• उज्जैन में 14 नए पुलों का निर्माण, कुछ पुराने पुलों के समानांतर और नई जगहों पर होंगे ब्रिज

    उज्जैन 

    धार्मिक महत्ता के कारण मोक्षदायिनी के रूप में ख्यात शिप्रा भविष्य में ब्रिजों की नदी भी कहलाएगी। सिंहस्थ तैयारियों के मद्देनजर नदी पर नए ब्रिजों की लंबी लाइन तैयार हो रही है। इनमें टू-लेन व फोर-लेन सबमर्सिबल ब्रिज के साथ ही उच्च स्तरीय पुल और कलात्मक आर्च ब्रिज भी शामिल हैं। इंदौर रोड तपोभूमि से मंगलनाथ के बीच 12 किलोमीटर से भी कम दूरी में शिप्रा पर 14 नए ब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है।

    इनमें कुछ नए ब्रिज वर्तमान पुल के समानांतर बनेंगे वहीं कुछ नई लोकेशन पर आकार लेंगे। इनके निर्माण पर कुल करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह पहला मौका है जब शिप्रा पर इतनी बड़ी संख्या में ब्रिजों का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि कुछ ब्रिजों के निर्माण पर अंतिम स्वीकृति मिलना शेष है। इनके अलावा कुछ सडक़ निर्माण व घाटों के निर्माण अंतर्गत नदी पर छोटी रपट भी बनाई जाएंगी।

    सिंहस्थ में आने-जाना होगा आसान

    सिंहस्थ के दौरान करीब 30 करोड़े लोगों के आने का अनुमान है। नए ब्रिज बनने से शहरी सीमा में नदी के एक से दूसरे छोर तक आने-जाने के लिए शिप्रा पर औसत 1 किलोमीटर से भी दूरी पर पुल उपलब्ध हो सकेंगे। इसका बड़ा लाभ सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट के रूप में मिलेगा।

    23,332 करोड़ रुपए के 153 कार्य जा चुके

    सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार के द्वारा 23,332 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन-मक्सी मार्ग, उज्जैन सिंहस्थ बायपास मार्ग, इंगोरिया-उन्हेल मार्ग और इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक मार्ग का भी निर्माण किया जा रहा है।

    सीएम डॉ मोहन यादव के बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेले में आर्मी को भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मुख्य देवस्थानों को जल्द ही देवलोक के रूप में विकसित करने की कार्य योजना बनाई जाएगी। साथ ही जिले को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने के लिए योगा, वेलनेस, नेचुरोपैथी, एलोपैथी और आयुर्वेद के केंद्रों के साथ मेडिकल डिवाइस उद्योग, फार्मा कंपनियों और मेडिकल रिसर्च संस्थाओं को साथ लेकर एक योजना तैयार करने के लिए कहा है।

    मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने के लिए योगा, वेलनेस, नेचुरोपैथी, एलोपैथी और आयुर्वेद के केंद्रों के साथ मेडिकल डिवाइस उद्योग, फार्मा कंपनियों और मेडिकल रिसर्च संस्थाओं को साथ लेकर एकीकृत कार्ययोजना तैयार करें।

    अभी 15 ब्रिज उपलब्ध

    शिप्रा नदी पर तपोभूमि से मंगलनाथ मंदिर तक नदी को पार करने के लिए अभी छोटे-बड़े 14 ब्रिज उपलब्ध हैं। नए ब्रिज बनने के बाद नदी को पार करने के लिए करीब 30 पुल और रपट उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें से करीब 8 बिज्र सिंहस्थ-2016 में बनाए गए थे।
    शिप्रा पर यहां बन रहे नए ब्रिज

    -वीर दुर्गादास छतरी विकास योजना में नदी पर कलात्मक आर्च पर ब्रिज

    -अंगारेश्वर महादेव पहुंच मार्ग मंगलनाथ से अंगारेश्वर मंदिर तक ब्रिज- 14.56 करोड़

    -लालपुल से चिंतामण गणेश रेलवे स्टेशन से एनएचएआइ 4 लेन मार्ग में शिप्रा नदी पर छोटी रपट।

    -एमआर-24 (इंदौर रोड से चिंतामण रेलवे स्टेशन मार्ग तक फोरलेन में शिप्रा नदी पर ब्रिज) 18.71 करोड़ रुपए

    -हरिफाटक से रिंग रोड, शिप्रा पर समानांतर उच्च स्तरीय ब्रिज का निर्माण (वाकणकर ब्रिज)- 22.45 करोड़

    -पिपलीनाका से भैरवगढ़ मार्ग पर वर्तमान ब्रिज के साथ समानांतर टू लेन ब्रिज-14.52 करोड़ रुपए।

    -कर्कराज पार्किंग से भूखी माता मंदिर क्षेत्र तक नया फोरलेन ब्रिज- 23.48 करोड़

    -एमआर-४ त्रिवेणी हिल्स कॉलोनी के पीछे ग्राम सिकंदरी की ओर फोरलेन पुल- 24.81 करोड़

    -गऊघाट पाले से सावराखेड़ी की ओर फोरलेन ब्रिज- 24.14 करोड़

    -तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग में नदी पर ब्रिज-17.28 करोड़ रुपए

    -केडी गेट से गोंसा रोड पर नदी पर फोरलेन ब्रिज – 19.99 करोड़ रुपए

    -कार्तिक चौक से शंकराचार्य रोड (छोटा पुल ) पर पुल निर्माण- 43.82 करोड़

    -लालपुल डाउन स्ट्रीम पर आरओबी के समानांतर नदी पर फोरलेन ब्रिज- 17.32 करोड़ रुपए
    नृसिंह घाट पर ब्रिज के समानांतर ब्रिज- 10.40 करोड़ रुपए।

    वर्तमान में शिप्रा के करीब 8 किलोमीटर लंबे घाटों के साथ 29 किलोमीटर के नए घाट और बन रहे हैं। इससे स्नान के लिए बड़ा स्थान उपलब्ध होगा। सिंहस्थ के दौरान मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवागमन होगा। साथ ही श्रद्धालु शहर में देवदर्शन के लिए पहुंचेंगे। इस दृष्टि से यह ब्रिज काफी महत्वपूर्ण व उपयोगी हैं। सिंहस्थ के दौरान इनसे मोबिलिटी आसान होगी और बाद में भी यह उपयोगी साबित होंगे।– रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर उज्जैन

  • मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी का बिगुल, किसान जल्दी करें रजिस्ट्रेशन और पाएं समर्थन मूल्य

    शहडोल 
     मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन की फसलें अब अपने आखिरी चरण में हैं. धान की फसल में बालियां आनी शुरू हो चुकी हैं. ऐसे में अगर आप भी हर साल की तरह इस बार भी MSP पर अपनी फसल बेचना चाहते हैं तो इसके लिए जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

    जानिए कब से कब तक होगा रजिस्ट्रेशन

    शहडोल के जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने बताया "खरीफ उपार्जन के लिए 2025-26 के लिए एमएसपी पर जो भी किसान अपनी फसल को बेचना चाहते हैं, उनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है. यह काम 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा. खरीफ सीजन के फसलों में शहडोल जिले में धान और मोटा अनाज में ज्वार और बाजरा का रजिस्ट्रेशन किसान कर सकते हैं, जिन्हें एमएसपी पर अपनी फसल बेचनी है." पंजीयन के लिए किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाने होंगे. इनमें समग्र आईडी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ऋण पुस्तिका की छायाप्रति और आधार लिंक बैंक खाता.

    MSP पर फसल बेचने कैसे करें रजिस्ट्रेशन

    कोई किसान एमएसपी पर अगर फसल बेचना चाहता है तो ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केंद्र पर फ्री में रजिस्ट्रेशन करवा सकता है. इसके अलावा जनपद पंचायत कार्यालय पर सुविधा केंद्र बनाए गए हैं. सहकारी समितियां एवं सहकारी विपणन संस्थाओं के संचालित केंद्र पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा. इसके अलावा एमपी ऑनलाइन किओस्क सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर के कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं .लेकिन यहां ₹50 शुल्क देना होगा.

    असुविधा से बचने जल्द करें आवेदन

    जिला आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल ने कहा "जल्द से जल्द किसान एमएसपी पर फसल बेचने के लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करा लें, क्योंकि किसान पंजीयन हेतु दर्ज भूमि के रकबे में बोई गई फसल एवं फसल की किस्म से संतुष्ट नहीं है तो संशोधन हेतु गिरदावरी में दावा आपत्ति करनी होगी. दावा आपत्ति के निराकरण होने के बाद ही पोर्टल पर संशोधित जानकारी प्रदर्शित होगी. इसके बाद ही किसान पंजीयन कर सकेगा."

     

  • भोपाल का नया निशातपुरा रेलवे स्टेशन, जहां ट्रेनों की रफ्तार रुकती है, पर यात्रियों की दिलचस्पी नहीं

    भोपाल
    राजधानी भोपाल के पास बना निशातपुरा रेलवे स्टेशन दो साल से तैयार है, पर शुरू नहीं हो पा रहा है। राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने से ट्रेनें यहां नहीं रुक रही हैं। इस स्टेशन को बनाने के पीछे वजह यह थी कि इससे भोपाल जंक्शन पर भीड़ कम हो सकती है। लगभग 500 करोड़ की लागत से बने इस स्टेशन पर यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं हैं, पर इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पूरी तरह से तैयार है, लेकिन अनुमति नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।

    भोपाल का पांचवां सबसे बड़ा स्टेशन
    निशातपुरा स्टेशन को भोपाल का पांचवां बड़ा रेलवे स्टेशन बनाने का प्लान था। इससे भोपाल और आसपास के लोगों को फायदा होता। साथ ही, भोपाल स्टेशन ओवर क्राउड होने से भी बच जाता। स्टेशन पर एक नया प्लेटफॉर्म बनाया गया है, जहां दोनों तरफ से ट्रेनें आ सकती हैं। प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए पुल भी है।

    यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं
    स्टेशन में टिकट काउंटर, टॉयलेट और वेटिंग एरिया जैसी सुविधाएं हैं। स्टेशन तक पहुंचने के लिए सड़क भी बनाई गई है। निशातपुरा स्टेशन बनाने का मुख्य उद्देश्य भोपाल जंक्शन पर होने वाली देरी को कम करना था। अभी इंदौर और पश्चिमी रेलवे की तरफ से आने वाली ट्रेनों को भोपाल में प्लेटफॉर्म खाली न होने पर निशातपुरा में रोकना पड़ता है। लेकिन यहां यात्री उतर या चढ़ नहीं पाते, क्योंकि स्टेशन चालू नहीं है।

    इंजन को घुमाना भी बड़ी समस्या
    एक और बड़ी समस्या इंजन को घुमाना है। पश्चिमी रेलवे से आने वाली ट्रेनों को बीना की तरफ जाने के लिए भोपाल स्टेशन पर इंजन घुमाना पड़ता है। इसमें 30 से 40 मिनट लगते हैं और प्लेटफॉर्म रुक जाता है। रेलवे के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इंजन घुमाने का काम अब निशातपुरा में हो सकता है। इससे भोपाल स्टेशन पर जगह खाली होगी और लंबी दूरी की ट्रेनों का समय बचेगा।

    यात्रियों के इंतजार में स्टेशन
    स्टेशन के शुरू न होने से यह बेकार हो सकता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 'बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तैयार है, लेकिन ठहराव की अनुमति के अभाव में यात्रियों और रेलवे प्रणाली दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।'

     

  • मंत्री सारंग ने किया राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ

    2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को मिलने पर भोपाल और मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिये बेहतर अवसर : मंत्री श्री सारंग

    भोपाल 
    खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को अपर लेक खानूगांव में राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि भोपाल सिर्फ ताल-तलैयों की नगरी ही नहीं, बल्कि वॉटर स्पोर्ट्स का एक उभरता हुआ वैश्विक गंतव्य है। मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्ट्स में देश का अग्रणी राज्य है। इसका प्रमाण श्रीनगर में आयोजित देश के पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में हमारे खिलाड़ियों द्वारा अर्जित की गई सफलता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने अनेक पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम में जीओसी पीएम सब एरिया, मेजर जनरल श्री सुमित काब्थियाल, कमोडोर ईएमई ईसी ब्रिगेडियर श्री अनिल दास, एसएम (सेवानिवृत्त) वाइस प्रेसिडेंट वायएआई मेजर जनरल सोमा पिल्लई, ब्रिगेडियर जी.एस. जुलका (सेवानिवृत्त) सहित सेना एवं खेल विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    2036 ओलंपिक आयोजन में मध्यप्रदेश की संभावनाएं
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के लिए एक सकारात्मक और सशक्त वातावरण बना है। भारत 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। यदि भारत को यह अवसर मिलता है, तो मध्यप्रदेश में शूटिंग, घुड़सवारी और विशेषत: वॉटर स्पोर्ट्स के आयोजन के लिये उत्कृष्ट अधोसंरचना उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और मां नर्मदा का तट अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान हैं। इस दिशा में उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भी आग्रह किया है कि मध्यप्रदेश को वॉटर स्पोर्ट्स के आयोजन का प्रमुख केंद्र बनाया जाए।

    सेना और खेल विभाग मिलकर करेंगे वॉटर स्पोर्ट्स का विकास
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खानूगांव अपर लेक पर आर्मी ने वॉटर स्पोर्ट्स की आधुनिक अधोसंरचना विकसित की है। इसे और बेहतर बनाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग, भारतीय नौकायन संघ (Yachting Association of India) और आर्मी मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त प्रयास से भोपाल को देश का वॉटर स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।

    युवाओं को मिलेगा मंच : नई प्रतिभाओं का होगा विकास
    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। खेलों से न केवल शारीरिक दक्षता और अनुशासन बढ़ता है बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं को अनेक अवसर प्रदान करती है और भविष्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में सहायक होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ भी दीं।

    प्रतियोगिता की विशेषताएँ
    यह प्रतियोगिता भारतीय नौकायन संघ की रैंकिंग प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता 21 सितम्बर तक चलेगी और इसमें भोपाल, शिलॉन्ग, चेन्नई, सिकंदराबाद, कोच्चिन और मुंबई सहित 13 प्रमुख शहरों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी ओप्टिमिस्ट (अंडर 16), टेक्नो (अंडर 15), आईएलसीए4 (अंडर 18), आईक्यू फोइल (अंडर 19), 420 मिक्स्ड (अंडर 19) और 29 ईआर (अंडर 19) वर्गों में अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। 

  • सोलर संयंत्र स्‍थापना में लापरवाही बरतने वाले वेंडरों को चयन सूची से हटाया गया

    भोपाल
    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर संयंत्र स्‍थापना में लापरवाही करने वाले वेंडरों को चयन सूची से हटाने की कार्रवाई की गई है। कंपनी द्वारा विगत 2 वर्षों से लगातार वेंडरों को उनके द्वारा स्‍थापित किये गये सोलर संयंत्र के सभी प्रोजेक्ट्स का मध्‍यक्षेत्र कंपनी के सर्वर के साथ 100 प्रतिशत कम्युनिकेशन कराये जाने के लिये पत्राचार करने के बावजूद कतिपय वेंडरों द्वारा कंपनी के दिशा-निर्देशों की अवेहलना की जाने पर उनका पंजीयन निष्क्रिय किया गया है।

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के सोलर संयंत्र स्थापित होने के उपरांत सोलर वेंडरों की लापरवाही से मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सर्वर के साथ कम्युनिकेशन नहीं होने के कारण कंपनी के मीटर रीडर द्वारा उपभोक्ताओं के परिसर में जाकर मीटर की ऑफलाइन रीडिंग लेने से उपभोक्ताओं में असंतोष के साथ ही रीडिंग में त्रुटि होने की संभावना बनी रहती है। साथ ही योजना के उदेश्‍यपूर्ण परिणाम नहीं मिल रहे हैं। इसी के दृष्टिगत कंपनी द्वारा ऐसे वेंडरों को पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही सूची से हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। कंपनी ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नवीन आवेदन करने के दौरान निष्क्रिय पंजीयन वाले वेंडरों का चयन न करें।

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लापरवाही बरतने वाले जिन सोलर वेंडरों का पंजीयन निष्क्रिय किया गया है, उनमें सूर्याय नमः एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, प्रतिष्ठा एंटरप्राइजेज, भगवती कृपा सोलर पावर प्राइवेट लिमिटेड, इक्विपोलेंट एनर्जी सॉल्यूशंस कंसल्टेंसी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, लाभ ग्रीन एनर्जी, सेंटौर पॉवर्स एंड सोलर एनर्जी, स्पार्कल एनर्जी सॉल्यूशन, माँ रीवा एंटरप्राइजेज, बटेश्वर सोलर प्राइवेट लिमिटेड, लाइटहाउस एनर्जी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, नायक सोलर सॉल्यूशन, एन्हांस मल्टी ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, एकेएन पावर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सर्वोटेक पावर सिस्टम्स लिमिटेड, एसयू-विट्र टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, आदित्य सोलर सॉल्यूशंस, अस्तित्व एनर्जीज़, एनर्जी सॉल्यूशन सर्विसेज़, हेडस्ट्रीम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ओपीसी, के के इंजीनियर्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स, सोलरसेंस इको एनर्जी सॉल्यूशंस, साउदर्नलाइट सोलर एलएलपी एवं तिरुहरि इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

    गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का क्रियान्वयन मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में किया जा रहा है। योजना में कंपनी अंतर्गत पंजीकृत वेंडरों के माध्यम से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

     

  • नगरीय प्रशासन संचालनालय में योग शिविर का आयोजन

    भोपाल 
    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालनालय पालिका भवन में एक विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन मंगलवार को किया गया। यह कार्यक्रम विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे की पहल पर आयोजित किया गया। इनका उद्देश्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने की दिशा में जागरूक करना था।

    इस योग शिविर का संचालन सुप्रसिद्ध योग प्रशिक्षिका सुश्री अंजना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने योग अभ्यास में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    यह निःशुल्क योग शिविर "मिशन कर्मयोगी" के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शासन के कर्मियों को न केवल दक्ष बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करना है। आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने योग प्रशिक्षिका सुश्री अंजना श्रीवास्तव का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही।

     

  • राष्ट्रीय पोषण माह अभियान 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक

    भोपाल 
    मिशन पोषण 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इस वर्ष का आयोजन आठवाँ पोषण माह होगा, जिसमें राज्य, जिला, परियोजना और आंगनबाड़ी स्तर तक सामुदायिक सहभागिता से थीम-आधारित गतिविधियाँ संचालित होंगी।

    पोषण माह की प्रमुख थीम हैं मोटापा नियंत्रण (कम नमक, कम चीनी, कम तेल), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (पोषण भी पढ़ाई भी), शिशु एवं बाल आहार प्रथाएँ (IYCF), पुरुष सहभागिता (Men-streaming) और एक पेड़ माँ के नाम एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा।

    पोषण माह के दौरान आईवाईसीएफ परामर्श सत्र, व्यंजन प्रतियोगिता, फिटनेस चैलेंज, योग दिवस, किचन गार्डन अभियान तथा स्थानीय उत्पादों का प्रचार जैसी गतिविधियाँ होंगी। “पोषण भी पढ़ाई भी” थीम के तहत आंगनबाड़ियों में स्टोरी टेलिंग, पपेट शो और एक्टिविटी आधारित शिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।

    जन-जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, रेडियो जिंगल्स, सोशल मीडिया अभियान (#PoshanMaah2025) और सामुदायिक रेडियो का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, कृषि, खाद्य, आयुष, जल जीवन मिशन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों और स्थानीय अशासकीय संगठनों की सहभागिता से यह अभियान सुपोषित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। 

  • आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड – 2025

    भोपाल
    आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड-2025" सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा।

    आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है।

    आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य
    आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है।

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025" मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री श्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है।

    प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। श्री आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष श्री संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।

     

  • इंदौर एक्सीडेंट केस: हाईकोर्ट ने उठाया बड़ा सवाल – नो-एंट्री में ट्रक की एंट्री कैसे हुई?

    जबलपुर

    हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यामूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने इंदौर एयरपोर्ट रोड पर हुए भीषण हादसे के मामले में स्वत: संज्ञान आधार पर सुनवाई प्रारंभ की है। मंगलवार को प्रारंभिक सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इंदौर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे 23 सितंबर को वर्चुअल हाजिर होकर स्पष्टीकरण दें। उन्हें यह साफ करना होगा कि शहर में नो-एंट्री होते हुए ट्रक कैसे घुस गया और बिना किसी रोक-टोक के इतने आगे तक कैसे पहुंच गया।

    कोर्ट ने प्रशासन की बड़ी विफलता माना
    कोर्ट ने इसे कानून-व्यवस्था और प्रशासन की बड़ी विफलता माना है। अदालत ने कहा कि अगर नियमों का कड़ाई से पालन हुआ होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। कोर्ट ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सड़क सुरक्षा के सख्त नियम मौजूद हैं, तो इस तरह के हादसे होना बेहद चिंताजनक है।

    सरकार ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की
    हाई कोर्ट ने इंदौर के दर्दनाक हादसे को लेकर प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की व्यवस्था दी है। राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली खड़े हुए। उन्होंने अवगत कराया कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत कर दी जाएगी।

    क्या है मामला?
    उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर कोहराम मचा दिया था। उसने लगभग एक किलोमीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारी। वहीं कुचले जाने से दो लोगों की मौके पर ही मौत तक हो गई। जबकि एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

  • चीता परियोजना के सफल तीन वर्ष: प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’

    चीता परियोजना की सफलता से मध्यप्रदेश बना एशिया का गौरव
     

    भोपाल 
    पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। आज चीतों के परिवारों में वृद्ध‍ि हो रही है। 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आईएफएस एसोसिएशन और इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा आयोजित तीसरे इको वॉरियर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवॉर्ड मिलने पर चीता परियोजना से जुड़ी प्रबंधन टीम को बधाई दी है।

    तीन वर्षों की साहसिक पहल
    प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कई शंकाएँ भी उठीं कि भारतीय वातावरण चीता के लिए उपयुक्त नहीं है। इस अवधारणा को तोड़ते हुए कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते फर्राटे भर रहे है और उनकी संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

    चीतो को भायी म.प्र. की आवोहवा
    चीता ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से तेज़ी से अपना लिया है। पिछले तीन वर्षों में पाँच चीता मादाओं द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। वे भारतीय शिकार जैसे चीतल के प्रति अच्छी अनुकूलता दिखा रहे हैं। शुरुआत में डर था कि तेंदुओं से संघर्ष होगा, लेकिन प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र ने खुद को संतुलित किया, और शिकारी प्रजातियाँ अपने-अपने क्षेत्र में सीमित हो गईं।

    नवाचार, संकल्प और आशा का प्रतीक प्रोजेक्ट चीता
    प्रोजेक्ट चीता की तीन वर्ष की यात्रा चुनौतीपूर्ण होने के साथ प्रेरणादायक भी रही है। यह परियोजना अब और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में चीता परियोजना प्रबंधन टीम ने कभी हार नहीं मानने का पाठ सीखा।

    चीता प्रबंधन के हर पहलू से ऐसी मूल्यवान जानकारियाँ मिलीं हैं, जिससे अनुभव रखने वाले और नए दोनों पेशेवरों की समझ में वृद्धि हुई है। किसी जीवित प्राणी के साथ काम करते समय जोखिम अनिवार्य होते हैं। पिछले तीन वर्षों में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, फील्ड मैनेजर्स, पशु चिकित्सकों और फ्रंटलाइन स्टाफ का आत्मविश्वास मज़बूत हुआ। इन वर्षों में यह भी साबित हो गया कि मध्यप्रदेश आपात स्थितियों और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है। प्रोजेक्ट चीता की सफलता टीमवर्क का प्रतीक है जहाँ सभी पेशेवर एक ही उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धता और कौशल के साथ कार्य कर रहे हैं।

    तीन वर्षों की सीख और सफलता
    प्रोजेक्ट चीता की टीम के अथक प्रयासों के परिणाम सामने हैं। चीते न केवल जीवित रहे बल्कि सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया। उनकी उपस्थिति ने घास के मैदानों और खुले जंगलों की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया। ऐसे परिस्थितिकी तंत्र पहले उपेक्षित थे। कूनो में घास के मैदानों में सुधार, जैव विविधता में वृद्धि और स्थानीय समुदायों को पर्यटन के माध्यम से लाभ पहुँचना इस चीता परियोजना की बड़ी उपलब्धियाँ हैं। चीतों की पुन:र्स्थापना से पारिस्थितिकी को कोई नुकसान नहीं हुआ। हर चीते की बारीकी से निगरानी, पेशेवर पशु चिकित्सकों द्वारा देखभाल, और सुरक्षित वातावरण ने चीता परियोजना को वैश्विक मानकों के बराबर खड़ा कर दिया है।

    चीता की लगातार बढ़ती संख्या
    चीता परियोजना की सबसे उत्साहजनक उपलब्धि रही है कि भारत में शावकों का जन्म हुआ। वर्तमान में 25 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हैं। दो नर गांधी सागर सेंचुरी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 27 चीते है। कूनो के परिदृश्य में एक आत्मनिर्भर और मुक्त विचरण करने वाली चीता आबादी स्थापित करना निकट भविष्य का लक्ष्य है।

    तीन वर्षों की सफलता के साथ प्रोजेक्ट चीता का यह संदेश है कि यह केवल एक प्रजाति की वापसी नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रकृति संरक्षण में भारत के समर्प‍ित नेतृत्व का प्रतीक है। चीता की वापसी यह सिद्ध करती है कि विलुप्ति अंतिम नहीं होती और दूरदृष्टि तथा संकल्प के साथ खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है। 

  • एमपीसीएसटी में अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस पर हुआ विशेष कार्यक्रम

    भोपाल
    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (सीसीएल), भोपाल में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शैक्षिक गतिविधियों, चर्चाओं और विशेषज्ञ व्याख्यानों के माध्यम से ओज़ोन परत के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया।

    शैक्षिक गतिविधियाँ और साइंस-शो
    कार्यक्रम की शुरुआत एक ओपन क्विज़ प्रतियोगिता से हुई जिसमें विद्यार्थियों ने ओज़ोन परत की खोज, इसके क्षरण और कार्बन फुटप्रिंट से संबंधित जानकारी प्राप्त की। ग्लोबल वार्मिंग अम्ब्रेला और ओज़ोन हाउस जैसे आकर्षक माध्यमों के ज़रिए ओज़ोन परत की भूमिका और महत्व को समझाया गया। साइंस शो ने बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रेरित किया।

    विज्ञान संचारक अंजली और नीलू ने ग्लोबल वार्मिंग अम्ब्रेला के माध्यम से ओज़ोन परत के क्षरण से बचाव के उपायों को सरलता से प्रस्तुत किया।विज्ञान संचारक करण ने एक रोचक साइंस शो के माध्यम से बच्चों को विज्ञान की दुनिया से जोड़ा।

    विशेषज्ञ व्याख्यान और समापन
    समापन सत्र में एमपीसीएसटी के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने विद्यार्थियों को परिषद की सुविधाओं और विज्ञान गतिविधियों से जुड़ने के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) को ध्यान में रखते हुए समाजोपयोगी परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया, जिससे विज्ञान और नवाचार का लाभ समाज तक पहुँच सके।

    पुणे से आए विशेषज्ञ श्री विनायक बडेकर ने मानव शरीर और प्राकृतिक घटनाओं के आपसी संबंध तथा क्रोनोबायोलॉजी के उभरते भविष्य पर विद्यार्थियों को सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी दी। कार्यक्रम से ओज़ोन परत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

     

  • सुरखी विधानसभा में बन रहा मध्यप्रदेश का पहला नमो फ्रूट वन उद्यान

    बरौदा सागर में लगाए जा रहें 21 हजार फलदार पौधे, मंत्री श्री राजपूत ने किया निरीक्षण
    10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य, फूड प्रोसेसिंग एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने की योजना
    मंत्री श्री राजपूत ने थामी ट्रैक्टर की स्टेरिंग

    भोपाल
    खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने मंगलवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरौदा सागर में 70 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मध्यप्रदेश के पहले नमो फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री राजपूत ग्रामीणों के साथ स्वयं ट्रैक्टर चलाकर नमो फ्रूट फॉरेस्ट स्थल पर पहुंचे।

    मंत्री श्री राजपूत ने निरीक्षण के दौरान वृक्षारोपण की स्थिति, पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा के तहत पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुरखी विधानसभा के ग्राम बरौदा राजघाट के पास नमो फ्रूट फॉरेस्ट में 21 हजार फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं।

    मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा उद्यान है जहां सभी प्रकार के फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी इस उद्यान में 21 हजार फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य 10 लाख पौधों के रोपण का है। बरौदा ग्राम में फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य कुटीर उद्योग स्थापित करने की भी कार्य योजना तैयार की जा रही है जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे । उन्होंने बताया कि तालचिरी में भी 10 एकड़ में नमो फल उद्यान बन रहा है। यहां भी फलदार वृक्ष लगाए जा रहे हैं।

    मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि नमो फूड फॉरेस्ट स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों को सौंपा जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बनेंगी एवं आर्थिक रूप से समृद्ध भी होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय सीमा के अंदर पूर्ण हो एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पौधों की नियमित देखभाल हो। फ्रूट फॉरेस्ट में आम, अमरूद, कटहल, आंवला, नींबू, सीताफल,अनार आदि के हजारों फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। निरीक्षण के पश्चात मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने ग्रामीणों से पौधों की देखरेख करने और पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग देने का आह्वान किया।

     

  • भोपाल विमानतल पर यात्री सेवा दिवस का आयोजन

    भोपाल 
    भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण मुख्यालय द्वारा 17 सितम्बर 2025 को “यात्री सेवा दिवस” के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर यात्रियों की सुविधा एवं सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से भाविप्रा के सभी विमानतलों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजा भोज विमानतल, भोपाल पर 17 सितम्बर 2025, “यात्री सेवा दिवस” पर आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
    17 सितम्बर – यात्री सेवा दिवस
    1-    यात्रियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया जाएगा तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा मध्य प्रदेश के लोकनृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।
    2-    विमानतल पर बच्चों के लिए देशभक्ति एवं स्वच्छता पर आधारित क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
    3-    यात्रियों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट स्थापित किया जाएगा।
    4-    विमानतल के रिटेल कन्सेशनर्स द्वारा इस अवसर पर रिटेल दुकानों पर यात्रियों को विशेष डिस्काउंट दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
    5-    विमानतल पर यात्रियों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप कैंप लगाया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ब्लड प्रेशर, शुगर, ECG , BMI आदि की जाँच होगी और आहार संबंधित सलाह भी दी जाएगी।
    6-    विमानतल पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा जिसमें यात्री और स्टाफ अपनी स्वेच्छा से हिस्सा लेंगे।
    7-    विमानतल के टैक्सी ड्राइवर्स तथा अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
    8-    “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा।
    9-    स्थानीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एविएशन करियर हेतु मार्गदर्शन दिया जाएगा तथा एम पी फ्लाइंग क्लब की विजिट भी कराई जाएगी।
    10- विमानतल स्टाफ द्वारा यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा, जिससे यात्री सेवाओं तथा सुविधाओं में और वृद्धि की जा सकेगी। 

    यह आयोजन यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने एवं हवाई यात्रा को और अधिक सहज एवं सुखद बनाने की दिशा में कदम होगा।

  • मानवता की सेवा के लिये रक्तदान जरूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    दामोदर युवा संगठन के रक्तदान शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गंभीर मरीजों को समय पर रक्त मिल सके इसके लिये जरूरी है कि समाज में रक्तदान करने के लिये जगरूकता कार्यक्रम चलाए जायें। उन्होंने कहा‍ कि युवा वर्ग को इस कार्य के लिये प्रोत्साहित किये जाने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल मंगलवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में दामोदर युवा संगठन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार अपने साधनों से बेहतर से बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र में सेवा के विस्तार के लिये स्वयं सेवी संगठनों की अधिक से अधिक मदद की जरूरत है। उन्होंने 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलाये जाने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने अपने संबोधन में कहा‍ कि प्रत्येक व्यक्ति समाज की भलाई के लिये मन में भाव रखता है, लेकिन इस भाव को स्वयं सेवी संगठनों से जुड़कर पूरा किया जा सकता है।

    दामोदर युवा संगठन के संस्थापक श्री अशोक नायक ने बताया कि इंदौर में देश का नि:शुल्क ब्लड कॉल सेंटर है। जहाँ देश के किसी भी स्थान से फोन आने पर संगठन द्वारा मरीज को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराये जाने का प्रयास किया जाता है। संगठन से देशभर के 4 लाख युवा जुड़े हुए है। संगठन ने अभी तक 2 लाख जरूरत मंदों को नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि रियर ब्लड ग्रुप "ओ बॉम्बे पॉजिटिव" जिसके दानदाता देशभर में 180 है। इस ग्रुप का ब्लड भी 5 जरूरत मंदों को उपलब्ध कराया गया है। संगठन के 2 हेल्प लाइन नबंर 92002-50000 और 70245-12345 है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी भी मौजूद थे। 

  • स्वदेशी मेले में मिल रही है गांवों की बहन-बेटियों द्वारा बनाई एलईडी

    दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट
    स्वदेशी मेले से हुई सेवा पखवाड़ा की शुरूआत
    दशहरे पर धूमधाम से होगा शस्त्र पूजन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया।

    सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री श्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं।

    पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले श्री मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा।

    भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी।

    स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी
    विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। 

  • अस्पतालों में 17 सितम्बर से चलेगा साफ-सफाई का विशेष अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनप्रतिनिधि और आमजन की भागीदारी की जाए सुनिश्चित
    जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी
    सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से की सहयोग की अपील

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिलों में स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में सेवा पर्व और सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर से साफ-सफाई का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। अभियान के तहत कचरे और अनुपयोगी सामग्री को भी प्राथमिकता से हटाया जायेगा। सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संभागीय कमिश्नर को भी निर्देशित किया है कि वे सफाई अभियान का निरीक्षण और निगरानी करें। मंत्री, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया है कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ-सफाई के अभियान में आम जनता, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपेक्षा की है। प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे रोगी कल्याण समिति को सशक्त कर साफ-सफाई अभियान में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है‍कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में "स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार" अभियान का संचालन भी किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न रोगों की जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करने का कार्य भी किया जाएगा।

     

  • विश्व ओज़ोन दिवस पर प्रदेशवासी लें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ओज़ोन दिवस प्रदेशवासियों से पर्यावरण-संरक्षण की राह पर चलने का संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओज़ोन परत हमारे लिए वायुमंडल का वह अदृश्य कवच है, जो सूर्य की हानिकारक किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकता है। इससे धरती पर जीवन सुरक्षित और सम्भव हो पाता है। प्रदूषण के स्तर को कम करना और अधिक से अधिक पौधरोपण करना, ओज़ोन परत की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

     

  • मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में पहली बार हुआ स्वर्ण ब्लॉक के खनन पट्टे का निष्पादन

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के आहवान पर मध्यप्रदेश ने खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में पहली बार सिंगरौली स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पट्टे का निष्पादन किया गया है, जिसने मध्यप्रदेश को सीधे वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर प्रतिष्ठित कर दिया है।

    चकरिया में 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडारण का अनुमान
    खनिज नीलामी में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिये चकरिया गोल्ड ब्लॉक का निष्पादन ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया। चकरिया गोल्ड ब्लॉक 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस ब्लॉक में लगभग 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडार होने का अनुमान है, जिसमें 1,76,600 ग्राम सोने की रिकवरी संभावित है। विभाग द्वारा इसके लिये सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं।

    औद्योगिक ढांचे को मिलेगी मजबूती – रोजगार होंगे सृजित
    प्रदेश में चकरिया गोल्ड खनन पट्टे के संचालन से बहुआयामी लाभ होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही रिफाइनिंग, लॉजिस्टिक एवं विभिन्न सेवाओं जैसे संबद्ध उद्योगों में निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

    अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का बनेगा राष्ट्रीय केन्द्र
    मध्यप्रदेश में स्वर्ण एवं सहायक खनिजों की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में अन्वेषण गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण खोज हुई हैं। कटनी और सिंगरौली के हालिया अन्वेषण ने सकारात्मक संकेत दिये हैं। राज्य में अब तक 4 अन्य गोल्ड ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। इनमें गुहर पहाड़, इमलिया, ईस्टर्न एक्सटेंशन ऑफ सोनकुरवा और अम्लीयवाह शामिल हैं। राज्य सरकार इनके संचालन के लिये लगातार निगरानी और सहयोग कर रही है। इन पहलों से मध्यप्रदेश तीव्र गति से खनिज अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केन्द्र बनकर उभर रहा है और देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान आकर्षित हो रहा है। यह उपलब्धि केवल एक गोल्ड ब्लॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की शुरूआत है, जहां सतत् खनन, आर्थिक सशक्तिकरण और वैश्विक पहचान एकसाथ मिलते हैं।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में ली जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की संयुक्त बैठक

    दोषियों के विरूद्ध की सख्त कार्रवाई
    पुलिस उपायुक्त यातायात को हटाया, आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को किया निलंबित
    मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की दी जाएगी आर्थिक सहायता
    घायलों के उपचार का संपूर्ण खर्च राज्य शासन करेगा वहन
    घटना की जांच करेंगे अपर मुख्य सचिव गृह

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में सोमवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना बेहद दुखद है। राज्य शासन ने घटना को पूरी गंभीरता के साथ लिया है। दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। घटना की पुर्नरावृति भविष्य में न हो, इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। घटना की जांच अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। घटना के दौरान बचाव कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में पहुँचकर घायलों से मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह घटना विचलित करने वाली बेहद दु:खद है। मैं इस घटना से स्वयं व्यथित हूं। मुझे रातभर बैचेनी रही, मैं ठीक से सो भी नहीं पाया। आज के सारे कार्यक्रम रद्द कर सीधे इंदौर पहुँचा और घायलों से मिलने विभिन्न अस्पतालों में गया। उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही उपचार व्यवस्थाओं को भी देखा। घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए। घायलों के इलाज में कोई कमीं नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार घटना को लेकर अत्यंत गंभीर है। घटना की पुनर्रावृति नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला को इस संबंध में परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। उन्हें इस संबंध में आवश्यक प्रबंधन जैसे ड्रोन, अनियंत्रित वाहनों को रोकने की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण आदि के बारे में भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। एलिवेटेड ब्रिज सहित अन्य निर्माण की संभावनाएं भी पता करने के निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव देने के लिए जल्द ही जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम आदि की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

    मृतकों के परिजन और घायलों को मिलेगी आर्थिक सहायता
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना दुखद है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये तथा घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

    दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की है। पुलिस उपायुक्त यातयात श्री अरविन्द तिवारी को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच करने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। श्री सुदेश सिंह (सहायक पुलिस आयुक्त), श्री प्रेम सिंह (प्रभारी एएसआई बिजासन प्रभारी), श्री चन्द्रेश मरावी (प्रभारी सूबेदार सुपर कोरिडोर चौराहा प्रभारी), श्री दीपक यादव (निरीक्षक सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) तथा ड्यूटी पर तैनात सभी चार कांस्टेबल निलंबित किए गए हैं।

    मदद करने वाले होंगे सम्मानित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्सटेबल श्री पंकज यादव और आटो रिक्शा चालक श्री अनिल पिता लाल सिंह कोठारी सहित अन्य को पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुँचाने जैसे अच्छा काम करने के लिये सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को घटना की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता तथा श्री आकाश विजयवर्गीय, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

     

  • सरगुजा संभाग में मंत्री राजवाड़े: आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं पर सख्ती, दृष्टिहीन बच्चों को मिलेगा 20 लाख का सहयोग

    रायपुर,

    मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के दौरे पर पहुँचीं महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने एक ही दिन में संवेदनशीलता और सख़्ती दोनों का परिचय दिया। नेत्रहीन एवं दिव्यांग बच्चों को जहाँ उन्होंने 20 लाख रुपये की सौगात दी, वहीं विभागीय समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की लापरवाही पर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

    आमाखेरवा स्थित नेत्रहीन एवं विकलांग शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय पहुँचकर मंत्री राजवाड़े का पारंपरिक स्वागत हुआ। बच्चों ने संगीत और कला प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर संस्था ने भवन मरम्मत, भरण-पोषण व कर्मचारियों के मानदेय सहित कई मांगें रखीं।

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चे समाज की असली धरोहर हैं, इनके भविष्य को संवारना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।उन्होंने तत्काल 20 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत करने की घोषणा की और अन्य मांगों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया।

    कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि,सभी आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खुलें और बंद हों।केंद्रों में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता हो ताकि किसी प्रकार का खतरा न हो।बच्चों के भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए, मुनगा पत्ती को सप्ताह में 2-4 बार अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।साथ ही उन्होंने सुपरवाइजरों को चेतावनी दी कि निरीक्षण में लापरवाही पाई गई तो जवाबदेही तय होगी।

    बैठक में मंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना और महिला कोष ऋण योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इनका लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए।

    मंत्री राजवाड़े ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हम बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगे। सरकार की हर योजना का असली लाभ सबसे अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचना ही हमारी प्रतिबद्धता है।

    इस दौरान कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, सीईओ अंकिता सोम शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।