• मंत्री टेटवाल से सिंगापुर के प्रतिनिधि मंडल ने भेंटकर कौशल विकास पर चर्चा की

    भोपाल
     कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल से सिंगापुर के कौंसुल-जनरल (मुंबई) श्री चॉन्ग मिंग फूंग के नेतृत्व में आए प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रालय में भेंट की। मंत्री श्री टेटवाल से प्रतिनिधि मंडल ने कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की।

    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगापुर के साथ सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें नए रोजगार अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    प्रतिनिधि मंडल में कौंसुल जनरल श्री जेरोम वॉन्ग और रिसर्च एवं सूचना विश्लेषक सुश्री ऋद्धि कोठावाले भी शामिल थे। उन्होंने मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए और राज्य सरकार के आमंत्रण और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट से जुड़ना गर्व की बात है और वे भविष्य में ज्ञान साझेदार के रूप में सक्रिय सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।

    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की क्षमता और कौशल को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयास देश में मिसाल बन रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिंगापुर के सहयोग से प्रदेश में कौशल विकास की गुणवत्ता और अवसरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री श्री टेटवाल ने प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट किए और राज्य की नीतियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कौशल विकास केंद्रों की सफलताओं के बारे में जानकारी भी दी।

    सिंगापुर का प्रतिनिधि मंडल 24 सितंबर को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण करेगा। इस दौरान वे पार्क की विभिन्न ट्रेडों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और वैश्विक स्तर की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे तथा प्रशिक्षण केंद्र की सभी गतिविधियों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे। ग्लोबल स्किल्स पार्क के सीईओ श्री गिरीश शर्मा ने संस्थान की उपलब्धियों, योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी। इस अवसर पर ग्लोबल स्किल्स पार्क के ट्रेड्स और नवाचारों पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया।

     

  • बीएमएचआरसी में सनसनीखेज़ मामला: छात्रा की मौत, सवाल उठे लापरवाही के, निदेशक को हटाने की मांग तेज़

    भोपाल
    भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में प्रथम वर्ष की नर्सिंग छात्रा की मौत से हड़कंप मच गया है। छात्रा की मृत्यु का कारण अस्पताल प्रशासन और प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव की गंभीर लापरवाही बताया जा रहा है। इस घटना के बाद छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है।

    गंदा पानी और खराब व्यवस्था
    नर्सिंग छात्र लगातार हास्टल में गंदे और दूषित पानी, खराब भोजन और साफ-सफाई की समस्याओं की शिकायत करते आ रहे थे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि छात्रा की तबीयत खराब होने के बावजूद उसे क्लिनिकल ड्यूटी के लिए मजबूर किया गया। हालत बिगड़ने पर भी उसे उचित इलाज देने की बजाय छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। प्रशासन की इस लापरवाही ने एक होनहार छात्रा की जान ले ली।

    बीएमएचआरसी में कुप्रबंधन के आरोप
    एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि बीएमएचआरसी भोपाल का सबसे पुराना और बड़ा अस्पताल है, कुप्रबंधन के कारण बदहाल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव का ध्यान अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नहीं है। वे टेंडरों और अपने पुत्र के निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रचार में ज्यादा सक्रिय रहती हैं। यही कारण है कि अस्पताल की सेवाएं लगातार गिर रही हैं। प्रभारी निदेशक को तत्काल पद से हटाया जाए, छात्रा की मौत की उच्च-स्तरीय जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और नर्सिंग छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिले। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    निदेशक ने बयान जारी करके दी यह सफाई
    बीएमएचआरसी प्रशासन को 22 सितंबर को पता चला कि संस्थान के नर्सिंग कॉलेज के फर्स्ट इयर की छात्रा शुभांगीनी दशहरे का भोपाल के एक अस्पताल में देहांत हो गया है। पूरे बीएमएचआरसी के लिए यह दुख का समय है। बीएमएचआरसी प्रबंधन नर्सिंग कॉलेज की छात्रा शुभांगीनी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। संस्था की पूरी टीम इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करती है।

    आज प्रातः जब नर्सिंग कॉलेज के कुछ विद्यार्थी प्रशासनिक परिसर में अपनी बात रखने आए, तो बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने स्वयं उनसे मुलाकात की। विद्यार्थियों की समस्त बातों को गंभीरता से सुना गया और त्वरित कार्यवाही का भरोसा भी दिलाया गया।

    डॉ मनीषा श्रीवास्तव, प्रभारी निदेशक, बीएमएचआरसी ने बताया विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप कि संस्था की कैंटीन में मिलने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता खराब है, पूरी तरह निराधार हैं। संस्थान में पीने के लिए उपयोग होने वाले पानी की समय-समय पर वैज्ञानिक जांच कराई जाती है। हाल ही में 9 सितंबर 2025 को कराई गई जांच में पानी पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।

     

  • आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करने से आयुष्मान भव को कर सकते हैं चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में विश्व में योग एवं आयुर्वेद की स्वीकार्यता बढ़ी
    मध्यप्रदेश को आयुष की शिक्षा और उपचार में देश में बनाया जाएगा सर्वश्रेष्ठ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष अमले को दीं कई सौगातें

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में आरोग्यं परमं भाग्यं की मान्यता है। हमारी संस्कृति में निरोग रहने को परम भाग्य माना गया है, पूर्वजों द्वारा बताए गए सात सुखों में – पहला सुख निरोगी काया है। निरोग रहने के लिए हमारे ऋषियों ने योग और आयुर्वेद जैसे अद्वितीय विज्ञान विश्व को दिए, जिसका मूल ऐसी जीवनशैली अपनाना है, जिससे हम बीमार ही न पड़ें और रोग से पहले स्वास्थ्य की रक्षा हर व्यक्ति की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। आयुर्वेद के सिद्धांतों का पालन करने से आयुष्मान भव के आशीर्वाद को हम चरितार्थ कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संबोधित कर रहे थे।

    वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आयुष और पर्यटन विभाग के बीच हुआ एमओयू

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्र एवं औषधीय पौधा भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संदेश का वाचन किया। प्रदेश में वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए आयुष और पर्यटन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 55 जिलों की 55 इकाइयों में प्रसार गतिविधियों, कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाईन का शुभारंभ किया। साथ ही मासिक पत्रिका मध्य हर्बल दर्पण' के प्रथम अंक और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन किया। इस अवसर पर विभागीय गतिविधियों पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।

    आयुर्वेद में है अटूट विश्वास
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य रक्षा के लिए उनका स्वयं का भी आयुर्वेद में अटूट विश्वास है। आयुर्वेद के नियम-संयम के पालन का ही परिणाम है कि वे उच्च रक्तचाव, शुगर जैसी जीवनशैली जन्य किसी भी रोग से पीड़ित नहीं है और जनसेवा को समर्पित जीवन में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के साथ हमें दैनिक दिनचर्या में सुधार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में योग एवं आयुर्वेद की स्वीकार्यता विश्व में बढ़ी है। आज दुनिया के 150 से अधिक देश आयुर्वेद अपना रहे हैं। इस वर्ष दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम 'आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लैनेट' रखी गयी है। आयुर्वेद किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरी पृथ्वी के लिए है। जब दुनिया मेडिकल साइंस को एक्सप्लोर भी नहीं कर पाई थी, उस समय सुश्रुत संहिता में सर्जरी का उल्लेख मिलता है।

    सभी आयुष महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम किए जाएंगे संचालित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के आयुष महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए नए पदों का सृजन करते हुए शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों की संख्या बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारियों को वरिष्ठ पद नाम और प्रथम श्रेणी में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्वास्थ्य विभाग के समान समयमान वेतनमान लागू किया जाएगा। इससे आयुष के 1453, होम्योपैथी के 228, यूनानी के 85 सहित कुल 2698 अधिकारी लाभान्वित होंगे। आयुष चिकित्सकों के लिए 3 अग्रिम वेतन सुविधा लागू की जाएगी, जिससे 300 अधिकारियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यूनानी कॉलेजों में उर्दू के साथ हिंदी भाषा में भी पढ़ाई होगी। मध्यप्रदेश को आयुष की शिक्षा और उपचार में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जाएगा।

    मरीजों को योग और ध्यान के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए करें प्रेरित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी सुधार से आयुर्वेदिक दवाएं सस्ती होंगी। आयुर्वेद दिवस पर प्रदेश के नागरिकों को 12 आयुष अस्पतालों की सौगात मिल रही है। आयुष वेलनेस टूरिज्म के तहत उज्जैन और खजुराहों में 50-50 बिस्तरों वाले दो अस्पताल खोल जा रहे हैं। साथ ही 10-10 बिस्तरों वाले छोटे अस्पताल पचमढ़ी, मंदसौर, आगर-मालवा, चित्रकूट, चंदेरी, दतिया, सिंगरौली, ओरछा, ओंकारेश्वर और अलीराजपुर में स्थापित होंगे। साथ ही कैंसर मरीजों के इलाज के लिए आयुर्वेद पर आधारित एक नया जन स्वास्थ्य कार्यक्रम "कारुण्य" भी शुरू किया जा रहा है। औषधीय खेती की जानकारी के लिए नया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर आज से शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन स्वास्थ्य कार्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में जन स्वास्थ्य कार्यक्रम 9 आयुष महाविद्यालयों में संचालित हो रहे हैं। अब इसे प्रदेश के 51 जिलों तक बढ़ाया जा रहा है, हर जिले में एक-एक यूनिट खुलेगी। उन्होंने आयुष विभाग को "स्कॉच अवॉर्ड-2025" के लिए भी शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सकों से मरीज को योग और ध्यान के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का भी आहवान किया।

     

  • सरकार का प्रयास है कि जनजाति बच्चे सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्राप्त करें : पटेल

    भोपाल
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि महिलाएं सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त करें। सरकार स्वास्थ्य शिविर के द्वारा चिकित्सा सेवाओं को उनके पास पहुंचाने का कार्य कर रही है। यह समझना जरूरी है कि माँ स्वस्थ रहेगी, तो परिवार भी स्वस्थ रहेगा। उन्होंने शिविर की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि टीबी रोग उपचार के लिए पोषण आहार एवं दवाइयां नियमित रूप से लेनी चाहिए। रोग बचाव और सुरक्षा के उपायों का भी कड़ाई के साथ पालन करना चाहिए।

    राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को निवाड़ी जिले में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान राज्यपाल श्री पटेल ने ओरछा में श्री रामराजा सरकार के दर्शन कर प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि की कामना की और पर्यटन नगरी ओरछा एवं ग्राम पंचायत चन्द्रपुरा का भ्रमण किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सरकार का प्रयास है कि जनजाति बच्चे विदेशों में पढ़ाई करें और डॉक्टर-इंजीनियर बने। धरती आबा अभियान में जनजातियों के विकास के लिए सरकार ने 80 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय परिवारों के पक्के घर के सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने पूरा किया है। उन्होंने योजना क्रियान्वयन के सभी हितधारकों से अपील की है कि वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जनजातियों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करने के संकल्प को सिद्ध करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने टीबी मरीजों की पोषण जरूरतों में सहयोग के लिए नि:क्षय मित्र योजना को प्रभावी पहल बताया। उन्होंने कहा कि समाज का समृद्ध और सम्पन्न वर्ग नि:क्षय मित्र बनकर रोगियों का सहयोग करें। उन्होंने जनजातीय क्षय रोगियों से संवाद किया और प्रोटीन युक्त पोषण आहार किट प्रदान की। 

    आदिसेवा केन्द्र का शुभारंभ
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने चन्द्रपुरा में आदिवासी सशक्तिकरण के लिए एकल बिंदु संपर्क आदिसेवा केन्द्र का शुभारंभ किया। जनजातीय ग्रामीणों द्वारा स्थानीय बुंदेली नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आदिसेवा केन्द्र परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की कृति पर माल्यार्पण किया तथा कन्या पूजन किया। कन्याओं को फल, चुनरी एवं उपहार भेंट कर शुभ आशीष दिया। उन्होंने आदिसेवा केन्द्र में उपस्थित अधिकारियों से परिचयात्मक संवाद किया। उत्तरदायी शासन कार्यक्रम के सहयोगियों के साथ संवाद कार्यक्रम में सम्मिलत हुए। उन्होंने मुख्य समारोह स्थल पर विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने चन्द्रपुरा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग के तत्वाधान में संयुक्त रूप से शिविर आयोजित किए गए। अवलोकन के दौरान उन्होंने चिकित्सकों और आयुर्वेद के अधिकारियों से संवाद किया।

    राज्यपाल ने श्रीमती गुड्डो बाई के घर किया भोजन
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल चन्द्रपुरा में श्रीमती गुड्डो बाई के घर पहुंचे और उनके परिवार के लोगों के साथ भोजन किया। परिवार के बच्चों को उपहार भेंट किए। राज्यपाल श्री पटेल ने श्रीमती गुड्डो बाई के द्वारा हाथ की बनी बाजरा और जुनई की रोटी के साथ लाड़पुरा के बुंदेली व्यंजनों का स्वाद लिया।

  • राज्यपाल पटेल धरती आबा अभियान के संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आदि साथी एवं आदि सहयोगियों से संवाद कार्यक्रम में मंगलवार को बल्देवगढ़ तहसील के ग्राम करमासन हटा में शामिल हुए। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के माध्यम से जनजातियों को समाज की मुख्य धारा में लाना है। उन्होंने कहा कि नारी स्वस्थ होगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। घर में माँ स्वस्थ हो तो पूरे परिवार की देखभाल अच्छे से कर सकती है। राज्यपाल श्री पटेल ने आह्वान किया है कि एनीमिया सहित स्वास्थ्य जाँच सभी को कराना चाहिए। खासतौर से महिलाओं को इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए। सेवा पखवाड़े के तहत स्वास्थ्य शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य की जाँच दवाओं का वितरण किया जा रहा है।

    राज्यपाल श्री पटेल ने ग्राम पंचायत करमासन हटा में नवनिर्मित आदि सेवा केंद्र का निरीक्षण किया और केन्द्र में बनाये गये विलेज मैप का अवलोकन किया। राज्यपाल ने जनजातीय बहनों-भाईयों से संवाद किया। उन्होंने ग्राम पंचायत करमासन हटा के सरपंच श्री नन्दलाल लोधी को आदि सेवा केंद्र के माध्यम से सरकार की सेवाओं का शत-प्रतिशत लाभ जनजातियों को दिलाने में सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ, क्षय रोगियों को फूड बास्केट तथा जाति प्रमाण पत्र और बीपीएल कार्ड के स्वीकृति प्रमाण-पत्र दिए।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला बाल विकास द्वारा परंपरागत बुंदेली व्यंजनों एवं स्थानीय परंपरागत खिलौना प्रदर्शनी लगाई गई थी। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं से संवाद किया, महुआ के व्यंजन जैसे महुआ के लटा, महुआ की डुबरी, मोटे अनाज के अन्य व्यंजनों के बारे में पूछा। उन्होंने अंकुरित अनाज और हरी साग के खाद्य पदार्थों की भी जानकारी ली। स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित आजीविका उत्पादों का भी अवलोकन किया, जिसमें मिट्टी से बने उत्पाद, सरसों एवं मूंगफली तेल के घर पर तैयार खाद्य पदार्थ, बांस के हस्तनिर्मित उत्पाद प्रस्तुत किए गए थे। राज्यपाल ने स्व सहायता समूह की महिलाओं से व्यवसाय और आजीविका के बारे में जानकारी ली।

    राज्यपाल श्री पटेल के समक्ष एंजल एबोड स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रगान वादन की बैंड प्रस्तुति दी। राज्यपाल ने स्कूली बच्चों को उपहार दिए। लाड़ली बहनों ने सिर पर कलश रखकर तथा पारंपरिक मंगलगीत गाकर स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल को ग्राम करमासन हटा के ग्रामीणों एवं सहयोगियों द्वारा ग्राम चौपाल पर ही तैयार की गई ग्राम विजन 2030 पुस्तिका और कुण्डेश्वर भगवान की तस्वीर भेंट की गई।

    राज्यपाल श्री पटेल ने आवास हितग्राहियों से किया संवाद
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने टीकमगढ़ जिले के प्रवास के दौरान ग्राम करमासन हटा में प्रधानमंत्री अवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को प्राप्त आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राही श्रीमती हरकुंवर तथा श्री प्रभु सौंर के घर जाकर परिजनों के साथ संवाद किया। उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। छोटे बच्चों को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया और उन्हें उपहार भेंट किये।

    राज्यपाल श्री पटेल ने हितग्राही श्रीमती हरकुंवर के घर पहुंच कर उनसे पक्के मकान मिलने और सरकारी योजनाओं के लाभ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। श्रीमती हरकुंवर ने बताया कि पहले वह कच्ची झोपड़ी में रहती थीं, जिसमें परिवार को निरंतर मौसमी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान उनके लिए सपना था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके सपने को साकार किया है। सरकारी योजनाओं ने उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर किया है।

     

  • अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

    13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी।

    हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा।

    इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा।

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
    मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।

    अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
    मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।

    सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
    मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।

  • भोपाल के तीन खिलाड़ियों ने दुनिया की सबसे कठिन अल्ट्रा मैराथन पूरी कर दिखाई कमाल

    भोपाल
     मैराथन वैसे ही बहुत कठिन स्पर्धा होती है। उस पर औसतन चार हजार मीटर की ऊंचाई वाले खारदुंग ला दर्रे पर 72 किमी तक दौड़ना स्टेमिना, धैर्य और कौशल की कड़ी परीक्षा है।

    भोपाल के तीन लोगों ने इस बार दुनिया की इस सबसे ऊंची अल्ट्रा मैराथन को पूरा करके इतिहास रच दिया है। डाक विभाग में कार्यरत 48 साल के विनोद गोडबोले और आईटी पेशेवर धर्मेंद्र जोगी (35) और आदर्श सक्सेना (30) ने पिछले दिनों यह दौड़ पूरी की।

    लद्दाख में आयोजित होने वाली खारदूंगा ला चैलेंज दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन है। धावक विनोद गोडबोले ने बताया कि लद्दाख में छठवीं खारदुंग ला चैलेंज का आयोजन 12 सितंबर को हुआ था। इसमें 72 km की दौड़ 14 घंटे में की जानी थी। उन्होंने 10 घंटे 29 मिनट में दौड़ पूरी की।

    धर्मेंद्र जोगी ने 10 घंटा 10 मिनट और आदर्श सक्सेना ने 10 घंटा 40 मिनट का समय लिया। यह दौड़ खारदुंग गांव से शुरू होकर विश्व के तीसरे सबसे ऊंचे पक्के सड़क मार्ग वाले खारदुंग ला दर्रे से होते हुए लेह शहर के मुख्य बाजार तक पूरी करनी होती है।

    दौड़ने से पहले दो मैराथन का अनुभव जरूरी

    गोडबोले ने बताया इस स्पर्धा में शामिल होने से पहले प्रतिभागी के पास पांच घंटे से कम समय में दो मैराथन पूरी करने का अनुभव होना जरूरी है। मैंने पहले भी कई मैराथन को पूरा किया है। तैयारी के लिए भोपाल की टेकरी पर एलिवेशन रन का अभ्यास किया था।

    खारदुंगला टॉप चैलेंज

        यह दौड़ लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों में आयोजित की जाती है, जिसकी ऊंचाई 4000 मीटर से अधिक है।

        इस दौड़ में 32 किमी की चढ़ाई और 40 किमी की ढलान है।

        दौड़ का प्रारंभ बिंदु खारदूंग गांव है, जो 3975 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

        दौड़ का सबसे ऊंचा बिंदु खारदुंगला टॉप है, जो 5370 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

        दौड़ रात को तीन बजे शुरू होती है और अगले दिन शाम पांच बजे खत्म होती है।

     

  • रायपुर की प्राथमिक शाला फुलवारी में युक्तियुक्तकरण का असर, बच्चों को मिल रही बेहतर शिक्षा

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, इससे अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है। इसी कड़ी में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत एकल शिक्षकीय स्कूल प्राथमिक शाला फुलवारी संकुल केन्द्र पदमपुर को दो अतिरिक्त शिक्षक मिल गए हैं, इससे विद्यार्थियों को शिक्षा की नई रोशनी मिली है।

         प्राथमिक शाला फुलवारी की शिक्षिका मती चेतना साहू ने बताया कि पहले यहां कुल 95 बच्चों के लिए एक ही शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद तीन शिक्षक हो जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सार्थक कदम है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नवाचारों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

    इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। विद्यार्थियों के पालकों ने बताया कि पहले के मुकाबले बच्चे ज्यादा रूचि के साथ विद्यालय जा रहे हैं और पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो रही है। पालकों ने युक्तियुक्तरण योजना से स्कूलों में हुए शैक्षणिक बदलाव एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

  • विकास को मिली रफ्तार: सीएम साय ने किए 244 करोड़ से ज्यादा के कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास

    रायपुर : धमतरी के कुरूद विधानसभा क्षेत्र को मिला विकास का महा-उपहार

    मुख्यमंत्री  साय ने 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात

    74 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।  साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया। उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 74 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष  अरूण सार्वा, धमतरी नगर निगम के महापौर  रामू रोहरा पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक  अजय चन्द्राकर सहित सचिव मती निहारिका बारीक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री  साय ने 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात

    महिला सशक्तिकरण – नए भवनों का शिलान्यास 
     साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे। यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे।

    मुख्यमंत्री  साय ने 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात

    औद्योगिक विकास
    ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी।

    शिक्षा एवं कौशल विकास
    मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया।  साय ने 7 करोड़ 53 लाख रूपए से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया। ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे।

    सड़क और अधोसंरचना
    मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रूपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रूपए से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया। यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। 

    स्वास्थ्य सुविधाएँ
    मुख्यमंत्री  साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया। इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी।

    पेयजल एवं सिंचाई
     साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया। जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी। उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रूपए से निर्मित योजना का लोकार्पण किया। और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रूपए से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।

    विज्ञान एवं पर्यटन
    मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया। इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा।

    सामाजिक विकास
    आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी। यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा।
    इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • विजयवर्गीय का निर्देश: सिंहस्थ की तैयारियों में लापरवाही नहीं, अधिकारी करें नियमित निरीक्षण

    विजयवर्गीय का निर्देश: सिंहस्थ की तैयारियों में लापरवाही नहीं, अधिकारी करें नियमित निरीक्षण

    गुणवत्ता के साथ तय समय पर पूरे हों निर्माण कार्य-  मंत्री  विजयवर्गीय
    मंत्रालय में विभागवार सिंहस्थ कार्यों की हुई समीक्षा

    भोपाल 

    नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को सिंहस्थ के निर्माण कार्यों का उज्जैन पहुँचकर निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। मंत्री  विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में ही पूरा किया जाये। बैठक में बताया गया कि करीब 11 हजार 909 करोड़ रुपये के विभिन्न विभागों के 132 कार्यों को मंत्रि-मण्डलीय समिति की अनुशंसा दी जा चुकी है। यह कार्य सिंहस्थ और विभिन्न विभागों की मद से किये जा रहे हैं। इन कार्यों के लिये करीब 673 करोड़ रुपये की राशि भी जारी की जा चुकी है। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कार्यों में संस्कृति और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पीपीपी मोड पर होने वाले कार्यों को भी मंजूरी दी गयी है।

    मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये राज्य सरकार की ओर से संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने आयोजन की बेहतर व्यवस्था के लिये विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठक करने के भी निर्देश दिये। बैठक में रेलवे द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मेला क्षेत्र में ट्रेन से पहुँचने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे स्टेशन के पास ही पर्याप्त मात्रा में स्नान-गृह एवं सुलभ कॉम्पलेक्स की व्यवस्था हो। नगरीय विकास मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि उज्जैन से जुड़े धार्मिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता दी जाये। उन्होंने आकस्मिक सेवा, जिनमें अग्निशमन, स्वास्थ्य, पेयजल आदि की भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि निर्माण कार्यों के साथ मेला क्षेत्र की मेपिंग का कार्य भी किया जाये, जिससे आवागमन सुविधाजनक हो सकेगा। उन्होंने कान्ह नदी के डायवर्सन, सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी में जल की निरंतर प्रवाह योजना, घाट निर्माण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री  विजयवर्गीय ने उज्जैन संभाग के बस स्टैण्ड के उन्नयन की योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

    अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान रेलवे की बेहतर व्यवस्था के लिये आकलन कर जरूरी प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों को मंजूरी मिल गयी है, संबंधित एजेंसी को डीपीआर तैयार कर जल्द काम शुरू करने के लिये कहा गया है। निर्माण कार्य और व्यवस्था से जुड़े सभी काम दिसम्बर-2027 तक हर हाल में पूरे किये जायेंगे।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने बताया कि ऊर्जा विभाग के 329 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण का कार्य 1692 करोड़ रूपये और इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग 4 लेन लम्बाई 49 किलोमीटर के लिये 950 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गयी।

     

  • महिलाओं के लिए बड़ी पहल: रायपुर में दूरदराज अंचलों तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं

    महिलाओं के लिए बड़ी पहल: रायपुर में दूरदराज अंचलों तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं

    रायपुर

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत आज प्रदेशभर के प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय मिशन (PM JANMAN) क्षेत्रों में विशेष जनजातीय स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय समूहों (PVTGs) सहित हजारों लोगों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जो प्रदेश सरकार की जनजातीय स्वास्थ्य सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    छत्तीसगढ़ राज्य में ‘‘स्वस्थ्य नारी, सशक्त परिवार‘‘ अभियान के आज के थीम के अनुरूप विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह) क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) के माध्यम से व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रदान की गई, जिसमें राज्य के 24 ज़िलों में कुल 85 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया गया। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में 51 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की सक्रिय भागीदारी से पिछड़ी जनजातीय समूह के 1,815 सहित कुल 7,825 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। 

    दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय समुदायों को ध्यान में रखते हुए इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समग्र स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान की गईं। सेवाओं के अंतर्गत सामान्य ओपीडी उपचार के अंतर्गत 2,118 लोगों का इलाज किया गया, वहीं 1,020 लोगों की हाईपरटेंशन (बीपी) जांच और 1108 लोगों की मधुमेह स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एनीमिया की जांच 878 महिलाओं में की गई, जबकि मातृत्व सेवाओं के तहत 260 महिलाओं की एएनसी/पीएनसी जांच की गई। साथ ही, 210 मलेरिया, 340 सिकल सेल, और 112 टीबी जांचें की गईं। कैंसर स्क्रीनिंग (मुख, स्तन व ग्रीवा) के माध्यम से 150 महिलाओं की जांच की गई। बच्चों को टीकाकरण सेवाएं भी दी गईं, जिससे 185 बच्चों को लाभ मिला, जबकि परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ 145 महिलाओं ने उठाया। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के तहत 80 लोगों को परामर्श दिया गया और आयुष एवं वेलनेस सेवाओं से 60 लोगों को लाभ मिला।

    इसके साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर भी विशेष रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिसमें किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता प्रबंधन, सैनिटरी नैपकिन के उपयोग, संक्रमण से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर, महिलाओं के स्वस्थ जीवन की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रहा है।

    स्वास्थ्य सेवा वितरण के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता और विश्वास का संचार भी इन शिविरों की एक विशेष उपलब्धि रही। शिविरों में आए हितग्राहियों को न केवल जांच और उपचार प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें पोषण, जीवनशैली में सुधार, नियमित जांच की महत्ता आदि विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।

    यह अभियान राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रह रहे समुदायों तक मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर चलाया गया यह कार्यक्रम सम्पूर्ण परिवार की सशक्तता और समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।

  • सेवा पखवाड़ा के तहत आज जनकपुर में रक्तदान

    जनकपुर 

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में सेवा पखवाड़ा की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में भाजपा मंडल जनकपुर द्वारा आज दिनांक 22 सितंबर 2025 को जनकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए, वहीं क्षेत्र के युवाओं ने भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। जहां कार्यकर्ताओं द्वारा कुल 9 यूनिट रक्तदान किया गया। जिसमें जनकपुर मंडल के मंडल अध्यक्ष नरेश यादव, जिला मंत्री पवन शुक्ला, नगर पंचायत के उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, रामनरेश यादव , गणेश तिवारी,अमित गुप्ता,ओम प्रकाश सोनी, अंकुश सिंह, रमेश बैगा ने रक्तदान किया।

  • मध्य प्रदेश में परिवहन नियमों में बड़ा बदलाव, स्कूल-प्राइवेट बसों के लिए नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू

    भोपाल 
     मध्य प्रदेश में बिना परमिट बस दौड़ाने पर वाहन मालिकों को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। सरकार इसके लिए और सख्ती बरतने जा रही है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने सोमवार को मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान (संशोधन) अधिनियम, 2025 को मंजूरी दे दी। इसके बाद संशोधित नियम अब कानूनी रूप से लागू हो गए हैं। संशोधन के तहत, यदि कोई यात्री बस, स्कूल बस या लोक/निजी सेवा वाहन बिना वैध परमिट के संचालित होता पाया गया, तो प्रति सीट 1,000 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर, 40 सीटों वाली बस पर यह चालान 40,000 रुपए तक पहुंच सकता है।

    नया संशोधित नियम सभी व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा। इससे निश्चित तौर पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होगी और परिवहन नियमों का सख्ती से पालन करेंगे। इसके अलावा, टैक्स समय पर जमा न करने वालों को भी भारी दंड का सामना करना पड़ेगा।

    भरना पड़ेगा चार गुना जुर्माना

    यदि वाहन मालिक ने टैक्स नहीं चुकाया है, तो बकाया टैक्स का चार गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी बस का 10,000 रुपए टैक्स बकाया है, तो उस पर 40,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

    लाइफटाइम टैक्स पर अतिरिक्त शुल्क

    अगर लाइफटाइम टैक्स जमा नहीं किया गया, तो हर साल या साल के हिस्से के लिए लाइफटाइम टैक्स का 10% तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
    ये संशोधन मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 की धारा 13 में किए गए हैं। विधानसभा से पारित होने के बाद अब राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं।

    परिवहन विभाग ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने परमिट और टैक्स अपडेट कर लें, ताकि नए प्रावधानों के तहत भारी जुर्माने से बचा जा सके। 

  • तेज रफ्तार बाइक की भिड़ंत से युवक की मौत…

     जनकपुर 
    थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनटोला में शिक्षक की गाड़ी से भिडंत होने पर युवक की मौत हो गई। आज सुबह लगभग 10:00 बजे मोहनटोल के माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिवलाल अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल से माध्यमिक शाला मोहन टोला के लिए निकले थे। मगर जब मुख्य मार्ग से शिक्षक शिवलाल मुड़कर माध्यमिक शाला की ओर जा रहे थे तभी पीछे से मुकेश कुमार सिंह पिता शिव मूरत सिंह उम्र 21 वर्ष की मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स से भीड़ गई। 
    जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुकेश कुमार को इलाज के लिए जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र लाया गया  मगर डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया। जनकपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मुकेश के मृत्यु होने की खबर सुनकर गांव में ग़म का माहौल है।

  • मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को  साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक  अजय चन्द्राकर सहित सचिव मती निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौल का पौधा भी रोपा। 

    51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण
     मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण

    मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

  • पंडालों में आवश्यक सेवाएं अनिवार्य: राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने फायर फाइटर्स, पानी और शौचालय की व्यवस्था पर दिया जोर

    भोपाल 
    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो चुका है, भक्तों ने जगह-जगह देवी मां के पंडाल लगाए हैं। ऐसे में आयोजन स्थल पर पेयजल की समुचित व्यवस्था के साथ फायर फाइटर्स और चलित शौचालय के इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने मंत्रालय में नवरात्रि महोत्सव, दशहरा महोत्सव, और प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि पंडालों के आसपास साफ-सफाई एवं प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, दशहरा महोत्सव के आयोजन स्थलों पर बैरिकेडिंग, रंग-रोगन और मरम्मत सुनिश्चित करने के भी उन्होंने निर्देश दिए।

    प्रतिमा विसर्जन स्थल पर क्रेन की व्यवस्था करें सुनिश्चित

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भक्तों ने बड़ी संख्या में देवी मां की प्रतिमाएं स्थापित की हैं। ऐसे में प्रतिमा विसर्जन स्थल पर यातायात प्रबंधन, पुलिस बल की व्यवस्था के साथ विसर्जन स्थलों पर क्रेन की व्यवस्था भी की जाए। बैठक में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के साथ ही दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

     

  • आयुष्मान भारत योजना ने मरीजों के दिल को दी राहत, 9 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा

    भोपाल
     आयुष्मान भारत योजना को लागू हुए 7 साल पूरे हो गए हैं। 12 सितंबर 2018 को यह योजना लागू हुई थी, तब से लेकर अब तक देशभर में नौ करोड़ से अधिक लोगों को इस योजना के अंतर्गत उपचार मिला। खास बात यह है कि इस योजना ने मरीजों के 'दिल' को बड़ी राहत दी है।

    योजना के अंतर्गत सबसे अधिक खर्च दिल की बीमारियों (कार्डियोलॉजी) के इलाज में हुआ है। देश भर में दिल की बीमारी के इलाज में 4222 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसमें दिल की सर्जरी का आंकड़ा जोड़ें तो यह राशि साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक है। योजना नहीं होती तो गरीब मरीजों के जेब से यह राशि खर्च होती।

    देश में योजना का लाभ लेने वालों में सबसे अधिक संख्या जनरल मेडिसिन के रोगियों की रही है। एक करोड़ 10 लाख लोगों ने निजी और सरकारी अस्पतालों में उपचार कराया। दूसरी बड़ी संख्या संक्रामक रोगों से पीड़ितों की रही। इसकी बड़ी वजह कोरोना संक्रमण काल भी रहा, जिसमें आयुष्मान रोगियों को अस्पतालों में निःशुल्क उपचार मिला।

    सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में उत्तर प्रदेश एक नंबर तथा मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर है। योजना के अंतर्गत चिह्रित अस्पतालों की बात करें तो मध्य प्रदेश की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक नहीं है। यहां 818 सरकारी और 628 निजी मिलाकर कुल 1446 अस्पतालों में उपचार की सुविधा है।

    इसमें अधिकतर अस्पताल ऐसे हैं जो दो-तीन विशेषज्ञता में ही उपचार कर रहे हैं। प्रदेश के बड़े निजी अस्पतालों की रुचि योजना में नहीं हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 5901 निजी व सरकारी अस्पतालों में इस योजना से उपचार की सुविधा है।

    राज्यों में चिह्नित अस्पताल

        उत्तर प्रदेश – 5901
        कर्नाटक – 3926
        गुजरात – 2656
        तमिलनाडु – 2305
        राजस्थान – 1906
        महाराष्ट्र – 1701
        हरियाणा – 1679
        छत्तीसगढ़ – 1662
        तेलंगाना – 1469
        मध्य प्रदेश – 1446

     

  • सोलर से रोशन रायपुर का घर, न बिजली बिल की टेंशन, न भविष्य की चिंता

    रायपुर

    आज जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से एक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना इसका बेमिसाल उदाहरण है। यह योजना न केवल बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान करती है, बल्कि देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है।

    प्रधानमंत्री  मोदी का हमेशा से यह विज़न रहा है कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो और इसमें ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता सबसे अहम भूमिका निभाए। भारत जैसे विशाल देश में, जहां हर वर्ग का नागरिक बिजली पर निर्भर है, वहां सौर ऊर्जा को अपनाकर न केवल घरेलू स्तर पर राहत दी जा सकती है, बल्कि औद्योगिक और ग्रामीण विकास को भी नई गति प्रदान की जा सकती है। इसी सोच का परिणाम है प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, जिसके अंतर्गत नागरिकों को प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

    योजना का उद्देश्य केवल बिजली बिल कम करना भर नहीं है, बल्कि हर नागरिक को ऊर्जा उत्पादक बनाना है। पहले जहां लोग केवल उपभोक्ता थे, वहीं अब वे अपने घर की छत पर लगे सोलर पैनलों से बिजली उत्पन्न कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक बचत होती है और अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आय का मार्ग भी खुलता है। यह बदलाव गांव-गांव और शहर-शहर में एक नई क्रांति का रूप ले रहा है।

    कोरबा जिले से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित छुरी गांव निवासी  अशोक अग्रवाल बिजली का स्थाई विकल्प ढूंढ रहें थे जिससे बिल का झमेला भी न हो और बजट फ्रेंडली हो , उनका घर और साथ ही राइस मिल, दोनों में बिजली की खपत अधिक थी, जिससे हर महीने बिल आता था। योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल अपने घर की छत पर स्थापित कराया। शासन से उन्हें सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे पैनल की लागत काफी कम हो गई। पैनल लगने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया और परिवार को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने लगी।

     अग्रवाल आज अपने अनुभव को गांव और आसपास के लोगों से साझा कर उन्हें योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह योजना वर्तमान की आवश्यकता ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ऊर्जा संरक्षण का मार्ग है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच संकल्प में आत्मनिर्भर भारत को प्रमुख लक्ष्य बताया है। सूर्यघर योजना इस संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार कर रही है। यह पहल न केवल नागरिकों को राहत पहुंचा रही है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। इसके साथ ही, यह योजना सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को भी पूरा करने में सहायक है। पर्यावरण संरक्षण, अक्षय ऊर्जा का प्रसार, ग्रामीण विकास, और आर्थिक सशक्तिकरण ये सभी लक्ष्य एक साथ पूरे होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बिजली की उपलब्धता अक्सर चुनौती का कारण बन जाती है,  वहां अब लोग अपने घर की छतों से ही आत्मनिर्भर हो रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में भी यह योजना लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है। जब हर घर सूरज की रोशनी से बिजली उत्पन्न करेगा, तब भारत केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी एक आदर्श बनेगा। सूरज से रोशनी, जीवन में समृद्धि यह न केवल आज की जरूरत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य देने वाली पहल है।

    इसी प्रकार कोरबा जिले के कटघोरा निवासी  विशेष मित्तल, व्यापारी एवं बाइक शोरूम संचालक है, इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। उनके घर में भी बिजली खपत अत्यधिक थी, एक दिन समाचार माध्यमों से योजना की जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत पंजीकरण कराया। महज 3 से 4 दिनों में उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित हो गया। शासन से उन्हें 78 हजार रूपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।

    विशेष मित्तल ने पैनल अपनी माताजी मती अंजनी मित्तल के नाम पर लगवाया। प्रारंभ में उन्हें विश्वास नहीं था कि वास्तव में बिजली बिल शून्य हो सकता है, लेकिन जब कुछ ही महीनों में यह संभव हुआ तो उन्होंने स्वयं योजना की सराहना की और अपने मायके व परिचितों को भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि “प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सच्चा वरदान है। इससे हमें आर्थिक मजबूती मिली है और हम अपने भविष्य को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”

    प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आज आमजन के जीवन को रोशन कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत नागरिक अपने घरों की छतों पर सौर पैनल स्थापित कर सकते हैं और प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ ले सकते हैं। जिसमें सब्सिडी की सुविधा केंद्र सरकार द्वारा रूपये 30 हजार से लेकर रूपये 78 हजार तक की सब्सिडी दी जाती है, राज्य सरकार द्वारा रूपये 30 हजार की सब्सिडी, सुलभ ऋण कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोग भी सहजता से सोलर पैनल स्थापित कर सकें, तेजी से क्रियान्वयन पंजीयन से लेकर पैनल स्थापना तक की प्रक्रिया मात्र 3 से 4 दिनों में पूरी हो जाती है, आर्थिक बचत बिजली बिल शून्य होने से परिवारों को हर महीने सैकड़ों से हजारों रुपये की बचत होती है और पर्यावरण सुरक्षा सौर ऊर्जा उपयोग से प्रदूषण कम होता है और स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार होता है।

    आज कोरबा जिले से लेकर राज्य और देश के हर हिस्से में इस योजना की सफलता की कहानियां गढ़ी जा रही हैं। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में लोग इसे अपना रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि लोग केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादक बन रहे हैं। अब घरों की छतें केवल छाया और सुरक्षा नहीं देतीं, बल्कि आत्मनिर्भर भविष्य का आधार बन रही हैं। व्यापारियों और उद्योगों को अब निर्बाध बिजली मिल रही है, महिलाएं घरेलू कार्यों में बाधा रहित ऊर्जा का लाभ ले रही हैं, युवाओं के लिए यह रोजगार और उद्यमिता का नया अवसर बन रहा है।

    लाभार्थी  अशोक अग्रवाल और मित्तल परिवार सहित हजारों लोग प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह योजना जन-जन के जीवन में स्थायी बदलाव ला रही है। इससे आर्थिक सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता एक साथ संभव हो रही है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य प्रदान करेगी।

    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह जनआंदोलन बन चुकी है। इनके जैसे हजारों परिवार यह सिद्ध करते हैं कि यदि सही दिशा में कदम बढ़ाया जाए तो हर परिवार अपने जीवन में खुशहाली, आर्थिक मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा का प्रकाश फैला सकता है।

  • रायपुर : मुख्यमंत्री 24 सितंबर करेंगे छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का शुभारंभ

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय बुधवार 24 सितंबर को वीआईपी रोड स्थित ओ-माया गार्डन में उद्योग विभाग द्वारा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जयसवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल मौजूद रहेंगे।

  • एसीआई बना हृदय रोग उपचार का भरोसेमंद केंद्र, पड़ोसी राज्यों से भी मरीज पहुँच रहे उपचार के लिए

      रायपुर

    पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदाता बनता जा रहा है। हाल ही में एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में मध्यप्रदेश निवासी 60 वर्षीय मरीज के हृदय की 100% ब्लॉक हो चुकी चार नसों की सफल एंजियोप्लास्टी की गई।

    मरीज के परिजनों के अनुसार, मरीज लंबे समय से दवाओं के सहारे जीवन जी रहे थे। मध्यप्रदेश के कई बड़े अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था। इस बीच उनके एक करीबी रिश्तेदार से पता चला कि एसीआई में कुछ वर्ष पूर्व एक मरीज के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया है। इसी भरोसे के साथ वे रायपुर पहुँचे। स्वयं मरीज अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनके यहाँ इलाज संभव नहीं है तो एसीआई बड़ी उम्मीद लेकर आया था। डॉक्टर से हमने कह भी दिया था कि जितना भी रिस्क हो, आप इलाज़ की तैयारी कीजिये, मैं उसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूँ। अंततः यहाँ के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवनदान दिया। 

    कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित वास्तव के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी के जरिए मरीज की ब्लॉक नसों को खोला गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

    डॉ. वास्तव ने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व भी मध्यप्रदेश से आए एक मरीज की सफल लेजर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस बार भी कठोर ब्लॉकेज को देखते हुए लेजर की तैयारी की गई थी, किंतु सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही सफल परिणाम मिल गये। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग को अतिशीघ्र एंजियोप्लास्टी करने के निर्देश दिये।