• बिजली का बिल हुआ अतीत, सूरज की रोशनी बनी आत्मनिर्भरता का जरिया

    रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी

    रायगढ़ में उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक – बचत भी, कमाई भी

    बिजली का बिल हुआ अतीत, सूरज की रोशनी बनी आत्मनिर्भरता का जरिया

    रायपुर

    सूरज की किरणें अब केवल जीवनदायिनी शक्ति ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का नया स्रोत भी बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बना दिया है। रायगढ़ जिले में यह योजना सैकड़ों परिवारों के जीवन को नई रोशनी दे रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक घरों की छत पर सौर पैनल लगाए जा चुके हैं। इस योजना का लाभ उठाने वाले परिवारों के अनुभव ही इसकी असली सफलता की कहानी बयां कर रही हैं।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी
    लोहरसिंह गांव के ईश्वर प्रसाद नायक ने बताया कि 3 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने के बाद अप्रैल में 267 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 577 रुपए की छूट मिली। मई में उनका पूरा उपभोग सौर ऊर्जा से पूरा हुआ और बिल शून्य हो गया। रायगढ़ के प्रदीप मिश्रा और प्रदीप पटेल ने बताया गया कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक शांति और आत्मनिर्भरता का अहसास भी कराया। हीरापुर कोतरा रोड के राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि जुलाई में उनके 3 किलोवॉट प्लांट से 507 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 4,178 रुपए की छूट मिली। वे अब अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं।

    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उपभोक्ता न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं। विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजना का लाभ समझा रही हैं। यह योजना केवल सस्ती बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को बचत और अतिरिक्त कमाई का अवसर देती है। परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करती है। पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देती है।  

    आकर्षक सब्सिडी और आसान प्रक्रिया

    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 15 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान करती है। 2 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। शेष राशि उपभोक्ता स्वयं वहन करेंगे, जिसे बैंक ऋण सुविधा के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। योजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जा रहा है। उपभोक्ता चउेनतलंहींत.हवअ.पद पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ता स्वयं ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वेंडर का चयन कर सकते हैं।

  • आपदा से निपटने की तैयारी: कोण्डागांव में 25 सितंबर को मॉक ड्रिल का आयोजन

    कोण्डागांव

    राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व, एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोण्डागांव के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 25 सितंबर 2025 दिन गुरूवार, प्रातः 10 बजे स्थान कोण्डागांव में बाढ़ पर एवं केशकाल में बिल्डिंग गिर जाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।

    यह मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह केवल एक प्रशिक्षण प्रक्रिया है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    नागरिकों से अपील की गई है कि अभ्यास के दौरान शांति बनाये रखे, तथा किसी भी प्रकार की घबराहट से बचें। साथ ही अफवाहों से बचने तथा दूसरों को सही जानकारी प्रदान करने करें। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।

  • प्लेसमेंट कैम्प में 17 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन

    गौरेला पेंड्रा मरवाही

    जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के सहयोग से सोमवार को आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में 17 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन किया गया। इनमें डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के 3, अप्रेन्टिशिप के 2ं, मशीन ऑपरेटर के 4 एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के 8 पदों के आवेदक शामिल हैं। शेष पदों पर द्वितीय साक्षात्कार के बाद चयन की प्रक्रिया निजी कंपनियों द्वारा 15 दिवस के भीतर की जाएगी। बता दें कि जिला रोजगार कार्यालय परिसर गौरेला में आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में चार निजी कंपनी द्वारा सेल्स एवं मार्केटिंग, फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अप्रेन्टिशिप, मशीन ऑपरेटर, मार्केटिंग डेवलपमेंट एक्जीक्यूटिव, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, ट्रेनिंग ऑफिसर, टीचर, मैनेजर एवं सर्वेयर के कुल 251 पदों के विरूद्ध 86 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और साक्षात्कार में भाग लिए।

  • नशा मुक्त भारत की ओर कदम: महासमुंद में सेवा मैराथन दौड़ की शुरुआत

    महासमुंद : नशा मुक्त भारत अभियान अंतर्गत सेवा मैराथन दौड़, कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    महासमुंद में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सेवा मैराथन दौड़, कलेक्टर ने दिखाई हरी झंडी

    नशा मुक्त भारत की ओर कदम: महासमुंद में सेवा मैराथन दौड़ की शुरुआत

    रास्ता बदल सकते है मंजिल को नहीं – विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा

    विजेताओं को किया गया सम्मानित

    महासमुंद

    जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा रजत जयंती समारोह एवं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आज नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सेवा मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। दौड़ की शुरुआत आयुष कार्यालय परिसर संजय कानन से हुई, जो कलेक्ट्रेट परिसर तक संपन्न हुई। मैराथन में युवा, बच्चे, दिव्यांग, बुजुर्ग, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रतिभागियों में जोश और उमंग का माहौल देखने को मिला। दौड़ समाप्ति पर प्रतिभागियों को प्रथम एवं द्वितीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    आज सुबह 8 बजे कलेक्टर  विनय लंगेह ने कार्यक्रम का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि आज युवाओं में नशे का प्रकोप बढ़ रहा है, जिसे रोकने जागरूकता आवश्यक है। स्वस्थ्य रहेंगे तभी स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। मैराथन एक माध्यम है कि हम स्वस्थ्य रहकर समाज को भी संदेश दे सकते हैं।
    कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि युवा ही राज्य के विकास की असली ताकत हैं। सबसे पहले हमें नशा मुक्त होने का संकल्प लेना चाहिए। संकल्प और एकता ही जीत की कुंजी है। नारी शक्ति का सम्मान कर हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आगे बढ़ना होगा। युवा गतिशील होता है, वह रास्ता बदल सकता है पर मंजिल नहीं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ के युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने मैराथन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।

    इस अवसर पर स्काउट गाइड संघ के अध्यक्ष  येतराम साहू ने कहा कि स्वस्थ्य रहना आज सबसे ज्यादा जरूरी है। जब हम स्वस्थ रहेंगे तभी राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी अच्छे से निभा सकेंगे। आज की मैराथन इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती मोगरा पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, महेंद्र सिक्का, राजू चंद्राकर, आनंद साहू, राहुल चंद्राकर, समाज सेवी डॉ. एकता लंगेह, अपर कलेक्टर रवि साहू, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक मती संगीता सिंह, आयुष के डॉ. ज्योति गजभिए, डॉ. सर्वेश दुबे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति का शपथ लिया। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस सेवा मैराथन ने स्वास्थ्य, एकता और समाज में नशामुक्ति का सशक्त संदेश दिया।

    पुरस्कार प्राप्त करने वालों में ओपन वर्ग मैराथन दौड़ अंतर्गत पुरूष प्रतिभागी में बलराम बरिहा  ने प्रथम एवं सत्येन्द्र कुमार तेन्दुलकर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा महिला प्रतिभागी में प्रथम स्थान हसिना एवं द्वितीय स्थान ज्योति ने हासित की। इसी तरह 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के मध्य मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में बंदन बाई चैहान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोटराईज्ड ट्रायसाकल मैराथन में लाकेश कुमार प्रथम स्थान पर एवं मानिक लाल चतुर्वेदी द्वितीय स्थान पर रहे। साथ ही ट्रायसाकल मैराथन में संजय परमार ने प्रथम स्थान एवं तेजस्वी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 2100 रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 1100 रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

  • अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने सार्वजनिक निजी भागीदारी से हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की दी स्वीकृति

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
    अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन
    13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी।

    हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा।

    इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा।

    सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।

    अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी।

    सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे। 

  • MP में मानसून विदाई से पहले बारिश की दस्तक, 25-26 सितंबर को हो सकती है तेज बौछारें

    भोपाल 

     मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बार-बार रंगत बदल रहा है। कहीं गरज चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी है तो कहीं लोग उमस से बेहाल नजर आए। कई राज्यों से मानसून की विदाई हो चुकी है लेकिन एमपी में अभी भी मानसून बरस रहा है, जो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है। विदाई से पहले प्रदेश में मानसून का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी में अगले 96 घंटे यानि 26-27 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग की माने तो 25 सितंबर के आसपास मौसम में बदलाव हो सकता है। वहीं आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में लोकल सिस्टम के कारण बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया गया है।

    दशहरे के आसपास अच्छी बारिश की संभावना

    मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने बताया कि अभी मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना, अभी एक दो दिन धूप, उमस रहेगी. इसके बाद गरज चमक के साथ बारिश(Heavy Rain), बौछारों की स्थिति बनती रहेगी। धूप, छांव, बादलों की स्थिति रहेगी। दशहरे के आसपास अच्छी बारिश हो सकती है। शहर से मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने के आसार है।

    भोपाल का मौसम

    अभी राजधानी भोपाल के मौसम का मिजाज भी इसी तरह रहने की संभावना है, वहीं 25 के आसपास मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। ऐसे में विदाई के पहले एक बार फिर मौसम रंगत बदल सकता है। इस बार सितंबर में शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश(Heavy Rain) का नजारा अलग दिखाई दिया है। ऐसे में शहर में खंडवृष्टि जैसी स्थिति दिखाई दी है। एक सितंबर से ही अगर बात की जाए तो सबसे ज्यादा बारिश अरेरा हिल्स में हुई है, जबकि बैरागढ़ में सबसे कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक की बारिश की स्थिति देखी जाए तो बैरागढ़ के मुकाबले अरेरा हिल्स में 10 इस इंच ज्यादा बारिश हुई है।

    प्रदेश में मानसूनी बारिश की स्थिति

    इस मानसूनी सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 20% अधिक बारिश हुई है। 16 जून से अब तक प्रदेश में कुल 43.9 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सीजन का सामान्य औसत 37 इंच है। इससे प्रदेश का मानसूनी कोटा 118% पूरा हो चुका है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 16% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24% अधिक बारिश हुई है। पूर्वी हिस्सों में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। वहीं, पश्चिमी हिस्सों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई है।
    जिलेवार बारिश का हाल

    सबसे अधिक बारिश वाले जिले: गुना (65.4 इंच), रायसेन (61.1 इंच), मंडला (60 इंच), श्योपुर (56.6 इंच), अशोकनगर (56 इंच)

    सबसे कम बारिश वाले जिले: खरगोन (26.8 इंच), शाजापुर (28.6 इंच), खंडवा (28.8 इंच), बड़वानी (29.8 इंच), धार (31.9 इंच)

    भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इंदौर और उज्जैन संभाग में शुरुआत में कम बारिश हुई थी, लेकिन सितंबर में हुई तेज बारिश से अधिकांश जिलों में सामान्य कोटा पूरा हो गया।
    आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। 25-26 सितंबर को नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। विशेष रूप से बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में भारी बारिश का अनुमान है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो 25-26 सितंबर के आसपास सक्रिय होगा। इससे प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी संभव है और कई जिलों में दो से तीन दिन तक तेज बारिश हो सकती है।
    मानसून की विदाई और तापमान

    मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई अक्टूबर के पहले सप्ताह तक होने की संभावना है। हालांकि, बारिश की कमी के कारण प्रदेश में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर माह में पहली बार अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार कर गया।

    भारी बारिश और मानसून की विदाई के बीच प्रदेश के किसानों को खेतों में काम करने का मौका मिलेगा, लेकिन गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों को असुविधा भी हो सकती है।

    सितंबर में शहर में कहां कितनी बारिश

    अरेरा हिल्स में 266 मिमी
    नवीबाग में 208.6 मिमी
    कोलार में 205.2 मिमी
    बैरागढ़ में 169.2 मिमी

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

    भोपाल

    राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर मुख्यमंत्री निवास में आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का पूजन कर प्रदेशवासियों की आरोग्यता एवं स्वास्थ्य की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद न केवल एक चिकित्सा विज्ञान है अपितु स्वस्थ जीवन जीने की कला भी है। उल्लेखनीय है कि आयुर्वेद को वैज्ञानिक, प्रमाण आधारित और समग्र चिकित्सा पद्धति के रूप में प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है।

     

  • 2025 की विश्व 2 प्रतिशत श्रेष्ठ वैज्ञानिक सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 11 प्रोफेसर चमके

    सागर
     डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षकों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की 2025 की सूची में स्थान मिला है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका और एल्सिवियर पब्लिशर्स ने 19 सितंबर, 2025 को 2 प्रतिशत श्रेष्ठ वैज्ञानिकों की सूची जारी की है. एल्सेवियर और स्टैनफोर्ड के द्वारा दो सूचियां बनाई जाती हैं. एक सूची में सम्पूर्ण कैरियर डेटा को आरम्भ से वर्ष के अंत तक संकलित किया जाता है. वहीं दूसरी सूची कैलेंडर वर्ष के दौरान प्राप्त साइटेशन के आधार पर बनाई जाती है.

    संपूर्ण कैरियर डेटा में 6 शिक्षकों के नाम

    सम्पूर्ण कैरियर डेटा की सूची में यूनिवर्सिटी के 6 शिक्षकों को स्थान मिला है. इसमें फार्मेसी विभाग के रिटायर प्रो. एनके जैन, प्रो. एसपी व्यास, प्रो. संजय कुमार जैन तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा रसायन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एपी मिश्रा शामिल हैं.

    वार्षिक सूची में 11 शिक्षकों के नाम

    वार्षिक सूची में फार्मेसी विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. एनके जैन, प्रो. एसपी व्यास, प्रो. संजय कुमार जैन, तथा कार्यरत डॉ. प्रशांत केशरवानी, डॉ. सुशील काशव, डॉ. वंदना सोनी, बॉटनी विभाग के प्रो. एमएल खान, डॉ. सोनल माथुर, माइक्रोबायोलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवीन कानगो तथा क्रिमिनोलॉजी एवं फोरेंसिंक साइंस विभाग की डॉ. वंदना विनायक शामिल हैं.

    मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की सभी यूनिवर्सिटीज में सबसे शानदार प्रदर्शन

    इस तरह यूनिवर्सिटी के 11 शिक्षक इस सूची में स्थान बनाने में सफल हुए हैं. यह मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के समस्त विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक है. इस सूची को विज्ञान के 22 क्षेत्रों और 174 उपक्षेत्रों से संबंधित वैज्ञानिकों के डाटाबेस एवं एल्सिवियर प्रकाशन और स्कोपस के विश्व स्तर के साइटेशन डेटाबेस के कम्पोजिट स्कोर के आधार पर तैयार किया जाता है. इस सूची में विश्वविद्यालय के कई पूर्व शिक्षक एवं पुरा छात्र, जो देश-विदेश विभिन्न संस्थाओ में कार्यरत हैं, भी शामिल हैं. शिक्षकों की उपलब्धि पर कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने शुभकामनाएं दी है.

     

  • मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना

    रायपुर : जन-जन की आस्था को मिला सहारा : नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बस सेवा

    माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय

    मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना

    कालीमाता सेवा समिति द्वारा निःशुल्क बस सेवा पूरे नवरात्रि में नौ दिन तक चलेगी

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर शहर के आकाशवाणी चौक स्थित माँ काली मंदिर से डोंगरगढ़ तक निःशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। रायपुर से माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बस सेवा का नि:शुल्क लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कालीमाता सेवा समिति की इस पहल की सराहना करते हुए समिति के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने माँ काली और माँ बम्लेश्वरी से छत्तीसगढ़ में खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की। साथ ही सभी प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं।

    माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम : मुख्यमंत्री  साय

    माँ काली सेवा समिति द्वारा संचालित यह नि:शुल्क बस सेवा पूरे नवरात्र पर्व के दौरान नौ दिनों तक लगातार चलेगी। इस सेवा के तहत प्रतिदिन चार बसें रायपुर से श्रद्धालुओं को डोंगरगढ़ तक ले जाएँगी और उन्हें दर्शन के उपरांत वापस रायपुर लाएँगी। मुख्यमंत्री ने आज चार बसों में लगभग दो सौ महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना

    बसों को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कालीमाता सेवा समिति पिछले दस वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से प्रत्येक नवरात्र में प्रतिदिन चार बसों से श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु ले जाती है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में दर्शन की लालसा हर सनातनी के मन में होती है। माँ के दर्शन की कल्पना मात्र से ही मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन कई बार परिस्थितिवश हर कोई दूर स्थित देवी स्थलों तक नहीं पहुँच पाता। ऐसे में यह बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। माँ बम्लेश्वरी के दरबार तक पहुँच श्रद्धालुओं के लिए अब और सुगम हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बस सेवा से समिति ने माँ बम्लेश्वरी के दर्शन का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही सेवा, समर्पण और समावेशिता का प्रेरक संदेश भी दिया है।

    मुख्यमंत्री ने चार बसों को दिखाई हरी झंडी : दो सौ श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए हुए रवाना

    मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में राजिम से रायपुर तक मेमू ट्रेन का भी शुभारंभ किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की कुंभनगरी राजिम के श्रद्धालुओं को माँ बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए और अधिक सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए कालीमाता सेवा समिति से जुड़े  चंद सुंदरानी,  दीपक भारद्वाज और सभी पदाधिकारियों को साधुवाद दिया। इस अवसर पर गृहमंत्री  विजय शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति से एक बस कवर्धा से डोंगरगढ़ तक चलाने का आग्रह किया।

    कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, विधायक  सुनील सोनी एवं  पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • गरबा-डांडिया में अब बिना पहचान पत्र नहीं मिलेगी एंट्री, भोपाल कलेक्टर ने जारी किए सख्त नियम

    भोपाल
     भोपाल में इस नवरात्रि के मौके पर गरबा और डांडिया को लेकर प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है. कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी पंडाल में बिना पहचान पत्र के एंट्री बिलकुल नहीं होगी. मतलब, अगर आप भूलकर भी अपने आईडी कार्ड के बिना पहुँचते हैं, तो पंडाल की दहलीज पार करना मुश्किल होगा.

    गरबा पंडाल के लिए नियम सख्त

    आयोजकों को भी अब हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके. इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम करना होगा. प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखने और Fire Safety Norms का पालन करना अब नियम बन गया है.

    प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी जरूरी है. यानी, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. इसके अलावा, आयोजन स्थल पर किसी को भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु, धारदार हथियार लेकर आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी शख्स द्वारा ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया जाना अपराध माना जाएगा.

    विद्युत सुरक्षा पर भी प्रशासन ने खास जोर दिया है. आयोजन स्थल पर बिजली से संबंधित सभी सुरक्षा इंतजाम करना और विद्युत विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. यह सभी निर्देश आयोजकों के लिए ‘मस्ट फॉलो’ हैं, और नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई होगी.

    बता दें कि भोपाल प्रशासन की तरफ से आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है जब मध्य प्रदेश में हिंदू संगठनों ने गरबा और डांडिया के पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की मांग की थी. हिंदू संगठनों ने कहा था कि 'जिहादियों' की नजर गरबा के पंडालों पर होती है. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के मशहूर कंप्यूटर बाबा ने भी हाल में कहा था कि जब सनातन का कार्यक्रम है तो इसमें सनातन के बाहर के लोगों को आना ही नहीं चाहिए. उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग का समर्थन किया था.

    इस आदेश के मुताबिक-

    •     गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नही दिया जावेगा।
    •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सी सी टी वी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।
    •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।
    •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।
    •     आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग / प्रदर्शन कर सकेगा।
    •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेगें एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा।

    भोपाल में गरबा जिहाद की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने गाइडलाइन की जारी।
    'जिहादियों का आना सख्त मना, पकड़े गए तो घर वापसी कराई जाएगी'

    वहीं, आपको बता दें कि भोपाल में गरबा पंडालों में होर्डिंग लगने शुरू हो गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- "गरबे के पंडाल में जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी या उचित व्यवस्था की जाएगी।" जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग अवधपुरी श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा पंडाल की टीम की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग पर लट्ठ और जूते-चप्पल की तस्वीर भी लगी है।
    एंट्री के लिए बने 5 नियम

    भोपाल में गरबा जिहाद से बचने और गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए गाइडलाइन भी बनाई गई है। हिंदू संगठनों की ओर से गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए ये पांच नियम तय किए गए हैं-:

        माथे पर तिलक
        हाथों में कलावा
        आधार कार्ड 
        गंगाजल गोमूत्र का आचमन
        वराह देवता-मां दुर्गा की तस्वीर का नमन

     

  • ग्वालियर में सड़क किनारे पेशाब से रोका तो भड़का दबंग, पिस्टल तानने पर पुलिस ने शुरू की जांच

    ग्वालियर
     शहर में आए दिन विवाद और दबंगई की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ताजा मामला सिरोल थाना क्षेत्र का सामने आया। यहां एक अज्ञात आरोपी पर ठेले वाले परिवार को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    अपने साथ हुई घटना की शिकायत लेकर मुंशी लाल पुत्र राम सिंह जाटव (38) थाने पहुंचे। पीड़ित फूटी कॉलोनी थाना सिरोल के पास रहता है। वह सचिन तेंदुलकर मार्ग पर अपने परिवार के साथ ठेला लगाकर गुजारा करता है। रात में उसके साथ ऐसी घटना हुई जिसकी उन्होंने सोचा भी नहीं था।

    परिवार ने रोका तो हुआ आग बबूला
    घटना 21 सितंबर 2025 की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। उसी समय एक इनोवा कार (क्रमांक एमपी 07 बीए 5474) से आरोपी वहां पहुंचा। वह ठेले के पास ही खुले में पेशाब करने लगा। जब फरियादी, उसकी पत्नी और बेटी ने इस पर आपत्ति जताई और रोकने का प्रयास किया। तब आरोपी आग-बबूला हो गया। उसने परिवार के साथ मां-बहन की गंदी गालियां दीं। फिर दबंगई दिखाते हुए कमर में लगी पिस्टल निकाल ली। आरोपी ने तकरीबन 20 मिनट तक पिस्टल लहराते हुए धमकाते हुए कहा कि तेरा ठेला बंद करवा दूंगा। आरोपी ने फरियादी को जान से मारने की धमकी देते हुए गाली-गलौज जारी रखी।

    सोशल मीडिया में वायरल वीडियो
    जब आरोपी परिवार को धमका रहा था। तब फरियादी की बेटी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। सोमवार देर रात घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आई। सिरोल थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। कार को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों की माने तो आरोपी रसूखदार भाजपा नेता है, जो दतिया जिले का रहने वाला है। वीडियो में अभद्र भाषा का उपयोग किया गया है। इसलिए जारी नहीं किया जा सकता है।

    आपको बता दें कि ग्वालियर में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जहां दबंग तत्व मामूली बात पर हथियार दिखाकर दहशत फैलाने से नहीं चूकते। हाल ही में कुछ नवयुवकों का भी बाइक पर कट्टा चलाते हुए रील वायरल हुई थी। जिनकी तलाश की जा रही है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ब्रिज से घरों में ताक-झांक पर रोक, अलका सिंह की याचिका पर आया आदेश

    जबलपुर 

    प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर की लैंडिंग व व्यवस्थाओं के संबंध में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मदन महल से दमोह नाका के बीच बने फ्लाईओवर पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच को सरकार की ओर से आश्वासन दिया। कहा-फ्लाईओवर के ऊपर, एंट्री-एक्जिट पॉइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे। व्यवस्था बनाने पर्याप्त बल भी तैनात किया जाएगा।

    व्यू कटर लगाने पर विचार होगा

    अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने कहा, फ्लाईओवर पर शोर का प्रभाव आसपास के लोगों पर न हो, इसलिए व्यू कटर लगाने की संभावनाओं पर विचार होगा। कोर्ट ने आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया। त्योहार में भीड़ को देखते हुए जल्द कार्रवाई के निर्देश के साथ कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।

    एमपीके वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने  खबरों की कटिंग्स कोर्ट (MP High Court) को दिखाई। फ्लाईओवर पर बस के गलत साइड से चलने व कार दुर्घटना की खबर थी। तर्क दिया-फ्लाईओवर के दोनों किनारों पर ग्रेटर नोएडा जैसे व्यू कटर लगाए जाएं, ताकि लोग ध्वनि प्रदूषण से बच सकें। लैंडिंग्स के आगे यू टर्न बनाए जाएं।

    बता दें कि अधिवक्ता अलका सिंह ने याचिका लगाई थी। अनैतिक गतिविधियों की भी की थी शिकायत। जिसमें कहा गया था यहां लोग वाहन रोकते हैं और ब्रिज के नीचे की ओर आसपास बने घरों में ताक-झांक करते हैं। कहा-लैंडिंग खतरनाक है, व्यू कटर का न होने से ब्रिज के आसपास रहने वालों की निजता का उल्लंघन हो रहा है। 

  • जगदलपुर : महिला पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षणार्थियों ने औद्योगिक क्षेत्रों का किया भ्रमण

    जगदलपुर

    छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर के द्वारा गत दिवस महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज जगदलपुर के चार ट्रेडों में चिन्हांकित 20 महिला प्रशिक्षणार्थियों को औद्योगिक क्षेत्रों का विजिट कराया गया। जिसमें मसाला उद्योग, बेकरी उत्पाद एवं बास कला केंद्र से संबंधित उद्योगों की जानकारियां प्राप्त की व उद्योग से संबंधित उनकी विभिन्न शंकाओं को उद्योगपतियों के द्वारा दूर किया गया। साथ ही इन प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक  अजीत सुन्दर बिलुंग, सहायक प्रबंधक  प्रफुल्ल कुमार लाखन, उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी और पॉलीटेक्निक के प्रशिक्षक  विपिन मिश्रा मौजूद थे ।

  • मिट्टी और पानी से फैलने वाला मेलियोइडोसिस बना चिंता का कारण, MP में अलर्ट, 40% मरीजों की मौत

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में नई बीमारी की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. इसको लेकर पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है. सीएम मोहन यादव भी इसको लेकर काफी एक्शन में नजर आ रहे हैं. उन्होंने मेलिओइडोसिस बीमारी की रिसर्च पर संज्ञान लेते हुए इसे रोकथाम के निर्देश दिए हैं. वहीं सीएम मोहन यादव ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और कृषि प्रमुख सचिव को संयुक्त रूप से मेलिओइडोसिस मरीजों की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य सिविर लगाने के लिए निर्देश दिए हैं.  मध्यप्रदेश में संक्रामक बीमारी मेलियोइडोसिस को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने अलर्ट जारी किया है। यह बीमारी मिट्टी और पानी में पाए जाने वाले बर्कहोल्डेरिया स्यूडोमेलाई नामक बैक्टीरिया से फैलती है। बरसात और नमी के मौसम में इसके संक्रमण की संभावना और बढ़ रही। 

    मेलियोइडोसिस को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उभरती हुई उपेक्षित बीमारियों की सूची में शामिल किया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्य, इसके नए हॉटस्पॉट बनते दिख रहे हैं।

    एम्स भोपाल की बीते मंगलवार को आई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह सालों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों से 130 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। यह बीमारी अब स्थानिक (एंडेमिक) रूप ले चुकी है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मेलियोइडोसिस से पीड़ित हर 10 मरीजों में 4 की मौत हो रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके लक्षण अक्सर टीबी जैसे लगते हैं, जिससे मरीजों को गलत इलाज मिलता है और संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाता है।

    20 जिलों में आ चुके केस एम्स की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 6 सालों में प्रदेश के 20 से अधिक जिलों से 130 से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी अब प्रदेश में स्थानिक (एंडेमिक) रूप ले चुकी है। एम्स ने डॉक्टरों और आम जनता दोनों से अपील की है कि लंबे समय तक ठीक न होने वाले बुखार और टीबी जैसे लक्षणों को हल्के में न लें।

    14 नए केस और WHO की चेतावनी एम्स भोपाल ने 2023 से अब तक चार विशेष प्रशिक्षण आयोजित किए हैं, जिनमें 50 से अधिक चिकित्सक और माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रशिक्षित हुए। हाल ही में 14 नए केस जीएमसी भोपाल, बीएमएचआरसी, जेके हॉस्पिटल, सागर और इंदौर से रिपोर्ट हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि पहचान की क्षमता बढ़ने से केस तेजी से सामने आ रहे हैं।

    बीमारी के लक्षण

    •     अचानक तेज बुखार और सेप्सिस (खून का संक्रमण)
    •     कम्युनिटी-एक्वायर्ड न्यूमोनिया (फेफड़ों का संक्रमण)
    •     त्वचा और मुलायम ऊतक (Soft Tissue) में संक्रमण
    •     लिवर, प्लीहा, प्रोस्टेट या पैरोटिड ग्रंथि में गहरे फोड़े (Abscess)
    •     हड्डियों और जोड़ों का संक्रमण (ऑस्टियोमायलाइटिस, सेप्टिक आर्थ्राइटिस)
    •     लंबे समय में यह टीबी जैसा दिख सकता है — वजन घटना, खांसी, बुखार और फेफड़ों में इन्फेक्शन

    एम्स की सलाह यदि किसी को 2–3 हफ्तों से अधिक बुखार है, एंटी-टीबी दवा से लाभ नहीं हो रहा या बार-बार फोड़े बन रहे हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ से मेलियोइडोसिस की जांच करवाएं। यही सावधानी जीवन बचा सकती है।

    इन जांच से होगी रोग की पुष्टि

        खून, पस, थूक, यूरिन या सीएसएफ (रीढ़ के तरल) का सैंपल
        ब्लड एगर, मैककॉनकी या ऐशडाउन मीडियम पर कल्चर टेस्ट
        माइक्रोस्कोप में सुरक्षा-पिन जैसे धब्बे (Safety-pin staining)
        यह बैक्टीरिया ऑक्सीडेज पॉजिटिव और अमिनोग्लाइकोसाइड्स/पोलिमिक्सिन रेसिस्टेंट होता है
        जहां संभव हो, पीसीआर टेस्ट से पुष्टि

    एडवाइजरी में दिए बचाव के उपाय

    •     खेत में काम करते समय जूते-दस्ताने पहनें
    •     खुले घाव को मिट्टी-पानी से बचाकर रखें
    •     संदिग्ध लक्षण पर तुरंत जांच
    •     समय पर एंटीबायोटिक उपचार
    •     डॉक्टर के बताए कोर्स का पालन

    कैसे फैलता है ये बैक्टीरिया?

    मेलियोइडोसिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो इंसानों और जानवरों दोनों को प्रभावित करता है. खास तौर से यह दूषित मिट्टी, पानी या हवा से शरीर में प्रवेश करता है. खासतौर से अगर त्वचा पर घाव है तो यह बैक्टीरिया जल्दी शिकार बना सकता है, इसके अलावा दूषित खाने या पानी की वजह से भी ये शरीर में प्रवेश कर जाता है. ये किसी व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता. खासतौर से बारिश, तूफान या बाढ़ के बाद इसके मामले ज्यादा बढ़ जाते हैं क्योंकि यह बैक्टीरिया मिट्टी की सतह पर आ जाता है. पहले इस बीमारी के मामले कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा में ज्यादा सामने आते हैं, मगर अब यह मध्य प्रदेश में तेजी से पैर पसार रही है.
    20 जिलों में सामने आए मामले

    मेलियोइडोसिस बैक्टीरिया के मामले अब तक मध्य प्रदेश के 20 जिलों में सामने आ चुके हैं. खास तौर से ये ग्रामीण इलाकों में ज्यादा फैल रहा है, अब तक मध्य प्रदेश में इसके 130 मामले सामने आ चुके हैं. AIIMS भोपाल की ओर से हाल ही में इस पर एक रिपोर्ट भी जारी की गई है, इसमें बताया गया है कि इस बीमारी की वजह से हर 10 में से 4 लोगों की मौत हो जाती है. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि यह बैक्टीरिया पानी, मिट्टी की वजह से फैल रहा है.
    टीबी जैसे लक्षण, अनदेखी न करें

    एम्स भोपाल की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बैक्टीरिया के लक्षण टीबी की तरह हैं, हाल ही में इसके 14 नए मामले सामने आए हैं जो मध्य प्रदेश के अलग अलग हॉस्पिटल्स में इलाज करा रहे हैं. एम्स की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर किसी को टीबी के लक्षण भी नजर आएं तो तुरंत जांच कराएं. रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में एक 45 वर्षीय किसान मेलियोइडोसिस से पीड़ित था, लेकिन वह कई महीने तक टीबी का इलाज ही कराता रहा, जिससे उसकी हालत बिगड़ती रही, बाद में बैक्टीरिया की बात सामने आने के बाद ही उसे बचाया जा सका.
    क्या हैं इसके लक्षण, कब आते हैं नजर?

    मेलियोइडोसिस का सबसे बड़ा लक्षण बुखार है. बैक्टीरिया के संपर्क में आने से खासी और सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है. इसके अलावा शरीर में फोड़े और घाव की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा सिरदर्द, पेट दर्द, मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रह सकती है. गंभीर मामलों में निमोनिया, सेप्सिस तथा मौत तक हो सकती है. इसके लक्षण 1 से 3 सप्ताह में दिख सकते हैं, कई बार इसके लक्षण महीनों या सालों बाद भी नजर आ सकते हैं. यह किसी एक अंग को या पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है. एम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों को डायबिटीज, लिवर या किडनी की बीमारी पहले से, उन्हें इससे ज्यादा खतरा है. इसके अलावा कैंसर रोगी, कमजोर इम्युन सिस्टम वाले लोगों को भी इससे सावधान रहना चाहिए.
    बचाव के लिए क्या करें?

    मेलियोइडोसिस एक घातक बीमारी है, 10 से 4 लोगों की इससे मौत हो सकती है. इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत ही इसका इलाज लेना चाहिए. बीमारी के बारे में जानकारी होने के बाद 2 से 8 सप्ताह तक एंटीबायोटिक्स इंजेक्शन लगते हैं, इसके अलावा 3 से 6 माह तक दवा खानी होनी होती है, बस इसका कोर्स करना जरूरी है. इससे बचाव के लिए जरूरी ये है कि अगर घाव है तो मिट्टी और दूषित पानी से दूर रहें, डॉक्टरों को लक्षण बताएं.

  • रायपुर : प्रदेश में अब तक 1049.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1049.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। 

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 910.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 772.2 मि.मी., गरियाबंद में 939.5 मि.मी., महासमुंद में 764.3 मि.मी. और धमतरी में 949.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1092.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1285.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 922.8़ मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1249.1 मि.मी., सक्ती में 1157.0 मि.मी., कोरबा में 1057.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 800.2 मि.मी., कबीरधाम में 766.9 मि.मी., राजनांदगांव में 885.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1252.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 792.0 मि.मी. और बालोद में 1091.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 736.3 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1029.2 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1445.5 कोंडागांव जिले में 983.3 मि.मी., कांकेर में 1174.1 मि.मी., नारायणपुर में 1263.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1401.5 मि.मी., सुकमा में 1118.4 मि.मी. और बीजापुर में 1440.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • गजेन्द्र यादव ने रायपुर में किया हाथकरघा बुनकर संघ के गोदाम का अवलोकन

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्या., रायपुर द्वारा संचालित महामाया गृह निर्माण प्रा. लि. डुमरतराई स्थित एल.के. लॉजिस्टिक पार्क फेस–02, धमतरी रोड, रायपुर में स्थापित गोदाम का अवलोकन आज माननीय ग्रामोद्योग मंत्री  गजेन्द्र यादव ने किया।

    इस अवसर पर ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े ने मंत्री जी को जानकारी दी कि राज्य के बुनकरों द्वारा गणवेश वस्त्र, रेडीमेड गणवेश, धागा चादर, दरी, सेलुलर डील मच्छरदानी, जेकार्ड पर्दा, बस्ता, क्लॉथ, पोलिएस्टर साड़ी, मेडिकल चादर और ग्रीन क्लॉथ सहित लगभग 60 प्रकार के वस्त्रों का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में संघ के पास रंगीन चादर लगभग 4.00 लाख नग, उलन कंबल 1.69 लाख नग, पोलिएस्टर साड़ी 1.90 लाख नग, दरी 18 हजार नग तथा अन्य हाथकरघा वस्त्र एवं सामग्री सहित कुल 225 करोड़ रुपये का वस्त्र स्टॉक उपलब्ध है।

    माननीय मंत्री  यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में आपूर्ति हेतु केवल राज्य के बुनकरों द्वारा उत्पादित वस्त्रों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इससे राज्य के कुटीर एवं हाथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बुनकरों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध होगा।अवलोकन के दौरान मंत्री जी के ओ.एस.डी एवं  अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित  थे।

  • महाविद्यालय मैहर ने गोदग्राम मानपुर में चलाया स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान

    मैहर
    महाविद्यालय मैहर में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत गोदग्राम मानपुर में स्वच्छता सेवा पखवाड़ा अभियान चलाया गया प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैहर  प्राचार्य डॉ राजेश सिंह के निर्देशन में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 के मध्य चलाए जा रहे स्वच्छता ही सेवा है पखवाड़ा के अंतर्गत दिनांक 23.9.2025 को गोदग्राम मानपुर में स्वच्छता सेवा एवं एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया l यह अभियान में खैर माई मंदिर के चारों ओर साफ सफाई एवं पौधारोपण किया गया l साथ ही खेती एवं पौधों में जैविक उर्वरक देने के विषय में भी बताया गया l 

    इस अभियान में महाविद्यालय के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ ममता गुप्ता , सेवानिवृत्ति अभियंता श्री राजेश कुमार गुप्ता,राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, समाजसेवी एवं वैश्य समाज के अध्यक्ष श्री मिथिलेश गुप्ता, सेवानिवृत्ति बैंक  प्रबंधक कैलाश चौरसिया, शिक्षक रामनारायण सोनी, एवं शिवनारायण सोनी तथा पुलिस विभाग से श्रवण कुमार सोनी उपस्थित रहे l इसके साथ ही साथ गोद ग्राम मानपुर से रामनरेश एवं शिव प्रसाद आदि ग्रामवासी  उपस्थित रहे l   सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत निरंतर कार्यक्रमों का आयोजन महाविद्यालय में हो रहा है….

  • पालतू चूहा कहना पत्नी की मानसिक क्रूरता, ससुराल से दूरी पर अड़ी रही महिला: हाईकोर्ट

    बिलासपुर 
    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी द्वारा पति को ‘पालतू चूहा’ कहने और ससुराल के माता-पिता से अलग रहने की जिद को मानसिक क्रूरता करार दिया है. अदालत ने फैमिली कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए पति को तलाक की मंजूरी दे दी. साथ ही, पत्नी को 5 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता और बेटे के लिए मासिक भत्ता देने का आदेश दिया है.

    मामला एक दंपती का है, जहां पत्नी ने पति पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने पत्नी के व्यवहार को ही क्रूरता माना. कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा, भारतीय संयुक्त परिवार व्यवस्था में पति को माता-पिता से अलग करने की जिद रखना स्पष्ट रूप से मानसिक क्रूरता है. न्यायमूर्ति ने जोर देकर कहा, पारंपरिक परिवार संरचना में ऐसी मांगें वैवाहिक संबंधों को तोड़ने का आधार बन सकती हैं.

    फैमिली कोर्ट का फैसला सही
    फैमिली कोर्ट ने पहले ही पति की याचिका पर तलाक मंजूर किया था, लेकिन पत्नी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी. सुनवाई के दौरान पति ने दावा किया कि पत्नी का अपमानजनक व्यवहार और अलग रहने की जिद ने उनके जीवन को नर्क बना दिया. अदालत ने सबूतों की जांच के बाद फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया.

    यह फैसला वैवाहिक विवादों में मानसिक क्रूरता की परिभाषा को विस्तार देता है.

    पीड़ित पतियों को राहत मिलेगी!
    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है हाईकोर्ट के इस फैसले से पतियों को राहत मिलेगी, जो पत्नियों के ऐसे व्यवहार से परेशान हैं. वहीं, इस मामले में पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश देकर अदालत ने आर्थिक न्याय भी सुनिश्चित किया. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पति ने राहत की सांस ली.

  • कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में आयुर्वेद दिवस समारोह आज, मुख्यमंत्री करेंगे 10वें संस्करण का शुभारंभ

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

    इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे।

    MoU और हेल्पलाइन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राज्य स्तरीय "10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस" का शुभारंभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में दोपहर 3 बजे करेंगे. कार्यक्रम में साथ ही आयुष वैलनेस टूरिज्म अंतर्गत आयुष विभाग एवं पर्यटन विभाग के मध्य एमओयू होगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का 55 जिले की 55 इकाई में प्रसार एवं कैंसर रोगियों के लिए "कारुण्य" कार्यक्रम और औषधि पौधों के लिए हेल्पलाइन का शुभारंभ करेंगे. साथ ही एस.एम.पी.बी. की 'मध्य हर्बल दर्पण' पत्रिका का विमोचन और जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी करेंगे. कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी.

    एमपी सरकार के यह मंत्री रहेंगे कार्यक्रम में मौजूद

    अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर और संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी शामिल होंगे।

    क्यों खास है 23 सितंबर की तारीख?

    आयुर्वेद निवारक स्वास्थ्य देखभाल और कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अब तक आयुर्वेद दिवस धनतेरस के दिन मनाया जाता था. हिंदू कैलेंडर पर आधारित होने के कारण आयुर्वेद अंग्रेजी कैलेंडर पर इसकी तारीख हर साल बदलती रहती थी.

    आयुष मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया कि अगले दशक में धनतेरस की तारीख 15 अक्टूबर से 12 नवंबर के बीच व्यापक रूप से बदलती रहेगी, जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजनों को करने में तार्किक चुनौतियां उत्पन्न होंगी.

    इस असंगति को दूर करने और राष्ट्रीय तथा वैश्विक उत्सवों के लिए एक स्थिर संदर्भ बिंदु स्थापित करने के लिए आयुष मंत्रालय ने उपयुक्त विकल्पों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया. विशेषज्ञ पैनल ने चार संभावित तारीखों का प्रस्ताव रखा, जिसमें 23 सितंबर की तारीख सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में सामने आई. यह निर्णय व्यावहारिक और प्रतीकात्मक दोनों विचारों पर आधारित था.

    नई तारीख 23 सितंबर, शरद विषुव के साथ मेल खाती है, जब दिन और रात लगभग बराबर होते हैं. यह खगोलीय घटना प्रकृति में संतुलन का प्रतीक है, जो आयुर्वेद दर्शन के साथ पूर्ण रूप से मेल खाती है, जो मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन पर जोर देती है.

  • जीएसटी सुधार विकसित भारत के निर्माण में साबित होंगे मील का पत्थर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    घटी जीएसटी, मिला बचत का मीठा उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत
    जीएसटी सुधार विकसित भारत के निर्माण में साबित होंगे मील का पत्थर
    व्यापारियों से संवाद कर जीएसटी दरों में कटौती से होने वाले लाभों की दी जानकारी
    स्वदेशी वस्तुएं ही अपनाने की अपील की
    जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में आई रौनक
    मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स प्रचार कार्यक्रम में खरीदी स्वदेशी वस्तुएँ
    चौक बाजार में बचत उत्सव में व्यापारियों और आमजन से की भेंट

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्वप्न केवल संकल्प नहीं, बल्कि जल्द ही साकार होने वाला यथार्थ है। इसके लिए देश के हर नागरिक को बराबर का सहयोगी और साथी बनना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी दरों में कटौती कर देशवासियों को बचत का मीठा उपहार दिया है। केंद्र सरकार की बचत संबंधी यह पहल देशवासियों को दीपावली की सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम "बचत उत्सव" के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवारा क्षेत्र की पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी हाउस तक बाजार में पैदल भ्रमण कर दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा की। जीएसटी दरों में कटौती होने से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी जाहिर भी की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से स्वदेशी वस्त्रों और परिधानों की खरीददारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में खरीददारी करने आए ग्राहकों और आमजनों से भी आत्मीय भेंट की। बाजार में पैदल भ्रमण एवं भेंट के दौरान दुकानदार और आमजन ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों में व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि आज से देशभर में लागू हुई नई जीएसटी कटौती दरें जनता के जीवन में बचत और समृद्धि लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ यह कदम देशवासियों के लिए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब हम अपने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यापारियों के साथ जीएसटी कटौती पर चर्चा की और उन्हें मिठाई खिलाकर जीएसटी बचत उत्सव की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में विजयवर्गीय ज्वेलर्स पहुंचे। यहां प्रतिष्ठान स्वामी ने मिष्ठान खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रमण के दौरान मान्यवर, रिवाज, जानकी साड़ी, धरा ज्वेलर्स, सत्यम फैब्रिक्स ओर दीपाली साड़ी हाउस पहुंचे और सभी दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। उन्होंने दुकान स्वामियों को जीएसटी की नई दरों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों और ग्राहकों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं और त्यौहारी सीजन में अपने लिए कुछ कपड़े भी खरीदे, पक्का बिल बनवाया और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सभी को डिजिटल पेमेंट से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से नई जीएसटी दरों का प्रचार-प्रसार करने और जन-जन तक जीएसटी में कटौती का संदेश पहुंचाने के अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

    व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों से संवाद

    चौक बाजार में पैदल भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला में विभिन्न व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से रूबरू होकर आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आने वाले सभी त्यौहरों सहित दीपावली की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से देशवासियों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार गुलजार होंगे और अंततः सरकारों को जनकल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुधार से व्यापारी और उद्योगपति बंधु भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग कर दरों की दुविधाओं से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के सिर्फ 2 स्लैब हैं। दैनिक जरुरतों की लगभग सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में रखी गई हैं। केवल विलासितापूर्ण वस्तुओं (लग्जरी आईटम्स) को ही 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। नवरात्रि के पहले ही दिन से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो चुका है। हम सभी को स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी अपनाकर ही हम अपने देश को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी घटने से बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी आम जनता के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीएसटी घटाकर व्यापारियों के साथ ही आम जनता को दीपावली का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी ही देश और प्रदेश के विकास का मूल आधार है। स्वदेशी हमारी आजादी के दौर का कारगर हथियार था। अब इसी स्वदेशी को अपनाकर भारत दुनिया की चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो, यही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने जीएसटी कटौती से पहले आयकर सुधारों से आम जनता को राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी व्यापारी बंधुओं से 'गर्व से कहो-यह स्वदेशी है' का उद्घोष कराया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज सहित सभी को सोमवार को ही महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।

    कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन पूजन भी किये

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौक बाजार में अपने भ्रमण की शुरूआत कर्फ़्यू वाली माता मंदिर से की। मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र की घट स्थापना के अवसर पर कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा कन्याओं का शुभाशीष भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार भ्रमण के दौरान डमरू बजाकर अपना आह्लाद प्रकट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों पर जीएसटी की कम हुई दरों के उपहार का पोस्टर लगाया। मुख्यमंत्री का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

    जीएसटी की नई दरों के संदर्भ में बाजार में पैदल भ्रमण से जनजागरण तथा व्यापारिक, सामाजिक संगठनों एवं आमजनों से संवाद कार्यक्रम के दौरान भोपाल सांसद  आलोक शर्मा, विधायक दक्षिण-पश्चिम  भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर मती मालती राय, समाजसेवी  रविन्द्र यति,  राहुल कोठारी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न व्यापारी एवं वाणिज्यिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनि‍धियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।