• सम्पदा 2.0 को मिला ई-गवर्नेंस अवार्ड

    पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में अग्रणी बना मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल संपदा 2.0 को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार-2025 से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पेपरलेस और फेसलेस पंजीयन की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रणी बना है।

    यह सम्मान तकनीक के माध्यम से शासन व्यवस्था में परिवर्तन लाने की श्रेणी- गवर्नमेंट प्रोसेस री-इंजीनियरिंग बाई यूज ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन-में प्रदान किया गया है। विशाखापट्टनम में ई-गवर्नेंस पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह एवं सचिव भारत सरकार डीएआरपीजी श्री वी. श्रीनिवास ने महानिरीक्षक पंजीयन श्री अमित तोमर तथा संपदा परियोजना अधिकारी श्री स्वप्नेश शर्मा को यह अवार्ड प्रदान किया।

    ई-गर्वेनेंस अवार्ड मिलना प्रदेश के लिए ऐतिहासिक : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

    उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सम्पदा 2.0 ने संपत्ति एवं दस्तावेजों के पंजीयन को पूर्णत: पेपरलेस और फेसलेस बना दिया है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली नागरिकों को बिना कार्यालय आए सुरक्षित और सरल पंजीयन की सुविधा देती है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार ने केवल प्रदेश की तकनीकी दक्षता को प्रमाणित किया है, बल्कि सुशासन और नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और गति लाने की दिशा में मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया है।

    उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। सम्पदा 2.0 से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है, बल्कि निवेश और व्यावसायिक वातावरण को भी मजबूती मिली है। उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के सुशासन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

    मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन वीडियो केवाईसी के माध्यम से संभव हुआ है। यह प्रक्रिया छद्मरूपण एवं भूमि विवादों को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है।

    सम्पदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब नागरिक कहीं से भी, कभी भी www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल अथवा मोबाइल एप से ई-स्टाम्प प्राप्त कर सकते हैं और राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देख सकते हैं। पंजीयन पूर्ण होते ही दस्तावेज ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार राज्य को लास्ट माइल कनेक्टिविटी श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्राप्त हुआ था। लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर हासिल यह उपलब्धि प्रदेश की तकनीक आधारित पारदर्शी कार्यप्रणाली और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।

     

  • सात-समंदर पार धार के बाग-प्रिंट की धूम

    मध्यप्रदेश के शिल्पकार मोहम्मद खत्री "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" अवॉर्ड से सम्मानित
    कोकन अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव में बाग प्रिंट को मिली मान्यता

    भोपाल

    भारत की अनमोल धरोहर और मध्यप्रदेश के धार जिले की शान बाग प्रिंट ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। उज़्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर कोकन में 19 से 21 सितंबर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव-2025 में बाग प्रिंट के युवा शिल्पकार मोहम्मद खत्री ने अपनी अद्भुत कारीगरी से सबका मन मोह लिया। इस महोत्सव में 70 देशों के 278 मास्टर कारीगरों ने भाग लिया। भारत से केवल 2 शिल्पकार महोत्सव में शामिल हुए।

    महोत्सव में श्री मोहम्मद खत्री को उनकी बाग प्रिंट कला और परंपरा के संरक्षण के लिये "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" के अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उन्हें उज़्बेकिस्तान के फरगना रीजन के गवर्नर ख़ैरुल्लो बोज़ारोव ने प्रदान किया। विदेशी फैशन डिजाइनर्स और कला समीक्षकों ने भी माना कि श्री खत्री की बाग प्रिंट कला "विश्वस्तरीय फैशन का भविष्य" है। उन्होंने इसे सस्टेनेबल टेक्सटाइल की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। वर्ष 2017 में श्री खत्री को बैंकॉक (थाईलैंड) में इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर क्रिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं मलेशिया के कुआलालम्पुर इंटरनेशनल क्रॉफ्ट्स फेस्टिवल में भी उन्होंने बाग प्रिंट की अद्वितीय छाप छोड़ी थी। देश में भी श्री खत्री निरंतर बाग प्रिंट की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। देशभर में कई राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में उन्होंने अपनी कला से दर्शकों का दिल जीता है।

    बाग प्रिंट कला के साथ संस्कृति की पहचान

    मोहम्म्द खत्री ने कहा कि इस सम्मान के पीछे मेरे पूर्वजों की मेहनत, परिवार की परंपरा और भारत की मिट्टी की खुशबू है। बाग प्रिंट सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की पहचान है। इस कला को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना चाहता हूँ ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी परंपरा और संस्कृति से जुड़ी रहें।

     

  • प्रधानमंत्री जन-मन योजना से सहरिया समुदाय को मिला नव जीवन : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल ने युवाओं से समाज सेवा के लिए आगे आने का किया आह्वान

    भोपाल

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान कार्ड की सुविधाओं से जनजातीय समुदाय को नव जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान उन्होंने आवास हितग्राहियों से चर्चा की है। सभी का कहना है कि उनके मकान पक्के होंगे, सोचा भी नहीं था। लोक शक्ति रथ के यात्रियों ने आयुष्मान भारत योजना को सभी के लिए जीवन दायिनी बताया है। राज्यपाल  पटेल सोमवार को मुरैना विकासखंड के ग्राम धनेला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टीबी रोगियों से मुलाकात की और रोगियों को निक्षय मित्र के रूप में फलों की टोकरी भेंट की।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा पीढ़ी को समाज सेवा के कार्यों में सहभागिता करनी चाहिए। वंचितों और गरीबों की सेवा के लिए अपना कर्तव्य समझकर आगे आना चाहिए। समाज की सेवा का सबसे प्रभावी तरीका शिक्षा है। शिक्षित युवाओं का आव्हान किया है कि सेवा पखवाड़े के दौरान सेवा के कार्यों में आगे बढ़कर सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि टी.बी. एक रोग मात्र है और नियमित दवाएं, उचित पोषण से मरीज 6 माह में ठीक हो सकते हैं। जरूरत रोग के बारे में सही जानकारी होने और उचित दवाएं लेने की है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाए गए सेवा पखवाड़े के दौरान 2 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर लग रहे हैं। जाँच के साथ ही जरूरत के अनुसार दवाएं भी निःशुल्क दी जा रही है।

    राज्यपाल   पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा जनजातीय आबादी के कल्याण और विकास के लिए प्रदेश में धरती आबा योजना लागू की है। अत्यंत पिछड़े जनजातीय समूह बैगा, भारिया और सहरिया के विकास और कल्याण के लिए क्रांतिकारी पहल प्रधानमंत्री जन-मन योजना के द्वारा की गई है। योजना के लिए केन्द्र सरकार ने 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जनजातीय बहनों, भाईयों के लिए विकास और कल्याण के सभी कार्य और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से किया जाए। सबसे वंचित को सबसे पहले लाभान्वित करने के लिए प्राथमिकता निर्धारित कर हितग्राहियों को लाभान्वित करना चाहिए।

    राज्यपाल ने श्रीअन्न से बने हलवे का स्वाद चखा

     राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और आजीविका मिशन की प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। आगनवाड़ी कार्यक्रर्ताओं द्वारा पोषण अभियान के तहत बाटे जाने वाले विभिन्न व्यंजनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने हलवे का स्वाद भी चखा और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन किया।

    हितग्राहियों के गृह प्रवेश में शामिल हुए

    राज्यपाल  पटेल ने ग्राम धनेला में हितग्राही   दिलीप,  बंटी एवं   पप्पू सहरिया को नये आवास में प्रवेश कराया।   दिलीप सहरिया की पत्नी ने अपने घर की सुखद अनुभूतियां राज्यपाल के साथ साझा की। इस अवसर पर सांसद   शिवमंगल सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष  आरती गुर्जर, सबलगढ़ विधायक  सरला रावत एवं प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास – मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का सपना होगा साकार

    नारायणपुर के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता : दो इनामी नक्सली ढेर

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों की ओर से चलाए गए सफल अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 2 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। दोनों पर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव ही नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और भी गति प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री ने इस अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी बहादुरी और समर्पण से ही प्रदेश आज शांति और विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विज़न और माननीय केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह जी के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब पहले से कहीं अधिक निकट और निश्चित होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अवश्य साकार होगा।

  • घटी जीएसटी, मिला बचत का मीठा उपहार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    हम सब मिलकर बनायेंगे आत्मनिर्भर और विकसित भारत
    जीएसटी सुधार विकसित भारत के निर्माण में साबित होंगे मील का पत्थर
    व्यापारियों से संवाद कर जीएसटी दरों में कटौती से होने वाले लाभों की दी जानकारी
    स्वदेशी वस्तुएं ही अपनाने की अपील की
    जीएसटी दरों में कटौती से बाजार में आई रौनक
    मुख्यमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स प्रचार कार्यक्रम में खरीदी स्वदेशी वस्तुएँ
    चौक बाजार में बचत उत्सव में व्यापारियों और आमजन से की भेंट

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्वप्न केवल संकल्प नहीं, बल्कि जल्द ही साकार होने वाला यथार्थ है। इसके लिए देश के हर नागरिक को बराबर का सहयोगी और साथी बनना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जीएसटी दरों में कटौती कर देशवासियों को बचत का मीठा उपहार दिया है। केंद्र सरकार की बचत संबंधी यह पहल देशवासियों को दीपावली की सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के ऐतिहासिक चौक बाजार में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के प्रचार कार्यक्रम "बचत उत्सव" के तहत व्यापारियों और आमजन से संवाद कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवारा क्षेत्र की पुलिस चौकी से दीपाली साड़ी हाउस तक बाजार में पैदल भ्रमण कर दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीयतापूर्ण चर्चा की। जीएसटी दरों में कटौती होने से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मिष्ठान खिलाकर अपनी खुशी जाहिर भी की। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से स्वदेशी वस्त्रों और परिधानों की खरीददारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में खरीददारी करने आए ग्राहकों और आमजनों से भी आत्मीय भेंट की। बाजार में पैदल भ्रमण एवं भेंट के दौरान दुकानदार और आमजन ने मुख्यमंत्री का पुष्पवर्षा कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों में व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि आज से देशभर में लागू हुई नई जीएसटी कटौती दरें जनता के जीवन में बचत और समृद्धि लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुआ यह कदम देशवासियों के लिए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग तभी प्रशस्त होगा, जब हम अपने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यापारियों के साथ जीएसटी कटौती पर चर्चा की और उन्हें मिठाई खिलाकर जीएसटी बचत उत्सव की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चौक बाजार में विजयवर्गीय ज्वेलर्स पहुंचे। यहां प्रतिष्ठान स्वामी ने मिष्ठान खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भ्रमण के दौरान मान्यवर, रिवाज, जानकी साड़ी, धरा ज्वेलर्स, सत्यम फैब्रिक्स ओर दीपाली साड़ी हाउस पहुंचे और सभी दुकानों में जीएसटी बचत उत्सव के स्टीकर्स चिपकाए। उन्होंने दुकान स्वामियों को जीएसटी की नई दरों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानदारों और ग्राहकों को नवरात्रि और दशहरा की शुभकामनाएं दीं और त्यौहारी सीजन में अपने लिए कुछ कपड़े भी खरीदे, पक्का बिल बनवाया और यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सभी को डिजिटल पेमेंट से जुड़ने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से नई जीएसटी दरों का प्रचार-प्रसार करने और जन-जन तक जीएसटी में कटौती का संदेश पहुंचाने के अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

    व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों से संवाद

    चौक बाजार में पैदल भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री मोतीलाल मन्नूलाल धर्मशाला में विभिन्न व्यापारिक, वाणिज्यिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से रूबरू होकर आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आने वाले सभी त्यौहरों सहित दीपावली की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से देशवासियों की बचत बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। बढ़ी हुई क्रय शक्ति से बाजार गुलजार होंगे और अंततः सरकारों को जनकल्याण एवं विकास कार्यक्रमों के लिए अधिक आर्थिक संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस सुधार से व्यापारी और उद्योगपति बंधु भी राहत महसूस करेंगे, क्योंकि अब उन्हें अलग-अलग कर दरों की दुविधाओं से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आज से जीएसटी की नई दरें लागू हो चुकी हैं। अब 5 और 18 प्रतिशत के सिर्फ 2 स्लैब हैं। दैनिक जरुरतों की लगभग सभी वस्तुएं 5 प्रतिशत स्लैब में रखी गई हैं। केवल विलासितापूर्ण वस्तुओं (लग्जरी आईटम्स) को ही 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को बड़ी सौगात दी है। नवरात्रि के पहले ही दिन से देश में जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो चुका है। हम सभी को स्वदेशी को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी अपनाकर ही हम अपने देश को दुनिया में अग्रणी राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी घटने से बाजारों की रौनक कई गुना बढ़ गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी आम जनता के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीएसटी घटाकर व्यापारियों के साथ ही आम जनता को दीपावली का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी ही देश और प्रदेश के विकास का मूल आधार है। स्वदेशी हमारी आजादी के दौर का कारगर हथियार था। अब इसी स्वदेशी को अपनाकर भारत दुनिया की चौथी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। राज्य सरकार की मंशा है कि स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों की खपत स्थानीय स्तर पर ही हो, यही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीएसटी कटौती से पहले आयकर सुधारों से आम जनता को राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी व्यापारी बंधुओं से 'गर्व से कहो-यह स्वदेशी है' का उद्घोष कराया। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज सहित सभी को सोमवार को ही महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। भोपाल चेंबर ऑफ कामर्स द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।

    कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन पूजन भी किये

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौक बाजार में अपने भ्रमण की शुरूआत कर्फ़्यू वाली माता मंदिर से की। मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र की घट स्थापना के अवसर पर कर्फ़्यू वाली माता मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और कन्या पूजन कर देवी स्वरूपा कन्याओं का शुभाशीष भी प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार भ्रमण के दौरान डमरू बजाकर अपना आह्लाद प्रकट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुकानों पर जीएसटी की कम हुई दरों के उपहार का पोस्टर लगाया। मुख्यमंत्री का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

    जीएसटी की नई दरों के संदर्भ में बाजार में पैदल भ्रमण से जनजागरण तथा व्यापारिक, सामाजिक संगठनों एवं आमजनों से संवाद कार्यक्रम के दौरान भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक दक्षिण-पश्चिम श्री भगवान दास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न व्यापारी एवं वाणिज्यिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनि‍धियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को महाराजा अग्रसेन की जयंती पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का संपूर्ण जीवन समरस समाज, परोपकार, करुणा और उद्यमिता के लिए अथाह प्रेरणा देता रहेगा।

  • 3.90 करोड़ की वित्तीय मदद से दिव्यांग विद्यार्थियों को समग्र शिक्षा अभियान में मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा

    दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्य धारा से जोड़ने मे मिलेगी मदद

    भोपाल 

    प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित समग्र शिक्षा अभियान में समाजसेवी योजना के तहत 3 करोड़ 90 लाख रूपये की भत्ता राशि जारी की गई है। भत्ते राशि में दिव्यांग विद्यार्थियों को परिवहन, मार्ग, वाचक और ब्रैल स्टेशनरी भत्ता उनके बैंक खातों में जारी किये गये है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसके अलावा दिव्यांग बालिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप 2000 रूपये की राशि गर्ल्स स्टायपेंड के रूप में दी गई है।

    दिव्यांग विद्यार्थियों को सुविधा भत्ता दिये जाने का मकसद उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में सहूलियत प्रदान करना है। दिव्यांग भत्ता उन्हीं विद्यार्थियों को जारी किया जाता है, जिनकी न्यूनतम दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। इसके लिये उन्हें दिव्यांगता का प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा लेना आवश्यक होता है। दिव्यांग विद्यार्थियों को परिवहन और मार्ग रक्षण भत्ता 3-3 हजार रूपये, दृष्टिवाधित विद्यार्थियों के लिये वाचक भत्ता 2500, ब्रैल स्टेशनरी मटेरियल 2000 और दिव्यांग बालिकाओं के लिये गर्ल्स स्टायपेंड 2000 रूपये प्रतिवर्ष की दर से जारी किये जाने का प्रावधान है।

    वर्ष 2025 में कक्षा 9 से 12 तक के 7 हजार 983 दिव्यांग विद्यार्थियों को 3 करोड़ 90 लाख रूपये से अधिक की राशि शिक्षा पोर्टल 2.0 के माध्यम से सिंगल क्लिक द्वारा सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई है। इसके साथ ही करीब 2000 विद्यार्थियों को सुविधा भत्ता की राशि जल्द ही जारी की जा रही है। इस योजना के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों का शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित करना और उन्हें आत्म-निर्भर बनाकर मुख्य धारा से जोड़ना है।

     

  • खादी के प्रति लगाव दिखाने बाज़ार पहुंचे मुख्यमंत्री, नागरिकों से संवाद कर मनाया नवरात्रि उत्सव

    भोपाल

    जीएसटी रिफॉर्म पर नवरात्रि के पहले दिन व्यापारी और खरीदारों के बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पुराने भोपाल के बाजार पहुंचे। उन्होंने खादी के कुर्ता पजामा का कपड़ा खरीदा। खरीदारी के बाद सभा ली। डॉ. मोहन यादव ने चौक बाजार, भोपाल में GST रिफॉर्म जन जागरण अंतर्गत व्यापारिक, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से संवाद किया।

    देश, स्वदेशी के भाव को लेकर आजाद हुआ
    इस अवसर पर सीएम डॉ मोहन ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के माध्यम से देश समृद्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने उद्योग धंधों को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाओं में सुधार किए। जब राज्य समृद्ध होगा तो इकोनामिक दृष्टि से यहां का पैसा यही रोटेट होगा। देश, स्वदेशी के भाव को लेकर आजाद हुआ। मोदी के नेतृत्व में भारत चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था की तरफ आगे बढ़ रहा है।

    यहां का बना हुआ उत्पाद यही खपे
    स्वदेशी के मूल भाव को अपनाते हुए हम नंबर वन का देश बनने के लिए आगे बढ़ेंगे। उपभोक्ताओं को मिलने वाली छोटी से छोटी चीज मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया होना चाहिए। हमारे देश की आर्थिक समृद्धि का सूत्र है, “यहां का बना हुआ उत्पाद यही खपे और यहां से बनी हुई चीजे दुनिया में निर्यात हों।” किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए हमारी सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। सभी को आगामी दशहरा और दीपावली पर्व की बधाई देता हूं।

  • छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: पूर्व IAS की करीबी पर शिकंजा, निजी सचिव गिरफ्तार

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में EOW ने कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को कई जगहों पर छापेमारी के बाद सोमवार को पूर्व IAS सौम्या चौरसिया के निज सचिव रहे जयचंद कोसले को गिरफ्तार कर ACB/EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया है. जयचंद कोसले पर आरोप है कि उन्होंने सौम्या चौरसिया का निज सचिव रहते हुए कोल घोटाले से 50 लाख रुपए कमाया है. EOW आय कोर्ट से जयचंद को 14 दिन के पुलिस रिमांड में लेने का प्रयास कर रही है.

    प्रदेश में कुल 10 ठिकानों पर रेड
    बता दें, आर्थिक अपराध विंग (EOW) ने ‘शराब घोटाला’ और ‘कोयला घोटाला’ मामलों में  रविवार की सुबह राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की. राजधानी रायपुर में शराब कारोबारी अवधेश यादव और उनके सहयोगियों के छत्तीसगढ़ स्थित 3 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की. इसके अलावा सौम्या चौरसिया के निजी सहायक रहे जयचंद कोसले के सभी ठिकानों पर भी दबिश कार्रवाई पूरी कर ली गई है. दोनों घोटालों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, नगदी और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए जिनकी जांच फिलहाल जारी है. साथ ही यह कार्रवाई सुबह से रात लगभग 11ः30 बजे तक चली. रेड कार्रवाई के दूसरे दिन आज जयचंद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है.

    क्या है कोयला घोटाला मामला ?
    ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की. जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई. 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया गया था.

    खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने आदेश जारी किया था. यह परमिट कोल परिवहन में कोल व्यापारियों को दिया जाता है. पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया. इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी. इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपये की वसूली की गई.

    कहां खर्च की अवैध कमाई
    जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया. साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्‍तेमाल किया गया. आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियों को खरीदा.

    क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला मामला?
    ईडी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासनकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची जाती थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था. उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाया जाता था, ताकि वह किसी की पकड़ में न आ सके. इस होलोग्राम को बनाने के लिए घोटाले में संलिप्त लोगों ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में होलोग्राफी का काम करने वाली PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फ़िल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को टेंडर दिया था.

    ईडी ने अपनी जांच के बाद यह बताया है कि यह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी, फिर भी नियमों में संशोधन करके यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया था. ईडी के टेंडर दिलाने के एवज में कंपनी के मालिक से भारी कमीशन लिया गया था. यह जानकारी सामने आने के बाद जब कंपनी के मालिक विधु गुप्ता को ईडी ने गिरफ्तार किया तो उसने कांग्रेस सरकार में CSMCL में एमडी अरुणपति त्रिपाठी, बिजनेसमैन अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा का नाम लिया.

    ED ने जब इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो मामले में और भी खुलासे होने लगे. इसके बाद साल 2024 के अंत में कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नाम सामने आया. सूत्रों के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिलाता था.

  • छत्तीसगढ़ PSC घोटाले में रिटायर्ड IAS व अन्य आरोपी CBI की विशेष अदालत पहुंचे

    रायपुर

    CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को आज सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. पांचों आरोपी पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव, सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को सीबीईओ ने गिरफ्तार किया. कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर सभी को सीबीआई रिमांड पर सौंपा था. आज रिमांड पूरी होने पर फिर से सभी को कोर्ट में पेश किया गया है.

    इससे पहले 7 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

    सीजीपीएससी घोटाले में सीबीआई ने आज लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक, पीएससी के सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवनलाल ध्रुव और उनके बेटे सुमित ध्रुव समेत निशा कोसले, दीपा आदिल को गिरफ्तार किया था. इससे पहले 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीबीआई ने 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 10 जनवरी को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष के भतीजे, डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित) और ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, सीजीपीएससी) शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 12 जनवरी को शशांक गोयल और भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित) और साहिल सोनवानी (डिप्टी एसपी पद के लिए चयनित) को गिरफ्तार किया गया. वर्तमान में सभी आरोपी जेल में बंद हैं.

    जानें क्या है सीजीपीएससी घोटोला

    सीजीपीएससी घोटाला छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में 2020 से 2022 के बीच हुई अनियमितताओं से जुड़ा मामला है. आरोप है कि इस दौरान आयोजित परीक्षाओं और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर, प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के करीबियों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी तथा अन्य उच्च पदों पर चयनित किया गया. इस घोटाले ने प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई. जांच एजेंसी ने छापेमारी कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया. वर्तमान में यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है.

  • नारायणपुर एनकाउंटर: सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दो नक्सली मारे गए, हथियार जब्त

    नारायणपुर

    छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में आज सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। साथ ही AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है।

    छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमावर्ती क्षेत्र के अबूझमाड़ में मुठभेड़ हुई। सुबह से शुरू जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान माओवादियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है।

    सुरक्षाबलों और पुलिस को अब तक घटना स्थल से दो पुरुष माओवादियों के शव के साथ हथियार बरामद हुए हैं। माओवादियों से एक एके-47 राइफल, अन्य हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार-प्रसार सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं जब्त की है। मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। सर्च अभियान अभी भी जारी है। अभियान पूर्ण होने पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

  • खेत से घर लौटते समय हाथी का हमला, ग्रामीण की दर्दनाक मौत

    कोरबा

    खेत में काम कर घर लौट रहे ग्रामीण का सामना लोनर हाथी से हो गया. वह भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचता, इससे पहले दंतैल ने सूंड से पकड़कर ग्रामीण को जमीन पर पटक दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत तनेरा ग्राम के गोरिल्ला डांड़ की है.

    जानकरी के मुताबिक, धन सिंह गोंड़ 45 वर्ष परिवार सहित निवास करता था. धनसिंह रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे खेत के समीप जंगल से जलाऊ लकड़ी लेकर घर लौट रहा था. इसी दौरान उसका सामना लोनर हाथी से हो गया. धन सिंह दंतैल से अपनी जान बचाकर भाग रहा था. वह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दंतैल ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया. इससे उसकी मौत हो गई.

    पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि हमला करने वाले हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया है. ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी ली गई. आगे की कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने की समझाइश दी गई है.

    वन विभाग की ओर से नियमों के मुताबिक, पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि दी गई है. वहीं हाथी के दहशत में गुजर-बसर कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे.

  • नवरात्रि में बाबा बागेश्वर का आह्वान – हम सबको अब यह संकल्प लेना होगा!

    छतरपुर
     नवरात्र के पावन अवसर पर बाबा बागेश्वर ने भक्तों को एक खास संदेश दिया. बाबा ने कहा कि इस नवरात्र में हम सबको यह प्रण लेना चाहिए कि भारत में हो रहे लव जिहाद को रोकें. उनका कहना था कि सनातन धर्म की बेटियां सुरक्षित रहें, हमारी परंपराओं पर कोई आंच न आए, यही हमारी जिम्मेदारी है.

    बाबा बागेश्वर का संकल्प
    भक्तों की भीड़ बाबा के आसपास उमड़ पड़ी और उन्होंने ध्यानपूर्वक सुना. बाबा बागेश्वर ने भावुक होकर कहा, “हमारे देश की बेटियां हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं. उन्हें बचाना हम सबका कर्तव्य है. जब तक हम जागरूक नहीं होंगे, विदेशी ताकतें हमारी परंपराओं में सेंध लगाती रहेंगी.”

    इस मौके पर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भी उपस्थित थे. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हे भगवती, इस नवरात्र में हम सब यह वचन ले रहे हैं कि लव जिहाद जैसी घटनाओं को हम पूरी ताकत से रोकेंगे. हमारा जीवन चाहे जैसा भी हो, वह सनातन धर्म की सेवा में समर्पित रहेगा.”

    धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू हज नहीं जाते, तो मुस्लिमों को गरबा में नहीं आना चाहिए

    गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में बवाल मचा हुआ है. छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सनातन हिंदू विचारधारा के लोग हज यात्रा में नहीं जाते हैं, तो मुस्लिमों को भी गरबा में नहीं आना चाहिए. 

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजिकों को सलाह दी है कि गरबा समारोह के मुख्य दरवाजे पर छिड़कने के लिए गोमूत्र रखना चाहिए. यह बात बागेश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने गृह जिले छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित धार्मिक स्थल बंबरबेनी माता के दर्शन करने के दौरान कही. 

    मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि गैर-हिंदुओं का भी नवरात्रि उत्सव और 'गरबा' नृत्य कार्यक्रमों में भाग लेने का स्वागत है, बशर्ते वे फिर से सनातन धर्म अपनाएं और माथे पर तिलक लगाने और आरती करने जैसे नियमों का पालन करें.  

    विधायक शर्मा ने कहा कि अगर मुसलमान या ईसाई फिर से देवी की पूजा करना चाहते हैं, तो उन्हें एक चम्मच गंगाजल पीने और तुलसी का पत्ता खाने पर हिंदू धर्म में स्वीकार किया जा सकता है.

    उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने हिंदू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाकर गलती की है और वे फिर से हिंदू बनना चाहते हैं, तो वे अभी ऐसा कर सकते हैं क्योंकि "सभी का DNA हिंदू है".

    हालांकि, भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई गरबा स्थलों पर (प्रवेश पाने के लिए) छल करने की कोशिश करता पाया गया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

    देवी दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा को समर्पित नवरात्रि उत्सव 22 सितंबर से शुरू हो चुका है. इस उत्सव के दौरान गुजरात का एक जीवंत नृत्य गरबा खेला जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल होते हैं.

    विश्व हिंदू परिषद  सहित कई हिंदूवादी संगठन ऐसे आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश का विरोध करते रहे हैं ताकि 'लव जिहाद' के प्रयासों को रोका जा सके.

    बेटियों की सुरक्षा के लिए जागरूकता
    भक्तों ने बाबा के शब्दों को अपने दिल में जगह दी और कई लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि वे अपने आसपास के लोगों को जागरूक करेंगे और हर संभव प्रयास करेंगे कि बेटियां सुरक्षित रहें और सनातन धर्म की परंपराएं मजबूती से बनी रहें.

    बाबा बागेश्वर ने कहा कि नवरात्र सिर्फ मां भगवती की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा समय है जब हम अपने जीवन में अच्छे संस्कार, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए संकल्प लें. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सही शिक्षा दें, समाज में जागरूकता फैलाएं और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाएं.

    इस अवसर पर भक्तों ने मिलकर माता की आराधना की, मंत्र पढ़े और संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों को निभाने में पीछे नहीं हटेंगे. नवरात्र का यह पर्व अब केवल उत्सव का नहीं, बल्कि जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देने वाला पर्व बन गया है.

  • नागरिकों को बड़ी राहत: परिवहन विभाग की 51 ऑनलाइन सुविधाएं, प्रदूषण जांच के लिए व्यापक नेटवर्क

    भोपाल 

    परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है।

    प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है।

    पारदर्शिता के उपाय

    परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।

     

  • वित्त मंत्री बोले- महंगाई पर ब्रेक, विकास को नई चाल: आज से जीएसटी सुधार प्रभावी

    रायपुर

    पूरे देश में आज से गुड्स एन्ड सर्विस टैक्स (GST) रिफॉर्म लागू हो गया है. दिवाली पर्व से पहले उपभोक्ताओं को मिली सौगात से बाजार गुलजार हो गया है. जीएसटी रिफॉर्म को लेकर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बड़ा बयान दिया है.

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आज से GST की नई दरें लागू होगी. कई समान सस्ते होंगे. GST 2.O रिफार्म के माध्यम से पीएम मोदी और निर्मला सीता रमन ने देश के 140 करोड़ जनता को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है. 12 लाख तक की इनकम टैक्स छूट के बाद सरकार ने अब इससे भी बड़ा तोहफ़ा सभी वर्गों के लोगों को दिया है. रोज़मर्रा की जरूरत की चीज़ें जैसे तेल, शैम्पू, साबुन, टूथब्रश, इसके साथ ही एसी, फ्रिज, टीवी और किसानों के लिए ट्रैक्टर और कृषि यंत्र पर दाम घटा दिए गए हैं. इस ऐतिहासिक फैसले से आम जनता की बचत बढ़ेगी और उनकी क्रय शक्ति (पर्चेसिंग पावर) मजबूत होगी. अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलेगी. ऐसा सिर्फ PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो सकता है. साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि जिन श्रेणियों में कीमतें कम की गई हैं, उसका पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए.

    प्रदेशवासियों को नवरात्री पर्व की दी बधाई
    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्री की आज से शुरुआत होने जा रही है. यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः, जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता वास करते हैं, ऐसा भाव हमारी संस्कृति में रहा है. इस अवसर पर में सभी मातृ शक्ति को प्रणाम है. मातृ शक्ति के प्रति हमारी सरकार समर्पित है. जिसका एक उदाहरण हमारी महत्वकांशी योजना महतारी वंदन योजना है. इस योजना के लाभान्वित हो रही माताएं सारंगढ़ जिले के दानसरा गांव में श्री राम मंदिर का निर्माण कर रही है. योजना का पैसा आज प्रदेश की 70 लाख महतरियों को मिलने से मातृ शक्ति को नया आत्मविश्वास और ऊर्जा मिली है.

    उन्होंने आगे कहा कि जिन माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें ग्रामीण बैंक के माध्यम से मातृ शक्ति ऋण योजना के तहत बिना मॉर्गेज के केवल एक प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर 25,000 रुपए तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस राशि का उपयोग वह सिलाई मशीन खरीदने, छोटा व्यवसाय शुरू करने या किराना दुकान चलाने के लिए कर सकती हैं.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में स्थापित किया नया राष्ट्रीय मानक

    मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर प्रदान कर रही है नवकरणीय ऊर्जा

    विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा भारत और मध्यप्रदेश
    5 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को वर्चुअली किया संबोधित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने का दिया

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री  मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया।

    प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम नेट जीरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा।

    भारतीय अर्थव्यवस्था अब दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारी मातृभूमि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की आशा और भरोसे का केंद्र बन चुकी है। भारत आज ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, आईटी, कृषि, फार्मा, रक्षा और अंतरिक्ष हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है एवं भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। भारत ने 2070 तक नेट-ज़ीरो और 2030 तक 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता का लक्ष्य रखा है। देश 251.5 गीगावाट नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता को पार कर चुका है और सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता में 100 गीगावाट की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

    मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में से एक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन', 'पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और स्मार्ट ग्रिड जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और सतत् दिशा प्रदान की है। परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिला है। मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अनूठी उपस्थिति के साथ देश के प्रमुख राज्यों में से एक बन चुका है। यहाँ देश का सबसे बड़ा 'सौर पार्क' रीवा में स्थापित है, जो दिल्ली मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण उपक्रमों को ऊर्जा प्रदान करता हैं। साथ ही सांची शहर को देश का पहला सोलर सिटी बनाया गया है और ओमकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट कार्यरत है। नीमच में भारत का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण क्षमता के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाता है।

     

  • पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा से बढ़ी जिम्मेदारियां

    प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्यों के अनुक्रम में विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। विभाग के द्वारा वक़्फ़ संपत्तियों के सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण और अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वक्फ बोर्ड में सुशासन की पहल करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मध्यप्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, सत्यापन एवं निगरानी के लिए MP-WAMSI पोर्टल विकसित कर वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया है। इस पहल की सराहना भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ परामर्शदाता संस्था आईआईटी दिल्ली ने भी की है।

    केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा वक्फ (संशोधन अधिनियम) 2025 के क्रियान्वयन के लिये नियमों की रूपरेखा तैयार करने वाली समिति में आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त  सुमन को सदस्य के रूप में नामित किया है।

    क्या है WAMSI पोर्टल, जिसके लिए मिला सम्मान

    WAMSI यानी वक़्फ़ एसेट मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ़ इंडिया। वक्फ संपत्तियों के वित्तीय एवं कानूनी डाटा के डिजिटलीकरण के लिये राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित और प्रबंधित एक ऑनलाइन प्रणाली है। इसके माध्यम से वक्फ संपत्तियों से जुड़ी वित्तीय और कानूनी जानकारियों को डिजिटल प्रारूप में एकत्र और सुरक्षित रखा जाता है। यह वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के पंजीकरण, GIS मैपिंग तथा लीज़ ट्रैकिंग में सहायक है। इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।

     

  • मातम में डूबा गांव, तिरंगे में लौटे वीर पुत्र रंजीत को नम आंखों से दी विदाई

    जगदलपुर

    बस्तर जिले के बालेंगा के उपयगुड़ा में रहने वाले रंजीत कश्यप तीन दिन पहले मणिपुर में उग्रवादियों के साथ हुए हमले में बलिदान हो गए थे। सोमवार की सुबह जवान का पार्थिव देह जैसे ही गांव पहुंची, हर किसी के आखों से आंसू आ गए, बड़े, बच्चे से लेकर बुजुर्ग की आंखें नम हो गई।

    रंजीत के साथ गुजारे समय के साथ ही उसके साथ बैठकर की गई बातों को याद कर भावुक हो जा रहे थे। गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, इस दौरान बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल के साथ ही वन मंत्री केदार कश्यप भी जवान के घर पहुंचे, जहां रंजीत को नम आंखों से विदाई दी गई।

    बता दें कि जब से रंजीत के घर में इस बात का पता चला कि उग्रवादियों के साथ हुए हमले में रंजीत कश्यप शहीद हो गए। घर के साथ ही पूरे गांव में मातम छा गया। तीन दिन से परिवार से लेकर दोस्त आदि रंजीत के पार्थिव देह को देखने के लिए दिन-रात मौजूद रहे। सोमवार को जैसे ही जवान का पार्थिव देह जगदलपुर एयरपोर्ट से गृहग्राम बालेंगा पहुंचा।

    लोगों के द्वारा उसके अंतिम दर्शन करने के लिए जमा हो गए। परिवार के साथ ही पूरे गांव में सब की आंखे नम थी, वहीं जवान रंजीत की तीन बेटियां भी इस बात को समझ नहीं पा रही थी कि आखिर घर में क्या चल रहा है। रंजीत की पत्नी एक बार अपने पति के देह को देखती तो एक बार अपने बच्चो को निहारती, उसे समझ ही नहीं पा रहा है कि अब इन 3 मासूम बच्चियों को कैसे समझाएगी की उनके पिता अब इस दुनिया में दोबारा नहीं आ पाएंगे।

    वहीं पिता अपने बेटे के शव को देखने के बाद इस चिता में डूब गए कि आखिर उनका एकलौता बेटे के जाने के बाद इन बुजुर्ग का सहारा कौन बनेगा, वहीं मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस रंजीत को पिछले रविवार को हंसी खुशी के साथ ड्यूटी जाने के लिए विदा किया था, वही रंजीत चार दिन के बाद तिरंगे में लिपट कर अपने घर आएगा। जहां रंजीत के आने से परिवार के साथ ही दोस्तों में हंसी ठिठोली देखा जाता था। वहीं रंजीत पूरे गांव को रुलाकर चला गया।

  • नक्सल विरोधी अभियान में मजबूती: सुकमा में खुले दो सुरक्षा कैंप, ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

    सुकमा

    सरकार ने मार्च 2026 तक नक्लसवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है. नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी लाने और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने बस्तर में नए सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं. सुकमा जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र ग्राम “पालागुड़ा एवं गुंडराजगुडेम’ ’में भी पुलिस प्रशासन ने दो नए सुरक्षा कैंप स्थापित किया है. छत्तीसगढ़़ शासन के ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभान्वित करने उद्देश्य से यह कैंप खोला गया है. बता दें कि 2024 से अब तक सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने कुल 18 नए कैंपों की स्थापना की है.

    भारी मानसून के दौरान एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए माओवादियों के कोर जोन क्षेत्र में लगातार एक साथ दोनों ग्रामों में कैंप स्थापित किया है. इससे सिलेगर – एल्मागुंडा एक्सिस सीधा कनेक्ट होगा. सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण सुदृढ़ होगा. ग्रामीणों को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा. यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता है.

    नए सुरक्षा कैम्पों की स्थापना होने से नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है, जिसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अब तक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. वहीं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 64 माओवादियों को मार गिराए हैं व 451 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है.

    जिला सुकमा के सुदूर अंचल क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकासात्मक कार्यो में तेजी लाने सुन्दरराज पी. पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, कमलोचन कश्यप पुलिस उप महानिरीक्षक रेंज दंतेवाड़ा, आनंद सिंह राजपुरोहित उप महानिरीक्षक (परि.) सीआरपीएफ रेंज सुकमा के मार्गदर्शन एवं किरण चव्हाण पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, राकेश चंद्र शुक्ला कमांडेंट 150 वाहिनी सीआरपीएफ, कमलेश कुमार कमांडेंट 02 वाहिनी सीआरपीएफ, अमित चौधरी कमांडेंट 201 कोबरा, पवन कुमार सिंह कमांडेंट 203 कोबरा, रोहित शाह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा के निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में छत्तीसगढ़ शासन से संचालित ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना के तहत दो सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया हैं.

    नए कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अंतरजिला गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आएगी. आपपास क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधायें जैसे सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधाएं मिल पाएगी. नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है.

    बता दें कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना अंतर्गत कुल 18 नवीन सुरक्षा कैम्प टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम , उसकावाया नुलकातोंग, तुमालभट्टी वीरागंगलेर, मैता ,पालागुड़ा, गुंडाराजगुंडेम में स्थापित की गई है.

  • DM का पार्षद पतियों को दो टूक संदेश, नवरात्रि के पहले दिन मचा प्रशासनिक हलचल

    ग्वालियर 

     नवरात्रि के पावन पर्व पर जहां पूरे देश में महिलाशक्ति की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं ग्वालियर में ऐसी घटना घटी जिसने प्रशासनिक हलके में हलचल मचा दी. कलेक्टर रूचिका सिंह चौहान ने शहर की समस्याओं पर चर्चा के लिए पार्षदों की बैठक बुलाई थी, लेकिन चार महिला पार्षदों की जगह उनके पति पहुंच गए. इससे खफा कलेक्टर ने पार्षद पतियों को खरी-खोटी सुनाई और कुर्सी से उठाकर पीछे बिठा दिया. साफ शब्दों में कहा, “अब महिलाएं सबल हैं, पत्नियों को ही काम करने दीजिए.”

    बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई थी, जहां शहर की जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़क मरम्मत और अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श होना था. कलेक्टर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, नवरात्रि का समय महिलाओं की शक्ति का प्रतीक है. यदि चुनी हुई महिला प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पतियों पर छोड़ देंगी, तो लोकतंत्र का मजाक बनेगा. एक पार्षद पति ने सफाई दी कि पत्नी व्यस्त थीं, लेकिन कलेक्टर चेतावनी दी भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    कलेक्टर का प्रेरणादायक कदम
    यह घटना ग्वालियर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर बहस छेड़ने वाली है. स्थानीय पार्षदों का कहना है कि ग्रामीण स्तर पर भी सरपंच पतियों का दखल आम है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसे रोकना जरूरी है. कलेक्टर चौहान ने बैठक के अंत में सभी महिला पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया. इस कदम की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है, जहां यूजर्स इसे महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं.