• सुरमयी सांस्कृतिक संध्या में झलकेगी निमाड़ी लोकधुनों की छटा

    मध्यप्रदेश भवन में होगा आयोजन

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में शुक्रवार 19 सितंबर को सुरमयी सांस्कृतिक संध्या की चौथी प्रस्तुति में निमाड़ी लोकगायन का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग एवं मध्यप्रदेश भवन दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और मधुर लोक संगीत की झलक प्रस्तुत की जाएगी।

    कार्यक्रम में श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं समूह द्वारा निमाड़ी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह चौथी प्रस्तुति मध्यप्रदेश के लोकसुरों की अनूठी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम का समय शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक निर्धारित है। लोक संगीत प्रेमी इस सांस्कृतिक संध्या में सम्मिलित होकर लोकधुनों का आनंद ले सकते हैं। 

  • 8 राज्यों के इंजीनियर्स ने इंदौर आकर समझीं स्मार्ट मीटरिंग की खूबियां

    भोपाल
    मध्य़प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर परियोजना का कुशलतापूर्वक संचालन कर विभिन्न बिजली वितरण कंपनियों के साथ नालेज शेयरिंग कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पावर फायनेंस कार्पोरेशन, आईआईएम इंदौर की ओर से देशभर के 8 राज्यों की 11 बिजली कंपनियों के 14 इंजीनियर्स ने गुरुवार को पोलोग्राउंड इंदौर स्थित पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के स्मार्ट मीटर मास्टर कंट्रोल सेंटर का दौरा किया और स्मार्ट मीटरिंग की खूबियां देखी। दल में आंधप्रदेश, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, जम्मू कश्मीर से श्री डी सुब्बा राव, श्री एसएचके आदिशेशलाह, श्री एसके राममोहन राव, श्री टी वांजा, श्री एस महेंद्रनाथ, श्री एसएच सुरजीत गनीलाला, सुश्री संगीता एस., सुश्री जास्मिन बानू, श्री उत्तम कुमार जान, कल्पना पाटिल, कृष्णा स्वरूप, सुखविंदर सिंह, एसएच रिजवान अहमद शामिल थे।

    राज्यों के दल को इंदौर के स्मार्ट मीटर के आठ वर्ष के कार्यों की जानकारी दी गई। प्रश्नों के समाधान-कारण उत्तर दिए गए और मीटर लैब की विजिट कराई गई। स्मार्ट मीटर से डिस्केक्शन, रिकनेक्शन की प्रक्रियां समझाई गई। दल के सदस्यों ने इंदौर में हुए कार्यों व उपलब्ध जानकारी की सराहना की और अपने राज्यों, कंपनी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

     

  • इंदौर-देवास मार्ग पर लंबा जाम, यात्रियों को झेलना पड़ा चार घंटे का इंतजार

    इंदौर
    इंदौर देवास बायपास पर तीन माह में तीसरी बार ट्रैफिक जाम लगा। इस वजह से चार घंटे तक वाहन चालक परेशान होते रहे। गुरुवार को अर्जुन बड़ौद के पास एक ट्राला अचानक बीच सड़क पर खराब हो गया। ट्राला खराब होते ही पूरे रास्ते पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग घंटों तक परेशान होते रहे। खराब ट्राला हटाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पीछे से आते वाहनों की भीड़ बढ़ती गई और तीन से चार किमी तक ट्रैफिक प्रभावित रहा।

    प्लेट तोड़ने से रोकता रहा ड्राइवर
    बायपास पर वाहन खराब होने की स्थिति में एनएचएआई को व्यवस्था करना होती है। वहां क्रेन व अन्य वाहन रखने पड़ते है। मगर गुरुवार को खराब ट्राले को हटाने में काफी समय लग गया। ट्राले खराब होने से वह एक इंच भी आगे बढ़ा। एनएचएआई ने ट्राले की प्लेट तोड़ने का कहा तो ड्राइवर ने मना कर दिया। अधिकारियों ने समझाया और जाम लगाने का हवाला दिया। उसके बाद ट्राले की प्लेट तोड़ी और निर्माण स्थल पर खड़े अन्य वाहन की मदद से ट्राले को सड़क किनारे पर खड़ा किया जा सका। इस काम में डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। बायपास पर वाहन तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी। दोपहर तीन बजे यातायात सामान्य हुआ।
     
    अधिकारियों ने संभाली व्यवस्था
    अर्जुन बड़ौद पर जाम लगाने के बाद एनएचएआई के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मैदान संभाला। इस दौरान इंदौर से देवास जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया। डाकच्या पार करते ही वाहनों जयपुरिया इंस्टिट्यूट मार्ग पर मोड़ दिया। गांव होते हुए वाहनों क्षिप्रा तक पहुंचे। उसके बाद वाहनों बायपास पर आए। एक तरफ का ट्रैफिक दोपहर तीन बजे तक सामान्य हो चुका था, लेकिन देवास से इंदौर आने वाले मार्ग पर वाहनों की कतारें लगी। यहां शाम साढ़े चार बजे तक ट्रैफिक रेंगते रहा।

    जर्जर है सर्विस लेन
    बायपासस के अर्जुन बड़ौद पर फ्लाइओवर का निर्माण कार्य इन दिनों परेशानी का कारण बना है, क्योंकि फ्लाइओवर के लिए वाहनों को डायवर्ड कर रखा है। सर्विस लेन से वाहनों को निकाला जा रहा है, लेकिन उसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। यहां से वाहन को निकलने में दिक्कतें आती है। बुधवार को हुई बारसात ने भी हालात बिगड़ा दिए है। गुरुवार को अर्जुन बड़ौद पर हुए इस जाम ने एक बार फिर बायपास की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया। लोगों ने मांग की है कि खराब सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द हो और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि रोजाना जाम की समस्या से राहत मिल सके।

     

  • एमपी-सीईआरटी टीम ने भोपाल में किया ‘सायबर भारत-सेतु’ अभ्यास

    मध्यप्रदेश बना ‘सायबर भारत सेतु’ का व्यापक अभ्यास करने वाला देश का पहला राज्य

    भोपाल 
    प्रदेश में बढ़ती डिजिटल निर्भरता और सायबर सुरक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपी-सीईआरटी एवं केन्द्र सरकार के सीईआरटी-इन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से ब्रिजिंग स्टेट्स, सिक्योरिंग भारत विषय पर दो दिवसीय सायबर सुरक्षा अभ्यास ‘सायबर भारत सेतु’ का गुरुवार को भोपाल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन से मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया, जहां ‘सायबर भारत सेतु’ का व्यापक अभ्यास किया गया है।

    दो दिवसीय सायबर सुरक्षा अभ्यास कार्यक्रम में डिजिटल खतरों की बढ़ती जटिलता के मद्देनजर, एमपी-सीईआरटी ने संकट संचार एवं प्रबंधन योजना (सीसीएमपी), कठोर ऑडिट प्रोटोकॉल और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बेहतरीन सूचना सुरक्षा प्रक्रियाएँ अपनाई हैं। एक्सरसाइज में ड्यूल यूज़ टेक्नोलॉजी, सायबर एक्सटॉर्शन, रैनसमवेयर, डेटा ब्रीच, सोशल इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन अटैक, व्यवस्थागत निर्भरता, भू-राजनीतिक जोखिम, अंदरूनी खतरे और सार्वजनिक विश्वास जैसी चुनौतियों पर केंद्रित अभ्यास किए गए।

    सीईआरटी-इन के साइंटिस्ट श्री अशुतोष बहुगुणा ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों और जिला सीआईएसओ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसकी सीईआरटी टीम ने ‘सायबर भारत सेतु’ जैसे व्यापक अभ्यास का आयोजन किया है। उन्होंने राज्यों के बीच सहयोग और तकनीकी सशक्तिकरण की आवश्यकता को राष्ट्रीय सायबर सुरक्षा के लिए अहम बताया। उन्होंने सायबर सुरक्षा के रोडमैप, घटना प्रतिक्रिया, सूचना सुरक्षा, गवर्नेंस, सीसीएसपी ऑडिट और उभरते सायबर खतरों पर विस्तार से जानकारी दी।

    एक्सरसाइज के दौरान प्रतिभागियों को इन्वेंट्री मैनेजमेंट, सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर सुरक्षा, कमजोरियों का आकलन, नियंत्रित एडमिनिस्ट्रेटिव प्रिविलेजेज और एंटी-मैलवेयर समाधान जैसे व्यावहारिक विषयों पर प्रशिक्षण और प्रस्तुतियाँ दी गईं। इंटरेक्टिव वर्कशॉप, व्यावहारिक सत्र और विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से सायबर सुरक्षा गवर्नेंस और घटना प्रतिक्रिया पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

    श्री शशांक गुप्ता ने सीसीएसपी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संगठनों को संकट में न्यूनतम विघ्न के साथ सुरक्षित रखता है और उन्हें त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सक्षम बनाता है। श्री मोहित कटारिया ने कहा कि सीसीएमपी आवश्यक सेवाओं की निरंतरता और संस्थागत लचीलापन बढ़ाता है, जिससे विभागों में सहयोग और समय पर अलर्ट की व्यवस्था मजबूत होती है।

    एमपी-सीईआरटी की प्रमुख सुश्री अम्बर पांडे ने कहा कि स्टेट डेटा सेंटर, सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर और आधुनिक अवसंरचना में निवेश के साथ, मध्यप्रदेश सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर है। यह अभ्यास राज्य स्तर पर डेटा अखंडता, घटना प्रतिक्रिया और मजबूत सुरक्षा तंत्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    ‘सायबर भारत सेतु’ पहल मध्यप्रदेश के सायबर नेतृत्व को मजबूत करती है और राज्य के सुरक्षित डिजिटल भविष्य के प्रति एमपी-सीईआरटी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस मंच के माध्यम से सहयोग, संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा, नवाचार और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देकर, राज्य को सायबर प्रतिरक्षा में अग्रणी स्थान दिलाया जा रहा है।

    कार्यक्रम में एमपी-सीईआरटी से श्री सत्यार्थ दुबे, सुश्री रुचा महाले, स्टेट को-ऑर्डिनेटर श्री योगेश पंडित, लीगल कंसल्टेंट सुश्री सृष्टि यादव, कम्युनिकेशन कंसल्टेंट सुश्री प्रियंका गोस्वामी और श्री रूप नारायण उपस्थित रहे।

     

  • किसानों की समृद्धि और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने "मेलिओइडोसिस" के संक्रमण को लिया गंभीरता से
    प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कृषि को रोकथाम के उपाय करने के दिए निर्देश
    एम्स की रिपोर्ट पर लिया संज्ञान

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धान किसानों की चिंता करते हुये टीबी जैसे लक्षणों वाले घातक रोग 'मेलिओइडोसिस' की रोकथाम के उपाय किये जाने पर गंभीर रूख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कृषि विभाग को साथ मिलकर जांच और उपचार रोकथाम के लिए यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि किसानों और आमजन का स्वास्थ्य और समृद्धि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश सरकार गरीब, किसान और वंचित वर्गों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

    किसानों को करें सजग और जागरूक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य और कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि संभावित और प्रभावित क्षेत्रों में इन प्रकरणों की जांच करें। इसकी रोकथाम के लिए कृषकों को सजग और जागरूक करें। यदि कोई कृषक या व्यक्ति चिन्हांकित होता है, तो उसके समुचित उपचार के प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करें।

    उल्लेखनीय है कि एम्स भोपाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश में धान का रकबा बढ़ने और पानी के स्रोत अधिक होने से इस बीमारी का संक्रमण बढ़ रहा है। जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में 'मेलिओइडोसिस' से प्रभावित रोगियों की पुष्टि हुई है। विशेषत: धान के खेतों की संक्रमित मिट्टी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया से होने वाले इस रोग के संबंध में जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार के संबंध में एम्स भोपाल द्वारा प्रशिक्षण-सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों तथा अस्पतालों के प्रबंधकों और चिकित्सकों ने भी सहभागिता की है।

    'मेलिओइडोसिस' बीमारी के लक्षण

    'मेलियोइडोसिस' एक संक्रामक बीमारी है जो 'बर्कहोल्डरिया स्यूडोमैली' नामक बैक्टीरिया से होती है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर मिट्टी और पानी में पाया जाता है । बीमारी के प्रमुख लक्षण लंबे समय तक बुखार रहना या बार-बार बुखार आना, लगातार खांसी होना, जो टीबी जैसी हो सकती है। सांस लेने या सामान्य गतिविधि के दौरान सीने में दर्द होना और टीवी समझकर शुरू किए गए इलाज के बावजूद लक्षण में सुधार न होना है। इस बीमारी का सबसे अधिक खतरा खेती-किसानी से जुड़े लोगों को हो सकता है, क्योंकि उनका सीधा संपर्क मिट्टी और पानी से होता है। डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज और अधिक शराब का सेवन करने वालों को भी यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी की तत्काल जाँच के साथ उपचार एवं सावधानी रखकर बचाव किया जा सकता है।

     

  • खंडवा में शर्मनाक घटना: लव जिहाद के तहत दो दलित नाबालिगों के साथ दुष्कर्म, वीडियो सोशल मीडिया पर

    खंडवा
     जिले में लव जिहाद के दो मामले सामने आए हैं, जिसमें दो युवकों ने दो नाबालिग दलित लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। एक मामले में नाबालिग का आपत्तजिनक वीडियो बनाकर बहुप्रसारित कर दिया गया। मामला सामने आने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद बुधवार देर रात पिपलोद पुलिस ने जांच के बाद दोनों मामलों में दो नामजद आरोपितों के खिलाफ दुष्कर्म, लव जिहाद सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। आरोपित फिलहाल फरार है, पुलिस उनकी तलाश में पुलिस जुटी है।

    केस-1: क्रिकेट खेलने आता था, रात को घर बुलाकर करता था दुष्कर्म
    पहले मामले में 17 वर्षीय पीड़िता ने पिपलोद पुलिस को शिकायत में बताया कि मैं कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हूं। फैज पुत्र शौकत मेरे घर के सामने ग्राउंड में क्रिकेट खेलने आता था। उस दौरान मेरी उससे बातचीत हुई थी। वह जब-जब क्रिकेट खेलने आता, तब-तब मेरी बात होती थी। हमारी बातचीत करीब दो साल तक चलती रही। इसके बाद फैज मेरे घर के मोबाइल पर मुझे फोन कर मुझे रात में उसके घर मिलने आने का कहता था। मैं करीबन रात के 12, एक बजे जब सब सो जाते थे, तब फैज के घर जाती थी, उसके घरवाले भी सब सो जाते थे। यहां उसके घर के खाली कमरे में फैज ने मेरी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म किया। इसी बात को लेकर फैज मुझे धमकी देने लगा कि मैं तुम्हारे घरवालों को बता दूंगा।
     
    दबाव बनाकर दुष्कर्म करता रहा फैज
    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि फैज ने दबाव बनाकर मेरे साथ दो-तीन बार दुष्कर्म किया। तीसरी बार मेरे साथ मई 2023 में दुष्कर्म किया था, फिर मैंने फैज से मिलने व बात करने से मना कर दिया। परंतु फैज ने अंनत चौदस के दिन मुझे इशारा कर फोन लगाने को कहा। तब मैंने अपने घर के मोबाइल से उससे बात की थी। मुझे फैज फिर से परेशान करने लगा। तब मैने अपने माता-पिता को सारी घटना बताई। पीड़िता की शिकायत पर पिपलोद पुलिस ने आरोपित फैज पुत्र शौकत अली के विरूद्ध धारा 376, 376 (2) (n) भावि, 5L/6 पॉक्सो एक्ट, 3(2) (v) एससी/एसटी एक्ट का गंभीर मामला पाया जाने से अपराध पंजीबद्ध किया।

    केस-2: वीडियो कॉल रिकार्ड किया, दबाव बनाकर अर्श ने किया दुष्कर्म
    मामले में पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अर्श पुत्र अजीज ने मुझसे कहा कि वह मुझे पसंद करता है। यह कहकर वह मुझसे इंटरनेट मीडिया आईडी पर वीडियो कॉल पर बातचीत करता था। इसी दौरान बहला-फुसला कर एक दिन उसने मुझसे आपत्तिजनक हालत में होकर कॉल करने का कहा। मैंने कॉल किया तो उसने मेरी आपत्तिजनक हालत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली। यह बात मुझे नहीं पता थी। कुछ दिन बाद उस वीडियो को बहुप्रसारित करने की धमकी देकर उसके घर ले जाकर पहली बार अक्टूबर 2024 में मेरे साथ मेरी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म किया।

    अर्श और फैज दोस्त, फैज ने बहुप्रसारित किया आपत्तिजनक वीडियो
    उसके बाद भी अर्श ने लगभग तीन बार उसके घर जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। मैंने कहा कि अब मैं तेरे साथ संबंध नहीं बनाउंगी तो अर्श ने कहा कि चुपचाप मुझसे संबंध बनाती रह और इस्लाम धर्म कबूल कर ले। मैं तुझसे शादी कर लूंगा नहीं तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा। फैज, अर्श का दोस्त है। करीब दो माह पहले फैज ने मुझे कहा कि तेरे आपत्तिजनक वीडियो अर्श ने दिखा दिए हैं और वह मेरे पास है। मैं भी अब तेरे साथ संबंध बनाऊंगा।

    यदि तू मना करती है, तो तेरे वीडियो बहुप्रसारित कर दूंगा। फिर भी नहीं मानी तो तुझे जान से मार दूंगा। मैंने फैज को संबंध बनाने से मना किया तो फैज ने मेरे आपत्तिजनक वीडियो बहुप्रसारित कर दिए, जो चार दिन पहले मेरे मामा को पता चले। उन्होंने मुझसे पूछा तो मैंने यह बात मेरे मामा व मम्मी-पापा को बताई। हम बदनामी से डर रहे थे, पर आज हिम्मत करके थाने आए।

     

  • दृढ़ संकल्प और समेकित प्रयास से मध्यप्रदेश स्वास्थ्य मानकों में बनेगा अग्रणी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रक्तदान और सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी
    "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश ने एक ही दिन में 14 हजार 573 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान और 20 हजार 379 हितग्राहियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग कर पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए समस्त स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों और नागरिकों की जागरूकता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम वर्तमान में प्रथम स्थान पर हैं और इस स्थान को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाएँ, जनप्रतिनिधि और आमजन सभी मिलकर निरंतर और समन्वित प्रयास करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों, महिलाओं, बालिकाओं और अभिभावकों से अपील की है कि "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान से जुड़ी सेवाओं और शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लें। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और समेकित प्रयास से हम स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार करते हुए मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) के सूचकांकों सहित स्वास्थ्य स्थिति में देश के अग्रणी प्रदेश बनेंगें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सिकल सेल स्क्रीनिंग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों की सराहना की है और सतत प्रयास का आह्वान किया है।

    भारत सरकार की राज्यवार दैनिक रिपोर्ट 17 सितम्बर 2025 के अनुसार मध्यप्रदेश 20,379 सिकल सेल स्क्रीनिंग के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद ओडिशा 10,851 और महाराष्ट्र 10,821 स्क्रीनिंग कर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। रक्तदान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के बाद उत्तराखंड 5,065 यूनिट और राजस्थान 3,530 यूनिट के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

    "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में महिलाओं के सम्पूर्ण स्वास्थ्य की जाँच और उपचार के लिए 20 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में निःशुल्क जाँच, परामर्श और उपचार की सुविधा दी जा रही है। अभियान में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जाँच, अनमोल 2.0 पोर्टल पर प्रविष्टि, टीकाकरण, किशोरियों में एनीमिया की जाँच और उपचार, पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जानकारी, सिकल सेल और अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। क्षय और कुष्ठ रोग की पहचान एवं इलाज, मानसिक स्वास्थ्य, नेत्र, दंत और श्रवण विकारों की जाँच भी इस अभियान का हिस्सा हैं। अभियान के दौरान ईट-राइट कार्यक्रम, पोषण माह की गतिविधियाँ, योग और वेलनेस कैंप भी आयोजित हो रहे हैं। निःक्षय मित्र अभियान के अंतर्गत टीबी रोगियों को पोषण और सहयोग उपलब्ध कराने का अभियान भी संचालित है। साथ ही 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सेवा पर्व को सार्थक बनाने सामाजिक संस्थाएँ आगे आयें

    भोपाल
    सेवा-पखवाड़ा अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता अभियान के तहत गुरूवार को रानी दुर्गावती चिकित्सालय जबलपुर में साफ-सफाई के लिए झाडू लगाकर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय के स्टाफ एवं शासकीय कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे कार्यालयीन समय के पूर्व रोस्टरवार स्वच्छता के लिए श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि वे सेवा पर्व के दौरान स्वच्छता के लिये श्रमदान करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभागीय कमिश्नर एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सफाई अभियान का नियमित निरीक्षण और निगरानी करने के निर्देश दिये। साथ ही मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी श्रमदान के लिये प्रोत्साहित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय हैकि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान चल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न रोगों की नि:शुल्क जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य, शिक्षा प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अशोक रोहाणी, श्री संतोष बरकड़े, श्री अभिलाष पांडे, श्री नीरज सिंह, संभागीय कमिश्नर श्री धनंजय सिंह सहित गणमान्य नागरिक एवं प्रशासनिक अधिकारी भी स्वच्छता श्रमदान में शामिल हुए।

     

  • स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित
    "गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे"
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य
    माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित
    महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की।

    अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद
    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा।

    'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है।

     

  • मुख्यमंत्री साय ने कहा- राजिम क्षेत्र के लोगों को मिली सस्ती और सुलभ रेल सेवा, यात्रियों को होगा लाभ

    छत्तीसगढ़ का प्रयाग राजिम जुड़ा रेल नेटवर्क से

    रायपुर एवं राजिम के मध्य आने-जाने के लिए यात्री सुविधा में हुई बढ़ोतरी

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजिम में नई रेल सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की आवागमन सुविधा में वृद्धि करते हुए राजिम से रायपुर के लिए नई मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने राजिम-रायपुर-राजिम मेमू नई ट्रेन सेवा तथा रायपुर-अभनपुर 2 मेमू रेल सेवा का राजिम तक विस्तार भी प्रारंभ किया। भारी संख्या में यात्री इस अवसर पर ट्रेन में सवार हुए और उत्साहपूर्वक रायपुर की ओर रवाना हुए। सस्ती एवं सुलभ नई रेल सुविधा मिलने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस नई रेल सेवा से राजिम सहित गरियाबंद एवं देवभोग क्षेत्र के लोगों को भी राजधानी रायपुर तक सस्ती और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग सहित सभी के लिए यह ट्रेन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग, राजिम अब रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अब और अधिक सुगम, सुविधाजनक और किफायती बन गया है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से लगातार 19 महीनों से विकास की गति निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा। उन्होंने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व धमतरी से रायपुर तक नैरोगेज ट्रेन चलती थी और अब आठ वर्षों के अंतराल के बाद यहां ब्रॉडगेज ट्रेन सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके लिए उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रेलवे की लगभग 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश में रेल सेवाओं का तीव्र विस्तार और विकास सुनिश्चित हो रहा है।

    इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, नगर पालिका गोबरा नवापारा अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी संजय साहू, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष श्री महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, रेलवे अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

    वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित हो गई है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 22 मई को ‘निर्मल भारत रेलवे स्टेशन’ के नाम से देश के 103 रेलवे स्टेशनों को मॉडिफाई करने के लिए चयनित किया गया, जिनमें से छत्तीसगढ़ के पाँच रेलवे स्टेशन शामिल हैं और 32 स्टेशन भी इस योजना में जोड़े गए हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 45,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएँ चालू हैं, जिनसे रेल कनेक्टिविटी में तेजी आएगी। बस्तर को भी इससे लाभ हो रहा है और रावघाट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 140 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है।

    रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में बाहर से साधु-संत एवं पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। अब उन्हें सीधे रायपुर से राजिम आने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी और विश्व पटल पर राजिम का नाम और अधिक रोशन होगा।

    महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने नई रेल सेवा के लिए लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अब राजिम से रायपुर आना बहुत आसान हो गया है। श्रद्धालु एवं पर्यटक यात्री अब राजिम से सीधे डोंगरगढ़ तक भी यात्रा कर सकेंगे।

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक किया जाएगा। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 राजिम-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोरों—राजिम और रायपुर—से संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।

  • स्वदेशी अपना कर मध्यप्रदेश को समृद्ध और देश को आत्मनिर्भर बनाकर बने देशभक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का प्रदेशवासी करें अनुसरण
    लोगों के रोजगार और जीवनयापन का माध्यम हैं स्वदेशी सामग्री

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वदेशी अपनाओ-मध्यप्रदेश समृद्ध बनाओ, स्वदेशी अपनाओ-देश को आत्मनिर्भर बनाओ' के संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि हमें गांव-गावं, शहर-शहर स्वदेशी का अभियान चलाना है। प्रदेशवासी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रदेश के छोटे दुकानदार, व्यापारी स्वदेशी वस्तुओं के क्रय-विक्रय को प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से गुरूवार को जारी अपने संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से यह विचार साझा किये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर वस्तुओं के निर्माता अपने ढंग से अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल के आधार पर स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन में अपनी मेहनत लगाते हैं। इससे हमारी हजारों सालों से चली आ रही आत्मनिर्भरता की परम्परा भी जीवित रहती है। स्वदेशी वस्तुओं की सुंगध और प्रभाव ही अलग है, यह सामग्री कई लोगों को रोजगार का अवसर देकर गरीब परिवारों के जीवनयापन का माध्यम बनती है और देश की आर्थिक समृद्धि का मार्ग भी स्वदेशी से ही प्रशस्त होता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का सभी प्रदेशवासी अनुसरण करें। त्यौहारों के समय होने वाली खरीददारी में भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए।

    भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी ने स्वदेशी के माध्यम से ही पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज भी भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है। इसी आधार पर प्रधानमंत्री श्री मोदी देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं स्वदेशी के अभियान समर्पित हैं। 'स्वदेशी अपनाओ देशभक्त कहलाओ' के भाव के साथ पूरा प्रदेश इस अभियान के साथ है।

     

  • छत्तीसगढ़ ब्लड सेन्टर द्वारा सफल रक्तदान शिविर का आयोजन

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ ब्लड सेन्टर, अनुपम गार्डन के सामने, सी/ओ अग्रवाल हास्पिटल परिसर, जी.ई. रोड, रायपुर के तत्वावधान में आज छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, व्यापार एवं विकास, नया रायपुर (अटल नगर), सेक्टर-24 में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

    इस शिविर में कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 35 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा की मिसाल प्रस्तुत की।
    इस अवसर पर रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

    यह कार्यक्रम संघ के प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार साहू के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि –
    “रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है। समाज में जागरूकता लाकर अधिक से अधिक लोगों को इस पुण्य कार्य से जोड़ना हमारा दायित्व है।”

    शिविर में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा रक्त संग्रहण की सभी चिकित्सीय मानकों का पालन किया गया। आयोजन स्थल पर रक्तदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई थीं।

    कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे समय-समय पर रक्तदान कर समाजहित में योगदान देंगे।
    छत्तीसगढ़ ब्लड सेन्टर ने सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की घोषणा की।

  • पायलट-बघेल की संयुक्त हुंकार, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

    बेमेतरा 
    छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में कांग्रेस ने गुरुवार को ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान मंच पर कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कांग्रेस नेता सचिन पायलट का कार्यकर्ताओं ने गजमाला पहनाकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे सहित दर्जनों पूर्व मंत्री और नेता मौजूद रहे।

    BJP सरकार पर बरसे सचिन पायलट
    'वोट चोर-गद्दी छोड़' यात्रा के तीसरे दिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकतंत्र को कमजोर किया है। सचिन पायलट ने कहा, ‘राहुल गांधी ने वोट चोरी के सबूत पेश किए, लेकिन आयोग ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही नोटिस थमा दिया। वहीं छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा पर भी यही आरोप लगे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।’ कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर भाजपा सरकार के लिए काम करने का आरोप लगाया और दावा किया कि छत्तीसगढ़ की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी। भाषण के दौरान अजान की आवाज़ आने पर पायलट ने तकरीबन डेढ़ मिनट तक मौन रहकर धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी किया।

    सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेताओं ने कहा कि ‘भाजपा ने नोटबंदी, जीएसटी, किसान बिल और कोरोना जैसे मुद्दों पर हिटलरशाही रवैया अपनाया।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत कर चुनाव जीते हैं और यह जनता के वोटों से नहीं बल्कि 'वोट चोरी' से हासिल हुई जीत है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अब इस "वोट चोरी" की सच्चाई को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चला रही है। इसी कड़ी में बेमेतरा की यह सभा आयोजित की गई।

     

  • स्वदेशी से आत्मनिर्भर भारत की ओर, MP की भूमिका अहम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्वेदशी अपना कर मध्यप्रदेश को समृद्ध और देश को आत्मनिर्भर बनाकर बने देशभक्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री  मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का प्रदेशवासी करें अनुसरण
    लोगों के रोजगार और जीवनयापन का माध्यम हैं स्वदेशी सामग्री

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वदेशी अपनाओ-मध्यप्रदेश समृद्ध बनाओ, स्वदेशी अपनाओ-देश को आत्मनिर्भर बनाओ' के संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि हमें गांव-गावं, शहर-शहर स्वदेशी का अभियान चलाना है। प्रदेशवासी स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों पर गर्व करें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रदेश के छोटे दुकानदार, व्यापारी स्वदेशी वस्तुओं के क्रय-विक्रय को प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से गुरूवार को जारी अपने संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों से यह विचार साझा किये।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे स्तर पर वस्तुओं के निर्माता अपने ढंग से अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल के आधार पर स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन में अपनी मेहनत लगाते हैं। इससे हमारी हजारों सालों से चली आ रही आत्मनिर्भरता की परम्परा भी जीवित रहती है। स्वदेशी वस्तुओं की सुंगध और प्रभाव ही अलग है, यह सामग्री कई लोगों को रोजगार का अवसर देकर गरीब परिवारों के जीवनयापन का माध्यम बनती है और देश की आर्थिक समृद्धि का मार्ग भी स्वदेशी से ही प्रशस्त होता है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आहवान का सभी प्रदेशवासी अनुसरण करें। त्यौहारों के समय होने वाली खरीददारी में भी स्वदेशी वस्तुओं को अपनाया जाए।

    भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी ने स्वदेशी के माध्यम से ही पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया था। आज भी भारत को विश्व में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने की सामर्थ्य स्वदेशी में ही है। इसी आधार पर प्रधानमंत्री  मोदी देशवासियों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं स्वदेशी के अभियान समर्पित हैं। 'स्वदेशी अपनाओ देशभक्त कहलाओ' के भाव के साथ पूरा प्रदेश इस अभियान के साथ है।

     

  • सुरक्षा बलों का कड़ा हमला: छत्तीसगढ़ में तीन इनामी नक्सली ढेर, हथियार और विस्फोटक बरामद

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिलों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दो अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 12 लाख रुपए के इनामी तीन माओवादी मारे गए, जिनमें एक महिला माओवादी भी शामिल है। दोनों ही मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और दस्तावेज भी बरामद किए हैं। सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस दौरान 5 लाख की इनामी महिला माओवादी बूस्की नुप्पों (35) मारी गई। वह मलांगीर एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य (एसीएम) थी और सुकमा एवं दंतेवाड़ा में दर्ज 9 गंभीर मामलों की आरोपी थी।

    इसके पास से 315 बोर रायफल, रायफल कारतूस, वायरलेस सेट, डेटोनेटर, कोर्डेक्स वायर, जिलेटिन रॉड, पिट्ठू बैग, बारूद, रेडियो, बंडा, नक्सली साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी की टीम ने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें यह सफलता मिली। वहीं, बीजापुर जिले की मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली मारे गए। यह मुठभेड़ 17 सितंबर को हुई। बीजापुर के दक्षिण-पश्चिमी जंगलों में भी माओवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में दो इनामी माओवादी ढेर कर दिए गए। ये दोनों हाल ही में ग्रामीणों और एक शिक्षादूत की हत्या में शामिल थे।

    मारे गए माओवादियों की पहचान रघु हपका (33) के रूप में हुई है। इसके ऊपर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। दूसरे माओवादी की पहचान सुक्कु हेमला (32) के रूप में हुई है, जो बीजापुर थाना का रहने वाला था। इसके ऊपर 2 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। इनके पास से 303 रायफल, मैग्जीन, जिंदा कारतूस, बीजीएल लांचर, सेल, बैटरी, कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, पिट्ठू बैग, माओवादी वर्दी, दवाइयां और अन्य नक्सली सामग्री बरामद हुई है। बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा 202 एवं 205 की टीम ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन में इन दोनों इनामी माओवादियों को ढेर किया।

  • अक्टूबर में भोपाल में दौड़ेगी मेट्रो, मॉडर्न डिपो से मिलेगी स्मार्ट सिटी को रफ्तार

    भोपाल 

    अक्टूबर में भोपाल मेट्रो(Bhopal Metro) का कमर्शियल रन शुरू होने के साथ ही सुभाष नगर डिपो का उपयोग बढ़ जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ डिजाइन किए इस डिपो की छत पर सोलर पैनल लगाने की योजना है ताकि ऊर्जा की जरूरतों को पूरा कर सके। इसे एक पर्यावरण-अनुकूल डिपो बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह डिपो मेट्रो के ऑरेंज लाइन (करोद से एम्स) के लिए बनाया है।

    140 करोड़ रुपए हुए खर्च

    सुभाष नगर डिपो का निर्माण जुलाई 2023 में पूरा हो गया था। यह मेट्रो परियोजना के पहले चरण में सबसे पहले पूरे होने वाले काम में से एक था। यह डिपो सुभाष नगर में स्थित है. जो कि ऑरेंज लाइन के एक छोर के पास है। यह ट्रेनों की आवाजाही को आसान बनाता है। इसमें कई रैम्प और ट्रैक बनाए गए हैं जो मेट्रो ट्रेनों को मुख्य लाइन से डिपो तक लाते और ले जाते हैं।

    भोपाल को मिलेंगे 27 रैक

    सुभाष नगर मेट्रो डिपों में मेट्रो ट्रेनों की दैनिक जांच, मरम्मत और धुलाई का काम किया जाएगा। यहां ट्रेनों की स्वचालित धुलाई के लिए वॉशिंग प्लांट भी बनाया गया है। ट्रेनों की नियमित तकनीकी जांच के लिए इंस्पेक्शन शेड और मरम्मत के लिए रिपेयर वर्कशॉप भी बनाया गया है। डिपो को ऐसे डिजाइन किया गया है कि भविष्य में बढ़ने वाली ट्रेनों की संख्या को भी संभाल सके।

    भोपाल मेट्रो क्यों है खास?

    सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम सितंबर के मध्य में निरीक्षण करेगी। साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था भोपाल मेट्रो को खास बनाएंगे। यह मेट्रो न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
    प्रायोरिटी कॉरिडोर पर तेजी से काम

    भोपाल मेट्रो के पहले चरण में प्रायोरिटी कॉरिडोर पर काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में स्टेशनों के कॉनकोर्स लेवल पर कंट्रोल रूम, सिस्टम रूम और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म लेवल पर भी काम जोरों पर है। 

    सुभाष नगर में मेट्रो डिपो के साथ-साथ एडमिन बिल्डिंग में कंट्रोल रूम और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम रूम तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि 30 सितंबर तक प्रायोरिटी कॉरिडोर का सारा काम पूरा हो जाए।

    सीएमआरएस की टीम करेगी निरीक्षण

    मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम 15 सितंबर के बाद भोपाल पहुंचेगी। यह टीम मेट्रो के डिपो, ट्रेन और मेन लाइन का निरीक्षण करेगी।

    इंदौर मेट्रो की तर्ज पर भोपाल में भी दो चरणों में निरीक्षण होगा। पहले चरण में डिपो और ट्रेन की जांच होगी, जबकि दूसरे चरण में मेन लाइन का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए मेट्रो प्रबंधन ने सभी जरूरी दस्तावेज सीएमआरएस के पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं। निरीक्षण की तारीख जल्द ही तय की जाएगी।

    डिपो और मेन लाइन का काम पूरा

    मेट्रो के डिपो और मेन लाइन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। डिपो में ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से जुड़े सभी जरूरी सिस्टम तैयार हैं। मेन लाइन पर भी निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर में मेट्रो को प्रायोरिटी कॉरिडोर पर दौड़ाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।

    भोपालवासियों के लिए क्या होगा खास?

    भोपाल मेट्रो के शुरू होने से शहरवासियों को यातायात का एक आधुनिक, तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। सुभाष नगर से एम्स तक का सफर आसान और समय की बचत करने वाला होगा।

    मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं जैसे कि साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, टिकटिंग सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होगी। यह मेट्रो न केवल भोपाल की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल होगी।

    भोपाल मेट्रो का भविष्य

    पहले चरण की सफलता के बाद भोपाल मेट्रो के अगले चरणों पर भी काम शुरू होगा, जिससे शहर के अन्य हिस्सों को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट भोपाल को एक स्मार्ट और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अक्टूबर में मेट्रो के शुरू होने का इंतजार भोपालवासियों को बेसब्री से है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, शहर में उत्साह बढ़ता जा रहा है।

    भोपाल मेट्रो के फायदे

    1. तेज और समय की बचत

        ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।
        सुभाष नगर से एम्स तक का सफर मिनटों में तय होगा। 

    2. सुविधाजनक यात्रा

        साफ-सुथरे प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, लिफ्ट और आधुनिक टिकटिंग सिस्टम।
        यात्रियों के लिए आरामदायक कोच और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था। 

    3. ट्रैफिक दबाव में कमी

        सड़कों पर निजी गाड़ियों का बोझ घटेगा।
        शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या कम होगी। 

    4. पर्यावरण के लिए फायदेमंद

        प्रदूषण और धुएं का स्तर घटेगा।
        इलेक्ट्रिक आधारित मेट्रो, ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देगी। 

    5. आर्थिक और सामाजिक विकास

        मेट्रो स्टेशन के आसपास बिज़नेस और रोजगार के नए अवसर।
        शहर का बुनियादी ढांचा और इमेज स्मार्ट सिटी जैसी होगी। 

    6. सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन

        महिलाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित यात्रा का विकल्प।
        जीपीएस और सीसीटीवी आधारित निगरानी। 

    कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो न सिर्फ़ यात्रियों के लिए आरामदायक सफर देगी, बल्कि शहर को स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • मध्यप्रदेश महिलाओं के विकास में अग्रणी: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह का बयान

    महिलाओं के संर्वागीण विकास में मध्यप्रदेश पीछे नहीं : स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह

    सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संस्थाएँ बढ़ चढ़कर हो शामिल: स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह

    मध्यप्रदेश महिलाओं के विकास में अग्रणी: स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह का बयान

    भोपाल
    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश में शुरू हुए सेवा पखवाड़ा अभियान में स्वयं सेवी संगठन कल्याण के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। इस प्रयास से हम समाज के अधिकतम लोगों की सेवा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़े में नारी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह बुधवार को विदिशा में 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

    स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक योजनाएं चलाई हैं। जरूरत इस बात की है कि इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुँचे। इसके लिये हम सबको मिलकर समन्वय के साथ प्रयास करना पड़ेगा। शिशुओं के स्वास्थ्य की चर्चा करते हुए मंत्री  सिंह ने कहाकि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये महिलाओं को जागरूक किया जाना जरूरी है। उन्होंने पखवाड़े के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये नवाचार किये जाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम को विधायक  मुकेश टंडन ने भी संबोधित किया। कलेक्टर  अंशुल गुप्ता ने जानकारी दी कि जिले में महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिये कैम्प आयोजित किये जायेंगे। जिला प्रशासन का प्रयास होगा की अधिक से अधिक नागरिक कैम्प में शामिल हो। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती गीता कैलाश रधुवंशी, विदिशा नगर पालिका अध्यक्ष मती प्रीति राकेश शर्मा एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

    रक्तदाताओं से की चर्चा

    स्कूल शिक्षा मंत्री ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों से चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य से जुड़ी जाँच के लिये बनाये गये स्टॉलों पर पहुँचकर व्यवस्था की जानकारी ली। कार्यक्रम स्थल में टीबी रोग, सिकल सेल,एनीमिया, शुगर, बीपी सहित विभिन्न प्रकार की जाँच की व्यवस्था की गई थी।

     

  • पोस्टर वॉर पलटा: माओवादियों की जगह अब पुलिस के पोस्टर, वॉन्टेड लिस्ट में शामिल नक्सलियों की सूचना पर इनाम

    खांजूर/ कांकेर
    कांकेर जिले में पुलिस ने अंदरूनी गांवों में वांछित माओवादियों के बैनर लगाकर उन पर इनाम घोषित किया है। पुलिस ने बुधवार को परलकोट क्षेत्र के अंदरूनी और माओवादी प्रभावित इलाकों में एक अनोखी पहल शुरू की। पुलिस ने यहां के गांवों और जंगलों में वांछित माओवादियों के पोस्टर और बैनर लगाए हैं, ताकि स्थानीय लोगों की मदद से इन माओवादियों को पकड़ा जा सके। इस कदम को माओवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नया मोड़ माना जा रहा है।

    इन पोस्टरों में वांछित माओवादियों की तस्वीरें, उनके नाम और उन पर घोषित इनाम की जानकारी दी गई है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें इन माओवादियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। अक्सर, स्थानीय लोग माओवादियों के बारे में बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन डर की वजह से वे पुलिस को नहीं बताते।

    इन पोस्टरों से न केवल उन्हें जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें यह भी एहसास होगा कि उनकी मदद से इन अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य माओवादियों को उनके अपने गढ़ में ही कमजोर करना है। जब स्थानीय आबादी उनके खिलाफ हो जाएगी और उनके बारे में जानकारी देना शुरू कर देगी, तो उनके लिए छिपना और अपनी गतिविधियों को अंजाम देना मुश्किल हो जाएगा।

    पुलिस को सफलता की उम्मीद

    यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने इस तरह की रणनीति अपनाई है, लेकिन इस बार इसे और बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित तरीके से लागू किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पहल से उन्हें वांछित माओवादियों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिलेगी और क्षेत्र में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी। यह देखना बाकी है कि यह पहल कितनी प्रभावी साबित होती है, लेकिन यह साफ है कि पुलिस माओवाद के खिलाफ लड़ाई में नए और रचनात्मक तरीके अपना रही है।

    पोस्टर में पांच लाख के इनामी माओवादियों के नाम

    पुलिस द्वारा एक बैनर में माओवादी बसंती आंचल, पुष्पा हेमला, रामा कुंजाम, श्रवण मरकर, विश्वनाथ, रामको मंडावी, रानी उर्फ उमा, जानकी सोरी पर पांच-पांच लाख रुपये और मनीषा कोर्राम, जमली मंडावी, कुमारी मंगली, कमला पददा दर्रो पर एक-एक लाख का इनाम घोषित है। इसके अलावा, अन्य स्थानों पर अलग-अलग माओवादियों के नाम और इनाम का भी उल्लेख किया गया है।

  • गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित
    गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे
    प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य
    माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित
    महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की।

    अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया।

    जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा।

    'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है।

    लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने कार्यक्रम में पधारे सभी का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सांसद  आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य मती सुमित्रा वाल्मीकि, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर सिंह 'अन्नू भैया' जनप्रतिनिधि सहित नागरिक उपस्थित थे।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान प्रदर्शनी का किया अवलोकन

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पखवाड़ा के दौरान नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्‍चरल एंड इन्‍फॉर्मेशन सेंटर में लगी स्‍वदेशी उत्‍पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍व सहायता समूहों के विभिन्‍न स्‍टॉलों में जाकर लखपति दीदियों द्वारा निर्मित उत्‍पादों को देखा और उन्‍हें प्रोत्‍साहित किया। इस दौरान उन्‍होंने देशी कुल्‍लड़ में चाय की चुस्‍की भी ली। स्‍वदेशी अभियान अंतर्गत जिला पंचायत, जिला उद्योग केन्‍द्र, नगर निगम तथा स्‍मार्ट सिटी द्वारा 'स्‍वदेशी उत्‍पादों से आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम' थीम पर स्‍व-सहायता समूह की लखपति दीदियों द्वारा हाथ से बनाये विभिन्‍न उपयोगी उत्‍पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने स्‍वदेशी अभियान से आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम की सराहना कर इसे और व्‍यापक रूप देने की बात कही, जिससे आमजन स्‍वदेशी वस्‍तुओं का उपयोग करें और आत्‍मनिर्भरता की ओर बढ़ें।

     

  • रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

    रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग

    रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने लिखा बैठक को लेकर पत्र

    भोपाल
     रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने रेल विभाग को पत्र लिखकर समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है। निलेश कुमार ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक सौरव कटारिया एवं रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति मंडल भोपाल के सचिव को भेजे पत्र में उल्लेखित किया है कि मार्च माह में समिति की केवल एक बैठक 21 मार्च 2025 भोपाल में आयोजित की गई थी, जबकि नियम अनुसार वर्ष में कम से कम तीन बैठके होना आवश्यक है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि रेल विभाग की इस उदासीनता से उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाने में कठिनाई होती है।

    साथ उन्होंने मांग की है कि समिति की अगली बैठक कब और कहां आयोजित की जा रही है, इसकी जानकारी जल्दी दी जाए, ताकि रेलवे से जुड़ी जन समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो सके। रेल जनता के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिसका उपयोग आमजन लगातार अपने जीवन में करते हैं। रेल यात्रा करते समय यात्रियों को हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखकर पूर्ण सुविधाओं में परिवर्तित करने का कार्य रेल विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है। समिति की बैठक यदि निरंतर समय पर होती रहे तो आमजन की रेल समस्याओं का निपटान समय से होता रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने मांग की है की रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति बैठक का निर्णय जल्द से जल्द कर समिति के सभी सदस्यों को सूचित किया जाए।