• सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने अधिकारियों को दी बधाई

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल “संपदा 2.0” को शनिवार नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित SKOCH गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संपदा 2.0 से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है।

    उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि "संपदा 2.0" ने सुशासन और पारदर्शिता के नये आयाम स्थापित किये हैं। यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में हो रहे निरंतर नवाचारी प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया गया है। भविष्य में इस पहल को और व्यापक बनाकर लोगों तक अधिक सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। यह पुरस्कार राज्य सरकार की पारदर्शिता, सुशासन एवं तकनीकी नवाचार की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया।

    राजधानी नई दिल्ली में एक गरिमामय कार्यक्रम में प्रोफेसर महेंद्र एस देव चेयरमैन, प्रधानमंत्री इकोनॉमिक एडवाइजरी कॉउंसिल एवं प्रोफेसर आर. कविता राव, संचालक नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी तथा स्कॉच ग्रुप द्वारा "संपदा 2.0" के क्रियान्वयन के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, वाणिज्यिक कर विभाग मध्यप्रदेश शासन को राष्ट्रीय स्कॉच स्वर्ण पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया। परियोजना प्रभारी अधिकारी वरिष्ठ जिला पंजीयक श्री स्वप्नेश शर्मा ने पुरस्कार प्राप्त किया।

    "संपदा 2.0" के माध्यम से सेवाओं को तेज़, सरल और पारदर्शी बनाने में सफलता मिली है। इस प्लेटफ़ॉर्म ने न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता बढ़ाई है, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित एवं सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। भविष्य की दृष्टि से "संपदा 2.0" को और व्यापक बनाने तथा अधिक सेवाएँ इससे जोड़ने की योजना है। इससे प्रदेश में डिजिटल सुशासन को नई गति मिलेगी और नागरिकों को और अधिक सरलता से सेवाएँ मिल सकेंगी। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है और यह दर्शाती है कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर नवाचार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश को ई-पंजीयन एवं ई- स्टैंपिंग की परिष्कृत प्रणाली को उत्कृष्टता के आधार पर राष्ट्रीय ई – गवर्नेंस पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जहाँ 75 दस्तावेज़ बिना उप पंजीयक कार्यालय आए वीडियो केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत किए जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति कहीं से भी कभी भी स्वयं के उपयोग हेतु ई-स्टाम्प सृजित कर सकता है। यह प्रक्रिया स्थापित करने वाला मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। प्रदेश में ई-पंजीयन के माध्यम से दस्तावेज के पंजीयन की पेपरलेस व्यवस्था संचालित है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सराहा गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार को कैपिटल इंसेंटिव स्कीम में 200 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं। "संपदा 2.0" साफटवेयर को 2025 का राष्ट्रीय ई गवर्नेन्स पुरस्कार भी 22 एवं 23 सितंबर को आन्ध्रप्रदेश, विशाखापट्टनम में राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स कॉन्फ़्रेंस में प्रदाय किया जाना है।

    संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं।

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ब्रम्हाकुमारी अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन किये

    राज्यपाल श्री पटेल ने दी अंतिम विदाई

    भोपाल 
    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने क्षेत्रीय निदेशिका एवं राष्ट्रीय संयोजिका राजयोगिनी ब्रम्हाकुमारी अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन किये। उन्होंने पार्थिव देह पर पुष्प माला अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल शनिवार को प्रातः प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, क्षेत्रीय मुख्यालय, राजयोग भवन, अरेरा कॉलोनी भोपाल पहुंचे। उन्होंने अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन किए। मौन रख कर भावभीनी अंतिम विदाई दी। परमपिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री अवधेश प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर के रसुल्ला में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में हुए शामिल

    विकास के कामों के लिए धन की कमी नहीं
    रसुल्ला का हाईस्कूल प्रोन्नत होगा हायर सेकंडरी स्कूल में और बनेगा खेल परिसर
    प्रस्तावित सिंचाई परियोजना का कराया जायेगा सर्वे

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास की रफ्तार किसी भी हाल में थमेगी नहीं। सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में अभी मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है। हम दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में पहले स्थान पर लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डॉ. आंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत पशुपालकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके तहत 25 से अधिक गाय पालने वाले गोपालकों को 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा के ग्राम रसुल्ला में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में ग्राम रसुल्ला के समाजसेवी स्व. श्री रघुवीर सिंह यादव की स्मृति में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गाय पालन करें और दूध, दही, मक्खन सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी कर सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों एवं परम्पराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। दशहरे पर शस्त्रपूजन पूरे प्रदेश के शस्त्रागारों में किया जाएगा। इसी तरह दीपावली में गोवर्धन पूजा भी की जायेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान श्रीराम के चरणों के पड़ावों को राम वन गमन पथ के रूप में सजाया-संवारा जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में गीता भवन बनाए जाएंगे तथा श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के माध्‍यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत घर-घर जल पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को पक्‍का मकान,उज्‍जवला योजना के तहत गैस सिलेण्‍डर तथा नि:शुल्क खाद्यान्‍न उपलब्‍ध हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार हर वर्ग को साथ लेकर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह राशि उपलब्‍ध कराकर उनका मान सम्‍मान बढ़ा रही है। पूरे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की व्‍यवस्‍था बेहतर हुई है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा संचालित आयुष्‍मान भारत योजना के तहत आयुष्‍मान कार्ड के माध्‍यम से गरीबों का इलाज मुफ्त कराया जा रहा है। साथ ही और अधिक गंभीर इलाज के लिए आवश्‍यकता होगी तो प्रदेश सरकार एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्‍ध कराएगी।

    मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम रसुल्ला के हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने खेल मैदान एवं खेल परिसर के निर्माण की भी घोषणा की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने ग्राम रसुल्ला से लगे गांवों में लगभग 100 हेक्टेयर की सिंचाई परियोजना का सर्वेक्षण करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर सिंचाई योजना पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और प्रदेश का कोना-कोना सिंचित होगा।

    राहवीर योजना बनेगी मददगार
    मुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राहवीर योजना के तहत अगर किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और यदि कोई व्‍यक्ति उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाकर जान बचाते हैं तो व्‍यक्ति को 25 हजार रुपये की राशि योजना के अंतर्गत उपलब्‍ध कराई जायेगी। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी डर के इमरजेंसी में सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित करना है।

    प्रतिमा का किया अनावरण
    मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ग्राम रूसल्‍ला में पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव के पिताजी और समाजसेवी स्‍व. रघुवीर सिंह यादव की छटवीं पुण्‍यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने राधाकृष्‍ण मंदिर पहुंचकर दर्शन किये तथा पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की।

    प्रदर्शनी का अवलोकन
    कार्यक्रम स्‍थल पर मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा विभिन्‍न विभागों द्वारा सेवा पखवाडा अभियान अंतर्गत लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव, मुंगावली विधायक श्री बृजेन्‍द्र सिंह यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में चंदेरी विधायक श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी,जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्री अजय प्रताप सिंह यादव,नगरपालिका अध्‍यक्ष श्री नीरज मनोरिया, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि सहित बडी संख्‍या में समाजजन एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     

  • यातायात जागरुकता हेतू ली गई ऑटो चालकों की बैठक

    आगामी त्यौहारों के दौरान माता के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं से सभ्यता पूर्वक व्यवहार करने की दी गई समझाइश।

    मैहर
    पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संपूर्ण मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा एवम ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों पर चालानी कार्यवाही की मुहीम चलाई जा रही है, साथ ही सड़क सुरक्षा जागरुकता के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

    इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक मैहर श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर  यातायात जागरुकता हेतू आज दिनांक 20/09/25 को यातायात प्रभारी नृपेंद्र सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में ऑटो चालकों की मीटिंग लेकर उन्हें यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया। यातायात नियमों का पालन करना न केवल ऑटो चालकों बल्कि यात्री की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। ऑटो चालकों को गति सीमा का पालन करने एवम सड़क पर सावधानी से वाहन चलाने की समझाइश दी गई।

    साथ ही शरद नवरात्रि एवम आगामी त्योहारों पर माता के दर्शन हेतु आये  श्रद्धालुओं से सभ्यता पूर्वक व्यवहार करने उनसे अनुचित किराया न वसूलने, प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर वाहन पार्क करने एवम मेला क्षेत्र में धीमी गति व यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर वाहन चलाने की दी गई समझाइश ।

  • मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।

  • खनिज अधिकारी सतना से निलंबित, दीपमाला तिवारी को अस्थायी प्रभारी नियुक्त

    सतना
    मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग, भोपाल ने सतना जिले के प्रभारी खनिज अधिकारी एच.पी. सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन के पीछे मुख्य कारण शासकीय कार्यों में उदासीनता, अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई न करना बताया गया है। आदेश 19 सितंबर, 2025 को जारी किया गया। इसके साथ ही रीवा जिले की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी को सतना जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई खनिज प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि दीपमाला तिवारी के नेतृत्व में सतना जिले में खनिज क्षेत्र में सुधार और प्रभावी निगरानी किस प्रकार लागू होती है।

    यह है पूरा मामला
    जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सतना जिले का औसत दैनिक ई-टीपी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में गिरकर 1226 से 482 रह गया, जो गंभीर रूप से चिंताजनक है। इसके अलावा, क्षेत्र उपलब्धता के तीन प्रकरण और खदानों के लेप्स प्रपोजल के पांच प्रकरण लंबित पाए गए। शासन ने पाया कि कार्यालय में पर्याप्त नियंत्रण न रखने के कारण प्रभारी अधिकारी ने अपने कर्तव्यों में स्वेच्छाचारिता और गंभीर लापरवाही बरती।
     
    निलंबन अवधि के दौरान एच.पी. सिंह का मुख्यालय रीवा स्थित संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म रहेगा, और उन्हें नियमानुसार निलंबन भत्ते की सुविधा प्राप्त होगी। रीवा की खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी अब सतना का प्रभारी जिला खनिज अधिकारी होंगी।

    उनके नेतृत्व में जिले में खनिज कार्यों की निरंतरता और अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है। आदेश अवर सचिव शर्मिला ठाकुर द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी किया गया। इसमें रीवा संभाग के आयुक्त, संचालनालय के अधिकारी, कलेक्टर सतना और क्षेत्रीय प्रमुखों को सूचनार्थ अवगत कराया गया है।

  • किसानों की शिकायतों पर सीहोर में सख्त कार्रवाई का आदेश, शिवराज ने नहीं छोड़ा कोई ढील

    सीहोर 
    सीहोर जिले में खराब हुई सोयाबीन फसल को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राहत की उम्मीद जगी है। किसानों की समस्याएं सुनते ही शिवराज ने मौके से ही कलेक्टर को फोन कर खराब फसलों का सर्वे कराने और बीमा योजना का लाभ तुरंत दिलाने के निर्देश दिए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को सीहोर जिले में किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे। भोपाल-इंदौर हाईवे पर इछावर जोड़ पर रुके मंत्री से जब किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल की बात कही, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान कई किसान सोयाबीन की खराब फसल को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री के पास गुहार लगाने पहुंचे थे।

    किसानों की शिकायतें सुनने के बाद कृषि मंत्री ने सीहोर कलेक्टर बाला गुरु से मौके पर ही फोन पर बात कर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब फसलों का सर्वे कराया जाए और किसानों को फसल बीमा योजना का पूरा लाभ तुरंत दिलाया जाए। शिवराज ने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। पिछले तीन सप्ताह से सीहोर जिले के कई गांवों के किसान आंदोलन कर रहे थे।

    पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया
    किसान मांग कर रहे थे कि सोयाबीन की खराब फसल का उचित मुआवजा मिले और बीमा की राशि समय पर दी जाए। किसान नेता एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि बीते पांच साल से सोयाबीन की फसल लगातार प्रभावित हो रही है। इस बार पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को चौपट कर दिया है।

    हर साल काटी जाती है फसल बीमा राशि, लेकिन मिलता नहीं लाभ
    मेवाड़ा ने कहा कि किसानों से हर साल बीमा की राशि काटी जाती है, लेकिन बीमे के नाम पर उन्हें एक चवन्नी भी नहीं मिली। जब सरकार किसानों को राहत नहीं दे रही तो उनसे बीमा राशि काटना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीहोर, शाजापुर और भोपाल जिलों में किसान अलग-अलग तरीकों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक सुनवाई नहीं हुई थी। इस मौके पर विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और जिला मंत्री पंकज गुप्ता समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से जल्द समाधान की बात कही।

    राजस्व मंत्री भी हुए थे सख्त
    गौरतलब है कि शुक्रवार को इछावर में आयोजित सेवा पखवाड़ा और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार कार्यक्रम में मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सोयाबीन पर पीला मोज़ेक रोग फैल रहा है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद सीहोर और सिवनी में जाकर खेतों का निरीक्षण किया। कुछ जगह फसलें ठीक थीं, लेकिन कई जगह रोग ने फसल बर्बाद कर दी थी। इस विषय की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई है और आने वाली कैबिनेट बैठक में इसे प्रमुखता से रखा जाएगा।

    किसानों को राहत की उम्मीद
    किसानों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के सीधे हस्तक्षेप से अब उन्हें उम्मीद जगी है कि खराब फसल का सही आकलन होगा और बीमा योजना का लाभ जल्द मिलेगा। लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसान अब राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • श्रद्धालुओं के लिए रेलवे का तोहफा: नवरात्रि में डोंगरगढ़ स्टेशन पर विशेष ट्रेनें, यहां देखें टाइमिंग

     रायपुर

    भारत में नवरात्र का पर्व एक विशेष धार्मिक अवसर है, जिसे भक्तों के लिए यात्रा करना अक्सर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस समय हर साल रेलवे प्रशासन भक्तों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करता है।इस बार भी, 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ देवीधाम रेलवे स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को 9 दिनों के लिए स्टापेज दिया गया है, जिससे यात्रियों को बहुत राहत मिल सकेगी। इसके साथ ही, 2 मेमू ट्रेनों का गोंदिया तक विस्तार भी किया गया है और 1 स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी।

    दो मेमू का किया विस्तार

    नवरात्र के दौरान ही गाड़ी संख्या 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमू का रायपुर तक विस्तार किया गया है। यह शाम 5.15 बजे रायपुर से रवाना होगी। 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू रात रायपुर रात 10.40 बजे आएगी। इसी तरह रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू का गोंदिया तक विस्तार किया गया है। मेमू 68729 रात 11.40 बजे डोंगरगढ़ से रवाना होकर 1.20 गोंदिया पहुंचेगी। 68730 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू 1.45 गोंदिया से रवाना होकर 3.20 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी।

    डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव

    रेलवे प्रशासन ने नवरात्र पर्व के दौरान डोंगरगढ़ माता मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पांच जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की घोषणा की है। इन ट्रेनों में शामिल हैं:

    दुर्ग-डोंगरगढ़ के बीच स्पेशल

    श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच मेमू स्पेशल चलाएगा। यह मेमू 06886 डोंगरगढ-दुर्ग 1 बजे डोंगरगढ़ से निकलेगी, जो कि 1.05 जतकनहार, 1.11 मुसरा, 1.19 बकल, 1.30 राजनांदगांव, 1.40 परमलकसा, 1.50 मुरहीपार, 1.57 रसमरा, 2.20 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इसी प्रकार 06885 दुर्ग- डोंगरगढ़ मेमू दुर्ग से 2.40 बजे निकलेगी, जो कि 2.45 रसमरा, 2.53 मुरहीपार, 3.01 परमलकसा, 3.09 राजनांदगांव, 3.19 बकल, 3.28 मुसरा, 3.35 जतकनहार और 4 बजे 

        बिलासपुर-भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस

        बिलासपुर-बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस

        बिलासपुर-चेन्नई-बिलासपुर एक्सप्रेस

        बिलासपुर-पुणे-बिलासपुर एक्सप्रेस

        रायपुर-सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस

    डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव दो मिनट के लिए दिया गया है, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।

    मेमू ट्रेनों का विस्तार: गोंदिया-दुर्ग मेमू ट्रेन का फेरा 9 दिनों के लिए रायपुर तक बढ़ाया गया है, जबकि रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेन को गोंदिया तक बढ़ाया गया है।

    स्पेशल मेमू ट्रेन: दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक स्पेशल मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जो यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगी।

    नवरात्र के दौरान रेलवे प्रशासन की तैयारी: रेलवे प्रशासन ने नवरात्र के पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की है।

    विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव: बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-चेन्नई, बिलासपुर-पुणे और रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए ठहराव दिया गया है।

    गोंदिया-दुर्ग मेमू का फेरा रायपुर तक बढ़ाया गया

    नवरात्र के दौरान गोंदिया से दुर्ग तक चलने वाली मेमू ट्रेन को रायपुर तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन गोंदिया से दुर्ग तक पहुंचने के बाद भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, भिलाई, देव बलौदा चरौदा, डी-केबिन, कुम्हारी, सरोना होते हुए रायपुर पहुंचेगी। वापसी में यह वही मार्ग अपनाते हुए गोंदिया लौटेगी।

    यह ट्रेन नवरात्र के दौरान भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्शन बनेगी, जिससे वे आसानी से यात्रा कर सकेंगे और अपनी धार्मिक यात्रा का आनंद ले सकेंगे। 

    रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू को गोंदिया तक बढ़ाया गया

    दूसरी ओर, रायपुर से डोंगरगढ़ के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को भी 9 दिनों के लिए गोंदिया तक बढ़ा दिया गया है। यह ट्रेन डोंगरगढ़ से गुदमा, आमगांव, धानौली, सालेकसा, दरेकसा, बोरतलाव, पनिया-जोब होते हुए गोंदिया पहुंचेगी। वापसी में यह गोंदिया से डोंगरगढ़ होते हुए रायपुर तक पहुंचेगी।

    यह विस्तार न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए एक सुविधा है, बल्कि इससे इस क्षेत्र के अन्य यात्रियों को भी यात्रा में आसानी होगी। 

    दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच मेमू स्पेशल

    इसके अतिरिक्त, दुर्ग और डोंगरगढ़ के बीच 9 दिनों के लिए एक विशेष मेमू ट्रेन भी चलायी जाएगी। यह ट्रेन दुर्ग से रसमरा, मुरहीपार, परमलकसा, राजनांदगांव, बकल, मुसरा, जटकन्हार होते हुए डोंगरगढ़ पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन नवरात्र पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए चलाई जाएगी।

    नवरात्र पर रेलवे की तैयारी: भक्तों के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था

    भारतीय रेलवे ने हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है। डोंगरगढ़ स्टेशन पर 9 दिनों के लिए 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव, गोंदिया-दुर्ग और रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू ट्रेनों का विस्तार, साथ ही विशेष मेमू ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन सभी उपायों से यह सुनिश्चित किया गया है कि यात्रियों को न केवल धार्मिक यात्रा का आनंद मिले, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।  

    छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ देवी धाम की विशेषताऐं

    छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले में स्थित डोंगरगढ़ देवी धाम को मां बम्लेश्वरी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां लाखों भक्त हर साल दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को लगभग 1,100 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, और जो सीढ़ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। 

    मां बम्लेश्वरी मंदिर की मुख्य बातें:

        स्थान: यह मंदिर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव ज़िले के डोंगरगढ़ शहर में स्थित है। 
        ऊंचाई: यह 1,600 फीट ऊँची पहाड़ी की चोटी पर बना है।
        इतिहास: इस शक्तिपीठ का इतिहास करीब 2,000 वर्ष पुराना माना जाता है।
        छोटी बम्लेश्वरी: पहाड़ी के समतल पर एक और मंदिर है जिसे छोटी बम्लेश्वरी के नाम से जाना जाता है।
        पहुँच: भक्तों के लिए मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 1,100 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।
        रोपवे:
    सीढ़ियाँ न चढ़ पाने वाले भक्तों के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।
        मेला: नवरात्रि के समय यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

    इन ट्रेनों के डोंगरगढ़ में ठहरने का समय दो मिनट के लिए निर्धारित किया गया है। यह यात्रियों को मंदिरों के दर्शन करने के लिए आसानी से यात्रा करने का अवसर प्रदान करेगा।

  • ग्रीन फ्यूचर की ओर मुरैना का कदम: सोलर-प्लस-स्टोरेज परियोजना बनी नई मिसाल

    देश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बनी मिसाल, मिला ऐतिहासिक न्यूनतम 2.70 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ रेट
    पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है।

    मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी।

    परियोजना की संरचना और क्षमता

    मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।

            पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)
            दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)
            तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से)

    इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी।

    मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

    मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी

    वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा

    ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।

        यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।
        यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है।

    निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल

    परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है।

    RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है।

    पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है।

    परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

    नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

    एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर

    मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद है कि इस तरह के उत्साहजनक परिणाम देश को कोयला आधारित बिजली की तुलना में नवकरणीय ऊर्जा सहित ऊर्जा भंडारण का चयन करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे देश के स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य को बल मिले। यह परियोजना न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को ऊर्जा सुरक्षा, किफायती दरों और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में सशक्त बनाएगी। नवकरणीय ऊर्जा अब पारंपरिक ऊर्जा के समान तकनीकी और व्यावसायिक रूप से प्रतिस्पर्धी बन चुकी है।

     

  • काजल हिंदुस्तानी ने दिया विवादित बयान: MP में लव जिहाद और गरबा की नई शर्तों पर बवाल

    उज्जैन 
    एक कार्यक्रम में हिंदुवादी नेत्री काजल हिंदुस्तानी ने मध्यप्रदेश को ‘लव जिहाद का हॉटस्पॉट’ बताते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने इंदौर, भोपाल और छंगूर बाबा प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में संगठित रूप से लव जिहाद को अंजाम दिया जा रहा है। उनका दावा है कि इसके पीछे फंडिंग और आतंकवादी कनेक्शन भी हो सकते हैं।

    काजल हिंदुस्तानी का विवादित बयान
     काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि नवरात्रि के दौरान मुस्लिम जिहादी युवक झूठी पहचान बनाकर गरबा पंडालों में घुसने की कोशिश करते हैं और हिंदू बेटियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि पंडालों में ‘सुअरों का प्रवेश निषेध’ जैसे बोर्ड लगाएं और सख्ती से आईडी चेकिंग की जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि संदिग्ध युवकों की मोबाइल हिस्ट्री और चैट्स की जांच होनी चाहिए ताकि बहनों और बेटियों को जागरूक किया जा सके और लव जिहाद से बचाया जा सके। 

  • आरपीएफ स्थापना दिवस समारोह में आईजी ने 40 जवान सम्मानित

    रायपुर/ बिलासपुर

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 20 सितंबर  को अपना स्थापना दिवस समारोह रिजर्व लाइन, बैरक प्रांगण के मैदान में उत्साहपूर्वक मनाया. इस अवसर पर महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त मुनव्वर खुर्शीद ने परेड की सलामी ली और उपस्थित बल सदस्यों को संबोधित किया. उन्होंने RPF के गौरवशाली इतिहास और कर्तव्यों पर प्रकाश डाला, साथ ही बल सदस्यों को ईमानदारी, निष्ठा और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए कर्तव्य निभाने के लिए प्रोत्साहित किया.

    समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 40 अधिकारियों और बल सदस्यों को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कार और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 50 से अधिक RPF अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेलवे अस्पताल, बिलासपुर में रक्तदान किया.

     कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक-सह-मुख्य सुरक्षा आयुक्त, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त और रेलवे सुरक्षा बल के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे. इस समारोह ने RPF की प्रतिबद्धता और सेवा भावना को उजागर करते हुए बल सदस्यों में जोश और उत्साह का संचार किया.

  • संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज

    CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए

    संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा।

    राज्य सरकार उठाएगी उपचार का पूरा खर्च

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

     

  • बस्तर के वीर सपूत की शहादत: मणिपुर में आतंकी हमले में रंजीत कश्यप शहीद, गांव में मातम

    रायपुर 

    मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में आतंकवादियों ने असम राइफल्स के एक वाहन पर हमला किया। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए, जबकि 5 घायल हो गए। शहीद जवानों में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बालेंगा गांव निवासी रंजीत कुमार कश्यप भी शामिल हैं। 

    ग्रामीणों और दोस्तों के मुताबिक रंजीत पिछले महीने ही छुट्टी पर गांव आया था। करीब एक महीने तक वो अपने परिजनों के साथ रहा। पिछले रविवार को ही ड्यूटी पर लौटा था। उसने अपने साथियों से कहा था कि सेवा के तीन साल बाकी हैं। इसके बाद रिटायर होकर गांव लौटेगा और बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनेगा।

    परिजन बताते हैं कि, रंजीत शुरू से ही देश की सेवा करना चाहता था। उसका सपना था फोर्स ज्वाइन कर देश की रक्षा करना। रंजीत की तीन बेटियां हैं। एक बहन की शादी भी बीएसएफ जवान से हुई है।

    शुक्रवार को हुआ था हमला

    जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में आतंकियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। अचानक हुई गोलीबारी में एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हमले में एक ऑफिसर और जवान रंजीत कुमार कश्यप शहीद हो गए।

    इनके अलावा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, रंजीत कश्यप बस्तर के बालेंगा इलाके के रहने वाले थे। असम में अपनी सेवा दे रहे थे।

    तलाशी अभियान और श्रद्धांजलि

    हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया और आतंकवादियों की तलाश शुरू कर दी. सेना ने तलाशी अभियान जारी रखा है ताकि हमलावरों को पकड़ा या मार गिराया जा सके. असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.
    पीएम मोदी के दौरे के बाद मणिपुर की शांति पर सवाल

    यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर दौरे पर गए थे, उन्होंने चुराचांदपुर में 7000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था और मणिपुर को शांति और विकास का प्रतीक बनाने का वादा किया था, लेकिन दौरे के कुछ ही दिनों बाद हुई यह आतंकी घटना राज्य में शांति बहाल करने की कोशिशों पर सवाल खड़े करती है.

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मिला औपचारिक निमंत्रण, भेंट हुई मां दंतेश्वरी की तस्वीर

    जगदलपुर

    जगप्रसिद्ध बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में शामिल होने के लिए आयोजन समिति ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को औपचारिक निमंत्रण दिया है.

    बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप के नेतृत्व में पहुंचे मांझी-चालकी एवं मेबरिन ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान उन्हें बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया, साथ ही उन्हें मां दंतेश्वरी की तस्वीर भेंट की.

    क्यों खास है बस्तर दशहरा
    भारत में दशहरा आमतौर पर भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक माना जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में मनाया जाने वाला दशहरा इससे बिल्कुल अलग और रहस्यमयी है. यह न तो रावण दहन से जुड़ा है, न ही रामलीला से— बल्कि यह मां दंतेश्वरी की आराधना, तांत्रिक विधियों, जनजातीय परंपराओं और गहरे आध्यात्मिक रहस्यों से जुड़ा विश्व का सबसे लंबा दशहरा पर्व है, जो पूरे 75 दिनों तक चलता है.

    13वीं शताब्दी में हुई थी शुरुआत
    कहा जाता है कि 13वीं शताब्दी में बस्तर के तत्कालीन राजा पुरुषोत्तम देव ने माता दंतेश्वरी की आज्ञा पर इस पर्व की शुरुआत की थी. मान्यता है कि राजा ने जगदलपुर में माता का दर्शन करने के बाद राज्य की रक्षा के लिए दशहरा उत्सव शुरू करने का संकल्प लिया. (Bastar Dussehra) लेकिन यह दशहरा कोई साधारण उत्सव नहीं था- इसमें तांत्रिक अनुष्ठान, देवी का रथ, रात्रि पूजन और अज्ञात शक्तियों के आह्वान जैसे रहस्यमयी पहलू जुड़े हुए थे.

    75 दिनों के दौरान 13 अनुष्ठान
    बस्तर दशहरा की शुरुआत हरेली अमावस्या से होती है और इसका समापन 13 प्रमुख अनुष्ठानों के साथ होता है. इन अनुष्ठानों में पट जात्रा (लकड़ी लाने की परंपरा), देवी का निवेदन, काछिन गादी, रथारोहण, मावली परघाव, और अंत में बहराम देव की विदाई शामिल होती है. हर चरण का अपना रहस्य है– विशेषकर मावली यात्रा, जिसमें देवी की प्रतिमा को रात के अंधेरे में जंगल से लाया जाता है, जहां केवल विशेष पुरोहित ही जा सकते हैं.

    जनजातीय पुजारियों की भूमिका
    बस्तर दशहरा में ब्राह्मणों की जगह जनजातीय पुजारियों (गुड़िया, सिरहा, मांझी) की भूमिका प्रमुख होती है. रात्रि के समय गुप्त तांत्रिक अनुष्ठान किए जाते हैं, जिनमें कोई बाहरी व्यक्ति शामिल नहीं हो सकता. माना जाता है कि इन रात्रि पूजाओं के माध्यम से अदृश्य शक्तियों को प्रसन्न किया जाता है, जो बस्तर की रक्षा करती हैं.

    “मावली” की अनकही कड़ी
    बस्तर दशहरा में देवी दंतेश्वरी को राज्य की कुलदेवी माना जाता है, लेकिन पर्व में एक और देवी “मावली” की विशेष भूमिका होती है, जिन्हें जंगल से लाकर दंतेश्वरी देवी के साथ बैठाया जाता है. यह परंपरा बस्तर में प्रकृति, जंगल और देवी के बीच के गहरे रहस्यात्मक संबंध को दर्शाती है.

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी के किए अंतिम दर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी के किए अंतिम दर्शन

    राजयोग भवन पहुंचकर की श्रद्धांजलि अर्पित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी के अवसान पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजयोग भवन (एकांत पार्क के पास) पहुंचकर अवधेश दीदी के अंतिम दर्शन कर, पुष्पांजलि अर्पित की और मौन धारण कर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानवता के लिए समर्पित अवधेश दीदी ने लंबे समय तक ब्रह्माकुमारी संस्थान और समाज का मार्गदर्शन किया, उनका जाना आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी समृतियां सदैव हमारे साथ रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा ब्रह्माकुमारीज़ को यह असीम दु:ख सहन करने की क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की। राजयोगिनी बी.के. अवधेश दीदी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्थान की वरिष्ठ राजयोगिनी और भोपाल जोन की क्षेत्रीय निदेशिका रही है।

     

  • नगर निकायों को बड़ा तोहफ़ा: महापौर, अध्यक्ष व पार्षद निधि के लिए 102.97 करोड़ जारी

    रायपुर

    राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों को कुल 102 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। विभाग ने निकायों को पार्षद निधि के कुल 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपए, महापौर/अध्यक्ष निधि के कुल 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए आबंटित कर दिए हैं। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दोनों मदों में 50-50 प्रतिशत राशि निकायों को जारी की है।

    नगरीय प्रशासन विभाग ने पार्षद निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 21 करोड़ 96 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 54 नगर पालिकाओं को 23 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपए, 120 नगर पंचायतों को 27 करोड़ रुपए की पार्षद निधि जारी की है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से 14 नगर निगमों को दस करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए की महापौर निधि आबंटित की गई है। राज्य के 54 नगर पालिकाओं को दस करोड़ 50 लाख रुपए और 120 नगर पंचायतों को दस करोड़ एक लाख 25 हजार रुपए अध्यक्ष निधि जारी की गई है।

  • खुशखबरी! स्ट्रीट वेंडरों को अब मिलेगा ज्यादा लोन और समय पर चुकाने पर इनाम भी

    छिंदवाड़ा
    दस माह से बंद चल रही प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) को सरकार ने फिर से शुरू कर दिया है। स्ट्रीट वेंडरों को लोन 10 हजार रुपए की जगह 15 हजार रुपए मिलेगा। छिंदवाड़ा नगर निगम के योजना कार्यालय में इसके आवेदन भी शुरू हो गए। अब तक 50 स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किए। 

    बढ़ाई गई लोन राशि

    प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) को अब 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। साथ ही इस स्कीम से मिलने वाले लोन राशि भी बढ़ाई गई है। पहले योजना में स्ट्रीट वेंडरों को 10 हजार, 20 हजार और 50 हजार रुपए तक ऋण दिया जाता था। अब यह राशि 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपए तक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा लोन की किश्त भरने पर हितग्राहियों को बैंकों की ओर से क्रेडिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। जिससे 30 हजार रुपए तक पेमेंट किया जा सकेगा।

    समय पर किश्त चुकाने वाले को मिलेगा रिवॉर्ड

    योजना के दोबारा शुरू होने पर रेहड़ी संचालकों के लिए ऋण लेने का रास्ता खुल गया है। योजना के तहत सबसे पहले 15 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। यदि लाभार्थी इसे समय पर चुका देता है तो अगली बार 25 हजार रुपए का ऋण मिलेगा। इसी तरह 25 हजार रुपए का ऋण समय पर चुकाने पर 50 हजार रुपए का ऋण दिया जाएगा। ऋण लेने के लिए आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज और नगर पालिका क्षेत्र के किसी बैंक में खाता होना जरूरी है। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। इसके बाद दस्तावेज नगर निगम में जमा कराने होंगे। 

    जांच के बाद आवेदन होगा स्वीकार

    स्ट्रीट वेंडरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरु हुई प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना पिछले साल नवम्बर से बंद पड़ी हुई थी। ऐसे में स्ट्रीट वेंडर लोन के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब योजना फिर से शुरु कर दी गई है। नगर निगम में दस्तावेज जमा होने के बाद जांच की जाती है और फिर आवेदन स्वीकार होने के बाद लोन मिलता है।

    कोरोना काल में हुआ था शुभारंभ इस योजना का शुभारंभ कोरोना संक्रमण काल के समय वर्ष 2021-22 में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छोटे व्यापारियों को पुन व्यवसाय स्थापित करने के लिए किया था। तब से इस योजना में लोन राशि की किश्त जमा करने पर संबंधित हितग्राही को आगे ज्यादा लोन राशि दी जा रही थी। 

    क्रेडिट कार्ड भी दिया जाएगा- परियोजना अधिकारी

    पीएम स्वनिधि योजना का पोर्टल लंबे समय बाद शुरू किया गया है। इसमें लोन राशि बढ़ा दी गई है। साथ ही बैंकों की ओर से हितग्राहियों को क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा। – उमेश पयासी, परियोजना अधिकारी, पीएम स्वनिधि नगर निगम

  • एम्स में ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव, विशेषज्ञ बोले- सही जानकारी है सबसे जरूरी

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में ब्रेस्ट कैंसर का नई तकनीकी से इलाज किया जा रहा है। इस तकनीकी में ब्रेस्ट कैंसर होने पर महिलाओं का स्तन हटाने की जरूरत नहीं पड़ रही है, बल्कि जिस हिस्से में बीमारी डिटेक्ट होती है उसी का इलाज किया जाता है। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि बीमारी की आधुनिक इलाज में बारे में जागरूकता की कमी है। अक्सर महिलाएं स्तन में गांठ महसूस होने पर भय और गलतफहमी के कारण समय पर चिकित्सकीय मदद लेने से हिचकिचाती हैं।

    इन तकनीकों का किया जा रहा है उपयोग 
    एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि एक समय था जब स्तन कैंसर का मतलब पूरे स्तन को हटाना होता था। लेकिन अब समय बदल गया है। आज इसका इलाज बहु-आयामी पद्धति से किया जाता है। जिसमें कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी, सर्जरी, इम्यूनोथेरेपी और रेडियोथेरेपी का संयोजन होता है। कई मामलों में केवल ट्यूमर को हटाकर और उन्नत ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी से पुनर्निर्माण करके स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है। एम्स के कैंसर सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि यह अत्याधुनिक तकनीक एम्स भोपाल में की जा रही है और इसके उक्तृष्ट परिणाम मिल रहे हैं।

    ये हैं उन्नत तकनीकें 

    – ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी: इस तकनीक के माध्यम से स्तन कैंसर के ट्यूमर को हटाकर स्तन को पुनर्निर्माण किया जा सकता है, जिससे स्तन को सुरक्षित रखा जा सकता है।

    – इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) डाई तकनीक: इस तकनीक के माध्यम से लसीका ग्रंथियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और लिम्फेडेमा के खतरे को कम किया जा सकता है।

    – रेडियोथेरेपी: इस तकनीक के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जा सकता है और ऑपरेशन की जरूरत को कम किया जा सकता है।
    – लीनियर एक्सेलेरेटर: यह एक आधुनिक मशीन है जो कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे का उपयोग करती है ¹।

    सर्जरी के बाद होने वाली लिम्फेडेमा बड़ी परेशानी

    डॉ. विनय कुमार ने बताया कि स्तन कैंसर की सर्जरी के बाद होने वाली चुनौतियों में से एक लिम्फेडेमा है हाथ में एक दर्दनाक सूजन जो महीनों या साल बाद भी दिखाई दे सकती है। इस जोखिम को कम करने के लिए एम्स भोपाल में अब इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) डाई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस डाई को ट्यूमर में इंजेक्ट किया जाता है और इन्फ्रारेड कैमरे से देखने पर यह उन लसीका ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) को स्पष्ट करता है, जो स्तन से बगल तक फैलते हैं। इन ग्रंथियों को निकालकर तुरंत फ्रोजन सेक्शन तकनीक से जांचा जाता है। यदि इनमें कैंसर कोशिकाएं नहीं पाई जातीं, तो हाथ की सामान्य लसीका नलिकाओं को सुरक्षित रखा जाता है जिससे लिम्फेडेमा का खतरा बहुत कम हो जाता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है। 

    एम्स भोपाल की पहल

    – एम्स भोपाल ने स्तन कैंसर के इलाज के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें अनुभवी डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं।

    – अस्पताल में स्तन कैंसर के इलाज के लिए उन्नत तकनीकों और उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।  

  • मैहर धाम के भक्तों को नवरात्रि में सुविधा, रेलवे ने 15 एक्सप्रेस ट्रेनों को दिया विशेष स्टॉपेज

    मैहर 

    शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु मैहर स्थित माता शारदा धाम में दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में जैसे जैसे यह पर्व करीब आ रहा है, यहां दर्शन के लिए आने के इच्छुक भक्तों की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है। हालांकि यहां आने के लिए सीमित संख्या में ट्रेनों की उपलब्धता को देखते हुए लोगों को यहां पहुंचने को लेकर चिंता भी सता रही थी, लेकिन अब इस समस्या का हल भारतीय रेलवे ने कर दिया है। लाखों भक्तों की भीड़ और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने उन्हें एक बड़ी सौगात दे दी है। दरअसल पश्चिम मध्य रेलवे ने नवरात्रि के दौरान 22 सितंबर से 6 अक्टूबर 2025 के बीच मैहर रेलवे स्टेशन पर 15 जोड़ी लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का पांच मिनट का विशेष ठहराव देने की घोषणा की है।

    कौन सी ट्रेनों का रहेगा स्टॉपेज

    रेल प्रशासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर, छपरा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, चेन्नई-छपरा, वलसाड-मुजफ्फरपुर, दुर्ग-नौतनवा, पुणे-बनारस, सूरत-छपरा सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों का मैहर में अस्थाई हॉल्ट रहेगा। इस फैसले से मुंबई, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सीधे मैहर पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

    श्रद्धालुओं के लिए रेलवे की विशेष तैयारी

    पश्चिम मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि नवरात्रि के दौरान मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस दौरान स्टेशन परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल और रेलवे स्टाफ की तैनाती रहेगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भीड़ प्रबंधन योजना लागू होगी। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त हेल्प डेस्क, पूछताछ काउंटर और मेडिकल टीम भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    रेलवे ने श्रद्धालुओं से की खास अपील

    त्योहारी सीजन में ट्रेनों में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने गंतव्य की ट्रेन के आगमन और प्रस्थान के समय की जानकारी जरूर ले लें। इसके लिए NTES ऐप और हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग किया जा सकता है।

    मैहर आने वाले भक्तों के लिए बड़ी राहत

    अब तक श्रद्धालुओं को मैहर पहुंचने के लिए कटनी या सतना में ट्रेन बदलनी पड़ती थी। लेकिन इस विशेष ठहराव से लाखों श्रद्धालुओं को मैहर पहुंचने की सीधी सुविधा मिलेगी, ऐसे में दर्शन व यात्रा और भी सुगम हो जाएंग। नवरात्रि के दौरान मैहर में होने वाला यह विशेष इंतजाम रेलवे और प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं को दिया गया एक बड़ा तोहफा है।

  • MLA भावना बोहरा ने दिखाई मानवता: सड़क दुर्घटना पीड़ित को निजी वाहन से पहुंचाया अस्पताल

    कवर्धा

    पांडातराई के पास शुक्रवार रात दर्दनाक हादसा हो गया. दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. सड़क पर वह खून से लथपथ हालत में वह सड़क पर तड़प रहा था. इस दौरान घटनास्थल से गुजर रही भाजपा विधायक भावना बोहरा ने काफिला रोककर घायल की मदद कर मिसाल पेश की.

    दरअसल, पंडरिया विधायक भावना बोहरा बिलासपुर से लौट रही थी. इस दौरान सड़क पर हादसे में खून से लथपथ युवक को देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवाया. इसके बाद विधायक भीड़ में पहुंची और घायल युवक के सिर बह रहे खून को रोकने के लिए कपड़ा भी रख दिया. मसीहा की तरह पहुंची विधायक भावना ने अपनी गाड़ी से युवक को अस्पताल पहुंचाया.

    फिलहाल अस्पताल में युवक का इलाज जारी है. वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने विधायक भावना बोहरा के इस मानवीय कदम की सराहना की.