• खराब सड़कें पर हाईकोर्ट ने PWD-NHAI को फटकारा

    बिलासपुर

    छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे सड़क हादसों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि नेशनल हाईवे-343 और एनएच-130 जैसे मार्गों की खराब हालत और ब्लैक स्पाटों के कारण आम लोगों की जान जा रही है। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के हलफनामे पेश होने के बाद कहा कि अब जिम्मेदार एजेंसियां जवाबदेह बनें और जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही करने वाले किसी भी विभाग या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।

    यह मामला उस समय हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, जब एक पिकअप वाहन के ब्रेक फेल होने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। चालक वाहन छोड़कर कूद गया और गाड़ी 35 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे की खबरें अखबारों में प्रकाशित हुईं तो कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया। पीडब्ल्यूडी सचिव ने कोर्ट में कहा कि अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा रोड (एनएच-343) की हालत सुधारने के लिए करीब 740 करोड़ की मंजूरी केंद्र सरकार से मिल चुकी है। तीन पैकेजों में काम बांटा गया है। मई 2025 में ठेका भी दे दिया गया है, लेकिन बारिश की वजह से काम ठप है। फिलहाल 2.81 करोड़ की लागत से अस्थायी मरम्मत जारी है। वहीं ब्लैक स्पाटों को सुधारने के लिए कई प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं, लेकिन मंजूरी का इंतजार है।

    एनएचएआई ने बताया कि बिलासपुर, मुंगेली और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 10 ब्लैक स्पाटों में से कई को हटाया जा चुका है। बिलासपुर के सेंदरी जंक्शन पर नई सर्विस रोड 90 प्रतिशत तैयार हो चुकी है। लिमतरा मोड़ पर 3.98 करोड़ की लागत से सर्विस रोड बनाने का टेंडर जारी हो चुका है। कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में पता चला कि कोरबा से रायपुर तक के एनएच-130 पर स्थित पावर प्लांट्स की राख (फ्लाई ऐश) ढोते समय पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं करते। ट्रकों से उड़ने वाली राख दिन में भी जीरो विजिबिलिटी बना देती है। इससे सड़क हादसे तो होते ही हैं। साथ ही आसपास के गांवों में सांस की बीमारियां भी फैल रही है। कोर्ट ने माना कि इससे हाईवे पर हुए मरम्मत कार्य भी बर्बाद हो रहे हैं।

    कोर्ट ने एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल को छोड़कर बाकी पावर प्लांट्स जैसे केएसके महानदी, डीबी पावर (बरादरहा), बालको, एसकेएस पावर, एसीबी पावर और अन्य स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से स्पष्टीकरण मांगा है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को भी पार्टी बनाकर कहा गया है कि वे अपना हलफनामा कोर्ट में पेश करें। हाईकोर्ट ने साफ किया कि अब मामले की नियमित मानिटरिंग होगी।

  • वक्फ से शिक्षा के विकास को प्रोत्साहन, 15 हजार समितियों को वक्फ बोर्ड ने दिए लक्ष्य

    भोपाल 

    वक्फ से होने वाली आय को समाज में तालीम को बढ़ावा देने पर खर्च करों और इनाम पाओ। प्रदेश में 15 हजार वक्फ समितियों को वक्फ बोर्ड (Waqf Board)ने टारगेट दिया है। इसके तहत पढ़ाई में अधिक से अधिक स्टूडेंट की मदद करनी होगी। इसके लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग वक्फ बोर्ड करेगा। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए प्रदेश में वक्फ समितियां हैं। जो बोर्ड के अधीन काम कर रही है। वक्फ प्रापर्टी की देखरेख से लेकर उसके रिकॉर्ड की जिम्मेदारी इनके पास है।

    वक्फ संशोधन एक्ट के बाद वक्फ आय को ये समितियां शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी। हर समिति को अपने जिले में रिकॉर्ड रखना होगा। आय के मुताबिक स्कॉलरशिप देने से लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करना होगा। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग होना है। इसी के आधार पर इनकी रैकिंग तय होना है।

    जिला स्तर पर वक्फ समितियों की तैयार होगी रिपोर्ट

    वक्फ सम्पत्तियों से होने वाली आय तालीम पर खर्च होगी। वक्फ समितियों को इसकी जिम्मेदारी है। इसके आधार पर इनकी समीक्षा होगी। बेहतर काम करने वालों को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन के लिए होगा।- डॉ सन्नवर पटेल, अध्यक्ष मप्र वक्फ बोर्ड

    दुकान और मकानों से आय

    वक्फ बोर्ड के मुताबिक वक्फ में कब्रिस्तान, मस्जिद, मकबरे सहित अन्य प्रापर्टी शामिल हैं। आय केवल दुकान और मकानों से है। ऐसे में कई जिले ऐसे हैं जहां कोई आय नहीं है। वहीं वक्फ संपत्तियों से कब्जे हटाने की कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने 34 करोड़ की रिकवरी नोटिस जारी किए है। इनमें 27 करोड की रिकवरी भोपाल से ही होना है। इसके अलावा एक अन्य समिति को सात करोड़ का नोटिस बोर्ड ने भेजा है।

  • भोपाल मेट्रो आखिरी टेस्ट के मोड़ पर, CMRS दो दिन तक जांचेगी हर नट-बोल्ट

    भोपाल 
    कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंच गई है। गुरुवार और शुक्रवार को टीम निरीक्षण करेगी। कमिश्नर जनक कुमार गर्ग भी साथ हैं। इसके बाद एक और टीम भोपाल पहुंचेंगी। मेट्रो के लिए सीएमआरएस का दौरा सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि 'ओके' रिपोर्ट का फाइनल होना। 

    मेट्रो अफसरों की माने तो ये टीमें ट्रैक के नट-बोल्ट से लेकर सिग्नल, इंट्री-एग्जिट गेट, डिपो तक देखेगी। निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद कमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी।

    मुंबई से आई है टीम सीएमआरएस की टीम मुंबई से आई है। इस टीम के जिम्मे डिपो और गाड़ी है। डिपो में मेट्रो की सभी जरूरतें जानी जाएगी। वहीं, मेट्रो के अंदर फंक्शन, सॉफ्टवेयर के बारे में जानेगी। यदि कहीं कोई खामी मिलती है तो उसे तुरंत सुधरवाएगी। यह टीम डिपो के अंदर ही रहेगी।इसके बाद दूसरी टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। हर वो बात जानेगी, जो मेट्रो के संचालन के लिए जरूरी है। टीम ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है।

    अक्टूबर में कमर्शियल रन प्रस्तावित बता दें कि अक्टूबर में मेट्रो का कमर्शियल रन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस किया जा रहा है।

    आरडीएसओ से मिल चुकी ओके रिपोर्ट भोपाल मेट्रो के लिए सबसे पहले रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम आ चुकी है। इस टीम की रिपोर्ट ओके आई। इसके निरीक्षण के बाद सीएमआरएस को डॉक्युमेंट्स सबमिट किए गए। फिर निरीक्षण की तारीख 25-26 सितंबर फाइनल हुई।

    साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी है, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।

    दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

  • तांत्रिक क्रिया के लिए कब्रों से छेड़छाड़ करने वाला बदमाश गिरफ्तार

    खंडवा
     खंडवा से निकलकर प्रदेशभर में सनसनी फैलाने वाला कब्रिस्तान छेड़छाड़ कांड आखिरकार सुलझ गया है। पुलिस ने इस घिनौने कृत्य के आरोपी तांत्रिक प्रवृत्ति के अपराधी अयूब खान (50) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलतः जावर थाने के अंतर्गत आने वाले मुंडवाड़ा गांव का रहने वाला है और पहले से ही निगरानी शुदा बदमाश है।

    पुलिस पूछताछ में अयूब ने स्वीकार किया कि वह कब्रों को खोदकर तंत्र क्रिया करता था। जानकारी मिली है कि इंदौर सेंट्रल जेल में सजा काटते समय उसने कुछ अपराधियों से तांत्रिक मंत्र-क्रियाएं सीखीं। इसी झूठी धारणा के चलते वह कब्रों पर छेड़छाड़ कर अपनी "शक्ति" बढ़ाने की कोशिश करता था। इसी साल 15 मई 2025 को वह जेल से बाहर आया था, जहां वह अपनी दोनों पत्नियों की हत्या के मामले में सजा काट रहा था।

    जेल से छूटने के महज चार दिन बाद यानी 19 मई की रात उसने खंडवा के बड़ा कब्रिस्तान और सिहाड़ा गांव में कब्रें खोदी थीं। हाल ही में 21 सितंबर को फिर से बड़ा कब्रिस्तान में कब्रों को नुकसान पहुंचाया गया। जब मुस्लिम समुदाय ने शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उसी में आरोपी की पहचान हुई। अयूब खान के खिलाफ पहले से ही हत्या, चोरी और दहेज प्रताड़ना समेत करीब 13 गंभीर प्रकरण दर्ज हैं। दो पत्नियों की हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी थी और इसी दौरान वह जेल में तांत्रिक क्रियाओं से प्रभावित हुआ।

    खंडवा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने जानकारी दी कि आरोपी को हरसूद इलाके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी का जुर्म स्वीकार करने के बाद अब उसके खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास और कब्रिस्तान में की गई वारदातें समाज में भय और असुरक्षा का कारण हैं, इसलिए उस पर कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई जरूरी है।

  • निवास में राज्य आनंद संस्थान अल्पविराम परिचय कार्यशाला संपन्न

    मण्डला
     निवास- शासकीय सेवकों के लिए विकासखंड स्तरीय अल्पविराम परिचय कार्यशाला   राज्य आनंदम संस्थान आनंद विभाग मध्य प्रदेश शासन एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भोपाल का संयुक्त आयोजन मंडला जिले के विकासखंड निवास के कार्यालय जनपद पंचायत सभागार में आयोजित किया गया। 

    सर्वप्रथम मां भारती के चित्र में तिलक वंदन पुष्पहारअर्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला शुभारंभ किया गया, इसके पश्चात मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति मंजूरानी कुलस्ते, उपाध्यक्ष श्री घनश्याम सूर्यवंशी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती श्रद्धा सोनी, मास्टर ट्रेनर राज्य आनंदम संस्थान से श्रीमति अर्चना शर्मा, श्रीमती रश्मि पाठक, श्रीमती संजुलता सिंगोर, श्रीमति वंदना तेकाम  का पुष्पहार भेंट कर स्वागत किया गया।  तत्पश्चात जन अभियान परिषद विकासखंड समन्वयक श्री सूरज  बर्मन द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी गई।

    कार्यशाला में उपस्थित  जनपद पंचायत अध्यक्ष ने अपने  उद्बोधन में जीवन में आनंदित रहने हेतु अल्पविराम जैसे कार्यशाला में जुड़कर अपने जीवन  आनंदित करने  को कहा , उन्होंने  कहा कि ऐसे प्रशिक्षण बार बार होना चाहिए जिसमें नीचे से लेकर ऊपर तक के कर्मचारी संलित रहे, उपाध्यक्ष सूर्यवंशी जी द्वारा समस्त विभागों के शासकीय सेवकों को यह बतलाया  कि अपने से छोटे स्तर के सेवकों को भाईचारे के साथ व्यवहार कर उन्हें भी आनंदित रखें जिससे उत्साहपूर्वक सभी विभागीय कार्य संपादित हो सके तत्पश्चत मास्टर ट्रेनर अर्चना शर्मा के द्वारा अल्पविराम परिचय कार्यशाला हेतु सभी शासकीय सेवकों को प्रशिक्षित किया गया जिसमे अल्पविराम से जुड़े कुछ जीवन के प्रश्नों को सभी के सामने रखा गया।

     जैसे 1.जीवन में आज तक मैं कितने लोगों की मदद किया?2. जीवन में आज तक कितने लोगों ने मेरी मदद कि?3. मैंने अपने जीवन में कितने लोगों को दुःख पहुंचाया?4. मेरे जीवन में कितने लोगों ने मुझे दुःख पहुंचाया? इन विषयों के साथ प्रशिक्षण दिया गया ,इसतरह सभी प्रशिक्षुओं के द्वारा बताया गया कि अल्पविराम परिचय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति अपने अस्त व्यस्थ जीवन में खुद को आनंदित नहीं कर पाते जिससे विभाग ने जन अभियान परिषद के सहयोग से म.प्र.के प्रत्येक विकास खण्ड में यह कार्यशाला आयोजित कर शासकीय सेवकों को आनंदित रहने हेतु अल्पविराम परिचय कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है।

     भोजना  उपरांत मास्टर ट्रेनरों के द्वारा अनेकों आनंदित हास्य गतिविधि कराई गई  जिसका सभी प्रशिक्षार्थियों द्वारा आनंद लिया गया, अल्पविराम परिचय कार्यशाला में परामर्शदाता श्रीमति अभिलाषा दुबे, श्री मनोज कुमार तिवारी, जय प्रकाश झारिया, उत्तम सिंह परस्ते, देवेन्द्र सिंह वरकड़े, नवांकुर संस्था प्रतिनिधि संजय चौधरी, लोकेश्वर गोसाई, छात्र छात्राओं वा समस्त विभागीय अधिकारी/ कर्मचारी की उपस्थिति में कार्यशाला का समापन किया गया।

  • गवर्नर के सामने तकनीकी फेलियर! BP मशीन ने जवाब दिया, डॉक्टर मुश्किल में

    ग्वालियर
     मध्य प्रदेश गजब है। कभी आई के हाथों से चोर फोन लूट लेते हैं तो कभी डॉक्टर गवर्नर का ब्लड प्रेशर चेक नहीं कर पाते हैं। राजधानी भोपाल में पुलिस अधिकारी के साथ चोरी की वारदात के बाद अब राज्यपाल मंगूभाई पटेल का ब्लड प्रेशर चेक करने में लापरवाही का मामले में विभाग एक्शन लेने की तैयारी में है। लापरवाही करने वाले डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ नोटिस भेजे जाने की तैयारी है।

    दरअसल, 22 सितंबर को ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी शामिल हुए थे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ग्वालियर के मुरार गेस्ट हाउस में ठहरे थे। सुबह उनका नियमित चेकअप किया जाना था। जांच करने के लिए डॉक्टरों की एक टीम पहुंची। जैसे ही बीपी चेक किया गया तो मशीन एरर बताने लगी।

    कई बार की गई कोशिश
    जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बार-बार कोशिश की लेकिन राज्यपाल का बीपी कितना था। यह जानकारी नहीं मिल सकी। इस मामले में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सचिन श्रीवास्तव ने कहा था कि बीपी मशीन की बैटरी खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने मौके पर ही बैटरी बदली लेकिन उसके बाद भी जांच नहीं हो सकी। अब इस मामले में सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया गया है।

    सिविल सर्जन पर हो सकती है कार्रवाई
    जिसके बाद सिविल सर्जन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। CMHO ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब मांगा गया है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

    भोपाल में आईजी की फोन हुआ था चोरी
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चोरी की वारदात सामने आई थी। अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। आईजी इंटेलिजेंस डॉ आशीष से अपराधियों ने मोबाइल छीन लिया। आईजी वीवीआईपी इलाके चार इमली में खाना खाने के बाद रात को टहल रहे थे इस दौरान बाइक से आए अपराधी फोन छीनकर भाग गए। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराधियों की तलाश शुरू कर दी।

     

  • जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने के मार्ट पहुंचे मुख्यमंत्री

    रायपुर : मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे मार्ट,ग्राहकों से की मुलाकात,ग्राहक बोले जीएसटी रिफॉर्म्स, बचत क्रांति

    जब मुख्यमंत्री खुद बने ग्राहक : घरेलू सामान की शॉपिंग कर उठाया जीएसटी दरों में कटौती का लाभ

    जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने "के मार्ट" पहुंचे मुख्यमंत्री

    मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया

    जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक

    जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते

    प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत

    रायपुर

    राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं उसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया आए है।

    दरअसल, आज जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की एवं यूपीआई से भुगतान भी किया।इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मार्ट पहुंचकर ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामना खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गदगद हो उठे और कहा कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है। इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर लोगों के विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—"यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुंचे।" इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—"यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।"

    मुख्यमंत्री  साय ने  सभी को स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा आप आगे बढ़े ,हम आपके साथ है।

    जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है

    मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी  टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—"पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।"

    स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो

    राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी  लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—"पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।"
    उन्होंने आगे बताया—"पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।"

    चार जरूरी समान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान

    मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे  मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—"मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।"

    देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी

    शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति  जितेंद्र और मती पद्मा देवांगन ने कहा—"हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।" गृहिणी मती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—"पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।"

    बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका

    मती सविता मौर्य और अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—"श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।"

    उल्लखेनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

  • GST में राहत की घोषणा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया जनहित में उठाया कदम

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बयान – GST में कटौती से आम आदमी को सीधा लाभ

    GST में राहत की घोषणा, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया जनहित में उठाया कदम

    सूरजपुर की दुकानों में ग्राहकों से की सीधी बातचीत, जागरूकता के लिए लगाए गए स्टीकर

    रायपुर

     

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने  सूरजपुर जिले के विभिन्न दुकानों का भ्रमण कर ग्राहकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (GST) में कमी से आमजन को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ की जानकारी दी और कहा कि यह कदम लोगों की आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उठाया गया है।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार आम जनता के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर GST में भारी कमी की है। GST में कमी से लोगों की रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएँ अब और भी किफायती हो गई हैं। यह पहल गरीब, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

    जागरूकता के लिए लगाए गए स्टीकर

    ग्राहकों ने भी मंत्री से बातचीत करते हुए अपनी संतुष्टि जाहिर की। एक ग्राहक ने कहा कि अब बाजार में सामान की कीमतें पहले से कम हैं, जिससे परिवार की ज़रूरतें पूरी करने में सहूलियत हो रही है। वहीं छोटे व्यापारियों ने भी बताया कि इससे ग्राहकों का रुझान बढ़ा है और बिक्री में सकारात्मक असर देखी जा रही है।

    जागरूकता अभियान के तहत दुकानों में विशेष स्टीकर लगाए गए, ताकि आम लोग GST में कमी से मिलने वाले फायदों से अवगत हो सकें। मंत्री ने उपस्थित नागरिकों से कहा कि वे भी अपने आस-पास के लोगों को इसके बारे में जानकारी दें, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

    इस अवसर पर विधायक श्री भुलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य कर रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को किया सम्मानित

    रायपुर

    व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।

    इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा  संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

  • 50% से ऊपर आरक्षण का खेल: संवैधानिक संकट या सामाजिक न्याय? एमपी में OBC कोटा बढ़ाने की तैयारी

    भोपाल

    भारत में आरक्षण की अधिकतम सीमा को लेकर लगातार बहस चलती रहती है। मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण को 27% किए जाने का मामला चल रहा है। इस मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजना सुनवाई की जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद कई राज्य 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में आज बात करेंगे कि ये राज्य आखिर क्यों 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं।

    दरहअसल सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (1992) केस में साफ कहा था, कि सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद कई राज्यों ने इस सीमा को पार कर दिया है और अपने सामाजिक ढांचे व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर 50% से ऊपर का कोटा लागू कर रखा है।

    इन राज्यों में 50% से ज्यााद आरक्षण…

    तमिलनाडु – 69%
        1990-94 में कानून बना और इसे संविधान की नौंवीं अनुसूची में शामिल किया गया।

    तेलंगाना – 67%
     शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण।

    बिहार – 75%
        हाल ही में राज्य ने आरक्षण को 65% तक बढ़ाया और EWS मिलाकर कुल लगभग 75% हो गया।

    गुजरात – 58-60%
        EWS को शामिल करने के बाद कुल आरक्षण दर 50% से ऊपर चली गई।

    केरल – लगभग 60%
        राज्य में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण दर 60 %।

    50% से ज्यादा आरक्षण देने पर क्या कहता है कानून ..
    सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर मान्य नहीं होगा। लेकिन कई राज्यों ने सामाजिक न्याय और जातिगत समीकरणों का हवाला देकर इसे बढ़ाया। खासतौर पर तमिलनाडु का 69% आरक्षण इसलिए बचा हुआ है क्योंकि इसे नौंवीं अनुसूची में डाल दिया गया, जिससे अदालत में इसकी वैधता चुनौती देना मुश्किल हो जाता है। भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि सामान्य स्थिति में जाति-आधारित आरक्षण 50% से ज़्यादा नहीं हो सकता। लेकिन कुछ राज्यों ने इस सीमा को पार करते हुए 50% से अधिक आरक्षण की नीति लागू कर रखी है।

    MP में OBC आरक्षण बढ़ने पर क्या होगा समीकरण?
    आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में मौजूदा दौर में आरक्षण कि स्थिति कुछ इस प्रकार है…

        SC (अनुसूचित जाति) – 16%
        ST (अनुसूचित जनजाति) – 20%
        OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) – पहले 14%, जिसे बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव है​​​

    क्या 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देना संवैधानिक है?
    ऐसे में अगर 27% आरक्षण लागू होता है तो मध्यप्रदेश में कुल आरक्षण बढ़कर 63% पहुंच जाएगा। लेकिन संवैधानिक रूप से यह तभी टिक पाएगा जब सरकार विशेष परिस्थितियों का ठोस तर्क कोर्ट में साबित करे। वरना इसकी वैधता सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

     

  • मंत्री यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की

    रायपुर : बालोद की अधिष्ठात्री देवियों के मंदिर परिसरों का होगा विकास

    बालोद प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने दिया आश्वासन 

     मंत्री यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की

    रायपुर

    प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि, विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने अपने  बालोद जिले के प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला स्थित माँ गंगा मैय्या मंदिर, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी मंदिर एवं ग्राम कंकालिन में कंकालिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने बालोद जिले की प्रमुख तीनों अधिष्ठात्री देवियों का दर्शन करने के उपरांत मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों के मांग पर मंदिर परिसर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों को पूरा करने हेतु राशि स्वीकृति करने का आश्वासन भी दिया। 

     यादव ने गंगा मैय्या झलमला, सियादेवी एवं कंकालिन माता की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की
    प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री ने ग्राम कंकालिन में कंकालिन मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार तथा डोम शेड निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कंकालिन मंदिर परिसर में सुमधुर छत्तीसगढ़ी पंडवानी गायन का श्रवण भी किया। मंत्री  यादव अतिथियों के साथ सियादेवी मंदिर पहुँचकर मां सियादेवी का विधिवत पूजा-अर्चना किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं आम जनता के सुविधा हेतु निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। ग्राम झलमला स्थित गंगा मैया मंदिर पहुँचकर गंगा मैया का पूजा-अर्चना कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने गंगा मैया मंदिर समिति के पदाधिकारियों से बातचीत कर मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार के संबंध में चर्चा की और हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। 

  • वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी का दावा – जीएसटी सुधार से अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल

    जीएसटी पर कटौती का लाभ आम जनता तक पहुँचाने हेतु राज्य जीएसटी का विशेष अभियान

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में जीएसटी दरों में कटौती का लाभ सीधे जनता तक पहुँचे, इसके लिए राज्य सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी ने आज राजधानी के विभिन्न बाजारों का दौरा कर दुकानदारों और उपभोक्ताओं से संवाद किया तथा सुधारों का असर ज़मीनी स्तर पर सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा भी उपस्थित थे।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का असर सीधे जनता तक पहुँचना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि वे प्रत्येक बाजार का नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कटौती का लाभ केवल कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब तक पहुँचे।

    उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का दृढ़ संकल्प है कि जीएसटी दरों के सरलीकरण और कटौती से आम जनता को सीधा लाभ मिले। सरकार की प्रतिबद्धता है कि लोगों को आवश्यक वस्तुएँ और भी किफायती दामों पर उपलब्ध हों तथा सुधारों का असर हर घर-परिवार में स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सके।

    वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से नवरात्रि के पावन अवसर पर ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत की गई है। इस उत्सव के अंतर्गत आमजन के उपयोग की वस्तुओं पर उल्लेखनीय कमी की गई है। इसमें हेयर ऑयल, साबुन, शैम्पू, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान, साइकिल, छोटी कारें, एयर कंडीशनर, टीवी, ट्रैक्टर जैसी कई घरेलू वस्तुएँ शामिल हैं। इन सभी पर आम जनता को सीधी राहत दी जा रही है।

    उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे बाजारों में भ्रमण के दौरान व्यापारी बंधुओं को दरों में कमी की पूरी जानकारी दें और उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करें। उन्हें यह समझाना आवश्यक है कि जीएसटी दरों में कटौती से वस्तुओं के दाम घटे हैं और यह राहत उपभोक्ताओं तक पहुँचना ही इस सुधार का उद्देश्य है।

    वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि “जीएसटी बचत उत्सव केवल एक औपचारिक पहल नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य के जीवन स्तर को सुधारने का एक ठोस प्रयास है। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देगी, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाएगी और व्यापार को भी प्रोत्साहित करेगी।”

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीएसटी दरों में कटौती और सरलीकरण की घोषणा की थी। इसके पश्चात् जीएसटी कौंसिल की 56वीं बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार 22 सितंबर 2025 से ये प्रावधान पूरे देश में लागू हो चुके हैं।

  • रायपुर: गांव-गांव में डिजिटल सशक्तिकरण का संकल्प – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

    रायपुर : गांव-गांव में डिजिटल सशक्तिकरण: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े

    अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग व अन्य सेवाओं का लाभ: मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अंचलों को बैंकिंग सहित सभी सीएससी सेवाएं पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।

    मंत्री मती राजवाड़े सूरजपुर जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस बैठक में जिले के सभी सरपंचों एवं सीएससी द्वारा अधिकृत वीएलई (Village Level Entrepreneur) उपस्थित रहे।

    बैठक में चर्चा की गई कि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं, बिजली बिल भुगतान, पेंशन व बीमा योजनाएं, आधार व अन्य शासकीय योजनाओं की सेवाएं सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध होंगी।

    मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों की समय और संसाधन की बचत के साथ-साथ उन्हें डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सरपंचों और वीएलई से अपील की कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इन सेवाओं का लाभ पहुँचाएँ।
    बैठक में विधायक  भुलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष मती चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

  • बाल निकेतन में निरीक्षण पर पहुंचीं मंत्री निर्मला भूरिया, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने किया बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश

    भोपाल 

    महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

    मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा।

    मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।

     

  • शिक्षा ही प्रगति की कुंजी: रायपुर में बोले मंत्री यादव – जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा

    रायपुर

    प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्र और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार कृत संकल्पित हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में ठोस रणनीति बनाकर कार्य कर रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही सामने आएंगे। नवरात्रि के पावन अवसर पर शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूरवासियों को नवनिर्मित शाला भवन की सौगात मिलने पर बधाई दी और बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा  “जो पढ़ेगा, वही आगे बढ़ेगा।” 

            शिक्षा मंत्री  यादव ने गुरूर स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित शाला भवन का लोकार्पण के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह भवन 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। मंत्री  यादव ने गुरूर के शाला परिसर में डोम सहित कला मंच, सायकल स्टैण्ड तथा प्रार्थना स्थल में डोम निर्माण की घोषणा की। साथ ही स्वामी आत्मानंद शासकीय कन्या उत्कृष्ट विद्यालय गुरूर के प्रार्थना स्थल में भी डोम निर्माण की घोषणा की।

           शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि राज्य में शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु 1 से 8 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य रूप से परीक्षा ली जाएगी। साथ ही 9 वीं से 12 वीं तक के लिए सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से ई-कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नालंदा परिसरों में स्कूली बच्चों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी ई-कोचिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की नई शिक्षा प्रणाली को दूरदर्शी बताते हुए  यादव ने कहा कि इसे दुनिया के 13 देशों में अपनाया जा चुका है। हाल ही में गुजरात जाकर वहाँ के उत्कृष्ट शिक्षा मॉडल का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि गुजरात में इसरो के सैटेलाइट के माध्यम से स्कूलों में बच्चों को अध्यापन कराया जा रहा है, जहाँ संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं होते। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

               कार्यक्रम में स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसकी मंत्री ने सराहना की। कार्यक्रम में विधायक मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष मती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष  प्रदीप साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  यशवंत जैन,  चेमन देशमुख, पूर्व विधायक  प्रीतम साहू एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ एवं गण्मान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • एमपी चीता ब्रांड बनेगा म.प्र. बीज संघ की पहचान – किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज

    मंत्री  सारंग की अध्यक्षता में म.प्र. राज्य सहकारी आवास संघ एवं बीज संघ की साधारण सभा संपन्न

    सहकारी समितियों को आवास संघ का सदस्य बनने पर निर्माण कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता

    एमपी चीता ब्रांड बनेगा म.प्र. बीज संघ की पहचान – किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज

    भोपाल
    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में आज समन्वय भवन, भोपाल में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की वार्षिक साधारण सभाएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न समितियों के सदस्य एवं संबंधित संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    आवास संघ की 47वीं साधारण सभा
    सभा की शुरुआत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ की 47वीं वार्षिक साधारण सभा से हुई। इस दौरान आवास संघ का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना और नवीन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित बजट भी रखा गया।
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आवास संघ को प्रदेश में एक सशक्त निर्माण एजेंसी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि संघ द्वारा कराए जाने वाले सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और उन्हें समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रदेश की सभी प्राथमिक सहकारी समितियों को आवास संघ की सदस्यता प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सदस्यता शुल्क राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जा रहा है, जिससे संघ का कॉर्पस फंड सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांसद एवं विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को भी आवास संघ के माध्यम से कराने की दिशा में पहल की जाए।

    बीज संघ की 20वीं साधारण सभा- ‘एमपी चीता ब्रांड’ की पहचान
    मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बीज उत्पादक एवं विपणन संघ मर्यादित की 20वीं साधारण सभा संपन्न हुई। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है और इसमें सहकारिता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बीज उत्पादन और वितरण को लेकर गंभीर है। इसी दिशा में “एमपी चीता” नामक ब्रांड विकसित किया गया है, जो बीज संघ की पहचान बनेगा। इस ब्रांड के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि समितियां ही “एमपी चीता” ब्रांड की ब्रांड एंबेसडर होंगी। इसके लिए पांच वर्षों का एक्शन प्लान तैयार किया गया है तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे राष्ट्रीय स्तर तक स्थापित किया जाएगा।
    उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों की उपज और आमदनी दोनों बढ़ाते हैं। “एमपी चीता” ब्रांड का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना, सहकारी संस्थाओं को लाभ पहुँचाना और प्रदेश को कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है।

    वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्यों की उपस्थिति
    सभा में सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता, बीज संघ के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र दीक्षित, आवास संघ के प्रबंध संचालक श्री आर.एस. विश्वकर्मा सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।

  • हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन

    रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल

    छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित

    निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन

    पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

    पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास

    हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

                     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

    मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    पर्यटन को उद्योग का दर्जा

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

    निवेश प्रक्रिया की सरलता

    मुख्यमंत्री  साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

    नई तकनीक और एआई सेक्टर

    मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

    पावर हब की ओर कदम

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

    कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

    सेवा क्षेत्र की नई पहचान

    मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

            कार्यक्रम में उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं। 

    उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी। 

    कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। राम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।

    आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

    होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।

    होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
    एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।

    प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

    इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे। 

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, संचालक संस्कृति  विवेक आचार्य, संचालक उद्योग  प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन  संजय जैन भी उपस्थित रहे।

  • किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश बनेगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    • धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 6.69 लाख धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ बोनस राशि अंतरित की
    • किसानों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश बनेगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    • 245 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
    • बालाघाट जिले के 4000 से अधिक युवाओं को दिए नियुक्ति-पत्र
    • कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल और कटंगी-सिवनी राजमार्ग पर बनेगा नया सेतु
    • हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में किया जाएगा प्रोन्नत
    • नेशनल पार्क से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने कराई जाएगी सोलर फेंसिंग
    • राजीव सागर परियोजना से नहलेसरा बांध के इंटरलिंक के लिए कराया जाएगा परीक्षण
    • जंगली जानवरों के हमले में 5 मृतकों के परिजन को दिए जाएंगे 17-17 लाख रुपए
    • मुख्यमंत्री डॉ. यादव कटंगी में आयोजित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में हुए शामिल

     

    बालाघाट

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है।

    किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया।

    मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें

    किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व.  सुखराम, स्व.  प्रकाश, स्व.  अनिल, स्व.  मंगरू एवं स्व.  सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे।

    गौमाता को संरक्षण और सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गौमाता को संरक्षण देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। किसान भाई अधिक से अधिक गाय पालकर दुग्ध उत्पादन करें और अपनी आय बढ़ाएं। किसान भाई गौपालन के साथ-साथ प्राकृतिक खेती से जुड़ें। उन्होंने कहा कि जिसके घर गाय वो गोपाल, 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास गौमाता में होता है। कोई भी गौमाता को परेशान करेगा, उसे समाज में रहने की कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार ने गौशालाओं के अनुदान की राशि बढ़ाई है। प्रदेश में बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली से पहले ही किसानों को धान के बोनस के रूप में तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने जीएसटी की दरों में छूट देकर देशवासियों को दीपावली का बचत गिफ्ट दिया है। हम स्वदेशी उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस स्वदेशी भाव को आगे बढ़ाकर अपने देश को सशक्त और समृद्ध बनाएं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में हितलाभ वितरित किये।

    स्कूल शिक्षा, परिवहन एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के किसानों और युवाओं सहित सभी की चिंता करते हैं। वे बालाघाट के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे धान के अलावा अन्य फसलें भी लगाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में अधिक लाभ है। उन्होंने किसानों से खेती में फसल चक्रण को अपनाने की अपील की।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके ने भी किसान सम्मेलन को स्थानीय भाषा में संबोधित किया। उन्होंने किसानों से कहा कि मुख्यमंत्री दीपावली की सौगात लेकर आपके बीच आए हैं। साथ ही युवाओं के लिए भी रोजगार लेकर आए हैं। हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्राण-प्रण से जुटी है।

    कटंगी विधायक  गौरव सिंह पारधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ कृषि विकास एवं कृषि आधारित उद्योग विकसित करने पर भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बालाघाट के कटंगी में विकास की गंगा बहाई है। अपना वादा निभाने के लिए वे एक बार फिर बालाघाट आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कटंगी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए राजीव सागर और नहलेसरा बांध को इंटरलिंक किया जाए। जंगल और खेतों के बीच सोलर फेंसिंग कराई जाए। उन्होंने बालाघाट जिले को बुधवार को मिले करीब 245 करोड़ की लागत के विकास कार्यों की सिलसिलेवार जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने चलाया पेडी ट्रांसप्लांटर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कृषि नवाचार को बढ़ावा देने वाले पेडी ट्रांसप्लांटर की खूबियों को जाना और उसे चलाकर भी देखा। प्रदर्शनी में स्व-सहायता समूह की लखपति बहनों ने तुअर दाल बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समूह की महिलाओं द्वारा किये गये कार्य की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी में लगी जीएसटी महाबचत उत्सव स्टॉल का अवलोकन कर कहा कि किसानों के साथ आमजन के जीवन में बचत का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी महाबचत उत्सव को अधिक से अधिक प्रचारित कर आमजन तक इसका संदेश पहुंचाया जाये।

    धान का कटोरा है बालाघाट – आकर्षण का केन्द्र बनी प्रदर्शनी

    मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत धान प्रोत्साहन (बोनस) राशि वितरण कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्योत्पादन विभाग सहित ग्रामीण आजीविका विकास मिशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई भव्य प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। बालाघाट जिले को मध्यप्रदेश का ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है, क्योंकि यहां 1.5 लाख हेक्टेयर से भी अधिक रकबे में धान की खेती होती है और हर सीजन में समर्थन मूल्य पर करीब 5 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान यहां से खरीदी जाती है। इस संयुक्त प्रदर्शनी में उन्नत कृषि यंत्र जैसे – ड्रोन, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रीपर, बेलर एवं लेजर लैंड लेवलर का प्रदर्शन किया गया। साथ ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी नई तकनीक, प्राकृतिक खेती, अन्न (मिलेट्स) आधारित उत्पाद, मत्स्य पालन के नवाचार और बालाघाट जिले में डेयरी विकास की संभावनाएं भी रोचक तरीके से प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी में ग्रामीण आजीविका विकास मिशन से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया।

    कार्यक्रम में बालाघाट सांसद मती भारती पारधी, लांजी विधायक  राजकुमार कर्राहे, पूर्व मंत्री  गौरीशंकर बिसेन, पूर्व मंत्री  लोचनलाल ठाकरे, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त  प्रदीप जायसवाल, म.प्र. पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य सु मौसम बिसेन, पूर्व राज्यमंत्री  रामकिशोर कांवरे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु, युवा और नागरिक उपस्थित थे।

     

  • मवई में अतिथि शिक्षकों की बैठक, नियमित रोजगार न मिलने पर सरकार के खिलाफ नाराज़गी

    अतिथि शिक्षक परिवार मवई की बैठक में लिया संकुलवार बैठक का फैसला नियमित रोजगार के लिए बार-बार आस्वासनों के बाद भी नियमित रोजगार नहीं दे पाने से सरकार पर जताया आक्रोश

     

     जबलपुर
     अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के राह पर आड़े आने वाली बाधाओं को खत्म करके संगठन को मजबूत बनाने के मुख्य एजेंडे पर निर्णय लेने मवई विकासखंड के सभी संकुल केंद्रों में रविवार 28 सितंबर को अतिथि शिक्षकों की बैठकें लिए जाने प्रभारी नियुक्त करने मवई विकासखंड मुख्यालय में संगठन की आवश्यक बैठक रविवार 21 सितंबर को रखी गई।

         अतिथि शिक्षक परिवार मण्डला जिला अध्यक्ष पी डी खैरवार के दिशा-निर्देशानुसार संपन्न हुई बैठक में मुख्य एजेंडों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया है, कि आगामी रविवार 28 सितंबर को विकासखंड के पांचों संकुल केंद्रों में अलग-अलग बैठकें रखी जाएंगी।जिनको संपन्न कराने संकुलवार बैठक प्रभारियों को जिम्मेदारी सौपी गई है। घुटास और दाढ़ी भानपुर संकुल की बैठक के लिए अजय मराठा,स़तोष बघेल और राजेंद्र पारस,भीमडोंगरी, मोतीलाल संकुल की बैठक के लिए इंद्रेश साकत,गनीराम धुर्वे,रिखी राम मार्को और मवई संकुल की बैठक के लिए सुखनंदन मरावी,प्रताप परस्ते, रोहित धुर्वे और मुकेश पंद्रे को प्रभारी नियुक्त किया गया है। सभी बैठकों में चर्चा के लिए एजेंडे भी तैयार किए गए हैं। सरकार पर आरोप भी लगाया गया गया कि 2008 से लगातार नियमित रोजगार की मांग करते आ रहे अतिथि शिक्षकों को सरकार झूठे आस्वासन के अलावा कुछ भी नहीं दे पा रही है।

    विगत दो वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित पंचायत में नियमित रोजगार से संबंधित अधिकारिक घोषणा तो कर दी पर मानदेय में वृद्धि के अलावा कुछ भी नहीं मिला।इसी तरह हाल ही के 16 सितंबर को अंबेडकर पार्क भोपाल में जुटे प्रदेश भर के अतिथि शिक्षकों को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने नियमित रोजगार को लेकर जल्द ही नीति बनवाए जाने का आश्वासन मोबाइल कांफ्रेंस से देकर विदा कर दिया। अब तक अता पता नहीं।

    इस तरह अतिथि शिक्षक अपने आपको बार-बार ठगे अनुभव करते जा रहे हैं। जिससे अतिथि शिक्षकों की उम्र भी अधिक हो चुकी है,और परिवार की माली हालत भी बिगड़ती चली जा रही है। अब ऐसी पुनरावृत्ति न हो,इसके लिए मवई विकासखंड के सभी अतिथि शिक्षक संगठित होकर अपनी मुख्य मांगों को लेकर जिला हो या प्रदेश स्तर के आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।जिससे अतिथि शिक्षकों के नियमित रोजगार की मांग जल्द ही पूरी कर सके सरकार। बैठक में इंद्रेश साकत,रिखीराम मार्को, नरेंद्र झारिया,गनीराम धुर्वे, संतोष कुमार, सुखनंदन मरावी,त्रिवेणी चक्रवर्ती,अजय मराठा, मुकेश पंद्रे, रोहित धुर्वे, महेश धुर्वे,प्रताप सिंह, राजेन्द्र पारस, रामकुमार पटवा सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।

  • मैहर: NH-30 पर सड़क हादसे में कांग्रेस नेता सोमदत्त साकेत के पुत्र अमित साकेत का दुःखद निधन

    मैहर

    मैहर से कांग्रेस पार्टी नादन ब्लॉक प्रभारी पूर्व सरपंच सोम दत्त साकेत के  पुत्र अमित साकेत का नेशनल हाईवे NH 30 में कंचनपुर कटिया मोड के पास रात्रि के समय हुए दर्दनाक एक्सीडेंट होने से स्वर्गवाश हो गया पुष्पांजलि अर्पित किए कांग्रेस जिला अध्यक्ष धर्मेश घई बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष उत्तम साकेत संत शिरोमणि रविदास सगाजन समाज चौधरी समाज के मीडिया प्रभारी उमेश चौधरी डी डी साकेत चंदन वर्मा कमलेश वर्मा फूलचंद बौद्ध सगा जन समाज ने मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना किया कि प्रभु आत्मा को शांति प्रदान करना ॐ शांति ॐ ॐ शांति ॐ