• रीवा में SDM ने खाद की महंगी बिक्री पर कड़ा एक्शन लिया, दुकान सील और जांच तेज

    रीवा 

     रीवा जिले के कलेक्टर परिसर से कुछ ही दूरी पर स्थित एक निजी दुकान में एसडीएम वैशाली जैन ने ग्राहक बनकर छापा. इस दौरान दुकानदार ने उन्हें ही महंगे दाम पर खाद बेच दिया. ऐसे में उन्होंने दुकानदार को रंगे हाथ पकड़ लिया. जिसके बाद मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने दुकानदार को हिरासत में लेते हुए दुकान को सील कर दिया.

    ज्यादा दाम पर बेच रहा था खाद

    जानकारी के अनुसार काफी समय से रीवा में खाद कालाबाजारी की जा रही है. जिसकी शिकायत पर मंगलवार को जांच करने चेहरे को ढककर एसडीएम वैशाली जैन पुराने बस स्टैंड स्थित सीताराम गुप्ता खाद बीज की दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंची. उन्होंने दुकानदार से खाद की मांग की. इस पर दुकानदार  उन्हें निर्धारित कीमत से अधिक दाम बताएं. जिसके बाद उन्होंने दूर खड़ी प्रशासनिक टीम को इशारा कर दिया. ऐसे में टीम ने दुकानदार को हिरासत में ले लिया.

    एसडीएम वैशाली जैन ने बताया कि एक ग्राहक की शिकायत पर मंगलवार को छापा डाला. इस दौरान खाद दुकानदार निर्धारित दर से अधिक दाम पर खाद बेचते हुए पाया गया. साथ ही दुकानदार का खाद रजिस्टर भी नहीं मेंटेन था. ऐसे में कार्रवाई करते हुए दुकानदार को हिरासत में लिया गया और दुकान को सील कर दिया गया.

    MP में खाद किल्लत से परेशान हैं किसान

    मध्य प्रदेश के कई जिलों में खाद की किल्लत जारी है. किसान खाद केंद्रों पर रात से शाम तक लाइन में लग रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है. जिसके चलते किसान परेशान हैं. 

  • श्रमिकों के हित में कार्यरत मंडल: अब तक 8.39 लाख को मिला कल्याणकारी लाभ

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी।

    इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है। 

    श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है।
    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है।

    मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है।
    मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है।

    प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है।

    मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है।
    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।

  • समाज के मार्गदर्शक शिक्षक और पत्रकार – मंत्री टंकराम वर्मा का विशेष सन्देश

    रायपुर

    बलौदाबाज़ार नगर भवन में मंगलवार को आयोजित भव्य शिक्षक एवं पत्रकार सम्मान समारोह में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले शिक्षकों और पत्रकारों का सम्मान किया।

    मंत्री वर्मा ने कहा कि शिक्षक और पत्रकार समाज के दो मजबूत आधार स्तंभ हैं। शिक्षक जहां विद्यार्थियों को ज्ञान और मार्गदर्शन देकर भविष्य का निर्माण करते हैं, वहीं पत्रकार समाज की आवाज़ बनकर जनता की समस्याओं को जिम्मेदारों तक पहुँचाते हैं और जागरूकता फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों वर्गों के योगदान को पहचानना और उनका सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है।

    मंत्री वर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए मंच से छत्तीसगढ़ी गीत भी प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंत्री के रूप में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बलौदाबाज़ार को राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

    इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक एवं पत्रकार उपस्थित थे।

  • एशिया कप में महासमुंद की दिव्या भारतीय बास्केटबॉल टीम में शामिल

    रायपुर : भारत ने एशिया कप 2025 में लगातार 3 मैच जीतकर बनाया इतिहास

    एशिया कप में भारतीय बास्केटबॉल टीम सेमीफाइनल में पहुंची

    एशिया कप में महासमुंद की दिव्या भारतीय बास्केटबॉल टीम में शामिल

    रायपुर

    अंडर 16 वूमेंस एशिया कप 2025 का आयोजन मलेशिया में 13 से 19 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय बास्केटबॉल टीम के अंडर 16 महिला बास्केटबॉल टीम में छत्तीसगढ़ से महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल है। इसके अलावा भारतीय टीम में तमिलनाडु, कर्नाटका, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना के खिलाड़ी शामिल हैं। एशिया कप में लगातार 3 मैच जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है तथा सेमीफाइनल में पहुंच गई है। 
               एशिया कप में इंडिया टीम शानदार खेल खेलते हुए पहले मैच में ईरान को 70 – 67 अंकों से हराया, दूसरे मैच में इंडिया ने उज्बेकिस्तान को 81- 69 अंकों से हराया, तीसरे मैच में इंडिया ने समोआ को 71 – 54 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। एशिया कप में लगातार 3 मैच जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है तथा सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारतीय टीम 18 सितंबर को सेमीफाइनल मैच खेलेगी। 3 मैच जीतकर बनाया इतिहास बनाने पर प्रदेश व जिले में खुशी की लहर है। सेमीफाइनल में प्रवेश करने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के श्री राजीव जैन अध्यक्ष, चेयरमैन श्री विजय अग्रवाल, श्री नरेश डाकलिया, श्री राजीव चौबे, श्री राजेश गौर, भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक अनिथा पॉलदुरई, सहायक प्रशिक्षक श्री रोहित एवं श्री उमा कांत, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिंहा, कलेक्टर महासमुंद, जिला बास्केटबॉल संघ महासमुंद के अध्यक्ष एवं खिलाड़ियों ने महिला बास्केटबॉल टीम और दिव्या रंगारी शुभकामनाएं दी।

  • धार पहुंचे पीएम मोदी, जनता से जुड़े खुली जीप में सफर कर किया अभिवादन

     धार
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 75वें जन्मदिन पर आज मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। सुबह इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे यहां से धार के बदनावर पहुंचे हैं। पीएम बदनावर तहसील के भैंसोला गांव में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे। 
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास और कृषि समृद्धि की ऐतिहासिक सुविधा देने जा रहे हैं। पीएम विशेष विमान से इंदौर पहुंचे हैं, यहां से हेलीकॉप्टर द्वारा धार जिले के भैंसोला में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए हैं। यहां खुली जीप में सवार होकर वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच से निकले और उनका अभिवादन किया।

    पीएम यहां देश के पहले पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना से सिर्फ टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को ही लाभ नहीं पहुंचेगा बल्कि क्षेत्र के छह लाख कपास उत्पादक किसानों की प्रगति के नए द्वार भी खुलेंगे।

    पीएम मित्र पार्क से तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। वह करीब सवा घंटे मध्य प्रदेश में रहेंगे। यह कदम न सिर्फ धार को काटन कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फार लोकल’ जैसे विजन को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।

    यह परियोजना प्रधानमंत्री के उस सपने को साकार करेगी, जिसमें किसान का खेत, उद्योग का धागा और भारत का परिधान सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश व केंद्र के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। भैंसोला में 2158 एकड़ भूमि पर 2100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला पार्क प्रदेश का कपास आधारित सबसे बड़ा औद्योगिक निवेश प्रोजेक्ट है। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य 65% पूरा हो चुका है।

    धार के जिस भैंसोला गांव का चयन पीएम मित्रा पार्क के लिए किया गया है, वह रेल नेटवर्क, हवाई नेटवर्क, हाईवे और पोर्ट से जुड़ा हुआ है। यहां से इंदौर एयरपोर्ट मात्र सवा घंटे और 4 लेन हाईवे सिर्फ आधा घंटे की दूरी पर है।

    यहां तैयार गारमेंट्स को विदेश में सीधे एक्सपोर्ट करने के लिए गुजरात के कांडला पोर्ट मात्र 12 घंटे में पहुंचा जा सकता है। इस पार्क से मालवा-निमाड़ के कॉटन उत्पादक किसानों को फायदा होगा। इसमें तीन लाख लोगों को रोजगार मिलने का दावा भी किया जा रहा है।

    कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, धार के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप भी मौजूद रहेंगे।

    ये भी होंगे आयोजन

        स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान का शुभारंभ करेंगे।
        सेवा पर्व की शुरुआत करेंगे।
        एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत पीएम महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे।
        सुमन सखी चैटबाट का लोकार्पण करेंगे।
        सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे।

    कपास उत्पादक किसानों में नया जोश भरेगा पार्क

    मप्र कपास उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। विशेषकर मालवा और निमाड़ अंचल- इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जैसे जिलों में कपास की भरपूर पैदावार होती है। तीन वर्षों में यहां लाखों टन कपास उत्पादन हुआ है।

    अब तक यह कपास बाहर भेजा जाता था, लेकिन पीएम मित्र पार्क शुरू होने के बाद यही कपास धागा बनेगा, वस्त्र में ढलेगा और परिधान के रूप में अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री मोदी के विजन फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और फारेन को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क किसानों, उद्योगपतियों और निर्यातकों सभी के लिए नए अवसर खोलेगा।

     

  • रायपुर में मंत्री राजवाड़े ने दी बड़ी सौगात, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी

    मंत्री राजवाड़े का  सरगुजा संभाग दौरा

    रायपुर

    मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दौरे पर पहुँचीं महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक ही दिन में संवेदनशीलता और सख़्ती दोनों का परिचय दिया। नेत्रहीन एवं दिव्यांग बच्चों को जहाँ उन्होंने 20 लाख रुपये की सौगात दी, वहीं विभागीय समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही पर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

    आमाखेरवा स्थित नेत्रहीन एवं विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय पहुँचकर मंत्री राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत हुआ। बच्चों ने संगीत और कला प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संस्था ने भवन मरम्मत, भरण-पोषण व कर्मचारियों के मानदेय सहित कई मांगें रखीं।

    मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज की असली धरोहर हैं, इनके भविष्य को संवारना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।उन्होंने तत्काल 20 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत करने की घोषणा की और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।

    कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि,सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें और बंद हों।केंद्रों में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता हो ताकि किसी प्रकार का खतरा न हो।बच्चों के भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए, मुनगा पत्ती को सप्ताह में 2-4 बार अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।साथ ही उन्होंने सुपरवाइजरों को चेतावनी दी कि निरीक्षण में लापरवाही पाई गई तो जवाबदेही तय होगी।

    बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना और महिला कोष ऋण योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इनका लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हम बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगे। सरकार की हर योजना का असली लाभ सबसे अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचना ही हमारी प्रतिबद्धता है।

    इस दौरान कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, सीईओ सुअंकिता सोम शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

  • रामसर मान्यता के लिए छह वेटलैंड्स का चयन हो प्राथमिकता में – वनमंत्री कश्यप

    वेटलैंड संरक्षण को लेकर लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

    वनमंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की तीसरी बैठक संपन्न

    रायपुर

    वन मंत्री केदार कश्यप ने रामसर साईट के लिए कोपरा जलाशय, गिधवा-परसदा, कुरंदी, गंगरेल, नीमगांव जलाशय सहित मांढर जलाशय के छह वेटलैंड को प्राथमिकता से शामिल करने की बात कहीं। यह बात आज वनमंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की बैठक में कहीं। उक्त बैठक वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में संपन्न हुई। बैठक में वन मंत्री कश्यप ने राज्य के सभी जिलों की जिला वेटलैंड संरक्षण समितियों को अपने-अपने क्षेत्रों में वेटलैंड के संरक्षण और संवर्धन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य राज्यों में वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य सचिवों के वित्तीय अधिकारों का अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में वेटलैंड संरक्षण और प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की तीसरी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद, आवास एवं पर्यावरण, जल संसाधन, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, मत्स्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    राज्य में रामसर स्थलों की पहचान को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कोपरा जलाशय (बिलासपुर) और गिधवा-परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स (बेमेतरा), कुरंदी, गंगरेल, नीमगांव जलाशय सहित मांढर जलाशय को छह वेटलैंड को रामसर स्थलों के रूप में चिन्हित करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, एनपीसीए योजना के तहत प्राकृतिक रूप से निर्मित तालाबों के चयन और नए प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के द्वारा दो माह के भीतर आगामी सुनवाई के पहले समस्त कार्य से संबंधित सभी डाटा को राज्य की वेबसाईट में पब्लिश किया जाना सुनिश्चित करें। इस कार्य हेतु प्राथमिकता में वेबसाईट तैयार किया जाना आवश्यक है। अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर 15 दिवस के भीतर जिला वेटलैंड संरक्षण समिति द्वारा वेटलैंड के ग्राउण्डट्रूथिंग एवं डिमार्केशन संबंधी कार्य पूर्ण कर प्राधिकरण को प्रेषित करने के निर्देश दिए।

     बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नवम्बर-दिसम्बर 2025 तक लगभग राज्य के 2.25 हेक्टेयर वाले 11 हजार वेटलैंड सर्वेक्षण के पश्चात फिजिकल मैप को जिला स्तर और राज्य स्तर पर पोर्टल में अपलोड कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड ऑथिरिटी में वेब पोर्टल डेव्हलप कर दिया गया है।

    बैठक में प्रस्तावित तकनीकी समिति में आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा मत्स्य विभाग को शामिल करने की अनुशंसा की गई, जिससे वेटलैंड संरक्षण में विभिन्न विभागों का समन्वय बेहतर हो सके। बैठक में वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017 तथा माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों का कानूनी विश्लेषण करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए, एडवोकेट जनरल कार्यालय से विधिक परामर्श लेने तथा अन्य राज्यों में अपनाई जा रही नीतियों का अध्ययन करने का सुझाव दिया गया।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कई प्राकृतिक और कृत्रिम जलाशय, तालाब और जल स्रोत वेटलैंड का रूप लिए हुए हैं, जो जैवविविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। गिधवा-परसदा और कोपरा जलाशय जैसे वेटलैंड क्षेत्र, प्रवासी पक्षियों के लिए उपयुक्त स्थल हैं, जहां हर वर्ष हजारों पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा वेटलैंड संरक्षण को लेकर किया जा रहा यह प्रयास महत्वपूर्ण हैं। प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णयों से न केवल वेटलैंड की पहचान और संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में जैव विविधता, जल संसाधन प्रबंधन और सतत विकास में भी सहायक होगा।

  • 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना- मंत्री राजपूत

    सुरखी विधानसभा में बन रहा मध्यप्रदेश का पहला नमो फ्रूट वन उद्यान

    बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री राजपूत ने किया निरीक्षण

    10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना- मंत्री राजपूत 

    मंत्री राजपूत ने थामी ट्रैक्टर की स्टेरिंग

    सुरखी

    खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्यप्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट स्थल पर पहुंचे।

    मंत्री राजपूत ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण की स्थिति, पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा के तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुरखी विधानसभा के ग्राम बरौदा राजघाट के पास नमो फ्रूट फॉरेस्ट में 21 हजार फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं।

    मंत्री राजपूत ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा उद्यान है जहां सभी प्रकार के फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी इस उद्यान में 21 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य 10 लाख पौधों के रोपण का है। बरौदा ग्राम में फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य कुटीर उद्योग स्थापित करने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे । उन्होंने बताया कि तालचिरी में भी 10 एकड़ में नमो फल उद्यान बन रहा है। यहां भी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि नमो फूड फॉरेस्ट स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को सौंपा जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण हो एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों की नियमित देखभाल हो। फ्रूट फॉरेस्ट में आम, अमरूद, कटहल, आंवला, नींबू, सीताफल,अनार आदि के हजारों फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के पश्चात मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से पौधों की देखरेख करने और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया।

     

  • मंत्री परमार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में की बैठक

    समग्र अध्ययन उपरांत डिजिटल यूनिवर्सिटी का ब्लू प्रिंट करें तैयार : मंत्री परमार

    विद्यार्थियों से संबंधित समस्त प्रकिया डिजिटाइज करे विश्वविद्यालय : परमार

    मंत्री परमार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में की बैठक

    भोपाल 
    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर परमार ने मंगलवार को मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

    मंत्री परमार ने नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी एवं इसी प्रकार कार्य कर रहे अन्य यूनिवर्सिटी के बारे में विस्तृत अध्ययन करने के उपरांत, राज्य के लिये एक डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिये निर्देशित किया।

    मंत्री परमार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप, उनसे संबंधित समस्त प्रक्रिया को डिजिटाईज करने के लिये निर्देशित किया। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में आंतरिक मूल्यांकन को डिजिटाईज करने के लिये भी निर्देशित किया। इसी अनुकम में अगली बैठक में डिजिटल युनिवर्सिटी के एक्ट पर कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिये गये।

    प्रस्तावित डिजिटल यूनिवर्सिटी के अंतर्गत स्नातक एवं स्नातकोत्तर (UG/PG) एवं अन्य प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा हुई। इसमें विशेषकर आर्टिफिसियल इंटेलीजेन्स एण्ड मशीन लर्निंग UG प्रोग्राम, सायबर सिक्यूरिटी एवं थ्रेट इंटेलीजेन्स पर PG प्रोग्राम, डिजिटल मार्केटिंग एण्ड एनालिटिक्स, डिजिटल सप्लाई चेन मैनेजमेन्ट पर एमबीए प्रोग्राम चलाने के बारे में विचार विमर्श किया गया।

    बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह, आयुक्त तकनीकी शिक्षा अवधेश शर्मा एवं कुलसचिव राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. मोहन सेन और अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • जनकल्याणकारी नीतियों का असर, वनवासियों की आय में बढ़ोतरी – केदार कश्यप

    वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न

    रायपुर
    वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति(आईडीसी)की 309वीं बैठक नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति (आईडीसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा लाभ होगा और वनवासियों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में बेहतर आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

    वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 308वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों – तेंदूपत्ता, ईमली (बीज रहित), महुआ फूल, गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज, जामुन पल आदि वनोपजों का विक्रय मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

    इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • रायपुर में बीजापुर का परचम लहराया, राज्य स्तरीय एथलेटिक्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन

    रायपुर

    राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार उपलब्धि दर्ज कराते हुए बीजापुर खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने पहली बार 8 स्वर्ण, 2 रजत एवं 1 कांस्य सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए। बीजापुर जिले की यह उपलब्धि खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित हो गई है।

    बिलासपुर के बहतराई एथलेटिक्स स्टेडियम में 5 से 7 सितम्बर 2025 तक छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स संघ द्वारा आयोजित 22वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बीजापुर अकादमी के कुल 20 खिलाड़ियों (13 बालिका एवं 7 बालक) ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन कर जिले का नाम पूरे प्रदेश में गौरवान्वित किया।

    प्रतियोगिता में लक्ष्मण हपका ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, ऊंची कूद, लंबी कूद) एवं किड्स जैवलिन में स्वर्ण पदक अर्जित किए। नताशा तेलामी ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, शॉटपुट बैक थ्रो) में स्वर्ण पदक हासिल किया। सविता कुहरामी ने ट्रायथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, 600 मीटर रन) में स्वर्ण पदक जीता। निर्मती तेलम ने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। संतोषी भंडारी ने 60 मीटर एवं 600 मीटर रन में स्वर्ण पदक जीता। अंजली कारम ने पेंटाथलॉन (60 मीटर रन, लंबी कूद, 60 मीटर हर्डल, शॉटपुट, 600 मीटर रन) में स्वर्ण पदक तथा लंबी कूद में रजत पदक हासिल किया। भूमिका कुरसम ने जैवलिन थ्रो में रजत तथा पूजा वाचम ने 1000 मीटर रन में कांस्य पदक प्राप्त किया।

    इस प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बीजापुर अकादमी के 5 खिलाड़ी एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के एन्ट्री स्टैंडर्ड को क्वालीफाई कर 10 से 14 अक्टूबर 2025 तक कालिंगा स्टेडियम, भुवनेश्वर (ओडिशा) में आयोजित होने वाली 40वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    ये सभी खिलाड़ी बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़े हुए हैं तथा शासकीय नवीन कन्या हाई स्कूल एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थी हैं। इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं प्रभारी खेल अधिकारी श्री नारायण प्रसाद गवेल ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर सहायक आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह, प्राचार्य एकलव्य श्री अनिल मिश्रा, पीईटी कुमारी अमिता गुर्जर एवं एथलेटिक्स टीम के कोच श्री संदीप कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

  • रायपुर के छात्रों को राहत, सीएम विष्णुदेव साय ने किए 24 छात्रावास भवनों का ऐलान

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी जिले को 24 नए छात्रावास भवनों की बड़ी सौगात

    मुख्यमंत्री साय ने 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की दी मंजूरी

    जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को 24 नए छात्रावास भवनों की बड़ी सौगात दी है।  शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेते हुए अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में नए छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। छात्रावास भवनों के निर्माण से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा क्योकि विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों और वंचित वर्गों के छात्रों को एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा । जिले में 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए  41 करोड़ 59 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।

                 प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने छात्रावास भवनों के निर्माण में पूर्ण गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करने निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों और सहायक आयुक्तों को निर्देशित किया है। छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए मंजूरी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। जिले में नए छात्रावास भवन निर्माण के लिए पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास जशपुर के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पैकु के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास मनोरा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बगीचा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी के लिए 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल के लिए 2 करोड़ 89 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन दुलदुला  के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गई है। 

                  इसी प्रकार प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल हैं। प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन गाला के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है,जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाएगा।

    जर्जर भवन से विद्यार्थियों को मिलेगी मुक्ति, सर्व सुविधायुक्त भवन का किया जाएगा निर्माण

                    इन छात्रावास भवनों के बन जाने से जशपुर जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक आवासीय सुविधा मिलेगी। खासतौर पर आदिवासी एवं सुदूर अंचल के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने और भोजन की सुविधा भी बेहतर ढंग से उपलब्ध होगी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जिले वासियों ने जताया आभार

              जिले के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणा,  विद्यार्थियों  के अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा और आदिवासी बच्चों के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

  • राष्ट्रीय स्तर पर आयुष विभाग को पहचान, स्कॉच अवॉर्ड 2025 से होगा नवाजा गया

    आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड – 2025"

    भोपाल

    आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड-2025" सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा।

    आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है।

    आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य

    आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है।

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025" मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है।

    प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा ने बताया कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।

     

  • रीवा में पुनर्घनत्वीकरण योजना की समीक्षा: शुक्ल ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    रीवा

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के पुनर्घनत्वीकरण योजना के अंतर्गत चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य परियोजनाओं का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को योजनानुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों में भविष्य की आवश्यकताओं और जन-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन आधुनिक शहरी अधोसंरचना और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नगर निगम रीवा में अमृत 2.0 अंतर्गत पेय जल व्यवस्था के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, आयुक्त एमपीएचआईडीबी राहुल हरिदास फटिंग, आयुक्त नगर निगम रीवा डॉ. सौरभ सोनवड़े सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राजेन्द्र शुक्ल ने कहा – मोदी जी की सोच और कार्यशैली पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर विशेष
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व पूरे विश्व का प्रेरणा स्रोत

    • राजेन्द्र शुक्ल

    भोपाल

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का व्यक्तित्व आज पूरे विश्व में प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व गति से प्रगति पथ पर कदम बढ़ाए हैं। उनके जन्मदिवस पर हम सभी कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना करते हैं। उन्होंने भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के साथ ही भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का उनका मंत्र आज राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है।

    प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व उस समय और अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ जब दुनिया अनेक चुनौतियों से जूझ रही थी। विषम परिस्थितियों में उन्होंने भारत को न केवल सुरक्षित रखा बल्कि प्रगति की नई दिशा भी दी। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से अग्रसर है। यह उपलब्धि केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर है। वास्तव में प्रधानमंत्री जी के प्रयास भारत को विश्वगुरु के स्थान तक ले जाने वाले हैं। उनकी सोच वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को साकार करती है, जो आज के वैश्विक परिदृश्य में शांति और सामूहिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

    स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्य ऐतिहासिक हैं। पहले कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि कोई सरकार 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर सकती है। लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने इसे साकार कर दिखाया। करोड़ों गरीब परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वयवंदना योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा ने उन्हें नई आशा और आत्मविश्वास दिया है। कोविड-19 महामारी के कठिन समय में स्वदेशी वैक्सीन का निर्माण और देशव्यापी टीकाकरण अभियान ने भारत को दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा कर दिया।

    जनकल्याण के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री जी का योगदान असाधारण है। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए उन्होंने ऐसी योजनाएँ शुरू कीं, जो सीधे उनकी जिंदगी बदलने वाली सिद्ध हुईं। जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का अभियान केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता ही नहीं बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रतीक है। यह पहल उतनी ही परिवर्तनकारी है जितनी अटल जी की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना थी, जिसने देश के गाँवों को नई पहचान दी थी।

    आर्थिक मोर्चे पर मोदी जी के नेतृत्व ने भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। एक समय 11वें स्थान पर रही भारतीय अर्थव्यवस्था आज चौथे स्थान पर पहुँच गई है और जापान जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ चुकी है। ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने न केवल भारत को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी का केंद्र भी स्थापित किया है।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। जी-20 की अध्यक्षता और वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त भूमिका ने यह प्रमाणित कर दिया है कि भारत अब केवल उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि दुनिया का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर दृढ़तापूर्वक अग्रसर है।

    वर्ष 2047 तक विकसित भारत का जो सपना प्रधानमंत्री जी ने रखा है, वह केवल एक लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय संकल्प है। यह संकल्प आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में भारत को विश्वगुरु बनाने वाला है। आज पूरा देश गर्व और उत्साह से इस यात्रा में सहभागी है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करता हूँ। उनका नेतृत्व भारत को निरंतर नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है और आने वाले वर्षों में भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।

     

  • आज श्रमिकों को मिलेगा बड़ा तोहफ़ा, मुख्यमंत्री साय 65.16 करोड़ की सहायता राशि करेंगे जारी

    कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे    

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को अपरान्ह 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग  द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।

  • रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच राजभवन में आज

    भोपाल 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल द्वारा राजभवन में आज रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राजभवन में आवश्यक तैयारियां पूर्ण हो गई है। रक्तदान और नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था राजभवन के सांदीपनि सभागार में की गई है। शिविर प्रातः 11 बजे से अपराह्न 1:30 बजे तक रहेगा। आमजनों के लिए राजभवन के गेट नम्बर 02 से प्रवेश की सुविधा रहेगी।

    राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि शिविर का आयोजन राजभवन और रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। शिविर अवधि में आमजन स्वेच्छा से रक्तदान कर सकते हैं। स्त्रीरोग और नेत्ररोग की आमजन निःशुल्क जाँच करा सकते हैं। श्री कोठारी ने नागरिकों से राजभवन में आयोजित हो रहे शिविर में भाग लेने का अनुरोध किया है।

     

  • AI तकनीक बनेगी समानता की मिसाल, लिंग और रंगभेद के खिलाफ नया अध्याय शुरू

    भोपाल 

    भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (आइसर) की लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण शोध कार्य किया गया है। ये शोध एआइ में महिला-पुरुष, ग्रामीण-शहरी और गोरे-सांवले आदि के बीच लगातार पनप रहे पक्षपात को खत्म करेगा। इससे एआइ के प्रति भरोसा बढ़ेगा और गलतियां भी कम होंगी।

    दरअसल, एआइ मॉडल को विकसित करने के लिए करोड़ों-अरबों तस्वीरों, टेक्स्ट और आवाजों समेत अन्य प्रकार की सूचनाएं विभिन्न माध्यम से दी जाती हैं। लोग जानकारी को समझने व याद करने की जगह ‘शॉर्टकट’ को अपनाते हैं, ऐसे में एआइ गलतियां करता है, लेकिन आइसर की इस तकनीक से ये सारे पूर्वाग्रह खत्म होंगे।

    एआइ का ‘शॉर्टकट’ भारतीयों के लिए दिक्कत

    अधिकांश एआइ मॉडल्स को यूरोप और अमेरिकी वातावरण दिया गया है। यही कारण है कि जब कोई तस्वीर मांगी जाती है, तो वह यूरोप-अमेरिकी पुरुषों की देता है, लेकिन महिला और भारतीयों की फोटो के लिए विशेष प्रॉम्प्ट देना होता है।

    एआइ पुरुष उम्मीदवारों को महिलाओं से ज्यादा योग्य मान लेता है और गोरे लोगों की अपेक्षा सांवलों को कम प्राथमिकता देता है। आइसर भोपाल के पीएचडी शोधार्थी राजीव द्विवेदी और बीएस छात्र अंकुर कुमार ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनोद कुर्मी के मार्गदर्शन में दो साल की कड़ी मेहनत के बाद ’जेनेरलाइज्ड मल्टी बायस मिटिगेशन’ (जीएमबीएम) नामक टेक्नोलॉजी विकसित की है।

    जीएमबीएम दो चरणों में करती है काम

    -पहला एडेप्टिव बायस इंटीग्रेटेड लर्निंग (एबीआइएल): इसमें एआई को सभी प्रकार के ’पक्षपात’ (बायस) को पहचानना सिखाया जाता है।

    -ग्रैडिएंट सप्रेशन फाइन ट्यूनिंग: इसमें एआई से उन पक्षपातपूर्ण प्रवृत्तियों को हटा दिया जाता है, जिससे वह निष्पक्ष और भरोसेमंद बन सके।

  • RSS शताब्दी वर्ष आयोजन को लेकर उत्साह, डेढ़ लाख गणवेश की मांग, 36 शहरों में खुले केंद्र

     इंदौर
     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष अवसर पर विजयादशमी को होने वाले पंथ संचलन को लेकर स्वयंसेवकों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है।

    अब तक डेढ़ लाख गणवेश लिए जा चुके हैं। यह पहला अवसर है जब गणवेश की पूर्ति के लिए रामबाग के अर्चना कार्यालय के साथ-साथ आरएसएस के पांच जिलों के 36 नगरों में वस्तु भंडार खोले गए हैं।पिछले वर्ष विजयादशमी पर जहां 65 हजार स्वयंसेवकों ने कदम ताल किया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या दो लाख के पार जाने की संभावना है।

    इस बार पांच अक्टूबर को पथ संचलन -दशहरे के दो दिन बाद यानी पांच अक्टूबर को विभिन्न नगरों से निकलने वाले पथ संचलन में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे, जिनमें संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले का नाम प्रमुख है। पहली बार संचलन के बाद प्रकट शारीरिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    5 अक्टूबर का दिन चुनने का कारण

    यह बताया जा रहा है कि इस दिन रविवार है, जिससे स्कूलों की छुट्टी होगी और ट्रैफिक कम रहेगा। मातृ शक्तियों के लिए भी आगमन सुविधाजनक होगा। इस बार समाज के विभिन्न प्रतिनिधि भी गणवेश में रहेंगे, जिसमें व्यापारी, व्यवसायी और कार्पोरेट क्षेत्र से जुड़े नौकरीपेशा भी शामिल होंगे।

    संचलन का सिलसिला सुबह 9.30 बजे शुरू होगा और शाम 5.30 बजे तक जारी रहेगा। इंदौर में हर संचलन में 4-5 हजार स्वयंसेवकों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर से निकलने वाले 36 पथ संचलनों के मार्ग तय हो गए हैं और उनकी जिम्मेदारी पर चर्चा जारी है। केंद्रीय स्तर के आने वाले पदाधिकारियों के नाम भी निर्धारित किए जा रहे हैं।

    संघ प्रमुख ने पदाधिकारियों से किया कई बार संवादसंघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष के आयोजनों को लेकर स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों से कई बार संवाद किया है। इस वर्ष नौ माह में वे चार बार इंदौर आए हैं। इस दौरान उन्होंने अनुषांगिक संगठनों के साथ मिलकर शताब्दी वर्ष की तैयारी को लेकर मालवा प्रांत के पदाधिकारियों से चर्चा की।

  • धार में पीएम मोदी के जन्मदिन पर होगा आदि सेवा पर्व का शुभारंभ, तीन लाख कर्मयोगी तैयार होंगे

    धार 

     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi 75th Birthday) आज 17 सितंबर को धार जिले के भैसोला में आदि कर्म योगी अभियान के अंतर्गत आदि सेवा पर्व का शुभारंभ करेंगे। यह दो अक्टूबर तक चलेगा।

    इसमें जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी गतिविधियां होंगी। अभियान में तीन लाख आदि कर्मयोगियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

    आदि कर्मयोगी अभियान में लगभग तीन लाख युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल हैं।

    प्रत्येक गांव के लिए विकास का दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसका अनुमोदन दो अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभा में कराया जाएगा। ग्राम स्तर पर आदि सेवा केंद्र बनाए जाएंगे।

    आदि सेवा पर्व में जनजागरण यात्राएं, क्षेत्र-भ्रमण, ग्रामीणों का उन्मुखीकरण, ग्राम विकास आवश्यकताओं के लिए विषयवार समूह चर्चाएं, ग्राम अपेक्षाओं के प्रदर्शन के लिए दीवार-लेखन, ग्राम विकास योजना तैयार करके विभागवार जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा।

    ट्राइबल विलेज विजन 2030 में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन, महिला एवं बाल विकास योजनाओं का लाभ, आजीविका के साधनों का सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर फोकस है।

    पीएम मित्रा पार्क से मिलेंगे 3 लाख रोजगार

    पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे. अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा. प्रधानमंत्री का यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा.

    बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ सुमन सखी चैटबॉट को लॉन्च करेंगे. पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे. जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे.

    प्रधानमंत्री मोदी एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे. कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी एवं हितग्राही उपस्थित रहेंगे.

    नगर मंडल की बैठक में कार्यक्रम की गतिविधियों की रुपरेखा तैयार की गई

    सेवा पखवाड़े के दौरान कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर शामिल हैं। साथ ही दिव्यांगजनों को उपकरण वितरण, स्वदेशी मेला, सांसद खेल कूद प्रतियोगिता और विकसित भारत चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

    पूर्व मंत्री दत्तीगांव ने कहा कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री के क्षेत्र से होना गौरव की बात है। 17 सितंबर को भैंसोला में मित्रा पार्क का भूमिपूजन भी होगा। प्रधानमंत्री की सभा में एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का लक्ष्य रखा गया है।

    बैठक का संचालन भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष अक्षय शर्मा ने किया। इस दौरान मंडल के सभी पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।