• दमोह में गायों के लिए बन रहा देश का सबसे बड़ा आश्रय स्थल, 520 एकड़ में होगा गोवंश वन्य विहार

    दमोह 

     सड़कों पर घूमते निराश्रित मवेशियों को आश्रय (cows shelter) देने के उद्देश्य से दमोह में गोवंश वन्य विहार बनाने की तैयारी शुरु हो गई है। इसे प्रदेश का सबसे बड़ा गोवंश वन्य विहार बताया जा रहा है, क्योंकि यह 520 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए विभाग ने जमीन चिन्हांकन से लेकर तमाम दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। शासन स्तर पर सभी स्वीकृतियां मिलने के बाद अब इसका टेंडर भी जारी हो चुका है। ऐसे में नए साल तक गोवंश वन्य बिहार काम शुरु हो सकता है। 

    520 एकड़ में बन रहा वन्य विहार

    दमोह में बनने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए लगातार एक साल से काम चल रहा है। जिसमें सीतानगर, कल्याणपुरा, रानगिर सहित चार गांवों से लगी करीब ५२० एकड़ जमीन चयनित हो चुकी है। पहले करीब 700 एकड़ जमीन पर इसे बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन सभी सर्वे आदि होने के बाद 520 एकड़ को ही फाइनल किया गया है। जमीन चयनित होने, अधिकारियों के सर्वेक्षण और सभी दस्तावेजों के सही होने पर शासन ने भी इसे मंजूरी दे दी थी। पशु पालन मंत्रालय, सीएम भी इस काम को हरी झंडी दे चुके हैं। 

    भूमि की गई चिंहित

    सीतानगर क्षेत्र की जिस भूमि को इसके लिए चिन्हित किया गया है। वहां सुनार नदी है। उक्त जमीन का अधिकांश हिस्सा सुनार नदी के किनारे ही होगा। इसके अलावा चरनोई के लिए आसपास बहुत जमीन है। यहां तक पहुंचने के लिए मार्ग भी है। यहां गोवंश वन्य विहार बनने पर आसपास के ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। 

    यह रहेगी प्रक्रिया व उम्मीद

        टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसी से एग्रीमेंट आदि में एक महीने का समय लग सकता है।
        इसके बाद सीतानगर में प्रोजेक्ट शुरु होगा, जिसमें सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से किया जाएगा।
        प्राथमिक चरणों में बाड़ा और गोवंश को रहने, खाने, पीने, विचरण आदि के स्थानों के शेड आदि बनाए जाएंगे।
        क्षेत्र से पशु पालन मंत्री होने के कारण इस प्रोजेक्ट के जल्दी पूरे होने की उम्मीद है।

    8 हजार से अधिक गोवंश की रहेगी क्षमता

    पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार गोवंश वन्य विहार में 8 हजार से अधिक गोवंश को रखने की क्षमता रहेगी। पशु पालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 8 हजार गौवंश निराश्रित है। जो सड़कों पर दिखाई देते हैं। इसे ही ध्यान में रखते हुए गोवंश वन्य विहार की जमीन का चिन्हांकन किया गया है। दावा है कि इसके बनने के बाद जिले में एक भी निराश्रित गोवंश सड़क पर नजर नहीं आएगा। (mp news)

    टेंडर हो चुका जारी- मंत्री

    गोवंश वन्य विहार की सभी कागजी कार्रवाई हो चुकी है। इसका टेंडर भी जारी हो चुका है। जल्द ही सीतानगर में गौवंश वन्य बिहार बनेगा। निराश्रित गोवंश के सड़कों पर होने के सवाल सामने आ रहे थे। इसमें 7 से 8 हजार निराश्रित गोवंश को रखा जा सकेगा।– लखन पटेल, मंत्री पशु पालन विभाग

  • उज्जैन में बाबा महाकाल करेंगे शमी वृक्ष का पूजन, विजयादशमी की शाम 4 बजे निकलेगी शोभा सवारी

     उज्जैन
     भगवान महाकाल को त्रिलोकीनाथ अर्थात तीनों लोकों का स्वामी माना जाता है। लेकिन लौकिक जगत में उनकी ख्याति उज्जैन के राजा के रूप में भी है। इसीलिए प्रतिवर्ष विजय दशमी पर वे एक राजा के रूप में शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। साल में यह एक मात्र अवसर होता है जब अवंतिकानाथ नए शहर फ्रीगंज पधारते हैं। इस बार 2 अक्टूबर को राजसी वैभव के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी।

    पं.महेश पुजारी ने बताया दशहरा विजय उत्सव है। इस दिन राजा महाराजा सर्वत्र विजय की कामना से शमी वृक्ष का पूजन कर नगर सीमा का उल्लंघन करते हैं। यह परंपरा आदि अनादिकाल से चली आ रही है। भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं, इसलिए वे भी लोकमंगल की कामना से शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं।

    हर साल दशहरे के दिन शाम चार बजे ठाठ बाट के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकाली जाती है। भगवान पुराने शहर से होते हुए फ्रीगंज ओवरब्रिज के रास्ते नए शहर फ्रीगंज में प्रवेश करते हैं तथा दशहरा मैदान पहुंचते हैं। इस बार 2 अक्टूबर को दशहरा मैदान पर विजय उत्सव मनाया जाएगा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह तथा एसपी प्रदीप शर्मा भगवान महाकाल व शमी वृक्ष की पूजा अर्चना करेंगे।
    यह रहेगा सवारी मार्ग

    महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे राजसी वैभव के साथ सवारी की शुरु होकर कोटमोहल्ला, गुदरी चौराहा, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, सराफा, सतीगेट, कंठाल, नईसड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवासगेट, चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, टावर चौक, शहीदपार्क, पुराना कलेक्टर बंगले के सामने से दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां भगवान महाकाल व शमी वृक्ष का पूजन किया जाएगा। पूजन पश्चात सवारी निर्धारित मार्गों से होते हुए रात करीब 8 बजे महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

  • BSNL का नया अध्याय: 25वें साल में देशी 4G नेटवर्क के साथ भविष्य की ओर कदम

    बीएसएनएल @ 25: देश का अपना नेटवर्क स्वदेशी 4G युग में प्रवेश कर रहा 

    25 साल का हुआ BSNL, अब करेगा 4G में धमाकेदार एंट्री – पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के साथ

    BSNL का नया अध्याय: 25वें साल में देशी 4G नेटवर्क के साथ भविष्य की ओर कदम

    भोपाल
    माननीय प्रधानमंत्री कल दिनांक 27/09/2025 को झारसुगड़ा, (ओडिशा) में बीएसएनएल की स्वदेशी 4G सेवा को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी कल लगभग 37000 करोड़ कि लागत से निर्मित 4G के 97500 मोबाइल टावर का उद्घाटन करेंगे।

    अपने रजत जयंती वर्ष में, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) टीसीएम/तेजस/के साथ संयुक्त कार्य योजना के अंतर्गत स्वदेशी सी-डॉट कोर पर आधारित, अखिल भारतीय स्तर पर 4G सेवा शुरू कर रहा है. जो कि भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें बीएनएनएल द्वारा स्थापित 92600 से अधिक स्वदेशी 4G मोबाइल टावर शामिल है।

    97500 मोबाइल टावर में से 18900 टावर डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से संस्थापित किये गए हैं इनमें बीएसएनएल के 14180 टावर भी शामिल हैं, जो दूरस्थ सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित गावों सहित लगभग 26700 संचार विहीन गाँवों को मोबाइल कवरेज में जोड़ेगी और 20 नाख से अधिक नागरिकों को संचार सेवा प्रदान करेगी | यह सभी टावर सौर उर्जा से संचालित है जो इन्हें भारत में हरित दूरसंचार साईट और टिकाऊ बुनियादी ढांचे को निर्मित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा |

    माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप बीएसएनएल द्वारा स्वदेशी 4G तकनीक की शुरुआत सी-डॉट कोर तेजस नेटवर्क, (रेडियो एक्सेस नेटवर्क), सिस्टम इंट्रीग्रेटर टीसीएस के द्वारा स्वदेश में ही विकसित की गयी है, जो पूरी तरह से आत्मनिर्भर तकनीक द्वारा संचालित है और सॉफ्टवेयर द्वारा 5G में अपग्रेड करने के क्षमता रखता है।

    25 साल का सफरः गठन से लेकर 4G आत्मनिर्भरता तक

    2000: 1 अक्टूबर 2000 को बीएसएनएल का निगमीकरण किया गया जिसके बाद दुरसंचार विभाग (DoT) द्वारा बीएसएनएल को पूरे देश में समस्त दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने का दायित्व प्रदान किया गया।

    2000 का दशकः सबसे बड़ा लैंडलाइन नेटवर्क विस्तारः राष्ट्रीय कनेक्टिविटी कार्यक्रमों के लिए संचार के आधार के रूप में कार्य किया।

    2010 का दशकः अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, तेज़ी से बदलती तकनीक (3G/4G) और विभिन्न तरह के टैरिफ की चुनौतियों का सामना करते हुए बीएसएनएल ने देश के ग्रामीण/नागरिकों तक संचार सेवाएँ प्रदान करने के दायित्वों को जारी रखा।
     वीवीएनएल के विलय ने स्वदेशी 4G/5G के लिए आधार तैयार किया मध्यप्रदेश में विस्तार 

    माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कल स्वदेशी 4G मोबाइल नेटवर्क के लिए 97,500 से अधिक नए मोबाइल टावर का उद्घाटन किया जा रहा है उसमें मध्यप्रदेश की 4679 टावर शामिल हैं जो की प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थापित किए गए हैं। इसमें डिजिटल भारत निधि के वित्तीय सहयोग से 1223 नए टावर लगाए गए हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 1656 ऐसे गाँव में मोबाइल सुविधा उपलब्ध कराइ गयी है जहाँ अब तक किसी भी ऑपरेटर का कवरेज नहीं था। इसके अतिरिक्त 247 टावर के संस्थापन का कार्य प्रगति पर है तथा सम्भावना है कि यह कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण हो जायेगा |

    साथ ही भारत सरकार के वृहद अमेंडेड भारतनेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश दूरस्थ ग्रामों तक 65509 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बीएसएनएल द्वारा बिछाई जा रही है जिससे प्रदेश की 22858 ग्राम पंचायतों में हाई स्पीड इन्टरनेट की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी | वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीएसएनएल के लगभग 29.3 लाख मोबाइल उपभोक्ता, 1.26 लाख एफटीटीएच उपभोक्ताओं के साथ साथ विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों में 13571 लीज्ड लाइन कार्यरत हैं।

    बीएसएनएल के ऐसे उपभोक्ता जिन्होनें अपनी पुरानी 2G/3G सिम को अभी तक 4G सिम में नहीं बदलवाया है, वह किसी भी बीएसएनएल उपभोक्ता सेवा केंद्र अथवा अधिकृत फ्रेंचाइजी/रिटेलर से मुफ्त में 4G सिम प्राप्त कर सकते हैं।

  • देपालपुर को स्वच्छ बनाएगा इंदौर, नगर निगम के साथ एमओयू, 100 दिन में दिखेगा बदलाव

    इंदौर
     देश में स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर अब दूसरे शहरों को भी स्वच्छता का पाठ पठाकर उनकी मदद करेगा। इसी सिलसिले में शनिवार को इंदौर नगर निगम और देपालपुर नगर परिषद के बीच एमओयू हुआ है। स्वच्छता से 100 दिन में ही दोपालपुर नगर की सूरत बदल जाएगी। अभी स्वच्छता सर्वे में देपालपुर 1710 नंबर पर रहा था। इसकी रैंकिंग को बेहतर बनाना है।

    देशभर को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाला इंदौर अब अधिकृत रूप से महागुरू की भूमिका में आ गया है। शासन ने इंदौर को देपालपुर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर ने देपालपुर को अधिकृत रूप से स्वच्छता में नंबर वन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर नगर निगम इंदौर और नगर परिषद देपालपुर के अधिकारियों के बीच एमओयू हुआ है। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव और देपालपुर नगर परिषद के जनप्रतिनिधि और विधायक उपस्थित रहे।

     

  • प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले RTE विद्यार्थियों को राहत, सरकार भरेगी फीस; CM ने मंजूर किए 489 करोड़

    भोपाल 

    शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दे रही मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की भी फ़ीस जमा करती है, हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ये फ़ीस प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। ये  कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा।

    8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस दी जायेगी

    राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी।

    19 लाख बच्चे अब तक हो चुके लाभान्वित

    उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।

  • आधार कार्ड धारकों के लिए अलर्ट! 1 अक्टूबर से पहले निपटा लें जरूरी काम, बढ़ जाएगी फीस

    भोपाल 

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए नई दरें लागू करने की तैयारी कर ली है। 1 अक्टूबर से ये नई दरें आपकी जेब को थोड़ा और खाली करा सकती हैं।
    1 अक्टूबर से चुकानी होगी ज्यादा फीस

    अब तक आधार कार्ड (Aadhaar Card Update)बनवाने या अपडेट करवाने के लिए आप घर बैठे ही एप्लाई कर रहे थे। जिसके लिए आपको 100 या 50 रुपए ही चुकानें होते थे। लेकिन, नये नियम के मुताबिक अब 1 अक्टूबर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट कराना महंगा पड़ेगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने डेमोग्राफी और बायोमेट्रिक अपडेट की नई दरें तय कर दी हैं।

    30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी नई दरें

    ये नई फीसमध्यप्रदेश समेत पूरे भारत के लिए प्रभावी की गई हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से डेमोग्राफी व बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित की गई ये नई दरें 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेंगी।

    जबकि नया आधार कार्ड बनवाना, 5-7 साल व 15-17 साल की उम्र में मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट फ्री रहेगा। 7 से 15 साल और 17+ को यह सेवा 125 रुपए में मिलेगी। पहले 100 रुपए लगते थे। नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल के लिए 50 रुपए नहीं, 75 रुपए चुकाने होंगे।

  • इंदौर में महिला वर्ल्ड कप की धूम, होलकर स्टेडियम में तैयारियां पूरी, टिकट कीमतें तय

    इंदौर 

    इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह मैच होंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। कुछ ब्लाॅकों में नई कुर्सियां लगाई गई। डे-नाइड मैच होने के कारण स्टेडियम की लाइट भी बदली गई है। सभी टाॅवरों में एलईडी लाइड लगाई गई है। रविवार से इंदौर में मैच के लिए टीमों का आना शुरू हो जाएगा। वर्ष 1997 के बाद दूसरी बार इंदौर में महिला वर्ल्ड कप के मैच होने जा रहे है।

    इंदौर में पांच मैच होंगे। पहला मैच 1 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच छह अक्टूबर को न्यूजीलैंड व साउथ अफ्रीका के बीच होगा। 19 अक्टूबर को भारतीय टीम इंग्लैड के साथ मैच खेलगी। इस मैच के लिए टिकट ज्यादा बुक हो रहे है। इसके अलावा 22 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व इंग्लैड के बीच मैच होगा। 25 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेले जाएंगे।

    वर्ल्ड कप की शुरुआत गुवाहाटी में होगी और फायनल मैच 20 नवंबर को होगा। स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाने खेलप्रेमी आ सके। इसके लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने टिकट की दरें भी रियायती रखी है। इस मैच के लिए 100, 200 व पांच सौ रुपये के टिकट होंगे।

    टिकट आईसीसी की वेबसाइट से बुक होंगे। ई टिकट दिखाकर भी स्टेडियम मेें एंट्री हो जाएगी। मैच की तैैयारियों को लेकर स्टेडियम के आसपास सफाई प्रशासन ने शुरू करा दी है। स्टेडियम के आसपास के हिस्सों में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। एमपीसीए की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस विभाग ने भी स्टेडियम के बाहर व भीतर बल तैनात करने की तैयारी की है।

  • रायपुर : प्रदेश में अब तक 1126.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1126.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1549.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 519.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1021.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 906.1 मि.मी., गरियाबंद में 1084.8 मि.मी., महासमुंद में 931.5 मि.मी. और धमतरी में 1050.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1129.0 मि.मी., मुंगेली में 1097.3 मि.मी., रायगढ़ में 1331.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1065.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1347.1 मि.मी., सक्ती में 1234.6 मि.मी., कोरबा में 1116.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1030.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 877.0 मि.मी., कबीरधाम में 786.3 मि.मी., राजनांदगांव में 951.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1400.4 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 836.0 मि.मी. और बालोद में 1176.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 756.1 मि.मी., सूरजपुर में 1138.0 मि.मी., बलरामपुर में 1512.0 मि.मी., जशपुर में 1049.5 मि.मी., कोरिया में 1189.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1072.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1516.8 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1084.7 मि.मी., कांकेर में 1305.7 मि.मी., नारायणपुर में 1375.8 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1529.8 मि.मी. और सुकमा में 1198.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • श्रीकांत दीक्षित पर बड़ी कार्रवाई, पन्ना में 1.24 अरब रुपये का जुर्माना ठोका गया

    पन्ना
     अवैध खनन पर कलेक्टर न्यायालय ने एक अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में डायमंड स्टोन क्रशर के संचालक श्रीकांत दीक्षित ने पत्थर निकालने के लिए स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खोदाई की, जिससे करोड़ों की रायल्टी की चोरी हुई। कलेक्टर सुरेश कुमार ने उप संचालक खनिज को जुर्माने की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराने और बैंक चालान की मूल प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

    कलेक्टर न्यायालय ने उप संचालक खनिज और एसडीएम गुनौर से जांच प्रतिवेदन मांगा था। 20 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब के लिए एक सितंबर की तिथि तय की गई। दीक्षित के अधिवक्ता नवीन शर्मा ने जवाब के लिए मोहलत मांगी। 15 सितंबर और 18 सितंबर की सुनवाई में जवाब के लिए पुनः समय मांगा गया।

    इस दौरान लीज की बकाया राशि जमा करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने पाया कि क्रशर संचालक ने मात्र 99 हजार 300 घनमीटर की रायल्टी जमा कराई, जबकि खनन दो लाख 72 हजार 298 घन मीटर किया गया। जुर्माने की कुल राशि 62 करोड़ 27 लाख 92 हजार 800 रुपये आंकी और दोगुनी राशि जमा कराने का आदेश दिया।
    हाई कोर्ट से भी खारिज हो चुकी है याचिका

    क्रशर संचालक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कलेक्टर न्यायालय के अभिलेख को तलब करने और कोई नई जांच प्रारंभ नहीं किए जाने का अनुरोध किया था। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को यह याचिका खारिज कर दी थी।

  • मुमकिन है भोपाल में एक अक्टूबर को महानवमी पर मिले सरकारी छुट्टी, कलेक्टर ने प्रस्ताव रखा

    भोपाल
     जहां छुट्टियों की बात आती है सरकारी अधिकारी, कर्मचारियों की बांछे खिल जाती हैं। अब एक और निर्णय इनकी खुशी का कारण बनने जा रहा है। भोपाल जिले में 1 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश (लोकल हॉली-डे) हो सकता है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अवकाश के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव की मंजूरी के बाद 30 हजार से अधिक सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को छुट्टी का फायदा मिलेगा।

    27 अगस्त को भी प्रस्तावित था स्थानीय अवकाश
    आपको बता दें कि 27 अगस्त को भोपाल के लिए स्थानीय अवकाश प्रस्तावित था। इस दिन गणेश चतुर्थी के चलते छुट्‌टी घोषित की गई थी, लेकिन सरकार ने पूरे प्रदेश में स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया था। इस तरह भोपाल के हिस्से में एक स्थानीय अवकाश बच गया।

    4 अवकाश की व्यवस्था
    गौरतलब है कि राजधानी भोपाल जिले में पूरे वर्ष भर में कुल 4 स्थानीय अवकाश होते हैं। अभी तक इस साल मकर संक्रांति पर 14 जनवरी, रंगपंचमी पर 19 मार्च, गणेश चतुर्थी पर 27 अगस्त और भोपाल गैस त्रासदी बरसी दिवस पर (केवल भोपाल शहर के लिए) 3 दिसंबर को स्थानीय अवकाश घोषित किए गए थे। अब कलेक्टर द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, 27 अगस्त के स्थान पर महानवमी यानी 1 अक्टूबर, बुधवार को स्थानीय अवकाश घोषित किए जाने की बात कही गई है।

    बंद रहेंगे बड़े-बड़े कार्यालय
    1 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश रहा तो सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इस दिन संपत्तियों की रजिस्ट्री भी नहीं हो पाएगी परी बाजार और आईएसबीटी स्थित रजिस्ट्रार ऑफिस भी बंद रहेंगे। स्थानीय अवकाश का लाभ केंद्रीय कर्मचारियों को नहीं मिलता। इसलिए केंद्रीय दफ्तर खुले रहेंगे और अधिकारी-कर्मचारियों को फायदा नहीं मिलेगा।

  • मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इंदौर-जबलपुर संभाग भी लपेटे में; टीकमगढ़ में आज हुई बारिश

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में वर्तमान में मानसून की वापसी का दौर जारी है, जबकि कई जिलों में एक बार फिर से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश की संभावना है। अगले तीन दिन इंदौर और जबलपुर संभाग में बारिश होगी, वहीं भोपाल में बूंदाबांदी भी हो सकती है।

    प्रदेश के 11 जिलों से मानसून पूरी तरह से विदा हो चुका है, जिनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। इसके अलावा उज्जैन, राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी मानसून की विदाई हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से एक टर्फ गुजर रही है, जिसके कारण निचले हिस्से के जिलों में हल्की बारिश हो रही है।

     शनिवार को टीकमगढ़ में सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शहर में घने बादलों के साथ बारिश शुरू हुई। तवा डैम का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। डैम के कैचमेंट एरिया खासकर पचमढ़ी और अन्य ऊपरी क्षेत्रों में भी भारी बारिश के चलते बांध में लगातार पानी की आवक हो रही है।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शनिवार सुबह 6 बजे तवा डैम का एक गेट 5 फीट की ऊंचाई तक खोला गया है। आज सुबह भी बारिश हुई। इससे पहले शुक्रवार रात में इटारसी और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुककर पानी गिरा।

    प्रदेश के 11 जिलों से मानसून ने ली विदाई प्रदेश के 11 जिलों से मानसून पूरी तरह से विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। वहीं, उज्जैन, राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून की विदाई हो चुकी है।

    इस बीच प्रदेश में बारिश का दौर भी जारी है। शुक्रवार को छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा सतना, सिवनी, सीधी, उमरिया, बालाघाट, नर्मदापुरम के पचमढ़ी में बारिश हुई। पचमढ़ी में आधा इंच से ज्यादा पानी गिर गया।

    इस वजह से बारिश का दौर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से एक टर्फ गुजर रही है। इस वजह से प्रदेश के निचले हिस्से के जिलों में हल्की बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान टर्फ और लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की सक्रियता बढ़ जाएगी। इससे बारिश का दौर चलेगा। इस बीच प्रदेश के कुछ जिलों से मानसून लौट जाएगा।

    जिन जिलों से लौटा, वहां अच्छी बारिश प्रदेश के जिन 7 जिलों से शुक्रवार को मानसून लौटा, वहां पर सामान्य से ज्यादा बारिश हो गई है। गुना में सबसे ज्यादा 65.4 इंच पानी गिर चुका है। दतिया में 29.3 इंच के मुकाबले 33.7 इंच, शिवपुरी में 55 इंच, रतलाम में 48.5 इंच, मंदसौर में 33.7 इंच और आगर-मालवा में 39 इंच बारिश हो गई।

    बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। बुधवार को जिन जिलों से मानसून की विदाई हुई है, उनमें अमूमन 30 सितंबर तक ऐसा होता है। इस बार 6 दिन पहले ही यहां से मानसून लौट गया है। 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है।

    अब तक 119 प्रतिशत बारिश हो चुकी बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 44.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 37 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.2 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 118 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

    गर्मी के बादलाए मौसम में राहत

    शुक्रवार की शाम बैतूल जिले में अचानक मौसम ने करवट ले ली। सुबह से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को शाम को बारिश ने राहत दी। करीब 25 मिनट तक हुई तेज बारिश ने शहर और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर पानी भर दिया। देर रात तक हल्की फुहारें भी जारी रहीं।
    बारिश के आंकड़े और तापमान

    प्रदेश में अब तक औसत 44.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 37 इंच था। इस हिसाब से 7.2 इंच अधिक बारिश हो चुकी है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल में 32.6°C, इंदौर में 32.8°C, ग्वालियर में 36.0°C, उज्जैन में 31.0°C और जबलपुर में 33°C तापमान रिकॉर्ड किया गया है। बारिश के कारण कई शहरों में दिन के तापमान में कमी आई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में कहीं-कहीं हल्की और कहीं भारी बारिश हो रही है। अब तक 41 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा 150 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है, जबकि श्योपुर में 213 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने 28 और 29 सितंबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

  • दुष्कर्म पीड़िता को जन्म की अनुमति, हाईकोर्ट ने गर्भवती की सहमति को अहम बताया

    जबलपुर 
    हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने अपने अहम आदेश में कहा है कि प्रजनन और गर्भपात के मामलों में गर्भवती की सहमति सर्वोपरि है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रजनन स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ नाबालिग गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता की इच्छा अनुसार उसे बच्चे को जन्म प्रदान करने की अनुमति प्रदान की है।

    गौरतलब है कि नाबालिग द़ुष्कर्म पीड़िता ने गर्भवती होने के संबंध में हाईकोर्ट को पत्र लिखा था। पत्र की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में करते हुए हाईकोर्ट ने पीड़िता की मेडिकल जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किये थे। मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया था कि पीड़िता की उम्र साढे़ 16 साल है और गर्भावधि 28 से 30 सप्ताह के बीच है। इस अवधि में गर्भपात से पीड़ित की जान को खतरा हो सकता है।

    एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़िता बच्चे को जन्म देकर उसे अपने साथ रखना चाहती है। माता-पिता ने गर्भपात से इंकार कर दिया और वह पीड़िता को अपने साथ नहीं रखना चाहते हैं।

    एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ पीड़ित को बाल कल्याण समिति मंडला में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए हैं। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को सूचित किया जाए। एकलपीठ ने सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बच्चे के जन्म के संबंध में पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि पीड़िता 28 सप्ताह से अधिक समय से गर्भवती है। पीड़िता के वयस्क होने तक सीडब्ल्यूसी मंडला के पास रहेगी और प्रसव और अन्य सभी चिकित्सा व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ याचिका का निराकरण कर दिया। 

  • इंदौर मेट्रो का ट्रायल रन: शुक्रवार को पहली बार हीरा नगर तक, जल्द रेडिसन चौराहे तक विस्तार

     इंदौर
     इंदौर मेट्रो ने शुक्रवार को अपने ट्रायल रन के दौरान पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। गांधी नगर स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो 11.65 किमी की दूरी तय कर दोपहर चार बजे हीरा नगर स्टेशन पहुंची। इस मौके पर मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे, जो रेडिसन चौराहे से ट्रॉली में बैठकर हीरा नगर पहुंचे और फिर मेट्रो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक यात्रा की।

    गौरतलब है कि 19 सितंबर को मेट्रो पहली बार गांधी नगर से एमआर-10 स्टेशन तक पहुंची थी। वहीं शुक्रवार को यह हीरा नगर स्टेशन तक चली। योजना के अनुसार दशहरे तक मेट्रो बापट चौराहा, मेघदूत उद्यान और विजय नगर चौराहा होते हुए रेडिसन चौराहे तक पहुंचेगी।

    मेट्रो संचालन शुरू करने से पहले भारतीय रेल के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम इंदौर आकर इस हिस्से का निरीक्षण करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम दिसंबर में सुपर कॉरिडोर 3 से रेडिसन तक ट्रैक का परीक्षण करेगी। सीएमआरएस की मंजूरी के बाद ही गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक नियमित यात्री संचालन शुरू होगा।

    शुक्रवार का ट्रायल रन शेड्यूल

        2:15 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो
        2:45 बजे : हीरा नगर स्टेशन पहुंची
        3:30 बजे : हीरा नगर से निकली
        4:00 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन पर वापस पहुंची

    अब तक का ट्रायल रन सफर

        19 सितंबर : गांधी नगर से एमआर-10 तक (8.24 किमी)
        26 नवंबर : गांधी नगर से हीरा नगर तक (11.65 किमी)
        2 अक्टूबर तक : रेडिसन चौराहे तक (15.76 किमी)

    फिलहाल यात्रियों के लिए चल रही मेट्रो (4.28 किमी)

    गांधी नगर (देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन) से सुपर कॉरिडोर 3 (झलकारी बाई स्टेशन) तक।

    निर्माण कार्य की स्थिति

    सुपर कॉरिडोर 2 से रेडिसन चौराहे तक 11 मेट्रो स्टेशन निर्माणाधीन हैं। अगले डेढ़ माह में इनके कांक्रीट ढांचे और प्लेटफार्म का काम पूरा होगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और प्रवेश-निकास मार्ग का काम भी तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।

     

  • मप्र हाईकोर्ट ने होमगार्ड के कॉलऑफ को समाप्त किया, पूरे वर्ष मिलेगा रोजगार

    जबलपुर 

    मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मध्य प्रदेश के होमगार्ड का कॉलऑफ समाप्त कर दिया है। करीब 10 हजार होमगार्ड ने 490 याचिकाएं दायर की थीं। जिन पर लंबी सुनवाई के बाद सुरक्षित किया गया आदेश सुनाते हुए न्यायालय ने उक्त आदेश दिया, जिससे अब अब प्रदेश के होमगार्ड को पूरे 12 माह रोजगार मिलेगा, साथ ही अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कॉलऑफ प्रक्रिया और उससे संबंधित प्रविधान असंवैधानिक घोषित किए जाने योग्य है।

    दरअसल, आपातकाल में पुलिस की सहायता हेतु एक स्वामसेवी संगठन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड बनाया गया था। शुरुआत में होमगार्ड को केवल आपातकालीन में ड्यूटी पर आह्वान में लिया जाता था। परंतु वर्ष 1962 के पश्चात संगठन से आपातकालीन के अलावा नियमित सेवाएं ली जाने लगीं और संगठन पुनर्गठन कर सैद्धांतिक रूप से नियमित कर दिया गया। 1962 से होमगार्ड नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष दो से तीन माह के लिए कॉलऑफ कर दिया जाता था, जबकि संगठन के अन्य अधिकारियों और सैनिकों को नियमित कर पूरे वर्ष कार्य दिया जाता था। उक्त भेदभाव पूर्ण रवैये व होमगार्ड की बदतर सेवा शर्त के विरुद्ध मानव अधिकार आयोग में कई शिकायतें वर्ष 2008 में की गई। मानव अधिकार आयोग ने विस्तृत जांच पश्चात राज्य शासन को होमगार्ड अधिनियम के स्थान पर नोट विधान लाने व कॉलऑफ प्रक्रिया जोकि पूर्ण रूप से अनुचित है उसको खत्म करने की अनुशंसा की।

    मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर कोई कार्रवाई शासन द्वारा नहीं की गई, जिस वजह से वर्ष 2011 होमगार्ड संगठन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसे वर्ष 2011 में स्वीकार कर शासन को नए विधान बनाने हेतु आदेशित कर स्पष्ट रूप से कॉलऑफ समाप्त करने हेतु आदेश दिए गए। जिसके विरुद्ध शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई परंतु वह आदेश यथावत रहा। इसी दौरान न्यायालय के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया व आलोच्य नियम व आदेश पारित किए गए व वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान रखा गया, जबकि कॉलऑफ प्रक्रिया उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दी थी। जिसके खिलाफ यह याचिकाएं दायर की गई थीं। जिसमें अंतरिम आदेश पारित पूर्व में पारित किये गये थे। याचिका के लंबित रहते शासन ने नियम में बदलाव कर तीन वर्ष में दो माह का कॉलऑफ का प्रविधान किया जिसे भी न्यायालय में अमेंडमेंट कर चैलेंज किया गया।

    मामले में हुई विस्तृत सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से काल आफ प्रक्रिया को संविधान के अनुकछेद 14, 21,23 के विपरीत बताते हुए न्यायालय को बताया की होमगार्ड संगठन पूर्व में एक स्यामसेवी संगठन था। परंतु अब ये एक नियमित संगठन बन चुका है व होमगार्ड समस्त कार्य कर रहे हैं, जो संगठन के ही अन्य नियमित सैनिक व पुलिस कर्मी द्वारा किया जाता है, ऐसी दशा में उनसे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिये एवं पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। राज्य शासन द्वारा याचिकाओं पर आपत्ति ली गई व कहा गया कि होमगार्ड संगठन एक स्वयंसेवी संगठन है एवं इन्हें पूरे वर्ष कार्य पर नहीं रखा जा सकता। विस्तृत सुनवाई पश्चात हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कॉलऑफ प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश देते हुए सभी होमगार्ड जवानों को पूरे वर्ष कार्य पे रखे जाने और समस्त लाभ प्रदान करने के आदेश दिए।

     

  • बुधवार से इंदौर में BRTS कॉरिडोर का ध्वस्तिकरण, 12 साल पुरानी सेवा अब खत्म होने को

    इंदौर

    इंदौर के विवादित बीआरटीएस कॉरिडोर की आखिरकार उलटी गिनती शुरू हो गई है। मेयर इन काउंसिल ने इसे तोड़ने के लिए औपचारिक मंजूरी जारी कर दी है और संभवतः बुधवार से एजेंसी इसे तोड़ने का काम शुरू करेगी। इसके टूटने से निगम को ढाई करोड़ की राशि मिलेगी। डिवाइडर बनाने में 12 करोड़ करीब खर्च होंगे।

    बीआरटीएस 300 करोड़ में बना था

        इंदौर बीआरटीएस साल 2013 में शुरू हुआ था। तब प्रारंभिक लागत 90 करोड़ मानी गई लेकिन बनते-बनते यह 300 करोड़ हो गई। इंदौर में यह 11.47 किमी लंबा है। इसमें हर दिन 60 हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। इसमें हर 500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया गया। निरंजनपुर से राजीव गांधी प्रतिमा चौराहे तक यह कॉरिडोर अभी मौजूद है, जिसे अब तोड़ा जाएगा। इसमें दोनों ओर की रैलिंग के साथ ही बस स्टॉप को हटाया जाएगा और बीच में डिवाइडर बनाएंगे, जिससे रोड चौड़ा होगा। कई जंक्शन पर फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे तोड़ने की घोषणा की थी। बाद में हाईकोर्ट ने भी इस पर मुहर लगाई।

    महापौर की बैठक में लगी मुहर

    शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा महापौर सभाकक्ष में मेयर इन कौंसिल की बैठक में इसका फैसला लिया गया। बीआरटीएस कॉरिडोर इंदौर की आरसीसी बीम, एमएस रेलिंग एवं बस शेल्टर्स को तोड़ने के संबंध में प्राप्त ऑफर रेट की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत उपरोक्त कार्य को हटाने के साथ ही निविदा शर्त अनुसार निर्माण कार्य भी प्रारंभ करने के संबंध में निर्देशित किया गया।
    बैठक में यह भी लिए गए फैसले

    महापौर भार्गव ने बताया कि इंदौर देश में स्वच्छता का पाठ सिखाता है, इंदौर स्वच्छता का मॉडल है, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर शासन के निर्देशनुसार स्वच्छता गुरु बनकर इंदौर के समीप देपालपुर नगर परिषद को स्वच्छता का पाठ पढ़ाएगा और स्वच्छता अभियान में सहयोग करेगा। इसके लिए जल्द नगर निगम एवं देपालपुर परिषद के मध्य एमओयू भी साइन होगा, ताकि इंदौर देपालपुर को भी स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग कर सके।

    भविष्य में शहर की फायर सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, 70 मीटर ऊंचाई के अग्निशमन कार्यार्थ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म क्रय रखरखाव के साथ क्रय करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई, यह विशेष फायर टेंडर फिनलैंड से असेंबल होकर पहुंचेगे।

    बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राशि 10.78 करोड़ की लागत से बिलावली तालाब तथा राशि 3.24 करोड़ की लागत से छोटा सिरपुर तालाब के विकास एवं जीर्णोद्धार संबंधित कार्यों की निविदा दर एवं अनुबंध करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में निगमायुक्त दिलीपकुमार यादव, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, निरंजनसिंह चौहान, नंदकिशोर पहाडिया, अभिषेक शर्मा बबलु, राजेश उदावत, मनीष शर्मा मामा, अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख व अन्य उपस्थित थे।

    कोर्ट के आदेश के सात माह बाद अब तोड़ा जाएगा

        2.5 करोड़ रुपये से अधिक राशि मिलेगी निगम को
        12 वर्ष का सफर अब थमेगा
        3 एजेंसियां मिलकर बनाएंगी डिवाइडर
        90 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था बीआरटीएस निर्माण पर, जो बढ़कर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया
        बीआरटीएस मार्ग में जहां फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं, वहां फिलहाल डिवाइडर बनाने के बजाय रेलिंग लगाई जाएगी
        12 करोड़ रुपये खर्च आएगा बीआरटीएस मार्ग पर डिवाइडर बनाने में निगम को

    एक और नवाचार की तैयारी

    बीआरटीएस तोड़ने के बाद मार्ग में बनाए जाने वाले डिवाइडर में पौधारोपण होगा। इन पौधों तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष पाइप लाइन डिवाइडर में बिछाई जाएगी। एक बटन दबाते ही 11 किमी लंबे मार्ग में बनाए डिवाइडरों में रोपे गए पौधों तक पानी पहुंच जाएगा।
    निरंजनपुर से शुरू होकर राजीव गांधी प्रतिमा तक जाता है बीआरटीएस

        11.47 किमी लंबा है बीआरटीएस
        21 बस स्टैंड हैं बीआरटीएस पर
        14 क्रास चौराहे आते हैं मार्ग पर
        500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया है
        40 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे इस मार्ग पर

    डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा

        बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी बुधवार से काम शुरू कर देगी। शुक्रवार को हुई एमआइसी की बैठक में दो करोड़ 55 लाख 56 हजार 860 रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। बीआरटीएस तोड़ने के साथ ही मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा ताकि यातायात बाधित न हो। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर

  • सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही पर जताई नाराजगी, हिरासत मौत मामले में फौरन गिरफ्तारी का आदेश

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 26 साल के युवक की मौत के मामले में जिम्मेदार दो पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इन अधिकारियों की गिरफ्तारी के आदेश की अनदेखी नहीं कर सकती. 

    पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि अगर अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रहते हैं, तो कोर्ट उन दोनों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए, ताकि उनके सामने न्याय हो सके.

    कोर्ट को सूचित किया गया कि मई 2025 से दोनों अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है, और SP को आदेश मिल चुका है कि उन्हें निलंबित कर दिया गया है. 

    जस्टिस महादेवन की टिप्पणी

    जस्टिस महादेवन ने सवाल उठाया कि अधिकारी 15 अप्रैल से अपने पता नहीं लगाया जा सका, जबकि अगस्त में उन्होंने अग्रिम जमानत दाखिल की. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति बनी रही तो CBI निदेशक के खिलाफ भी अवमानना की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है.

    कोर्ट का अवमानना संबंधी नोट

    जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि गिरफ्तारी के निर्देश के बाद अग्रिम जमानत की गुहार करना अपने आप में अवमानना है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 15 मई के निर्देश के बावजूद अब तक गिरफ्तारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

    आगामी निर्देश और हलफनामा

    कोर्ट ने कहा कि सात अक्टूबर तक आदेश का अनुपालन करते हुए हलफनामा दाखिल किया जाए, और अगर अनुपालन नहीं होता है, तो 8 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के DGP भी कोर्ट में उपस्थित होंगे.

     

  • संयुक्त आपदा मॉकड्रिल: बाढ़ और गैस रिसाव से निपटने का अभ्यास

    कोरबा

    शनिवार की सुबह कटघोरा स्थित राधासागर तालाब में जलजनित आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, अचानक भारी वर्षा के कारण जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ गया और कुछ लोग पानी में फंस गए। इस स्थिति में बचाव दलों ने वास्तविक परिस्थिति की तरह तत्काल कार्रवाई की। रेस्क्यू टीम ने लाइफ जैकेट, रस्सियों और नाव की मदद से तालाब में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    प्रशिक्षित गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने पानी में फंसे व्यक्तियों की पहचान की, फंसे व्यक्तियों तक रस्सियां और लाइफ जैकेट पहुंचाई गईं, नाव और टीम के सहयोग से सभी लोगों को पानी से बाहर लाकर किनारे तक पहुंचाया गया। मेडिकल टीम ने तत्काल मौके पर ही उनकी स्वास्थ्य जांच की। डूबने की स्थिति में कृत्रिम श्वसन (सीपीआर), ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक दवाओं का प्रदर्शन किया गया और गंभीर स्थिति के अनुमानित मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।

    इसी क्रम में कोहड़िया स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव पर आधारित मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। क्लोरीन गैस का उपयोग पेयजल शोधन के लिए किया जाता है, किंतु इसका अधिक मात्रा में रिसाव मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अभ्यास में यह स्थिति बनाई गई कि संयंत्र में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया है। जैसे ही अलार्म बजा, आपदा प्रबंधन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए सिलेंडर को बंद करने, वाटर स्प्रे कर प्रभावित क्षेत्र को सील करने और गैस को फैलने से रोकने के उपायों का प्रदर्शन किया गया।

    मेडिकल टीम ने गैस से प्रभावित व्यक्तियों का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें ताजी हवा में लाया गया, आंखों और त्वचा को साफ पानी से धोने की प्रक्रिया दिखाई गई तथा सांस लेने में कठिनाई होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, अग्निशमन दल तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली

    जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली जिंदल स्टील को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।जिंदल स्टील यह मान्यता प्राप्त करने वाली भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी तथा पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी है।यह मान्यता जेएसपी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत उद्योग-उन्मुख स्किलिंग कार्यक्रम तैयार करने और लागू करने की शक्ति प्रदान करती है। इसमें डीकार्बोनाइजेशन, सर्कुलर इकॉनमी और उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    रायपुर

    जिंदल स्टील ने देश की पहली बड़ी विविधीकृत कंपनी और पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि कंपनी की कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा को नए मानक देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इस्पात एवं अवसंरचना क्षेत्र में इसकी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करती है।

    एनसीवीईटी और जिंदल स्टील के बीच हुए इस समझौते के तहत जेएसपी को पैन-इंडिया स्तर पर "अवार्डिंग बॉडी" का अधिकार प्राप्त हुआ है। अब जेएसपी उद्योग-उन्मुख मानक तय करने, संरचित स्किलिंग प्रोग्राम लागू करने और भविष्य की कार्यबल तैयार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर सकेगी। इसके अंतर्गत तैयार सभी प्रशिक्षण मानक और योग्यताएँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क में मान्यता प्राप्त होंगी।

    यह मील का पत्थर शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने में सहायक होगा और बहु-क्षेत्रीय, परिणाम-आधारित स्किलिंग को बढ़ावा देगा। यह जेएसपी की राष्ट्र निर्माण, अंतर्विषयक क्षमता विकास और हरित ऊर्जा तथा आधुनिक अवसंरचना की दिशा में भारत के संक्रमण के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। इस ढांचे के अंतर्गत जारी सभी प्रमाणपत्र अधिक विश्वसनीय होंगे और वैश्विक स्तर पर भी मान्यता प्राप्त होंगे, जिससे करियर अवसरों और गतिशीलता में वृद्धि होगी।

    जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने कहा:
    “एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ के रूप में मान्यता मिलना एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे हम गंभीरता और उद्देश्य के साथ स्वीकार करते हैं। यह हमें उद्योग मानकों को सीधे शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की शक्ति देता है, ताकि भारत के युवा आवश्यक ज्ञान और अनुशासन प्राप्त कर सकें और कार्यस्थल पर सफल होते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।”

  • ऑपरेशन सफलता: नक्सली हथियार निर्माण इकाई ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक और उपकरण मिले

    सुकमा

    सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है. सुकमा जिले के मेट्टागुड़ा कैम्प क्षेत्र में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है. फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार, बारूद और निर्माण उपकरण बरामद किया गया है.

    दरअसल, मेट्टागुड़ा कैम्प से जिला बल और 203 कोबरा वाहिनी की संयुक्त पार्टी सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी. इस दौरान ग्राम कोईमेंटा के आसपास जंगल-पहाड़ियों में जवानों ने गहन सर्चिंग शुरू की. जंगल में नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक बनाने की फैक्ट्री का पता चला. जवानों ने मौके पर नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया.

    नक्सलियों की फैक्ट्री से क्या-क्या मिला ?

        वर्टिकल मिलिंग मशीन – 01
        बेंच वाइस – 03
        बीजीएल लांचर (बड़ा) – 02
        बीजीएल शेल (खाली) – 12
        बीजीएल हेड्स – 94
        हैंड ग्राइंडर मशीन – 01
        लकड़ी के राइफल बट – 06
        भरमार का ट्रिगर मैकेनिज्म – 01
        भरमार ट्रिगर मैकेनिज्म (पिस्टल ग्रिप सहित) – 01
        सोलर बैटरी – 04
        बोरवेल ड्रिलिंग बिट (10 फीट) – 01
        गैस कटर हेड्स – 02
        डायरेक्शनल आईईडी पाइप्स – 03
        मेटल मोल्डिंग पॉट्स – 06
        स्टील वाटर पॉट्स – 02
        एल्युमिनियम पॉट – 01
        आयरन कटर व्हील्स – 06
        टैपिंग रॉड – 01
        आयरन स्टैंड – 01
        स्टील पाइप पीस (BGL हेतु) – 80
        आयरन स्क्रैप्स – बड़ी मात्रा

     

  • टंकराम वर्मा ने कांग्रेस को घेरा, कहा- PM मोदी पर लगाए आरोप साबित करने में नाकाम रहा विपक्ष

    रायपुर

    देशभर में कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का अभियान चला रही है. PM मोदी को ‘वोट चोर’ कहने पर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सबूत मांगे थे, लेकिन कांग्रेस कोई सबूत पेश नहीं कर सकी. जनता ने उन्हें एक लाइन में खारिज कर दिया है.

    प्रदेश और देश में कांग्रेस का जनाधार खत्म : मंत्री टंक राम वर्मा
    मंत्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के पास अब बोलने को कुछ नहीं है. पीएम मोदी को पहले ‘चौकीदार चोर’ कहा, अब ‘वोट चोर’ बोल रहे हैं. वे जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश और देश में उनका जनाधार खत्म हो चुका है.

    कांग्रेस बूथ अध्यक्ष नियुक्ति पर कसा तंज
    कांग्रेस के संगठन सृजन पर मंत्री टंक राम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में बूथ, मंडल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोकतांत्रिक नियुक्ति होती है. कांग्रेस में पहले राष्ट्रीय नेताओं की नियुक्ति होती है, फिर उनके नीचे अन्य नेताओं की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि ऐसा बूथ अध्यक्ष बनाएंगे, जो उनके आदेश पर कुत्ते की तरह भौंके.

    कम बारिश होने से फसलें प्रभावित
    वहीं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में इस साल कम वर्षा हुई है, जिसके चलते कई किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग सभी जिलों में सर्वे कर रहा है, रिपोर्ट आने के बाद कहां और कितनी फसल प्रभावित हुई है, यह स्थित साफ होगी.