• लव चैट से बढ़ीं ‘डांसिंग कॉप की परेशानियां, इंदौर पुलिस ने की कार्रवाई

    इंदौर

    अपने खास अंदाज में शहर का ट्रैफिक संभालने वाले डांसिंग कॉप रंजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक महिला से सोशल मीडिया चैट के चक्कर में इंदौर पुलिस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. वायरल चैट के मुताबिक ट्रैफिक कॉप रंजीत का कसूर ये था कि उन्होंने अपनी एक फॉलोअर को इंदौर आने का ऑफर दिया था. कथित तौर पर रंजीत ने अपनी फॉलोअर को एयर टिकट भेजने और होटल में रुकवाने का भी ऑफर दिया था. यह ऑफर महिला को इतना नागवार गुजरा कि उसने रंजीत सिंह के साथ हुई अपनी चैट वायरल कर दी.

    डांसिंग कॉप ने इसे बताया बदनाम करने की साजिश

    महिला द्वारा चैट वायरल किए जाने के बाद रंजीत ने अपने बचाव में कहा कि युवती उसे बदनाम करने के लिए उन मैसेज का दुरुपयोग कर ही है. रंजीत ने बताया कि वह कई साल पुराने चैट हैं. इस मामले में दोनों के वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने ट्रैफिक कॉप रंजीत को लाइन अटैच कर दिया है लेकिन महिला अब भी रंजीत को बख्शने को तैयार नहीं है. महिला ने फिर वीडियो जारी कर रंजीत को चेतावनी दी है.

    ट्रैफिक जागरुकता और डांसिंग स्टाइल के लिए फेमस हैं रंजीत

    गौरतलब है इंदौर के ट्रैफिक कॉप रंजीत सिंह अपनी अनोखी स्टाइल में ट्रैफिक ड्यूटी निभाने और डांस मूव्स के लिए फेमस हैं. वे अपने अनोखे अंदाज के जरिए ट्रैफिक जागरुकता फैलाने के कारण इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुके हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. इस बीच एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप से रंजीत पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए यह तक आरोप लगाया दिया कि रंजीत ने उसे होटल में मिलने के लिए एप्रोच किया था.

    पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन अटैच

    रंजीत का कहना है कि महिला द्वारा जिन संदेशों का जिक्र किया जा रहा है, वे कई साल पुराने हैं और उन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि वीडियो और आरोप झूठे हैं व उनका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है. दोनों पक्षों के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से रंजीत सिंह को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि महिला की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

    इधर संबंधित महिला ने गुरुवार को फिर अपनी ओर से वीडियो जारी करते हुए रंजीत के आरोपों का जमकर खंडन किया. महिला ने इसके साथ ही रंजीत के पुराने मैसेज भी सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी है. वहीं, इंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडौतिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, '' सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो और समाचार माध्यमों से मिला जानकारी के आधार पर ट्रैफिक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को अमर्यादित व्यवहार के लिए लाइन अटैच किया गया है.''

     

  • रायपुर : प्रदेश में अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1469.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 494.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 900.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 752.5 मि.मी., गरियाबंद में 904.6 मि.मी., महासमुंद में 733.3 मि.मी. और धमतरी में 933.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1083.9 मि.मी., मुंगेली में 1047.9 मि.मी., रायगढ़ में 1257.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 901.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1234.0 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1053.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1004.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 796.1 मि.मी., कबीरधाम में 751.5 मि.मी., राजनांदगांव में 870.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1242.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 753.6 मि.मी. और बालोद में 1080.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 733.8 मि.मी., सूरजपुर में 1099.0 मि.मी जशपुर में 1011.1 मि.मी., कोरिया में 1168.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1052.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1406.6 कोंडागांव जिले में 954.7 मि.मी., कांकेर में 1149.3 मि.मी., नारायणपुर में 1239.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1379.3 मि.मी., सुकमा में 1088.9 मि.मी. और बीजापुर में 1415.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • सरकारी कर्मचारी ध्यान दें! छत्तीसगढ़ में e-KYC नहीं कराई तो रुक सकती है सैलरी

    रायपुर
     प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अब तक केवायसी (नो योर कस्टमर) अपडेट नहीं कराया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की है। तय समय-सीमा में अपडेट नहीं कराने पर संबंधित कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है।

    वित्त विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की केवायसी अपडेट कराकर उसकी जानकारी समय पर संबंधित ट्रेजरी कार्यालय को भेजें। साथ ही सभी कर्मचारियों से समय रहते केवायसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है, ताकि सैलरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    गौरतलब है कि केवायसी अपडेट करने के लिए कर्मचारियों को पहले 24 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इसके बाद कोष एवं लेखा संचालनालय ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी थी। बावजूद इसके अब तक सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही प्रक्रिया पूरी की है।

    वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते केवायसी नहीं कराए जाने पर संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान में रुकावट आ सकती है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं।

    प्रदेश के सभी जिलों में बनेगा मॉडल स्कूल

    प्रदेश के सभी जिलों में माडल स्कूल बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारियों से 19 दिन के भीतर सूची मंगाई है। गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। माडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए।

    शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएमश्री विद्यालयों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

  • मतदाता सूची को दुरुस्त करने की तैयारी: छत्तीसगढ़ में SIR के लिए BLO को किया जा रहा प्रशिक्षित

    जगदलपुर
     मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। एसआइआर कोई नया प्रविधान नहीं है। पहले भी ऐसा किया जा चुका है। मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद छत्तीसगढ़ में पहले विधानसभा चुनाव 2003 के पूर्व मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था।

    बता दें कि 22 वर्ष बाद इस साल दोबारा एसआइआर प्रस्तावित है। यहां बस्तर में भी इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। हालांकि भारत निर्वाचन आयोग ने अभी इसके लिए कार्यक्रम विवरण जारी नहीं किया है।

    निर्वाचन आयोग से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार हाल ही में बूथ लेवल आफिसर्स (बीएलओ) को पहले चरण का प्रशिक्षण दिया गया है। बस्तर जिले में 783 मतदान केंद्र और इतने की बूथ लेवल आफिसर्स हैं जो इस कार्य को करेंगे। जिले में साढ़े छह लाख से अधिक मतदाता हैं।

    जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्यरत रहे कुछ पुराने कर्मचारियों से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि एसआइआर सामान्य प्रक्रिया है और पहले भी हो चुकी है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए दो प्रविधान है। विशेष गहन पुनरीक्षण अर्थात एसआइआर और दूसरा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण। 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था।

    इसके बाद प्रति वर्ष और विशेषकर विधानसभा, लोकसभा चुनाव से पहले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाकर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता रहा है। इसके तहत नाम जोड़ने, विलोपित करने, निवास पता की जानकारी परिवर्तित करने आदि किया जाता है।

    विशेष गहन पुनरीक्षण में एक-एक मतदाता का नए सिरे से दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर सत्यापन का प्रविधान है। इससे गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले बाहर हो जाएंगे। चुनाव कार्यालय में लंबे समय तक कार्य कर चुके सेवा निवृत कर्मचारियों-अधिकारियों की माने तो पांच वर्ष में एक बार एसआइआर जरूर होना चाहिए।
    2003 और 2025 की सूची की जांच होगी

    बताया गया कि एसआइआर में 2003 और 2025 की मतदाता सूची की जांच की जाएगी। प्रशिक्षण में बीएलओ को एक प्रपत्र दिया गया है। जिसमें ऐसे मतदाता जिनका नाम दोनों मतदाता सूची में हैं उनकी सूची तैयार की जाएगी। ऐसे मतदाता जिनका नाम 2025 की मतदाता सूची में हैं लेकिन 2003 की सूची में नहीं है उनकी पहचान की जाएगी।

    2025 की सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता में किसी का भी नाम 2003 की सूची में शामिल है उनकी सूची भी तैयार की जाएगी। ऐसे मतदाताओं के साथ कोई दिक्कत नहीं है उनका सत्यापन बीएलओ सूची तैयार करने के बाद घर-घर जाकर करेंगे। ऐसे मतदाता जो 2003 के बाद जुड़े हैं और उनके माता-पिता में किसी का नाम पुरानी सूची में नहीं है उन्हें अपनी यहां का निवासी होने और पहचान स्थापित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

  • मालेगांव केस से बरी समीर कुलकर्णी ने हिंदुओं से कांग्रेस के खिलाफ खुला आह्वान किया

    जबलपुर

    मध्य प्रदेश के जबलपुर आए मालेगांव ब्लास्ट मामले में दोष मुक्त किए गए समीर कुलकर्णी ने हिंदुओं से अपील की है कि कोई भी हिंदू आखिरी सांस तक कांग्रेस को वोट न दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बहुसंख्यक हिंदू मतों को बटोरकर सालों तक सत्ता का लाभ लिया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शरद पवार, सुशील कुमार शिंदे, शिवराज पाटिल, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मिलकर यह साजिश रची थी। मेरी जिंदगी के जो 17 साल बर्बाद हुए वह वापस नहीं आ सकते, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से संवैधानिक दायरे में रहकर धर्म की रक्षा करने वालों की जिंदगी मेरी जैसी न हो, इसलिए कांग्रेस को वोट न दें।

    गौरतलब है कि 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट केस में समीर कुलकर्णी, प्रज्ञा ठाकुर सहित सात आरोपी बनाए गए थे। बम विस्फोट को भगवा आतंकवाद का नाम देकर साध्वी प्रज्ञा सिंह, कर्नल पुरोहित, समीर कुलकर्णी सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गई थी, दो महीने पहले 31 जुलाई को इन आरोपियों को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया था। पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अपील दायर की गई थी। अपील में दावा किया गया कि दोषपूर्ण जांच या जांच में कुछ खामियां आरोपियों को बरी करने का आधार नहीं हो सकतीं। इसके साथ ही दलील दी गई कि विस्फोट की साजिश गुप्त रूप से रची गई थी, इसलिए इसका प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हो सकता है।

    याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि एनआईए की स्पेशल कोर्ट का 31 जुलाई को सात आरोपियों को बरी करने का आदेश गलत और कानूनी रूप से अनुचित था और इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों ने एनआईए कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। परिवारों की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं। इस मामले पर छह हफ्ते बाद सुनवाई होगी।

    मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी रहे समीर कुलकर्णी आज भोपाल आएंगे। वे भोपाल के अयोध्या बाईपास स्थित होटल यशोदा मैरिज गार्डन में आयोजित सनातन संबोधन कार्यक्रम में भाग लेंगे। सनातन संबोधन में समीर कुलकर्णी के अलावा राष्ट्रीय वक्ता छाया गौतम (मथुरा), विशाल ताम्रकार (छत्तीसगढ़) और कृष्णा गुर्जर (हरियाणा) भी सभा को संबोधित करेंगे। शाम 4 बजे यह सभा आयोजित की गई है।

  • पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास पर घोटाले की साजिश का आरोप, ED ने किया गिरफ्तार

     रायपुर
    3,200 करोड़ के शराब घोटाले में लंबे समय से जांच एजेंसियों की रडार पर रहे रिटायर्ड आइएएस अधिकारी निरंजन दास को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।
    निरंजन दास पर यह है आरोप

    पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त रहे निरंजन दास पर शराब घोटाले की पूरी रूपरेखा बनाने और उसे लागू कराने का आरोप है। विभाग प्रमुख के तौर पर उन्होंने विभाग में सक्रिय सिंडीकेट का सहयोग करते हुए, शासकीय शराब दुकानों में अन एकाउंटेंड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर, टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर, दोषपूर्ण शराब नीति लाये जाने में सहयोग, अन्य तरीकों से सिंडीकेट को लाभ पहुंचाते हुए उसके एवज में करोड़ों का लाभ अर्जित किया था।

    दास को शुक्रवार कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट ने नौ मई तक गिरफ्तारी से राहत दी थी। सूत्रों के मुताबिक ईओडब्ल्यू के अधिकारी नितेश पुरोहित, यश पुरोहित को गिरफ्तार करने गिरिराज होटल गई थी,जहां से दोनों फरार हो गए।

    कस्टम मिलिंग घोटाले में ईडी की छापेमारी

    वहीं 140 करोड़ के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भिलाई समेत प्रदेश के दस ठिकानों में छापेमारी की। गुरुवार की सुबह छह बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम ने भिलाई के तालपुरी इलाके में रिटायर्ड आइएएस डॉ.आलोक शुक्ला और हुड़को में सुधाकर राव घर दबिश दी। टीम ने घर की घेराबंदी कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों,लेनदेन से जुड़े कागजों को खंगालकर छानबीन की।

    छापेमारी के दौरान आलोक शुक्ला घर पर नहीं थे। उनके मप्र जाने की जानकारी दी गई थी। ईडी ने घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें तलब किया है। बताया जा रहा है कि आलोक शुक्ला सरेंडर करने ईडी की विशेष कोर्ट पहुंचे थे,लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं होने पर उन्हें वापस भेज दिया गया।

  • रायपुर : महानदी परियोजना लवन शाखा नहर के कार्यों के लिए 9 करोड़ रूपए से अधिक राशि स्वीकृत

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड की महानदी परियोजना के अंतर्गत लवन-शाखा नहर के वितरक शाखा क्रमांक-एक के कोण्डापार माईनर, रसौटा एवं केसला माईनर के रिमॉडलिंग, सी.सी. लाईनिंग और पुनःनिर्माण, जीर्णोद्धार कार्य के लिए 9 करोड़ 6 लाख 68 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर योजना की रूपांकित सिंचाई 1953.28 हेक्टेयर में 462.61 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। योजना के कार्यों को कराने जल संसाधन मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

  • गरबा आयोजनों को लेकर BJP विधायक रामेश्वर शर्मा का विवादित बयान, गैर-हिंदुओं की एंट्री पर जताई शर्त

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में नवरात्रों से पहले अब गरबा की 'सनातनी क्रांति' शुरू हो गई है. गरबा उत्सव कार्यक्रमों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को बेन करने को लेकर हिंदू संगठन से लेकर विधायक तक सामने आ गए है. हिंदू संगठनों ने गरबा संचालकों से कहा है गरबा पंडाल के बाहर वराह अवतार की फोटो लगाकर उसकी पूजन कर ही लोगों को प्रवेश दें जिससे गैर हिंदू प्रवेश न कर सके.

    दरअसल, प्रदेश में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', 'धर्म जिहाद' की खबरों के बीच अब हिंदू संगठन और भाजपा के विधायक 'गरबा जिहाद' रोकने की बात कर रहे हैं.

    नवरात्रि के पहले ही गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर एमपी में अब जमकर राजनीति शुरू हो गई है. हिंदू संगठन सख्त विरोध कर रहे हैं किसी भी कीमत पर गैर हिंदुओं को पंडालों में प्रवेश न दिया जाए

    नवरात्रि और गरबा में दूसरे धर्मों के लोगों की एंट्री को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ''गरबे में गैर हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए, अगर आना है तो अपनी मां को अपनी अम्मी, बहन, मौसी, अब्बा और चच्चा को लेकर आओ. देवी का प्रसाद खाओ. आशीर्वाद लो और हिंदू धर्म स्वीकार करो.''

    नवरात्रि का पर्व आने वाला है. 22 सितंबर से यह पर्व शुरू होगा. हिंदू मां दुर्गा के 9 रूपों की उपासना करते हैं. नवरात्रि पर गरबे का बड़ा महत्व होता है. जगह-जगह गरबा कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है लेकिन राजधानी भोपाल में इसपर एक अलग ही तरह का विवाद छिड़ा हुआ है. गरबे में भाईजान की एंट्री को लेकर एक तरफ हिंदू संगठन चेतावनी दे रहे हैं कि कोई भी गैर-हिंदू गरबे में दिखाई दिया, तो उसे बजरंग दल की शैली में जवाब दिया जाएगा.

    वहीं भाजपा नेता भी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह सनातन का पर्व है. मां शक्ति की उपासना की जाती है. इस्लाम को मानने वाले मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं. वे लोग हमारे त्योहारों में आते ही क्यों हैं और अगर आना हैं, तो सनातन अपना लो, जनेऊ धारण करो. इतना ही नहीं, भाजपा विधायक ने आगे कहा कि चार-पांच पीढ़ी ऊपर देखेंगे, तो इनके पूर्वज भी सनातनी ही निकलेंगे.

    'मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है?'

    वहीं, 'भाईजान' की एंट्री पर पाबंदी लगाने के बयानों के बाद कांग्रेस के मुस्लिम विधायक भी सामने आए. भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, ''मुसलमान गरबे में जाता ही क्यों है? उसे नहीं जाना चाहिए. बाकी बीजेपी को हर त्योहार से पहले विवाद खड़ा करने की आदत है. 

    नवरात्रि से पहले मध्य प्रदेश की सियासत में गरबा पर सियासी संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी नेताओं ने गरबा पंडालों में दूसरे धर्म के लोगों पर बैन लगाने की मांग की है. भोपाल से बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने पंडालों में भाईजान की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही, तो इंदौर से बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि आयोजक गरबा पंडालों में एंट्री से पहले आईडी चेक करें.

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि नवरात्रि पर घर वापसी अभियान चला रहे हैं. हम तो अब सनातन का प्रचार-प्रसार तेजी से बढ़ा रहे हैं. गरबे में कोई भी आए, आपत्ति नहीं है. जो लोग ईसाई, मुसलमान बन गए हैं, अगर वे सनातन धर्म में वापसी करते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं है. अकेले लड़के क्यों आ रहे हैं, अपनी बहन, अब्बा-अम्मी को भी लेकर आएं. वे आएं, उन्हें गंगाजल पिलवाएंगे. जय श्रीराम, जय गुरुनानक के नारे लगवाएंगे. दुर्गा जी की आरती करवाएंगे. तिलक लगाएंगे. कब तक दूर-दूर रहेंगे, आ जाएं सभी लोग, सनातन में उनका स्वागत है.

    वहीं गरबा को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी नेता त्योहारों से पहले जान-बूझकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं. भाजपा के लोग माहौल खराब करने के लिए बयानबाजी करते हैं. जब मुस्लिम गरबे में जाता ही नहीं है, उसका गरबे से कोई लेना-देना ही नहीं है, नवरात्रि मनाता ही नहीं है, तो फिर क्यों हम धर्म परिवर्तन कर लें.

    बीजेपी अभियान चलाए, परिचय पत्र चेक करें, आधार चेक करें. सरकार आपकी है, कानून आपका है, अगर कोई जान-बूझकर ऐसा करता है और गरबा कार्यक्रम में घुसता है, तो उसपर कार्रवाई कीजिए. माहौल बनाने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जाती है. हमारा गरबे से कोई लेना-देना नहीं है. मुस्लिम समाज को कोई समिति आमंत्रण नहीं भेजती है. मुस्लिमों को भी गरबे में नहीं जाना चाहिए. जबा मना है, तो नहीं जाना चाहिए.

    बताते चलें कि खंडवा में इस बार नवरात्रि पर गरबा कार्यक्रमों में न फिल्मी गाने बजेंगे और न ही महिलाएं बैकलेस ड्रेस पहन सकती हैं. गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर भी बैन लगाया गया है. आयोजक खुद सुरक्षा इंतजाम करेंगे. संस्कृति, देशभक्ति और नारी शक्ति पर फोकस रहेगा. हिंदू संगठनों ने कहा कि अगर सनातन धर्म के त्योहारों का मजाक बना, तो जिसकी करनी होगी, वही भुगतेगा.

     

  • भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम में झमाझम बारिश की चेतावनी, चार दिन तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

    भोपाल 

    मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी बिहार और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मराठवाड़ा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है।अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश में वर्षा हो रही है। अगले 4 दिन तक हल्की बरसात का दौर जारी रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के दौरान 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। 

    एक बार फिर शुरू होगा तेज बारिश का दौर
    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, गुरुवार को दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी प्रदेश में रही। इस वजह से कुछ जिलों में बारिश का दौर चला। शुक्रवार को सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। जिससे तेज बारिश का दौर थम सकता है। इधर मानसून की वापसी भी होने लगी है। आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। गुरुवार को भी कई जिलों से मानसून लौट गया। यदि वापसी ही यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में ऐसी स्थिति बन सकती है।

    मध्य प्रदेश में अब तक 43.2 इंच बारिश दर्ज
    मध्यप्रदेश में अब तक औसत 43.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। इस सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। 

  • इंदौर मेट्रो अपडेट: दो साल बाद फिर हुआ ट्रायल रन, इस बार ट्रेन ने तय किया 4 KM का सफर

    इंदौर 

    इंदौर में  सुबह मेट्रो ट्रेन का सफर आगे बढ़ा है। दो साल पहले छह किलोमीटर का ट्रायल रन हुआ था। अब चार किलोमीटर तक ट्रेन को चलाया गया। अब तक कुल दस किलोमीटर से ज्यादा का ट्रायल रन हो चुका है। आने वाले दिनों में गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का 17 किलोमीटर तक ट्रायल रन होगा।

     मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन एमआर-10 बस स्टेशन तक होना था, लेकिन एक किलोमीटर पहले ही ट्रेन फिर लौट गई। पहली बार ट्रेन ने दस किलोमीटर तक का सफर तय किया। इस कारण ट्रेन की गति दस किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। अब धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाकर ट्रायल रन किया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा विशेषज्ञों से चार किलोमीटर तक के रन की अनुमति मिली थी। इससे पहले अफसर 17 किलोमीटर तक ट्राॅली रन भी चार बार कर चुके है।

     सालभर बाद रेडिसन चौराहा तक होगा संचालन

    अभी मेट्रो का संचालन छह किलोमीटर हिस्से में हो रह है,लेकिन यह आबादी क्षेत्र नहीं है। इस कारण मेट्रो को अब ज्यादा यात्री नहीं मिल रहे है। शुरुआती दिनों में मेट्रो ट्रेन को देखने के लिए शहरवासियों की भीड़ उमड़ी। अब तक दो लाख से ज्यादा यात्री मेट्रो में सफर कर चुके है, लेकिन अब यात्री नहीं मिल रहे है।

    अगले साल तक मेट्रो के संचालन का लक्ष्य रेसिसन चौराहे तक करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां तक मेट्रो चलेगी तो यात्री संख्या भी बढ़ेगी,क्योकि विजय नगर, सुखलिया ग्राम व आसपास से सुपर काॅरिडोर की आईटी कंपनियों व काॅलेजों में कर्मचारी व विद्यार्थी जाते है, हालांकि अब पांच से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों का काम बाकी है। उसे जल्दी पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

  • ‘BIG BOSS’ बना घोटालों का कमांड सेंटर! छत्तीसगढ़ में पैसों के लेन-देन की साजिश का ED चार्जशीट में खुलासा

    रायपुर
     प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा चार्जशीट ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। कोर्ट में पेश चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 'बिग बास ग्रुप' नामक एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसमें बड़े अधिकारी, कारोबारी, नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल और उनके करीबी मित्र शामिल थे।

    यह नेटवर्क शराब, कोयला और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार से अरबों रुपये की कमाई के साथ-साथ अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचता था। चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेजों से ईडी का कहना है कि यह गैंग फिल्मी स्क्रिप्ट और मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर अफसरों की छवि को खराब करने में लगा था। खासकर एक विवादित आइपीएस की 'कल्पनाओं पर आधारित डायरी' को हथियार बनाकर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ अफवाहें फैलाकर उन्हें दबाव में लाने की कोशिश की गई। इससे कई अधिकारियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हुए।

    वॉट्सएप ग्रुप में शराब घोटाले से जुड़ी चर्चा और पैसों के लेन-देन की बातें हैं। ED ने अपनी चार्जशीट में खुलासा किया है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट के लोगों से बातचीत के दौरान IAS अफसरों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती थी, उन्हें गाली देती थी।

    इसके साथ ही उन्होंने कई बार सिंडिकेट के कुछ सदस्यों काे हिसाब किताब की जानकारी नहीं देने की बात भी लिखी है। चैट में इस बात का भी जिक्र है कि चैतन्य के लिए पप्पू बंसल, सौम्या के लिए दीपेंद्र कुरियर बॉय का काम करता था, ये उन्हें पैसे पहुंचाते थे, जिसे वह डिलीवर कहकर बात करते थे।

    चैट्स से खुला सिंडिकेट का राज, चैतन्य का नंबर बिट्टू नाम से सेव था

    शराब घोटाले में गिरफ्तार अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं। अनवर के मोबाइल में चैतन्य बघेल का नंबर 'बिट्टू' नाम से सेव था, जिसमें पैसों की डीलिंग से लेकर नकली होलोग्राम बनाने तक की बातचीत सामने आई है।

    ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ‘बिग बॉस’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा और पुष्पक जैसे प्रमुख सदस्य जुड़े थे। इस ग्रुप के जरिए शराब घोटाले की प्लानिंग, मनी लाड्रिंग, रकम के वितरण और हेराफेरी की सूचनाएं साझा की जाती थी। चैट्स में कब, किसे कॉल किया गया और कितनी देर बातचीत हुई, इसका पूरा विवरण भी चार्जशीट में शामिल है।

    1000 करोड़ का कैश मैनेज किया

    भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल ने ईडी की पूछताछ में बताया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर 1000 करोड़ से अधिक कैश मैनेज किया। यह राशि अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा होते हुए कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई गई। बंसल ने यह भी माना कि उसे तीन महीने में 136 करोड़ रुपये मिले थे।

    पप्पू बंसल ने खोला राज

    दुर्ग-भिलाई के शराब कारोबारी और भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू बंसल ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने माना कि उन्होंने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश को मैनेज किया।

    बंसल ने बताया कि यह रकम अनवर ढेबर से दीपेंद्र चावड़ा और फिर कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई जाती थी। बंसल ने यह भी स्वीकार किया कि तीन महीने की अवधि में ही उन्हें 136 करोड़ रुपए मिले।

    रियल एस्टेट में लगाया ब्लैक मनी

    ED ने आरोप लगाया कि चैतन्य ने अपने विठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट और बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में शराब घोटाले की रकम निवेश की। असल खर्च 13-15 करोड़ रुपए था, लेकिन दस्तावेजों में मात्र 7.14 करोड़ दिखाया गया।

    वहीं डिजिटल डिवाइस की जांच से पता चला कि एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए कैश में भुगतान किया गया, जिसका हिसाब रिकॉर्ड में नहीं था। इसी प्रोजेक्ट में त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने 19 फ्लैट खरीदे, लेकिन भुगतान खुद किया। ED के मुताबिक यह सब ब्लैक मनी को सफेद दिखाने के लिए किया गया।

    मोबाइल चैट्स से खुलासा

    ED ने जब अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच की तो चौंकाने वाले चैट्स मिले। अनवर के मोबाइल में चैतन्य का नंबर ‘बिट्टू’ नाम से सेव था। इसमें पैसों की डीलिंग और नकली होलोग्राम बनाने तक की चर्चा थी।

  • ग्वालियर की महिला एनसीसी अकादमी 60 साल पुरानी, देश की सेवा में योगदान दे चुके 4000 से ज्यादा अफसर

    ग्वालियर
     देश की इकलौती महिला एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी(ओटीए) अपने 60 साल पूरे कर चुकी है। इस लंबे सफर में ओटीए ने 4000 एसोसिएट ट्रेनिंग ऑफिसर(एएनओ) देश को दिए हैं, जिन्होंने यहां से विभिन्न कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर देशभर के स्कूलों और महाविद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स को ट्रेनिंग दी है।

    यहां प्रशिक्षण लेने आईं महिला केयर टेकर प्री कमीशन कोर्स के बाद अफसर बनकर निकलीं। इस दरम्यान उन्होंने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल को बढ़ाया। ओटीए की स्थापना सन् 1964 में हुई थी। वहीं पहली बार 10 जुलाई 1965 में एनसीसी महिला प्रशिक्षण अकादमी की परेड हुई, जिसकी समीक्षा और अकादमी का औपचारिक उद्घाटन तत्कालीन रक्षामंत्री वाईबी चव्हाण ने किया था।

    सन् 1964 में ओटीएस कांपटी के रूप में थी पहचान

    अक्टूबर 1964 में बालिका यूनिट्स की बढ़ती संख्या के कारण ग्वालियर में एक अलग एनसीसी कॉलेज या ओटीए स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत का यह एकमात्र एनसीसी महिला प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हुआ।

    संस्थान का नाम शुरू में एनसीसी कॉलेज फॉर विमेन था और बाद में 1964 में ओटीएस कांपटी के अनुरूप इसका नाम बदलकर महिला अधिकारी प्रशिक्षण स्कूल या डब्ल्यूओटीएस कर दिया गया और फिर 2002 में इसका नाम बदलकर ओटीए ग्वालियर कर दिया गया, जो अब अफसर प्रशिक्षण अकादमी यानी ओटीए ग्वालियर के नाम से जाना जाता है।
    प्री-कमीशन सहित चार प्रकार के कोर्स होते हैं यहां

    ओटीए में कुल चार प्रकार के कोर्स होते हैं। इनमें सबसे मुख्य प्री कमीशन कोर्स है। यह इन दिनों 75 दिन और 45 दिन का संचालित हो रहा है। इसमें कुल 120 महिला प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। दूसरा रिफ्रेशर कोर्स है, जो 20 दिन का होता है। यह प्री कमीशन कोर्स कर चुकी महिला अफसरों के लिए होता है। इसके साथ ही जीसीआइ 20 दिन का और एसएसबी कोर्स 10 दिन का होता है। इनमें से एसएसबी कोविड के बाद नहीं कराया गया।

    पासिंग आउट परेड में 131 महिला एनसीसी अफसर शामिल

    ओटीए में आज पासिंग आउट परेड हुई। इस परेड के साथ एनसीसी ओटीए अपनी हीरक जयंती मना रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिणी कमान के आरओ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उपस्थित रहे। पासिंग आउट परेड में 131 महिला केयर टेकर अधिकारी शामिल है। परेड में शामिल होने जा रहे सभी प्रशिक्षु अधिकारी एनसीसी के 17 निदेशालयों से आई हैं। इन सभी का 75 दिवसीय प्रशिक्षण सात जुलाई को शुरू हुआ था।

    ओवरआल डवलपमेंट हुआ

        मैंने ओटीए से डब्ल्यूटीएनओ (होल टाइम लेडी ऑफिसर इन एनसीसी) कोर्स किया था। यह बेसिक ट्रेनिंग छह महीने की थी। इसमें हमारा ओवरआल डवलपमेंट हुआ। वर्तमान में मैं ओटीए में ही एडिशनल ट्रेनिंग ऑफिसर की पोस्ट पर हूं। इससे पहले मैं गुजरात में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर थी।- मेजर अरुंणधति शाह, बैच 2006

    महिला अफसर छात्रों को देती हैं प्रशिक्षण

        ओटीए को 60 साल पूरे हो चुके हैं। इस लम्बे सफर में लगभग 4000 महिला अफसर देश को मिली हैं, जिन्होंने एनसीसी की दिशा में बेहतर काम किया है। अकादमी में प्री कमीशन कोर्स, रिफ्रेशर कोर्स और जीसीआइ कोर्स कराए जाते हैं, जिसमें केयर टेकर का ओवर आल डवलपमेंट होता है। प्रशिक्षण के बाद ये महिला अफसर स्कूल और महाविद्यालय में छात्रों को प्रशिक्षण देती हैं। – लेफ्टिनेंट कर्नल अस्मिता, प्रशिक्षण अधिकारी (समन्वय), ओटीए

     

  • इंदौर में खराब सड़कों पर फूटा सांसद का गुस्सा, हादसे पर ठेकेदारों और अधिकारियों पर दर्ज होगी FIR

     इंदौर
     कलेक्टर कार्यालय में  सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। इसमें सिंहस्थ से पहले कान्ह एवं सरस्वती नदी को स्वच्छ और साफ करने के अलावा सड़कों के गड्ढों पर चर्चा हुई। बैठक में सांसद ने निर्देश दिए कि बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द प्रारंभ करें। सड़क के गड्ढों के कारण किसी की जान गई, तो वे स्वयं थाने जाकर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी पर एफआईआर कराएंगे। गड्ढों के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए।

    बैठक में शहर और ग्रामीण के अलावा इंदौर-देवास बायपास की सड़कों पर गड्ढों का मुद्दा छाया रहा। बैठक में सांसद ने एनएचएआइ को बायपास पर राऊ से लेकर शिप्रा तक निर्माणाधीन ओवरब्रिज के लिए डायवर्शन सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही आइडीए और नगर निगम को भी अपने क्षेत्र की सड़कों के सुधार के लिए निर्देशित किया गया।

    जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए

    सड़कों की तकनीकी खामियों से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, आईडीए मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. परीक्षित झाड़े, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    करोड़ों खर्च किए फिर भी सफाई अधूरी

    कान्ह और सरस्वती नदी पर साल 2000 से 2021 तक ग्यारह सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन फिर भी साफ नहीं हो सकी। बैठक में एक बार फिर सिंहस्थ के मद्देनजर दोनों नदियों के साफ और सुंदरीकरण के लिए योजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। सांसद कविता पाटीदार ने भी ग्रामीण क्षेत्रों की नदियों को स्वच्छ रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नदियों की स्वच्छता पर ही कान्ह और सरस्वती नदी की शुद्धता निर्भर है। ऐसे में ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ बनाएं, ताकि दूषित पानी नहीं मिले।

    शहर से लगे गांवों के कचरे की प्रोसेसिंग निगम करेगा

    बैठक में महापौर भार्गव ने कहा कि इंदौर की शहरी सीमा से लगे हुए गांवों और शहर की तरफ आने वाली ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को स्वच्छ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर से लगे गांवों के कचरा संग्रहण के लिए संयुक्त दल बनाकर विशेष कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। इस कार्य में निगम द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के कचरे के प्रोसेसिंग की व्यवस्था भी निगम द्वारा की जाएगी।

    54 गांवों में स्थापित होंगे आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र

    जिले के 54 गांवों में आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया गया है। इसमें महू जनपद के 52 गांव और इंदौर जनपद के दो गांव शामिल हैं। चयनित प्रत्येक गांव में आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सेवा पखवाड़ा के तहत सांसद खेल महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें ग्राम से लेकर जिला स्तर तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।

  • उज्जैन सिंहस्थ को सफल बनाने MP की पहल, नासिक महाकुंभ में रहकर अनुभव लेगा अधिकारियों का दल

    भोपाल
     उज्जैन में
    वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों में भीड़ प्रबंधन और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर पुलिस-प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। नासिक में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ में पुलिस, आपदा प्रबंधन व अन्य संबंधित विभागों का दल पूरे समय वहां रहकर व्यवस्थाएं देखेगा। इस आधार पर वहां के नवाचार, तकनीक को उज्जैन में अपनाया जा सकेगा।

    पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में व्यवस्थाएं करने के लिए प्रयागराज की तुलना में नासिक महाकुंभ का अवलोकन अधिक बेहतर रहेगा। कारण यह कि नासिक और उज्जैन शहर की संरचना लगभग एक जैसी हैं। क्षेत्र संकीर्ण होने के कारण भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रयागराज महाकुंभ में किए गए तकनीकी नवाचारों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
    वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी

    वहां के अधिकारियों के एक दल ने पुलिस मुख्यालय में प्रस्तुतीकरण भी दिया था। इनमें जो उज्जैन के लिए व्यवहारिक हैं उन्हें पुलिस अपनाने की तैयारी भी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि नासिक में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंध, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य व्यवस्था, सफाई आदि में किसी तरह की समस्या आती है तो उसे देखते हुए उज्जैन सिंहस्थ में उस तरह की समस्या दूर करने के प्रयास किए पहले ही कर लिए जाएंगे।

    साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने उज्जैन सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसमें सबसे पहले उज्जैन और ओंकारेश्वर का सुरक्षा आडिट कराया गया है।

  • भोपाल में गैंग का दबदबा: रील पोस्ट करने से इनकार पर MBA छात्र पर हमला, शारिक के समर्थन की थी मांग

    भोपाल
     कुख्यात मछली परिवार गैंग के बदमाशों का आतंक अब भी बरकरार है। ड्रग-तस्करी से लेकर यौन शोषण के गंभीर प्रकरणों से परिवार की छवि को बट्टा लगने के बाद अब उसकी गैंग के सदस्य शारिक मछली को बेकसूर साबित करने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं। मछली गैंग के गुर्गे अब शारिक मछली के समर्थन में रीलें और पोस्ट बनाकर लोगों को भेज रहे हैं और उनके सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर साझा करने का दबाव बना रहे हैं।

    ऐसा एक मामला पिपलानी के इंद्रपुरी में सामने आया है। जहां मछली गैंग का गुर्गे महेंद्र चौहान ने एमबीए छात्र को शारिक के समर्थन में रील पोस्ट करने का दबाव बनाया। वहीं जब महीने भर में उसने रीलें शेयर नहीं की तो एक कैफे में उससे मारपीट की। पीड़ित की शिकायत पर एक बार फिर मछली गैंग पर पुलिस कार्रवाई करने से बची और एनसीआर काट कर किनारा कर लिया था, बाद में अगले दिन हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव किया तब जाकर एफआइआर दर्ज की गई।

    कॉलेज में महेंद्र से हुई थी पहचान

    महेंद्र ठाकुर के साथ पुलिस ने गैंग के गौरव ठाकुर नामक युवक को भी आरोपित बनाया है। पिपलानी टीआई चंद्रिका यादव के मुताबिक शिवम पांडे ने बताया कि वह वर्तमान में निजी कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। इससे पहले उसने टीआईटी कॉलेज से बीफार्मा किया और वर्तमान में एक अस्पताल में नौकरी कर रहा है। तब उसकी पहचान कॉलेज में सीनियर पिपलानी निवासी महेंद्र चौहान से हुई थी।

    रील को सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा

    मछली कांड के बाद महेंद्र चौहान ने शारिक मछली के समर्थन में कई रीलें बनाईं और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने को कहा। पीड़ित ने बताया कि रात 8:45 बजे वह असपताल से नौकरी करने के बाद इंद्रपुरी स्थित चिलपिल कैफे दोस्तों के साथ पहुंचा। वहां महेंद्र ठाकुर अपने दोस्तों के साथ पहले से मौजूद था। उसने शारिक की रील शेयर न करने को लेकर विवाद शुरू कर दिया।

    कैफे में पीटना शुरू कर दिया

    वहीं जब शिवम ने उसे रील शेयर करने से मना किया तो वह पार्टी के लिए दो हजार रुपये देने को कहने लगा। इस पर भी पीड़ित ने इनकार किया। इससे गुस्साए महेंद्र चौहान ने उसे कैफे में पीटना शुरू कर दिया। शिवम के दोस्तों ने बीच-बचाव किया तब महेंद्र जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग निकला। शिवम ने बताया कि महेंद्र की बात न मानने को लेकर कुछ देर बाद गौरव ठाकुर ने उसे फोन किया और अभद्रता शुरू कर दी। साथ ही बात न मानने पर भोपाल छोड़ने की धमकी तक दे डाली। बाद में पुलिस ने दोनों आरोपितों पर केस दर्ज कर लिया है।

  • मध्य प्रदेश में दलित-आदिवासी सुरक्षा को लेकर सख्ती: 63 थाने संवेदनशील घोषित, नई चौकियों से होगी निगरानी

    भोपाल
    मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग ने 23 जिलों के 63 थाना क्षेत्रों और लगभग 100 वार्डों एवं गांवों को अत्याचार प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है। इन क्षेत्रों में अब विशेष सतर्कता और निगरानी रखी जाएगी। सरकार का मानना है कि प्रदेश के कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां SC-ST वर्ग के लोगों पर अत्याचार की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक सामने आती हैं। ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित कर कड़ी निगरानी की जरूरत है। इसी उद्देश्य से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं उसके नियमों के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित थाना क्षेत्रों में SC-ST वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अत्याचार पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी। विशेष निगरानी के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसमें पुलिस चौकियों की स्थापना, जागरूकता के कार्यक्रम, पुराने विवादों को हल कराने जैसे प्रयास होंगे। घटनाओं को लेकर पुलिस को त्वरित कार्यवाही करने के लिए भी कहा गया है। गृह विभाग ने केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया है।

    जिन थाना क्षेत्रों को संवेदनशील माना गया है उनमें मंडला जिले का कोतवाली, बालाघाट का कोसमी, भरवेली, विदिशा का कोतवाली, गंज बासौदा, सिविल लाइन, धार का कोतवाली, खंडवा का पदम नगर, मांधाता, पंधाना, इंदौर का सिमरोल, मुरैना कोतवाली, स्टेशन रोड, सिविल लाइन, बामनोर, भिंड में देहात, देवास में औद्योगिक क्षेत्र, पिपलावा, शाजापुर में शुजालपुर सिटी, शुजालपुर मंडी, मंदसौर का वायडीनगर, नर्मदापुरम के देहात, इटारसी, कोतवाली, पिपरिया और शिवपुर, बैतूल में सारणी, आमला, रायसेन में औबेदुल्लागंज, जबलपुर में गोराबाजार, गुना में कोतवाली, कैंट, विजयपुर, आरोन, मधुसूदनगढ़, शिवपुरी में सिरसोद, दिनारा, आमोला, इंमदौर, भौंती, अशोकनगर में कोतवाली, देहार, बहादुरपुर, ग्वालियर में जनकगंज, झांसी रोड, विश्वविद्यालय, ठाठीपुर, बहोड़ापुर, ग्वालियर, डबरा, सागर में कैंट, बहेरिया, बंडा, राहतगढ़, दमोह में कोतवाली, छतरपुर में सिविल लाइन, लवकुशनगर, जुझारपुर और टीकमगढ़ जिले का कोतवाली थाना क्षेत्र शामिल है।

    4 केस से समझिए थाना क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित करने की वजह

    केस-1: सागर दलित युवक हत्या, मां को निर्वस्त्र कर पीटा

    ये मामला 24 अगस्त 2023 का है। सागर जिले के खुरई देहात थाना क्षेत्र के बरोदिया नौनागिरी गांव में दबंगों ने दलित युवक लालू उर्फ नितिन अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बेटे को बचाने गई मां को भी निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। दरअसल, लालू की बहन से दबंगों के छेड़छाड़ की थी। जिसकी शिकायत थाने में की गई थी। दबंग पीड़ित परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे।

    जब परिवार ने इनकार किया, तो इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद और 4 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। खास बात ये है कि नितिन अहिरवार के इस केस में घटना के चश्मदीद उसके चाचा और बहन की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। जिसकी जांच अभी भी चल रही है।

    केस-2: 30 हमलावरों ने महिला की गोली मारकर हत्या की ये मामला मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के ढाकनी गांव का है। 6 दिसंबर 2024 को करीब 30 हमलावर 5 गाड़ियों में सवार होकर गांव में ही रहने वाले बलराम के घर पहुंचे थे। यहां पहुंचकर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें बलराम की पत्नी 45 साल की सुगना बाई की मौत हो गई, जबकि बलराम सहित 3 लोग घायल हो गए थे। ये विवाद सरकारी जमीन पर गाय बांधने को लेकर हुआ था।

    घटना के बाद आक्रोशित परिजन और गांववालों ने शव रखकर बोलिया, शामगढ़ भानपुरा और खड़ावदा रोड पर करीब 5 घंटे तक चक्काजाम किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के बाद ही प्रदर्शन खत्म हुआ। उस समय पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए तीन लोगों की गिरफ्तारी भी की थी।

    केस-3: गैंगरेप के बाद आरोपियों ने घर में लगाई आग भिंड जिले के आरोली गांव में इसी साल 13 जनवरी 2025 को गांव के दबंगों ने दलित युवती के साथ गैंगरेप किया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने गैंगरेप के आरोपी सोनी गुर्जर और धर्मेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मगर, कोर्ट में बयान दर्ज कराने से पहले ही आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

    समझौते से इनकार करने पर आरोपी बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और परिवार से मारपीट की। इसके बाद घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इस आगजनी में परिवार के दो लोग झुलस गए थे।

    केस-4 : गैंगरेप पीड़िता की आंत-बच्चेदानी बाहर थी खंडवा जिले में एक आदिवासी महिला के साथ दरिंदगी हुई। घटना 23 मई की रात हुई जब महिला शादी समारोह से लौट रही थी। आरोपी हरी और सुनील ने शराब के नशे में महिला के साथ बर्बरता की थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की आंत 6 फीट शरीर से बाहर निकली थी। उसके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें भी थीं। इन्हीं चोटों की वजह से महिला की मौत हो गई थी।

    महिला का पोस्टमॉर्टम करने वाली डॉक्टर सीमा सूटे के मुताबिक उसके गर्भाशय और रेक्टम तक को गंभीर चोटें लगी थीं।। उन्होंने कहा, "मैंने अपने पूरे करियर में इतनी क्रूरता नहीं देखी।" रिपोर्ट के अनुसार, महिला के शरीर से खून बहुत अधिक बहा और इसके कारण उसकी मौत हो गई। पीड़िता ने मरने से पहले अपने बेटे को आरोपियों के नाम बताए थे, जिन्होंने पुलिस को बयान भी दिया।

    क्या होगा आइडेंटिफाई एरिया में.. गृह विभाग के नोटिफिकेशन के मुताबिक ये कदम केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत उठाया है। 23 जिलों के 63 थानों को संवेदनशील घोषित किया है और इन थानों के तहत आने वाले क्षेत्र को 'आइडेंटिफाई एरिया' के रूप में चिह्नित किया गया है।

    एक्सपर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार किसी थाना क्षेत्र को आइडेंटिफाई एरिया घोषित करती है तो इसका मतलब है कि वहां और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। वहां की पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और खासतौर पर एससी-एसटी वर्ग पर होने वाले अत्याचार को रोकने के लिए ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत होती है।

    वहीं पुलिस से उम्मीद की जाती है कि वह क्षेत्र में सुरक्षा के लिए खास गश्त और निगरानी की व्यवस्था करें। यदि कोई आपराधिक घटना होती है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाए।

     

  • जिम्मेदार कार्यक्रम से पहले दर्दनाक हादसा: बोलेरो ट्रक से टकराई, BJP मंडल अध्यक्ष के परिवार ने गंवाई जान, CM ने दिखाया संवेदनशीलता

    सीधी 
     सीधी। सीधी जिले के जेठूला गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सीएम डॉ मोहन यादव के कार्यक्रम स्थल के नजदीक खड़े ट्रक में एक एसयूवी घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। ये तीनों बीजेपी नेता के परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनको इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक शुक्रवार के दिन बहरी में होने वाले सीएम के कार्यक्रम के लिए टेंट और अन्य सामान लेकर जा रहा था।

    दरअसल, दर्दनाक सड़क हादसा सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे पर गुरुवार की शाम हुआ। इस हादसे में मयापुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष शिवकुमारी जायसवाल के परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि टकराने के बाद बोलेरो का हिस्सा ट्रक के नीचे जा घुसा। इसे जेसीबी की मदद से बाहर निकालना पड़ा। इस हादसे पर सीएम मोहन यादव ने दुख जताया है।

    सीएम के कार्यक्रम की चल रही थी तैयारी
    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिहावल विधानसभा के बहरी तहसील के जेठूला गांव में सीएम डॉ मोहन यादव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सीएम शुक्रवार को यहां पर सोन नदी पर बने पुल का उद्घाटन करने वाले हैं। इसकी तैयारी के लिए टेंट से लोड ट्रक खड़ा था। इसमें पीछे से आ रही तेज रफ्तार एसयूवी बोलेरो जा घुसी। हादसे के बाद सिंहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने सीएम से कार्यक्रम स्थगित करने की अपील की थी।

    कैंसिल हुआ सीएम का दौरा
    विधायक ने सीएम से अपील में कहा कि हमारे मंडल अध्यक्ष के परिवार की तीन लोगों की मौत हुई है। इसलिए किसी और दिन कार्यक्रम करें। वहीं, हादसे पर सीएम ने दुख जताते हुए शु्क्रवार के दिन अपना प्रस्तावित सीधी दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि सीधी में हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। दुर्घटना में घायलों को इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान दें। साथ ही घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

    बोलेरो में 6 लोग थे सवार
    मिली जानकारी के अनुसार जगदीश जायसवाल का बेटा प्रिंस घर से कार लेकर निकला था। पहले तो इसमें दो लोग सवार थे। लेकिन रास्ते में कुछ और लोग बैठे तो कुल 6 लोग हो गए। इस दौरान कार ट्रक से जाकर टकरा गई। हादसे में धर्मेंद्र पिता चूड़ामणि जायसवाल और गीता उर्फ आदित्य पिता रघुनाथ की मौत हो गई। इसके साथ ही एक मृतक की पहचान सोहैब के रूप में हुई। वह राहतगढ़ का रहने वाला था। मृतक सीएम के कार्यक्रम के लिए टेंट की व्यवस्था करने वाले दल के साथ आया था।

  • प्रदेश में चल रहा है सामूहिक भागीदारी से सेवा पखवाड़ा

    भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिन 17 सितम्बर से प्रदेश में शुरू हुए 'सेवा पखवाड़ा' अभियान में सामूहिक भागीदारी से सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई का अभियान चल रहा है। इसी के साथ महिला सशक्तिकरण सहित अन्य गतिविधियां भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही हैं। सेवा पखवाड़ा अभियान 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक निरंतर चलेगा। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के निर्देश पर 1250 से अधिक स्वच्छता श्रमदान गतिविधियाँ हुईं। स्वच्छता लक्षित इकाइयों पर विशेष ध्यान देकर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। इस आयोजन में 6 हजार से अधिक जन-प्रतिनिधि और एक लाख 50 हजार से अधिक सामाजिक संगठन के सदस्य, युवा, विद्यार्थी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर और सफाई मित्र शामिल हुए। जन-प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य न केवल सफाई को बढ़ावा देना बल्कि नागरिकों के बीच स्वच्छता को निंरतर उत्सव के रूप में आत्मसात करना है।

    नर्मदापुरम जिले की विभिन्न तहसीलों और विकासखण्डों में स्वच्छता को लेकर साफ-सफाई अभियान चलाया गया। इटारसी में जन-सामान्य को स्वच्छता का संदेश दिया गया। नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई। हरदा जिले में अननान नदी के तट पर श्रमदान किया गया। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती, नागरिकों और अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमदान किया। बैतूल में कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी के निर्देश पर कोठी बाजार और गंज क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन को लेकर जागरूकता एवं कार्यवाही की गयी। स्वच्छता अमले ने व्यापारियों को पॉलिथिन का उपयोग न करने के स्थान पर कपड़े के थैले का उपयोग करने की समझाइश दी। प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए अमले ने सिंगल यूज प्लास्टिक का यूज करने वाले व्यापारियों पर 16 हजार रुपये चालान की राशि वसूल की और 54 किलो पॉलीथिन जप्त किया।

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में वन एवं पर्यावरण और प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने अभियान के अंतर्गत पौध-रोपण किया। प्रभारी मंत्री ने नर्मदा नदी के दक्षिण घाट पर बेल का पौधा रोपित किया। उनके साथ महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने नींबू, जामुन, आम और अमरूद के पौधे लगाये। शहडोल में मोहनराम तालाब की साफ-सफाई की गयी। नगर के गाँधी स्टेडियम में एनसीसी, एनएसएस, स्कूल के छात्र-छात्राओं, नगरपालिका के स्टॉफ ने मानव श्रंखला बनाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

    दमोह जिले के पथरिया में पशुपालन राज्यमंत्री श्री लखन पटेल 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को सुधारा जा सकता है। कार्यक्रम में 8वाँ राष्ट्रीय पोषण माह और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के समय दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी। अभियान में 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम में नागरिकों ने फलदार पौधे लगाये।

    सागर में सामूहिक भागीदारी से स्वच्छता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम दीनदयाल चौराहे पर लगी पं. दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति की सफाई से किया गया और माल्यार्पण किया गया। बस स्टैण्ड पर नागरिकों की भागीदारी से सफाई की गयी। कार्यक्रम में विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, महापौर सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी एवं नागरिक शामिल हुए। जिले के खुरई में डम्प साइट स्थानों पर सफाई करवायी गयी। जन-सामान्य को स्पॉट के कायाकल्प का संकल्प दिलाया। कचरा गाड़ी में ही डालने के लिये प्रेरित किया गया। सुरखी में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर लगाया गया। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए।

     

  • 162 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, त्योंथर में विकास को मिलेगी रफ्तार

    निवेशकों को प्रदान करेंगे भूमि आवंटन पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितम्बर को रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के चाकघाट में निवेशक उद्यमियों से चर्चा कर औद्योगिक क्षेत्र घूमा में निवेश करने वाले उद्योगपतियों को भूमि आवंटन-पत्र प्रदान करेंगे। साथ ही 162 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत के 5 निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक क्षेत्र विकास निगम द्वारा 124 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र, लोक निर्माण विभाग द्वारा 1.6 किलोमीटर लंबाई के पहुंच मार्ग, ग्राम कठौती मझगवां से चौहान बस्ती तक 3.5 किलोमीटर की सड़क, ग्राम चिल्ला से त्योंथर मार्ग पर टमस नदी में मीर बहरी घाट पर पुल निर्माण, ग्राम मझगवां डीही से लठिया तालाब तक 3.8 किलोमीटर लम्बाई के पहुंच मार्ग का शिलान्यास करेंगे।

     

  • प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख देती है ‘चलो जीते हैं’: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वक्तव्य

    प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख देती है 'चलो जीते हैं': मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वक्तव्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की फिल्म चलो जीते हैं" की मुक्त कंठ से सराहना
    24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म का प्रदर्शन होगा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बाल्यकाल की परिस्थितियों पर एक आदर्श फिल्म है, जो अतीत से वर्तमान में लाकर छोड़ती है। आधे घंटे की अवधि में फिल्म कथा सार को समेटना एक अद्भुत प्रयोग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सिनेपोलिस बंसल प्लाजा, भोपाल में "चलो जीते हैं" फिल्म का शो देखने के बाद मीडिया से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ ने फिल्म की सराहना की। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा,  भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री मती अर्चना चिटनिस तथा बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जन्म वर्षगांठ के अवसर पर 18 से 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में फिल्म "चलो जीते हैं" का प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के बाल्यकाल और जीवन पर केंद्रित फिल्म के सेवा पखवाड़े के अंतर्गत संगठन द्वारा प्रदेश भर में प्रदर्शन की पहल सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म देखने के बाद कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर को मध्यप्रदेश के जनजाति बहुल धार जिले में अपना 75वां जन्मदिवस मनाया। राष्ट्र नायक  मोदी का गौरव पक्ष और शालीन पक्ष इस फिल्म में देखने को मिलता है। "चलो जीते हैं" फिल्म में  मोदी ने ध्येय वाक्य "चलो जीते हैं" को लेकर कठिनाइयों के बीच जीते हुए अपने जन्म और जीवन को सिद्ध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोयले की खदान से हीरा निकले तो खदान धन्य हो जाती है। प्रधानमंत्री  मोदी दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने जीवन में अन्य परेशानियां झेलते हुए अपने साथी विद्यार्थी को भी सहारा दिया। वे किस तरह युक्ति निकालते हैं, आज यह दुनिया के सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दीर्घायु और शतायु होने की कामना की। प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2019 तक वे और भी शक्तिशाली बनकर पूरे विश्व को संदेश देंगे। भारत विश्व में सिरमौर बनेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के समय में नई तकनीक और बड़े खर्चे से फिल्में बनती हैं, लेकिन इस शॉर्ट फिल्म में सीमित साधनों के उपयोग से अल्प अवधि में बिना मध्यांतर की फिल्म बनाकर फिल्म का मूल कथा पक्ष दृढ़ इच्छा शक्ति का फिल्मांकन बखूबी किया गया है। इस नाते फिल्म निर्माण में यह नया प्रयोग भी है। फिल्म अतीत का वर्तमान से तादात्म्य मिलाकर मोदी जी के पूरे जीवन पर प्रकाश डालती है। इसके लिए फिल्म निर्माता बधाई के पात्र हैं। इस शॉर्ट फिल्म को सभी नागरिकों को देखना चाहिए।

    उल्लेखनीय है कि "चलो जीते हैं" वर्ष 2018 में बनी एक शॉर्ट फिल्म है, जो प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से प्रेरित है। यह फिल्म बॉलीवुड स्टार्स वाली कमर्शियल मूवी नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक लघु फिल्म है। फिल्म के निर्देशक  महावीर जैन, निर्माता  भूषण कुमार, महावीर जैन हैं। फिल्म की कहानी एक छोटे बालक की है जो अपने जीवन में "दूसरों की सेवा" और "देशभक्ति" को सबसे बड़ा धर्म मानता है। फिल्म में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बचपन से जुड़े आदर्श और संस्कारों को दर्शाया गया है।

    फिल्म "चलो जीते हैं" में बड़े स्टार कलाकार नहीं हैं बल्कि ज्यादातर नए कलाकारों ने काम किया है। इस फिल्म में बालक नरेन्द्र (नन्हें मोदी) की मुख्य भूमिका में समर्थ शुकला, नरेन्द्र के मित्र के रूप में राहुल पटेल, बाल कलाकार आरोही राय और आदित्य शामिल हैं। यह फिल्म मुख्यत: बाल नरेन्द्र मोदी के विचारों और समाजसेवा की सोच पर केंद्रित है, इसलिए इसमें स्टार कॉस्ट से ज्यादा संदेश और प्रेरणा पर जोर दिया गया है। फिल्म 6 वर्ष बाद रिलीज हुई है।