• डॉ. यादव ने बताया, मध्यप्रदेश और सिंगापुर मिलकर ग्रीन टेक्नोलॉजी व स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स में करेंगे सहयोग बढ़ावा

    मध्यप्रदेश और सिंगापुर, इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग-ग्रीन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग ने की सौजन्य भेंट

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश और सिंगापुर द्वारा क्षमता‍ निर्माण तथा युवा सशक्तिकरण के लिए किए गए संयुक्त प्रयासों का सफल उदाहरण है। सिंगापुर की तकनीक, शिक्षा-स्किल्स, विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता व संसाधन, परस्पर विकास, नवाचार और स्थिरता को प्रोत्साहित करने में सक्षम है। राज्य सरकार द्विपक्षीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हरसंभव नीति, सहयोग और निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग से मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में चर्चा के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, सिंगापुर के साथ इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता, ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स, स्किल डेवलपमेंट सहित निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाते हुए गतिविधियों का विस्तार करेगा। 

     

  • इंदौर में नवरात्रि मेले के दौरान मुसलमान दुकानदारों के स्टॉल पर बवाल, ID जांच के बाद हटाए गए स्टॉल

    इंदौर 

    इंदौर के कनकेश्वरी मेला मैदान में ठेके को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. विधायक रमेश मेंदोला ने महेश पालीवाल उर्फ गुड्डू नाम के एक व्यक्ति को मेला, झूले और अन्य मनोरंजन साधनों का ठेका दिया था, लेकिन उसने यह ठेका आगे बढ़ाकर किसी फिरोज नाम के लड़के को सौंप दिया. इसकी जानकारी विधायक को नहीं थी.

    मामला सामने आते ही हिंदू जागरण मंच ने इसका पुरजोर विरोध किया. संगठन ने इसे हिंदू भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग कर दी. इसके बाद विधायक ने एक्शन लिया. फिरोज और महेश, दोनों से ही ठेके की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है और अब आईडी देखकर दुकानें और झूले हटवा दिए गए हैं.

    हिंदू संगठन ने विधायक से की शिकायत
    दरअसल, हिन्दू जागरण मंच को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी, कार्यकर्ताओं ने विधायक रमेश मेंदोला से जाकर इसकी शिकायत कर दी. हिंदू संगठन के आक्रोश को देखते हुए रमेश मेंदोला ने तुरंत प्रभाव से निर्देश दिए कि फिरोज से ठेका वापस लिया जाए और गैर-हिंदुओं की दुकानें और सामान मेले से हटवाए जाएं.

    'ठेका लेने के बाद मुसलमानों को दीं दुकानें'
    इस बीच, रमेश मेंदोला समर्थक जीतू यादव ने कहा, "मेला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े ठेके गैर-हिंदू व्यक्तियों को दिए जाने पर समाज में असंतोष फैलता है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है. फिरोज़ नाम के युवक ने महेश पालीवाल के नाम से ठेका लिया और फिर मुस्लिम समाज के लोगों को मेले में दुकान और झूले लगाने की परमिशन दी गई."

    जीतू यादव ने बताया कि उन्होंने सभी आईडी चेक कर मुस्लिम समाज से जुड़े सभी दुकानदारों को हटाया है. कुछ महिलाएं हिंदू बहनों की दुकान लगी है. उन्हें परमिशन है कि वह अपनी दुकान चलाएं. महेश उर्फ गुड्डू को सजा देते हुए उससे ठेका भी वापस ले लिया गया है.

    कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक हैं विधायक रमेश मेंदोला
    बता दें कि रमेश मेंदोला बीजेपी के विधायक हैं और कैलाश विजयवर्गीय के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. वह कनकेश्वरी गरबा आयोजन के आयोजक भी हैं. साथ ही, प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने का तमगा भी रमेश मेंदोला के नाम है.

  • भोपाल की तलाक केस में पत्नी ने कहा – पति से अलग होना है, बिल्ली से नहीं

    भोपाल

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अनोखा तलाक का मामला सामने आया है, जहां पति-पत्नी के बीच पालतू जानवरों की वजह से रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। शादी के महज 9 महीने बाद ही दंपती ने तलाक के लिए आवेदन दे दिया है। इस अनोखे मामले की वजह है पति का कुत्ता और पत्नी की बिल्ली, जिनके बीच का झगड़ा अब कोर्ट तक जा पहुंचा है।

    पत्नी का आरोप, कुत्ता करता है बिल्ली को परेशान

    पत्नी का कहना है कि पति का कुत्ता उनकी प्यारी बिल्ली को बार-बार परेशान करता है। इतना ही नहीं, कुत्ते ने कई बार बिल्ली पर हमला भी किया, जिससे घर में तनाव का माहौल बन गया है। पत्नी का आरोप है कि पति अपने कुत्ते को नियंत्रित करने में नाकाम रहे हैं, जिसके चलते उनकी बिल्ली असुरक्षित महसूस करती है।

    पति की दलील, पहले ही दी थी चेतावनी

    दूसरी ओर, पति का कहना है कि शादी से पहले ही उन्होंने पत्नी को साफ बता दिया था कि सभी पालतू जानवरों को एक साथ रखना मुश्किल होगा। पति के मुताबिक, उनके घर में पहले से एक कुत्ता और मछलियां हैं, जिन्हें पत्नी की बिल्ली परेशान करती है। पति का दावा है कि पत्नी ने उनकी बात को अनसुना कर मायके से अपनी बिल्ली ला लिया, जो अब घर में रखी मछलियों के एक्वेरियम के आसपास मंडराती रहती है।

    पालतू जानवर बने घरेलू कलह की वजह

    यह मामला भोपाल के पारिवारिक कोर्ट में पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पालतू जानवरों को लेकर पति-पत्नी के बीच असहमति कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह तलाक तक पहुंचने का मामला बेहद असामान्य है। अब कोर्ट इस अनोखे मामले में क्या फैसला सुनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

  • MP में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया शुरू – नाम छूटने पर देना होगा दस्तावेज़ी प्रमाण

    भोपाल
     जिनके नाम वर्ष-2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें नई सूची में अपना नाम कटने से बचाने के लिए पहचान के तीन दस्तावेज पेश करने पड़ेंगे। वहीं जिन लोगों के पिता का नाम इस मतदाता सूची में है, उन्हें पिता से संबंध का प्रमाण पेश करने के साथ पहचान का एक दस्तावेज देना अनिवार्य होगा।

    यह कवायद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का हिस्सा है। दरअसल बिहार चुनाव के पहले 65 लाख मतदाता के नाम काटने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश में भी सूची के गहन पुनरीक्षण की तैयारी शुरु कर दी है। जिसे एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नाम दिया गया है। इस तरह की कवारयद यहां 22 साल बाद होने जा रही है। इससे पहले वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था। उस समय भोपाल में केवल चार विधानसभा क्षेत्र थे, जिसमें गोविंदपुरा, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और बैरसिया शामिल थे।

    गहर परीक्षण के बाद ही अंतिम सूची जारी होगी

    इन विधानसभाओं में 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता थे। निर्वाचन आयोग ने इन मतदाता का गहन परीक्षण करने के बाद ही अंतिम सूची जारी की थी। वर्तमान में राजधानी में सात विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर हैं। यहां वर्तमान में की 21 लाख 18 हजार 364 मतदाता हैं।

    यह संख्या 22 साल पुरानी मतदाता सूची से दोगुना से भी ज्यादा है, सूची का एसआइआर होने से यहां भी भारी संख्या में नाम काटे जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने फिलहाल 2025 की मतदाता सूची का 2003 की मतदाता सूची से मिलान का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को काम पर लगाया गया है। मिलान का काम पूरा होने के बाद जिनके नाम 2003 की सूची में नहीं होंगे, उनको बीएलओ सूचना देगा। उसी के आधार पर मतदाता को दस्तावेज पेश करना होगा।

    2003 की सूची में जिनके नाम उन्हें नहीं देने होंगे दस्तावेज

    अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाता के नाम वर्ष-2003 की सूची में दर्ज होगा, उन्हें किसी भी तरह का दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सिर्फ 2003 में दर्ज नाम का रिकॉर्ड पेश करना पड़ेगा। जिन लोगों के पिता का नाम दर्ज है, उन्हें भी पिता के नाम का ब्यौरा अपने फार्म में दर्ज करना पड़ेगा।

    इस अभियान के तहत 1987 के पहले जन्म लेने वाले मतदाता को एक दस्तावेज देना पड़ेगा। इसके साथ 1987 से 2003 के बीच जन्म लेने वाले मतदाता को पहचान के दो दस्तावेज पेश करना पड़ेंगे। जबकि 2003 से अब तक वालों को तीन दस्तावेज देना अनिवार्य किया गया है।

    हर मतदाता को दिए जाएंगे न्यूमेरेशन फार्म

    मतदाता सूची का गहन परीक्षण होने के साथ ही बीएलओ को न्यूमेरेशन फार्म दिए जाएंगे। यह फार्म बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता को दो कापी में देंगे, जिसमें एक कापी पर पावती भी ली जाएगी। इस फार्म को तय समय में भरने के साथ दस्तावेज भी पेश करना अनिवार्य होगा। आयोग इस फार्म की व्यवस्था ऑनलाइन भी रखेगा, जिससे मतदाता ऑनलाइन भी इस फार्म को भर सकेंगे।

    77 बीएलओ और चार सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस

    नरेला विधानसभा क्षेत्र के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवीश श्रीवास्तव ने 77 बीएलओ और चार बीएलओ सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मतदाता सूचीयों के मिलान का काम शुरू नहीं किया है। सभी को निर्देशित किया है कि वह जल्द से जल्द निर्वाचन संबंधी कार्य शुरू करें और अपना जवाब भी पेश करें। यदि जवाब नहीं दिया जाता है तो एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

    लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई

        जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के मिलान का कार्य किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सौंपी गई है, यदि बीएलओ द्वारा निर्वाचन के काम में लापरवाही बरती जाती है, तो उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी

     

  • दो वाहन चोर गिरफ्तार, एक्टिवा बरामद – रेल पुलिस की बड़ी सफलता

    रायपुर

    शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) रायपुर ने दोपहिया वाहन चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी उड़ीसा के निवासी हैं और उनके कब्जे से 1.60 लाख रुपये कीमत की दो होंडा एक्टिवा गाड़ियां बरामद की गई हैं. पुलिस ने केशबा सोना (32 वर्ष, नुआगांव, थाना कोमना, जिला नुवापाड़ा, उड़ीसा) और दुर्योधन सुनानी (45 वर्ष, उदनबान, थाना कोमना, जिला नुवापाड़ा, उड़ीसा) को 24 सितंबर 2025 को क्रमशः 1:30 बजे और 1:40 बजे गिरफ्तार किया. दोनों का वर्तमान पता रायपुर है.

    प्रकरण की शुरुआत दीप्ति चौधरी (22 वर्ष, बिलासपुर) की शिकायत से हुई, जिन्होंने बताया कि 23 अगस्त 2025 को उनकी भाभी कंचन पिंजानी की होंडा एक्टिवा (वाहन नंबर CG04CR3570, कीमत 1 लाख रुपये) रायपुर रेलवे स्टेशन के टू-व्हीलर पार्किंग से चोरी हो गई. दीप्ति ने 25 अगस्त को पार्किंग में गाड़ी न पाकर पुलिस में शिकायत दर्ज की. इसके आधार पर जीआरपी ने अपराध क्रमांक 107/2025 के तहत धारा 303(2), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

     पुलिस अधीक्षक (रेल) और उप पुलिस अधीक्षक (रेल) रायपुर के निर्देश पर थाना प्रभारी जीआरपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की. पूछताछ में आरोपी केशबा सोना ने दीप्ति की एक्टिवा चोरी करने की बात स्वीकार की. साथ ही, उसने लक्ष्मीनगर, टिकरापारा, रायपुर से एक अन्य एक्टिवा (कीमत 60,000 रुपये) चोरी करने की बात कबूल की, जो थाना टिकरापारा के अपराध क्रमांक 270/2021 से संबंधित थी.

     पुलिस ने दोनों आरोपियों से दो चोरी की एक्टिवा गाड़ियां बरामद कीं, जिनकी कुल कीमत 1.60 लाख रुपये है.

  • MPPSC की परीक्षाओं पर कोर्ट की सख्ती, हाईकोर्ट बोला– दूसरे पक्ष को सुने बिना मंजूरी नहीं

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को एमपी-पीएससी मुख्य परीक्षा-2025 के मामले की सुनवाई हुई। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से हाई कोर्ट में मुख्य परीक्षा का शेड्यूल पेश कर इसे मंजूर करने का आग्रह किया गया। हाई कोर्ट ने उसे फिलहाल मंजूरी नहीं दी। कोर्ट ने कहा कि दूसरे पक्ष को भी सुनना जरूरी है।

    इसी के साथ मामले की सुनवाई नौ अक्टूबर तक के लिए स्थगित की दी गई। दरअसल, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों भोपाल निवासी सुनीत यादव, नरसिंहपुर निवासी पंकज जाटव व बैतूल निवासी रोहित कावड़े की ओर से याचिका दायर की गई है। उनकी ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि एमपीपीएससी द्वारा कुल 158 पदों की भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पांच मार्च को घोषित किए गए। लेकिन परिणाम में वर्गवार कट ऑफ अंक जारी नहीं किए गए। जबकि पूर्व की सभी परीक्षाओं में वर्गवार कट ऑफ अंक जारी किए जाते रहे हैं।

    सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों को बायपास करने का आरोप

    याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के विभिन्न फैसलों को बायपास करते हुए आयोग ने अनारक्षित पदों के विरुद्ध आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित नहीं किया। समस्त अनारक्षित पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया।

    आयोग ने अपनी इस असंवैधानिक त्रुटि को छुपाने के उद्देश्य से 2025 के प्रारंभिक परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स भी जारी नहीं किए हैं। जबकि नियमानुसार प्रत्येक चरण की परीक्षा में वर्गवार कट आफ अंक जारी किए जाने का प्रविधान है। इसके चलते याचिकाकर्ताओं को मुख्य परीक्षा में चयन से वंचित कर दिया गया है। विगत 21 जुलाई को शासन से जवाब के लिए समय मांगा गया था।

  • शहर काज़ी ने मुस्लिम समाज से की अपील – गरबा में बच्चों की भागीदारी दीनी लिहाज से उचित नहीं

    रतलाम 
    नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों को लेकर रतलाम शहर के काजी अहमद अली ने मुस्लिम समाजजनों के नाम एक पत्र जारी किया है. काजी ने अपील की है कि अपने बच्चों को गरबा आयोजनों में जाने से रोकें, क्योंकि यह धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है.

    काजी के पत्र में लिखा है, "जैसा कि आप सभी हज़रात को मालूम है कि हिंदू भाइयों का एक अहम और बड़ा नवरात्रि पर्व चल रहा है, जिसमें गरबे का आयोजन किया जाता है. कई बार ऐसा वाज़े तौर पर देखा गया है कि मुस्लिम लड़के-लड़कियां गरबा आयोजन में जाने से आयोजकों को कड़ी आपत्ति होती है और दो समाजों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जो हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे पर बुरा असर डालती है."

    'गैर-हिन्दुओं का आना सख्त मना है', रतलाम में गरबा पंडालों के बाहर लगे बैनर

    रतलाम में नवरात्रि पर्व की शुरुआत के साथ ही रतलाम के कालिका माता परिसर में बने गरबा पंडालों पर बैनर चर्चा का विषय बन गया है. बैनर में साफ लिखा गया है- 'गैर-हिन्दुओं का गरबा प्रांगण में आना सख्त मना है'. गरबा पंडालों के आयोजकों का कहना है कि पंडाल में प्रवेश केवल पास और आईडी चेक करने के बाद ही मिलेगा. साथ ही, तिलक लगाने के बाद ही एंट्री दी जाएगी. 

    प्रदेश भर में नवरात्रि के गरबा पंडालों में गैर-हिन्दुओं की 'नो एंट्री' के पोस्टर बैनर लगाए गए हैं. आयोजकों का कहना है कि सामाजिक तत्वों से बचाव के लिए गरबा समितियों ने यह फैसला लिया है, बालिकाओं के लिए सुरक्षा के मद्देनजर देखा जा रहा है. 

    दूसरी ओर, गरबा पंडालों में आए लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है. उनका कहना है कि दूसरे धर्म के लोगों की एंट्री बैन करना महिला और बच्चियों के हित में अच्छी पहल है. 

    काजी ने तमाम घर के बड़ों-बुजुर्गों से गुजारिश की है कि अपने बच्चों को गरबा आयोजनों में जाने से रोकें, क्योंकि यह दीनी लिहाज से भी कतई दुरुस्त नहीं है.

    उधर, रतलाम के गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. पंडालों पर लगे बैनर पर लिखा है, "गरबा प्रांगण में गैर हिंदू का आना सख्त मना है. मूर्ति पूजा को न मानने वाले मूर्तिपूजा से दूर रहे."

    मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गैर-हिंदुओं के नवरात्रि उत्सव और गरबा नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत किया है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने व आरती करने जैसे नियमों का पालन करें. 

    भोपाल की हुजूर सीट से विधायक शर्मा ने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अब ऐसा कर सकते हैं, क्योंकि सभी का DNA हिंदू है. 

    पता हो कि देवी दुर्गा और उनके रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हुआ है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं.

  • खंडवा में बड़ा खुलासा: मृतकों के नाम पर खाया गया राशन, सर्वे में 1570 परिवारों की पहचान रद्द

    खंडवा 

    जो इस दुनिया में नहीं रहे परिजन उनके नाम से भी तीन साल में 8.64 करोड़ रुपए का 27 लाख किलो राशन खा गए। विभाग ने जब ई-केवायसी कराई तो हकीकत सामने आई। विभाग ने अब ऐसे नाम गरीबों की राशन सूची से बाहर कर दिए हैं।

    सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कंट्रोल दुकानों से गरीब परिवारों सहित चयनित कैटेगरी के पात्र हितग्राही परिवार के सदस्यों को पांच किलो मुफ्त राशन का वितरण किया जाता है। योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों को ही मिले इसके लिए शासन ने कंट्रोल दुकान, पंचायत सहित अन्य माध्यमों से राशन लेने वाले प्रति परिवार के एक-एक सदस्य की ई-केवायसी कराई।

    ऐसे लोग भी सामने आए जिनकी आय सालाना 6 लाख रुपए से अधिक है, वे आयकरदाता हैं, शासकीय नौकरी में हैं, अधिकारी व कर्मचारी हैं। विभाग ने ऐसे लोगों को तत्काल नोटिस दिए और राशन की सूची से बाहर कर दिया।

    15 हजार मृतक के परिजन ले रहे थे राशन

    विभाग के अनुसार ई-केवायसी के दौरान 15 हजार सदस्य ऐसे थे जो दो से तीन साल पहले मृत हो चुके हैं, परिजन उनके नाम से अब तक राशन ले रहे थे। जबकि 110 उपभोक्ता ऐसे थे जिनकी आयु 18 साल से कम थी, इनमें 25 नहीं मिले, इन्हें भी राशन की सूची से बाहर किया गया। 35 नाबालिग ऐसे थे, जिन्हें राशन नहीं मिल रहा था। विभाग ने उनके नाम परिवार के साथ जोड़े।

    50 हजार सदस्य कम हुए ई-केवायसी में जिले की 487 राशन दुकानों से 50 हजार उपभोक्ता कम हुए हैं। खाद्य विभाग के अनुसार जिले में ई-केवायसी से पहले गरीबों का राशन लेने वाले सदस्यों की संख्या 10 लाख 33 हजार थी। जबकि अब इनकी संख्या घटकर 9.88 लाख हो गई है।

    ^जिले में 10 लाख 33 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवायसी का काम पूरा हो गया है। इनमें 1570 परिवार ऐसे थे जो आयकरदाता होकर राशन की पात्रता नहीं रखते थे, उन्हें नोटिस देकर राशन की सूची से बाहर किया गया है। -अरुण तिवारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी 

  • ड्रग तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई, आगर मालवा से 2 तस्कर गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में नशा बरामद

    आगर मालवा 

    मध्य प्रदेश के आगर मालवा में एक ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया और  14 लाख रुपये मूल्य की ड्रग जब्त की है.  साथ ही मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है. 

    एक एजेंसी के मुताबिक मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में पुलिस ने 14 लाख रुपये मूल्य की एमडी ड्रग जब्त की है और इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि बड़ौद नगर पालिका के सामने एक पुलिया के पास एक व्यक्ति अवैध ड्रग्स के साथ खड़ा था.

    दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है पुलिस

    व्यक्ति पर शक होने के बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों की एक टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. सुनील शर्मा नाम के व्यक्ति से पूछताछ के बाद पुलिस ने संजय सूर्यवंशी नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया.

    अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उनके पास से 140 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 14 लाख रुपये से अधिक है. दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में दोनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि ताकी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके. 

  • महापौरों ने मंत्री और ACS से कहा – अवैध कॉलोनियों पर ठोस कानून जरूरी, नहीं तो होगी बड़ी मुश्किल

    भोपाल 
     देर रात तक पहली बार मंत्रालय में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे और आयुक्त संकेत भौंडवे की मौजूदगी में बैठक हुई।इंदौर की सड़कों पर हो रहे गड्ढों को लेकर बड़ी चर्चा है। इंदौर के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है। इसे लेकर भोपाल में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगरीय निकाय मेयरों के साथ बैठक की। तय हुआ कि बारिश के बाद जो पेंचवर्क सड़कों पर किए जाते हैै। उनकी गुणवत्ता की भी जांच की जाना चाहिए। इसकी जांच एक राज्य स्तरीय दल करेगा। जिसका गठन भी हो चुका है।

    इस बैठक में इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि चुंगी का पैसा समय पर और पूरा मिले। इससे नगर निगम के संचालन में मदद मिलेगी और विकास कार्य तेजी से होंगे। बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नगरीय निकायों को आधुनिक तकनीकों और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी।

    बैठक में तय हुआ कि प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।प्रत्येक सप्ताह महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी। शहर की सड़कों की रिस्टोरेशन की गुणवत्ता की सघन जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।

    इसके अलावा  प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी। निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएगी। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एसीएस संजय दुबे और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से कार्रवाई हो बैठक में जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा, अवैध कॉलोनियां जिस तरह से बढ़ रहीं हैं वो हम सबके लिए चिंता का विषय है। यदि समय रहते अवैध कालोनियों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में ये बहुत बड़ी मुसीबत बन जाएगी।

    जबलपुर मेयर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा, अवैध कॉलोनियों पर जिस तरह की सख्त कार्रवाई होनी चाहिए वैसा एक्शन नहीं होता। ये सुनकर दूसरे महापौरों ने भी कहा इस मुद्दे पर वास्तव में कड़े फैसले लेने की जरूरत है।

    गरीब लोग सस्ते रेट के लालच में प्लॉट या मकान खरीद लेते हैं। कॉलोनी काटने वाला वहां कोई सुविधाएं विकसित नहीं करता। बाद में निगम और सरकार से मूलभूत सुविधाएं देने की मांग होने लगती है। और ये अवैध कॉलोनियां काटने की परंपरा बढ़ती चली जाती है।

    महापौर बोले- आयुक्त सुनते नहीं बैठक में सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि जनता की समस्याएं हमारे पास आतीं हैं। कई बार ऐसा होता है कि निगम आयुक्त हमारी सुनते नहीं, ऐसे में काम कैसे हों। रानी की बात में दूसरे महापौरों ने भी हामी भरी। फिर मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- ऐसी व्यवस्था बनाएंगे कि 10 दिन में महापौर और निगम आयुक्त नियमित रूप से बैठकर निगम से जुडे़ विषयों पर चर्चा करें और समस्याओं का त्वरित समाधान हो।

    छिंदवाड़ा मेयर बोले- राजस्व की भूमि निगम के अधिपत्य में हो बैठक में छिंदवाड़ा मेयर विक्रम अहके ने कहा, नगर निगम क्षेत्र में राजस्व की कई ऐसी जमीनें हैं। जो निगम जनोपयोगी कामों उपयोग कर सकता है। लेकिन वे जमीनें नजूल के नाम पर दर्ज होने की वजह से निगम को शासन की परमिशन लेनी पड़ती है। राजस्व की ऐसी जमीनों का अधिपत्य नगर निगम के पास होना चाहिए।

    रतलाम महापौर ने कहा- अमृत परियोजना के फेज 1 में कराए गए कामों में कई गड़बडियों की शिकायतें लगातार आ रहीं हैं। अमृत 1 में कराए गए कामों की बारीकी से जांच करानी चाहिए।

    कॉमर्शियल बिल्डिंग से आश्रय शुल्क लेना बंद हो जबलपुर मेयर ने कहा रेजिडेंशियल बिल्डिंग में तो बिल्डर ईडब्यूल्एस के मकान बनाकर देता है। उससे आश्रय शुल्क लेना ठीक भी है लेकिन, कॉमर्शियल बिल्डिंग में जो 7% आश्रय शुल्क लिया जाता है वहां ये ठीक नहीं हैं। इस शुल्क को खत्म किया जाना चाहिए। खत्म न हो सके तो कुछ कम होना चाहिए।

    कर्मचारियों की भर्ती के अधिकार मिलें

    एक महापौर ने कहा कि नगर निगम में कर्मचारियों की भर्तियों के अधिकार महापौर को मिलने चाहिए। बैठक में ये निर्णय लिए गए

        चुंगी का पैसा समय पर और पूरी तरह से मिले।
        प्रदेश के सभी नगर निगमों द्वारा एनर्जी ऑडिट कराया जाएगा।
        प्रत्येक हर हफ्ते महापौर-परिषद (एमआईसी) की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी।
        शहर की सड़कों की रेस्टोरेशन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच होगी, जिसके लिए राज्यस्तरीय दल निरीक्षण करेगा।
        बिल्डिंग परमिशन से संबंधित डेटा फॉर्मेट को सरल बनाकर सीधे निर्देश जारी होंगे।
        लीज से जुड़े लंबित प्रकरणों को सूचीबद्ध कर शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
        प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
        डीजल बचत के लिए डिजिटलाइजेशन और कर्मचारियों के लिए फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।
        नगरीय निकायों का खर्च कम करने और आकलन की नई व्यवस्था तकनीक के माध्यम से विकसित की जाएगी।
        निकाय स्तर पर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

  • आर्थिक अपराध शाखा की रेड: सौम्या की करोड़ों की संपत्ति ज़ब्त, बघेल सरकार में थीं उप सचिव

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) की अधिकारी सौम्या चौरसिया की 16 संपत्तियां जब्त कर ली। इन संपत्तियों की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि सौम्या ने ये संपत्तियां अपनी आय से अधिक साधनों से जुटाईं।

    चौरसिया 2018 से 2023 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। यह राज्य में पहला मामला है, जब किसी अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति को ईओडब्ल्यू ने जब्त किया है। 2024 में चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था।

  • महतारी सदन से जुड़ेगा महिला आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग : जायसवाल

    रायपुर

    राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी सदन के तहत आज 23 सितम्बर 2025 को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में एक साथ 55 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 208 महतारी सदनों में से अब तक 55 का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इसी क्रम में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत रतनपुर और बरदर में निर्मित महतारी सदनों का भी मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर में आयोजित महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत बरदर और रतनपुर ऐतिहासिक और गौरवशाली धरोहरों से जुड़ा हुआ है और आज यहां महतारी सदन का लोकार्पण होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

    उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने महिलाओं को 50% आरक्षण और रजिस्ट्री शुल्क में कमी कर उन्हें सशक्त बनाया, वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना के तहत हर महिला को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता राशि देकर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ अभियान के तहत महिलाओं और पुरुषों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक केवल एमसीबी जिले में 27 हजार मकान बन चुके हैं और 67 हजार निर्माणाधीन हैं वो भी बहुत जल्द बन जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और जनमन योजना के तहत जिले में 100 से अधिक सड़कों का निर्माण या नवीनीकरण हुआ है। किसानों को धान खरीदी के लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिल रहा है। 

    मंत्री  जायसवाल ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं जिनमें बरदर डेम में नौका विहार की शुरुआत, बरदर शिव मंदिर के लिए पाँच लाख रुपए की स्वीकृति, 19 ग्राम पंचायतों में पीडीएस भवन निर्माण, 9 स्थानों पर अतिरिक्त महतारी सदन और नई सड़कों के निर्माण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह महतारी सदन न केवल महिलाओं के आर्थिक उत्थान का केंद्र बनेगा बल्कि पूरे समाज को आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर आगे बढ़ाएगा।

  • रायपुर शहर के जयस्तंभ चौक से लेकर गुरुनानक चौक तक मुख्यमंत्री साय का गर्मजोशी से हुआ अभूतपूर्व स्वागत

    रायपुर : जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय
    जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने बाजार पहुंचे मुख्यमंत्री  साय

    जीएसटी सुधार से आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी, स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा फायदा – मुख्यमंत्री  साय

    जीएसटी बचत उत्सव को लेकर व्यापारियों में दिखा भारी उत्साह

    रायपुर शहर के जयस्तंभ चौक से लेकर गुरुनानक चौक तक मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से हुआ अभूतपूर्व स्वागत

    नवरात्रि पर्व पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया बाजार भ्रमण – जीएसटी 2.0 से व्यापारियों और उपभोक्ताओं में उत्साह

    रायपुर

    नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की।

    बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री  साय का गर्मजोशी से स्वागत किया।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने शारदा चौक स्थित  शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।

    मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला राम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी सु ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।

    इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर  मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

    जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं।

    इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।

    मुख्यमंत्री  साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।

    मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा।  यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

    मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अमित  चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

    रायपुर : जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए शहरों में बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत –  अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री ने अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट पर आयुक्तों, सीएमओ और अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को किया संबोधित

    नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं को देश-विदेश के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

    रायपुर

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत नगरीय निकायों में भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज के लिए मिशन मोड पर कार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर सभी नगरीय निकायों के लिए तीन दिवसीय गहन ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया है। इसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग ने इस साल 20 मई को शहरों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) लांच किया था। प्रशिक्षण के बाद निकायों द्वारा इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।  

    उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव ने विगत 22 सितम्बर से शुरू तीन दिनों के प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। वे आज अपने मुंगेली प्रवास के दौरान सभी अधिकारियों और प्रशिक्षण दे रहे विशेषत्रों से वर्चुअली जुड़े और उन्हें संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भू-जल का संरक्षण और रिचार्ज आज की बड़ी चुनौती है। शहरों की बढ़ती आबादी और वहां जल संकट से निपटने के लिए प्रभावी कार्य करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से हमारे नगरीय निकायों के अधिकारियों को भू-जल के संचय, संवर्धन और रिचार्ज से जुड़ी तकनीकी जानकारी मिलेगी। वे एक्वीफर मैपिंग, भूजल पुनर्भरण तकनीक तथा शहरी जल प्रबंधन की आधुनिक पद्धतियों से अवगत होकर अपने शहर के विकास की कार्ययोजना बनाते समय इनका ध्यान रख सकेंगे। इससे वे भू-जल के संवर्धन के लिए भी प्रभावी योजनाएं तैयार कर सकेंगे।

    उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नगरों के विकास की योजना बनाते समय जल संरक्षण को प्राथमिकता से शामिल करना होगा। जल संचय और रिचार्जिंग सिस्टम के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ लेने को कहा।  साव ने राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के साथ ही प्रशिक्षण दे रहे सभी विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से हम नगरीय निकायों में भू-जल के संरक्षण और रिचार्ज के लिए प्रभावी काम कर सकेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रशिक्षण से ऑनलाइन जुड़े।   

    ये विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

    प्रदेशभर के नगरीय निकायों के वरिष्ठतम अधिकारियों और अभियंताओं को अर्बन एक्वीफर मैनेजमेंट विषय पर देश-विदेश के विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले दिन 22 सितम्बर को राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमिजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, नवा रायपुर की वैज्ञानिक सु बिजिमोल जोस के साथ ही सीजीडब्ल्यूबी, चेन्नई के वैज्ञानिक डॉ. एम. सेंथिल कुमार ने शहरी क्षेत्रों के जल भू-विज्ञान के बारे में जानकारी दी। वहीं मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के प्राध्यापक डॉ. अरुणांग्शु मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भू-जल परिदृश्य के बारे में बताया।

    प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य डॉ. दीपांकर साहा ने उथले जलभृतों (Aquifer) में भूजल की गुणवत्ता, सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक  एस.के. मोहिद्दीन ने भारत के मेट्रो शहरों में वर्षा जल संचयन और प्रबंधित जलभृत पुनर्भरण (एमएआर) तथा डेनमार्क के आरहूस विश्वविद्यालय के फैकल्टी डॉ. फिलिप ने डेनमार्क के शहरी जलभृत प्रबंधन के अनुभव साझा किए।

    प्रशिक्षण के तीसरे दिन 24 सितम्बर को सीजीडब्ल्यूबी, नई दिल्ली के वैज्ञानिक  मधुकर सिंह शहरी क्षेत्रों में कृत्रिम पुनर्भरण के सरल और व्यावहारिक तरीकों, बायोम एनवायर्नमेंटल, बेंगलुरु के संस्थापक और निदेशक  एस. विश्वनाथ बेंगलुरु के शहरी जलभृत प्रबंधन और सर्वोत्तम प्रथाओं तथा केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के डॉ. उदय भोंडे शहरी विकास एजेंडा के तहत शहरी जलभृत प्रबंधन परियोजनाओं की जानकारी देंगे।

  • मनरेगा की पारदर्शिता बढ़ाने मनरेगा दर्पण का शुभारंभ : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया मनरेगा दर्पण का लोकार्पण

    मनरेगा की पारदर्शिता बढ़ाने मनरेगा दर्पण का शुभारंभ : मुख्यमंत्री साय

     ग्रामीण क्यूआर कोड स्कैन कर पिछले तीन वर्षों में हुए मनरेगा के कार्यों का विवरण, व्यय और प्रगति रिपोर्ट देख सकेंगे

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 

    तीन साल में हुए मनरेगा कार्यो की रिपोर्ट देख सकेंगे ग्रामीण

    छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है।

    इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
    मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

    इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, विधायक  अजय चन्द्राकर, सचिव मती निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगों व बुजुर्गों का सम्मान

    सेवा पखवाड़ा में दिव्यांग और वरिष्ठजनों का सम्मान, मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की मौजूदगी में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगों व बुजुर्गों का सम्मान

    रायपुर

    सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत सूरजपुर जिले में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, सम्मान एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं।

    सभा को संबोधित करते हुए मंत्री मती राजवाड़े ने नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज की भलाई और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ सीधे आमजन तक पहुंच रहा है।

    मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजन समाज में समान अधिकार और सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने दिव्यांग विवाह सहायता योजना, स्वरोजगार तथा रोजगारपरक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने आह्वान किया कि दिव्यांगजन शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर दिशा दें, सरकार हर कदम पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मती राजवाड़े ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़ा पूरे देश में सकारात्मक बदलाव का अभियान है। इस दौरान स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता जागरूकता, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई और समाज में स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

    शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और मेडिकल प्रमाण पत्र बनाए गए। साथ ही जरूरतमंदों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने लोगों से “मां के नाम से एक पेड़ लगाने” की अपील भी की।

    कार्यक्रम में विधायक  भूलन सिंह मरावी जिला पंचायत अध्यक्ष मती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष  रेखलाल रजवाड़े, जिला पंचायत सीईओ  विजेंद्र सिंह पाटले, मुरली मनोहर सोनी, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  बाबूलाल अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

  • ‘सशक्त परिवार’ की ओर कदम: पेण्ड्रा में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन में हुई 203 जांचें

    स्वस्थ नारी अभियान के तहत पेण्ड्रा में 203 महिलाओं-बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण

    ‘सशक्त परिवार’ की ओर कदम: पेण्ड्रा में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन में हुई 203 जांचें

    रायपुर

    प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार‘ अभियान के अंतर्गत बहुद्देशीय हायर सेकेण्डरी स्कूल, पेण्ड्रा के सभा कक्ष में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर मती लीना कमलेश मण्डावी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। उन्होंने संबोधन में कहा कि जिले के 169 गांवों को आदि कर्मयोगी अभियान में शामिल किया गया है, जिसमें प्रत्येक गांवों से न्यूनतम 20 आदि सहयोगी वालिंटियर के रूप में चयन किया जाना था। 

    गौरतलब है कि इस अभियान का उद्देश्य 2030 में अपने गांवों को कैसा दिखना चाहिए, इसके लिए ट्रायबल विलेज विजन तैयार करना है, जिसमें गांवों की संस्कृति, ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व और समस्याओं के बारे में भी ट्रायबल विलेज विजन में उल्लेख कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों को आदि सेवा केंद्र के रूप में स्थापित की गई है, जिसमें शिकायत संबंधी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला को स्वस्थ रहना चाहिए, क्योंकि जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। महिला दोहरे कार्यों में शामिल होती हैं, और वे घर के कामों के अलावा अन्य गतिविधियों में भी अपना योगदान देती हैं। ऐसी सभी महिलओं को स्वस्थ रहने की जरूरत है। उन्होंने सभी महिलाओं को स्वस्थ रहने की सुखद कामना की और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, बाल विवाह और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के संबंध में शपथ दिलाई।

    कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा महिलाओं को एनीमिया, सिकल सेल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मानसिक स्वास्थ्य, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, माहवारी स्वच्छता एवं देखभाल की जानकारी दी गई। सम्मेलन में आदि कर्मयोगी महिलाओं को कर्मयोगी किट प्रदान किया गया। सम्मेलन में स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार शिविर में 203 महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया।

    इस सम्मेलन में 169 ग्रामों की आदि कर्मयोगी महिलाओं और महिला जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य मती बुंद कुंवर मास्को, मती राधा रैदास, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • महतारी सदन के माध्यम से समावेशी विकास को मिलेगा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

    कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार  रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया।

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा और सांसद मती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक  अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की।

    कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री  अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री की मुलाकात: जल समृद्धि को लेकर बनी रणनीति

    जल समृद्धि रणनीति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री पाटिल के बीच अहम बैठक

    मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री की मुलाकात: जल समृद्धि को लेकर बनी रणनीति

    गुजरात के मुख्यमंत्री  पटेल भी हुए बैठक में शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राज्य हित के विषयों पर उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल एवं गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र पटेल के साथ बैठक में सहभागिता कर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।

    जलशक्ति मंत्री ने मध्यप्रदेश के कार्यों को सराहा

    केंद्रीय मंत्री  पाटिल ने मध्यप्रदेश द्वारा केंद्रीय योजनाओं का लाभ लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में मध्यप्रदेश ने अच्छा काम किया है। प्रदेश में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था और हर घर जल पहुंचाने का भी प्रशंसनीय कार्य हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जल समृद्धि बढ़ाने के मध्यप्रदेश के प्रयासों को पूरा सहयोग देने की बात की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। इस अवसर पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • सशक्त परिवार के लिए जरूरी है निजी व सामाजिक सहभागिता : उप मुख्यमंत्री

    स्वस्थ नारी अभियान में निजी और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर जोर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    सशक्त परिवार के लिए जरूरी है निजी व सामाजिक सहभागिता : उप मुख्यमंत्री

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आह्वान – ‘स्वस्थ नारी’ अभियान में सभी की हो सक्रिय भूमिका

    स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की वृहद समीक्षा की

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ की प्रगति की समीक्षा की और मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण और सुदृढ़ पारिवारिक संरचना के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसमें निजी संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए जिससे इसकी पहुँच और प्रभावशीलता बढ़े। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  तरुण राठी, संचालक  नीरज कुमार सिंह तथा एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एएनएम और नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की और अधिकारियों को इन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की मज़बूती के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। तकनीकी पदों एवं फ़ार्मासिस्ट-टेक्नीशियन भर्ती प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की और समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्योपुर और सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के विस्तार के पुनरीक्षित प्रस्ताव शीघ्र तैयार किए जाएँ। उन्होंने सुपरस्पेशलिटी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बांड डॉक्टर्स को एनओसी ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था पर चर्चा की और निर्देश दिए कि यह प्रणाली शीघ्र पूर्ण की जाए जिससे डॉक्टर्स को पारदर्शी और त्वरित सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि 30 सितम्बर को पोर्टल की समीक्षा की जायेगी। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन्नयित चिकित्सा संस्थानों में पदों की स्वीकृति के लिए आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति शीघ्र की जाए।

    ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में 10 लाख से अधिक स्क्रीनिंग

    एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि 17 से 22 सितम्बर 2025 के बीच ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ में 10 लाख से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं। प्रदेश स्तर पर इस अवधि में 66,201 महिलाओं एवं किशोरियों की एचबी जाँच, 33,753 एएनसी जाँच, 1,29,918 सिकल-सेल स्क्रीनिंग, 1,15,636 एमसीपी कार्ड वितरण और 1,29,687 एनसीडी स्क्रीनिंग की गई है। महिला एवं किशोरी हीमोग्लोबिन (Hb) जाँच में बालाघाट (4138), खरगोन (3106) और मंदसौर (2932) शीर्ष पर रहे। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जाँच में सीधी (3437), जबलपुर (2835) और मंदसौर (2645) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सिकल-सेल स्क्रीनिंग में इंदौर (5283), धार (4807) और सागर (4533) अग्रणी रहे। एमसीपी कार्ड वितरण की श्रेणी में बालाघाट (12706), बैतूल (9777) और सिवनी (8871) शीर्ष रहे, वहीं एनसीडी स्क्रीनिंग में भोपाल (12448), इंदौर (11372) और ग्वालियर (9787) ने सर्वश्रेष्ठ प्रगति दर्ज की है।