• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के विभिन्न अस्पताल पहुँचकर घायलों के स्वास्थ्य की ली जानकारी

    समुचित उपचार के दिये निर्देश

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर पहुंचकर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की कुशलक्षेत्र जानी। उन्होंने वर्मा यूनियन हॉस्पिटल, गीतांजलि अस्पताल, बांठिया अस्पताल, अरबिंदो मेडिकल कॉलेज और भंडारी अस्पताल में उपचाररत घायलों से भेंटकर उनसे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। दुर्घटना में घायल सभी 13 प्रभावित व्यक्तियों से मिलकर घटना संबंधी जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने घटना पर दु:ख व्यक्त करते हुए घायलों के परिजन से कहा कि वे चिंता न करें, दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर और चिकित्सकों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी घायल के उपचार में कमी नहीं रखी जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुँचाने में सहयोग करने वाले नागरिकों का 26 जनवरी को सम्मान किया जायेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्मा यूनियन हॉस्पिटल में घायल संदीप बिंझवार, अनिल नामदेव, गीतांजलि अस्पताल में सुश्री पलक जोशी, श्री अशोक कुमार गोप्लानी, सुश्री काजल देवी गोप्लानी, संविद दुदानी और श्री अनिल कोठारी के अलावा बांठिया अस्पताल, अरबिंदो और भंडारी अस्पताल में उपचाररत घायलों से मिले और उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों का इलाज कर रहे चिकित्सकों से कहा कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के परिजन को सांत्वना दी और विश्वास दिलाया कि घायलों का अच्छे से अच्छा इलाज किया जाएगा।

    दोषियों के विरूद्ध होगी कार्रवाई
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायलों के परिजन से चर्चा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है। घटना की जांच के लिए एसीएस गृह को जिम्मेदारी दी गई है। जांच के आधार पर जो भी अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाये जायेंगे, उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस दुखद घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटना की पुर्नरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम होंगे।

    इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, विधायक श्री रमेश मेंदोला, विधायक श्री गोलू शुक्ला, पूर्व विधायक श्री आकाश विजयवर्गीय, श्री सुदर्शन गुप्ता, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री दिलीप यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित सिंह, एसडीएम सुश्री निधि वर्मा, एसडीएम श्री प्रदीप सोनी आदि भी साथ थे।

     

  • छत्तीसगढ़ में पीएम नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित

    रायपुर,

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वनमंत्री एवं संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक भावना बोहरा, विधायक अनुज शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, पुलिस महानिदेशकअरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियों को समयबद्ध तरीके से और सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उल्लखेनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में आयोजित राज्योत्सव समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवीन भवन, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे तथा राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे।

  • विश्वकर्मा जयंती विशेष: छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल से 8.39 लाख श्रमिक हुए लाभान्वित

    श्रमिकों के उत्थान के लिए 535.62 करोड़ रूपए की राशि

        छगन लोन्हारे,
        अशोक कुमार चन्द्रवंशी

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी।

    इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।

    श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है।
    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है।

    मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है।
    मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है।

    प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है।

    मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है।

    छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।

  • वोटर अधिकार रैली पर सियासी संग्राम: विजय शर्मा ने राहुल गांधी की जानकारी पर उठाए सवाल

    रायपुर

    बिहार में एसआईआर के मुद्दे को लेकर निकाली गई कांग्रेस की वोट अधिकार यात्रा को लेकर सियासत अभी भी गरमाई हुई है. इस यात्रा को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भ्रामक प्रचार नहीं करना चाहिए. मतदाता सूची में अगर गड़बड़ी है, तो जरूरी नहीं कि मतदान में भी गड़बड़ी हो.

    राहुल गांधी को नहीं पता कैसे होती है वोटिंग : उपमुख्यमंत्री शर्मा
    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एसआईआर को लेकर कहा कि संशोधन, परिवर्तन और विलोपन जैसी प्रक्रियाओं के लिए SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) होता है. कांग्रेस को SIR का विरोध नहीं करना चाहिए. राहुल गांधी को पता नहीं होगा कि मतगणना होती है.

    क्या कांग्रेस अपनी वोट बैंक बचाना चाहती है : उपमुख्यमंत्री शर्मा
    डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपनी वोट बैंक बचाना चाहती है? अगर किसी भी बांग्लादेशी का नाम वोटर लिस्ट में है तो उसकी जांच कर तुरंत हटाया जाएगा. लेकिन कांग्रेस को आखिर किसके हट जाने का डर सता रहा है? कौनसा वोट बैंक कांग्रेस मतदाता सूची में बनाए रखना चाहती है?”

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल हाट में स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग का किया शुभारंभ

    स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग, भोपाल वासियों को स्वदेशी वस्तुओं की आत्मीयता का कराएगा अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दिल्ली हाट के रूप में विकसित होगा भोपाल हाट
    स्वदेशी मेले से हुई सेवा पखवाड़ा की शुरूआत
    स्वदेशी मेले में मिल रही है गांवों की बहन-बेटियों द्वारा बनाई एलईडी
    दशहरे पर धूमधाम से होगा शस्त्र पूजन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल हाट में स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग का किया शुभारंभ

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्म दिवस पर सेवा का संकल्प लेते हुए सेवा पखवाड़े के माध्यम से 'वोकल फॉर लोकल' की भावना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी प्रतिबद्धता के अनुरूप देश में स्वदेशी के अभियान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत 02 अक्टूबर तक सबका साथ-सबका विकास के भाव से जन भागीदारी, स्वच्छता और कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। भोपाल हाट में लगा स्व-सहायता समूहों का 'स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग', इन गतिविधियों की शुरूआत है। मेले में 40 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं। इससे लगभग 3 हजार 600 से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे। आगामी तीज-त्यौहारों के दृष्टिगत यह स्वदेशी मेला महत्वपूर्ण है, इससे भोपाल वासी स्वदेशी उत्पादों की आत्मीयता का अनुभव ले सकेंगे। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर में बनने वाली वस्तुओं को बाजार और प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इन गतिविधियों से ही आदि काल से भारत की पहचान रहे, स्वावलंबन के भाव को प्रोत्साहन मिलेगा। स्वदेशी के उत्पाद अपने गांव, जिले और प्रदेश के गौरवान्वित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को "स्वदेशी मेला-स्वदेशी व्यंजनों के संग" का भोपाल हाट में शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेला में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया, विक्रेताओं तथा सामग्री निर्माताओं से चर्चा की और वॉटर बॉटल बैग सहित अन्य सामग्री भी खरीदी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम भोजपुर के सिद्धी विनायक आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा लगाए गए चाट के स्टॉल पर पानी-पुरी का आनंद भी लिया।

    सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे पर प्रदेश में धूम-धाम से शस्त्र पूजन किया जाएगा। यह सौभाग्य का विषय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। स्वतंत्रता से पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कल्पना कर ली थी कि आजादी तो मिलेगी, लेकिन इसके बाद देश को आजाद रखने के लिए सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में देश भक्त नागरिकों की आवश्यकता होगी। वर्तमान में जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वदेशी के भाव के साथ सनातन संस्कृति और विरासत से विकास के पथ पर देश अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के परिणामस्वरूप भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी अन्नदाता, युवा, नारी सशक्तिकरण और गरीब सहित सभी वर्गों के लिये समर्पित भाव से निरंतर सक्रिय हैं।

    पीएम मित्र पार्क से खुलेंगे प्रदेश की समृद्धि के द्वार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को शुभागमन हो रहा है। वे पीएम मित्र पार्क की नीव रखेंगे। गरीब परिवार से निकले मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने अपने जन्म दिन पर सेवा पखवाड़े में माताओं-बहनों के लिए सेवा का संकल्प लिया है। 'स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार' अभियान में प्रदेश भर में महिलाओं की सभी प्रकार की जांच होंगी, महिला के स्वस्थ होने से परिवार सशक्त होंगे। साथ ही रोजगार के अवसरों के साथ ही प्रदेश में विकास के लिए सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा है। बड़ी संख्या में प्रदेश के किसान कपास उत्पादक हैं, कपास पर केन्द्रित उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। राज्य सरकार कपास उत्पादन और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मित्रा पार्क की नींव रखेंगे। पीएम मित्र पार्क धार-झाबुआ अंचल में एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और सबकी समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे। यहां बने वस्त्र विश्व के सभी प्रमुख देशों तक जाएंगे। प्रदेश में होने वाले जैविक कॉटन की बेहतर गुणवत्ता के कारण सम्पूर्ण विश्व में इसकी मांग है। स्थापित हो रहे पीएम मित्र पार्क के परिणामस्वरूप प्रदेश के जैविक कॉटन को वैश्विक स्तर पर उचित महत्व मिल सकेगा।

    भारत के दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने में स्व-सहायता समूहों की भी होगी भूमिका

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्व-सहायता समूह तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी फूड प्रोसेसिंग हो रही है। समूह की हमारी बहनों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। जिला स्तर पर स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे। भोपाल हाट को दिल्ली हाट के रूप में विकसित करने की योजना पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। भारत जब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा तो इसमें सबसे बड़ी भूमिका स्व-सहायता समूहों की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिवस की बधाई भी दी।

    स्वदेशी मेले से करें त्यौहारों के लिए खरीददारी

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर जिले में उद्योग केंद्र की स्थापना हो रही है। गरीब कल्याण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिन स्वदेशी अभियान को समर्पित है। इस स्वदेशी बाजार में हुजूर विधानसभा के 40 स्व-सहायता समूहों की बहनों ने यहां अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। दीपावली सहित सभी त्यौहार आ रहे हैं। अब विदेशी एलईडी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, स्वदेशी मेले में गांव की बहन-बेटियों द्वारा बनाई गई एलईडी भी मिलेगी। यह स्वदेशी मेला 4 दिन तक चलेगा। विधायक शर्मा ने नगरवासियों को दीपावली, नवरात्र और दशहरा के दृष्टिगत स्वदेशी मेले से खरीददारी करने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, रवींद्र यति, कीरत सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य उपस्थित थीं।

     

  • राष्ट्र निर्माण में मोदी का योगदान: स्वदेशी से सशक्त भारत तक की प्रेरणादायक यात्रा

    सीएम ब्लॉग

    भोपाल 

    "परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है,

    जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है,

    समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।"

    यह उद्घोष करने वाले हमारे प्रेरक, मार्गदर्शक और भारत निर्माण के दृष्टा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को उनके जन्मदिवस पर अनंत शुभकामनाएं। हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी आज इस विशेष दिवस पर मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उनकी इस यात्रा से प्रदेश को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वे धार जिले के भैंसोला ग्राम में देश के पहले "पीएम मित्र पार्क" की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही वे ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार और पोषण अभियान’ तथा ‘स्वच्छता ही सेवा' पखवाड़े का शुभारंभ करेंगे। मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता हूँ।

    प्रधानमंत्री जी का संपूर्ण जीवन परिश्रम, पुरुषार्थ और सेवा के प्रेरणादायी संकल्प की यात्रा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माध्यम से राष्ट्र और समाज सेवा का संकल्प लेकर उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की यात्रा आरंभ की, जो प्रधानमंत्री के रूप में भी ध्येयनिष्ठ रही है। उनके लिए राष्ट्र प्रथम और सर्वोपरि है। यह उनके राष्ट्र निर्माण और देशहित में लिए गए निर्णयों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत की गणना विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में हो रही है।

    उनके प्रत्येक निर्णय में राष्ट्र की नींव को सशक्त करने की झलक है। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करना और उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद श्रीरामलला को अपने जन्म स्थान अयोध्या में प्रतिष्ठित करने में उनकी पहल अविश्वसनीय है। उन्होंने एक राष्ट्र, एक पहचान के लिए विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त किया और समाज में एकत्व का भाव स्थापित किया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रेरित कर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि उनके मार्गदर्शन में जनकल्याण, आर्थिक सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं।

    प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभालते ही सबसे पहले उन्होंने देशवासियों के स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता अभियान छेड़ा। वे स्वयं हाथ में झाड़ू लेकर दिल्ली के प्रगति मैदान पहुँचे। गांव-गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर मध्यप्रदेश की जनता भी इस अभियान में जुट गई और गांव से लेकर नगर तक स्वच्छता अभियान में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य बना। इंदौर ने लगातार 8 बार देश में स्वच्छ शहर के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोदी जी ने आम नागरिक को आधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जिससे गरीब और असहाय परिवारों को उपचार में सहायता मिली। इस योजना से 40 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। समाज को अपने सांस्कृतिक गौरव के प्रति आत्मविश्वास उत्पन्न कराने के लिये प्रधानमंत्री जी ने हमें ‘विरासत के साथ विकास’ का नारा दिया। भारतीय संस्कृति के गौरव और आधुनिकता के संतुलन को साधते हुए उन्होंने लोगों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई।

    मुझे यह बताते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है कि मोदी जी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तब भारत विश्व की ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था था। केवल ग्यारह वर्षों में भारत चौथे स्थान पर पहुंचा और अब तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। तेल आयात, व्यापार, रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार में भारत ने नई मिसाल कायम की है। आयुध निर्यातक देश के रूप में भी भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया। 'स्पेस टेक्नोलॉजी' में भारत ने चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर तिरंगा फहराकर विश्व को चकित कर दिया और विज्ञान तथा तकनीक में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे जो कहते हैं उसका क्रियान्वयन भी करते हैं। उन्होंने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी रिफॉर्म की घोषणा की थी और एक माह के भीतर इसे लागू करने का निर्णय ले लिया। इस फैसले से देश की कर-प्रणाली सरल होगी, महंगाई कम होगी और आर्थिक न्याय के साथ समावेशी विकास को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री जी की आर्थिक नीतियों ने निवेश, उत्पादन और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएं निर्मित की हैं। ये नीतियाँ देशवासियों को राहत देने के साथ वैश्विक स्तर पर भारत के आत्म-सम्मान का प्रतीक बनी। अमेरिका जैसी आर्थिक महाशक्ति ने भारत पर भारी टैरिफ लागू कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की रणनीति ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। रूस और चीन के साथ सहयोग कर नए व्यापारिक मार्ग स्थापित करना और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार लागू करना उनकी कुशल और निर्णायक नेतृत्व क्षमता का परिणाम है।

    प्रधानमंत्री जी का लक्ष्य है कि देश का युवा आत्मनिर्भर बने और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए। युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोज़गार देने के लिए उन्होंने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना’ लागू की। इसका उद्देश्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को कौशल विकास, स्वरोज़गार, स्टार्टअप, तकनीकी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुद्रा योजना के तहत लगभग 52.5 करोड़ छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय को गति दी गई।

    प्रधानमंत्री जी का मानना है कि किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उज्ज्वला योजना से 10.33 करोड़ से अधिक महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई। इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ और उन्हें सम्मान जनक जीवन जीने का अवसर भी मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से 4 करोड़ से अधिक लोगों को संपत्ति का अधिकार मिला। महिला आरक्षण लागू कर उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता को बढ़ावा दिया। 'लखपति दीदी अभियान' के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने जनकल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत 81 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क खाद्यान्न दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार हुआ। 'जल जीवन मिशन' के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया। इन योजनाओं ने देश के हर वर्ग को सीधे लाभ पहुँचाया।

    रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ से वे देश के हर जन-मन से जुड़े, हरेक की समस्या को जाना और समाधान पहुँचाने का प्रयास किया। उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद का सामना और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने अनेक निर्णय लिए। 'ऑपरेशन सिंदूर' से भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया और विश्व को भारत की शक्ति से परिचित कराया। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व सेवा, त्याग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। उनके द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों ने आम नागरिक को राहत दी, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, आर्थिक विकास की राह दिखाई, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया। उनके नेतृत्व में भारत ने संघर्ष से समाधान, संकट से अवसर और सीमित संसाधनों से वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा तय की है।

    आज प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर हम यह संकल्प लें कि उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए राष्ट्रहित में कार्य करेंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने सेवा और स्वदेशी का आह्वान किया है। मुझे विश्वास है कि प्रदेश के कपास उत्पादक क्षेत्र में टैक्सटाइल उद्योग के लिए स्थापित होने वाला 'पीएम मित्र पार्क' प्रधानमंत्री जी की स्वदेशी की संकल्पना को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश को मिलने वाले इस आशीर्वाद से हम सभी अभिभूत हैं। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका कल्याण' करने वाले युगदृष्टा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को पुनः जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ…।

     

  • भारत के आत्मसम्मान को जागृत करने वाले नेता हैं मोदी: जगदीश देवड़ा

    "प्रधानमंत्री जी के जन्म दिवस पर विशेष"

    भोपाल 

    भारत के नागरिक भाग्यशाली हैं कि वे भारत का नवनिर्माण होता देख रहे हैं। हर क्षेत्र में नया भारत बन रहा है। इन गौरवशाली क्षणों का श्रेय यशस्वी, सशक्त और विश्व दृष्ट‍ि सम्पन्न प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने भारत के स्वाभिमान को जगाया है और आत्म-विश्वास को मजबूत किया है। 

    माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से कोटि-कोटि बधाइयां और शुभकामनाएं। वे दीर्घायु हों और हमेशा हमें नेतृत्व प्रदान करते रहें। वे अपने जन्म दिवस पर मध्यप्रदेश को ऐसा उपहार देने आये हैं, जिससे प्रदेश और देश के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ रहा है। देश की महत्वाकांक्षी "पीएम मित्र पार्क परियोजना" का भूमि-पूजन हो रहा है। यह पार्क मध्यप्रदेश के लिये अनमोल उपहार साबित होगा। हमारे कपास उत्पादक किसानों का जीवन बदलेगा और समृद्ध‍ि के नये द्वार खुलेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी भारत के लिए वरदान साबित हुए हैं। भारत निराशा में डूबा राष्ट्र बनता जा रहा था। युवाओं में भी निराशा थी। व्यापार डूब रहा था। भ्रष्टाचार फैल रहा था। हमारी कोई वैश्व‍िक पहचान नहीं थी। अर्थव्यवस्था में हम पिछड़ गये थे। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही उन्होंने अविलंब विकासोन्मुखी कार्यों की शुरूआत कर दी। राष्ट्रवादी मूल्यों और संस्कृति में वे अच्छी तरह पल्लवित थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत बदल रहा है। हर क्षेत्र में नये परिवर्तन हो रहे हैं। हमारी नीचे जाती अर्थव्यवस्था अब विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

    प्रधानमंत्री मोदी एक युग-दृष्टा हैं। वे भविष्य को पहचान लेते हैं और आने वाली चुनौतियों से निपटने की रणनीतियां तैयार रखते हैं। उन्होने विश्वपटल पर भारत की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। मोदी जी का जीवन हमें निरंतर प्रेरणा देता है। साधारण परिवार में जन्म लेकर देशहित को सर्वोपरि मानते हुए वे जिस तरह जनसेवा के पथ पर अग्रसर हुए, वह असाधारण है। बचपन से ही राष्ट्रप्रेम और सेवा-भावना उनकी शक्ति रही। आज जब हम 21वीं सदी के भारत की कल्पना करते हैं, तब मोदी जी का व्यक्तित्व और कार्यशैली एक मार्गदर्शक दीपस्तंभ के रूप में सामने आते हैं।

    प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने भारत को केवल ‘विकास’ की दिशा में आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत तक मोदी जी की हर पहल जनता के कल्याण और देश को मजबूत बनाने का सशक्त कदम है। उन्होंने स्वदेशी अपनाने के लिये समस्त भारतीयों को प्रेरित किया है। मोदी को देश की युवा शक्त‍ि और उनके कार्य कौशल पर अटूट भरोसा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भारत की साख को इतना ऊँचा उठाया है कि आज पूरा विश्व भारत के नेतृत्व को सम्मान की दृष्टि से देखता है। G20 की अध्यक्षता, अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ, सीमा सुरक्षा की सुदृढ़ता और गरीब कल्याण की योजनाएँ उनके नेतृत्व की गाथा को अमर कर रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व पटल पर भारत की एक अलग छवि बनी है।

    मध्यप्रदेश में भी मोदी जी की नीतियों और दूरदर्शिता का सीधा लाभ जनता को मिला है। प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि नि:शुल्क राशन, जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। गाँव-गाँव तक सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँचाना मोदी जी के संकल्प और अथक परिश्रम का परिणाम है। वे केवल राजनेता नहीं, बल्कि एक संकल्प और नवाचार के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि ईमानदारी, राष्ट्रनिष्ठा और कठोर परिश्रम से असंभव को भी संभव किया जा सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी वैश्विक लोकप्रियता साबित करते हुए दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता बनने का गौरव हासिल किया है। एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में पीएम मोदी को 75 प्रतिशत ‘अप्रूवल रेटिंग’ मिली है। यह रेटिंग उन्हें 20 देशों के शीर्ष नेताओं की सूची में सबसे ऊपर रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी की लोकप्रियता का कारण उनकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय छवि, निर्णय लेने की क्षमता और भारत के घरेलू और वैश्विक हितों पर आधारित स्पष्ट नीतियां हैं। यह इस बात का संकेत है कि भारत न केवल वैश्विक राजनीति में तेजी से उभर रहा है बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी स्वीकृति मिल रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर और जीएसटी सुधार से पूरे विश्व में भारत के प्रति दृष्ट‍िकोण बदल गया है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होने सबका विश्वास जीता है। हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करने के कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों का परिणाम अब हमारे सामने आने लगा है। उदाहरण के लिए भारत अब डिजिटल इंडिया के रूप में जाना जाने लगा है। लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिये उठाये गये कदमों का सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक हुई है। 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' देश के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है जिसे पूरे भारत में सराहा गया है। नीति में बुनियादी शिक्षा में सुधार, स्कूल संरचनाओं में बदलाव, चार वर्षीय अंतःविषय स्नातक कार्यक्रम और देश में शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकृत करने का प्रस्ताव है। ये सब भारत को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास का हर क्षेत्र बदल रहा है। अभी भारत को विश्व गुरू बनने का सपना पूरा करना है। हम सब संकल्प लें कि प्रधानमंत्री मोदी जी के आदर्शों पर कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मध्यप्रदेश की जनता की ओर से एक बार फिर हमारे लोकप्रिय यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्म दिवस की कोशिट: शुभकामनाएं। 

  • पूर्व CM बघेल के बेटे पर ED का हमला: शराब घोटाले का मास्टरमाइंड, नए आरोपों की लंबी सूची

    रायपुर, छत्तीसगढ़
    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ा आरोप लगाते हुए राज्य में हुए ‘शराब घोटाले’ के सिडिकेट का मास्टरमाइंड (मुखिया) बताया है और कहा है कि उन्होंने ही घोटाले से अर्जित लगभग 1000 करोड़ रुपए की आय को इधर-उधर किया था। ईडी ने इस बात का दावा सोमवार को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (VI) डमरुधर चौहान की अदालत में दायर अपनी चौथी पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) मे किया। इसमें उसने दावा किया कि चैतन्य ने जानबूझकर अपराध की आय को छिपाने, कब्जा करने, अधिग्रहण करने और इसका उपयोग करने में सहायता की और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची।

    ईडी द्वारा दाखिल इस आरोप पत्र में बताया गया है कि, ‘इस सिंडिकेट (गिरोह) में शीर्ष स्तर पर चैतन्य का नियंत्रण था, और उसकी भूमिका केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि प्रभावशाली और निर्णायक भी थी। वह सिंडिकेट द्वारा एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखने के लिए जिम्मेदार था। धन के संग्रह और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उसके (चैतन्य के) निर्देशों के तहत लिए जाते थे। मुख्यमंत्री के बेटे के रूप में उनकी स्थिति ने उन्हें सिंडिकेट का नियंत्रक बना दिया।'

    इसमें कहा गया है, ‘जांच से यह भी पता चला है कि चैतन्य बघेल अपराध की आय के प्राप्तकर्ता हैं, जिसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में लगाया और वे इस प्रकार विकसित की गई इन संपत्तियों को बेदाग संपत्ति के रूप में पेश कर रहे हैं और उन पर दावा कर रहे हैं।'

    अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच से पहले ही पता चला है कि अपराध की आय का एक बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति द्वारा एकत्र किया जा रहा था, जिसने ईडी के सामने अपने बयान में खुलासा किया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर शराब घोटाले से अर्जित एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की आय को संभाला था। इसमें कहा गया है कि उन्होंने (बंसल ने) स्पष्ट रूप से कहा है कि चैतन्य के निर्देश पर, 2019 से 2022 के बीच की अवधि में कांग्रेस के राज्य इकाई के तत्कालीन कोषाध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अन्य को बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाई गई थी।

    अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि बंसल कथित तौर पर दीपेन चावड़ा के माध्यम से अनवर ढेबर से अपराध की यह आय एकत्र करते थे और उसके बाद चैतन्य के समन्वय से ये धनराशि राम गोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। आरोप पत्र में ईडी ने बताया कि 'बंसल ने अपने बयान में खुलासा करते हुए बताया कि वह भूपेश बघेल को पिछले 25 सालों से जानते हैं और दोनों के पारिवारिक संबंध हैं। वह चैतन्य के साथ नियमित रूप से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास जाया करते थे। उस समय रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास की ऐसी ही एक यात्रा के दौरान, भूपेश बघेल ने उन्हें (बंसल को) स्पष्ट रूप से बताया था कि अनवर ढेबर उन्हें कुछ सामान भेजेंगे, और उसे आगे उन्हें रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाना होगा। इसके बाद, चैतन्य बघेल ने नकदी की कथित डिलीवरी से एक दिन पहले उन्हें सूचित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान शब्द नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक कोड वर्ड है।’ अग्रवाल फिलहाल फरार हैं।

    ईडी ने ने आरोपी लगाते हुए कहा कि चैतन्य शराब गिरोह का केंद्रीय व्यक्ति और नियंत्रक था, जो इससे जुड़ी कमाई पर सीधा नियंत्रण रखता था, अवैध धन के प्रवाह की निगरानी करता था, और अपराध की आय का उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपक्रमों के लिए करता था।

    आरोप पत्र में कहा गया है कि चैतन्य बघेल ने अपनी रियल एस्टेट परियोजना, विट्ठल ग्रीन में 18.90 करोड़ रुपए और अपनी रियल एस्टेट फर्म मेसर्स बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में 3.10 करोड़ रुपए की आपराधिक आय का उपयोग किया था। अभियोजन शिकायत में कहा गया है कि जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से वॉट्सएप चैट के रूप में महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं।

    ईडी के आरोपों के अनुसार लगभग 2,500 करोड़ रुपए से अधिक का यह शराब घोटाला प्रदेश में साल 2019 से 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में चैतन्य के पिता भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। इसी घोटाले के आरोप में चैतन्य को केंद्रीय एजेंसी ने 18 जुलाई को दुर्ग जिले के भिलाई शहर में स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था।

    ईडी ने अब तक इस मामले में एक अभियोजन शिकायत और चार पूरक अभियोजन शिकायतें दर्ज की हैं और दावा किया है कि कथित घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और एक शराब गिरोह के लाभार्थियों की जेबें भरी गईं। सोमवार को दायर अभियोजन शिकायत में ईडी ने कहा कि 2019 में छत्तीसगढ़ में नई (कांग्रेस) सरकार के गठन के बाद, एक संगठित शराब गिरोह बनाया गया था। इस गिरोह के दिन-प्रतिदिन के संचालन को संभालने के लिए, तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर (दोनों को मामले में ईडी द्वारा दायर पिछली अभियोजन शिकायतों में आरोपी के रूप में नामित किया गया है) का चयन किया गया था।

     

  • हिंदी साहित्य के लोकप्रिय व्यंग्यकार सुरजीत नवदीप का निधन, मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धांजलि दी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य के कवि, धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक सुरजीत नवदीप के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

    सीएम ने कहा, नवदीप जी की सहज हास्य-व्यंग्य शैली, समाज की विसंगतियों पर गहरी दृष्टि और मंचीय उपस्थिति ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां दी। आपकी रचनाएं और आपका व्यक्तित्व सदैव साहित्य प्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।

        प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि, अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय मंच संचालक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व सदस्य और धमतरी जिला हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक श्री सुरजीत नवदीप जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। यह हिंदी साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में राशि होगी अंतरित

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के भैंसोला ग्राम आएंगे

    स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान और आदि सेवा पर्व का करेंगे शुभारंभ
    देश के पहले पीएम मित्र पार्क का करेंगे शिलान्यास
    एक बगिया माँ के नाम के अभियान में समूह की महिला को पौधे करेंगे भेंट
    सिकल सेल स्क्रीनिंग के 1 करोड़वे कार्ड का करेंगे वितरण
    सुमन सखी चैटबॉट की होगी लॉन्चिंग
    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत हितग्राहियों के खातों में राशि होगी अंतरित

    धार

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के धार जिले के ग्राम भैंसोला आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण' अभियान और 'आदि सेवा पर्व', का शुभारंभ करेंगे। साथ ही देश के पहले 'पीएम मित्र पार्क' का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे।

    "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान"

    महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह अभियान ऐतिहासिक कदम है। अभियान का संचालन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से करते हुए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता लाने स्वास्थ्य शिविरों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से निवारक, संवर्धनात्मक और उपचारात्मक सेवाओं की आपूर्ति करेंगे। दोनों विभागों द्वारा संचालित होने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे वे निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। इस अभियान में महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच भी होगी। अभियान में एनीमिया की रोकथाम, संतुलित आहार और मासिक-धर्म स्वच्छता पर जागरूकता अभियान भी चलाएंगे, जिससे महिलाओं और किशोरियों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को समग्र और समन्वित तरीके से पूरा किया जा सके।

    प्रधानमंत्री मित्र पार्क

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किये जा रहे पीएम मित्र पार्क का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के कपास उत्पादकों को मिलेगा। लगभग 2158 एकड़ में विकसित होने वाला पीएम मित्र पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं।

    पीएम मित्र पार्क में देश की अग्रणी टैक्सटाइल कंपनियों ने भरोसा जताते हुए अब तक 23 हजार 146 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे, जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टैक्सटाइल-हब के रूप में होने लगेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी के '5-एफ' विज़न के अनुरूप यह पार्क 'फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्ट्री, फैक्ट्री से फैशन और फैशन से फॉरेन की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों के ‍लिये आदर्श बनेगी।

    'पीएम मित्र पार्क' से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा।

    "आदि सेवा पर्व"

    आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” जनजातीय गौरव और राष्ट्र निर्माण के संगम का प्रतीक पर्व होगा। इस दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, जल-संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी सेवा गतिविधियाँ आयोजित होंगी। हर गतिविधि के केन्द्र में सेवा का भाव और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा। इस अभियान में “ट्रायबल विलेज एक्शन प्लान एवं ट्रायबल विलेज विज़न 2030” पर विशेष जोर दिया जायेगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक गाँव के लिए विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जायेगा।

    एक बगिया माँ के नाम

    पर्यावरण सुधार के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये चलाये जा रहे "एक बगिया माँ के नाम" अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला स्व-सहायता समूह की एक महिला को पौधा भेंट करेंगे। मध्यप्रदेश में अब तक 10 हजार 162 महिलाओं को माँ की बगिया तैयार करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। समूह की महिलाओं को पौधों की सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

    'सुमन सखी चैटबॉट' की लॉन्चिंग

    प्रधानमंत्री मोदी "प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान" में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में जागरूकता के लिये 'सुमन सखी चैटबॉट' लांच करेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की गर्भवती महिलाओं को समय पर सही जानकारी और आवश्यक सेवाएं मिल सकेंगी।

    सिकल सेल स्क्रीनिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण

    प्रधानमंत्री मोदी सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग के एक करोड़वें कार्ड का वितरण करेंगे। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है। यह केवल एक कार्ड का वितरण नहीं, बल्कि सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ देश की सामूहिक लड़ाई का प्रतीक है। मध्यप्रदेश सिकल सेल उन्मूलन अभियान में देश में रोल मॉडल बनकर उभरा है।

    'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' की राशि का होगा अंतरण

    'प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना' मातृत्व के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से देश भर की पात्र महिलाओं के खातों में योजना की राशि अंतरित करेंगे। मध्यप्रदेश की लगभग एक लाख माता-बहनें इससे लाभान्वित होंगी।

  • स्वस्थ भारत की ओर कदम: अस्पतालों में चलेगा सफाई अभियान, 17 सितंबर से होगी शुरुआत

    जनप्रतिनिधि और आमजन की भागीदारी की जाए सुनिश्चित
    जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी

    सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से की सहयोग की अपील

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिलों में स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में सेवा पर्व और सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर से साफ-सफाई का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। अभियान के तहत कचरे और अनुपयोगी सामग्री को भी प्राथमिकता से हटाया जायेगा। सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संभागीय कमिश्नर को भी निर्देशित किया है कि वे सफाई अभियान का निरीक्षण और निगरानी करें। मंत्री, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया है कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ-सफाई के अभियान में आम जनता, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपेक्षा की है। प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे रोगी कल्याण समिति को सशक्त कर साफ-सफाई अभियान में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है‍कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में "स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार" अभियान का संचालन भी किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न रोगों की जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करने का कार्य भी किया जाएगा।

     

  • ओजोन परत बचाने और स्वच्छ भारत की दिशा में कदम, पीएम श्री केवी भोपाल में पखवाड़े की शुरुआत

    भोपाल
     पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1, भोपाल में आज अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ओज़ोन परत की रक्षा के महत्व को रेखांकित करना था।  

    कार्यक्रम की शुरुआत प्राथमिक कक्ष के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य-नाटिका से हुई, जिसे प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती नीलेश कुशवाहा ने तैयार किया था। इस प्रस्तुति ने ओज़ोन परत की रक्षा का सशक्त संदेश दिया। इसके बाद माध्यमिक स्तर के छात्रों ने विज्ञान शिक्षिका श्रीमती ममता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में ओज़ोन परत के निर्माण, उसके महत्व और प्रदूषण व रासायनिक गैसों के कारण होने वाले क्षरण पर विस्तृत एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रस्तुत की।  

    विद्यालय के प्राचार्य श्री गौरव कुमार द्विवेदी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।  

    इसी अवसर पर विद्यालय में स्वच्छता पखवाड़ा का भी शुभारंभ हुआ। इसके अंतर्गत नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंग-बिरंगे बैनरों और नारों के साथ स्वच्छता रैली निकालकर स्वच्छ भारत का संदेश पूरे उत्साह से दिया।  

    कार्यक्रम में शिक्षकगण, अभिभावक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर ओज़ोन परत संरक्षण एवं स्वच्छता के संकल्प को दोहराया।

  • सरकारी स्कूलों में स्टार्टअप संस्कृति की शुरुआत, 50 बच्चों को मिलेगा उद्यमिता का प्रशिक्षण

    सरकारी स्कूल के 50 विद्यार्थी उद्यमशीलता का लेंगे प्रशिक्षण

    भोपाल 

    सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 50 मेधावी विद्यार्थी 22 सितम्बर से उद्यमशीलता रोमांच शिविर में शामिल होंगे। यह शिविर भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित एनसीईआरटी परिसर के पं. सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में 26 सितम्बर तक आयोजित होगा। इन विद्यार्थियों का चयन जिला स्तर पर आयोजित वोकेशनल स्किल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।

    उद्यमशीलता रोमांच शिविर कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिये विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इस शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और उद्यमशील सोच को विकसित करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यार्थियों में व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार की सिफारिश की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा देने के विस्तार किया है।

    शिविर की गतिविधियां

    उद्यमशीलता रोमांच शिविर में समूह गतिविधियां, सिमुलेशन गेम्स, इस गेम्स के माध्यम से बच्चों को व्यावसायिक मॉडल के माध्यम से नये विचार देने, निर्णय लेने और पूर्वानुमान की क्षमता को विकसित किया जाता है। शिविर में हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम से विभिन्न सत्रों में बच्चों को जानकारी दी जायेगी। बच्चों में आत्मनिरीक्षण की प्रवृत्ति को बढ़ाने लक्ष्य निर्धारण और जीवन कौशल विकास के लिये विशेष जानकारी दी जायेगी। यह शिविर बच्चों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, जहां वे अपने विचारों को परिष्कृत करके स्वयं का उद्यम लगाने के लिये प्रोत्साहित होंगे।

     

  • इंदौर हादसे पर सरकार गंभीर, सीएम ने घायलों से की मुलाकात, जांच के दिए निर्देश

    इंदौर 

    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बेकाबू ट्रक शहर की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ा। एयरपोर्ट रोड पर हुए इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और मामले में जांच का आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने लिया घायलों का हाल, जांच के आदेश
    हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया। वे इंदौर पहुंचे और अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर शिवम वर्मा को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पीड़ित संदीप बिजवा और अनिल नामदेव से बात कर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। अधिकारियों को तत्काल मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। जो भी इस घटना के लिए दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला भी स्थिति का जायजा लेने इंदौर पहुंचे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    दो किलोमीटर तक मौत बनकर दौड़ा ट्रक
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एयरपोर्ट रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। चालक ने ट्रक पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बेकाबू ट्रक करीब एक किलोमीटर तक वाहनों और लोगों को अपनी चपेट में लेता हुआ आगे बढ़ता गया। इस दौरान सड़क पर भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। ट्रक ने कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रौंद डाला, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    दो की मौत, 12 घायल
    इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आनन-फानन में 12 घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    मुख्यमंत्री के निर्देश

        मृतक के परिजन को चार लाख रूपये की सहायता 
        घायलों को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता 
        घायलों के इलाज का खर्चा सरकार वहन करेगी 
        पुलिस उपायुक्त यातयात श्री अरविन्द तिवारी को हटाया गया
        निलंबित- श्री सुरेश सिंह ACP, श्री प्रेम सिंह प्रभारी  ASI (बिजासन प्रभारी), चन्द्रेश मरावी प्रभारी सूबेदार (सुपर कोरिडोर प्रभारी), श्री दीपक यादव निरीक्षक (सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी 
        ड्यूटी पर तैनात सभी चार कांस्टेबल निलंबित 
        कान्सटेबल पंकज यादव और अनिल कोठारी आटो रिक्शा चालक को अच्छा काम करने के लिये पुरस्कृत किया जायेगा
        एसीएस होम घटना की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

     

  • दमोह में एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते सब इंजीनियर पकड़ा गया

     दमोह
     जिले में लगातार ही लोकायुक्त पुलिस द्वारा कार्यवाहियां जारी है। ऐसा कोई भी महीना नहीं जा रहा है जब दमोह जिले में लोकायुक्त द्वारा किसी अधिकारी कर्मचारी को पैसा लेते हुए रंगे हाथ ना पड़े जाए। इसी क्रम में मंगलवार की दोपहर दमोह जनपद पंचायत में उप यंत्री के पद पर पदस्थ राजन सिंह को खेत तालाब योजना के तहत मूल्यांकन करने के मामले में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

    80 हजार की मांगी थी रिश्वत

    इस संबंध में लोकायुक्त टी आई कमल सिंह उइके ने बताया कि दमोह जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री राजन सिंह द्वारा खेत तालाब योजना के मूल्यांकन के लिए ग्राम पंचायत बरमासा के सरपंच लीला गौड़ से 80 हजार रुपए की राशि की मांग की जा रही थी। इस मामले में सरपंच एक माह पूर्व 20 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में उप यंत्री को दे भी चुका था।

    20 हजार रुपए रंगे हाथ गिरफ्तार

    आज मंगलवार को द्वितीय क़िस्त के रूप में 20 हजार रुपए की राशि देने के लिए उसके द्वारा लोकायुक्त में शिकायत की गई थी, जिसकी पुष्टि कराए जाने पर मामला सही था। इसी के उपरांत मंगलवार को टीम द्वारा उपयंत्री राजन सिंह के अभिनव होम्स स्थित आवास पर सरपंच से 20 हजार रुपए की राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया और कार्यवाही की गई।

  • अब 2028 तक लगेंगे स्मार्ट मीटर, कंपनी ने साढ़े तीन लाख मीटर लगाने का रखा लक्ष्य

    भोपाल 

    बिजली के स्मार्ट मीटर की स्थापना की समय सीमा 2028 तक बढ़ा दी है। सिटी सर्कल में तय लक्ष्य के अनुसार इस समय सीमा में 80 हजार स्मार्ट मीटर और स्थापित करना बाकी है। सिटी सर्कल में इससे अधिक उपभोक्ता है और कंपनी बढ़े हुए समय को देखते हुए अब लक्ष्य भी बढ़ाने पर विचार कर रही है। यहां इस समय करीब छह लाख उपभोक्ता है।

    आगामी तीन साल में कंपनी साढ़े तीन लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम कर रही है। स्मार्ट मीटर स्थापना में देरी की वजह इसे बनाने वाली कंपनियों द्वारा तय समय सीमा में आपूर्ति नहीं कर पान है।

    दिसंबर 2023 से मार्च 2025 तक था समय

    आरडीएसएस योजना के तहत हो रहा स्मार्ट मीटर स्थापना का काम किया जा रहा है। योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने की मूल समय सीमा दिसंबर 2023 से मार्च 2025 तक थी। प्रदेश सहित पूरे देश में धीमी गति से काम होने के कारण, इस समय सीमा को 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है।

    पाइंट्स में स्मार्ट मीटर

    -2.85 लाख स्मार्ट मीटर स्थापना का लक्ष्य तय किया भोपाल में

    -02 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित हो चुके थे भोपाल सिटी सर्कल में अब तक

    -80 लाख रुपए की टीओडी छूट का लाभ दिया गया उपभोक्ताओं को

    -88 हजार से उपभोक्ताओं को लाभ

    -41.35 लाख 791 स्मार्ट मीटर कंपनी के 16 जिलों में स्थापना का लक्ष्य

    स्मार्ट मीटर स्थापना का काम तेजी से किया जा रहा है। ये बिजली आपूर्ति की पारदर्शिता का बड़ा माध्यम है। रियल टाइम रीडिंग से उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ा है।- क्षितिज सिंघल, एमडी मध्यक्षेत्र

  • MP में दीपावली पर पटाखों पर सख्ती, जिन शहरों में खराब है AQI वहां नहीं मिलेगी अनुमति

     भोपाल 

    मध्यप्रदेश के जिन शहरों में वायु गुणवत्ता खराब रहेगी वहां दीपावली(Diwali 2025) पर पटाखे चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। हालांकि जांच वायु गुणवत्ता मध्यम रहेगी, वहां ग्रीन पटाखों की अनुमति रहेगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइडलाइन प्रभावी रहेगी। ट्रिब्यूनल ने अपीलें खारिज कर दी है। इसके तहत बेरियम वाले और लड़ी वाले पटाखों की बिक्री-उपयोग प्रतिबंध रहेगा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए तीन अप्रैल के आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर गाइडलाइन की राह आसान कर दी है। कहा है, यदि एनसीआर के शहरों को स्वच्छ हवा का हक है तो दूसरे शहरों के लोगों को क्यों नहीं? पटाखों के संबंध में नीति पैन इंडिया स्तर पर होनी चाहिए।

    वर्तमान एयर क्वालिटी इंडेक्स

        जबलपुर गुप्तेश्वर 287
        सागर 102
        कटनी गोल बाजार 92
        इंदौर छोटी ग्वालटोली 91
        ग्वालियर 88
        मंडीदीप-81
        पीथमपुर 99
        भोपाल 75
        (ओत- गघ प्रदूषण नियांजण बोर्ड)

    कलेक्टरों को किया था निर्देशित

    एनजीटी ने सरकार के लिए पटाखों को लेकर जो गाइडलाइन जारी की थी वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2021 में जारी निर्देशों पर आधारित है। ट्रिब्यूनल ने सरकार को गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पिछली दिवाली(Diwali 2025) के पहले जारी आदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के कलेक्टरों को खासतौर पर निर्देशित किया था कि वे एयर क्वालिटी की नियमित मॉनिटरिंग कराएं। जबलपुर, सागर, कटनी आदि का एक्यूआइ अभी से बढ़ने लगा है।

    यह प्रतिबंधित

    •     पटाखे जिनके निर्माण में बेरियम साल्ट का उपयोग हुआ हो।
    •     लड़ी या सीरीज वाले यानी आपस में कई पटाखे जुड़े हुए
    •     ऐसे पटाखे जिन्हें बनाने में एंटीमनी, लीथियम, मर्करी आर्सेनिक, लैंड, स्ट्रॉशियम् क्रोमेट का उपयोग किया गया हो
    •     पटाखों का ऑनलाइन विक्रय प्रतिबंधित रहेगा।
    •     रात 8 से पहले व रात 10 के बाद पटाखे नहीं चलेंगे।
  • NHM कर्मचारियों की हड़ताल को मिला झारखंड चिकित्साकर्मी संघ का समर्थन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजा ज्ञापन

     रायपुर

    महीनेभर से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को मंगलवार को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है. इस बीच झारखंड के चिकित्साकर्मी संघ ने एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है. संघ की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा है, जिसमें इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है.

    शिकायत में बताया गया कि 18 अगस्त 2025 से छत्तीसगढ़ के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने संघ के प्रतिनिधियों को आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत सरकार ने संघ के प्रमुख पदाधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया और आदेश जारी किया कि अगर कर्मचारी 16 सितंबर तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते तो उनकी जगह नए कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी. इसे कर्मचारी संघ ने दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया है.

    शिकायत में आगे कहा गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ लंबे समय से विभिन्न माध्यमों से अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहा है, लेकिन समाधान के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए. इस संबंध में छतीसगढ़ प्रदेश एन एच एम कर्मचारी संघ द्वारा दिया गया ज्ञापन ही पूरी स्थिति को स्पष्ट करता है. साथ ही अनुरोध किया गया कि केंद्रीय स्तर पर व्यक्तिगत पहल कर छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं.

    संघ की चेतावनी
    संघ ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर उचित दिशा-निर्देश नहीं दिए तो झारखंड के एनएचएम और जेएसएसीएस कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल होने को बाध्य होंगे.

  • गंगरेल बांध में जैव-विविधता बचाने की याचिका पर सुनवाई, मत्स्य विभाग का जवाब अदालत में दाखिल

    बिलासपुर

    गंगरेल बांध में मछली और पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए पेश जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में राज्य शासन के मत्स्य विभाग ने जवाब पेश कर बताया कि 779 में से से 679 केज हटा दिए गए हैं. अब सिर्फ 100 केज हटाना बाकी है. इस मामले में चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी.

    धमतरी की वाइल्ड लाइफ वेलफेयर सोसायटी ने जनहित याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया है कि, गंगरेल जलाशय में बिना वैध अनुमति के पिंजरों के जरिए बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि, शासन ने छह माह पूर्व ही इस अवैध गतिविधि को रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.

    मामले की सुनवाई के दौरान मत्स्य विभाग की ओर से प्रस्तुत शपथपत्र में बताया गया था कि जलाशय के लाभार्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट-सह-कलेक्टर,धमतरी के समक्ष आवेदन देकर अपने पिंजरों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की, जिला धमतरी ने 24 फरवरी 2025 को कार्यपालक अभियंता, जल प्रबंधन संभाग को पत्र लिखकर पिंजरों के स्थानांतरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का अनुरोध किया था. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में अभियंता से भेंट की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका.इसकी जानकारी निदेशक (मत्स्य पालन) को भेजी गई थी. शपथपत्र में कहा गया कि फुटाहामुड़ा क्षेत्र, जो एक आर्द्रभूमि है, उसमें कुल 774 पिंजरे लगाए गए हैं और अधिकांश किसानों ने इन्हें स्थानांतरित करने पर सहमति जता दी है, जैसे ही सिंचाई विभाग उपयुक्त स्थान चिन्हित करेगा, पिंजरों का स्थानांतरण कर दिया जाएगा.

    आज हुई सुनवाई में मत्स्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि, ज्यादातर केज हटा दिए गए हैं, जहां मछलियों का शिकार किया जा रहा था.अब मात्र 100 केज ही बचे रह गए हैं. धीरे धीरे इन्हें भी पूरा हटा लिया जाएगा. यह सुनने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने 4 सप्ताह बाद अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है.

  • सरकारी योजना से कोदो-कुटकी किसानों को राहत, MP में पहली बार समर्थन मूल्य पर खरीदी

     जबलपुर
     मध्य प्रदेश सरकार पहली बार किसानों से कोदो-कुटकी खरीदेगी। इसकी शुरुआत जबलपुर के कुंडम तहसील से हो रही है। 15 सितंबर से सरकार को फसल बेचने वाले किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है। कुंडम तहसील में करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने कोदो-कुटकी की खेती की है।सीएम ने कहा कि इस कृषि उत्‍पाद को देश के साथ-साथ विदेश में भी पहुंचाया जाएगा. उन्‍होंने धान उत्‍पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये बोनस देने की बात भी कही.

    प्रशासन ने यह जिम्मा कृषि विभाग को सौंपा है। जिसके बाद विभाग, किसानों से फसल खरीदने के लिए एफपीओ चयनित करेगा। पहले चरण में सिर्फ एक एफपीओ, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह काम दिया जाएगा।

    कृषि विभाग के उपसंचालक डॉ. एसके निगम ने बताया कि खरीदी में प्रदेश सरकार पारंपरिक पब्लिक-प्रोक्योरमेंट यानी धान, गेहूं जैसी खरीदी नहीं करेगा, बल्कि सरकार इसमें केवल व्यवस्था का समन्वय करेगी, जबकि खरीदे गए अनाज का भुगतान अन्न फेडरेशन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जाएगा।

    राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर जबलपुर) के अनुसार, इस बार जिले के कुंडम तहसील में किसानों से कोदो और कुटकी की खरीदी करने जा रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से खरीदी होगी, जिसके लिए पंजीयन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार हर एक किलो पर 10 रुपये का समर्थन मूल्य भी देगी।

    देश में पहली बार ऐसा हो रहा

    यह देश में संभवत: पहली बार हो रहा है कि सरकार अनाज की खरीदी किए बगैर किसानों को बोनस देने जा रही है। सरकार का बोनस देने का मकसद प्रदेश में आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को कोदी-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत 3 जनवरी को जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहन देने और किसानों से उचित दाम पर इसकी समरीदी का कार्य किया जाना है। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का गठन किया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में कोदो- कुटकी की बुवाई की गई है। मिलेट्स फेडरेशन को राजस्व विभाग से इसका फाइनल आंकड़ा मिलना बाकी है। इस तरह कोदो-कुटकी के रकबे के आधार पर सरकार किसानों को प्रति विटेयर 3900 रुपए के हिसाब से करीब 40 करोड़ का बोनस देगी। सचिव कृषि विभाग एम, सेलवेदन का कहना है कि जल्द ही किसानों के खाते में बोनस की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।