• मैहर: NH-30 पर सड़क हादसे में कांग्रेस नेता सोमदत्त साकेत के पुत्र अमित साकेत का दुःखद निधन

    मैहर

    मैहर से कांग्रेस पार्टी नादन ब्लॉक प्रभारी पूर्व सरपंच सोम दत्त साकेत के  पुत्र अमित साकेत का नेशनल हाईवे NH 30 में कंचनपुर कटिया मोड के पास रात्रि के समय हुए दर्दनाक एक्सीडेंट होने से स्वर्गवाश हो गया पुष्पांजलि अर्पित किए कांग्रेस जिला अध्यक्ष धर्मेश घई बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष उत्तम साकेत संत शिरोमणि रविदास सगाजन समाज चौधरी समाज के मीडिया प्रभारी उमेश चौधरी डी डी साकेत चंदन वर्मा कमलेश वर्मा फूलचंद बौद्ध सगा जन समाज ने मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना किया कि प्रभु आत्मा को शांति प्रदान करना ॐ शांति ॐ ॐ शांति ॐ

  • भारत ज्योति विद्यालय मंडला में भव्य कला एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम संपन्न

       मण्डला 
    भारत ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लालीपुर मंडला में कला एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर किंडरगार्टन से कक्षा पाँचवी तक के विद्यार्थियों द्वारा विविध रंगों व कल्पनाओं से सजी कलाकृतियाँ प्रस्तुत की गईं, वहीं कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने विषयवार विज्ञान, गणित, वाणिज्य, भाषा आदि विषयों पर आधारित वर्किंग एवं नॉन वर्किंग मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई।

    प्रदर्शनी में रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र, जीव विज्ञान, गणित, वाणिज्य, अंग्रेज़ी, हिंदी तथा संस्कृत जैसे विषयों के रोचक एवं नवाचारी मॉडल्स ने दर्शकों को आकर्षित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती वंदना गुप्ता (संयुक्त संचालक, ट्राइबल वेलफेयर, जिला मंडला) थीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राजेश चौरसिया (भूतपूर्व प्राचार्य, RDPG कॉलेज मंडला) एवं  रंजीत गुप्ता (विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मंडला) उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें प्रवीण वर्मा (रानी अवंती बाई विद्यालय, मंडला) सहित कई शासकीय एवं अशासकीय शिक्षक शामिल थे। विद्यालय के प्राचार्य फादर सिबी, विज्ञान प्रभारी विनय पटेल एवं समस्त शिक्षकों के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    विद्यालय परिवार द्वारा विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने की यह पहल सराहनीय रही, जिससे उनमें रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।

  • पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाविद्यालय मैहर में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस मनाया गया

    मैहर
    प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस महाविद्यालय मैहर में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस दिनांक 24 सितंबर 2025 को प्राचार्य डॉक्टर राजेश सिंह की उपस्थिति में मनाया गया l कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन  एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ l इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम श्री शैलेंद्र सिंह रहे जिनके द्वारा एन एस एस के बारे में चर्चा की गई तथा विभिन्न नारों के द्वारा स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया गया जिसमें देश की इज्जत नौजवान, देश की ताकत नौजवान, एक बार जोर से एन एस एस की ओर से, मानव मानव एक समान, जात – पात का मिटे निशान आदि नारे लगाए गए I 

    पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ अजीत सिंह द्वारा एन एस एस की दैनिक एवं वार्षिक गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई I पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना महिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुनीता राज खन्ना द्वारा भारत सरकार द्वारा  युवा छात्रों को सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने के विषय में तथा नॉट मी बट यू के महत्व को स्पष्ट किया। डॉ उपेंद्र जी पांडे द्वारा   स्वयंसेवकों को को सामुदायिक सेवा के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व और नैतिक मूल्यों का विकास करने का अवसर प्रदान करती है के विषय में बताया। NSS के तहत होने वाली गतिविधियाँ विविध और प्रभावशाली होती हैं, जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देती हैं। ये गतिविधियाँ मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित की जा सकती हैं: नियमित गतिविधियाँ और विशेष शिविर।
    कार्यक्रम अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव द्वारा एन एस एस के इतिहास पर प्रकाश डाला गया I 
      प्राचार्य डॉक्टर राजेश सिंह द्वारा
    स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान,  तहत सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता  कचरा प्रबंधन, जल निकायों की सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में योगदान देते साथ ही पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और प्लास्टिक उपयोग में कमी जैसे कार्यक्रमों को आयोजित करना है। स्वयंसेवक पर्यावरण-संरक्षण करना, स्वयंसेवक ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साक्षरता अभियान चलाना, बच्चों और वयस्कों को बुनियादी शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, और स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान करना, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जाँच शिविर, और टीकाकरण अभियान  प्रमुख गतिविधियाँ समय समय पर आयोजित करना आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। स्वयंसेवक एवं स्वयं सेवकों द्वारा एन एस एस लक्ष्य गीत, सद्भावना गीत आदि को प्रस्तुत किया साथ ही बीए प्रथम वर्ष की स्वयंसेविका नेहा एवं यज्ञवती कोल द्वारा मध्य प्रदेश गान पर नृत्य का  प्रस्तुतीकरण  किया गया । स्थापना दिवस के अवसर पर वरिष्ठ स्वयंसेवक रोहित तिवारी एवं संस्कार खरे द्वारा एन एस एस के अनुभवों को साझा किया गया I इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर बिल्टू खान , डॉ त्रिपुरेश  पाठक , प्रो शैलेंद्र प्रताप, प्रो ताराचंद यादव ,डॉ अजीत सिंह , डॉ अनंत प्रकाश दुबे, डॉ रोशन लाल पांडे, योगा ट्रेनर सुनील अहिरवार, उन्नति फाउंडेशन से रोहित चौरसिया तथा स्वयं सेवक एवं स्वयं सेविकाएं उपस्थित रहे I कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी महिला इकाई डॉ गुंजा पवार, प्रो अनुराग श्रीवास्तव, स्वयंसेवक संस्कार खरे एवं स्वयंसेविका का पल्लवी पाठक द्वारा किया गया ।

  • बिजली कनेक्‍शन में नाम परिवर्तन करना हुआ आसान

    भोपाल.
    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्य क्षेत्र के भोपाल,  नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के विद्युत उपभोक्ताओं को कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से विद्युत कनेक्‍शन के नाम में परिवर्तन करने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्‍ध कराई है। अब उपभोक्‍ताओं को उनके परिसरों में पूर्व से विद्यमान कनेक्‍शन के नाम में परिवर्तन करना बेहद आसान हो गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं को अपने मीटर से संबंधित नाम में परिवर्तन करना है वह कंपनी की वेबसाइट https://portal.mpcz.in/web/ में एलटी सर्विसेस के एलटी अदर सर्विसेस में दिये गये नेम ट्रांसफर अथवा सीधे  https://saralsanyojan.mpcz.in पर जाकर अदर यूजफुल लिंक्‍स में दिये गये अप्‍लाय फॉर अदर सर्विसेस के माध्‍यम से आसानी से करा सकते हैं। 

     कंपनी ने कहा है कि विद्युत उपभोक्ताओं को नाम परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान अपना आईवीआरएस नंबर,संबंधित समग्र आईडी,पैन कार्ड एवं आवश्‍यक दस्‍तावेज अपलोड करने के उपरांत लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्‍त ओटीपी दर्ज कर निर्धारित शुल्‍क 170/- रूपये का भुगतान करना होगा। ऑनलाइन आवेदन देने के पश्चात उपभोक्ता आवेदन क्रमांक अथवा मोबाइल नंबर से आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।

     

  • आज से शुरू होगी उदयपुर-चंडीगढ़ डायरेक्ट ट्रेन, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

    रायपुर

    पर्यटन को बढ़ावा देने और दो प्रमुख शहरों को जोड़ने की दिशा में भारतीय रेलवे एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। उदयपुर और चंडीगढ़ के बीच पहली बार सीधी सुपरफास्ट ट्रेन सेवा की शुरुआत हो रही है। इस नई रेल सेवा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को बांसवाड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे।

    रेलवे प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इस मौके पर मावली जंक्शन और भीलवाड़ा स्टेशन पर भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    ट्रेन की टाइमिंग और दिन
    ट्रेन संख्या 20989 – उदयपुर से चंडीगढ़
    चलने का दिन: हर बुधवार और शनिवार
    समय: दोपहर 4:05 बजे उदयपुर से रवाना
    पहुंचने का समय: अगले दिन सुबह 9:50 बजे चंडीगढ़

    ट्रेन संख्या 20990 – चंडीगढ़ से उदयपुर
    चलने का दिन: हर गुरुवार और रविवार
    समय: सुबह 11:20 बजे चंडीगढ़ से रवाना
    पहुंचने का समय: अगले दिन सुबह 5:25 बजे उदयपुर

    नियमित संचालन कब से?
    27 सितंबर 2025 से नियमित सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
    यह सुपरफास्ट ट्रेन हर हफ्ते दो दिन चलेगी।

    किन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ?
    यह नई ट्रेन न केवल राजस्थान के उदयपुर और पंजाब/हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ को सीधे जोड़ेगी, बल्कि मार्ग में पड़ने वाले कई प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देगी। इससे विशेष रूप से पर्यटकों, व्यापारियों और छात्रों को फायदा होगा।

    पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    उदयपुर और चंडीगढ़ दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। ट्रेन सेवा शुरू होने से जहां राजस्थान से हिमाचल और पंजाब की ओर घूमने वालों की सुविधा बढ़ेगी, वहीं चंडीगढ़ व आसपास के यात्रियों को भी अब बिना किसी बदलाव के उदयपुर तक की सीधी यात्रा मिल सकेगी।

     

  • बाघों का विस्तार: मध्यप्रदेश से राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के जंगलों में ट्रांसलोकेशन योजना

    भोपाल 

    टाइगर स्टेट का गौरव हासिल कर चुके मध्यप्रदेश के बाघ अब पड़ोसी राज्यों के जंगलों की शोभा बढ़ाएंगे। बांधवगढ़, कान्हा और पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघों का ट्रांसलोकेशन राजस्थान, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के निर्देश पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खर्च संबंधित राज्य उठाएंगे।

    कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) के क्षेत्र संचालक रविंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कान्हा से से दो बाघों का ट्रांसलोकेशन होना है। अन्य नेशनल पार्क से भी बाघ भेजे जाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू की जा रही है। कान्हा के बाघ कहां भेजे जाएंगे यह आने वाले एक दो दिन में तय हो जाएगा।

    अक्टूबर में होगा प्रशिक्षण

    बाघों के नए ठिकाने वाले टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को अक्टूबर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बाघों की देखभाल, ट्रैकिंग और संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद बाघों को सीसीटीवी युक्त विशेष ट्रक से भेजा जाएगा। ट्रक के साथ पशु चिकित्सक और अन्य विशेषज्ञ भी रहेंगे। रास्ते में भोजन, पानी और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था रहेगी।

    छत्तीसगढ़ को सबसे ज्यादा बाघ

    मप्र से राजस्थान को 3 छत्तीसगढ़ को 4 और ओडिशा को 3 बाघ भेजे जाएंगे। इनमें नर-मादा की जोड़ियां भी शामिल हैं। वर्तमान में मप्र में 785 बाघ हैं। संख्या के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा टाइगर स्टेट है। बाघों की बढ़ती संख्या से टेरेटरी को लेकर आपसी संघर्ष बढ़ रहे हैं।

    मप्र के अलग-अलग टाइगर रिजर्व से कम घनत्व वाले क्षेत्रों में बाघों को भेजा जाएगा। कान्हा से ट्रांसलोकेशन के लिए दो बाघ तैयार रखने को कहा गया है। वे कहां जाएंगे, यह दो दिन बाद तय होगा।- रविंद्रमणि त्रिपाठी, क्षेत्र संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व

  • मुरैना में 282 बंदूक लाइसेंस रद्द, 411 और पर संकट बना हुआ; क्या है वजह?

    मुरैना

    मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में लाइसेंसी बंदूकधारियों पर प्रशासन और पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने ऐक्शन लेते हुए  जिले के ऐसे 282 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज या लंबित हैं। इस मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि जिले के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

    इस मामले की जानकारी देते हुए जिला कलेक्टर अंकित अस्थाना ने बताया कि पुलिस अधीक्षक की ओर से 411 ऐसे लाइसेंसी शस्त्रधारियों की सूची तैयार की गई थी, जिनके खिला आपराधिक मामले दर्ज हैं या फिर वे अदालत में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर जिला दंडाधिकारी अदालत ने जिले के 411 लाइसेंसी शस्त्रधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अस्थाना ने बताया कि इनमें से सिर्फ 129 लोगों ने ही अपने विरुद्ध उल्लेखित अपराध में दोष मुक्त होने के आदेश प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि शेष 282 लोगों द्वारा दस्तावेज जमा न करने के कारण उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।

    मुरैना के पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि उन्होंने पिछले 16 वर्षों का रिकॉर्ड खंगालकर 411 लाइसेंसधारियों की सूची तैयार की थी। उन्होंने कहा कि अब जिनके लाइसेंस निलंबित हुए हैं, उन्हें जल्द ही अपने हथियार जमा कराने होंगे। ऐसा न करने पर शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में लंबे समय से लोग बंदूक को अपनी शान समझते रहे हैं और अक्सर यहां हर्ष फायरिंग और आपसी विवादों में लाइसेंसी बंदूकों के इस्तेमाल की शिकायतें मिलती रही हैं। सिर्फ मुरैना जिले में शस्त्र लाइसेंस धारकों की संख्या 25 हजार से अधिक है।

  • उज्जैन में हरिफाटक चौराहा से महाकाल महालोक तक नया अंडरपास, यातायात जाम से मिलेगा छुटकारा

    उज्जैन
     धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध उज्जैन शहर में हरिफाटक चौराहे से महाकाल महालोक तक नया अंडरपास बनने जा रहा है। इस पर 40 करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होंगे। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, अंडरपास न केवल हरिफाटक पुल पर यातायात का दबाव कम करेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को महाकाल मंदिर और प्रमुख स्थलों तक सुगम और सुरक्षित पहुंच भी सुनिश्चित करेगा। निर्माण भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। निर्माण के दौरान भी यातायात को सुचारू रखने के लिए योजना बनाई जा रही है।

    अंडरपास की डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि इंदौर-देवास की तरफ से आने वाले श्रद्धालु हरिफाटक पुल पर चढ़े बिना सीधे महाकाल महालोक के नंदी द्वार (जहां भगवान गणेश की विशाल मूर्ति स्थापित है) तक पहुंच सकें। इसकी लंबाई 600 और चौड़ाई 22 मीटर तय की है।

    मार्ग का कुछ हिस्सा भूमिगत होगा। निर्माण से जिला पंचायत का संभागीय हाट बाजार भी प्रभावित होगा। नया मार्ग महाकाल महालोक के साथ चारधाम मंदिर, त्रिवेणी कला संग्रहालय और रोपवे के बनने वाले दूसरे स्टेशन तक की पहुंच आसान बनाएगा।

    सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयारी

    परियोजना को उज्जैन में वर्ष 2028 में लगने जा रहे महाकुंभ सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उस समय करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे और तब यह अंडरपास भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इससे न केवल पुलिस और प्रशासन का प्रबंधन आसान होगा, बल्कि आम श्रद्धालुओं को भी परेशानी नहीं होगी।

    ऐतिहासिक नगरी की सबसे बड़ी जरूरत

    अंडरपास न केवल एक ट्रैफिक प्रबंधन उपाय है, बल्कि उज्जैन को धार्मिक पर्यटन हब के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम भी है। यह परियोजना उज्जैन को ऐसे माडल शहर के रूप में स्थापित करेगी, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हो। इस अंडरपास से उज्जैन का महाकाल क्षेत्र पहले से ज्यादा पहुंच योग्य, सुविधाजनक और सुरक्षित बन जाएगा और यही इस ऐतिहासिक नगरी की सबसे बड़ी जरूरत है। – रौशन कुमार सिंह, कलेक्टर

  • इंदौर रेलवे कर्मचारी ने विकसित की कप्लर टेस्टिंग डिवाइस, लोको और कोच की केबल जांच होगी तेज और आसान

    इंदौर
     रेलवे में तकनीकी जांच के क्षेत्र में एक नई और रोचक पहल सामने आई है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के इंदौर में पदस्थ इलेक्ट्रिक टेक्नीशियन-वन भगवती लाल सालवी ने लोको इंजन और कोच को जोड़ने वाली बिजली की केबल की जांच के लिए एक यूआईसी कप्लर टेस्टिंग डिवाइस बनाई है। इस मशीन ने रेलवे कर्मचारियों का काम आसान कर दिया है और घंटों का काम मिनटों में पूरा हो रहा है।

    इस नवाचार से न केवल रेलवे की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि यह तकनीकी दक्षता को भी बढ़ाएगा। सालवी की इस पहल ने रेलवे के कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है, जिससे वे अपने कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। समय की बचत होती तो ट्रेनों समय से रवाना की जा सकेंगी।

    एक व्यक्ति ही 10 मिनट में कर लेगा परीक्षण

    लोको और कोच की इन केबल की जांच के लिए पहले दो कर्मचारियों की आवश्यकता होती थी। ये कर्मचारी केबल की जांच आधे से एक घंटे में पूरा करते थे। इस समय को बचाने के लिए टेक्नीशियन-वन सालवी ने कप्लर टेस्टिंग डिवाइस बनाई।

    इस डिवाइस के परीक्षण का कार्य अब सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा सिर्फ दस मिनट में किया जा सकता है। सालवी के इस नवाचार के लिए पश्चिम रेलवे के चीफ इंजीनियर डीके राठी ने मुंबई में 19 सितंबर को उन्हें पुरस्कृत किया। सालवी ने बताया कि इस डिवाइस के उपयोग से इंदौर में ट्रेनों के केबल की जांच हो रही है, जबकि पहले यह काम मैनुअल किया जाता था और इसमें अधिक समय लगता था।

    एक ही व्यक्ति आसानी से सभी पिन की जांच करेगा

    इस डिवाइस की विशेषता यह है कि लोको और कोच को जोड़ने वाली इस केबल में करीब 13 पिन होती हैं। इन्हें मैनुअल मल्टीमीटर से जांचने में आधे से एक घंटे से अधिक का समय लगता था और दो कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती थी। सालवी की बनाई डिवाइस से अब एक ही व्यक्ति आसानी से सभी पिन की जांच कर सकता है। इससे समय की बचत के साथ-साथ खराब केबल को तुरंत पहचान कर बदलने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। इससे ट्रेनों के संचालन में भी कोई देरी नहीं होती है।

  • मंडला में शराब बंदी सख्त, 25 हजार का जुर्माना और शिकायत करने वालों को इनाम, नशा मुक्ति अभियान जन

    मंडला

    मंडला जिले में नशा मुक्ति अभियान (Nasha Mukti Abhiyan) अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। मोहगांव के ग्राम पंचायत कौआडोंगरी के पोषक ग्राम सकरी एवं खैरी रैयत में ग्रामीणों ने एकजुट होकर संपूर्ण ग्राम को नशा मुक्त बनाने की ठानी है। गांव में ग्रामवासियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गांव में शराब बनाने व पीने वालों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब बनाने या पीने वालों की जानकारी देने वाले को 5 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में रैली भी निकाली।

    महिलाओं की दिखी अधिक भागीदारी

    ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जाएगा। इस दौरान महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी करते हुए स्पष्ट कहा कि नशे से परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए अब गांव में किसी भी कीमत पर शराब नहीं बनने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

    कहीं तोड़ रहे शराब भट्टी तो कहीं लगा रहे जुर्माना

    ग्राम पंचायत सिंहपुर, नैनपुर, बीजाडांडी क्षेत्र के कई गांवों में भी इसी प्रकार ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर शराबबंदी का निर्णय लिया है। कुछ गांवों में तो महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए शराब की भट्टियों को तोड़कर नष्ट किया था। वहीं कई पंचायतों में यह नियम बनाया गया है कि अगर कोई शराब बेचते या बनाते पाया गया तो उस पर सामूहिक जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशा ही गरीबी, घरेलू हिंसा और बीमारियों की जड़ है। यदि इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए तो गांवों का विकास तेजी से हो सकता है। नशा मुक्ति के इस सामूहिक प्रयास से अब जिले के कई गांव आदर्श ग्राम की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि शराबबंदी होने से जहां खुशहाली आएगी वहीं यहां बच्चे शिक्षा की ओर आगे बढ़ेंगे। 

    शराब न बेचने को लेकर समाज से ली सहमति

    जिला मुख्यालय से 15-20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम लफरा में विगत लंबे समय से कच्ची पक्की शराब बड़े पैमाने पर बेची जा रही थी। जिससे ग्रामीण महिलाओं ने विरोध शुरु किया तो समाज के लोग भी समर्थन में कर रहे हैं। गांव के नंदा समाज और केवट समाज ने अपनी सहमति से शराब न बेचने का निर्णय लिया है। यहां क्षेत्रीय जनपद सदस्य जानकी पुष्पकार, सरपंच विमला मरावी के साथ ही उपसरपंच, वाडाँ पंच भी शराब बंदी का समर्थन करते हुए समय समय पर जागरूकता रैली व पुलिस के सहयोग से कार्रवाई भी करा रहे हैं।

    मोहगांव के ग्राम कुम्हरों में भी मई माह में बैठक कर ग्रामीणों ने शराबबंदी का निर्णय लिया है। शराब बनाने पर 20 हजार रुपए, उपयोग करने वालों पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है। ग्राम शोधन पिपरिया में भी शराब बनाने और पीने पर प्रतिबंधित करते हुए जुर्माना भी निर्धारित किया गया है। 

  • जंगल सफारी बुकिंग शुरू, कान्हा फुल, सतपुड़ा में नए वाहनों से मिलेगी रोमांचक सैर-सपाटा

    नर्मदापुरम
    सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र में सैलानियों के लिए  2 नए वाहन मिल गए हैं। एक अक्टूबर को पार्क खुलने के पहले 2 और वाहन आने वाले हैं। इससे मढ़ई में सफारी वाहनों की कमी नहीं रहेगी। सैलानियों को लेकर वाहन किस जगह पर हैं। इसकी लोकेशन देने के लिए वाहनों में जीपीएस भी लगाया गया है। एसटीआर में सैलानियों को घुमाने के लिए 20 वाहन हैं। इसमें से लगभग 4 वाहन 15 साल से अधिक पुराने हो गए थे। इसलिए जंगल सफारी कराने में उनको उपयोग नहीं किया जाता था।

    24 घंटे ऑन रहेगी वाहनों की लोकेशन

    सैलानियों के पार्क खुलने के पहले 4 नए सफारी वाहन मढ़ई पहुंचा दिए जाएंगे। इस तरह 20 वाहनों से सैलानी जंगल सफारी करेंगे। जीपीएस से लैस अत्याधुनिक वाहनों की लोकेशन 24 घंटे ऑनलाइन रहेगी। इसके जरिए सैलानियों को लेकर निकला वाहन किस जगह पर है इसकी पूरी लोकेशन एसटीआर के कंट्रोल रूम को रहेगी। 

    एसटीआर के कोर जोन के मढ़ई और चूरना में कर सकेंगे एंट्री

    एक अक्टूबर से एसटीआर के कोर जोन के मढ़ई और चूरना में सैलानियों का प्रवेश शुरू हो जाएगा। इसके लिए जंगल के अंदर सफारी मार्गो की मरम्मत शुरू की गई है लेकिन बारिश के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। शुरुआती दिनों में सैलानियों को पूरी सफारी नहीं कराएंगे।
    5 पेट्रोल 1 सौर ऊर्जा चलित मोटर की मरम्मत

    सैलानियों को तवा नदी के बैक वॉटर में 5 पेट्रोल और 1 सौर ऊर्जा चलित मोटर बोट सैलानियों की जंगल सफारी कराएगी। एसटीआर ने मोटर बोट की मेटेनेंस शुरू कर दिया है। एक अक्टूबर के पहले बोट सैलानियों के उपयोग के तैयार हो जाएंगी।
    शुरू हो चुकी है बुकिंग

    एक अक्टूबर से जंगल सफारी करने के लिए सैलानी ऑन लाइन बुकिंग करने लगे हैं। मंगलवार तक प्रदेश के टाइगर रिजर्व में 1 से 3 अक्टूबर तक के लिए एसटीआर में मढ़ई, चूरना में 6, पेंच में 13, बांधवगढ़ में 14 , पन्ना 12 और कान्हा में 24 सफारी बुक की गई हैं। एसटीआर खुलते ही सफारी शुरू कराई जाएगी।
    मढ़ई के लिए 4 नए सफारी वाहन

    मढ़ई के लिए 4 नए सफारी वाहन मिल गए हैं। पार्क खुलते ही जंगल सफारी कराने के लिए इनका उपयोग किया जाएगा। सभी मोटर बोट का मेंटेनेंस भी किया जा रहा है।

    – अंकित जामोद, एसडीओ मढ़ई एसटीआर नर्मदापुरम

  • मध्य प्रदेश में सोलर प्लांट्स का विस्तार: हर शहर में लगेगा ऊर्जा बचत का मॉडल

    भोपाल 

     प्रदेश में नगरीय निकायों के अनावश्यक खर्चों को कम करने के लिए अब नगरीय विकास विभाग नकेल कसने की तैयारी में है। सभी निकायों को मितव्ययिता अपनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनावश्यक खर्च रोकने के लिए सभी निकायों का अब एनर्जी ऑडिट भी होगा। इसमें आवश्यक लोड के अनुसार ही कनेक्शन लिया जाएगा। सभी निकायों के अस्थायी बिजली कनेक्शन भी बंद कराए जा रहे हैं। इनके स्थान पर सोलर पावर प्लांट(Solar Plant) लगेंगे, जिससे बिजली व्यय कम हो सके। इसके अलावा डीजल वाहनों की बजाय अब इलेक्ट्रिक वाहन ही खरीदे जाएंगे। निकायों को राजस्व वसूली बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे साल भर में होने वाली बचत नगर में जनता से जुड़े हुए विकास संबंधी कामों में खर्च होगी।

    हर निकायों में लगेंगे सोलर प्लांट

    हर नगरीय निकाय को सोलर पॉवर प्लांट(Solar Plant) लगाने के लिए निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में स्थान उपलब्ध है वे अपने यहां यह प्लांट लगा सकते हैं। जिनके पास जमीन उपलब्ध नहीं है वे प्रदेश में अन्य स्थानों पर यह प्लांट लगा सकते हैं। भोपाल निगम ने नीमच में सोलर प्लांट लगाया है। वहां जितनी बिजली बनेगी उतनी यहां नगर निगम को बिल में छूट मिलेगी। इससे बिजली बिल काफी कम होगा।

    कचरा वाहन भी ईवी होंगे

    विभाग ने तय किया है कि अब निकायों में जो नए वाहन खरीदे जाएंगे वे ईवी ही होंगे। फिलहाल डीजल वाहनों का संचालन बंद नहीं किया जाएगा। लेकिन एक बार डीजल वाहन खटारा होने के बाद उसकी जगह दूसरा डीजल वाहन नहीं खरीदा जाएगा। उसकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन लेंगे। कचरा परिवहन के लिए जो वाहन उपयोग किए जाएंगे वे भी ईवी ही होंगे। इसके लिए चार्जिंग पॉइंट की भी व्यवस्था की जाएगी।

    15000 करोड़ बचत का अनुमान

    नगरीय विकास विभाग ने छोटे-छोटे बचत के उपायों को प्रभावी करने की योजना बनाई है। विभाग का अनुमान है कि सिर्फ फिजूलखर्ची पर रोक लगा कर ही प्रदेश की निकायों में 15 हजार करोड़ रुपए की बचत होगी।

    महापौरों ने रखी सुरक्षा और वित्तीय मांगें

     मंत्रालय में हुई बैठक में नगर निगमों के महापौरों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के बाद बढ़ते खतरों को देखते हुए गनमैन की तत्काल मांग की। महापौरों ने कहा कि पिछली बैठक में सुरक्षा का आश्वासन मिला था, पर अब तक व्यवस्था नहीं हुई। साथ ही सरकारी जमीन निगमों के नाम दर्ज करने की मांग की ताकि विकास कार्य सुचारू हो सकें। महापौरों ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि सीधे उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि वे बिजली बिल स्वयं चुका सकें।

    इंदौर महापौर ने अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही, वहीं भोपाल महापौर ने विसर्जन घाटों सहित कई जगहों पर निगम के नाम जमीन न होने से जनसुविधाएं प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि निगम खर्च कम करें और शुल्क बढ़ाने जैसे सख्त फैसले लेकर राजस्व बढ़ाएं। एसीएस संजय दुबे ने संपत्ति किराए की दरें बढ़ाने, सोलर प्लांट लगाने और खर्चों की समीक्षा कर आय-व्यय संतुलन सुधारने के सुझाव दिए। कहा, बिजली, ईंधन और स्थापना व्यय की समीक्षा कर इनमें कमी की जा सकती है। सोलर प्लांट से बिजली बिल कम किया जा सकता है।

    बीते वर्ष चुंगी क्षतिपूर्ति से चुकाए बिजली के 60 करोड़ रुपए

    बता दें, प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। इसलिए बिल नहीं चुका पाते। इसे देखते हुए वर्ष 2024 में नगरीय विकास विभाग ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि से लगभग 60 करोड़ बिजली बिल चुकाने के लिए जारी किए थे। प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, कटनी, सागर, सतना, देवास, खंडवा और रतलाम के निकायों के बिजली बिल एक करोड़ रुपए से अधिक थे। सोलर प्लांट लगने के बाद बिजली बिलों में जरूर राहत मिलेगी।

  • मध्य प्रदेश के वन्य क्षेत्र अब प्लास्टिक मुक्त, सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगेगा 5000 रुपये तक का जुर्माना

     भोपाल
     अब मध्य प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित कर दिया गया है। एक अक्टूबर से इन्हें खोला जाएगा और इसके साथ ही प्रतिबंध लागू हो जाएगा। वन विभाग इनका कड़ाई से पालन भी करवाएगा। उल्लंघन करने पर 500 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक अर्थदंड का भी प्रविधान किया गया है।

    बता दें कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क प्रबंधन बायोडिग्रेडिबल पदार्थ से बनी पानी की बोतल सशुल्क उपलब्ध कराएगा। कपड़े के बैग पर्यटकों को सशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यटक पार्क में प्लास्टिक बैग न लाएं। कपड़े के बैग स्व-सहायता समूह के सदस्यों से तैयार करवाए जाएंगे। इस तरह ईको (पर्यावरण हितैषी) पर्यटन से स्थानीय समुदाय की आजीविका के अवसर विकसित करने का प्रयास भी होगा। इससे उनकी वनों पर उनकी निर्भरता कम होगी और वनों का संरक्षण भी हो सकेगा।

    स्थानीय समुदाय के लोगों में क्षमता विकास एवं कौशल उन्नयन के लिए गाइड प्रशिक्षण, अतिथि सत्कार, खानसामा और अनुभूति प्रेरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रयास होगा कि ईको पर्यटन से प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जाए और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ के अवसर प्रदान किए जा सकें।

    गाइड के कौशल का होगा मूल्यांकन

    इसके अलावा, राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्वों और अभयारण्यों में गाइड के कौशल का मूल्यांकन हर वर्ष किया जाएगा। अपेक्षित मापदंडों के नीचे वाले गाइड को रोस्टर से हटा दिया जाएगा। एक अक्टूबर से गाइड का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अब वनों में वाहन से एक राउंड के भ्रमण पर पर्यटकों को जी-वन श्रेणी के गाइड को 600 रुपये की जगह एक हजार रुपये तथा जी-टू श्रेणी के गाइड को 480 रुपये के स्थान पर 800 रुपये देने होंगे।

    प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व

        कान्हा टाइगर रिजर्व

        बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व
        सतपुड़ा टाइगर रिजर्व
        पेंच टाइगर रिजर्व
        पन्ना टाइगर रिजर्व
        रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व
        संजय दुबरी टाइगर रिजर्व
        डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी) टाइगर रिजर्व
        माधव टाइगर रिजर्व

    ये राष्ट्रीय उद्यान भी हैं। इसके अलावा दो अन्य राष्ट्रीय उद्यान यानी कुल 11 हैं। प्रदेश में 26 अभयारण्य हैं।

        सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सिंगल यूज प्लास्टिक पहले से ही प्रतिबंधित है। अन्य टाइगर रिजर्वों और राष्ट्रीय उद्यानों में भी अब इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसका और अधिक कड़ाई से पालन करवाया जाएगा।

        -एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी), वन विभाग, मध्य प्रदेश

    यह होता है सिंगल यूज प्लास्टिक

    यह प्लास्टिक सिर्फ एक बार इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है। जैसे पालीथीन बैग, प्लास्टिक स्ट्रा, कटोरी, प्लेट, कप, चम्मच, कैंडी, चाकलेट, चिप्स के रैपर आदि। इसे दोबारा उपयोग में लाना कठिन या असंभव होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक बना रहता है। मिट्टी, पानी, जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।

     

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल गुरुवार को करेंगे “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान का शुभारंभ

    भोपाल.
    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सरोजनी नायडू शासकीय स्वशासी कन्या महाविद्यालय भोपाल में “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत 25 सितम्बर को विशेष स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करेंगे। शिविर में छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य जांच (उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, सिकल सेल स्क्रीनिंग, एनीमिया, किशोरियों में पोषण जागरूकता, क्षय रोग जांच) की सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी (आभा) बनाने की सुविधा भी दी जाएगी।

    जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत खुल के पूछो (विशेषज्ञों से संवाद), स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी, खेल गतिविधियाँ तथा “थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती” थीम पर जुम्बा सत्र का आयोजन होगा। शिविर स्थल पर स्वैच्छिक रक्तदान की व्यवस्था भी रहेगी। साथ ही छात्राओं व शिक्षकों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, मिथकों का निराकरण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित भी किया जायेगा।

     

  • सुचारू विद्युत आपूर्ति के लिये 24×7 फोन पर उपलब्ध हैं बिजली कार्मिक

    भोपाल.
    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं को निर्बाध और गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिये कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली कार्मिकों को मुख्यालय पर रहने एवं 24X7 दिवस अपने फोन चालू रखने के निर्देश जारी किए गये हैं। गौरतलब है कि विभिन्‍न प्राकृतिक और अन्य कारणों से विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्मिकों के मुख्‍यालय पर नहीं रहने के कारण विद्युत आपूर्ति को दुरूस्त करने में लगने वाले अधिक समय से उपभोक्‍ताओं को होने वाली परेशानी और उपभोक्‍ताओं की सुविधा को संज्ञान में लेते हुए कंपनी द्वारा सभी कर्मिकों को मुख्‍यालय पर रहने के निर्देश जारी किये गये हैं।

    कंपनी ने बताया है कि कार्मिकों के मुख्‍यालय पर नहीं रहने के कारण उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति किए जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस दौरान उपभोक्ता शिकायतों की संख्या बढ़ने एवं उपभोक्ता असंतोष की स्थिति से निपटने के लिए कंपनी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के 16 जिलों के मैदानी अमले के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था से जुड़े नियमित/संविदा/सेवाप्रदाता कार्मिकों को डयूटी समाप्ति के उपरांत भी अपने मुख्यालय पर रहने एवं 24×7 दिवस तथा अवकाश के दौरान भी अपना मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश जारी किए हैं।

    कंपनी ने कहा है कि मुख्‍यालयों पर पदस्‍थ कार्मिकों को 24×7 दिवस मुख्‍यालय पर उपस्थित रहकर मुख्‍यालय पर निवासरत होने संबंधी स्‍वप्रमाणित घोषणा पत्र अपने उच्‍च अधिकारी को प्रस्‍तुत करना होगा। साथ ही उच्‍च अधिकारियों को स्‍वयं के घोषणा पत्र सहित उनके अधीनस्‍थ कार्मिकों से प्राप्‍त घोषणा पत्र पर अपनी टिप्‍पणी दर्ज कर कंपनी मुख्‍यालय को प्रस्‍तुत करना होगा।

    कंपनी ने कहा है कि किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी का मोबाइल यदि विशेष कारणों से बंद भी होता है तो वे अन्य संपर्क सूत्र से अपने नियंत्रणकर्ता अधिकारी को अवगत करायेंगे तथा नियंत्रणकर्ता अधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी कार्मिक मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। यदि कोई भी कर्मचारी निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्हें गृह भाड़े भत्ते का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। 

     

  • छिंदवाड़ा ने स्वच्छता में रचा इतिहास, फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से हुआ सम्मानित

    भोपाल.
    छिंदवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अभिनव ‘’वॉश ऑन व्हील्स’’ नवाचार के लिए प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। इसे सतत रखरखाव एवं सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसके साथ ढाई लाख रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। छिंदवाड़ा देश का पहला जिला स्तरीय संगठन बन गया है, जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    छिन्दवाडा वॉश ऑन व्हील्स को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रशंसा मिल रही है। भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नवाचार की सराहना की थी। इसके अलावा, यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका अकॉलैड्स में भी स्थान पा चुका है जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

    वॉश ऑन व्हील्स: स्वच्छता का अनूठा मॉडल वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव की चुनौती का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्वच्छता को स्थायी बनाया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता की मिसाल भी कायम की। इस नवाचार की प्रस्तुति 11 जून 2025 को सीईओ जिला पंचायत कुमार ने फिक्की की कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी थी, जिसे सर्वसम्मति से सराहा गया।

    आर्थिक और सामाजिक प्रभाव की इस पहल से संलग्न 45 स्वच्छता साथियों ने अब तक 40 हजार शौचालय इकाइयों की सफाई कर लगभग 40 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह मॉडल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन रहा है। यह उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

     

  • एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट

    भोपाल.
    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो।

    मंत्री सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।

     

  • सीएम बने आम ग्राहक: घरेलू सामान की खरीदारी में महसूस किया जीएसटी कटौती का असर

     

    मंथली बजट में आई कमी, कम कीमत में लिया ज्यादा सामान, जीएसटी कटौती नहीं यह "बचत क्रांति" है, मोदी जी ही ले सकते हैं ऐसा साहसिक निर्णय – लोगों ने मुख्यमंत्री को दी ऐसी प्रतिक्रिया

    जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधार से बाजारों में बढ़ी रौनक

    जीएसटी दरों में कमी से रोज़मर्रा के सामान हुए सस्ते

    प्राइस टैग में सूचित की जा रही है जीएसटी दरों में कमी के बाद नई कीमत

    रायपुर,

    राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम "के मार्ट" में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं।

    दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "शुभम के मार्ट" पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है।

    इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।”

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।”

    जीएसटी कटौती नहीं, यह "बचत क्रांति" है

    मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।”

    स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो

    राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी श्री लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम "के मार्ट" में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।”
    उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।”

    चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान

    मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।”

    देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी

    शुभम "के मार्ट" में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।”

    बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका

    श्रीमती सविता मौर्य और श्रीमती अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।”

    उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।

  • बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

    भोपाल.
    "बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास" विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान सीहोर में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 17 से 19 सितम्बर 2025 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID), हैदराबाद तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

    प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास की नवीन तकनीकों, शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की सुलभता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न जिलों से आए शासकीय अशासकीय बौद्धिक दियांगजनों से सम्बंधित संस्थाओं के विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक शामिल हुए।

    कार्यक्रम के उद्घाटन-सत्र में वक्ताओं ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज एवं संस्थाओं की सामूहिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहार सुधार, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा पुनर्वास संबंधी व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया।

    समापन-सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बौद्धिक दिव्यांगजनों की बेहतरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

  • मंत्री निर्मला भूरिया का बाल निकेतन का औचक निरीक्षण : बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिए सख्त निर्देश

    भोपाल.
    महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को भोपाल के हमीदिया रोड स्थित बाल निकेतन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी शिक्षा, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री सुश्री भूरिया ने संयुक्त संचालक श्रीमती नकीजहां कुरैशी और बाल निकेतन अधीक्षक श्री हरिओम शर्मा को निर्देशित किया कि बच्चों के आवास, पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की भावनात्मक और मानसिक आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

    मंत्री सुश्री भूरिया ने बाल निकेतन के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण करते हुए रहने के कक्ष, इंडोर गेम्स हॉल, ऑडिटोरियम और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने नृत्य और गायन प्रस्तुत कर अपने हुनर का प्रदर्शन किया, जिसे मंत्री सुश्री भूरिया ने सराहा।

    मंत्री से बच्चों ने अपने पसंदीदा पर्यटन स्थल पर भ्रमण की इच्छा भी जताई, जिसे सुनते ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि बाल निकेतन में अनाथ, निराश्रित और परित्यक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्रवेश देकर उन्हें आवास, भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह संस्था समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के पुनर्वास और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।