• पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के लिए 25 सितंबर को विंध्याचल भवन में होंगे साक्षात्कार

    भोपाल.
    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना-2025 के अंतर्गत विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये आवेदन करने वाले युवाओं का साक्षात्कार 25 सितंबर (गुरुवार) को होगा। साधिकार चयन समिति द्वारा यह साक्षात्कार प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ किया जाएगा। साक्षात्कार विंध्याचल भवन के द्वितीय तल स्थित आयुक्त, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में होगा। सभी पात्र अभ्यर्थियों को समय पर उपस्थित होने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

    हर वर्ष 50 छात्रों का होता है चयन
    पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति के तहत हर वर्ष 50 छात्र छात्राओं का चयन किया जाता है। गत वर्षों में पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों छात्र छात्राएं इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

     

  • सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल.
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है।

    प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले।

    राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

    खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन
    सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। 

    मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पोर्टल और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

    भोपाल.
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 सितम्बर को सागर जिले के जैसीनगर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पोर्टल और मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति-2025 लागू की गयी है। इस नीति के तहत राज्य के जिलों में पाईप लाईन बिछाकर उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाईप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन प्रदाय किये जायेंगे। साथ ही वाहनों के लिए सीएनजी स्टेशन स्थापित किये जायेंगे, इससे घर-घर स्वच्छ और सस्ता ईधन उपलब्ध होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेशकों को आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करना है।

    मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के सार्वजनिक उचित मूल्य दुकानों से वितरित होने वाले राशन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जायेगा। उपभोक्ताओं में "आपका राशन-आपका अधिकार" संबंधी जागरूकता के लिये शिविरों का आयोजन किया जायेगा। खाद्यान्न प्राप्त होते ही पंजीबद्ध उपभोक्ताओं को एसएमएस से राशन की मात्रा संबंधी जानकारी मिलेगी। उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न पहुंचने की जानकारी भी उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से मिलेगी।

    सिंगल विंडो पोर्टल के लाभ
    सिटी गैस ड्रिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विकास के लिए सीएनजी स्टेशन संचालित करने के लिए एनओसी एवं पाईपलाईन बिछाये जाने हेतु अनुमति दिये जाने का प्रावधान है। इसी के लिए सिंगल विंडो पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिला स्तर पर विभिन्न प्रकार की अनुमतियां देने के लिए कलेक्टर को सिंगल विंडो पोर्टल के लिये अधिकृत किया गया है। आवेदक संस्था द्वारा सिंगल विंडो पोर्टल पर जिला कलेक्टर को आवेदन कर, निर्धारित समय-सीमा में एनओसी/अनुमति प्राप्त की जा सकेगी। एनओसी अधिकतम समय-सीमा 60 दिन एवं अनुमति प्राप्त करने के लिये अधिकतम 77 दिवस निर्धारित की गई है।

    हितग्राही को लाभ
    जिलों में पाईपलाईन के माध्यम से उपभोक्ताओं के घरों तक निर्वाध रूप से पीएनजी का प्रदाय किया जाता है। इससे उपभोक्ताओं के घरों में निर्वाध गैस की उपलब्धता बनी रहेगी। इसका उपयोग खाना पकाने एवं अन्य घरेलू कार्यों में किया जाता है, जो सस्ता एवं सुलभ है। बार-बार सिलेंडर बुक करने और रीफिलिंग की परेशानी नहीं होती है। पीएनजी का उपयोग सुरक्षित है क्योंकि यह हवा से हल्की होती है। अत: रिसाव होने पर यह ऊपर उठकर हवा में फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है। इसमें सेफ्टी फीचर होते हैं, जिससे सिलेण्डर ब्लास्ट होने जैसी घटना की संभावना नहीं है। सीएनजी आज के सबसे स्वच्छ ईंधन में से एक है। यह डीजल, पेट्रोल जैसे अन्य ईथनों की तुलना में बहुत कम वायु प्रदूषण करती है। इस नेटवर्क की स्थापना से जिले में भारी पूंजी निवेश द्वारा बुनियादी ढांचे का निर्माण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होता है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह का शुभारंभ

    भोपाल.
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह का रवीन्द्र भवन भोपाल में गुरुवार को शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास से प्रात: 9 बजे से रवीन्द्र भवन तक रैली निकाली जायेगी। रैली में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के 300 प्रतिभागी सहभागिता करेंगे।

    महा-अभियान प्रदेश के 313 विकासखण्डों में 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। स्वदेशी जागरण सप्ताह में स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार-प्रसार करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में स्वदेशी जागरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, स्वर्णिम भारत वर्ष फाउण्डेशन एवं अखिल भारतीय सह प्रमुख स्वदेशी मेला के सीईओ साकेत सिंह राठौर, स्वाबलंबी भारत अभियान के अखिल भारतीय सह-समन्वयक जितेन्द्र गुप्त, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के प्रादेशिक अध्यक्ष मोहन गुप्ता और स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहेंगे।

     

  • धान उत्पादक किसानों को दीपावली से पहले ही बोनस के रूप में दिया तोहफा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल.
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश का उदर-पोषण करने वाले अन्नदाताओं की खुशहाली में ही हम सबकी खुशहाली है। अन्नदाताओं की आर्थिक मजबूती ही देश और प्रदेश के विकास और समृद्धि का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों के सभी हितों का विशेष ध्यान रखा है। हमारी विकास नीतियों के मूल में किसान ही हैं। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के लिए हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं। किसानों को उनके हर वाजिब हक के साथ-साथ हमारी सरकार किसान सम्मान निधि भी दे रही है। यह निधि किसानों के प्रति हमारे सम्मान की अभिव्यक्ति है। किसानों के कल्याण और इनकी समृद्धि के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बालाघाट जिले के कटंगी तहसील मुख्यालय में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 6 लाख 69 हजार 272 धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ 12 लाख रुपये की प्रोत्साहन (बोनस) राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जित करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार अधिकतम 10 हजार रूपये की बोनस राशि देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में करीब 245 करोड़ रुपये की लागत वाले 78 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इसमें 39 करोड़ रूपए लागत से बालाघाट में सरेखा आर.ओ.बी. एवं परसवाड़ा में 31 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण भी शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के नक्सल प्रभावित ग्रामों के 850 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इन सभी युवाओं को गृह विभाग के विशेष सहयोगी दस्ते में नियुक्ति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में हुए रोजगार महोत्सव के जरिए चुने गए 3700 से अधिक युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नियुक्ति पत्र भी दिए। इन चयनितों में लगभग 1000 युवतियां भी शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु की निजी कंपनियों में नियुक्ति दी जा रही है।

    किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल किसानों की समृद्धि, बल्कि युवाओं के लिए भी नए अवसरों से भरपूर है। किसान और युवा विकास के सेतु की तरह हैं। प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार इन दोनों के परिश्रम और असीम ऊर्जा को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के आशीर्वाद से ही किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है। किसानों को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं और सोयाबीन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर का चावल और जैविक गुड़ भेंट किया गया।

    मुख्यमंत्री ने दी अनेक सौगातें
    किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि कटंगी में नया सामुदायिक अस्पताल बनाया जाएगा। हाईस्कूल को हायर सेकेंड्री स्कूल में प्रोन्नत किया जाएगा। कटंगी से सिवनी राजमार्ग पर नया सेतु बनाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बड़ी समस्या का निदान करते हुए कहा कि पेंच नेशनल पार्क की परिधि क्षेत्र से लगे खेतों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चारों ओर सोलर फेंसिंग कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजीव सागर सिंचाई परियोजना से नहलेसरा बांध को इंटरलिंक कराने के लिए परीक्षण कराकर कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले क्षेत्र के 5 मृतकों स्व. सुखराम, स्व. प्रकाश, स्व. अनिल, स्व. मंगरू एवं स्व. सेवकराम के परिजनों को मुआवजे की शेष राशि के रूप में 17-17 लाख रूपए देने की घोषणा की। इन सभी मृतकों के परिजन को 25-25 लाख रुपए मुआवजा मिलना था इसमें से 8-8 लाख रूपए परिजनों को पहले ही दिए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चंद्रघंटा के साथ ज्वाला मैया का आशीर्वाद भी कटंगी में मिला है। बालाघाट ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है और आज विकास की अहम धुरी बन चुका है। यहां के किसानों और जवानों ने अपने परिश्रम से क्षेत्र का माहौल ही बदल दिया है। यहां के जीआई टैग वाले चिन्नौर के चावल की खुशबू दूर-दूर तक फैली हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अभाव में बालाघाट के कुछ युवा पथ भ्रमित हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सल उन्मूलन के लिए 31 मार्च 2025 की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा कि आज बालाघाट के 850 जवानों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। अब यहीं के युवा यहीं पर प्रशिक्षण लेकर अपने गांव, कस्बे, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सभी संकल्पों को पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। किसानों को सम्मान निधि के साथ-साथ प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों से किया वादा भी निभाया है। रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपए दिए, अब दीपावली की भाईदूज से हर माह 1500 रुपए देंगे। हम धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3000 रुपए कर देंगे।

    गौमाता को संरक्षण और सम्मान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गौमाता को संरक्षण देने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। किसान भाई अधिक से अधिक गाय पालकर दुग्ध उत्पादन करें और अपनी आय बढ़ाएं। किसान भाई गौपालन के साथ-साथ प्राकृतिक खेती से जुड़ें। उन्होंने कहा कि जिसके घर गाय वो गोपाल, 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास गौमाता में होता है। कोई भी गौमाता को परेशान करेगा, उसे समाज में रहने की कोई जगह नहीं है। हमारी सरकार ने गौशालाओं के अनुदान की राशि बढ़ाई है। प्रदेश में बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली से पहले ही किसानों को धान के बोनस के रूप में तोहफा मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी की दरों में छूट देकर देशवासियों को दीपावली का बचत गिफ्ट दिया है। हम स्वदेशी उत्पादों और स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस स्वदेशी भाव को आगे बढ़ाकर अपने देश को सशक्त और समृद्ध बनाएं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में हितलाभ वितरित किये।

    स्कूल शिक्षा, परिवहन एवं बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के किसानों और युवाओं सहित सभी की चिंता करते हैं। वे बालाघाट के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे धान के अलावा अन्य फसलें भी लगाएं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में अधिक लाभ है। उन्होंने किसानों से खेती में फसल चक्रण को अपनाने की अपील की।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने भी किसान सम्मेलन को स्थानीय भाषा में संबोधित किया। उन्होंने किसानों से कहा कि मुख्यमंत्री दीपावली की सौगात लेकर आपके बीच आए हैं। साथ ही युवाओं के लिए भी रोजगार लेकर आए हैं। हमारी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्राण-प्रण से जुटी है।

    कटंगी विधायक गौरव सिंह पारधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ कृषि विकास एवं कृषि आधारित उद्योग विकसित करने पर भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बालाघाट के कटंगी में विकास की गंगा बहाई है। अपना वादा निभाने के लिए वे एक बार फिर बालाघाट आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कटंगी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए राजीव सागर और नहलेसरा बांध को इंटरलिंक किया जाए। जंगल और खेतों के बीच सोलर फेंसिंग कराई जाए। उन्होंने बालाघाट जिले को बुधवार को मिले करीब 245 करोड़ की लागत के विकास कार्यों की सिलसिलेवार जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने चलाया पेडी ट्रांसप्लांटर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कृषि नवाचार को बढ़ावा देने वाले पेडी ट्रांसप्लांटर की खूबियों को जाना और उसे चलाकर भी देखा। प्रदर्शनी में स्व-सहायता समूह की लखपति बहनों ने तुअर दाल बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समूह की महिलाओं द्वारा किये गये कार्य की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी में लगी जीएसटी महाबचत उत्सव स्टॉल का अवलोकन कर कहा कि किसानों के साथ आमजन के जीवन में बचत का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी महाबचत उत्सव को अधिक से अधिक प्रचारित कर आमजन तक इसका संदेश पहुंचाया जाये।

    धान का कटोरा है बालाघाट – आकर्षण का केन्द्र बनी प्रदर्शनी
    मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत धान प्रोत्साहन (बोनस) राशि वितरण कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्योत्पादन विभाग सहित ग्रामीण आजीविका विकास मिशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई भव्य प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। बालाघाट जिले को मध्यप्रदेश का ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है, क्योंकि यहां 1.5 लाख हेक्टेयर से भी अधिक रकबे में धान की खेती होती है और हर सीजन में समर्थन मूल्य पर करीब 5 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान यहां से खरीदी जाती है। इस संयुक्त प्रदर्शनी में उन्नत कृषि यंत्र जैसे – ड्रोन, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रीपर, बेलर एवं लेजर लैंड लेवलर का प्रदर्शन किया गया। साथ ही नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसी नई तकनीक, प्राकृतिक खेती, श्रीअन्न (मिलेट्स) आधारित उत्पाद, मत्स्य पालन के नवाचार और बालाघाट जिले में डेयरी विकास की संभावनाएं भी रोचक तरीके से प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी में ग्रामीण आजीविका विकास मिशन से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया।

    कार्यक्रम में बालाघाट सांसद श्रीमती भारती पारधी, लांजी विधायक राजकुमार कर्राहे, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व मंत्री लोचनलाल ठाकरे, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त प्रदीप जायसवाल, म.प्र. पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य सुमौसम बिसेन, पूर्व राज्यमंत्री रामकिशोर कांवरे सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु, युवा और नागरिक उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

    भोपाल. 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के ग्रामीण एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के करीब 4 हजार युवाओं को रोजगार के लिये नियुक्ति-पत्र वितरित किये। इसमें लगभग एक हजार युवतियॉ शामिल है, जिनका बैंगलोर की कंपनियों में प्लेसमेंट हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 850 युवाओं को गृह विभाग के विशेष दस्ते में नौकारी के नियुक्ति-पत्र भी सौंपे। इतनी बड़ी संख्या में जिले के ग्रामीण एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलने से न केवल उनका एवं परिवार का भविष्य संवरेगा साथ ही नक्सलवाद जैसी चुनौती को खत्म करने में मदद मिलेगी। बालाघाट के कटंगी तहसील में हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, कंपनी के प्रतिनिधियों, चयनित अभ्यर्थी और उनके परिजन शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने देश की प्रतिष्ठित कंपनियों से चर्चा उपरांत सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में 20 से 22 सितम्बर तक रोजगार महोत्सव का आयोजन कराया। कंपनियों द्वारा लगभग 5 हजार युवाओं की भर्ती की जाना है। तीन दिन के इस महोत्सव में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं तथा शासकीय विभागों के सहयोग से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक से अधिक युवाओं को शामिल कराया गया और उन्हें बालाघाट पहुंचाने में मदद की गई। इस रोजगार महोत्सव में टाटा मोटर्स, टाटा इलेक्ट्रानिक्स, एमआरएफ, क्यूमयुईएसएस बैंगलुरू, एल एंड टी, सीआईआई छिंदवाड़ा, रेमंड कंपनी एवं अन्य कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा 10वीं पास, 12वीं पास एवं आईटीआई डिप्लोमा प्राप्त 2734 युवाओं का इंटरव्यू लेकर चयन किया गया है। इसमें 1889 युवक एवं 845 युवतियॉ शामिल है।

    पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये विशेष कैम्प लगाया गया जिसमें 500 युवाओं का चयन एल एंड टी कंपनी द्वारा किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में आयोजित किये गए रोजगार मेलों में भी 500 युवाओं का चयन किया गया है। इस प्रकार बालाघाट के ग्रामीण एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 3734 युवाओं को देश की प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

     

  • मुख्यमंत्री साय ने उत्कृष्ट कार्य कर रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को किया सम्मानित

    रायपुर,

    व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।

    इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री साय बोले – प्रधानमंत्री मोदी जी के विज़न के साथ कदमताल करते हुए छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा

    छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट, स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग

    छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित

    निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन

    पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

    पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास

    हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

    मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    पर्यटन को उद्योग का दर्जा

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

    निवेश प्रक्रिया की सरलता

    मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो 'वन क्लिक' सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

    नई तकनीक और एआई सेक्टर

    मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

    पावर हब की ओर कदम

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

    कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

    सेवा क्षेत्र की नई पहचान

    मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

            कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी।

    कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।
    आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

    होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है।
    होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है।
    एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा।
    प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

    इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक संस्कृति  विवेक आचार्य, संचालक उद्योग  प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन संजय जैन भी उपस्थित रहे।

  • भोपाल में आईजी इंटेलीजेंस डॉ आशीष का मोबाइल छीनकर फरार बदमाश

    भोपाल,

    मध्यप्रदेश के आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष को बेखोफ बदमाशों ने अपना शिकार बना डाला। ये वारदात भोपाल के सबसे पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके चार इमली में अंजाम दी गयी। यहां बदमाश आईपीएस डॉ आशीष का मोबाइल छीनकर फरार हो गए। हैरानी वाली बात यह है कि इस इलाके में प्रदेश सरकार कई मंत्रियों के सरकारी निवास है, और इसकी गिनती शहर के सबसे हाई सिक्युरिटी जोन में की जाती है। जानकारी के मुताबिक आईजी डॉ आशीष रात को खाना खाने के बाद अपनी पत्नी के साथ टहलने के लिए घर से बाहर निकले थे।

    इसी दौरान रात करीब 10 बजे तीन बाइक सवार लुटेरे डॉ आशीष का मोबाइल छींनकर कोलार गेस्ट हाउस तिराहे से चुना भट्टी की ओर भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे हड़कप मच गया। क्राइम ब्रांच और पांच थानों की पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू करते हुए पूरे इलाके में घेराबंदी कर दी। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल लूटने के बाद लुटेरों ने आईजी का मोबाइल चुना भट्टी थाना क्षेत्र के दुर्गा नगर में स्विच ऑफ कर दिया था। बाद में बदमाश आईजी का मोबाइल लावारिस हालत में फेंक कर आगे भाग गए। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। फिलहाल अज्ञात लूटेरो का कोईं सुराग नहीं मिला है। पुलिस की और से इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया गया है। आईजी डॉ. आशीष ने हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

     

  • फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुआ छिंदवाड़ा, स्वच्छता में नई मिसाल कायम

    वॉश ऑन व्हील्स नवाचार बना देश के लिए प्रेरणा
    नई प्लेटफार्म पर सराहा गया नवाचार

    छिंदवाड़ा

    छिंदवाड़ा जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। जिला पंचायत छिंदवाड़ा को अभिनव ‘’वॉश ऑन व्हील्स’’ नवाचार के लिए प्रतिष्ठित इंडिया सेनीटेशन कोएलिशन फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 से नवाजा गया है। इसे सतत रखरखाव एवं सामुदायिक प्रबंधन श्रेणी में प्रदान किया गया, जिसके साथ ढाई लाख रुपये की नकद राशि भी प्राप्त हुई। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अग्रिम कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। छिंदवाड़ा देश का पहला जिला स्तरीय संगठन बन गया है, जिसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    छिन्दवाडा वॉश ऑन व्हील्स को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रशंसा मिल रही है। भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने इस नवाचार की सराहना की थी। इसके अलावा, यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिका अकॉलैड्स में भी स्थान पा चुका है जो मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

    वॉश ऑन व्हील्स: स्वच्छता का अनूठा मॉडल वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव की चुनौती का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाइयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने न केवल स्वच्छता को स्थायी बनाया, बल्कि सामुदायिक सहभागिता की मिसाल भी कायम की। इस नवाचार की प्रस्तुति 11 जून 2025 को सीईओ जिला पंचायत  कुमार ने फिक्की की कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी थी, जिसे सर्वसम्मति से सराहा गया।

    आर्थिक और सामाजिक प्रभाव की इस पहल से संलग्न 45 स्वच्छता साथियों ने अब तक 40 हजार शौचालय इकाइयों की सफाई कर लगभग 40 लाख रुपये की आय अर्जित की है। यह मॉडल न केवल स्वच्छता को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन रहा है। यह उपलब्धि न केवल छिंदवाड़ा, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

     

  • एनएचएआई को निर्देश: इंदौर बायपास पर फ्लाईओवर का कार्य जल्द पूरा करें – मंत्री सिलावट

    एनएचएआई इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के कार्य शीघ्र करे पूर्ण: जल संसाधन मंत्री  सिलावट

    मंत्री  सिलावट ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ की बैठक

    भोपाल 

    जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इंदौर बायपास पर निर्माणाधीन अर्जुन बरोदा, झलारिया और कनाडिया फ्लाई ओवर का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही रोड चौड़ीकरण, सर्विस रोड दुरुस्ती और बंद लाइट चालू करने का कार्य भी प्राथमिकता के साथ किया जाए, जिससे यातायात सुचारू हो और ट्रैफिक जाम की समस्या समाप्त हो।

    मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय में एनएचएआई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एनएचएआई के रीजनल ऑफिसर  एस.के. सिंह, एमपीआरडीसी के चीफ इंजीनियर  राकेश जैन, प्रमुख अभियंता जल संसाधन  विनोद कुमार देवड़ा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि लक्षित कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मंत्री  सिलावट ने इन कार्यों के लिए अधिकारियों की सहमति से समय-सीमा भी निर्धारित की। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के अनुसार 15 जनवरी 2026 तक अर्जुन बरोदा का फ्लाई ओवर और 30 जनवरी 2026 तक झलारिया का फ्लाई ओवर पूर्ण होकर प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार 31 मार्च 2026 तक कनाडिया (एमआर 10) का फ्लाई ओवर, दीपावली के पहले फ्लाई ओवर के दोनों तरफ की सर्विस रोड की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आगामी 10 दिनों में पूरे मार्ग पर लाइट भी लगा दी जाएगी। मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि इन मार्गों पर यातायात बाधित न हो इसके लिए एनएचएआई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय कर व्यवस्था सुनिश्चित करें।

     

  • छत्तीसगढ़ में ‘महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस’ का भव्य आयोजन

    हजारों महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संवाद और जागरूकता गतिविधियों में लिया सक्रिय भाग

    रायपुर,

    ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था।

    राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

    कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।

    प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

    6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच
    23,000 से अधिक  टीकाकरण
    बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी।

    यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।

  • फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत भोजन में तेल कम करना और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाना जरूरी

    सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में हुई है नई क्रांति
    फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत भोजन में तेल कम करना और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाना जरूरी
    सेवा पखवाड़ा का हिस्सा बना खेल महोत्सव
    भारत माता के जयकारे, आतिशबाजी, तिरंगे गुब्बारे छोड़कर हुई खेल महोत्सव शुरूआत
    महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने करवाया नामांकन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री  मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है।

    प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले।

    राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

    खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन

    सांसद  आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। 

    मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद  आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी  चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर मती मालती राय, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  विष्णु खत्री, विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर  सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे। 

  • छत्तीसगढ़ में बारिश की दस्तक: बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलता मौसम

    रायुपर

    बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम का मिजाज बदल गया है. प्रदेश के अनेकों स्थानों पर बारिश हो रही है. अगले 48 घंटे के लिए मध्य छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट किया है.

    मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक तेज बारिश के हालात बने रहने की संभावना जताई है. दक्षिणी हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. वहीं लोगों को नदी, नाले, पहाड़ और पिकनिक स्पॉट से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

    मौसम विभाग ने जारी किया यलो और ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है.  उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) के साथ मध्यम वर्षा की संभावना है. इन जगहों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलवा कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर में मध्यम वर्षा हो सकती है. इन क्षेत्रों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.

    मौसम विभाग ने जानकारी दी कि गंगेटिक पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके, उत्तर उड़ीसा और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है. जिसके साथ ऊपरी हवा में लगभग 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है और इसके अगले 24 घंटों में कमजोर होने की संभावना है. इस प्रणाली से दो द्रोणिकाएं भी जुड़ी हैं, पहली द्रोणिका गंगेटिक पश्चिम बंगाल से तेलंगाना तक 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली है, जबकि दूसरी द्रोणिका गंगेटिक पश्चिम बंगाल से दक्षिण महाराष्ट्र तट तक उड़ीसा, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक से होते हुए 4.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है.

    नए सिस्टम बनने की संभावना
    मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे मध्य बंगाल के खाड़ी के ऊपर 25 सितंबर को बनने की संभावना है. इसके पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इसके और अधिक प्रबल होकर अवदाब के रूप में उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी दक्षिण उड़ीसा तक और उत्तर आंध्र तरफ से दूर परिवर्तित होने की संभावना है. इसके दक्षिण उड़ीसा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास 27 सितंबर को पहुंचने की संभावना है. इसके कारण प्रदेश के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में 26 सितंबर से भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है.

  • जीएसटी की टीम ने रतलाम में मारी रेड, दो फर्मों पर जांच; एंट्री-बंद, बाजार में भारी पुलिस मौजूदगी

    रतलाम 
     रतलाम में जीएसटी टीमों ने फ्रीगंज रोड स्थित प्रकाश ट्रेडर्स और राठी मशीनरी फर्म पर अचानक दबिश दी. इससे पूरे बाजार में हड़कंप मच गया. बाद में पता चला कि जीएसटी की टीमें सर्वे करने पहुंची हैं. इंदौर जीएसटी कार्यालय की टीमें कई वाहनों से रतलाम पहुंची. इसमें दो दर्जन जीएसटी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. इतनी बड़ी संख्या में जीएसटी के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया.

    कृषि उपकरणों की दो फर्मों पर सर्वे

    दोनों ही फर्म कृषि उपकरणों के व्यवसाय से जुड़ी है. जहां करों में गड़बड़ी की सूचना पर जीएसटी टीमों ने कार्रवाई की. रतलाम के फ्रीगंज रोड पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब इंदौर से पहुंची जीएसटी की टीमें ने अचानक कार्रवाई शुरू कर दी. एक साथ 7 चार पहिया वाहनों से टीमें पहुंची. इस दौरान स्थानीय पुलिस फोर्स भी पहुंची. जीएसटी की टीमों ने फ्रीगंज रोड स्थित कृषि उपकरणों की दो विक्रेता फर्मों पर जाकर जांच शुरू की है.

    किसी को भी अंदर से बाहर जाने की अनुमति नहीं

    जीएसटी की कार्रवाई की खबर तेजी से शहर में फैल गई. इससे व्यापारियों में कई प्रकार की बातें होने लगी. इस दौरान बड़ी मात्रा में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी की गई. कार्रवाई के दौरान बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया और ना ही इन फर्म के स्टाफ को बाहर आने दिया गया. जीएसटी की टीमों में शामिल अधिकारी दोनों फर्मों के वित्तीय दस्तावेज खंगालने में जुट गए. यहां किस तरह की गड़बड़ी मिली और टैक्स में किस तरह की कमी पाई गई है, इस बारे में सर्वे पूरा होने के बाद ही जानकारी मिल सकेगी.

    दस्तावेजों की जांच में जुटी जीएसटी टीमें

    कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने फिलहाल कोई भी जानकारी दिए जाने से इनकार किया है. दोनों फर्म कृषि उपकरण बिक्री के व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं. वहीं, प्रकाश ट्रेडर्स फर्म के प्रॉपर्टी व्यवसाय में इन्वेस्टमेंट से जुड़े होने सूचना भी जीएसटी को मिली है, जिसकी जांच जारी है. जीएसटी अधिकारी सोनाली जैन ने बताया "दोनों फर्मों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जो भी तथ्य निकलेंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी."

     

  • एक साल में न्यायालयिक बोझ कम: संभागायुक्त कावरे ने 2000+ प्रकरणों का सफल निराकरण किया

    रायपुर

    रायपुर संभागायुक्त आईएएस महादेव कावरे ने आयुक्त न्यायालय एवं अपर आयुक्त न्यायालय में अभियान चलाकर 2607 निराकृत प्रकरणों को अभिलेख कोष्ठ जमा कराया है. वर्तमान में संभागायुक्त के प्रयास से दोनों न्यायालयों के सभी प्रकरणों को ऑनलाइन दर्ज कर प्रकरणों से संबंधित सभी कार्यवाही ऑनलाइन की जा रही है.

    संभागायुक्त प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को आयुक्त और मंगलवार एवं गुरुवार को अपर आयुक्त न्यायालय में पेशी नियत कर सुनवाई की जा रही है. इस तरह से एक वर्ष में कुल 2426 प्रकरण निराकृत किए गए हैं. निराकृत प्रकरणों का आदेश ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है, जिसे केस नम्बर डाल कर अपीलार्थी/उत्तरवारी अवलोकन कर सकते हैं.

    प्रकरणों की स्थिति देखने हेतु राजस्व विभाग के वेबसाइट-https://revenue.cg.nic.in में जाकर प्रकरण खोजे में प्रकरण क्रमांक डालकर प्रकरण की स्थिति देखा जा सकता है तथा आदेश हुए प्रकरणों की आदेश की कापी डाउनलोड किया जा सकता है.

    प्रकरण की पंजीयन के दौरान अपीलार्थी, उत्तरवादी एवं अधीवकतागणों का मोबाईल नंबर ऑनलाईन दर्ज किया जा रहा है, जिससे प्रकरण की पंजीयन क्रमांक एवं आगामी देशी तिथियों की जानकारी मेंसेज की माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर में सूचना मिल जा रही है. प्रकरण में प्रतिदिन की गई कार्यवाही की आर्डरशीट ऑनलाईन अपलोड किया जा रहा है. न्यायालय में लंबित 5 वर्ष से अधिक अवधि के प्रकरणों को प्राथमिकता देकर प्रति सप्ताह सुनवाई संभागायुक्त द्वारा किया जा रहा है.

  • मौत के बाद विवाद: डॉक्टरों ने नक्सली पोस्टमार्टम से किया इंकार, भत्ते की उठी

     नारायणपुर

     नारायणपुर जिला अस्पताल के डाक्टरों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मारे गए नक्सलियों का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया है. बीते 9 महीने से नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता (CRMC) नहीं मिलने से आक्रोशित डॉक्टरों ने अपना विरोध दर्ज कराया.

    नक्सल प्रोत्साहन क्षेत्र भत्ता नहीं मिलने से डॉक्टरों में लंबे समय से पनप रहा गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा, जब 22 सितंबर को अबूझमाड़ में मारे गए दो सेंट्रल कमेटी के सदस्यों के शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया. डॉक्टरों ने एकजुट होकर पोस्टमार्टम से इंकार करते हुए बीते 9 महीने से अटके नक्सली भत्ते को देने की मांग पर अड़ गए.

    नारायणपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर पदस्थ डॉ. हिमांशु सिन्हा ने बताया कि नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन भत्ता (सीआरएमसी) बीते नौ महीने से हमें नहीं मिला है. जनवरी 2025 से आज तक यह नहीं मिला है. साय सरकार का दावा है कि काम जल्द से जल्द किया जाता है, वह बात हमारे भत्ते को लेकर भी अमल में लाया जाए, और हमें जल्द से जल्द भत्ते का भुगतान किया जाएगा.

    सीएमएचओ एसएस राज ने बताया कि डॉक्टरों ने नक्सली भत्ता नहीं मिलने की बात कही है. इस पर बताया कि यह राज्य स्तरीय मामला है. अक्टूबर-नवंबर में बजट का आवंटन हो जाएगा, एक हफ्ते के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा. आश्वासन पर डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है.

  • आई लव मोहम्मद’ के बाद उज्जैन में आई नई मुहिम, ‘आई लव महाकाल’ पोस्टर हुए चर्चित

    उज्जैन

    उत्तर प्रदेश के कानपुर में 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद देश के कई हिस्सों में एक मुहिम का रूप से चुका है। यूपी के अलावा उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मुस्लिम समुदाय के लोग 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर जुलूस निकाल रहे हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन में 'आई लव महाकाल' के पोस्टर नजर आए। एक गरबा पंडाल में पोस्टर लहराए गए और लोगों ने 'आई लव महाकाल' के नारे भी लगाए।

    मध्य प्रदेश के उज्जैन में  दोपहर चमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ईदगाह पर 'आई लव मोहम्मद' के बैनर पोस्टर लगाए गए थे। वहीं, दूसरी और देर शाम उज्जैन के नवरंग डांडिया गरबा में 'आई लव महाकाल' के बैनर पोस्टर लगाए गए और जय महाकाल जय महाकाल का जय घोष किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का एक तरीका है। कार्यक्रम में जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल 'जय महाकाल' के नारों से गूंज उठा।

    आयोजक योगेश ठाकुर ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का एक तरीका है। जब नगर निगम शहरों के नाम से बैनर लगा सकता है, तो हम अपने आराध्य देव के लिए 'आई लव महाकाल' का बैनर क्यों नहीं लगा सकते।कार्यक्रम में जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल 'जय महाकाल' के नारों से गूंज उठा। आई लव महाकाल के पोस्टर पर लोगों का कहना था कि यह आयोजन महाकाल के प्रति उनके गहरे प्रेम को व्यक्त करने का एक तरीका है। इससे गरबे में भक्ति और आस्था के साथ-साथ धार्मिक गौरव की झलक भी साफ दिखाई दी।

    इस गरबा आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मंगलवार रात करीब 5 हजार लोगों ने यहां गरबा किया। आयोजकों की ओर से लगाए गए 'आई लव महाकाल' के पोस्टर आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने पोस्टर हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाईं। गरबा में सिर्फ हिंदुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके लिए एंट्री गेट पर तिलक, कलावा और आधार कार्ड की जांच की जा रही है। इसके अलावा माइक से यह घोषणा भी की जा रही है कि गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।
    जीएसटी के बैनर पोस्टर से मोदी को धन्यवाद

    सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से निरात डांडिया का आयोजन किया जा रहा है। पंडाल में मां वैष्णोदेवी की तर्ज पर करीब 300 फीट लंबी गुफा बनाई गई है। जिसमें 8 माताओं की विशेष झांकियां सजाई गई हैं। यहां मंगलवार रात जीएसटी गरबा आयोजित किया गया। जिसमे केंद्र सरकार द्वारा कई वस्तुओं और खाद्य सामग्री पर जीएसटी कम किए जाने को लेकर युवतियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विशेष गरबा किया। इन तख्तियों पर लिखा था 'घटी GST, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार।'

  • बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

    भोपाल 

    बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान सीहोर में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 17 से 19 सितम्बर 2025 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID), हैदराबाद तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

    प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास की नवीन तकनीकों, शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की सुलभता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न जिलों से आए शासकीय अशासकीय बौद्धिक दियांगजनों से सम्बंधित संस्थाओं के विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक शामिल हुए।

    कार्यक्रम के उद्घाटन-सत्र में वक्ताओं ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज एवं संस्थाओं की सामूहिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहार सुधार, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा पुनर्वास संबंधी व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया।

    समापन-सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बौद्धिक दिव्यांगजनों की बेहतरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

     

  • यात्रियों को राहत: 24 सितंबर से चलेगी कटनी-सतना मेला स्पेशल ट्रेन, 6 अक्टूबर तक रहेगा संचालन

     जबलपुर
     रेल प्रशासन द्वारा मैहर में नवरात्र मेला के अवसर पर आने-जाने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा और अतिरिक्त यात्री यातायात क्लियर करने के लिए कटनी साऊथ-सतना-कटनी साऊथ के मध्य 13-13 ट्रिप अनारक्षित मैहर मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है, जो मार्ग में पटवारा, झुकेही, पकरिया रोड, अमदरा, घुनवारा, भदनपुर, मैहर, उंचेहरा एवं लगरगवां स्टेशनों पर हॉल्ट लेकर गंतव्य को जा रही है। इस गाड़ी में सामान्य श्रेणी एवं एसएलआरडी के कोच है।

    मेला स्पेशल ट्रेन की जानकारी

    गाड़ी संख्या 09015 कटनी साऊथ से सतना अनारक्षित स्पेशल ट्रेन दिनांक 24 सितम्बर 2025 से 06 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन कटनी साऊथ स्टेशन से प्रातः 05:05 बजे प्रस्थान कर, पटवारा 05:16 बजे, झुकेही 05:28 बजे, पकरिया रोड 05:48 बजे, अमदरा 06:00 बजे, घुनवारा 06:08 बजे, भदनपुर 06:20 बजे, मैहर 06:55 बजे, उंचेहरा 07:20 बजे, लगरगवां 07:58 बजे पहुंचकर और उसी दिन सुबह 08:50 बजे सतना स्टेशन पहुंचेगी।

    इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09016 सतना-कटनी साऊथ अनारक्षित स्पेशल ट्रेन दिनांक 24 सितम्बर 2025 से 06 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन सतना स्टेशन से रात 19:25 बजे प्रस्थान कर, लगरगवां 19:32 बजे, उंचेहरा 19:44 बजे, मैहर 20:00 बजे, भदनपुर 20:30 बजे, घुनवारा 20:40 बजे, अमदरा 21:38 बजे, पकरिया रोड 22:08 बजे, झुकेही 22:58 बजे, पटवारा 23:33 बजे, पहुंचकर और उसी दिन रात्रि 23:50 बजे कटनी साऊथ स्टेशन पहुंचेगी।

    यात्रियों से अनुरोध है मेला स्पेशल ट्रेन की सेवाओं का लाभ उठाएं। ट्रेन की समय-सारणी से सम्बंधित जानकारी हेतु हेल्पलाइन 139 रेल मदद/एनटीईएस या वेबसाइट का उपयोग कर सकते है।