• मातृशक्ति में निहित शक्ति: स्वयं को सिद्ध करने की प्रेरक कहानी

    ग्वालियर 
    ग्वालियर में मातृशक्ति में स्व का भाव जगाने के लिए संकल्प से सिद्धी का मूल ध्येय सिद्ध किया है महिलाओं के समूह स्वयं सिद्धा ने। यह संस्था महिलाओं में सांस्कृतिक संवर्द्धन और आंतरिक गुणों की पहचान कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा हैं। कोरोना काल में आपदा में अवसर तलाशने के लिए यह संस्था अस्तिव में आई। वर्तमान में संस्था से जुड़कर 350 महिलाएं समाज के नवसृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह संस्था महिलाओं को स्वयं के उत्पाद निर्मित करने में मदद करने के साथ ही उन्हें बाजार भी उपलब्ध कराती है। इसके बदले में संस्था महिला सदस्यों से कोई कमीशन नही लेती है। इसलिए उत्पादन से लेकर मुनाफे तक सदस्यों का पूर्ण अधिकार होता है। आज समूह की सदस्य आस्ट्रेलिया, जापान, दुबई, इटली,जर्मनी व अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के बीच अपने उत्पाद पहुंचा रही हैं। इन महिलाओं द्वारा निर्मित महाराष्ट्रीयन, गुजराती, पंजाबी व्यंजनों के साथ-साथ हस्तशिल्प उत्पाद इन देशों में काफी पसंद किए जा रहे हैं।

    स्वयं सिद्धा संस्था की सूत्रधार महिमा तारे ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में समाज घोर निराशा और हताशा का वातावरण निर्मित था। उस समय नया काम करने की कल्पना करना भी असंभव प्रतीत हो रहा था, क्योंकि बाजार बंद था, नौकरियों पर घनघोर काले बादल छाए हुए थे। कई परिवारों में दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना चुनौती पूर्ण था। जीवन का सरकार पर आश्रित होकर चलना मुश्किल था। ऐसे माहौल में महिलाओं को घर की दहलीज लांघकर स्वयं को सिद्ध करने का संकल्प भी डरावना सा लग रहा था। साहस और हिम्मत के साथ पहला पग किसी तरह से आगे बढ़ाया। श्रीमती तारे कहती हैं कि संस्था का उद्देश्य केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही नही हैं, उनका व्यक्तित्व विकास और उनके सपनों को साकार करना मूलध्येय है।

    आंवले के उत्पादों से की शुरुआत
    संस्था की महिला सदस्यों को ग्वालियर के राजामाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में आंवले की प्रोसेसिंग कर इसके उत्पाद बनाने का अवसर मिला। सदस्यों को यहां आंवले की धुलाई, छंटाई, कटाई, और फिर विभिन्न तरीकों से गूदा, रस या पाउडर तैयार करने का प्रशिक्षण मिला। इससे उन्होंने आंवला कैंडी, अचार, च्यवनप्राश, जूस, या कास्मेटिक उत्पाद बनाना सीखा इसके साथ सभी सदस्यों को उत्पादों के मानकीकरण और पाश्चुरीकरण का प्रशिक्षण दिया गया।

    प्रशासन से मिला आर्डर रद हो गया
    महिमा तारे बताती हैं कि दीपावली से पहले का समय था। पहला आर्डर जिला प्रशासन से स्वल्पहार का मिला। हम लोग उत्साहित थे। प्रत्येक महिला ने 10-10 किलो की मात्रा में व्यंजन तैयार किये। अचानक कोरोना गाइड लाइन के कारण प्रशासन ने आर्डर यह कहकर रद कर दिया कि केवल पैकेज्ड फूड लेने की अनुमति हैं। सभी महिलाएं निराश होकर सारा सामान मेरे घर पर रख गईं। बैजाताल पर स्टाल लगाकर इन व्यंजनों को बेचने का प्रयास किया, पूरे दिन बैठने के बाद कोई सामान नही बिका। निराशा के बीच आशा की किरण दीपावली के रूप में सामने आई और यह सामान हाथों-हाथों बिक गया। महिलाओं को मना करना पड़ा कि दीदी अब कोई आर्डर मत लेना।

    ऋतुओं के अनुसार तैयार करती है उत्पाद
    संस्था से जुड़ी महिलाओं के पास पूरे माह कार्य रहता है, क्योंकि महिला सदस्य ऋतुओं के अनुसार उत्पाद तैयार करती हैं, जिससे उनका माल हाथों-हाथों बिक जाता है। महिलाएं अचार, पापड़ नियमित तौर करती हैं। त्योहारों, होली, दीपावली, रक्षाबंधन, नवरात्र पर परंपरागत पकवान बाखरबड़ी, खमण-ढोकला, गुजिया, मठरी, नमकीन, पूरनपोली, गुड की रोटी बनाती हैं। व्यजनों का निर्माण सभी बहनें एक ही रसोई में एक दूसरे का हाथ बांटते हुए करती हैं।

     

  • यात्रा होगी आसान! जबलपुर से रायपुर तक 150 किमी फोरलेन सड़क का ऐलान

    जबलपुर
    जबलपुर से रायपुर की सड़क की दशा जल्द बदलेगी। इस सड़क के कुछ हिस्से पर वाहन चालक चलने से घबराते हैं। इस सड़क को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बनाने जा रहा है। सड़क की न सिर्फ चौड़ाई बढ़ेगी बल्कि नए तरह से निर्माण किया जाएगा। जबलपुर से चिल्पी तक करीब 150 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण एनएचएआइ करेगा। इस मार्ग के निर्माण में 4500 करोड़ का व्यय होगा। फिलहाल सडक निर्माण के लिए कंसल्टेंसी नियुक्त करने का प्रयास हो रहा है ताकि इसकी डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जा सके। सब कुछ ठीक रहा तो यह सड़क जो अभी एमपी रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) के पास है, इसे वापस एनएचएआइ सड़क का हस्तातंरण करेगा।

    वन्य जीवों के लिए सुरक्षित मार्ग
    जबलपुर से चिल्पी के बीच मंडला क्षेत्र में आने वाला कान्हा नेशनल पार्क का कोर एरिया आता है। जहां वन्यजीवों की घनी आबादी विचरण करती है। ऐसे में एनएचएआई मार्ग में जगह-जगह अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण करेंगा ताकि वाहन निकलने से वन्य जीवों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई जगह साउंड प्रूफ उपकरण भी लगाए जाएंगे जिससे बंदरों और अन्य जीवों को वाहनों की आवाजाही खलल न पैदा करें। बता दें करीब 25 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर की लागत आ रही है।

    फोरलेन बनने से बढ़ेगी रफ्तार
    फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जबलपुर से रायपुर के बीच दो लेन है। इस वजह से वाहनों की आवाजाही में थोड़ी परेशानी होती है। मौसम खराब होने पर वाहनों की लंबी कतार सड़क पर लग जाती है। आवागमन भी बाधित होता है। यहां कुछ जगह लैंड स्लाइडिंग की भी समस्या बनी हुई है इसके लिए लगातार एमपीआरडीसी को शिकायत होती है लेकिन वहां से कोई भी राहत नहीं मिल पा रही है। एमपीआरडीसी द्वारा इस सड़क का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से कराया जा रहा था। वर्षों से यह सड़क बेहद खराब स्थिति में है जिससे आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब इस सड़क को सरकार फोरलेन में तब्दील होगी तो बड़े स्तर पर राहत मिलने की संभावना है।

    इस सड़क के लिए गडकरी ने मांगी थी माफी
    जबलपुर मंडला की यह वही सड़क है जिसके लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सड़क की खराब गुणवत्ता के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। गडकरी 2022 में मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने मध्य प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे की इस बदहाल सड़क को देखा। उन्होंने शर्मिंदगी महसूस की। सड़क की स्थिति को देखते हुए मंच से ही माफी मांगी थी। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने ये बयान सात नवंबर 2022 को मध्य प्रदेश के मंडला में दिया था। गडकरी ने जबलपुर से मंडला के बीच नेशनल हाईवे के टेंडर रद्द कर सड़क के इस हिस्से को फिर से बनवाने के निर्देश दिए थे। बाद में इस मार्ग को सुधारने के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से सुधार का काम हुआ था।

    2015 में शुरू हुआ था निर्माण
    राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 251 करोड़ की लागत से जबलपुर से मंडला के बीच इस राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन को निर्माण एजेंसी बनाया था। तीन फेस में बनने वाली इस सड़क का काम साल 2015 में शुरू हुआ था, जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा हो जाना था। लेकिन, अब तक हाईवे का निर्माण अधूरा है और जहां हाईवे बना वो घटिया निर्माण से टूट-फूट का शिकार है।
     

  • सस्ते में तीर्थयात्रा: IRCTC के 9-दिन के ज्योतिर्लिंग पैकेज का लाभ उठाएँ!

    ग्वालियर
    त्योहार के सीजन के साथ ही सर्दी के मौसम में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC Tour Package) द्वारा अगले तीन माह विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसमें सितंबर से लेकर दिसंबर माह तक विभिन्न स्थानों से ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनमें आगरा, ग्वालियर व झांसी से भी टिकट बुकिंग का विकल्प रहेगा। फिलहाल आइआरसीटीसी ने आगरा, ग्वालियर, झांसी स्टेशन से बैठने की सुविधा वाली दो ट्रेनों की घोषणा कर दी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी और भी ट्रेनें तीर्थ स्थलों के लिए संचालित की जाएंगी जिसमें लोग बुकिंग करा सकते हैं।

    अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को
    आइआरसीटीसी द्वारा अगली धार्मिक ट्रेन का संचालन पांच नवंबर को किया जाएगा। ये गंगासागर-पुरी यात्रा स्पेशल ट्रेन होगी, जो दिल्ली सफदरजंग से शुरू होकर संचालित की जाएगी। इस ट्रेन में दिल्ली के अलावा मथुरा, आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या स्टेशन से चढ़ने के विकल्प रहेंगे। इस ट्रेन पैकेज में गया में महाबोधि मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मंदिर, कोलकाता में गंगासागर और कालीघाट काली मंदिर, जसीडीह में बैद्यनाथ धाम, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन शामिल रहेंगे। ये नौ रात और 10 दिन की यात्रा रहेगी, जिसमें स्लीपर श्रेणी की 640, थर्ड एसी की 70 और सेकंड एसी की 50 बर्थ मौजूद रहेंगी।
     
    ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का
    इसी प्रकार आगामी 18 नवंबर को सात ज्योतिर्लिंग की यात्रा शुरू होगी। ये ट्रेन योग नगरी ऋषिकेश से चलेगी और इसमें ऋषिकेश, हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी और ललितपुर स्टेशन से चढ़ने की व्यवस्था रहेगी। ग्वालियर के श्रद्धालु झांसी स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। ये ट्रेन ओंकारेश्वर, महाकाल, सोमनाथ, नागेश्वर के साथ ही द्वारिका व भेंट द्वारिका, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, गिरनेश्वर के दर्शन कराएगी। 13 सितंबर को भी रवाना हुई थी ट्रेन, दिसंबर में और संभावनाएं- इसी माह गंगासागर-पुरी यात्रा के लिए भी 13 तारीख को ट्रेन रवाना हुई थी, जिसमें आगरा, ग्वालियर, झांसी, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से बैठने की सुविधा थी। ये टूर भी नौ रात और 10 दिन का था।

    सर्दी के मौसम में बढ़ता है धार्मिक पर्यटन
    आइआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि सर्दी के मौसम में धार्मिक पर्यटन बढ़ता है। इसके अलावा लोग भी घूमने-फिरने में रुचि लेते हैं, क्योंकि इस मौसम में घूमने में लोगों को ज्यादा समस्या नहीं होती है। इसको देखते हुए दिसंबर माह में भी दो ट्रेनों के संचालन की संभावना है।

    आइआरसीटीसी की ओर से सितंबर माह में एक ट्रेन संचालित की गई थी। अक्टूबर माह में त्योहार होने के कारण फिलहाल ट्रेन नहीं है। नवंबर माह में दो ट्रेनें रवाना होंगी। दिसंबर में भी धार्मिक स्थलों के लिए ट्रेन संचालित होने की संभावना है। – अजीत सिन्हा, मुख्य क्षेत्रीय अधिकारी, आइआरसीटीसी

  • पालतू जानवरों की लड़ाई के चलते घर टूटा, पति-पत्नी तलाक की कगार पर

    भोपाल
    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक दंपति तलाक लेने की वजह सिर्फ यह बताई है कि दोनों को एक-दूसरे के पालतू जानवर पसंद नहीं हैं। आपको बता दें कि दंपति की शादी सिर्फ 8 महीने पहले 2024 में हुई थी। पति यूपी का रहने वाला है और पत्नी भोपाल की। दोनों की मुलाकात पालतू जानवरों के हित में आयोजित आंदोलन के दौरान हुई थी। शादी के समय दोनों ने यह तय किया था कि वे एक-दूसरे के पालतू की देखभाल में मदद करेंगे।

    पालतू जानवरों के कारण तलाक की अर्जी
    शादी के बाद विवाद तब शुरू हुआ जब पत्नी अपनी बिल्ली को साथ लाईं, जबकि पति के पास पहले से ही दो कुत्ते, मछली और खरगोश थे। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पति के कुत्ते उसकी बिल्ली को डराते हैं और बार-बार भौंकते हैं, तो वहीं इन आरोपों पर पति का कहना है कि महिला की बिल्ली लगातार म्याऊं करती है और उसकी मछलियों को नुकसान पहुंचाती है। इन्हीं विवादों के कारण दोनों ने अलग रहने का निर्णय लिया और तलाक के लिए फैमिली कोर्ट का रुख किया।

    दोनों को समझाने का प्रयास जारी
    बता दें कि कोर्ट में काउंसलर शैल अवस्थी दोनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे मतभेद भुलाकर रिश्ते को बचाएं. पहली काउंसलिंग में पति ने जिद की कि बिल्ली की वजह से वह अपने जानवरों के साथ अलग रहना चाहता है। पत्नी ने कहा कि वह अपनी बिल्ली को उदास नहीं देख सकती। अगली काउंसलिंग दशहरा के बाद होगी, जिसमें फिर से दोनों को समझाने की कोशिश होगी।

     

  • कारीगरों की मेहनत से सारंगपुर बन रहा है स्वदेशी शक्ति केंद्र : मंत्री टेटवाल

    हथकरघा और शिल्पकला से प्रदेश को मिलेगी वैश्विक पहचान

    भोपाल 
    कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए लोकल फ़ॉर वोकल के संदेश ने न केवल देश में स्वदेशी वस्तुओं की खपत को बढ़ाया है, बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। इसी दिशा में राजगढ़ जिले के सारंगपुर जैसे कस्बे अपने हुनर और कारीगरी के माध्यम से लगातार प्रगति कर रहे हैं और प्रदेश को समर्थ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

    मंत्री श्री टेटवाल ने सारंगपुर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया और वार्डों में कुटीर उद्योग से जुड़े कारीगरों, बुनकरों और व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सारंगपुर की शिल्पकला और हस्तनिर्मित वस्तुएं आने वाले समय में इस क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।

    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर हथकरघा और बुनकरों के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। यहां तैयार की जा रही सिल्क की साड़ियां पहले से ही कई स्थानों पर प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार ताड़ से बनाई जा रही चटाइयां और अन्य उपयोगी वस्तुएं की भी लोगों के बीच बड़ी मांग हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सारंगपुर के कारीगरों की मेहनत से यहां की पारंपरिक कला और उत्पाद न केवल देश के बाजारों में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाएंगे।

    वोकल फॉर लोकल को जनआंदोलन बनाने की अपील
    मंत्री श्री टेटवाल ने कारीगरों और व्यापारियों से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी लोकल उत्पादों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश और देश की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर इसमें भागीदार बनेगा। सारंगपुर के कारीगरों का हुनर और समर्पण इस दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा कस्बा भी लोकल से ग्लोबल पहचान बना सकता है।

     

  • मुख्यमंत्री साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण व्यवहार : नन्ही बच्ची भूमिका बघेल को दुलारते हुए खिलाया महुआ लड्डू

    रायपुर
     धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।

    जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।"

    यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।

    मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।

  • प्रदेश में बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में 17 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल

    साक्षरता के लिये चल रहा है उल्लास नवभारत कार्यक्रम

    भोपाल 
    प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों के लिए बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा शनिवार को आयोजित की गई। इस परीक्षा में लगभग 17 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कराई गई, जिसका उद्देश्य वयस्कों को पढ़ना-लिखना और अंकगणित का बुनियादी ज्ञान उपलब्ध कराना है। परीक्षा के लिए जिलों और ब्लॉक स्तर पर विशेष केंद्र बनाए गए थे। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रौढ़ शिक्षा के लिए वर्ष-2022 से उल्लास- नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम वर्ष-2022 से वर्ष-2027 तक के लिये तैयार किया गया है।

    स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य साक्षरता मिशन के अनुसार इस मूल्यांकन परीक्षा से यह आकलन किया जाएगा कि कितने शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता प्राप्त कर चुके हैं। परीक्षा में मुख्य रूप से पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस पहल से लाखों लोग साक्षर बनकर न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में आत्मनिर्भर होंगे, बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी सक्रिय योगदान देंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां वयस्क साक्षरता कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।

    पठन पाठन सामग्री
    प्रदेश के परिदृश्य को ध्यान में रखकर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा "अक्षर पोथी" नाम से प्रवेशिका बनाई गई है। यह प्रवेशिका सीखने की परिष्कृत गति एवं विषय वस्तु पर आधारित है। इस प्रवेशिका में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता के साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे, वित्तीय, कानूनी, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कौशल, मतदाता पंजीकरण, आधार जैसे विभिन्न फार्म को भरने के तरीके पर जागरूकता एवं कौशल शामिल है। अक्षर पोथी प्रवेशिका को एजूकेशन पोर्टल पर अपलोड करने के साथ साक्षरता कार्यक्रम के सभी व्हाट्सअप ग्रुप और यू-ट्यूब चेनल के माध्यम से भेजा गया है।

     

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दतिया शक्तिपीठ में की माँ पीताम्बरा की पूजा अर्चना

    प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की

    भोपाल
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रविवार को दतिया प्रवास पर थे। उन्होंने प्रसिद्ध शक्तिपीठ पहुंचकर माँ पीताम्बरा के दर्शन किए। विधि विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने वनखण्डेश्वर बाबा का जलाभिषेक भी किया। राज्यपाल श्री पटेल ने माँ पीताम्बरा से प्रदेश और देश की सुख समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र, जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

     

  • परिवहन विभाग अवैध संचालित वाहनों के विरूद्ध 22 सितंबर से चलायेगा विशेष अभियान

    दो सप्ताह तक चलेगा विशेष अभियान

    भोपाल
    प्रदेश में सड़क सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने और मोटरयान अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने के लिये परिवहन विभाग 22 सितंबर से 2 सप्ताह तक वाहनों की चेकिंग के लिये एक विशेष अभियान चलाएगा। अभियान में प्रदेश में एक साथ समस्त जिलों में वाहन चेकिंग की कार्रवाई की जायेगी। इसमें मुख्य रूप से अग्निश्मन सिस्टम न लगे होने, वाहन में फस्टटेड किट उपलब्ध न होने, रेट्रो रिफलेक्टिव नहीं लगे होने पर संबंधित वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। इसी साथ ही यात्री बसों द्वारा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर स्टेज कैरिज के रूप में संचालन करने की प्राप्त हो रही शिकायतों के संबंध में जांच की जायेगी। दोषी यात्री बसों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। अभियान के दौरान मध्यप्रदेश मोटरयान कर जमा न करने वाले वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।

    सड़क सुरक्षा की दृष्टि से मोटरयान अधिनियम एवं नियमों के अन्य प्रावधानों जैसे ओव्हर लोडिंग, ओव्हर स्पीडिंग, निर्धारित पात्रता से अधिक यात्री ढ़ोने आदि अपराधों के संबंध में भी अभियान में सख्त कार्रवाई की जायेगी। परिवहन आयुक्त ने विशेष अभियान के दौरान स्कूल बसों की चेकिंग पर भी विशेष ध्यान दिये जाने तथा नियम विरूद्ध संचालन करने वाले वाहन चालकों के लायसेंस निलंबन की नियमानुसार कार्रवाई करने के लिये कहा है। अभियान के दौरान वाहन पोर्टल पर वाहन स्वामियों के मोबाइल नम्बर अपडेट करने तथा पोर्टल पर वाहनों के डुप्लीकेट डेटा हटाये जाने की भी कार्यवाही किये जाने के आदेश दिये गये हैं।

    अभियान के लिये जिलों में पदस्थ आरटीओ को परिवहन निरीक्षक/परिवहन उप निरीक्षक तथा अन्य प्रवर्तन अमला उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अमला प्रतिदिन की गई कार्रवाई की जानकारी निर्धारित प्रारूप में परिवहन आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे। प्रस्तावित अभियान के संबंध में परिवहन आयुक्त द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के समस्त आरटीओ और अमले के साथ बैठक लेकर समस्त अधिकारियों को उक्त अभियान में की जाने वाली कार्यवाही के बारे में निर्देश दिये गये है। आयुक्त द्वारा परिवहन विभाग के अमले को निर्देशित किया गया है कि अभियान के दौरान यात्रीगण को असुविधा न हो इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाये। 

  • मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स सेलिंग अकादमी को मिला पहला स्थान

    भोपाल 
    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। इसका प्रमाण श्रीनगर में देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में हमारे खिलाड़ियों द्वारा प्राप्त प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अनेक पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है।

    मंत्री श्री सारंग रविवार को अपर लेक खानूगांव में राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप-2025 के समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल अकादमियों से उत्कृष्ट खिलाड़ियों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़ने वाले युवा केवल अच्छे खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिये लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 18 खेलों के लिए 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहाँ खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन
    राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप 2025 में मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स सेलिंग अकादमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 08 स्वर्ण, 05 रजत और 03 कांस्य सहित कुल 16 पदक अपने नाम किए। कुल 12 केटेगरी में भाग लेते हुए मध्यप्रदेश ने 8 में स्वर्ण पदक प्राप्त किए और सबसे अधिक पदक जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के 4 स्वर्ण पदक देश के अन्य क्लबों, एसोसिएशनों और राज्यों के खिलाड़ियों ने प्राप्त किए। इस प्रकार एमपी वॉटर स्पोर्ट्स सेलिंग अकादमी ने इस प्रतियोगिता में क्लीन स्वीप करते हुए सर्वाधिक पदक अर्जित किए और अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।

    प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। स्वर्ण पदक जीतने वालों में माही वर्मा ने ILCA 4 गर्ल्स, राजवीर यादव ने ILCA 4 बॉयज, शगुन झा और अपर्णा चौधरी ने 29er गर्ल्स, एकलव्य बाथम और वंशिका सिकरवार ने 420 क्लास, जागराव कुमार ने Optimist बॉयज, आर्यन पाटीदार ने iQFOiL बॉयज, प्रार्थना भोई ने iQFOiL गर्ल्स और तेजस्वी प्रजापति ने Techno293 गर्ल्स U-17 वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। रजत पदक विजेताओं में अंकित सिसोदिया (ILCA 4 बॉयज), तुलसी पटेल (ILCA 4 गर्ल्स), रुद्रेश पटेल और मयंक राजपूत (29er बॉयज), सोहम राजपूत (Techno293 बॉयज U-17) और जागराव कुमार (Optimist ओवरऑल) शामिल रहे। कांस्य पदक विजेताओं में वासु चंद्रवंशी ने ILCA 4 बॉयज, आस्था पांडेय ने ILCA 4 गर्ल्स और समृद्धि बाथम व पार्थ चौहान ने 420 क्लास में पदक हासिल किया।

     

  • बिजली के तार चोरी करने वाली शातिर गैंग के विरूध्द रिपोर्ट के 24 घण्टे में ही थाना सिविल लाईन हरदा व्दारा की गई प्रभावी

    चोरी गए बिजली तारों सहित एक चार पहिया वाहन और दो मोटर सायकलें भी की गई जप्त।

    हरदा
    बिजली के पोल से बड़ी मात्रा में तार चुराने वाली गैंग चढ़ी सिविल लाईन हरदा पुलिस के हत्थे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन मे सिविल लाईन पुलिस को तार चोरी गैंग के विरूध्द कार्यवाही में मिली सफलता। पूर्व में इलेक्ट्रिक ठेकेदार के पास पेटी कांट्रेक्टर के रुप में काम कर चुका है अपराध का सरगना धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले। 
    आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपए का चोरी गया बिजली का तार और घटना में प्रयुक्त एक चारपहिया लोडिंग वाहन और दो मोटर सायकलें भी जप्त करने में मिली सफलता। गैंग के सदस्य 25 फिट ऊंचे बिजली पोल पर इलेक्ट्रिक तार लगाने के कारोबार में है अभ्यस्त। इसी विधा का उपयोग कर तार चोरी की घटना को दिया अंजाम। 

    अपराध पंजीबध्द होते ही तलाश पतारसी में लगी थी, थाना सिविल लाईन पुलिस की टीमें। घटना स्थल के पहुंच मार्ग के आस-पास के कई सीसीटीवी कैमरों को खंगालते, आरोपियों तक पहुंची पुलिस की टीमें।दिनांक 18 सितम्बर 2025 को मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल कम्पनी दक्षिण ग्रामीण जिला हरदा के सहायक प्रबंधक अरूण कुमार चंदेले व्दारा रिपोर्ट की गई कि दिनांक 11 सितम्बर 2025 से 18 सितम्बर 2025 के मध्य अज्ञात चोर व्दारा कुल 26 खम्बे 1.77 किमी 11 केवी लाईन के तार 63 केवी के खामापडवा केलनपुर के बीच मार्ग स्थित प्रेमदास भायरे के खेत के पास से नाले तक चोरी कर लिये गये हैं। सूचना पर थाना सिविल लाईन हरदा पर अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 319/2025 धारा 303 (2) बीएनएस का पंजीबद्ध कर अनुसंधान में लिया गया।

     पुलिस अधीक्षक हरदा श्री शशांक व्दारा बिजली तार चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश प्रदान किये गये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरदा श्री अमित कुमार मिश्रा, एसडीओपी हरदा श्रीमती शालीनी परस्ते के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामसुमेर तिवारी व्दारा वरिष्ठ अधीकारीगणों के आदेश के पालन में थाना क्षेत्र में बिजली तार चोरी की घटनाओं में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ हेतु टीमें गठित की गई। थाना सिविल लाईन पुलिस टीम व्दारा घटना स्थल के आसपास के पहुंच मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे फुटेज संकलित कर सर्चिग की गई साथ ही इस मार्ग पर गुजरने वाले वाहनों के संबंध में साक्ष्य संकलित किए गए। इसी आधार पर घटना की दरमियानी रात्रि एक लोडिंग वाहन टाटा छोटा हाथी केलनपुर से सुखरास होते हुए हरदा आने के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई।इसी क्रम में अनुसंधान पतारसी करते लोडिंग वाहन का नंबर एमपी-47/ल-0725 का ज्ञात होने पर वाहन संचालक ड्रीमलैंड कालोनी निवासी आदिल रजा खान पिता ईसराईल खान ज्ञात हुआ. इसकी धरपकड़ कर मिलने पर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ पर अपने साथी धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले, अजीम खान, समीर खान के साथ मिलकर तार चोरी करना स्वीकार किया गया। 

    इसी क्रम में पूर्व में विद्युत पोल लगाने वाली अधिकृत कंपनी में प्रायवेट ठेकेदारी पेटी कांट्रेक्टर करने वाले धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले की धरकपकड़ की गई, जिसे 25 फिट तक ऊंचे विद्युत पोल पर चढ़कर कार्य करने का अभ्यस्त होकर घटना का मास्टर माइंड गैंग का सरगना होना पाया गया। इसी प्रकार पुलिस टीम व्दारा इस चोर गैंग के अन्य सदस्य समीर खान तथा अजीम खान पिता अंसार कबाड़ी को पकड़ा गया। जिसके गोदाम में चोरी किए गए बिजली के तारों के बंडल रखे होना बताने पर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अजीम खान के गोडाऊन से चोरी गए बिजली के तार मिलने पर जप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है।

     साथ ही आरोपियों व्दारा घटना स्थल के समीप नाले किनारे छुपा कर रखे गए बिजली तार बंडलों को भी जप्त किया गया है। घटना में प्रयुक्त चार पाहिया लोडिंग वाहन नंबर एमपी-47/ल-0725 आरोपी अजीम खान के कब्जे से, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/ज़ब-0663, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/जेडसी-8351 भी जप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है। चारों गिरफ्तारशुदा आरोपियों को माननीय न्यायालय हरदा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। घटना का मास्टर माईन्ड सहित गैंग के सरगना धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले सहित आदील रजा खान का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया गया है, जिससे पूछताछ पर क्षेत्र की अन्य चोरी के संबंध में खुलासा होने के संभावना है।

    जप्त मनुका-बिजली के तारों के 10 बंडल, कीमती 04 लाख करीबन
    लोडिंग वाहन नंबर एमपी-47/ल-0725, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/ज़ब-0663, मोटर सायकल क्रमांक एमपी-47/जेडसी-8351 कुल कीमती 05 लाख करीबन

    कुल माल मनुका 9,00,000/- रुपए
    गिरफ्तार आरोपी:1 अजीमखान पिता अंसार खान उम्र 30 वर्ष निवासी खेड़ीपुरा हरदा, 2 आदिल रजा खान पिता इसराईल खान उम्र 30 वर्ष नि ड्रीमलैण्ड कालोनी हरदा, 
    3 धीरेन्द्र उर्फ धीरु नागले पिता लक्ष्मीनारायण नागले उम्र 27 वर्ष निवासी रहटाखुर्द, 4 समीर खान पिता हसन खान उम्र 19 वर्ष निवासी इमलीपुरा हरदा।

    सराहनीय भूमिका-थाना प्रभारी निरीक्षक रामसुमेर तिवारी और टीम उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, सहायक उप निरीक्षक संजयसिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक 217 करण साहु, प्रधान आरक्षक 05 विजय प्रजापति, प्रधान आरक्षक 259 कमलेश आरक्षक 40 यश शर्मा, आरक्षक 80 अभिषेक तथा आरक्षक 225 सचिन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • नशे से दूर रहते हुए स्वस्थ एवं तनाव मुक्त जीवन जीने का संकल्प ले : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    सेवा पखवाड़े में नमो युवा रन को दिखाई हरी झण्डी

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि युवाओं को स्वस्थ रहते हुए नशे से दूर रहकर तनाव मुक्त जीवन जीने का संकल्प लेना है। सुबह जल्दी उठें, शारीरिक व्यायाम करें तदुपरांत अपने दैनिक कार्यों को तनावमुक्त होकर करें। उप मुख्यमंत्री ने नमो युवा रन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रीवा मुख्यालय में युवा रन में हजारों की संख्या में युवाओं ने सहभागिता की। एनसीसी मैदान से आरंभ हुई युवा मैराथन शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुए एनसीसी मैदान में समाप्त हुई। उप मुख्यमंत्री भी नमो युवा रन में शामिल हुए।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न रचनात्मक कार्य होंगे जिससे हम सभी इसे अपनी दैनिक दिनचर्चा में शामिल कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का संकल्प है कि फिट इंडिया में सभी स्वस्थ व स्फूर्तवान रहें। नमोयुवा रन के माध्यम से शहर व जिलेवासियों में यह संदेश जायेगा कि वह स्वस्थ रहने के लिये व्यायाम व दौड़ में भाग लें। उन्होंने दौड़ेगा रीवा दौड़ेगा भारत का नारा दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे से बचाव के लिये युवा आगे आयें। स्वयं भी नशा न करें व नशे करने वालों की सूचना दें जिससे उनका नशा छुड़ाया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जिले में नशे का कारोवार करने वाले जेल में हैं। नमो युवा रन में प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश सुना गया। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में शहरवासी व छात्र-छात्राएँ एवं युवा उपस्थित रहे।

     

  • सोयाबीन की फसल खरीदी हेतु समर्थन मूल्य (MSP) पर पंजीयन अतिशीघ्र शुरू कराये जावे: हरदा विधायक डॉ दोगने

    हरदा
    हरदा विधायक डॉ रामकिशोर दोगने द्वारा म.प्र. के मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर सोयाबीन की फसल खरीदी हेतु समर्थन मूल्य (MSP) पर पंजीयन अतिशीघ्र शुरू कराये जाने की मांग की गई है। हरदा विधायक डॉ दोगने द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किए गए पत्र में लेख किया गया है कि वर्तमान समय में प्रदेश में सोयाबीन की कटाई प्रारंभ हो चुकी है, किंतु अब तक समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है।

    फलस्वरूप प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन 4000 रुपये प्रति क्विंटल से भी कम दर पर बिक रहा है। जैसा कि विदित है, फसलों की खरीद हेतु केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाता है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके और उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। वर्तमान वर्ष हेतु सोयाबीन का (MSP) 5328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। किंतु समय पर पंजीयन एवं खरीद प्रक्रिया प्रारंभ न होने के कारण प्रदेश के क़िसानों को प्रतिक्विंटल लगभग 1300 से 1500 रुपये तक का सीधा नुकसान हो रहा है। 

    इस हेतु मेरा आपसे अनुरोध है कि शीघ्रातिशीघ्र समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद हेतु पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ करवाने की कृपा करें, ताकि किसान अपनी उपज का वाजिब मूल्य प्राप्त कर सकें और उन्हें आर्थिक क्षति का सामना न करना पड़े । उपरोक्तानुसार आगामी कार्यवाही से प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा तथा उनकी आजीविका सुरक्षित रह सकेगी।

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रतिभाशाली आयुषी को दी बधाई

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा की प्रतिभाशाली बेटी आयुषी वर्मा को बधाई दी। उन्होंने आयुषी के निवास पहुंचकर उसका अंगवस्त्रश्रम से सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि आयुषी ने एसएससीडब्ल्यू (टेक्निकल) प्रवेश परीक्षा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा में देश में 24वां स्थान प्राप्त किया है।

     

  • मुख्यमंत्री साय ने किया माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण

    एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से बना सामाजिक भवन
    मुख्यमंत्री श्री साय ने जगतू माहरा एवं धरमू माहरा के योगदान सहित माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को किया रेखांकित

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड में एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से निर्मित माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय का पारंपरिक मोहरी बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया। माहरा समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री श्री साय को पारंपरिक माहरा पाटा पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने फीता काटकर भवन का विधिवत उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक क्षण में आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदलपुर की स्थापना जगतू माहरा तथा धरमपुरा की स्थापना धरमू माहरा द्वारा की गई थी। उन्होंने भूमकाल जैसे आंदोलनों में समाज की सक्रिय भूमिका और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष को विशेष रूप से रेखांकित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रयासों से माहरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्य लक्ष्य गरीबों का कल्याण और किसानों का आर्थिक विकास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है। किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदा जा रहा है, जिसके लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।

    युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लिए तेजी से कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में  सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जनहितकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियद नेल्लानार योजना दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो रही है। कार्यक्रम में  माहरा समाज के संभाग अध्यक्ष श्री राजू बघेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। शांति नाग ने प्रतिवेदन का वाचन किया तथा समाज के संरक्षक श्री बिच्चेम पोंदी ने आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर श्री संजय पांडे, पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा, श्री लच्छूराम कश्यप, श्री बैदूराम कश्यप, श्री सुभाऊ कश्यप, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, माहरा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

  • राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

    जगदलपुर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह एवं नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    धुरवा समाज के लिए 5 स्थानों पर डोम निर्माण हेतु 75 लाख रुपए की घोषणा

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा।

    उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।

    उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है।

    कार्यक्रम को वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं।

    आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष श्री पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

    इस अवसर पर चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

  • प्रदेश में इस मौसम की कुल औसत वर्षा 1039.8 मि.मी.

    रायपुर,

    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1039.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 903.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 758.4 मि.मी., गरियाबंद में 917.6 मि.मी., महासमुंद में 736.4 मि.मी. और धमतरी में 936.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1091.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1260.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 907.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1240.2 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1054.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 798.0 मि.मी., कबीरधाम में 766.1 मि.मी., राजनांदगांव में 879.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1249.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 789.8 मि.मी. और बालोद में 1089.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 735.6 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1012.9 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1415.3 कोंडागांव जिले में 960.7 मि.मी., कांकेर में 1163.4 मि.मी., नारायणपुर में 1251.9 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1393.4 मि.मी., सुकमा में 1096.3 मि.मी. और बीजापुर में 1417.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • एकात्म धाम बनेगा वैश्विक केंद्र, 2,195 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा ‘अद्वैत लोक संग्रहालय’ का निर्माण

    ‘एकात्मता की प्रतिमा’ स्थापना की दूसरी वर्षगांठ पर ओंकारेश्वर में भव्य आयोजन

    भोपाल 
    आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास ने ‘एकात्म धाम’ को अद्वैत दर्शन और सांस्कृतिक एकता का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। प्रथम चरण में 108 फीट ऊँची बहुधातु की ‘एकात्मता की प्रतिमा’ की स्थापना पूरी हो चुकी है। द्वितीय चरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में 2,195 करोड़ रुपए की लागत से ‘अद्वैत लोक संग्रहालय’ का निर्माण किया जा रहा है, जो आचार्य शंकर के जीवन, विचार और दार्शनिक परम्परा को समर्पित होगा।

    आदि गुरू शंकराचार्य की ‘एकात्मता प्रतिमा’ स्थापना की दूसरी वर्षगांठ के पावन अवसर पर ओंकारेश्वर के मार्कण्डेय संन्यास आश्रम में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा आचार्य शंकर द्वारा रचित स्तोत्रों और भाष्यों का विधिवत पारायण किया गया। इसके बाद गुरु पूजन, रुद्राभिषेक और संवाद सत्र भी हुआ, जिसमें संत-महात्मा, विद्वान और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    आयोजन में महामंडलेश्वर स्वामी नर्मदानंद बापजी, स्वामी भूमानंद सरस्वती, अनेक शंकर दूत, वेद अध्ययनकर्ता तथा एकात्म धाम के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान शंकर दूतों और विद्वानों ने तोटकाष्टकम्, नर्मदा अष्टक, गंगा स्तोत्र सहित अनेक आचार्य विरचित भक्ति स्तोत्रों का संगीतमय गायन किया, जिससे ओंकार पर्वत आचार्य शंकर के स्तोत्रों की गूंज से प्रतिध्वनित हुआ और वातावरण बेहद भक्तिमय बन गया। महामंडलेश्वर स्वामी नर्मदानंद बापजी ने कहा कि भगवान शंकराचार्य का अवतार जगत के कल्याण के लिए हुआ तथा ओंकारेश्वर की यह पुण्यभूमि आचार्य गुरु की खोज और व्यवहारिक शिक्षाओं से पुण्यवान हुई है। उन्होंने बताया कि ‘एकात्म धाम’ के माध्यम से यहाँ से विश्व में एकात्मता और अद्वैत का संदेश फैलाया जाएगा। स्वामी भूमानंद सरस्वती ने अद्वैत को जीवन-दृष्टि बताते हुए कहा कि अद्वैत वेदांत भेदभाव का अंत कर समस्याओं का सार्थक समाधान प्रस्तुत करता है। ब्रह्मचारी रमण चैतन्य ने आचार्य शंकराचार्य को न केवल महान ज्ञानी परन्तु परम भक्त भी बताया और कहा कि उनका रचित जगन्नाथ अष्टकम्, नर्मदा स्तोत्र व गंगा स्तोत्र इत्यादि भक्ति-परम्परा को जीवंत रखती हैं।

    अद्वैत लोक संग्रहालय : परियोजना का लक्ष्य और प्रभाव
    न्यास एवं संस्कृति विभाग के नेतृत्व में ‘अद्वैत लोक संग्रहालय’ को द्वितीय चरण में विकसित करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में यह परियोजना ₹2,195 करोड़ की अनुमानित लागत से चल रही है। इसका उद्देश्य आचार्य शंकर के जीवन, उनके भाष्यों, पांडुलिपियों, दर्शन एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित व प्रदर्शित करना है। परियोजना में संग्रहालय, शोध-केंद्र, शैक्षिक सुविधाएँ तथा तीर्थ और सांस्कृतिक पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे का विकास शामिल करने की रूपरेखा रखी गयी है — जिससे न केवल आध्यात्मिक-अध्ययन को बल मिलेगा बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। एकात्म धाम का रूपांतरण केवल एक धार्मिक स्मारक नहीं, बल्कि अद्वैत दर्शन के अध्ययन, सांस्कृतिक संवाद और विश्व शांति संदेश का केन्द्र बनकर उभरेगा। प्रतिमा स्थापना और संग्रहालय परियोजना के समेकित प्रयास से ओंकारेश्वर न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक-आकर्षण और अध्यात्मिक शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन रह है।

     

  • दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं, जरूरत है इनका हौसला बढ़ाने की – उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    विश्व सांकेतिक भाषा दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं हैं जरूरत है कि इनका हौसला बढ़ाया जाय। दिव्यांग बच्चे वो सब कर सकते हैं जो सामान्य इंसान करता है। उप मुख्यमंत्री ने विश्व सांकेतिक भाषा दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया।

    माखनलाल चतुर्वेदी संचार एवं पत्रकारिता विश्वविद्यालय रीवा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हर क्षेत्र में, हर वर्ग के लिए कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने दिव्यांगजनों के उत्थान के लिए किये जाने वाले विभिन्न कार्यों पर अपनी सहमति व्यक्त की। कार्यक्रम में मूक बधिर छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी गयीं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दुबई में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के विजेता रहे दिव्यांग खिलाड़ी जयदीप सिंह व रोहित चतुर्वेदी को सम्मानित किया। दिव्यांग बच्चों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिन और सेवा पखवाड़ा मनाये जाने के उपलक्ष्य में केक काटकर अतिथियों तथा एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। सांसद श्री जनार्दन मिश्र सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विन्ध्य बधिर संगठन के सदस्य तथा दिव्यांग बच्चे उपस्थित रहे। 

  • मेट्रो किराए में बढ़ोतरी – यह राशि अब आपको चुकानी होगी

    इंदौर
    शहरवासी पिछले साढ़े तीन माह से सुपर कारिडोर पर मेट्रो (Indore Metro) में सफर का आनंद ले रहे है। अब मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी कम हो गई है। शुक्रवार को मेट्रो में महज 144 यात्रियों ने सफर किया है। हालात यह है कि सामान्य दिनों में जहां 150 से 400 यात्री मेट्रो में सफर कर रहे है। वही वीकेंड पर यात्रियों की संख्या 700 तक सीमित रह रही है।

    मेट्रो के संचालन के समय में बदलाव
    यात्रियों की कम संख्या और देखते हुए मेट्रो प्रबंधन द्वारा 22 सितंबर से मेट्रो के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। अभी सुपर कारिडोर पर जहां दोपरह एक से शाम सात बजे तक प्रत्येक घंटे में यात्री मेट्रो में सफर कर पाते थे। वही अब दोपहर तीन से शाम सात बजे के बीच भी यात्री मेट्रो में सफर कर पाएंगे। जानकारों के मुताबिक मेट्रो प्रबंधन द्वारा गांधी नगर स्टेशन से एमआर-10 व आगामी दिनों में रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का ट्रायल रन किया जाना है। इस वजह से भी मेट्रो के टाइम टेबल में बदलाव किया गया है ताकि मेट्रो के ट्रायल रन के लिए रूट खाली मिल सके।

    किराए में मिल रही छूट खत्म
    31 मई को सुपर कारिडोर पर मेट्रो में यात्रियों के सफर की शुरुआत हुई थी। मेट्रो प्रबंधन द्वारा शुरुआती पहले सप्ताह तक यात्रियों को निशुल्क यात्रा मौका दिया गया था। इसके बाद किराए में दूसरे सप्ताह 75 फीसदी, तीसरे सप्ताह 50 फीसदी और चौथे सप्ताह से 21 सितंबर तक 25 फीसद छूट दी जा रही है। 22 सितंबर में मेट्रो द्वारा किराए में दी रही छूट खत्म हो जाएगी।

    22 सितंबर से मेट्रो का यह रहेगा समय व किराया
    दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक सोमवार से शनिवार : हर एक घंटे में एक ट्रेन रविवार : हर आधे घंटे में एक ट्रेन

    किराए में यह रहेगा बदलाव
    1 से 2 स्टेशन : अभी 15 रुपये : अब देना होंगे 20 रुपये
    3 से 5 स्टेशन : पहले 23 रुपये : अब देना होंगे 30 रुपये

    साढ़े तीन माह में 2 लाख 45 हजार यात्रियों ने किया सफर
    जून : 2,09,335 यात्री
    जुलाई : 21009 यात्री
    अगस्त : 12021 यात्री
    1 से 19 सितंबर तक : 3568 यात्री
    कुल : 2,45,933 यात्री