लाभ दिए जाएंगे, हालांकि बकाया वेतन नहीं मिलेगा।
     
    यह था पूरा मामला
        याचिकाकर्ताओं ने 25 अगस्त 2014 में जारी विभागीय आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गई थी।
        उनका कहना था कि वे 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए, लेकिन विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनकर पदोन्नति से वंचित कर दिया।
        विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता 2001 से मानी जाएगी, जब उनका समायोजन हुआ था, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ किया कि 2008 के नियमों के लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा।
     
    इसके साथ ही, कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद कर दिया। इस फैसले से सहायक अध्यापकों को न केवल वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, बल्कि पदोन्नति की राह भी खुल गई है।

  • महाकाल मंदिर की नई डिजिटल सुविधा: अब घर बैठे होंगे दर्शन

    उज्जैन

    उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महादेव के भक्तों के लिए अब नई प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया बदली जा रही है। पहले यहां प्रवेश के लिए टोकन जारी किए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के अनुसार भक्तों को मोबाइल लिंक के जरिए बुकिंग करनी होगी। इस बदलाव के तहत अब कोई भी व्यक्ति या अधिकारी सीधे टोकन लेकर दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर समिति की ओर से मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से बुकिंग पूरी होगी और तभी प्रोटोकॉल दर्शन का अवसर मिलेगा।

    यह व्यवस्था इसलिए लागू की जा रही है ताकि महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भीड़ नियंत्रण रही और वह दर्शन का पूरा लाभ उठा सके। इस कदम से न केवल प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि इससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी और भक्तों का समय बचेगी। 

  • भारत-पाक मुकाबले से पहले भोपाल में अलर्ट मोड, शहरभर में 1500 जवान तैनात

     भोपाल 
    भोपाल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. यह हाई वोल्टेज क्रिकेट मैच रविवार, 28 सितंबर 2025 को खेला जाएगा. 41 साल बाद पहली बार एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी. इस बड़े मुकाबले के दौरान फेस्टिव सीजन होने के कारण भोपाल पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

    41 साल बाद पहली बारभारत और पाकिस्तान
    पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि भोपाल में करीब 1500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें 500 अतिरिक्त जवान शामिल होंगे. सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी और शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा. इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम में बैठा स्टाफ सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखेगा.

    मैच के दौरान किसी भी तरह की अशांति से बचने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी जगह पर भीड़ को इकट्ठा होने नहीं दिया जाएगा. जहां-जहां बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने की व्यवस्था होगी, वहां अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मैच का आनंद ले सकें. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

    यह मैच न केवल खेल का एक बड़ा आयोजन है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने के कारण यह भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है. भोपाल में लोग इस मैच को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है. शहर के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस की इस सतर्कता से यह उम्मीद है कि भोपाल में लोग शांतिपूर्ण ढंग से इस ऐतिहासिक मैच का आनंद ले सकेंगे.

  • कम वजन की नमकीन बेचने पर हल्दीराम पर गिरी गाज, उपभोक्ता फोरम ने लगाया 1 लाख का जुर्माना

    उमरिया

    जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।

    दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली।

    नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया।

    उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है।

    शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान 

    इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया।

    फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश

    उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।

  • मोहन सरकार का लाड़ली बहनों को उपहार, अक्टूबर से बढ़ेगी आर्थिक सहायता राशि

    भोपाल
     मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी।

    राशि में बढ़ोतरी
    लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे।

    भविष्य में और बढ़ोतरी
    सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है। 

    भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान

     मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा.

    मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं

    हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

  • खजुराहो बनेगा इंटरनेशनल टूरिज्म हब, 10 साल में 2000 करोड़ से बदलेगी सूरत

    खजुराहो 

    भारत सरकार अब यूनेस्को की मान्यता प्राप्त खजुराहो को अगले दस सालों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने दो माह पहले ही इसका खाका तैयार कर लिया है। मप्र पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के अनुसार, सरकार चुनिंदा पर्यटन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए केवल खजुराहो में अगले 10 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से वहां रोड़ कनेक्टिविटी, पर्यटक गाइडिंग, सिटी ऐप व 'वन टूरिज्म कार्ड' जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    खजुराहो को क्यों चुना

    खजुराहो पहले से ही दुनियाभर में अपने मंदिरों की विशिष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजना यूनेस्को की सूची में शामिल चुनिंदा स्थलों को विश्वस्तरीय बेंचमार्क पर विकसित करने की है. जिसके लिए खजुराहो का चयन किया गया है। खजुराहो हवाई अड्डे श्रेष्ठ एयरपोर्ट में भी शामिल है।

    टिकाऊ विकास पर होगा फोकस

        प्रोत्साहन लैंड, व अनुदानः सब्सिडी, राज्यग ग्रांट और इंसेंटिव्स उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी निवेश आकर्षित हो सके।
        स्वच्छता और पर्यावरणः सफाई और सफाई सेवाओं पर 2 सफाई विशेष जोर, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से हरित मानकों का पालन होगा।

    ये होगा खास

        आधुनिक सुविधाएं: सड़क मार्ग, रेल-हवाई संपर्क बेहतर होगा. पाथवेज, एकोमोडेशन, पर्यटक सुविधा केंद्र, सिविक एमेनिटीज आदि पिक सीजन को ध्यान में रखते हुए बनेंगे।

        सांस्कृतिक और कलात्मक केंद्रः मध्य प्रदेश और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भव्य कला केंद्र बनाया जाएगा।

        वन टूरिज्म कार्डः सभी प्रकार की बुकिंग के लिए एक वन टूरिज्म कार्ड बनेगा, जिससे बुकिंग आसान होगी। इसी कार्ड से होटल, म्यूजियम, मंदिर, बस, ट्रेन, एयरपोर्ट आदि पर भी पेमेंट कर सकेंगे।

        आधुनिक होटलः दुनिया के 20 से अधिक चर्चित होटलों को बनाया जाएगा, जिसका पूरा इंफास्ट्रक्चर आधुनिक, कला और तकनीक से परिपूर्ण होगा।

    यह हमारे लिए ऐतिहासिक अवसर है कि खजुराहो को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। इस निवेश योजना से न केवल ठोस बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएंगे। – शिव शेखर शुक्ला, एसीएस, पर्यटन विभाग

  • हितानंद शर्मा बिहार में मोर्चा संभालने उतरे, भाजपा ने CM मोहन यादव को दिखाने की तैयारी की चेतावनी

    भोपाल
    कुछ दिनों बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मैदानी तैयारी को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित कई अन्य नेता बिहार पहुंच गए हैं। इन्हें अलग-अलग अंचलों में संगठन के कामकाज की जिम्मेदारी मिली है। हितानंद के अलावा कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, सांसद अनिल फिरोजिया, विष्णु दत्त शर्मा, गजेंद्र पटेल और पूर्व सांसद केपी यादव को बिहार चुनाव में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बिहार नहीं पहुंचे हैं प्रहलाद पटेल
    ये सभी नेता बिहार में संगठनात्मक मोर्चों पर तैनात रहेंगे। माता जी के स्वास्थ्य कारणों से प्रहलाद पटेल बिहार नहीं पहुंचे हैं लेकिन बाकी नेताओं ने वहां मोर्चा संभाल लिया है। आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक रहे हितानंद को इससे पहले भी महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में चुनाव के दौरान भाजपा ने अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उधर, ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं का कार्यक्रम भी संगठन जल्द तैयार कर रहा है। बिहार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हाल ही में हुई प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में मध्य प्रदेश के नेता भी शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश के नेताओं में से विशेष रूप से ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग के नेताओं पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।

    परिवारवाद का जवाब डॉ. मोहन यादव के चेहरे से देगी भाजपा
    भाजपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली के विधानसभा चुनावों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में यादव चेहरे के रूप में प्रस्तुत करेगी। आरजेडी के लालू यादव के परिवारवाद के विरुद्ध भाजपा डॉ. मोहन यादव को एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करेगी। डॉ. मोहन यादव की अलग शैली उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के लिए चुनौती बनी तो अब बिहार में लालू यादव के परिवार की राह मुश्किल कर सकती है।

    ओबीसी वर्ग को साधने की चुनौती संभालेंगे शिवराज
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों बिहार में अच्छी पहचान बना रहे हैं। मखाने की खेती को प्राथमिकता देते हुए इसके किसानों के लिए बेहतरीन प्रयास कर उन्होंने अपनी अच्छी छवि बना ली है। शिवराज सिंह चौहान की किसान और गरीबों के लिए संवेदनशील छवि का लाभ बिहार में भाजपा उठा सकती है। ओबीसी वर्ग में वोटों को ध्रुवीकरण न हो, इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह संभालेंगे।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने किया IIT भिलाई फेस-2 परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास

    आईआईटी में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब हुए शामिल

    भारत सरकार ने फेस 2 के लिए 2257.55 करोड़ रुपए किए है मंजूर

    रायपुर,

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है। अन्य सात संस्थानों में आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू सम्मिलित हैं।

    इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे।

    मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आठ आईआईटी परियोजनाओं का शिलान्यास होना पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी भिलाई के फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

    फेस-2 परियोजना : तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा

    भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण पर व्यय होंगे। इस चरण में 1 लाख 51 हजार 343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष और प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी।

    छात्र संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी। परियोजना में छात्रावास, मेस हॉल, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी। फेस-2 की सबसे महत्वपूर्ण पहल छत्तीसगढ़ का पहला अनुसंधान पार्क है, जिसकी स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। फेस-1 निर्माण के लिए  1090.17 करोड़ मंजूर किए गए थे, जिसके तहत 1 लाख 34 हजार 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मार्ट, पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया था। इस परिसर को जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।

    आईआईटी भिलाई की उपलब्धियाँ और विशेषताएँ

    आईआईटी भिलाई का परिसर गोंड आदिवासी कला से प्रेरित प्रवेश गलियारों से सुशोभित है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। संस्थान वर्तमान में लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है तथा अब तक 30 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं।

    संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों (NM-ICPS) पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत स्थापित सेक्शन 8 कंपनी आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (I B I T F) की मेजबानी करता है। हाल ही में आईबीआईटीएफ को वित्तीय क्षेत्र के लिए फिनटेक आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘श्रेणी-ए हब’ के रूप में नामित किया गया है।

    आईआईटी भिलाई की एक उल्लेखनीय पहल विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्यभर के स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। इस मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर उन्हें समाप्त किया, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत हुई और 60 लाख पाठ्यपुस्तकों का सही वितरण संभव हो सका।

    इसके अलावा संस्थान ने गहन तकनीकी समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए देशभर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ शुरू की हैं, जिन पर 19 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

    वर्तमान और भविष्य

    वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों के अंतर्गत 1,525 छात्र अध्ययनरत हैं। फेस-2 विकास के साथ यह संख्या 3,000 तक पहुँच जाएगी। इससे संस्थान न केवल शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

    इस अवसर पर संस्था के विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

     

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव सेवा पखवाड़ा के तहत नरवर के महिला सम्मेलन में हुए शामिल

    धीरे-धीरे राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे
    185 करोड़ रुपए से अधिक के 65 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमिपूजन

     

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति का वैशिष्ट्य ही हमारी पहचान है। हम मातृ सत्तात्मक समाज व्यवस्था के संवाहक हैं। यह सिर्फ भारत देश ही है, जहां बच्चा-बच्चा देश को माता के रूप में पूजकर 'भारत माता की जय' कहता है। यह नारियों के प्रति हमारी आस्था, हमारे सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवपुरी जिले में किसानों को बाढ़ आपदा की राहत राशि के रूप में 10 करोड़ रुपए बांटे गए हैं। प्रदेश के हर अंचल में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। विकास की बात पर हमारी सरकार हर कदम पर नागरिकों के साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को शिवपुरी जिले के नरवर में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 185 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 65 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 48.90 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 136.67 करोड़ लागत के 52 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

    राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर में राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण भी किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर के पुराने किले में रोप-वे निर्माण करने एवं नरवर में नया आईटीआई खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नरवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, नगर परिषद नरवर में गौशाला निर्माण एवं पुलिस चौकी बनाने और आवागमन की बेहतरी के लिए सिंध नदी पर एक नया सेतु बनाने की भी घोषणा भी की।

    भावांतर योजना का लाभ लें किसान
     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के किसानों को सोयाबीन उपार्जन के लिए शुक्रवार को ही भावांतर योजना की सौगात दी गई है। किसान भाई 10 से 25 अक्टूबर के बीच इस योजना में सोयाबीन बेचने के लिए अपना पंजीयन कराएं। किसानों को सोयाबीन का 5328 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलाएंगे। हमारी सरकार अपने सभी वादों और संकल्पों को पूरा करते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

    ग्वालियर सांसद श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर आकर शिवपुरी जिले को अनेकों सौगात दी है। करेरा विधायक श्री रमेश खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा नल की नगरी नरवर में आत्मीय स्वागत है। कार्यक्रम में विधायक श्री महेंद्र सिंह यादव, विधायक श्री प्रीतम लोधी, विधायक श्री भवानी सिंह राठौरजनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। 

  • प्रदेश मंत्रियों पर कांग्रेस का सघन हमला, विजयवर्गीय के मुद्दे ने मचाई हलचल

    भोपाल
    नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर दिए बयान के बाद कांग्रेस ने तय किया है कि अब प्रदेश के ऐसे मंत्रियों की घेराबंदी की जाएगी, जो विवादित बयान देते रहे हैं।

    आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह जैसे मंत्रियों को जगह-जगह काले झंडे दिखाकर राजधानी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध किया जाएगा। साथ ही भाजपा सरकार की घेराबंदी के लिए कांग्रेस नर्सिंग फर्जीवाड़ा, बीएड और डीएड कॉलेजों में फर्जीवाड़ा, संकल्प पत्र के अधूरे वादों को भी मुद्दा बनाने जा रही है।
     
    विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस भड़की हुई है और जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शैलेंद्र पटेल ने शुक्रवार को बताया कि शनिवार और रविवार को महिला मोर्चा प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन करेगा।

    कैसे-कैसे बिगड़े बोल
        कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल-प्रियंका के संदर्भ में पहले कहा कि आज के नेता प्रतिपक्ष अपनी जवान बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं।
        अगले दिन बोले कि मैं भाई-बहन के रिश्ते की पवित्रता पर प्रश्न नहीं उठा रहा।
        प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू में सार्वजनिक मंच पर कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसकी देशभर में आलोचना हुई थी।

  • तामिया की घाटियों में दौड़े 9 राज्यों और 20 जिलों के धावक

    विश्व पर्यटन दिवस पर छिंदवाड़ा के तामिया में हुई मैराथन

    भोपाल
    विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर के उपलक्ष्य में “सेवा पखवाड़ा अभियान” अंतर्गत छिंदवाड़ा जिले के तामिया में पहली बार “तामिया मैराथन” का भव्य शुभारंभ हुआ। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस मैराथन में 746 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था, जिनमें से 623 प्रतिभागियों ने सहभागिता कर आयोजन की तामिया में सफल शुरुआत की। इनमें मध्यप्रदेश सहित 9 राज्यों और 20 जिलों के प्रतिभागी शामिल हुए। कम समय में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में अन्य राज्यों के धावकों और बड़ी संख्या में प्रदेश के धावकों की सहभागिता ने तामिया मैराथन को ऐतिहासिक शुरुआत दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में मैराथन खास भूमिका निभाएगी। रिमझिम फुहारों के बीच हरी झंडी दिखाते ही दौड़े धावक – कार्यक्रम में सबसे पहले 21 कि.मी. की मैराथन की शुरुआत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से की गई। इसके थोड़े अंतराल के बाद 11 और 05 किमी की दौड़ शुरू हुई। नगर निगम छिंदवाड़ा के महापौर श्री विक्रम अहके, कलेक्टर श्री शीलेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री अजय पाण्डेय ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन की शुरुआत की। मैराथन पी.डब्ल्यू.डी. रेस्ट हाउस से प्रारंभ होकर टोल प्लाजा, कुआं बादला मार्ग से होकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस पर समाप्त हुई।

    विजेताओं को पुरस्कार
    तामिया मैराथन में तीन कैटेगरी 21, 11 और 05 किमी के लिए महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग प्रथम, द्वितीय, तृतीय विजेता घोषित किए गए। 21 कि.मी. मैराथन में उम्मीद से कहीं अधिक 350 धावकों ने भाग लिया, जिनमें 40 महिला धावक भी शामिल थीं। पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सतीश वर्मा ने और महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश के कानपुर की याशी सचान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके लिए दोनों धावकों को 31-31 हजार रुपए की पुरस्कार राशि के चेक प्रदाय किए गए। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के धीरज यादव और भोपाल की प्राची वडियार ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 21-21 हजार रुपए की राशि प्राप्त की। सतना के अभिषेक सोनी और तामिया की माधुरी नर्रे ने तृतीय स्थान हासिल कर 11-11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्राप्त की।

    गगन साहू और गीता भारती ने 11 कि.मी. मैराथन में प्रथम स्थान, देवकीनन्दन ने द्वितीय एवं मनोज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 05 किमी मैराथन में अरुण धुर्वे और बिंदिया परतेती ने प्रथम, अजेश और अंकिता ने द्वितीय एवं हिमांशु और गिरिजा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    सरप्राइज गिफ्ट भी दिए गए
    तामिया मैराथन में कुछ सरप्राइस गिफ्ट भी रखे गए। 5 किमी दौड़ को पूरा करने वाले सबसे कम उम्र 8 वर्ष के प्रतिभागी प्रयान उट्टी और सबसे अधिक उम्र के पुरुष प्रतिभागी 72 वर्षीय श्री एस.बी. सोनटके एवं महिला प्रतिभागी 65 वर्षीय विशाखा सोनटके को सरप्राइस गिफ्ट प्रदान किए गए। इसी तरह 21 किमी मैराथन में सबसे कम उम्र 16 वर्षीय धावक गीतेश इड़पाची को सरप्राइस गिफ्ट दिया गया।

    महापौर श्री विक्रम अहके ने कहा ऐतिहासिक आगाज हुआ है। तामिया की घाटियों में होने वाली संभवतः यह प्रदेश की पहली मैराथन होगी। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अद्भुत नैसर्गिक सुंदरता के साथ ही छिंदवाड़ा जिले और विशेषकर तामिया क्षेत्र में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। इस तरह के आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जिले को दूर-दूर तक नई पहचान दिलाएंगे। उन्होंने तामिया मैराथन के इस पहले आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। 

  • नगरीय विकास एवं आवास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

    भोपाल
    विज्ञान भारती के तत्वावधान में भोपाल स्थित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एक भव्य विज्ञान मेला का आयोजन किया गया है। इस मेले में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो विद्यार्थियों, नागरिकों और विज्ञान प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है। प्रदर्शनी में अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्मार्ट सिटी परियोजना, भोपाल एवं इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी, मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रदर्शनी का उद्देश्य इन योजनाओं की जानकारी को जनसामान्य तक पहुँचाना और शहरी विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    प्रदर्शनी में विशेष आकर्षण का विषय अमृत मिशन एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान रहा जिसके अंतर्गत आगंतुकों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व और पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य शहरी योजनाओं को सरल भाषा में आम नागरिकों तक पहुँचाना, विद्यार्थियों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचारों से जोड़ना तथा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

     

  • कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुए छात्र परिषद के चुनाव

    भोपाल 
    कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय भोपाल में छात्र परिषद का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से शनिवार को संपन्न हुए। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में देश की चुनाव प्रक्रिया के वास्तविक स्वरूप के साथ संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया, भारतीय निर्वाचन प्रणाली के अनुरूप संपादित की गई। मतदान के लिये विद्यालय में सुसज्जित मतदान केंद्र बनाए गए।जहाँ श्रेणीवार पीठासीन अधिकारी, P1,P2,P3, पहचानकर्ता, ईवीएम मशीन एवं तर्जनी अंगुली पर अमिट स्याही का निशान एवं पंक्तिबद्ध मतदाता—सभी व्यवस्थाएँ बिल्कुल आम चुनाव की तरह रहीं। मतदाता छात्राओं ने सेल्फी बूथ में फ़ोटो भी खिंचवाए। चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत अधिसूचना जारी होना, प्रत्याशी नामांकन, प्रचार-प्रसार, मतदान एवं परिणाम की घोषणा तक की सभी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को कराए गएं। इसके लिये निर्वाचन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सुरक्षा अधिकारी तथा अन्य आवश्यक पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई थी।

    मतदान प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक संपन्न हुआ। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता सक्सेना ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक चुनाव की विधि से परिचित कराना तथा मतदान के महत्व को समझाना था। मतदान प्रक्रिया में लगभग 600 विद्यार्थियो ने मतदान किया। जब ईवीएम से मतगणना प्रारंभ हुई तो सर्वाधिक मतों के साथ हेड गर्ल शाला नायक पद पर कुमारी स्नेहा नन्दमेहर कक्षा 12वीं, डिप्टी हेड गर्ल के लिए कु. सालेहा खान कक्षा 11वीं, सचिव पद के लिए रूपिका परते कक्षा 10वीं , उप सचिव पद के लिए भावना पथे कक्षा 9 वीं चुनी गई। इस अभिनव प्रयोग ने विद्यालय के सभी विद्यार्थियों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और सहभागिता की भावना को और सशक्त बनाया।

     

  • मध्य प्रदेश पर्यटन ने IFTM Top Resa पेरिस और टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में लहराया परचम

    वैश्विक मंच पर और सशक्त हुई ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की पहचान
    अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन

    भोपाल 
    म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन जगत के दो प्रतिष्ठित ट्रैवल मार्ट—IFTM Top Resa 2025 (पेरिस, फ़्रांस) और Tourism Expo Japan 2025 (आईची स्काई एक्सपो, जापान) में मध्यप्रदेश की विशिष्ट और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इन वैश्विक मंचों पर अतुल्य भारत का हृदय मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक गहराई, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की विविध संभावनाओं को सजीव कर दिया। इन ट्रैवल मार्ट और एक्सपो में बने आकर्षक एमपी पवेलियन ने मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक आकर्षक और अपरिहार्य गंतव्य के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया।

    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वैश्विक पर्यटन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। पेरिस और जापान जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में हमारे राज्य की विविधता, सांस्कृतिक गहराई और प्राकृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना हमारे लिए गर्व का विषय है। इन आयोजनों से हमें न केवल नए बाज़ारों तक पहुंच मिली है, बल्कि फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख देशों के साथ साझेदारी को भी मजबूती मिली है। मुझे विश्वास है कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित होगा।

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव का विज़न है कि मध्य प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक परिदृश्य की सुगन्ध वैश्विक स्तर पर फैले और पर्यटन विभाग इस दिशा में दिन रात काम कर रहा है। मध्य प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी हमारी इसी रणनीति का हिस्सा है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो आगंतुकों की स्मृतियों में बस जाता है। हमारे प्रयास राज्य को वैश्विक यात्रा मानचित्र पर प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने और पर्यटकों को प्रामाणिक, अनुभवात्मक यात्राएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर जारी रहेंगे।

    IFTM Top Resa 2025 : मध्यप्रदेश बना आकर्षण का केंद्र
    फ्रांस के पेरिस में 23-25 सितंबर 2025, के दौरान Porte de Versailles exhibition center में मध्य प्रदेश के पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, पेरिस के आर्थिक एवं वाणिज्यिक विंग के काउंसलर और हेड ऑफ़ चांसरी श्री नवीन कुमार ने किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के उप संचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) श्री युवराज पाडोले सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे। इस विशेष पैवेलियन ने वैश्विक यात्रा व्यापार समुदाय का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और राज्य की धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य तथा आधुनिक पर्यटन पहलों का प्रभावशाली परिचय कराया।

    टोक्यो में टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 : पूर्वी एशिया में बनी प्रदेश की पहचान
    जापान के आईची स्काई एक्सपो में 25 सितंबर 2025 से शुरू हुए टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में भी मध्य प्रदेश पर्यटन ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। यहां पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, टोक्यो की मंत्री (वाणिज्य एवं आर्थिक) श्रीमती देबजानी चक्रवर्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने किया। उनके साथ सहायक प्रबंधक श्री राकेश गोलिया और पर्यटन उद्योग के प्रमुख साझेदार श्री अतुल सिंह (एमपी इनकमिंग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश का पैवेलियन जापानी पर्यटकों और उद्योग प्रतिनिधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसने राज्य की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया।

    ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता एमपी पवेलियन
    दोनों मेलों में मध्य प्रदेश का पैवेलियन ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता रहा। इसमें राज्य की तीनों यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों—खजुराहो के मंदिरों की अद्वितीय शिल्पकला, सांची के स्तूपों की बौद्धिक शांति और भीमबेटका की प्राचीन शैलाश्रयों की ऐतिहासिक गहराई—को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे विश्वप्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों के वन्यजीव पर्यटन ने रोमांच और संरक्षण का संदेश दिया। उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे पवित्र नगरों की झलकियों ने राज्य की आध्यात्मिक प्रवाह को दर्शाया, जबकि जनजातीय परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन की पहलों ने सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।

    फ्रांस, यूरोप और जापान के ट्रैवल बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच
    मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इन आयोजनों के माध्यम से फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख बाज़ारों में टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ किया। यह पहल बोर्ड की दीर्घकालिक वैश्विक पहुंच रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित करना और अनुभवात्मक, प्रामाणिक यात्राओं के प्रति आकर्षित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचना है।

     

  • जिले की सड़कें होंगी बेहतर, मुख्यमंत्री ने दी 11 करोड़ 44 लाख रुपए की मंजूरी

    झारखंड राज्य को जोड़ेगे यह मार्ग, आवागमन की बढ़ेगी सुविधा

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।पहला मार्ग छेरडांड से टुकुटोली पहुँच मार्ग है, जिसकी लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपए स्वीकृत हुई है। यह सड़क बनने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र के कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरा मार्ग टुटिअम्बा से कादोपानी, झारखंड पहुँच मार्ग तक का निर्माण है, जिसके लिए 5 करोड़ 96 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सीधे झारखंड राज्य को भी जोड़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संपर्क और सुदृढ़ होगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को इस सौगात के लिए आभार जताया और कहा कि सड़कों का जाल बिछने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

    जिले में बिछ रहा है सड़कों का जाल

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले को एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं,सड़क निर्माण के लिए मिली नई मंजूरियों से अब गांव–गांव तक आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को कीचड़ और धूल से निजात मिलेगी, वहीं मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से लोगों की यात्रा आसान होगी।जिले में बिछने वाले सड़कों का यह जाल आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर गढ़ेगा।

     

  • अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर ढरके लामा के विरूद्ध इंटरपोल मुख्यालय फ्रांस द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये किये जा रहे समग्र प्रयासों के अंतर्गत्त स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा देश विदेश की कानून प्रवर्ततन संस्था इंटरपोल से समन्वय स्थापित कर अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर विदेशी नागरिक ढरके लामा उर्फ टरके लामा पिता शीरिंग कुंगा लामा निवासी हुमला नेपाल की गिरफ्तारी के लिये इंटरपोल मुख्यालय फ्रांस द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया है।

    प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने बताया कि उक्त आरोपी विगत 10 वर्षों से फरार है, जिसके विरूद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों की चीन में अवैध तस्करी संबंधी प्रकरण 13 जुलाई 2015 दर्ज किया गया था प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को विवेचना के लिये हस्तांतरित किया गया था। एसटीएसएफ ने उक्त प्रकरण में कार्यवाही करते हुये संगठित गिरोह के कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर-2022 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम (होशंगाबाद) ने 29 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 7.10 लाख अर्थदण्ड से दण्डित करने की सजा सुनाई गयी।

    प्रकरण में अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा को नौ वर्ष उपरांत, विगत वर्ष 24 जनवरी 2024 को भारत एवं नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की सटीक विवेचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 9 मई 2025 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम ने ताशी शेरपा को 5 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। यह मामला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों, कूरियर, बिचौलिये और तस्करों सहित 28 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया और दोषी ठहराया गया। एसटीएसएफ ने प्रकरण में वैज्ञानिक विवेचना करते हुए आरोपियों के ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस परीक्षण करवाये, जिससे उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत मिले। इसके अतिरिक्त, सायबर डेटा भी एकत्र कर न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पेश किया। जांच के दौरान, एसटीएसएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सहायता भी प्राप्त की।

    इंटरपोल, जिसे आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (ICPO-Interpol) कहा जाता है, एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो 195 से अधिक देशों ने मिलकर बनाया है। यह दुनिया भर में पुलिस एवं अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सहयोग और अपराध नियंत्रण की सुविधा प्रदान करता है। इंटरपोल द्वारा 04 बार एसटीएसएफ के कार्यों की सराहना की जा चुकी है।

     

  • विन्ध्य क्षेत्र में पहली बार हुआ स्किन डोनेशन

    रीवा निवासी शिवेन्द्र पाण्डेय के निधन पश्चात उनकी पत्नी ने लिया स्किन डोनेशन का निर्णय

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किया आभार व्यक्त

    भोपाल
    विन्ध्य क्षेत्र में पहली बार स्किन का डोनेशन किया गया। श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय अन्तर्गत संजय गांधी अस्पताल रीवा में पहली बार स्किन डोनेट की गई। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मई माह में रीवा में स्किन बैंक के शुभारंभ अवसर पर लोगों से आह्वान किया था कि नागरिक अंगदान करने में आगे आयें। अंगदान महादान है, इससे जरूरतमंदों के जीवन में आशा का प्रकाश लाया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल की पहल के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

    रीवा निवासी शिवेन्द्र कुमार पाण्डेय के निधन पश्चात उनकी पत्नी श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय, जो महिला एवं बाल विकास विभाग में कटनी जिले की जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं, ने अपने स्वर्गीय पति की स्किन दान करने का निर्णय लिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वर्गीय शिवेन्द्र पाण्डेय के परिजनों ने अंगदान का जो प्रेरणादायक कार्य किया है, वह अनेक जिंदगियों को बचाने में सहायक होगा। अंगदान से बड़ा कोई दान नहीं है। उन्होंने विन्ध्य क्षेत्र के अंगदान जैसे मानवीय कार्य में आगे बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

    श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में सर्जन डॉ. सौरभ सक्सेना और डॉ. अजय पाठक की टीम ने स्वर्गीय पाण्डेय की स्किन हार्वेस्टिंग के जरिए स्किन बैंक में संरक्षित की। इसे माइक्रोबायोलॉजिकल एवं बायोकेमिकल परीक्षण के पश्चात प्रोसेसिंग कर आवश्यकतानुसार गंभीर रूप से जले हुए मरीजों में प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी। स्किन दान के साथ ही स्वर्गीय श्री पाण्डेय की कॉर्निया (आंख का एक हिस्सा) का भी उनके परिजनों ने दान किया है।

    प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सौरभ सक्सेना ने बताया कि दुर्घटना या बीमारी से व्यक्ति की मृत्यु के चार से छह घंटे के भीतर स्किन हार्वेस्टिंग कर मृतक का शरीर परिजनों को सौंप दिया जाता है। डीन डॉ. सुनील अग्रवाल के मार्गदर्शन में श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय में स्किन डोनेशन और ऑर्गन डोनेशन से संबंधित जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के स्किन बैंक में दानदाताओं से प्राप्त स्किन को छह माह से दो साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है तथा आवश्यकता पड़ने पर इसे बिना किसी जोखिम के जरूरतमंद मरीजों के उपयोग में लाया जा सकता है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानी श्री काले के निधन पर किया शोक व्यक्त

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानी उज्जैन निवासी श्री अवधूत काले के देवलोक गमन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। स्व. काले की पार्थिव देह को शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ़ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजन को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि स्व. अवधूत काले जी उनके कार्यों और विचारों से सदैव हम सबकी स्मृतियों में बने रहेंगे।