• गरीबों का हक मार रहे अमीर! आयकर चुकाने वाले भी ले रहे सस्ता राशन, अब होगी बड़ी कार्रवाई

    रायपुर

     प्रदेश में 62 हजार 813 आयकर दाताओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गरीबी रेखा राशनकार्ड बना कर तीन साल से हर माह चावल भी उठाया है। राजधानी में इनकी संख्या 10361 है। इसके अलावा जीएसटी भरने वाले 640 कारोबारी ने भी बीपीएल राशनकार्ड बनवाया है।

    इतना ही नहीं प्रदेश में 29 लाख 83 हजार 738 ऐसे किसान हैं जिनके पास एक हेक्टेयर से ज्यादा जमीन के भू-स्वामी हैं। इन्होंने ने भी बीपीएल राशनकार्ड बना लिया है। अब सभी को खाद्य विभाग नोटिस जारी कर रहा है। इनसे रिकवरी भी हो सकती है। प्रदेश में राशन कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया जारी हैं। वन नेशन वन कार्ड के तहत कराए गए ई-केवाईसी और आधार से लिंक बैंक खाते, पेन कार्ड के सत्यापन में पता चला है।

    रिपोर्ट में 1,05,590 निष्क्रिय आधार धारकों के नाम सामने आए हैं, जिन पर राशनकार्ड बने हैं। बिलासपुर (5841), कवर्धा (8701), जशपुर (5681), रायपुर (9356) जैसे जिलों में हजारों निष्क्रिय पहचान से राशन उठाया जा रहा था।

    खाद्य विभाग का अलर्ट मोड
    खाद्य संचालनालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन राशन कार्डों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर फर्जी सदस्यों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने को कहा गया है। फर्जी कार्डों के माध्यम से वर्षों से उठाए गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। जिन राशन दुकानों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है।

    जिलेवार आंकड़े
        सत्यापन के दौरान रायपुर जिले में सबसे अधिक 10,361 आयकर दाता, 123 जीएसटी पे करने वाले कारोबारी और 1,12,956 एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले व्यक्तियों के पास आधार कार्ड मिले हैं।
        इसी तरह बिलासपुर जिले में 6,074 आयकर दाता, 36 कारोबारी और 1,26,041 बड़े भू-स्वामी
        दुर्ग जिले में 6,339 आयकर दाता, 71 कारोबारी और 79,446 भूमि स्वामी चिह्नित किए गए हैं।
        सरगुजा जिले में 2,586 आयकर दाता, 11 कारोबारी और 75,277 भूमि स्वामी
        आदिवासी बहुल बस्तर जिले में 1,185 आयकर दाता, 9 कारोबारी और 57,097 भूमि स्वामी के पास आधार कार्ड दर्ज किए गए हैं।

    प्रदेश के विभिन्न जिलों में किए गए सत्यापन में आयकर दाताओं, जीएसटी भुगतान करने वाले कारोबारियों और एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले व्यक्तियों के पास गरीबी रेखा (बीपीएल) राशन कार्ड पाए गए हैं। यह तथ्य उन लाभार्थियों की सूची से सामने आया है जिन्हें सरकारी योजनाओं में पात्रता से बाहर किया जाना है।

     

  • योजनाबद्ध कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ेगा ‘मोर गाँव मोर पानी’ अभियान, कलेक्टर ने दिए निर्देश

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

    कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने मनरेगा योजनांतर्गत "मोर गाँव मोर पानी" अभियान के अंतर्गत जिले के क्रिटिकल एवं सेमी-क्रिटिकल ग्राम पंचायतों को लक्षित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही पूर्व से प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट तैयार करने पर विशेष जोर दिया। जिला पंचायत के नर्मदा सभा कक्ष में शनिवार को आयोजित बैठक मे कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल-संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जाए। सभी अधिकारी एवं तकनीकी सहायक कार्य क्षेत्र पर रहकर कार्यों की गुणवत्ता एवं समय सीमा का पालन सुनिश्चित करें। बैठक में वर्ष 2026-27 हेतु श्रम बजट के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आगामी समय-सीमा में पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

         मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास, जल संरक्षण तथा सामुदायिक संपत्ति निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। अतः सभी अधिकारी योजनाओं को गंभीरता से लें और जनता को अधिकतम लाभ पहुँचाने हेतु कार्य करें। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत तथा समस्त तकनीकी सहायक उपस्थित थे।

  • ऑनलाइन जॉब स्कैम: मेडिकल स्टूडेंट से 11.50 लाख ठगे, ठगी का केस दर्ज

    रायपुर

    पंडरी मोवा क्षेत्र में रहने वाली एक मेडिकल स्टूडेंट पाखी वर्मा को घर बैठे ऑनलाइन टॉस्क के जरिये अच्छा मुनाफा होने का झांसा देकर ठगों ने पहले तीन किस्तों में 2 हजार रुपए उनके एकाउंट में ट्रांसफर किए. इसके बाद उनसे पांच हजार, 50 हजार और डेढ़ लाख रुपए जमा करा लिए गए. फिर उन्हें टॉस्क में गलती होने की बात कहकर फाइन के रूप में साढ़े चार लाख रुपए जैसी बड़ी जमा कराई गई और भुगतान करने से पहले और रुपए मांगे जाते रहे.

    फ्रॉड का अहसास होने तक मेडिकल छात्रा साढ़े 11 लाख रुपए ठगों के संदिग्ध एकाउंट में ट्रांसफर कर चुकी थी. पंडरी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट आदर्श कॉलोनी निवासी पाखी वर्मा पिता संतोष वर्मा ने लिखाई है.

    जानकारी के मुताबिक, 30 मई से लेकर एक डेढ़ महीने तक छात्रा के साथ ठगी की गई है. उनके मोबाइल फोन पर वॉट्सएप मैसेज भेजकर वेलफेयर टास्क वर्क फार्म होम ग्रुप से जोड़ा गया. टॉस्क मिलने पर स्क्रीनशॉट भेजना होता था. शुरू में दस से ज्यादा टॉस्क पूरा करने पर 30 मई 2025 को 1850 रुपये 3 किस्तों में भेजे गए. इसके बाद वेलफेयर टास्क में अत्यधिक लाभ की बात कहते हुए 5 हजार रुपए जमा कराए गए. फिर 15 हजार और 50 हजार जमा कराकर टॉस्क दिए गए. फिर टॉस्क में गलती बताकर साढ़े चार लाख मांगे गए. इसी तरह उन्हें बातों में उलझाकर साढ़े 11 लाख रुपए जमा करा लिये गए.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश प्रवास में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी स्मृतियों को संजोने और उनसे जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के लिये अनुकूल समय है, जब राष्ट्र के हित में सही निर्णय हो रहे हैं। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को वृंदावन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे भगवान कृष्ण कन्हैया की पावन धरा पर पहुंचे हैं। यहां पहुंचने पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं याद आती हैं जो आज भी समसामयिक हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने विशाल दृष्टिकोण और गरीबों के प्रति उदार भाव रखने की शिक्षा दी। मध्यप्रदेश की धरती पर सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने से लेकर सुदामा के साथ मैत्री, रुकमणी से विवाह और भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त करने के प्रसंग घटित हुए। इस नाते मध्यप्रदेश भी गौकुल का आनंद प्रदान करता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन धाम स्थित केशव नगर पहुंचकर साध्वी सरस्वती दीदी की श्रीमद भागवत कथा का श्रवण किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। साध्वी सरस्वती दीदी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मध्यप्रदेश में गौवंश संरक्षण, कृष्ण पाथेय के विकास के लिए की गई पहल और वैदिक घड़ी की स्थापना, भारतीय संस्कृति से युवा पीढ़ी को अवगत करवाने के प्रयासों की सराहना की। साध्वी सरस्वती दीदी ने सैनिक सहायता कोष के लिए साध्वी सरस्वती फाउंडेशन, वृंदावन की ओर से 11 लाख रुपए की राशि का चेक मुख्यमंत्री डॉ यादव को प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सैनिक सहायता कोष के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 11 लाख रुपए की राशि शामिल करते हुए कोष में कुल 22 लाख रुपए देने को कहा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यावदव ने स्व. जनक सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगरा के निकट ग्राम बाकंदा पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मध्यक्षेत्र के "क्षेत्र सेवा प्रमुख" श्री ओम प्रकाश सिसोदिया के पिता श्री जनक सिंह सिसोदिया के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री जनक सिंह सिसोदिया की बाकंदा आगरा स्थित समाधि परिसर में पौध रोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आगरा एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं श्री ब्रजेश पाठक ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री द्वय का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वृंदावन पहुंचने पर उत्तर प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

     

  • MP में गरबा पर नया नियम! बीजेपी MLA का फरमान, गंगाजल-तुलसीपत्र से ही होगा स्वागत

    भोपाल
    भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गैर हिंदुओं को गरबा आयोजन से दूर रहने की चेतावनी दी है। राजधानी में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि गैर हिंदू गरबा में आ सकते हैं, शर्त यह है कि उन्हें सनातन धर्म अपनाना होगा। तुलसी पत्र खिलाकर और एक चम्मच गंगाजल पिलाकर उनका हिंदू धर्म में स्वागत करने को तैयार हैं।

    गैर हिंदूओं को गरबा से दूर रहने की चेतावनी
    सोमवार से नवरात्रि शुरू हो रही है। शहर में कई जगह गरबा का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर पिछले कुछ वर्षों से माहौल एकदम बदला हुआ है। विश्व हिंदू परिषद और उससे जुड़े कई हिंदूवादी संगठन मतांतरण और लव जिहाद की कोशिशों का आरोप लगाकर गैर हिंदुओं का इस आयोजन में उग्र विरोध करते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इन संगठनों ने अलग-अलग चेतावनियां दी हैं। प्रशासन को भी पत्र सौंपे हैं। इस संदर्भ में हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा एक कदम और आगे बढ़े हैं।
     
    'हिंदू बनना चाहते हैं, तो उन्हें गरबा में आएं'
    पत्रकारों से औपचारिक चर्चा में विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अगर कुछ लोगों को लगता है कि उनके माता-पिता ने धर्म छोड़कर गलती की है और वे गलत धर्म में पैदा हुए हैं। वे हिंदू बनना चाहते हैं, तो उन्हें गरबा में आना चाहिए। माथे पर तिलक लगाना चाहिए। देवी का प्रसाद खाना चाहिए। आरती करनी चाहिए और धोती-कुर्ता पहनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर तुम राम बनकर आ रहे हो, तो गरबा खेलने के लिए तुम्हारा स्वागत है। अगर तुम हमारी बहन-बेटियों को परेशान करने आए, तो तुम्हारे साथ ऐसा सलूक किया जाएगा जिसे तुम कभी नहीं भूल पाओगे।

  • बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्र अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे तक पहुँची स्वास्थ्य सेवाएँ

    इंद्रावती नदी में स्वयं नाव चलाकर गाँव पहुँचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी

    ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच और परामर्श

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ में जब बस्तर के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की बात होती है तो सबसे पहले दुर्गम जंगलों और उफनती इंद्रावती नदी का ख्याल आता है। बरसात के मौसम में दुर्गम गाँवों तक पहुँचना बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए लोगों की जान बचाने की प्राथमिकता के साथ कार्य कर रहा है।

    नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अब आमजन तक पहुँच रहा है। यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम है, जिसने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।

    स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में प्रदेशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान ने बीजापुर जिले के सबसे दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की है। बीते शनिवार को स्वास्थ्य दल ने स्वयं नाव चलाकर उफनती इंद्रावती नदी पार की और अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे में शिविर लगाया। इस शिविर में कुल 132 मरीजों की जांच की गई, जिनमें मलेरिया, सर्दी-खाँसी और त्वचा रोग से पीड़ित रोगी प्रमुख रहे। विशेष रूप से 10 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और परामर्श प्रदान किया गया। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत महिलाओं को पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी गई। बीजापुर जिले में बीते तीन दिनों के दौरान अभियान की गति उल्लेखनीय रही है। इस अवधि में हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें उच्च रक्तचाप के 3,177 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में मुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की 2,823 स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही 314 गर्भवती महिलाओं को जांच, टीकाकरण और परामर्श का लाभ मिला। अभियान के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 1,200 से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 800 से अधिक व्यक्तियों की सिकल सेल जांच भी की जा चुकी है।

    ये आँकड़े केवल संख्याएँ नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रमाण हैं जिसके तहत प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बीजापुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम अंचलों में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बाधित न हो। यही कारण है कि स्वास्थ्य कर्मी नदी, पहाड़ और जंगल पार करके महिलाओं और बच्चों तक जीवन रक्षक सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। प्रदेश सरकार का यह प्रयास इस विचार को सशक्त करता है कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।” इसी दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर पहुँच इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।

    बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।

  • आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ग्राम स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम

    जिला पंचायत अध्यक्ष और कलेक्टर हुए शामिल

    बिलासपुर
    कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ग्राम स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान के दौरान गांव का मानचित्रीकरण, वी.डी.पी. (ग्राम विकास योजना) तैयार करने तथा ट्रांजिट वॉक जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।
         जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों में सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना जागृत कर वर्ष 2030 तक अपने गांव को समग्र विकास की दिशा में अग्रसर करना है। इसी कड़ी में बेलपान ग्राम में आयोजित शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। अभियान के दौरान ग्रामीणों और आदि कर्मयोगी सहयोगियों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। 
         उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान जिले के आदिवासी बहुल 102 ग्रामों में संचालित किया जा रहा है, जो जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने और उत्तरदायी शासन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रीय आंदोलन है। अभियान के माध्यम से देश भर के 20 लाख से अधिक "आदि कर्मयोगियों" (जमीनी स्तर के नेताओं) को प्रशिक्षित किया जाएगा जो 1 लाख जनजातीय गांवों में 11 करोड़ से अधिक लोगों के लिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करेंगे। यह अभियान ग्रामीण नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी पर केंद्रित है,जिसका अंतिम लक्ष्य भारत के विकास में जनजातीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ाना है,और गांवों में सामाजिक उत्थान, आत्मनिर्भरता और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

  • इंदौर में सड़कें बनी चुनौती: बिना टीआई और सिपाही के ट्रैफिक कंट्रोल हुआ मुश्किल

    इंदौर
    नगरीय सीमा में ट्रैफिक बल की कमी का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। तीन लोगों की मौत के बाद यातायात प्रबंधन की चर्चाएं हो रही हैं। अफसर तो खुलकर भले ही न बोलें, मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। सबसे बड़ी कमी ट्रैफिक निरीक्षकों की है। शासन ने 53 पद स्वीकृत तो कर दिए पर पोस्टिंग सात निरीक्षकों की है।

    यातायात प्रबंधन अभी भी 46 निरीक्षकों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षक नगर (एरोड्रम) से बड़ा गणपति (मल्हारगंज) के बीच हुआ ट्रक हादसा पुलिस की गैर मौजूदगी के कारण हुआ था। अफसरों के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि जिन पुलिसकर्मियों को चौराहे पर मौजूद रहना था वो धार्मिक गुरु के कार्यक्रम में गए थे।
     
    46 निरीक्षक अभी भी कम
    अफसरों का दावा है कि एक कार्यक्रम की व्यवस्था संभालने के लिए किसी एक चौराहे का बल कम करना ही पड़ता है। कमिश्नोरेट में शासन ने जिन पदों की स्वीकृति दी, उनकी पूर्ति ही नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार दिसंबर 2021 में कमिश्नर प्रणाली लागू करने के साथ यातायात प्रबंधन के लिए निरीक्षकों के 53 पद स्वीकृत किए गए थे। इसमें सिर्फ सात की पोस्टिंग हुई।

    46 निरीक्षक अभी भी कम है। प्रधान आरक्षक 105 चाहिए। 850 की जरूरत, मगर 679 ही पदस्थ: इसी तरह 19 चालकों की जगह अभी भी खाली है। कुल मिलाकर यातायात प्रबंधन के लिए 850 पुलिसकर्मी व अधिकारियों की आवश्यकता है जिनमें 679 ही पदस्थ हैं। विभाग को 193 लोगों की आज भी जरूरत है। इसी तरह आठ सूबेदार, दो एएसआई, 13 आरक्षकों की भी आवश्यकता है।

     

  • उत्पाती बंदरों पर कसा शिकंजा, अब तक 35 को भेजा गया गुरु घासीदास पार्क

    मनेंद्रगढ़

    चिरमिरी क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती तादाद लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी बनी हुई थी. आए दिन लोग इनके आतंक से परेशान रहते थे. कभी ये बंदर घरों में घुस जाते, तो कभी खेतों में नुकसान पहुंचाते थे. कई बार तो राहगीरों और बच्चों पर हमला करने की भी शिकायतें आती थीं. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेंद्रगढ़ के डीएफओ मनीष कश्यप को अभियान चलाने के निर्देश दिए.

    35 बंदरों को गुरु घासीदास पार्क में छोड़ा गया
    वन विभाग की टीम ने अब तक 35 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से गुरु घासीदास पार्क में छोड़ा है. वहां उनके लिए प्राकृतिक माहौल और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है. विभाग की इस पहल से न सिर्फ शहरवासियों को राहत मिली है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का भी संदेश गया है. डीएफओ मनीष कश्यप ने स्पष्ट किया कि किसी भी वन्य जीव को नुकसान पहुंचाए बिना इस अभियान को अंजाम दिया जा रहा है. उनका कहना है कि वन्य जीव भी प्रकृति का हिस्सा हैं और उनका संरक्षण करना विभाग की जिम्मेदारी है.

    प्रशासन की कार्रवाई से चिरमिरी में राहत
    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब वन विभाग ने इतनी बड़ी समस्या पर ठोस कदम उठाया है. लोगों ने डीएफओ मनीष कश्यप और उनकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयास से चिरमिरी में राहत का माहौल है. इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि अगर जिम्मेदारी और गंभीरता से पहल की जाए तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है.

    वन विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जल्द ही चिरमिरी को बंदरों की समस्या से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद है. यह पहल न केवल लोगों की सुविधा के लिए कारगर है बल्कि पर्यावरण संतुलन और वन्य जीव संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है.

  • कल महासमुंद जिले के दौरे पर खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा

    महासमुंद,

    छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा सोमवार 22 सितंबर को महासमुंद जिले के दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:00 बजे रायपुर से प्रस्थान करेंगे एवं महासमुंद पहुंचेंगे, जहां वे आंगनवाड़ी केंद्र,पीडीएस, मध्याह्न भोजन, छात्रावास आदि का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के पश्चात दोपहर 2:30 बजे वे कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात शाम 4.30 बजे श्री शर्मा रायपुर के लिए रवाना होंगे।

  • इंदौर में वायरल फीवर फैलाव तेज, स्वास्थ्य विभाग ने 550 मामलों की पुष्टि की

    इंदौर
    मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण बीमारियां काफी बढ़ रही हैं। अभी शहर में वायरल का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ रहा है। लगभग सभी घरों में कोई न कोई व्यक्ति बीमार मिल रहा है। इसके अलावा वर्षा के मौसम में डेंगू, मलेरिया के मरीजों की भी संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरजनित बीमारियों से लोगों को बचाने के लिए लार्वा सर्वे किया जा रहा है।

    इसके अंतर्गत सितंबर में अब तक कुल 2431 घरों का सर्वे किया गया, जिनमें से 75 घरों में लार्वा पाया गया। इसी प्रकार कुल 14551 कंटेनर की जांच की गई, जिसमें से 79 में लार्वा पाया गया। सर्वे के दौरान यह पाया गया कि करीब 550 लोग बीमार हैं। इनमें डेंगू, मलेरिया के लक्षण पाए जाने पर जांच करवाई गई, लेकिन रिपोर्ट सामान्य आई। यह सभी लोग वायरल फीवर से पीड़ित थे, जिन्हें विशेषज्ञों ने इलाज करवाने की सलाह दी।
     
    अधिकारियों के अनुसार प्रजापत नगर में तेज बारिशके चलते जलजमाव की स्थिति बनी थी। इसके चलते प्रजापत नगर सहित आसपास के क्षेत्र में इसके लिए विशेष सर्वे किया गया। क्योंकि इन क्षेत्रों में कई दिनों तक पानी भरा हुआ था। इसके कारण मच्छरजनित सहित अन्य बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है।

    दूषित पानी के कारण बढ़ रही बीमारियां
    शहर में दूषित पानी के कारण भी बीमारियां बढ़ रही हैं। एमवाय अस्पताल की ओपीडी में पेट संबंधित समस्या लेकर मरीज आ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में दूषित की आशंका के चलते अब तक पानी के 75 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 14 में पानी दूषित मिला है। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित पानी के कारण टायफाइड, हेपेटाइटिस ए, डायरिया आदि बीमारियां बढ़ रही हैं। हमेशा पानी को उबालकर ही पीना चाहिए।

    डेंगू के 46 मरीज मिले
    मलेरिया विभाग के अनुसार इस वर्ष अब तक डेंगू के 46 और मलेरिया के नौ मरीज मिल चुके हैं। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मरीजों की संख्या काफी कम है। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए हमें घर और घरों के आसपास पानी एकत्रित होने से रोकना होगा।

  • फाइव लाख गोलगप्पों का चमत्कार! दुर्गा पूजा में मां भगवती की भव्य प्रस्तुति ने किया सबको हैरान

    बिलासपुर
    संस्कारधानी के हृदय स्थल मसानगंज में इस साल दुर्गा पूजा का रंग कुछ हटकर होगा। नवयुवक दुर्गोत्सव समिति अपने 57वें साल में मां दुर्गा का दरबार पांच लाख गुपचुप से सजा रही है। पंडाल ही नहीं, देवी की प्रतिमा भी गुपचुप पर विराजमान होंगी।

    कोलकाता से आए कारीगर इस अनोखे पंडाल को तैयार करेंगे। पांच दिनों तक भोग-प्रसाद के रूप में भक्तों को गुपचुप ही परोसा जाएगा। मसानगंज की नवयुवक दुर्गोत्सव समिति हर साल नए-नए प्रयोगों के लिए जानी जाती है। पिछले साल यहां दो लाख चाकलेट से माता का रूप और पंडाल सजाया गया था, जिसने भक्तों का दिल जीत लिया था। इस बार समिति ने और भी बड़ा प्रयोग किया है।

     

  • आसपास की राखो साफ सफाई इसी मैं है सबकी भलाई

     देवपुर

    सेवा पखवाड़ा स्वच्छ ग्राम कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन मैं जिले भर मैं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां की जा रही साथ ही ग्राम पंचायत निकाय स्तर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान मैं स्वच्छता कार्य किए जा रहे है इसी क्रम मैं ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम पंचायत भवन से लेकर शासकीय माध्यमिक शाला देवपुर तक रास्ते मैं जितने कचरे घूरे रोड के किनारे से सभी को साफ किया गया और ग्राम के आस पास बंद नालियों को साफ किया गया जिससे ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाए साथ ही सरपंच महोदय के द्वारा ग्राम के सभी ग्राम वासियों से अपील की गई की कोई भी ग्राम वासी गांव के आस पास गंदगी करते या कचरा के ढेर या  रोड के किनारे घूरे लगाए पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कायवाही की जायेगी अपने ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखे जिससे ग्राम की रौनक और सुंदरता बनी रहे इस अवसर पर ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम के सरपंच कुंवर शिवाजी शाह बुंदेला ग्राम पंचायत सचिव प्रेमलाल यादव सहा सचिव परमलाल यादव राकेश यादव जसरथ यादव बिदुर शाह बुंदेला लक्ष्मण सिंह प्रकाश यादव पत्रकार राकेश कुमार एवम समस्त ग्राम वासी मौजूद रहे

  • 44 वां उपपुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण बैंच के 10 प्रशिक्षु डीएसपी पहुंचे मैहर, पुलिस अधीक्षक मैहर से की शिष्टाचार भेंट

    मेला बंदोबस्त व्यवस्था में पुलिस की भूमिका के संबंध में प्राप्त की जानकारी
    मैहर

    मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौरी ,भोपाल द्वारा संचालित 44 वां उपपुलिस अधीक्षक प्रशिक्षण बैंच के 10 प्रशिक्षु डीएसपी अनुमोदित पाठ्यक्रम अनुसार मध्य प्रदेश दर्शन अंतर्गत मेला बंदोबस्त व्यवस्था में पुलिस की भूमिका संबंधी जानकारी प्राप्त करने मैहर पहुंचे , जिनके द्वारा  पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह से शिष्टाचार भेंट की गई । पुलिस अधीक्षक द्वारा ट्रेनी डीएसपी को मां शारदा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए  ब्रीफ किया गया। तत्पश्चात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ चंचल नागर द्वारा ट्रेनी डीएसपी को प्रेजेंटेशन के माध्यम से संपूर्ण मेला जोन के विभिन्न स्थानों की जानकारी देते हुए मेले के दौरान भीड़ की स्थिति के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही  ड्यूटी  के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने हेतु पुलिस द्वारा अपनाए गए समाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

    मध्य प्रदेश दर्शन योजना के अंतर्गत प्रशिक्षु डीएसपी को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाता है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, पुलिस व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

  • एक्सप्रेस वे पर 30+ ट्रॉली बैग बरामद, पुलिस ने जताई ड्रग्स तस्करी की संभावना

    रायपुर

    राजधानी रायपुर में रविवार सुबह सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट जाने वाले एक्सप्रेस-वे पर लावारिस हालत में कई ट्रॉली बैग मिले हैं। बताया जा रहा है कि सभी बैग बिल्कुल नए हैं, लेकिन उन्हें ब्लेड से काटा गया है। इस वजह से इन बैगों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    मामला माना थाना क्षेत्र का है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि इन बैगों का इस्तेमाल गांजा या अन्य नशे की तस्करी में किया गया हो सकता है, वहीं कैश की सप्लाई से भी इनका कनेक्शन होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं बैगों को किसी वारदात के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से तो नहीं फेंका गया।

    खास बात यह है कि जिस जगह बैग फेंके गए हैं, वहां आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं है। ऐसे में पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, पुलिस एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले वाहनों के फुटेज खंगालने की कोशिश कर रही है।

    गौरतलब है कि एक दिन पहले ही दुर्ग में 6 करोड़ रुपए नकदी बरामद हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से पुलिस की सतर्कता और बढ़ गई है। पिछले दिनों रायपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्कर गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। ऐसे में इस तरह सदिग्ध हालत में ट्रॉली बैग्स के मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह की घटना से किसी बड़ी साजिश की बू आ रही है।

  • पन्ना में डरावनी घटना: बस पेड़ से टकराई, 12 यात्री अस्पताल में भर्ती, एक महिला की गंभीर स्थिति

    पन्ना
    पन्ना में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। पन्ना-सतना राष्ट्रीय राजमार्ग -39 पर पांडेय बस सर्विस की एक तेज रफ्तार यात्री बस क्रमांक-MP-35, P-0246 जो गुन्नौर से पन्ना आ रही थी तभी पन्ना शहर के नजदीक काष्टागार के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। ​हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य में जुट गई। इस घटना में करीब एक दर्जन यात्री घायल हुए हैं, जिनको जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं घायलों में ककरहटी निवासी 40 वर्षीय संतोषी पाण्डेय गंभीर रूप से जख्मी हुई हैं। वे अपनी बहू को देखने के लिए ककरहटी से छतरपुर जा रही थीं। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है।
     
    अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।​ बस में सवार एक यात्री, वनगांव की राजकुमारी बाई, ने बताया कि ड्राइवर बहुत तेज गति से बस चला रहा था। वाहन चालक ने अपना संतुलन खो दिया और बस सड़क किनारे पेड़ से टकराकर पलट गई। देखते ही देखते यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या प्रशासन तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों पर लगाम लगा पाएगा।

  • 14 लाख मृदा कार्ड बने, लेकिन किसान अभी भी अधिक खाद इस्तेमाल कर रहे हैं – रिपोर्ट में खुलासा

    भोपाल
    किसानों द्वारा अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए अनियंत्रित रासायनिक खाद के उपयोग के प्रमाण सामने आ रहे हैं। इससे मृदा (मिट्टी) को होने वाले नुकसान को देखते हुए भारत सरकार ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना वर्ष 2015 में लागू की। अब तक मध्य प्रदेश में 14 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसमें खेत के चारों ओर से मिट्टी लेकर यह परीक्षण किया जाता है कि उसमें किस तत्व की कमी है। उसकी पूर्ति के लिए सलाह दी जाती है।

    इसी संदर्भ में खाद के उपयोग के आंकड़ों को देखें तो योजना अपने उद्देश्य में सफल होती नजर नहीं आती है। सरकार ने इसकी निगरानी की भी कोई व्यवस्था नहीं की है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किसान सलाह का पालन कर रहा है या नहीं। इसका एक पक्ष यह भी है कि किसान मृदा परीक्षण को लेकर जागरूक नहीं हैं। वे स्व प्रेरणा से मिट्टी परीक्षण नहीं कराते हैं। अधिकारी भी उदासीन हैं।
     
    एमपी में 11 जलवायु क्षेत्र
    मध्य प्रदेश में 11 जलवायु क्षेत्र हैं। भारतीय भूमि एवं मृदा सर्वेक्षण विभाग ने प्रदेश को पांच मिट्टी (काली, लाल-पीली, जलोढ़, लेटराइट और मिश्रित) के प्रकारों में बांटा है। किसी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, एल्यूमीनियम, लोहा, पोटेशियम भरपूर है तो किसी में लोहा, एल्युमिनियम और चूने की प्रचुरता है। इसी तरह कई तत्वों की कमियां भी हैं, जो उत्पादकता प्रभावित करते हैं।

    पूर्व कृषि संचालक और मृदा विज्ञानी डा.जीएस कौशल का कहना है कि जब तक किसान को यह पता न हो कि उसकी भूमि में किस तत्व की कमी है या अधिक है तो वह संतुलित खाद का उपयोग कैसे करेगा। अधिकतर किसान परंपरा के अनुसार खाद का उपयोग करते हैं, जो अनुचित है। इससे केवल लागत बढ़ती है उत्पादकता नहीं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन यह व्यवस्था कारगर नहीं है क्योंकि किसान अनुशंसा के अनुसार खाद का उपयोग ही नहीं करते हैं। वे आसानी से इसका पालन कर भी नहीं सकते हैं क्योंकि 30 लाख से अधिक किसान तो खाद के लिए तो सहकारी समितियों के भरोसे हैं। किसान निजी विक्रेताओं से महंगी और अमानक खाद खरीद भी नहीं सकते।

    छह वर्ष तक प्रयोगशालाओं का संचालन ही प्रारंभ नहीं हुआ
    कृषि विज्ञानियों का कहना है कि मृदा परीक्षण के लिए पहले तो प्रयोगशालाएं गिनती की थीं। जब विकासखंड स्तर पर इन्हें स्थापित करने के लिए 150 करोड़ रुपये व्यय किए गए लेकिन करीब छह वर्ष तक अमले की कमी के कारण संचालन ही प्रारंभ नहीं हो पाया। सरकार ने जून, 2024 में इन्हें संचालन के लिए युवा उद्यमियों और संस्थाओं को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

  • आसपास की रखो साफ सफाई, इसी मैं है सबकी भलाई

    जबलपुर 
    सेवा पखवाड़ा स्वच्छ ग्राम कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के निर्देशन मैं जिले भर मैं सेवा पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां की जा रही साथ ही ग्राम पंचायत निकाय स्तर पर स्वच्छता ही सेवा अभियान मैं स्वच्छता कार्य किए जा रहे है इसी क्रम मैं ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम पंचायत भवन से लेकर शासकीय माध्यमिक शाला देवपुर तक रास्ते मैं जितने कचरे घूरे रोड के किनारे से सभी को साफ किया गया और ग्राम के आस पास बंद नालियों को साफ किया गया जिससे ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाए साथ ही सरपंच महोदय के द्वारा ग्राम के सभी ग्राम वासियों से अपील की गई की कोई भी ग्राम वासी गांव के आस पास गंदगी करते या कचरा के ढेर या  रोड के किनारे घूरे लगाए पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कायवाही की जायेगी अपने ग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखे जिससे ग्राम की रौनक और सुंदरता बनी रहे इस अवसर पर ग्राम पंचायत देवपुर प्रथम के सरपंच कुंवर शिवाजी शाह बुंदेला ग्राम पंचायत सचिव प्रेमलाल यादव सहा सचिव परमलाल यादव राकेश यादव जसरथ यादव बिदुर शाह बुंदेला लक्ष्मण सिंह प्रकाश यादव पत्रकार राकेश कुमार एवम समस्त ग्राम वासी मौजूद रहे 

  • श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की उम्मीद, मां बम्लेश्वरी धाम में प्रशासन ने कसी कमर

     डोंगरगढ़

    छत्तीसगढ़ का डोंगरगढ़ मां बम्लेश्वरी धाम एक बार फिर नवरात्र पर्व के लिए तैयार हो गया है. चैत्र और क्वांर नवरात्र में यहां लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस बार भीड़ के मद्देनज़र मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक हर पहलू पर खास ध्यान दिया है. शारदीय नवरात्र इस साल 22 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा.

    डोंगरगढ़ का यह धाम लगभग 1,600 फीट ऊंचाई पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए 1,000 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे की व्यवस्था की गई है, हालांकि हाल ही में हुए हादसे ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया था. तकनीकी जांच और सुधार के बाद रोपवे को दोबारा शुरू किया गया है. इस बार ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि नवरात्र में सुबह से रात तक रोपवे चलेगा और बीच-बीच में नियमित मेंटेनेंस भी होगा.

    डोंगरगढ़ की कहानी सदियों की आस्था और लोककथाओं का ताना-बाना है: प्राचीन काल में ‘कामावती’ (या कामाख्या नगरी) नाम से प्रसिद्ध यह स्थान लोकमान्य कथाओं के अनुसार राजा कामसेन के राज्य का केन्द्र था, जिनकी तपस्या से मां बगलामुखी/बम्लेश्वरी का यहाँ अवतरण माना जाता है; कुछ वार्ताएं इसे उज्जैन के विक्रमादित्य की कथा से भी जोड़ती हैं और स्थानीय-पुरातात्विक रेकॉर्ड व लोककथाएँ मंदिर को लगभग 2,000–2,200 वर्ष पुराना बताती हैं.

    ऊँचे पहाड़ी शिखर पर स्थित बड़ी बम्लेश्वरी (लगभग 1,600 फीट) और नीचे की चोटी पर स्थित छोटी बम्लेश्वरी—दोनों ने समय के साथ तीर्थयात्रा की परंपरा गढ़ी; नवरात्र में यहाँ ‘ज्योति कलश’ और श्रद्धालुओं का सैलाब इस धाम को आधुनिक समय में भी जीवित रखता है. विकास के साथ रोपवे और रेल जैसी सुविधाओं ने पहुंच आसान की है,

    आज मंदिर ट्रस्ट व जिला प्रशासन पारंपरिक आस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं को संतुलित करते हुए तीर्थयात्रियों के स्वागत को व्यवस्थित करते हैं. भक्तों की सुविधा के लिए देवी ने पहाड़ी के नीचे भी छोटी बम्लेश्वरी और मंझली रणचंडी के रूप मे यहाँ स्वरूप धारण किया. यही वजह है कि यहां बड़ी और छोटी दोनों माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है.

    नवरात्र पर्व के दौरान डोंगरगढ़ की सबसे बड़ी परंपरा है ज्योति कलश प्रज्वलन. इस साल ट्रस्ट के मुताबिक ऊपर वाले मंदिर में करीब 7,000, नीचे वाले मंदिर में 900 और शीतला माता मंदिर में 61 ज्योति कलश जलाए जाएंगे. इनमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए भक्तों के साथ ही अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नामीबिया जैसे देशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था अर्पित करेंगे.

    भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रस्ट ने इस बार छिरपानी में विशाल पार्किंग की व्यवस्था की है. रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी महज आधा किलोमीटर है, जहां तक ऑटो या पैदल आसानी से पहुंचा जा सकता है. मंदिर परिसर और चढ़ाई वाले रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. एसी वेटिंग हॉल, कैंटीन, ठंडे पानी की व्यवस्था और चिकित्सा बूथ जैसी सुविधाओं को और सुदृढ़ किया गया है, प्रशासन ने मेले की तैयारियां पूरी कर ली हैं.

    आस्था और विश्वास का प्रतीक मां बम्लेश्वरी धाम सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है. नवरात्र के दौरान यहां उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का सबूत है कि भक्तों के लिए मां बम्लेश्वरी न सिर्फ आस्था का धाम हैं, बल्कि मनोकामनाओं की पूर्ति का विश्वास भी.

  • दुर्भाग्य: हाथी का बच्चा नदी में बहा, झाड़ी में मृत मिला

    कोरबा

    हसदेव नदी के किनारे झाड़ी में हाथी के शावक की लाश मिली है. बताया जा रहा है कि हाथी शावक नदी पार करने के दौरान बह गया था. सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने शव बरामद कर लिया है.

    जानकारी के अनुसार, कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज के पनगंवा में 54 हाथियों का दल विचरण कर रहा है. इस झुंड में उनके बच्चे भी हैं. इन्ही में से एक शावक के नदी पार करने के दौरान बहने की जानकारी है. वन टीम ने केंदई रेज के ओड़ार बहरा के पास हाथी शावक के शव को बरामद किया है. बताया जा रहा है कि नदी में बहकर शव यहां पहुंच गया है.

    रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हसदेव नदी के बहाव के साथ बहकर शव के आने की संभावना है. उसकी मौत कैसे हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा. शुरुआती जांच में नदी पार करते समय पानी में बहने से होना माना जा रहा है. एक सप्ताह पहले ही सखोदा में हथिनी ने बच्चों को जन्म दिया था. इसके बाद 27 हाथियों का झुंड आगे बढ़ गया था.