• प्रदेश के 9 हजार 307 सरकारी स्कूलों में हुई पीटीएम, 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर हुई चर्चा

    भोपाल

    प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक के 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों की त्रैमासिक परीक्षा के बाद शैक्षणिक प्रगति के मूल्यांकन के लिये अभिभावकों और शिक्षकों की मीटिंग (पीटीएम) हुई। त्रैमासिक परीक्षा में 22 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे।

    पीटीएम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य पालक और विद्यालय के बीच सहयोगात्मक साझेदारी का निर्माण कर विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिये एक सहायक वातावरण निर्मित करना है। पीटीएम के जरिए पालक को अपने बच्चे की शैक्षणिक प्रगति व्यवहार और सामाजिक, भावनात्मक विकास को समझने में सहायता मिली है। पीटीएम के माध्यम से शिक्षकों को भी विद्यार्थियों के पारिवारिक परिवेश के बारे में जानकारी मिली है। यह परस्पर संवाद विद्यार्थियों के विभिन्न आयामों में सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता करता है। इस प्रक्रिया के बाद स्कूल शिक्षा विभाग को विद्यालय में शैक्षिक प्रगति के लिये प्रभावी रणनीति बनाने में सहायता मिलेगी।

    लोक शिक्षण संचालनालय ने पीटीएम व्यवस्था के मूल्यांकन के लिये विभाग के सभी संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को दल गठित कर न्यूनतम 10-10 विद्यालयो का भ्रमण कर प्रतिवेदन भेजने के निर्देश भी दिए है।

     

  • राज्य पुलिस सेवा से IPS में पदोन्नति की तैयारी, इस साल पांच अफसरों को मिलेगा मौका

     भोपाल
     राज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारी इस वर्ष आईपीएस संवर्ग में पदोन्नत हो जाएंगे। अगले वर्ष एक जनवरी 2025 की स्थिति में सात को पदोन्नति मिलनी है। यह सभी 1998 बैच के होंगे। यानी, अभी 27 वर्ष की सेवा के बाद भी वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ही हैं।

    बड़े-बड़े बैच, हर पांच वर्ष में काडर रिव्यू नहीं होने सहित कई कारणों से मप्र के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति में अन्य राज्यों से काफी पीछे हैं। वर्ष 2025 में सात पदों के लिए डीपीसी की तैयारी शासन अक्टूबर-नवंबर से प्रारंभ कर सकता है। इनकी डीपीसी लगभग एक वर्ष पीछे चल रही है।

    बता दें कि कर्नाटक में 2012, तेलंगाना, गुजरात और आंध्र प्रदेश में 2010 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नत होकर आइपीएस बन चुके हैं, पर प्रदेश में अभी वर्ष 1998 का ही पूरा बैच पदोन्नत नहीं हो पाया है। उधर, प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2006 के अधिकारी आईएएस में पदोन्नत हो चुके हैं।

    राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी लंबे समय से शासन से मांग कर रहे हैं कि छोटे जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए, पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जबकि यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में पहले लागू रही है। शशिकांत शुक्ला, रमन सिंह सहित कई अधिकारी दो जिलों में एसपी रहने के बाद आइपीएस बने। अब कई वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है।

  • P ट्रांसको पेंशनर्स के लिए खुशखबरी! अब ऑनलाइन मिलेगी कैशलेस स्वास्थ्य योजना की सुविधा

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अपने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को बिजली कंपनियों की कैशलेस स्वास्थ्य योजना का लाभ देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। एम.पी ट्रांसको के पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स विश्व के किसी भी कोने से गूगल फॉर्म लिंक के द्वारा भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं । एम.पी. ट्रांसको ने परिवार के सदस्यों के लिए एक हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की है, जहां से आवश्यक जानकारी परिवार के सदस्य प्राप्त कर सकते है।

    एम.पी. ट्रांसको के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री मुकुल महरोत्रा ने बताया कि कंपनी के 4520 पेंशनर्स के लिए आवश्यक फॉर्म वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिये गये है और इसके अलावा एक समर्पित ईमेल भी क्रिएट किया गया है जिसमें फॉर्म भेजे जा सकते है।

    श्री महरोत्रा ने आगे बताया कि कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है, पेंशनर्स गूगल फॉर्म लिंक, वेबसाइट या ईमेल के द्वारा सॉफ्ट कॉपी में भी 30 सितंबर 25 तक आवेदन कर पुष्टि के लिये बाद में हार्ड कॉपी किसी भी माध्यम से जमा करवा सकते है। एम.पी. ट्रांसको ने ऐसी व्यवस्था की है कि हार्ड कॉपी के लिए किसी को मुख्यालय जबलपुर आने की बाध्यता नहीं रहेगी। एम.पी. ट्रांसको के प्रदेश भर के सभी संभागीय या वृत कार्यालय तथा इंदौर, भोपाल या जबलपुर स्थित क्षेत्रीय लेखा कार्यालय या डिप्टी डायरेक्टर (पेंशन), मुख्य वित्तीय अधिकारी जबलपुर के कार्यालय में हार्ड कॉपी जमा करवाई जा सकती है।

     

  • नर्सिंग कॉलेज घोटाले में बड़ा अपडेट, हाईकोर्ट के आदेश पर याचिकाकर्ता को सीबीआई ने दी रिपोर्ट

    जबलपुर 

    जांच में उपयुक्त पाए गए नर्सिंग कॉलेज का डेटा सीबीआई की तरफ से जबलपुर हाईकोर्ट में पेश किया गया। हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल के निर्देश पर सीबीआई ने जांच डेटा याचिकाकर्ता को प्रदान किया। याचिका पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज की मान्यता से संबंधित फर्जीवाड़े के खिलाफ लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश में संचालित नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने उपयुक्त, अनुपयुक्त तथा आंशिक कमी वाले कॉलेजों की सूची हाईकोर्ट में पेश की थी।

    फैकल्टी की मार्कशीट न्यायालय में प्रस्तुत की थी
    याचिका की सुनवाई के दौरान आवेदन पेश करते हुए याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया था कि सीबीआई जांच में उपयुक्त पाए गए एक नर्सिंग कॉलेज में कार्यरत फैकल्टी फर्जी है। सीबीआई ने जांच रिपोर्ट के आधार पर फैकल्टी की मार्कशीट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। याचिकाकर्ता तथा सीबीआई की तरफ से प्रस्तुत की गई मार्कशीट अलग-अलग थी।

    जांच डेटा युगलपीठ के समक्ष प्रस्तुत
    याचिकाकर्ता की ओर से युगलपीठ को बताया गया था कि उक्त कॉलेज की फैकल्टी की मार्कशीट मप्र नर्सिंग काउंसलिंग के पोर्टल से उन्होंने निकाली है। युगलपीठ ने सीबीआई को निर्देशित किया था कि नर्सिंग कॉलेज की जांच रिपोर्ट का डेटा याचिकाकर्ता को प्रदान किया जाए। सीबीआई ने आदेश का पालन करते हुए जांच डेटा युगलपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया। युगलपीठ के आदेश पर याचिकाकर्ता को उक्त डेटा प्रदान किया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की। 

  • मुख्यमंत्री साय ने आवास योजना के हितग्राहियो को भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र और पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को वितरित किए चेक

    अनेक शहरों में पीएम आवास योजना के 11 हजार लाभार्थियों को कराया गृहप्रवेश

    स्वच्छता सुपर लीग के टूल-किट का किया विमोचन, स्वच्छता की दिलाई शपथ

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के श्री अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ’स्वच्छता ही सेवा’ और ‘अंगीकार-2025’ अभियान तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 एवं लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 11 हजार लाभार्थियों को गृहप्रवेश भी कराया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकद्वय राजेश मूणत और सुनील सोनी तथा रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।  

    मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में राज्य स्तरीय स्वच्छता सुपर लीग के टूल-किट का विमोचन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को उनके स्वीकृत आवासों के भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र तथा पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने रायपुर नगर निगम के दिवंगत कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने रायपुर नगर निगम और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता को समर्पित डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि देश को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा काम किया है। स्वच्छता अब लोगों की आदत में शुमार हो गया है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई केवल महिलाओं का ही दायित्व नहीं है, बल्कि यह पुरूषों का भी काम है। उन्होंने देश में स्वच्छता को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में छत्तीसगढ़ को सात राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। बीस हजार से कम आबादी वाले देश के 100 सबसे स्वच्छ शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहर शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नगरीय निकायों में काम कर रहे स्वच्छता दीदियों, सफाई कर्मियों और वहां के नागरिकों को धन्यवाद देते हुए रैंकिंग में आगे और भी सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत बनाने के लिए अपने विजन डॉक्युमेंट-2047 के अनुरूप काम कर रहे हैं।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 11 वर्षों में देश के एक-एक व्यक्ति की चिंता की है। ‘सबका साथ सबका विकास’ के ध्येय पर चलते हुए देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में ‘अंगीकार-2025’ अभियान के तहत हर पात्र परिवार तक आवास पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए 4 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक यह विशेष अभियान संचालित है। स्ट्रीट वेंडर्स को आगे बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए भारत सरकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 लेकर आई है। आज से पूरे प्रदेश में यह लागू हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज से प्रारंभ हो रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान से हर व्यक्ति को जोड़कर स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया जाएगा। साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम राज्य के सभी शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हर शहर में नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ा रहे हैं।

    नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में आज से प्रारंभ हो रहे अभियानों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज से शुरू हो रहा स्वच्छता पखवाड़ा इस बार ‘स्वच्छोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान सभी नगरीय निकायों में गंदगी के ब्लैक-स्पॉट्स को चिन्हांकित कर साफ-सफाई का अभियान चलाया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन और सुडा के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

  • चीते हुए देशी! मध्य प्रदेश की जलवायु में ढले, पुनर्वास योजना के पूरे हुए तीन साल

    ग्वालियर
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना के तीन वर्ष बुधवार को पूरे होने जा रहे हैं। देश में 70 साल बाद चीतों की पुनर्स्थापना मप्र में श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर, 2022 को स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने की थी। प्रथम चरण में नामीबिया से आठ चीते लाए गए थे, जिन्हें पार्क के बाड़े में प्रधानमंत्री ने छोड़ा था।

    द्वितीय चरण में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाकर यहां छोड़े गए थे। तब बड़ी चिंता थी कि चीते यहां की जलवायु में रह पाएंगे या नहीं? शुरुआती कठिनाइयों के बीच चीतों ने खुद को यहां के अनुकूल ढाल लिया। उनका कुनबा भी बढ़ा। चीतों को यहां की आबोहवा (हवा-पानी) रास आ गई। अफ्रीकी चीते भी 'देसी' हो गए। लिहाजा उन्हें दूसरी जगहों पर भी बसाए जाने के बारे में सोचा जाने लगा। प्रदेश का गांधीसागर भयारण्य(मंदसौर) चीतों का दूसरा रहवास बना।

    गांवों के लोगों ने चीतों के व्यवहार को समझ लिया

    चीतों को लंबे समय तक कूनो पार्क के बाड़े में रखने के बाद खुले जंगल में छोड़े जाने पर कई चुनौतियां भी सामने आईं। चीतों ने कई बार जंगल की सीमा लांघी। राजस्थान व उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंचे। कभी खुद लौटे तो कभी उन्हें बेहोश(ट्रेंकुलाइज) कर लाना पड़ा। जंगल में चीते पारंपरिक शिकार करने लगे। जंगल के बाहर भी गांवों के लोगों ने चीतों के व्यवहार को समझ लिया है। चीतों की अब नई खेप लाने की भी तैयारी चल रही है। इसके लिए बोत्सवाना, केन्या और दक्षिण अफ्रीका से भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम की चर्चा चल रही है।

    शुरुआत में जब चीतों की मौत का सिलसिला शुरू हुआ तो यह बात सामने आई थी कि पचास प्रतिशत चीतों की मौत संभावित हो सकती है। अब धारणा बदल चुकी है। मुख्य वन संरक्षक उत्तम कुमार का कहना है कि अभी चीतों की उत्तरजीविता को लेकर आंकड़ा नहीं बताया जा सकता है, यह स्थिति आठ से दस साल बाद सामने होगी। री-इंट्रोडक्शन प्रोग्राम में अभी चीतों की निगरानी की जा रही है, उनकी देखरेख जारी है। यहां चीतों का जन्म हो रहा है, वे माहौल में ढ़लते जा रहे हैं।

    आज एक मादा चीता छोड़ी जाएगी गांधीसागर अभयारण्य में

    प्रदेश में चीतों के दूसरे रहवास गांधीसागर अभयारण्य में नर चीता पावक और प्रभास को 20 अप्रैल को छोड़ा गया था। बुधवार को चीता परियोजना के तीन वर्ष पूरे होने पर यहां मादा चीता धीरा को शिफ्ट किया जाएगा। ताकि गांधीसागर में भी चीतों की वंशवृद्धि हो सके। धीरा दक्षिण अफ्रीका से कूनो पार्क लाई गई थी।

    बुधवार को धीरा को विशेष वाहन से राजस्थान के कोटा-झालावाड़ होते हुए मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य ले जाया जाएगा। 360 किमी की दूरी करीब आठ घंटे में पूरी होगी। बुधवार शाम तक धीरा को गांधीसागर अभयारण्य में छोड़ दिया जाएगा।

    पिछले वर्ष जन्मे थे 11 शावक

    प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 27 है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए कुल 20 चीतों में से नौ की मौत हुई थी। 11 जीवित चीतों में से नौ (छह मादा व तीन नर) कूनो में व दो (नर) गांधीसागर में हैं। अभी तक भारत की धरती पर कुल 26 शावक जन्मे है, जिनमें 10 की मौत हो चुकी है। पिछले साल 11 शावक जन्मे थे। इस साल अभी तक पांच शावकों का जन्म हुआ।

    चीतों ने यहां के माहौल को अपनाया

        चीता प्रोजेक्ट को तीन साल पूरे हो रहे हैं, इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की यह सफलता है कि चीतों ने यहां के माहौल को अपनाया है। यहां लगातार चीतों का जन्म हुआ यह सबसे सकारात्मक संकेत हैं। -उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ व निदेशक कूनो पार्क।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विश्वकर्मा जयंती पर पूजन अर्चन किया

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान विश्वकर्मा जयंती पर मुख्यमंत्री निवास स्थित तकनीकी कक्ष में भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा हमें परिश्रम और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उनके आशीर्वाद से सभी अपने जीवन में सफलता प्राप्त करें यही कामना है।

     

  • मुख्यमंत्री साय बोले – श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

    मुख्यमंत्री साय ने संसार के प्रथम वास्तुकार एवं सृजन-निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर प्रदेश की प्रगति और निर्माण के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को जाता है। विश्वकर्मा जयंती का यह अवसर हम सभी को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा देता है।

  • 14 साल बाद सजा, इंदौर के डॉक्टरों पर अनियमितताओं का आरोप, सोनोग्राफी रिपोर्ट में गड़बड़ी

    इंदौर 

    इंदौर में जिला कोर्ट ने 2 डॉक्टरों को प्री कंसेप्शन एंड प्री नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक एक्ट (PCPNDT) के उल्लंघन करने के मामले में एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामला 14 साल पुराना है। इसमें अखबारों की खबरों के आधार पर जिला प्रशासन ने जांच कराई। 

    घोषणापत्र पर न तो गर्भवती महिला के हस्ताक्षर थे। न ही इस गंभीर एक्ट के पालन के फॉर्म पर दोनों जिम्मेदार डॉक्टरों के हस्ताक्षर किए थे। इसके सहित कई गड़बड़ियां पाई गई।

    इस पर जिला प्रशासन ने स्नेह नगर स्थित आइडियल मेडिकल सेंटर (सोनोग्राफी सेंटर) के 2 डॉक्टरों के खिलाफ कोर्ट की शरण ली थी। 14 साल बाद जिला कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों को दोषी पाया।

    आरोपियों के नाम डॉ. राजू प्रेमचंदानी (62) निवासी निवास सर्वोदय नगर और डॉ. अजय मोदी (63) निवासी केसरबाग हैं। इन्हें एक-एक साल के कारावास के साथ, PCPNDT एक्ट की एक अन्य धारा में 3-3 माह का कारावास और 6-6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

    जानिए क्या है मामला 1 जून 2011 को इंदौर के अखबारों में एक महिला की सोनोग्राफी की गड़बड़ियों को लेकर खबर प्रकाशित थी। इसके बाद महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

    तत्कालीन एडीएम नारायण पाटीदार द्वारा टीआई को एक पत्र लिखकर जानकारी मांगी कि महिला की सोनोग्राफी किस सेंटर पर हुई।

    7 जून 2011 को डीएसपी मुख्यालय इंदौर द्वारा यह जानकारी दी गई कि महिला तिल्लौर बुजुर्ग की है और उसने 5 अप्रैल 2011 को आइडियल मेडिकल सेंटर पर सोनोग्राफी कराई थी। इसमें जानकारी के साथ सोनोग्राफी की रिपोर्ट्स भी भेजी।

    इसके बाद जिला प्रशासन ने 11 जून 2011 को वहां टीम भेजकर निरीक्षण कराया। तब टीम ने सेंटर के डायरेक्टर डॉ. राजू प्रेमचंदानी और डॉ. अजय मोदी की उपस्थिति में महिलाओं की सोनोग्राफी संबंधी रजिस्टर की जांच की गई जिसका पंचनामा बनाया गया। इस दौरान दोनों डॉक्टरों द्वारा सोनोग्राफी रजिस्टर पेश किए गए जिन्हें जब्त किया गया।

    ये मिली बड़ी गड़बड़ियां

        जांच में पाया कि सेंटर PCPNDT एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है और प्रत्येक माह की 5 तारीख तक गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रा सोनोग्राफी रिपोर्ट और फॉर्म-F सक्षम प्राधिकारी PCPNDT एक्ट में कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
        इसमें आइडियल मेडिकल सेंटर की रिपोर्ट पेश की गई रिपोर्ट और फॉर्म-F नंबर 68,71 और 79 पर गर्भवती महिलाओं के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर नहीं थे।
        ऐसे ही फॉर्म-F नंबर 103 104 और 112 से 126 तक पर डॉ. राजू प्रेमचंदानी के हस्ताक्षर नहीं पाए गए।
        एडीएम ने सेंटर को कारण बताओ सूचना नोटिस जारी किया था। 23 जून 2011 को दोनों डॉक्टरों ने जवाब पेश किया था।
        24 जून 2011 को गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक में सर्व समिति से निर्णय लिया कि महिला की जांच डॉ. अजय मोदी ने की थी लेकिन एक्ट के तहत का फॉर्म-F नहीं भरा गया।
        इस कारण गर्भधारण पूर्व और निदान 1996 के नियम 9,10(01) का उल्‍लघंन पाया गया।
        इसी प्रकार गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम के अनुसार ANC रजिस्टर मेंटेन नहीं किया जो धारा 29, 23 और 25 के तहत तहत दंडनीय अपराध पाया है।
        दोनों डॉक्टरों के खिलाफ गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 की धारा 23 और 25 के तहत जिला कोर्ट में परिवाद लगाया गया।
        लंबी सुनवाई चली जिसमें कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई।
        तत्कालीन एडीएम नारायण पाटीदार द्वारा टीआई को एक पत्र लिखकर जानकारी मांगी कि महिला की सोनोग्राफी किस सेंटर पर हुई।

    अब जानिए कब, क्या-क्या हुआ…

        अप्रैल–मई 2011: तितलौर बुजुर्ग की एक गर्भवती महिला ने इंदौर के एक सोनोग्राफी सेंटर पर जांच करवाई थी, जिसमें संभवतः लिंग परीक्षण हुआ था।
        1 जून 2011: इंदौर के अखबारों में महिला की आत्महत्या की खबर प्रकाशित हुई। खबर में उल्लेख था कि महिला ने एक सोनोग्राफी सेंटर में जांच करवाई थी, जिसके बाद वह तनाव में रहने लगी थी।
        इसके बाद, जिला प्रशासन हरकत में आया और पुलिस से यह जानकारी मांगी गई कि महिला की सोनोग्राफी किस सेंटर पर हुई थी।
        7 जून 2011: डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि महिला ने 8/47, स्नेह नगर स्थित आइडियल मेडिकल सेंटर में सोनोग्राफी करवाई थी।
        11 जून 2011: प्रशासन की टीम ने सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डायरेक्टर डॉ. राजू प्रेमचंदानी और डॉ. अजय मोदी की उपस्थिति में सोनोग्राफी रजिस्टर की जांच कर पंचनामा बनाया गया। रजिस्टर व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए और दोनों डॉक्टरों से दस्तखत भी करवाए गए।
        24 जून 2011: जिला सलाहकार समिति की बैठक में पाया गया कि महिला की जांच डॉ. अजय मोदी ने की थी, लेकिन PCPNDT एक्ट के तहत अनिवार्य फॉर्म-F नहीं भरा गया था। जांच में एक्ट के कई उल्लंघन पाए गए और दोनों डॉक्टरों की भूमिका स्पष्ट हुई।
        25 सितंबर 2011: प्रशासन ने कोर्ट में परिवाद दायर कर सख्त कार्रवाई की मांग की और सभी दस्तावेज पेश किए।
        23 जून 2017: 6 साल बाद, कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों के खिलाफ आरोप तय किए और इसी दिन से साक्ष्य (इविडेंस) की प्रक्रिया शुरू हुई।
        2 सितंबर 2025: कोर्ट ने बहस पूरी कर फैसला आरक्षित रखा।
        16 सितंबर 2025: जिला अभियोजन अधिकारी (DPO) राजेंद्रसिंह भदौरिया ने फैसले की आधिकारिक जानकारी दी।

    साक्ष्यों और बयानों के आधार पर सजा तय

        केस में 9 प्रमुख गवाह थे, जिनमें आईएएस अफसर, अपर कमिश्नर (राजस्व), कार्यकारी डायरेक्टर, डीएसपी, स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड डायरेक्टर, उप सचिव (मप्र शासन) आदि शामिल थे।
        पेश किए गए दस्तावेजों में शामिल थे
        PCPNDT एक्ट से जुड़े आदेश,
        कारण बताओ नोटिस व उत्तर,
        दस्तावेजों का जब्ती व जांच पंचनामा,
        सोनोग्राफी रिपोर्ट,
        फॉर्म-F संबंधित रिकॉर्ड,
        सेंटर का पंजीयन सर्टिफिकेट (2006–2011),
        रैफरल स्लिप,
        मशीन सील करने का पंचनामा,
        राशि भुगतान की रसीदें आदि।

    डॉक्टरों ने पहले यह स्वीकार नहीं किया कि मृतक महिला ने उनके सेंटर पर सोनोग्राफी करवाई थी। अखबारों में प्रकाशित खबर में यह भी उल्लेख था कि महिला की यह दूसरी बेटी थी, जबकि ससुराल पक्ष बेटे की चाह में उस पर मानसिक दबाव डाल रहा था। कोर्ट ने केवल PCPNDT एक्ट की दो धाराओं के उल्लंघन को आधार बनाकर सजा सुनाई।

    कोर्ट ने कहा- बख्शा तो समाज पर पड़ेगा विपरीत असर

    सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यह डॉक्टरों का पहला अपराध है, इसलिए न्यूनतम सजा दी जाए। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ आकृति गुप्ता ने मांग की कि दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए।

    कोर्ट ने माना कि यह अपराध गंभीर है और इसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए, अपराधी परिवीक्षा अधिनियम 1958 के अंतर्गत छूट देना न्यायोचित नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने दोनों डॉक्टरों को PCPNDT एक्ट की दो धाराओं में दोषी मानते हुए, एक-एक साल और तीन-तीन महीने के कारावास और 6-6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

     

  • केसरी सेवा सम्मान 2025 : 21 विभूतियों का होगा अलंकरण

    इंदौर
     समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 21 प्रतिभाशाली हस्तियों को “केसरी सेवा सम्मान 2025” से अलंकृत किया जाएगा। यह भव्य समारोह 18 सितंबर 2025, शाम 4 बजे इंदौर प्रेस क्लब परिसर में आयोजित होगा।

    इस जानकारी को साझा करते हुए केसरी फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती रोमा मल्होत्रा ने बताया कि संस्था विगत एक वर्ष से समाज के विभिन्न आयामों पर कार्य कर रही है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के उत्थान हेतु संस्था ने अनेक सामाजिक दायित्व निभाए हैं। इसी कड़ी में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित कर जनमानस में नई प्रेरणा जगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    समारोह के अतिथिगण

    मुख्य अतिथि : इंदौर विधानसभा क्षेत्र-3 के विधायक गोलू शुक्ला

    पावन सानिध्य : श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परम पूज्य नितिन दास जी महाराज

    विशिष्ट अतिथि :
     मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार डॉ नवीन आनंद जोशी
    भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जीतू जिराती
    मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ केंद्रीय गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष हरपाल सिंह (मोनू भाटिया)

    विशेष सम्मान

    वरिष्ठ पत्रकार उमेश रेखे (50 वर्ष की पत्रकारिता) – लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

    क्रिकेट के क्षेत्र में योगदान हेतु संध्या अग्रवाल और चित्रा वाजपेई – खेल सेवा सम्मान

    कुष्ठ रोगियों एवं बुजुर्गों की सेवा के लिए उज्जैन के सुधीर भाई गोयल – विशिष्ट सेवा सम्मान

    भोपाल की प्रेरणास्रोत दिव्यांग समाजसेवी पूनम श्रोती – बेस्ट मोटिवेशनल सेवा सम्मान

    कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मनीष वर्मा (इंदौर) – अति विशिष्ट चिकित्सा योगदान सम्मान

    अन्य सम्मानित विभूतियाँ

    जगप्रीत सिंह टुटेजा, आनंद कामटेकर, प्रकाश धनगर, बलराज लोखंडे, प्रीति वाघ, इंदिराबाई श्यामलाल, बबीता हार्डिया, स्मृति आदित्य, कैप्टन वीरजी ,मस्तान सिंह (देश सेवा योगदान), बीएसएफ के बाबा सिंह, गौरी तिवारी (पुलिस सेवा), सुनील मतकर, पार्थ मुंशी, प्रमोद हार्डिया, प्रीत पावेजा – राष्ट्र सेवा एवं सुरक्षा क्षेत्र
    हीना नीमा, डॉ. कविता शर्मा, प्रीति बावेजा,हेमंत गट्टानी, विवेक गावड़े, रेनू जयसिंघानी, पायल गिदवानी – सामाजिक सेवा व समाज सुधार कार्य 
    श्रीमती मल्होत्रा ने कहा कि इन विभूतियों का सम्मान समाज के प्रत्येक वर्ग को यह संदेश देगा कि निःस्वार्थ सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा ध्येय है।

  • नारायणपुर: 12 नक्सलियों ने डाले हथियार, 18 लाख के इनामी भी शामिल

    नारायणपुर

    छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षाबलों के सतत् "नक्सल उन्मूलन अभियान" के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है. 17 सितम्बर 2025 को नारायणपुर में 12 सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने की शपथ ली. इनमें 2 एरिया कमेटी सदस्य समेत कुल 18 लाख रुपये के इनामी नक्सली शामिल हैं. इससे पहले 11 सितंबर को नक्सलियों के स्लीपर सेल के 16 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया था.

    18 लाख के इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण: बुधवार को आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में एरिया कमेटी सदस्य, LOS-CNM सदस्य, PPCM, जनताना सरकार अडयाभ, मिलिट्री लाटून सदस्य, प्लाटून पार्टी सदस्य, सीएनएम सदस्य, मिलिशिया कमांडर और जनताना सरकार सदस्य शामिल हैं.

    नारायणपुर नक्सल सरेंडर
    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे और विभिन्न वारदातों में शामिल रहे हैं. सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव, लगातार कैम्पों की स्थापना, नक्सलियों की अमानवीय और आधारहीन विचारधारा, बाहरी माओवादियों द्वारा भेदभाव और महिलाओं के शोषण से त्रस्त होकर उन्होंने मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया. इंटेरोगेशन में नक्सलियों ने स्वीकार किया कि शीर्ष माओवादी लीडर ही आदिवासियों के असली दुश्मन हैं, जो जल-जंगल-जमीन और न्याय के झूठे सपनों का लालच देकर ग्रामीणों को गुलाम बनाते हैं. महिला नक्सलियों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण की बात भी उन्होंने खुलकर सामने रखी.

    नारायणपुर में लगातार नक्सली कर रहे सरेंडर
    सरेंडर करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि: आत्मसमर्पण करने वाले सभी 12 नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक दिया गया. साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन पुनर्वास नीति के तहत सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

    आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम, पद और घोषित इनामी राशि इस प्रकार है :
    1. सुदरेन नेताम उर्फ सुधाकर – एरिया कमेटी सदस्य, इनाम ₹5 लाख
    2. धोबा सलाम उर्फ महेश सलाम – एरिया कमेटी सदस्य, इनाम ₹5 लाख
    3. सतारो सलाम – AOS-CNM सदस्य, इनाम ₹2 लाख
    4. लक्ष्मण माडवी – मिलिट्री लाटून PPCM, इनाम ₹2 लाख
    5. राजू राम ओयाम – पार्टी सदस्य (PM), इनाम ₹1 लाख
    6. चैतू उर्फ बलदेव मरकाम – जनताना सरकार अडयाभ, इनाम ₹1 लाख
    7. आयते पोडियाम – SZCM पार्टी सदस्य, इनाम ₹1 लाख
    8. कुमे माड़वी– CNM सदस्य, इनाम ₹50 हजार
    9. मंगतू वड्डदा– CNM सदस्य, इनाम ₹50 हजार
    10. रुक्मी पोडियाम – जनताना सरकार सदस्य
    11. शंकर मड़काम – मिलिशिया कमांडर
    12. मंगलो पोडियाम – जनताना सरकार उपाध्यक्ष

    जिला पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने कहा – "अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में रहने वाले आदिवासी बंधुओं को माओवादी विचारधारा से बाहर निकालना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही हमारी प्राथमिकता है."

    वहीं बस्तर पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी.ने कहा "वर्ष 2025 में शीर्ष माओवादी नेतृत्व को सुरक्षा बलों ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके चलते संगठन के पास अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है."

    नारायणपुर में लगातार नक्सली कर रहे समर्पण: समर्पण कार्यक्रम के दौरान 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी संजय कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी संजय कुमार भारदाज, 38वीं वाहिनी आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी अशोक कुमार, जिला पुलिस अधिकारी व अन्य सुरक्षाबल मौजूद रहे.

    नारायणपुर में 12 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि अबूझमाड़ में नक्सलवाद की पकड़ कमजोर हो रही है और आदिवासी समाज नक्सली विचारधारा से तंग आकर विकास की राह पर लौट रहा है. यह समर्पण न केवल सुरक्षाबलों की रणनीतिक सफलता है बल्कि स्थानीय आदिवासी समाज के लिए एक नई उम्मीद भी है.

  • पीएम मोदी का महिलाओं से खास आग्रह: MP के हेल्थ कैंप में जरूर कराएं जांच

    धार 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने 75वें जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के धार में कई योजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करने पहुंचे हैं। इस बीच पीएम मोदी ने महिलाओं से एक खास चीज मांग ली या कहें कि पीएम ने महिलाओं को जन्मदिन पर तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने एमपी की महिलाओं से प्रदेश के हेल्थ कैंप में जाकर जांच कराने का आग्रह किया है। पीएम ने महिलाओं से कहा कि इतना तो मैं आपसे मांग सकता हूं न? इसपर महिलाओं ने भी जोश में हाथ ऊपर कर पीएम की बात पर सहमति जताई। मोदी ने बताया कि ये सभी स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए किसी भी तरह का पैसा नहीं देना होगा और यह बिल्कुल मुफ्त होगी। इसके अलावा दवाइयों के लिए भी कोई पैसा नहीं देना होगा।

    धार में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपसे एक बेटे के नाते कुछ मांगने आया हूं। आप वो चीज दोगे न? दोनों हाथ ऊपर कर बताइए। मोदी ने कहा कि एक बेटे,एक भाई के नाते इतना तो आपसे मांग ही सकता हूं न? कार्यक्रम में पधारी महिलाओं ने भी जोश के साथ दोनों हाथ ऊपर कर अपनी रजामंदी दी। मोदी ने इसके बाद कहा कि मैं चाहता हूं कि आप सभी महिलाएं स्वास्थ्य कैंप जरूर जाएं और अपनी जांच कराएं। जांच चाहे जितनी भी महंगी क्यों न हो,आपको एक भी पैसा नहीं देना होगा और आपका सारा चेकअप मुफ्त में होगा। मोदी ने आगे कहा कि यही नहीं, जांच भी मुप्त होगी और दवाई भी फ्री होगी।

    पीएम ने आगे कहा कि आपके उत्तम स्वास्थ्य से ज्यादा सरकारी तिजोरी की कीमत नहीं है। ये तिजोरी आपके लिए है। माताओं-बहनों के लिए है। आगे के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड का सुरक्षा कवच बहुत काम आएगा। ये अभियान से आज से शुरू होकर विजयादशमी के दिन तक चलेगा। मोदी ने महिलाओं से कहा कि आप लोग घर-परिवार के काम में लगी रहती हैं,थोड़ा सा समय अपने स्वास्थ्य के लिए निकालिए। ज्यादा से ज्यादा संख्या में इन कैंपों में जाइए, लाखों कैंप लगने वाले हैं। कई लोग आज से ही ज्यादा संख्या में पहुंचकर जांच करवाने लगे हैं। मोदी ने कहा कि आप लोग इस बात को और लोगों तक पहुंचाइए और बताइए कि मोदी धार आया था, आपका बेटा धार आया था, आपका भाई धार आया था और उसने आकर हमें जांच कराने को कह गया है। मोदी ने आगे कहा कि हमें संकल्प लेना है कि कोई मां-बेटी-बहन छूटने न पाए।

  • महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने की मुख्यमंत्री साय से मुलाकात

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  अन्नपूर्णा देवी ने सौजन्य भेंट की।

    मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  अन्नपूर्णा देवी से छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण तथा बच्चों के पोषण और शिक्षा से संबंधित चल रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर इन क्षेत्रों में और अधिक प्रभावी कार्य करेंगे।

    इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष  वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।

  • रामानुजगंज में बारिश का कहर: निचले इलाकों में पानी घुसा, जनजीवन प्रभावित

    रामानुजगंज

    रामानुजगंज क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है, वहीं कन्हर नदी अपने पूरे उफान पर है। नदियों के साथ-साथ सभी नाले भी उफान पर हैं, जिससे निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

    क्षेत्र के प्रमुख तालाबों और छोटे-बड़े बांधों में पानी लबालब भर गया है, जिससे जलभराव की समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है। जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग की टीमें बांधों और जलाशयों की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

    रामानुजगंज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बारिश को देखते हुए नगर पालिका के समस्त कर्मचारी अलर्ट मोड में हैं। सभी वार्डों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें और नदियों-नालों के आसपास जाने से बचें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन और नगर पालिका स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • SDM के खिलाफ मिली शिकायत पर मुरैना कलेक्टर ने उठाया सख्त कदम, तुरंत हटाया गया पद से

    मुरैना
     सबलगढ़ एसडीएम के खिलाफ एक महिला और पुरुष ने गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद मुरैना कलेक्टर ने एसडीएम अरविंद माहौर को उनके पद से तत्काल हटा दिया है। महिला ने आरोप लगाए थे कि एसडीएम गलत मंशा से परिवार के परेशान कर रहे हैं। उसकी बेटी को फोनकर अभद्र मैसेज करते हैं।

    महिला ने एसडीएम पर लगाए आरोप

    दरअसल, ग्वालियर के चंदन नगर में रहने वाली महिला सबलगढ़ में रहने वाले देवर को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची। महिला ने सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर के खिलाफ शिकायती आवेदन देते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि सबलगढ़ एसडीएम द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके देवर को भी जब मन किया बुला लेते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते। जब बुला लेते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।

    भाभी और भतीजी के लिए अभद्र भाषा

    इतना ही नहीं शिकायती आवेदन में यह भी लिखा है कि एसडीएम अभद्र भाषा का प्रयोग करते है। फरियादी के भैया, भाभी और भतीजी को अपशब्द कहे हैं। उस भाषा का जिक्र आवेदन में नहीं कर सकते हैं। साथ ही आवेदक ने एक वीडियो भी दिया था। वीडियो में एसडीम अरविंद माहौर अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। उसमें वह कह रहे हैं कि तेरी भाभी और भतीजी में ज्यादा गर्मी है।

    मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हमें

    शिकायतकर्ता ने कहा कि एसडीएम हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। कहीं से भी नंबर लेकर उनके परिवार एवं भतीजी को फोन कर उल्टी सीधी बातें करते हैं। एसडीएम के रवैए से तंग आकर बेटी ने एसडीएम को फटकार लगाई तो सबलगढ़ में उसके देवर को घर पर बुलाकर धमका दिया। यह पूरी घटना देवर ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। लेकिन लोकलाज के डर से उसने शिकायत नहीं की।

    रात में बेटी को करते हैं मैसेज

    महिला ने पत्रकारों से कहा कि एसडीएम बेटी को रात में मैसेज करते हैं, पिछले एक साल से यही हालत है। कई बार नंबर बदल लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर जल्दी ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह अपने परिवार सहित आत्महत्या कर लेगा। जिसका संपूर्ण दायित्व प्रशासन का होगा।

    कलेक्टर ने एसडीएम को हटाया

    एसडीएम के खिलाफ शिकायती आवेदन मिलने के बाद मुरैना कलेक्टर ने एसडीएम अरविंद माहौर को सबलगढ़ से हटा दिया। साथ ही मुरैना कलेक्ट्रेट में डेप्युटी कलेक्टर के रूप में पदस्थ किया गया। बताया जा रहा है कि अब सबलगढ़ में एसडीएम के पद पर मेघा तिवारी को पदस्थ किया जाएगा। वही एसडीएम का कार्यभार भी संभालेंगी।

  • पन्ना की धरती ने फिर दिखाया करिश्मा, आदिवासी महिला को मिले तीन अनमोल हीरे

    पन्ना
    पन्ना की धरती एक बार फिर किसी की किस्मत पलटी है । एक आदिवासी महिला, विनीता गोंड, रातों-रात लखपति बन गई हैं। राजापुर, बड़वारा की रहने वाली विनीता ने पटी ग्राम में उथली हीरा खदान क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाई और नतीजा चौंकाने वाला रहा। उन्हें एक साथ एक नहीं बल्कि तीन-तीन बेशकीमती हीरे मिले हैं, जिससे उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रह है।

    7 सेंट, 1 कैरेट,48 सेंट और 20 सेंट हैं हीरे

    जानकारी के मुताबिक ​विनीता ने हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर खदान लगाई थी, और उनकी मेहनत और भाग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। जब उन्होंने ये तीन हीरे खोजे, तो खुशी सातवें आसमान पर पहुंच गई। विनीता  ने तत्काल इन हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करवा दिया है। ​हीरा पारखी अनुपम सिंह ने इन हीरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इन हीरों का कुल वजन 7 सेंट, 1 कैरेट,48 सेंट और 20 सेंट है। इन तीनों हीरों में से एक जेम्स क्वालिटी का है, जो बेहद उच्च श्रेणी का माना जाता है, जबकि बाकी दो हीरे मटमैले किस्म के हैं। ​ इन हीरों को अगली नीलामी में रखा जाएगा, जहां इनकी असली कीमत का पता चलेगा।

    विनीता गोंड की यह कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि पन्ना की धरती में सचमुच कुछ खास है, जो किसी की भी किस्मत को रातों-रात बदल सकती है। आपको  बता दें कि  पन्ना जिला दुनिया में हीरों के लिए विख्यात है। यही कारण है कि पन्ना की धरती से हीरे निकालने की होड़ सी लगी है। हजारों लोग दिनरात इस काम में लगे रहते हैं और किस्मत बदलती देखते हैं।

     

  • धार से PM मोदी का सख्त संदेश: आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई का सबूत खुद जैश ने दिया

    धार 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के धार से पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला. कहा कि पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमारी बहनों-बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था. हमने ऑपरेशन सिंदूर करके आतंकी ठिकानों को उजाड़ दिया. हमारे वीर जवानों ने पलक झपकते ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया. अभी कल ही देश और दुनिया ने देखा है, फिर एक पाकिस्तानी आतंकी ने रो-रो कर अपना हाल बताया है.

    PM मोदी ने कहा कि नया भारत किसी की परमाणु धमकियों से डरता नहीं है, नया भारत घर में घुसकर मारता है. आज देश मां भारती की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के धार में 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' और 'आठवें राष्ट्रीय पोषण माह' अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे हैं. 

    उन्होंने कहा, "धार की धरती पराक्रम की धरती है। मां भारती की आन-बान-शान से बड़ा कुछ नहीं। हमारा हर पल देश के लिए समर्पित हो। देश की मर-मिटने की सौगंध लेकर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने सबकुछ देश के लिए समर्पित कर दिया था।"

    पीएम ने बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखी। यहां खुली जीप में लोगों का अभिवादन किया। साथ ही राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के लिए सिंगल क्लिक पर राशि ट्रांसफर की।

     प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा, आज ही के दिन देश ने सरदार पटेल की फौलादी इच्छा शक्ति का उदाहरण देखा था. भारतीय सेना ने हैदराबाद को अनेकों अत्याचारों से मुक्त कराकर, उनके अधिकारों की रक्षाकर भारत के गौरव को पुन: स्थापित किया था. 

    देश की इतनी बड़ी उपलब्धि को, सेना के इतने बड़े शौर्य को कई दशक बीत गए, कोई याद करने वाला नहीं था, लेकिन आपने मुझे मौका दिया, हमारी सरकार ने 17 सितंबर की हैदराबाद की घटना को अमर ​कर दिया. हमने भारत के एकता के प्रतीक इस दिन को हैदराबाद लिबरेशन डे के रूप में मनाने की शुरुआत की है. 

  • मंत्री ओ.पी. चौधरी का संदेश: भविष्य की पीढ़ियों के लिए ओजोन परत संरक्षण अनिवार्य

    ओजोन परत संरक्षण दिवस पर पोस्टर एवं इन्वायरोथान प्रतियोगिता

    रायपुर

    अंतर्राष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित नवीन विश्राम गृह में पोस्टर एवं इन्वायरोथान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, वाणिज्य कर, आवास एवं पर्यावरण तथा योजना एवं सांख्यिकी विभाग के मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि ओजोन परत का संरक्षण केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सबके लिए समान है अमीर, गरीब, विद्वान या साधारण व्यक्ति और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सबकी है।

    वित्त मंत्री चौधरी ने भारतीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलते रहे हैं। पीपल, आंवला नवमी, गोवर्धन पूजा जैसी परंपराएं पर्यावरण संरक्षण की मिसाल हैं। पश्चिमी देशों का विकास मॉडल केवल संसाधनों के अंधाधुन दोहन पर आधारित है, जो टिकाऊ नहीं है। अब आवश्यकता सस्टेनेबल डेवलपमेंट की है ताकि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटा जा सके।
    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये हम सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। ओजोन परत का संरक्षण केवल पर्यावरण ही नहीं बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। हम सभी इस दिशा में आगे आयें और ओजोन क्षरण पदार्थ व इसके उपयोग से बने उपकरणों का उपयोग ना करें। पर्यावरणीय चेतना से ही इस देश का हरित और सुरक्षित भविष्य बन सकता है।

    शिक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ

    वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। नया रायपुर में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) के कैंपस खोले जा रहे है। इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और शोध के अवसर अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगे। साथ ही राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (निलेट) का स्थायी केंद्र भी छत्तीसगढ़ में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को तकनीकी, व्यावसायिक और शोध आधारित शिक्षा के नए आयाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को टेक्नोलॉजी और स्किल्स पर भी ध्यान देना होगा। इस अवसर पर उन्होंने अजीज प्रेम जी स्कॉलरशिप का उल्लेख किया, जिसके तहत शासकीय स्कूलों से 10वीं-12वीं पास कर चुके जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 30 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी।

    इस वर्ष दोगुना अगले वर्ष तीन गुना मिलेगी पुरस्कार राशि: मंत्री चौधरी

    मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में पोस्टर एवं इन्वायरोथॉन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। साथ ही इस दौरान उन्होंने पुरस्कार राशि को इस वर्ष दोगुना और अगले वर्ष  3 गुना करने की घोषणा की। उन्होंने इस अवसर पर महाविद्यालयीन एवं स्कूली छात्र-छात्राओं को ओजोन परत सरंक्षण हेतु शपथ भी दिलायी।

    जलवायु परिवर्तन के कारण एवं निदान तथा ओजोन परत संरक्षण- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में लगभग 550 एवं इन्वायरोथॉन के विषय वेस्ट टू वेल्थ में लगभग 350 बच्चों ने भाग लिया, जिसमें पोस्टर प्रतियोगिता में 12-17 वर्ष वर्ग में बी.पी. पुजारी स्कूल, रायपुर की कु. नेहा कोसले, 18-22 वर्ष वर्ग में शास. नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर के रोहित कुमार साहू और दिव्यांग वर्ग में शा. दिव्यांग महाविद्यालय, माना, रायपुर के अनमोल पटले प्रथम स्थान पर रहे। इसी प्रकार इन्वायरोथान प्रतियोगिता में 12वीं तक वर्ग में राज कुमार कॉलेज के स्वर्णिम कुंज (ए.आर.बी. ग्रुप), स्नातक वर्ग में आईआईआईटी नवा रायपुर की कु. अनुष्का एक्का तथा स्नातकोत्तर वर्ग में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के निखिल कसेर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजिव अगसिमनि सहित बड़ी संख्या में स्कूलीं एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षकगण एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। 

  • नक्सलियों का खूनी खेल जारी: दंतेवाड़ा में ग्रामीण की हत्या, बेटे की भी ले चुके थे जान

    दंतेवाड़ा

    दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में बीती रात नक्सलियों ने एक ग्रामीण की हत्या कर दी। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, मामले की जांच की जा रही है।
     
    मामले के बारे में बताया जा रहा है कि अरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम निलावाया में बीती रात नक्सलियों की एक टीम ने गांव के बण्डी कोर्राम के घर पहुंच उसे बाहर निकालने के बाद धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। वहीं, इस घटना की जानकारी लगते ही पुलिस टीम भी आ पहुंची। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। इसके अलावा गांव के लोगों ने बताया कि 4 वर्ष पहले नक्सलियों ने मृतक ग्रामीण के बेटे हरेंद्र कोर्राम की भी हत्या कर दी थी।

  • प्रधानमंत्री मोदी का इंदौर आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत

     इंदौर 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष विमान से बुधवार को इंदौर पहुंचे, जहां उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। इंदौर एयरपोर्ट पर राज्य सरकार की ओर से स्वागत के लिये मनोनीत मिनिस्टर इन वेटिंग जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी का महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और सुकविता पाटीदार, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़ तथा महेंद्र हार्डिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भी आत्मीय स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी इंदौर से धार जिले के भैंसोदा के लिये हैलीकाप्टर से रवाना हुए।