• हायर एजुकेशन में सुधार की तैयारी तेज़, टंकराम वर्मा ने दिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश

    रायपुर

    उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर उच्च शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता सुधार एवं राज्य की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और युवाओं के भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर अमल जरूरी है।

    मंत्री वर्मा ने बैठक में स्टेट हायर एजुकेशन प्लान (SHEP) का निर्माण, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत, रूसा की प्रिपरेटरी ग्रांट एवं डडम्त् मद से प्रशिक्षण कार्यक्रम, राज्य उच्चतर शिक्षा योजना अंतर्गत भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारण तथा संस्थागत विकास योजनाओं (IDP) के अनुरूप बजट अनुमान शामिल आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं, विशेषकर बस्तर और सरगुजा जैसे जनजाति बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार और नवाचार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार’ जैसे विशेष कार्यक्रमों और वन-औषधियों के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु विशेष कार्यक्रम, उच्च शिक्षा का डिजिटाइजेशन एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा साथी, समर्थ, एमओओसी, स्वयं, स्वयं प्रभा जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया।

    बैठक में स्टार्टअप, इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप, पेटेंट और विश्व स्तरीय शोध को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक पहल करने पर सहमति बनी। अंत में, राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार हेतु नीतिगत निर्णय लेने की रूपरेखा तय की गई। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  • सड़क हादसे में आरपीएफ जवान की मौत, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई

    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही

    ड्यूटी खत्म कर मोटरसाइकिल से खोंगसरा से वापस पेंड्रारोड लौट रहे आरपीएफ के जवान की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई. आरपीएफ ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर मृत जवान के शव को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिला स्थित गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

    जानकारी के अनुसार, 36 वर्षीय राम आसरे सरोज सोमवार को ड्यूटी खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल से खोंगसरा से वापस पेंड्रारोड लौट रहे था, इसी दौरान रास्ते में स्वराज माजदा की ठोकर से सिर पर गंभीर चोट लगी. आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों ने जवान को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

    पोस्टमार्टम के बाद दिवंगत जवान को आरपीएफ ने मंगलवार को गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले स्थित गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया. घटना से मृतक के परिजन जहां सदमे में हैं, वहीं स्थानीय आरपीएफ में मातम छा गया है.

  • अनवर कादरी पर गंभीर आरोप, महिला का मकान फर्जी कागज़ों से बेचने का मामला दर्ज

    इंदौर 

     खजराना थाना पुलिस ने लगभग 20 साल पुराने एक संपत्ति धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी अनवर कादरी को गिरफ्तार कर लिया है। जूनी इंदौर की रहने वाली पीड़िता जोहरा बी की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। सोमवार को पुलिस ने आरोपी अनवर कादरी को पांच दिन के प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड पर लिया है, जिससे मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के बारे में पूछताछ की जाएगी। टीआई मनोज सेंधव ने बताया कि अनवर कादरी से विस्तृत पूछताछ जारी है।

    किराएदार ने फर्जी मुख्तयारनामे से हड़पा मकान
    पीड़िता जोहरा बी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि यह मकान उनके माता-पिता का था और उनकी किराएदार समीना बी उर्फ किरण ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। समीना ने एक फर्जी 'मुख्तयारनामा' (पॉवर ऑफ अटॉर्नी) तैयार करवाया, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी अनवर कादरी ने 1 नवंबर 2006 को मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इस फर्जीवाड़े में साजिद खान, मोहम्मद फारूख, सईद मोहम्मद, शादाब खान और जहूर मोहम्मद भी शामिल थे। बाद में आरोपियों ने मकान किसी और को बेच दिया।

    अलमारी से चुराए थे असली दस्तावेज
    जोहरा बी के अनुसार, शादी के बाद वह अपने माता-पिता के इस घर में ज्यादा नहीं रह पाती थीं। इसी बात का फायदा उठाकर किराएदार समीना ने अलमारी से मकान के मूल दस्तावेज चुरा लिए। इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पूरी साजिश रची गई, जिसका मुख्य सूत्रधार अनवर कादरी था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों को पकड़ा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज कहां और कैसे तैयार किए गए।

     

  • इंदौर MYH अस्पताल में चूहा कांड: नवजात मौतों पर उठे सवाल, अधिकारियों व एजेंसी पर कार्रवाई की मांग

     इंदौर
     एमवायएच चूहा कांड में हाई कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर दायर की गई याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। शासन ने याचिका में जवाब प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया कि नवजातों की मौत चूहों के काटने से नहीं हुई थी। नवजातों के कई अंग अविकसित थे।

    करीब 700 पेज के जवाब में शासन ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए अब तक की गई कार्रवाई के बारे में भी बताया और जानकारी दी कि बहुत जल्द एमवायएच के एनआइसीयू को सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि वर्तमान एनआइसीयू और आसपास के क्षेत्र में कीट नियंत्रण की कार्रवाई की जा सके।

    मामले में न्यायमित्र बनाए गए वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर और एडवोकेट कीर्ति पटवर्धन ने इस संबंध में एक याचिका भी सोमवार को प्रस्तुत कर दी। कोर्ट ने इसे रिकार्ड पर ले लिया। याचिका में मांग की गई है कि घटना के लिए जिम्मेदार अस्पताल अधिकारियों और पेस्ट कंट्रोल एजेंसी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए जाएं।

    बता दें, इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएय) की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में चूहों ने दो नवजातों को काटा था। इसके कारण 2 और 3 सितंबर को दोनों मासूमों की मौत हो गई थी।

    10 सितंबर को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने शासन से कहा था कि वह स्टेटस रिपोर्ट पेश कर बताए कि आखिर इस मामले की वास्तविक स्थिति क्या है। घटना के बाद शासन ने क्या और किन-किन के खिलाफ कार्रवाई की है।
    पीडब्ल्यूडी और नगर निगम भी होंगे पक्षकार

    न्यायमित्र ने कोर्ट की अनुमति के बाद सोमवार को नई याचिका प्रस्तुत की, जिसमें पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को पक्षकार बनाने की आवश्यकता बताई गई है। चूंकि चूहों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई पीडब्ल्यूडी के माध्यम से होना है और सफाई व्यवस्था निगम की जिम्मेदारी है, इसलिए इन दोनों को पक्षकार बनाना होगा।

  • मोदी देंगे पीएम मित्रा पार्क का तोहफा, भोपाल-जबलपुर-ग्वालियर को मिलेगा टेक्सटाइल बूस्ट

    धार

    धार के भैंसोला में बनने वाले पीएम मित्रा पार्क से मालवा-निमाड़ के कॉटन उत्पादक किसानों को तो फायदा होगा, साथ ही भोपाल, जबलपुर से लेकर ग्वालियर तक का टेक्सटाइल सेक्टर बूस्ट होगा। 2158 एकड़ भूमि पर लगभग ₹2050 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित होगा .

    बढे़गा टेक्सटाइल इंडस्ट्री का नेटवर्क पीएम मित्रा पार्क से आने वाले समय में जबलपुर और सागर में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का विस्तार किया जाएगा। भोपाल के सतगढ़ी में रेडीमेड गारमेंट पार्क तैयार किया जा रहा है। ये पार्क कोलार रोड के सतगढ़ी में 61 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। इंदौर के परदेशीपुरा में प्लग-एन-प्ले गारमेंट कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं।

    इस कॉम्प्लेक्स में चार ब्लॉक में कुल 184 यूनिट संचालित हो सकेंगी। विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन के साथ ही मुरैना का मेगा फुटवियर और एक्सेसरीज कलस्टर भी इससे आर्थिक और औद्योगिक रूप से मजबूत होगा।

    टेक्सटाइल पार्क में ₹120 प्रति वर्गफीट में जमीन पीएम मित्रा पार्क में उद्योगपतियों को ₹120 प्रति वर्गफीट में जमीन मुहैया कराई जाएगी। ₹4.50 प्रति यूनिट के हिसाब बिजली दी जाएगी। आइडियल टेक्सटाइल प्रोसेसिंग के लिए ₹25 प्रति केएल के हिसाब से पानी मुहैया कराया जाएगा।

    पीएम मित्रा पार्क में ये रहेंगे इंतजाम

    •     पावर सप्लाई के लिए 220 केवी का विद्युत सब स्टेशन बनाया गया है।
    •     20 एमएलडी की क्षमता वाली वाटर सप्लाई डोरस्टेप तक मिलेगी।
    •     स्काडा मॉनिटरिंग की जाएगी।
    •     प्लग एंड प्ले और हाउसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
    •     इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप के सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया भी चल रही है।

    पार्क के लिए एमपी में नेशनल लेवल के इंस्टीट्यूट पीएम मित्रा पार्क इसलिए मप्र के लिए अहम है। क्योंकि, यहां NIFT(नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी), NID(नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन), IITDM(इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजाइन एंड मेन्युफैक्चरिंग) जबलपुर और ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल में हैं।

    5F से 3 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार पीएम मित्रा पार्क में तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेषकर कपड़ा बनाने वाले सेक्टर में काम करने वाले कुशल श्रमिकों, कारीगरों और महिलाओं को इस पार्क से बड़ा फायदा होगा। पीएम मित्रा पार्क 5F की थीम पर काम करेगा। इसमें किसान अपने खेत से कपास कंपनियों को सीधे बेच सकेंगे।

    इसके बाद की प्रोसेस कपास की सफाई, कपडे़ बनाने रंगाई, छपाई के बाद गारमेंटिंग, डिजाइनिंग होगी और यहीं से कपड़े सीधे विदेशों में एक्सपोर्ट होंगे। पार्क लगभग 3,00,000 नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें 1,00,000 प्रत्यक्ष और 2,00,000 अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे।

    पीएम मित्रा पार्क में यह सब होगा स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जल आपूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट और सीवेज संग्रह, 220 KVA सबस्टेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक ट्रंक अवसंरचना शामिल है।

    वैश्व‍िक बाजार से सीधे जुड़ेंगे मप्र के कपास उत्पादक किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। देश में जितना जैविक कपास उत्पादन होता है उसमें मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले में प्रथम पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास से मध्यप्रदेश देश की कॉटन कैपिटल बन जायेगा। कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतर्राष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा। पीएम मित्रा पार्क किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की आधारशिला और किसानों के लिए नई संभावनाओं का द्वार बताया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्ट‍ि से किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी। इसमें मध्यप्रदेश की कपास उत्पादक धरती सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस पार्क से कपास उत्पादक किसानों की समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि पीएम मित्रा पार्क किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं का जीवन बदलने वाली औदयोगिक परियोजना है। कपास उत्पादक किसान अब सीधे कपास आधारित उद्योगों से जुड़ जायेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का कपास केवल फसल न रहकर प्रदेश की औद्योगिक पहचान बनेगा।

    मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के मालवा अंचल के जिलों में सबसे ज्यादा कपास उत्पादन होता है। इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन की स्थ‍िति अच्छी रही है। वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्र‍िक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्र‍िक टन कपास उत्पादन हुआ।

    इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में भी कपास की अच्छी फसल ली जाती है। देश में ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रसिद्ध‍ि पा चुका है। यही वजह है कि वस्त्र उद्योग के लिए मध्यप्रदेश सबसे उपयुक्त राज्य साबित हुआ है। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर धार को पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए चुना गया है।
    सर्व-सुविधायुक्त होगा पीएम मित्रा पार्क

    करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं।
    निवेशकों ने जताया भरोसा

    निवेशकों ने भी भरोसा जताते हुए पीएम मित्रा पार्क में अब तक 27 हजार 109 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे। जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी।
    प्रधानमंत्री के विजन पर केन्द्रित है पार्क की थीम

    प्रधानमंत्री मोदी के विज़न के अनुरूप यह पार्क “फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और विदेश” की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों में आदर्श बनायेगी।

    पीएम मित्रा पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा।

    पीएम मित्रा पार्क की अभी क्या है स्थिति

    पीएम मित्रा पार्क में निर्माण गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। जहां 60% साइट लेवलिंग और पार्क के मुख्य द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। स्टेट हाइवे क्र.18 से 1.4 किमी लंबी सिक्स लेन की एप्रोच रोड, बदनावर से 220KV की पावर लाइन और माही डैम से 20 MLD जल आपूर्ति योजना जैसी प्रमुख बाहरी परियोजनाओं के काम चल रहे हैं। पार्क को "ग्रीन रेटिंग" प्राप्त करने के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के साथ परामर्श प्रक्रिया भी जारी है।

    ऐसे पहुंचा जा सकता है पार्क तक

        इंदौर से धार: यह दूरी लगभग 66-85 किमी है। सड़क से 1 घंटा 15 मिनट लगेंगे।
        धार से बदनावर: भैंसोला गांव बदनावर के अंतर्गत आता है। यहां से जाया जा सकता है।
        बदनावर से भैंसोला: यहां बदनावर से सड़क मार्ग से जाया जा सकता है।

    सबसे ज्यादा खरगोन में होता है कपास मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा कपास मालवा और निमाड़ क्षेत्र में किया जाता है। यहां की मिट्‌टी कपास के अनुकूल होती है। इसमें सबसे ऊपर नाम खरगोन का आता है। मध्य प्रदेश में बीते वर्ष लगभग 6,30,0000 हेक्टेयर में कपास की खेती हुई थी। इसी वर्ष कपास उत्पादन लगभग 8,73,000 मीट्रिक टन पैदा हुई थी।

    अकेले खरगोन में ही 252953 मीट्रिक टन कपास उत्पादन किया गया था। कपास की तुड़ाई के बाद इसे गांव स्तर पर मंडियों या जिनिंग–प्रेसिंग फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। फैक्ट्री में कपास से रुई अलग किया जाता है।

  • कांग्रेस नेता सचिन पायलट का मिशन छत्तीसगढ़, 8 जिलों में जोर पकड़ेगा ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान

    रायपुर

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. उनके दौरे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता फिर सक्रिय हो गए हैं. वे यहां 8 जिलों में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ कार्यक्रम में शामिल होंगे. 16 सितंबर को शाम 4 बजे झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से रायगढ़ पहुंचेंगे. रायगढ़ में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ हस्ताक्षर अभियान एवं पदयात्रा’ में शामिल होंगे. शाम 5.30 बजे रायगढ़ से कोरबा के लिये रवाना होंगे. रात्रि 7.30 बजे कोरबा में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली एवं हस्ताक्षर अभियान’ में शामिल होंगे.

    एआईसीसी महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट 17 सितंबर को सुबह 10 बजे कोरबा से रतनपुर जिला बिलासपुर के लिये रवाना होंगे. 11.30 बजे रतनपुर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे. दोपहर 12 बजे रतनपुर से तखतपुर के लिये रवाना होंगे. दोपहर 12.30 बजे तखतपुर जिला बिलासपुर में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली’ में शामिल होंगे. दोपहर 2 बजे तखतपुर से मुंगेली के लिये रवाना होंगे. दोपहर 2.30 बजे मुंगेली पहुंचकर ‘वोट चोर गद्दी छोड़ रैली एवं पदयात्रा’ में शामिल होंगे. शाम 4 बजे मुंगेली से बेमेतरा के लिये रवाना होंगे. शाम 4.30 बजे बेमेतरा पहुंचकर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली’ में शामिल होंगे. शाम 6 बजे बेमेतरा से राजनांदगांव के लिये रवाना होंगे. रात्रि 8 बजे राजनांदगांव पहुंचेंगे.

    तीसरे दिन दुर्ग और राजनांदगांव में रहेंगे
    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट 18 सितंबर को सुबह 11 बजे राजनांदगांव में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली एवं पदयात्रा में शामिल होंगे. दोपहर 12 बजे राजनांदगांव से दुर्ग के लिये रवाना होंगे. दोपहर 12.30 बजे दुर्ग पहुंचकर वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली’ में शामिल होंगे. दोपहर 2.30 बजे दुर्ग से मिलाई के लिये रखाना होंगे. दोपहर 2.45 बजे भिलाई पहुंचकर वोट चोर, गद्दी छोड़ रैली एवं पदयात्रा में शामिल होंगे.

    कार्यकर्ताओं से होंगे रूबरू
    बताया गया है कि कांग्रेस के अभियान के दौरान प्रदेश प्रभारी जिलों के कार्यकर्ताओं से सीधे रूबरू होंगे. पीसीसी के कार्य और उनके जिलों में चल रही राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी लेंगे. वहां पर ब्लॉक कमेटियों के कार्यों पर चर्चा करेंगे. हाल ही में पार्टी में अंतर्कलह को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए गए थे.

  • शहीद दिलबाग सिंह को अंतिम सलामी: 19 दिन बाद हुई पहचान, सैन्य सम्मान से दी विदाई

    रतलाम 

     भारतीय सेना की डिफेंस सिक्योरिटी कोर (डीएससी) इकाई के ट्रेनी सूबेदार (46) दिलबाग सिंह, निवासी अमृतसर (पंजाब), लापता नहीं हुए थे बल्कि उनकी मौत चलती ट्रेन से गिरने से हुई थी। यह हादसा 19 दिन पहले मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर रतलाम से करीब 80 किलोमीटर दूर लुनी रीछा-विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन के बीच हुआ था। पहचान न होने की वजह से पुलिस को उनके परिजनों की जानकारी नहीं मिल पाई थी। इधर, घर न पहुंचने से उनकी पत्नी और परिवारजन परेशान होकर उनकी खोजबीन कर रहे थे और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बाद में जब शव की पहचान हुई तो 15 सितंबर को आलोट में ही दिलबाग सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

    कैसे हुआ हादसा?
    जानकारी के मुताबिक, 28 और 29 अगस्त 2025 की दरमियानी रात डाउन ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई थी। सुबह पुलिस को शव की सूचना मिली। मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत था और कोई पहचान संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले थे। इसलिए शव की पहचान न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया था। 14 सितंबर को दिलबाग सिंह की पत्नी पलकप्रीत को जानकारी मिली कि कुछ दिन पहले आलोट क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था। वे परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। पुलिस ने शव के फोटो दिखाए जिन्हें देखकर परिवार ने मृतक की पहचान दिलबाग सिंह के रूप में की। इसके बाद एसडीएम न्यायालय के आदेश से शव कब्र से निकलवाया गया और परिजनों को सौंपा गया। अगले दिन सेना के महू कैंप से आए अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में दिलबाग सिंह का आलोट स्थित मुक्तिधाम में तिरंगे में लिपटे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

    ट्रेनिंग से लौट रहे थे घर
    दिलबाग सिंह ने 17वीं सिखलाई बटालियन में सूबेदार के पद पर 26 साल सेवा की थी और 30 मई 2024 को रिटायर हुए थे। इसके बाद वे फिर से सेना में डीएससी (डिफेंस सिक्योरिटी कोर) में भर्ती हुए। अप्रैल 2025 में वे ट्रेनिंग के लिए केरल के कन्नूर कैंट गए थे और ट्रेनिंग पूरी कर 27 अगस्त को अमृतसर लौटने के लिए रवाना हुए थे। 28 अगस्त की रात तक उनकी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। लेकिन 29 अगस्त की सुबह जब पत्नी ने कॉल किया तो फोन उठाने वाले यात्री ने बताया कि दिलबाग सिंह पिछली रात तक पास की सीट पर थे, लेकिन सुबह से दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका सामान वहीं रखा हुआ है। इसके बाद परिजन अलग-अलग शहरों में खोजबीन करते रहे और 14 सितंबर को रतलाम जीआरपी थाने में जानकारी मिलने पर आलोट पहुंचे। पुलिस ने शव का डीएनए टेस्ट भी कराया है और मामले की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दिलबाग सिंह ट्रेन से कैसे गिरे।

     

     

     

     

     

     

     

     

     

  • CGMSC Scam Update: जेल में बंद अफसरों को नहीं मिली जमानत, अदालत ने लगाई रोक

    बिलासपुर

    हाईकोर्ट में रीएजेंट घोटाले में संलिप्त अधिकारियों की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी गई. वही इस मामले में मुख्य सूत्रधार और मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की नियमित जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से आठ सितंबर को खारिज हो चुकी है. सुनवाई में सीजी एमएससी के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बसंत कौशिक की जमानत याचिका खारिज की गई.

    मोक्षित कार्पोरेशन द्वारा किए गए रीएजेंट घोटाले में संचालक शशांक चोपड़ा सहित 6 आरोपी जेल में है. रीएजेंट घोटाले की ईडी के अलावा एसीबी और ईओडब्ल्यू भी जांच कर रही है. यह पूरा घोटाला 400 करोड़ रुपए का माना गया है. इसमें गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विवेचना पूरी कर चालान पेश हो चुका है. जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ विवेचना जारी है. गिरफ्तारी के बाद नियमित जमानत के लिए मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा सहित सीजीएमएससी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने याचिका लगाई थी. मोक्षित कारपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की नियमित जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका लगाई थी.

    वहीं सीजीएमएसी के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर बसंत कौशिक ने हाईकोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की थी. जमानत याचिका पर हुई पिछली सुनवाई में उनके अधिवक्ताओं ने अदालत से निवेदन किया था कि मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा की जमानत की याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. उसकी जमानत याचिका की सुनवाई आठ सितंबर को होगी. आठ सितंबर को जमानत याचिका की सुनवाई के बाद यहां सुनवाई की जाए. आठ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मोक्षित कारपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा की नियमित जमानत याचिका खारिज हो गई.

    हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर वसंत कौशिक की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने बताया कि ईओडब्लू की जांच में और सत्यापन में पाया गया कि मार्केट में डेढ़ रुपए से लेकर साढ़े आठ रुपए तक मिलने वाला ईडीटीए ट्यूब 352 रुपए प्रति ट्यूब के हिसाब से खरीदा गया है. एफआईआर में इसका जिक्र है. जबकि एफआईआर के बाद हुई विवेचना में 2352 रुपए में ट्यूब खरीदने के बात कही गई है. दोनों बातों में परस्पर विरोधाभास है और इस हिसाब से चार सौ करोड़ रुपए से ज्यादा का यह घोटाला है.

    इसके अलावा डॉक्टर अनिल परसाई को विभाग द्वारा जारी वर्किंग डिस्ट्रीब्यूशन के अनुसार उन्हें केवल आहरण एवं संवितरण का अधिकार दिया गया था ना कि खरीदी का. यह काम सीजीएमएमएसी के संचालक के पद पर बैठे अधिकारी करते थे उन्हें कुछ नहीं किया. जबकि उनके द्वारा बिना बजट की व्यवस्था और अनुमान के इस तरह का कार्य किया गया. डॉ अनिल परसाई के क्षेत्राधिकार में ना तो खरीदी का अधिकार था ना खरीदी के स्वीकृति देने का और ना ही भुगतान का.

  • भोपाल स्मार्ट सिटी में लाइटें बनी मुसीबत! निगमायुक्त ने जताई सख्ती, अफसरों पर गिरेगी गाज

     भोपाल
     लंबे अवकाश के बाद निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने नगर निगम कार्यालय पहुंचते ही सभी विभागों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को लेकर लापरवाही बरत रहे अधिकारियों की कड़ी क्लास ली।दरअसल, 9 सितंबर को हुई महापौर हेल्पलाइन समीक्षा में स्मार्ट लाइट से जुड़ी 358 शिकायतें दर्ज मिली थीं। निगमायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शिकायतें अब भी लंबित

    इसी तरह भवन अनुज्ञा विभाग में भी हालात गंभीर पाए गए। बीते दिनों इस विभाग में कुल 73 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें जोन 10, 12, 17 और 18 से 26 शिकायतें और जोन 4, 6, 13 और 16 से 23 शिकायतें अब भी लंबित हैं।

    निगमायुक्त ने आदेश दिया कि जिन विभागों की शिकायतें लंबित हैं, उनके अधिकारियों को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में तलब किया जाए और मौके पर ही शिकायतों का निपटारा किया जाए।

    उन्होंने साफ कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में ढिलाई किसी भी अधिकारी को महंगी पड़ेगी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शिकायतें समय पर नहीं सुलझीं, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

  • चोट से जुड़े मामलों में बड़ा बदलाव: पुलिस और डॉक्टर को देने होंगे फोटोग्राफिक सबूत कोर्ट में

     भोपाल
    मारपीट, दुर्घटना, एसिड अटैक या किसी भी कारण से होने वाले चोट के मामलों में अब फोटो अनिवार्य साक्ष्य होंगे। पुलिस और मेडिको–लीगल केस (एमएलसी) बनाने वाले डॉक्टर को घायल की चोटों के फोटो लेना जरूरी कर दिया गया है। इन फोटो को न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया जा सकेगा।

    पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्त, सभी जिलों, रेल और अजाक के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से सभी सीएमएचओ को पत्र भेजा जाएगा ताकि एमएलसी तैयार करने वाले डॉक्टर इस नियम का पालन करें।

    अभी तक फोटो नहीं लेते थे

    अब तक डॉक्टर अपनी रिपोर्ट में केवल घाव की लंबाई और गहराई लिखते थे, लेकिन फोटो नहीं लेते थे। इस व्यवस्था की आवश्यकता तब महसूस हुई जब झाबुआ जिले के मारपीट मामले में जुलाई 2025 में हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ ने चोट के फोटो न होने पर आपत्ति जताई थी।

    उस मामले में न तो घायलों को अस्पताल ले जाने वाले पुलिसकर्मी ने फोटो लिए थे और न ही डॉक्टर ने। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा ने आदेश जारी कर दिया कि हर चोट के फोटो सुरक्षित रखे जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत किया जा सके। 

     

  • आज पूरे MP में बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट – इन जिलों में सतर्कता जरूरी

     भोपाल
     मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का दौर जारी है। सोमवार शाम साढ़े पांच बजे तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में सबसे ज्यादा 51 मिमी, सतना में 32 मिमी, नर्मदापुरम में 20 मिमी, सिवनी में 18 मिमी और पचमढ़ी में 31 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा 17 अन्य स्थानों पर भी बारिश दर्ज की गई।

    भोपाल में बारिश

    राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज बरसात हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में उत्तरी तेलंगाना और पूर्वी बिहार की ओर हवा के ऊपरी हिस्सों में चक्रवात सक्रिय है, जो 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बने हुए हैं। इन्हीं सिस्टम की वजह से प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, यदि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी रही तो कुछ जिलों में तेज पानी गिर सकता है। इससे पहले सोमवार को भोपाल में दिनभर धूप खिलने के बाद शाम साढ़े 5 बजे बादल बरस पड़े। कई इलाकों में आधा घंटा तक तेज बारिश हुई।

    रायसेन, सतना, मंडला, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी में भी बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में सवा इंच और मंडला-पचमढ़ी में आधा इंच पानी बरसा।

    राजस्थान से लौट रहा मानसून रविवार को राजस्थान के कई जिलों से मानसून की वापसी हो गई। अगले दो-तीन दिन में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट सकता है। इसके बाद एमपी से भी मानसून की वापसी होने लगेगी। हालांकि, सितंबर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    एमपी में कोटे से ज्यादा पानी गिरा बता दें कि मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

    इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।

    ग्वालियर, चंबल-सागर की स्थिति सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।

    ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

    अच्छी बारिश वाले 34 में से भोपाल संभाग के चार, जबलपुर संभाग के 5, इंदौर संभाग के 3, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर संभाग के 5, उज्जैन संभाग के 4, रीवा संभाग के 3, शहडोल-नर्मदापुरम संभाग के एक-एक जिला शामिल हैं।

     

  • NEET काउंसलिंग में बड़ा खुलासा: एमपी में फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्रों से लिए जा रहे थे मेडिकल एडमिशन

    भोपाल 
     प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS में प्रवेश के लिए चल रही पहले चरण की काउंसलिंग से प्रवेश लेने वालों में सात विद्यार्थियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। इनमें 6 ने एमबीबीएस और एक ने बीडीएस सिलेबस में प्रवेश लिया था।

    अब संबंधित जिलों में प्रशासन इनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। इन विद्यार्थियों के प्रवेश भी रद कर दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे की कुल 66 सीटें हैं। इनमें 36 सीटें अभ्यर्थियों को आवंटित हुई थीं, पर प्रवेश 22 ने ही लिया था।

    विदिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक संदिग्ध मिलने के बाद आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर जांच कराने के लिए कहा था। कारण यह प्रमाण पत्र कलेक्टर ही जारी करते हैं।

    अभी तक की जांच में नौ के प्रमाण पत्र सही और सात फर्जी मिले हैं। छह की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इसके लिए सोमवार को आयुक्त ने कलेक्टरों को पत्र लिखा है। बता दें कि इस कोटे के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाती-नातिन और पोता-पोती पात्र होते हैं।

  • सड़क हादसे से इंदौर में मचा कोहराम, तीसरी मौत के बाद CM मोहन यादव ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

    इंदौर 

     इंदौर के वीआईपी रोड पर सोमवार शाम को हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। हादसा देर शाम इंदौर के वीआईपी रोड पर हुआ जहां नशेड़ी ट्रक ड्राइवर ने लगभग दो किलोमीटर तक कई कोहराम मचाया। नो एंट्री में घुसे ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में लिया। हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति ने सोमवार सुबह इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा। हादसे में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

    सीएम मोहन ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- आज इंदौर में हुई ट्रक दुर्घटना दुखद है। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर मैंने निरीक्षण हेतु अपर मुख्य सचिव गृह को इंदौर जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, रात 11 बजे से पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के कारणों की प्रारंभिक तथ्यपरक जाँच कराने के भी निर्देश दिए हैं। मृतकों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं तथा ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।

    बता दें कि सोमवार शाम 7 साढ़े 7 के बीच एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा हुआ है। ट्रक ड्राइवर ने नशा कर रखा था और वह दो किमी तक कई वाहनों को कुचलता चला गया। इसमें कई वाहन और राहगीर बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गए। घायलों का बांठिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे मे ंदो लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया था, वहीं अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत महेश खतवासे की सोमवार सुबह मौत हो गई।

    हादसे के घायलों की लिस्ट

    1. अशोक पिता प्रहलाद दास गोपालानी, उम्र 71 साल, निवासी लीड्स एरोड्रम।
    2. काजल पति अशोक गोपालानी, उम्र 63 साल।
    3. अंकिता पति रितेश गोपालानी, उम्र 30 साल।
    4. संविद पिता रितेश दुधानी।
    5. पलक पिता अनिल जोशी, निवासी इमली बाजार।
    6. अनिल पिता लाल सिंह कोठारे, उम्र 35 साल, निवासी अमर पैलेस ।

    किसी के हाथ-पैर कटे, किसी की गई जान

    ट्रक चालक ने कालानी नगर चौराहे से लोगों को टक्कर मार रौंदना शुरू किया। लोग कुछ समझ पाते इतने में चालक ने ट्रक रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। चीख-पुकार मचती गई और चालक ट्रक दौड़ाता रहा। कार, ऑटो, दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी। कई लोग ट्रक के पहियों की चपेट में आने से गंभीर घायल हो गए। हादसा ऐसा था कि लोगों के हाथ-पैर तक कट गए थे। कराहते हुए तड़पते रहे।

    बाइक सवार को घसीटा

    एक किमी बाद रामचंद्र नगर चौराहे पर भी ट्रक चालक नहीं रुका। बाइक वाले को टक्कर मारी। वह अगले हिस्से में बाइक सहित फंस गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ने देखा कि ट्रक एक किमी तक बाइक को रगड़ते हुए ले गया। ट्रक वाले ने इस बीच दर्जनों वाहन को टक्कर मारी।

    बड़ा गणपति चौराहे पर पुलिसकर्मी ने लापरवाह चालक को पत्थर मारा। तब कहीं उसने ब्रेक लगाए। इस दौरान बाइक में आग लग गई। चपेट में ट्रक का अगला हिस्सा आ गया। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लिया। रात 11 बजे तक मार्ग पर अफरा-तफरी मची रही।

    उमंग सिंघार ने भी किया ट्वीट
    हादसे में अब तक दो की मौत, एक प्रॉफेसर की भी गई जान

    पुलिस के मुताबिकइंदौरमें हुए इस हादसे में दो की मौत हुई है। इनमें 50 वर्षीय लक्ष्मीकांत सोनी और एक अन्य शामिल हैं। सोनी निजी कॉलेज में प्रोफेसर थे। ट्रक की चपेट में 16 लोग आए। ट्रैफिक पुलिसकर्मी पंकज यादव के अनुसार पत्थर नहीं मारता तो बड़ा गणपति चौराहे पर 30-40 लोग चपेट में आ जाते।

  • फर्जी पहचान, नकली रिश्ता और फिर ठगी: उज्जैन में सक्रिय लुटेरी दुल्हनों की गैंग बेनकाब

    जबलपुर 

    शादी के नाम पर ठगी करने वाली एक गैंग हाल ही में उज्जैन पुलिस के हत्थे चढ़ गई, जिसने प्रदेशभर में ठगी का जाल फैला रखा था। इस गिरोह की सरगना कृतिका जैन (28) को उसकी बहन आयना जैन (22), चाची पुष्पा जैन (55) और तीन अन्य दलालों के साथ गिरफ्तार किया है।

    गैंग के उज्जैन पुलिस की गिरफ्त में आते ही, पीड़ित भी सामने आने लगे हैं। इनमें दमोह, जबलपुर और शाजापुर के लोग शामिल हैं। इन्हीं में से एक कहानी दमोह के रहने वाले मूलचंद जैन की है, जिनके बेटे के लिए इस गैंग ने रिश्ता तय किया और लाखों की चपत लगा दी।फोटो दिखाया, आधार कार्ड थमाया, फिर ठगी मूलचंद जैन ने उज्जैन और दमोह पुलिस को शिकायत दी कि इस गैंग ने उनके बेटे ऋषभ जैन को शादी का झांसा देकर 6 लाख रुपए और सोने के गहनों की ठगी की।

    जून 2025 में मूलचंद की मुलाकात दमोह के ही रहने वाले प्रकाश पटेल से हुई। उसने कहा 'आप लड़के के लिए बहू देख रहे हैं, मेरे जानकार हैं, जबलपुर में मुन्ना चौहान और राधा ठाकुर। उनकी नजर में ऋषभ के लिए एक लड़की है। जबलपुर में रहती है, नाम कृतिका जैन है।'

    जबलपुर में सगाई, दमोह में शादी कृतिका की फोटो देखकर मूलचंद और बेटा ऋषभ शादी के लिए तैयार हो गए। कृतिका की चाची पुष्पा जैन ने दमोह से सगाई के लिए मूलचंद को जबलपुर बुलाया। 11 जून 2025 को संजीवनी नगर (जबलपुर) के एक होटल में कृतिका और ऋषभ की सगाई हुई, जिसमें मूलचंद ने कृतिका को 50,000 रुपए नकद दिए।

    दो दिन बाद पूरी गैंग कृतिका, उसकी बहन आयना, चाची पुष्पा और दलाल प्रकाश पटेल, मुन्ना चौहान और राधा ठाकुर दमोह के गढ़ाकोटा पहुंची, जहां होटल में शादी करवाई गई। शादी के बाद कृतिका, ऋषभ के साथ उसके घर आ गई। बाकी सब लोग बहन, चाची और दलाल जबलपुर लौट गए।

    पहला प्लान- बेटी को कुछ दिन के लिए भेज दो शादी के बाद कृतिका फोन पर लगातार चाची पुष्पा और छोटी बहन आयना से संपर्क में थी। प्लान बन रहा था कि कैसे मूलचंद के परिवार को लूटा जाए। 10 दिन बाद चाची पुष्पा जैन ने मूलचंद को फोन कर कहा कि वे कुछ दिन के लिए कृतिका को दमोह से जबलपुर वापस ले जाना चाहते हैं। लेकिन ऋषभ ने कहा कि परिवार के कुछ लोग अभी तक कृतिका से नहीं मिले हैं, वे देखने आने वाले हैं।

    दूसरा प्लान- कुंडलपुर दर्शन और फिर फरार कृतिका ने दूसरा प्लान बनाया। उसने ऋषभ से कहा कि वे कुंडलपुर दर्शन के लिए चलें। 23 जून 2025 को ऋषभ, कृतिका को साथ लेकर कुंडलपुर पहुंचा। उसके पास करीब 6 लाख रुपए नकद थे और कृतिका ने शादी में मिले 5 तोला सोने के गहने पहन रखे थे।

    कमरा बुक करते समय जब ऋषभ होटल से लौटा, तो कृतिका कार से गायब मिली। ऋषभ ने घंटों तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसने स्थानीय थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई।रातों-रात मकान खाली, पूरा गैंग फरार घटना के बाद मूलचंद और ऋषभ जब कृतिका के संजीवनी नगर (जबलपुर) स्थित किराए के घर पहुंचे, तो मकान मालिक ने बताया कि वह रातों-रात सामान समेट कर फरार हो गई है।

    जब संजीवनी नगर थाने में शिकायत की गई, तो पुलिस ने कहा कि शादी दमोह में हुई है, इसलिए शिकायत दमोह में दर्ज की जाए। इसके बाद मूलचंद ने दमोह पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।उज्जैन में देखी फोटो, पीड़ित परिवार बोला- यही हैं वो! उज्जैन पुलिस ने जब इस गैंग को पकड़ा और गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें जारी कीं, तो मूलचंद जैन के रिश्तेदार नितिन जैन ने फौरन पहचान लिया। नितिन पेशे से वकील है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैला ठगी रैकेट है। पहले लड़के तलाशते हैं, फिर दलाल के जरिए रिश्ता तय करते हैं और शादी के बाद पैसे और गहने लेकर गायब हो जाते हैं।

    अगर पुलिस जांच करेगी तो पता चलेगा कि अभी तक 20 से ज्यादा जिलों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है।

    जबलपुर में खंगाला जा रहा रिकॉर्ड एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि हाल ही में उज्जैन और फिर शाजापुर में कृतिका जैन के साथ कुछ महिलाएं और पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ जबलपुर के निवासी हैं। सोमवार को दमोह के एक परिवार ने भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने शादी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का आरोप लगाया है।

    जबलपुर पुलिस अब 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का रिकॉर्ड खंगाल रही है। यदि जबलपुर में भी इनके ठगी के मामले सामने आते हैं, तो निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उज्जैन में ऐसे पकड़ाई थी लुटेरी गैंग शुक्रवार को उज्जैन पुलिस को एक प्रॉपर्टी ब्रोकर के अपहरण और फिरौती की शिकायत मिली। आरोपी युवती ने ब्रोकर को मिलने के बहाने बुलाया था, लेकिन जैसे ही वह पहुंचा, वहां पहले से मौजूद उसके छह साथियों ने उसे कार में जबरन बैठा लिया। युवक को पास के जंगल में ले जाकर मारपीट की गई और 50 लाख की फिरौती मांगी गई।

    परिजनों के पास जब फिरौती के लिए कॉल आया, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने कार का पीछा किया। शाजापुर के पास कार पलटने पर पुलिस ने मौके से ब्रोकर को सुरक्षित छुड़ाया और मुख्य महिला आरोपी सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में जब महिला की पहचान उजागर हुई, तो पुलिस को पता चला कि यही युवती शादी के नाम पर ठगी करने वाली गैंग की सरगना है, जो पहले से शाजापुर में वांटेड थी। उज्जैन में गिरफ्तारियों के बाद जब तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, तो अन्य जिलों के पीड़ित भी सामने आने लगे।

  • MP ब्यूरोक्रेसी में फेरबदल: ऊर्जा विभाग, वित्त निगम समेत कई पदों पर हुई बड़ी नियुक्तियाँ

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है. राज्य सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं, जो पिछले एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कदम है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ और युवा अफसरों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं. इसमें 2008 बैच के विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि वंदना वैद्य को एमपी फाइनेंस कॉर्पोरेशन, इंदौर का एमडी बनाया गया है. तपस्या परिहार को कटनी नगर निगम का कमिश्नर और दलीप कुमार को देवास का कमिश्नर बनाया गया है. इसके अलावा किस अफसर को कौन सी ज़िम्मेदारी मिली है.

    MP में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
    दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस बार जिन प्रमुख अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें 2008 बैच के आईएएस विशेष गढ़पाले, वंदना वैद्य समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि ये तबादले ऐसे समय में हुए हैं जब सात दिन पहले ही 14 अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया था.

    इनके हुए तबादले

    • विशेष गढ़पाले: ऊर्जा विभाग में सचिव बने।
    • गजेन्द्र सिंह नागेश– नरसिंहपुर के जिला पंचायत सीईओ बने।
    • वंदना वैद्य: मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं।
    • गुरु प्रसाद– मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने।
    • दिव्यांक मिश्रा– नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
    • तपस्या परिहार: कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं।
    • शिशिर गेमावत: नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने।
    • नेहा जैन: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं।
    • श्रेयांस कुमट: उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने।
    • तन्मय वशिष्ठ शर्मा: भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • दलीप कुमार: देवास नगर निगम कमिश्नर बने।
    • नवजीवन विजय पवार: इंदौर के अपर कलेक्टर बने।
    • अनिल कुमार राठौर: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए।
    • अंशुमान राज: स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
    • अरविंद कुमार शाह: जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • टी प्रतीक राव: ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने।
    • अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं।
    • श्रृंगार श्रीवास्तव: इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है।
    • अनिल भाना : रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है।

    20 IAS इधर से उधर
    गजेन्द्र सिंह नागेश को नरसिंहपुर का जिला पंचायत सीईओ बनाया गया है. विशेष गढ़पाले ऊर्जा विभाग में उप सचिव बने. वंदना वैद्य मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं. गुरु प्रसाद मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने. दिव्यांक मिश्रा नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. तपस्या परिहार कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं. शिशिर गेमावत नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. नेहा जैन  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं. श्रेयांस कुमट उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने. तन्मय वशिष्ठ शर्मा  भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने. जबकि दलीप कुमार को देवास नगर निगम के कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।

    इसके अलावा  नवजीवन विजय पवार इंदौर के अपर कलेक्टर बने. अनिल कुमार राठौर मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए. अंशुमान राज स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा. अरविंद कुमार शाह जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने.

    टी प्रतीक राव ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं. श्रृंगार श्रीवास्तव इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है. अनिल भाना रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है.

  • औद्योगिक आत्मनिर्भरता की मिसाल है पीएम मित्र पार्क: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

    प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को करेंगे भूमिपूजन

    धार

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार जिले के भैंसोला में बनने वाला पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को इस पार्क का भूमिपूजन करेंगे। लगभग 2000 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह पार्क स्पिनिंग से लेकर डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा। यह देश का पहला और सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क होगा, जिसमें कपास से परिधान तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित होगी। किसानों को अब कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा बल्कि उनकी उपज यहीं मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया से गुजरकर परिधान बनेगी और वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह पार्क मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल की नई पहचान दिलाएगा।

    किसानों को मिलेगा वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान

    मध्यप्रदेश में साढ़े तीन लाख से अधिक कपास उत्पादक किसान हैं। अब तक वे केवल कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित थे, लेकिन पीएम मित्र पार्क के बाद उनकी फसल स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की संपूर्ण श्रृंखला से जुड़ेगी। कपास से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और रेडीमेड परिधान तक की पूरी प्रक्रिया यहीं पूरी होगी। जैविक कपास से बने परिधान सीधे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंचेंगे। मध्यप्रदेश पहले ही विश्व के 24 प्रतिशत नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन का उत्पादक है, और अब किसानों को उनकी फसल का वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान दोनों मिलेंगे।

    विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित सबसे बड़ा पार्क

    धार का पीएम मित्र पार्क आकार और सुविधाओं दोनों में अद्वितीय है। यहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 220 केवी सबस्टेशन और 20 एमएलडी पानी की उपलब्धता होगी। स्काडा और आईओटी आधारित यूटिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम इस पार्क को डिजिटल और स्मार्ट बनाएगा। ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप का प्रमाणन इसे टिकाऊ औद्योगिक विकास का मॉडल बनाएगा। भूमि, बिजली और पानी प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे यह पार्क भारत का सबसे किफायती और प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब बनेगा।

    इज ऑफ डूइंग बिजनेसऔर नीति प्रोत्साहन

    मध्यप्रदेश लगातार Ease of Doing Business में अग्रणी रहा है और टॉप अचीवर्स की श्रेणी में शामिल है। राज्य ने सबसे पहले जन विश्वास अधिनियम लागू किया और GIS आधारित पारदर्शी भूमि आवंटन प्रणाली स्थापित की। उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया अब 30 दिनों में पूरी की जा सकती है और 13 विभागों की 54 सेवाएं सिंगल विंडो सिस्टम से उपलब्ध हैं।

    नीतिगत प्रोत्साहनों में उद्योगों को 40 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी, पांच से सात प्रतिशत ब्याज अनुदान, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन के लिए पचास प्रतिशत सहायता, निर्यात फ्रेट पर पचास प्रतिशत सब्सिडी और रोजगार आधारित अनुदान जैसी सुविधाएं मिलती हैं। केंद्र सरकार की Competitive Incentive Support योजना के अंतर्गत शुरुआती निवेशकों को 300 करोड़ रुपये तक का सहयोग मिलेगा और बिक्री पर तीन प्रतिशत तक टर्नओवर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

    प्रदेश की ताकत और मेजर प्लेयर्स की उपस्थिति

    मध्यप्रदेश से वर्ष 2024-25 में 9,200 करोड़ रुपये से अधिक का टेक्सटाइल निर्यात हुआ है। यहां 31 गीगावॉट से अधिक पावर क्षमता उपलब्ध है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत क्लीन ग्रीन एनर्जी शामिल है। एक हजार मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक औद्योगिक जल संसाधन, छह इनलैंड कंटेनर डिपो और एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से निर्यात प्रक्रिया बेहद सहज होगी।

    प्रदेश पहले से ही ट्राइडेंट ग्रुप, वार्धमान, ग्रासिम, नाहर, रेमंड, प्रतिभा सिन्टेक्स, गोकलदास एक्सपोर्ट, महिमा ग्रुप और सागर ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक समूह है। इन कंपनियों की उपस्थिति से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और मशीनरी निर्माण की संपूर्ण वैल्यू चेन पहले से मौजूद है, जिसे पीएम मित्र पार्क और मजबूत करेगा।

    किसानों और युवाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव

    धार, झाबुआ, रतलाम और उज्जैन जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसान अब औद्योगिक क्रांति के केंद्र में होंगे। आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लाखों परिवारों का जीवन स्तर ऊँचा होगा। पीएम मित्र पार्क किसानों को स्थायी लाभ, युवाओं को वैश्विक अवसर और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल बनाने के साथ-साथ पूरे भारत के लिए टेक्सटाइल सेक्टर की नई औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात करेगी।

     

  • भोपाल व ग्वालियर में बर्ड वॉचिंग टूर: पर्यटकों ने की 50+ पक्षी प्रजातियों की दुर्लभ झलक

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 14 सितंबर को भोपाल के बिसनखेड़ी और ग्वालियर के महाराजपुर क्षेत्र में बर्ड वॉचिंग टूर का आयोजन किया गया। अतावी बर्ड फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस टूर में 45 से अधिक पक्षीप्रेमी पर्यटकों ने लगभग 50 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का अवलोकन किया।

    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश पक्षी विविधता और प्राकृतिक धरोहर के लिए पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। बर्ड वॉचिंग जैसे आयोजन न केवल प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि यह प्रदेश में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। ऐसे कार्यक्रमों से स्थानीय समुदायों को रोजगार और नए अवसर मिलते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी बढ़ती है। हमारा प्रयास है कि बर्ड टूरिज्म को मध्यप्रदेश की एक खास पहचान बनाया जाए।

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश, पक्षी विविधता और प्राकृतिक धरोहर से समृद्ध प्रदेश है। यहां हर मौसम में पक्षीप्रेमियों को एक नया और अनोखा अनुभव मिलता है। बर्ड वॉचिंग जैसे आयोजन न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।

    भोपाल में बड़े तालाब के किनारे बिसनखेड़ी क्षेत्र में बर्ड गाइड अंकित मालवीय ने प्रतिभागियों को वायर टेल्ड स्वैलो, पाइड बुशचैट, स्पॉटेड डव, ग्रे-हेडेड स्वाम्पहेन, ग्रे फ्रैंकोलिन, रॉक पिजन, इंडियन पैराडाइज फ्लाईकैचर सहित कई प्रजातियों का नजदीकी अवलोकन कराया। इसी प्रकार ग्वालियर के महाराजपुरा में बर्ड गाइड विवेक वर्मा ने पर्यटकों को 50 से अधिक प्रजातियों के बारे में जानकारी दी और उनके व्यवहार व पारिस्थितिकी पर प्रकाश डाला।

    हर माह आयोजित होंगे टूर

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा पक्षी प्रेमियों को आकर्षित करने और प्रदेश में बर्ड टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्येक माह बर्ड वॉक आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 21 सितम्बर को छिंदवाड़ा एवं भोपाल और 28 सितम्बर को चिड़ीखो, नरसिंहगढ़ में बर्ड वॉचिंंग टूर होंगे। इन आयोजनों की बुकिंग वर्तमान में खुली है और इच्छुक पक्षीप्रेमी इसमें भाग लेकर मध्यप्रदेश की समृद्ध पक्षी विविधता का अनुभव कर सकते हैं।

     

  • MP पर्यटन बोर्ड की अनूठी पहल: दिल्ली के 30+ अनुभवी गाइड्स कर रहे धरोहर स्थलों का अध्ययन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच महेश्वर एवं मांडू जैसे ऐतिहासिक स्थलों को प्रमुखता से स्थापित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली का एक अध्ययन दौरा एवं प्रोफेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा में 30 से अधिक अनुभवी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित गाइड्स भाग ले रहे हैं, जो भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस ट्रिप में शामिल गाइड्स कई अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में निपुण हैं। दिल्ली लौटने के बाद वे विदेशी पर्यटकों को भोपाल, मांडू और महेश्वर के पर्यटन स्थलों से परिचित कराएंगे, जिससे इन धरोहर स्थलों की वैश्विक पहचान मजबूत होगी।

    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम धरोहर संरक्षण और पर्यटन विकास को साथ लेकर चल रहे हैं, जिससे मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया जा सके। इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों की गहराई से जानकारी लेकर इन्हें अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचाएंगे, तो निश्चित ही प्रदेश का पर्यटन और अधिक सशक्त होगा। 

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि महेश्वर और मांडू जैसे धरोहर स्थल मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के अनमोल रत्न हैं। आरटीजीए दिल्ली के अनुभवी गाइड्स जब इन स्थलों का गहराई से अध्ययन करेंगे, तो वे इन्हें और प्रभावशाली तरीके से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रस्तुत कर पाएंगे। यह पहल प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने और मध्यप्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    दर्शनीय स्थलों का भ्रमण

    अध्ययन दौरे की शुरूआत 14 सितंबर को आरटीजीए के प्रतिनिधियों के दिल्ली से भोपाल आगमन के साथ हुई। उन्होंने भोपाल में ताज–उल–मस्जिद, कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, बिरला म्युजियम और भारत भवन का भ्रमण किया। सोमवार, 15 सितंबर को प्रतिनिधि मांडू के लिए रवाना हुए। मांडू पहुंचकर उन्होंने रानी रूपमति महल, बाज बहादुर महल, जहाज महल, होशंगशाह का मकबरा, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि का भ्रमण किया। मंगलवार, 16 सितंबर को वे मांडू से महेश्वर के लिए प्रस्थान करेंगे। महेश्वर में प्रतिनिधि अहिल्या फोर्ट, घाटों, होम स्टे, पर्यटक सुविधा केंद्र आदि प्रमुख पर्यटन स्थलों का अवलोकन करेंगे। 18 सितंबर को सभी प्रतिनिधि दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पुरातत्व विभाग के उपसंचालक प्रकाश परांजपे, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सब-कनज़र्वेशन ऑफिसर प्रशांत पाटनकर तथा पुरातत्वविद् डॉ. देवी प्रसाद पांडे ने प्रतिनिधियों को प्रदेश की धरोहरों की ऐतिहासिक एवं संरचनात्मक महत्ता पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

    क्या है क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ

    क्षेत्रीय पर्यटक गाइड संघ (आरटीजीए) दिल्ली, देश का सबसे बड़ा पंजीकृत संगठन है, जिसके सदस्य विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में दक्ष हैं और नियमित रूप से विदेशी पर्यटकों, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों तथा वीआईपी यात्रियों के साथ कार्य करते हैं। ये गाइड्स पर्यटकों के सबसे नजदीक रहते हुए न केवल इतिहास बताते हैं, बल्कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय झलकियों को भी साझा करते हैं, जिससे "अतुलनीय भारत" की पहचान और मजबूत होती है।

     

  • टाइगर एस्टीमेशन 2025: वन्यजीव विशेषज्ञों की कार्यशाला में सर्वेक्षण रणनीति पर चर्चा

    भोपाल 

    ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन–2026 विश्व का सबसे बड़ा वन्यजीव सर्वेक्षण की शुरुआत मध्य भारत से हुई। इस राष्ट्रीय अभियान की पहली क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला सोमवार को पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और स्कूल के बच्चों द्वारा “बाघ राखी” से हुआ, जो बाघ संरक्षण की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस अवसर पर लघु डॉक्यूमेंट्री “एक नई सहर” तथा फिल्म “बाघ रक्षक : साइलेंट वॉरियर्स ऑफ पेंच” का टीज़र भी लॉन्च किया गया। साथ ही पेंच के समर्पित फ्रंटलाइन स्टाफ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यशाला में लगभग 150 अधिकारी 22 टाइगर रिज़र्व और बाघ कॉरिडोर से जुड़े परिदृश्यों से इस भाग ले रहे हैं।

    अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एल. कृष्णामूर्ति, NTCA के डीआईजी डॉ. वैभव माथुर, पेंच टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. तथा डॉ. नातेशा, डॉ. बिलाल हबीब नोडल अधिकारी टाइगर सेल (WII) सहित पाँच राज्यों के फील्ड डायरेक्टर, डीएफओ/डिप्टी डायरेक्टर, एसीएफ, रेंज ऑफिसर, फील्ड बायोलॉजिस्ट और फ्रंटलाइन स्टाफ सम्मिलित हुए।

    विशेषज्ञ अधिकारियों को टाइगर एस्टीमेशन की वैज्ञानिक कार्यप्रणालियों, MSTrIPES ऐप आधारित डिजिटल मॉनिटरिंग, कैमरा ट्रैपिंग, ऑक्यूपेंसी सर्वे और फील्ड अभ्यास पर प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। कार्यशाला ज्ञान और अनुभव साझा कर सहभागी अधिकारी एक-दूसरे के व्यावहारिक अनुभवों से सीख सकें और वैज्ञानिक पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ बना सकें।

    कार्यशाला प्रशिक्षकों की तैयारी का महत्वपूर्ण प्रथम चरण है, जो आगे अपने क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे और टाइगर एस्टीमेशन-2026 को सफल बनाएंगे।

     

  • पीएम मित्र मेगा पार्क आयोजन के चलते धार में भारी मालवाहनों पर रोक, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था

    पी.एम. मित्र मेगा पार्क भैंसोला जिला धार कार्यक्रम के दौरान भारी माल वाहक वाहनों का प्रतिबंधित एवं वैकल्पिक मार्ग एवं एकांगी मार्ग व्यवस्था

    भोपाल 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगामी 17 सितंबर 2025 बुधवार को पी.एम. मित्र मैगा पार्क भैंसोला जिला धार कार्यक्रम में आगमन प्रस्तावित है। जिसमें जिला धार, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इन्दौर, अलीराजपुर, देवास, खरगौन, बड़वानी से बड़ी संख्या में बसों एवं चार पहिया वाहनों से आम जनता सम्मिलित होगी। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले वाहनों को सुगमता से व दुर्घटना रहित गंत्वय स्थल तक पहुंचाने के लिए सभी प्रकार के भारी, मध्यम 407 जैसें माल वाहक वाहनों को प्रतिबंधित कर प्रस्तावित मार्गों से चलाया जा सकेगा जो निम्नानुसार हैः-

    प्रतिबंधित मार्ग एवं समय दिनांक 17.09.2025 को प्रातः 4 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक वैकल्पिक मार्ग झाबुआ से धार की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी एवं माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। दाहोद, भावरां, अम्बुआ, अलिराजपुर, कुक्षी, मनावर, अमझेरा, धार धरमपुरी, धामनोद से इंन्दौर की ओर आ जा सकेगें। झाबुआ से रतलाम की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी, मध्यम व हल्के माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। झाबुआ से मेघनगर, थादंला, बामनिया, रतलाम की ओर आ जा सकेंगें।

    पैटलावद से भैंसोला होकर बदनावर की ओर जाने आने वाले सभी प्रकार के भारी, मध्यम व हल्के माल वाहक वाहन प्रतिबंधित होगें। साथ ही जिनकों कार्यक्रम में सम्मिलित नही होना है वह सभी प्रकार के सवारी वाहन भी प्रतिबंधित रहेगें। पैटलावद से मेघनगर, थादंला, बामनिया, रतलाम बदनावर की ओर आ जा सकेगें।

    एकांगी मार्ग

    मुख्य कार्यक्रम स्थल भैंसौला की ओर वही सवारी वाहन आयेगें जिनको कार्यक्रम में सम्मिलित होना है शेष सभी सवारी वाहन प्रतिबंधित किये जायेगें।

    सरदारपुर से भैंसौला

    बदनावर से भैंसौला का मार्ग प्रातः 7 बजे से एकांगी मार्ग (One Way) अर्थात कार्यक्रम स्थल भैंसौला तक आने वाले वाहनों के लिये ही उपयोग किया जा सकेंगा। पेटलावद से भैंसौला प्रातः 10 बजे तक वही वाहन जा सकेंगें जिनको कार्यक्रम में सम्मिलित होना है। प्रातः 10.00 बजे के बाद यह मार्ग उपयोग नहीं हो सकेंगा।