• कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक: प्रधानमंत्री आवास योजना से पवन विश्वकर्मा के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

    दुर्ग
    राज्य में गरीबों को पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एक प्रभावी माध्यम साबित हो रही है। जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत नगपुरा निवासी श्री पवन कुमार विश्वकर्मा को वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई। उन्हें यह राशि तीन किस्तों में (प्रथम किस्त 40,000 रूपए, द्वितीय किस्त 60,000 रूपए, और तृतीय किस्त 20,000 रूपए समय पर प्रदान की गई। 

    इस योजना का लाभ मिलने से पहले, पवन विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ एक कच्चे और जर्जर मकान में रहते थे, जहाँ उन्हें बरसात, गर्मी और सर्दी के मौसम में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समय पर प्राप्त किस्तों की सहायता से उन्होंने सफलतापूर्वक अपने पक्के आवास का निर्माण कार्य पूरा किया, जिससे उनके परिवार को अब सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर आवासीय वातावरण प्राप्त हुआ है। साथ ही बच्चों के लिए पढ़ाई का शांत माहौल भी मिला है। 

    आवास के साथ-साथ, उन्हें अभिसरण के माध्यम से अन्य महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला है, जिनमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय, उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन, दीनदयाल ज्योति योजना के तहत विद्युत कनेक्शन, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी राशि, एन.आर.एल.एम. समूह से लाभ, जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन, और सोक्ता गढ्ढा निर्माण शामिल हैं। इससे उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। 

    श्री पवन कुमार विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और परिवर्तन का प्रभावी माध्यम है, जिसने उनके सपनों के घर को वास्तविक रूप प्रदान किया है। जिला पंचायत दुर्ग द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयास जारी हैं।

  • इस वर्ष 7.5 प्रतिशत अधिक किसानों का 19 प्रतिशत अधिक का रकबा पंजीयन

    रायपुर
    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़  में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर राज्य के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य  अनवरत रूप से जारी है। कृषि  विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित 2739 खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान की खरीदी  सुगमता पूर्वक की जा रही है । धान की खरीदी के लिए 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है ।  राज्य के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है , वहीं  अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

     7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत अधिक रकबा का पंजीयन 
    राज्य में किसानों से धान खरीदी हेतु समुचित व्यवस्था की गई है । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसान पंजीयन का कार्य एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है । वर्तमान में धान की खरीदी हेतु 27.40 लाख किसानों के धान का रकबा 34.39 लाख हेक्टेयर का पंजीयन किया गया है । जबकि गत वर्ष 25.49 लाख किसानों द्वारा रकबा 28.76 लाख हेक्टेयर से समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था । इस प्रकार गत वर्ष विक्रय गये किसानों की  तुलना में इस वर्ष लगभग 7.5 प्रतिशत किसान एवं 19 प्रतिशत रकबा का पंजीयन अधिक हुआ है ।

    एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट
    संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया/रेगहा), डूबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टाधारी किसान, ग्राम कोटवार (शासकीय पट्टेदार) श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट प्रदान की गई है । किसान पंजीयन का कार्य वर्तमान में जारी है ।

    24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा  "टोकन व्यवस्था का हुआ सरलीकरण
    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों का ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने अब 24 घंटे टोकन प्राप्त करने की सुविधा "तुहर टोकन" एप्प में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदान कर दी है । वर्तमान में 17.24 लाख टोकन से 87 लाख टन धान खरीदी हेतु जारी किया जा चुका है । किसानों द्वारा आगामी 20 दिवस के टोकन प्राप्त किये जा सकते हैं ।

    किसानों को 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का त्वरित भुगतान
    अधिकारियों  ने बताया कि 11 दिसंबर 2025 की स्थिति में किसानों  को धान खरीदी के एवज में 7 हजार 771 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान  समर्थन मूल्य  के तहत का किया जा चुका है ।

    अवैध धान विक्रय/परिवहन पर नियंत्रण
    जिलों में विशेष चेकिंग दल का गठन राजस्व, खाद्य, सहकारिता, वन, मंडी आदि विभागों के अधिकारियों का गठन कर किया गया है । राज्य स्तर पर मार्कफेड अंतर्गत स्टेट इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है । अब तक प्रदेश में अवैध धान परिवहन/भण्डारण के 2000 से अधिक प्रकरण बनाये गये हैं, जिसमें अब तक 1.93 लाख टन अवैध धान जब्त किया गया है ।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।

  • अनुशासन के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं देते हुए सचिव ने किया प्रतियोगिता का शुभारंभ

    दुर्ग
    केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र द्वारा आयोजित पॉवर कंपनीज अंतरक्षेत्रीय लॉन टेनिस प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ लॉन टेनिस कॉम्प्लेक्स, सिविक सेंटर, भिलाई में आज दिनांक 15 दिसंबर 2025 को किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कपनीज के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रीजन की पॉंच टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ क्षेत्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के सचिव श्री एच.के.मेश्राम के मुख्य आतिथ्य एवं कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोटिया एवं श्री एम.एस.चौहान, चेयरमेन इसीजीआरएफ दुर्ग रीजन श्री पी.वी.सजीव, ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्ड प्राप्त उपमहाप्रबंधक क्रीड़ा भिलाई स्टील प्लांट श्री राजेन्द्र प्रसाद, अधीक्षण अभियंता श्री एस.मनोज, श्री आर.के.मिश्रा, श्री जे.जगन्नाथ प्रसाद, श्री एस.के.भूआर्य एवं श्रीमती पद्मशा तिवारी तथा डीजीएम एफ एंड ए श्री वाय कोसरिया के विशिष्ट आतिथ्य में दीप प्रज्वलित कर किया गया।

    आयोजन में मुख्य अतिथि की आसंदी को सुशोभित करते हुए श्री एच.के.मेश्राम ने कहा कि कंपनी द्वारा ऐसे आयोजन का उद्देश्य है कि कर्मचारियों का तनाव दूर करना। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विभिन्न क्षेत्रों से पधारे हमारे अधिकारी एवं कर्मचारीगणों का आपसी समझ एवं भाईचारे में वृद्धि होती है साथ ही अपनी बेहतर कार्यशैली का उल्लेख कर दूसरे कर्मचारियों को भी प्रेरित करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान में उतरने वाले सभी खिलाड़ी विशेष होते हैं, कोई दिल जीतता है, कोई ट्रॉफी और कोई आत्मविश्वास इसलिए मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी विजेता है। उपमहाप्रबंधक क्रीड़ा भिलाई स्टील प्लांट श्री राजेन्द्र प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आप इस खेल प्रतियोगिता में सकारात्मक प्रेरणा लेकर टीम भावना के साथ, नई ऊर्जा और नये उत्साह के साथ खेलें। कार्यक्रम में दुर्ग रीजन के समस्त कार्यपालन अभियंता, भिलाई स्टील प्लांट के स्पोर्ट ऑफिसर श्री अभिजीत भौमिक एवं सीनियर मैनेजर टीएसजी श्री विवेक गुप्ता सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित हुए।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तरीय इस विद्युत प्रतिस्पर्धा में पॉच टीमों यथा मेजबान टीम दुर्ग क्षेत्र, कोरबा पश्चिम, रायपुर केन्द्रीय, रायपुर क्षेत्र एवं बिलासपुर क्षेत्र के खिलाड़ियों एवं मैनेजरों ने खेल भावना से खेल प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। दुर्ग क्षेत्र में इस प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 15 से 17 दिसम्बर 2025 तक किया जा रहा है। समारोह का समापन दिनांक 17 दिसंबर को षाम 04 बजे लॉन टेनिस कॉम्प्लेक्स सिविक सेंटर, भिलाई में किया जाएगा।
     
    आज के मैच के परिणाम
    प्रतियोगिता के पहले दिन हुए मुकाबले के टीम इवेंट में ग्रुप बी में पहला मैच बिलासपुर रीजन और रायपुर सेंट्रल रीजन के बीच हुआ जिसमें रायपुर सेंट्रल ने बिलासपुर को 2-0 से पराजित किया। रायपुर सेंट्रल के श्री अनुराग षर्मा ने श्री समीर तिवारी को 6-3 से हराया। महेंन्द्र सिंह चौहान रायपुर सेंट्रल ने बिलासपुर के ओमप्रकाष को 6-0 से हराया। टीम इवेंट ग्रुप ए में पहला सेमीफाइनल रायपुर रीजन एवं कोरबा वेस्ट के बीच खेला गया जिसमें कोरबा वेस्ट ने 2-0 से विजय हासिल की। पहला मैच श्री सुनील सिंह एवं तरुण ठाकुर के बीच खेला गया जिसमें श्री सुनील सिंह ने 6-1 से जीत हासिल की। दूसरा मैच श्री विकल्प तिवारी एवं श्री षेखर वर्मा के बीच खेला गया जिसमें श्री विकल्प तिवारी ने 6-0 से विजय प्राप्त किया। टीम इवेंट ग्रुप बी का दूसरा सेमीफाइनल मैच दुर्ग रीजन एवं रायपुर सेंट्रल के बीच खेला गया जिसमें दुर्ग रीजन ने रायपुर सेंट्रल को 2-0 से पराजित किया। पहले मैच में श्री अरुण साहू ने श्री महेंन्द्र सिंह चौहान को 6-2 से पराजित किया। दूसरे मैच में श्री पी.एल.माहेष्वरी ने श्री अनुराग षर्मा को 6-1 से पराजित किया। टीम इवेंट का फाइनल मैच आज दुर्ग श्रेत्र एवं कोरबा वेस्ट के बीच खेला जाएगा।

  • गरियाबंद : आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की जांच हेतु समिति गठित

    गरियाबंद : आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माण कार्यों की जांच हेतु समिति गठित

    वर्ष 2022-23 से 2024-25 की निविदा एवं भौतिक तथा वित्तीय स्थिति की होगी समीक्षा

    गरियाबंद 

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बीएस उइके ने आदिम जाति कल्याण विभाग जिला गरियाबंद में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में विभिन्न निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया एवं भौतिक तथा वित्तीय स्थिति की जांच करने के लिए समिति गठन किया गया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी होंगे। उक्त जांच समिति निर्माण कार्यों की स्वीकृत विभिन्न कार्य के निविदा प्रक्रिया तथा वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

  • रायपुर: मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, छात्रों के सपनों को मिली नई दिशा

    रायपुर : मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना : सपनों को मिली नई उड़ान

    आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माणी श्रमिक श्रीमती चंदा बाई साहू, पति श्री हरिशंकर साहू, निवासी ग्राम सिंधौरीकला, विकासखंड कुरूद, जिला धमतरी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना आशा की किरण बनकर आई है।
    श्रीमती चंदा बाई साहू एक निर्माणी श्रमिक (रेजा) के रूप में कार्य करती हैं तथा उनके पति भी दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण उच्च शिक्षा का सपना अधूरा प्रतीत हो रहा था। इसी बीच श्रम विभाग से संपर्क के दौरान उन्हें निर्माणी श्रमिकों के बच्चों हेतु संचालित मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली।

      योजना के अंतर्गत उनके पुत्र श्री भूषण साहू, जो कि CIPET कॉलेज, रायपुर में डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी (द्वितीय वर्ष) में अध्ययनरत हैं, के लिए आवेदन किया गया। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाईन आवेदन करने के कुछ ही दिवसों में राशि रूपये 82,496/ सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से हितग्राही के खाते में प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से भूषण साहू की उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ।

        हितग्राही श्रीमती चंदा बाई साहू ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को पढ़ाने का सपना अधूरा लग रहा था, परंतु योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार को संबल दिया। वहीं, पिता श्री हरिशंकर साहू ने कहा कि वे चाहते थे कि उनका बेटा मजदूरी के बजाय शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़े और आत्मनिर्भर बने। योजना से मिली सहायता से उनका यह सपना साकार हो रहा है।

       श्रम पदाधिकारी श्री नंदकिशोर साहू ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों-सामान्य एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरतकृको पात्रता अनुसार सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 467 तथा 2025-26 में 505 बच्चों को लाभ दिया जा चुका है। आगामी वर्षों में सभी पात्र बच्चों को लाभांवित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इच्छुक हितग्राही “श्रमेव जयते” ऐप अथवा जिला एवं जनपद पंचायतों में स्थापित श्रम संसाधन केंद्रों से निःशुल्क आवेदन कर सकते हैं।

    श्री हरिशंकर साहू ने  मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, श्रम मंत्री, जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य प्रदान कर रही है।
    यह कहानी प्रमाण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब ज़मीन तक पहुंचती हैं, तो श्रमिक परिवारों के सपनों को नई दिशा और उड़ान मिलती है।

  • छत्तीसगढ़ में बीजेपी की तीन चुनावों में जीत का श्रेय नितिन नबीन की योजना को, अब राष्ट्रीय स्तर पर उनका कद बढ़ा

    रायपुर 

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए बिहार सरकार के मंत्री और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. नितिन नबीन की पहचान एक युवा नेता के तौर पर रही है और वो अपनी रणनीति के लिए जाने जाते हैं. नितिन नबीन ने अपनी योजना और रणनीति से छत्तीसगढ़ में बीजेपी को लगातार तीन चुनावों में जीत दिलाई है और अब उनके ऊपर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.

    नितिन नबीन की रणनीति और BJP ने लहराया परचम

    साल 2023 का छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती थी. राज्य में भूपेश बघेल की सरकार थी और तब कांग्रेस को सत्ता से हटाने में नितिन नबीन ने अहम भूमिका निभाई थी. साल 2019 में बीजेपी ने नितिन नबीन को सिक्किम का प्रभारी बनाया और उनके प्रभारी रहते सिक्किम में पहली बार बीजेपी के 2 विधायक जीते थे. इसके बाद बीजेपी ने नितिन नबीन को बड़ी चुनौती दी और साल 2021 में उन्हें छत्तीसगढ़ में सह प्रभारी बनाकर भेजा. उस दौरान डी पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ की प्रभारी थीं, लेकिन पार्टी ने उन्हें भी हटा दिया और उनकी जगह ओम माथुर को जिम्मेदारी दी गई.

    नितिन नबीन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और एक खास रणनीति से बीजेपी की छत्तीसगढ़ की सत्ता में वापसी करा दी. उन्होंने प्लान बनाया और एक-एक विधानसभा का दौरा करने खुद निकल पड़े. उन्होंने ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं को कनेक्ट किया और जोश भरने का काम किया. इसके साथ ही उन्होंने टिकट वितरण में भी अहम भूमिका निभाई. उनके ग्राउंड कनेक्ट और माइक्रो-मैनेजमेंट की वजह से भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अप्रत्याशित जीत हासिल की.

    प्रभारी और फिर लोकसभा चुनाव में लहराया परचम

    छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद पार्टी ने नितिन नबीन पर भरोसा जताया और लोकसभा चुनाव के पहले उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रभारी बना दिया. नितिन नबीन लोकसभा चुनाव में भी खरे उतरे और उन्होंने 11 में से 10 सीटों पर बीजेपी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की 11 में 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी.

    नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में भी खिला कमल

    विधानसभा और लोकसभा चुनाव में बीजेपी का परचम लहराने के बाद नितिन नबीन के ऊपर लोकल चुनाव में कमल खिलाने की बारी थी. लोकसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव हुए. इसमें भी बीजेपी ने परचम लहराया और नितिन नबीन ने साबित कर दिया कि वे एक कुशल राजनीतिज्ञ के साथ-साथ कुशल रणनीतिकार भी हैं. नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में भी हर ओर कमल खिलने के बाद नितिन नबीन का नाम दिल्ली तक गूंज उठा.

    खुद जीत चुके हैं 5 विधानसभा चुनाव

    नितिन नबीन दिग्गज भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री हैं. नितिन बिहार विधानसभा में पटना जिले की बांकीपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और अब तक पांच बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं. पिछले महीने हुए बिहार विधानसभा चुनाव में बांकीपुर विधानसभा सीट से नितिन नबीन ने आरजेडी उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51936 वोटों से हराया था. इससे पहले नितिन नबीन ने 2020 में करीब 83068 वोटों से जीत जीत दर्ज की थी और शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा (कांग्रेस) को हराया था. 

  • 180 देशों के प्रतिनिधियों ने किया छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिवादन

    रायपुर : लाल किले में गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया'

    छत्तीसगढ़ के गेड़ी नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन को यूनेस्को ने सराहा

    180 देशों के प्रतिनिधियों ने किया छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिवादन

    रायपुर

    छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। 7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है l

    केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” का नारा दिया

    समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

    गेड़ी नृत्य दल ने अपने रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया

    मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे।

    यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए

    मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।

    गेड़ी नृत्य दल ने छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाई

    छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।

  • उत्तर बस्तर कांकेर में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय बढ़ाने की दिशा

    उत्तर बस्तर कांकेर : संबंधित विभागों के समन्वय से लंबित प्रकरणां को शीघ्र निराकृत करें

    कलेक्टर ने जिला बाल संरक्षण समिति व अनुषांगिक समितियों की त्रैमासिक बैठक लेकर दिए निर्देश

    उत्तर बस्तर कांकेर

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन गठित जिला बाल संरक्षण समिति एवं अन्य अनुषांगिक समितियों की कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज दोपहर बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को परस्पर समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न अधोसंरचना निर्माण एवं सुविधाओं में विस्तार के लिए आवश्यकतानुसार कार्यवाही करने की बात कही।
    कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज दोपहर 12.30 बजे आहूत त्रैमासिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, आदिवासी विकास, ग्रामीण विकास एवं अन्य संबंधित विभाग शासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करें, साथ ही लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण करें। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विपिन जैन ने एजेण्डावार विषयों का वाचन करते हुए 19 सितम्बर 2025 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय तथा पालन प्रतिवेदन की जानकारी दी। उन्होंने किशोर न्याय बोर्ड में लंबित प्रकरण, बालक कल्याण समिति में पाक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी दी। इसके अलावा राज्य शासन के निर्देशानुसार बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत अंतरविभागीय समन्वय से की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्राप्त लक्ष्य से अधिक 297 ग्राम पंचायतों व 05 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

    इसी तरह बैठक में बाल संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों का चिन्हांकन, मिशन वात्सल्य योजना के तहत जिले में स्वीकृत नवीन बालगृह (बालक) एवं बाल सम्प्रेक्षण गृह के संचालन, विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी, बाल गृह (बालिका) सिंगारभाट में सुविधाओं का विस्तार करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत स्कूलों में प्रवेश देने के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में कलेक्टर को अवगत कराया गया। इसके अलावा किशोर न्याय बोर्ड, बालक कल्याण समिति, चाईल्ड हेल्प लाइन में लंबित प्रकरणों की जानकारी दी गई। इस पर कलेक्टर ने सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • परिवहन विभाग ने प्रवर्तन अमले को दी पीओएस मशीनें, चालानी कार्रवाई में मिलेगा मदद

    परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले को चालानी कार्रवाई के लिये मिली पीओएस मशीनें

    प्रदेश में 45 रोड सेफ्टी एण्ड इन्फोर्समेंट प्वाइंट के माध्यम से जाँच

    भोपाल

    परिवहन विभाग ने प्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत राज्य के परिवहन चेकपोस्टों को बंद कर दिया है। इनके स्थान पर 45 रोड सेफ्टी एण्ड इन्फोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट जाँच का कार्य कर रहे हैं। जाँच कार्य के लिये प्रवर्तन बल(इन्फोर्समेंटफोर्स) को बॉडीवॉर्न कैमरे उपलब्ध कराये गये हैं। इन कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की जा रही है।

    राज्य में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा ई-चेकपोस्ट मॉडल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा दी गई है। प्रवर्तन अमले द्वारा बॉडीवॉर्न कैमरे का उपयोग करने से वाहन चेकिंग के दौरान प्रत्येक कार्यवाही की मॉनीटरिंग वास्तविक समय (रियल टाइम) में कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर के माध्यम से की जा रही है। परिवहन विभाग की इस व्यवस्था से न केवल वाहन चालकों में विश्वास बढ़ा है, बल्कि वाहन चेकिंग के दौरान आने वाली अवैध वसूली की शिकायतेंभी काफी कम हो गई हैं। इस व्यवस्था से परिवहन विभाग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया के सपने को साकार किया है।

    कैशलेस चालानी कार्रवाई

    परिवहन विभाग के अमले को पीओएस मशीन उपलब्ध कराने से वाहनों के विरुद्ध की जाने वाली चालानी कार्रवाई को ऑनलाइन तथा कैशलेस रूप में किया जा रहा है। प्रदेश में मोटरयान परिवहन से संबंधित प्रावधानों के उल्लंघन पर स्व-चलित पद्धति ई-डिटेक्शन को नवम्बर-2025 से लागू कर दिया गया।

    फेसलेस सेवा देने के मामले में मध्यप्रदेश देश में अव्वल

    परिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्रायविंग लायसेंस आदि से संबंधित सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल 'वाहन तथा सारथी' ऐप के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। इस व्यवस्था में आवेदक कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सेवा प्राप्त कर पा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित फेसलेस सेवाओं की सूची में से प्रदेश में समस्त सेवाओं को फेसलेस रूप में प्रदान किये जाने से मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में अव्वल देश बन गया है।

     

  • विद्युत आपूर्ति पर विचार-विमर्श के लिए मंत्री समूह की गठन, अनुशंसा देने का कार्यभार सौंपा

    भोपाल

    राज्य शासन द्वारा विद्युत आपूर्ति एवं इससे जुड़े विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिये मंत्री समूह का गठन किया गया है। मंत्री समूह में श्री जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर/वित्त/योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री एंदल सिंह कंषाना मंत्री किसान कल्याण एवं कृषि विकास और श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंत्री ऊर्जा विभाग को शामिल किया गया है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा समूह के समन्वयक एवं अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग समूह के सह-समन्वयक होंगे।

    मंत्री समूह वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक सब्सिडी के प्रस्ताव में युक्तियुक्तकरण की स्थिति पर निर्णय, दिनांक 31 अगस्त 2023 तक के संयोजित भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं के देयकों में अस्थगित की गई 4800 करोड़ रूपये की बकाया राशि को विद्युत वितरण कंपनियों को उपलब्ध कराने अथवा उसकी वसूली के संबंध में निर्णय और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर के खराब होने पर उसके बदलने के लिये पात्रता नियम में परिवर्तन पर निर्णय के संबंध में अपनी अनुशंसाएं राज्य शासन को देगा।

     

  • रायपुर: चिरायु योजना ने नित्या राजवाड़े को दिया नया जीवन, अस्पताल से मिली राहत

    रायपुर

    कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पतरापाली निवासी नित्या राजवाड़े (उम्र 4 वर्ष 7 माह),  जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। नित्या का नाम आंगनबाड़ी केंद्र पतरापानी-1 में दर्ज है।

    जन्म से ही नित्या को कमजोरी, जल्दी थकान, सांस लेने में तकलीफ तथा बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या रहती थी। चिरायु टीम द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सक द्वारा जांच कर जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच उपरांत जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद उच्च संस्थान एम.एम.आई. नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के लिए रेफर किया गया।

    चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या को नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती कराया गया। आवश्यक जांचों के पश्चात सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद नित्या को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या का संपूर्ण उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया गया।

    वर्तमान में नित्या राजवाड़े पूरी तरह स्वस्थ है। नित्या के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने चिरायु टीम, पटना सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया है।

  • गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

    गरियाबंद : स्कूल जतन योजना के निर्माण कार्यों की जांच के लिए समिति गठित

    मैनपुर विकासखण्ड के स्कूल भवनों की गुणवत्ता व प्रगति की होगी जांच

    गरियाबंद 

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री बीएस उइके ने दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित शीर्षक स्कूलों की सामने की दीवार चमाचक अंदर फिनिशिंग का काम अधुरा छोड़ा खबर प्रकाशित का संज्ञान लेते हुए तथा उक्त निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पूर्णता के संबंध में विभिन्न सामाजिक संगठनों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त होने पर मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत स्कूल जतन योजना के तहत निर्मित समस्त स्कूलों, भवनों की शिकायतों की जांच हेतु जांच समिति का ओदश जारी किया है। जिसके अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर होंगे तथा सदस्य के रूप में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मैनपुर, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, ग्रामिण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग मैनपुर के अनुविभागीय अधिकारी जिला पंचायत के लेखाधिकारी शामिल है। उनके द्वारा स्कुल जतन योजना के तहत स्वीकृत समस्त कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जांच मय फोटोग्राफ के 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

  • भोपाल में शुरू होगी हाईटेक ई-बस सेवा, पांच रूट तय, निगरानी CCTV से, इन यात्रियों को मिलेगी खास सुविधा

    भोपाल
    शहर में मार्च-अप्रैल-26 में संचालित होने वाली ई-बसें पांच रूटों पर चलेंगी। इन रूटों पर चलने वाली 100 बसों में 80 हजार से ज्यादा यात्रियों को लाभ मिलेगा।
    25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च इन बसों के संचालन एवं चार्जिंग के लिए कस्तूरबा नगर व संत हिरदाराम नगर में अत्याधुनिक डिपो के निर्माण, विद्युत सहित अन्य कामों पर करीब 25 करोड़ 44 लाख रूपए खर्च किए जा रहे हैं। यह जानकारी शनिवार को फंदा में विक्रमादित्य स्वागत द्वार और ई-बस सेवा के लिए डिपो के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर मालती राय ने दी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों में केन्द्र शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से व्हीलचेयर सहित चढ़ने के लिए आटोमेटिक लिफ्ट प्रावधानित है।

    होंगी ये सुविधाएं
    इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा एवं विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में आधुनिकतम आईटीएमएस व्यवस्था अंतर्गत बसों की रीयल टाइम ट्रेकिंग, सीसीटीवी कैमरा का लाइव फील्ड, जीपीएस डिवाइस, पेनिक बटन, पैसेंजर काउंटर एवं पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम संस्थापित किए जाएंगे। लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों को शामिल करेंगे और जनसंख्या घनत्व के मान से पांच रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है।

     

  • गौरेला पेंड्रा मरवाही : राजमेरगढ़ में स्टार गेज़िंग एडवेंचर का आयोजन : प्रतिभागियों ने खगोलीय पिंडों का किया अवलोकन

    गौरेला पेंड्रा मरवाही

    जिला प्रशासन और बनमनई ईकोकेअर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में शनिवार को स्टार गेज़िंग एडवेंचर का आयोजन किया गया। ’जेमिनिड्स मीटियोर शॉवर (उल्का वृष्टि) स्टार गेज़िंग एडवेंचर’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन खगोल विज्ञान और प्रकृति अन्वेषण का एक अद्भुत संगम रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने जेमिनिड्स मीटियोर शॉवर के शानदार नजारे का दीदार किया। मुख्य आकर्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन विशेषज्ञ एवं एमेच्योर एस्ट्रोफोटोग्राफर देवल सिंह बघेल द्वारा प्रतिभागियों को रात में इस आकशीय घटना की वैज्ञानिक व्याख्या दी गई। उन्होंने बताया कि जैमिनीड्स उस विशेष उल्का समूह का नाम है जो जेमिनी (मिथुन) नक्षत्र की दिशा से आता हुआ दिखाई देता है।

    ये उल्कवृष्टि पूरे वर्ष भर में होने वाले अनेक उल्का वृष्टि में सर्वाधिक सघन और आकर्षक माना जाता है। जैमिनी कांस्टेलेशन की सीध में सौरमंडल में विद्यमान एस्टेरॉयड बेल्ट में स्थित रॉक कॉमेट “3200 पायथन“ के टुकड़े इस दौरान पृथ्वी की सीध में आने के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं और घर्षण के कारण जल उठते हैं, जिससे टूटते हुए तारे की अविस्मरणीय अनुभूति प्राप्त होती है।  

                    सभी प्रतिभागियों ने कड़कड़ाती ठंड में अलाव की आंच का लुत्फ लेते हुए रात भर में लगभग 100 से अधिक उल्कापिंड देखे, जो कि बहुत ही आकर्षक रहा। इसके साथ ही अत्याधुनिक टेलीस्कोप के माध्यम से बृहस्पति और उसके चंद्रमा, शनि के छल्ले, ओरियन, प्लेयडीज सहित प्रमुख नक्षत्र जैसे नेबुला, तारा समूह, एंड्रोमेडा गैलेक्सी और अन्य खगोलीय पिंडों का अवलोकन भी किया गया। देवल सिंह बघेल ने अत्यंत रोचक और सरल भाषा में नक्षत्रों की पहचान, तारों की संरचना, तापमान और आयु, ग्रहों की कक्षाएं और गति, ध्रुवतारा से दिशा निर्धारण, आकाशगंगा की संरचना के बारे में विस्तार से बताया। पर्यावरणविद् संजय पयासी द्वारा मैकल पर्वतमाला की जैव विविधताओं और संरक्षण पर जानकारी दी गई, जिससे प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान को एक साथ जानने का अवसर मिला।

  • रायपुर : पर्यावरण संरक्षण और पशुधन संवर्धन की मिसाल- ग्राम सेमरा बी के कीर्तन निषाद की प्रेरक पहल

    रायपुर

    पर्यावरण संरक्षण और पशुधन हित (पशु कल्याण) आपस में जुड़े हैं, जहाँ पशुधन से ग्रीनहाउस गैस (मीथेन), भूमि क्षरण और जल प्रदूषण होता है, वहीं सतत पशुधन प्रबंधन (जैसे बेहतर चारा, एंटीबायोटिक का विवेकपूर्ण उपयोग) इन प्रभावों को कम कर सकता है, साथ ही जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की रक्षा भी कर सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरण संतुलन में मदद मिलती है।

    वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में आई कमी

              पर्यावरण संरक्षण, पशुधन हित और सतत कृषि की दिशा में धमतरी जिले के विकासखण्ड कुरूद के ग्राम सेमरा बी के प्रगतिशील पशुपालक एवं कृषक कीर्तन निषाद द्वारा किया गया कार्य एक उल्लेखनीय शासकीय सफलता की कहानी के रूप में उभरकर सामने आया है। उनकी दूरदर्शी सोच और जागरूक प्रयासों से लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में फैले पैरा (फसल अवशेष) को सुरक्षित रूप से उनके भाठा में एकत्रित किया गया, जिससे पराली जलाने की हानिकारक परंपरा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकी।  पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण, भूमि की उर्वरता में कमी तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं कीर्तन निषाद की इस पहल ने इन सभी समस्याओं का व्यवहारिक और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत किया है। उनके प्रयासों से वातावरण में धुएं और विषैली गैसों के उत्सर्जन में कमी आई, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ वायु का लाभ मिला। यह पहल शासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियानों और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के उद्देश्यों के पूर्णतः अनुरूप है।

    पशुओं के पोषण स्तर में सुधार 

                  इस नवाचारी प्रयास का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष पशुधन संवर्धन से जुड़ा है। एकत्रित पैरा से क्षेत्र में पशुओं के लिए पर्याप्त सूखे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हुई, जिससे पशुपालकों को चारे की कमी की समस्या से राहत मिली। इससे न केवल पशुओं के पोषण स्तर में सुधार हुआ, बल्कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। यह पहल आत्मनिर्भर पशुपालन और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।

    ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल

              कीर्तन निषाद की यह उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि शासन की नीतियों, जनजागरूकता और व्यक्तिगत पहल के समन्वय से बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। उनकी सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और किसानों-पशुपालकों के हित में की गई यह पहल अन्य कृषकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। निःसंदेह, ग्राम सेमरा बी की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, पशुधन विकास और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक आदर्श मॉडल है, जिसे अपनाकर अन्य ग्राम भी स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

  • राम मंदिर आंदोलन के अहम नेता रामविलास वेदांती का निधन, देशभर में शोक

    रीवा 
     राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार और अयोध्या से पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन हो गया है. उन्होंने मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही अयोध्या सहित पूरे संत समाज और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.

    जानकारी के अनुसार डॉ. रामविलास दास वेदांती मध्य प्रदेश के रीवा जनपद में प्रवास पर थे. इसी दौरान बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया. चिकित्सकों द्वारा लगातार उपचार के प्रयास किए गए, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.

    डॉ. वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी चेहरों में गिने जाते थे और उन्होंने इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. अयोध्या से सांसद रहते हुए उन्होंने संसद से लेकर सड़कों तक राम मंदिर निर्माण की आवाज को मजबूती से उठाया. उनके निधन को संत समाज और राम भक्तों के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.

    सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश से उनका पार्थिव शरीर लेकर उनके उत्तराधिकारी और सहयोगी थोड़ी देर में अयोध्या ले जाया जाएगा. अयोध्या पहुंचने के बाद उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी. उनके निधन पर कई संतों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है.

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. रामविलास वेदांती महाराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि डॉ. रामविलास वेदांती का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना एक युग का अवसान है. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि धर्म, समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित संत वेदांती का त्यागमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्राप्त हो और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को इस अथाह दुःख को सहन करने की शक्ति मिले.

  • छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का आयोजन: 19 दिसंबर को मैनपाट में लोकनृत्य प्रतियोगिता, विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक नगद पुरस्कार

    छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का शानदार आयोजन: मैनपाट के करमा रिसॉर्ट में 19 दिसंबर को धूमधाम से लोकनृत्य प्रतियोगिता, विजेताओं को आकर्षक नगद पुरस्कार

    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना  रजत जयंती वर्ष पर विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 8 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की भव्य श्रृंखला आयोजित कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन केंद्रों, रिसॉर्ट्स और पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में रचनात्मक कार्यक्रमों का दौर चल रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

    इसी कड़ी में पर्यटन बोर्ड 19 दिसंबर 2025 को सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित करमा रिसॉर्ट में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 7 हजार रुपये नगद, द्वितीय को 5 हजार रुपये तथा तृतीय को 3 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी भेंट किए जाएंगे।

    प्रचार सामग्री में स्थान और व्यापक पहचान का अवसर

    प्रतियोगिता के दौरान कैद किए गए छायाचित्रों और वीडियो को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से स्थान दिया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। ये आयोजन न केवल स्थानीय पर्यटन को गति देंगे, बल्कि युवाओं में लोककला के प्रति उत्साह भी जगाएंगे। पर्यटन बोर्ड ने राज्य के युवाओं, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। विस्तृत जानकारी के लिए +91-93991-61360 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का बड़ा फैसला, सरपंच पति प्रथा पर 24 राज्यों के अधिकारियों को समन जारी, महिला अधिकारों की सुरक्षा के लिए अहम कदम

    भोपाल
     सरपंच पति प्रथा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त कदम उठाया है। देश के 24 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख अधिकारियों को समन जारी किया है। महिला जन प्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का यह बड़ा कदम है।

    प्रमुख सचिवों को भी समन जारी

    इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के पंचायत एवं नगरीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिवों को भी समन जारी हुआ है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने यह जानकारी दी। आयोग ने सभी प्रदेशों के पंचायत और शहरी निकाय विभाग से इस विषय पर कार्यवाही रिपोर्ट मांगी थी।

    रिपार्ट नहीं मिलने पर मध्य प्रदेश को भी समन

    शहरी निकाय और पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिवों को 30 दिसंबर को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए है। 22 दिसंबर 2025 तक रिपोर्ट भेजने पर व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मिल सकती है। रिपोर्ट नहीं देने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर आयोग ने कठोर कार्रवाई करने की बात कही है।

    यह प्रथा समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार का उल्लंघन

    दरअसल प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपनी जांच में पाया कि यह प्रथा समानता, गरिमा और जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। यह 73वें एवं 74वें संविधान संशोधनों की भावना के विपरीत है। जिनका उद्देश्य महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण प्रदान करना है। ऐसे कृत्य भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत आपराधिक दायित्व को भी जन्म दे सकते हैं।

    लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ

    राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर प्रधान पति कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा की ओर से दायर शिकायत पर कदम उठाया है। सुशील वर्मा ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि देश भर में कई स्थानों पर निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति अथवा अन्य पुरुष रिश्तेदार वास्तविक सत्ता का प्रयोग कर रहे हैं, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है।

    प्रॉक्सी शासन लोकतंत्र पर सीधा प्रहार

    आयोग ने दो टूक कहा है कि महिला आरक्षण का उद्देश्य केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि वास्तविक नेतृत्व और निर्णयकारी भूमिका सुनिश्चित करना है, और किसी भी प्रकार का प्रॉक्सी शासन लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। यह आदेश महिला सशक्तिकरण, संवैधानिक शासन और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की गरिमा की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

    मप्र में उठे थे मुद्दे

    ग्वालियर में सितंबर में मामला आया था। कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान की बैठक में पार्षद पति पहुंच गए थे। शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में पार्षद पति पहुंच गए थे। चार महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंच गए थे।
    कलेक्टर ने पार्षद पतियों को कुर्सी से उठाकर पीछे बैठा दिया था। कलेक्टर ने कहा था- अब महिलाएं सबल हैं, पत्नियों को ही काम करने दीजिए।

    अक्टूबर में गुना नगर पालिका ने निकाला आदेश

    सीएमओ मंजूषा खत्री ने आदेश निकाला। आदेश में कहा कि- शासकीय कार्यालयों और बैठकों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ उनके पति या पत्नियों की उपस्थिति पूर्णतः प्रतिबंधित है। नगरपालिका कार्यालय में आने पर भी पार्षद पतियों और उनके रिश्तेदारों पर रोक लगाई गई।

    अप्रैल 2025
    रतलाम जिला पंचायत में मुददा उठा था। साधारण सभा की बैठक में विवाद हुआ था। जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा और सदस्य डीपी धाकड़ ने महिला सदस्यों के साथ बैठक में उनके पति के आने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। सभा कक्ष में लंबी बहस हुई थी। विवाद के बीच बैठक नहीं हो पाई थी। 

  • एमपी में 100 ई-बसों की शुरुआत, नासिक से दिल्ली तक का सफर होगा अब प्रदूषण मुक्त

    ग्वालियर

    केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ग्वालियर शहर में पीएम ई-बस योजना के तहत 100 बसें चलाई जाएंगी। प्रथम चरण में जल्द ही 60 ई बस (E-Buses) शहर में आने की उम्मीद है, लेकिन अफसर अब तक सुस्त रवैया अपनाए हुए है। योजना के तहत बस संचालन और कलेक्शन सिस्टम समझने के लिए अफसरों को नासिक, दिल्ली, भोपाल और इंदौर का निरीक्षण करना था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कोई दौरा नहीं किया।

    हालांकि कलेक्शन एजेंसी राज्य सरकार व केंद्र सरकार से तय होना है अथवा नगर निगम ग्वालियर से इसको लेकर अफसर कन्फ्यूज थे, ऐसे में अफसर भी निरीक्षण में रुचि नहीं दिखा रहे थे, लेकिन अब क्लियर हो गया है कि बसों के कलेक्शन के लिए एजेंसी राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन द्वारा ही ग्वालियर सहित सभी नगर निगम में तय की जाएगी।

    इस तरफ वहन होगा खर्च

    बसों के संचालन से नगर निगम को उम्मीद है कि बस संचालन से 36.14 पैसे प्रति किलोमीटर कलेक्शन मिलेगा, जबकि 22 रुपए केंद्र सरकार की ओर से मिलेंगे। वहीं 58.14 पैसे प्रति किलोमीटर का भुगतान पीएम ई-बस संचालक को किया जाना है। लेकिन इंदौर भोपाल में अभी 22 व 23 रुपए प्रति किलोमीटर कलेक्शन ही मिल रहा है, ऐसे में निगम को बाकी के 14 से 15 रुपए खुद ही वहन करने होंगे और निगम में इसका अतिरिक्त खर्चा बढ़ेगा।

    डिपो का निर्माण शुरू

    पीएम ई बस संचालन के लिए रमौआ में डिपो निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। निगमायुक्त संघप्रिय ने बताया कि बसों के कलेक्शन के लिए एजेंसी अब राज्य सरकार द्वारा ही तय की जाएगी। पीएम ई बस सेवा को लेकर रमौआ पर डिपो निर्माण भी शुरू हो चुका है।

    शहरी कार्य मंत्रालय ने 100 बसों को दी मंजूरी

    केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय (Union Urban Affairs Ministry) ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में डीजल ईंधन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए प्रदेश के 8 नगर निगम में 972 पीएम ई बस सेवा को मंजूरी दी है। यह बसें शीघ्र संचालित हो इसके लिए नगरीय निकायों द्वारा बस डिपो और चार्जिंग से जुड़े सभी अधोसंरचना कार्य तेजी से करने के लिए गया है।

    इसमें ग्वालियर के लिए 100 ई-बसों को मंजूरी दी है। इसमें प्रथम चरण में 60 बसें नौ मीटर और दूसरे चरण में 40 बसें सात मीटर की आएंगी। बसों के लिए केन्द्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत राशि प्रदान करेगी। बसें एक बार में चार्ज होने पर 180 किलोमीटर तक आ-जा सकती है।