• सिंगरौली कलेक्टर का कड़ा कदम: मतदाता मैपिंग की चूक पर BLO निलंबित

    सिंगरौली
     मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में चुनावी तैयारियों की गंभीरता पर फिर एक बार रोक-टोक हुई है। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी चन्द्रशेखर शुक्ला ने मतदान केंद्र क्रमांक 291 (विन्दुल) के बीएलओ राम लल्लू सिंह को निलंबित कर दिया है। राम लल्लू सिंह वर्तमान में उस ही केंद्र पर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे, लेकिन निर्वाचन सूची में मतदाताओं की मैपिंग में अनदेखी पाए जाने के बाद उन पर कार्रवाई की गई।

    कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राम लल्लू सिंह को पहले कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका सही समय पर उत्तर नहीं मिला। इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में रिपोर्ट करना अनिवार्य रहेगा; इसी अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

    कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी जिम्मेदारियों के प्रति सभी कर्मचारियों के लिए चेतावनी है — अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना होगा। 

  • जिंदल स्टील ने अंगुल प्लांट में शुरू किया मेगा ब्लास्ट फर्नेस, 12 MTPA उत्पादन क्षमता की ओर बढ़ता कदम

    जिंदल स्टील ने अपने एकीकृत स्टील प्लांट, अंगुल में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस में से एक का कमीशन किया, जिससे हॉट मेटल क्षमता 4 एमटीपीए से बढ़कर 9 एमटीपीए हो गई।

    नया फर्नेस अंगुल, ओडिशा को सबसे बड़े एकल-स्थान स्टील प्लांट के रूप में स्थापित करता है और इसे जिंदल स्टील की भविष्य की विकास रणनीति का केंद्रबिंदु बनाता है।

    रायपुर 
    जिंदल स्टील ने भारत के स्टील उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 5 एमटीपीए क्षमता वाले ब्लास्ट फर्नेस को चालू किया है। यह सफलता भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस – II के कमीशनिंग से हासिल हुई। इस “ब्लो-इन” समारोह का नेतृत्व जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने किया। इसके साथ ही अंगुल देश का सबसे बड़ा एकल-स्थान स्टील प्लांट बन गया है।

    भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस, जिसकी उपयोगी क्षमता 5,499 वर्गमीटर है, दुनिया के सबसे बड़े और उन्नत फर्नेस में से एक है। यह जिंदल स्टील की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें कंपनी पैमाने, अत्याधुनिक ऑटोमेशन, मजबूत सुरक्षा डिज़ाइन और बेहतर स्थिरता को जोड़कर उद्योग में नए मानक स्थापित कर रही है।

    श्री नवीन जिंदल, चेयरमैन, जिंदल स्टील ने कहा,
    “अंगुल में भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस का कमीशन होना जिंदल स्टील और भारत के लिए गर्व का क्षण है। अंगुल की क्षमता को 12 एमटीपीए तक दोगुना करके हम अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर रहे हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहे हैं। ओडिशा की संस्कृति में जड़े हुए और अत्याधुनिक तकनीक से संचालित यह फर्नेस हमारी उस दृष्टि का प्रतीक है, जिसमें परंपरा और नवाचार का संगम है।”

    यह उपलब्धि जिंदल स्टील की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को नई गति प्रदान करती है। अब अंगुल कंपनी के भविष्य के विस्तार का केंद्रीय केंद्र होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में पारादीप में एक समर्पित पोर्ट, स्लरी पाइपलाइन और कोल पाइप कन्वेयर (सप्लाई चेन दक्षता बढ़ाने के लिए), श्रीभूमि पावर प्लांट और नए कोक ओवन संयंत्र शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से अंगुल को जिंदल स्टील की वैश्विक विकास रणनीति की धुरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

    जिंदल स्टील के बारे में
    जिंदल स्टील भारत के प्रमुख एकीकृत स्टील उत्पादकों में से एक है, जो अपने पैमाने, दक्षता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है। कंपनी माइन-टू-मेटल मॉडल पर कार्य करती है और अपने खनिज संसाधनों, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और वैश्विक वितरण नेटवर्क का लाभ उठाकर उच्च-प्रदर्शन स्टील समाधान प्रदान करती है। 12 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, जिंदल स्टील अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में अत्याधुनिक सुविधाएं संचालित करती है तथा भारत और अफ्रीका में अपनी रणनीतिक गतिविधियां बनाए रखती है। इसका विविध और भविष्य-उन्मुख उत्पाद पोर्टफोलियो बुनियादी ढांचा, निर्माण और विनिर्माण जैसे कोर क्षेत्रों को सशक्त बनाता है, जो स्ट्रेंथ और सस्टेनेबिलिटी के साथ प्रगति को गति देता है।

  • राज्यपाल पटेल ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को दी जन्म दिन की बधाई

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार को राजभवन पहुंची। उनके जन्म दिवस अवसर पर राजभवन आगमन के प्रसंग में राज्यपाल  पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीमती गौर को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल की शुभकामनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, श्रीमती गौर ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

     

  • चुनाव याचिका पर सुनवाई: गोविंद राजपूत के केस में दस्तावेज पेश करने को आयोग को मिली राहत

    जबलपुर 

    प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद राजपूत के द्वारा अपने नामांकन के आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया।

    हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को निर्धारित की है।

    सागर निवासी किसान राज कुमार सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये थे। जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है और उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के समक्ष साक्ष्यों के साथ याचिका प्रस्तुत की थी।

    याचिकाकर्ता ने बताया कि चुनाव आयोग ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिस कारण उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका में राहत चाही गई थी कि शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश चुनाव आयोग को जारी किये जाएं। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने 8 सितम्बर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ प्रस्तुत हलफनामा एक दिन पूर्व 7 सितंबर का है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देशित किया है कि वह सही तारीख के साथ हलफनामा प्रस्तुत करें।

     

  • आदतन अपराधियों पर कार्रवाई: आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों की गिरफ्तारी

    कवर्धा

    आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कवर्धा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार युवक कवर्धा के ही रहने वाले आदतन अपराधी हैं. इस मामले में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवाई आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी देंगे.

    पूरा मामला 24 सितंबर रात का है, अपने परिचित के घर ठहरी पीड़िता रात करीबन दो बजे किसी विवाद के बाद घर से निकलकर बस स्टैंड की ओर चली गई. इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक उसे बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके (अटल आवास के पीछे) ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपियों ने किसी न न बताने की धमकी देकर पीड़िता को बस स्टैंड के पास छोड़ दिया था.

    पीड़िता ने साहस दिखाते हुए महिला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई. इधर पुलिस जांच में जुटी हुई थी, उधर घटना से आक्रोशित आदिवासी समाज सड़क पर उतर आया. कलेक्टर कार्यालय का घेराव करते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की.

    जनाक्रोश और लगातार विरोध-प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने जांच में तेजी लाते हुए कई टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया. इसके साथ आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 10,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा करते हुए जनता से भी आरोपियों की पहचान या जानकारी होने पर पुलिस से साझा करने की अपील की थी.

    आखिरकार 36 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी पाई है. बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी अटल आवास में रहने वाला हैं, जो मौके की नजाकत को देखते हुए फरार होने के फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धरदबोचा.

  • भारतीय वायुसेना से विदा हुआ MIG-21, ग्वालियर एयरबेस से रहा ऐतिहासिक रिश्ता

    ग्वालियर
     भारतीय वायुसेना का जंगी लड़ाकू विमान मिग-21 ग्वालियर एयरबेस के आसमान से लेकर जमीन तक जांबाजी का साक्षी रहा है। देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में शामिल ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर मिग-21 बाइसन वर्ष 2004 में भारतीय वायुसेना और यूएस एयरफोर्स के संयुक्त कोप इंडिया अभ्यास में शामिल रहा। 62 वर्ष के गौरवशाली इतिहास के साथ आज भारतीय वायुसेना से विदाई लेने वाले इस लड़ाकू विमान का ग्वालियर से गहरा नाता रहा है।

    ग्वालियर में 2022 के बाद से मिग-21 की गूंज सुनाई नहीं दी। ग्वालियर एयरबेस के जांबाज अधिकारियों ने मिग-21 में उड़ान भरकर देश को गौरवान्वित किया है। ग्वालियर एयरबेस पर मिग-21 ने लंबे समय तक उड़ान भरी साथ ही युद्धों से लेकर विभिन्न वायुसेना के आयोजनों में भी सहभागिता की है। एयरबेस पर तैनात रहे अफसरों ने मिग-21 के जरिए कौशल भी दिखाया है। बता दें कि यह विमान 1963 में पहली बार भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।

    आखिरी बार मिग-21 ने प्रयागराज में कुंभ मेले में एयरशो में भाग लिया था। मिग-21 की अधिकतम गति लगभग 2,200 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह 17,500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। हवा से हवा में मार करने वाली और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें लगाई जाती थीं। विमान का डिजाइन छोटा पर शक्तिशाली था, जो तेज हमलों व हवाई युद्ध के लिए आदर्श माना गया।

    2004 में ग्वालियर में हुआ था कोप इंडिया अभ्यास

    ग्वालियर में कोप इंडिया अभ्यास के दौरान मिग-21 बाइसन ने अपनी युद्ध क्षमता का बखूबी प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को संयुक्त राज्य वायुसेना के एफ-15 जैसे विमानों के खिलाफ खड़ा किया गया था। घने विद्युत चुंबकीय माहौल में अच्छे प्रदर्शन के कारण इसे अमेरिकी फोर्स की भी सराहना मिली। इस पूरे अभ्यास में बाइसन अपनी धैर्यता व क्षमता के कारण नेतृत्व की भूमिका में रहा।

    देश में अहम है ग्वालियर एयरबेस

    ग्वालियर का महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन 1942 में बना था और अब तक हुए युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। वर्ष 1965, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इसी एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी थी। ये स्टेशन देश का एकमात्र एयरबेस है, जहां फाइटर प्लेन में हवा में ईंधन भरा जा सकता है। अगर युद्ध के दौरान उड़ान के वक्त किसी फाइटर प्लेन को ईंधन की जरूरत पड़ी तो इस एयरबेस पर तुरंत दूसरा जेट प्लेन हवा में जाकर ही उसे रिफ्यूल कर सकता है।

  • इंदौर में पुतला दहन बना विवाद का कारण, सोनम रघुवंशी के चेहरे को लेकर मचा हंगामा

    इंदौर 

    इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले शूर्पणखा पुतला दहन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. रघुवंशी समाज ने इस आयोजन का जोरदार विरोध करते हुए बुधवार को विजयनगर थाने और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. रघुवंशी समाज का आरोप है कि आयोजन में शूर्पणखा के पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

    नाम और चेहरे के इस्तेमाल का विरोध

    समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुराई का प्रतीक दर्शाने के लिए किसी व्यक्ति विशेष या जाति का नाम जोड़ना समाज विरोधी है.

    उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस आयोजन से सोनम रघुवंशी का नाम नहीं हटाया गया, तो कार्यक्रम पूरी तरह से निरस्त किया जाए, अन्यथा समाज व्यापक आंदोलन करेगा.

    जिला अध्यक्ष पिंकी रघुवंशी ने कहा कि इस तरह का आयोजन महिला समाज का अपमान है और यह न केवल अवैधानिक बल्कि समाज विरोधी भी है. उनका कहना था कि जिन महिलाओं को इस आयोजन में शूर्पनखा के चेहरे के रूप में दर्शाया जा रहा है, वो केवल आरोपी हैं और उनके प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं. ऐसे में दोष सिद्ध किए बिना उनका नाम इस प्रकार से जोड़ना गलत है.

    रघुवंशी समाज को बदनाम करने की साजिश: प्रदर्शनकारी

    वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर रघुवंशी ने आरोप लगाया कि संस्था जानबूझकर केवल 11 हिंदू महिलाओं को निशाना बना रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अपराध पुरुष और महिलाएं दोनों करते हैं, तो केवल महिलाओं को क्यों चुना जा रहा है. उनके अनुसार, अखबारों और सोशल मीडिया पर इस आयोजन का प्रचार कर समाज और अन्य समुदायों की छवि धूमिल की जा रही है.

    सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने भी इसे परिवार और समाज की प्रतिष्ठा पर हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए.

    फिलहाल, जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. रघुवंशी समाज के बढ़ते विरोध को देखते हुए यह आयोजन रद्द होगा या संशोधित, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
     

  • भोपाल गरबा आयोजन में नया नियम: गैर-हिंदुओं की एंट्री रोकने को गोमूत्र की शर्त

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की राजधानी  भोपाल के गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए एक नया फॉर्मूला अपनाया है. यहां प्रवेश द्वार पर पहले तिलक लगाकर 'जय श्री राम' का जयकारा लगवाया जा रहा है। इसके बाद आम के पत्तों से गंगाजल का आचमन कराया जाता है और तांबे के लोटे से गोमूत्र का छिड़काव किया जाता है।

    भोपाल के अवधपुरी इलाके में श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा मंडल के आयोजकों का मानना है कि गैर-हिंदू गोमूत्र और गंगाजल का आचमन नहीं करेंगे, जिससे उनकी एंट्री रुक जाएगी. आधार कार्ड, तिलक और कलावा की जांच के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है. गरबा पंडाल में बिना गंगाजल और गोमूत्र के प्रवेश की अनुमति नहीं है. 

    गरबा देखने आए लोगों ने गंगाजल और गोमूत्र को पवित्र बताते हुए इसकी सराहना की. हिंदू संगठनों की इस नई गाइडलाइन ने गरबा आयोजन को धार्मिक रंग दिया है. आयोजकों का कहना है कि यह फॉर्मूला धार्मिक शुद्धता बनाए रखने के लिए अपनाया गया है. 

    इस मामले में भोपाल सांसद आलोक शर्मा का कहना है कि कुछ लोग हिंदू प्रतीकों जैसे कलावा और तिलक का इस्तेमाल कर गरबा में प्रवेश लेकर हिंदू महिलाओं को लुभाने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं करेगी और नवरात्रि केवल हिंदुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए है.

    बता दें कि 22 सितंबर से शुरू हुई नवरात्रि में देवी दुर्गा और उनकी विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है. गरबा गुजरात का जीवंत नृत्य रूप है, जो इस दौरान बड़े पैमाने पर आयोजित होता है.

  • मध्य प्रदेश में नर्सिंग सीटों पर इंतजार खत्म होने को, 200 कॉलेजों की मान्यता संभव

     भोपाल
    मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ हो जाएगी। इसके पहले एक-दो दिन के भीतर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता जारी करने की तैयारी है। लगभग दो सौ कॉलेजों को मान्यता मिलने के आसार हैं। इनमें 20 हजार से अधिक सीटें हो सकती हैं। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार 30 सितंबर तक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जानी थी, पर निरीक्षण में देरी के चलते अभी तक मान्यता ही जारी नहीं हो पाई है। निर्धारित तारीख के बाद प्रवेश के लिए राज्य सरकार को विशेष अनुमति लेनी होगी।

    मप्र नर्सिंग काउंसिल के कैलेंडर के अनुसार 14 जुलाई तक कालेजों का निरीक्षण पूरा हो जाना था। इसके बाद मान्यता जारी होनी थी। नए और पुराने मिलाकर 172 कॉलेजों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था, जिनका निरीक्षण होना था। प्रदेश भर में नर्सिंग फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पहली बार निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी कलेक्टरों को दी गई थी, पर उन्होंने रुचि नहीं ली।

    स्वास्थ्य आयुक्त के बार-बार पत्र लिखने के बाद अब जाकर निरीक्षण पूरा हो पाया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर मान्यता जारी की जाएगी। फर्जीवाड़े के चलते मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण दो वर्ष से नए कॉलेज नहीं खुले थे। इस वर्ष कुछ नए कॉलेजों को भी मान्यता मिलेगी। इन 172 कॉलेजों के अतिरिक्त सीबीआई ने जिन कॉलेजों को अपनी जांच रिपोर्ट में उपयुक्त बताया था, उन्हें बिना निरीक्षण ही नवीनीकरण की मान्यता मिल जाएगी।

    देरी से विद्यार्थियों को यह नुकसान

    बीएससी नर्सिंग और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल से प्रवेश परीक्षा आयोजित होने के बाद परीक्षा परिणाम जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी लगभग दो माह से काउंसलिंग प्रारंभ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    राजस्थान में सहित अन्य राज्यों में या तो पूरी हो गई है या अंतिम चरण में है। ऐसे में मध्य प्रदेश के जिन अभ्यर्थियों को यहां के कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिल पाएगा वे दूसरे राज्यों में भी प्रवेश नहीं ले पाएंगे। दूसरा नुकसान यह है कि प्रवेश में देरी होने से विद्यार्थियों का पूरा सत्र देर हो जाएगा।

    जल्द काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी

        नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जल्दी ही काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी है। एक-दो दिनों में कॉलेजों की मान्यता जारी हो जाएगी। – मनोज सरयाम, संचालक (नर्सिंग), लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग।

     

  • पेट्रोल से कार और बाइक में आग, गांव में दहशत का माहौल

    कोरबा

    गांव में दहशत फैलाने की मंशा से अज्ञात लोगों ने कार और दो बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. घटना से गांव में मचे हड़कंप के बीच ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़कर कार्रवाई करने की मांग की है.

    उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिलकेजा में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात अज्ञात लोगों ने एक इको वाहन और दो मोटरसाइकिलों को आग लगा दी. वाहन मालिक नरेंद्र उरांव ने आगजनी से लाखों रुपए के नुकसान की बात कहते हुए इसे सोची-समझी साजिश का हिस्सा बताया है.

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है. ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं. इस मामले में कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि उरगा थाना पुलिस को सूचना दी गई है. मौके पर पहुंचकर जांच की जा रही है.

  • इंदौर-उज्जैन में 28-29 को बरसेंगे बादल, MP में बारिश का आंकड़ा पहुंचा 44.1 इंच

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश मानूसन विदाई ले रहा है साथ ही बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक होने के आसार जताए हैं। जबकि 28 और 29 सितंबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को मंडला-रीवा में पौने 2 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन, जबलपुर, सतना, सिवनी, सीधी, उमरिया और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में तेज धूप खिली। इससे गर्मी और उमस का असर रहा। इंदौर, ग्वालियर में भी मौसम साफ रहा।

    मध्यप्रदेश से विदाई ले रहा मानसून जाते-जाते भी जमकर बरसेगा। मौसम विभाग ने 28 और 29 सितंबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इससे पहले कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    लो प्रेशर एरिया की वजह से बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के चार जिले- नीमच, श्योपुर, भिंड और मुरैना से मानसून लौट चुका है। अगले एक-दो दिन में ग्वालियर, दतिया और मंदसौर से भी मानसून के लौटने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए इन जिलों में बारिश की चेतावनी जारी नहीं की। बाकी सभी जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक होने के आसार जताए हैं।

    अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 28 और 29 सितंबर को तेज बारिश का अलर्ट है। इंदौर, देवास, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश हो सकती है।

    ग्वालियर, दतिया और मंदसौर से लौटेगा मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के चार जिले- नीमच, श्योपुर, भिंड और मुरैना से मानसून लौट चुका है। अगले एक-दो दिन में ग्वालियर, दतिया और मंदसौर से भी मानसून के लौटने की संभावना है। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 28 और 29 सितंबर को तेज बारिश का अलर्ट है। इंदौर, देवास, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश हो सकती है।

    अब तक औसत 44.1 इंच बारिश दर्ज
     प्रदेश में अब तक औसत 44.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 36.9 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.2 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 118 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। प्रदेश से भी मानसून की विदाई शुरू हो गई है। 4 जिले- नीमच, भिंड, मुरैना और श्योपुर से सबसे पहले मानसून विदा हुआ है। यहां 35 से 115 प्रतिशत तक बारिश ज्यादा हुई है। चंबल संभाग के श्योपुर में सामान्य 26.2 इंच के मुकाबले 56.6 इंच पानी गिर गया, जो 115 प्रतिशत अधिक है। भिंड में 32.4 इंच, मुरैना में 37 इंच और नीमच में 42.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से ज्यादा है। 

  • 90 की स्पीड से दौड़ी भोपाल मेट्रो, दिवाली से पहले संचालन की तैयारी पूरी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो को जल्द से जल्द दौड़ाए जाने की कवायद तेज हो गई हैं। आम यात्रियों के लिए कमर्शियल ट्रेवलिंग शुरू करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने खुद यात्रा करके सुरक्षा मानकों की जांच की।  सीएमआरएस कमिश्नर जनक कुमार गर्ग सुभाषनगर स्थित मेट्रो डिपो पहुंचें।

    सीएमआरएस कमिश्नर ने टीम के साथ यहां पर करीब 3 घंटे तक निरीक्षण किया और मेट्रो में सवार हुए। उनके साथ मेट्रो एमडी एस कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे। इस दौरान गर्ग ने प्राथमिकता में शामिल कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट तक सफर किया। यह रूट सुभाष नगर से एम्स तक का है। इस निरीक्षण के दौरान वे और उनकी टीम सुभाषनगर स्टेशन पर करीब 30 मिनट और एम्स स्टेशन पर सवा घंटे रुकी।

    क्या हैं सीएमआरएस
    दरअसल, किसी भी रेल लाइन या मेट्रो रेल को आम लोगों के लिए प्रारंभ करने से पूर्व सीएमआरएस की जांच आवश्यक होती है। इस टीम की जांच में 'हरी झंडी' मिलने के बाद आम लोगों के लिए मेट्रो दौड़ना यानी कमर्शियल सफर की शुरुआत होती है। इस जांच टीम के अफसर ट्रैक के नट-बोल्ट, सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो सहित सुरक्षा के लिहाज से हर पक्ष की बारीकी से जांच की जाती है। टीम के लौटने के बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही भोपाल में मेट्रो रन प्रारंभ होगा।

    पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी
    बताया जा रहा है कि इस महीने के अंत तक सीएमआरएस की 'ओके' रिपोर्ट मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। पूरी संभावना है कि वे भोपाल मेट्रो में सफर भी करें। आपको बता दें कि 31 मई को मोदी ने इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी।

    •     सीएमआरएस की टीम ने 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई
    •     अचानक ब्रेक लगाकर की सुरक्षा जांच, कंट्रोल रूम का रिस्पांस जांचा
    •     मेट्रो मेन लाइन, स्टेशन का निरीक्षण बाकी, सप्ताहभर बाद फिर जांच

    2010 का सपना होगा साकार

    मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग के नेतृत्व में टीम ने सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो को 90 किमी प्रतिघंटे की फुल स्पीड में दौड़ाया। सीएमआरएस सर्टिफिकेट मिलते ही मेट्रो यात्रियों को लेकर दौडने को तैयार हो जाएगी। 2010 से ही शहरवासियों को मेट्रो में सवारी का दिखाया जा रहा सपना अब पूरा होने को है। निरीक्षण के बाद टीम शाम को रवाना हो गई। अभी मेन लाइन, स्टेशन की जांच बोटगी। टीम ने अत्याधुनिक ट्रेन सेट। सिस्टम के अलावा नट बोल्ट, स्टेशन, सिग्नल आदि की जांच की।

    मेट्रो के दूसरे फेस में भी काम तेज
    भोपाल मेट्रो का उद्देश्य यात्रियों के सफर को आसान बनाना है। साथ ही शहर को एक आधुनिक, कुशल शहरी केंद्र के रूप में आकार देना है। भोपाल मेट्रो के पहले चरण का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण को लेकर काम तेजी से चल रहा है। इसका दूसरा चरण भदभदा चौराहे से रत्नागिरी चौराहे तक लगभग 15 किमी लंबा होगा। इसमें 14 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पर भी तेजी से काम चल रहा है।

    सितंबर में सीएमआरएस का निरीक्षण

    गुरुवार को सीएमआरएस की टीम ने तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन यानी रोलिंग स्टॉक में यात्री सुरक्षा, सुविधा और ऊर्जा दक्षता की जांच की। इसमें सीसीटीवी की निगरानी, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, वातानुकूलित कोच, चार्जिग पॉइंट और वास्तविक समय यात्री सूचना प्रणाली की सुविधा को जांचा गया। इनकी टेस्टिंग की गयी।
    तीन माह में दो बड़ी जांच

    जुलाई में आयी थी आरडीएसओ की टीम 9 जुलाई से 21 जुलाई तक 13 दिन मेट्रो ट्रेन के ऑसिलेशन और इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस का लखनऊ की रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन यानी आरडीएसओ ने परीक्षण किया था। टीम ने 90 किमी प्रतिघंटा पर ट्रेन दौड़ाई थी। इमरजेंसी ब्रेक लगाया हर स्टेशन, ट्रैक के बीच मेट्रों के ऑसिलेशन यानि कंपन को मापा गया था। उस समय परीक्षण में मेट्रो की राइड क्वालिटी, स्थिरता, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, और सम्पूर्ण रोलिंग स्टॉक का मूल्यांकन रिकॉर्ड किया गया था। परीक्षण से रोलिंग स्टॉक यानी ट्रेन की सुरक्षा. विश्वसनीयता और दक्षता के उच्चतम मानकों की स्थिति पता चलती है।
    तकनीकी सवाल-जवाब भी हुए

    सीएमआरएस टीम ने मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियर्स से मेट्रो ऑपरेशन के तकनीकी पक्षों से जुड़े सवाल जवाब किए। सुरक्षा प्रोटोकॉल क्या होता है? स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स, रोलिंग स्टॉक की तैयारियों के साथ ही ऑपरेशन के लिए डिपो के सिस्टम से जुड़े सवाल जवाब किए गए। इसका बकायदा प्रजेंटेशन भी लिया गया। इस अवसर पर एमडी मेट्रो एस कृष्ण चैतन्य, निदेशक सिस्टम अरुण कुमार श्रीवास्तव, निदेशक प्रोजेक्ट अजय गुप्ता व अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे।
    ऑपरेशन कंट्रोल को परखा

    सुभाष नगर डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर को देखा गया। ट्रेन संचालन, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा प्रणालियों की केंद्रीकृत निगरानी. डिपो में मेंटेनेंस बे, स्टेबलिंग लाइन, रिपेयर बे के साथ आग लगने की स्थितियों की पहचान कर अग्निशमन सहित अन्य सुरक्षा प्रणालियों को परखा गया।
    तेज रफ्तार में ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम की जांच

    सीएमआरएस ने डिपो में मेट्रो के रैक की जांच करने के दौरान ड्राइवर से इसे एम्स तक ले चलने का कहा। मेट्रो ट्रेन डिपो से सुभाष नगर स्टेशन पहुंची और 90 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाने का आदेश दिया। तेज रफ्तार ट्रेन देखकर आंबेडकर ब्रिज से गुजरने वाले रूककर देखने लगे। ट्रेन तेज गति से दौड़ी और फिर अचानक रूक गयी। कभी मध्यम गति में चली। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से एक घंटे तक पांच रैक को इसी तरह दौड़ाया गया। ऐसा रैक की गति और इसके ब्रेकिंग सिस्टम की जांच के लिए किया की टीम ने भी इसी तरह ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की थी। मेट्रो के अंदर से ही सीएमआरएस जनक कुमार ने वहां दर्ज आपातकालीन नंबर पर कॉल किया। कंट्रोल रूम में इसे किसी तरह अटेंड किया जाता है। कॉल लगता भी है या नहीं इसे देखा।

  • बस्तर दशहरा 2025: परंपरा निभाई गई, लेकिन फूल और विजय रथ पर विवाद नहीं टला

    जगदलपुर

    विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में बुधवार को विवादों के बीच परंपरानुसार फूल रथ की परिक्रमा शुरू की गई. मां दंतेश्वरी का छत्र सजाए गए चार पहियों वाले फूल रथ पर रखा गया और प्रधान पुजारी रथ पर सवार होकर गोलबाजार के बीच मावली माता की परिक्रमा करते नजर आए. इस दौरान गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ मां के छत्र का स्वागत हुआ, वहीं पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सलामी भी दी.

    नवरात्रि के तीसरे दिन निभाई जाने वाली इस परिक्रमा से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया. 60 साल बाद फिर से राजा-रानी को रथ पर बैठाने की मांग को लेकर बस्तर संभाग के विभिन्न गांवों से पहुंचे पटेल समुदाय अड़े रहे. उनका कहना था कि जब तक राजा-रानी रथ पर सवार नहीं होंगे, वे रथ नहीं खींचेंगे. देर रात तक यह विवाद चलता रहा.

    रथ घंटों तक खड़ा रहा. बस्तर कलेक्टर हरिस एस और बस्तर एसपी सलभ सिन्हा की समझाइश के बाद भी पटेल समुदाय अपने बात पर अड़ा रहा. तब बस्तर राज परिवार के सदस्य कमल चंद भंजदेव ने बारिश के बीच ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की. आखिरकार राजा के पुजारी के रथ पर मां दंतेश्वरी का छत्र रखने के बाद परिक्रमा पूरी हुई.

    छह दशकों से बंद है परंपरा

    गौरतलब है कि रियासत काल में यह परंपरा रही कि राजा-रानी मां दंतेश्वरी के छत्र के साथ रथ पर सवार होते थे. यह परंपरा 1965 के बाद से बंद हो गई. इस साल वर्तमान बस्तर रियासत प्रमुख कमलचंद भंजदेव की शादी के बाद मांग उठी कि उन्हें रथ पर बैठाया जाए, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी. बुधवार की परिक्रमा में घंटों बाद देर रात रथ सिरहासार चौक से निकला और गोलबाजार, मिताली चौक होते हुए मां दंतेश्वरी मंदिर तक पहुंचा. यह रस्म आगामी 3 दिनों तक और इसी तरह निभाई जाएगी.

    सात सौ साल पुरानी है परंपरा

    माना जाता है कि बस्तर दशहरा की रथ परिक्रमा की शुरुआत 1410 ईसवी में महाराजा पुरुषोत्तम देव ने की थी. परंपरा और आस्था से जुड़ी यह रस्म हर साल दशहरे का मुख्य आकर्षण रहती है. हालांकि, विवाद अभी थमा नहीं है. पटेल समाज ने साफ संकेत दिए हैं कि 2 अक्टूबर को होने वाली विजय रथ परिक्रमा में वे राजा को रथपति की उपाधि दिलाने की मांग फिर से उठाएंगे. ऐसे में आशंका है कि दशहरे के इस बड़े आयोजन में विवाद एक बार फिर उठ सकता है.

  • कांग्रेस सरकार पर लक्ष्मी राजवाड़े का हमला, शराबबंदी का वादा अधूरा

    कोरबा

    प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज एक दिवसीय कोरबा प्रवास पर रहीं। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण-सेवा भारती का अवलोकन किया और यहां निवासरत बच्चों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यहां उपलब्ध सुविधाओं और बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई से चर्चा कर बच्चों को मिल रही सुविधाओं से अवगत हुईं। मंत्री राजवाड़े ने उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री राजवाड़े ने विभाग के गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को लाभ मिला है। आर्थिक समृद्धि के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह आसान हुई है और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है।

    इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, डीपीओ रेणु प्रकाश सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा विभाग के अधिकारी, प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कहा था कि शराब दुकान बंद करेंगे, लेकिन कांग्रेस के कार्यकाल में शराब की दुकानें बढ़ी हैं। हमने कोई वादा नहीं किया है लेकिन लोग शराब कम पिए इस दिशा में प्रशासन पूरा काम कर रहा है।

    कांग्रेस सरकार ने कोरोना काल जैसे समय में शराब बेची और दुकान बढ़ाईं। शराबबंदी को लेकर वादा करके जो कांग्रेस की सरकार बनी थी लेकिन वह कर नहीं पाए जिसके चलते फिर से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसके लिए प्रशासन के द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ताकि लोग नशे से दूर रहें, नशे के चलते ही आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं जिस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • ED एक्शन मोड में, छत्तीसगढ़ के दो शहरों में छापेमारी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम शुक्रवार सुबह से सक्रीय हो चुकी है. रायपुर और बिलासपुर में कई बिल्डर्स के ठिकानों पर छापा पड़ा है. मौके पर टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है.

    जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने तड़के सुबह रायपुर के एक बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की. इसी क्रम में बिलासपुर में भी सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स के ठिकानों पर छापेमारी की गई है.

    बताया जा रहा है कि सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स का कोयला, सीमेंट, छड़, स्टील और ट्रेडिंग का कारोबार है. ईडी की ये कार्रवाई किन गड़बड़ियों को लेकर है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. ईडी के अधिकारी ग्रुप से जुड़े कारोबारियों से पूछताछ कर रहे हैं. यहां दो गाड़ियों में टीम पहुंची है. मौके पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच जारी है.

  • हाथी महोत्सव चलेगा 30 सितम्बर तक, हाथियों का होगा श्रृंगार, मिलेगा मनपसंद खाना

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हाथियों की पूजा कर उन्हें उनके पसंद का भोजन दिया जा रहा है। उन्हें सजाकर आसपास रहने वाले लोगों के सामने दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही हाथियों के सामाजिक व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की ट्रैकिंग, गश्त और रेस्क्यू में हाथियों की अहम भूमिका है। आयोजन का उद्देश्य बांधवगढ़ में जंगली हाथियों के लगातार निवास करने के कारण जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाना तथा हाथियों की सेवा, देखभाल और संरक्षण की भावना बढ़ाना है।

    शहडोल के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 25 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रामा हाथी कैम्प, ताला, बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों को पूरी तरह से विश्राम दिये जाने के साथ ही उनके मन-पसंद व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा इस बार हाथी महोत्सव को हाथियों के पुनर्जीवन के लिए समर्पित किया है। कैंप में कुल 15 हाथी हैं, जिनमें 9 नर तथा 6 मादा शामिल हैं। कैंप में गौतम नाम का हाथी सबसे बुजुर्ग है, जिसकी उम्र 79 वर्ष है, वह रिटायर हो चुका है, जबकि कैंप में सबसे छोटा हाथी गंगा है, जिसकी उम्र मात्र एक साल है।

    हाथी महोत्सव के पहले दिन हाथियों को सुबह-सुबह चरण गंगा नदी में स्नान कराया गया। जहां पानी में हाथी मस्ती करते हैं। कैंप में वापस लाकर नीम एवं आरंडी के तेल से उनकी मालिश की जाती है। वन्य-जीव विशेषज्ञ डॉक्टर्स डीवार्मिंग, पैर एवं दाँतों की देखभाल करते हैं। इस दौरान हाथियों को चंदन लगाकर सजाया गया। उन्हें पसंदीदा भोजन गन्ना, नाशपाती, नारियल, गुड़, मक्का, केला, सेव, अमरूद तथा रोटी परोसी जाती है। डॉक्टर द्वारा उनकी डाइट तय की जाती है, जिसमें खनिज आहार, पारंपरिक भोजन और ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। भोजन के उपरांत दोपहर से शाम तक के लिए इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाता है। इस दौरान वे कीचड़ स्नान, तालाब में जल क्रीड़ा तथा वन भ्रमण का आनंद लेते हैं। हाथी महोत्सव में आम नागरिकों के लिए पार्क सीमा में आवाजाही की अनुमति रहती है। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग इनकी पूजा एवं भोजन खिलाकर दर्शन करते है।

    हाथी महोत्सव में कैंप में रहने वाले हाथियों को ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सम्मान मिलता है। हाथियों के महावत और उनके हेल्पर का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। हाथियों को लेकर आगे आने वाली चुनौतियों, वर्तमान और भविष्य के बदलाव को लेकर उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है।

    संजय टाइगर रिजर्व सीधी में हाथी रिजुवनेशन कैंप
    हाथी महोत्सव-2025 का भव्य आयोजन सीधी में खैरीझील हाथी कैम्प परिसर में किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा हाथियों की पूजा एवं फल अर्पित कर किया गया। उन्होंने महावतों और चारा कटरों को टॉर्च, मच्छरदानी और बैग वितरित किए।  हाथियों के स्वास्थ्य संवर्धन और देखभाल के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है।

    आयोजन में हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी शामिल हैं। इस दौरान हाथियों को नियमित आहार के साथ केला, सेव, पपीता, गन्ना, नारियल आदि विशेष फल खिलाए जाएंगे। हाथियों की टस्क ट्रिमिंग, नाखून काटना, नीम तेल से पैरों की मालिश तथा स्वास्थ्य परीक्षण जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। महावतों एवं चारा कटरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा परिचर्चा एवं खेल-कूद कार्यक्रम किये जा रहे हैं। कैंप में हाथियों को कार्य से पूर्णतः मुक्त रखा जा रहा है। 

  • किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों को मिलेगा उनकी उपज का वाजिब दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सोयाबीन उत्पादक किसानों को दी जायेगी भावान्तर राशि
    किसानों को फसलों की क्षति का दिया जाएगा मुआवजा
    मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम बनाया जाएगा
    मुख्यमंत्री ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन योजना में सिंगल विंडो पोर्टल का किया शुभारंभ
    मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम की हुई शुरुआत
    215 करोड़ लागत के विकास कार्यों की दी सौगात
    मुख्यमंत्री सागर के जैसीनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जहां भी सोयाबीन की फसल अतिवृष्टि अथवा रोग के कारण खराब हुई है, ऐसे सभी क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल क्षति का सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि सर्वे के बाद किसानों को सोयाबीन की फसल की क्षति का समुचित मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सोयाबीन की फसल का एमएसपी 5328 रूपये निर्धारित किया गया है। मध्यप्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी यही रेट दिया जाएगा। किसी भी किसान को घाटा नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धान पर भी बोनस बढ़ाया गया है। किसानों को भावांतर भुगतान योजना से उनके खाते में बोनस का पैसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी से कम दर पर फसल बिकती है तो भावान्तर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों की जिदंगी बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि दी जा रही है। मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के जीवन में खुशियां लाने के लिए लाड़ली बहनों को दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रूपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास योजनाएं चलाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार के पास धन की कमी नहीं है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत जैसीनगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा लगभग 215 करोड़ के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के साथ ही पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। आज मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को हम दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले नंबर पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मध्यप्रदेश में किसानों को गाय पालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशाला खोलने पर किसानों को लभगग 40 लाख रूपये की राशि मुहैया कराई जा रही है। इसमें 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिनके घर गाय है, वह गोपाल है, मध्यप्रदेश का हर बच्चा कृष्ण है। भगवान कृष्ण हो या भगवान राम इनके जीवन का एक-एक प्रसंग हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का एक नाम दीनदयाल भी है, दीनदयाल यानि गरीब से गरीब आदमी की चिंता करने वाला। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी गरीबों की चिंता कर रही है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है। भगवान कृष्ण ने गाय और मोर पंख का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गौवंश हत्या को प्रतिबंधित करने का सख्त कानून बनाया है। इस कानून का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौवंश के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार ने गाय के संरक्षण के लिए प्रति गाय 40 रूपये प्रतिदिन तक का खर्च बढ़ाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मैं बुंदेलखंड की धरती पर आया हूं तो मुझे अत्यंत गौरव महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की यह धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए देश भक्ति की मिसाल पेश की है।समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता संकल्प कार्यक्रम एवं सिंगल विंडो पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से गैस कनेक्शन घर-घर तक मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसकी शुरुआत आज जैसीनगर से हो रही है।

    जैसीनगर का नाम जयशिवनगर और नगर परिषद बनाने की घोषणा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर को नगर परिषद बनाने और जैसीनगर का नाम जयशिवनगर रखने की घोषणा की। साथ ही सागर जिले में बेवस नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं जैसीनगर में महाविद्यालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कर उसका नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय के रखने, जैसीनगर में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल बनाने और सुरखी विधानसभा क्षेत्र में मसुरयाही-तोडा मार्ग लगभग 25 कि.मी. के निर्माण की भी घोषणा की।

    सागर की श्रद्धांजलि योजना प्रदेश के लिए बनेगी मॉडल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए शुरू की गई श्रद्धांजलि योजना संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। उन्होंने नियुक्ति-पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी और आगे बढ़े इसके लिए राज्य सरकार आपके साथ हमेशा खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धांजलि योजना के अंतर्गत 100 से अधिक लाभान्वित ग्रामीणों के साथ संवाद भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह योजना न केवल सागर के लिए बल्कि संपूर्ण प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी। इस योजना को प्रदेश में लागू कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का कार्य किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने खेला शतरंज

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र भौतिक सिंह जाट के साथ शतरंज खेला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सफेद मोहरे को चुना और खेलना शुरू किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए अच्छी पहल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोवर्धन मंदिर में की पूजा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसीनगर के गोवर्धन टोरी पर स्थित गोवर्धन मंदिर पहुंचकर भगवान गोवर्धन की पूजा कर आरती उतारी।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की सराहना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव जैसीनगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों से मिले और उनकी प्रस्तुति देखकर मंत्रमुग्ध हुए। उन्होंने कलाकारों से चर्चा की और बुंदेली वाद्ययंत्रों और बुंदेली प्रस्तुतियों को सराहा।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश में आज 'मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता' कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। इससे राशन लेने वालों की कतार खत्म होगी और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घर-घर तक गैस का वितरण पाईप लाईन से होगा। इस कार्य की भी आज से शुरुआत हुई है। खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक बेहतर और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से वर्ष में 2 बार ग्राम सभाओं में राशन लेने वाले हितग्राहियों के नामों का वाचन किया जाएगा। हर परिवार को खाद्यान्न की उपलब्धता की एसएमएस के माध्यम से सूचना मिलेगी।

    क्षेत्रीय सांसद डा. मती लता वानखेडे ने कहा यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी परिवार भूखा न सोए। हर नागरिक को उसके अधिकार का राशन समय पर और सम्मानपूर्वक मिले यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है। जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरासिंह राजपूत, विधायक नरयावली  प्रदीप लारिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक मती निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

     

  • किसानों का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावान्तर योजना लागू की जा रही है। किसानों को किसी भी हालत में घाटा नहीं होने देंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की है। किसान संघों के सुझाव पर राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष सोयाबीन के किसानों को भावान्तर का लाभ दिया जाएगा।

    भावांतर योजना में पंजीयन होगा आवश्यक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे सरकार देगी। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना में किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा रही है।

    ऐसे होगा क्षतिपूर्ति का आकलन

    यदि मंडी में औसत गुणवत्ता की कृषि उपज का विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक हो तो किसान को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

    यदि मंडी में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से भी कम हो तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत मॉडल भाव के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी।

    किसानों के साथ सदैव खड़ी है राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में भी फसलों की क्षति पर किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। किसान हितैषी निर्णय पहले भी लिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित किसानों को भी सहायता दी गई। सकंट की घड़ी में किसानों के साथ सरकार सदैव खड़ी है। पीले मोजेक से हुए नुकसान के लिए भी सर्वे करवाया जा रहा है। किसानों को प्रभावित फसलों के लिये आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी।

     

  • एफओसी टीम की नई पहल: उच्चदाब बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी तेज और पारदर्शी सेवा

    भोपाल 
    आंधी-बारिश या तूफान जैसी किसी भी परिस्थिति में उच्‍चदाब औद्योगिक उपभोक्ताओं को हर समय मिलेगी बिजली सेवाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने भोपाल वृत्‍त के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र, ग्‍वालियर के मानलपुर एवं बिलौआ सहित मुरैना के बांमोर औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत उच्च दाब औद्योगिक उपभोक्ताओं की सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिए गठित अतिरिक्त एफओसी की सेवाओं में दिसंबर 2025 तक विस्‍तार करने का निर्णय लिया है। अब उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ने के साथ 24 घंटे/, सातों दिवस गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति करने में भी मदद मिलेगी।   

     गौरतलब है कि कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में काम करेगी। औद्योगिक क्षेत्र के उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए गठित एफओसी टीम में कंपनी द्वारा प्रदाय स्मार्ट फोन सहित 6 कुशल तथा 6 अकुशल कर्मचारी सभी साजो-समान और जरूरी उपकरणों से लैस एफओसी वाहन सहित कार्यरत रहेंगे। यह एफओसी टीम 24 घंटे /सातों दिवस उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा कम्पनी के राजस्व वसूली, नए कनेक्शन, विद्युत उपकरणों का रख-रखाव और संधारण के साथ ही उपभोक्ता शिकायतों को दूर करने के लिए त्वरित काम करेगी।

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा है कि कंपनी कार्यक्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्रों में इन एफओसी टीमों के विस्‍तार से बिलिंग दक्षता और कलेक्शन एफिशिएंसी तथा एटीएण्डसी हानियों में कमी आएगी और उपभोक्‍ता संतुष्ठि में बढ़ोतरी होगी।  कंपनी औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ ही निम्नदाब उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी लगातार इस दिशा में कारगर कदम उठा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति और सेवाएं मिल रही हैं। इसी दिशा में कंपनी द्वारा गठित एफओसी टीम उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करेगी साथ ही विद्युत आपूर्ति के दौरान प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से आने वाले व्यवधानों  को 24 घंटे त्वरित रूप से दूर करेगी। साथ ही कंपनी के राजस्व संग्रहण का काम और बिजली उपकरणों, लाइनों, ट्रांसफार्मरों आदि का उचित रख-रखाव कर उपभोक्ता सेवाओं में विस्तार करेगी।

     मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आमजन और उपभोक्ताओं से अपील की है वे अपने बिजली बिलों का समय पर भुगतान कर निरंतर पेयी कंज्यूमर बने रहें। विद्युत का अनधिकृत उपयोग न करें साथ ही विद्युत चोरी करने वालों की सूचना देकर विद्युत चोरी की रोकथाम में सहयोग करें और कंपनी द्वारा चलाई जा रही इनफॉर्मर स्कीम का लाभ उठाएं।

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल का ऐलान: अस्पतालों में जल्द होंगे 2,000 विशेषज्ञ नियुक्त

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ किए गए सेवा पखवाड़ा एवं स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सीहोर जिले के बिलकिसगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि अस्पतालों में 2000 विशेष डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। उन्होंने शिविर में दी जा रही चिकित्सा सेवाओं और रक्तदान शिविर का अवलोकन किया तथा रक्तदान करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित भी किया। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान  शुक्ल ने चिकित्सकों से योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और प्रबंधन एवं संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण टोकरी भी प्रदान की।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचें और विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस अभियान में ईट-राइट, पोषण माह, योग जैसे वेलनेस कार्यक्रम और निक्षय मित्र जैसी पहल भी शामिल हैं। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत रक्तदान शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वास्थ्य शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, विभिन्न प्रकार के कैंसर, एनीमिया और सिकल सेल रोग जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहाँ इस कमी को दूर करने के लिए 2,000 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की भर्ती की जाएगी। साथ ही टेलीमेडीसिन प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े और वे डिजिटल माध्यम से सीधे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।