• राज्य सरकार की दिशा तय करते हैं उपाध्याय के विचार, डॉ. यादव ने बताई वैचारिक प्रतिबद्धता

    राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया नमन
    लालघाटी स्थित प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सुख की कामना करते हुए एकात्म मानववाद का दर्शन दिया। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता ही हमारी संस्कृति और गांवों की व्यवस्था का आधार रही है, यह स्वावलंबन की भावना ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का आधार थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय और महात्मा गांधी के विचारों में बहुत समानता थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा भी रोपा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल के विचार राज्य सरकार के लिए मार्गदर्शक हैं। हम प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी सुधारों के माध्यम से देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों, कारीगरों, छोटे व्यापारियों की बेहतरी के लिए सभी से स्वदेशी अपनाने का आव्हान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, सांसद  आलोक शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • श्रम मंत्री पटेल ने श्रमिक खेल महोत्सव की शुरुआत की, कहा – स्वस्थ तन से बनेगा सशक्त भारत

    भोपाल 

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरूवार को भोपाल की चिकलोद रोड पर स्थित आरएनटीयू में श्रमिकों के लिए आयोजित खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल भोपाल द्वारा श्रमिकों की प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए प्रतिवर्ष संभागीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। मंत्री  पटेल ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी अवसर दिया जाएगा।

    मंत्री  पटेल ने बताया कि भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग की श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न संस्थाओं से आए 600 खिलाड़ियों ने भाग लिया। समूह खेलों में कबड्डी, वॉलीबाल, रस्साकशी प्रतियोगिताएं तथा एथलेटिक्स में विभिन्न दौड़, गोला, तवा, भाला फेंक एवं कैरम शामिल हैं। इसी प्रकार महिला वर्ग के लिए 100 एवं 200 मीटर दौड़, कबड्डी एवं रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

    टीम गेम में विजेता उपविजेता एवं एथलेटिक्स में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय श्रमिक खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस आयोजन में  कुलदीप सिंह गुर्जर महामंत्री भारतीय मजदूर संघ एवं कल्याण आयुक्त  बसंत कुर्रे भी उपस्थित रहे।

     

  • कुएं में फंसे हाथी: रामगढ़ में वन विभाग का आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

    रामगढ़,

     झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में गुरुवार को दो हाथी 25 फीट गहरे कुएं में गिर गए। इनमें एक वयस्क और दूसरा शिशु है। दोनों जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है।

    अधिकारियों ने बताया कि कुएं में पानी कम होने से दोनों की जान बच गई। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव कार्य किया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और हाथियों से दूरी बनाए रखें ताकि रेस्क्यू अभियान में कोई बाधा न आए।

    ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआं परसाडीह गांव निवासी दीनाराम मांझी की जमीन पर मनरेगा योजना के तहत खोदा गया था। कुएं के चारों ओर घनी झाड़ियां होने के कारण हाथियों को इसका अंदाजा नहीं हुआ और वे सीधे उसमें गिर गए।

    ग्रामीणों का कहना है कि कुआं खुले में है और इसके चारों ओर कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। इसी कारण यह कुआं नजर नहीं आया और हाथियों के गिरने की घटना हुई।

    विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में लगभग 42 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। कुछ दिन पहले हेसापोड़ा जंगल में हाथियों के झुंड में तीन बच्चों के जन्म की जानकारी सामने आई थी।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगल किनारे खोदे गए ऐसे सभी कुओं को सुरक्षित किया जाए। उनका कहना है कि अगर इन कुओं को चारों ओर से ढकने या घेरने की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि खुले कुएं वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। गोला वन क्षेत्र इन दिनों हाथियों की गतिविधियों के कारण लगातार चर्चा में है। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों बनी हुई है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

     

  • छत्तीसगढ़ को मिलेगा आर्थिक राहत, कोयला सेस हटाने पर वित्त मंत्री चौधरी का बयान

    रायपुर

    GST 2.O में कोयले पर कंपनसेशन सेस खत्म हो गया है. इस पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कोयला खनन रॉयल्टी से अब छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा होगा. कोरोना काल में लिया कर्ज सेस से चुकाया जा रहा था, अब जीएसटी में सेस के मर्ज होने से राहत मिलेगी. कोयला खपत पर 50% हिस्सा छत्तीसगढ़ को और 50% केंद्र को मिलेगा.

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जीएसटी चोरी पर गुटखा कारोबारी पर कार्रवाई को लेकर कहा कि ऑर्गनाइज टैक्स चोरी के मामले में हमारी सरकार सख्त है. छोटे-मोटे मामले में हमारा रवैया सहयोगात्मक है. अगर कोई अधिकारी-कर्मचारी भी गड़बड़ी करता है, तो उस पर भी कार्रवाई होगी.

    वहीं विपक्ष के जीएसटी रिफॉर्म के बावजूद कई सामानों के दाम पहले की तरह ही होने के आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से बहुत फायदा है. लगातार बड़े कदम उठाये जा रहे हैं. विपक्ष जीएसटी काउंसिल के भीतर दर कम करने का विरोध करती थी, राज्यों के रेवेन्यू पर हाय तौबा मचाते हैं, और बाहर में दाम कम नहीं हुआ, ऐसा कहकर कांग्रेस लोगों को बरगलाती है.

  • CM साय का दावा – नक्सलवाद की उलटी गिनती शुरू, बस्तर में बह रही शांति की हवा

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    Cm  साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है और नक्सलवाद का अंधियारा छंट रहा है। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।

  • भयानक हादसा: बस पलटने से चार वर्षीय बच्ची की मौत, दर्जनों घायल

    धमतरी

    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आज दोपहर यात्री बस पलटने से घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में 4 साल की बच्ची रागिनी निषाद की मौत हो गई. वहीं 6 यात्री घायल हुए हैं. यह हादसा नगरी-सिहावा रोड पर हुआ. घटना की सूचना पर केरेगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया.

    जानकारी के अनुसार, डीआरडी कंपनी की बस धमतरी से नगरी जा रही थी. इस दौरान केरेगांव थाना क्षेत्र के खड़ादाह गांव के पास स्टेट हाइवे पर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई. स्थानीय नागरिकों ने घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला. घायलों में टीकाराम साहू (58) और उनकी पत्नी कुमारी बाई (54) शामिल हैं, जो ग्राम बेलौदी के निवासी हैं. उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.

    परिवार में पसरा मातम

    इसके अलावा 108 एंबुलेंस से ग्राम बासनवाही की कलेसिया निषाद और बच्ची रागिनी निषाद को भी अस्पताल लाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद रागिनी को मृत घोषित कर दिया. कलेसिया निषाद ने बताया कि वह अछोटा गांव में अपने रिश्तेदार के यहां गई थी और अपनी नातिन के साथ घर लौट रही थी. बच्ची की मौत से परिवार में मातम पसर गया है. केरेगांव पुलिस घटना की जांच कर रही है.

  • पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी

    मदनपुर की मंजू थोरिया हर महीने कर रही हजारों की बचत

    छह महीने से बिजली बिल आ रहा ऋणात्मक, आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    रायपुर,

    खरसिया विकासखंड के मदनपुर गांव की मंजू थोरिया कभी हर महीने 2,500 से 3,000 रुपये तक का भारी-भरकम बिजली बिल चुकाने को मजबूर थीं। यह खर्च उनके परिवार के घरेलू बजट पर गहरा असर डालता था। लेकिन प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुडऩे के बाद उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली है। अब मंजू थोरिया को न केवल बिजली बिल भरने से मुक्ति मिली है, बल्कि पिछले छह महीनों से उनका बिजली बिल ऋणात्मक आ रहा है। यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि उनके घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनलों से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली सीधे ग्रिड में जुड़ रही है।

    इस योजना के तहत मंजू को रूफटॉप सोलर लगाने के लिए मिलने वाली सब्सिडी भी मात्र सात दिनों के भीतर ही मिल गई। इससे शुरुआती लागत का बोझ काफी कम हो गया और परिवार को आर्थिक राहत मिली। मंजू के पति श्री रश्मिरंजन बताते हैं कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने हमें असली राहत दी है। अब हमें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती बल्कि बचत भी हो रही है और घर की आमदनी पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। यह योजना केवल उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत ही नहीं दे रही, बल्कि देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो रही है।

    योजना की विशेषताएं
    सरकार सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए उपभोक्ताओं को भारी सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। 1 किलोवॉट क्षमता पर 45 हजार रुपए, 2 किलोवॉट क्षमता पर 90 हजार रुपए और 3 किलोवॉट क्षमता पर 01 लाख 8 हजार की सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को बैंक ऋण की सुविधा भी दी जा रही है। इस योजना के तहत आवेदन के लिए भारत की नागरिकता, छत पर सौर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह और वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए। आवेदन https://pmsuryaghar.gov.in पोर्टल पर, पीएम सूर्य घर मोबाइल ऐप से, या सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट और मोर बिजली ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर भी कॉल किया जा सकता है।

  • प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: उजाला फैलाने के साथ आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहे हैं भात्रा

    बिजली उपभोक्ता से उत्पादक बने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
     

    रायपुर,

    भारत के विकास की राह अब सूरज की रोशनी से रोशन हो रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा गढ़ी है। यह योजना केवल बिजली बचत का उपाय नहीं, बल्कि हर घर को भविष्य की ऊर्जा क्रांति से जोड़ने वाला सेतु है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू हुई यह पहल नागरिकों को उपभोक्ता से उत्पादक बना रही है। अब हर छत सिर्फ छत नहीं, बल्कि ऊर्जा का स्रोत है। यही कारण है कि सूर्यघर योजना आज स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का सबसे मजबूत आधार स्तंभ बन चुकी है।

    कोरबा जिले के खरमोरा निवासी श्री दीपक किशोर भात्रा, जो पेशे से व्यापारी हैं, ने अपने घर की छत पर तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। उन्हें इस योजना की जानकारी अपने परिचितों से मिली, योजना का लाभ सुनते ही उन्होंने बिना देर किए आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया। आवेदन के तुरंत बाद ही विशेषज्ञ टीम ने उनके घर पर सोलर पैनल स्थापित कर दिया। आवेदन के कुछ ही दिनों में उनके खाते में केंद्र सरकार की ओर से रूपये 78 हजार की सब्सिडी सीधे जमा हो गई। इससे उन्हें आर्थिक बोझ महसूस नहीं हुआ। अब उनके घर के सभी उपकरण बिना किसी रुकावट के आसानी से चलते हैं।

    श्री भात्रा बताते हैं कि सोलर पैनल की कुल लागत लगभग रूपये 2 लाख 10 हजार आई, लेकिन सरकार की सब्सिडी मिलने से उनका वास्तविक निवेश बेहद कम रह गया। उनका कहना है कि आज जहाँ अधिकांश लोग कोयले और अन्य पारंपरिक साधनों पर निर्भर हैं, वहीं सूर्यघर योजना एक क्रांतिकारी पहल है। यह योजना हर घर में बिजली की  आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है और साथ ही बचत का अवसर भी प्रदान कर रही है। केवल एक बार का निवेश जीवनभर के उजाले और आत्मनिर्भरता का आशीर्वाद लेकर आता है। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिचितों और आसपास के लोगों को भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें। श्री भात्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पहल वास्तव में आम लोगों के जीवन में रोशनी और समृद्धि लेकर आई है।

    छत्तीसगढ़ जैसे ऊर्जा-समृद्ध राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन विशेष महत्व रखता है। अब तक राज्य मुख्य रूप से कोयला और पारंपरिक स्रोतों से बिजली उत्पादन पर निर्भर रहा है, लेकिन सूर्यघर योजना के माध्यम से यहाँ के लोग स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का असर केवल घरेलू जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मज़बूत कर रही है।

  • रायपुर केस में फैसला: फारूक हत्याकांड के आरोपियों की उम्रकैद को 10 साल में बदल

    बिलासपुर

    रायपुर के बहुचर्चित फारूक खान हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों की उम्रकैद की सजा घटाकर 10-10 साल कर दी है। कोर्ट ने माना कि यह हत्या अचानक हुए झगड़े में गुस्से का नतीजा था, इसमें पहले से कोई साजिश या योजना नहीं थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की खंडपीठ में हुई।

    दरअसल, 14 फरवरी 2022 की रात रायपुर के बैजनाथपारा में एक शादी समारोह में डीजे पर डांस को लेकर बहस शुरू हुई। आपसी विवाद बढ़ा तो गुस्से में राजा उर्फ अहमद रजा ने जेब से चाकू निकाला और फारूक खान के सीने पर वार कर दिया। फारूक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने राजा के साथ उसके साथियों मोहम्मद इश्तेखार और मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार किया। ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2024 में राजा को हत्या (धारा 302) और दोनों साथियों को हत्या में सहभागिता (302/34) में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

    हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा कि यह घटना अचानक हुई, कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी। मेडिकल रिपोर्ट से भी साफ है कि एक ही चाकू का वार हुआ। राज्य पक्ष ने सजा बरकरार रखने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मामला आईपीसी की धारा 300 के अपवाद 4 के तहत आता है, यानी अचानक हुए झगड़े में हत्या हुई है। इस मामले में आरोपी राजा को 302 में उम्रकैद, इश्तेखार और शाहिद को 302/34 में उम्रकैद की सजा दी गई थी। वहीं हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियो को धारा 304 (भाग-1) यानी गैरइरादतन हत्या में 10-10 साल कठोर कैद और 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया है। आर्म्स एक्ट में एक साल की सजा पहले जैसी रहेगी और सारी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने कहा कि शादी में अचानक शुरू हुए विवाद में कोई पूर्व योजना या हथियारबंद साजिश नहीं दिखती। यह हत्या नहीं बल्कि कुलपेबल होमिसाइड है, इसलिए सजा में राहत दी जाती है।

  • जबलपुर हाईकोर्ट ने तलाक को दी मंजूरी, कहा – ‘सुलह की कोई संभावना नहीं बची’

    जबलपुर
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि पक्षों(पति और पत्नी) के बीच वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करना असंभव हो जाता है, तो न्यायालय इस तथ्य से अपनी आँखें बंद नहीं कर सकता है. हम तलाक नहीं देकर दोनों पक्षों की पीड़ा को बढ़ा नहीं सकते है. हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट तथा जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने इस आदेश के साथ 9 साल से अलग रहने वाले पति-पत्नी के विवाह विच्छेद पर मोहर लगा दी.

    ग्वालियर निवासी विकास आर्य की तरफ से दायर की गई थी याचिका, कुटुम्ब न्यायालय के आदेश को दी गई थी चुनौती

    ग्वालियर निवासी विकास आर्य की तरफ से दायर की गई याचिका में कुटुम्ब न्यायालय द्वारा तलाक के आवेदन को खारिज किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी. अपील पर मार्च 2025 में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने तलाक के लिए सहमति व्यक्त की थी. इसके बाद कूलिंग पीरियड माफ करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था. इसके बाद परिवादी पत्नी की तरफ से स्थगन की मांग करने पर प्रकरण को मध्यस्थता के लिए भेजा गया था.

    हाई कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता और प्रतिवादी पिछले 9 साल से अलग-अलग रह रहे हैं और तलाक चाहते हैं

    हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश कर बताया गया था कि प्रतिवादी पत्नी मध्यस्थता के लिए उपस्थित नहीं हुई, इसलिए मामले को न्यायालय में वापस भेज दिया गया है. युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अपीलकर्ता और प्रतिवादी पिछले 9 साल से अलग-अलग रह रहे हैं और तलाक चाहते हैं.

    जैसा की पूर्व में पारित आदेश पत्र से स्पष्ट है. ऐसी स्थिति में तलाक का आदेश नहीं देने का अर्थ होगा कि विवाह पूरी तरह से टूटने के बावजूद विशेष चरण में रोक दिया गया है. पक्षों के बीच वैवाहिक संबंधों के समाधान की कोई संभावना नहीं है. युगलपीठ ने उक्त आदेश के साथ विवाह विच्छेद के आदेश जारी किए.

  • स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का बनेगा वटवृक्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    हमने हर काल में आई चुनौतियों का सामना स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री  मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर
    स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का बनेगा वटवृक्ष
    मुख्यमंत्री ने त्यौहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए किया प्रेरित
    स्वदेशी अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी जागरण सप्ताह का किया शुभारंभ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जनजागरण रैली में हुए शामिल
    पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से महात्मा गांधी की जयंती तक चलेगा स्वदेशी जागरण सप्ताह
    रवीन्द्र भवन में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी की ताकत से ही हमारी संस्कृति, हजारों हजार साल से अपने गौरव-गरिमा और समृद्धता के साथ विद्यमान है। हर युग और हर काल में आई चुनौतियों का हमने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से ही सामना किया है। महात्मा गांधी ने स्वदेशी के बल पर ही देश को आजादी दिलाई थी। उन्होंने ने जन-जन को विदेशी वस्तुओं को त्यागने और विदेशी वस्त्रों की होली जलाने के लिए प्रेरित किया। अपनी माटी, अपने देश और स्वदेशी व्यवस्था के प्रति हम सबके मन में सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में बहुत समानता थी। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय संस्कृति की लंबी विचार प्रक्रिया के संवाहक हैं। दोनों का ही विचार था कि स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का वटवृक्ष बनेगा और भारत, विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जंयती के अवसर पर मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में पैदल मार्च कर स्वदेशी अपनाने के लिए जन-जन को किया प्रेरित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ भारती, महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार, ब्रह्म कुमारी संगठन, पंतजलि समूह और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने स्वदेशी के प्रति अपनी प्रतिबद्धिता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्वदेशी संकल्प समर्थन-पत्र सौंपे। कार्यक्रम में स्वदेशी पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई रैली में मानस भवन से पैदल मार्च करते हुए शामिल हुए। रैली के माध्यम से उद्योग जगत, व्यापारी बन्धुओं, दुकानदारों, विक्रेताओं, छात्र-छात्राओं और समस्त समाज के सदस्यों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली स्वदेशी पर केंद्रित नारों के माध्यम से जन-जागरण करती हुई रवीन्द्र भवन पहुंची।

    भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में लगेंगे स्वदेशी मेले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी जागरण सप्ताह में स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार-प्रसार करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में स्वदेशी जागरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह महाअभियान प्रदेश के 313 विकासखंडों में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। प्रसन्नता का विषय है कि आगामी माहों में भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी स्वदेशी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनके मार्गदर्शन में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। आत्मनिर्भर बनते भारत की विकास यात्रा का मार्ग स्वदेशी से ही खुलता है।

    किसानों और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान जरूरी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी मिट्टी, अपनी भूमि के प्रति विश्वास के भाव से ही हम अपने जीवन को सफल और धन्य कर सकते हैं। किसान मिट्टी में श्रम से ही अपने अन्न के भंडार भरते हैं। लघु उद्योग चलाने और उसमें काम करने वाले कारीगर के भी स्वावलंबन के मार्ग पर चलते हैं, उनके परिश्रम का सम्मान आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के त्योहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता समाज के सहयोग के बिना मंजिल तक नहीं पहुंच सकती है। दीपक और उसकी बाती के लिए जिस प्रकार ऑक्सीजन जरूरी है, उसी प्रकार स्वदेशी जैसे अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।

    कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष  मोहन नागर, स्वर्णिम भारत वर्ष फाउण्डेशन, अखिल भारतीय सह प्रमुख स्वदेशी मेला, स्वाबलंबी भारत अभियान और सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

     

  • पेंच टाइगर रिजर्व खोलने की तैयारी, कोर एरिया में गाइड और प्रवेश शुल्क में वृद्धि

    छिंदवाड़ा
    पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) के कोर एरिया के तीनों गेट (जमतरा, कर्माझिरी और दूरिया) एक अक्टूबर से खुल जायेंगे। तीन माह बाद पयर्टक सफारी का लुफ्त उठाने के साथ बाघ का दीदार कर सकेंगे। हालांकि इस बार उन्हें दस प्रतिशत अधिक प्रवेश और गाइड की बढ़ी हुई फीस देनी होगी। तीन साल बाद शासन ने पेंच टाइगर रिजर्व में इंट्री फीस और गाइड की फीस बढ़ा दी है। इससे पहले वर्ष 2021 में फीस बढ़ाई गई थी।

    बता दें कि पेंच टाइगर रिजर्व का मुख्य (कोर) क्षेत्र मानसून सत्र के दौरान एक जुलाई से 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहता है। इस अवधि में टाइगर रिजर्व में सड़कों का रखरखाव और संरक्षण कार्य किए जाते हैं। लेकिन पर्यटको को बफर जोन में घूमने का मौका मिलता है। बफर एरिया में जानवरों की चहल-कदमी कम होती है। जबकि कोर जोन में अधिक रहती है। ऐसे में देश विदेश के पर्यटकों को कोर जोन के गेट खुलने का इंतजार रहता है।

    इसलिए प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व

    पंच टाइगर रिजर्व देश के बाघों के गढ़ में से एक है। भारत के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। पार्क में टाइगर, भारतीय तेंदुए भालू बारहसिंगा सहित जीव-जन्तु पाए जाते हैं। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध नॉवेल जंगल बुकज में दर्शाए गए जंगल को पेंच टाइगर रिजर्व पर आधारित माना गया है।

    2640 रुपए इंट्री और 800 रुपए गाइड शुल्क

    राज्य शासन ने पेंच टाइगर रिजर्व में प्रवेश फीस में वस प्रतिशत की वृद्धि की है। अभी तक कोर एरिया की प्रवेश फीस 2400 रुपए लगती थी, लेकिन एक अक्टूबर से 2640 रुपए भारतीय पर्यटकों से लिया जाएगा। विदेशी पर्यटकों को 4800 की जगह 5280 रुपए देने होंगे। इसके अलावा गाइड शुल्क 480 रुपए की जगह 800 रुपए निर्धारित किया गया है। 

    क्या है कोर और बफर एरिया

    हर नेशनल पार्क में कोर और बफर एरिया होता है। यह ऐसा क्षेत्र होता है जहां वन्यप्राणियों के रहने और जीवनशैली के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और भोजन उपलब्ध रहता है। वन क्षेत्र का सर्वाधिक घनत्व भी इसी क्षेत्र में देखने को मिलता है। किसी भी नेशनल पार्क में बीच के इलाके को कोर एरिया कहा जाता है। वहीं, कोर एरिया और करीबी ग्रामीण क्षेत्र के बीच का हिस्सा बफर जोन कहलाता है। इसमें कोर एरिया के मुकाबले जंगल और उसका घनत्व कम होता है। 

    एक अक्टूबर से पंच टाइगर रिजर्व के व के कोर एरिया के तीनों गेट खुल जाएंगे। पर्यटक सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। शासन ने प्रवेश फीस में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।- रजनीश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पंच टाइगर रिजर्व

  • पुरानी रंजिश के चलते कटघोरा में फायरिंग, पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में

    कोरबा

    कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के कसनिया गांव में फायरिंग का मामला सामने आया है। हमलावर ने घर और दुकान पर गोली चलाई। इस घटना में मौके पर एक कारतूस गिरा मिला। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अभी तक घटना का कारण अज्ञात है।

    मकान मालिक वसीम मेमन ने बताया कि वह घर के अंदर था इस दौरान दो गोली चलने की आवाज आई, उसे अनहोनी होने की आशंका हुई और वह घर से बाहर निकाला। गोली की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया। एक गोली घर के शटर पर लगी। वहीं, दूसरी गली अंदर के मुख्य द्वार पर लगी। गोली चलाने वाले दो लोग थे जो बाइक पर सवार होकर आए हुए थे। वसीम मेमन ने बताया कि उसके छोटे भाई का कोर्ट में मामला चल रहा है। इसके बाद से विवाद की स्थिति बनी हुई है आशंका जताई जा रही है कि उसे ही जुड़े कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया होगा। घटना की सूचना मिलते ही कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे और पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित रहे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस की तत्परता से एक आरोपी को हिरासत में दिया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है।

  • फरार पुलिसकर्मियों की तलाश तेज, CBI ने संजीत और उत्तम सिंह पर रखा 2-2 लाख का इनाम

    गुना 

    सीबीआई ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में देव पारधी की हिरासत में मौत के मामले में दो फरार पुलिसकर्मियों संजीत सिंह मावई और उत्तम सिंह कुशवाहा की घेरेबंदी तेज कर दी है। सीबीआई ने इन दोनों की जानकारी देने वालों को दो-दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। सीबीआई का यह कदम इस केस में सुप्रीम कोर्ट की कठोर टिप्पणियों के बाद सामने आया है।

    अधिकारियों ने बताया कि मावई घटना के समय नगर निरीक्षक और कुशवाहा सहायक उप निरीक्षक के पद पर थे। दोनों को देव पारधी की हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी बनाया गया है। बता दें कि देव पारधी को चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

    सीबीआई पहले ही इस मामले में उप निरीक्षक देवराज सिंह परिहार, नगर निरीक्षक जुबैर खान और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है। मावई और कुशवाहा अब भी फरार हैं।

    सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इन दोनों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है। देव पारधी को चोरी के आरोप में उसके चाचा गंगाराम के साथ हिरासत में लिया गया था।

    देव पारधी की मां का आरोप है कि उसके बेटे को आरोपियों ने टॉर्चर कर के मार डाला। वहीं पुलिस का दावा है कि आरोपी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में फरार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं करने पर CBI को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने एजेंसी से पूछा कि अप्रैल से फरार चल रहे संजीव सिंह मावई और उत्तम सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार करने में क्या दिक्कत आ रही है। अदालत ने CBI को चेतावनी दी थी कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई तो अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

  • छत्तीसगढ़ की बेटी दिव्या ने मलेशिया में भारत को दिलाया गोल्ड

    महासमुंद

    छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की होनहार बेटी दिव्या रंगारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। दिव्या व उनकी टीम ने मलेशिया में आयोजित अंडर-16 एशियन वूमेन्स बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारत का परचम लहराया है। चैपियनशिप में दिव्या और उसकी टीम ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया और इस टूर्नामेंट में 8 साल बाद भारत की वापसी कराते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। यह पल दिव्या और उनकी टीम के लिए गौरव का पल था, जो भारत के लिए खेल रही थी।

    13 से 19 सितम्बर तक मलेशिया में आयोजित इस टूर्नामेंट में 8 देशों के साथ भारत का मुकाबला हुआ। दिव्या और उसकी टीम ने पूरे दमखम के साथ खेलकर भारत को विजयी दिलाई। भारत की ओर से खेलने वाली खिलाड़ियों में महासमुंद की दिव्या रंगारी छत्तीसगढ़ की मात्र अकेली खिलाड़ी थी। FIFA बास्केटबॉल टूर्नामेंट चैंपियनशिप में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद महासमुंद लौटी दिव्या का भव्य स्वागत हुआ। पूरे शहरवासी, खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि, समाज सेवी और विभिन्न समुदाय के लोगों ने उनका जगह-जगह भव्य स्वागत किया। रास्तेभर गाजे- बाजे की आवाज और आतिशबाजी के साथ भारत माता की जय के नारे गूंजती रही।

    किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं, डटकर मुकाबला करें : दिव्या
    लोगों ने फूल माला और मिठाई के साथ दिव्या का स्वागत किया। सभी ने दिव्या से मुलाकात कर उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दिव्या ने कठिनाइयों में पीछे हट जाने वाले खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि हर परिस्थितियों में घबराकर मैदान छोड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि वहां डटे रहकर मुकाबला करने से ही जीत मिलती है। दिव्या ने अपने इस सफलता का श्रेय अपने कोच, अपने माता-पिता और बास्केटबॉल संघ के सदस्यों को दिया है। उनके परिजन भी दिव्या की इस सफलता पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

    पिता ने कहा – बेटी ने दिलाई पहचान
    दिव्या के पिता का कहना है कि जो लोग मुझे जानते नहीं थे, वे आज मुझे अपनी बेटी के नाम से पहचानने लगे हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। बास्केटबॉल संघ ने भी दिव्या के इस सफलता पर खुशी जाहिर की और आने वाले समय में हर खिलाड़ी के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म तैयार करने की बात कही।

  • पंडित दीनदयाल जी की 109 वीं जयंती पर माल्यार्पण,पुष्पांजलि सभा का आयोजन

    रायपुर 

    जवाहर नगर मंडल द्वारा 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 109 वीं जयंती मंडल के वार्डो में बूथ स्तर पर मनाई गई। इस अवसर पर आज सुबह 10 बजे तात्यापारा वार्ड क्र 36 स्थित श्री दुलार धर्म शाला बढ़ई पारा मुख्य मार्ग पर पंडित दीनदयाल जी की छायाचित्र के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें जवाहर मंडल के पदाधिकारी,कार्यकर्ता गण,एवं वार्ड वासी शामिल होकर सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष जी को याद कर पुष्पांजलि अर्पित की। जयंती के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व साभापति,लौह शिल्पकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि पंडित दीनदयाल का मूल मंत्र कार्यकर्ताओं का सम्मान था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एकात्मक मानववाद के संस्थापक थे।

    जनसंघ की संस्थापक सदस्य में एक थे। वह जनसंघ के महासचिव और अध्यक्ष भी बनाए गए। तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से लौह शिल्पकार मंडल के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा,इंदिरा गांधीं वार्ड के पार्षद एवं mic सदस्य श्री अवतार सिंह बागल,पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राजेश पांडे, जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष श्री संदीप जंघेल,भाजपा जिला से असगर अली,मनोज विश्वकर्मा मंडल महामंत्री श्री रमेश शर्मा,गीता रेड्डी,रिखी राम श्रीवास,कान्हा सिंह ठाकुर,सूरज शर्मा,शंकर शर्मा,नीलू तलमेल,दिनेश अग्रवाल,संतोष निहाल,राहुल विश्वकर्मा,पूनम सोनी,प्रियंका साहू,सरोज गुरुगोसाई,विजय सोनी,दीप लक्ष्मी साहू,कुशल गेडेकर,मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन के साथ दर्जनों मोहल्ला वासी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • आध्यात्मिक केंद्रों को प्रोत्साहन, नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन के लिए जमीन मात्र 1 रुपये में

    भोपाल 

    कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब नगरीय प्रशासन ने प्रदेशके नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में उन निकायों में इनका निर्माण होगा जहां जमीन उपलब्ध है। विभाग ने सभी निकायों से जमीन की जानकारी मांगी है। जिनके पास जमीन उपलब्ध नहीं है उन्हें सरकार एक रुपए में जमीन देगी। इनका निर्माण पीपीपी मोड पर होगा। इन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए यहां बड़े हॉल के साथ लायब्रेरी भी होगी। इससे वहां छात्र भी बैठकर अध्ययन कर सकेंगे। यहां ई-लायब्रेरी की भी व्यवस्था की जाएगी।

    फैक्ट फाइल

        413 निकायों में बनाए जाएंगे गीता भवन

        सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र के साथ ही युवाओं की शिक्षण गतिविधियों के लिए लायब्रेरी भी होंगी

    पांच साल में सारे भवन बनाने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद इन पर काम शुरू हुआ है। नगरीय विकास विभाग ने सभी 413 निकायों में पांच साल में गीता भवन बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जिन निकायों में जमीन उपलब्ध है वहां निर्माण के लिए जल्द एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो सके।

    आबादी से तय होगा भवन का आकार

    योजना के अनुसार 5 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता के भवन बनाए जाएंगे। 5 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर निगमों में 1 हजार की बैठक क्षमता वाला गीता भवन तैयार किया जाएगा। कुछ छोटी नगर पालिकाओं में 500 की बैठक क्षमता के गीता भवन भी तैयार किए जाएंगे। इन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार भी तैयार किया जाएगा तो आबादी बढ़ने पर भी यह उपयोगी रहें।

    कमर्शियल स्पेस भी होगा

    गीता भवन का जो निजी डेवलपर विकास करेगा उसे उसके बदले कुछ कमर्शियल स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा। नगरीय निकाय की भी कुछ दुकानें होंगी। इनके किराए से मेंटेनेंस का प्रबंध होगा। यहां साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी रहेगा। गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी होगी। यहां लायब्रेरी में पढ़ने वालों के लिए एसी, पंखे और ठंडे पानी की व्यवस्था रहेगी। ऑडीटोरियम में प्रवचन, सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजन हो सकेंगे।

  • मां शारदा की नगरी मैहर में भक्तों की भीड़, नवरात्र में अब तक 4 लाख ने किए दर्शन

    मैहर
     मां शारदा धाम मैहर में चल रहे शारदेय नवरात्र महोत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। पहले दिन मां शारदा के दर्शन हेतु लगभग 1 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। दूसरे दिन यह संख्या बढ़कर 95 हजार तक जा पहुंची। तीसरे दिन श्रद्धालुओं का जोश और बढ़ा और करीब 1 लाख 25 हजार भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेका।

    इसी कड़ी में आज चतुर्थी तिथि (गुरुवार, 25 सितंबर 2025) को भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। प्रातः 12 बजे तक 72,639 श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं और अनुमान है कि दिनभर में यह संख्या 1 लाख से अधिक तक पहुंच सकती है। मेला क्षेत्र में जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को सुचारू दर्शन के लिए बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

    नवरात्र के प्रत्येक दिन की तरह आज भी माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा हो रही है

        प्रथम दिवस (प्रतिपदा) पर माता शैलपुत्री की आराधना हुई।
        द्वितीय दिवस (द्वितीया) पर ब्रह्मचारिणी माता की पूजा-अर्चना की गई।
        तृतीय दिवस (तृतीया) पर मां चंद्रघंटा का शृंगार और दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हुए।
        चतुर्थ दिवस (चतुर्थी) पर आज भक्त माँ कूष्मांडा की उपासना कर रहे हैं।

    नवरात्र के इन पावन दिनों में मां शारदा की नगरी पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। मंदिर प्रांगण से लेकर पूरे मैहर नगर तक 'जय मां शारदा' के जयकारों से गूंज रहा है। मैहर की मां शारदा माता के दर्शन करने पहुंची एक लड़की की अचानक तबियत बिगड़ गई, तभी मौके पर मौजूद सीएसपी महेंद्र सिंह ने तत्काल स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराई है। प्राथमिक उपचार के बाद लड़की स्वस्थ हो गई।

     

  • ऑयल फैक्ट्री में आग ने मचाई तबाही, इलाके में तनावपूर्ण स्थिति

    धरसीवा

    सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के फेस वन में स्थित टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। करीब आधा दर्जन दमकल की गाड़ी आग बुझाने में लगी है, लेकिन आग बार-बार भड़कती जा रही है। इसके चलते आसमान में दो-तीन किलोमीटर तक धुंआ ही धुंआ नजर आ रहा है।

    खास बात यह है कि इसी फैक्ट्री के पीछे सड़क के दूसरी ओर कुछ ही दूरी पर आईओसी का वाटलिंग रिफिलिंग प्लांट भी है, जहां घरेलू और कामर्शियल सिलेंडरों में गैस रिफिल होती है। कैप्सूल टैंकरों से गैस यहां आती है। बावजूद इसके आखिर कैसे टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री को यहां अनुमति मिली है, यह समझ से परे है।

    फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के मुताबिक फैक्ट्री में सुबह आग लगी है। फैक्ट्री में आग बुझाने फायर सिस्टम नहीं है। पानी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बुझी। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों के कारण लोगों का सांस लेना भी मुश्किल है, क्योंकि टायर जलाकर ऑयल बनाने के दौरान आसपास के दर्जनभर गांवों तक इसकी दुर्गंध से लोग परेशान हैं।

  • आज बाबा ने बुलाया – महाकाल की शरण में पहुंचे संजय दत्त, कहा दिल से जुड़ा है उज्जैन से नाता

    उज्जैन 

    उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के बॉलीवुड स्टार संजय दत्त (संजू बाबा) पहुंचे. उन्होंने नंदी हाल में बैठकर शिव आराधना कर बाबा की पूजा की. इसके बाद कहा कि मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया है. इस अनुभूति को बयां नहीं कर सकता. 
    बाबा की आराधना

    12 ज्योर्तिलिंग में से एक महाकाल मंदिर में देश -विदेश की ख्यात हस्तियां आती रहती हैं. इसी कड़ी में गुरूवार तड़के बॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्टर संजय दत्त महाकाल मंदिर पहुंचे. दत्त धोती कुर्ता पहन कर मंदिर पहुंचे और नंदी हाल में बैठकर करीब एक घंटे बाबा महाकाल की आराधना की. भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार से बाबा के दर्शन कर पूजा की. इस दौरान मंदिर समिति ने दत्त को बाबा का प्रसाद देकर ओर दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया.
    अनुभूति के लिए शब्द नहीं

    पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए दत्त ने पूजा अर्चना करने के पश्चात कहा मेरा सौभाग्य की बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया. भस्म आरती का एहसास बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है, लेकिन लगता है यहां की कोई शक्ति है. किसी को आने के लिए अपील की जरूरत नहीं है बाबा जिसे बुलाएंगे वह स्वयं आ जाएगा मैं कितने सालों से कोशिश कर रहा था और अब आ पाया. यह कह संजय हर-हर महादेव का जयकार लगाकर रवाना हो गए.
    बॉलीवुड के स्टार भी बाबा के भक्त

    पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड टॉलीवुड में बाबा महाकाल के प्रति आस्था बढ़ती जा रही है। लगातार फिल्मी हस्तियां बाबा का आशीर्वाद लेने आ रही हैं. हाल ही में एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा, आशुतोष राणा, जयाप्रदा,जाह्नवी कपूर बाबा की शरण में पहुंचे थे. वहीं अक्षय कुमार,सारा अली खान, गोविंदा, सोनू सूद, रविकिशन, साउथ स्टार यश, मनोज वाजपेई, राजपाल यादव, मनोज जोशी, शिल्पा शेट्टी,हेमा मालिनी,जया प्रदा, अनुपम खेर,रेखा, अनुराधा पौडवाल, मधुर भंडारकर, टीनू आनंद, दलजीत दोसांझ,मनोज मुंतशिर अभिनेता,उत्कर्ष शर्मा, सिंगर सुनंदा शर्मा, रंजीत, पॉप सिंगर हनी सिंह, कोरियोग्राफर रैमो डिसूजा, बिंदु दारा सिंह व साउथ के भी कई एक्टर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आ चुके हैं.
    ऐसे होती है भस्म आरती

    विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरूवार तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही पुजारियों ने सबसे पहले वीरभद्र जी का स्वस्तिवाचन कर और उनकी आज्ञा से चांदी द्वार खोला. इसके बाद गर्भगृह के पट खोल भगवान का श्रृंगार उतार कर पंचामृत पूजन कर कर्पूर आरती की गई. इसके बाद भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया. फ़िर बाबा को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से दिव्य स्वरूप में श्रृंगारित कर ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर भगवान को भस्म चढ़ाई गई. इस दौरान नंदी बाबा की भी पूजा की गई.