• सुरमयी सांस्कृतिक संध्या में झलकेगी निमाड़ी लोकधुनों की छटा, मध्यप्रदेश भवन में होगा आयोजन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में शुक्रवार 19 सितंबर को सुरमयी सांस्कृतिक संध्या की चौथी प्रस्तुति में निमाड़ी लोकगायन का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग एवं मध्यप्रदेश भवन दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और मधुर लोक संगीत की झलक प्रस्तुत की जाएगी।

    कार्यक्रम में मती पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं समूह द्वारा निमाड़ी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह चौथी प्रस्तुति मध्यप्रदेश के लोकसुरों की अनूठी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम का समय शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक निर्धारित है। लोक संगीत प्रेमी इस सांस्कृतिक संध्या में सम्मिलित होकर लोकधुनों का आनंद ले सकते हैं।

     

  • रायपुर-राजिम MEMU ट्रेन सेवा शुरू, सातों दिन चलेगी; 2.5 लाख यात्रियों को होगा सीधा लाभ

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रायपुर से नया रायपुर होते हुए राजिम तक आज से नई मेमू (MEMU) स्पेशल ट्रेन दौड़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजिम से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।आज से रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन (68766/68767) की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई रेल सेवा शुरू करने का फैसला लिया।

    इस ट्रेन के शुरू होने से रायपुर और नवा रायपुर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन रायपुर से मंदिरहसौद, सीबीडी, केंद्री, अभनपुर, मानिक चौरी और राजिम तक चलेगी।

    यह ट्रेन हर दिन दोनों तरफ से चलेगी। जिससे राजिम और रायपुर के बीच आना-जाना आसान होगा। डेढ़ घंटे में सफर होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर से राजिम रोजाना 2 हजार लोग यात्रा करते हैं। इस इलाके के ढाई लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। ट्रेन के शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी। यह रेलवे प्रोजेक्ट 1500 करोड़ का है।

    छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर से राजिम जाने वाले यात्रियों को ट्रेन की सुविधा मिलने जा रही है. रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजिम रेलवे स्टेशन से दोपहर 12 बजे करेंगे. यात्री लंबे समय से इस रूट पर मेमू ट्रेन की सुविधा की मांग कर रहे थे. 

    धार्मिक स्थलों समेत अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति

    इस ट्रेन के चलने से रायपुर समेत प्रदेशभर से राजिम के कुलेश्वर महादेव और राजिव लोचन मंदिर जाने वाले लोगों को फायदा होगा। साथ ही प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों से लोग जुड़ सकेंगे। वहीं क्षेत्रीय व्यापार, कृषि, तीर्थाटन और पर्यटन को भी नए अवसर मिलेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

    मिलेगा फायदा

    रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर नई सेवा से यात्रियों को सुगम, सुलभ और किफायती यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा. ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अधिक सुविधाजनक बनेगा. राजधानी आने वाले विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग के लिए यह ट्रेन विशेष रूप से उपयोगी होगी. इसके साथ ही इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग—राजिम तक सीधी रेल पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

    इस ट्रेन का हो रहा विस्तार

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर और अभनपुर के मध्य संचालित रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक विस्तार किया जा रहा है. 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 रायपुर-राजिम-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोर से—राजिम और रायपुर से संचालित होगी. इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे.

    दो फेरे में चलेगी रोजाना

    नई मेमू ट्रेन रोजाना दो फेरे लगाएगी। इससे रायपुर-नवा रायपुर और आसपास के गांवों, कस्बों में रहने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    मात्र 10 रुपए होगा किराया

    अभी रायपुर से नवा रायपुर का यात्री किराया 30 से 40 रुपए तक है, लेकिन नई ट्रेन में सफर करने पर यात्रियों को केवल 10 रुपए किराया देना होगा। इससे रोजाना अप-डाउन करने वालों को काफी फायदा होगा।

    वर्तमान में रायपुर से अभनपुर के बीच दो मेमू ट्रेनें पहले से चल रही हैं। अब नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को और अधिक सुविधा मिलेगी।

  • खुफिया सूचना पर चला ऑपरेशन, सुकमा में मुठभेड़ में ढेर हुई 5 लाख का महिला इनामी नक्सली

    सुकमा
     बस्तर संभाग में चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान में सुरक्षाबल के जवानों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबल के जवानों ने माओवादी मुठभेड़ में 5 लाख की इनामी महिला माओवादी को ढेर कर दिया है, जिसका शव जिला मुख्यालय लाया गया है।

    जानकारी के अनुसार, जिले के पश्चिमी पहाड़ी जंगलों में माओवादियों के छिपे होने की सुरक्षाबल के जवानों को सूचना मिली थी। जिसके आधार पर गुरुवार को जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुककर फायरिंग होती रही। जिसमें जवानों के हाथ यह सफलता लगी है। मुठभेड़ के बाद मौके से सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।

    बीजापुर में मुठभेड़ के दौरान दो माओवादी ढेर

    बीजापुर जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच दोपहर तीन बजे से मुठभेड़ जारी रही। सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मुठभेड़ स्थल पर रुक-रूककर फायरिंग हुई, जिसमें अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।

    मुठभेड़ स्थल से 01 नग .303 रायफल, 01 नग बीजीएल लांचर, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सल संबंधी सामान भी जब्त किया गया। सुरक्षा बलों ने फिलहाल मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की है, ताकि ऑपरेशन में लगे जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और पूरा होने के बाद जानकारी दी जाएगी।

    गौरतलब है कि सरकार की ओर से माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल और शासन की ओर से लगातार इस दिशा में काम जारी है। इस साल अब तक 1500 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं, अब तक 400 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही अपने अभियानों के दौरान कई शीर्ष माओवादी नेताओं को मौत के घाट भी उतारा जा चुका है।

  • मेडिकल कॉलेज मान्यता घोटाले में तीन डॉक्टर निलंबित, CBI ने पहले ही कर लिया था गिरफ्तार

    रायपुर
     रावतपुरा मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में फंसे तीन डॉक्टरों को कर्नाटक की मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने निलंबित कर दिया है। ये सभी डॉक्टर मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने जुलाई महीने में रायपुर आए थे। इस दौरान सीबीआई की टीम ने मान्यता दिलाने के एवज में 55 लाख रुपये रिश्वत के साथ कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था।

    निलंबित डॉक्टरों में राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद की सदस्य डॉ.चैत्रा एमएस, एसोसिएट प्रोफेसर (अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु),डॉ. मंजप्पा सीएन, प्रोफेसर और प्रमुख (आर्थोपेडिक्स विभाग, मंड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज),डॉ. अशोक शेलके, असिस्टेंट प्रोफेसर (कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, बीदार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) शामिल है।

    डॉक्टरों पर नवा रायपुर स्थित रावतपुरा चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान के लिए पाजिटिव इंस्पेक्शन रिपोर्ट जारी करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि इंस्पेक्शन प्रोग्राम और मूल्यांकनकर्ताओं की पहचान कॉलेज को पहले ही लीक कर दी गई थी। संस्थान ने रिकार्ड और दस्तावेज पहले से तैयार कर लिए ताकि मानकों को पूरा करता हुआ दिखाया जा सके। इस तरीके से कॉलेज को सीट मंजूरी मिल गई।

    इस मामले में कुल 34 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने नामजद एफआइआर दर्ज किया है। इनमें मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन और कई अन्य अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

    गौरतलब है कि मामले के खुलासे के बाद सीबीआई ने आरोपी डॉक्टरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। साथ ही इस वर्ष के लिए रावतपुरा चिकित्सा विज्ञान और अनुसंधान संस्थान की मान्यता को रद्द करते हुए इस वर्ष जीरो इयर घोषित कर दिया गया है। इस साल प्रदेश के रावतपुरा कॉलेज को मान्यता नहीं मिलने के कारण मेडिकल की सीटें कम हो गई। जिसके बाद प्रदेश के 3 निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं।

  • वरिष्ठ फोटोग्राफर बंगाले को सीएम साय ने दी शुभकामनाएं,फोटोग्राफी प्रतियोगिता में मिला प्रथम पुरस्कार

    वरिष्ठ फोटोग्राफर बंगाले को सीएम साय ने दी शुभकामनाएं,फोटोग्राफी प्रतियोगिता में मिला प्रथम पुरस्कार 

    ये वही फोटोग्राफ्स है जिसे प्रथम पुरस्कार मिला
        

    रायपुर
     रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित स्व. विनय शर्मा स्मृति फोटोग्राफी प्रतियोगिता में जनमन पत्रिका के वरिष्ठ फोटोग्राफर नरेंद्र बंगाले को प्रथम पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास की कहानी को खूबसूरती से दर्शाती यह तस्वीर जन-जीवन में तकनीकी बदलाव और महिला सशक्तीकरण का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की प्रगति और बदलते स्वरूप का सम्मान है।

  • राज्यपाल पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण

    राज्यपाल  पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण

    बलिदान दिवस कार्यक्रम राजभवन में मना

    भोपाल
    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने जनजातीय महानायक राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह के बलिदान दिवस पर उनका पुण्य स्मरण किया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के बेंक्वेट हॉल में गुरुवार को किया गया।

    इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी क्रांतिवीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।                     

     

  • धीरा का नया ठिकाना: 300 किमी दूर गांधी सागर में बिग कैट्स के बीच बढ़ेगा रोमांच

    मंदसौर
     प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़ाने की कवायद लगातार चल रही है. कूनो नेशनल पार्क के बाद मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य को चीतों के नए आशियाने के रूप में स्थापित किया जा रहा है. इसी के तहत बुधवार को यहां पर कूनो की मादा चीता 'धीरा' का छोड़ा गया. धीरा के आने से यहां चीतों की संख्या 3 हो गई. करीब 5 महीने पहले यहां पर 2 नर चीतों को छोड़ा गया था. यह कदम कूनो के बाहर चीतों के प्राकृतिक संबंध और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है.

    गांधी सागर अभ्यारण्य में धीरा को शिफ्ट किया गया

    चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का दूसरा आश्रय स्थल है. इसको चीतों के लिए अनुकूल स्थान माना गया है. बीते अप्रैल माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां पर 2 नर चीतों 'प्रभाष' और 'पावक' को छोड़ा था. इस अभ्यारण्य में चीतों में प्रजनन बढ़ाने के उद्देश्य से साढ़े 7 वर्षीय मादा चीता धीरा को छोड़ा गया.

    बुधवार की सुबह कुनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुए इस ऑपरेशन में वन विभाग की टीम, वेटरनरी विशेषज्ञ और फील्ड स्टाफ हर चरण पर बारीकी से नजर रख रहे. धीरा को विशेष रूप से तैयार एयर-कंडीशंड वाहन से 7 घंटे में 300 किलोमीटर की यात्रा कर गांधी सागर लाया गया. इस चीता को उसी बाड़ा भाग-2 में छोड़ा गया है, जहां दोनों नर चीता को छोड़ा गया था.

    3 महीने तक धीरा पर रखी जाएगी नजर

    गांधी सागर अभ्यारण क्षेत्र के अधीक्षक के अमित राठौर ने बताया कि "मादा चिता धीरा को रावली कुड़ी इलाके में सुरक्षित छोड़ दिया गया है. अगले 3 महीने तक यहां लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए इसकी निगरानी की जाएगी." इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के कई अधिकारी मौजूद रहे. गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों की यह बढ़ती संख्या परियोजना के सफल क्रियान्वयन और प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.

    दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से एक है धीरा

    भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना 'चीता प्रोजेक्ट' के तहत 2022 में नामीबिया से 8 चीते (5 नर 3 मादा) लाए गए थे. इसके बाद फरवरी 2023 में साउथ अफ्रीका के वॉटरबर्ग बायोस्फीयर रिजर्व से 12 चीते और लाए गए. धीरा भी उन्हीं 12 अफ्रीकी चीते में से एक है. सभी चीतों को कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था. इनमें से अभी तक 9 की मौत हो चुकी है.

    जबकि अभी तक यहां पर 26 शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से भी 10 की मौत हो गई. अभी प्रदेश में 27 चीते मौजूद हैं. इसमें 24 चीते कूनो और 3 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में मौजूद हैं. इस चीते प्रोजेक्ट के 3 साल भी पूरे हो गए हैं. 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो में पहली बार चीतों को छोड़ा था.

     

  • 140 करोड़ के घोटाले में राइस मिलर पर शिकंजा, ED ने सुधाकर के घर से जब्त किए दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड

    दुर्ग 
     भिलाई के हुडको में ईडी की टीम ने दबिश दी है.बताया जा रहा है कि मामला कस्टम मिलिंग घोटाला से जुड़ा है.सुबह 6 बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम हुडको निवासी सुधाकर रावके के घर पहुंची.जहां टीम ने घर के अंदर जाकर घोटाले से जुड़े दस्तावेजों को खोजना शुरु किया. ईडी की टीम सुधाकर के घर पर मौजूद है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

    पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के घर भी दबिश : वहीं पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के तालपुरी स्थित आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची है.बताया जा रहा है कि टीम ने कुछ डिजिटल साक्ष्य भी इकट्ठा किए हैं.ईडी से जुड़े सूत्रों की माने तो छत्तीसगढ़ के अलग-अलग 10 जिलों में ईडी की टीम कार्रवाई कर रही है. ये घोटाला 140 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है.

    पहले भी भिलाई में पड़ा था छापा : इससे पहले भी 3 सितंबर को कस्टम मिलिंग घोटाला को लेकर भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर सहित कई जगहों पर एक साथ ईडी की रेड जारी है. कृषि कारोबार से जुड़े व्यापारियों के घरों और दफ्तरों में ईडी ने दबिश देकर अहम दस्तावेजों को इकट्ठा किया था.

    रायपुर में ईडी की दबिश : 3 सितंबर को ही तीन कृषि कारोबारी के ठिकानों पर दबिश दी गई. जिसमें शंकर नगर चौपाटी के पास, दूसरा महावीर नगर और तीसरा अमलीडीह के विस्टा कॉलोनी में रेड की कार्रवाई हुई.

    इस कार्रवाई में जानकारी मिली थी कि विक्रेताओं, ठेकेदारों और कथित बिचौलियों के कम से कम 18 परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ के बीज निगम के माध्यम से डीएमएफ निधि की राशि का दुरुपयोग किया गया है.

    क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला ?: आपको बता दें कि कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपए की वसूली की जाती थी.जिसका मास्टर माइंड राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी थे.दोनों के खिलाफ ईडी ने 3500 पेज का चालान पेश किया है. जिसमें 35 पेज की समरी भी शामिल है.

    सूची में अफसरों के नाम

    गृह विभाग के उपसचिव आरपी चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुरेश कुमार भगत को पीटीएस मैनपाट से अजाक क्राइम सरगुजा, ओमप्रकाश कुजूर को बिलासपुर से मैनपुर, तूलसिंह पट्टावी को बालोद से अबिकापुर, नोहरलाल मण्डावी को सारंगढ़ बिलाईगढ़ से मोहला मानपुर चौकी अंबागढ़, यशकरण द्वीप ध्रुव को दुर्ग से धमतरी, शशिकला उईके को बस्तर से बेमेतरा, सुशील मलिक को जिला गरियाबंद से डीएसपी जिला गरियाबंद, कमलेश्वर कुमार भगत को बलरामपुर से क्राइम बलरामपुर, बृजेश कुमार तिवारी सक्ती से पुलिस मुख्यालय रायपुर।

    रमाकांत साहू एटीएस मुयालय से सीएसपी सिविल लाइन रायपुर, चंद्रशेखर ध्रुव को एसीबी-ईओडब्ल्यू से आईजी सरगुजा रेंज, इंद्रभूषण सिंह को महासमुंद से राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर, विपीन रंगारी को दुर्ग से नगरी धमतरी, चुन्नू तिग्गा को पुलिस मुयालय से महासमुंद, हरविंदर सिंह को मुंगेली से डीएसपी अधीक्षक मुंगेली हैं।

    रीना नीलम कुजूर को बलौदाबाजार भाटापारा से सूरजपुर, क्रिसेन्सिया तिर्की को बलौदाबाजार से राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर, लता चौरे रायपुर से पीटीएस माना रायपुर, प्रमोद कुमार किस्पोट्टा को सूरजपुर से बलरामपुर, गोपाल सिंह धुर्वे बलौदाबाजार से पुलिस मुयालय रायपुर, गंगा धुर्वे पीटीएस माना से डीएसपी पीटीएस माना रायपुर, सत्यपा तारम को सक्ती से जांजगीर चांपा, मीना चौधरी को पीटीएस माना से पीटीएस राजनांदगांव।

    स्वाति मिश्रा को छग लोक आयोग रायपुर से डॉयल 112 रायपुर, कुमारी चंद्राकर सरगुजा से रायपुर, मंजूलता राठौर रायपुर से गरियाबंद, श्रुति चक्रवर्ती रायपुर से बालोद, संतोषी ग्रेस को बेमेतरा से सारंगढ़-बिलाईगढ़, आशा तिर्की जशपुर से डीएसपी जशपुर, वैजन्तीमाला तिग्गा को पुलिस मुयालय से दुर्ग हैं।

    वहीं, किरण गुप्ता को रायपुर, रोशनी वासनिक कुजूर को पीएचक्यू से एसआईए रायपुर, उषा सौंधिया कोरबा से बलौदाबाजार, विवेक शर्मा को सक्ती से बिलासपुर, माया शर्मा डॉयल 112 रायपुर से बालोद, ममता शर्मा अली को दुर्ग से खैरागढ़ -छुईखदान-गंडई, सत्यकला रामटेके को जांजगीर चांपा से गौरेला- पेण्ड्रा- मरवाही, योगिताबाली खपर्डे को बलौदाबाजार से जांजगीर, प्रमिला मण्डावी सामा को रायपुर से कबीरधाम।

    कविता धुर्वे को बस्तर से कांकेर, भारती मरकाम को बिलासपुर से दुर्ग, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल को बालोद से पुलिस मुयालय रायपुर और सहायक सेनानी रुस्तम सारंग को अमलेश्वर से भिलाई, नरेश नेहरू को बलरामपुर से बालोद, तेलेस्फोर मिंज को बिलासपुर से बालोद, यादराम बघेल को दुर्ग से एसटीएफ बघेरा, विकास कुजूर को बलरामपुर से कोरबा, मनोज गुप्ता को माना से कबीरधाम, नीलकिशोर अवस्थी को माना से राजभवन।

    डीएसपी फिंगररप्रिंट अजय साहू को रायपुर से पीएचक्यू, राकेश कुमार को पीएचक्यू से फिंगरप्रिंट शाखा पीएचक्यू, विद्या जौहर को रायपुर से पीएचक्यू फिंगरप्रिंट के साथ ही डीएसपी (रक्षित) सीमा अहिरवार को पीएचक्यू से भिलाई, अनिल कुमार को पीएचक्यू से अंबिकापुर और संजय शुक्ला को पीएचक्यू से विशेष शाखा पीएचक्यू में स्थानांतरित किया गया है।

    कस्टम मिलिंग के एवज में मिलने वाली रकम का भुगतान 20 रुपए प्रति क्विंटल देने पर ही बिल का भुगतान होता था. इस रकम के कलेक्शन का काम राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर करते थे. रकम देने वाले मिलर्स की सूची तैयार करने के बाद उन्हें ही कस्टम मिलिंग की रकम जारी होती थी.

  • बिलासपुर में चुनाव प्रक्रिया पर विवाद: अधिकारी महेश तिवारी को लापरवाही के लिए नोटिस, उठे निष्पक्षता पर सवाल

    मठाधीश बन गए चुनाव अधिकारी महेश तिवारी.. चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर लापरवाही के आरोप, निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल.. सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने जारी किया नोटिस…

    बिलासपुर
     बिलासपुर प्रेस क्लब के निर्वाचन 2025 को लेकर चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी मामले में प्रस्तुत शिकायतों पर चुनाव अधिकारी की ओर से समय-सीमा में जवाब नहीं दिया गया।

    पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रेस क्लब के निर्वाचन प्रक्रिया में विभिन्न आपत्तियों और शिकायतों को लेकर 09 से 12 सितंबर तक स्मरण पत्र भेजे गए थे, लेकिन नियमानुसार तय अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर सहायक पंजीयक कार्यालय ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए इसे गंभीर त्रुटि माना है।

    कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन अधिकारी की यह लापरवाही पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ऐसे मामलों में लापरवाही पाई जाती है, तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं निर्वाचन अधिकारी की होगी।

    गौरतलब है कि प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर पहले ही कई तरह की शिकायतें उठ चुकी हैं। अब निर्वाचन अधिकारी पर लगे इन आरोपों ने चुनाव की निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है।

    प्रेस क्लब बिलासपुर के चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं।पंजीकृत नियमावली और अधिनियम की धारा 27 के अनुसार चुनाव कराना जरूरी है।पहले प्राप्त शिकायत आवेदन पत्रों का निराकरण करना होगा, तभी चुनाव की कार्यवाही पूरी की जा सकेगी।चुनाव में पद वही होंगे जो पंजीकृत विधान में दर्ज हैं।

    वर्ष 2023 की सदस्यों की सूची, नियमावली और शिकायत पत्र निर्वाचन अधिकारी को भेज दिए गए हैं। जिसका अब तक निराकरण नहीं हुआ है, चुनाव अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर चुनाव कराते हैं, तो आगे कोई भी कार्रवाई इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

    मतलब साफ है – चुनाव से पहले सभी आपत्तियों का समाधान और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

  • भोपाल गैस त्रासदी केस में न्याय के लिए हाईकोर्ट का सख्त रुख, ट्रायल कोर्ट को निर्देशित किया

    भोपाल

    भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाईकोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण यथाशीघ्र करें। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने टिप्पणी कर कहा, 'हम 40 साल तक मामले लंबित नहीं रख सकते'। पीठ ने भोपाल की संबंधित कोर्ट को निर्देश दिए कि वे कार्यवाही की मासिक प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपें, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सीजे के सामने पेश किया जाएगा।

    समिति ने जुलाई 2025 में लगाई थी याचिका

    समिति ने जुलाई 2025 को याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश चंद ने बताया, भोपाल सीजेएम कोर्ट (MP High Court) ने 7 जून 2010 को आरोपियों को सजा सुनाई थी। आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अपील की, वह 15 साल से लंबित है। मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि सीबीआइ जांच एजेंसी है, अब भी एक आपराधिक अपील व विविध आपराधिक मामला लंबित है।

  • कलेक्टर-कमिश्नर के निरीक्षण से पहले बाथरूम में बच्चा जन्मते ही दम तोड़ा, अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल

    छिंदवाड़ा
     सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरई में घोर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार रात प्रसव पीड़ा से तड़पती एक युवती को नर्स ने बार-बार टाल दिया। परिजन मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन नर्स 'अभी समय है' कहकर खुद सोने चली गई। इस बीच दर्द से कराहती युवती को पेशाब का अहसास हुआ तो उसकी सास उसे बाथरूम ले गई। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात सीधे फर्श पर गिरा और दम तोड़ दिया। जिस घर में खुशियां आने वाली थीं, वहां मातम पसर गया।

    'अभी टाइम है' कहकर सो गई नर्स
    जानकारी के मुताबिक, ग्राम मंदरिया की रहने वाली सोना कहार को रात दो बजे 108 एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे। जांच कर रही नर्स ने कहा कि डिलीवरी अगले दिन शाम तक होगी और बेबी की धड़कन व बीपी सामान्य बताया। पीड़ा बढ़ने पर जच्चा की सास ने तीन बार नर्स को नींद से उठाकर बुलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार जवाब मिला- 'अभी बच्चा होने में वक्त है।' इसके बाद नर्स फिर से सो गई।

    नवजात की फर्श पर गिरते ही मौत
    दर्द असहनीय होने पर सास बहू को बाथरूम ले गई। इसी दौरान बच्चा जन्मा और सीधा फर्श पर गिरा। नवजात ने कुछ सेकंड रोने के बाद दम तोड़ दिया। घटना से परिजन हताश रह गए। सुबह डॉक्टरों ने रिपोर्ट में लिखा कि बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। लेकिन गायनिक विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भ में मृत्यु की स्थिति में इस तरह प्रसव पीड़ा असहनीय नहीं होती, और आमतौर पर ऑपरेशन कर भ्रूण बाहर निकाला जाता है। अस्पताल का यह दावा और दस्तावेज परिजनों से जबरन साइन करवाने की बात अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

    दिन में कमिश्नर-कलेक्टर का निरीक्षण, रात में हादसा
    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी दिन दोपहर में संभागीय कमिश्नर धनंजय सिंह और कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। मातृत्व योजना और सुविधाओं पर चर्चा कर सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद बाथरूम में नवजात की मौत ने स्वास्थ्य केंद्र की पोल खोल दी।

    परिजनों ने दिए जांच के लिए ज्ञापन
    घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम चौरई प्रभात मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने कहा— 'परिजनों ने शिकायत दी है, जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।'

  • MP में अधिकारियों पर शिकंजा: IPS रंजन के बाद अब दूसरे अफसर की बारी, कार्रवाई के संकेत

    भोपाल 

    आइपीएस अभिजीत रंजन के बाद नागेंद्र सिंह की विभागीय जांच की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने 6 पन्ने की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर गृह विभाग भेजी है। बता दें, बालाघाट एसपी रहे नागेंद्र सिंह पर पुलिस अधिकारी पत्नी ने आरोप लगाए थे, जिस पर पीएचक्यू की टीम ने जांच की। इसमें आरोप सिद्ध होने के बाद पीएचक्यू द्वारा विभागीय जांच की अनुशंसा की है। अब गृह विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    तत्काल हटाने के बाद दिए थे जांच के निर्देश

    वहीं कटनी में एसपी रहे अभिजीत रंजन पर वहां पदस्थ रहीं सीएसपी ख्याति मिश्रा के तहसीलदार पति शैलेंद्र बिहारी शर्मा ने परिवार के लोगों से मारपीट करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले की डीजीपी, यूपीएससी तक शिकायत हुई। सीएम ने उन्हें तत्काल हटाने के बाद जांच के निर्देश दिए थे।

    यह था मामला

    बालाघाट एसपी रहे नागेंद्र सिंह की डीजीपी से गुप्त शिकायत उनकी पत्नी ने की थी। यह जांच कई महीनों तक चली। लेकिन बाद में पीएचक्यू की जांच में आरोप सही पाए गए जिसके बाद पुलिस मुख्यालय द्वारा 6 पन्नों की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर विभागीय जांच के लिए गृह विभाग को फाइल भेजी गई।

  • वीजा के लिए अब ज्यादा खर्च, इंटीग्रिटी शुल्क बढ़ा, 1 अक्टूबर से नए नियम लागू होंगे

    भोपाल 

    अमरीका जाने का सपना महंगा होने जा रहा है। ट्रंप प्रशासन की वीजा इंटीग्रिटी शुल्क लगाने का ऐलान और इसके लागू होने से पहले प्रदेश के लोगों में अमरीका जाने की होड़ मच गई है। वीजा फीस में वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग इससे पहले ही आवेदन कर रहे हैं। इससे वीजा आवेदन की रफ्तार दोगुनी हो गई है।

    डोनाल्ड ट्रंप ने साइन किया नया बिल

    ट्रंप प्रशासन ने 4 जुलाई को वन बिग ब्यूटीफुल बिल अधिनियम (One Big Beautiful Bill Act) के तहत गैर अप्रवासी वीजा पर 250 डॉलर (21,539 रुपए) के वीजा इंटीग्रिटी शुल्क पर हस्ताक्षर किए थे। यह शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होगा। इसके बाद भारतीय नागरिकों के लिए अमरीका का वीजा करीब 435 डॉलर (36,700 रुपए) का होगा।

    हर दिन आते थे 300, अब आ रहे 900 आवेदन

    टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर डॉ. छवि सिंघल बताती हैं, वीजा इंटीग्रिटी शुल्क में वृद्धि (VISA Fee Hike) के डर से लोग 1 अक्टूबर के पहले वीजा आवेदन दे रहे हैं। रोज संख्या बढ़ रही है। पहले प्रदेशभर से दिनभर में 300 वीजा के आवेदन आते थे, अब इनकी संख्या 900 पार हो चुकी है।

    अपॉइंटमेंट की वेटिंग 370 से 420 दिन तक

    अमरीका जाने के इच्छुक लोगों को आवेदन के बाद बायोमेट्रिक और इंटरव्यू अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। उन्हें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता के दूतावास में प्रक्रिया पूरी करनी होती है। कोविड से पहले बायोमेट्रिक और इंटरव्यू पांच दिन में बैक-टू-बैक हो जाते थे। अब 370 से 420 दिन की वेटिंग है।

  • बीजापुर-कांकेर में मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर, दो महिला माओवादी शामिल, शवों के पास से मिले हथियार

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर और कांकेर में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 4 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें 2 महिला नक्सली शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के पास से हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया गया था।

    2 महिला नक्सली भी शामिल
    बीजापुर में गंगालूर इलाके में 2 नक्सली मारे गए, जिनकी पहचान अभी की जा रही है। कांकेर-महाराष्ट्र सीमा पर गढ़चिरौली जिले के गट्टा जाबिया में सुरक्षाबलों ने 2 महिला नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

    अभी और बढ़ सकती है संख्या
    डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि बीजापुर के गंगालूर इलाके में मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है। बीजापुर पुलिस को सूचना मिली थी कि गंगालूर इलाके के जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बटालियन के जवान सर्चिंग अभियान पर निकले थे।

    घात लगाकर बैठे थे नक्सली
    बुधवार दोपहर करीब 3 बजे घात लगाए बैठे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी गोलियां चलाईं। सर्चिंग में 2 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मौके से एक 303 राइफल, एक बीजीएल लॉन्चर और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। महिला नक्सलियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

    एक दिन पहले जारी किया था प्रेस नोट
    एनकाउंटर के एक दिन पहले ही नक्सली लीडर अभय ने प्रेस नोट जारी कर कहा था कि सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने को तैयार हैं। गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को जवानों ने एनकाउंटर में 5 करोड़ के 10 इनामी नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें डेढ़ करोड़ का इनामी नक्सली मोडेम बालाकृष्ण भी शामिल था, जो ओडिशा स्टेट कमेटी का सचिव था। एडीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने बताया था कि नए जगह पांव पसारने से पहले नक्सलियों का खात्मा कर दिया गया। बड़े नक्सल नेटवर्क को तोड़ा गया। जवानों ने जंगल में घेरकर नक्सलियों को मारा। सभी इनामी नक्सली थे।

     

  • इतिहास बना पचमढ़ी में! सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मिली राहत, लोगों ने मिठाइयाँ बांटी, सड़कों पर मनाया जश्न

    पचमढ़ी 

    हिल स्टेशन पचमढ़ी के छावनी परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोग चार मंजिला तक भवन निर्माण (four storey building construction) कर सकेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई के दौरान पचमढ़ी कैंटोनमेंट एरिया में निर्माण पर लगी रोक को हटा दिया है। यहां ग्राउंड प्लस थ्री (G+3) के हिसाब से निर्माण करने के पक्ष में निर्णय सुनाया है। 25 साल बाद रोक हटने से पचमढ़ी में जश्न का महौल है। लोग सड़क पर निकलकर खुशियां मना रहे हैं। 

    सुप्रीम कोर्ट ने जी प्लस थ्री लागू करने का दिया आदेश

    सुप्रीम कोर्ट में पचमढ़ी छावनी परिषद की तरफ से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने बताया कि पचमढ़ी के कैंटोनमेंट एरिया में प्लॉट के साइज छोटे हैं। यहां 300 स्क्वायर फीट में भवन निर्माण संभव नहीं है। इसलिए जी प्लस थ्री (G+3) को लागू किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि कैंटोनमेंट एरिया में भवन निर्माण के नियमों के तहत ग्राउंड प्लस थ्री लागू किया जाए।

    शहर में जश्न का माहौल

    क्षेत्र में आर्मी की भूमि की सुरक्षा आर्मी करेगी। छावनी परिषद में भारत सरकार के ओर से नामित सदस्य संजय लेडवानी ने बताया कि आज पचमढ़ी की जनता की जीत हुई है। इससे जनता को राहत मिलेगी। कार्ट के आदेश के बाद पचमढ़ी में दोपहर से जश्न का माहौल बन गया। लोगों ने एक दूसरे को शुभाकानाएं देकर मिठाइयां बांटी।

    सुप्रीम कोर्ट ने बनाई थी कमेटी

    वरिष्ठ अधिवक्ता तन्खा ने बताया 2000 में पचमढ़ी के छावनी एरिया में निर्माण पर रोक लगाई थी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2018 में कमेटी बनाई थी। कमेटी ने छावनी एरिया में जी प्लस थ्री लागू करने की सिफारिश की थी।

    जर्जर हो गए कई मकान

    पचमढ़ी में अधिकतर मकान जर्जर हैं। लोग मकानों की मरम्मत कराना चाहते हैं लेकिन रोक लगी होने के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

    पचमढ़ी की जनता को मिलेगी राहत- विवेक तन्खा

    पचमढ़ी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने ग्राउंड प्लस थ्री को लागू कर दिया है। हमने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा था। इस निर्णय से पचमढ़ी की जनता को राहत मिलेगी। मैंने इसे लेकर ट्वीट भी किया है।– विवेक तन्खा, छावनी परिषद के अधिवक्ता

  • दशहरे पर इंदौर में नई पहल: रावण की जगह जलेंगे 11 ‘हत्यारिनों’ के पुतले, शूर्पणखा बनेंगी प्रतीक

     इंदौर

    इस बार दशहरे पर इंदौर में अनोखा दहन कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। एक संस्था ने ऐलान किया है कि वह परंपरागत रावण दहन की बजाय 'शूर्पणखा दहन' का आयोजन करेगा। कार्यक्रम के लिए बाकायदा पोस्टर भी जारी किए जा चुके हैं। पोस्टर में 11 मुखी शूर्पणखा का दहन कार्यक्रम तय किया गया है। इनमें मेरठ की नीले ड्रम वाली मुस्कान और सोनम रघुवंशी समेत 11 महिलाओं की तस्वीरें हैं। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य दर्शकों को यह संदेश देना है कि बुराई चाहे किसी भी रूप में हो, उसका अंत निश्चित है।

    ये आयोजन संस्था पौरूष द्वारा महालक्ष्मी ग्राउंड पर किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि इस बार हमने रावण दहन की थीम को बदलकर दशहरा पर शूर्पणखा दहन रखी है। सवाल रावण का नहीं है, बुराई का है। पिछले दिनों में देशभर में कई महिलाओं ने अपने पति की हत्या की। यह भी एक सामाजिक बुराई है। इसलिए हमने ऐसा कार्यक्रम करने का सोचा है।
    11 तस्वीरों वाली शूर्पणखा

    उन्होंने आगे कहा कि हमने देशभर की 11 ऐसी पत्नियों को चुना है, जिन्होंने पति की बेरहमी से हत्या कर दी। इसलिए दशहरा पर्व पर शूर्पणखा का दहन किया जाएगा और दस शीशों में दस ऐसी हत्यारिन पत्नियों के मुख लगाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन के पोस्टर 'मॉडर्न कलयुगी शूर्पणखाएं'के नाम से वायरल हो रहे हैं।

    राजा रघुवंशी के घरवालों को भी न्योता

    दशोरा ने बताया कि मुख्य चेहरा सोनम रघुवंशी का होगा। इस दहन कार्यक्रम में सोनम ने जिस पति राजा की बेरहमी से हत्या की थी, उसके परिजन समेत रघुवंशी समाज के लोग भी शामिल होंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं और प्रचार-प्रसार के लिए दर्जनों बैनर्स जारी किए जा रहे हैं। ये बैनर्स ऑटो रिक्शा, मैजिक और अन्य वाहनों पर लगाए जाएंगे और पूरे शहर में ऑडियो अनाउंसमेंट के साथ घुमाए जाएंगे।

    इनकी तस्वीरें लगाई

    संस्था ने 11 मुखी पुतला तैयार किया है। इनमें सोनम रघुवंशी (इंदौर), मुस्कान (मेरठ, नीले ड्रम में पति को मारकर डालने वाली), हर्षा (राजस्थान), निकिता सिंघानिया (जौनपुर), सुष्मिता (दिल्ली), रविता (मेरठ), शशि (फिरोजाबाद), सूचना सेठ (बेंगलुरु), हंसा (देवास), चमन उर्फ गुडिय़ा (मुंबई) और प्रियंका (औरैया) शामिल हैं।

    जुलूस भी निकालेंगे

    दशोरा ने बताया कि दहन के पूर्व बॉम्बे अस्पताल चौराहा से शूर्पणखा और उसकी सेना का जुलूस ढोल-नगाड़ों के साथ निकाला जाएगा जो महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड पहुंचेगा जहां दहन होगा। दहन का वक्त शाम 6.30 बजे होगा।

  • कोर्ट से नहीं मिली राहत: राजा रघुवंशी हत्या मामले में सोनम की बेल अर्जी खारिज, पुलिस ने गिनाए ठोस कारण

    इंदौर

    इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आनंद, आकाश और विशाल ने मेघालय के सोहरा उप प्रभाग प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने जमानत की अर्जी दायर की थी। लेकिन पुलिस की कड़ी आपत्ति के बाद कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

    शिलांग पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें सोनम की हर साज़िश का विस्तार से जिक्र है। हालांकि, इसी केस में पहले तीन आरोपियों बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र तोमर, बलवीर अहिरवार और सिलोम जेम्स को जमानत मिल चुकी है। बाकी आरोपी इन्हीं की जमानत को आधार बनाकर जेल से बाहर आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी दलील कोर्ट ने मानने से इंकार कर दिया।

    राजा रघुवंशी की हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बता रही है, लेकिन राजा का परिवार इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी का आरोप है कि पुलिस ने जांच में कई गड़बड़ियां कीं और कुछ षड्यंत्रकारियों को बचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि सोनम के खातों तक को फ्रीज़ नहीं किया गया।
    क्या हुआ था?

    29 वर्षीय राजा रघुवंशी और 24 वर्षीय सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में धूमधाम से हुई थी। पुलिस के अनुसार, सोनम इस शादी से खुश नहीं थी क्योंकि वह परिवार के फर्नीचर कारोबार में काम करने वाले अकाउंटेंट राज कुशवाह को चाहती थी। शादी के कुछ ही दिन बाद सोनम ने हत्या की साजिश रची और हनीमून के बहाने 20 मई को राजा को मेघालय ले गई।

    23 मई को दोनों लापता हो गए और लंबे इंतज़ार के बाद 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ। जांच में कई राज खुले और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोनम ने यूपी में सरेंडर किया। बताया गया कि हत्या के बाद वह इंदौर में जाकर छिपी हुई थी।

    अब इस सनसनीखेज हत्याकांड में सोनम समेत आठ आरोपियों सोनम, राज कुशवाह, आनंद, आकाश, विशाल, बलवीर अहिरवार, सिलोम जेम्स और लोकेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है।

  • इंदौर में दिल दहला देने वाला हादसा, विधायक की बस ने ली तीन जानें — बाइक सवार दंपति और बच्चा मारे गए

     इंदौर
     ट्रक हादसे का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है कि विधायक गोलू शुक्ला की बस ने पति-पत्नी और बच्चे की जान ले ली। चालक तीनों को रौंदने के बाद बस छोड़कर फरार हो गया। हादसे में घायल एक मासूम की हालत गंभीर है। उसका अरबिंदो अस्पताल में उपचार चल रहा है। बाणगंगा टीआइ सियाराम सिंह गुर्जर के अनुसार, घटना बुधवार देर रात धरमपुरी के समीप ग्राम रिंगनोदिया की है।

    टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की

    बस एमपी 09एफए 6390 ने बाइक एमपी 09वीएफ 3495 को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक सवार दंपती बच्चों सहित दूर जाकर गिरे। हादसे में महेंद्र सोलंकी, जयश्री सोलंकी और 15 वर्षीय जिगर सोलंकी की मौके पर ही मौत हो गई। 10 साल का तेजस सोलंकी गंभीर रूप से घायल हुआ है। सांवेर टीआइ गिरजाशंकर महोबिया के अनुसार, टक्कर मारने वाली बस विधायक गोलू शुक्ला की है। बस के पीछे भी गोलू लिखा है।

    भाई-भाभी से मिलकर घर लौट रहा था

    टक्कर के बाद चालक और हेल्पर बस को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। महेंद्र सोलंकी निवासी तीन इमली मूसाखेड़ी की चाय की दुकान है। वह साईं विहार कॉलोनी में रहने वाले भाई बाबूसिंह सोलंकी और भाभी शांति सोलंकी से मिलने आया था। बाबू बुधवार को भोपाल गए थे। लौटने में देरी हो गई और महेंद्र को निकलने में रात हो गई।

    परीक्षा होने से सभी तो रात में ही रवाना

    बाबू सिंह ने तेज बारिश का कहते हुए महेंद्र को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन सुबह जिगर की परीक्षा होने से सभी तो रात में ही रवाना होना पड़ा। करीब एक घंटे बाद भी घर पहुंचने की खबर नहीं आई तो बाबूसिंह की बेटी ने काल लगाया। थोड़ी देर बाद दूसरे नंबर से कॉल आया कि चारों को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

     

  • तेज बारिश की चेतावनी: MP के 30 जिलों में आज भारी बारिश संभव, इंदौर में रातभर बरसे बादल

    भोपाल 

     राजस्थान, गुजरात एवं पंजाब से भले ही मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश से सितंबर माह में मानसून के वापस होने की संभावना कम ही है। वर्तमान में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से बुधवार देर शाम इंदौर में झमाझम बारिश हुई। गुरुवार-शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है।

    मध्य प्रदेश के 30 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर में आज बारिश के आसार हैं।

    बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिवनी में 43, रीवा में 41, टीकमगढ़ में 32, सतना में 21, छिंदवाड़ा में 16, पचमढ़ी में तीन, सीधी में दो, नौगांव एवं खजुराहो में एक मिलीमीटर बारिश हुई। बता दें कि सामान्य तौर पर 21 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू हो जाती है।

    एमपी से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बनी है द्रोणिका

    मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी विदर्भ पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक प्रभावी चक्रवात सक्रिय है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के मध्य से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो पूर्वी विदर्भ, तेलंगाना से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश से होकर जा रही है।

    सितंबर में नहीं होगी मानसून की विदाई

    मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से लगातार नमी आने का सिलसिला बना हुआ है। इस वजह से बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में 25 सितंबर को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से सितंबर माह में मानसून के वापस जाने की संभावना कम ही दिख रही है।

  • संजय पाठक की संदिग्ध डील: कर्मचारी के नाम पर बनाई कंपनी से खरीदी गई सहारा की कीमती ज़मीन

    जबलपुर
     कटनी जिले से विधायक संजय पाठक ने जमीनों की खरीद फरोख्त के लिए न सिर्फ आदिवासियों की मदद ली, बल्कि अपने कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां बनाईं। आदिवासियों के नाम पर करीब 1100 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप से घिरे संजय पाठक सायना ग्रुप के मालिक हैं, इसलिए उन्होंने मिलते-जुलते नाम वाली नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना ली।

    इस कंपनी का कर्ताधर्ता अपने ही कर्मचारी सचिन तिवारी को बनाया। इस कंपनी से सहारा सिटी की जमीन खरीदी, वो भी औने-पौने दाम पर। सूत्रों की माने सचिन तिवारी के पास विधायक संजय पाठक के लिए जमीन खरीदने-बेचने से लेकर जनसंपर्क आदि कार्यों की जिम्मेदारी है। जबलपुर के तेवर स्थित सहारा सिटी की जमीन का सौदा करने और उसका भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी सचिन और उसके सहयोगियों ने संभाली।

    दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म

    सूत्र बताते हैं कि कटनी और जबलपुर की दो फर्मों को सहारा सिटी की करीब 110 एकड़ जमीन खरीदी का काम दिया गया। ये दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म हैं। इस जमीन को कमर्शियल के बजाय कृषि भूमि बताकर पंजीयन शुल्क की चोरी की गई। इतना ही नहीं, सूत्रों का कहना है कि यह जमीन 50 करोड़ में बेची गई, जबकि बाजार मूल्य 200 करोड़ था। इधर ग्रुप से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मूल्य कलेक्ट्रेट गाइडलाइन के मुताबिक तय किया गया था। वहीं 2014 में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में इस जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपये तक दिखाई गई थी।

    माइनिंग कान्क्लेव में निवेश के बाद जांच ठंडी

    दरअसल, मेसर्स नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सहारा कंपनी से जमीने खरीदीं। 2022 में हुए इस सौदे के दौरान नायसा देव बिल्ड के तत्कालीन डायरेक्टर्स और प्राधिकृत अधिकारी को ईओडब्ल्यू ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया भी था। जानकार बताते हैं कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों की जांच में तीन पदाधिकारियों के नाम थे।

    जांच अधिकारियों ने यह पता लगाया कि नायसा कंपनी ने सहारा से खरीदी गई जमीन के एवज में कितनी रकम और किस माध्यम से सहारा को दी। इसके लिए ईओडब्ल्यू ने इनके बैंक खातें भी खंगाले, जिनसे जमीन के पैसों का भुगतान किया गया। हालांकि कंपनी में माइनिंग कान्क्लेव में सायना ग्रुप के बड़े निवेश के बाद मामला ठंडा करने में कई जुट गए, जिससे ईओडब्ल्यू की जांच ठंडी पड़ गई।

    खनिज से कलेक्टर के बीच घूम रही फाइल

    खनिज विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा बनाई गई जांच टीम ने जब सिहोरा, घुघरी कला समेत कई जगहों की जांच की तो वे भी हैरान हो गए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान यह देखा गया कि जिस जमीन के उत्खनन का लाइसेंस लिया गया है, उससे लगी हजारों एकड़ जमीन में भी अवैध उत्खनन कर दिया गया।

    इस जमीन को जब गूगल और सैटेलाइट के माध्यम से खंगाला गया तो पता चला कि यह काम आज का नहीं बल्कि पिछले 10 सालों से जारी है। विभाग ने संजय पाठक की तीनों कंपनी निर्मला मिनरल, आनंद माइनिंग कार्पोरेशन और मेसर्स पेसिफिक एक्सपोर्ट के नाम पर जारी आठ खदानों को खंगाला तो करीब 443 करोड़ का अवैध उत्खनन पाया गया। इसे वसूलने का काम जबलपुर कलेक्टर को दिया है। भोपाल से फाइल आए हुए करीब 10 दिन से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक कुल जुर्माने की राशि का आकलन नहीं हो सका है।