• इंदौर से आगे बढ़ेगा रेलवे नेटवर्क, 1873 करोड़ की नई रेल लाइन का संचालन फरवरी में हो सकता है शुरू

    इंदौर

    इंदौर शहर का डेड एंड खत्म करने के लिए वर्षों से लंबित इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम अब तेजी से चल रहा है। रेलवे इस प्रोजेक्ट के इंदौर-धार रेल लाइन का काम अंतिम दौर में कर रहा है। फरवरी में सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) के निरीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद धार तक ट्रेन चल जाएगी। 

    1873 करोड़ का है प्रोजेक्ट

    मालूम हो, धार क्षेत्र में आज तक ट्रेन नहीं पहुंची है। पीथमपुर, सागौर, गुणावद, टीही में स्टेशन बिल्डिंग, पटरियां बिछाने और ब्रिजों का काम अंतिम दौर में है। 204.76 किमी में इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट वर्षों से अटका है। प्रोजेक्ट के लिए 1873.10 करोड़ मिले है। धार तक 21 ब्रिज बनने है, जिनमें से 19 का पूरा हो गया है।

    राजस्थान तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी

    रतलाम रेल मंडल पीआरओ खेमराज मीना ने बताया कि धार लाइन से इंदौर का दाहोद, छोटा में से उदयपुर के जरिए मुंबई-गुजरात से सीधा जुड़ाव होगा। धार स्टेशन मांडू के जहाज महल की प्रतिकृति बनाया जा रहा है। इस रेल लाइन सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। कृषि और व्यवसाय के लिए परिवहन मजबूत होगा।

    काम की स्थिति

    इंदौर से टीही 21 किमी

    राऊ से धार के लिए रेल लाइन डाली जानी है। राऊ से टीही तक 21 किमी तक ट्रैक बन चुका है। टीही तक मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है।

    टीही से पीथमपुर 8.29 किमी

    टीही से पीथमपुर तक पटरियां बिछ चुकी हैं। राऊ से बिछे ट्रैक और नई पटरियों के बीच 2.9 किमी टनल का फिनिशिंग का काम चल रहा है। बाद टनल में पटरियां बिछेंगी।

    पीथमपुर से सागौर : 9.12 किमी

    पीथमपुर से सागौर के बीच पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। पीथमपुर में स्टेशन की फिनिशिंग चल रही है. हालांकि स्टेशन के पीछे वाली भूमि का अधिग्रहण बाकी है।

    सागौर से गुणावद : 15.14 किमी

    4 किमी से अधिक हिस्से में पटरियां डल गई हैं। इसके अलावा अन्य हिस्सों में पटरियां बिछाई जा रही हैं। स्टेशन का काम अंतिम दौर में है।

    गुणावय से धार: 14.02 किमी

    किमी से अधिक किमी तक पटरियां डाली जा चुका है। धार में स्टेशन का स्ट्रक्चर खड़ा होने के बाद फिनिशिंग की 9.8 जा रही है। धार से आगे तिरला तक अर्थ वर्क चल रहा है।

  • MP हाईकोर्ट ने दिया बड़ा राइट्स फैसला: वयस्क महिला अपनी मर्जी से जीवन साथी चुन सकती है

    इंदौर

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि महिला वयस्क है, भले ही वह शादीशुदा है तो वह अपनी मर्जी के हिसाब से किसी के साथ रह सकती है। दरअसल, एक याचिका की सुनवाई के दौरान महिला को शुक्रवार को हाई कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच लाया गया।

    महिला ने कोर्ट में कहा कि वह याचिकाकर्ता के साथ रहना चाहती है, लेकिन उसके माता-पिता ने उसे जबरन अपने पास रखा है। इधर महिला के माता-पिता ने कहा कि उसकी पहले ही शादी हो चुकी है। शादी के बाद उसे अपने पति के साथ रहना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उक्त टिप्पणी की।

     “मैं पूरी तरह बालिग हूँ और कानून मुझे यह अधिकार देता है कि मैं अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले खुद लूं। मैं अपनी मर्जी से जिसके साथ चाहूँ, उसके साथ रह सकती हूँ। मेरे माता-पिता मेरी इच्छा के खिलाफ मुझे जबरन अपने पास रखे हुए हैं। मैं किसी दबाव में नहीं हूँ और स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि मैं धीरज के साथ रहना चाहती हूँ। मुझे अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने दिया जाए।”

    पुलिस सुरक्षा के बीच  इंदौर हाई कोर्ट पहुंची महिला ने न्यायालय के सामने यह स्पष्ट बयान दिया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि महिला वयस्क है तो वह अपनी इच्छा के अनुसार किसी के साथ भी रह सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि महिला का शादीशुदा होना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद पर रोक नहीं लगा सकता। यह फैसला उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें एक युवक ने आरोप लगाया था कि उसकी साथी को उसके माता-पिता ने जबरन अपने पास रखा हुआ है।

    यह मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी धीरज नायक से जुड़ा है, जिन्होंने अपने अधिवक्ता जितेंद्र वर्मा के माध्यम से हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि धीरज ने संध्या नामक महिला से विवाह किया है और संध्या उसके साथ रहना चाहती है, लेकिन उसके माता-पिता उसे जबरदस्ती अपने घर में रखे हुए हैं और बाहर जाने की अनुमति नहीं दे रहे।

    पुलिस सुरक्षा में कोर्ट लाई गई महिला

    इस मामले की पिछली सुनवाई 2 दिसंबर को हुई थी, जिसमें हाई कोर्ट ने महिला को स्वयं कोर्ट के सामने पेश कर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा के बीच महिला को इंदौर हाई कोर्ट लाया गया। सुनवाई के दौरान महिला ने साफ तौर पर कहा कि वह अपनी मर्जी से याचिकाकर्ता धीरज नायक के साथ रहना चाहती है और उसके माता-पिता उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध अपने पास रखे हुए हैं।

    महिला ने यह भी बताया कि इससे पहले कोर्ट के निर्देश पर एक न्यायिक दंडाधिकारी (JMFC) के समक्ष भी उसके बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। उन बयानों में भी उसने यही कहा था कि उसे जबरन अपने माता-पिता के नियंत्रण में रखा गया है और वह स्वतंत्र रूप से अपनी जिंदगी का फैसला नहीं कर पा रही है।

    माता-पिता ने कहा, पहले से शादीशुदा है बेटी

    वहीं, महिला के माता-पिता की ओर से यह दलील दी गई कि उनकी बेटी की पहले ही शादी हो चुकी है। उनका कहना था कि शादी के बाद महिला को अपने पति के साथ ही रहना चाहिए और किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का उसे अधिकार नहीं है। माता-पिता ने इसे सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं से जोड़ते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की।

    हालांकि, हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद महिला की उम्र और उसकी स्वतंत्र इच्छा को सबसे महत्वपूर्ण आधार माना। अदालत ने कहा कि कानून की नजर में यदि महिला बालिग है, तो उसे यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह किसके साथ और कहां रहना चाहती है।

    हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसी भी वयस्क महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं रोके रखना कानूनन गलत है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शादीशुदा होना किसी महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को खत्म नहीं करता। संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार (अनुच्छेद 21) के तहत महिला अपने जीवन से जुड़े फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र है।

    कोर्ट ने यह भी माना कि माता-पिता या परिवार की असहमति के बावजूद, यदि महिला ने स्पष्ट रूप से अपनी इच्छा जाहिर कर दी है, तो उसे उसी के अनुसार निर्णय लेने दिया जाना चाहिए।

    धीरज नायक को सौंपी गई महिला की सुपुर्दगी

     हुई सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि महिला को धीरज नायक के साथ ही रहने दिया जाए। कोर्ट ने महिला की सुपुर्दगी धीरज को सौंपते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि वह दोनों को सुरक्षा प्रदान करे और सुरक्षित रूप से सवाई माधोपुर तक छोड़कर आए। अदालत ने यह आदेश भी दिया कि इस दौरान किसी प्रकार का दबाव, धमकी या हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, ताकि महिला बिना किसी भय के अपने फैसले पर अमल कर सके।

    व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर फिर मुहर

    यह फैसला एक बार फिर यह स्थापित करता है कि भारतीय न्यायपालिका वयस्क महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद के अधिकार को सर्वोपरि मानती है। इससे पहले भी कई मामलों में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट यह कह चुके हैं कि बालिग महिला को यह अधिकार है कि वह अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुने और उसके साथ रहे, चाहे परिवार या समाज को यह पसंद हो या नहीं।

     विधि विशेषज्ञ मयंक सिंह ने कहा, कि यह आदेश उन मामलों में नजीर बनेगा, जहां पारिवारिक दबाव के चलते महिलाओं की स्वतंत्रता छीनी जाती है। अदालत का यह रुख साफ संकेत देता है कि कानून की नजर में सबसे अहम महिला की सहमति और उसकी इच्छा है, न कि सामाजिक दबाव या पारिवारिक परंपराएं।

  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक, इंदौर के विकास के लिये हुये कई अहम निर्णय

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की अनेक सौगाते दीं। अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिये कई अहम निर्णय भी बैठक में हुये। इस मैराथन बैठक में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएँ धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा।

    भूमिगत होगा मेट्रो का प्रमुख हिस्सा-राज्य सरकार देगी 800–900 करोड़ रुपए
    बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएँ बनी रहीं, इसलिए सुझाव आया कि मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्य हिस्से को भूमिगत करने के लिये निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इंदौर के भविष्य को देखते हुए लिया गया है ताकि मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिले और यातायात प्रबंधन बेहतर हो।

    एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की यह परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाये। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिज़ाइन तय करें। बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह परियोजना आने वाले 25–50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी।

    इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का होगा विस्तार—14,000 वर्ग किमी में जुड़ेगा पूरा मालवा
    बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य को ध्यान में रखते हुए  इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर का मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में पाँच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन,एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट,उज्जैन और रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट,दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे,दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन इन्हें आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार–उद्योग–पर्यटन हब बनाने की योजना है।

    स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर—इंदौर को देंगे नई आर्थिक पहचान
    बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। बताया गया कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन के तर्ज पर विकसित किया जाये। बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसकी इंडोर क्षमता 5 हजार और आउट डोर क्षमता 10 हजार रहेगी।

    हुकुमचंद मिल परियोजना बनेगी देश के लिये मॉडल
    बैठक में बताया गया कि हुकुमचंद मिल परियोजना का क्रियान्वयन जल्द प्रारंभ होगा। इस मिल की भूमि का पंजीयन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गयी है। सम्पूर्ण 17.5 हेक्टेयर भूमि के विकास के लिये डीपीआर तैयार हो गयी है। निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। आगामी तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस भूमि का ऐसा विकास किया जाये,जो देश के लिये मॉडल हो। इसमें देश की शीर्षस्थ नियोजकों की मदद ली जाये। बड़े निवेशकों को भी निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जाये।

    पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि का  होगा रिडेंसिफिकेशन
    बैठक में पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुर्नघनत्वीकरण (Redevelopment) के लिए निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने  इसके प्लान में विशेष रूप से ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित करने पर जोर दिया।

    स्मार्ट इंदौर—आईटी, सीसीटीवी, फ्यूचर-रेडी सिस्टम
    बैठक में इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिये गये। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना,उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने,ई-बस प्रोजेक्ट संचालित करने,स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि  जनसहभागिता आधारित सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। इसके तहत 13690 स्थान चिन्हित किये गये हैं, जहाँ लगभग 60 हजार कैमरों की स्थापना की जायेगी। इसकी एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क स्थापित किये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा का संचालन होगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलायी जायेंगी। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलना शुरू हो जायेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

    स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना
    शहर की झुग्गी बस्तियों के पूर्ण पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि इसके तहत आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाये जायेंगे। इसके लिये वर्तमान में 10 स्थानों के लिये डीपीआर तैयार की जा रही है।

    एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और नए खेल मैदान होंगे विकसित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर खेलों की राजधानी है। इंदौर में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मुहैया करायी जायेंगी। इसके लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा

    विश्वविद्यालय बनेंगे रोजगार देने वाले शिक्षा केन्द्र
    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल रही है। मध्यप्रदेश में तेज से उद्योग स्थापित हो रहे हैं। यहाँ रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किये जायें कि मध्यप्रदेश में रोजगार देने वाले विश्वविद्यालय स्थापित हो। यह विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ रोजगार देने का केन्द्र भी बनें। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र में फूड पार्क विस्तार की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ मेडिकल टूरिज्म, वेलनेस सेंटर, आईटी क्षेत्र में भी निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास की दिशा में बदनावर का पीएम मित्रा पार्क मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने उक्त क्षेत्रों में निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिये इन्वेटर्स समिट आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इंदौर सहित पूरा मालवा एक प्रमुख औद्योगिक शक्ति क्षेत्र बनने की ओर अग्रसर है।

    इंदौर के विकास का बनेगा समन्वित प्लान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और आस-पास का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। यहाँ यातायात सुगम बनाने तथा यातायात से जुड़े आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिये समन्वित प्लान तैयार किया जाये। यह प्लान झोनल स्तर पर भी हो। इस प्लान में परिवहन, मेट्रो, यातायात, पुलिस, स्थानीय निकाय, जिला प्रशासन तथा निर्माण से जुड़े विभागों आदि को भी शामिल करें। बैठक में मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण को गति देने के लिये निर्णय लिया गया कि बेटरमिन चार्ज का युक्तियुक्तकरण किया जाये। साथ ही निर्णय लिया गया कि मिसिंग लिंक्स के निर्माण को गति दी जाये। इस संबंध में एफएआर-टीडीआर देने के साथ ही प्लाट देने की संभावनाओं का भी पता किया जाये। बैठक में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये बताया गया कि शीघ्र ही पश्चिमी और पूर्वी बायपास का निर्माण प्रारंभ किया जायेगा। पश्चिमी बायपास की कुल लम्बाई 68 किलोमीटर रहेगी। इसी तरह पूर्वी बायपास की लम्बाई 83.63 किलोमीटर होगी।

    बैठक में बायपास के दोनों ओर 543 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सर्विस रोड़ निर्माण का निर्णय भी लिया जायेगा। बताया गया कि इससे बायपास सहित शहर का यातायात सुगम होगा।

    इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर को मिलेगी गति
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनोमिक कॉरिडोर की समीक्षा भी की। उन्होंने इस कॉरिडोर के निर्माण को गति देने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर अपने पूर्ण स्वरूप में विकसित किया जाये। यह प्रयास किये जायें कि यहाँ तेजी से औद्योगिक ईकाईयाँ स्थापित हों। इसके लिये निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाये तथा भू-स्वामियों को भी आवश्यक मदद दी जाये।

    बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव सहित विधायकगणों आदि ने भी अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने इंदौर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिये किये जा रहे कार्यों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनजागरण के साथ ही महिला शक्ति वाहिनी मोबाईल पेट्रोलिंग सेवा प्रारंभ की गयी है। मध्यस्ता केन्द्र के माध्यम से 66 प्रतिशत शिकायतों का निराकण सुनिश्चित किया गया है। मुस्कान अभियान के तहत इस वर्ष अभी तक गुम हुई 879 बालिकाओं को वापस लाया गया। बैठक में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने इंदौर में चल रहे विकास कार्यों तथा प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

    बैठक में विधायक श्री मधु वर्मा, श्री महेंद्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, श्री रमेश मेंदोला, तथा श्री गोलू शुक्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना मालवीय,अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय श्री नीरज मण्डलोई,अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे,प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग श्री सुखवीर सिंह,संभागायुक्त इंदौर संभाग डॉ. सुदाम खाड़े,कमिश्नर नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे,सचिव गृह श्री अभिषेक सिंह,एमडी मेट्रो श्री कृष्ण चैतन्य,एमडी एमपीआईडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला, आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री श्रीकांत बनोठ,पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह,कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, श्री सावन सोनकर, श्री प्रताप करोसिया, श्री गौरव रणदिवे, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

  • इंदौर मेट्रोपोलिटन से भविष्य की योजना होगी साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में शून्य से शिखर सम्मान-2025 में हुए शामिल

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर का अपना एक रोल है। इंदौर में मेट्रोपोलिटन का नक्शा बनाया गया है, जो भविष्य की योजना को साकार करेगा। आज जो मेट्रोपॉलिटन का नक्शा बना है, वह 14 हजार किलोमीटर का है। इंदौर से लेकर रतलाम और रतलाम से लेकर शाजापुर तक सराउंडिंग क्षेत्र में यह मेट्रोपोलिटन का नक्शा इंदौर-भोपाल के साथ क्लीन सिटी के रूप में जुड़ाव करेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की दृष्टि से महानगर की श्रेणी में इंदौर का जो क्षेत्र बनेगा उसी आधार पर भविष्य की इमारतें खड़ी होंगी और निर्माण का अगला पड़ाव तय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में आयोजित शून्य से शिखर सम्मान -2025 में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो ट्रेन को भूमिगत भी चलाया जाएगा। इस कार्य में जो राशि लगेगी सरकार देगी। शहर की खूबसूरती को ख़त्म नहीं होने देंगे। एलिवेटेड रोड भी बनेगा, एलिवेटेड रोड से जनता को जहाँ सुविधा होगी वहाँ उन्हें रास्ते भी देंगे। उन्होंने कहा कि पाँच साल के अंदर विकास परक बजट डबल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी नए अवसर तलाशने और बेहतर तकनीक से जुड़ने की आवश्यकता है। ड्रोन टेक्नोलॉजी से लेकर सेमी कंडक्टर तक, आईटी से लेकर हेल्थ तक, इंफ्रास्ट्रक्चर से वेलनेस और टूरिज्म तक, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारियां जारी है। मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने में शासन पीछे नहीं रहेगा।

    कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्पमित्र भार्गव,  संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा श्री राजेश चेलावत, श्री किशोर चेलावत उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

     

  • सामूहिक विवाह में मुख्यमंत्री का संदेश— 551 जोड़ों के नए जीवन की हुई शुभ शुरुआत

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक श्री मधु गहलोत के पुत्र श्री मोहित सिंह गहलोत और उनकी पुत्रवधू सहित आगर मंडी प्रांगण में सात फेरों के बंधन में बंधने वाले सभी 551 जोड़ों को ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जवल भविष्य शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र अनुरूप सामूहिक विवाह कार्यक्रम सभी अभिभावकों के विवाह आयोजन के स्वप्न को साकार करने में सहायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकर खुशी व्यक्त की कि विधायक श्री मधु गहलोत अब तक 10 हजार बेटियों के विवाह में सहयोग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री गहलोत के पुत्र श्री मोहित सिंह गहलोत से अपेक्षा जताई कि वे अपने पिता के समाजसेवा कार्य को आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने इस शुभ आयोजन के लिए दादा नर्सिंग फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की और बाबा बैद्यनाथ की धरती में आयोजित इस मंगल कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट सहित अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • डेयरी क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल: डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना बनेगी आत्मनिर्भरता का आधार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को हर संभव तरीके से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जाएगा। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने सहित वर्तमान डेयरी उद्योग को सुनियोजित, सुव्यवस्थित, व्यावसायिक और लाभकारी बनाने की दिशा में 'डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना' आरंभ की है। यह योजना खासतौर पर उन जरूरतमंद युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है, जो आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित कर अपनी आय का स्थायी साधन विकसित करना चाहते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये-नये अवसर सृजित करना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।

    डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना में लाभार्थियों को 25 दूधारू पशुओं की एक इकाई स्थापित करने का अवसर दिया जाता है। इच्छुक और सक्षम हितग्राही अधिकतम 8 इकाइयां अर्थात 200 पशुओं तक की डेयरी परियोजना भी स्थापित कर सकते हैं। यह योजना छोटे से लेकर मध्यम स्तर के डेयरी उद्यमियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। योजना की एक प्रमुख शर्त यह है कि प्रति इकाई के लिए इच्छुक हितग्राही के पास कम से कम 3.50 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध हो। भूमि की यह व्यवस्था पशुओं के आवास, चारे की व्यवस्था और डेयरी के समुचित तरीके से संचालन के लिए जरूरी है। इसके साथ ही सरकार पशुपालकों/दूध उत्पादकों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग को भी महत्व दे रही है, जिससे पशुपालक वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धति से अपना डेयरी बिजनेस चला सकें। पशुपालकों को आर्थिक सहायता देना इस योजना का सबसे आकर्षक पहलू है। परियोजना की कुल लागत पर सरकार द्वारा अनुदान (सब्सिडी) भी दिया जा रहा है।

    अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को कुल परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तथा अन्य सभी वर्गों को 25 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। शेष राशि बैंक ऋण के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। इस प्रावधान से बड़े निवेश की बाधा काफी हद तक कम हो जाती है और डेयरी बिजनेस शुरू करना भी आसान हो जाता है। योजना में लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और चयन सामान्यत: “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर ही किया जा रहा है। साथ ही उन पशुपालकों को भी प्राथमिकता दी जा रही है, जो पहले से ही किन्हीं दुग्ध संघों या सहकारी संस्थाओं को निरंतर दुग्ध आपूर्ति कर रहे हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। इच्छुक आवेदक पशुपालन एवं डेयरी विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने जिले के पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय से विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन भी ले सकते हैं।

    योजना के बारे में कुछ तथ्य
        1. मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना में नवीन घटक के रूप में राज्य सरकार ने 25 अप्रैल 2025 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना को मंजूरी दी।

        2. योजना के अंतर्गत 25 दुधारु पशु की प्रति इकाई राशि 36 लाख से 42 लाख रुपये तक की इकाई लागत है।

        3. योजना में अधिकतम 8 इकाइयों की स्थापना एक हितग्राही द्वारा की जा सकती है। एक इकाई में एक ही नस्ल के गौ-वंश एवं भैसवंशीय पशु रहेंगे।

        4. हितग्राही के पास प्रत्येक इकाई के लिये न्यूनतम 3.50 एकड़ कृषि भूमि होना जरूरी है।

        5. भूमि के लिये परिवार के सामूहिक खाते भी सम्मिलित हैं। इनके लिये अन्य सदस्यों की सहमति भी जरूरी होगी।

        6. इकाइयों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि होने पर आनुपातिक रूप से न्यूनतम कृषि भूमि की अर्हता में भी आनुपातिक वृद्धि जरूरी होगी।

        7. पात्र हितग्राही को ऋण राशि का भुगतान चार चरणों में किया जायेगा।

     

  • पत्रकारिता समाज में चेतना का संचार करती हैं: विधानसभा अध्यक्ष तोमर

    मप्र प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह संपन्न

    अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और त्वरित न्याय से ही ‘विकास’ संभव : न्यायमूर्ति अग्रवाल

    भोपाल
    समाज को दिशा देने वाली पत्रकारिता और साहित्य की संयुक्त भूमिका को रेखांकित करता हुआ मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना वर्ष समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित ‘मप्र रत्न अलंकरण समारोह–2025’ न केवल प्रदेश की प्रतिभाओं के सम्मान का साक्षी बना, बल्कि सामाजिक सरोकारों, न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूल प्रश्नों पर गंभीर विमर्श का मंच भी बना।

    समारोह को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य दोनों ही समाज की चेतना को दिशा देते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लगभग हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में ‘अवमूल्यन’ दिखाई देता है, ऐसे समय में मप्र प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
    श्री तोमर ने प्रदेश का मान बढ़ाने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में यह आयोजन किसी शिक्षण संस्था के सहयोग से उसके परिसर में किया जाए, ताकि विद्यार्थी सीधे इन विभूतियों से संवाद कर प्रेरणा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि इन विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित कर उन्हें स्वयं भी गौरव की अनुभूति हो रही है। साथ ही, पत्रकारों के हित में क्लब द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

    गरीबों के लिए सरल और सुलभ न्याय अनिवार्य : न्यायमूर्ति अग्रवाल
    श्रीराम जन्मभूमि विवाद पर ऐतिहासिक निर्णय देने वाले न्यायमूर्ति श्री सुधीर अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि हम वास्तव में देश और समाज के विकास की बात करते हैं, तो गरीब और सामान्य नागरिक को अच्छी शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना होगा। यही एक स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की सवा सौ करोड़ से अधिक जनता के लिए एक ही सुप्रीम कोर्ट से समय पर न्याय मिलना व्यावहारिक नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि देश की चारों दिशाओं और प्रमुख राज्यों में सुप्रीम कोर्ट की और बेंच स्थापित हों।

    न्यायमूर्ति अग्रवाल ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज संपन्न वर्ग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना और सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना नहीं चाहता, क्योंकि वहां व्यवस्थाओं और सुविधाओं का अभाव है। यदि शासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोग स्वयं या अपने परिजनों को इन संस्थानों में भेजें, तो वास्तविक स्थिति से परिचित होंगे और व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस पहल संभव होगी। उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि जिम्मेदार लोग अपने बच्चों की शिक्षा और इलाज सरकारी संस्थानों में ही कराएं।

    सबको मिले समान न्याय
    न्यायमूर्ति अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज देश में आम आदमी न्याय के लिए भटक रहा है। देश की अदालतों में लगभग साढ़े पांच करोड़ मुकदमे लंबित हैं। संपन्न वर्ग के मामलों में अदालतें रातों-रात खुल जाती हैं और त्वरित सुनवाई हो जाती है, जबकि आम आदमी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने तक के लिए संघर्ष करता है। यह स्थिति समान न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां हर नागरिक को समान, सरल और शीघ्र न्याय मिल सके।

    भाषायी मर्यादा और सांस्कृतिक गरिमा की रक्षा में मीडिया की भूमिका
    कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ध्यानश्री स्वामी शैलेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज समाज में भाषायी असहिष्णुता बढ़ रही है। इसकी मर्यादा की रक्षा में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और उसे यह दायित्व निभाना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचरण और आवरण में भेद नहीं होना चाहिए। महाराजश्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि आज तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में देखा जाने लगा है, जबकि तीर्थाटन और पर्यटन के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। तीर्थों की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने बहुआयामी जीवन अनुभव—फिल्म अभिनेता, क्रिकेट कमेंटेटर, पत्रकारिता, राजनीति और संत जीवन—साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की माटी ने उनके जीवन को बार-बार नया स्वरूप दिया है। उन्होंने मप्र प्रेस क्लब के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों का सम्मान करना वास्तव में गौरव का विषय है।

    सामाजिक दायित्व निभा रहा है मप्र प्रेस क्लब
    कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत वक्तव्य देते हुए मप्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने क्लब की गतिविधियों और उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मप्र प्रेस क्लब प्रतिवर्ष उन विभूतियों का सम्मान करता है, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम, प्रतिभा और समर्पण से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इसके पीछे क्लब की मंशा समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने की है।

    दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। क्लब की ओर से डॉ. शिशिर उपाध्याय, राजेन्द्र शर्मा, रोमा मल्होत्रा, महेन्द्र बैस, राजेश सिंह भदौरिया, विनोद नागर तथा महेन्द्र शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। आभार प्रदर्शन महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने किया, जबकि कार्यक्रम का सुसंगठित संचालन आशीष दवे ने किया।

    इन विभूतियों का हुआ सम्मान
    समारोह में देश-विदेश में मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों को ‘मप्र रत्न’ और ‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत किया गया। दोनों ही श्रेणियों में नौ-नौ विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

    ‘मप्र रत्न’ से सम्मानित विभूतियां—
    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर पद्मश्री सुशील दोषी, विश्वविख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली, अमर उजाला समूह के डिजिटल हेड एवं वरिष्ठ पत्रकार जयदीप कर्णिक, ‘वन शॉट मूवी’ दिल्ली–2020 के निर्माता-निर्देशक देवेन्द्र मालवीय, अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत में पहचान बनाने वाले मुमताज़ खान, टीवी9 भारतवर्ष के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गौतम, प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर अमृता जोशी, आईएनएस 24×7 की न्यूज़ एडिटर सोनल भारद्वाज, तथा लोकप्रिय वेब सीरीज कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक प्रीतिश मेहता।

    ‘मप्र श्री’ सम्मान से अलंकृत विभूतियां—
    एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी (कारगिल विजय के नायक), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी चित्रा बाजपेई (विक्रम अवॉर्डी), प्रो. संजय द्विवेदी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली), नीता दीप वाजपेई (महिला सशक्तिकरण ब्रांड एंबेसडर), श्रीमती पूनम चौकसे (एलएनसीटी यूनिवर्सिटी), ऋषि राज सिंह सिसोदिया (डायरेक्टर, इफको, नई दिल्ली), विख्यात चित्रकार सुलेखा गुर्जर, प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ. शिवदयाल बर्डे, तथा अभिषेक गोयल (ग्लोबल स्कॉलर)। यह समारोह न केवल सम्मान का मंच रहा, बल्कि विचार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश देकर समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण भी बना।

  • राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना के ‘म्याना रेलवे स्टेशन को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने सम्मानित किया

    भोपाल
    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना के 'म्याना रेलवे स्टेशन" को सम्मानित किया है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए म्याना रेलवे स्टेशन द्वारा 9 हजार 687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत की गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड-2025) के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कैटेगरी (रेलवे स्टेशन) में जिला गुना के "म्याना रेलवे स्टेशन" को बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के म्याना रेलवे स्टेशन ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के लिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और सहयोगी टीम बधाई की पात्र है।

     

  • प्रदेश में ठंड का कहर कायम, भोपाल–इंदौर समेत कई इलाकों में ठिठुरन जारी

    भोपाल
    लगातार चल रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में ठिठुरन बरकरार है। आधे प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम (MP Weather) का इस तरह का मिजाज अभी बना रह सकता है। हालांकि शीतलहर से राहत मिल सकती है।

    उधर शनिवार को प्रदेश में सबसे कम 5.4 डिग्री सेल्सियस तापमान राजगढ़ एवं पचमढ़ी में दर्ज किया गया। भोपाल एवं इंदौर में शीतलहर का प्रभाव रहा। 23 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा।
     
    मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ ईरान पर द्रोणिका के रूप में सक्रिय हुआ है। उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं।

    मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। साथ ही राजस्थान की तरफ से सर्द एवं शुष्क हवाएं चलने के कारण रात में ठिठुरन बनी हुई है। हालांकि दो पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुए हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम रहने के कारण फिलहाल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।

    5.9 डिग्री सेल्सियस रहा इंदौर का न्यूनतम तापमान
    शनिवार को इंदौर शहर में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। लगातार आठवे दिन इंदौर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहा। अगले एक सप्ताह में भी पारा 10 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 28.2 
    डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अभी दिन व रात के तापमान में आगामी दिनों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि शहरवासियों को अलसुबह व रात में हल्की ठंड का अहसास होगा। शहर में सुबह धुंध का असर दिखाई दिया और न्यूनतम द्श्यता दो हजार मीटर दर्ज की गई।

    ग्वालियर में बढ़ेगी ठंड, मौसम साफ
    दिसंबर की ठंड अब ग्वालियर में अपने तेवर दिखाना शुरू कर चुकी है। शनिवार को शहर में ठंड महसूस की गई, हालांकि दिन में खिली तेज धूप ने लोगों को थोड़ी राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान लगभग 27.5 डिसे दर्ज किया गया, लेकिन रात का तापमान 9.8 डिसे पर रहा, जिससे रातें ठिठुरन भरी रहीं। सुबह के समय शहर के बाहरी क्षेत्रों में हल्की धुंध भी छाई रही, जो धूप निकलने के बाद छंट गई।
     
    रविवार, 14 दिसंबर को भी मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क बना रहेगा। अधिकतम तापमान: लगभग 27 डिसे के आसपास रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान: रात लगभग 9 से 10 डिसे के बीच में रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि रविवार को दिनभर धूप खिली रहेगी, जिससे दिन का मौसम खुशनुमा रहेगा।

    जबलपुर में ठंड बरकरार
    उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है। जिसका असर जबलपुर सहित मैदानी इलाकों में देखने मिलेगा। मसलन तापमान आंशिक रूप से बढ़ेगा परंतु वातावरण में ठंडक बरकरार रहेगी। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर हवा में चक्रवातीय परिसंरचरण के रूप में सक्रिय है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास और न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बने रहने की संभावना है।

  • नर्सिंग प्रवेश विवाद पर हाई कोर्ट का सख्त संदेश, काउंसिल रजिस्ट्रार के वकील की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं और काउंसिल की लापरवाही को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता एनएसयूआइ (NSUI) उपाध्यक्ष रवि परमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

    वेबसाइट गैर-कार्यशील, हजारों पात्र छात्र परेशान
    मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने न्यायालय को बताया कि एमएनआरसी द्वारा एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बीएससी की काउंसलिंग के लिए समय-सारणी तो जारी की गई है, लेकिन परिषद की वेबसाइट पूरी तरह से गैर-कार्यशील है, जिससे हजारों पात्र छात्र परेशान हैं।
     
    कोर्ट ने पूछा, एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया
    न्यायालय ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिसंबर 2025 के आदेश से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी थी, तो एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया है।

    भारतीय नर्सिंग परिषद से भी स्पष्टीकरण मांगा
    हाईकोर्ट ने भारतीय नर्सिंग परिषद (आइएनसी) से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। याचिकाकर्ता रवि परमार ने कहा कि वेबसाइट बंद होने और अस्पष्ट फैसलों के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

    याचिकाकर्ता ने कोर्ट में क्या की मांग?
    याचिकाकर्ता रवि परमार ने मांग की है कि एमएससी नर्सिंग में भी प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई जाए। हाईकोर्ट ने एमएनआरसी के अधिवक्ता अभिजीत अवस्थी को अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाने की व्यवस्था स्पष्ट करने का आदेश दिया है।

     

  • विदिशा में दर्दनाक हादसा: छात्रों से भरी बस नदी में समाई, दर्जनों घायल

    विदिशा
    विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत जोहद गांव में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बंगला चौराहा स्थित एक निजी स्कूल की बस, जिसमें करीब 48 छात्र सवार थे, सगड़ नदी पुल पार करते समय अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी। यह घटना (Vidisha School Bus Accident) सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है।

    नदी में पानी नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। बस नीचे पत्थरों पर गिरी, जिससे लगभग 28 छात्र घायल हो गए। इनमें कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए राजीव गांधी शासकीय जन चिकित्सालय, गंजबासौदा लाया गया।
     
    गंभीर रूप से घायल लगभग पांच छात्रों की हालत को देखते हुए उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया गया है कि सभी बच्चे स्कूल की ओर से पिकनिक मनाने सांची जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

    विदिशा पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल की संकरी चौड़ाई और चालक द्वारा सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के प्रयास के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई।

    हादसे के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचना दी और घायलों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह घटना छात्रों के लिए बेहद भयावह रही, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी छात्र की जान को खतरा नहीं है।

    इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में संकरे पुलों और सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें और स्कूल बसों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • आत्मनिर्भर दिव्यांग अभियान: छत्तीसगढ़ सरकार दे रही 5–25 लाख का सब्सिडी लोन, ऐसे उठाएं लाभ

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगों को पांच लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें शासन की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगों को नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय शुरू करने का अवसर देना है। इसके अंतर्गत दुकान, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, ट्रांसपोर्ट, होटल, डेयरी, पोल्ट्री, मशीनरी आधारित कार्य जैसे कई व्यवसाय शामिल हैं।

    कौन ले सकता है योजना का लाभ
    योजना का लाभ वही दिव्यांगजन ले सकते हैं जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। आय सीमा शासन के मापदंडों के अनुसार तय की जाती है।

    लोन राशि और सब्सिडी
    समाज कल्याण विभाग के अनुसार व्यवसाय की प्रकृति और परियोजना रिपोर्ट के आधार पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत किया जाता है। इस राशि में शासन द्वारा सब्सिडी दी जाती है, जिससे लाभार्थी को बैंक को चुकाने वाली राशि कम हो जाती है। शेष रकम आसान किश्तों में चुकानी होती है।

    कैसे करें आवेदन
    इच्छुक दिव्यांगजन जिला समाज कल्याण कार्यालय या संबंधित जनपद एवं नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और प्रस्तावित व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देनी होती है। जांच के बाद प्रकरण बैंक को भेजा जाता है।

    ग्रामीण और शहरी दोनों को मौका
    यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के दिव्यांगों के लिए लागू है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन, डेयरी, ट्रैक्टर या मशीनरी आधारित व्यवसाय को भी योजना में शामिल किया गया है।

  • साय सरकार की प्रथम कैबिनेट के दो वर्ष पूर्ण: 18 लाख पीएम आवास को दी गई थी स्वीकृति

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन

    प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ 

    पीएम आवास के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र प्रदान किए

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह उपस्थित थे।

    छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016 से 2026 की अवधि के लिए 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 17.14 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में मात्र दो वर्षों में लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है, जो योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में आवास निर्माण की गति को दर्शाती है। विशेष रूप से पिछले 6 महीनों में प्रतिदिन औसतन 2000 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो प्रशासनिक दक्षता और सतत निगरानी का परिणाम है।
    गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का शुभारंभ अप्रैल 2016 में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत प्रति आवास 1.20 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, योजना का अन्य योजनाओं से अभिसरण किया गया है, जिसके तहत मनरेगा से 90 दिवस की मजदूरी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से 12 हजार रूपए की सहायता शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है, जिससे हितग्राही को संपूर्ण आवास सुविधा प्राप्त हो सके।

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत प्रदेश में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का कार्य मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। इन डबरियों का निर्माण पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही भी सम्मिलित हैं। सभी डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    आजीविका डबरी परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा में वृद्धि, मत्स्य पालन, बत्तख पालन, वृक्षारोपण एवं सिघाड़ा उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। इस प्रकार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के अभिसरण से राज्य सरकार ग्रामीण विकास, आवास सुरक्षा, रोजगार सृजन और जल संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साकार कर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मध्यप्रदेश के बेस्ट अवॉर्ड श्रेणी का पुरस्कार

    वर्ष 1964 से भोपाल में संचालित हो रहा है मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल

    भोपाल 
    भोपाल के मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को मुम्बई में स्टार एजुकेशन अवॉर्ड प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश के बेस्ट स्कूल की श्रेणी में प्राप्त हुआ है। स्कूल की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने यह पुरस्कार मुम्बई में प्राप्त किया। अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन टाइम्स ऑफ इण्डिया और ईएसएफई के सहयोग से आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। देश के स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार विषय पर 150 से अधिक वैश्विक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य कार्यकारी और सचिव कॉउंसिल फॉर द इण्डियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन डॉ. जोसेफ एमैनुएल, अध्यक्ष पोद्दार एजुकेशन नेटवर्क सुश्री स्वाति पोपट वत्स, पूर्व भारतीय राजदूत और प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार डॉ. दीपक बोहरा ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे सुधार पर विचार व्यक्त किये।

    मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर को इस शैक्षणिक सत्र में अक्टूबर माह में एजुकेशन वर्ल्ड इण्डिया स्कूल रैकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हो चुका है। भोपाल के टी.टी. नगर में मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन वर्ष 1964 से माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है।

     

  • हाईवे पर लाल रंग, वन्यजीवों को जीवन का संदेश: एमपी में भारत की पहली ‘रेड रोड’ शुरू

    भोपाल  
    वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश ने नेशनल हाईवे पर भारत की पहली 'रेड रोड' की शुरुआत की है। यह अभिनव पहल वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे-45 के लगभग दो किलोमीटर लंबे हिस्से में लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु को रोकना और संवेदनशील वन क्षेत्रों में वाहनों की गति को नियंत्रित करना है। अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष सड़क डिजाइन ड्राइवरों को बिना किसी सख्त ट्रैफिक अवरोध के स्वाभाविक रूप से धीमी गति अपनाने के लिए प्रेरित करती है। यह उपाय न केवल जानवरों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले यात्रियों के लिए भी अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा।
     
    कैसे काम करती है 'रेड रोड'
    'रेड रोड' की सतह लाल रंग की और हल्की उभरी हुई बनाई गई है, जिससे यह एक टेबलटॉप जैसी संरचना बनाती है। पारंपरिक स्पीड ब्रेकर की तुलना में यह अधिक सुरक्षित और प्रभावी मानी जा रही है, क्योंकि इसमें अचानक ब्रेक लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। लाल रंग और अलग बनावट ड्राइवरों को दूर से ही सतर्क कर देती है कि वे एक संरक्षित वन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विज़ुअल संकेत मनोवैज्ञानिक रूप से भी प्रभावी है और वाहन चालकों को अधिक जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए प्रेरित करता है।

    इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी
    वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व बाघों के अलावा हिरण, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव प्रजातियों का प्राकृतिक आवास है। चूंकि ये जानवर अक्सर भोजन और पानी की तलाश में हाईवे पार करते हैं, इसलिए इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। 'रेड रोड' के माध्यम से इन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

    विकास और संरक्षण का संतुलन
    यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार बुनियादी ढांचे का विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। राज्य सरकार और वन विभाग का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले हाईवे पर भी इसी तरह की पर्यावरण-अनुकूल सड़क डिजाइन अपनाई जा सकती है। यह कदम न केवल मध्य प्रदेश को वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बनाता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई दिशा भी प्रस्तुत करता है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय: प्रद्युम्न सिंह तोमर

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश का ऊर्जा क्षेत्र आज अभूतपूर्व परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। राज्य सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसे निर्णय लिए हैं, जो न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, बल्कि आने वाले दशकों की बढ़ती मांगों के अनुरूप मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं। उनका लक्ष्य स्पष्ट है—हर घर, हर खेत और हर उद्योग को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और किफायती बिजली उपलब्ध कराना। इसी भावना को केंद्रीय तत्व मानते हुए ऊर्जा विभाग ने बीते वर्षों में योजनाओं, संरचनात्मक सुधारों, तकनीकी उन्नयन, निवेश संवर्धन और उपभोक्ता हित को केंद्र में रखते हुए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

    राज्य में दीर्घकालिक और सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 4000 मेगावॉट ताप विद्युत क्षमता हेतु निविदा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। यह संयंत्र DBFOO (Design, Build, Finance, Own, Operate) मॉडल के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके लिए कोयला आपूर्ति ‘शक्ति’ नीति के तहत सुनिश्चित की गई है। इस कदम से प्रदेश में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावनाएँ बनी हैं, जिससे 5 से 7 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा और अनेक सहायक उद्योग भी गति पकड़ेंगे।

    51711 नवीन नियमित पद स्वीकृत

    प्रदेश में विद्युत कंपनियों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन कर 51,711 नवीन नियमित पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे कंपनियों की कार्यक्षमता, क्षेत्रीय उपस्थिति तथा उपभोक्ता सेवाओं का प्रभावी विस्तार संभव हो सकेगा। स्वीकृत पदों में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 17402, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 16165, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के लिये 15690, पावर ट्रांसमिशन कम्पनी के लिये 1431 और पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के लिये 1017 पद हैं। इनमें भर्ती प्रक्रिया जारी है।

    वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पारेषण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु 5163 करोड़ रुपये के कार्य तथा सारनी व चचाई में 23,000 करोड़ रुपये लागत की 2×660 मेगावॉट की नई ताप विद्युत इकाइयों की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। गांधीसागर तथा राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की संयुक्त परियोजना को भी अनुमोदन किया गया है, जिससे जल विद्युत उत्पादन की क्षमता आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी।

    उपभोक्ताओं को राहत
    ऊर्जा उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना और निःशुल्क विद्युत प्रदाय योजना के माध्यम से लाखों परिवारों और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2025-26 में इन योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो राज्य सरकार की जनहितकारी सोच को परिलक्षित करता है। अटल ज्योति योजना में इस वित्तीय वर्ष में 7131 करोड़, अटल कृषि ज्योति योजना में 13909 करोड़ और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में 5299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आरडीएसएस योजना अंतर्गत उपकेन्द्रों, लाइनों, कृषि फीडरों के विभक्तिकरण तथा नए ट्रांसफॉर्मरों की स्थापना जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया गया है। स्मार्ट मीटरिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और राज्य में 26 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्री-पेड स्मार्ट मीटर को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

    समाधान योजना 2025-26
    ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ता, जो किन्हीं कारणों से बिल नहीं जमा कर पाते, उनके लंबित बिलों पर सरचार्ज लगाया जाता है। साथ ही उनके बिजली कनेक्शन विच्छेदित कर दिये जाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करने के लिये समाधान योजना 2025-26 लागू की गयी है। योजना 2 चरणों में लागू की गयी है। इसका प्रथम चरण 3 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक लागू रहेगा। दूसरा एवं अंतिम चरण एक जनवरी, 2026 से 28 फरवरी, 2026 तक रहेगा। योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्त मूल राशि का भुगतान करने पर सर्वाधिक लाभ होगा। योजना में 6 आसानी किश्तों में भुगतान की सुविधा प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से 100 प्रतिशत तक की छूट एवं द्वितीय चरण में 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त हो सकेगी। योजना में प्रदेश के सभी घरेलू, गैर घरेलू, औद्योगिक एवं कृषि श्रेणी के सभी अशासकीय उपभोक्ताओं को उनके विगत 3 माह अथवा अधिक अवधि के देयक लंबित होने की स्थिति में सरचार्ज में छूट प्राप्त कर एकमुश्त अथवा किश्तों में भुगतान की सुविधा दी गयी है।

    मुख्यमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) अंतर्गत भारिया, बैगा और सहरिया जैसे पीवीटीजी समुदायों के लगभग 27 हजार घरों को बिजली से जोड़ने की कार्ययोजना को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई है। इसमें से सितंबर 2025 तक 25,362 घरों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। साथ ही धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 59,172 घरों के विद्युतीकरण की योजना तेजी से क्रियान्वित की जा रही है।

    राज्य की पारेषण कंपनी ने वर्ष 2024-25 में 99.47 प्रतिशत उपलब्धता तथा मात्र 2.60 प्रतिशत लाइन हानियों के साथ देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। ड्रोन पेट्रोलिंग, ऑप्टिकल फाइबर आधारित संचार प्रणाली, हाई टेम्परेचर लो-सेग कंडक्टर और GIS उपकेन्द्र जैसी तकनीकों को अपनाकर विद्युत व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप बनाया जा रहा है।

  • कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होगा 1450 बिस्तरीय नया अस्पताल भवन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में कुल 773.07 करोड रुपए लागत से निर्मित होने वाले 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल की भी मध्यप्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि इंदौर में 1450 बिस्तरीय अस्पताल बन जाने से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि हमारे पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी यहां बेहतर स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिलाकर इस विभाग को और सशक्त बनाया गया है। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि इंदौर के एमवाय अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

    उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी। नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड रुपए व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड रुपए लागत आएगी।

    इसे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत उद्बोधन विधायक श्री गोलू शुक्ला ने दिया। कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी, इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया, विधायक श्री मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण भी मौजूद थे 

  • मुख्यमंत्री साय से शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधियों की शिष्टाचार भेंट

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

    शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉफी टेबल बुक का किया अनावरण, डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभ

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

    इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।

    कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • फर्जी पहचान से संबंध, दरगाह में उजागर हुई सच्चाई, इंदौर में युवती से दुष्कर्म का आरोप

    इंदौर 
    इंदौर में एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शख्स ने पहले प्रेमजाल में फंसाया फिर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने तक की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

    लसूड़िया पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाली 22 वर्षीय हिंदू युवती की शिकायत पर अनस उर्फ अश्विन पिता नईम बैग, निवासी ताज नगर, झलारिया रोड, इंदौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की और बाद में धोखे से उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लिया।

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां और भाई के साथ रहती है। करीब एक वर्ष पहले उसकी पहचान अश्विन नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी, लेकिन वह कभी उसके साथ घूमने नहीं गई थी। 7 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे स्टार चौराहे पर मिलने बुलाया और मामा-भांजे की दरगाह ले गया। वहीं आरोपी ने खुलासा किया कि वह हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है और उसका असली नाम अनस है। इसके बाद उसने निकाह करने की बात कही। धोखाधड़ी का एहसास होने पर युवती ने शादी से इनकार कर दिया और घर लौट आई।

    पीड़िता के अनुसार, 12 दिसंबर की रात करीब 10:30 बजे आरोपी ने दोबारा उसे स्टार चौराहे पर बुलाया। बातचीत के बहाने वह उसे स्कीम नंबर-78 स्थित एक कमरे में ले गया, जहां कोई मौजूद नहीं था। वहां आरोपी ने पहले भावनात्मक बातें कीं और फिर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने और वहां से जाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म किया, मारपीट की और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देगा।

    किसी तरह वहां से निकलकर युवती घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद मां के साथ वह हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के साथ लसूड़िया थाने पहुंची, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी अनस उर्फ अश्विन को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से अन्य युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और एक चाकू की फोटो भी मिली है। पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

    हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार टेटवाल ने आरोप लगाया कि आरोपी अनस उर्फ अश्विन लंबे समय से हिंदू युवती को प्रताड़ित कर रहा था और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने की तैयारी में था। युवती की जागरूकता के कारण उसका प्रयास विफल रहा। सूचना मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान जिला सह संयोजक पंकज खंडेलवाल सहित पीयूष गांधी, नीरज दुबे, अर्पित ठक्कर, शक्ति चौहान, कुशाल शिंदे, तरुण भांड, विशु वर्मा, मुकेश गुर्जर, सुमित जाटव, आकाश पाल, सोनू धाकड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।