• देवी अहिल्या बाई की परंपरा और विरासत को आगे बढ़ाएगा धार का पीएम मित्र पार्क

    पिछले 11 साल में 25 करोड़ लोग आये गरीबी से बाहर
    धार के पीएम मित्र पार्क से अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार और युवाओं को रोजगार
    किसान और श्रमिकों के जीवन में आयेगी समृद्धि
    कारीगरों का हुनर अब पहुंचेगा वैश्विक बाजारों में, स्वदेशी बनेगा विकसित भारत का आधार
    जो पिछड़ा है, उसे आगे लाना हमारी प्राथमिकता
    स्वदेशी जागरण के लिए अभियान चलाएं राज्य सरकारें
    दुकानों पर हो गर्व से कहो ये स्वदेशी है का बोर्ड
    देश का पैसा देश में रहेगा तो मिलेगी विकास को नई गति
    प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियाँ कल्पनातीत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    पीएम मित्र पार्क से वस्त्रोद्योग का वैश्विक केन्द्र बनेगा मध्यप्रदेश
    मालवा-निमाड़ अंचल के किसानों को मिलेगा कपास उत्पादन का उचित दाम
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धार में किया पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास, स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार महा-अभियान सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों का शुभारंभ

    भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश को बड़ी सौगात मिली है। धार की धरती पर बनने वाले देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क से देश की अर्थव्यवस्था को नया आधार मिलेगा। यह पार्क पूरे मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देगा और यहां होने वाले निवेश से प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक नए दौर में प्रवेश करेगी। मध्यप्रदेश विकास की नई इबारत भी लिखेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कपड़ा उद्योग से ही देश के विकास को नई मजबूती मिलेगी। पीएम मित्र पार्क देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में नए ट्रांसफार्मेशन की राह खोलेगा। उन्होंने कहा कि हम देश में 7 पीएम मित्र पार्क स्थापित करने जा रहे हैं और इनके जरिए हम भारत को विश्व का टेक्सटाईल-हब बनाएंगे। इन पीएम मित्र पार्कों में बुना जाने वाला धागा, सिर्फ किसानों का ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास का नया ताना-बाना बुनेगा।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी बुधवार को धार जिले की बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने यहां पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास किया साथ ही राष्ट्रीय 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' महाअभियान, आठवें 'राष्ट्रीय पोषण माह', 'आदि सेवा पर्व' का शुभारंभ कर 'सुमन सखी चैटवॉट' को लाँच किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना' योजना के तहत देशभर की 15 लाख से अधिक महिला हितग्राहियों को 450 करोड़ रूपए से अधिक की प्रसूति सहायता राशि सिंगल क्लिक के जरिए उनके खाते में अंतरित की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की दीदी श्रीमती लक्ष्मी डोडियार को अमरूद का पौधा भेंट किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत सुश्री आराधना कलमी को 1 करोड़वां सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग कार्ड प्रदान किया। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार महाअभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशभर में 1 लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर उपस्थित रहीं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत सिर्फ हमारा संकल्प नहीं है, बल्कि यह भारत के सुनहरे भविष्य के निर्माण का यज्ञ है। यह यज्ञ तभी पूर्ण होगा जब इसमें सबकी आहुति और सबका योगदान शामिल होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सबके साथ से हम सबके विकास के लिए संकल्पित हैं। पिछले 11 वर्ष जनकल्याण को समर्पित रहे। गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना ही मेरी इष्ट-पूजा और मेरा प्रण है। हमारे समर्पित प्रयासों से पिछले 11 साल में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी के जीवन से बाहर आए हैं, जिससे पूरे समाज को एक नया आत्मविश्वास मिला है, यही हमारा ईनाम भी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश सरकार की प्रगतिशीलता और अवसर का भरपूर लाभ उठाने की उदात्त मंशा की सराहना करते हुए कहा कि धार का यह पीएम मित्र पार्क आने वाले समय में दूसरे राज्यों के लिए एक नज़ीर बनेगा।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ाना चाहिए। इसी से हमारे किसानों, काश्तकारों और श्रमिकों के जीवन में समृद्धि आयेगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी को ही आजादी का हथियार बनाया था। अब हमें इसे विकसित भारत का आधार बनाना है। इसलिए हम छोटी-बड़ी जो भी चीजें खरीदें, सबसे पहले देखें कि क्या यह देश में बनी है या नहीं। देश का पैसा देश में रहेगा, तो विकास को नई गति मिलेगी। यही पैसा देश के विकास और गरीब कल्याण की योजनाओं में काम आता है। देश के मध्यम वर्ग के सपनों को पूरा करने के लिए बहुत धन की जरूरत है। स्वदेशी से पैदा होने वाले रोजगार का लाभ युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में जीएसटी की नई दरें लागू होने जा रही हैं। राज्य सरकारें इसके लिए स्वदेशी जागरण अभियान चलाएं जिससे नागरिक स्वदेशी वस्तुएं खरीदकर इसका भरपूर लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और व्यापारी मिलकर सुनिश्चित करें कि पर्वों के दौरान हर दुकान पर इस आशय का बोर्ड लगा होना चाहिए कि 'गर्व से कहो, ये स्वदेशी है'। उन्होंने कहा कि हम सभी स्वदेशी वस्तुओं पर गर्व करें। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसे नए दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां सबके विकास का प्रबंध हो, हर हाथ को काम मिले और सबके जीवन में समृद्धि का वास हो।

     प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि महेश्वरी साड़ी मध्यप्रदेश की पहचान रही है। धार में पीएम मित्र पार्क के माध्यम से हम देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं। मप्र में उच्च कोटि का कपास उपलब्ध है। पीएम मित्र पार्क से कपड़ा उद्योग की वैल्यू चैन इसी जगह उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में धार पूरे देश में चमकने वाला है। फाइव-एफ विजन – 'फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन से फॉरेन' पर काम जारी है। प्रधानमंत्री ने हर्ष जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के पीएम मित्र पार्क की 80 प्रतिशत जमीन निवेशक कम्पनियों को आवंटित की जा चुकी है। इस पार्क के निर्माण से मध्यप्रदेश में 3 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक आसान होगी। इससे हमारे प्रोडक्ट सस्ते बनेंगे और किसानों और कारीगरों को अधिक लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने पीएम मित्र पार्क के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विभिन्न केन्द्रीय योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ देश के 30 करोड़ से अधिक भाई-बहनों को मिल चुका है। हमने छोटे कामगारों के हुनर को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जो विकास में पिछड़ा है, उन्हें मुख्य धारा में लाना ही हमारी प्राथमिकता है। धार स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म स्थली भी है। 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को हमें जीवन में उतारना है। देशवासियों से प्रार्थना है कि जो भी खरीदें, वो स्वदेशी ही होना चाहिए। जो भी खरीदें, उसमें हिन्दुस्तान की मिट्टी की महक और देशवासी की ही मेहनत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना है। विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर जाता है। इसलिए विकसित भारत के निर्माण में देश के व्यापारी भी हमारे साथ आएं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ज्ञान की देवी और भोजशाला की माँ वाग्देवी के चरणों में नमन करते हुए कहा कि धार की धरती हमेशा से पराक्रम और प्रेरणा की रही है। महाराजा भोज का शौर्य हमें राष्ट्र रक्षा के लिए डटे रहने की सीख देता है। महर्षि दधीचि का त्याग हमें मां भारती की सेवा के लिए प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्होंने मां-बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, उन्हें ध्वस्त कर दिया गया है। हमारे वीर जवानों ने पलक झपकते ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। कल ही एक पाकिस्तानी आतंकी ने दुनिया को रो-रोकर अपना हाल बताया। नया भारत किसी की परमाणु धमकी से डरने वाला नहीं है। यह नया भारत है, जो दुश्मनों को घर में घुसकर मारता है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि 17 सितंबर एक और ऐतिहासिक अवसर है। आज ही के दिन देश ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की फौलादी इच्छा शक्ति का उदाहरण देखा था। भारतीय सेना ने हैदराबाद को अत्याचारों से मुक्त कराया था। यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी। सेना के इतने बड़े शौर्य को कई दशक बीत गए, लेकिन कोई याद करने वाला नहीं था। हमारी सरकार ने इस घटना को अमर कर दिया है। हमने भारत की एकता के प्रतीक इस दिन को 'हैदराबाद लिबरेशन-डे' मनाने की शुरुआत की है। हैदराबाद में भी आज कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब देश के लिए जियें, हमारा हर पल देश के लिए समर्पित हो। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए सौगंध लेकर सब कुछ समर्पित कर दिया था। उनका सपना था, विकसित भारत। वे चाहते थे कि भारत गुलामी से निकलकर तेजी से आगे बढ़े।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज हम 140 करोड़ लोगों ने विकसित भारत का संकल्प लिया है। इसके चार प्रमुख स्तंभ है। गरीब, किसान, नारी और युवा। आज इन चारों स्तंभों को नई मजबूती देने का काम हुआ है। इस आयोजन में नारी शक्ति का बहुत ध्यान रखा गया है। धार से यह कार्यक्रम देशभर की माताओं के लिए हो रहा है। यहां से स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार महा-अभियान का शुभारंभ हुआ है। आज मध्यप्रदेश की भूमि से देशभर में 'आदि सेवा पर्व' शुरू हो रहा है, जो जनजातीय वर्ग को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ेगा। आज विश्वकर्मा जयंती पर देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क का शिलान्यास हुआ है। इससे क्षेत्रीय किसानों को उनकी कपास सहित अन्य उपजों का सही मूल्य मिलेगा। युवाओं को भरपूर रोजगार मिलेगा। प्रदेश के औद्योगिक अभियान को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं और अभियानों के लिए देश और मध्यप्रदेश के निवासी विशेष बधाई के पात्र हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमारी नारी शक्ति राष्ट्र की प्रगति का मुख्य आधार है। घर में मां ठीक रहे, तो पूरा घर ठीक रहता है। मां बीमार हो जाए, तो पूरे परिवार की व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं। इसीलिए 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान माताओं बहनों के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है। हमारी कोशिश है कि एक भी महिला गंभीर बीमारी का शिकार न हो। कई बीमारियों की जांच नहीं होने पर जान का खतरा हो जाता है और इन्हें शुरुआती दौर में पहचानना जरूरी है। इस अभियान में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बीपी, शुगर, कैंसर जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। माताओं-बहनों ने मुझे बहुत कुछ दिया है, मुझ पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने माताओं-बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे बिना किसी संकोच के इन स्वास्थ्य शिविरों में जांच जरूर कराएं। इन सभी शिविरों में महंगी से महंगी जांच मुफ्त होगी और दवाइयां भी मुफ्त मिलेंगी। उन्होंने कहा कि नारियों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। आने वाले समय में आयुष्मान कार्ड का सुरक्षा कवच बड़े काम आएगा। यह अभियान 2 अक्टूबर विजय दशमी तक निरंतर चलेगा। माताएं-बहनें थोड़ा समय अपने स्वास्थ्य के लिए भी निकालें। अभियान में लाखों कैंप लगेंगे। आज से ही बड़ी संख्या में जांच शुरू हो गई हैं। कोई मां-बेटी जांच से छूट न जाए, हम सभी को यह संकल्प लेना होगा। 

     प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि माताएं-बहनें हमारी प्राथमिकता हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए आज आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की भी शुरुआत हो रही है। विकसित होते भारत में हमें मातृ और शिशु मृत्युदर कम करना है। हमने 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना' योजना शुरू की। अब तक 4.5 करोड़ से अधिक गर्भवती माताओं को योजना का लाभ मिल चुका है। अब तक 19 हजार करोड़ रूपए से अधिक की धनराशि हितग्राही माताओं के बैंक खाते में पहुंच चुकी है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक बड़ा संकट है। केंद्र सरकार जनजातियों के लिए मिशन चला रही है। सिकल सेल अभियान शहडोल से 2023 में शुरू हुआ और आज मध्यप्रदेश की धरती से एक करोड़वां स्क्रीनिंग कार्ड दिया गया है। देश में 5 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग हो चुकी हैं, इससे लाखों लोगों का जीवन बचा है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए अहम होगा। उन्होंने कहा कि जिनका आज जन्म भी नहीं हुआ, हम उनके लिए काम कर रहे हैं, जिनकी जांच हो चुकी है, उनकी संतानें स्वस्थ हो जाएंगी। जनजातीय भाई-बहन सिकल सेल एनीमिया की जांच जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि पक्के शौचालय, 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला' योजना, नल-जल योजना और आयुष्मान जैसी अनेक योजनाओं ने देश की माता-बहनों की मुश्किलें कम से कम कर दी हैं। उनका स्वास्थ्य बेहतर बनाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भाइयों से आग्रह किया कि वे भी अपने परिवार की सभी महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन की 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न' योजना ने कोरोना के कठिन समय में किसी गरीब मां के घर का चूल्हा बुझने नहीं दिया। आज भी राशन मुफ्त दिया जा रहा है। 'पीएम आवास योजना' के अधिकांश घर माताओं के नाम पर हैं।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से समृद्ध कर रही है। मुद्रा योजना का लाभ मिल रहा है। सरकार 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने के अभियान में जुटी है। अब तक करीब 2 करोड़ बहनें लखपति बन चुकी हैं। महिलाओं को बैंक सखी और ड्रोन दीदी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं। स्व-सहायता समूहों से बहनें समृद्ध हुई हैं। देश का गरीब गरीबी से निकलकर आगे बढ़ेगा, तो देश आगे बढ़ेगा। गरीब की सेवा कभी बेकार नहीं जाती है। गरीब अपनी मेहनत से समंदर पार करने की शक्ति रखता है। गरीब की पीड़ा को मैंने खुद करीब से जिया है। गरीब की सेवा ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। सरकार गरीबों को केंद्र में रखते हुए पवित्र भाव से योजनाएं बना रही है। हमारे प्रयास केवल योजना निर्माण तक ही सीमित नहीं है, ये गरीब का जीवन बदलने की मोदी की गारंटी है। उन्होंने कहा कि गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना और माताओं-बहनों को सुरक्षित करना ही मेरी सरकार की प्राथमिकता है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीबों के जीवन में सुख-सुविधा और सम्मान दिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वह ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जो कभी कल्पना मात्र लगती थीं। जिस भारत की प्रगति को दुनिया असंभव मानती थी, वह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व ने ‘मोदी है तो मुमकिन है’ की प्रतिबद्धता ने कर दिखाई। देश की बुनियादी सुविधाओं से लेकर बड़ी से बड़ी दुविधाओं का हल उन्होंने निकाला है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और नेतृत्व ने भारत की काया पलट दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर याद आ रहा है कि जिस तरह भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि को गढ़ा, उसी तरह प्रधानमंत्री श्री मोदी आत्मनिर्भर, सक्षम और विकसित भारत की नींव रखकर नए भारत का निर्माण कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत की ताकत दुनिया देख रही है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की सशक्त विदेश नीति और सक्रिय कूटनीतिक प्रयासों से संभव हुआ है। उनके नेतृत्व में भारत ने रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस ने विश्व का परिचय नए भारत से कराया है। भारत अगर बहनों के स्वाभिमान के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी सख्त कार्रवाई करता है, तो यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और भारतीय सेना के सामर्थ्य से ही संभव हो सका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में श्रीरामलला भव्य मंदिर में विराजित हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में देश का सबसे ऊंचा ब्रिज बना है। आजादी के 78 साल बाद मिजोरम में ट्रेन पहुंची है। यूपीआई पूरी दुनिया को हैरान करता है। गरीबों के जीवन में सुख, सुविधा और सम्मान लौटा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कर-कमलों से देश के पहले पीएम मित्र पार्क की नींव मध्यप्रदेश में रखी जा रही है। पीएम मित्र पार्क से प्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में किसानों की परंपरागत फसल कपास को प्रोत्साहन मिलेगा। कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े के निर्यात से मध्यप्रदेश वस्त्रोद्योग का वैश्विक केन्द्र बनेगा। 

    जनजातीय अंचल में प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाना म.प्र. का सौभाग्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी अपना जन्मदिवस मध्यप्रदेश के जनजातीय अंचल में मना रहे हैं और कई सौगातें लेकर आए हैं। दुनिया के सबसे लोकप्रिय नायक श्री मोदी ने गरीब अंचल के लिए समय निकाला, यह उनके प्रेम की अभिव्यक्ति है। राजा भोज के संस्कारों से समृद्ध ऐतिहासिक नगरी धार प्रधानमंत्री श्री मोदी के आगमन से हर्षित हो उठी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी को उनके जन्मदिवस की कोटि-कोटि शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस मंगल अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के सानिध्य से मध्यप्रदेश धन्य हुआ है। श्री मोदी दीर्घायु हों, निरोग रहें, उनका यश और कीर्ति बढ़ती रहे, यही कामना है।

    पीएम मित्र पार्क के मॉडल और स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन
    प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित धार के पीएम मित्र पार्क का मॉडल देखा और उसकी खूबियों को जाना। साथ ही स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन भी किया। प्रधानमंत्री ने शिविर में मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा कर उपचार संबंधी जानकारी भी ली।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी का राज्यपाल श्री पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किये। प्रधानमंत्री को जनजातीय परम्परानुसार तीर-कमान भेंट किया और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। प्रारंभ में प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुसज्जित वाहन से सभा-स्थल पहुँचे और उपस्थित अपार जन-समूह का अभिवादन किया। नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य  मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में माताएं, बहनें, किसान भाई और हितग्राही उपस्थित रहे।

  • सेवा पखवाड़ा का उद्देश्य स्वच्छता, सेवा और सामुदायिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करना : मंत्री कुशवाहा

    सेवा पखवाड़ा का रक्तदान शिविर और पौध-रोपण से शुभारंभ

    भोपाल
    सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने शाजापुर जिला मुख्यालय पर सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

    पखवाड़े के शुभारंभ अवसर पर मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर, 2025 तक आयोजित किये जाने वाले सेवा पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य जन-भागीदारी, स्वच्छता सेवा और जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप देना है। नागरिकों में स्वच्छता, सेवा और सामुदायिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना है। शाजापुर जिला मुख्यालय के शांतिवन परिसर में वृक्षारोपण, जिला चिकित्सालयों में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा "घर में पकायेंगे-घर में खायेंगे'' प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।

    इस अवसर पर विधायक श्री अरुण भिमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिसोदिया सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • नगरीय निकायों में शुरू हुआ सेवा पखवाड़ा

    भोपाल 
    संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के निर्देश पर प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा शुरू हो गया है। पखवाड़े के दौरान नगरीय निकायों को प्रतिदिन निर्धारित विषयवार कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसके लिये नगर निगम आयुक्त और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये हैं।

    बुधवार 17 सितम्बर को नगरीय निकायों में उन स्थलों का चयन कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ नागरिकों की आवाजाही ज्यादा होती है। इसके अलावा सुलभ कॉम्पलेक्स में प्रबंधकों को सफाई व्यवस्था रखे जाने के लिये आवश्यक निर्देश दिये गये। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान नगरीय निकायों को सफाई मित्र सुरक्षा शिविर, क्लीन ग्रीन उत्सव, स्वच्छता में भागीदारी बढ़ाये जाने, शहरी क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूह के साथ वर्षा और जल-संरचनाओं की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है।

     

  • नक्सलियों की तलाश तेज़, कांकेर पुलिस ने सार्वजनिक किए मोस्ट वांटेड के चेहरे

    पखांजुर/कांकेर

    छत्तीसगढ़ में जहां एक तरफ नक्सल संगठन ने सरकार के साथ शांति वार्ता की पेशकश की है, तो वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों का एंटी नक्सल ऑपरेशन लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र की सीमा से लगे नक्सल मोर्चे से बड़ी खबर सामने आई है। गढ़चिरौली के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो नक्सली ढेर हो गए और मौके से AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। इसके अलावा कांकेर पुलिस ने मोस्ट वांटेड नक्सलियों की तलाश तेज करते हुए उनकी तस्वीरों वाले बैनर गांव-गांव में लगाए हैं।

    कांकेर जिले में नक्सलियों को खात्मा करने के लिए पुलिस ने नई पहल शुरू की है। अब पुलिस मोस्ट वांटेड नक्सलियों के फोटो के साथ बैनर और पोस्टर अंदरूनी इलाकों में लगा रही है। इनमें बसंती आंचला, पुष्पा हेमला, रोनी उर्फ उमा, रामा कुंजाम, सरवन मड़काम और रामको मंडावी जैसे कुख्यात नक्सलियों के फोटो शामिल हैं। पोस्टर में पांच लाख से एक लाख तक इनामी नक्सलियों की जानकारी दी गई है। पुलिस ने नक्सलियों का पता बताने वालों को इनाम देने का ऐलान किया है और सूचना देने वालों का नाम-पता गोपनीय रखने की बात कही है।

    नक्सलियों की शांति वार्ता की पेशकश
    बता दें कि नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में दावा किया गया है कि संगठन सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने हथियार छोड़कर भविष्य में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मिलकर काम करने की बात कही है। अभय ने केंद्र सरकार से एक महीने का समय और सीजफायर की मांग की है ताकि औपचारिक बातचीत शुरू की जा सके। इस मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि पत्र की सत्यता क्या है, इसकी जांच करानी पड़ेगी। नक्सलवाद के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा।

  • स्कूल शिक्षा विभाग के पुस्तकालयों से अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ें

    पुस्तकालयों की गतिविधियों की हुई समीक्षा

    भोपाल 
    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित पुस्तकालयों की गतिविधियों की भोपाल में हुई बैठक में समीक्षा की गयी। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने अधिक से अधिक नागरिकों को पुस्तकालयों से जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संचालित पुस्तकालयों के सुधार के लिये पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जायेगा।

    बैठक में पुस्तकालयों के उन्नयन एवं आधुनिकीकरण के लिये तैयार की गयी कार्य-योजना पर चर्चा की गयी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में केन्द्रीय पुस्तकालयों और 27 जिलों में जिला पुस्तकालय का संचालन किया जा रहा है। विभाग द्वारा भोपाल के जीटीबी कॉम्पलेक्स में स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी का भी संचालन किया जा रहा है।

    पुस्तकालय में आकर्षण के लिये हों गतिविधियाँ
    समीक्षा बैठक में निर्देशित किया गया कि पुस्तकालयों में कहानी और निबंध-लेखन, चित्रकारी प्रतियोगिता के साथ विषय-विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किये जायें। पुस्तकालय में कॉम्पटीशन कॉर्नर में आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करायी जायें। प्रबंधकों से कहा गया कि पुस्तकालय में साफ-सफाई एवं पुस्तकों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाये।

     

  • उपभोक्‍ताओं को धारा 126 के प्रकरणों में दी 02 करोड़ 68 लाख से अधिक की छूट

    30 सितंबर तक छूट प्राप्‍त करने का अवसर, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन करें आवेदन

    भोपाल 
    म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के उपभोक्‍ताओं के लिए धारा 126 में लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में अब तक  कंपनी कार्यक्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को लंबित प्रकरणों में 02 करोड़ 68 लाख 66 हजार की छूट प्रदान करते हुए 5995 प्रकरणों का निपटान किया गया है। कंपनी ने बताया कि भोपाल क्षेत्र में कुल 4596 प्रकरणों में 01 करोड़ 67 लाख 46 हजार की छूट प्रदान करते हुए 02 करोड़ 58 लाख, 99 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। इसी तरह ग्‍वालियर क्षेत्र में कुल 1399  प्रकरणों में 01 करोड़ 01 लाख 20 हजार की छूट प्रदान करते हुए 01 करोड़ 67 लाख 45 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं।

    उपभोक्‍ता धारा 126 के प्रकरणों में छूट का लाभ लेना चाहते हैं उन्‍हें ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन 30 सितंबर तक लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए उपभोक्‍ता कंपनी पोर्टल पर जाकर प्रदर्शित क्विक लिंक टैब में “Rebate As lokadalat in section 126” पर क्लिक कर आवेदन प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी के portal.mpcz.in पोर्टल पर कंज्‍यूमर आईडी की प्रविष्टि करते ही उपभोक्‍ता को धारा-126 में दर्ज लंबित प्रकरण प्रदर्शित होगा। उपभोक्‍ता को लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट प्राप्‍त किए जाने के लिये “उपभोक्‍ता के परिसर या अन्‍य परिसर पर संयोजन के विरूद्ध विद्युत देयक की बकाया राशि नहीं है तथा विचाराधीन प्रकरण पर धारा 127 के अंतर्गत गठित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष या किसी अन्‍य न्‍यायालय के समक्ष कोई अपील लंबित नहीं है न ही निर्णित है“ सत्‍यापित कर सबमिट करना होगा। इसके बाद उपभोक्‍ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्‍प चयन कर भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिये उपभोक्‍ताओं के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्‍द्र/जोन पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्‍ध है।

    कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रूपए तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महाप्रबंधक को दिया जाकर, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील लंबित न हो। कंपनी ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत यदि एक संयोजन पर एक से अधिक प्रकरण दर्ज हैं तो एक साथ सभी प्रकरणों का भुगतान एक मुश्‍त किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी एक संयोजन पर एक से अधिक विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 में प्रकरण दर्ज है तो उपभोक्‍ता को वितरण केन्‍द्र/ जोन पर संपर्क कर आवेदन करना होगा।  

     

  • राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास साइबर भारत सेतु पर दो दिवसीय कार्यशाला

    भोपाल
    प्रदेश में डिजिटल संचालन और सेवाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास "साइबर भारत सेतु'' ब्रिजिंग स्टेट्स,सिक्योरिंग भारत पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 18 एवं 19 सितम्बर को भोपाल में होटल पलाश में प्रात: 10 बजे से किया जा रहा है। कार्यशाला मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और इण्डियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम के संयुक्त तत्वावधान में होगी। कार्यशाला का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए डिजिटल बुनियादी ढाँचे को सुरक्षित करने और साइबर खतरों से निपटने की दिशा में क्षमता निर्माण करना है।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे के मार्गदर्शन में कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला स्तर के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में सीईआरटी-इन के वैज्ञानिक-ई श्री आशुतोष बहुगुणा, श्री शशांक गुप्ता और मोहित कटारिया भी उपस्थित रहेंगे।

     

  • तेज रफ्तार कंटेनर ने दुर्ग में मचाई तबाही, 8 गायें कुचलीं, चालक दबोचा गया

    दुर्ग
    बाफना टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर चल रही आठ गायों को कुचल दिया। हादसे में सभी गायों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार देर रात हुई। सूत्रों के मुताबिक कंटेनर राजनांदगांव से दुर्ग की ओर आ रहा था। चालक की लापरवाही के कारण गायें उसकी चपेट में आ गई।

    घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल विभाग संयोजक सौरभ देवांगन, जिला सह गौरक्षा प्रमुख उमेश साहू, नगर संयोजक बलदाऊ साहू, सह संयोजक मिलाप निषाद, सह संयोजक नीतेश यादव, विद्यार्थी प्रमुख वंश राजपूत, सुरक्षा प्रमुख चमनराज कुंभकार सहित अन्य मौके पर पहुंचे।
     
    विभाग संयोजक सौरभ देवांगन ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद कंटेनर चालक मौके से भाग निकला जिसे दौड़ाकर टोल टैंक के पास पकड़ा गया। बजरंगियों ने कंटेनर चालक को पुलिस के हवाले किया। बजरंग दल के सदस्यों ने इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग प्रशासन से की है।

    संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो बड़ा आंदोलन होगा। मौके पर कार्यकर्ताओं और प्रशासन की मौजूदगी में मृत गायों का अंतिम संस्कार किया गया। कोतवाली पुलिस द्वारा इस मामले में अपराध पंजीबद्ध किया जा रहा है।

    मवेशियों को रखने के लिए मांगा गोठान
    नगर निगम दुर्ग क्षेत्र में मवेशियों को रखने के लिए मात्र एक गोठान है। इसमें क्षमता से अधिक संख्या में मवेशियों को रखा गया है। निगम प्रशासन द्वारा घुमंतु मवेशियों को रखने के लिए जनपद पंचायत दुर्ग को पत्र लिखकर दुर्ग निगम क्षेत्र से लगे गोठानों को दिए जाने की मांग की गई है। इन गोठानों को गोधाम के रूप में संचालित किया जाएगा।

  • राज्यपाल पटेल ने रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर का लिया जायज़ा

    मानवता के महादान प्रसंग का साक्षी बना राजभवन

    भोपाल
    मानवता के महादान रक्तदान का राजभवन बुधवार को साक्षी बना। विदित हो कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर रक्तदान और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम से वापस आकर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सीधे राजभवन के शिविर में पहुंचे। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। शिविर में रक्तदान के लिए उपस्थित रक्त-दाताओं से चर्चा की। स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी प्राप्त की। रक्त दान-दाताओं का उत्साहवर्धन कर फलों की टोकरी उपहार स्वरूप भेंट की।

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को बताया गया कि शिविर में स्वेच्छा से कुल 82 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। दान-दाताओं में राज्य‌पाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और विधि अधिकारी श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। रक्तदाताओं में 13 महिलाएं और 69 पुरुष शामिल थे। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के दौरान स्त्रीरोग, नेत्ररोग और मेडिसन रोग विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य किया। शिविर के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ ने तीन महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नेत्ररोग विशेषज्ञों ने 75 महिला पुरूष के स्वास्थ्य की जाँच की। इसी तरह मेडिसन रोग विशेषज्ञों के द्वारा 30 नागरिकों को परामर्श सेवाएं प्रदान की। शिविर में विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य जाँच सुविधा से कुल 118 नागरिक लाभान्वित हुए।

    उल्लेखनीय है कि शिविर का शुभारम्भ बुधवार की प्रातः राजभवन के सांदीपनि सभागार में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया था। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी श्री रामेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

     

  • PM मोदी बर्थडे: BJP सांसद का सेवा भाव, बच्चों की सेवा कर मनाया खास दिन

    रीवा
    मध्यप्रदेश के रीवा जिले में सांसद जनार्दन मिश्रा का अनोखा अंदाज देखने को मिला। सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत मंगलवार को वे बड़ागांव पंचायत पहुंचे, जहां उन्होंने मुसहर समाज के बच्चों को खुद नहलाया, उनके नाखून काटे और गंदे कपड़े भी धोए।
     
    सांसद ने इस मौके पर ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छता का महत्व समझाते हुए कहा कि साफ-सुथरे रहकर ही स्वस्थ जीवन संभव है। उन्होंने समझाया कि बच्चों की नियमित साफ-सफाई और स्वच्छ कपड़े पहनाना उतना ही जरूरी है, जितना उनकी पढ़ाई। मिश्रा ने बच्चों को नहलाने और कपड़े धोने के बाद उन्हें स्कूल भेजने के लिए तैयार भी किया। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ बच्चों की स्वच्छता पर ध्यान दें, क्योंकि जब बच्चे साफ-सुथरे होकर स्कूल जाएंगे तभी उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे शिक्षा के महत्व को समझ पाएंगे।

    गांव में मौजूद लोग सांसद को बच्चों को नहलाते और कपड़े धोते देख हैरान रह गए। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सांसद मिश्रा अपने अलग अंदाज से चर्चा में आए हैं। इससे पहले भी वे स्वच्छता अभियान के तहत खुद हाथों से शौचालय साफ कर चुके हैं, जो उस समय भी खूब चर्चा का विषय बना था।

  • चुनाव में धांधली का आरोप, सचिन पायलट ने BJP और चुनाव आयोग को घेरा

    बेलतरा
    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की 'वोट चोर-गद्दी छोड़' यात्रा का आज दूसरा दिन रहा। बेलतरा में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी की मिलीभगत से करोड़ों वोटर्स के नाम काट दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग जिंदा हैं, उन्हें मरा बता दिया गया और उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। बीजेपी वोट चोरी कर सत्ता में आई है।
     
    कांग्रेस नेताओं ने दिखाई एकजुटता
    सचिन पायलट के साथ यात्रा में पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और ताम्रध्वज साहू भी शामिल रहे। पायलट ने गुटबाजी के सवाल पर कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में किसी तरह का मतभेद नहीं है, सभी नेता एक मंच पर एकजुट होकर मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं।

    सरकार पर गंभीर आरोप
    पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार को जनता से कोई लेना-देना नहीं है। न बिजली, न खाद, न अस्पताल… सरकार केवल सत्ता बचाने के लिए वोट चोरी कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस करोड़ों लोगों का हस्ताक्षर अभियान चला रही है, जिसे दिल्ली ले जाकर चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा।

    रायगढ़ में बड़ा बयान
    रायगढ़ में पायलट ने भाजपा पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि "जिस दिन कांग्रेस बहुमत से दूर रही और भाजपा ने अभी शपथ भी नहीं ली थी, उसी दिन कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई। यह जंगल और देश की संपत्ति की चोरी है।"
     
    वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस
    सचिन पायलट ने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी वोट चोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी और इसी वजह से यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है और आने वाले समय में यह भाजपा के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन बनेगा।

     

  • मुख्यमंत्री साय बोले – प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुरू हुई स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान विकसित भारत की ठोस नींव साबित होगी

    स्वस्थ मां ही सशक्त समाज की निर्माता: प्रधानमंत्री मोदी

    मुख्यमंत्री और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री हजारों महिलाओं के साथ वर्चुअली शामिल हुए

    17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशभर में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन

    प्रधानमंत्री ने 8वें राष्ट्रीय पोषण माह का भी किया शुभारंभ

    रायपुर,

    प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के धार जिले से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान और 8वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी भी आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम से हजारों महिलाओं के साथ इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर इन अभियानों के शुभारंभ के साक्षी बने। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और पोषण कैलेंडर का विमोचन किया।

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि विकसित भारत की यात्रा नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान, इन चार स्तंभों पर टिकी है और यह अभियान इस लक्ष्य को नई मजबूती देगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशभर में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें टीबी, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच व दवाई उपलब्ध होगी। उन्होंने माताओं-बहनों से अपील की कि वे इन शिविरों में जरूर जाएं ताकि किसी भी महिला को जानकारी के अभाव में गंभीर बीमारी का सामना न करना पड़े।

     प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र का मुख्य आधार है और मां के स्वस्थ होने से परिवार के साथ-साथ समाज भी सशक्त होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 4.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 19 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज को सुरक्षित करने के लिए सिकल सेल एनीमिया मिशन की शुरुआत शहडोल से की गई थी। अब तक 5 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है और 1 करोड़ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने गरीबों और किसानों को योजनाओं के केंद्र में बताते हुए कहा कि मुफ्त राशन से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, सरकार की हर योजना गरीब के जीवन को बदलने के लिए है। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं और यह मोदी की गारंटी है।

    प्रधानमंत्री  मोदी ने पीएम मित्र पार्क और पीएम विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इससे लाखों रोजगार सृजित होंगे और छोटे कारीगरों को नई पहचान मिलेगी। त्योहारों के अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “जो भी खरीदें, वह स्वदेशी हो, ताकि पैसा देश में रहे और विकास की गति तेज हो।

      मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और नेतृत्व ने भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है। नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान को विकसित भारत के चार स्तंभ मानकर जो योजनाएं उनके नेतृत्व में शुरू की गई हैं, वे देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में महिलाओं की टीबी, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच व दवाई उपलब्ध कराई जाएगी। यह मातृशक्ति के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान और सिकल सेल एनीमिया मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों महिलाओं और आदिवासी भाई-बहनों का जीवन सुरक्षित हुआ है। इसी तरह पीएम मित्र पार्क और पीएम विश्वकर्मा योजना लाखों युवाओं और कारीगरों को रोजगार व पहचान दिला रही है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों के परिणामस्वरूप 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जो उनके संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है।  साय ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वदेशी अपनाने का आह्वान हर भारतीय के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर प्रारंभ हुई ये योजनाएं विकसित भारत के संकल्प की ठोस नींव हैं।

    मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के स्टालों का किया अवलोकन

    मेधावी छात्राओं का किया सम्मान, पोषण कैलेंडर का किया विमोचन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कृषि मंडमप में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पोषण माह कैलेंडर का विमोचन किया। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मेधावी छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित स्वास्थ्य शिविर और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों का अवलोकन कर जानकारी लीं। विशेष रूप से पोषण संगोष्ठी, हमर स्वस्थ लइका, रेडी-टू-ईट, छत्तीसगढ़ के मिलेट्स, मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, बाल विवाह मुक्त अभियान, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी जांच, ईएनटी, सिकल सेल जांच, किशोरी स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य के लिए केंद्रित स्टालों को देखा और आगंतुकों से शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में चर्चा की।

    मुख्यमंत्री ने पोषण रथ को दिखाई हरी झंडी, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाया चंदन का पौधा

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 8वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी वाहन प्रदेश के जिलों का भ्रमण कर माताओं-बहनों को पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी जानकारी देगी। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चंदन के पौधे लगाये।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  राजेश मूणत, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक  सुनील सोनी भी उपस्थित रहे।

     

  • पीएम सूर्यघर योजना में डबल सब्सिडी से डबल हुई आवेदन और स्थापना की गति

    अब तक 58,500 आवेदन, 6,500 स्थापना व 17,000 स्थापना प्रक्रियाधीन

    हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहा आकर्षण

    सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले लोग चाहने लगे आत्मनिर्भरता

    रायपुर,

     प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से आवेदनों तथा रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की औसत मासिक संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से शून्य बिजली बिल की ओर कदम बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयार हो रहे हैं, जिसका असर आने वाले महीनों में बड़ी उपलब्धि के रूप में दिखाई पड़ेगा। शासन की मंशानुसार उपभोक्ताओं का रुझान अब सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले आत्मनिर्भरता की तरफ बढने लगा है।

    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक किलोवाट के लिए 30,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 60,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए 78,000 रूपये सब्सिडी प्रदान की जा रही थी। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 18 जून, 2025 को आयोजित राज्य मंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से भी सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक किलोवाट के लिए 15,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 30,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए भी 30,000 रूपये सब्सिडी देने की घोषणा की गई। जिससे एक से लेकर तीन किलोवाट तक कुल सब्सिडी क्रमशः 45,000 रूपये, 90,000 रूपये तथा 1,08,000 रूपये हो गई है। मार्जिन मनी के लिए बैंकों से 10 वर्षों के लिए 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर राज्य सब्सिडी का प्रदाय जल्दी से जल्दी करने के निर्देश दिये गये। जिसके कारण 8 सितम्बर को आयोजित एक कार्यक्रम में 618 हितग्राहियों के बैंक खाते में 1.85 करोड़ रूपये की सब्सिडी उनके बैंक खातों में अंतरित कर दी गई। साथ ही यह व्यवस्था की गई है कि अब स्थापना के एक माह के भीतर स्टेट सब्सिडी दे दी जाएगी। इस तरह उपभोक्ताओं का विश्वास तथा उत्साह तेजी से बढ़ा है। राज्य सब्सिडी घोषित होने के पूर्व औसत मासिक आवेदनों की संख्या 1,607 थी तथा स्थापनाओं की सख्या 337 थी। वहीं 18 जून को स्टेट सब्सिडी घोषित होने के बाद आवेदनों की औसत मासिक सख्या 3,906 हो गई है तथा स्थापनाओ की औसत प्रतिमाह सख्या 744 हो गई है।

    इस तरह अब प्रदेश में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए काफी उत्साह देखा जा रहा है। कुल आवेदनों की संख्या 58,500 हो गई है, जिनमें से 6,500 घरों में रूफटॉप सोलर पेनल लगाये जा चुके हैं तथा 17,000 का कार्य प्रगति पर है।

  • उज्जैन हाईकोर्ट ने महाकाल मंदिर समिति की नियुक्तियों पर लगाई तल्खी, कलेक्टर को 3 महीने में जवाब देने का निर्देश

    उज्जैन 

    विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पुरोहित और मंदिर समिति के 306 कर्मचारी की नियुक्ति को हाईकोर्ट इंदौर में लगाई गई याचिका में अवैध बताया है।

    उज्जैन की याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने मंदिर में पूजन पाठ कर रहे पुजारी पुरोहित और कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल उठाया है।

    उन्होंने कहा है कि मंदिर समिति ने न तो किसी अखबार में विज्ञप्ति निकाली। न ही कोई टेस्ट लिया। समिति ने बिना किसी आधार पर नियुक्ति की है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए उज्जैन कलेक्टर से पूरे मामले में 3 माह में जवाब मांगा है।

    उज्जैन के फ्रीगंज क्षेत्र में रहने वाली सारिका गुरु ने 16 जून 2025 को इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए 1 सितंबर को हुई सुनवाई में उज्जैन कलेक्टर से जवाब मांगा है। उज्जैन की सारिका गुरु ने कहा कि मंदिर परिसर के 40 मंदिरों में नियुक्त पुजारी पुरोहित और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारी की नियुक्ति अवैध है।

    नियुक्ति का आधार क्या- सारिका गुरु ने मंदिर समिति से आरटीआई में पुजारी पुरोहित और कर्मचारियों की नियुक्ति के संबध में दस्तावेज मांगे थे। जिसमें पूछा था कि मंदिर परिसर के 40 मंदिरों में पुरोहित पुजारी और मंदिर में 300 से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति किस आधार पर की गई। इसके लिए क्या के मापदंड तय किए गए। किस पेपर में विज्ञप्ति निकाली गई।

    जब मंदिर समिति ने गोपनीय दस्तावेज का हवाला देकर किसी भी प्रकार के दस्तावेज देने से इंकार कर दिया और मंदिर समिति ने दस्तावेज नहीं उपलब्ध करवाए थे। 7 फरवरी को राज्य सूचना आयोग में अपील की। जिसका 30 अक्टूबर 2023 को जवाब आया। इसके बाद भी याचिकाकर्ता को किसी भी तरह के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

    जिसके बाद सारिका गुरु ने नवंबर माह में महाकाल मंदिर के कर्मचारियों और पुरोहित की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज मंदिर समिति और राज्य सूचना आयोग द्वारा उपलब्ध नहीं करने को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में 12 नवंबर 2023 को याचिका लगाई थी।

    आरोप 19 मंदिरों का एक पुजारी कैसे याचिकाकर्ता सारिका गुरु ने बताया कि महाकाल मंदिर परिसर में स्थित 19 मंदिरों में एक ही पुजारी की नियुक्ति की है। यह अवैध है। आखिरकार कैसे एक ही पुजारी 19 मंदिरों का कामकाज देख सकता है। मंदिर में बिना वेरिफिकेशन दस्तावेज की जांच और बिना विज्ञप्ति जारी किए अपनों को समिति ने नियुक्ति दे दी है।

    मंदिर की सूची में ये हैं पुजारी और पुरोहित

        16 पुजारी : गौरव शर्मा, दिलीप शर्मा, विजय शंकर शर्मा, विजय शर्मा, श्रीराम शर्मा, गणेश नारायण शर्मा, संजय शर्मा, अजय शर्मा, कैलाश नारायण शर्मा, अमर शर्मा, स्व. शांति कुमार, राजेश शर्मा, घनश्याम शर्मा, दिनेश त्रिवेदी और कमल शर्मा है।

        22 पुरोहित : शरदचंद्र व्यास, विनोद व्यास, राधेश्याम शास्त्री, कौशल व्यास, चंद्र शेखर शर्मा, सुभाष शर्मा, बालकृष्ण जोशी, अजय शर्मा, स्व. सूर्यनारायण जोशी, नीरज शर्मा, विजय उपाध्याय, लोकेंद्र व्यास, अशोक शर्मा, स्व. रवि पंडित, दीपक भट्ट, मुकेश शर्मा, स्व. गणेश नारायण, विपुल चतुर्वेदी, गोपाल व्यास, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा और विश्वास कराड़कर है।

  • गहरी नींद में सो रहे पति पर पत्नी का खौफनाक हमला, खौलते पानी के बाद हथौड़े से प्रहार

    ग्वालियर
    हर बार पति ही जुर्म नहीं करते. कुछ पत्नियां ऐसी भी होती हैं जो अपने पतियों पर जुर्म करती हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है मध्य प्रदेश के ग्वालियर से. यहां एक पति पर उसकी पत्नी ने पहले को खौलता हुआ पानी डाल दिया. जलन होने पर पति की नींद खुली. उसने पत्नी का विरोध करना चाहा, मगर पत्नी ने उस पर हथौड़े से हमला कर दिया. पति को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. यहां उसका इलाज जारी है.

    फिलहाल पुलिस ने पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. मामले में जांच जारी है. पूरा मामला ग्वालियर जिले के भितरवार कस्बे के वार्ड क्रमांक 3 का है. यहां पर खेती किसानी का काम करने वाला आकाश जाटव मंगलवार की सुबह गहरी नींद सो रहा था. तभी अचानक पत्नी पूजा ने पहले तो अपने पति आकाश के कान में गर्म पानी डाला, जिससे तिलमिलाकर उठे पति आकाश ने इसका विरोध किया. फिर पत्नी पूजा ने भगौने में बचा पूरा खौलता हुआ पानी उसके ऊपर डाल दिया.

    पत्नी पूजा का इससे भी मन नहीं भरा तो उसने अपने पति पर हथौड़े से वार कर दिया. गर्म पानी से झुलसे और हथौड़े की मार से चोटिल हुए आकाश को परिजन तुरंत भितरवार स्थित स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने वहां आकाश का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे ग्वालियर रेफर कर दिया है.

    पति ने लगाए गंभीर आरोप
    पति के मुताबिक पत्नी उससे आए दिन गालीगलौच और मारपीट करती है. लेकिन इस बार तो उसने हद ही पार कर दी. पहले पत्नी ने सारा सामान बाहर फेंक कर सभी को घर के बाहर ही बैठा दिया. फिर खुद अंदर से चटखनी लगाकर बैठ गई. इसके बाद जब वो लोग बाहर ही सो गए तो पत्नी ने ऐसी हरकत की.

    ‘मानसिक रूप से बीमार पत्नी’
    पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है. मगर जब हमने इनके पड़ोसियों से बात की तो पता चला पत्नी पूजा मानसिक रूप से बीमार है. दंपति के दो बच्चे भी हैं. फिलहाल केस की जांच जारी है. पता लगाया जा रहा है कि वाकई पत्नी को कोई बीमारी है या फिर ये सिर्फ मनगढ़ंत कहानी है.

     

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – शिक्षा ही सफलता की कुंजी, सेवा ही जीवन का आधार

    रायपुर

     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा अनिवार्य है। शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मूल आधार है।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ, उच्च शिक्षा विभाग एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेशभर के महाविद्यालयों में रक्तदान सहित विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने रक्तदान कर रहे युवाओं से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन रक्षा का माध्यम है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह सबसे बड़ा दान है, जिसे बार-बार किया जा सकता है।

    विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा सहित अनेक क्षेत्रों में समृद्ध है। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की पहचान पूरे देश में है। नक्सलवाद जैसी बाधाओं को सुरक्षा बलों के साहस और निरंतर अभियानों से समाप्त किया जा रहा है। जल्द ही बस्तर में विकास की गंगा बहेगी और एक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उच्च शिक्षा विभाग में 700 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने एनएसएस को समाज को जोड़ने वाला सशक्त विचार बताया।

    कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा का भाव निहित है और रक्तदान सबसे बड़ा दान है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराते हुए उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।

    सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सेवा जीवन का सार है। रक्तदान या शिक्षा—किसी भी माध्यम से सेवा जीवन को यशस्वी बनाती है।

    कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवांगन, कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, कुलसचिव प्रो. अम्बर व्यास सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण में बेटियों ने सीखी आत्मरक्षा की तकनीकें: मंत्री सारंग

    ’सेवा पर्मो धर्मः’ की भावना के साथ राष्ट्र सेवा व जनकल्याण के लिये कार्य करें युवा : मंत्री  सारंग

    मंत्री  सारंग ने किया रक्तदान शिविर का शुभारंभ

    महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण में बेटियों ने सीखी आत्मरक्षा की तकनीकें: मंत्री  सारंग

    भोपाल

    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत बुधवार को तात्या टोपे खेल स्टेडियम, भोपाल में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर एवं खिलाड़ियों द्वारा सेवा कार्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्री  सारंग ने स्कूली छात्राओं व खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले के भैंसोला में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास एवं स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा।

    रक्तदान: जीवनदान का पवित्र कार्य

    रक्तदान शिविर में खिलाड़ियों और युवाओं में काफी उत्साह था। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने रक्तदान कर मानवता का संदेश दिया। मंत्री  सारंग ने कहा कि रक्तदान निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। यह केवल एक मानवीय कर्तव्य नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का पवित्र कार्य है। उन्होंने कहा कि आज के दिन खिलाड़ियों ने जिस उत्साह के साथ रक्तदान किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनने की प्रक्रिया तेज़ होती है। समय-समय पर रक्तदान से शरीर में आयरन का संतुलन बना रहता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। रक्तदान करने से आत्मिक शांति और संतोष की अनुभूति होती है। कहा भी गया है "रक्तदान महादान है।"

    मंत्री  सारंग ने कहा कि खेल और समाजसेवा का यह अनूठा संगम युवाओं को नई दिशा देगा। हमारा उद्देश्य है कि युवा उत्कृष्ट खिलाड़ी के साथ ही समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जब खेल भावना और सेवा भावना मिलती है, तो राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और भी सशक्त होती है। कार्यक्रम में छात्राओं और महिलाओं के लिये महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की भी शुरुआत की गई, जिसमें प्रशिक्षकों ने आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से लें प्रेरणा

    मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जीवन सेवाभाव और राष्ट्रहित को समर्पित है। गरीब परिवार में जन्म लेकर कठिन संघर्षों के बाद देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं और आज विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ‘सेवा पर्मो धर्मः’ की भावना के साथ युवाओं को राष्ट्र सेवा और जनकल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। सेवा पखवाड़ा उसी प्रेरणा का प्रतीक है, जो युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश देता है।

    महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास

    कार्यक्रम के अंतर्गत महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में छात्राओं और महिलाओं ने मार्शल आर्ट अकादमी के प्रशिक्षकों से आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकें सीखीं। यह प्रशिक्षण महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी जगाता है।मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि बहन-बेटियां हर परिस्थिति में सुरक्षित और सशक्त रहें। इस प्रकार के शिविर उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से मजबूत बनाते हैं।

    सेवा पखवाड़ा में विविध आयोजन

    खेल और युवा कल्याण विभाग ने सेवा पखवाड़ा के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया है। इनमें रक्तदान शिविर, महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण, वृद्धाश्रम और अनाथालय में खिलाड़ियों द्वारा सहयोग और भोजन वितरण, शासकीय अस्पतालों में सेवा कार्य, अनाथाश्रम के बच्चों का स्टेडियम भ्रमण, खेलकूद प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान और नमो मैराथन जैसे आयोजन शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खेल, युवा और समाजहित को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

     

  • रोज़ाना विवाद से परेशान कोचिया ने शराब में मिलाया सुहागा, दो युवकों की मौत

    जांजगीर चांपा

    शराब पीने से दो युवकों की मौत की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा ली. एसपी विजय कुमार पांडेय ने आज मामले का खुलासा किया. पुलिस ने दो आरोपी शराब कोचिया भोला टंडन उर्फ सुरेंद्र टंडन और अनिल टंडन को गिरफ्तार किया है. दोनों ने शराब में सुहागा मिलाकर सूरज और मनोज कश्यप को बेचा था, जिसे पीने के बाद दोनों युवकों की मौत हुई थी.

    एसपी ने बताया शराब पीकर आए दिन विवाद करने से परेशान होकर आरोपी सुरेंद्र टंडन ने हत्या की साजिश रची थी और अपने चचेरे बड़े भाई के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था. आरोपी भोला टंडन उर्फ सुरेंद्र टंडन और अनिल टंडन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. आरोपियों के कब्जे से सुहागा रेपर एवं बड़ा सूजा बरामद किया गया है.

    ये है पूरा मामला
    15 सितंबर को मृतक सूरज यादव एवं मनोज कश्यप निवासी ग्राम करही थाना बिर्रा दोनों एक साथ शराब लेने के लिए गांव के शराब विक्रेता सुरेन्द्र उर्फ भोला टंडन के पास सुबह करीब 7 बजे पहुंचे थे. शराब खरीदकर एक दुकान से चखना खरीदा और वहीं बैठकर दोनों ने शराब पी. इसके तुरंत बाद दोनों की तबियत अचानक खराब होने से उन्हें तत्काल इलाज के लिए राधा कृष्ण अस्पताल सारंगढ़ ले जाया गया, जहां दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई. थाना सारंगढ में मर्ग कायम कर जांच पंचनामा कार्रवाई की गई. इसकी सूचना मिलते ही जांजगीर पुलिस सक्रिय होकर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना बिर्रा पुलिस ने असल मर्ग कायम किया.

    शराब पीने से दो युवकों की मौत होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में मर्ग जांच के दौरान घटना स्थल का निरीक्षण किया गया. मृतक के परिजनों व गवाहों का बारिकी से कथन एवं पीएम रिपोर्ट का अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाया गया. थाना बिर्रा में अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया.

    दोनों युवकों की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई. टीमो ने प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं एवं साक्ष्य के आधार पर प्राप्त सूचना पर संदेही आरोपी भोला टण्डन उर्फ सुरेन्द्र टंडन निवासी ग्राम करही को हिरासत में लेकर पूछताछ की. सभी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार किया.

    आरोपी सुरेंद्र ने बताया कि मृतक सूरज यादव एवं मनोज कश्यप आए दिन मेरे दुकान, घर में आकर शराब पीकर विवाद करता था और पुलिस से पकड़वा देने की बात कहकर धमकी देता था. दोनों युवकों से रोज शराब पीकर वाद विवाद करने से काफी परेशान होकर मैंने अपने चचेरा भाई अनिल टंडन को पूरी बात बताई और हम दोनों ने मिलकर दोनों युवकों को जान से मारने की योजना बनाई.

    सुरेंद्र ने बताया कि मैंने अपने चचेरे भाई अनिल को अंग्रेजी शराब एवं सुहागा का व्यवस्था करने बोला. 14 सितंबर को शाम करीबन 6 बजे अनिल टंडन ने आरोपी भोला टंडन को एक अंगेजी जिप्सी शराब का पाउवा एवं सुहागा दिया, जिस पर आरोपी भोला राम टंडन ने उक्त शराब में सुहागा को रात्रि में मिलाकर रख लिया था. 15 सितंबर को सुबह जब मृतक मनोज कश्यप एवं सुरज यादव उसके पास शराब लेने आया तो आरोपी भोला टंडन ने योजना के मुताबिक उक्त सुहागा मिले शराब को उनके हत्या करने की नियत से उन्हें बेचा, जिसे पीने से दोनों युवको की तत्काल तबियत बिगड़ी और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई.

    गिरफ्तार आरोपी
        भोला टंडन उर्फ सुरेन्द्र टंडन पिता शिवनाथ टंडन उम्र 25 साल निवासी करही थाना बिर्रा।
        अनिल टंडन पिता शिवनाथ टंडन उम्र 35 साल निवासी करही थाना बिर्रा जिला जांजगीर-चाम्पा

     

  • लगातार 350 दिन बिजली उत्पादन कर अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व कार्मिकों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से 210 मेगावाट स्थापित क्षमता की यूनिट लगातार 350 दिन तक संचालित होने में सफल हुई। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में यह प्रथम विद्युत उत्पादन यूनिट है जिसने लगातार 350 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड स्थापित किया। इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 15 दिन में यह यूनिट लगातार 365 दिन का सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाएगी।

    अमरकंटक ताप विद्युत 210 मेगावाट क्षमता की यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इससे पूर्व इस यूनिट ने इस यूनिट ने 27 अगस्त 2023 से 22 जून 2024 तक 300 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया था।इस यूनिट के सतत् बिजली उत्पादन करने से प्रदेश की बिजली की आपूर्ति को विश्वसनीय बनाने के पावर जनरेटिंग कंपनी के उद्देश्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

    विभिन्न मापदंडों में भी मिली उपलब्धि-210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 350 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान अर्जित किया तब इसने विभिन्न मापदंडों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यूनिट ने 98.71 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ), 95.97 फीसदी प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ) व 9.18 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की।

    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई व मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने अमरकंटक ताप विद्युत गृह के यूनिट नंबर 5 के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई देते हुए उनकी सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, कड़ी मेहनत व प्रतिबद्धता से लक्ष्य अर्जित करने का यह सर्वश्रेष्ठ व अनुकरणीय उदाहरण है।

     

  • धारा 126 मामलों में उपभोक्ताओं को बड़ी छूट, 2 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक की मिली राहत

    उपभोक्‍ताओं को धारा 126 के प्रकरणों में दी 02 करोड़ 68 लाख से अधिक की छूट

    30 सितंबर तक छूट प्राप्‍त करने का अवसर, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन करें आवेदन

    भोपाल
    म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के उपभोक्‍ताओं के लिए धारा 126 में लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में अब तक  कंपनी कार्यक्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को लंबित प्रकरणों में 02 करोड़ 68 लाख 66 हजार की छूट प्रदान करते हुए 5995 प्रकरणों का निपटान किया गया है। कंपनी ने बताया कि भोपाल क्षेत्र में कुल 4596 प्रकरणों में 01 करोड़ 67 लाख 46 हजार की छूट प्रदान करते हुए 02 करोड़ 58 लाख, 99 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। इसी तरह ग्‍वालियर क्षेत्र में कुल 1399  प्रकरणों में 01 करोड़ 01 लाख 20 हजार की छूट प्रदान करते हुए 01 करोड़ 67 लाख 45 हजार रूपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं।

    उपभोक्‍ता धारा 126 के प्रकरणों में छूट का लाभ लेना चाहते हैं उन्‍हें ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन 30 सितंबर तक लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए उपभोक्‍ता कंपनी पोर्टल पर जाकर प्रदर्शित क्विक लिंक टैब में “Rebate As lokadalat in section 126” पर क्लिक कर आवेदन प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी के portal.mpcz.in पोर्टल पर कंज्‍यूमर आईडी की प्रविष्टि करते ही उपभोक्‍ता को धारा-126 में दर्ज लंबित प्रकरण प्रदर्शित होगा। उपभोक्‍ता को लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट प्राप्‍त किए जाने के लिये “उपभोक्‍ता के परिसर या अन्‍य परिसर पर संयोजन के विरूद्ध विद्युत देयक की बकाया राशि नहीं है तथा विचाराधीन प्रकरण पर धारा 127 के अंतर्गत गठित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष या किसी अन्‍य न्‍यायालय के समक्ष कोई अपील लंबित नहीं है न ही निर्णित है“ सत्‍यापित कर सबमिट करना होगा। इसके बाद उपभोक्‍ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्‍प चयन कर भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिये उपभोक्‍ताओं के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्‍द्र/जोन पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्‍ध है।

    कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रूपए तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महाप्रबंधक को दिया जाकर, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील लंबित न हो। कंपनी ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत यदि एक संयोजन पर एक से अधिक प्रकरण दर्ज हैं तो एक साथ सभी प्रकरणों का भुगतान एक मुश्‍त किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी एक संयोजन पर एक से अधिक विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 में प्रकरण दर्ज है तो उपभोक्‍ता को वितरण केन्‍द्र/ जोन पर संपर्क कर आवेदन करना होगा।